अररिया समाहरणालय परिसर में जमीन चिह्नित, 60 लाख की लागत से होना है निर्माण

Apr 11, 2026 - 08:59
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अररिया समाहरणालय परिसर में जमीन चिह्नित, 60 लाख की लागत से होना है निर्माण
वर्ष 2025 की शुरुआत में पुनः निर्देश जारी कर निविदा प्रकाशित कर निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा गया, बावजूद इसके प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। यहां तक कि आवंटित राशि भी वापस करनी पड़ी। इसके बाद डीपीओ आईसीडीएस द्वारा कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर 60 लाख रुपये में प्राक्कलन तैयार कर शीघ्र टेंडर प्रकाशित करने को कहा गया। डीपीओ कविता कुमारी ने कहा कि प्रशासनिक स्वीकृति के लिए डीडीसी के समक्ष भेजा गया है। वन स्टॉप सेंटर के वर्तमान संचालन पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह केंद्र एक ही हॉल में संचालित हो रहा है, जहां मिशन शक्ति के अन्य कार्यालय भी चलते हैं और पुरुष कर्मी भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में महिलाओं और किशोरियों की काउंसलिंग में गोपनीयता और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि एक ही कमरे में कार्यालय कार्य, काउंसलिंग और पीड़िताओं के रात्रि विश्राम की व्यवस्था करनी पड़ती है। इससे न केवल पीड़िताओं को असुविधा हो रही है, बल्कि केंद्र के कर्मचारी भी मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। सखी केंद्र या वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, ट्रैफिकिंग, एसिड अटैक, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह जैसे मामले सुलझाए जाते हैं। एक कमरे में चलता वन स्टॉप सेंटर। तीन साल से फंसा वन स्टॉप सेंटर का निर्माण, अब तक टेंडर नहीं हुआ डीएम ने जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का दिया निर्देश मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने भवन निर्माण विभाग को जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का सख्त निर्देश दिया है, ताकि महिलाओं के लिए समुचित सुविधा युक्त भवन का निर्माण शीघ्र शुरू हो सके। भास्कर न्यूज| अररिया महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वाकांक्षी योजना वन स्टॉप सेंटर का भवन निर्माण अररिया में पिछले तीन वर्षों से सिर्फ पत्राचार में ही अटका हुआ है। महिलाओं और लड़कियों को घरेलू प्रताड़ना से मदद देने के लिए बनने वाले इस केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, अब तक टेंडर भी प्रकाशित नहीं हो सका है। भवन निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जनवरी माह के अंत में ही एस्टीमेट तैयार कर कार्यालय को सौंप दिया गया है, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण टेंडर प्रकाशित नहीं किया जा सका है। उल्लेखनीय है कि 60 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से राज्य के कई जिलों में वन स्टॉप सेंटर भवन बनकर तैयार हो चुके हैं और संचालन भी शुरू हो गया है। अररिया में समाहरणालय परिसर में भूमि चिह्नित होने के बावजूद भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। ऐसे में वन स्टॉप सेंटर फिलहाल एक अस्थायी भवन में संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास निगम के निदेशक ने जून 2024 में जिला पदाधिकारी को पत्र जारी कर मिशन शक्ति के तहत वन स्टॉप सेंटर के भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की सीमा निर्धारित करते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया था। इसके लिए 300 वर्ग मीटर भूमि और अस्पताल से 2 किलोमीटर के दायरे में स्थान चयन की शर्त भी रखी गई थी। इसके अनुपालन में तत्कालीन डीडीसी ने अगस्त 2024 में अररिया अंचल के सीओ को तीन दिनों के भीतर भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया था।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला