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: *शिमला मे सरिया लेने के लिए ऑनलाइन ढूंढा नंबर, शातिर ने फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर बता ठग लिए 11.35 लाख*
प्रदेश में आए दिन साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। साइबर ठग अब ऑनलाइन सर्च किए गए नंबर के जरिए भी लोगों को झांसे में फंसा रहे हैं। साइबर ठगों ने शिमला के जुब्बल निवासी गोविंद सिंह से 11.35 लाख रुपए ठगे हैं। पीडि़त कारोबारी की रोहडू में ज्वेलरी की दुकान है। मामले की शिकायत पीडि़त कारोबारी ने पुलिस के पास दर्ज करवाई है, वहीं पुलिस ने पीडि़त कारोबारी की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गोविंद सिंह को अपने निजी निर्माण कार्य के लिए भारी मात्रा में सरिए की आवश्यकता थी। 25 अप्रैल को उन्होंने ऑनलाइन टाटा स्टील कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर का नंबर सर्च किया।
इसी दौरान एक शातिर ठग ने खुद को टाटा स्टील का एरिया मैनेजर आलोक कुमार बताकर उनसे संपर्क किया। साइबर ठगों ने गोविंद सिंह को झांसे में फंसाकर 15 टन सरिए का ऑर्डर बुक कराया और एडवांस में 11,35,650 रुपए की ऑनलाइन भुगतान करवा लिया। गोविंद सिंह को भरोसा था कि वह सीधे कंपनी से माल खरीद रहे हैं, लेकिन तय समय पर जब सरिया नहीं पहुंचा और ठग से भी संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत रोहड़ू थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। उधर, एएसपी शिमला नवदीप सिंह का कहना है कि पुलिस ने पीडि़त कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना रोहडू में बीएनए की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। एएसपी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी कंपनी से ऑनलाइन खरीदारी करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी कार्यालय से पुष्टि अवश्य कर लें।
: *सलूणी-लंगेरा मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटी जीप, 20 से अधिक लाेग घायल*
चम्बा-लंगेरा मार्ग पर शिरवास के पास एक पिकअप जीप सड़क पर पलट गई। इस हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। *जानकारी के अनुसार मंगलवार को 35 लोग पिकअप जीप (एचपी 73ए-3864) में सवार होकर शादी समारोह के लिए किहार से लंगेरा की ओर छक के लेकर जा रहे थे।* जब पिकअप जीप शिरवास के पास पहुंची तो चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते गाड़ी सड़क पर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके प पहुंची तथा लोगों के सहयोग से घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नागरिक अस्पताल किहार पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा रैफर कर दिया, जबकि हल्की चोटों से ग्रस्त मरीजों को प्राथमिक उपचार देने उपरांत छुट्टी दे दी।
*घायलों को फौरी राहत राशि न देने पर जताया रोष*
वहीं पुलिस टीम ने मौके पर दुर्घटना संबंधित साक्ष्य जुटने के उपरांत गाड़ी चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज राफ्तरी में वाहन चलाने पर भारतीय दंड सहित की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पूर्व अध्यक्ष डीएस पठानिया ने भी दुर्घटनास्थल और अस्पताल में पहुंचे और घायलों का कुशलक्षेम जाना। वहीं दुर्घटना में घायलों को प्रशासन की ओर से फौरी राहत राशि न देने पर लोगों ने प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया है। वहीं नायब तहसीलदार संजय कुमार ने बताया प्रशासन ने घायलों की सूची तैयार कर ली है और घायलों को अस्पताल में जाकर फौरी राहत राशि कल वितरित की जाएगी। उधर, एसपी चम्बा अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस थाना किहार में चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
*हादसे में ये हुए घायल*
जीप हादसे में अमरो पुत्र पृथ्वीराज निवासी गांव कशीरी पंचायत किहार, रिया देवी पुत्री सुरिंदर कुमार निवासी गांव घुडेई, मुकेश पुत्र शिव राम निवासी गांव कशीरी, उत्तम पुत्र अमरु निवासी गांव जंदराई, ओम प्रकाश पुत्र अमर सिंह निवासी गांव गरेली पंचायत स्नूह, अशोक कुमार पुत्र प्रह्लाद निवासी गांव जंदराई, मनोज कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी गांव गगल पंचायत स्नूह, तिलक राज पुत्र अमरु निवासी गांव जंदराई, मान सिंह पुत्र पंछी राम निवासी गांव चोईनंडी, हंसराज पुत्र वजीरु निवासी गांव भसुआ, रीता पत्नी जोगिंद्र कुमार निवासी गांव गगल, निशा कुमारी पत्नी नरेश कुमार निवासी गांव गगल, जय सिंह पुत्र बेसु राम निवासी गांव गगल, पूजा देवी पत्नी देस राज निवासी गांव कशीरी, गीता पत्नी बेसु राम निवासी गांव गगल, बबीता पत्नी राज कुमार निवासी गांव गगल, कांता निवासी गांव गगल, भारती पत्नी रविन्द्र कुमार निवासी गांव गगल, बॉबी पुत्री किशन लाल निवासी गांव भसुआ, हंसराज पुत्र पुन्नू राम निवासी गांव उछानू पंचायत डांड, सन्नी पुत्र जय राम निवासी गांव गंहेत्रा, विजय कुमार पुत्र माधो राम निवासी गांव गरेली, दरुण शर्मा पुत्र तिलक राज निवासी गांव चाउइंडी और जय सिंह घायल हुए हैं।
: *PM की सेना को खुली छूट, हाई लेवल मीटिंग में बोले मोदी, टारगेट, समय और तरीका आप तय करें*
तीनों सेना अध्यक्षों के साथ हाई लेवल मीटिंग में बोले मोदी; टारगेट, समय और तरीका आप तय करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर मंगलवार को तीनों सेना अध्यक्षों संग बुलाई गई हाई लेवल मीटिंग में आतंकवाद पर सख्ती के लिए सेना को खुली छूट दे दी है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलहाकार अजित डोभाल और सीडीएस अनिल चौहान भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र
बलों की पेशेवर क्षमताओं में पूर्ण विश्वास और भरोसा जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेना को हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने की पूरी परिचालन स्वतंत्रता है। बैठक में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह मौजूद रहे। लगभग 90 मिनट तक चली इस बैठक में पहलगाम हमले के बाद की सुरक्षा स्थिति, आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशनों और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक से एक दिन पहले हुई है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर निर्णय लेने वाली सरकार की सर्वोच्च संस्था है।
माना जा रहा है कि यह पाकिस्तान के खिलाफ बड़े ऐक्शन की तैयारी है। इस बैठक में पिछले सप्ताह पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद के हालात और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर सख्त रुख अपनाया है और पहलगाम के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर, पहलगाम आतंकी हमले के बाद मंगलवार को गृह मंत्रालय में एक अहम बैठक हुई। इस हाईलेवल बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सशस्त्र सीमा बल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह सभी कवायद बुधवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक से पहले हो रही हैं। बुधवार को ही पीएम की अध्यक्षता में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की भी बैठक होने वाली है।
: *Himachal Cabinet Meeting: 5 मई को होगी कैबिनेट बैठक, होंगे कई महत्वपूर्ण फैसले*
बजट घोषणाओं पर फैसलों का इंतजार
प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक 5 मई को होगी। इस दिन दोपहर तीन बजे मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले होंगे। खासकर जो घोषणाएं सीएम ने अपने बजट में कर रखी हैं उनके प्रस्ताव विभाग बनाकर कैबिनेट में लाएंगे। बताया जाता है कि मंत्रिमंडल की इस बैठक में काफी ज्यादा एजैंडा आइटम होंगे लिहाजा देर तक यह बैठक चल सकती है। इसमें कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों पर फैसले होंगे वहीं कुछ सब कमेटियों की सिफारिशों को भी इसमें रखा जाएगा जिसपर मंत्रिमंडल के सदस्य चर्चा कर निर्णय लेंगे। चाहे वो कर्मचारियों को दी जाने वाली कम्यूटेशन का मामला हो या फिर कर्मचारियों की रिटायरमेंट ऐज से जुड़ा मसला हो। सरकार की मुकेश अग्रिहोत्री की अध्यक्षता में बनी रिसोर्स मोबलाइजेशन की कमेटी की सिफारिशों पर चर्चा इस बैठक में होगी जिसमें सरकार को मितव्यतता बरतने के कुछ सुझाव दिए गए हैं साथ ही शिमला से दफतरों को शिफ्ट करने की भी बात कही गई है। इस कमेटी ने कहा है कि यदि सरकार कर्मचारियों कर रिटायरमेंट ऐज एक साल आगे बढ़ाती है तो इससे अभी सरकार को उनकी देनदारी चुकता नहीं करनी पड़ेगी और इससे सरकार फिलहाल राहत ले सकती है।
क्योंकि इस साल आर्थिक हालात उतने अच्छे नहीं है। इसपर कैबिनेट वित्त विभाग से प्रेजेंटेशन ले सकती है और जान सकती है कि इस साल के वित्तीय हालात कैसे रहेेंगे और अगले साल किस तरह के हालात होंगे। रिटायरमेंट ऐज बढऩे से किस तरह से फायदा होगा और इसकी कमियां क्या रहेंगी। क्योंकि बेरोजगार तबका इसे लेकर भडक़ा हुआ है मगर सरकार कड़े फैसले लेने के लिए मानी जाती है और कोई भी बड़ा निर्णय सरकार ले सकती है। इसके अलावा भी नई भर्तियों को लेकर कुछ मामले कैबिनेट की बैठक में आ सकते हैं। हाल ही में सीएम ने होम गार्ड में 700 जवानों की भर्ती के लिए कहा है जिसका प्रस्ताव भी यहां लाया जा सकता है वहीं शिक्षा विभाग में टीजीटी की भर्तियों का भी निर्णय हो सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों की खरीद को लेकर भी मामला आ सकता है जिसपर सरकार ने बजट में भी फोकस किया था। साथ ही आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में पूरा स्टाफ लगाने के लिए भी कोई निर्णय हो सकता है। इस तरह के कई महत्वपूर्ण निर्णय अपनी इस कैबिनेट बैठक में लेने जा रही है।
: *अपनी इच्छा शक्ति से करता हूं काम, मंत्री पद नहीं छोड़ूंगा, शांडिल बोले, मेरी उम्र पर टिप्पणियां करता है विपक्ष*
सोलन में बोले स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, मेरी उम्र पर टिप्पणियां करता है विपक्ष
‘मेरी आयु को लेकर विपक्ष कई तरह के टिप्पणियां करता है, लेकिन मैं अपनी इच्छाशक्ति से कार्य करता हूं और कभी भी विपक्ष के कहने से मंत्री पद नहीं छोड़ूंगा। मैं आगे भी प्रदेश की जनता के लिए निष्ठावान होकर कार्य करता रहूंगा।’ यह कहना है प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डा. धनीराम शांडिल का। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस संगठन की कार्यकारिणी को लेकर कांगे्रस सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मिलने के लिए दिल्ली जाउंगा। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द कार्यकारिणी का गठन होना आवश्यक है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय नागरिकों की नृशंस एवं कायरतापूर्ण हत्या पूरे देश के लिए दु:ख का क्षण है और पूरा देश इस कायर कृत्य की निंदा कर रहा है। डा. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री ने कहा कि सोलन के कथेड़ में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय अस्पताल का कार्य 50 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है और अब तक निर्माण कार्य पर 62 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 11 माह की अवधि में इस कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।
आधुनिक मशीनें मिलेंगी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष सभी अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक मशीनें स्थापित करने पर 1730 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन सहित विभिन्न अन्य अस्पतालों में एमआरआई. मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। आईजीएमसी शिमला में पेट स्कैन सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों के खाली पड़े पद भरे जा रहे हैं।
8.24 लाख को पेंशन
डा. शांडिल ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 1410 करोड़ रुपए खर्च कर आठ लाख 24 हजार 928 लोगों को लाभ दिया गया। इस वर्ष 37 हजार नए पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाने पर अतिरिक्त 67 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सोलन जि़ला में गत दो वर्ष से अधिक के कार्यकाल में 172 करोड़ रुपए व्यय कर 51570 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य कल्याण योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया है।
: *शिमला से धर्मशाला शिफ्ट किए जाएं दफ्तर*
धर्मशाला के प्रतिनिधिमंडल ने की सीएम से मुलाकात
राजधानी शिमला में दफ्तरों के बढ़ते बोझ और उनके विस्तार में आ रही अड़चनों पर जिला कांगड़ा में पहल के साथ-साथ संवेदनशीलता भी दिखाई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था परिवर्तन के साथ विकेंद्रीयकरण की सोच के साथ स्वर मिलाते हुए धर्मशाला के नेताओं ने कुछ बड़े दफ्तर राजधानी से बाहर भेजने की वकालत की है। धर्मशाला के लोग चाहते हैं कि शिमला से कुछ सरकारी दफ्तर धर्मशाला शिफ्ट किए जाने चाहिएं, क्योंकि इससे एक तो संभावित विस्तार हो सकेगा और दूसरा राजधानी पर बढ़ता बोझ कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंगलवार को यहां कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी के नेतृत्व में धर्मशाला के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिमला सहित विभिन्न स्थानों पर किराए के मकानों में चल रहे सरकारी कार्यालयों को धर्मशाला में खाली पड़े सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम करने के साथ-साथ कुछ शहरी क्षेत्रों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी।
खासकर शिमला जैसे क्षेत्र में जहां पर पर्यटकों की भी अत्यधिक भीड़ है और आबादी भी काफी ज्यादा हो चुकी है, ऐसे में यहां पर मौजूद सरकारी दफ्तरों में से कुछ को धर्मशाला बदला जाना चाहिए, जहां सरकारी भवन खाली पड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। धर्मशाला कांग्रेस का तर्क है कि राजधानी शिमला में हर तरह का बढ़ता बोझ पर्यटकों को परेशान करता है। चूंकि शिमला दुनिया के बेहतरीन पर्यटक स्थलों में शुमार है। इसलिए इसे राजनीति गतिविधियों और दफ्तरों के जंजाल के छुड़ाना आवश्यक है। किसी भी विस्तार के लिए राजधानी से उसकी शान देवदार समेत अन्य पेड़ कटते हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। यहां बारिश और बर्र्फबारी कम हो रही है, जो पयटकों को निराश कर रही है।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि धर्मशाला के नेताओं की व्यावहारिक सोच पर सरकार काम कर रही है। अब समय आ गया है जब प्रदेश के नेताओं और जनता को राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में हाथ बंटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब सवा दो साल के कार्यकाल में कुछ सख्त निर्णय लिए हैं, जिनके लाभ भविष्य में सामने आएंगे।
: *HRTC News: एचआरटीसी बसों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जरूरी, नियमों की अवहेलना पर होंगे चालान*
परिवहन विभाग ने दिए निगम को निर्देश, नियमों की अवहेलना पर होंगे चालान
एचआरटीसी की सभी बसों में अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगानी होगी। परिवहन विभाग ने परिवहन निगम को इस संबंध में सख्त हिदायत दी है और कहा है कि ऐसा नहीं होने पर बसों के चालान किए जाएंगे। खासकर शिमला में तो आरटीओ ने बसों को रोककर चालकों को हिदायतें दी हैं, वहीं इनके आरएम को भी निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि इसके बाद पथ परिवहन निगम ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट चरणबद्ध ढंग से लगाने का काम शुरू कर दिया है। गौर हो कि एचआरटीसी की बसें अभी तब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के ही दौड़ रही हैं। नियमों का पता होने के बावजूद परिवहन निगम ने इसकी अनुपालना नहीं की है, जिससे अब परिवहन विभाग नाराज है और उसने कार्रवाई शुरू कर दी है। अभी तक सरकारी बसें होने के चलते इनके चालान काटने की कार्रवाई नहीं हो रही है, मगर अब इनको भी बख्शा नहीं जाएगा। ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू होने के बाद इसे अनिवार्य कर दिया गया है। हाल ही में आरटीओ शिमला अनिल शर्मा की टीम ने नाके के दौरान शिमला के उप नगर टुटू में एचआरटीसी की बसों को रोका और नंबर प्लेट के बारे में पूछा। इसके बाद विभाग ने इस मामले को एचआरटीसी प्रबंधन के समक्ष उठाया।
निगम प्रबंधन ने इसके लिए अब अधिकारी की तैनाती कर दी है। पूरे प्रदेश में एचआरटीसी की जितनी भी बसें हैं, उन सब में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाएगी। चरणबद्ध तरीके से यह कार्य किया जाएगा, जिसके लिए पथ परिवहन निगम ने किसी कंपनी से बात की है। निगम ने आश्वस्त किया है कि अगले कुछ दिनों में इस काम को पूरा कर देंगे। बता दें कि यदि किसी वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है, तो उनका केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत चालान होता है। ई-डिटेक्शन सिस्टम एक ऐसा अत्याधुनिक निगरानी तंत्र है, जिसे विशेष रूप से हाइवे पर गाड़ी चलाते समय कागजातों की जांच करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके टोल प्लाजा पर गुजरने वाली हर गाड़ी के दस्तावेजों की जांच करता है। बता दें कि पथ परिवहन निगम के पास 2500 से ज्यादा बसें हैं और अभी किसी भी बस में मानकों के अनुसार इस तरह की नंबर प्लेट्स नहीं लगाई गई हैं, जबकि यह जरूरी प्रक्रिया है। देखना होगा कि कब तक यह काम पूरा हो पाता है।
: *पाकिस्तान के लिए बंद होंगे भारत के हवाई क्षेत्र*
सिंधु जल संधि खत्म करने के बाद पड़ोसी दुश्मन को एक और झटके की तैयारी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कार्रवाई लगातार जारी है। सिंधु जल संधि को खत्म करने के बाद भारत सरकार अब पाकिस्तान के विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खास बात है कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद एनएससी की बैठक में पाकिस्तान ने भारत के विमानों के लिए हवाई क्षेत्र पर रोक लगा दी थी। सूत्रों के अनुसार भारत सरकार पाकिस्तानी जहाजों को देश की बंदरगाहों पर आने से भी रोक सकती है।
साथ ही पाकिस्तानी विमानों की भी हवाई क्षेत्रों में एंट्री बैन कर सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादी हमले के आरोपियों को कड़ी सजा देने की बात कही है। अगर भारत सरकार की तरफ से एयर स्पेस पर बैन लगाने का फैसला किया जाता है, तो पाकिस्तान के विमानों को दक्षिण पूर्व में कुआलालंपुर जैसे स्थानों पर जाने के लिए चीन या श्रीलंका जैसे देशों के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करना पड़ेगा। हालांकि, खबरें ये भी हैं कि पाकिस्तानी विमान पहले ही भारतीय हवाई क्षेत्र में आने से बच रहे हैं।
चार गुणा बढ़ जाएगी चीन-पाकिस्तान की दूरी
पाकिस्तान की एयरलाइनों को अब तक भारत के एयरस्पेस के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और चीन तक पहुंचने में कम समय और ईंधन लगता था। उदाहरण के लिए पाकिस्तान से चीन तक वर्तमान हवाई मार्ग के अनुसार हवाई जहाज को सिर्फ 805 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है और यह सफर औसतन चार घंटे 37 मिनट में पूरा हो जाता है, लेकिन अगर भारत अपना एयरस्पेस बंद कर देता है, तो पाकिस्तान को लंबा और जटिल मार्ग अपनाना होगा, जिससे यह दूरी करीब 3,312 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी। इस नए रूट से पाकिस्तान से चीन तक की उड़ान अवधि पांच घंटे 35 मिनट से भी ज्यादा हो सकती है और ईंधन की लागत में भारी इजाफा होगा। न सिर्फ समय बल्कि संसाधनों और परिचालन खर्चों में भी कई गुना वृद्धि होगी, जिससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
: *फर्जी निकला कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, CBI के बाद ED ने भी सुरेश कलमाड़ी और अन्यों को दी क्लीन चिट*
सीबीआई के बाद ईडी ने भी सुरेश कलमाड़ी और अन्यों को दी क्लीन चिट
2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) में मनी लांड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवन्यू कोर्ट ने ईडी की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ईडी की जांच में मनी लांड्रिंग का कोई सबूत नहीं मिला, इसलिए इस मामले को और आगे बढ़ाने का कोई भी कारण नहीं है। राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज संजीव अग्रवाल ने कहा कि ईडी ने सीबीआई के भ्रष्टाचार वाले केस के आधार पर मनी लांड्रिंग की जांच शुरू की थी, लेकिन सीबीआई पहले ही भ्रष्टाचार के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर चुकी है। साथ ही ईडी की जांच में भी अपराध का कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने पूर्व कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी, महासचिव ललित भनोट और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर मनी लांड्रिंग की जांच को समाप्त कर दिया। इसी के साथ 15 साल पुराना सीडब्ल्यूजी घोटाला केस समाप्त हो गया।
गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अक्तूबर 2010 में हुआ था। तमाम आरोपों और कैग रिपोर्ट के बाद सीबीआई ने एक दर्जन से ज्यादा केस दर्ज किए। इसके बाद अप्रैल 2011 में सुरेश कलमाड़ी को सीडल्यूजी (ओसी) के प्रेजिडेंट पद से बर्खास्त किया गया। कुछ दिन बाद ही उनकी गिरफ्तारी हुई और फिर नौ महीने तक वह तिहाड़ जेल में रहे। हाई कोर्ट ने 19 जनवरी, 2012 को उन्हें जमानत दी थी। सीबीआई ने तब कहा था कि कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े ठेके गेम्स वर्कफोर्स सर्विस और गेम्स प्लानिंग, प्रोजेक्ट एंड रिस्क मैनेजमेंट सर्विसेज को दिए गए। इससे आयोजन समिति को 30 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि भ्रष्टाचार का सबूत नहीं मिलने पर सीबीआई ने जनवरी 2014 में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी।
कांग्रेस बोली, झूठ का मायाजाल खत्म हुआ, अब माफी मांगें पीएम मोदी और केजरीवाल
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला मामला समाप्त होने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि झूठ का मायाजाल खत्म हुआ और आरोपों का किला धराशायी हो गया। उन्होंने भाजपा और आप पर आरोप लगाया कि इन दोनों दलों ने सत्ता में आने के लिए तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जैसी शख्सियतों को बदनाम किया। अब मामले में क्लीनचिट मिलने के बाद पीएम मोदी और अरविंद केजरीवाल को देश और दिल्ली की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
: *टाहलीवाल में युवक पर खूनी हमला, हाथ की अंगुली काटी, पुरानी रंजिश के चलते मारपीट, हमलावर फरार*
पुरानी रंजिश के चलते मारपीट, हमलावर फरार
वीडियो वायरल, पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर शुरू की छानबीन
टाहलीवाल में सोमवार रात मारपीट का मामला सामने आया है। 32 सेकेंड का ये खौफनाक वीडियो रौंगटे खड़े कर देने वाला है, जिसमें एक युवक के हाथ की एक अंगुली कट गई है और युवक लहूलुहान हालत में सडक़ के बीच गिरा पड़ा है। हमला करने वाले चार से पांच युवक फरार चल रहे हैं। टाहलीवाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमला करने वाले युवकों की पहचान कर ली है, जिनकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई है। घायल युवक को गंभीर हालत में पीजीआई रैफर कर दिया गया है, जहां इसका उपचार जारी है।
घायल युवक की पहचान लखबिंद्र कुमार निवासी गांव पंजुआणा के रूप में हुई है। हमले का कारण इन युवकों की पुरानी रंजिश बताया जा रहा है। जानकारी मुताबिक जब लखबिंद्र किसी समारोह से वापस लौट रहा था तो टाहलीवाल में चार से पांच युवाओं ने इसके ऊपर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहन तफ्तीश में जुटी हुई है।
: *पूरी दुनिया की निगाह धर्मशाला पर, होने जा रहा है कुछ बड़ा, 4 से 11 मई तक जमेगा धर्मशाला में रंग*
धर्मशाला पर टिकेगी पूरी दुनिया की निगाह, खूबसूरत वादियों के बीच IPL का रोमांच, 900 जवानों के कंधे पर सुरक्षा की जिम्मेदारी
मई महीने की शुरआत से लेकर अगले 12 दिन तक अब पूरी दुनिया की निगाहें हिमाचल के धर्मशाला पर टिकने वाली है, और इसकी वजह बेहद खास है। क्योंकि धौलाधार की बर्फ से लकदक पहाडिय़ों की तलहटी और समुद्र तल से 1450 मीटर ऊंचाई पर विश्व के सबसे खुबसूरत स्टेडियम में शुमार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में आईपीएल का रोमांच देखने को मिलेगा। पंजाब किंग्स के होम ग्रांउड धर्मशाला स्टेडियम में चार से 11 मई तक क्रिकेट फीवर छाएगा। जाहिर है क्रिकेट प्रेमी उत्साही हैं..लेकिन क्रिकेट के इस महाकुंभ के लिए तैयारियां कैसी हैं. ये जानने के लिए हमारे संवाददाता नरेन और विनोद कुमार सीधा पहुंचे ग्राउंड जीरों पर। तो चलिए आपको भी लिए चलते हैं खूबसूरत मैदान के बीच और दिखाते हैं इस बार धर्मशाला में कितना मचने वाला है धमाल ।
तो देखिए तैयारियां लगभग पूरी है…लखनऊ के कुछ खिलाड़ी धर्मशाला पहुंच गए हैं । पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। जिसमें टीमों के एक मई से पहले 30 अप्रैल को ही पुलिस जवानों की शहर के चप्पे-चप्पे में तैनाती कर दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में होने वाले तीन आईपीएल मैचों के लिए पुलिस मैदान धर्मशाला, फुटबॉल ग्रांउड चरान व दाड़ी मेला ग्रांउड में पार्किगं की व्यवस्था की जाएगी… इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में आईपीएल मैचों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के साथ ही शहर में ट्रैफिक प्लान बनाया जा रहा है। पुलिस मैदान, फुटबॉल ग्रांउड व दाड़ी में वाहनों की पार्किगं की जाएगी। जबकि पुलिस विभाग की ओर से 900 के करीब जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए जाने की योजना बनाई जा रही है। जिसके लिए आधा दर्जन के करीब सेक्टर बनाए जा रहे हैं।
तो देखिए अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं, इंद्रूनाग का पूजा भी हो चुकी है, उनका आशीर्वाद हर साल मैच के दौरान काफी अहम रहता है। क्योंकि दुनिया भर में ये आपको सिर्फ हिमाचल में ही देखने को मिलेगा जहां मैंच हो या फिर कोई अन्य आयोजन, इसले पहले देवी-देवताओं से आशीर्वाद लेना अनिवार्य माना जाता है। विशेषकर मैच में इंद्रुनाग का आशीर्वाद काफी मायने रखता है। अगर उनकी कृपा रहती है तो चाहे मौसम कितना भी खराब बताया गया हो बारिश नहीं होती है। और अगर वो अपना आशीर्वाद न दें तो कई बार देखा गया है कि धर्मशाला में कई मैच बारिश की भेंट भी चढ़ चुके हैं।
इसके अतिरिक्त इस साल क्रिकेटप्रेमियों से लेकर क्रिकेटर तक उत्साहित है, उम्मीद की जा रही है कि तीन मैचों से हिमाचल में पर्यटन कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने इन मैचों के लिए खास तैयारियां की हैं। निगम के होटलों में ठहरने वाले सैलानियों को लजीज हिमाचली व्यंजन और पेय परोसे जाएंगे। उम्मीद है कि क्रिकेट का ये महाकुंभ पर्यटन को भी संजीवनी देगा।
: *टैक्सियों-बसों में लगाए डस्टबिन, एचआरटीसी बसों में भी व्यवस्था, आज से फील्ड में उतरेंगे आरटीओ*
हिमाचल प्रदेश में टैक्सियों व बसों समेत दूसरे कॉमर्शियल व्हीकल में डस्टबि की व्यवस्था शुरू हो गई है। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि अभी तक सरकार की ओर से कोई लिखित आदेश उनको जारी नहीं हुए हैं, परंतु फिर भी मीडिया रिपोट्र्स के आधार पर उन्होंने अपने वाहनों में ऐसी व्यवस्था कर दी है। क्योंकि यह प्रदेश के पर्यावरण के लिए जरूरी है लिहाजा वो इसमें पूरा सहयोग देंगे। प्रदेश भर के टैक्सी ऑपरेटरों ने अपने वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था कर दी है, तो वहीं एचआरटीसी ने भी अपनी बसों में इसकी व्यवस्था कर दी है। साथ ही प्राइवेट बस ऑपरेटर भी सरकार के इस नियम को मानने को पूरी तरह से तैयार हैं और प्राइवेट ऑपरेटरों ने भी सभी वाहन मालिकों को इस संबंध में ताकीद की है, जिन्होंने व्यवस्था कर दी है। मंगलवार से प्रदेश में यह नियम लागू हो गए हैं जिन पर बुधवार से सख्ती से अमल होगा।
बुधवार से सरकारी मशीनरी एक्शन मोड में आएगी और परिवहन विभाग के सभी आरटीओ फील्ड में उतरेंगे। जिस किसी के भी कॉमर्शियल व्हीकल में डस्टबिन की व्यवस्था नहीं होगी उसे 10 हजार रुपए का जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है।यहां एचआरटीसी ने अपने सभी आरएम को निर्देश जारी किए हैं। निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि सभी बसों में डस्टबिन की व्यवस्था की जा रही है। डस्टबिन खरीदकर वाहन चालकों का सौंप दिए हैं । प्रदेश सरकार ने वाहन में कार बिन्स न लगाने पर 10 हजार रुपए और जैव कचरा इधर-उधर फेंकने पर 1500 रुपए का जुर्माना निर्धारित किया है। यह प्रावधान मंगलवार से पूरे राज्य में लागू कर दिया है। अवकाश के कारण चैकिंग नहीं हो सकी मगर बुधवार से पूरे प्रदेश में चैकिंग का दौर शुरू कर दिया जाएगा।
: *Himachal News: शिमला से धर्मशाला जाएगा वाइल्ड लाइफ विंग, कैबिनेट में हो सकता है फैसला*
वन विभाग के वन्य प्राणी प्रभाग को बदलने की तैयारी, कैबिनेट में हो सकता है फैसला
वन विभाग के वाइल्ड लाइफ विंग दफ्तर को शिमला से धर्मशाला के लिए बदला जा सकता है। प्रदेश सरकार इस तरह का महत्त्वपूर्ण फैसला आने वाली कैबिनेट बैठक में ले सकती है। सूत्रों के अनुसार इस तरह का प्रस्ताव तैयार है और मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए इसे भेजा जाएगा। वन विभाग के वन्य प्राणी प्रभाग का काम अब कांगड़ा जिला में काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। सरकार बगलामुखी में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के जू का निर्माण करवा रही है और उसके लिए महत्त्वपूर्ण होगा कि धर्मशाला से ही वन्य प्राणी प्रभाग चले। बगलामुखी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के जू के लिए जरूरी है कि उसके कामकाज पर पूरी नजर रखी जाए और उसकी जरूरतों को समय रहते वहां पर पूरा किया जा सके। ऐसे में पांच मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री की अधिकारियों के साथ चर्चा हो चुकी है और उनको सरकार की तरफ से कुछ निर्देश इस संबंध में दिए गए थे। सरकार चाहती है कि कांगड़ा जिला में पौंग डैम की गतिविधियों को भी बढ़ाया जाए।
यहां पौंग डैम का एरिया भी वाइल्ड लाइफ विंग के अधीन आता है, क्योंकि यहां साल में एक बार विदेशी परिंदे पहुंचते हैं, जिनकी देखरेख करने का जिम्मा भी वाइल्ड लाइफ विंग का रहता है। यदि धर्मशाला में वन्य प्राणी प्रभाग होगा तो उसकी कई सारी गतिविधियां वहां से चल सकेंगी और इससे बढ़ावा मिलेगा। अभी शिमला में इनका निदेशालय है, जो कि वन विभाग के साथ ही चलता है और अलग से वन्य प्राणी प्रभाग में पीसीसीएफ रैंक का अधिकारी पूरे विभाग को चलाता है। एक वन बल प्रमुख हैं, तो दूसरे चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन। ऐसे में यहां से दफ्तर शिफ्ट करने में दिक्कत भी नहीं होगी और पूरा विंग वहां से आसानी से चल सकेगा। इसके अलावा भी सरकार पौंग डैम आदि क्षेत्रों में वन्य प्राणियों से जुड़ी अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहती है, साथ ही कुछ अन्य क्षेत्रों में भी वन्य प्राणियों से जुड़ी गतिविधियां शुरू करनी हैं। इसमें प्रमुख तौर पर बगलामुखी का चिडिय़ाघर है, जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का है और इसको तैयार करने पर तेजी से काम किया जा रहा है। यह जू प्रदेश को एक अलग पहचान देगा। ऐसे में वन्य प्राणी प्रभाग को यहां से शिफ्ट किया जा सकता है। ऐसी संभावनाएं सरकार कुछ और सरकारी दफ्तरों के लिए भी देख रही है।
कुछ और दफ्तरों को शिफ्ट करने की भी चर्चा
पांच मई को कैबिनेट की बैठक होने जा रही है, जिसमें इस पर सरकार के स्तर पर विचार किया जाएगा और सरकार निर्णय लेगी। बताया जाता है कि एक-दो और कार्यालयों को यहां से शिफ्ट करने के प्रस्ताव भी कैबिनेट की बैठक में सामने आ सकते हैं। वन्य प्राणी विंग की बात करें, तो इसमें चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के अलावा सीसीएफ, सीएफ, डीएफओ हर जिला में तैनात हैं, वहीं इनके अधीन भी आगे और कर्मचारी निचले स्तर तक रखे गए हैं। इनके लिए धर्मशाला में पर्याप्त स्थान है, जहां पर एक ही जगह पर इनका दफ्तर होगा। शिमला में अभी वन विभाग के मुख्यालय में वन्य प्राणी के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्ड का भी दफ्तर है। इनके अलावा वन्य प्राणी के दूसरे अधिकारी मिस्ड चैंबर में बैठते हैं। यानी एक ही दफ्तर में सभी लोग नहीं आते हैं और यहां इनके पास जगह की काफी ज्यादा कमी है। ऐसे में सरकार यदि धर्मशाला शिफ्टिंग का निर्णय लेती है, तो इनको भी राहत मिलेगी।
: *बिना संगठन ‘संविधान बचाओ’ रैलियां करना चुनौती, भीड़ जुटाना आसान नहीं, अरसे से लटका पड़ा है संगठन काम*
himachal congress
रैलियों में भीड़ जुटाना आसान नहीं, अरसे से लटका पड़ा है संगठन का काम
बिना संगठन के प्रदेश भर में जिला स्तर पर ‘संविधान बचाओ’ रैलियां निकालना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। यहां भीड़ जुटाने के लिए वर्कर्ज को एकजुट करना पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रतिभा सिंह अब दौरे पर जा रही हैं और देखना होगा कि फील्ड में उन्हें किस तरह का रिस्पांस मिलता है। इतना ही नहीं, जिलों में जो खुद को कद्दावर नेता मानते हैं, उन नेताओं के साथ यह बड़ी चुनौती होगी कि बिना संगठन के लोगों को कैसे इक_ा करना है। अब यदि रैली में लोग नहीं जुटे, तो उससे मुश्किल हो सकती है, वह भी तब जब यहां पर कांग्रेस की सरकार है। इन चुनौतियों के बीच बिलासपुर से कांग्रेस पार्टी पहली मई से संविधान बचाओ रैलियों का आगाज करने जा रही है। बिलासपुर के बाद दो मई को ऊना में इस तरह की रैली होगी और फिर दूसरे जिलों का शेड्यूल जारी किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश स्तरीय रैली का शेड्यूल आएगा। गौर हो कि सात नवंबर को हाइकमान ने कांग्रेस कमेटियों को भंग किया था। राज्य अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है।
अब यह भी चर्चा है कि उन्हें बदला जाना है या फिर हाइकमान उन्हीं को अध्यक्ष पद पर बनाकर रखता है। उधर, कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को प्रतिभा सिंह के अलावा हाइकमान के समक्ष भी रख चुके हैं। नई कार्यकारिणी गठन से पहले कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने के लिए हाइकमान ने जो पर्यवेक्षक भेजे थे, उनके समक्ष भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं के अलावा वरिष्ठ नेता जो पूर्व में मंत्री व विधायक रह चुके हैं, ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब कांग्रेस पहले जिला स्तर पर रैलियां करेगी। उसके बाद विधानसभा व तीसरे चरण में कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। अब देखना होगा कि कांग्रेसी कुनबा कितना एकजुट होता है।
कल बिलासपुर जाएंगी प्रदेशाध्यक्ष
अभी प्रदेश कांग्रेस, जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां भंग हंै। ऐसे में रैलियों में लोगों को लाना बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में युवा कांग्रेस व एनएसयूआई पर दारोमदार रहेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह पहली मई को बिलासपुर जा रही है। वहां पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी।
: *दस मई को सजेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, आपसी समझौते के आधार पर सुलझाए जाएंगे लंंबित मामले*
आपसी समझौते के आधार पर सुलझाए जाएंगे लंंबित मामले, चालानों का भी होगा निपटरा
हिमाचल प्रदेश में दस मई 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा। सुनवाई में आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाउंस मामले, मोटर व्हीकल चालान, धन वसूली, सडक़ दुर्घटना क्लेम, श्रम विवाद, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, वेतन, भत्तों और सेवानिवृत्ति से संबंधित मामलों का निपटारा शामिल होगा। लोक अदालत का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
इसके अलावा, लोक अदालत में न्यायालय शुल्क नहीं लिया जाता और पुराने मुकदमों का शुल्क भी वापस कर दिया जाता है। साथ ही, इसमें किसी भी पक्ष को सजा नहीं होती। जो लोग अपने मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से करवाना चाहते हैं, वे दस मई से पहले प्रदेश के सभी न्यायालयों में सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं।
सात लाख वाहन चालकों के चालान पेंडिंग
एमवी चालान में आवश्यक संख्या में कंपाउंडिंग अधिकारियों को प्री-लोक अदालत बैठकों और आठ मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन के लिए प्रतिनियुक्त करने का अनुरोध किया जाता है। प्रदेश में करीब सात लाख से अधिक वाहन चालकों के चालान पेंडिग पड़े हैं। पुलिस विभाग के टीटीआर विंग की ओर से प्रदेश सभी पुलिस अधीक्षकों को भी इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।
पुलिस विभाग भेज रहा मैसेज
एआईजी टीटीआर विनोद कुमार का कहना है कि पेंडिंग पड़े चालानों का निपटारा करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा भी वाहन चालकों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की मुफ्त कानूनी सहायता या जानकारी के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
: *ऊन का समर्थन मूल्य बढ़ाने की करेंगे पैरवी, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष बोले, बाजार में आएंगे ऊना के उत्पाद*
वूल फेडरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज कुमार ने मंगलवार को धर्मशाला में उन्हें भेड़ पालकों के संरक्षण का जिम्मा देने के लिए उन्होंने सीएम सुक्खू व कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया। मनोज कुमार ने कहा कि गद्दी समुदाय के लोग पूर्व में हजारों, लाखों की तादाद में भेड़ बकरियां पालते थे, पर अब कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिनका अब सरकार के सहयोग से हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय का भेड़ पालन व्यवसाय संस्कृति से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिला कांगड़ा में कांग्रेस के इतिहास में पहली बार गद्दी समुदाय के किसी व्यक्ति को अधिमान दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही भेड़ पालकों की समस्याओं को जान कर उनका समाधान करेंगे। इसके लिए पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने आह्वान किया है कि भेड़ पालक व्यवसाय को न छोड़ें, उनके कारोबार को बढ़ाया जाएगा।
उनका समर्थन मूल्य भी पुराने ढरे पर चल रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसे बढ़ाने सहित ऊन के कच्चे उत्पादों को बेचने के बजाय ऊन से उत्पाद तैयार कर बाजार में लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भेड़ पालकों की चरागाह खत्म होने के कगार पर हैं। भेड़-बकरियों की चोरों द्वारा बड़े स्तर पर चोरियां की जा रही हैं, लेकिन ऐसे मामलों में पशुपालकों को सुरक्षा प्रदान की जाए इसके लिए डीसी कांगड़ा से भी बात की गई है। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय की उन उपजातियों जिन्के साथ अभी तक गद्दी नाम नहीं जुड़ पाया है उसके लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। ऊन का समर्थन मूल्य को बढ़ाया जाएगा। ऊन के प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे। पशु औषधालयों में ही नहीं वल्कि दवाइयां भेड़ पालकों को डेरे में मुहैया करवाई जाएंगी।
: *शिक्षकों की आवाज कुचल रही सरकार, विपिन परमार ने जड़ा आरोप*
हिमाचल सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से छल कर रही है। जो पार्टी एक साल में एक लाख नौकरियों की गारंटी लेकर सत्ता में आई थी, आज उसी सरकार में बेरोजगार नौकरियों के लिए तरस रहे हैं। यह कहना है हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रभारी व विधायक विपिन सिंह परमार का। एक जारी बयान में श्री परमार ने कहा कि सरकार ने कांट्रैक्ट भर्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, लेकिन युवाओं की भर्ती कैसे होगी, इसके बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने आरोप जड़ा कि एक लाख सरकारी नौकरियां देने की गारंटी देकर सत्ता में आई, वह सरकार हर दिन नौकरियां खत्म करने के पैंतरे अपना रही है।
सरकार हर दिन नौकरियां न देने, कर्मचारियों को नौकरियों से निकालने, वेतन काटने, प्रोमोशन रोकने के बहाने खोज रही है। विपिन परमार ने कहा कि 25 अप्रैल को सरकार द्वारा एक पत्र जारी कर प्रदेश में सभी प्रकार की अनुबंध आधारित भर्तियों पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह नहीं साफ किया कि आगे भर्तियां कैसे होगी? युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा? क्या सरकार इस नोटिफिकेशन के माध्यम से रोक लगाकर युवाओं को नौकरी नहीं देना चाहती है। विपिन परमार ने कहा कि अपने हक की लड़ाई लडऩे वाले शिक्षकों से भी बुरा व्यवहार कर रही है। सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने वाले चार अन्य शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है, जबकि 800 से 900 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज कर दी है। सरकार प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों को रिकॉर्ड खंगाल रही है। विपिन परमार ने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने का हक सभी को है, लेकिन इसके बदले में सरकार शिक्षकों की आवाज कुचलने की कोशिश कर रही है, जो सरासर अन्याय है। प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार किसी की सुनने के बजाय तानाशाही तरीके से लोगों की आवाज़ों का दमन कर रही है। लोकतंत्र में लोगों की आवाज सुननी होती है, उन्हें डराना नहीं होता है।
: *सराज में टिप्पर से बरामद किए देवदार के 50 स्लीपर, चालक गाड़ी छोड़ फरार*
सराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार सुबह पांच बजे के करीब वन विभाग द्वारा कांढा के पास देवदार के 50 स्लीपर बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह पांच बजे के करीब बगस्याड़ की तरफ से लकड़ी से भरा टिप्पर बगस्याड़ से कांढा की तरफ आ रहा था, जिसे रोका तो चालक तथा उसके साथ अन्य व्यक्ति टिप्पर को सडक़ में छोडक़र फरार हो गए। जब वन विभाग की टीम ने टिप्पर की तलाशी ली तो उसमें देवदार के 50 स्लीपर निकले, जिसके कोई दस्तावेज नहीं थे।
स्लीपरों की मार्केट में कीमत तीन लाख 38 हजार के आसपास बताई जा रही है। वन विभाग की ओर से डीएफओ नाचन एसडी कश्यप ने बताया कि रात्रि नाके के दौरान कांढा के पास देवदार के 50 स्लीपर बरामद किए गए हैं। अपराधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए लकड़ी व गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
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*HP Weather: 50 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा तूफान, कल से तीन मई तक बारिश का अलर्ट*
प्रदेश में कल से तीन मई तक बारिश का अलर्ट, आज दो जिलों में चलेगी लू
राज्य के कई स्थानों पर मंगलवार को अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, लेकिन अभी मैदानी इलाकों में गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। वहां भीषण गर्मी का कहर बरप रहा है। हालांकि राजधानी शिमला में ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने राहत की सांस ली, जिससे यहां मौसम थोड़ा कूल हो गया, परंतु मैदानी क्षेत्रों की हालत खराब है। इन क्षेत्रों में पहली मई से राहत मिल सकती है क्योंकि तब अधिकांश स्थानों पर राहत की बौछारें गिरने की आशंका है। फिलहाल ऊना, पांवटा साहिब, कांगड़ा, हमीरपुर व बिलासपुर में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। मगर यहां पर तापमान में बीते दिनों के मुकाबले गिरावट रिकार्ड की गई है अधिकतम तापमान में एक से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आंकी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो बुधवार को भी प्रदेश के मैदानी इलाकों में कई स्थानों पर लू चलेगी। प्रदेश के कुल्लू व ऊना में लू चलने का अलर्ट जारी किया है, जबकि पहली मई से गर्मी से राहत मिलने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में पहली से तीन मई के बीच प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर आंधी चलेगी। उक्त अवधि के दौरान तूफान की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। ऊना का तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया है। जो बीते रोज 41 डिग्री से ज्यादा रिकार्ड किया था।
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*Himachal News: 'निलंबन और एफआईआर से प्राथमिक शिक्षक नहीं डरेंगे, मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा क्रमिक अनशन'*
शिमला में क्रमिक अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षक संघ ने हाईकोर्ट जाने की भी चेतावनी दी है। प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि निलंबन और झूठी एफआईआर से 25 हजार प्राथमिक शिक्षक डरने वाले नहीं हैं। आंदोलन को कुचलने के लिए लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा रहे हैं। हड़ताली शिक्षकों ने वार्ता के लिए बुलाने का सरकार से आग्रह करते हुए हाईकोर्ट जाने की भी चेतावनी दी है।
उधर स्कूल शिक्षा निदेशालय में सोलन जिला के छह प्राथमिक शिक्षक अमित, नसीब चंद, गुरमेल सिंह, जगदीश चंद, कमल कुमार और दौलत राम क्रमिक अनशन पर बैठे। बुधवार दोपहर बजे यह शिक्षक अनशन पर बैठेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला शिमला अध्यक्ष प्रमोद चौहान ने कहा कि शिक्षकों पर झूठे केस बना दिए हैं। आंदोलन को कुचलने के लिए निलंबन किया जा रहा है। सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने के चलते हमने महंगाई भत्ता नहीं मांगा। प्राकृतिक आपदा के दौरान एक दिन का वेतन सरकार के खाते में दिया। शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन पर आवाज उठाई तो अफसरशाही ने नए-नए हथकंड़े अपनना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। 25 हजार शिक्षकों के निलंबन के लिए भी हम तैयार हैं। 900 शिक्षकों पर एफआईआर कर दी गई। डराने-धमकाने के लिए यह कार्रवाई हो रही है। हम इससे डरने वाले नहीं हैं। शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया जो सरकार बात करने को भी तैयार नहीं है। सचिवालय के समीप चक्का जाम करने वाले पर कोई मामला दर्ज नहीं होता है। चौड़ा मैदान शिमला में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगे रख रहे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई कर दी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा का अलग निदेशालय होना चाहिए। प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षकों के पदों से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां पहले की तरह रहनी चाहिए। प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षकों का प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन यथावत रखा जाए। मुख्य शिक्षक का पदोन्नति उपरांत मिलने वाले लाभ जारी किए जाएं। 20 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके जेबीटी शिक्षकों को सीएंडवी की तर्ज पर विशेष वेतन वृद्धियां दी जाएं। हायर ग्रेड पे की विसंगतियों के लाभ सभी प्रभावित शिक्षकों को जारी किए जाएं।
: *पाकिस्तान से वीजा लेकर हिमाचल आए 12 लोग, मेडिकल वीजा पर आए दो लोग भेजे वापस*
मेडिकल वीजा पर आए दो लोग वापस भेजे पाकिस्तान, पुलिस जुटा रही और लोगों का डाटा
हिमाचल प्रदेश में पाकिस्तान से वीजा लेकर 12 लोग आए हैं। इनमें से मेडिकल वीजा पर आए दो लोगों को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया है। गौर हो कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती जिलों और पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से वीजा लेकर आए पाकिस्तान के नागरिकों को वापस पाकिस्तान भेजने के आदेश दिए हैं। हालांकि लांंग टर्म वीजा पर आए लोगों को अभी वापस नहीं भेजा जाएगा। हालंाकि पुलिस विभाग हिमाचल प्रदेश में पाकिस्तान से वीजा लेकर आए विदेशी नागरिकों का डाटा एकत्रित कर हा है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कांगड़ा और सोलन जिला में 12 लोग पाकिस्तान से वीजा लेकर आए हैं। इनमें कांगड़ा जिला में पाकिस्तान से हिंदू परिवारों के दस लोग लांग टर्म वीजा लेकर आए हैं। कांगड़ा जिला के शाहपुर में हिंदू परिवारों के दस लोग पाकिस्तान से लांग टर्म वीजा लेकर आए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के दो लोग सोलन जिला में मेडिकल वीजा लेकर उपचार करवाने आए थे।
हालांकि मेडिकल वीजा लेकर आए पाकिस्तान के दो लोगों को वापस भेज दिया गया है। गौर हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में लगभग 26 लोगों की जान गई थी, जिसके दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषकर सीमावर्ती जिलों जैसे चंबा और कांगड़ा में जो इलाके जम्मू-कश्मीर से लगते हंै, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है। इस बारे में पुलिस मुख्यालय की ओर से भी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें सीमावर्ती चौकियों पर गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिया है
: *8 किलो से अधिक अफीम के साथ महिला समेत दो नेपाली तस्कर गिरफ्तार*
सोलन। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जिले के सदर थाने क्षेत्र के अंतर्गत सलोगड़ा में पिंजौर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महिला सहित दो तस्करों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 8.184 किलोग्राम अफीम बरामद की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव सिंह ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि नेपाली मूल का एक पुरुष और एक महिला सोलन से शिमला जा रही बस में बड़ी मात्रा में अफीम लेकर यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे शिमला क्षेत्र में लोगों को अफीम की आपूर्ति करने की योजना बना रहे थे। सूचना के आधार पर टीम के सदस्यों ने सलोगरा के पास नाकाबंदी की और निजी बस की तलाशी ली।
गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों के पास से 8.184 किलोग्राम अफीम बरामद की गई। श्री सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी नेपाल से अफीम की तस्करी करके हिमाचल लाए थे और शिमला क्षेत्र में लोगों को बेचने वाले थे। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
: *अपने इष्ट देव के पास जाने के लिए अब हिंदुओं को देना पड़ रहा है शुल्क*
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार अपने हिंदू विरोधी रवैये से बाज नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री कभी हिंदू विरोधी बयान तो कभी हिंदुओं के खिलाफ कोई न कोई योजना लेकर आते हैं। अब सुक्खू सरकार ने हिंदुओं की धार्मिक यात्रा पर ही शुल्क लगा दिया है। चूड़धार की यात्रा करने वाले हिंदू धर्मावलंबियों से सरकार शुल्क वसूल रही है। अब शिरगुल महाराज के यहां माथा टेकने पर भी सरकार लोगों से पैसे वसूल रही है। जिसका स्थानीय लोगों द्वारा भारी विरोध किया जा रहा है। अपने प्रदेश के अंदर ही धार्मिक यात्रा पर लोगों से शुल्क वसूल करना कांग्रेस सरकार की मंशा साफ़ दिखाता है। सुख की सरकार के शुल्क लगाने की लत लग गई है। सुख की सरकार मात्र दो सालों में ही ‘शुल्क की सरकार’ बन गई है। अब तो सरकार ने नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र में सुधारने के लिए भी पांच गुना पैसा वसूल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि अब चूड़धार की धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालु यात्रा करने के बदले सरकार को शुल्क दें। इसी तरह का शुल्क मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब ने भी हिंदुओं के तीर्थ यात्रा पर लगाया था जिसे ‘तीर्थ यात्रा महशूल’ यानी ‘ज़ज़िया कर’ कहा जाता था। मुख्यमंत्री ने इंसानों ही नहीं बल्कि घोड़े और खच्चरों पर भी शुल्क लगा दिया है। जिससे श्रद्धालु से लेकर घोड़े चलाने वाले भी परेशान हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का यह कदम बहुत दुर्भावनापूर्ण है। चूड़धार की यात्रा करने वाले श्रद्धालु भगवान शिरगुल महाराज के दर्शन करने लिए वहां जाते हैं। शिरगुल महाराज के प्रति हिमाचल समेत देश भर के श्रद्धालुओं में बड़ी आस्था है। शिरगुल महाराज शिमला, सोलन, सिरमौर के साथ-साथ उत्तराखंड के जौनसारबावर के लोगों के
: *अनुराग बोले, दुश्मन की भाषा बोल रहे कांग्रेसी*
सांसद का सवाल, भारत के लोगों का रक्त बहने पर क्यों नहीं खौल रहा खून
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि पाकिस्तान भारत में बार-बार आतंकवादी हमले करवाने का काम करता है और मोदी सरकार उसका हर बार मुंह तोड़ जवाब दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्पष्ट कहा है अगर तुम एक बूंद भी खून बहाओगे तो एक बूंद भी पानी का नहीं जाने देंगे और सिंधु जल संधि को निरस्त किया है। वहीं, दूसरी तरफ हम से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे गए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके नेताओं की क्या मजबूरी है कि उन्हें पाकिस्तान की भाषा बोलनी पड़ रही है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री सैफुद्दीन सोज पाकिस्तान के उस बयान का समर्थन कर रहे हैं, जिसमें वह कह रहा है कि उसका हमले में कोई हाथ नहीं है। क्या अब हमें पाकिस्तान की सफाई पर यकीन करना चाहिए।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पाकिस्तान के मंत्री ने माना है और उनके रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुल्लम-खुल्ला धमकी दी है कि भारत के अलग-अलग शहरों में वह आतंकवादी हमले करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्या भारत के लोगों का खून बहने पर कांग्रेस का खून नहीं खौलता है। क्या उनका दिल पाकिस्तान से बदला लेने का नहीं होता है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री सैफुद्दीन सोज यह उनका काम था कि सिंधु जल संधि को निरस्त करते पर उन्होंने नहीं किया और आज पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाज़ी कर रहे हैं। यह कैसी सोच है। अनुराग सिंह ठाकुर के कहा कि कांग्रेस के कर्नाटक के मुख्यमंत्री हों, कांग्रेस के मंत्री हों या कांग्रेस के महाराष्ट्र के नेता हों, इन सब का बार-बार यह कहना कि धर्म कैसे पूछा, इतने समय में कैसे उनकी पेंट उतार कर देखी, यह हिंदोस्तान के साथ हैं
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