आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ इस बार चौगान को पांच गुना महंगा बेचने की तैयारी।

Jul 9, 2025 - 06:32
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आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ इस बार चौगान को पांच गुना महंगा बेचने की तैयारी।

: प्रेस विज्ञप्ति

बघेईगढ़,चुराह

दिनांक:06/07/2025

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*224 लाख की लागल से बना कँगेला नाला पुल बाढ़ में बहा, चार पंचायतों का संपर्क टूटा*

*ग्रामीणों की चेतावनी के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई,बहा कँगेला नाला पर बना पुल*

*हजारों लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित,तुरंत राहत की मांग*

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चंबा जिला के चुराह क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते बघेईगढ़ पंचायत के कँगेला नाला पर बना पुल आज बाढ़ में बह गया,जिससे क्षेत्र की चार पंचायतें–जो इसी पुल से जुड़ी थीं—दुनिया से पूरी तरह कट गई हैं। इस पुल के टूटने से हजारों ग्रामीणों का संपर्क,रोजमर्रा का जीवन,राशन,दवाइयाँ और आपातकालीन सेवाएँ भी ठप हो गई हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब यह पुल बनाया गया था, तब ठेकेदार ने निर्माण मलबा कँगेला नाले में ही डाल दिया था, जिससे पुल और नाले के बीच पानी के बहाव की ऊँचाई (हाइड) घट गई थी। इससे बाढ़ के दौरान पानी का दबाव बढ़ा और पुल बह गया। ग्रामीणों ने इस खतरे के बारे में पहले ही SDO तीसा और हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री बिक्रमादित्य सिंह को पत्रों के माध्यम से अवगत करवाया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।

आज ठेकेदार और सरकार की इस घोर लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

हमारी मांगे:

1.सरकार तुरंत वैकल्पिक मार्ग बनाकर आवाजाही बहाल करे।

2.क्षेत्र में राहत और जरूरी सामान की आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए।

3.पुल निर्माण में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हो।

4.दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

यह मामला केवल पुल का नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई,मरीजों के इलाज और पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा है।अतः सरकार से मांग है कि अविलंब कार्रवाई कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

: *Himachal News: भर्ती नियमों से हटा अनुबंध, अब नई पॉलिसी का इंतजार* 

कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को भर्ती नियम संशोधित करने को कह

हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस का गवर्नमेंट एंप्लाई एक्ट-2024 के पारित होने के बाद राज्य सरकार ने अब भर्ती नियमों में संशोधन किया है। इस संशोधन के जरिए अनुबंध शब्द और इससे जुड़े प्रावधानों को हटा दिया गया है। भर्ती नियमों के जिन प्रावधानों में अनुबंध शब्द आ रहा था, उन सभी में संशोधन हुआ है। कार्मिक विभाग की सचिव की ओर से सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों, मंडल आयुक्त, विभाग अध्यक्षों और जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां भर्ती नियमों में इसी अनुसार संशोधन कर लें। हालांकि इस संशोधन को करने के लिए विधि विभाग से फाइल की समीक्षा करवानी होगी। भर्ती नियमों की यह अधिसूचना 25 जुलाई, 2016 की थी, जिसे अब नए रूप में संशोधित माना गया है। नए निर्देशों में कॉलम नंबर चार, कॉलम नंबर 9, कॉलम नंबर 10 और कॉलम नंबर 15ए में बदलाव हुआ है।

इन सभी में अनुबंध का प्रावधान रखा गया था। संशोधन के बाद भी प्रोबेशन पीरियड दो साल ही रखा गया है, जिसे एक साल और एक्सटेंड किया जा सकता है। वर्तमान में जो अनुबंध कर्मचारी कार्यरत हैं, उनको रेगुलर करने के लिए कॉलम नंबर 10 में प्रावधान किया गया है। यहां से हालांकि अनुबंध शब्द को हटा दिया गया है और प्रावधान हुआ है कि भर्ती रेगुलर बेसिस पर या रेगुलराइजेशन के आधार पर होगी। हालांकि कार्मिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ भर्ती नियमों में वर्तमान जरूरत के अनुसार किया गया बदलाव है। 2024 में नया कानून लागू होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट शब्द को हटाना जरूरी था, लेकिन इसकी जगह अब नई भर्ती नीति क्या होगी, यह फैसला जल्दी होने वाला है। कार्मिक विभाग की सचिव एम सुधा देवी ने बताया कि वर्तमान में नई पॉलिसी पर कंसल्टेशन चल रही है और एक हफ्ते के भीतर यह नीति भी नोटिफाई हो जाएगी। इसे कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल गई है।

: *Divya Himachal Relief Fund : दानियों ने बढ़ाए हाथ, मंडी बाढ़ प्रभावितों को बंधी आस* 

‘दिव्य हिमाचल’ सहायता कोष देगा दो लाख, आप भी अपनी नेक कमाई से भेजें मदद

इस बार बरसात ने शुरुआत में ही हिमाचल को ऐसे जख्म दिए हैं, जो कभी भी भर नहीं पाएंगे। ‘दिव्य हिमाचल’ ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए छोटी सी पहल की है। उसके बाद दानियों ने भी मदद के हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इससे मंडी बाढ़ प्रभावितों को भी आस बंधनी शुरू हो गई है। गौर हो कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे और करोड़ों रुपए की संपत्ति बाढ़ की भेंट चढ़ गई। इस दौरान दर्जनों लोगों की जान चली गई, सैकड़ों घर-गोशालाएं तबाह हो गए और कई मवेशी काल का ग्रास बन गए। प्राकृतिक आपदा के बाद अभी भी कई लोग लडख़ड़ाते कदमों से नदी-नालों के किनारे भटक रहे हैं। ये वे लोग हैं, जिनके अपने बाढ़ के बाद से लापता हैं। मंडी जिला से दिल दहला देने वाले कई मामले सामने आए हैं। कई जगह परिवार के सब बड़े-बुजुर्ग बह गए हैं और छोटे-छोटे मासूम ही सुरक्षित बचे हैं। इन बच्चों की देखभाल तक करने वाला कोई नहीं है। सरकार प्रभावित लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश तो कर रही है, लेकिन ये जख्म इतने गहरे हैं कि शायद ही भर पाएं।

इस तबाही के बीच बहुत से लोगों ने अपनी जानें गंवाई हैं। लोगों के दुख दर्द और सरकार की मजबूरियों को समझते हुए ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ ने भी मदद के हाथ बढ़ाते हुए ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ से दो लाख रुपए की प्रथम किस्त आपदा पीडि़तों को जारी करने की घोषणा की है। मीडिया गु्रप ने देश-परदेश के आमजन से आग्रह किया है कि वे भी इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग देें और आपदा प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं। दानी सज्जन ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ में अपने सामथ्र्य अनुसार दान दे सकते हैं। हमारी यह छोटी सी मदद पीडि़तों के नुकसान की भरपाई तो नहीं कर सकती, लेकिन उनकी तकलीफों को कुछ हद तक कम करने में जरूर मदद करेगी।

इस पते पर भेजें मदद

प्रभावितों की मदद के लिए कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ के नाम पर भेजें

दिव्य हिमाचल सहायता कोष, दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप, पुरान मटौर, कांगड़ा,

हि. प्र.-176001 या क्यूआर कोड स्कैन करें

हेल्पलाइन

सभी दानियों के नाम ‘दिव्य हिमाचल’ में प्रकाशित किए जांएगे। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें- 70181-97293, 94184-07889, 94182-55757, 98163-24264, 78078-44144

नोट: दान की गई राशि को आयकर की धारा 80 जी के तहत छूट प्राप्त है।

सरकार का साथ दें लोग

प्रदेश सरकार ऐसे हालत को लेकर संवेदनशील है तथा लोगों के पुनर्वास तथा राहत पहुंचाने के प्रयास कर रही है। ऐसी स्थिति में स्वयं सहायता समूहों को भी प्रशासन के मदद करनी चाहिए और आम लोगों को भी प्रभावितों की सहायता के लिए प्रयास करने चाहिए। अभी क्योंकि मानसून की शुरुआत ही है, ऐसे में बाढ़, भू-स्खलन जैसी आपदा से निपटने के लिए सरकार को पैसे की बेहद ज्यादा जरूरत है। सरकार अपनी ओर से तो प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों को भी इस पुण्य कार्य में हाथ बढ़ाना चाहिए।

: *Bihar Elections: बिहार चुनाव से पहले NDA में घमासान, चिराग पासवान ने किया बड़ा ऐलान,*

सभी 243 सीटों पर लड़ेगी लोजपा

साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में अंदरूनी घमासान मचा हुआ है। अब एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के एक बयान ने भाजपा और जदयू दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। छपरा के राजेंद्र स्टेडियम से चिराग पासवान ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चिराग पासवान रविवार को छपरा के राजेंद्र स्टेडियम में पार्टी द्वारा आयोजित नव-संकल्प महासभा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए चिराग ने हुंकार भरते हुए कहा कि इस पावन धरती से आप सबके सामने मैं यह कहकर जा रहा हूं कि हां, मैं चुनाव लड़ूंगा। मैं चुनाव लड़ूंगा बिहारियों के लिए, अपने भाइयों के लिए, अपनी माताओं के लिए, अपनी बहनों के लिए और बिहार में एक ऐसी व्यवस्था तैयार करेंगे, एक ऐसा बिहार बनाएंगे, जो सही मायनों में प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएगा। लोजपा-आर प्रमुख ने इस दौरान अपनी मजबूती और दृढ़ संकल्प भी दिखाया।

उन्होंने कहा कि मुझे मेरी पार्टी से निकाला गया, घर से निकाला गया, परिवार से निकाला गया और वे लोग सोचते थे कि चिराग पासवान इतना कमजोर है कि इन बातों से डर जाएगा, घबरा जाएगा। पर जो लोग यह सोचते हैं कि इन बातों से चिराग पासवान के बढ़ते कदम रुक जाएंगे, वे लोग भूल जाते हैं कि चिराग पासवान शेर का बेटा है, राम विलास पासवान का बेटा है। मैं ना रुकने वाला हूं, न थकने वाला हूं और डरता तो मैं किसी से नहीं हूं। जितनी ताकत आजमानी है, आजमा लो। सिर पर कफन बांध के निकला हूं कि जब तक बिहार को विकसित राज्य नहीं बना दूंगा, तब तक मैं भी चैन की सांस नहीं लूंगा। पर इसके लिए साथियों जरूरत है मुझे आप सब की।

: *IND vs ENG: भारत ने जीता बर्मिंघम, कप्तान गिल संग गेंदबाज भी छाए, इंग्लैंड संग सीरीज 1-1 से बराबर* 

भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को बर्मिंघम के एजबेस्टन ग्राउंड में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 336 रन से हरा दिया। इसके साथ ही पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है। 608 रन के टारगेट का पीछा कर रही इंग्लैंड की टीम मैच के आखिरी दिन 271 रन पर ऑलआउट हो गई। यह इंग्लैंड की धरती पर रन के लिहाज से भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पिछला रिकॉर्ड 279 रन से जीत का था। भारत ने 1986 में लीड्स में अंग्रेजों को इस अंतर से हराया था। साथ ही भारत ने बर्मिंघम में 58 साल में पहली जीत हासिल की है। इससे पहले यहां खेले आठ टेस्ट में से 7 में भारत को हार मिली थी और एक मुकाबला ड्रॉ हुआ था। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 72 रन के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। बारिश के कारण मुकाबला करीब 90 मिनट की देरी से शुरू हुआ। लंच तक अंग्रेजों ने तीन विकेट और गंवा दिए। दूसरे सत्र में बाकी बचे चार विकेट गिरे।

भारत के लिए आकाश दीप ने छह , मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिया। भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 587 रन बनाए थे। शुभमन गिल ने 269 रनों की पारी खेली। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 407 रन पर सिमट गई। भारत ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 427 रन के स्कोर पर घोषित कर दी। गिल फिर टॉप स्कोरर रहे और 161 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने इस मैच की दोनों पारियों में मिलाकर 430 रन बनाए, जबकि आकाश दीप ने 10 विकेट झटके।

: *Monsoon : दो दिन बारिश का ऑरेंज अलर्ट* 

नौ और 10 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी, 11 जुलाई के बाद मिल जाएगी राहत

हिमाचल में मानसून के बीच आया भारी बारिश का रेड अलर्ट निकल गया है। यह रेड अलर्ट छह जुलाई के लिए था। अब सात और आठ जुलाई को ऑरेंज अलर्ट है, जबकि नौ और 10 जुलाई को यलो अलर्ट है। इसके बाद 11 जुलाई से मौसम साफ हो जाएगा। इसलिए अब भारी बरसात से पैदा होने वाला खतरा फिलहाल नहीं है। मौसम विभाग से दिए गए पूर्वानुमान के मुताबिक 11 जुलाई के बाद भारी बरसात से कुछ राहत मिलेगी। पिछले 24 घंटे के भीतर ऊना, मंडी और कांगड़ा जिलों के कुछ क्षेत्रों में बारिश ज्यादा हुई है।

हालांकि तापमान में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है। पिछले 24 घंटे में लाहुल स्पीति के केलांग में सबसे कम 15.3 डिग्री सेल्सियस और कुकुमसेरी में सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अभी साउथ ईस्ट और बंगाल की खाड़ी की तरफ को प्रोग्रेस कर रहा है, जबकि हिमाचल और पंजाब से डेढ़ किलोमीटर ऊपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इस कारण सात से 10 जुलाई तक कई क्षेत्रों में बारिश होगी।

: *चंबा में नाले में बह गए पुल, ऊना में बारिश से तबाही, मंडी में बादल फटा, 50 बीघा जमीन बही* 

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रंग दिखाया। इस दौरान दो जगह बादल फटा, जबकि ऊना में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। पहले मामले में मंडी जिला की चौहारघाटी के कोरतंग नाले में आधी रात को बादल फटने के बाद बाढ़ आ गई। इस घटना में तीन पैदल व एक वाहन योग्य पुल बह गए। वहीं, दूसरे मामले में चंबा के चुराह में बादल फटने के बाद नाले में बाढ़ आने से एक पुल बह गया। इसके अलावा जिला ऊना में भारी बारिश के बाद स्वां नदी का पानी सडक़ों, पेट्रोल पंप, उद्योगों सहित लोगों के घरों में जा घुसा…

नाले में बह गए पुल

चंबा के चुराह में बाढ़ के बाद चार पंचायतों का संपर्क कटा

चुराह उपमंडल के नकरोड-चांजू मार्ग पर कठवाड़ के समीप रविवार सुबह ऊपरी हिस्से में बादल फटने से कंगेला नाला के बढ़े जलस्तर की चपेट में पुल बह गया। इसके चलते चुराह उपमंडल की चार पंचायतों बघेईगढ, चांजू, चरड़ा व देहरा की हजारों की आबादी का संपर्क शेष विश्व से कट गया है। फिलहाल इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को दोबारा से आरंभ करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की कार्ययोजना पर काम आरंभ कर दिया है। जानकारी के अनुसार रविवार सवेरे चुराह उपमंडल में जारी मूसलाधार बारिश के बीच ऊपरी हिस्से में बादल फटने से कंगेला नाला उफान पर आ गया।

नाले के रौद्र रूप को देखते हुए मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों के समय रहते सुरक्षित जगह पनाह ले ली। इस बीच नाले के बढ़े जलस्तर से पुल बहने की घटना को लोगों ने मोबाइल में भी कैद कर लिया। इस मार्ग के बंद होने से चांजू इलाके की चार पंचायतों की आबादी प्रभावित हुई है। उधर, लोक निर्माण विभाग चुराह मंडल के एक्सईएन जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि नाले का जलस्तर बढऩे से कंगेला नाले पर निर्मित स्टील ट्रस पुल बह गया है। उन्होंने बताया कि नकरोड-चांजू मार्ग पर यातायात को दोबारा बहाल करने को लेकर सोमवार को काम आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल के बहने से लोक निर्माण विभाग को दो करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।

ऊना में बारिश से तबाही

कई घरों में घुसा पानी, तेज बहाव में फंस गए हिमटेक उद्योग के 45 कामगार

नगर संवाददाता—ऊना

जिला ऊना में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। भारी बारिश से जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं एक दर्जन से अधिक रिहायशी इलाकों में हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। लोगों के घरों में तीन से चार फीट तक पानी घुस जाने से लोगों का फर्नीचर, राशन, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण नाले की निकासी अवरुद्ध हो जाने से हिमटेक उद्योग नंगल सलांगड़ी के परिसर में पानी घुस गया। उद्योग परिसर में 45 मजदूर घंटों मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को रस्सों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा बारिश के कारण जिला के एक दर्जन स्थानों पर रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

बारिश के कारण ऊना जिला के विभिन्न क्षेत्रों बडूही, त्यूड़ी, टक्का, नंगल सलांगड़ी़, खड्ड, पंडोगा सहित अन्य क्षेत्रों की मुख्य सडक़ों पर पानी भर गया है। ऊना मुख्यालस के साथ सटी पनोह पंचायत में खड्ड पलटने से पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। इससे खड्ड के साथ सटी आबादियों में पानी आ जाने से लोगों के घरों में कई-कई फुट पानी जमा हो गया। लोगों को जान बचाकर अन्य सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ा। बारिश से स्वां नदी सहित सभी खड्डे उफान पर आ गई। हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत पंजावर गांव में पानी लोगों के खेतों में घुस गया। इसके साथ ही मत्स्य फार्म में पानी घुस गया। तेज बहाव में सारी मछलियां बह गईं। ऐसे में करीब 13 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

पद्धर के कोरतंग में बादल फटा, 50 बीघा जमीन बही

पद्धर — जिला मंडी के उपमंडल पद्धर की चौहारघाटी की ग्राम पंचायत शिल्हबधाणी के गांव कोरतंग में शनिवार रात्रि भारी बारिश व बादल फटने से लोग एक बार फिर सहम गए। सूचना मिलते ही एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ प्रभावित गांव में पहुंचे तथा नुकसान का जायजा लिया। हालांकि बादल फटने की इस घटना में जान-माल को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन कुगड़ी व कोतरंग नाले में तीन पैदल पुल तथा एक वाहन योग्य पुल बह गए। वहीं, इस घटना में गांव कोतरंग के लोगों की नाले के साथ लगती लगभग 50 बीघा निजी भूमि बाढ़ में बह गई है।

: *मंडी को राहत सामग्री लेकर तीन गाडिय़ां रवाना, राज्यपाल शुक्ल ने आपदा प्रभावितों के लिए भेजी मदद* 

राज्यपाल शुक्ल ने आपदा प्रभावितों के लिए कंबल-कपड़े-रसोई सेट,घरेलू सामान की मदद भेजी

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने रविवार को राजभवन से हाल ही में मंडी जिला के कुछ क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर आवश्यक राहत सामग्री से भरे तीन वाहनों को रवाना किया। यह राहत सामग्री राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से मंडी जिला प्रशासन को भेजी जा रही है, ताकि आपदा से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जा सके। आपदा से प्रभावित परिवारों को इस राहत सामग्री में 540 कंबल, 500 तिरपाल शीट, 20 बक्से कपड़े, रसोई सेट, बाल्टियां और अन्य आवश्यक घरेलू सामान शामिल हैं। राज्यपाल ने थुनाग और आसपास के क्षेत्रों में हुई गंभीर क्षति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन क्षतिग्रस्त सडक़ों, भू-स्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण संपर्क मार्ग बाधित हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन, सशस्त्र बलों, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों द्वारा राहत और बचाव कार्यों में किए जा रहे अथक प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने लोगों से आग्रह किया कि वह प्रशासन के साथ सहयोग करें और राहत कार्य स्थलों पर किसी प्रकार का अवरोध पैदा न करें।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को इलाके की बेहतर जानकारी है और जरूरतमंदों तक मदद जल्दी और कुशलता से पहुंचाने में उनका सहयोग महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह उचित समय पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीडि़तों से मिलेंगे और स्थिति का आकलन करेंगे। राज्यपाल शुक्ल ने आश्वासन दिया कि रेडक्रॉस के माध्यम से राहत कार्य जारी रहेंगे और यदि आवश्यक हुआ, तो अन्य माध्यमों से भी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी आगे आकर प्रभावित परिवारों की मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने बारिश के मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने और पर्यटकों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की। राज्यपाल ने प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार होने वाली प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों के बीच पर्यावरण जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधोसंरचना और नीति-निर्माण से जुड़े सभी विभागों से परामर्श करने और राज्य की गंभीर पारिस्थितिकी को संरक्षित करने के लिए एक व्यापक और सतत रणनीति तैयार करने का आह्वान किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा भी उपस्थित थे।

: *Himachal: 1.242 किलो चिट्टे के साथ 361 तस्कर अरेस्ट, नशा तस्करी के मामले में 26 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार* 

प्रदेश में नशा तस्करी के मामले में 26 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार, 148 मामले दर्ज

शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने 1.242 किलोग्राम चिट्टे के साथ 361 तस्कर गिरफ्तार किए हैं। पहली जनवरी से पांच जुलाई, 2025 तक ड्रग तस्करी के 148 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने ड्रग तस्करी के इन मामलों में 361 तस्करों को गिरफ्तार किया है। शिमला पुलिस ने ड्रग तस्करी के मामले में 26 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया है। एसएसपी शिमला संजीव गांधी के नेतृत्व में शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की है। चिट्टा तस्करी में पकड़े गए कर्मचारियों में पंजाब पुलिस, फोरेस्ट गार्ड, लैब टेक्नीशियन, डाक्टर, तहसील कल्याण अधिकारी समेत कई कर्मचारी शामिल हैं। शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी में शामिल अधिकारियों की सूची तैयार करके प्रदेश सरकार को भेजी है। अब प्रदेश सरकार नशा तस्करी के मामलों में शामिल कर्मचारियों बर्खास्त कर सकती है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने चिट्टा तस्करों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 148 मामले दर्ज किए हैं। शिमला पुलिस ने इस दौरान 361 ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार किया है।

इन ड्रग पेडलरों में 350 पुरुष एवं 11 महिलाएं शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में 298 हिमाचल प्रदेश, 42 अन्य राज्यों और 21 अन्य देशों के ड्रग पैडलर शामिल हैं। इस अभियान के तहत शिमला पुलिस द्वारा चिट्टा तस्करी से जुड़े कुल 86 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से कुल 1.242 किलोग्राम तथा 389 मिलीग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद की गई। मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर 26 सरकारी कर्मचारियों को भी शिमला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को बैठक में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग को राज्य में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी संजीव गांधी के नेतृत्व में पुलिस ने राधे गैंग, रंजन गैंग, शाही महात्मा, शाह गैंग और अब गुरमीत गैंग का भंडाफोड़ किया है। (एचडीएम)

नशा माफिया पर कार्रवाई

एसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि एक जनवरी से पांच जुलाई तक पुलिस ने नशा तस्करी के 148 मामलों में 361 ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार किया है। करीब दो साल के मामलों में अब तक 26 कर्मचारी शामिल पाए गए हैं। एसपी ने कहा कि जो नशा फैलाएगा, वह जेल जाएगा, ये तय है। नशा तस्करों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

: *BJP New President: भाजपा अध्यक्ष की दौड़ में छह चेहरे* 

शिवराज-खट्टर-धर्मेंद्र प्रधान के नाम पर चर्चा, सुनील बंसल-विनोद तावड़े भी लाइन मेंं

भाजपा जल्द ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नए अध्यक्ष के लिए छह नामों पर विचार कर रही है, इनमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं। वहीं, भाजपा महासचिव सुनील बंसल और विनोद तावड़े भी रेस में बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए तीन मुख्य बातों-संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण को ध्यान में रख रही हैं। जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति का गठन हो सकता है। यदि चुनाव की जरूरत पड़ती है तो यह समिति नामांकन, जांच और मतदान की प्रक्रिया पूरी करेगी।

बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून, 2024 को खत्म हो चुका है। वह एक्सटेंशन पर हैं। वहीं, वह केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं, इस वजह से भाजपा जल्द नया अध्यक्ष चुनने की तैयारी में जुटी है। पार्टी संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 50 फीसदी राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुनने के बाद ही होता है। फिलहाल भाजपा की 37 मान्यता प्राप्त स्टेट यूनिट हैं। इनमें से 26 राज्यों में अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। भाजपा ने जुलाई के शुरुआत दो दिन में नौ राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष चुने। इसके बाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। पार्टी ने 1-2 जुलाई को 9 राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, एमपी, प. बंगाल, दमन दीव और लद्दाख) में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव किया।

: *एलन मस्क खुद राजनीति में कूदे, ट्रंप को टक्कर देने को बनाया राजनीतिक दल,* 

अमरीका की राजनीति में तीसरे दल की संभावनाओं को लेकर जारी अटकलों के बीच टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने औपचारिक रूप से एक नई राजनीतिक पार्टी ‘अमरीका पार्टी’ के गठन का ऐलान कर दिया। इसका मकसद अमरीका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों की दो-दलीय राजनीति को चुनौती देना होगा। यह घोषणा मस्क ने एक्स पर एक दिन पहले पार्टी को लेकर कराए गए पोल के बाद की है। अपने पोस्ट में एलन मस्क ने लिखा कि 2:1 के अंतर से आपने नया राजनीतिक दल चाहा और आपको मिलेगा! एलन मस्क ने कहा कि अमरीका पार्टी आपको आपकी स्वतंत्रता वापस दिलाने के लिए बनाई गई है।

मस्क ने अपने पोस्ट में कहा कि आप में 65 प्रतिशत से अधिक लोग एक नई राजनीतिक पार्टी चाहते हैं और अब यह आपको मिलेगी। जब बात अमरीका को बर्बाद करने और भ्रष्टाचार की आती है, तो अमरीका में दोनों पार्टी (रिपब्लिकन और डेमोके्रट) एक ही जैसी हैं। अब देश को दो पार्टी सिस्टम से आजादी मिलेगी। एलन मस्क ने कहा कि अमरीका पार्टी दो या तीन सेनेट सीटों और आठ से 10 गृह जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस रणनीति का मकसद कांग्रेस में नियंत्रण हासिल करना है। यह ऐलान ऐसे समय पर हुआ है, जब एलन मस्क और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनाव अपने चरम पर है। कभी ट्रंप के करीबी माने जाने वाले मस्क ने हाल ही में उनकी महा खर्चीली ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ की तीखी आलोचना की थी।

: *ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों पर चीन ने फैलाई अफवाह* 

फ्रांस ने खोली ड्रैगन की पोल, बिक्री प्रभावित करने के लिए चली नापाक चाल

ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान ने भारत के राफेल समेत छह विमानों को गिराए जाने का दावा किया, जिसे भारतीय सेना ने सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद कई देशों में राफेल विमानों को लेकर सवाल खड़े होने लगे। अब फ्रांस की ओर से पूरा सच सामने आ गया है। दरअसल, फ्रांस के सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने खुलासा किया है कि चीन ने बिक्री को कमजोर करने और फ्रांसीसी प्रमुख लड़ाकू विमान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने दूतावासों का इस्तेमाल किया।

चीनी विदेशी दूतावासों में रक्षा अताशे राफेल की बिक्री को कमजोर करने के अभियान का नेतृत्व कर रहे थे, जिसका उद्देश्य देशों को फ्रांसीसी लड़ाकू विमान न खरीदने और इसके बजाय चीनी निर्मित जेट विमानों को चुनने के लिए राजी करना था। यह जानकारी फ्रांसीसी खुफिया सेवा के निष्कर्षों का हवाला देते हुए दी है। बता दें कि फ्रांस अब अपने राफेल फाइटर जेट के खिलाफ अफवाह फैलाए जाने के अभियान से लड़ रहा है।

: *Wimbledon Open : नोवाक जोकोविच का विंबलडन ओपन में शानदार ‘शतक* ’

विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर नोवाक जोकोविच ने अपने करियर की 100वीं विंबलडन सिंगल्स जीत दर्ज की। उन्होंने सर्बिया के ही मियोमिर केकमानोविच पर 6-3,6-0, 6-4 से जीत दर्ज की। वहीं स्टेडियम में मौजूद उनकी 7 साल की बेटी तारा जोकोविच ने डांस करके सभी का दिल जीत लिया।

मैच के बाद जब जोकोविच ऑन-कोर्ट इंटरव्यू दे रहे थे, तो उनसे इस डांस के बारे में पूछा गया। इस पर जोकोविच ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ये डांस मेरी बेटी तारा और बेटे के साथ हमारी एक फैमिली ट्रेडिशन बन चुका है। इस गाने का नाम है ‘पंप इट अप’।

सिनर राउंड ऑफ 16 में पहुंचे

टेनिस के वल्र्ड नंबर-वन जैनिक सिनर ने विंबलडन के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उन्होंने तीसरे राउंड के मुकाबले में स्पेन के पेड्रो मार्टिनेज को सीधे सेट में हरा दिया। दूसरी ओर विमेंस सिंगल्स में भी नंबर-1 एरिना सबालेंका ने अपना मैच जीतकर अगले राउंड में जगह बना ली।

: *सीएम सुक्खू हिमाचल को बना रहे Sports Hub* 

खिलाडिय़ों को स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज के साथ कुश्ती, मुक्केबाजी, कबड्डी, टेनिस, बैडमिंटन की मिल रही आधुनिक सुविधाएं

हिमाचल में खेल केंद्रित मॉडल विकसित कर प्रदेश को खेल भूमि के रूप में स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश सरकार खिलाडिय़ों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है, जिससे खिलाडिय़ों का ध्यान केवल प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित रहेगा। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को विस्तार प्रदान किया जा रहा है। जिला हमीरपुर के नादौन के खरेड़ी में 65.61 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक बहुउद्देशीय स्पोट्र्स परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इस स्पोट्र्स परिसर मेें आठ लेन के स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, कुश्ती, मुक्केबाजी, कबड्डी, टेबल टेनिस, टेनिस और बैडमिंटन के लिए खिलाडिय़ों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस वित्त वर्ष में बिलासपुर के लुहणू में 100 बिस्तरों की क्षमता वाला खेल छात्रावास निर्मित किया जाएगा।

इसके साथ शिमला जिला के कुटासनी में राजीव गांधी बहुउद्देशीय स्टेडियम में अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना का निर्माण और सोलन में इंडोर स्टेडियम के साथ-साथ हरोली, रिकांगपिओ और जयसिंहपुर में स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। खिलाडिय़ों की सुविधा के लिए हमीरपुर और सुजानपुर में सिंथेटिक टै्रक और फील्ड सुविधा का निर्माण किया जाएगा। खिलाडिय़ों को यात्रा सुविधा का भी लाभ दिया जा रहा है। इसके तहत राज्य के बाहर 200 किलोमीटर की दूरी तक खेल स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए खिलाडिय़ों को एसी-3 टीयर किराया और इससे अधिक दूरी के स्थानों पर जाने के लिए इकोनॉमी क्लास फेयर दिया जा रहा है। प्रदेश के 235 खिलाडिय़ों को 6,01,250 रुपए यात्रा सुविधा के रूप में प्रदान किए गए हैं।

डाइट मनी के लिए दिए 76.98 लाख रुपए

खिलाडिय़ों के जीवन में प्रशिक्षण के साथ-साथ पोषणयुक्त आहार का भी महत्त्व रहता है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने विभिन्न स्तरों की प्रतिस्पर्धाओं के लिए खिलाडिय़ों की दी जाने वाली डाइट मनी में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रारंभिक शिक्षा स्तर के खिलाडिय़ों को प्रदेश में होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने पर 250 रुपए प्रतिदिन और अन्य सभी खिलाडिय़ों को 400 रुपए प्रतिदिन डाइट मनी के रूप में दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 421 खिलाडिय़ों को डाइट मनी के रूप में 76.98 लाख रुपए वितरित किए हैं।

: *Online Counselling : बीटेक, बी-फार्मेसी डायरेक्ट एंट्री की काउंसिलिंग ऑनलाइन* 

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हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर इस बार बीटेक और बी-फार्मेसी डायरेक्ट एंट्री की काउंसिलिंग ऑनलाइन करवाएगा। तकनीकी विवि ने ऑनलाइन काउंसिलिंग के तीन चरणों का शेड्यूल जारी किया है। पिछले वर्ष तकनीकी विवि ने बी फार्मेसी डायरेक्ट एंट्री की ऑनलाइन काउंसिलिंग करवाई थी, लेकिन इस बार बीटेक डायरेक्ट एंट्री की भी ऑनलाइन काउंसिलिंग होगी। तकनीकी विवि के प्रवेश परीक्षा के आधार पर बी फार्मेसी डायरेक्ट एंट्री की पहले चरण की काउंसिलिंग 15 जुलाई को होगी और 17 जुलाई तक अभ्यर्थी को आबंटित शिक्षण संस्थान में रिपोर्ट करना होगा। दूसरे चरण की काउंसिलिंग 21 जुलाई को होगी और 23 जुलाई तक संबंधित शिक्षण संस्थान में रिपोर्ट करना होगा।

तीसरे चरण की काउंसिलिंग 25 जुलाई को होगी और 28 जुलाई तक रिपोर्ट करनी होगी। वहीं, बीटेक डायरेक्ट एंट्री की जेईई मेन और एचपीसीईटी के आधार पर पहले चरण की काउंसिलिंग 19 जुलाई को होगी, जबकि 22 तक अभ्यर्थियों को रिपोर्ट करना होगा। दूसरे चरण की काउंसिलिंग 24 जुलाई को होगी, 26 तक रिपोर्ट करनी होगी। तीसरे चरण की काउंसिलिंग 29 को होगी और 31 जुलाई तक आबंटित शिक्षण संस्थान में रिपोर्ट करनी होगी।

13 जुलाई तक भर पाएंगे फॉर्म

तकनीकी विश्वविद्यालय ने नए सत्र में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग फॉर्म भरने की तिथि 13 जुलाई तक बढ़ाई है। जिन विषयों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाई है, उसमें बीटेक (लेटरल एंट्री) बी-फार्मेसी (लेटरल एंट्री) बी-आर्क, एमबीए, एमबीए पर्यटन, एमसीए, एमटेक, एम फार्मेसी, एमएससी भौतिक विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, एमए/एमएससी योग शामिल है। जो अभ्यर्थी काउंसिलिंग फॉर्म में कुछ संशोधन करना चाहते हैं, उनके लिए भी पोर्टल खुला रहेगा।

: *ऊना के अनुज शर्मा 22 साल की उम्र में सीए* 

 जिला ऊना के बहडाला गांव के निवासी अनुज शर्मा पुत्र अजय कुमार ने अपने प्रथम प्रयास में इंस्टीच्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) का सीए बनने का गौरव हासिल किया है। अनुज ने यह मुकाम मात्र 22 वर्ष की आयु में प्राप्त किया। गौरतलब रहे कि अनुज के पिता अजय कुमार अपने गांव में ही दर्जी की छोटी सी दुकान चलाते हैं तथा इनकी माता ज्योति देवी एक गृहिणी हैं।

अनुज बचपन से ही सीए बनना चाहते थे तथा विपरीत परिस्थितियों में भी अनुज ने कड़ी मेहनत की तथा अपना लक्ष्य हासिल किया। अनुज ने 12वीं तक की पढ़ाई डीएवी ऊना से की है। अनुज शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी विमला देवी तथा अपने शिक्षकों को दिया।

: *राजधानी में पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर पर 1.10 लाख के गबन का आरोप* 

रामपुर डाक मंडल अधीक्षक ने पुलिस को सौंपी शिकायत

शिमला जिला में एक पूर्व डाकघर कर्मचारी द्वारा सरकारी पैसे के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। रामपुर बुशहर डाक मंडल के अधीक्षक की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस थाना कुमारसैन के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत यह मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि कबीर सिंह निवासी कोटगढ़ शिमला, वीरगढ़ शाखा डाकघर में ब्रांच पोस्टमास्टर के पद पर तैनात था। उस पर आरोप है कि वर्ष 2023 और 2024 के दौरान उसने वीरगढ़ ब्रांच पोस्ट ऑफिस में 110215 रुपए की सरकारी राशि का गबन किया। डाक विभाग ने जब खातों की जांच की, तो यह गड़बड़ी सामने आई।

इसके बाद अधीक्षक डाकघर, रामपुर डाक मंडल ने लिखित शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी ने किस तरीके से यह रकम हड़पी और क्या इसमें कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल था। उधर, एएसपी शिमला नवदीप सिंह का कहना है कि पुलिस ने वरिष्ठ डाक अधीक्षक कार्यालय रामपुर डिवीजन की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

: *मानसून की आपदा पर सीएम ने बुलाई बैठक* 

आज राजस्व और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से भी रिपोर्ट लेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू

मानसून के इस सीजन में हो रहे जान माल के नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बड़ी बैठक बुलाई है। सोमवार को वह राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन की मुद्दों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए भी चर्चा होगी। बाढ़ के कारण बेघर हुए लोगों को 5000 रुपए मासिक किराया राज्य सरकार ने पहले ही घोषित कर दिया है। राज्य सरकार की तरफ से आपदा प्रभावित सराज में भेजे गए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी लौट आए हैं। मुख्यमंत्री के साथ होने वाली इस बैठक में भारत सरकार के समक्ष क्षति को प्रस्तुत करने के फार्मूले पर भी चर्चा होगी।

गौरतलब है कि हिमाचल में मानसून सीजन में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से सबसे ज्यादा 14 लोगों की मौत बादल फटने के कारण और आठ की फ्लैश फ्लड में बह जाने के कारण हुई है। गिरने से भी आठ लोगों की मौत हुई है। दुखद यह है कि 37 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें अकेले मंडी के 31 लोग शामिल हैं। अब तक मानसून से 573 करोड़ का नुकसान हो चुका है। हिमाचल में मानसून सीजन के दौरान ही 72 पक्के घर और 91 कच्चे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 44 पक्के घरों और 134 कच्चे घरों को आंशिक नुकसान हुआ है।

: *दलाईलामा के 90वें जन्मदिन पर जश्न, प्रधानमंत्री मोदी, अमरीका सहित बालीवुड हस्तियों ने दी बधाई* 

बौद्ध नगरी मकलोडगंज स्थित त्सुगलगखंग बौद्धमठ में रविवार को तिब्बतियों के सर्वोच्च अध्यात्मिक गुरु दलाईलामा का 90वां जन्मदिन विश्वभर में निर्वासित तिब्बतियों व बौद्ध अनुयायियों ने हर्षोल्लासपूर्वक मनाया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की ओर से आयोजित जन्मदिन समारोह में धर्मगुरु स्वयं मौजूद रहे। इस दौरान धर्मगुरु ने कहा कि मैं एक साधारण बौद्ध भिक्षु हंू, साथ ही उन्होंने करुणा, सौहार्द व आंतरिक शांति के महत्त्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाईलामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई दी और उन्हें प्रेम और धैर्य का प्रतीक बताया। पीएम मोदी के संदेश को निर्वासित सरकार के सिक्योंग पेंपा छेरिंग ने कार्यक्रम के दौरान पढक़र सुनाया। तेलगु देशम पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने भी दलाईलामा को जन्मदिन की बधाई दी है।

इसके अलावा दलाईलामा के जन्मदिन पर अमरीका ने भी शुभकानाएं दी हैं। अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दलाईलामा को एकता, शांति और करुणा का संदेश देकर लोगों को प्रेरित करने वाला बताया गया है। देशभर के लोगों सहित बॉलीवुड सेलेब्स ने भी दलाई लामा को जन्मदिन की बधाई दी है। बालीवुड अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी, ईशा देओल, रवीना टंडन, दीया मिर्जा ने वीडियो के माध्यम से दलाईलामा को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विभिन्न देशों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जन्मदिन समारोह में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राजीव रंजन सिंह बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। वहीं, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, हॉलीवुड एक्टर रिचर्ड गेर, सिक्किम के प्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

धर्मगुरु के निर्णय का करेंगे पालन

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एक अनुयायी के रूप में और विश्व भर के लाखों अनुयायियों की ओर से वह यह कहना चाहते हैं कि जो भी निर्णय परम पावन (दलाईलामा) की ओर से लिए जाएंगे, जो भी परंपराएं और परिपाटियां स्थापित हैं, हम उन सभी का पूरी तरह पालन करेंगे।

: *CM सुक्खू ने PM मोदी को लिखा पत्र, कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर किया यह आग्रह* 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला स्थित शिपकी-ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रारंभ करने की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिपकी-ला क्षेत्र वर्तमान सीमाओं से पूर्व भारत-तिब्बत व्यापार का महत्त्वपूर्ण मार्ग रहा है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग तिब्बती बौद्ध धर्म और प्राचीन तीर्थयात्रा पथों के लिए एक सांस्कृतिक गलियारा भी रहा है, जो कैलाश और मानसरोवर के साथ भारत के स्थायी सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का किन्नौर क्षेत्र अर्ध-शुष्क होने के साथ-साथ स्पीति जैसे वर्षा छाया क्षेत्र में स्थित होने के कारण मानसून की बाधाओं से कम प्रभावित होता है जिससे वर्ष के अधिकांश समय यह मार्ग सुगम रहता है। उन्होंने कहा कि शिपकी-ला से गरतोक होते हुए दारचेन और मानसरोवर की ओर जाने वाला मार्ग तिब्बत की ओर से नजदीक है। उन्होंने कहा कि शिपकी-ला अधिक स्थिर और स्पष्ट गलियारा भी प्रदान करता है, जो इस मार्ग को दीर्घकालिक, विश्वसनीय तीर्थयात्रा और सीमापार संपर्क के लिए उपयुक्त बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रामपुर और पूह के माध्यम से शिपकी-ला तक पहले से ही सड़क सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आधार शिविरों और सहायक बुनियादी ढांचे के केंद्रित विकास के साथ, इस मार्ग को कैलाश मानसरोवर यात्रा ढांचे में निर्बाध रूप से एकीकृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह किन्नौर के जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए भी दूरगामी भूमिका निभाएगा। यह वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमा विकास और पर्यटन के लिए सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिपकी-ला मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए खोला जाता है तो राज्य सरकार, केंद्र सरकार को हर प्रकार का आवश्यक प्रशासनिक और लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करेगी।

: *शुक्रखड्ड में बह गई प्रवासी महिला, क्रशर की लेबर में करती थी काम, तलाश में जुटा प्रशासन* 

विकास खंड बिझड़ी के तहत बहने वाली शुक्कर खड्ड में एक प्रवासी महिला बह गई है। महिला क्रशर की लेबर में यह काम करती थी। बताया जा रहा है कि लेबर खड्ड से दूरी पर रहती है, लेकिन महिला किसी काम के चलते खड्ड के नजदीक चली गई। यहां पर वह पानी के बहाव में बह गई। रविवार सुबह भारी बारिश की वजह से खड्ड का जलस्तर बढ़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद प्रशासन व पुलिस तथा स्थानीय लोग महिला की तलाश कर रहे हैं। अभी तक महिला का कोई पता नहीं चल पाया है। तहसीलदार बिझड़ी संदीप चंदेल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। महिला की तलाश की जा रही है।

: *मंडी में भारी बारिश के चलते पेयजल आपूर्ति बाधित, विभाग ने लोगों से की यह अपील* 

मंडी नगरवासियों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान में चल रहे वर्षा ऋतु के दौरान लगातार हो रही बारिश के कारण नगर में नियमित पेयजल आपूर्ति बनाए रखना अत्यंत कठिन हो गया है। आज प्रातः काल से उहल नदी से जल आपूर्ति पूर्ण रूप से बाधित हो गई है, क्योंकि इंटेक सिस्टम में अत्यधिक गाद (सिल्ट) जमा हो गई है। हमारी टीमें मौके पर भेजी जा चुकी हैं, लेकिन लगातार वर्षा के कारण पुनः स्थापना कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इसी के साथ-साथ पड्डल पंप हाउस की मोटरें भी कार्य नहीं कर रही हैं, क्योंकि नदी का जल अत्यधिक गंदला (टर्बिड) हो गया है, जिससे जल को उठाना संभव नहीं हो पा रहा है।

इसके अतिरिक्त, नगर के बिजनी, जेल रोड, टारना एवं अन्य क्षेत्रों में पाइपलाइनों के बार-बार टूटने की घटनाएं भी जल वितरण को प्रभावित कर रही हैं। वस्तुस्थिति को देखते हुए यह प्रतीत हो रहा है कि अगले दो दिन पेयजल आपूर्ति बाधित रह सकती है, इसके लिए नगरवासियों को तैयार रहना पड़ेगा। इस स्थिति में हम जनता से अपील करते हैं कि जल का उपयोग अत्यधिक सावधानी से और संयमपूर्वक करें तथा किसी भी प्रकार की बर्बादी से बचें।

किसी भी जानकारी या समस्या के लिए कृपया हमारे हेल्पलाइन नंबर 01905-222855 पर कॉल करें। अधिकारियों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर लगातार क्षेत्र से जानकारी एकत्र करने और कर्मचारियों को निर्देश देने में व्यस्त रह सकते है। हमें नगरवासियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और हम आपको आश्वस्त करते हैं कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

: *IND vs ENG: भारत ने जीता बर्मिंघम, कप्तान गिल संग गेंदबाज भी छाए, इंग्लैंड संग सीरीज 1-1 से बराबर*

भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को बर्मिंघम के एजबेस्टन ग्राउंड में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 336 रन से हरा दिया। इसके साथ ही पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है। 608 रन के टारगेट का पीछा कर रही इंग्लैंड की टीम मैच के आखिरी दिन 271 रन पर ऑलआउट हो गई। यह इंग्लैंड की धरती पर रन के लिहाज से भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पिछला रिकॉर्ड 279 रन से जीत का था। भारत ने 1986 में लीड्स में अंग्रेजों को इस अंतर से हराया था। साथ ही भारत ने बर्मिंघम में 58 साल में पहली जीत हासिल की है। इससे पहले यहां खेले आठ टेस्ट में से 7 में भारत को हार मिली थी और एक मुकाबला ड्रॉ हुआ था। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 72 रन के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। बारिश के कारण मुकाबला करीब 90 मिनट की देरी से शुरू हुआ। लंच तक अंग्रेजों ने तीन विकेट और गंवा दिए। दूसरे सत्र में बाकी बचे चार विकेट गिरे।

भारत के लिए आकाश दीप ने छह , मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिया। भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 587 रन बनाए थे। शुभमन गिल ने 269 रनों की पारी खेली। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 407 रन पर सिमट गई। भारत ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 427 रन के स्कोर पर घोषित कर दी। गिल फिर टॉप स्कोरर रहे और 161 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने इस मैच की दोनों पारियों में मिलाकर 430 रन बनाए, जबकि आकाश दीप ने 10 विकेट झटके।

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*फर्जी दस्तावेज के आधार पर सेना का अधिकारी बन*

 होटल व्यवसायी को चूना लगाने वाले व्यक्ति को शनिवार को न्यायालय से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी से फर्जी दस्तावेज बनाने को लेकर पूछताछ कर सकती है।

पुलिस को दिए बयान में होटल व्यवसायी ने बताया कि भरमौर-पठानकोट हाईवे पर तडोली नामक स्थान पर उसका होटल हैं। 2 जुलाई को आरोपी रोहित कुमार पुत्र रोकश कुमार निवासी प्लाट नंबर जे30-गली नंबर 12 डिफेंस एक्सलेव गायेला ताजपुर मार्ग नई दिल्ली उसके होटल में पहुंचा।

इसने स्वयं को सेना में मेजर बताते हुए अपना आधार कार्ड और सेना का कार्ड देकर कमरा बुक करवाया। शुक्रवार को फर्जी सेना अधिकारी बिना किसी को बताए होटल से चेक आउट कर गया। होटल व्यवसायी को जब व्यक्ति के चेक आउट करने के पता चला तो, उसके मोबाइल नंबर पर फोन किया। मोबाइल पर बात करते हुए फर्जी अधिकारी उस पर भड़क उठा और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।

उसने खुद को सेना का अधिकारी बताते हुए किराया और अन्य बिल अदा न करने की बात कहते हुए फोन काट दिया। होटल व्यवसायी ने शक के आधार पर जब रजिस्टर में सेना अधिकारी के दस्तावेज देखे तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचित किया।

सूचना मिलने के बाद मौके पर पगुनची पुलिस टीम ने फोन कर फर्जी सेना अधिकारी को मौके पर बुलाकर दस्तावेज चेक किए तो वे फर्जी पाए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जिसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि सेना का फर्जी अधिकारी बन घूम रहे व्यक्ति को न्यायालय से तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है।

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*चंबा में नाले में बह गए पुल, ऊना में बारिश से तबाही, मंडी में बादल फटा, 50 बीघा जमीन बही*

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रंग दिखाया। इस दौरान दो जगह बादल फटा, जबकि ऊना में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। पहले मामले में मंडी जिला की चौहारघाटी के कोरतंग नाले में आधी रात को बादल फटने के बाद बाढ़ आ गई। इस घटना में तीन पैदल व एक वाहन योग्य पुल बह गए। वहीं, दूसरे मामले में चंबा के चुराह में बादल फटने के बाद नाले में बाढ़ आने से एक पुल बह गया। इसके अलावा जिला ऊना में भारी बारिश के बाद स्वां नदी का पानी सडक़ों, पेट्रोल पंप, उद्योगों सहित लोगों के घरों में जा घुसा…

नाले में बह गए पुल

चंबा के चुराह में बाढ़ के बाद चार पंचायतों का संपर्क कटा

चुराह उपमंडल के नकरोड-चांजू मार्ग पर कठवाड़ के समीप रविवार सुबह ऊपरी हिस्से में बादल फटने से कंगेला नाला के बढ़े जलस्तर की चपेट में पुल बह गया। इसके चलते चुराह उपमंडल की चार पंचायतों बघेईगढ, चांजू, चरड़ा व देहरा की हजारों की आबादी का संपर्क शेष विश्व से कट गया है। फिलहाल इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को दोबारा से आरंभ करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की कार्ययोजना पर काम आरंभ कर दिया है। जानकारी के अनुसार रविवार सवेरे चुराह उपमंडल में जारी मूसलाधार बारिश के बीच ऊपरी हिस्से में बादल फटने से कंगेला नाला उफान पर आ गया।

नाले के रौद्र रूप को देखते हुए मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों के समय रहते सुरक्षित जगह पनाह ले ली। इस बीच नाले के बढ़े जलस्तर से पुल बहने की घटना को लोगों ने मोबाइल में भी कैद कर लिया। इस मार्ग के बंद होने से चांजू इलाके की चार पंचायतों की आबादी प्रभावित हुई है। उधर, लोक निर्माण विभाग चुराह मंडल के एक्सईएन जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि नाले का जलस्तर बढऩे से कंगेला नाले पर निर्मित स्टील ट्रस पुल बह गया है। उन्होंने बताया कि नकरोड-चांजू मार्ग पर यातायात को दोबारा बहाल करने को लेकर सोमवार को काम आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल के बहने से लोक निर्माण विभाग को दो करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।

ऊना में बारिश से तबाही

कई घरों में घुसा पानी, तेज बहाव में फंस गए हिमटेक उद्योग के 45 कामगार

जिला ऊना में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। भारी बारिश से जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं एक दर्जन से अधिक रिहायशी इलाकों में हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। लोगों के घरों में तीन से चार फीट तक पानी घुस जाने से लोगों का फर्नीचर, राशन, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण नाले की निकासी अवरुद्ध हो जाने से हिमटेक उद्योग नंगल सलांगड़ी के परिसर में पानी घुस गया। उद्योग परिसर में 45 मजदूर घंटों मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को रस्सों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा बारिश के कारण जिला के एक दर्जन स्थानों पर रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

बारिश के कारण ऊना जिला के विभिन्न क्षेत्रों बडूही, त्यूड़ी, टक्का, नंगल सलांगड़ी़, खड्ड, पंडोगा सहित अन्य क्षेत्रों की मुख्य सडक़ों पर पानी भर गया है। ऊना मुख्यालस के साथ सटी पनोह पंचायत में खड्ड पलटने से पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। इससे खड्ड के साथ सटी आबादियों में पानी आ जाने से लोगों के घरों में कई-कई फुट पानी जमा हो गया। लोगों को जान बचाकर अन्य सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ा। बारिश से स्वां नदी सहित सभी खड्डे उफान पर आ गई। हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत पंजावर गांव में पानी लोगों के खेतों में घुस गया। इसके साथ ही मत्स्य फार्म में पानी घुस गया। तेज बहाव में सारी मछलियां बह गईं। ऐसे में करीब 13 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

पद्धर के कोरतंग में बादल फटा, 50 बीघा जमीन बही

पद्धर — जिला मंडी के उपमंडल पद्धर की चौहारघाटी की ग्राम पंचायत शिल्हबधाणी के गांव कोरतंग में शनिवार रात्रि भारी बारिश व बादल फटने से लोग एक बार फिर सहम गए। सूचना मिलते ही एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ प्रभावित गांव में पहुंचे तथा नुकसान का जायजा लिया। हालांकि बादल फटने की इस घटना में जान-माल को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन कुगड़ी व कोतरंग नाले में तीन पैदल पुल तथा एक वाहन योग्य पुल बह गए। वहीं, इस घटना में गांव कोतरंग के लोगों की नाले के साथ लगती लगभग 50 बीघा निजी भूमि बाढ़ में बह गई है।

: *चबा:लकड़ी से भरी पिकअप जब्त*

*वन विभाग ने कल्हेल में डुलू मोड़ के पास पकड़े देवदार के 31स्लीपर*

वन विभाग की टीम ने कल्हेल में डुलू मोड के पास एक पिकअप वाहन से देवदार लकड़ी के 31 अवैध स्लीपर बरामद करने में सफलता हासिल की है। *इस लकड़ी का बाजारी मूल्य करीब अढ़ाई लाख रुपए आंका गया है। वन विभाग की टीम ने इस संदर्भ में वाहन में सवार दो लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में रहने के साथ ही अवैध लकड़ी की खेप को कब्जे में ले लिया है।*

जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम ने वन परिक्षेत्र अधिकारी मसरूंड हितेश्वर नरियाल की अगवाई में डुलू मोड के पास गुप्त सूचना के आधार पर नाका लगा रखा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे पिकअप वाहन को निरीक्षण के लिए रोका गया। वाहन के निरीक्षण दौरान विभागीय टीम ने इसमें देवदार लकड़ी के 31 स्लीपर लदे पाए। वन विभाग की टीम की पूछताछ में बहन में सवार दो लोग लकड़ी का कोई वैध दस्तावेज मौके पर नहीं पेश कर पाए। डीएफओ चंबा कृतज्ञ कुमार ने मामले की पुष्टि की है।

: कलोहा-परागपुर-ढलियारा-डाडासिबा-संसारपुर टैरेस रोड यातायात के लिए रहेगा बंद - उपायुक्त

धर्मशाला, 07 जुलाई। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए अधिसूचना जारी की है कि देहरा उपमंडल के अन्तर्गत कलोहा-परागपुर-ढलियारा-डाडासिबा-संसारपुर टैरेस सड़क के मरम्मत कार्य के चलते 03 जुलाई 2025 से 15 अगस्त 2025 तक हर प्रकार के यातायात के लिए पूर्ण रूप से बंद रहेगा। इस दौरान गाड़ियों की आवाजाही के लिए बानी से परागपुर वाया डांगरा सिद्ध व परागपुर से देहरा वाया बलाहर एवं परागपुर से नैहरन पुखर वाया बलाहर बिल्लां दा भरोह नलेटी मार्गों का उपयोग किया जाएगा। उन्होने लोगों से सहयोग की अपील की है।

: प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों की सहायता के लिए स्वेच्छा से सहयोग करेंः अपूर्व देवगन

समाज के सभी प्रबुद्ध वर्ग सभी विभागों तथा आम जन मानस से भी अपील की है कि इस त्रासदी के समय सभी अपने-अपने स्तर पर जिला प्रशासन तथा फंसे हुए लोगों की सहायता के लिए आगे आएं।

: *कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में मानसून-2025 की पूर्व तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित*

विधानसभा अध्यक्ष ने आपदा प्रबंधन के लिए सतर्कता और समन्वय के दिए निर्देश

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था बनाई जाए सुनिश्चित 

आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत 200 आपदा मित्र तथा 1502 यूथ वॉलिंटियर प्रशिक्षित

चंबा, जुलाई 7

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में मानसून-2025 के दौरान ज़िला में बेहतर आपदा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित बनाने को लेकर विभिन्न विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा को लेकर आज बचत भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया । 

बैठक में विधायक नीरज नैय्यर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे । 

कुलदीप सिंह पठानिया ने बैठक के दौरान ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े सभी प्रमुख विभागों द्वारा बेहतर आपदा प्रबंधन एवं जन सुरक्षा से संबंधित पूर्व तैयारियों एवं उठाए गए आवश्यक कदमों की विभाग बार समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को विशेष सतर्कता रखने के साथ सभी हित धारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। 

उन्होंने कहा कि चूंकि प्रदेश में विगत कुछ वर्षों से बादल फटने की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी हो रही है। ज़िला चंबा की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अकस्मात प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाओं के चलते संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी सुनिश्चित बनाई जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागीय कार्ययोजना को व्यवहारिक स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष ने सभी उपमंडल दंडाधिकारी नागरिक (एसडीएम) से अपने अधिकार क्षेत्र के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने, आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत विभिन्न विभागीय कार्य योजना का व्यावहारिक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल के भीतर समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण करने को निर्देशित किया । 

कुलदीप सिंह पठानिया ने विभिन्न जल विद्युत परियोजना प्रबंधकों राष्ट्रीय उच्च मार्ग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, राज्य विद्युत बोर्ड , स्वास्थ्य विभाग सहित प्रमुख विभागीय अधिकारियों को भी समयबद्ध रूप से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। 

विधायक नीरज नैय्यर ने संबंधित सभी विभागीय अधिकारियों को आपदा से निपटने की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154 ए के तहत विभिन्न स्थानों पर आवश्यक मशीनरी एवं सहायक उपकरणों की भी पूर्व उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। 

बैठक में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत विभिन्न विभागीय कार्य योजना की विस्तृत जानकारी रखते हुए बताया कि

आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत 200 आपदा मित्रों तथा 1502 यूथ वॉलिंटियर को प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया गया है। ज़िले मैं आपदा निम्नीकरण से संबंधित कार्यों के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। 

बैठक में अतिरिक्त ज़िला दंडाधिकारी अमित मैहरा ने कार्यवाही का संचालन किया। 

पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, अतिरिक्त ज़िला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर राणा, उप मंडल अधिकारी नागरिक पारस अग्रवाल, अनिल भारद्वाज, वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार, रजनीश महाजन, अधीक्षण अभियंता दिवाकर सिंह पठानिया, राजेश मोगरा, राजीव ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन ठाकुर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेएस भारद्वाज, ज़िला विकास अधिकारी ओपी ठाकुर, ज़िला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

: *राज ठाकरे को खुली चुनौती, इतने ही बड़े बॉस हो, तो आ जाओ यूपी-बिहार, पटक-पटक कर मारेंगे* 

राज ठाकरे को निशिकांत दुबे की खुली चुनौती

मुंबई में हिंदीभाषियों से मारपीट पर जताई नाराजगी

बिहार विधानसभा चुनाव और बीएमसी चुनावों से पहले मुंबई में गैर मराठियों खासकर हिंदीभाषियों से मारपीट और हिंदी विरोध का मामला अब सियासी मुद्दा बन चुका है। भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को आड़े हाथों लिया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ताजा हमले में राज ठाकरे को खुली चुनौती दी है कि अगर हिम्मत है, तो वह महाराष्ट्र से बाहर निकलकर देखें। दुबे ने दो टूक कहा कि अगर आप बहुत बड़े बॉस हो, तो चलो बिहार। चलो उत्तर प्रदेश। चलो तमिलनाडु। तुमको पटक-पटक कर मारेंगे। गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे का नाम लिए बिना कहा कि आप लोग हमारे पैसे से जी रहे हैं। आपके पास किस तरह के उद्योग हैं? अगर आपमें इतनी हिम्मत है कि आप हिंदी बोलने वालों को पीटते हैं, तो आपको उर्दू, तमिल और तेलुगु बोलने वालों को भी पीटना चाहिए। अगर आप इतने बड़े बॉस हैं, तो महाराष्ट्र से बाहर आएं, बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में आएं, तुमको पटक-पटक के मारेंगे।

हालांकि, दुबे ने कहा कि हम सभी मराठी और महाराष्ट्र के लोगों का सम्मान करते हैं, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। बीएमसी चुनाव होने वाले हैं और इसीलिए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे सस्ती राजनीति कर रहे हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें माहिम जाना चाहिए और माहिम दरगाह के सामने किसी भी हिंदी या उर्दू बोलने वाले को पीट कर दिखाना चाहिए। बता दें कि पिछले दिनों एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के पास मीरा रोड में मराठी नहीं बोलने पर एक फूड स्टॉल के मालिक की पिटाई कर दी थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद राज्य में सियासी विवाद बढ़ गया। कुछ दिनों पहले भी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के समर्थकों ने निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित कार्यालय पर हमला बोल दिया था। यह हमला केडिया द्वारा सोशल मीडिया पर मराठी न सीखने संबंधी पोस्ट और राज ठाकरे को ‘क्या करना है बोल’ संबंधी चेतावनी के बाद किया गया था। तब मनसे समर्थकों ने ठाकरे और मराठी के समर्थन में नारे लगाते हुए सुबह केडिया के कार्यालय के कांच के दरवाजे पर नारियल फेंके थे। इस घटना का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

: *संपन्न थे परिवार, अब आपकी मदद की दरकार, आप भी अपनी नेक कमाई से भेजें मदद* 

मंडी के आपदा प्रभावितों की हालत खराब, आप भी अपनी नेक कमाई से भेजें मदद

इस बार बरसात ने शुरुआत में ही हिमाचल को ऐसे जख्म दिए हैं, जो कभी भी भर नहीं पाएंगे। ‘दिव्य हिमाचल’ ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए छोटी सी पहल की है। उसके बाद दानियों ने भी मदद के हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इससे मंडी बाढ़ प्रभावितों को भी आस बंधनी शुरू हो गई है। गौर हो कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे और करोड़ों रुपए की संपत्ति बाढ़ की भेंट चढ़ गई। इस दौरान दर्जनों लोगों की जान चली गई, सैकड़ों घर-गोशालाएं तबाह हो गए और कई मवेशी काल का ग्रास बन गए। प्राकृतिक आपदा के बाद अभी भी कई लोग लडख़ड़ाते कदमों से नदी-नालों के किनारे भटक रहे हैं। ये वे लोग हैं, जिनके अपने बाढ़ के बाद से लापता हैं। मंडी जिला से दिल दहला देने वाले कई मामले सामने आए हैं। कई जगह परिवार के सब बड़े-बुजुर्ग बह गए हैं और छोटे-छोटे मासूम ही सुरक्षित बचे हैं।

इन बच्चों की देखभाल तक करने वाला कोई नहीं है। सरकार प्रभावित लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश तो कर रही है, लेकिन ये जख्म इतने गहरे हैं कि शायद ही भर पाएं। इस तबाही के बीच बहुत से लोगों ने अपनी जानें गंवाई हैं। लोगों के दुख दर्द और सरकार की मजबूरियों को समझते हुए ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ ने भी मदद के हाथ बढ़ाते हुए ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ से दो लाख रुपए की प्रथम किस्त आपदा पीडि़तों को जारी करने की घोषणा की है। मीडिया गु्रप ने देश-परदेश के आमजन से आग्रह किया है कि वे भी इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग देें और आपदा प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं। दानी सज्जन ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ में अपने सामथ्र्य अनुसार दान दे सकते हैं। हमारी यह छोटी सी मदद पीडि़तों के नुकसान की भरपाई तो नहीं कर सकती, लेकिन उनकी तकलीफों को कुछ हद तक कम करने में जरूर मदद करेगी।

इस पते पर भेजें मदद

प्रभावितों की मदद के लिए कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ के नाम पर भेजें

दिव्य हिमाचल सहायता कोष, दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप, पुराना मटौर, कांगड़ा,

हि. प्र.-176001 या क्यूआर कोड स्कैन करें

हेल्पलाइन

सभी दानियों के नाम ‘दिव्य हिमाचल’ में प्रकाशित किए जांएगे। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें- 70181-97293, 94184-07889, 94182-55757, 98163-24264, 78078-44144

नोट: दान की गई राशि को आयकर की धारा 80 जी के तहत छूट प्राप्त है।

कुछ ऐसे हैं हालात

हिमाचल प्रदेश में मानसून की मार से हो रहे नुकसान का आंकड़ा निरंतर बढ़ रहा है। कई ऐसे परिवार, जो गुजरे कल तक संपन्न और खुशहाल थे, उनके पास तन पर पहने कपड़ों से ज्यादा कुछ बचा नहीं है। इन परिस्थितियों में लोग व सरकार अपने-अपने तरीकों से मदद का प्रयास कर रहे हैं या सहायता करना चाहते हैं। इसलिए ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ ने अपना भरोसेमंद मंच प्रस्तुत किया है, ताकि इच्छुक लोग अपनी नेक कमाई से कुछ अंशदान कर मानवता की मदद में प्रतिभागी बन पाएं।

: *हिमाचल के पांच शहरी निकायों में बन रहे ग्रीन स्पेस पार्क, इस योजना के तहत बनकर होंगे तैयार* 

पांवटा साहिब, सुंदरनगर, परवाणू नलागढ़, बद्दी में बन रहे पार्क

अमृत योजना के तहत 2.81 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होंगे पार्क

प्रदेश के पांच शहरी निकायों में अमृत योजना के तहत ग्रीन स्पेस पार्क बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब, मंडी जिला के सुंदरनगर, सोलन जिला के परवाणू, नलागढ़ और बद्दी में ग्रीन स्पेस पार्क बनाए जा रहे हैं। अमृत योजना के तहत बनाए जा रहे इन ग्रीन स्पेस पार्क के निमार्ण कार्य पर करीब 2.81 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। शहरी निकायों में अमृत योजना के तहत बनाए जा रहे ग्रीन स्पेस पार्क में हरे-भरे पौधे और लोगों को सैर करने के लिए पथ भी बनाए जा रहे हैं। ग्रीन स्पेस पार्क में लोगों के बैठने के लिए बैंच भी लगाए जा रहे हैं। बद्दी में अमृत योजना के तहत दो ग्रीन स्पेस पार्क बनाकर तैयार हो गए हैं। इसके अलावा नालागढ़ में भी ग्रीन स्पेस पार्क का निमार्ण कार्य चल रहा है।

अमृत योजना के तहत बनाए जा रहे ग्रीन स्पेस पार्क में सुदंर नगर में 1.25 करोड़, पांवटा सहिब में 0.40 करोड़, परवाणू में 0.52 करोड़, नलागढ़ में 0.37 करोड़ और बद्दी में 0.27 करोड़ की लागत से ग्रीन स्पेस पार्क का निर्माण किया जा रहा है। शहरी निकायों में ग्रीन स्पेस पार्क के निमार्ण से क्षेत्र के लोगों जिनमें बच्चों को खेलने और बुजुर्ग लोगों को सैर कर सकेंगे। उधर, शहरी विकास विभाग के निदेशक डॉ. नीरज कुमार का कहना है कि प्रदेश के पांच शहरी निकायों में अमृत योजना के तहत 2.81 करोड़ की लागत से ग्रीन स्पेस पार्क का निमार्ण किया जा हैं। उन्होंने बताया कि बद्दी में ग्रीन स्पेस पार्क का निमार्ण कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि सिरमौर जिला के पांवटा साहिब, मंडी जिला के सुंदर नगर, सोलन जिला के परवाणू, और नलागढ़ में ग्रीन स्पेस पार्क बनाए जा रहे हैं।

: *चिट्टा तस्कर की एक करोड़ की संपत्ति सीज, कांगड़ा पुलिस की एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कार्रवाई* 

कांगड़ा के नशे के सौदागर पर पुलिस की कार्रवाई से हडक़ंप, कारोबार में शामिल लोगों पर नजर

कांगड़ा पुलिस के नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत कांगड़ा के चिट्टा तस्कर पवन कुमार की एक करोड़ सात लाख की संपत्ति सीज की गई है। कांगड़ा पुलिस की एक सप्ताह में ही ड्रग तस्करों पर दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है। इससे पहले हाल ही में धर्मशाला रक्कड़ के छप्पन सिंह की सवा करोड़ की संपत्ति को सीज किया गया था। दिल्ली प्राधिकरण से ड्रग तस्कर से सहमति मिली है। अब पुलिस विभाग की ओर से अन्य नशा तस्करों पर नजर रखी जा रही है। जिला कांगड़ा के ड्रग तस्कर पवन कुमार की एक करोड़, छह लाख, 13 हजार 67 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। कांगड़ा पुलिस द्वारा पारित फ्रीज के आदेश को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, एसएएफईएम एवं एनडीपीएसए दिल्ली से सहमति मिली है। इनमें दो मकान व अन्य संपत्तियां 87 लाख 77 हजार 67 तथा सोने व चांदी के गहने 18 लाख 36 हजार मूल्य की है। कुल जब्त की गई संपत्ति का मूल्य एक करोड़, छह लाख 13 हजार है। इसके अलावा, जिला कांगड़ा पुलिस द्वारा पूर्व में भी एक करोड़, 78 लाख, 71 हजार 816 की अवैध संपत्ति की जब्ती की पुष्टि की जा चुकी है।

छह नवंबर, 2024 को पवन कुमार पुत्र स्व. सुरिंद्र कुमार निवासी गांव अरला जिला कांगड़ा को 26.10 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में पुलिस थाना कांगड़ा में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत एफआईआर संख्या 180/24 छह नवंबर, 2024 दर्ज की गई थी। यह अपराध एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दस वर्ष या उससे अधिक की सजा के अंतर्गत आता है। जब्त की गई संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है, न खरीदा जा सकता है, और न ही किसी अन्य प्रकार से उपयोग में लाया जा सकता है। जब तक कि पुलिस थाना प्रभारी या सक्षम प्राधिकारी दिल्ली से अनुमति प्राप्त न हो। इससे पूर्व भी उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच मामले पहला 27/19 (22 फरवरी,2019), दूसरा 09/20( आठ जनवरी, 2020), तीसरा 189/20 दिनांक (दो अक्तूबर, 2020), चौथा 19/23 दिनांक (दो फरवरी, 2023) व पांचवां 109/23 दिनांक (15 जुलाई, 2023) दर्ज हैं।

नशा बेचने वालों की खैर नहीं

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्रिहोत्री ने बताया कि यह न केवल कांगड़ा पुलिस की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि नशे के व्यापार में शामिल लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

: *Himachal : हिमाचल का सबसे पुराना Industrial Area परवाणू लड़ रहा अपने औद्योगिक अस्तित्व की लड़ाई* 

औद्योगिक पहचान खो रहा इंडस्ट्रियल एरिया, प्लॉट्स पर हावी हो रही व्यावसायिक गतिविधियां

हिमाचल प्रदेश का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र परवाणू इन दिनों अपने औद्योगिक होने के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। कभी प्रदेश की औद्योगिक रीढ़ माने जाने वाला यह क्षेत्र आज अव्यवस्था, विभागीय लापरवाही, निजी स्वार्थ और राजनीतिक उदासीनता के कारण संकट में घिरा हुआ है। हिमुडा द्वारा उद्योग लगाने के उद्देश्य से आबंटित प्लॉट्स पर अब बड़े पैमाने पर कामर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। खासकर सेक्टर-एक और दो में यह स्थिति बेहद चिंताजनक हैं, जहां कई उद्योगपतियों ने अपने प्लॉट्स पर शोरूम, वर्कशॉप, गोदाम, ट्रेडिंग गतिविधियां और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान खोल रखे हैं। बता दें वर्ष 2017 के आदेश ने इंडस्ट्री विभाग व मेंबर सेक्रेटरी की शक्तियां सीमित या यूं कहें ख़त्म कर दीं। जानकारी के अनुसार 2017 तक परवाणू क्षेत्र की औद्योगिक निगरानी इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के अधीन थी, लेकिन 2017 में विभागीय स्तर पर जारी एक आदेश ने विभाग की शक्तियों को सीमित कर दिया। जानकारी के अनुसार ये आदेश किसी सरकारी अधिसूचना के रूप में नहीं, बल्कि विभागीय पत्राचार के माध्यम से लागू किया गया बताया जा रहा है। वहीं वर्तमान में परवाणू इंडस्ट्री डिपार्टमेंट केवल अपने पांच प्लॉट्स की ही निगरानी कर सकता है या फिर उद्योग लगाने वालों को प्रदेश की औद्योगिक पॉलिसी की जानकारी मुहैया करवा सकता है, जिनमें से एक का मामला न्यायालय में लंबित है।

विभाग के पास यह अधिकार भी नहीं है कि वह यह जांच कर सके कि किस आधिकारिक इंडस्ट्री प्लॉट पर उद्योग चल रहा है। विभाग का कहना है कि उन्हें ऐसे मामलों की जांच व कार्रवाई की अनुमति आज तक सरकार से प्राप्त नहीं हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री डिपार्टमेंट जिला सोलन प्रमुख सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि परवाणू में अधिकतर भूमि हिमुडा के अधीन आती है और इंडस्ट्री विभाग के पास अब केवल सीमित अधिकार हैं। यदि इंडस्ट्रियल प्लॉट्स पर कामर्शियल गतिविधियां हो रही हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई का अधिकार केवल हिमुडा के पास है। विभाग केवल उन प्लॉट्स की निगरानी कर सकता है, जो उसने स्वयं आबंटित किए हैं। ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इंडस्ट्री डिपार्टमेंट को जांच और एक्शन का अधिकार होना चाहिए। हिमुडा के अधिशासी अभियंता गिरीश शर्मा ने बताया कि परवाणू में इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के कामर्शियल उपयोग पर विभाग कई वर्षों पहले कई नोटिस जारी कर चुका है। मामले को आवश्यक दस्तावेजों सहित न्यायालय के समक्ष रखा गया है। हिमुडा ने यह आग्रह किया है कि या तो इन पर एक्शन लिया जाए या रेगुलेटरी फाइन लगाकर स्थिति स्पष्ट की जाए। (एचडीएम)

स्थानीय लोगों-विशेषज्ञों में चिंता

स्थानीय नागरिकों और औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति केवल विभागीय विफलता का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें उद्योगपतियों की जवाबदेही और राजनीतिक प्रतिनिधियों की निष्क्रियता भी शामिल है। कई वर्षों में किसी भी जनप्रतिनिधि ने परवाणु को दोबारा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कोई भी ठोस पहल नहीं की।

: *चिंतपूर्णी-देहरा में दो मासूम बच्च्यिों से रेप, पुलिस ने दबोचे आरोपी, आज कोर्ट में करेंगे पेश* 

पुलिस ने दबोचे आरोपी आज कोर्ट में करेंगे पेश

देहरा और चिंतपूर्णी में दो नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए है। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर छानबीन शुरू कर दी है। पहला मामले में चिंतपूणी क्षेत्र में एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीडि़त बच्ची ने 40 वर्षीय युवक पर उसके साथ दुष्कर्म के आरोप जड़े है। मोइन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी डाडासीबा राजकुमार ने बताया कि देहरा अस्पताल में बच्ची का मेडिकल करवाया जा रहा है।

वहीं,देहरा गोपीपुर। देहरा जिला पुलिस के अधीन एक गांव की नाबालिग बच्ची के साथ 45 वर्षीय व्यक्ति द्वारा रेप करने का मामला पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान नगरोटा सूरियां के साथ लगते बासा गांव की बताई जा रही है। पुलिस ने धारा 65 (1)बीएनएस – धारा 4 पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की दी है। देहरा के एसपी मयंक चौधरी ने मामले की पुष्टि की है। आरोपी को कल देहरा की अदालत मे पेश किया जाएगा।

: *प्रधानमंत्री मोदी की दलाईलामा को बधाई पर तिलमिलाया चीन* 

तिब्बती समुदाय के सबसे बड़े आध्यात्मिक नेता दलाईलामा को 90वें जन्मदिन पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी थी और अपने शुभकामना संदेश में कहा था कि वह प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के स्थायी प्रतीक रहे हैं। पड़ोसी देश चीन को पीएम मोदी की बधाई पर भी मिर्ची लग गई है। चीन ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दलाईलामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई देने और उनके जन्मदिवस समारोह में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने के मुद्दे पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को कहा कि भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझना चाहिए और उसे अलगाववादी प्रकृति की पहचान करनी चाहिए। माओ निंग ने कहा कि तिब्बत से संबंधित मामलों पर चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है तथा यह सभी को पता है। चीन तिब्बत को शिज़ांग कहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14वें दलाई लामा राजनीतिक निर्वासन में हैं, जो लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और धर्म की आड़ में शिजांग को चीन से अलग करने का प्रयास करते रहे हैं।

: *वोटर लिस्ट रिवीजन पर बवाल, तेजस्वी बोले, बिहार बंद से सरकार को सिखाएंगे सबक, ये भी रहेंगे मौजूद* 

तेजस्वी बोले, बिहार बंद से सरकार को सिखाएंगे सबक, राहुल गांधी भी रहेंगे मौजूद

बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट रिवीजन पर सियासत गर्म है। विपक्ष ने नौ जुलाई को बिहार बंद बुलाया है। इसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया को ‘वोट बंदी’ करार दिया है। इसे लेकर उन्होंने सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। तेजस्वी ने कहा कि छह जुलाई को इलेक्शन कमीशन से मिलने गए थे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पटना का इलेक्शन कमीशन किसी काम का नहीं है, पोस्ट ऑफिस जैसा है, निर्णय लेने लायक नहीं है।

बता दें बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले को लेकर विपक्षी दलों ने नौ जुलाई को चक्का जाम का आह्वान किया है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। विपक्षी दलों का महागठबंधन बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का लगातार विरोध कर रहा है। महागठबंधन का आरोप है कि बीजेपी जानबूझ कर चुनाव आयोग के साथ मिलकर यह कदम उठा रही है।

बिहारियों का अधिकार छीन रहे दो गुजराती

इस पूरे मामले पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लिया है। लालू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि दो गुजराती मिलकर 8 करोड़ बिहारियों के वोट का अधिकार छीनने का प्रयास कर रहे हैं। इन दो गुजरातियों को बिहार, संविधान और लोकतंत्र से सख्त नफरत है। जागो और आवाज उठाओ.. लोकतंत्र और संविधान बचाओ।

ईसी का दावा, वैध मतदाता का नाम नहीं कटेगा

उधर, चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि वेरिफिकेशन (सत्यापन) का काम आर्टिकल-326 और लोक प्रतिनिधित्व कानून के दायरे में ही किया जा रहा है। इससे किसी वैलिड (वैध) वोटर का नाम नहीं कटेगा, बल्कि विदेशी घुसपैठियों सहित वोटर लिस्ट में गलत तरीके से नाम जुड़वाने वाले बाहर होंगे।

: *राहुल गांधी ने विदेश यात्राओं पर घेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी* , 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा है और कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि जब कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी छात्र पढऩा चाहता है, तभी मोदी सरकार को बजट याद आता है। राहुल गांधी ने पोस्ट में एक अंग्रेजी अखबार की खबर को भी मेंशन किया है, इसके मुताबिक, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 2025-26 एकेडमिक ईयर के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (एनओएस) के लिए चुने गए 106 उम्मीदवारों में से 40 को प्रोविजनल स्कॉलरशिप अवार्ड जारी किए हैं।

इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर फंड उपलब्ध रहेगा, तो बचे हुए 66 कैंडिडेट्स को भी स्कॉलरशिप जारी की जा सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि एनओएस में चयनित 106 में से 66 वंचित छात्रों को सिर्फ इसलिए विदेश में पढऩे की स्कॉलरशिप नहीं दी गई क्योंकि सरकार के पास ‘फंड नहीं’ है, लेकिन मोदी जी की विदेश यात्राओं, प्रचार और इवेंटबाज़ी पर हजारों करोड़ रुपए बेहिचक खर्च किए जाते हैं।

: *छत्तीसगढ़ का सियासी सोमवार : रायपुर में मल्लिकार्जुन खडग़े का वार, मैनपाट में बीजेपी ने लगाई क्लास* 

छत्तीसगढ़ में सोमवार के दिन राजनीति गरमाती नजर आई, क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों ने एक ही दिन छत्तीसगढ़ डेरा जमाया, तो जमकर बयानबाजी का दौर देखने को मिला। रायपुर में कांग्रेस ने ‘किसान, जवान और संविधान’ का आयोजन किया था, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा, तो वहीं दूसरी तरफ मैनपाट में बीजेपी ने भी अपने विधायकों और सांसदों की क्लास लगानी शुरू कर दी।

रायपुर में मल्लिकार्जुन खडग़े का वार

रायपुर। रायपुर में आयोजित ‘किसान, जवान और संविधान’ जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि मोदी दो टांगों से चल रहे हैं। मोदी की एक टांग आंध्र की टीडीपी है और दूसरी बिहार के नीतीश कुमार। इनमें से कोई भी हिली तो मोदी जी गिर जाएंगे। खडग़े ने कहा कि केंद्र सरकार भय और झूठ फैलाकर देश पर राज कर रही है। ये लोग हर जगह मिलकर गरीबों को लूटने और डराने का काम कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है, मर-मिटने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया है।

मैनपाट में बीजेपी ने लगाई क्लास

मैनपाट। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मैनपाट में बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत कर दी है, जिसके समापन समारोह में अमित शाह भी शामिल होंगे। प्रशिक्षण शिविर में बीजेपी के सभी 10 लोकसभा सांसद और 44 विधायक शामिल हुए, इसके अलावा बीजेपी संगठन के भी कई नेता शामिल हुए। सात से नौ जुलाई तक चलने वाले इस शिविर में सांसद और विधायकों को अहम टिप्स दिए जाएंगे, जो आने वाली रणनीति के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। बीजेपी राष्ट्रीय नेता संगठन और सरकार दोनों का ही फीडबैक लेने की तैयारी में हैं।

: *Shubman Gill : जब भी संन्यास लूंगा एजबेस्टन की जीत मेरी सबसे सुखद याद होगी* 

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बर्मिंघम में शृंखला बराबर करने वाली शानदार जीत को यादगार बताया है। उन्होंने कहा कि जब भी वह क्रिकेट से संन्यास लेंगे, तो एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाना उनकी सबसे सुखद यादों में से एक रहेगा। गिल की कप्तानी की शुरुआत भारत के लीड्स में शृंखला के शुरुआती मैच में हार के साथ हुई थी, लेकिन भारतीय टीम ने शानदार वापसी करके दूसरे मैच में 336 रन के विशाल अंतर से जीत दर्ज की।

बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में गिल ने कहा, यह ऐसी चीज है, जिसे मैं जीवन भर संजो कर रखूंगा। मुझे लगता है कि जब भी मैं संन्यास लूंगा, तो यह मेरी सबसे सुखद यादों में से एक होगी।

: *मुख्यमंत्री सुक्खू ने जारी किए आदेश, टिंबर गोदामों में निगरानी को लगाएं सीसीटीवी कैमरे* 

वन विकास निगम निदेशक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने जारी किए आदेश

बांस प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा

निगम ने लकड़ी, राल और तारपीन तेल बेचकर कुल 289.91 करोड़ रुपए कमाए

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यहां हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के निदेशक मंडल की 215वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने निगम की कार्य प्रणाली में आधुनिक तकनीक का समावेश करने के निर्देश दिए। उन्होंने निगम के सभी टिंबर गोदामों में बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ऊना जिला के गगरेट में बांस प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर तथा हमीरपुर जिला के किसानों को बेहतर मूल्य प्रदान किए जा सकें। उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए वन निगम में राष्ट्रीय पारगमन पास प्रणाली (ट्रांजिट पास) को एकीकृत करने के भी निर्देश दिए।

सीएम सुक्खू ने कहा कि एचपीएसएफडीसी ने वर्ष 2024-25 में लकड़ी, राल और तारपीन तेल की बिक्री से कुल 289.91 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जिससे वर्ष 2024-25 में 14.93 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। वर्ष 2023-24 में निगम द्वारा कुल 267 करोड़ रुपए की बिक्री की गई थी और 7.88 करोड़ रुपए का लाभ प्राप्त हुआ था। इसके अलावा सेल्विकल्चर कटान से निगम को 41.30 करोड़ रुपए की रॉयल्टी प्राप्त हुई है। हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, बोर्ड के सरकारी और गैर सरकारी सदस्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, प्रधान मुख्य अरण्यपाल समीर रस्तोगी, एचपीएसएफडीसी के प्रबंध निदेशक संजय सूद और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

: *बाढ़ पीडि़तों के लिए यू-ट्यूब से कमाए सात लाख, संजय चौहान परिवार और समाज के लिए बने प्रेरणा स्रोत* 

सोशल मीडिया से कुदरत के जख्मों पर लगाया मरहम

यदि मन में लगन और कुछ अलग करने का जज्बा हो तो किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। सोशल मीडिया उन सभी युवाओं के लिए एक उदाहरण है, जो अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। ऐसे में सैंज घाटी के शांघड़ निवासी संजय चौहान आज न केवल अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है बल्कि उनकी इस शानदार सफलता के लिए आम लोगों से बधाई व शुभकामनाएं मिल रही है। शांघड़ निवासी राजू चौहान के इस होनहार बेटे ने पारंपरिक राहों से हटकर सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। संजय चौहान ने पिछले दिनों सैंज घाटी में आई प्राकृतिक बाढ़ से प्रभावित हुए परिवारों के लिए अपने यूट्यूब चैनल से सात लाख रुपए की धन राशि जुटाई है।

युवा यूट्यूब ब्लॉगर के पांच लाख से अधिक फॉलोअर्स है, जो उनकी शानदार फोटोग्राफी और दिलचस्प यात्रा वृत्तांतों के दीवाने हैं और उनके ब्लॉग्स के माध्यम से कोने-कोने की जानकारी और अनुभव प्राप्त करते हैं। सैंज के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मददगार बना संजय चौहान सैंज के लोगों व राजनेताओं का दीवाना बन गया है। घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने संजय चौहान ब्लॉगर को युवाओं का प्रेरणा स्रोत बताया है। बहरहाल सैंज का युवा ब्लॉगर बाढ़ पीडि़तों के लिए मददगार बना है, तो युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत।

: *छह महीने; 858 सडक़ हादसे, 322 की मौत, ओवर स्पीड, अनुभवहीनता, शराब पीकर वाहन चलाने से हो रहीं दुर्घटनाएं* 

प्रदेश में ओवर स्पीड, अनुभवहीनता, शराब पीकर वाहन चलाने से हो रहीं दुर्घटनाएं

हिमाचल प्रदेश में जनवरी लेकर जून माह तक छह महीनों में 858 सडक़ हादसे पेश आए हैं। प्रदेश में छह माह में सडक़ हादसों में 322 लोगों ने जान गवाई है। इसके अलावा 858 सडक़ हादसों में 1426 लोग घायल हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष में जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई और जून छह महीनों में 858 हादसों में 322 लोगों ने जान गवाई है और 258 लोग गंभीर घायल हुए हैं। इसके अलावा 1168 लोग घायल हुए हैं। प्रदेश में सडक़ सुरक्षा बढ़ाने के सक्रिय प्रयास में हिमाचल प्रदेश पुलिस यातायात, पर्यटक और रेलवे (टीटीआर) मुख्यालय सडक़ यातायात दुर्घटनाओं, उल्लंघनों, मौतों की निगरानी और प्रबंधन के लिए वास्तविक समय डेटा विश्लेषण का उपयोग कर रहा है।

टीटीआर मुख्यालय में एक समर्पित टीम चौबीसों घंटे काम करती है, सडक़ दुर्घटनाओं के पैटर्न और कारणों की पहचान करने के लिए 24 घंटे सात दिन ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करती है। ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस के विश्लेषणों में खुलासा हुआ है कि लापरवाही से गाड़ी चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने और नशे में गाड़ी चलाने के कारण काफी संख्या में दुर्घटनाएं हुई हैं।

नशेड़ी ड्राइवरों पर नजर

ट्रैफिक टूरिस्ट पुलिस मुख्यालय की ओर से हिमाचल प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ टीटीआर यूनिट की कड़ी निगरानी में नशे में गाड़ी चलाने के खिलाफ प्रवर्तन तेज करने का निर्देश दिए गए हैं। एआईजी ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस विनोद कुमार ने बताया कि सार्वजनिक जागरूकता अभियानों ने भी सुरक्षित ड्राइविंग प्रथाओं को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2322 चालान काटे

पुलिस ने प्रदेशभर में छह माह में शराब पीकर वाहन चला रहे 2322 वाहन चालकों को गिरफ्तार किया है। छह माह में ही पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के 6394 वाहन चालकों के चालान किए हैं। पुलिस ने प्रदेश में ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में 1658 वाहन चालकों के लाइसेंसों के निलंबन की सिफारिशें भेजी हैं।

: *अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में चार हिमाचली सांस्कृतिक संध्याएं* 

उत्सव की तैयारियों पर विधानसभा अध्यक्ष ने ली बैठक

अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला में इस बार चार सांस्कृतिक संध्याएं हिमाचली, दो पंजाबी और दो वालीबुड गायकों के नाम रहेंगी। इसके साथ ही मिंजर मेले में स्थानीय संस्कृति की झलक को पेश करने तथा हिमाचली कलाकारों को ज्यादा से ज्यादा मंच प्रदान करने का अवसर प्रदान किया जाए। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला 2025 के सफल आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने जिला के सभी प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिंजर मेला 2025 की तैयारियों से संबंधित अपने-अपने दायित्वों को ईमानदारी व गंभीरता के साथ निभाते हुए यह सुनिश्चित करें की मेले के दौरान व्यवस्था प्रबंधन में कोई भी कमी न रहे।

बैठक में मिंजर मेले के दौरान आयोजित होने वाले सांस्न्न्तिक कार्यक्ष्मों, मिंजर मेले के दौरान होने वाले आय- व्यय, निमंत्रण कार्ड/ स्मारिका, परिवहन, यातायात व पार्किंग प्रबंधन, खेलकूद प्रतियोगिताओं, चौगान रखरखाव, पेयजल आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति के अतिरिक्त साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था के सहित कला केंद्र व मंजरी गार्डन में आवश्यक मरम्मत के संबंध के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

मिंजर मेले में 15 दिन सजेगी दुकानें

उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि इस वर्ष मिंजर मेला परंपरानुसार के अनुसार 27 जुलाई से तीन अगस्त तक चौगान नंबर-एक में मनाया जाएगा। मेले के दौरान व्यापारिक गतिविधियों की अवधि पूर्व की प्रथा के अनुसार 15 दिनों तक होगी। मेले की सात सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन रात्रि दस बजे तक होगा। मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या रात 12 बजे तक चलेगी। इसकी अनुमति पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग शिमला द्वारा दी गई है। बैठक में एडीएम अमित मेहरा ने मिंजर मेले से संबंधित विभिन्न उपसमितियां की कार्यप्रगति बारे विधानसभा अध्यक्ष को अवगत करवाया। इससे पूर्व उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया।

बैठक में ये रहे उपस्थित

बैठक में विधायक नीरज नैयर, एसपी अभिषेक यादव, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर सिंह राणा, एसडीएम पारस अग्रवाल, एसडीएम अनिल भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता दिवाकर सिंह पठानिया, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश मोंगरा, विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बिपन ठाकुर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा भाग सिंह, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा बलबीर सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राम प्रकाश, जिला भाषा अधिकारी तुकेश कुमार के अतिरिक्त मिंजर मेला 2025 से संबंधित विभिन्न समितियों के संयोजक व सदस्यों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

: *सराज-बालीचौकी में 241 पेयजल योजनाओं को नुकसान, डिप्टी सीएम बोले, जल्द दूर होंगी दिक्कतें* 

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री बोले, प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है प्रदेश सरकार, जल्द दूर होंगी दिक्कतें

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आपदा ग्रस्त सराज घाटी में राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों का दुख दर्द साझा करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण सराज घाटी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और महत्त्वपूर्ण पेयजल योजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जलशक्ति विभाग की सराज और बालीचौकी क्षेत्र की 121 करोड़ रुपए लागत की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना सहित लगभग 241 परियोजनाएं आपदा से प्रभावित हुई हैं। सराज क्षेत्र में विभाग को 100 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में राज्य सरकार संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ मजबूती के साथ खड़ी है।

विभाग के अभियंता और कर्मचारी जनसेवा की भावना से दिन-रात कार्य कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता और समर्पित कर्मचारी दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल योजनाओं को बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहे हैं, ताकि लोगों को पेयजल सुविधा उपलबध करवाई जा सके। अब तक लगभग 140 योजनाएं आंशिक रूप से बहाल कर दी गई हैं और शेष योजनाओं की बहाली के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को शीघ्र स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंनेे कहा कि जन सहयोग, हौसले और सरकार की मदद से हम सब इस प्राकृतिक आपदा को कर्मठता से पार कर लेंगे। शरण गांव की बेटी तनुजा ठाकुर ने भूस्खलन से सुरक्षित बाहर निकलने के अपने अनुभव उपमुख्यमंत्री सेे साझा किए। उपमुख्यमंत्री ने तनुजा के साहस की सराहना की।

: *नॉर्दर्न रेलवे ने पांच अंडर ब्रिज के लिए 145 लाख मंजूर किए* 

नॉर्दर्न रेलवे ने पांच अंडर ब्रिज के लिए 145 लाख मंजूर किए

कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र में पौंग बांध स्थापितों का मामला सुलझाने के बाद अब रेलवे के मामले भी सुलझ रहे हैं। इस विधानसभा क्षेत्र के कुछ स्थानों पर रेलवे अंडर ब्रिज बनाने का मामला राज्य सरकार द्वारा उत्तर रेलवे से उठाया गया था। इन स्थानों पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। राज्य सरकार की ओर से मामला उठाने के बाद अब उत्तर रेलवे ने पांच अंडर ब्रिज के लिए 145 लाख रुपए की मंजूरी दे दी है। ये अंडर ब्रिज पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन पर बनने हैं।

इनमें लुदरेट गांव के अंडर ब्रिज के लिए 26,985 हजार, कथोली गांव के अंडर ब्रिज के लिए 45,206 हजार, खाबल अंडर ब्रिज के लिए 24,961 हजार, नंदपुर अंडर ब्रिज के लिए 24901 हजार और बरियाल अंडर ब्रिज के लिए 24985 हजार आबंटित किए गए हैं। उत्तर रेलवे ने इन अंडर ब्रिज से संबंधित प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा है, ताकि पैसा जारी किया जा सके।

: *हिमाचली बागबानों की चिंता दूर करने का आग्रह* 

विदेशी सेब टैरिफ पर अनुराग ठाकुर ने पीयूष गोयल को लिखी चिठ्ठी

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर अमरीका से आयात किए जाने वाले सेब पर अनुमानित टैरिफ कटौती पर हिमाचल प्रदेश के सेब बागबानों की चिंता को उठाते हुए किसानों की हरसंभव मदद का आग्रह किया है। पत्र में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देश में सेब उत्पादन में हिमाचल प्रदेश का प्रमुख स्थान है। हिमाचल प्रदेश देश में सेब उत्पादन में लगभग 25 फीसदी का योगदान देता है, जो सालाना लगभग 6.5 लाख मीट्रिक टन है और वित्तीय दृष्टि से लगभग 5,000 करोड़ रुपए है।

हिमाचल प्रदेश के अधिकांश सेब किसान 5 से 10 बीघा के बीच की छोटी भूमि जोत पर काम करते हैं और वे सेब की खेती को अपनी आय का मुख्य स्रोत मानते हैं। हिमाचल के बागबान अमरीका से आयात किए जाने वाले सेब पर अनुमानित टैरिफ कटौती को लेकर चिंतित हैं। भारत-अमरीका के बीच व्यापार चर्चाओं को देखते हुए, किसानों को आशंका है कि किसी भी टैरिफ कटौती से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।

: *HPU की वेबसाइट हैक, एडमिशन के दौर के बीच हैकर्स ने प्रदेश विश्वविद्यालय का URL किया डायवर्ट*

एडमिशन के दौर के बीच हैकर्स ने प्रदेश विश्वविद्यालय का यूआरएल किया डायवर्ट

एचपीयू में चल रहे एडमिशन के दौर के बीच हैकर्स ने सोमवार शाम को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वेबसाइट को हैक कर लिया है। एचपीयू की वेबसाइट का यूआरएल खोलने के बाद उसमें पाकिस्तान के समर्थन और भारत के विरोध में नारे लिखे प्रदर्शित हो रहे थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेबसाइट को तुरंत मेंटेनेंस मोड में डाल दिया और साइबर सेल को इसकी सूचना दी। मामले की सूचना मिलने के बाद साइबर सैल की टीम तुरंत हरकत में आई और इसकी जांच शुरू कर दी है। हालांकि कुछ देर बाद पाकिस्तान के समर्थन में लिखे गए स्लोगन एचपीयू की वेबसाइट पर दिखना बंद हो गए हैं और वेबसाइट को मेंटेनेंस मोड पर रखा गया है। एचपीयू की वेबसाइट हैक होने के बाद इससे विद्यार्थियों को विभिन्न सूचनाएं व अपडेट्स मिलना बंद हो गए हैं। विवि में काउंसिलिंग की प्रक्रिया भी शुरू हुई है और इससे संबंधित विस्तृत सूचनाएं लगातार वेबसाइट से उम्मीदवारों को मिल रही थी, लेकिन इसके हैक होने से उम्मीदवारों को असुविधा हुई।

वेबसाइट हैक होने से पीजी डिग्री कोर्स की चल रही प्रवेश और काउंसिलिंग की प्रक्रिया का अपडेट लेने वाले प्रदेश भर के हजारों विद्यार्थी साइट को नहीं देख पाए। इससे उन्हें सबसे अधिक परेशानी रहती है। विश्वविद्यालय इन दिनों प्रवेश मैरिट हो, काउंसिलिंग का शेड्यूल हो या फिर नए सत्र के शुरू होने पर जारी होने वाली जानकारी, इसके लिए नियमित रूप से साइट को खोलते हैं, जिससे उन्हें सही समय पर सही जानकारी मिले। उधर, डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला का कहना है कि एचपीयू की साइट के हैक होने की सूचना मिली है। मीटिगेशन टीम जांच कर रही है। मामले की जांच के साइबर कमांडो की टीम मंगलवार को एचपीयू में जाएगी। डीआईजी मोहित चावला ने विभागों, संस्थानों सहित लोगों से कहा कि अपने सिस्टम को इस तरह के हमलों से बचाने के लिए सिक्योर रखें।

: *जंगल के रास्ते में छात्राओं को टॉफी और चॉकलेट का लालच देकर बुलाते और फिर करते छेड़छाड़* 

शिमला जिला में कुफरी के साथ लगते राजकीय वरिष्ठ उच्च माध्यमिक विद्यालय मझार की छात्राओं के साथ पिछले कई दिनों से चल रही छेड़छाड़ की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। क्षेत्र की एक महिला ने बीते दिनों इस मामले पर संदिग्ध लोगों को लेकर एक वीडियो वायरल किया था, जिसके बाद छात्राओं ने जब स्कूल और घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई, तो परिजनों ने तुरंत पुलिस और स्कूल प्रबंधन को सूचना दी।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीडि़त छात्रा के पिता रामलाल ने बताया कि कुछ युवक जंगल के रास्ते में बच्चियों को टॉफी और चॉकलेट का लालच देकर बुलाते और उन्हें चाकू दिखाकर धमकी देते कि अगर किसी को बताया, तो जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद उनसे छेड़छाड़ होती थी। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि शनिवार को जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, एसएचओ के नेतृत्व में टीम तत्काल मझार स्कूल पहुंची और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई। अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

सोमवार को स्कूल में पुलिस की जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को आत्मरक्षा की जानकारी दी गई और उन्हें थाना पुलिस तथा महिला थाना शिमला के आवश्यक फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए गए। जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है। जनवादी महिला समिति की सदस्य पूजा कंवर, बन्नी पंचायत के पूर्व प्रधान राजेंद्र जीना सहित कई ग्रामीण सोमवार को स्कूल पहुंचे और छात्राओं व उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में न्याय दिलवाने तक साथ खड़े रहेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगल के रास्तों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और स्कूल समय में निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि बच्चियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

: *मुख्यमंत्री बोले- बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की आवश्यकता* 

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि आपदाएं भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटना मानवता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 9वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष भी उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मंडी जिला में 123 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे जिला में अत्यधिक तबाही हुई। शिमला जिला में 105 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में 19 बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिनसे जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अवैज्ञानिक तरीके से मलबा दबाए जाने से नुकसान हो रहा है तथा भविष्य में इस नुकसान को रोकने के लिए वैज्ञानिक प्रणाली अपनाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को लोगों को नियमित मौसम संबंधी अपडेट प्रदान करने तथा सोशल मीडिया में प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं का खंडन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अलर्ट जारी करने के लिए एसडीएमए एकमात्र प्राधिकरण है तथा लोगों से केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए तथा लोगों को नदियों और नालों से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर अपने घर बनाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एसडीआरएफ को मजबूत कर रही है तथा कांगड़ा जिला के पालमपुर में एक नया परिसर स्थापित किया जा रहा है। डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान, शिमला में राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना की जाएगी, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला अनुसंधान और विकास कार्य करेगा। उन्होंने उच्च जोखिम वाली ग्लेशियर झीलों पर अध्ययन करने तथा स्थानीय समुदाय को जागरूकता अभियान में शामिल करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि आपदाएं अब लगातार होने वाली घटनाएं बन गई हैं तथा 2023 में हिमाचल प्रदेश को मानसून मौसम में भारी नुकसान हुआ, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों को 1260 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं, जबकि 138 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि न्यूनीकरण कोष (मिटिगेशन फंड) के तहत प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी परियोजनाओं को जलधाराओं से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर स्थापित करें, ताकि नुकसान के जोखिम को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि 891 करोड़ रुपए की आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजना कार्यान्वित की जा रही है, जिसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली तथा सहायक शमन उपायों के माध्यम से आपदा तैयारियों को सुदृढ़ किया जाएगा, जिसे मार्च, 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा।

: *कांगड़ा के मटौर से भाजपा ने आपदा प्रभावितों के लिए मंडी भेजी राहत सामग्री* 

 हिमाचल प्रदेश के ज़िला मंडी में इन दिनों आई प्रकृति आपदा के लिए जहां पूरा प्रदेश व देश ईश्वर से सुखद कामना कर रहा है, वहीं खाद्य पदार्थ, वर्तन एवं अन्य ज़रूरी समान की गाड़ी को आज हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक पवन काजल के मटौर स्थित कार्यालय से ज़िला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा के नेतृत्व में रवाना किया गया।

इस दौरान विधायक पवन काजल, हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु, ज़िला महिला मोर्चा अध्यक्ष रंजू रस्तोगी, ज़िला कांगड़ा भाजपा महामंत्री देवेंद्र कोहली, राकेश चौहान “पिंका”, शाहपुर मंडल अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा, केशव नन्द शर्मा, मनजीत, अरुण कौशल, अविनाश, रजनीश मोंगरा आदि अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

: *हिमकेयर को लेकर आया बड़ा अपडेट, अब साल के इन चार महीनों में कभी भी बनवा सकेंगे कार्ड* 

 प्रदेश सरकार द्वारा मरीजों के लिए हिमकेयर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है जिससे प्रदेश के 5.80 लाख लोगों को उपचार प्रदान करने में लगभग 810 करोड़ रुपए व्यय किए हैं। हाल ही में, सरकार ने हिमकेयर कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करके हिमकेयर योजना को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। नई नीति के अनुसार, हिमकेयर कार्ड हर साल प्रत्येक तिमाही मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर माह में बनाए जाएंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में इन कार्डों के महत्व के दृष्टिगत विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए, सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों और चिकित्सा अधीक्षकों को विशेष परिस्थितियों में पूरे वर्ष में किसी भी समय हिमकेयर कार्ड बनाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इन श्रेणियों में आने वाले परिवारों के लिए हिमकेयर कार्ड वर्ष में किसी भी समय बनाए जा सकते हैं। यह निर्णय जुलाई, 2025 के बाद लागू होगा। यह पोर्टल जुलाई माह में खुला है और लोग इस महीने के दौरान कभी भी हिमकेयर कार्ड बना सकते हैं।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में दुर्घटना पीड़ितों को निःशुल्क उपचार प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से दुर्घटना पीड़ितों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त उपचार मिल सकेगा और इसके लिए पैसे, बिल क्लीयरेंस या किसी रिश्तेदार के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा। प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्ड एक वर्ष के लिए वैध रहेंगे और आवेदन करने के लिए पोर्टल प्रत्येक तीन माह बाद खोला जाएगा।

पोर्टल हर वर्ष मार्च, जून, सितम्बर और दिसम्बर में प्रत्येक तिमाही में एक माह के लिए खुला रहेगा। लोग पूरे वर्ष हिमकेयर कार्ड का नवीनीकरण भी करवा सकेंगे। यदि लाभार्थी नीति के अनुसार समय पर कार्ड का नवीनीकरण करवाने में विफल रहता है और उसका कार्ड समाप्त हो जाता है, तो नई नीति के अनुसार समाप्त हो चुके कार्ड का नवीनीकरण मार्च, जून, सितम्बर और दिसम्बर में किया जा सकेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय पात्र लाभार्थियों के चयन को सुनियोजित करने और लोगों को निर्बाध, निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए समय पर अपने कार्ड का नवीनीकरण करवाने के लिए लिया गया है। हिमकेयर कार्ड बीपीएल, मनरेगा, रेहड़ी-फड़ी वालों, अनाथों और जेल के कैदियों सहित विभिन्न वर्गों के लिए निःशुल्क बनाया जाता है। एकल महिलाओं, अनुबंध व आउटसोर्स कर्मचारियों, 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगजनों, मिड-डे-मील वर्करों, अंशकालिक श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों से इन कार्डों के लिए 365 रुपये लिए जाते हैं। शेष पात्र वर्गों से 1,000 रुपये शुल्क लिया जाता है।

प्रदेश में 5.26 लाख हिमकेयर कार्ड धारक परिवार हैं। इस कार्ड के तहत एक परिवार के अधिकतम पांच सदस्यों को कवर किया जाता है। हिमकेयर योजना के तहत कुल 3,227 बीमारियों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। प्रदेश सरकार के 136 स्वास्थ्य संस्थान, जिनमें पीजीआई चंडीगढ़, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल चंडीगढ़ और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (टाटा मेमोरियल सेंटर), न्यू चंडीगढ़ हिमकेयर लाभार्थियों को निःशुल्क उपचार प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रदेश में कार्यरत सभी निजी संस्थानों में हिमकेयर योजना के तहत डायलिसिस सेवाएं निःशुल्क दी जा रही हैं।

: *खेत डूबे, घर टूटे, बुजुर्ग बोले- हम तो जीवन के अंतिम पड़ाव में, अगली पीढ़ी कैसे जिएगी*

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में प्रकृति ने ऐसा ताडंव मचाया कि घर, खेत, और आजीविका सब कुछ बह गया, और बचे हैं तो सिर्फ दर्द और निराशा के आंसू। बुजुर्ग कह रहे हैं कि हम तो जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं, लेकिन हमारी अगली पीढ़ी कैसे जिएगी। पढ़ें पूरी खबर...

सराज क्षेत्र में थुनाग के जूड़ और रूशाड़ गांव के लोगों को आपदा ने कभी न भरने वाले जख्म दिए हैं। प्रकृति के प्रकोप ने इन गांवों की जिंदगियों को तहस-नहस कर दिया। घर, खेत, और आजीविका सब कुछ बह गया, और बचे हैं तो सिर्फ दर्द और निराशा के आंसू। उनका कहना है कि आपदा सिर्फ मकानों और खेतों को नहीं बहा ले गई, बल्कि लोगों के सपनों, हिम्मत और भविष्य को भी अपने साथ ले गई। जूड़ गांव की भैरवू देवी की कहानी दिल दहला देती है। पाई-पाई जोड़कर बनाया गया उनका मकान, आपदा की भेंट चढ़ गया। भैरवू के लिए यह मकान सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और सपनों का प्रतीक था। अब सब कुछ मलबे में तब्दील है।

आपदा ने स्थानीय निवासी नोक सिंह की जिंदगी भी उजाड़ दी। दो मंजिला मकान, जिसमें उनकी दुकान थी, पूरी तरह बह गया। कर्ज लेकर बनाया घर, जमीन, और आजीविका सब कुछ खत्म। नोक सिंह सड़क पर आ गए हैं और उनकी हिम्मत टूट चुकी है। कर्ज लिया था घर बनाने को, अब न घर बचा, न हौसला। रूशाड़ गांव के 96 वर्षीय सूरत राम की आंखों में उस रात की तबाही का मंजर अब भी ताजा है। उन्होंने बताया कि मेरे सामने की पहाड़ी उस रात बह गई। पांडवशिला तक सब कुछ तबाह हो गया। मैंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा जलजला देखा। गांव के 83 वर्षीय सूरत नाम की चिंता भविष्य को लेकर है। बोले-हम तो जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं, लेकिन हमारी अगली पीढ़ी कैसे जिएगी। सारे खेत बह गए, कुछ नहीं बचा है।

थुनाग बस स्टैंड पर चाय की दुकान चलाने वाले डागी राम भी सदमे में हैं। जमीन से किसान की अर्थव्यवस्था चलती थी, लेकिन अब सब चौपट हो गया। बाजार आना भी डरावना लगता है। सब सूना और खंडहर सा है। आपदा ने न सिर्फ उनकी आजीविका छीनी, बल्कि उनके मन में डर भी भर दिया। थुनाग में कारपेंटर पूर्ण चंद के अनुसार यह आपदा सिर्फ मकानों और खेतों को नहीं बहा ले गई, बल्कि लोगों के सपनों, हिम्मत और भविष्य को भी अपने साथ ले गई। सराज के लोग अब राहत और पुनर्वास की उम्मीद में सरकार की ओर देख रहे हैं, लेकिन उनकी आंखों में अनिश्चितता और दर्द साफ दिखाई देता है।

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*अब सरकारी कर्मचारी को बिना अनुमति गिरफ्तार नहीं कर सकेगी पुलिस*

हिमाचल प्रदेश पुलिस एक्ट में संशोधन को राष्ट्रपति से मिली मंजूरी

कांस्टेबल अब स्टेट कैडर में शामिल, एक्ट की चार धाराओं में बदलाव

हिमाचल सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकारी काम में लापरवाही या गलती पर अब पुलिस उन्हें सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। इसके लिए पहले राज्य सरकार ने अनुमति लेनी होगी। यह सुरक्षा कवर क्रिमिनल मामलों के लिए नहीं होगा। दरअसल, राज्य सरकार ने पब्लिक सर्वेंट्स के लिए पुलिस एक्ट में संशोधन करते हुए विधानसभा की शीतकालीन सत्र में एक विधेयक रखा था। इसे अब राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद विधि सचिव ने इसे नोटिफाई कर दिया है, जिससे यह अब कानून के रूप में लागू हो गया है। इसके तहत पुलिस एक्ट 2007 की चार धाराओं को बदला गया है। इसमें धारा 4, 25, 65 और 95 शामिल हैं।

धारा 4 में संशोधन हुआ है कि अब ग्रेड 2 के राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की भर्ती स्टेट कैडर में ही होगी। धारा 25 में एक संशोधन है कि पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी में नियुक्ति के लिए सेशन जज से अधीनस्थ न्यायालय से भी नियुक्ति की जा सकेगी। धारा 95 में किए गए संशोधन में कहा गया है कि यदि उपरोक्त वर्णित पंक्ति में के सेवानिवृत पत्र अधिकारी नहीं है, तो राज्य सरकार स्थिति और उपलब्धता के आधार पर किसी भी कनिष्ठ सेवानिवृत अधिकारी को नॉमिनेट कर सकेगी। धारा 65 में एक संशोधन किया गया है कि कोई भी पुलिस अधिकारी सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना किसी भी पब्लिक सर्वेंट को उसके द्वारा लोक सेवक के रूप में कार्य के चलते समय किए गए काम के लिए गिरफ्तार नहीं करेगा।

कोर्ट ने कहा था, सरकारी कर्मियों को संरक्षण दो

विधानसभा में रखे विधेयक के कारणों और उद्देश्यों में सरकार ने कहा था कि उच्च न्यायालय ने कोर्ट ओन इट्स ओन मोशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर के आदेश में पब्लिक सर्वेंट को प्रोटेक्शन देने के लिए प्रस्ताव पर विचार करने को कहा था। सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों को निडर होकर अपना कत्र्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए उन्हें एकदम गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान करने की जरूरत है, इसलिए यह संशोधन किया गया। विधानसभा में हालांकि भाजपा विधायकों ने इस संशोधन का विरोध किया था।

: *बाढ़ पीडि़तों के लिए यू-ट्यूब से कमाए सात लाख, संजय चौहान परिवार और समाज के लिए बने प्रेरणा स्रोत*

सोशल मीडिया से कुदरत के जख्मों पर लगाया मरहम

यदि मन में लगन और कुछ अलग करने का जज्बा हो तो किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। सोशल मीडिया उन सभी युवाओं के लिए एक उदाहरण है, जो अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। ऐसे में सैंज घाटी के शांघड़ निवासी संजय चौहान आज न केवल अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है बल्कि उनकी इस शानदार सफलता के लिए आम लोगों से बधाई व शुभकामनाएं मिल रही है। शांघड़ निवासी राजू चौहान के इस होनहार बेटे ने पारंपरिक राहों से हटकर सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। संजय चौहान ने पिछले दिनों सैंज घाटी में आई प्राकृतिक बाढ़ से प्रभावित हुए परिवारों के लिए अपने यूट्यूब चैनल से सात लाख रुपए की धन राशि जुटाई है।

युवा यूट्यूब ब्लॉगर के पांच लाख से अधिक फॉलोअर्स है, जो उनकी शानदार फोटोग्राफी और दिलचस्प यात्रा वृत्तांतों के दीवाने हैं और उनके ब्लॉग्स के माध्यम से कोने-कोने की जानकारी और अनुभव प्राप्त करते हैं। सैंज के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मददगार बना संजय चौहान सैंज के लोगों व राजनेताओं का दीवाना बन गया है। घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने संजय चौहान ब्लॉगर को युवाओं का प्रेरणा स्रोत बताया है। बहरहाल सैंज का युवा ब्लॉगर बाढ़ पीडि़तों के लिए मददगार बना है, तो युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत।

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*बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम देने वाले 250 टीचरों को नोटिस, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई*

हिमाचल प्रदेश में 25 फीसदी से कम स्कूल परिणाम देने वाले प्रिंसिपलों व हेडमास्टरों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाबतलबी की गई है। पढ़ें पूरी खबर...

दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम देने वाले 250 शिक्षकों को नोटिस जारी हो गए हैं। 25 फीसदी से कम स्कूल परिणाम देने वाले प्रिंसिपलों व हेडमास्टरों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाबतलबी की गई है। संबंधित विषय में बोर्ड से 50 फीसदी कम परिणाम देने वाले टीजीटी और प्रवक्ता से भी कारण पूछे गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इंक्रीमेंट रोकने और तबादले करने की कार्रवाई की जाएगी। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि सोमवार से नोटिस जारी होना शुरू हो गए हैं।

कम परीक्षा परिणाम देने वाले प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों से पूछा गया है कि क्या स्कूल में पर्याप्त मात्रा में शिक्षक नियुक्त थे या नहीं। संख्या पर्याप्त थी तो बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम आने के क्या कारण हैं। टीजीटी और प्रवक्ताओं को जारी नोटिस में पूछा गया है कि क्या स्कूल टेस्ट, मिड टर्म परीक्षाओं में ये खामियां नजर आईं या नहीं। इन कमियों को दूर करने के लिए क्या विशेष प्रयास किए गए। जिन शिक्षकों को नोटिस जारी हुए हैं, उनसे संबंधित स्कूल में उनके कार्यकाल की अवधि की जानकारी भी मांगी गई है। जवाब संतोषजनक न होने पर शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। ऐसे शिक्षकों के तबादले होंगे और वेतनवृद्धि भी रोकी जाएगी।

प्रदेश में 24 उच्च विद्यालय और 28 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शून्य से 25 प्रतिशत के बीच रहा है। पांच वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं का परिणाम भी कम रहा है। दसवीं कक्षा में खराब परिणाम देने वाले स्कूलों में चंबा के सात हैं। इसमें छह उच्च व एक वरिष्ठ माध्यमिक हैं। किन्नौर में तीन उच्च व तीन वरिष्ठ माध्यमिक, कुल्लू में चार उच्च व तीन वरिष्ठ माध्यमिक, मंडी में एक उच्च व दो वरिष्ठ माध्यमिक, शिमला में तीन उच्च व 10 वरिष्ठ माध्यमिक, सिरमौर में पांच उच्च व दो वरिष्ठ माध्यमिक, सोलन में दो उच्च व दो वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। बारहवीं कक्षा में खराब परिणाम देने वाले चंबा में एक, लाहौल-स्पीति में दो, शिमला में एक, सिरमौर में एक स्कूल है।

: *मंडी सराज में लापता लोगों की तलाश जारी, इस मानसून में अब तक 80 की गई जान, जानें माैसम पूर्वानुमान*

सराज में आई आपदा में लापता लोगों की खोजबीन के लिए एनडीआरएफ के जवान लगातार नाै दिन से डटे हैं। लापता लोगों की खोज के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। 

आपदा प्रभावित जंजैहली में बुरी तरह क्षतिग्रस्त मकान।

हिमाचल प्रदेश के सराज में आई आपदा में लापता लोगों की खोजबीन के लिए एनडीआरएफ के जवान लगातार नाै दिन से डटे हैं। लापता लोगों की खोज के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। जिस स्थान से स्वर्ण सिंह के बहने की आशंका जताई जा रही थी, उस क्षेत्र में अब सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया है। देजी खड्ड के किनारे पंडोह तक के दायरे में एनडीआरएफ के जवान तलाश में जुटे रहे। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सोमवार जंजैहली में विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक कर क्षेत्र में चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास अभियान की समीक्षा की।

: *आठ दिन में सराज नहीं पहुंच पाई सरकार*

राहत और पुनर्वास कार्यों को गति देने की जरूरत

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी लोग सरकार की राह देख रहे हैं। आठ दिनों में सरकार का कोई प्रमुख नुमाइंदा यहां नहीं पहुंचा हैं। लोगों की शिकायत है कि सरकार ने उनकी सुध ही नहीं ली। इतनी बड़ी आपदा में सरकार को भी बड़ी तैयारी करनी पड़ेगी। अब तक जो चीज बहाल होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई हैं। जंजैहली क्षेत्र में सारे रास्ते बंद पड़े हैं। बिजली-पानी भी बहाल नहीं हुआ है। लोगों के पास पीने को साफ पानी नहीं है। बिजली की सुविधा भी अभी तक बहाल नहीं हुई है। जिस गति से काम हो रहा है, वह नाकाफ ी है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों को तत्काल राहत पहुंचानी होती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा से राहत और बचाव कार्य को गति देने के साथ अब पुनर्वास की प्रभावी योजना भी बनाने की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने फिर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की और उन्हें वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। लोग राहत का बेसब्री से कर रहे हैं।

[: *Pulwama Attack: FATF की रिपोर्ट में खुलासा, पुलवामा के लिए ऐसे खरीदा गया था विस्फोटक* 

एफएटीएफ की रिपोर्ट में खुलासा, फंडिंग के तरीके बदल रहे आतंकी

गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाले आतंकी को पेपल से हुई पेमेंट

2019 के पुलवामा आतंकी हमले में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन से खरीदा गया था। दुनियाभर में आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था फायनांशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। एफएटीएफ ने इस रिपोर्ट में 2022 में यूपी के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले का भी जिक्र किया है। यहां हमलावर आतंकी को ऑनलाइन मनी ट्रांसफर प्लेटफॉर्म पेपल के जरिए पैसे दिए गए थे। इन दोनों मामलों को उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए संगठन ने आगाह किया है कि ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान सेवाएं अगर गलत हाथों में जाएं, तो वे आतंकवाद को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकती हैं। एफएटीएफ की इस रिपोर्ट का नाम ‘कॉम्प्रिहेंसिव अपडेट ऑन टेररिस्ट फायनांसिंग रिस्क’ है। 131 पेज की यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे आतंकवाद की फंडिंग के तरीके बदल रहे हैं। बता दें कि 14 फरवरी, 2019 को सीआरपीएफ का एक काफिला श्रीनगर-जम्मू हाईवे से गुजर रहा था। ट्रक पुलवामा के पास पहुंचा था, तभी एक सुसाइड अटैकर 200 किलो विस्फोटक लदी मारुति ईको कार लेकर घुस गया। विस्फोट इतना तेज था कि सुरक्षाबलों को लेकर जा रही दो बसों के परखचे उड़ गए। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। भारत सरकार की जांच में सामने आया कि यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था।

जांच में पता चला कि हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक भारत में सीमा पार से लाए गए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हमले में इस्तेमाल हुए बम में जो एल्यूमीनियम पाउडर डाला गया था, जो धमाके को और ज्यादा घातक बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ, वह अमेजन से ऑनलाइन खरीदा गया था। एफएटीएफ की रिपोर्ट में दूसरा उदाहरण यूपी के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर पर चार अप्रैल, 2022 में हुए हमले का दिया गया। इसमें एक शख्स ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर धारदार दरांती से हमला किया था। इसमें जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना में दोषी शख्स मुर्तजा अब्बासी के पास से पुलिस को मजहबी किताब, धारदार हथियार, उसके मोबाइल और लैपटॉप से जेहादी वीडियो आदि मिले थे। एफएटीएफ ने इस मामले की जांच में पाया कि हमलावर ने विदेशों में पेपल के जरिए लगभग 6.7 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। साथ ही, उसने वीपीएन का इस्तेमाल करके अपना आईपी एड्रेस छिपाया और अपने ट्रांजैक्शन को गुप्त रखा। इन लेन-देन की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पेपल ने उसका अकाउंट बंद कर दिया, जिससे आगे अवैध पैसे का उपयोग रोका जा सका।

: *New Recruitment Policy : नई भर्ती नीति का ड्राफ्ट फाइनल, इसी हफ्ते नोटिफिकेशन संभव* 

अनुबंध नहीं, अब दो साल रहेंगे जॉब ट्रेनी

मुख्यमंत्री सुक्खू से चर्चा के बाद विधि विभाग को गया पॉलिसी का ड्राफ्ट

हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों में होने वाली भर्ती के नियमों में से अनुबंध के प्रावधान को हटाने के बाद अब नई भर्ती नीति नोटिफाई होने वाली है। कार्मिक विभाग ने यह ड्राफ्ट फाइनल कर लिया है और इसे समीक्षा के लिए विधि विभाग को भेजा गया है। इससे पहले कैबिनेट ने इस भर्ती नीति के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को अधिकृत कर दिया था। कार्मिक विभाग ने मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद इस पॉलिसी को बनाया है। सूत्र बताते हैं कि नई पॉलिसी में दो साल की जॉब ट्रेनिंग का प्रावधान किया जा रहा है, जैसे दो साल अनुबंध की सेवा का प्रावधान पहले से था। जिन कर्मचारी वर्गों को पहले अनुबंध पर भर्ती किया जाता था, उन्हें अब जॉब ट्रेनिंग पर किया जाएगा। इसी सप्ताह इस भर्ती नीति की नोटिफिकेशन होने वाली है।

अब नई भर्तियां इस नई नीति के अनुसार होंगी। इससे पहले राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को वे सभी पुरानी भर्तियां दे दी थी, जो पहले नोटिफाई हो चुकी थीं या जिनकी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इनके लिए भी दो साल के लिए ट्रेनी भर्ती का ही प्रावधान था। अब नई पॉलिसी उन भर्तियों के लिए लाई जा रही है, जो बिल्कुल नए सिरे से आगे होने वाली हैं। हिमाचल सरकार को कॉन्ट्रैक्ट पर होने वाली भर्तियों का प्रावधान इसलिए हटाना पड़ा था, क्योंकि सरकार ने कर्मचारियों की सेवा शर्तों से संबंधित एक नया कानून विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित करवा दिया था। अनुबंध की अवधि को जोड़ते हुए नियुक्ति की तिथि से सीनियोरिटी पर कोर्ट से फैसला आने के बाद राज्य सरकार पर वित्तीय भार पड़ गया था। हालांकि इन्हीं मामलों में कर्मचारी एक्ट भी अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसे चुनौती देने के लिए हजारों याचिकाएं हिमाचल हाई कोर्ट में दायर हुई हैं।

: *Divya Himachal Relief Fund : बाढ़ प्रभावितों के जख्मों पर मिलकर लगाएं मरहम, इस पते पर भेजें मदद* 

आपदा में सब कुछ गंवा चुके लोगों की मदद को बढ़ रहे हाथ

इस बार बरसात ने शुरुआत में ही हिमाचल को ऐसे जख्म दिए हैं, जो कभी भी भर नहीं पाएंगे। ‘दिव्य हिमाचल’ ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए छोटी सी पहल की है। उसके बाद दानियों ने भी मदद के हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इससे मंडी बाढ़ प्रभावितों को भी आस बंधनी शुरू हो गई है। गौर हो कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे और करोड़ों रुपए की संपत्ति बाढ़ की भेंट चढ़ गई। इस दौरान दर्जनों लोगों की जान चली गई, सैकड़ों घर-गोशालाएं तबाह हो गए और कई मवेशी काल का ग्रास बन गए। प्राकृतिक आपदा के बाद अभी भी कई लोग लडख़ड़ाते कदमों से नदी-नालों के किनारे भटक रहे हैं। ये वे लोग हैं, जिनके अपने बाढ़ के बाद से लापता हैं।

लोगों के दुख दर्द और सरकार की मजबूरियों को समझते हुए ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ ने भी मदद के हाथ बढ़ाते हुए ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ से दो लाख रुपए की प्रथम किस्त आपदा पीडि़तों को जारी करने की घोषणा की है। मीडिया गु्रप ने देश-परदेश के आमजन से आग्रह किया है कि वे भी इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग देें और आपदा प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं। दानी सज्जन ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ में अपने सामथ्र्य अनुसार दान दे सकते हैं। हमारी यह छोटी सी मदद पीडि़तों के नुकसान की भरपाई तो नहीं कर सकती, लेकिन उनकी तकलीफों को कुछ हद तक कम करने में जरूर मदद करेगी।

इस पते पर भेजें मदद

प्रभावितों की मदद के लिए कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट ‘दिव्य हिमाचल सहायता कोष’ के नाम पर भेजें

दिव्य हिमाचल सहायता कोष, दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप, पुराना मटौर, कांगड़ा, हि. प्र.-176001 या क्यूआर कोड स्कैन करें

हेल्पलाइन

सभी दानियों के नाम ‘दिव्य हिमाचल’ में प्रकाशित किए जांएगे। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें- 70181-97293, 94184-07889, 94182-55757, 98163-24264, 78078-44144

नोट: दान की गई राशि को आयकर की धारा 80 जी के तहत छूट प्राप्त है।

: *पंजाब में अब 10 लाख तक मुफ्त इलाज, मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लांच, अक्तूबर से बनेंगे हैल्थ कार्ड* 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लांच की। इस योजना के तहत पंजाब के हर व्यक्ति के सेहत कार्ड बनाए जाएंगे। सेहत कार्ड से उन्हें 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। दो अक्तूबर से कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस योजना में बड़े-बड़े अस्पताल शामिल हैं। लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। लोग पहले नीले-पीले कार्डों के चक्कर में फंसे रहते थे। अब सेहत कार्ड के जरिए हमने तय किया है कि जो पंजाब का निवासी होगा, उसे हर हाल में इलाज मिलेगा। उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर से पंजाब में सेहत कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। पंजाब के सभी लोगों के कार्ड बनाए जाएंगे। किसान, मजदूर, सरकारी कर्मचारी, पेंशनर सभी इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सुविधा केंद्र और अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन कैंप शुरू होंगे। इसके लिए सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड दिखाना होगा। इस कार्ड में कौन-कौन सी बीमारियां कवर होंगी, अभी इस बारे में सरकार की तरफ से कोई डिटेल नहीं दी गई है। हालांकि, सरकार कहना है कि इस योजना में सभी गंभीर बीमारियों को कवर किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि लाभार्थी सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कार्ड से मुफ्त इलाज करा पाएंगे। स्कीम शुरू होने तक राज्य में प्राइवेट अस्पतालों की संख्या दो हजार तक लेकर जाएंगे। गौर हो कि पंजाब में पहले से ही मुख्यमंत्री सरबत सेहत बीमा योजना चल रही है, जिसके तहत सरकारी और पैनल वाले अस्पतालों में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इस योजना में राज्य के 80 प्रतिशत लोग कवर होते हैं। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जो पूरे भारत में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख तक के इलाज की सुविधा देती है। यह योजना सभी राज्यों में लागू है, लेकिन इसमें राज्य सरकार की भागीदारी जरूरी है। अब पंजाब सरकार जो नई योजना लेकर आई है, उसका फायदा सभी आयु वर्ग के लोग उठा पाएंगे। इस योजना में कोई ऐसी शर्त नहीं है कि केवल इतने प्रतिशत लोगों को ही इसका लाभ मिलेगा, बल्कि इसके लिए सिर्फ पंजाब का निवासी होना जरूरी है।

: *पैशन को बनाएं प्रोफेशन : ऐसे ऑफ बीट कोर्स, जिन्होंने छात्रों के लिए खोले नए रास्ते* 

कुछ साल पहले तक भारत में करियर के मौके काफी लिमिटेड थे, लेकिन आज चीजें बहुत अलग हैं। एक समय था, जब छात्र बिना सोचे-समझे वही रास्ता अपनाते थे, जो सोसायटी डेटर्मीनेड थी। जैसे वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या फिर इंजीनियर और डाक्टर बनने के लिए साइंस की पढ़ाई, लेकिन आज का समय अलग है। आज के छात्र अधिक जागरूक हैं और अपने पैशन को करियर के रूप में अपनाने का साहस रखते हैं। बढ़ती शिक्षा, जागरूकता और शौक की वजह से छात्रों ने ट्रेडिशनल कोर्सेज से हटकर नए और अलग-अलग विकल्पों को अपनाना शुरू किया है। ऐसे में ऑफ बीट कोर्स ने छात्रों के लिए नए रास्ते खोले हैं, जिनके बारे में कुछ साल पहले तक सोचना भी मुश्किल था। ये कोर्स न सिर्फ आपके पैशन को प्रोफेशन में बदलते हैं, बल्कि आपको एक ऐसी दुनिया में भी ले जाते हैं, जो आपके लिए पूरी तरह से अनदेखी हो सकती है…

ऐसे ऑफ बीट कोर्स, जिन्होंने छात्रों के लिए नए रास्ते खोले

ऑफ बीट कोर्स वे सिलेबस होते हैं, जो ट्रेडिशनल एजुकेशन से हटकर होते हैं। ये छात्रों को उन एरियाज में एक्सपेर्टीज हासिल करने का मौका देते हैं, जिन्हें बहुत कम लोग अपनाते हैं। ये कोर्स एजुकेशनल स्टैंडर्ड्स से बाहर होते हुए भी प्रोफेशनल वल्र्ड में आपको अच्छे अवसरों से जोड़ सकते हैं। ऑफ बीट कोर्स में आमतौर पर रिस्क, एक्सपेरिमेंटेशन, क्रिएटिविटी और नई सोच की जरूरत होती है। इससे इनका सिलेक्शन करने वाले छात्रों को मौजूदा करियर ट्रैकों से हटकर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है।

1 वीडियो गेम डिजाइनिंग

वीडियो गेम डिजाइनिंग एक इमर्जिंग फील्ड है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के ध्यान को आकर्षित कर रहा है। इस कोर्स में छात्र वीडियो गेम बनाने की आर्ट, टेक्निकल साइड और ग्राफिक्स पर काम करते हैं। इसमें आपको गेम के कॉन्सेप्ट, लेवल डिजाइन, इंटरफेस डिजाइनिंग, गेम आर्ट और प्रोग्रामिंग की जानकारी मिलती है।

इस फील्ड में ऐसे पाएं मुकाम…

– गेम डिजाइन सिद्धांत

– ग्राफिक्स और 3डी मॉडलिंग

– गेम प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर

– डिवेलपमेंट एनीमेशन और वॉयस एक्टिंग

सैलरी : इसमें शुरुआत में लगभग तीन लाख रुपए से पांच लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है और एक्सपीरियंस बढऩे पर 10 लाख रुपए तक भी हो सकती है।

2 फिल्म और टेलीविजन प्रोडक्शन

अगर आपको फिल्मों या टेलीविजन शो में इंटरेस्ट है और आप कैमरे के पीछे की प्रोसेस को समझने की चाह रखते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए है। इसमें आप डायरेक्शन, सिनेमैटोग्राफी, प्रोडक्शन, एडिटिंग, साउंड डिजाइन जैसे प्रोसेस सीख सकते हैं।

ऐसे करें शुरुआत…

– फिल्म निर्माण प्रक्रिया

– एडिटिंग, कैमरा वर्क

– साउंड, लाइटिंग और प्रोडक्शन

– स्क्रीन राइटिंग और फिल्म समीक्षा

सैलरी : इसमें शुरुआत में लगभग चार लाख रुपए से छह लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है।

3 कॉस्मेटोलॉजी

कॉस्मेटोलॉजी एक बढ़ती हुई इंडस्ट्री है, जिसमें स्किनकेयर, हेयरस्टाइलिंग, मेकअप और बॉडी ट्रीटमेंट्स शामिल हैं। इस फील्ड में आप ब्यूटी और हैल्थ से जुड़ी सर्विसेज प्रोवाइड कर सकते हैं।

यंू बढ़ाएं कदम…

– स्किनकेयर और हेयरस्टाइलिंग

– मेकअप और ब्यूटी थेरेपी

– शरीर की देखभाल

– बिजनेस मैनेजमेंट और कस्टमर सर्विस

सैलरी : इसमें शुरुआत में लगभग दो लाख रुपए से छह लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है और एक्सपर्ट बनने पर और अधिक बढ़ सकती है।

4 फोटोग्राफी

फोटोग्राफी आर्ट और टेक्निकल स्किल्स का मिश्रण है। इस कोर्स के जरिए आप तस्वीरों की दुनिया में न सिर्फ हाथ आजमा सकते हैं, बल्कि एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर बन सकते हैं। इसमें आपको टेक्निकल और क्रिएटिव दोनों ही पहलुओं पर काम करना होता है।

इन सबका ज्ञान जरूरी…

– कैमरा तकनीक

– लाइटिंग और फोटो शूटिंग

– एडिटिंग सॉफ्टवेयर

– वेडिंग, फूड फैशन फोटोग्राफी

सैलरी : इसमें शुरुआत में लगभग तीन लाख रुपए से दस लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है और प्रोफेशनल फोटोग्राफर की सैलरी और भी बढ़ सकती है।

5 अर्बन ट्रेवल मैनेजमेंट

शहरों और टूरिस्ट्स के लिए यात्रा के नए तरीके तलाशने में यह कोर्स मददगार साबित हो सकता है। इसमें स्मार्ट ट्रेवल, सिटी टूरिज्म और पैसेंजर मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

पढऩा होगा ये सब…

– ट्रेवल ऑपरेशन

– सिटी बेस्ड टूरिज्म

– ग्राहक सेवा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग

– स्मार्ट ट्रांसपोर्ट और सस्टेनेबल टूरिज्म

सैलरी : इसमें शुरुआत में लगभग चार लाख रुपए से आठ लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है और फिर ये बढक़र 9-10 लाख रुपए तक हो भी सकती है।

6 इवेंट मैनेजमेंट

इवेंट मैनेजमेंट में हर तरह के इवेंट्स की प्लानिंग का मैनेजमेंट करना शामिल होता है। शादी, कॉरपोरेट इवेंट्स, म्यूजिक कंसर्ट्स और अन्य सोशल प्रोग्राम्स की सक्सेस सुनिश्चित करने में इस फील्ड्स के प्रोफेशनल की इम्पोर्टेन्ट रोल होता है।

ये तैयारी जरूरी…

– इवेंट प्लानिंग

– बजट और लॉजिस्टिक्स

– मार्केटिंग और इंसेंटिव

– टीम मैनेजमेंट और कस्टमर सर्विस

सैलरी: इसमें शुरुआत में लगभग दो लाख रुपए से चार लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है और फिर ये बढक़र आठ लाख रुपए तक हो सकती है।

7 स्पोट्र्स मैनेजमेंट

यह कोर्स खेल के उद्योग से जुड़ी प्रमुख संरचनाओं, मार्केटिंग और प्रबंधन पर केंद्रित है। छात्रों को विभिन्न खेल आयोजनों और टीमों के प्रबंधन के बारे में सिखाया जाता है।

इनमें महारत अनिवार्य…

– खेल प्रबंधनऔर रणनीतियां

– स्पोट्र्स मार्केटिंग

– टीम निर्माण और नेतृत्व

– फिटनेस और स्वास्थ्य

सैलरी : इसमें शुरुआत में लगभग पांच लाख रुपए से 10 लाख रुपए प्रति वर्ष हो सकती है।

: *आज सराज जाएंगे मुख्यमंत्री सुक्खू, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीडि़त परिवारों से मिलेंगे* 

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीडि़त परिवारों से मिलेंगे, राहत कार्यों का लेंगे जायजा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार को मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र जा सकते हैं। हालांकि उनका कार्यक्रम मंगलवार को वहां पर जाने का था, मगर यहां मौसम खराब होने की वजह से हेलिकॉप्टर की उड़ान नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री का काफिला जंजैहली के लिए तैयार था, परंतु ऐन मौके पर मौसम खराब हो गया। जहां शिमला में उस समय बारिश शुरू हो गई, वहीं मंडी में भी बारिश हो रही थी। इस कारण सीएम नहीं जा सके। अब बताया जा रहा है कि वह बुधवार को जाएंगे। इससे पूर्व सीएम ने यहां शिमला के भट्टाकुफर, ढली, लिंडिधार एरिया का दौरा किया है। मानसून से अभी तक हुए नुकसान की बात करें तो 85 लोगों की मौत इस मानसून सीजन में अभी तक हो चुकी है, जबकि 129 लोग घायल हैं और 35 लोग विभिन्न हादसों में अलग-अलग स्थानों पर लापता बताए जा रहे हैं। उपरोक्त आंकड़ों में सडक़ हादसों में 31 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्राकृतिक आपदा और सडक़ हादसों में मौत के आंकड़ों की बात करें, तो बिलासपुर में सात लोग काल से शिकार हो चुके हैं, जबकि चंबा में नौ, हमीरपुर में छह, कांगड़ा में 13, किन्नौर में तीन, कुल्लू में छह, लाहुल स्पीति में दो, मंडी में 20, शिमला में 5, सिरमौर में 2, सोलन में 6, ऊना में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक इस बरसात की वजह से 72 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैंं। इसमें कांगड़ा में तीन, किन्नौर में एक, कुल्लू में पांच, मंडी में 62, शिमला में एक पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ जबकि 92 कच्चे मकान भी इस बरसात में क्षतिग्रस्त हो गए। प्राकृतिक आपदा से कुल 54 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐलान किया है कि जितने भी लोग प्रभावित हुए हैं, उनको सरकार बसाएगी। उनको सरकारी जमीन दी जाएगी और वहां पर मकान बनाने में भी मदद करेगी। यह मदद कितनी होगी, यह अभी तय किया जाना है। इसके साथ सरकार ने ऐलान किया है कि प्रभावित लोग किराए के मकान में रह सकते हैं, जिनको सरकार 5000 रुपए प्रतिमाह मकान का किराया देगी। प्रदेश में मंगलवार शाम तक कुल 198 सडक़ें बंद पड़ी हैं। इनके अलावा 159 बिजली ट्रांसफार्मर और 297 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हुई हैं।

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के सराज दौरे का ऐसा रहेगा शेड्यूल

मंडी — मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 9-10 जुलाई को सराज विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नौ जुलाई को प्रात: 8:25 बजे पंडोह हेलिपैड पहुंचेंगे और वहां से सडक़ मार्ग द्वारा 10 बजे बगस्याड् राहत शिविर पहुंचेंगे। बगस्याड़ से मुख्यमंत्री पैदल चलकर प्रभावित शरन गांव जाएंगे। इसके बाद वह सडक़ मार्ग से दोपहर 12 बजे थुनाग पहुंचेंगे और प्रभावितों से भेंट करेंगे। दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री थुनाग से जंजैहली के लिए रवाना होंगे और लगभग चार बजे जंजैहली पहुंचेंगे। यहां वह प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इसके पश्चात वह थुनाग लौटेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री 10 जुलाई को थुनाग से सुबह बाड़ा के लिए रवाना होंगे और 10 बजे बाड़ा राहत शिविर पहुंचकर वहां आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। बाड़ा से वह सडक़ द्वारा 11:10 बजे पंडोह हेलिपैड पहुंचेंगे और वहां से शिमला के लिए प्रस्थान करेंगे।

: *बेहतर सेवाएं देने में पालमपुर अस्पताल नंबर वन, धर्मशाला अस्पताल दूसरे, तीसरे स्थान पर यह हास्पिटल* 

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 35 लाख इन

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी मापदंडों खरा उतरने के उपरांत पालमपुर के सिविल अस्पताल को 35 लाख रुपए इनाम के साथ पहला स्थान से नवाजा गया है। सिविल हास्पिटल पालमपुर द्वारा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने हेतु राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने मोहर लगाई है। पालमपुरवासियों के लिए यह एक गर्व का विषय है। बताते चलें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर जोनल हॉस्पिटल धर्मशाला तथा तीसरे स्थान पर दिनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल (रिपन) शिमला को नवाजा गया है। सिविल हॉस्पिटल पालमपुर को 25 लाख के इनाम के साथ दस लाख का अतिरिक्त राशि स्वास्थ्य मिशन द्वारा ईको फ्रेंडली सुविधाओं के लिए प्रदान की गई है।

पालमपुर के लोगों में इस गर्व को लेकर खुशी की लहर है। बताते चलें की ऑल इंडिया लेवल की एक टीम ने असेसर सहित मई 2025 में पालमपुर के सिविल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। इस दौरान आईपीडी, ओपीडी, मशीनरी, सिक्योरिटी, साफ -सफाई तथा अन्य सुविधाओं की भी जांच थी। विभिन्न सुविधाओं में पालमपुर का हॉस्पिटल अव्वल रहा है। प्रदेश भर में पालमपुर सिविल अस्पताल के स्थान पर रहने की पुष्टि करते हुए मेडिकल सुपरिटेंडेंट डाक्टर तिलक भागड़ा ने बताया कि दूरभाष तथा मेल के माध्यम से यह जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है। उन्होंने पालमपुर के लोगों सहित पूर्व मेडिकल सुपरीटेंडेंट मीनाक्षी गुप्ता, एसएमओ डा. चक्रवर्ती, स्टाफ, सिक्योरिटी विभाग, रेडियोलॉजी विभाग , नर्सिंग स्टाफ, तमाम डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मेसी तथा अन्य विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों को बधाई दी।

: *Himachal Ration Depot : डिपोधारकों ने निगम के गोदामों से नहीं उठाया जुलाई का राशन* 

प्रदेश में सस्ते राशन के डिपोधारकों ने अपनी मांगें पूरी न होने के चलते जुलाई का राशन निगम के गोदामों से उठाना बंद कर दिया है। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि डिपोधारकों की मांगें लंबे समय से लंबित पड़ी हुई हैं, जिन्हें प्रदेश डिपो संचालक समिति कई बार सरकार व विभाग के समक्ष रख चुकी है, लेकिन हमारी मांगों पर न तो सरकार ने कोई गौर किया और न ही विभाग ने।

अशोक कवि ने कहा कि 14 अप्रैल को हमीरपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश के डिपोधारकों ने पहली मई तक डिपुओं में विभाग द्वारा स्थापित की गई मशीनों में कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध करवाने व जो खर्च पिछले पांच वर्षों तक डिपोधारकों ने मशीनें चलाने के लिए नेट पर अपनी जेब से अदा किया है, उसे डिपोधारकों को देने की मांग पूरी करने की शर्त रखी थी और पहली मई तक यह शर्त पूरी न होने की दिशा में डिपोधारकों ने पहली मई से राशन वितरण का कार्य बंद करने का फैसला लिया था।

सात मई को निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग ने डिपो धारकों की इस मांग को डेढ़ माह के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके चलते प्रदेश के डिपो धारकों ने अपनी इस हड़ताल को स्थगित कर दिया था।

: *हिसार के लिए रेल विस्तार से नंगल डैम से अंब के बीच रद्द हो रही ट्रेनें* 

देरी से आ रही ट्रेनों से भी लोगों की बढ़ी दिक्कतें

रेलवे स्टेशन ऊना में रेल सेवाओं के हिसार विस्तार के बाद ज्यादातर पैसेंजर टे्रन देरी से पहुंच रही हैं या फिर रद्द हो रही है, लेकिन रेल सेवा का इंतजार कर रहे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों में रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ भारी रोष है। यात्रियों ने बताया कि कुछ समय पहले उत्तर रेलवे व अंबाला मंडल द्वारा गाड़ी संख्या 64563-64564 अंबाला छावनी- अंब अंदौरा- अंबाला छावनी वाया चंडीगढ़ जंक्शन पैसेंजर रेलगाड़ी का विस्तार हरियाणा के हिसार जिला तक किया गया था, लेकिन अब ये विस्तार यात्रियों के लिए परेशानी बन चुका है। जब-जब ये रेलगाड़ी अपनी समय सारिणी से लेट होती हैं, तब रेलवे इस रेलगाड़ी को नंगल डैम तक ही चलाता हैं।

इससे आगे का रूट नंगल डैम और अंब अंदौरा के बीच रद्द कर दिया जाता हैं। इस रेलगाड़ी से दैनिक यात्रियों में प्रदीप, रमन, विजय आदि यात्रियों ने कहा है कि इस रेलगाड़ी के बाद अंब-अंदौरा और ऊना हिमाचल से अन्य कोई रेलगाड़ी नहीं है। रेलवे स्टेशन ऊना से स्टेशन मास्टर ने बताया कि इस रेल सेवा को हिसार तक बढ़ाया गया है। पेसेंजर ट्रेन होने के चलते यह कई बार लेट हो जाती है।

: *एलन मस्क का ‘X’ बोला, यहां मीडिया स्वतंत्र नहीं* 

ब्रिटेन की न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सोशल मीडिया अकाउंट भारत में ब्लॉक होने के बाद एलन मस्क के एक्स ने भारत सरकार की आलोचना की है। एक्स की तरफ से कहा गया है कि भारत सरकार प्रेस की स्वतंत्रता को महत्त्व नहीं देती है। एक्स ने कहा कि तीन जुलाई को भारत सरकार ने दो हजार से ज्यादा अकाउंट्स को भारत में ब्लॉक करने का आदेश दे दिया। एक घंटे के अंदर ही बिना किसी जस्टिफिकेशन के ही इन हैंडल्स को ब्लॉक कर दिया गया, जिसमें रॉयटर्स भी शामिल है। एक्स ने कहा कि जिनके अकाउंट बंद किए गए उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था। अगर वे आदेश को नहीं मानते, तो सजा का सामना भी करना पड़ सकता था। एक्स ने कहा कि भारत में जिनके अकाउंट ब्लॉक हुए हैं, उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। एक्स की ग्लोबल अफेयर्स टीम ने एक पोस्ट करते हुए कहा कि भारत सरकार ने तीन जुलाई को आईटी ऐक्ट की धारा 69्र के तहत करीब 2,355 अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था जिसमें रॉयटर्स और रॉयटर्स वल्र्ड भी शामिल था।

अगर आदेश न माना जाता, तो उन पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती थी। एक्स ने दावा किया कि भारत सरकार ने बिना कोई वजह बताए ही एक घंटे के अंदर ऐक्शन लेने का आदेश दे दिया। बस यही कहा गया कि अगले आदेश तक ये अकाउंट ब्लॉक रहेंगे। जब जनता ने विरोध किया तो सरकार ने एक्स से रॉयटर्स और रॉयटर्स वल्र्ड के अकाउंट को अनब्लॉक करने को कहा। एक्स ने कहा कि भारत में प्रेस पर लग रहे प्रतिबंधों को लेकर हम बेहद चिंतित हैं। हम हर कानूनी विकल्प पर विचार कर रहे हैं। प्रभावित यूजर्स को यही सलाह है कि वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।

: *लार्ड्स टेस्ट में बुमराह की वापसी तय, वॉशिंगटन सुंदर की जगह इस खिलाड़ी को मौका* 

एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 1-1 की बराबरी पर है। भारत ने बर्मिंघम टेस्ट को 336 रन से जीतकर वापसी की। इससे पहले भारत को लीड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने पांच विकेट से हराया था। पांच मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला लॉड्र्स में 10 से 14 जुलाई तक खेला जाएगा। क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले इस मैदान की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती है, लेकिन पिछले महीने वल्र्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के आखिरी तीन दिन बैटर्स को भी मदद मिली थी। साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलियन बॉलर्स के खिलाफ तीन सेशन में 282 रन का टारगेट चेज करके वल्र्ड टेस्ट चैंपियनशिप का टाइटल जीता। 11 से 14 जून के बीच खेले गए इस मुकाबले के शुरुआती अढ़ाई दिन में तीन पारियां खत्म हो गईं। इसके बाद पिच बल्लेबाजी के लिए आसान होती गई। भारत-इंग्लैंड तीसरे टेस्ट के लिए भी इसी तरह के कंडीशंस देखने को मिल सकती हैं।

तीसरे टेस्ट मैच से पहले भारत ने पहले ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान बुमराह काफी सकारात्मक दिखे और लगातार टीम के साथी खिलाडिय़ों के साथ चर्चा करते नजर आए। उन्होंने नेट्स सत्र के दौरान जमकर पसीना बहाया है। उन्होंने करीब 45 मिनट तक गेंदबाजी की और फिर लेफ्ट ऑर्म स्पिनर और थ्रोडाउन विशेषज्ञ के साथ बल्लेबाजी अभ्यास भी किया। बता दें कि भारतीय बैटिंग ऑर्डर में बदलाव की गुंजाइश न के बराबर है। ऑलराउंडर्स में स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की जगह शार्दुल ठाकुर को मौका दिया जा सकता है। पिछला मैच जीतने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने लॉड्र्स टेस्ट में जसप्रीत बुमराह के खेलने की पुष्टि की है। उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा की जगह लाया जा सकता है। मोहम्मद सिराज दूसरे और आकाश दीप तीसरे पेसर होंगे।

: *Women’s T20 : आज भारतीय महिला टीम के पास सीरीज जीतने का मौका* 

 भारत को अगर इंग्लैंड के खिलाफ शृंखला जीतनी है, तो कप्तान हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा को बुधवार को मैनचेस्टर में होने वाले चौथे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारत पांच मैचों की शृंखला में 2-1 से आगे चल रहा है, लेकिन इंग्लैंड ने पिछले सप्ताह ओवल में खेले गए तीसरे मैच में पांच रन की जीत के दौरान मेहमान टीम की कुछ कमजोरियों को उजागर किया था। शेफाली ने इस मैच में 25 गेंदों पर 47 रन और हरमनप्रीत ने 17 गेंदों पर 23 रन बनाए, लेकिन दोनों बल्लेबाज अपनी अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रही।

मंधाना, रोड्रिग्स और अमनजोत ने अब तक भारत की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली है और वे इन दो अनुभवी खिलाडिय़ों से और अधिक सहयोग की उम्मीद करेंगे। शेफाली विशेषकर अपनी छाप छोडऩे के लिए बेताब होंगी, क्योंकि आठ महीने बाद टीम में वापसी के बाद से वह बड़ी पारी नहीं खेल पाई हैं। जहां तक इंग्लैंड की बात है तो अगर उसे सीरीज बराबर करनी है, तो उसके बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

: *चुराह के पंगोला नाले में बाढ़ से तबाही, सडक़ बंद होने से कटा संपर्क, लोगों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें* 

थल्ली-गडफरी सडक़ बही, खेतों में मलबा भरने से मक्की की फसल बर्बाद

चुराह उपमंडल में मंगलवार सुबह मूसलाधार बारिश के पंगोला नाले में बाढ़ आने से थल्ली- गडफरी संपर्क मार्ग का काफी हिस्सा बह गया है। इसके चलते इन पंचायतों को संपर्क उपमंडल व जिला मुख्यालय से कट गया है। इसके साथ ही उपमंडल की चरोडी पंचायत में भी बारिश ने खूब कहर बरपाया है। बारिश के कारण खेतों में खड़ी मक्की की फसल तबाह हो गई है। उपमंडल की चरोड़ी पंचायत में भी बारिश का खूब कहर बरपा है।

बारिश से जहां मक्की फसल तबाह हो गई है, वहीं खेत मिट्टी से भर गए हैं। उल्लेखनीय है कि चंबा जिला में इन दिनों चुराह उपमंडल में बारिश का कहर बरप रहा है। रविवार को भी कठवाड़ के उपरी हिस्से में बादल फटने से आई बाढ़ से कंगेला नाले पर निर्मित पुल बह गया था। बहरहाल, मंगलवार सुबह चुराह में बारिश ने काफी नुकसान किया है।

बड़सर में शुक्कर खड्ड में बही प्रवासी महिला का शव एक किलोमीटर दूर धबीरी से बरामद

बड़सर। शुक्कर खड्ड में बरसात के तेज बहाव में बही प्रवासी महिला का शव घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मंगलवार सुबह घोड़ी-धबीरी श्मशानघाट के साथ शुक्कर खड्ड से बरामद किया गया है। दियोटसिद्ध पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। उपमंडल बड़सर की शुक्कर खड्ड में एक प्रवासी महिला पानी के तेज बहाव में रविवार को बह गई थी। बिहार के दरभंगा जिला की रहने वाली 35 वर्षीय किरण और उसका परिवार खड्ड से रेत निकालने का काम करता है।

पति व आसपास के लोगों ने उसे बचाने की भ्रसक कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते वह पानी के तेज बहाव में आंखों से ओझल हो गई। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर का कहना है कि शुक्कर खड्ड के तेज बहाव में बही प्रवासी मूल की महिला का शव मंगलवार सुबह घोड़ी-धबीरी खड्ड में श्मशानघाट के पास बरामद किया है।

: *Himachal: जहां लापता हुए थे 11 लोग, वहां पहुंचे जयराम, खतरनाक पहाड़ी रास्तों से किया सफर* 

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सराज विधानसभा क्षेत्र के पखरेर पंचायत के डेजी गांव पहुंचे। आपदा की शुरुआत यहीं से हुई थी। यहां से 11 लोग लापता हैं और अभी तक किसी को भी खोजा नहीं जा सका है। आपदा की वजह से इस जगह की सिर्फ मुख्य सडक़ंे ही नष्ट नहीं हुई हैं, बल्कि पैदल चलने वाले रास्ते भी पूरी तरीके से तबाह हो गए हैं। इन्हीं खतरनाक रास्तों से पांच किलोमीटर कठिन चढ़ाई वाले रास्तों से चलकर जयराम ठाकुर पखरेर पंचायत के डेजी गांव पहुंचे। वहां पहुंच कर उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। यहां पहुंचने के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि वहां की स्थिति बहुत भयानक है। एक ही गांव से 11 लोग लापता हैं।

उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। यहां पर प्रशासन के आला अधिकारी भी नहीं पहुंचे हैं। लोगों को आठ दिनों बाद भी फ ौरी राहत नहीं मिल पाई है। मंगलवार सुबह जयराम ठाकुर थुनाग पहुंचे और रास्ते खोलने, बिजली और पेयजल योजनाएं बहाल करने के कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने बगस्याड़, थुनाग पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी।

160 किलोमीटर पैदल चल चुके नेता प्रतिपक्ष

थुनाग — मानसून की मार से छिन्न-भिन्न हो चुके सराज विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए दिन-रात पैदल सफर कर रहे हैं। कारण यह कि बारिश की मार से सराज की सडक़ें ही नहीं, अधिकतर पैदल रास्ते भी वजूद खो चुके हैं। दो जुलाई की सुबह पूर्व मुख्यमंत्री पंडोह की समीप झूला पुल के जरिए अपने विधानसभा क्षेत्र में पैदल दाखिल हुए और उसके बाद से उनकी पैदल यात्रा लगातार जारी है। आलम यह है कि वह पिछले एक हफ्ते में 160 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर पीडि़तों का दुख-दर्द बांट रहे हैं।

अनवरत अभियान के तहत वह बार वार परवाड़ा, थुनाग, कांडा, बगस्याड़, लंबाथाच, जंजैहली और डेजी पखरैर आदि स्थानों तक पहुंच चुके हैं। इस दौरान वह न केवल दुखियों के आंसू पोंछ रहे हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं व अन्य संदर्भों के माध्यम से सराज के लोगों के लिए आवश्यक राहत सामग्री भी मंगवा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने दो मर्तबा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एक बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से दूरभाष पर बात की। इसके बाद तुरंत वायुसेना और आईटीबीपी ने राहत पहुंचाने का जिम्मा संभाल लिया।

: *यदि सेवा राजनीति है, तो करते रहेंगे* 

 *कंाग्रेस नेताओं के आरोप पर बोले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बिंदल* 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार भाजपा और विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं कि इस त्रासदी के समय हम राजनीति कर रहे हैं, यह आरोप गलत है। अगर इस मुृश्किल समय में लोगों की सेवा करना राजनीति है, तो ऐसी राजनीति हम लगातार करते रहेंगे। मंडी से लौटकर शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डा. बिंदल ने कहा कि असल बात यह है कि त्रासदीग्रस्त क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार सडक़, पानी और पुनर्वास नहीं दे पाई है। मंडी जिला के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश के कारण बड़ा नुकसान हुआ और लगभग 1000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसमें से 300 से 500 मकान ऐसे हैं, जो पूरी तरह और 500 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 200 से अधिक ऐसी जमीन हैं, जहां सब के बगीचे एवं कृषि भूमि पूरी तरह नष्ट हो गई और वहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गई।

समस्या तो यह है कि जलशक्ति विभाग की परियोजनाएं ठप हो गई हैं और पीने का पानी तक नहीं है और इसके लिए प्रदेश सरकार ने अभी किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की है, पानी की पूर्ति हेतु कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था अभी तक खड़ी नहीं की गई है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पंडोह और मंडी के अधिकतम रास्ते बंद पड़े हैं। उनको भी सरकार ने अभी तक खोलने का कोई प्रयास नहीं किया है। यह सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाता है। राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा के सभी नेताओं ने प्रथम दिन से इस त्रासदी को लेकर गंभीरता से काम किया गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक विनोद कुमार दीपराज कपूर और भाजपा द्वारा तीन गठित टीमें लगातार धरातल पर काम कर रही है।

: *छह घंटें में रिकार्ड तोड़ 2040 एमएम बारिश* 

शिकारी देवी में बारिश ने सराज में मचाई तबाही

मंडी जिला के सराज घाटी में 30 जून की काली रात में छह घंटें में रिकॉर्ड तोड़ 2040 एमएम बारिश दर्ज की गई। क्षेत्र के शिकारी देवी वन्य जीव अभयारण्य और आसपास के 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रात्रि नौ से सुबह तीन बजे भारी बारिश हुई है। जंजैहली में 2040 एमएम और कांढा में 1960 एमएम वर्षा ने हिमाचल के इतिहास में अभूतपूर्व आपदा का मंजर रच दिया। यह बादल फटने की सामान्य घटना नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की भयावह चेतावनी थी, जिसने सराज घाटी को तहस-नहस कर दिया। एक सप्ताह बाद भी जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। प्रकृति के इस रौद्र रूप ने शिकारी देवी के घने जंगलों से उतरते प्रलयकारी पानी ने जमकर तबाही मचाई।

ग्लोबर वार्मिंग से बढ़ी वायुमंडल में नमी

भूगोल विज्ञान के प्रोफेसर गोबिंद राम बताते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग ने वायुमंडल की नमी धारण क्षमता को बढ़ाया है, जिससे हिमालय में चरम बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगलों की कटाई और अनियोजित निमार्ण ने मिट्टी की स्थिरता को कमजोर किया, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का कहर और गहरा गया।

आपदा से बचने को वैज्ञानिक उपाय जरूरी

हिमाचल सरकार के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डा. सुरेश अत्री ने चेतावनी दी कि बिना वनीकरण के विकास कार्य इस संकट को और बढ़ा रहे हैं। इस आपदा से बचाव के लिए तत्काल वैज्ञानिक उपाय जरूरी हैं। सेटेलाइट और रडार आधारित अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, वनीकरण, ढलान स्थिरीकरण, और बेहतर जल निकासी प्रणालियां जोखिम को कम कर सकती हैं। नदी-नालों के पास बस्तियों को हटाना अनिवार्य है।

प्रकृति-मानव के बिगड़ते संतुलन का खौफनाक चेहरा

वन विभाग के डीएफओ नाचन, सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि जंजैहली और कांढा रेन गेज ने इस ऐतिहासिक बारिश का सटीक डेटा दर्ज किया। यह आपदा प्रकृति और मानव के बिगड़ते संतुलन का खौफनाक चेहरा है। यदि टिकाऊ विकास और जलवायु संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हिमालय में ऐसी त्रासदियां बार-बार होंगी।

: *हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वेबसाइट रिस्टोर, छात्रों को राहत* 

Himachal Pradesh University

हैकर्स ने यूआरएल किया था डायवर्ट, साइबर कमांडो कर रहे जांच

एचपीयू की वेबसाइट रिस्टोर कर दी गई है, जिसके बाद अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वेबसाइट नार्मल चल रही है। एचपीयू में एडमिशन के दौर के बीच हैकर्स ने बीते सोमवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वेबसाइट को हैक कर लिया था। एचपीयू की वेबसाइट का यूआरएल खोलने के बाद उसमें पाकिस्तान के समर्थन और भारत की विरोध में नारे लिखे प्रदर्शित हो रहे थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेबसाइट को तुरंत मेंटेनेंस मोड में डाल दिया और साइबर सेल को इसकी सूचना दी।

मामले की जांच के लिए साइबर कमांडो की टीम मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहुंची थी। उधर, डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला का कहना है कि एचपीयू की साइट पर हुए साइबर अटैक के मामले में साइबर कमांडो की टीम ने जांच शुरू कर दी है। साइबर कमांडो की टीम दो दिन के भीतर अपनी असेस्टमेंट रिपोर्ट देगी। गौर हो कि एचपीयू में इन दिनों प्रवेश मैरिट हो, काउंसिलिंग का शेड्यूल हो या फिर नए सत्र के शुरू होने पर जारी होने वाली जानकारी इसके लिए छात्र नियमित रूप से साइट को खोलते हैं, जिससे उन्हें सही समय पर सही जानकारी मिले।

: *सेब के पौधों को नया रोग, झडऩे लगे पत्ते* 

बागबानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुक्खू को बीमारी से करवाया रू-ब-रू

हिमाचल प्रदेश में सेब को एक नया रोग घेरे हुए है। इस रहस्यमयी बीमारी को लेकर बागबान चिंतित हैं , जिस पर सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं कि आखिर यह क्या और क्यों हैं। सेब उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर सेब के बागीचों में तेजी से फैल रही एक नई बीमारी से उन्हें अवगत करवाया। इस बीमारी से उनकी फसल को काफी नुकसान हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच तथा नियंत्रण के लिए शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। बागबानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के कारण सेब के पत्ते पीले पड़ रहे हैं तथा समय से पहले ही गिरने लगे हैं, जिससे सेब की पैदावार में भारी गिरावट आ रही है।

मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए डा. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, जिला सोलन के कुलपति से दूरभाष पर बात की तथा विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीमों को अविलंब प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच की जाए तथा बागबानों को जमीनी स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों बारे शिक्षित किया जाए। मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बीमारी तेजी से फैल रही है तथा बागबानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान भी उपस्थित थे।

: *हिमाचल की तरफ बढ़ रहा मानसून दिल्ली में थम गया, 14 जुलाई तक आ गई मौसम की अपडेट* 

आगामी 12 जुलाई तक हालांकि प्रदेश के कुछ स्थानों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का यलो अलर्ट दिया है, मगर जिस तरह की चेतावनी पिछले दो तीन दिनों से दी जा रही थी, वह पूरी नहीं हुई है। ऐसे में अब मौसम विभाग का मानना है कि हिमाचल में मौसम की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई है और मॉनसून कमजोर होता दिख रहा है। ऐसे में राज्य में चल रहा आपदा का दौर थमेगा ऐसा माना जा रहा है।

14 जुलाई तक प्रदेश के कुछ एक स्थानों पर ही बारिश बताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून ट्रफ का रूख जो हरियाणा की तरफ बढ़ रहा था, वह दिल्ली में ही थम गया है। उसके वहीं तक सीमित रह जाने की वजह से हिमाचल को राहत मिली है, क्योंकि पहले जो रेड अलर्ट दिया जा रहा था, वह इसलिए था क्योंकि मॉनसून ट्रफ हरियाणा से होता हुआ हिमाचल की तरफ बढ़ता लग रहा था, परंतु अब परिस्थितियों में बदलाव दिख रहा है। अगले 5 दिन भी ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान के बाद मॉनसून कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। लोगों ने इससे राहत की सांस ली है, क्योंकि 2 सप्ताह में ही लगभग 22 जगह बादल फटने की घटनाएं पेश आ चुकी हैं। इससे लगभग 700 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान होने के साथ 30 से ज्यादा लोगों की मौत तथा 32 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि मॉनसून में पश्चिमी विक्षोभ नहीं, बल्कि मॉनसून ट्रफ की वजह से बारिश होती है। तीन दिन पहले मॉनसून ट्रफ के दिल्ली से नॉर्थ हरियाणा की तरफ बढऩे के संकेत मिल रहे थे। इसे देखते हुए हिमाचल में भारी बारिश के रेड व ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई थी। मगर यह मॉनसून ट्रफ दिल्ली में ही होल्ड हो गया। मॉनसून ट्रफ नॉर्थ हरियाणा की तरफ बढऩे के बजाय साउथ की तरफ बढऩे के संकेत दे रहा है। इससे हिमाचल समेत जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड में भी बारिश कम हुई है। अगले 5 दिन हिमाचल में कुछ एक स्थानों पर भारी बारिश होगी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं है। पहाड़ों पर बारिश तभी होगी जब मॉनसून ट्रफ नॉर्थ की तरफ बढ़ेगा। अभी इसके कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अभी केवल मैदानी क्षेत्रों में ही हल्की बारिश के आसार हैं। मॉनसून ट्रफ जब नॉर्थ की तरफ शिफ्ट होता है तब पहाड़ों पर भारी बारिश होती है। मॉनसून ट्रफ जब साउथ की तरफ जाता है तो सेंट्रल इंडिया में अच्छी बारिश होती है। हिमाचल में दोबारा अच्छी बारिश के लिए मॉनसून ट्रफ का दोबारा नॉर्थ की तरफ बढऩा जरूरी है। मॉनसून ट्रफ भारत में मॉनसून की वर्षा के लिए महत्वपूर्ण कारक है। यह न केवल बारिश लाता है, बल्कि यह मॉनसून की दिशा और तीव्रता को भी प्रभावित करता है। मॉनसून ट्रफ में नमी युक्त हवाएं होती हैं जो ऊपर उठती हैं और बादल बनाती हैं, जिससे बारिश होती है। मॉनसून ट्रफ एक निम्न दबाव का क्षेत्र है जो उत्तर.पश्चिम भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला है। यह एक लंबी रेखा के रूप में होता है और मॉनसून के दौरान सक्रिय रहता है, जिससे बारिश होती है।

अब तक 80 लोगों की गई जान

प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में 20 जून से 7 जुलाई तक 80 लोगों की विभिन्न कारणों से जान जा चुकी है। इनमें लैंडस्लाइड से 1, फ्लैश फ्लड से 8, बादल फटने से 14, पानी में डूबने से 8, आग से 1, स्नेक बाइट से 3, बिजली के करंट से 4, ढांक या ऊंची जगह से गिरने से 9 तथा अन्य कारणों से 4 की मौत हो चुकी है। वहीं 28 लोगों ने सडक़ हादसों में जान गंवाई है। प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में 235 सडक़ें बंद पड़ी हैं। सबसे ज्यादा 176 सडक़ें मंडी जिला में बंद पड़ी है।

: *मुश्किल वक्त में कांगड़ा भाजपा बाढ़ प्रभावितों के साथ, मंडी भेजी राहत सामग्री की एक और गाड़ी

मंडी के बाढ़ प्रभावितों के दुख में कांगड़ा भाजपा पूरी तरह उनका साथ निभा रही है। कुदरत की आई इस विपदा में जिला भाजपा का हर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावितों का साथ दे रहा है। पिछले कल जहां मटौर से भाजपा ने राहत सामग्री से भरी एक गाड़ी मंडी भेजी थी, वहीं मंगलवार को एक और गाड़ी जरूरत का सामान लेकर भाजपा ने रवाना की। गाड़ी में खाना बनाने के जरूरी बरतन हैं, जिसकी लगभग 60 किट भेजी गई हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि मंडी की आपदा में हम उनके साथ हैं। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल के मटौर स्थित कार्यालय से यह गाड़ी सांसद डा. राजीव भारद्वाज व जिला अध्यक्ष सचिन शर्मा की अध्यक्षता में रवाना की गई।

इस दौरान विधायक पवन काजल और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक विषयों को लेकर चर्चा भी की। इससे पहले सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज का मटौर पहुंचने पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर विधायक पवन काजल, पूर्व विधायक अरुण कुमार मेहरा उर्फ कूका, जिला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा, पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु, जिला महामंत्री देवेंद्र कोहली, राकेश चौहान पिंका, जिला भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रंजू रस्तोगी, वीना थापा, धर्मशाला मंडलाध्यक्ष डॉ. विशाल नेहरिया, भुवनेश चौधरी, शाहपुर मंडलाध्यक्ष रवि दत्त शर्मा, अशोक वशिष्ठ, केशव नंद शर्मा, सुभाष पुरी, मंडलाध्यक्ष नगरोटा बगवां सोनू चौधरी, मंडल महामंत्री नगरोटा बगवां सत्यम दीवान, अजीत राणा, रजनीश मोना, नदीश ठाकुर, जगदीश आदि अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

: *गगल एयरपोर्ट का बदलेगा नाम, मुंबई-अहमदाबाद से भी शुरू होगी उड़ान* 

गगल एयरपोर्ट हवाई अड्डा सलाहकार समिति की बैठक कांगड़ा चंबा के सांसद डॉ राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में धर्मशाला सचिवालय में आयोजित की गई। इस बैठक में शाहपुर के विधायक व उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा सहित जिला कांगड़ा के सभी प्रशासनिक अधिकारी, गगल एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों सहित समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। इस दौरान गगल एयरपोर्ट के विस्तारित करण सहित विकास के लिए विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। कांगड़ा में आने वाले पर्यटकों को देखते हुए अब महाराष्ट्र मुंबई व अहमदाबाद से डायरेक्ट फ्लाइट शुरू किए जाने को लेकर भी सहमति बनी है। इसके साथ ही धर्मशाला कांगड़ा एयरपोर्ट के नाम से गगल एयरपोर्ट को जाने के लिए भी प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला