क्या IAS से ज्यादा होती है IFS की सैलरी? जानें किसे क्या मिलती हैं सुविधाएं
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले ज्यादातर युवा का सपना होता है कि UPSC की परीक्षा पास करके बड़े अफसर बन जाएं. खासकर IAS और IFS जैसी सेवाएं सबसे ज्यादा चर्चा में रहती हैं. अक्सर लोग पूछते हैं कि IAS और IFS में किसकी सैलरी ज्यादा होती है? क्या सच में IFS अधिकारी IAS से ज्यादा कमाते हैं?
7वें वेतन आयोग के अनुसार IAS और IFS दोनों की शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 रुपये प्रति महीना होती है. मतलब जब कोई नया अधिकारी ट्रेनिंग पूरी करके जॉइन करता है, तो दोनों की मूल तनख्वाह बराबर रहती है. जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है और प्रमोशन मिलता है, वैसे-वैसे सैलरी भी बढ़ती जाती है. ऊंचे पद पर पहुंचने पर दोनों की बेसिक सैलरी 2,50,000 रुपये प्रति महीना तक जा सकती है.
असली फर्क कहां पड़ता है?
अब सवाल उठता है कि जब बेसिक सैलरी बराबर है, तो फिर IFS की कमाई ज्यादा कैसे हो जाती है?असल में फर्क भत्तों से पड़ता है. IAS अधिकारी ज्यादातर भारत के अलग-अलग राज्यों या केंद्र सरकार के विभागों में काम करते हैं. उन्हें महंगाई भत्ता (DA), मकान भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और मेडिकल सुविधा मिलती है.वहीं IFS अधिकारी ज्यादातर विदेश में भारत के दूतावास या मिशन में तैनात होते हैं. जब उनकी पोस्टिंग विदेश में होती है, तब उन्हें फॉरेन अलाउंस, हार्डशिप अलाउंस और कई दूसरे अंतरराष्ट्रीय भत्ते मिलते हैं. यही वजह है कि उनकी कुल सैलरी कई बार काफी ज्यादा हो जाती है.
कुल सैलरी कितनी है?
अगर भारत में पोस्टिंग हो, तो IAS और IFS दोनों की कुल इन-हैंड सैलरी करीब 1 लाख से 2.5 लाख रुपये महीना तक हो सकती है.लेकिन अगर IFS अधिकारी की पोस्टिंग किसी विकसित देश में है, तो उनकी कुल कमाई 3 लाख से 4 लाख रुपये महीना या उससे भी ज्यादा हो सकती है. क्योंकि वहां उन्हें विदेशी मुद्रा में भत्ते दिए जाते हैं. हालांकि यह रकम देश और पोस्टिंग पर निर्भर करती है. हर देश में भत्ते अलग-अलग होते हैं.सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि दोनों सेवाओं में कई खास सुविधाएं भी मिलती हैं.
IAS अधिकारियों को सरकारी बंगला, गाड़ी, ड्राइवर और सुरक्षा मिलती है.IFS अधिकारियों को विदेश में अच्छा घर, बच्चों की पढ़ाई की सुविधा और कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी मिलती हैं. मेडिकल सुविधा और पेंशन दोनों सेवाओं में मिलती है.सीधे शब्दों में कहें तो बेसिक सैलरी IAS और IFS की बराबर होती है. लेकिन अगर IFS अधिकारी विदेश में तैनात है, तो उसकी कुल कमाई IAS से ज्यादा हो सकती है.इसलिए यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि हमेशा IFS की सैलरी ज्यादा होती है. सब कुछ पोस्टिंग, देश और पद पर निर्भर करता है.
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