अपनी हेल्थ की जीवन जीने के लिए ऐसे उपाय हमेशा आप ढूंढ़ते रहते हैं
बॉडी की हर एक कमी को दूर कर सकते हैं आप इस सारे नुस्खा को पढ़कर जो आपके लिए लाभदायक है अगर आप अपने शरीर को अच्छा रखना चाहते हैं तो हमसे जरूर संपर्क करिए और अपने शरीर
L: 🌿✨ धरती का अमृतफल — नोनी (Noni)
और जानिए कैसे काम करता है Nature’s Noni Juice..? ✨🌿
💥 आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में… शरीर अंदर से कमजोर क्यों होता जा रहा है?
जवाब है — Body Chemistry का imbalance
🔬 हमारा शरीर कैसे काम करता है?
हमारा शरीर हर पल Chemical Reactions के माध्यम से काम करता है।
✔ सोच
✔ भावनाएँ
✔ हीलिंग
✔ इम्यूनिटी
👉 सब कुछ केमिकल लेवल पर होता है
लेकिन…
❌ प्रदूषण
❌ तनाव
❌ Heavy Metals
❌ कुपोषण
❌ बढ़ती उम्र
➡️ ये सब हमारे शरीर की केमिस्ट्री को बिगाड़ देते हैं
🌿 यहीं से शुरू होता है नोनी का चमत्कार…
👉 नोनी काम करता है Cellular Level (कोशिकीय स्तर) पर
✔ शरीर के केमिकल रिएक्शन को बैलेंस करता है
✔ एनर्जी लेवल को बढ़ाता है
✔ सेल्स की फंक्शनिंग को बेहतर बनाता है
⚡ दो सबसे ज़रूरी प्रोसेस जिन्हें नोनी करता है सपोर्ट
🔹 1. Protein Synthesis (निर्माण प्रक्रिया)
👉 नए सेल्स, हार्मोन, DNA, टिशू — सब यहीं से बनते हैं
🔹 2. Cellular Communication (कोशिकाओं का संवाद)
👉 पूरे शरीर में सही तालमेल और ग्रोथ के लिए जरूरी
🧬 नोनी का साइंटिफिक सीक्रेट — Xeronine Effect
🔬 रिसर्च के अनुसार:
👉 नोनी में मौजूद Proxeronine
👉 एंजाइम Proxeroninase के साथ मिलकर बनाता है Xeronine
💥 यही Xeronine:
✔ प्रोटीन को एक्टिव करता है
✔ एंजाइम को बेहतर बनाता है
✔ हार्मोन और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है
💪 Xeronine के जबरदस्त फायदे
✔ सेल्स की रिपेयर और ग्रोथ
✔ न्यूट्रिएंट्स का बेहतर Absorption
✔ इम्यूनिटी मजबूत
✔ स्किन, बाल और हड्डियों को सपोर्ट
✔ शरीर की हर प्रक्रिया में सुधार
🌟 क्यों खास है Nature’s Noni Juice?
👉 सिर्फ नोनी नहीं… पावरफुल हर्बल कॉम्बिनेशन
📌 10ml में मिलता है:
✔ 3000mg Noni
✔ 300mg Ashwagandha
✔ 100mg Garcinia Cambogia
➡️ यानी एनर्जी + इम्यूनिटी + मेटाबॉलिज्म का परफेक्ट बैलेंस
💊 कैसे मदद करता है?
✔ दवाइयों का असर बढ़ाता है
✔ बॉडी हीलिंग को तेज करता है
✔ कमजोरी, थकान, स्ट्रेस में लाभकारी
✔ ओवरऑल वेलनेस को सपोर्ट
📦 पैकिंग और ऑफर
🧴 मात्रा: 400ml
💰 MRP: ₹850/-
🔥 स्पेशल ऑफर: ₹625/-
🚚 कोरियर फ्री
🎁 विशेष सेवा
🕒 निःशुल्क स्वास्थ्य सलाह
⏰ रोज़ 12 से 5 बजे तक
⚠️ सिर्फ पहले 5 लोगों के लिए (फोन पर)
👉 Advance Booking जरूरी है
📞Tejraftarnews.in: 🌿✨ पेट साफ तो शरीर साफ ✨🌿
आज की 80% बीमारियों की जड़ है — पेट का ठीक से साफ न होना
👉 जब पेट साफ नहीं होता, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं
और फिर शुरू होती हैं समस्याएं:
• गैस
• एसिडिटी
• सिर दर्द
• त्वचा रोग
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🌿 नेचुरल समाधान
💧 सुबह उठते ही
गुनगुना पानी + 1 चम्मच शहद
🥗 फाइबर युक्त भोजन
• सलाद
• फल
• अंकुरित अनाज
🚶♂ हल्की वॉक
पाचन को एक्टिव बनाती है
🧘♂ पवनमुक्तासन
पेट की समस्याओं में बेहद लाभकारी
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✨ निष्कर्ष:
“अगर पेट ठीक है, तो 70% स्वास्थ्य अपने आप ठीक है”
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📞Tejraftarnews.in: प्रिय प्रकृतिप्रेमियों,
इस बार अप्रैल में ही मई-जून की गर्मी का एहसास हो गया है।गर्मीयों में दही, छाछ या मठ्ठे का सेवन किसे अच्छा नहीं लगता,लेकिन अन्जाने में गलत ढंग से किया गया सेवन हानिकारक भी हो सकता है।
*अमृतसम उपयोगी - दही, मट्ठा, छाछ.*
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*दही-मट्ठे* का सही ढंग से सेवन करने वाले, रोगों से दूर रहते हैं इसलिये उन्हें चिकित्सा हेतु कंहीं जाने की आवश्यकता ही नहीं पडती।
*दही* में दूध की तुलना में अठारह गुना अधिक *केल्शियम* होता है, जिसे हम अधिक मात्रा में भी ले लें तो शरीर पर कोई बुरा असर नहीं पडता जबकि अलग से ली जाने वाली केल्शियम की गोली की अधिक मात्रा में सेवन कर लिए जाने पर शरीर में कैल्शियम की मात्रा सही होगी या नहीं लेकिन अन्य रोगों के बढ जाने का खतरा जरूर बढ जाएगा।
*दही-मट्ठे* में ए, बी, सी, डी और ई ग्रुप के पांचों प्रकार के
*विटामिन* पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
*दही* का पूरा लाभ लेने के लिये इसे *मथ लेना* (अर्थात् मट्ठा बना लेना) चाहिये, जितना अधिक *दही* को *मथा* जायेगा वह उतना *हल्का, सुपाच्य, रोगनाशक और स्वास्थ्यवर्द्धक* हो जायेगा
***********
✅ *अमृत विष न बन जाये...*
*******
*दही* यदि ताजा होगा तभी
*तन्दुरुस्ती* देगा, लेकिन *एक दिन भी पुराना* होगा तो उसमें
*अम्लता* बढ जावेगी, और *अधिक बासी* होने पर *रक्तदुष्टि* होना निश्चित है।
इसलिये चाहे आप *दही* खाएँ या *मट्ठा* बनाकर पिएँ *सदा ताजा* ही प्रयोग में लाएं जो सुहानी गंध छोड रहा हो और स्वाद में मधुर हो ।
✅ *अतः कुछ बाते ध्यान में रखें-*
पीतल, एल्यूमिनीयम, तांबे या काँसे के बर्तन में *न दही जमाएं, न ही खाएं।*
*दही जमाने* के लिये सदा *मिट्टी का बर्तन* और *खाने* के लिये हमेशा *कलईदार, स्टील या कांच* के बर्तन का प्रयोग करें.
*दही? जमाने वाले बर्तन में दुर्गन्ध* न पैदा होने दें,
उसे गर्म पानी से धोकर धूप में या आग में सुखाकर ही दूसरी बार काम में लाएं और *दही जमाने के दौरान* उस पर *जालीदार कपडा* ढककर रखें।
*दही* हमेशा *मलाई सहित* खाएं और *मट्ठा* हमेशा *मलाई वाली दही* का ही बनाकर पिएं।
*सर्दी के मौसम* में मट्ठा ज्यों का त्यों पिएं उसमें *पानी न मिलाएं।*
*बरसात के मौसम* में *दही-मट्ठा त्याग दें,* केवल दवा के रुप में आवश्यक हो तो ही इसका सेवन करें।
*गर्मियों के मौसम* में दही-मट्ठे से अधिक इसकी *लस्सी या छाछ* पिएं ।
*रात्रि* के समय व भोजन के बाद दही *न खाएं।
*छाछ* का
सेवन करें लेकिन वह भी *दोपहर के भोजन के बाद* ही।
*लस्सी या छाछ* में कभी *शहद न मिलाएं* ये दोनों परस्पर विरोधी स्वभाव के होने के कारण विषाक्तता उत्पन्न करते हैं।
*दही अग्निदीपक*(भूख बढ़ाने वाला)लेकिन *श्वास, पित्त, रक्तविकार, सूजन, चर्बी तथा कफ बढाने वाला* होता है।
यह *मूत्र-कृच्छ*(मूत्र का कठिनाई से विसर्जन) *अतिसार*
(दस्त) *अरुचि* और *दुर्बलता* जैसे रोगों हेतु *हितकारी* और
*बलवीर्यवर्द्धक होता है।*
*दही* में अलग-अलग स्थितियों में *मन्द, स्वादु, स्वाद्वम्ल, अम्ल और अत्यम्ल* प्रकार की स्थितियां बन जाती हैं जो हमारे शरीर में उसी रुप
में *परिणाम* देती है-
✅1. *मन्द दही* - दूध के समान
*हल्का गाढा* और *कम पानी* वाला होता है।
यह *मल-मूत्र, त्रिदोष और दाह को बढाता* है अतः ऐसे *दही* का *सेवन नहीं करना* चाहिये ।
✅2. *स्वादु दही* - यह *दही* बिल्कुल *गाढा, स्वादिष्ट और खटाई रहित* होता है इसीलिये
इसे *स्वादु* कहा जाता है। इसी *दही* का सेवन *सर्वोत्तम हितकारी* होता है ।
✅3. *स्वाद्वम्ल दही* - यह *खट्टा-मीठा, गाढा, थोडा कसैला और कम पानी वाला* होता है और बाजार में प्रायः यही *दही* उपलब्ध होता है ।
✅4. *अम्ल दही* - यह *मिठास रहित खट्टा, पित्त और कफ बढाने* वाला होता है ।
इसका *सेवन नहीं* करना चाहिये ।
✅5. *अत्यम्ल दही* - जिसको मुंह में रखते ही तेज *खट्टे स्वाद* के
कारण *रोएं खडे* हो जाएं, *दांत खट्टे* हो जाएं और *गले में जलन* प्रारम्भ हो जाए ऐसा *दही अत्यम्ल* दही कहलाता है।
यह *रक्तविकार* एवम *वात्-पित्त-कफ* को तीव्र गति से *बढाने वाला* होता है अतः ऐसे दही का सेवन *बिल्कुल नहीं* करना
चाहिये ।
*स्वादु दही* जिसे मिट्टी के बर्तन में जमाया गया हो वही *सर्वश्रेष्ठ* होता है।
दही को *रात को नहीं* खाना चाहिये, यदि रात में दही खाना ही हो तो *घी-शक्कर, आंवला या मूंग* की दाल के साथ ही खाने का प्रयास करना चाहिये।
*घी या शक्कर* मिलाकर दही खाने से *रक्तपित्त* और *कफविकार* की संभावना *नहीं* रहती।
यदि *रक्तपित्त* या *कफ*
विकार की *समस्या* आपके साथ
चल रही हो तो *दही* खाने से *बचना* चाहिये।
*दही* में थोडा *पानी* मिलाकर *मथ* लेने से इसमें *छाछ* के गुण पैदा हो जाते हैं अतः *अम्ल दही* को थोडी मात्रा में *छाछ* के रुप में सेवन करना हितकारी हो सकता है।
आपश्री सदा प्रसन्न रहें, निरोग रहें।
इसी कामना और आपश्री की प्यारी सी मुस्कान 😊😊😊 की अपेक्षा के साथ.....
Tejraftarnews.in: *खासकर मेरे जैसे मैंगो लवर्स (आम के दीवानों) के लिए*
🍋🍋🍋🍋🍋🍋
माई डियर मैंगो लवर्स,
● क्या आपको पता है कि आप आम को नहीं बल्कि आम आपको खा रहे हैं.!
● कई नियम-कानून होने के बावजूद देश भर में कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आमों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
● पूरे देश में आम व्यापारी आमों को पकाने के लिए कार्बाइड का प्रयोग कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
● वर्ष 2011 के फूड सेफ्टी रेग्युलेशन (FSSAI) के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड और एथिलीन गैस से पकाए गए फलों को कैंसर जैसी बीमारी का कारण बताते हुए इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई।
इसके बावजूद लोगों की सेहत के लिए घातक कैल्शियम कार्बाइड का सैशे मार्केट में मात्र 3 रुपये की कीमत में बिक रहा है।
● यह पाउडर हमारी सेहत के लिए इस कदर नुकसानदेह है कि यह हमारा पूरा नर्वस सिस्टम खराब कर सकता है और गैस्ट्रिक परेशानियों का कारण बन सकता है।
● अगर विश्वास नहीँ होता तो फल और सब्जियों की रेड़ी वालों से 3 रुपये का पैकेट ले आएं और उसकी एक चुटकी एक गिलास पानी में डाल कर देखें।
दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।
● एक बात और आपको याद दिला दें, कि हर फल-सब्ज़ी को इजैक्शन लगाकर रातों-रात बड़ा करके मालामाल होने की बातें आपने भी बहुत देखी-सुनी-पढ़ी होंगी।
● अब फैसला आपका, क्योंकि जीवन भी आपका और बीमारी भी आपकी।
*● बचने का तरीका*
चाहे आम हो या सब्जी,
पानी मे भिगोकर एक चम्मच
खाने वाला सोडा डाल दें सिर्फ
15 मिनट के लिये
काफी हद तक केमिकल से
मुक्ति मिल जायेगी।
हमारा कर्तव्य तो जागरूकता फैलाना है सो मैने कर दिया।
Tejraftarnews.in: *खासकर मेरे जैसे मैंगो लवर्स (आम के दीवानों) के लिए*
🍋🍋🍋🍋🍋🍋
माई डियर मैंगो लवर्स,
● क्या आपको पता है कि आप आम को नहीं बल्कि आम आपको खा रहे हैं.!
● कई नियम-कानून होने के बावजूद देश भर में कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आमों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
● पूरे देश में आम व्यापारी आमों को पकाने के लिए कार्बाइड का प्रयोग कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
● वर्ष 2011 के फूड सेफ्टी रेग्युलेशन (FSSAI) के अनुसार, कैल्शियम कार्बाइड और एथिलीन गैस से पकाए गए फलों को कैंसर जैसी बीमारी का कारण बताते हुए इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई।
इसके बावजूद लोगों की सेहत के लिए घातक कैल्शियम कार्बाइड का सैशे मार्केट में मात्र 3 रुपये की कीमत में बिक रहा है।
● यह पाउडर हमारी सेहत के लिए इस कदर नुकसानदेह है कि यह हमारा पूरा नर्वस सिस्टम खराब कर सकता है और गैस्ट्रिक परेशानियों का कारण बन सकता है।
● अगर विश्वास नहीँ होता तो फल और सब्जियों की रेड़ी वालों से 3 रुपये का पैकेट ले आएं और उसकी एक चुटकी एक गिलास पानी में डाल कर देखें।
दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।
● एक बात और आपको याद दिला दें, कि हर फल-सब्ज़ी को इजैक्शन लगाकर रातों-रात बड़ा करके मालामाल होने की बातें आपने भी बहुत देखी-सुनी-पढ़ी होंगी।
● अब फैसला आपका, क्योंकि जीवन भी आपका और बीमारी भी आपकी।
*● बचने का तरीका*
चाहे आम हो या सब्जी,
पानी मे भिगोकर एक चम्मच
खाने वाला सोडा डाल दें सिर्फ
15 मिनट के लिये
काफी हद तक केमिकल से
मुक्ति मिल जायेगी।
हमारा कर्तव्य तो जागरूकता फैलाना है सो मैने कर दिया।
Tejraftarnews.in: *क्या आप इनमें से किसी भी समस्या से परेशान हो तो मुझसे जरूर सम्पर्क करें क्योंकि हो सकता है कि आपकी समस्या का निवारण बगैर किसी दवाई के ही हो जाये...*
*निःशुल्क परामर्श*
*लेकिन क्षमा कीजियेगा, तुरंत समाधान सिर्फ फोन पर मिलेगा, व्हाट्सएप पर नहीं, रिपोर्ट्स वगैरह बाद में...*
🙏🏻
1- शुगर (मधुमेह)
2- ब्लड प्रेशर (हाई/लो)
3- हृदय रोग
4- कोलेस्ट्रॉल
5- दमा (अस्थमा)
6- लकवा (पैरालिसिस)
7- स्वाइन फ्लू
8- थाइराॅयड
9- माइग्रेन
10- थकान
11- अर्थराइटिस
12- गठिया
13- जोड़ों का दर्द
14- कमर में दर्द
15- बदन दर्द
16- एकाग्रता की कमी
17- मोटापा
18- त्वचा/चर्म रोग
19- सोराइसिस
20- बवासीर
21- एसिडिटी
22- श्वसन सम्बन्धी
23- पाचन सम्बंधित
24- लीवर से जुडी कोई भी परेशानी
25- अनिद्रा
26- अनीमिया (खून की कमी)
27- मानसिक तनाव
28- खांसी
29- साईनस
30- पेट में गैस बनना
31- पैरो-हाथो मे जलन
32- आखों से संबंधित
33- स्वेद प्रदर (सफेद या गाढ़ा द्रव)
34- अनियमित मासिक धर्म
35- बांझपन
36- नपुंसकता
37- पथरी
38- एलर्जी
39- किसी भी प्रकार का नशा
40- बच्चेदानी में रसोली
41- कैंसर
42- भूख न लगना
43- नसों की बलौकेज
44- टी बी/ क्षयरोग
45- दांतों की कोई भी समस्या
46- फाइलेरिया
47- सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
48 - फ्रोज़न शोल्डर
49 - टेनिस एल्बो
50 - डिप्रेशन
निःशुल्क परामर्श प्रतिदिन
12 बजे से 5 बजे तक सिर्फ 5 व्यक्तियों के लिये...
प्रतिदिन उन 5 व्यक्तियों को स्पेशल डिस्काउंट उनके द्वारा ली जाने वाले प्रोडक्ट्स पर मिलेगा।
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