आज के कुछ मुख्य समाचार पत्र ✉ एक और बुजुर्ग लोक निर्माण पर जोर शोर पर विचार विमर्श कर दिए गए बयान दर्ज करवाई और अन्य भारतीय न्याय व अन्य महत्वपूर्ण बात पर निर्भर रहकर

Jul 28, 2025 - 20:42
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आज के कुछ मुख्य समाचार पत्र ✉ एक और बुजुर्ग लोक निर्माण पर जोर शोर पर विचार विमर्श कर दिए गए बयान दर्ज करवाई और अन्य भारतीय न्याय व अन्य महत्वपूर्ण बात पर निर्भर रहकर

: *Himachal Cabinet : आज बड़े फैसलों का दिन* 

शिमला में 12 बजे शुरू होगा कैबिनेट बैठकों का दौर

आपदा पीडि़तों को राहत पैकेज की होगी घोषणा

हर दिन दो घंटे महत्त्वपूर्ण मामलों पर होगी चर्चा

हिमाचल प्रदेश में सोमवार से एक नया इतिहास बनने जा रहा है। पहली बार चार दिन लगातार कैबिनेट की बैठक होगी। कैबिनेट बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी और उसके अगले तीन दिन भी इसी समय पर कैबिनेट बैठक की जाएगी। प्रदेश सरकार के मंत्री शिमला पहुंच गए हैं, जो इन बैठकों में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में कई महत्त्वपूर्ण फैसले होने हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को कैबिनेट के पहले दिन आपदा पीडि़तों को राहत का बड़ा पैकेज सरकार घोषित कर सकती है। इसकी तैयारी कर ली गई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने फील्ड में जाकर जो घोषणाएं की हैं उनको सिरे चढ़ाया जाएगा।

मंत्रिमंडल की बैठकें 28 जुलाई से 31 जुलाई तक रोजाना की जाएगी। इसका समय दोपहर 12 से दो बजे तक रखा गया है। चार दिनों के लिए सभी एजेंडों को अलग-अलग बांट दिया गया है। लगभग हरेक विभाग की ओर से कैबिनेट को एजेंडा आइटम भेजी गई हैं। हर दिन मंत्रिमंडल दो घंटे तक महत्त्वपूर्ण मामलों में चर्चा करेगा। इससे पहले कैबिनेट की बैठक 24 जुलाई को तय हुई थी जो अपरिहार्य कारणों से नहीं हो पाई थी। कैबिनेट की बैठकों में आपदा राहत पैकेज पर फैसला हो सकता है।

बिजली परियोजनाओं पर लेंगे फैसला

राज्य सरकार ऐसी बिजली परियोजनाओं को रद्द कर सकती है, जिन्हें आबंटित हुए कई साल हो गए लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट लगे नहीं हैं। कैबिनेट की बैठक में शिक्षा से संबंधित कुछ मामले पिछली कई बैठकों से लंबित हैं। इसमें कालेज युक्तिकरण से लेकर ब्वायज और गल्र्ज स्कूलों का मर्जर भी शामिल है। जलशक्ति विभाग में जलरक्षकों को पक्का करने का मामला भी कैबिनेट में जा सकता है।

कैबिनेट में आएगा स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों का मामला

सेब खरीद के लिए भी सरकार से मंजूरी ली जानी है। सरकार ने नई दरें भी तय करनी है वहीं शहरी विकास विभाग की ओर से शहरी निकायों का रोस्टर भी कैबिनेट में चर्चा के लिए लाया जाना है। एचआरटीसी भी गारंटी का मामला सरकार को मंजूरी के लिए ला रहा है इसमें भी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नई भर्तियों का मामला भी आ सकता है।

बोर्ड की सब-कमेटी की सिफारिशों पर होगी चर्चा

बिजली बोर्ड के लिए बनाइ सब-कमेटी की सिफारिशों पर भी इस बैठक में चर्चा होगी और कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। कर्मचारियों के युक्तिकरण का मामला भी आएगा। परियोजनाओं से रॉयल्टी को लेकर भी मामला आ सकता है।

मीटिंग में तय हो जाएगी मानसून सत्र की तारीख

कैबिनेट की लगातार चार दिन चलने वाली बैठक में मानसून सत्र की तारीख भी तय हो जाएगी। हिमाचल विधानसभा इसके लिए तैयारी कर रही है और करीब पांच दिन का यह सत्र हो सकता है। अभी तक चल रही चर्चा के अनुसार 20 अगस्त के आसपास सत्र घोषित किया जा सकता है।

: *महाराष्ट्र की राजनीति में नए सियासी उफान के आसार, मातोश्री पहुंचे एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे* 

छह साल बाद मातोश्री पहुंचे राज का उद्धव को सरप्राइज

महाराष्ट्र की राजनीति में एक सियासी तूफान मचाने वाली तस्वीर देखने को मिली। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे रविवार को अचानक बांद्रा स्थित मातोश्री आवास पहुंचे और उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे वर्ली में मराठी विजय रैली में एक साथ आए थे। उसके बाद ऐसा लगने लगा था कि मनसे-ठाकरे गुट के बीच गठबंधन की बातें हवा में उड़ गई हैं, लेकिन राज ठाकरे ने रविवार को करीब छह वर्षों के बाद मातोश्री आकर उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देकर सबको चौंका दिया। सियासी गलियारों में किसी ने ऐसा नहीं सोचा था कि राज ठाकरे उद्धव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने मातोश्री तक चले आएंगे। ठाकरे परिवार में शायद किसी को भी इसकी उम्मीद नहीं थी। रविवार सुबह राज ठाकरे ने अचानक उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने मातोश्री जाने का फैसला किया। इसके बाद राज ठाकरे ने बाला नंदगांवकर के फोन से संजय राउत को फोन किया। इस दौरान राज ठाकरे ने कहा कि मैं उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए मातोश्री आ रहा हूं।

संजय राउत ने तुरंत उद्धव ठाकरे को यह बात बताई। इसके बाद राज ठाकरे दादर इलाके में स्थित अपने आवास शिवतीर्थ से निकलकर कुछ ही मिनटों में मातोश्री पहुंच गए। जैसे ही यह खबर फैली कि ठाकरे गुट के कार्यकर्ता उत्साह में आ गए। राज ठाकरे की गाड़ी जब मातोश्री के प्रवेश द्वार पर पहुंची, तो ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। इन कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे को जय महाराष्ट्र का नारा लगाते देखा। उसी समय ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत राज ठाकरे की अगवानी के लिए गेट के बाहर आए। राउत राज ठाकरे को मातोश्री के गेट तक ले गए। उद्धव ठाकरे आमतौर पर किसी का स्वागत करने मातोश्री के गेट पर नहीं आते हैं। हालांकि, उद्धव ठाकरे खुद राज ठाकरे का स्वागत करने के लिए मातोश्री के गेट पर खड़े थे। जैसे ही राज ठाकरे पहुंचे उद्धव ठाकरे ने उन्हें गले लगा लिया। उस समय राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को लाल गुलाब का एक आकर्षक गुलदस्ता दिया। दोनों की यहां करीब 20 मिनटों तक मुलाकात हुई। आपको बता दें कि राज ठाकरे का लगभग छह साल में यह पहला मातोश्री दौरा था। इससे पहले वे पांच जनवरी, 2019 को उद्धव ठाकरे को उनके बेटे अमित ठाकरे की शादी का निमंत्रण देने उनके घर गए थे।

: *शिमला-तारादेवी रोप-वे के लिए 2296 करोड़ की मांग, कंपनी ने नेगोसिएशन के बाद फाइनल किया बजट* 

कंपनी ने नेगोसिएशन के बाद फाइनल किया बजट, सरकार से मंजूरी के बाद केंद्र को जाएगा मामला

शिमला में प्रस्तावित रोप-वे प्रोजेक्ट की लागत 1700 करोड़ रुपए थी, लेकिन जिस कंपनी के साथ इस लेकर बात हुई है वो 2296 करोड़ रुपए में मानी है। सूत्रों के अनुसार इस कंपनी ने 2700 करोड़ रुपए तक बिडिंग की थी जिसका कहना है कि कई साल के बाद अब लागत बढ़ चुकी है और 1700 करोड़ रुपए में प्रोजेक्ट तैयार नहीं हो सकता। रोप-वे कारपोरेशन इस प्रोजेक्ट को लेकर तीन-चार बार टेंडर कर चुका है, लेकिन मात्र एक ही कंपनी आखिर में सलेक्ट हुई है जिसके साथ लागत पर बात नहीं बन पा रही है। सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर दोबारा से केंद्र सरकार और न्यू डिवेलपमेंट बैंक एनडीबी के साथ उठाया जाएगा क्योंकि वर्तमान लागत दर पर कोई कंपनी काम करने को सहमत नहीं हो पा रही है।

कैबिनेट बैठकों में इस एजेंडे को भी लाया जा सकता है। केंद्र सरकार का आर्थिक मामले मंत्रालय ही इसको अपनी स्वीकृति प्रदान करेगा, जिसके बाद एनडीबी को नए सिरे से प्रोजेक्ट भेजना है। वहां से लागत बढऩे के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर प्रदेश में आगे बढ़ा जा सकता है।

1700 करोड़ का था प्रोजेक्ट

जिस कंपनी के साथ नेगोसिएशन चल रही है, उसने 2700 करोड़ रुपए की डिमांड की है, जबकि यह प्रोजेक्ट 1700 करोड़ के आसपास का है। कंपनी का कहना है कि जब इसकी डीपीआर बनी थी तब कीमतें कुछ और थीं। स्विस डॉलर में इजाफा हो गया है, लिहाजा पुरानी कीमत पर प्रोजेक्ट नहीं बन सकता है। यह कंपनी अब 2296 करोड़ रुपए में प्रोजेक्ट बनाने को तैयार हुई है। राज्य सरकार इसमें और कमी करने के लिए बार-बार अधिकारियों पर दवाब बना रही है।

दोबारा बनाई जाएगी डीपीआर

सूत्रों की मानें तो दोबारा से केंद्र सरकार को इसका प्रस्ताव भेजना पड़ेगा जिस पर विचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार से इसकी डीपीआर को रिवाइज्ड करके नए सिरे से बाह्य वित्त पोषित एजेंसी को मामला जाएगा, ताकि उनसे और पैसा मिल सके। यदि ऐसा नहीं होता है तो इस प्रोजेक्ट का इस राशि में बनना आसान नहीं है।

परियोजना में देरी से बढ़ी लागत

परियोजना में देरी के कारण लागत बढ़ गई है। पहले लागत 1734.40 करोड़ थी जिसमें अब चयनित कंपनी 2700 करोड़ की डिमांड कर रही है। तारादेवी से शिमला के बीच बनने वाले रोपवे की लंबाई 13.79 किलोमीटर है। रोप-वे से शिमला शहर के 15 स्टेशन को जोड़ा जाना प्रस्तावित है।

: *हिमाचल में करवट बदलेगा मौसम, सोमवार को यलो, 29 को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी* 

हिमाचल में भारी बारिश का यलो अलर्ट, 29 को इन चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

29 को 4 जिलों में अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट

31 से दो दिनों तक साफ रहेगा मौसम

सोमवार को मौसम एक बार फिर से करवट बदलेगा। सोमवार को राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। दो जनजातीय जिलों को छोडक़र शेष में अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 29 जुलाई को प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला में बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। 30 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है जबकि 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इन दो दिनों में अधिकांश स्थानों पर मौसम साफ रहेगा। प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में रविवार को सुबह के समय मौसम साफ बना रहा। मैदानों सहित पहाड़ों पर सुबह के समय धूप खिली रही। मगर दोपहर बाद आसमान में काले बादल घिरने शुरू हो गए थे।

राज्य के कुल्लू, मंडी, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर में कई स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान भी मॉनसून कमजोर बना रहा। हालांकि कुछ स्थानों पर बारिश जरूर हुई है। मगर यहां पर भी बारिश कम आंकी गई है जिससे न्यूनतम तापमान में फिर से उछाल दर्ज किया गया है। मगर अगामी दिनों के दौरान प्रदेश में फिर से भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। जिन इलाकों में पिछले 24 घंटों में बारिश हुई उनमें मलरौन में 26.4 मिलीमीटर, काहू में 14.5, मनाली में 11.0, जोत में 10.8, जुब्बड्हट्टी में 10.0, बजौरा में 6.5, जोगिन्द्रनगर में 6.0, नारकण्डा में 5.5, बिझड़ी में 5.2, बाघी में 3.6, बिलासपुर में 2.8, सुन्नी भज्जी में 2.6, कुफरी में 2.4, घाघस में 2.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

: *चंबा में अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का भव्य आगाज* 

आठ दिवसीय आयोजन के शुभारंभ पर राज्यपाल रहे मुख्यातिथि, नशे के खिलाफ जागरुकता का दिया संदेश

चंबा जनपद के आठ दिवसीय ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का रविवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मेले के शुभारंभ मौके पर बतौर मुख्यातिथि उपस्थिति दर्ज करवाई। इससे पहले रविवार सुबह नगर परिषद कार्यालय से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा की अगवाई एडीएम अमित मैहरा ने की। लक्ष्मीनाथ मंदिर में राज्यपाल ने पूजा-अर्चना की रस्म अदा की। इसके बाद बंसी गोपाल मंदिर में मिंजर अर्पित करते हुई पिंक पैलेस पहुंची। पिंक पैलेस में मिर्जा परिवार के वरिष्ठ सदस्य एजाज मिर्जा ने भगवान रघुवीर को मिंजर अर्पित करने की रस्म अदा की। तदोपरांत शोभायात्रा ने हरिराय मंदिर में पूजा- अर्चना करते हुए ऐतिहासिक चौगान का रूख किया। ऐतिहासिक चौगान में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने ध्वजारोहण के साथ मेले का अधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। राज्यपाल ने मिंजर उत्सव को प्राचीन लोक परंपराओं, विश्वासों और आस्थाओं के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सभी को बुराई का एकजुट होकर सामना करना चाहिए। इस दौरान राज्यपाल ने जनसमूह को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलवाई और नशे जैसी सामाजिक बुराई का प्रभावी संदेश देने के लिए जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अपने संबोधन में मिंजर मेले के सांप्रदायिक सौहार्द के पहलू की भी जमकर सराहना की।

राज्यपाल ने संपूर्णता अभियान के अंतर्गत जिला एवं उपमंडल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। मिंजर मेला कमेटी अध्यक्ष एवं डीसी मुकेश रेप्सवाल ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। नगर परिषद उपाध्यक्ष सीमा कश्यप ने मुख्यातिथि को मिंजर भेंट की। राज्यपाल ने मेले के दौरान आयोजित होने वाली खेलकूद गतिविधियों का उद्घाटन भी किया। मिंजर मेला खेलकूद उपसमिति के संयोजक एसपी चंबा अभिषेक यादव ने राज्यपाल को चंबा थाल भेंटकर सम्मानित किया। नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर ने लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल को सम्मानित किया। इस दौरान जिला के विभिन्न दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। इसके उपरांत राज्यपाल ने मिंजर मेले के दौरान चौगान में लगे विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टालों का भी लोकार्पण किया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, सदर विधायक नीरज नैयर, विधायक डा. हंसराज डीएस ठाकुर, डा. जनकराज, एडीएम अमित मैहरा, एसडीएम प्रियांशु खाती, डीएसपी हेडक्वार्टर जितेंद्र चौधरी, जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश मोंगरा, एक्सईन जितेंद्र शर्मा व पीडब्ल्यूडी के एक्सईन दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य लोगों के अलावा मेला आयोजन समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।

: *3800 करोड़ के बिजली रिफॉर्म प्रोजेक्ट को दो साल की एक्सटेंशन, अब 2026 की जगह 2028 में पूरा करना है प्रोजेक्ट* 

अब 2026 की जगह 2028 में पूरा करना है प्रोजेक्ट

आरडीएसएस के तहत चल रहा बड़ा काम

हिमाचल प्रदेश में 3800 करोड़ रुपए के बिजली रिफॉर्म प्रोजेक्ट को दो साल की एक्सटेंशन मिल गई है। यह परियोजना समय पर शुरू नहीं हो पाई थी, जिसके कुछ बड़े कारण देने के बाद केंद्र सरकार ने इस योजना को एक्सटेंड कर दिया है। रिवेंप्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम को दो साल की एक्सटेंशन मिलने से यहां पर आराम से सभी काम पूरे हो सकेंगे। इस परियोजना में राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड जहां एक तरफ स्मार्ट मीटरिंग कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट किया जा रहा है। आधारभूत ढांचे में कई तरह के बदलाव अभी से देखने को मिल रहे हैं। बताया जाता है कि इस स्कीम को पहले मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था और उसी लक्ष्य पर बिजली बोर्ड काम में जुटा था, मगर अब इस योजना को मार्च 2028 तक पूरा किया जा सकेगा। बता दें कि समय पर आरडीएसएस योजना में टेंडर का प्रोसेस नहीं हो सका था। पिछली सरकार के समय में जो टेंडर किए गए थे, उनमें पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाते हुए वर्तमान सरकार ने शुरुआत में ही उनको रद्द कर दिया। सरकार ने चूंकि कैबिनेट में यह फैसला लिया था और कई तरह के सवाल उस टेंडर प्रोसेस पर उठाए गए थे, लिहाजा उन्हें रद्द करते हुए दोबारा से स्कीम में टेंडर किए गए।

इस टेंडर में ही एक से डेढ़ साल का समय निकल गया और अब जाकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हुई है, जिस पर काम भी शुरू कर दिए गए हैं। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से योजना को एक्सटेंशन देने का मामला उठाया गया था, जिसे मान लिया गया है। बाकायदा राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड को इस एक्सटेंशन का पत्र भी मिल गया है और कहा गया है कि मार्च 2028 के बाद इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा। इससे पहले नए निर्धारित समय पर काम को पूरा किया जाए। इससे हिमाचल बिजली बोर्ड को बड़ी राहत मिली है। यहां बता दें कि 1900 करोड़ रुपए की राशि से स्मार्ट मीटरिंग के काम किए जा रहे हैं और 1900 करोड़ रुपए से आधारभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश को आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए पैसे की दरकार थी, जिसमें केंद्र सरकार मदद कर रही है और बिजली बोर्ड को इस योजना के तहत करोड़ों रुपए की राशि मिल रही है। इसके साथ प्रदेश के सभी लाखों उपभोक्ताओं के यहां पर पुराने बिजली के मीटर बदलने का काम भी शुरू हो चुका है।

: *Kangra News : नगरोटा बगवां में पेयजल योजनाओं पर खर्च हो रहे 250 करोड़* 

बाल मेले के समापन पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की शिरकत

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग के तहत विभिन्न योजनाओं पर 250 करोड़ की राशि व्यय की जा रही है, ताकि लोगों को पेयजल की बेहतर सुविधा मिल सके। रविवार को नगरोटा में स्व. जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है। प्रदेश के कांगड़ा जिला के लिए दो सिंचाई परियोजनाओं स्वीकृत की गई हैं । इससे जिला के 160 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही जवाली विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित ‘सूखाहार मध्यम सिंचाई परियोजना’ को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना 219 करोड़ से तैयार की जाएगी।

इससे जवाली और शाहपुर विधानसभा क्षेत्रों के 45 गांवों की 2186 हेक्टेयर कृषि भूमि कर सिंचाई होगी। , 24120 ग्रामीणों को सीधा लाभ होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी विकास पुरुष जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे । इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने नगरोटा में दो करोड़ 94 लाख की लागत से निर्मित निरीक्षण कुटीर का भी लोकार्पण किया है।

सराज पीडि़तों को मदद

बाल मेला कमेटी की ओर से पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने 11 लाख का चेक सराज आपदा के लिए भेंट किया । इसके साथ ही डा. बरमानी ने एक लाख तथा कांगड़ा के पुजारियों ने 51 हजार का चेक उपमुख्यमंत्री को भेंट किया।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

विधायक विवेक शर्मा, केसीसीबी के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया, पूर्व विधायक अजयमहाजन, लघु बचत बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश कराड, परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व में प्रत्याशी रहे पुष्पिंद्र वर्मा, सहकारी बैक के अध्यक्ष संजय चौहान सहित विभिन्न गणमान्य उपस्थित थे।

: *भारत के दुश्मनों को कहीं सुरक्षित पनाह नहीं* 

चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, आपरेशन सिंदूर से पूरे देश में पैदा हुआ नया आत्मविश्वास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को दिखाया कि अगर भारत की संप्रभुता पर हमला हुआ, तो वह किस तरह जवाब देगा और सीमा पार सैन्य कार्रवाई ने पूरे देश में एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां चोल सम्राट राजेंद्र चोल के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह भी साबित कर दिया कि भारत को निशाना बनाने वाले दुश्मनों और आतंकवादियों के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है। प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में कहा कि दुनिया ने देखा कि अगर कोई भारत की सुरक्षा और संप्रभुता पर हमला करता है, तो वह कैसे जवाब देता है।’ उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारत के दुश्मनों, आतंकवादियों के लिए कोई पनाहगाह नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश में एक नई जागृति, एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है।

दुनिया को भारत की ताकत का एहसास होना चाहिए। मोदी ने कहा कि सम्राट राजराज चोल और उनके पुत्र राजेंद्र चोल-प्रथम के नाम भारत की पहचान और गौरव के पर्याय हैं । उन्होंने घोषणा की कि तमिलनाडु में उनकी भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और ये प्रतिमाएं हमारे ऐतिहासिक जागरण के आधुनिक स्तंभ होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र पर टिप्पणी करते हुए कई लोग ब्रिटेन के मैग्नाकार्टा का जिक्र करते हैं, जबकि चोल कालीन ‘कुडवोलाई प्रणाली’ उससे भी पुरानी है।

ओम नम: शिवाय सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब वह ‘ओम नम: शिवाय’ सुनते हैं, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि एक प्रकार से ये राज राजा की श्रद्धा भूमि है और आज इलैयाराजा ने जिस प्रकार हम सभी को शिवभक्ति में डुबो दिया, क्या अद्भुत वातावरण था। मैं काशी का सांसद हूं, जब मैं ओम नम: शिवाय सुनता हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।’ पीएम मोदी ने रविवार को चोलकालीन भगवान बृहदेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। वैदिक और शैव तिरुमुराई मंत्रोच्चार के बीच उन्हें आराधना करते देखा गया। वह पारंपरिक रूप से सजा हुआ एक कलश साथ लाए, जिसके बारे में बताया जा रहा है है कि उसमें गंगा नदी का जल है। मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक तरीके से पूर्ण कुंभम के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

: *धनखड़ बताएं इस्तीफे की वजह, कांग्रेस अध्यक्ष खडग़े बोले, यह उनके और पीएम के बीच का मामला* 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने रविवार को कहा कि उन्हें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के पीछे की असल वजह की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच का है, इसलिए वही बताएं कि वास्तव में क्या हुआ। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खडग़े ने कहा कि धनखड़ ने हमेशा सरकार का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि जब भी विपक्ष ने मुद्दे उठाने की कोशिश की, चाहे वह किसानों या गरीबों से संबंधित हो या विदेश नीति से जुड़ा हो, उन्होंने कभी भी विपक्ष को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। यह सवाल पूछे जाने पर कि क्या धनखड़ को किसानों के पक्ष में बोलने के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा, इस पर खडग़े ने कहा कि मुझे यह सब जानकारी नहीं है।

वह (धनखड़) हमेशा सरकार के पक्ष में रहे। उन्हें बताना चाहिए कि क्या हुआ था। यह (धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे का कारण) उनके और मोदी के बीच का मामला है। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके साथ ही खडग़े ने कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष को बदले जाने के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभी इस पर कुछ नहीं कह सकते, समय आने पर बात करेंगे। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार विस्तारित कार्यकाल के लिए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष पद पर हैं। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर उन्हें बदलने की आवाज उठ रही है, क्योंकि वह दो प्रमुख पदों पर हैं।

: *IND vs ENG : जडेजा और वाशिंगटन सुंदर की जोड़ी ने ड्रॉ कराया चौथा टेस्ट* 

रवींद्र जडेजा (नाबाद 107) और वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 101) के जुझारू और साहसिक शतकीय पारियों बदौलत भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच के पांचवें दिन चार विकेट पर 425 का स्कोर खड़ा कर मुकाबले को ड्रा करा दिया। चायकाल के बाद बल्लेबाजी करने उतरी जडेजा और वॉशिंगटन सुदंर की जोड़ी ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने शतक पूरे किये। पहले जडेजा ने अपना शतक पूरा किया। जडेजा ने 185 गेंदों में 13 चौके और एक छक्का लगाते हुए ( नाबाद 107) रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। 143वें ओवर की आखिरी पर सुंदर दो रन बनाकर अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही दोनों टीमों ने हाथ मिलाकर मैच ड्रा घोषित किया। भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह पहली बार है तीन बल्लेबाजो ने दूसरी पारी में शतक जड़ा है। इसे पहले भारत चायकाल तक चार विकेट पर 322 रन बनाकर दूसरी पारी में 11 रन की बढ़त बना ली थी। इंग्लैंड को पहली पारी में 311 रन की बढ़त हासिल थी। भारत ने पिछले सेशन के अंत में जरूर कप्तान शुभमन गिल का एक अहम विकेट गंवाया लेकिन यहां पर इस सेशन में वॉशिंगटन सुंदर ओर रवींद्र जडेजा ने सुनिश्चित किया कि कोई और विकेट ना गिरे और पांचवें विकेट के लिए 100 रनों की नाबाद साझेदारी करके दिखाई। दोनों अर्धशतक लगा चुके हैं और अब देखना होगा कि यह आखिरी सेशन इस मैच का क्‍या परिणाम निकालता है।

रवींद्र जडेजा ने पहली बार एक टेस्ट सीरीज में 400 से अधिक रन और पांच 50 से अधिक स्कोर बनाया है। जडेजा अब तक 102 गेंदों पर नाबाद 53 रन में पांच चौके लगा चुके हैं जबकि सुंदर ने 139 गेंदों पर नाबाद 57 रन में तीन चौके और एक छक्का लगाया है। इससे पहले भारत ने कल के दो विकेट पर 174 रन से आगे खेलना शुरु किया। सुबह के सत्र में केएल राहुल ने अपने स्कोर में तीन रन जोड़े थे कि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने उन्हें पगबाधा आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया। केएल राहुल ने 230 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 90 रन बनाये। इंग्‍लैंड को पहले सेशन में दो बहुमूल्‍य विकेट मिले हैं। केएल राहुल शतक से चूके तो शुभमन गिल ने अपने करियर का नौंवा और सीरीज का चौथा शतक बनाया लेकिन भारत अभी भी मुश्किलों में है। उन्‍होंने इस सेशन 26 ओवर में 49 रन बनाए हैं, जबकि दो विकेट गंवाए हैं।

: *Himachal News : पंचायत, शहरी निकाय चुनावों को नई वोटर लिस्ट जल्द, इसी साल होंगे दोनों चुनाव* 

राज्य निर्वाचन आयोग अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू करेगा काम, इसी साल होंगे दोनों चुनाव

शहरी निकायों के आरक्षण रोस्टर का मामला अभी बेशक हिमाचल सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग में उलझा हुआ हो, लेकिन पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची पर काम शुरू होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग अगस्त महीने के पहले सप्ताह से ही मतदाता सूचियां के ड्राफ्ट पर काम शुरू कर रहा है। ये मतदाता सूचियां सभी 3572 ग्राम पंचायतों और 73 शहरी निकायों के लिए बनेंगी। पंचायत में बीडीओ और पंचायत सचिव जबकि शहरी निकायों में संबंधित उपमंडल के एसडीएम इस प्रक्रिया को पूरी करवाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी है कि चुनाव आयोग द्वारा अपडेट की गई मतदाता सूची को लेकर अपने सॉफ्टवेयर के जरिए पंचायत और शहरी निकायों को भेजा जाएगा। यहां एसडीएम और पंचायत सचिव अपने वार्ड के हिसाब से वोटर लिस्ट बनाकर ड्रॉफ्ट तैयार करेंगे। वहीं, पंचायत में चुनाव बैलेट पेपर और शहरी निकाय में चुनाव ईवीएम से होगा।

91 विकास खंड, 3572 पंचायतें

प्रदेश में वर्तमान में जिला परिषद के कुल वार्डों की संख्या 250 है। इसके अलावा, दस नए विकास खंड बनने से अब प्रदेश में विकास खंडों की कुल संख्या 91 हो गई है। प्रदेश में कुल पंचायतों की संख्या 3615 थी, जिसमें 43 पंचायतें शहरी निकायों में शामिल की गई हैं। इसके बाद अब पंचायतों की संख्या घटकर 3572 रह गई है। वर्तमान सरकार के समय शहरी निकायों की संख्या में एकदम वृद्धि हुई है और अब ये करीब 50 से बढक़र 73 हो गए हैं।

वोटर लिस्ट और नामांकन प्रक्रिया बदली

हिमाचल में पंचायती राज विभाग द्वारा नोटिफाई किए गए नए नियमों को मई 2025 से लागू कर दिया है। अब परिसीमन, वोटर लिस्ट और नॉमिनेशन से लेकर नाम वापसी तक की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। अब इलेक्शन प्रोग्राम नोटिफाई होने के बाद कोई नाम वोटर लिस्ट में ऐड नहीं होगा। पहले वोटिंग से दस दिन पहले तक वोट बन जाता था। नाम वापसी को लेकर भी एक बदलाव यह है कि चुनाव की प्रक्रिया से तीसरे और चौथे दिन तक नाम वापस लिया जा सकता है। इलेक्शन प्रोग्राम जारी होने के बजाय राज्य चुनाव आयुक्त द्वारा बताई गई डेट को फाइनल माना जाएगा। नॉमिनेशन में एक प्रपोजर एक ही कैंडिडेट का नाम एक पद के लिए प्रस्तावित कर सकता है। दिया गया प्रोपोजल वापस या रद्द नहीं होगा।

: *काजा में 24.82 करोड़ से टूरिज्म को लगेंगे पंख, केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना-दो के तहत दी राशि* 

हिमाचल में स्वदेश दर्शन योजना-दो के तहत केंद्र सरकार की ओर से मां चिंतपूर्णी मंदिर में विकास कार्यों के लिए 56.26 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ पहाड़ी राज्य में टूरिज्म को विकसित किए जाने के लिए शीत मरूस्थल कहे जाने वाले लाहुल-स्पीति के काजा को 24.82 करोड़ व रकछम-छितकुल के लिए 4.96 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। कांगड़ा-चंबा के सांसद डा. राजीव भारद्वाज के संसद में पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि केंद्र ने स्वदेश दर्शन योजना-दो में हिमाचल प्रदेश के लिए उक्त राशि 2024-25 के तहत प्रदान की है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सांसद डा. राजीव भारद्वाज के पूछे गए सवाल के जबाव में सदन में बताया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में पर्यटन ढांचा सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2024-25 के दौरान स्वदेश दर्शन दो योजना के अंतर्गत मां चिंतपूर्णी देवी मंदिर के विकास कार्यों के विकास के लिए 56.26 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान स्वदेश दर्शन दो योजना के अंतर्गत चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डिवेलपमेंट के अंतर्गत लाहुल-स्पीति जिला के उपमंडल काजा में पर्यटन ढांचा विकसित करने के लिए 24.82 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जबकि रकछम छितकुल में पर्यटन ढांचा विकसित करने के लिए 4.96 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कांगड़ा लोकसभा सांसद श्री भारद्वाज को बताया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में पर्यटन ढांचा सुदढ़ करने के लिए वर्ष 2016-17 के दौरान स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत कियारीघाट, शिमला, हाटकोटी, मनाली, कांगड़ा, धर्मशाला, बीड़ , पालमपुर, चंबा हिमालयन सर्किट विकसित करने के लिए 68.34 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। उन्होंने धर्मशाला की डल झील में पिछले कुछ बरसों से पानी की लीकेज के बारे में बताया कि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है तथा केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के पास अकेले जलाशयों में पानी की लीकेज, जलाशय संरक्षण आदि कार्यक्रमों को हैंडल करने की कोई योजना नहीं है।

: *बागबानों को कार्टन की सप्लाई, एचपीएमसी डिमांड पर प्रदेश के बागबानों को भेज रहा बॉक्स* 

एचपीएमसी ने बागबानों को यूनिवर्सल कॉर्टन की सप्लाई शुरू कर दी है। बागबानों की डिमांड एचपीएमसी को मिलनी शुरू हो चुकी है, जिसके मुताबिक सप्लाई की जा रही है। पिछले दिनों यूनिवर्सल कॉर्टन के टेंडर किए गए थे, जिसके बाद इनका रेट तय कर दिया गया था। बागबान चाहते हैं कि उनको अच्छी क्वालिटी का कॉर्टन मिले, लिहाजा उन्होंने एचपीएमसी को डिमांड भेजनी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि अभी तक करसोग बेल्ट से डिमांड आ रही है, वहीं ऊपरी शिमला के लोअर बेल्ट से भी डिमांड मिलनी शुरू हो चुकी है। फागू, मतयाणा, कोटखाई से एचपीएमसी को डिमांड मिली है, जिस पर बागवानों को वहां कॉर्टन पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। बता दें कि एचपीएमसी इस काम में दक्ष है और बागबानों से जिनसे उन्हें सेब खरीदना है, उनके लिए वह कॉर्टन भी उपलब्ध करवाता है।

पिछले साल सरकार ने यहां पर यूनिवर्सल कॉर्टन शुरू कर दिया था और सरकार के निर्देश थे कि बागबानों को इसकी कमी नहीं होनी चाहिए। इस बार सभी कंपनियां कॉर्टन बना रही हैं, तो कॉर्टन की कमी तो नहीं रहेगी, परंतु इनकी क्वालिटी पर बागवान जरूर फोकस करेंगे। ऐसे में एचपीएमसी ने जिन कंपनियों के साथ टेंडर किया है, उनका कॉर्टन बेहतरीन है यह सुनिश्चित बनाया गया है। ऐसे में बागबान इन कंपनियों पर विश्वास करते हैं और एचपीएमसी को उन्होंने डिमांड भेजनी शुरू कर दी है। एचपीएमसी की मानें, तो डिमांड के अनुसार सप्लाई ऑर्डर दिए जा रहे हैं। जल्द ही सरकार के निर्देशों पर बागबानों से सेब की खरीद भी एमआईएस योजना के तहत शुरू कर दी जाएगी।

: *तिरंगा यात्रा करने वालों ने तिरंगे का किया अपमान, राष्ट्रद्रोह का मामला किया जाए दर्ज: जगत नेगी* 

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में थुनाग में हुई घटना को भाजपा का षडयंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके राष्ट्रीय ध्वज लगे सरकारी वाहन पर काले कपड़े, जूते-चप्पल फैंके गए जोकि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि उनकी गाड़ी पर पथराव और पुलिस से हाथापाई भी की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राहत कार्यों में बाधा पहुंचाने और अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए यह ड्रामा किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा करने वालों ने तिरंगे का अपमान किया है और इस घटना में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब तक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस घटना की निंदा नहीं की। राजस्व मंत्री ने कहा कि थुनाग में भाजपा पदाधिकारियों और व्यापारियों ने इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में राज्यपाल की गाड़ी रोकने पर कांग्रेस विधायकों पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया था, उनका मंत्री पद संवैधानिक पद है और घटना में संलिप्त लोगों पर हर हाल में राष्ट्रद्रोह का मामला बनता है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए वह बगस्याड़ होते हुए थुनाग पहुंचे। इस दौरान स्थानीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे भेंट कर औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग को शिफ्ट न करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महाविद्यालय को शिफ्ट करने से उनकी आजीविका और कारोबार प्रभावित होगा।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर महाविद्यालय को अस्थायी तौर पर शिफ्ट किया जा रहा है। आपदा से बने हालातों के मद्देनजर औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग में विद्यार्थियों की कक्षाएं जारी रखना संभव नहीं है। महाविद्यालय में लगभग 300 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी भेंट कर आपबीती सुनाई है और उसके बाद यह निर्णय लिया गया है। यह वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

उन्होंने कहा कि अगले दिन थुनाग में उपायुक्त, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, बिजली बोर्ड और अन्य विभागों के अधिकरियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की गई और राहत कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान थुनाग रेस्ट हाउस में 70-80 लोग एकत्रित हो गए और उनसे जबरदस्ती औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग को शिफ्ट न करवाने की घोषणा करने का दबाव डालने लगे। राजस्व मंत्री ने कहा कि उनके ज्ञापन पर विचार करने का आश्वासन भी दिया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बैठक के बाद जब वे चलने लगे तो राष्ट्रीय ध्वज लगी उनकी गाड़ी को महिलाओं, भाजपा पदाधिकारियों और व्यापारियों ने चारों तरफ से घेर लिया और काले कपड़े, जूते चप्पल फैंके गए। उन्होंने कहा कि थुनाग में विद्यार्थी किराए के कमरों में रह रहे थे और उनसे भारी भरकम किराया लिया जा रहा था। सराज में ऐसा कोई भवन नहीं था जहां औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय की कक्षाएं चलाई जा सकें।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार भाजपा के चंद ठेकेदारों के लिए विद्यार्थियों की जिंदगी को जोखिम में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी मिली है थुनाग में ज्यादातर मकान अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि जयराम सरकार ने 25-25 कमरों के रेस्ट हाउस और 17 हेलीपैड बना दिए, अगर औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास बनाया होता तो आज महाविद्यालय को संदुरनगर शिफ्ट करने की नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा कि एक फॉर्मेसी कॉलेज दो नालों के बीच बना दिया गया है। बिना किसी योजना के करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।

उन्होंने कहा कि जंजैहली में 32 करोड़ का टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स बना दिया गया और बाद में इसे भी क्लब महिंद्रा को दे दिया गया। करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि खर्च कर भवन बना दिए गए जो आज खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम 12 दिन जंजैहली और 18 दिन थुनाग बैठते हैं, लोगों के लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने यह कैसी व्यवस्था की है? उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के कुप्रबंधन के कारण हिमाचल प्रदेश कंगाली के कगार पर पहुंचा है।

जगत सिंह नेगी ने आपदा में खुलकर दान व मदद करने वाले लोगों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग दान करने वाले लोगों से बिना नाम लिखे खाली चेक मांग रहे हैं ताकि पिक एंड चूज के आधार अपने चहेतों को लाभ पहुंचा सकें। राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा दान में मिली धनराशि, राशन और अन्य सामग्री की सूची जारी करे कि किस परिवार को कितना राशन और धनराशि दी गई। उन्होंने कहा कि सरकारी सूची के साथ भाजपा की सूची का मिलान किया जाएगा ताकि किसी भी आपदा प्रभावित परिवार के साथ भेदभाव न हो।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कुछ परिवारों को किचन किट के नाम पर 10-10 प्रेशर कुक्कर दे दिए तो किसी परिवार को एक प्रेशर कुक्कर तक नहीं मिला। भाजपा राशन बांटने में भी भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा के वे स्थानीय लोगों से मिले। बहुत से परिवारों के बागीचे और भूमि पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। स्थानीय लोगों को आपदा प्रभावितों की पूरी सूची बताई गई और जो पात्र छूट गए हैं इसके लिए प्रशासन को फील्ड में जाकर रिपोर्ट तैयार करने के दिशा-निर्देश दिए गए। जगत सिंह नेगी ने कहा कि डेजी गांव सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां लोगों को विश्वास में लेकर सड़क निर्माण शुरू करवा दिया गया है। लोगों के घर सुरक्षित रहें इसके लिए वहां रिटेनिंग वॉल भी लगाई जाएगी।

राजस्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर 7-7 कैमरामैन लेकर रोज 17 किमी पैदल चलते रहे, तो ऐसे में आज चांद पर पहुंच जाते। लंबाथाच में सीनियर सेकेंडरी, मिडल स्कूल में गाद भरी है लेकिन जयराम ठाकुर आज तक यहां नहीं पहुंचे। प्राइमरी स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। महाविद्यालय भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त है। मनरेगा, युवक मंडल, महिला मंडल मिलकर गाद निकालने में जुटे हुए हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने मौके पर लोक निर्माण विभाग को राहत कार्य में तेजी लाने के दिशा निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा में संकीर्ण मानसिकता के लोग हैं जो हमेशा स्वार्थ की राजनीति करते आए हैं। उन्होंने कहा कि सराज में 60 मशीनें फील्ड में लगाई गई हैं लेकिन जयराम ठाकुर गलत और झूठा प्रचार करने में जुटे हुए हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा लोगों को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 1200 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू वर्ष 2023 की तर्ज पर राहत पैकेज लाकर आपदा प्रभावित परिवारों को फिर से बसाएंगे। प्रदेश सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और पुनर्वास में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

: *BJP ने मंत्री जगत नेगी का ही नहीं, तिरंगे का भी घोर अपमान किया है: कांग्रेस* 

स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल और कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने न केवल राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री जगत सिंह नेगी का अपमान किया है, बल्कि देश की आन-बान-शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का भी घोर अपमान किया है। दोनों मंत्रियों ने आज एक संयुक्त बयान जारी कर सिराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के इशारे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगत सिंह नेगी की गाड़ी पर लगे तिरंगे पर जूते-चप्पल और काले कपड़े फेंककर निंदनीय कृत्य किया।

मंत्रियों ने कहा, ‘तिरंगा हमारे देश की अस्मिता का प्रतीक है, जिसके सम्मान के लिए देश के अनगिनत वीर जवानों और महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस तरह तिरंगे का अपमान किया है उससे अब उनका असली चेहरा प्रदेश की जनता के सामने उजागार हो गया है। प्रदेश की जनता अब भली-भांति समझ चुकी है कि भाजपा की तिरंगा यात्राएं केवल एक दिखावा है और उनके दिल में राष्ट्रध्वज के लिए कोई सम्मान नहीं है।’ दोनों मंत्रियों ने कहा कि वे राजनीति में पांच दशक से अधिक समय से सक्रिय हैं, लेकिन उन्होंने राजनीति का इतना गिरा हुआ स्तर पहले कभी नहीं देखा।

धनी राम शांडिल और चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वानिकी महाविद्यालय को थुनाग से अस्थायी तौर पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया, लेकिन भाजपा नेता इस फैसले को मुद्दा बनाकर छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता महाविद्यालय के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी सिराज विधानसभा क्षेत्र और मंडी जिले के अन्य क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित किसानों और बागवानों की स्थिति का जायजा लेने गए थे, ताकि उनके लिए एक ठोस राहत पैकेज तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘मंडी में सेब के बाग़ीचों और फूलों की खेती के लिए बने पॉलीहाऊस को भारी नुकसान हुआ है। राजस्व मंत्री नुकसान का आकलन कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट कैबिनेट में प्रस्तुत करने जा रहे थे, लेकिन भाजपा को न किसानों की चिंता है और न तिरंगे के सम्मान की।’ मंत्रियों ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह घटिया राजनीति कर किसानों और आपदा पीड़ितों के लिए राहत प्रयासों में भी बाधा डाल रही है।

: *राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल बना पांगी, सरकार के फैसले पर जनता खुश* 

जिला चंबा के पांगी उपमंडल को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल बनाने की घोषणा से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। राज्य सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र के लोग अपनी पारंपरिक कृषि पद्धतियों का संरक्षण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे लोगों को आजीविका के स्थायी साधन भी मिलेंगे। हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा की गई घोषणा को पूरा करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। पांगी घाटी के धनवास निवासी राज कुमार ने कहा कि क्षेत्र के लोग इस निर्णय का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इस निर्णय से क्षेत्र के लोग उत्साहित हैं।

वर्तमान राज्य सरकार क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रही है। रसायनिक खेती से लोगों की जमीन बंजर हो रही थी और पांगी से बाहर रहने वाले कुछ परिवारों ने अपनी जमीन लीज पर दी है। सरकार के इस सराहनीय निर्णय से अब लोगों का रूझान अब अपने गांवों की तरफ बढ़ेगा और इससे लोगों का पलायन रुकेगा। इस अधिसूचना के जारी होने से क्षेत्र के किसानों में आशा की एक नई किरण जगी है और कई किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धति को अपनाना शुरू कर दिया है। वर्तमान में घाटी में लगभग 2,244 किसान परिवार सक्रिय रूप से रसायन.मुक्त खेती कर रहे हैं और सरकार अब कृषि, बागवानी और अन्य कृषि क्षेत्रों को कवर करते हुए 2,920 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को शत प्रतिशत प्राकृतिक खेती में बदलने की योजना बना रही है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि यह एक स्वागत योग्य कदम है। प्राकृतिक खेती पद्धति से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है और शून्य लागत कृषि पद्धति होने से किसानों को आशातीत लाभ मिलता है। उनका कहना है कि प्राकृतिक खेती उप.मंडल बनाने से क्षेत्र में पैदा होने वाले उत्पादों को एक अलग पहचान मिलेगी और बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। पुंटो गांव की शीला देवी और सुनीता कुमारी का कहना है कि वे साधन संपन्न नहीं हैं, इसलिए वे अपने उद्यम स्थापित नहीं कर सकते हैं। यहां लोगों के पास छोटे.छोटे खेत हैं जिस पर वे रसायन मुक्त कृषि पद्धति को अपनाकर आने वाली पीढिय़ों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर कृषि विभाग ने किसानों को प्रशिक्षण, सहयोग और क्षमता निर्माण प्रदान करने के उद्देश्य से एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। यह योजना चरणबद्ध और विकेन्द्रीकृत तरीके से लागू की जाएगी। पहले चरण में गांव स्तर पर योजना निर्माण, आवश्यकताओं का आकलन और किसानों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। इसके उपरान्त किसानों के लिए प्राकृतिक खेती के दृष्टिगत व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और खेतों में जमीनी स्तर पर प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया जाएगा। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक सहयोग समय पर सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर बॉयो इनपुट रिसोर्स सेंटर बीआरसी स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से बीजामृत, जीवामृत, दशपर्नी अर्क, अग्निअस्त्र जैसे प्राकृतिक उत्पाद उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिन किसानों के पास गाय नहीं है उन किसानों के प्रशिक्षण में ये केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और जानकारी के आदान.प्रदान के लिए सामुदायिक मंच के रूप में भी कार्य करेंगे।

इसके उपरान्त आगामी चरणों में अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा जिसमें पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास शामिल होगा। इसके अतिरिक्त किसानों के संगठनों को मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन, किसान उत्पादक कम्पनियों के गठन को बढ़ावा दिया जाएगा। सूरल ग्राम पंचायत के प्रधान दीपक कुमार ने कहा कि यह हमारे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलें किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम दिलवाएंगी। उन्होंने कहा कि वह राज्य सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आभारी हैं जिन्होंने पांगी घाटी की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए व्यक्तिगत रूचि दिखाई और क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वाकांक्षी निर्णय लिए।

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य के जनजातीय क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों के लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कई नवीन योजनाएं आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला हिमाचल दिवस कार्यक्रम काजा में आयोजित किया और मुख्यमंत्री स्वयं भी सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य के लोगों की कठिनाइयों और समस्याओं को जानने के लिए प्रदेश के दूर.दराज और कठिन इलाकों का दौरा कर रहे हैं।

: *ऊना में दिनदहाड़े चली गोलियां, सैलून में बाल कटबा रहे युवक की हत्या, जांट में जुटी पुलिस* 

 जिला ऊना के बसाल बाजार में गोलीबारी की घटना पेश आई है। यहां रविवार दोपहर को सैलून में बाल कटवा रहे युवक की दो अज्ञात बदमाशों ने दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक युवक की पहचान राकेश कुमार ऊर्फ गगी निवासी अपर अरनियाला जिला ऊना के तौर पर हुई है। हादसे के समय राकेश सैलून में बाल कटबा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उसपर गोली दाग दी। आनन फानन में युवक को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

: *30 साल का इंतजार खत्म, भुंतर का नया पुल बनकर तैयार, MLA सुंदर ठाकुर ने किया उद्घाटन* 

 कुल्लू जिले के भुंतर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 30 साल पुराना सपना पूरा हुआ और भुंतर में नया पुल बनकर तैयार हो गया है। इस पुल के निर्माण से क्षेत्रवासियों को आवाजाही में मिलने वाली दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। नया पुल आधुनिक तकनीक से बनाया गया है, जिससे भारी वाहनों का आना-जाना भी आसान होगा। पहले यहां का पुराना पुल जर्जर हो चुका था, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। बरसात के मौसम में तो खतरा और बढ़ जाता था।

स्थानीय निवासियों ने खासतौर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर व सरकार और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि पुल बनने से व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं में बड़ी सुविधा मिलेगी। अब कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी। पिछले कई सालों से लोग पुल की जर्जर हालत को लेकर खासे परेशान थे। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के अथक प्रयासों से ही यह सब संभव हो सका है। उन्होंने इस पुल को बनाकर पूरे जिला को सुविधा प्रदान की। आज तक जितनी सरकारें आईं और गईं, लेकिन ने किसी ने भी इस पुल को बनाने के बारे में नहीं सोचा। आज पुल बनकर तैयार हुआ। इसका श्रेय केवल कुल्लू सदर के विधायक को ही जाता है और वही बधाई के पात्र हैं। वही, यहां रविवार को भारी संख्या में स्थानीय लोग उद्घाटन अवसर पर पहुंचे। पुल बनने को लेकर सभी की खुशी देखे वाली थी।

भुंतरवासी बोले यह शहर के बड़ा तोहफा

स्थानीय शहर के निवासी एवं जिला सहकार संघ के अध्यक्ष अनिल सूद का कहना है कि कार्य जिला कुल्लू में विकास को लेकर विधायक सुंदर सिंह कर रहे हैं, उसकी जितनी सराहना किया जाए कम है। उन्होंने कहा कि जिला से कई बड़े नेता रहे, लेकिन किसी ने इस पुल के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि विधायक जनता की समस्या को समझते हैं और विकास करने में विश्वास रखते हैं, फिर चाहे कोई भी कुछ कहे। विधायक के विकास को लेकर काम करने के तरीके से जनता खुश है। लेकिन कुछ लोगों को जरूर दर्द हो रहा होगा। जो स्वयं कुछ आज तक जनता के हित के लिए नहीं कर सके हैं।

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