7 पुलिस वालों पर पेट्रोल डाला, बोला- जला दो:पीड़ित बोले- बेटियों को उठाकर ले जाता, उल्टा लटकाकर पीटता; JDU नेता की क्राइम कुंडली

Apr 11, 2026 - 08:59
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7 पुलिस वालों पर पेट्रोल डाला, बोला- जला दो:पीड़ित बोले- बेटियों को उठाकर ले जाता, उल्टा लटकाकर पीटता; JDU नेता की क्राइम कुंडली
1 नवंबर 2023 की रात। पुलिस रेड के लिए JDU नेता ओवैस करनी के पेट्रोल पंप पहुंची। पुलिस को देखते ही वो पंप के नोजल से बाल्टी में पेट्रोल भरने लगा। 3 से 4 बाल्टियों में उनसे पेट्रोल भरा। जैसे ही पुलिस वाले उसके पास आए उसने इसी पेट्रोल से उन्हें नहला दिया। इसके बाद अपने आदमियों से कहा- माचिस लाओ रे…यहीं जला देते हैं। रेड में 2 दरोगा भी थे। शरीर पर वर्दी थी, लेकिन पुलिस वाले कांप रहे थे। सभी को गाड़ी छोड़कर भागना पड़ा। ये JDU नेता ओवैस करनी की क्राइम कुंडली का सिर्फ एक चैप्टर है। बिहर पुलिस के रिकॉर्ड में उसकी हैवानियत के ऐसे 33 मामले दर्ज हैं। इसमें हत्या के 2 और रंगदारी के 10 से ज्यादा केस हैं। 29 मार्च को इसी JDU नेता ओवैस के फार्म हाउस से असम की 7 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था। लड़कियों ने उसके ऊपर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए ओवैस की पूरी क्राइम कुंडली… असम की 7 नाबालिगों के इन्वेस्टिगेशन में खुली कुंडली सहरसा फार्म हाउस कांड के आरोपी JDU नेता ओवैस करनी की इन्वेस्टिगेशन के दौरान हमें उसकी पूरी क्राइम कुंडली का पता चला। उसके ऊपर फार्म हाउस में असम की नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के साथ 11 मामले सिर्फ हत्या की कोशिश के हैं। 10 रंगदारी के मामलों के साथ छेड़छाड़ के कई मामले हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने JDU नेता पर दर्ज सभी मामलों की पड़ताल की। 1 नवंबर 2023 की शाम 8 बजे सहरसा सदर थाने के दरोगा शंकर चौधरी अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। टीम में दरोगा सनोज वर्मा, विवेक कुमार -1, कृष्णा कुमार और दिनेश ठाकुर भी थे। भेड़धरी रोड पुल के पास गाड़ियाें की चेकिंग को लेकर विवाद हो गया। एक बाइक पर सवार 3 अपराधी भागने लगे। पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया। बदमाश बाइक लगाकर शोर मचाकर लोगों को पुलिस के खिलाफ उकसाने लगे। शोर सुनकर आसपास के करीब 30 से ज्यादा महिला-पुरुष इकट्‌ठा हो गए। भीड़ ने रोड की लाइट काट दी। पुलिस वालों से गाली-गलौज और मारपीट होने लगी। इसकी जानकारी मिलते ही थाने से भारी संख्या में पुलिस की टीम पहुंच गई। पुलिस को देख बदमाश JDU नेता ओवैस करनी के घर में जाकर छिप गए। बदमाशों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जब JDU नेता के पेट्रोल पंप पर पहुंची तो उसने महिला दारोगा रीता कुमारी और एक अन्य दारोगा सहित 7 पुलिस कर्मियों को पेट्रोल से नहलाकर जिंदा जलाने की कोशिश की। इस दौरान मारपीट कर पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ी गई। घटना के बाद पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे। JDU नेता के खिलाफ सहरसा के सदर थाना में मामला दर्ज किया गया। इस केस में पुलिस वालों की गवाही तक नहीं हुई। जिस टीम पर पेट्रोल फेंका, वो बोली- पुलिस उसके यहां रेड करने से डरती है इन्वेस्टिगेशन के दौरान रिपोर्टर ने उन पुलिसकर्मियों से भी संपर्क करने की कोशिश की जिन्हें JDU नेता ने पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की थी। पुलिस वाले आज भी इस कांड से इतना डरे हैं कि अपना नाम उजागर नहीं करना चाहते हैं। इन पुलिस वालों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर हो चुका है। अब सभी अलग-अलग जिलों के थानों पर तैनात हैं, लेकिन JDU नेता के खिलाफ मुंह नहीं खोल रहे हैं। रिपोर्टर से बातचीत के दौरान पुलिस वालों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ बातें कहीं। JDU नेता काफी दबंग है। मैं उस टीम में था जो उसे गिरफ्तार करने पेट्रोल पंप पर गई थी। हमें तो लगा वो जला ही देगा। ओवैस करनी अपने क्षेत्र का रंगदार है। बहुत कम पुलिस वाले उसके घर में घुसने की हिम्म्त कर पाते हैं। JDU नेता पर 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसे अपराध से उसका खौफ बना हुआ है। पुलिस को सूचना मिलती है, लेकिन पेट्रोल कांड से सबक लेकर वो बिना तैयारी नहीं जाती। कई बार तो शिकायत करने वाला ही पीछे हट जाता है। इतना डरा दिया जाता है कि वह JDU नेता के खिलाफ स्टैंड नहीं कर पाता है। पेट्रोल कांड में तो आज तक हम पुलिसकर्मियों की गवाही ही नहीं कराई गई है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन के दौरान एक 13 साल की नाबालिग को जबरन घर से खीचकर फार्म हाउस ले जाने का इनपुट मिला। पड़ताल में पता चला कि नाबालिग पर ओवैस करनी की नजर गड़ गई थी। वह उसे घर से जबरन खींचकर फार्म हाउस ले जा रहा था, लेकिन काफी विरोध के बाद मासूम की इज्जत बची। पीड़ित के पिता इरफान (बदला हुआ नाम) ने बताया, 10 सितंबर 2025 की शाम लगभग 5 बज रहे थे। JDU नेता ओवैस करनी फार्म हाउस से बाहर निकला। पड़ोसी की एक 13 साल की मासूम पर उसकी नजर पड़ी गई। लड़की JDU नेता को देखकर घर में चली गई। यह JDU नेता को नागवार लगा, वह भी पीछे से मासूम के घर में घुस गया। वो उसे उठाकर जबरन फार्म हाउस ले जाने की कोशिश करने लगा। मौके पर घर वालों ने पहुंचकर लड़की को JDU नेता के चंगुल से छुड़ाया। विरोध पर JDU नेता ने घर वालों को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित के पिता ने आरोपी JDU नेता के खिलाफ सहरसा के सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया है कि रंगदारी नहीं देने पर ओवैस करनी 13 साल की बेटी को फार्म हाउस ले जा रहा था। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में JDU नेता की रंगदारी की कई कहानियां सामने आई हैं। वह फार्म हाउस में कई ऐसी लड़कियों को लेकर गया है जिनके घर वालों ने उसे रंगदारी नहीं दी। सबसे ज्यादा चर्चा नवंबर 2023 की घटना की हुई। सहरसा के सदर थाने में मो. नवी (बदला हुआ नाम) ने ओवैस पर जबरन बेटी को फार्म हाउस ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया, JDU नेता पहले पैसा बांटता है। इसके बाद लड़कियों पर नजर रखता है। JDU नेता ने एक दिन साथियों के साथ हमारे घर में घुसकर हमला कर दिया। उद्देश्य नाबालिग लड़की को ले जाना था। वह उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। घर में लूटपाट कर जान से मारने की धमकी भी दी। दूसरे पीड़ित ने बताया, एक दिन ओवैस करनी के साथ कई लोग हथियारों के साथ उसके घर पहुंच गए। वो 10 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहा था। पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ती देख मैंने डायल 112 पर कॉल कर दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही JDU नेता ने अपने आदमियों के साथ हमला कर दिया। JDU नेता के खिलाफ मेरे मोबाइल कई सबूत थे, जिसे छीनकर डिलीट कर दिया गया। JDU नेता ओवैस करनी की क्राइम कुंडली असम की 7 लड़कियों ने खोली है जिन्हें फार्म हाउस से रेस्क्यू किया गया है। पढ़िए फार्म हाउस कांड की पीड़ित असम की नाबालिग लड़कियों की कहानी। 29 मार्च 2026 को असम की रहने वाली एक 14 साल की नाबालिग ने घर वालों से JDU नेता की शिकायत की थी। शिकायत के बाद उसे जबरन खींचकर फार्म हाउस ले जाने की कोशिश हो रही थी। पीड़ित की मां ने पुलिस से की गई शिकायत में बताया कि हम लोगों ने विरोध किया तो JDU नेता ओवैस करनी ने मेरे ऊपर गोली चला दी। मामले को दबाने के लिए JDU नेता ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, लेकिन पुलिस आई तो हमने पूरी घटना की जानकारी दे दी। पीड़ित के परिजनों के आरोप पर केस दर्ज कर फार्म हाउस से असम की 7 नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया। JDU नेता ओवैस करनी और उसका मुंशी जेल में हैं। फार्म हाउस में पुलिस तैनात है, मामले की जांच में प्रशासन और पुलिस की टीम लगी है। असम के लोगों का आरोप है कि जब घर वाले रात में सो जाते हैं तो JDU नेता लड़कियों को जबरन उठा ले जाता है। 28 मार्च की रात 2 बजे वो एक 14 साल की लड़की को जबरन ले जाने की कोशिश में था। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि JDU नेता ओवैस करनी ईंट भट्‌ठा, कोयले का कारोबार करता है। वो ठेकेदारों को बोलकर नॉर्थ ईस्ट की लड़कियों की डिमांड करता था। जिन 7 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया वह भी नार्थ ईस्ट के असम की रहने वाली थी। नाबालिग पीड़ित के पिता सन्नी ने बताया कि हम लोग नॉर्थ ईस्ट के असम से आए हैं। यहां बाहरी हैं, बस प्रताड़ित होते हैं। जब भी विरोध करते हैं, मारापीटा जाता है। जान से मारने और लड़कियों के वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है। 14 साल की लड़की के माता पिता भी विरोध का शिकार हुए। हम लोगों ने जब भी विरोध करने की हिम्म्त की रस्सी से बांधकर उल्टा लटका देता था। कभी-कभी काम पर नहीं जाने पर हाथ-पैर बांधकर रस्सी से ऊपर टांग दिया जाता था। करंट लगाया जाता है। हमलोगों को जानवरों की तरह रखा जाता था। रात 10 बजे के बाद बच्चियों को अपने कमरे में ले जाता था। डांस करवाया जाता था और उनसे जबरदस्ती करने की कोशिश की जाती थी। रात करीब 3 बजे उन्हें वापस घर भेज दिया जाता था। भास्कर की पड़ताल में इनपुट मिला कि कई मजदूर बेटियों के साथ हो रही घटना से तंग आकर फार्म हाउस से भाग गए हैं। रिपोर्टर को अफजल का इनपुट मिला जो असम का रहने वाला है। कई दिनों की पड़ताल के बाद रिपोर्टर को अफजल का नंबर मिला। मोबाइल पर हुई वीडियो कॉल बातचीत में अफजल ने JDU नेता की हैवानियत सुनाई। बोला - लड़की सप्लाई नहीं करने पर उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। मालिक और मुंशी दोनों डराते-धमकाते थे। करंट भी लगाते थे, JDU में बांधकर मारते थे। रिपोर्टर: क्या हुआ था, आप थोड़ा विस्तार से बताइए? अफजल: हम काम करने के लिए वहां गए थे, शुरुआत में सब ठीक था, एक महीने बाद ड्राम करने लगा। रिपोर्टर: क्या हो गया ऐसा ? अफजल: बोलता था कि किसी लड़की या महिला से बात कराओ। रिपोर्टर: फिर आपने क्या किया? अफजल: हमने साफ मना कर दिया कि हम यहां काम करने आए हैं, ऐसे काम के लिए नहीं आए। रिपोर्टर: इस पर क्या बोला? अफजल: मेरे ऊपर जुल्म करने लगा, छोटी-छोटी बात पर मारपीट करता था। रिपोर्टर: मारपीट किस तरह से करता था? अफजल: एक दिन ऑफिस में ले जाकर धमकाया, फिर मुंशी के साथ मिलकर पीटा। रिपोर्टर: कैसे मारता था? अफजल: JCB में बांधकर लटका देता था, लगता था हम मर जाएंगे। रिपोर्टर: हमेशा मारता था या गुस्से में होता था तब मारता था? अफजल: शराब पीने के बाद और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता था, किसी की इज्जत उतार देता था। रिपोर्टर: आप लोग वहां कितने दिन तक रहे? अफजल: 4 से 5 महीने ही रहे, इस दौरान बहुत परेशान किया गया। रिपोर्टर: आप कैसे भागे वहां से? अफजल: डर से भागना पड़ा, वह करंट लगाकर मार देता। रिपोर्टर: क्या आपको बंधक बनाकर रखा गया था? अफजल: हां, 3-4 लोगों को एक कमरे में बंद कर ताला लगा देता था। मोबाइल भी छीन लिया जाता था, ताकि हम घर पर बात न कर सकें। रिपोर्टर: वो आपसे लड़कियों के बारे में क्या कहता था? अफजल: कहता था कि किसी लड़की को बुलाकर लाओ, हमने मना किया तो मारा-पीटा। रिपोर्टर: अभी आपके परिवार की क्या स्थिति है? अफजल: मेरा परिवार अभी भी वहां फंसा हुआ है। रिपोर्टर: अब आप क्या चाहते हैं? अफजल: हम चाहते हैं कि हमें न्याय मिले और जो वहां फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द असम भेजा जाए। पड़ताल के दौरान भास्कर रिपोर्टर के हाथ एक वीडियो भी लगा है। वीडियो में ओवैस करनी का मुंशी अमित लोगों को धमका रहा है। अमित ओवैस करनी का राइट हैंड है। असम के पीड़ित परिवार वालों का आरोप है कि मुंशी अमित ही उनके घर से लड़कियों को बुलाकर ले जाता था। अमित के खिलाफ पुलिस को की गई शिकायत में असम के पीड़ित परिवारों ने डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है। वीडियो में वह खुलेआम धमकी देते हुए बोल रहा है - जाकर पता कर लेना हमारे बारे में, बिहार में यादव कैसा होता है। तुम लोगों को पूरी बात समझ में नहीं आएगी। यह बात अपने दिमाग से निकाल दो कि यहां से कोई निकल पाएगा। मैं सोया नहीं हूं, थोड़ा क्रॉस करके दिखाओ तो क्या करता हूं। अगर हिम्मत है तो यहां से निकलकर दिखाओ। अगर चुपचाप रहोगे तो ठीक है, नहीं तो क्या होगा, यह समझना मुश्किल हो जाएगा। जान लो, उलट-पलट कर चीर दूंगा। अभी जेल में है JDU नेता ओवैस करनी 29 मार्च को बिहार के सहरसा के नया टोला के ईंट भट्‌ठे से पुलिस ने 75 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। ये ईंट भट्‌ठा ओवैस का है। सभी मजदूरों को एजेंट के जरिए असम से यहां काम करने के लिए लाया गया था। पुलिस की पूछताछ में 7 नाबालिग लड़कियों ने बताया है कि ओवैस उन्हें फार्म हाउस पर ले जाकर गंदा काम करता था। सभी लड़कियों की उम्र 14 से 16 साल है। जांच के दौरान लड़कियों ने JDU नेता पर यौन शोषण से लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी JDU नेता ओवैस के साथ उसके सहयोगी मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नजरुल हक नाम का एजेंट इन परिवारों को असम से यहां लाया था। वो भागकर अपने घर असम चला गया है। भास्कर से बातचीत में उसने बताया कि ओवैस उससे ऐसे परिवारों को टारगेट करवाता था, जिनकी बच्चियां सुंदर हों। सभी लड़कियों को फिलहाल चाइल्ड लाइन में रखा गया है। पुलिस जांच के लिए सभी परिवार उसी ईंट भट्‌ठे के पास बने घरों में रह रहे हैं।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला