किशनगंज में मरे व्यक्ति के नाम पर मजदूरी भुगतान:मनरेगा जांच में 15 लाख की गड़बड़ी का खुलासा
किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड की तुलसिया पंचायत में मनरेगा योजनाओं में गंभीर गड़बड़ी सामने आई हैं। जिला स्तरीय जांच में यह पुष्टि हुई है कि फर्जी मस्टर रोल, बिना कार्य के भुगतान, ग्राम सभा प्रक्रिया में गड़बड़ी और मृत व्यक्तियों के नाम पर मजदूरी निकासी जैसे मामले हुए हैं। इस वित्तीय अनियमितता का अनुमानित आंकड़ा लगभग 15 लाख रुपये है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, एक जॉब कार्डधारी रूहुल हक का निधन 16 दिसंबर 2024 को हो गया था। इसके बावजूद, अप्रैल, मई और जून 2025 तक उनके नाम पर कार्य आवंटित किया गया और मजदूरी का भुगतान भी दर्ज किया गया। जांच टीम ने इसे एक गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच की सिफारिश की है। मनरेगा के तहत कोई काम नहीं किया, अकाउंट में भेजे पैसे जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई मनरेगा योजनाओं में धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ, फिर भी मजदूरी और सामग्री मद में भुगतान कर दिया गया। कुछ जॉब कार्डधारियों ने शपथपत्र के माध्यम से बताया कि उन्होंने मनरेगा के तहत कोई काम नहीं किया, लेकिन उनके बैंक खातों में राशि भेज दी गई। इन तथ्यों से योजना के क्रियान्वयन और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। नया काम दिखाकर भुगतान निकाला गया रिपोर्ट में ग्राम सभा की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। उपस्थिति पंजी, कार्य स्वीकृति अभिलेख और योजना चयन की प्रक्रिया की विश्वसनीयता संदिग्ध पाई गई है। जांच टीम ने यह भी पाया कि कुछ मामलों में पहले से मौजूद तालाबों को मनरेगा के तहत नया कार्य दिखाकर भुगतान निकाला गया, जिसे सरकारी धन का दुरुपयोग माना गया है। निगरानी और सत्यापन व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश इस मामले पर जिलाधिकारी विशाल राज ने पुष्टि की है कि जांच में अनियमितताएं सही पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सरकारी राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी और सत्यापन व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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