आज सुबह के 100 मुख्य समाचार जो आज पूरे भारत में सूर्य ग्रहण लगने वाला है 2026 का ऐसा सोच रहा रहेगा जो सबको जानने में बहुत मुश्किल रहेगी
क्या आपने कभी किसी... पादरी या मौलाना को असहाय गरीब बच्चियों का घर बासाते देखा है...?🤔 बस यही अंतर है धर्म और एक व्यक्ति पूजक संप्रदायों में...🙏🏻
यूँ तो कल मैच हारने पर कई पाकिस्तानी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे थे। मगर *सबसे बेहतरीन पागलपन का अवॉर्ड विनिंग झटका इस जाहिल रवीश कुमार को ही लगा है।* कोई दूर दूर तक नहीं है, टक्कर में इसके 🤣[
TRN LIVE *आज लगेगा साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण इन राशियों की चमकेगी किस्मत*
आज साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा, 5:12 बजे वलयाकार बनेगा और 5:42 बजे चरम पर होगा। सूर्यग्रहण की अवधि साढ़े चार घंटे से अधिक होगी। जवाली के ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने बताया कि इस दौरान सूर्य के चारों ओर “रिंग ऑफ फायर” दिखाई देगी। ग्रहण शाम 7:57 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा। इसका असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। विशेष रूप से कुंभ राशि वालों के लिए यह समय सोच-विचार, आत्ममंथन और नए फैसलों का हो सकता है। कुछ लोगों के जीवन में बदलाव की शुरुआत भी हो सकती है
ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, साउथ अफ्रीका, बोत्सवाना, जांबिया, जिंबाब्वे, मोजांबिक, दक्षिण अफ्रीका के दक्षिणी देशों, नामीबिया, मॉरीशस, तंजानिया, चिली और अर्जेंटीना आदि में दिखाई देगा। इस दौरान अंटार्कटिका और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में इसका अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा
इन राशियों की चमकेगी किस्मत
मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण करियर के नए द्वार खोलेगा। पुरानी आर्थिक समस्याएं खत्म होंगी और अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन के प्रबल योग बन रहे हैं
मिथुन राशि: आय में बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि निवेश की योजना बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए सोने पर सुहागा होगा। समाज में मान सम्मान बढ़ेगा।
TRN LIVE: *पिकअप वाहन में छिपा रखी थी नशे की बड़ी खेप, चम्बा में ऐसे पकड़े गए पंजाब के 3 तस्कर*
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में डल्हौजी थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस टीम ने भरमौर-चम्बा-पठानकोट नैशनल हाईवे पर स्थित गोली जीरो प्वाइंट पर नाकाबंदी के दौरान पंजाब के तीन युवकों को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद की गई चरस का कुल वजन 1 किलो 355 ग्राम बताया गया है।
घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे की है। डीएसपी डलहौजी मयंक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम नियमित गश्त और यातायात जांच के लिए गोली जीरो प्वाइंट पर मौजूद थी। इस दौरान पुलिस हर छोटे-बड़े वाहन की बारीकी से जांच कर रही थी। तभी चौहड़ा डैम की तरफ से एक पिकअप वाहन (PB 02BV-9316) बनीखेत की ओर आता दिखाई दिया। पुलिस ने शक के आधार पर वाहन को चेकिंग के लिए रोका।
जैसे ही पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की और अंदर बैठे युवकों से पूछताछ की, वे बुरी तरह घबरा गए। पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों का वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उनकी हरकतों और घबराहट को देखते हुए पुलिस का शक यकीन में बदल गया। जब वाहन की गहनता से तलाशी ली गई, तो उसके अंदर से 1 किलो 355 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही चरस को कब्जे में लेकर वाहन में सवार तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान लवजीत सिंह, कुलदीप सिंह और करण शर्मा के रूप में हुई है।
TRNLIVE: *हादसा मर्डर या सुसाइड? लापता 23 वर्षीय युवक का पोंग झील में तैरता मिला शव, इलाके में फैली सनसनी*
हिमाचल के कांगड़ा जिले के जवाली उपमंडल के अंतर्गत रजवाल गांव के 23 वर्षीय युवक सतीश कुमार का मंगलवार को दुखद अंत हो गया। पिछले करीब एक सप्ताह से लापता सतीश का शव मंगलवार सुबह स्थाना के समीप पोंग झील के पानी में तैरता हुआ बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।
काम पर जाते समय हुआ था गायब
जानकारी के अनुसार, सतीश और उसके पिता टैरेस स्थित एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत थे। बीते 11 फरवरी को सतीश रोजाना की तरह सुबह काम पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह फैक्ट्री नहीं पहुंचा। तलाश के दौरान उसकी बाइक, लंच बॉक्स और चाबी मिले थे, जिसने मामले को ओर रहस्यमयी बना दिया था। परिजनों ने तुरंत पुलिस चौकी टैरेस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
झील में दिखाई दिया युवक का शव
पुलिस की छानबीन के बीच समाजसेवी रमेश दत्त कालिया और उनकी टीम (नूर मोहम्मद, सोनू अल्ली व अन्य) लगातार झील के किनारे और पानी के भीतर युवक की तलाश कर रहे थे। आखिरकार मंगलवार को युवक का शव स्थाना के पास झील में दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना मिलते ही रे पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची।
जांच में जुटी पुलिस
एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की शिनाख्त सतीश कुमार के रूप में हुई है। युवक 11 फरवरी से लापता था।
TRN LIVE: *एवरेस्ट तक उड़ान भरने वाला हेलिकाप्टर बनाएंगे भारत और फ्रांस*
मुंबई में इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मैक्रों ने कहा, भारत पर भरोसा, इसलिए टेक्नोलॉजी शेयर करते हैं
‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक अपग्रेड करेंगे आपसी रिश्ते
कर्नाटक में एच-125 चौपर की फाइनल असेंबली का वर्चुअली किया उद्घाटन
भारत दौरे पर पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस के एच 125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर फाइनल असेंबली का वर्चुअली उद्घाटन किया। इस दौरान मुंबई संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर भारत में ऐसे हेलिकाप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भरेगा। विश्व के अपनी तरह के इस एकमात्र हेलिकाप्टर का निर्माण भारत में किया जाएगा और फिर इसे पूरे विश्व में एक्सपोर्ट किया जाएगा। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध बहुत ही विशेष हैं। फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर हमने इस रणनीतिक साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा कि इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के लांच से अब हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को पार्टनरशिप ऑफ द पीपल बनाने जा रहे हैं, क्योंकि इनोवेशन आइसोलेशन में नहीं, बल्कि मिलकर काम करने से होता है। इसलिए इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के दौरान हमारा लक्ष्य लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करना है।
पीएम मोदी ने फ्रांस को भारत का स्पेशल पार्टनर बताया और कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ लेवल तक अपग्रेड करने का फैसला किया है। ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का मतलब है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री इलाकों की सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे। इस दौरान इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच बाइलेटरल रिश्ता सच में बहुत खास और अनोखा है। यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और एम्बिशन का है। भारत एक भरोसेमंद साझेदार है, इसलिए फ्रांस भारत के साथ तकनीक साझा करने में विश्वास रखता है। मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस रणनीतिक स्वायत्तता यानी अपने फैसले खुद लेने और स्वतंत्र नीति पर चलने में भरोसा रखता है। हमने इस पार्टनरशिप को एक स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने का भी फैसला किया है, इसे एक नया स्टेटस दिया है।
TRN LIVE: *बेनामी सौदों की जांच करेगी एसआईटी, उत्तराखंड के रिटायर आईएएस पर लगे आरोपों पर सीएम का ऐलान*
गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया की मांग पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गगरेट और गगल से जुड़े बेनामी जमीन सौदों की गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गगरेट और गगल से जुड़े बेनामी जमीन सौदों में शामिल गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद लैंड माफिया के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठा था, जो गगरेट के एक रिटायर आईएएस अधिकारी पर लगे आरोपों का है। कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से संबंधित सवाल को पूछते हुए कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने कहा कि हिमाचल से उत्तराखंड तक कई तरह के सौदे करने के बाद अब कांगड़ा एयरपोर्ट की लैंड में भी उत्तराखंड के रिटायर आईएएस का नाम आ रहा है। पैसे का लालच देकर वहां लोगों से पहले जमीन कब्जा ली गई।
इससे पहले भी उन्होंनेे इस व्यक्ति की लेकर एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कालिया ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि इसी रिटायर्ड अधिकारी की सरकार गिराने की कोशिशों में भी भूमिका रही है। उन्होंने इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जमीन की लेन-देन का मामला ज्यादा नहीं छिपता। यदि प्रदेश से बाहर का खरीदार है, तो सरकार से धारा 118 में अनुमति लेनी पड़ती है। यदि बिना अनुमति के जमीन ली गई होगी, तो हम उसको जब्त करेंगे। यदि बेनामी सौदा होगा, तो भी सख्त कार्रवाई सरकार करेगी।
फोन नहीं उठाने वाले अफसरों का स्पीकर ने लिया संज्ञान
बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने विधानसभा में आरोप लगाया कि कुछ अफसर उनके फोन नहीं उठाते। इसलिए अफसरों का मोबाइल भत्ता बंद कर दिया जाए। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया और कहा कि विधायक उन्हें लिखित में शिकायत दें, क्योंकि वह इस मामले का संज्ञान ले रहे हैं।
TRN LIVE: *कांगड़ा एयरपोर्ट प्रभावितों को बांटे 1460 करोड़, CM सुक्खू ने राकेश कालिया के सवाल पर दी लिखित जानकारी*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में विधायक राकेश कालिया के सवाल पर दी लिखित जानकारी
हिमाचल सरकार ने कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे में भूमि अधिग्रहण की एवज में अब तक 1460 करोड़ की धनराशि बांट दी है। इस एयरपोर्ट के विस्तार से कुल 4649 लोग प्रभावित हो रहे हैं। इनके लिए राज्य सरकार ने 3349 करोड़ रुपए के रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन प्लान को मंजूरी दी है। विधानसभा में गगरेट से विधायक राकेश कालिया के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी। राज्य सरकार ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने इस एयरपोर्ट के विस्तार के ड्राफ्ट मास्टर प्लान पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से 2021 में सहमति ले ली थी। इसके अनुसार कांगड़ा हवाई अड्डे के रनवे को वर्तमान में 1376 मीटर से बढ़ाकर 3010 मीटर किया जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रस्तावित हवाई पट्टी के लिए 30 जनवरी, 2025 को संशोधित ओएलएक्स रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस हवाई अड्डे के विस्तार के लिए जिला कांगड़ा प्रशासन द्वारा 147-75-87 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है। इसमें से 122-54-86 हेक्टेयर भूमि प्राइवेट लैंड है।
इसके लिए सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट अधिसूचना 28 फरवरी, 2023 को जारी की गई थी। इस प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी आर्थिक व्यवहार्ता अध्ययन रिपोर्ट यानी टीईएफआर का काम वेबकॉस लिमिटेड को दिया गया था, जिसमें पूंजीगत लागत 6311 करोड़ अनुमानित है। प्रोजेक्ट के अनुसार इसके अतिरिक्त 1100 करोड़ रुपए का व्यय रनवे से लेकर हिल कटिंग के लिए होना है। इस रिपोर्ट पर कुछ टिप्पणियां व्यक्त की थी, जिन्हें दूर कर दिया गया है। कांगड़ा हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिंग से संबंधित मामले को भारत सरकार से उठाया है। राज्य सरकार ने लिखित जवाब में कहा है कि कांगड़ा हवाई अड्डे की विस्तारीकरण के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के तहत वर्ष 2023-24 में 300 करोड़ और वर्ष 2024-25 में 457 करोड़ की राशि दी गई है। 2025-26 में 53 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। कांगड़ा हवाई अड्डे के पास एक एयरोसिटी बनाने का लक्ष्य भी राज्य सरकार ने रखा है। इसके लिए कुल 67-02-87 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है। इसमें से 57-00-05 हेक्टेयर भूमि प्राइवेट है, जिसका भूमि अधिग्रहण कार्य जल्दी शुरू किया जा रहा है। सरकारी भूमि के अधिग्रहण के लिए अधिसूचना 17 अक्तूबर, 2025 को जारी की जा चुकी है।
भूमि अधिग्रहण अवार्ड में आबंटन
गांव का नाम अब तक भुगतान
जुगेहड़ तहसील शाहपुर 31.25 करोड़
रछियालु तहसील शाहपुर 212 करोड़
ढुगियारी खास, कांगड़ा 12.66 करोड़
भड़ोत, तहसील शाहपुर 38.36 लाख
भेड़ी, तहसील कांगड़ा 24.73 करोड़
सनौरा, तहसील कांगड़ा 168 करोड़
क्योडी, तहसील शाहपुर 22 करोड़
वाग, तहसील कांगड़ा 36 करोड़
सौहड़ा, तहसील कांगड़ा 27.55 करोड़
गग्गल, तहसील कांगड़ा 755 करोड़
वल्ला, तहसील कांगड़ा 78 करोड़
मुंगरेहड़, तहसील कांगड़ा 32 करोड़
वरसवालकड़, तहसील कांगड़ा 60 करोड़
झिकली इच्छी तहसील कांगड़ा —
कुल 2579 करोड़ में से 1460 करोड़ बंटे
TRNLIVE: *हिमाचल में 40 नई पंचायतों का होगा गठन, अधिसूचना जारी, 19 तक पूरी होगी नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया*
पंचायती राज विभाग ने मांगीं आपत्तियां और सुझाव, 19 फरवरी तक पूरी होगी नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव से पहले 40 नई पंचायतों का गठन होगा। इनमें से अधिकांश का ड्राफ्ट पंचायती राज विभाग ने जारी कर दिया है। 19 फरवरी तक नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद बाउंड्री को फ्रीज कर दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग को भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की लिखित कॉपी मिल गई है, जिसमें 30 मई तक चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के आदेश हुए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला, चंबा, मंडी, सिरमौर और जिला सोलन में कुछ ग्राम सभा क्षेत्रों के विभाजन और पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है। यह आदेश 13 फरवरी, 2026 को शिमला से जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने नई पंचायतों का ड्राफ्ट जारी कर पांच दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव भेजने को कहा है। सरकार ने यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया है। इसके तहत कुछ मौजूदा ग्राम सभाओं को विभाजित कर नई ग्राम सभाओं का गठन किया जाएगा।
सोलन जिला में ढांग ऊपरली, गुरुमाजरा, गुलाबपुरा, सिरमौर जिला में टोकियों, चामरा मोहराड़, शिमला जिला में शिलांग बाग, टिपरा, क्यारकोटी, कथांडी, चमियाणा, कांगड़ा जिला में कोहसान, दियोठी, गंगध-दो, राजगीर, धंतोल, छब्बड़, हरनोटा-दो, हटवास झिकता, हलेडखुर्द, पुरानी पलम, सूजन्ता, बरवाड़ा, सूरजपुर, मंडी जिला में डोहग, छतर, मनोह एवं ऊना जिला में लोअर ललड़ी, ईसपुर टांडा, गुरपलाह, मझलियां, ठाकुरद्वारा, जखेवाल, हमीरपुर जिला में चमराल, नघु, लंजयाणा और बिलासपुर जिला में डूहक, मनोह, देहरा हटवाड़, कुठेड़ा मरहाणा, चंबा जिला में तागी, भासुआ, संघनी नई ग्राम सभा बनाई जाएंगी। सरकार ने कहा है कि यदि किसी संबंधित व्यक्ति या ग्राम सभा सदस्य को इस पुनर्गठन पर कोई आपत्ति या सुझाव देना हो, तो वह अधिसूचना जारी होने की तारीख से पांच दिनों के भीतर संबंधित उपायुक्त के पास लिखित रूप में दे सकता है। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। अंतिम निर्णय उपायुक्त करेंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित जिलों के उपायुक्त अंतिम निर्णय लेकर नई ग्राम सभाओं के गठन की अधिसूचना जारी करेंगे।
TRN LIVE: *Himachal Weather : मैदानी इलाकों में बढ़ा तापमान, जानिए कब हैं बारिश और बर्फ़बारी के आसार*
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से तेज धूप निकलना शुरू हो गई है। तेज धूप के साथ मौसम बदलना शुरू हो गया है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार भी अधिकतम तापमान में सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ौतरी हुई है। वहीं हर दिन तापमान बढ़ ही रहा है। हालांकि हिमाचल के मैदानी क्षेत्रों में तो धीरे धीरे अब गर्मी का एहसास होने वाला है। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित सभी जिलों में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही। वहीं मौसम विभाग का मानना है कि इस साल बारिश 27 प्रतिशत कम हुई है। ऐसे में तापमान भी बढ़ रहा है। सुबह शाम की ठंड भी अब कम हो रही है। हालांकि आज यानी बुधवार को प्रदेश के उन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं जहां पर कोई इनसानी बस्ती नहीं है। ऐसे में इस बारिश और बर्फबारी का असर भी कुछक पहाड़ी क्षेत्रों में ही होगा। इसमें हल्का तापमान कम हो सकता है।
लेकिन मौसम विभाग के अनुसार तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के अधिकतर भागों में 22 फरवरी तक मौसम साफ बना रहने के आसार हैं। 18 फरवरी को ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिला में मंगलवार को मौसम साफ बना रहा। खिली धूप के बीच पर्यटक मनाली से सोलंगनाला, अटन टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल, साउथ पोर्टल में पहुंचे और बर्फ के बीच मस्ती की। वहीं अटल टनल रोहतांग के रास्ते 24 दिन बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा भी शुरू हुई। उदयपुर-केलांग के बीच बस ट्रायल में तोजिंग नाला के पास नाले में बर्फ जमी होने के कारण बस को वापस मोडऩा पड़ा। लेकिन अब लगातार तापमान बढऩे से यह समस्या भी जल्द खत्म होने वाली है। ऐसे में अब सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटक फिर से आ सकते हैं।
क्या है प्रदेश का तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 8.0, सुंदरनगर में 6.2, भुंतर में 5.0, कल्पा में 1.8, धर्मशाला में 7.0, ऊना में 7.8, नाहन में 9.8, पालमपुर में 8.0, सोलन में 4.2, मनाली में 2.2, कांगड़ा में 7.8, मंडी में 7.2, बिलासपुर में 8.0, कसौली में 8.9, पांवटा साहिब 10.0, सराहन 4.9, देहरागोपीपुर 12.0, व नेरी में 11.4 डिग्री सेल्यिसय दर्ज किया गया। इनके अलावा कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 8.6 और ताबो में माइनस 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उधर, मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 28.4, मंडी में 26.2, कांगड़ा में 25.5, नाहन-सोलन में 24.0, धर्मशाला में 22.0, शिमला में 18.5 और मनाली में 17.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
TRN LIVE: *आप सोचते रहे और हमने डक्ट बना दिया, शिमला में 150 करोड़ के प्रोजेक्ट पर CM और जयराम में बहस*
राजधानी शिमला में बन रहे 150 करोड़ के डक्ट सिस्टम को लेकर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में बहस हुई। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रोजेक्ट को हम भी करना चाहते थे, लेकिन शिमला में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह काम सेफ नहीं था। जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आप सिर्फ सोचते रहे और हमने यह प्रोजेक्ट बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटा शिमला सचिवालय से एडवांस स्टडी तक यह डक्ट बनेगा।
इसमें बिजली की तारें, पानी की लाइन के अलावा सारी सर्विस यूटिलिटी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि माल रोड पर शेर-ए-पंजाब से लोअर बाजार के लिए छोटा डक्ट होगा। इसके लिए अलग से स्टडी करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी में 500 करोड़ का कॉमर्शियल कांप्लेक्स प्रोजेक्ट अलग से आ रहा है। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने भी लोअर बाजार के कारोबारी की शंकाओं को विधानसभा में रखा।
सुरक्षा इंतजाम बढ़ाएं
जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी तक डक्ट में जितना काम हुआ है, वहां सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। यहां तक की गड्ढे बिना ढक्कन के छोड़े हुए हैं। कोई निशान भी नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि रोड को एक साथ खोद देना गलत है। इसलिए सरकार इस काम को गति दे।
सलून गांव का दर्द उठा
जिला चंबा के भरमौर क्षेत्र की होली घाटी के आपदा प्रभावित गांव सलून का मामला मंगलवार को विधायक डा. जनक राज ने सदन में रखा। शून्यकाल में सदन के समक्ष रखे इस मामले पर कार्य करने का जल्द आश्वासन मांगा। विधायक ने कहा कि होली क्षेत्र की ग्राम पंचायत सांह का सलून गांव में मानसून के दौरान नुकसान हुआ था और लोगों का रास्ता भी पूरी तरह से बह गया। अब पानी कम है और लोग यहां पर 200 मीटर रास्ता बनाने की मांग कर रहे है। पहाड़ी से यह रास्ता निकलना है, लेकिन यह कार्य दो विभागों में फंस जाता है। डा. जनक राज ने कहा कि राजस्व मंत्री के साथ मौके का दौरा भी उक्त गांव का कर चुके हैं।
600 सरकारी भवन खाली
राज्य के सरकारी विभागों में करीब 600 ऐसे भवन मिले हैं, जो अभी खाली पड़े हैं। भाजपा विधायक सतपाल सत्ती के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि अभी कुछ और विभागों और बोर्ड निगमों से भी लिस्ट आनी है, इसलिए इसी सत्र के आखिर में वह फाइनल फिगर भी रखेंगे। भाजपा विधायक ने पूछा था कि कितने भवन खाली हैं ंऔर सरकार इनका क्या इस्तेमाल करने जा रही है? सरकार की ओर से जवाब था कि सूचना एकत्रित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि क्योंकि सूचना कंप्लीट नहीं हो पाई थी, इसलिए अभी सही संख्या आने में थोड़ा सा वक्त लगेगा, लेकिन वह जल्द इसका कंप्लीट जवाब देंगे।
हर महीने होगी निगरानी
राज्य सरकार दिव्यांग कोटे का बैकलॉग भरने के लिए साल में दो बार भर्ती प्रक्रिया चला रही है और हर महीने इसकी निगरानी हो रही है। यह जवाब स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दिया। यह सवाल भाजपा विधायक विनोद कुमार ने पूछा था, जिसमें अन्य सदस्यों ने भी अनुपूरक प्रश्न किया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 12 नवंबर 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दिव्यांग बैकलॉग को लेकर बैठक हुई है और उसके बाद साल में दो बार सितंबर और अप्रैल में भर्ती प्रक्रिया करने का फैसला हुआ है। इन्हें चार फ़ीसदी कोटा दिया जाता है। अभी कोटे में 1449 पद खाली हंै और इनमें से 101 भरे जा चुके हैं।
[TRN : *हिमाचल में जल्द तय होगी विधायक निधि की लिमिट, CM बोले, रुकी विधायक निधि पर पहले… पढ़ें पूरी खबर*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि फॉरेस्ट राइट्स एक्ट के तहत सडक़ों की क्लियरेंस के लिए विधायक निधि से पैसा दिया जा सकेगा। राज्य सरकार इस बारे में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगी। वह भाजपा विधायक सुधीर शर्मा द्वारा कांगड़ा को लेकर पूछे गए सवाल में सप्लीमेंट कर रहे थे। इस सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांगड़ा जिला में एफआरए की अनुमति के बाद 59 सडक़ मंजूर हुई हैं और यह अलग-अलग हेड में हंै। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने पूछा कि उनके लिए पैसा कहां से आएगा? जवाब में लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि उनके लिए विभिन्न मदों से पैसा दिया जा सकता है।
TRN LIVE: *RDG पर सदन में संग्राम, राजस्व घाटा अनुदान पर भिड़े उपमुख्यमंत्री अग्रिहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम*
राजस्व घाटा अनुदान पर सरकार के लाए संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंगलवार को उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भिड़ गए। उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर दिल्ली हिमाचल का पैसा रुकवाने जाते हैं। इसका जयराम ठाकुर ने कड़ा विरोध किया और कहा कि इसका सबूत सदन में रखिए। कांग्रेस के नेता आपनी गुटबाजी में अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। भाजपा के नेता कांग्रेस से ज्यादा प्रदेश के हितैषी हैं। भाजपा विधायकों ने भी नेता प्रतिपक्ष का साथ देते हुए डिप्टी सीएम की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया। बजट सत्र के दूसरे दिन आरडीजी पर सरकार के संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल हुए मुकेश अग्रिहोत्री अपने साथ संविधान की किताब भी साथ लाए। उन्होंने सदन में किताब दिखाते हुए कहा कि संविधान अधिकार देता है कि आरडीजी मिले। उन्होंने कहा कि हम संघीय ढांचे में रहते हैं और संविधान में संघीय ढांचे की बात है और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में भी इसकी बात आती है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से चल रहा है कि राज्य की ताकतों में कटौती की जाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायक ने कहा कि आरडीजी संवैधानिक अधिकार नहीं है, जबकि संविधान में इसको लेकर स्पष्ट लिखा है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275 में स्पष्ट लिखा है कि केंद्र को राज्य की मदद करनी है। मुकेश अग्निहोत्री बोले कि विपक्ष ने कहा था ‘स्टेटहुड को मारो ठुड। आप हिमाचल के पक्षधर नहीं थे, यह बातें हमेशा होती रहेंगी। आज प्रदेश के भविष्य का सवाल है। मुकेश अग्रिहोत्री ने उप मुख्यमंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 282 का हवाला देते हुए सदन में कहा कि इसमें साफ लिखा है कि केंद्र राज्यों को कोई भी अनुदान दे सकता है।
हर हाल में ओपीएस देंगे
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि डंके की चोट पर कह रहे है कि ओपीएस भी देंगे और पेंशन भी। इस पर सदन के भीतर फिर कुछ समय के लिए गहमागहमी का माहौल रहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष आरडीजी की बात नहीं कर रहा, यह विधायक निधि की बात कर रहे है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश हित में एकजुट होकर आरडीजी को प्रधानमंत्री से मिलकर बहाल करें।
बताएं, आरडीजी पर भाजपा का स्टैंड क्या है
डिप्टी सीएम ने संविधान के अनुच्छेद 280 का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें लिखा है कि फाइनास कमीशन का गठन होगा तथा जो केंद्र के पास कर जाएंगे, वह राज्यों में बंटेगा। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने यह पहले ही लिख दिया था। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी का मुद्दा आया, नेता प्रतिपक्ष ने एक बार भी नहीं कहा कि यह गलत हुआ। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और विधायक सतपाल सत्ती ने उप मुख्यमंत्री पर केंद्र से इतने पैसे मिलने के बाद धन्यवाद तक न करने की बात कही। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी पर माहौल बिगड़ता है, तो कोई परेशानी नहीं, लेकिन जानना चाहता हंू कि आपकी पार्टी का स्टैंड क्या है। मुकेश अग्रिेहोत्री ने कहा कि आरडीजी पर जयराम ठाकुर का ब्यान दिया कि यह नीतिगत फैसला है, लेकिन प्रदेश के प्रति भावनात्मक लगाव होना चाहिए।
निगमों-बोर्डों के चेयरमैन के भत्तों पर सदन गर्म
निगमों और बोर्डों में लगे चेयरमैन को दिए जा रहे वेतन-भत्तों को लेकर कुछ देर तक सदन गर्म रहा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जहां भाजपा कांग्रेस पर पैसों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही थी, वहीं कांग्रेस ने भी भाजपा पर पैसों के दुरुपयोग करने और पूर्व भाजपा सरकार में ओएसडी सहित पॉलिटिकल एडवाइजर सहित प्रेस सेक्रेटरी को दिए गए भत्तों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विक्रम ठाकुर के तल्ख सवाल, सीएम के तीखे जवाब
विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के संकल्प पत्र पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर के तीखे सवालों पर कई तल्ख जवाब दिए। भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर ने संकल्प पत्र पर चर्चा करते हुए कहा कि हर बार यह सरकार जनता को यह एहसास करवाने का प्रयास कर रही है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के साथ बहुत गलत कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकर नें अध्यक्षों की फौज खड़ी कर दी है। सरकार को पता है कि पैसा कम है, तो चादर भी उतनी ही फैलानी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले आरडीजी कभी बंद नहीं हुई। भाजपा के शासनकाल में आरडीजी 54 हजार करोड रूपए मिला। वहीं, 16 हजार करोड़ टैक्स के रूप में मिला। इन तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार को 17 हजार करोड़ ही मिला है।
वित्तीय संकट से कैसे निकलें, इस पर चर्चा जरूरी
सरकार के संकल्प पत्र पर चर्चा में भाग लेते हुए प्रदेश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आरडीजी बंद होने से प्रदेश को इसका नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की 75 लाख की जनता पर आरडीजी को बंद करने का गहरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को केंद्र सरकार की और से संविधान के अनुछेद 275 वन के तहत हमेशा से ग्रांट मिलती रही है, ताकि हमारा राज्य सामाजिक सेवाएं और न्यूनतम ब्याज को पूरा कर पाए। उन्होंने कहा कि आरडीजी हिमाचल के लिए जरूरी है, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने इसके विस्तृत आंकड़े नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों के ऊपर एक ही फार्मूला चलाया गया है, जिसका हिमाचल को नुकसान हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष और सुंदर सिंह के बीच नोक-झोंक
विधानसभा सत्र के दौरान कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर सदन में चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री कहने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर को यह शब्द शोभा नहीं देते और वह स्वयं भी तो एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री ही बने हैं। वहीं, इस मामले पर जयराम ठाकुर ने भी जबाब में तीखी प्रतिक्रिया की। उन्हांने कहा कि मैं संसदीय व्यवस्था के अनुसार मुख्यमंत्री बना हूं, एक्सीडेंटल व्यवस्था से नहीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुंदर सिंह ठाकुर को वर्तमान सरकार मंत्री नहीं बना रही है और वह कभी मंत्री बनेंगे भी नहीं। इस तीखी नोकझोंक के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी कूद पड़े। उन्होंने कहा कि सुंदर सिंह ठाकुर राज्य में मंत्री बनेंगे कि नहीं, इसको लेकर जल्द नेता प्रतिपक्ष को निमंत्रण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बातें सदन की गरिमा से बाहर है और इसको रिकॉर्ड से बाहर किया जाएगा।
सभी राज्यों को एक ही दृष्टि से न देखे केंद्र
लाहुल स्पीति कांग्रेस विधायक अनुराधा ने कहा कि वर्ष 1971 से लेकर हिमाचल लगातार आरडीजी मिलती रही है। उन्होंने कहा कि आरडीजी कोई खैरात नहीं है। 1952 से लेकर आज 2026 तक, जो आरडीजी मिलती रही, उसमें बढ़ोतरी भी हुई है, लेकिन कांग्रेस कार्यकाल में केवल 17 हजार करोड़ मिला है, जबकि पूर्व सरकार को 45 हजार करोड़ मिला। जीएसटी कंज्यूमर बेस्ड टैक्स है, तो ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों को इसका ज्यादा फायदा हुआ। यदि यूनियन बजट को देखें तो अवशेष हिमाचल का नाम तक कहीं बजट में नहीं है।
हर हिमाचली पर एक लाख 10 हजार से अधिक कर्ज
भाजपा विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि यह जो संकल्प पत्र संसदीय मंत्री ने लाया है वह सीएम को लाना चाहिए था राजनीतिक दृष्टि से इस संकल्प के माध्यम से कांग्रेस पार्टी हिमाचल में फायदा उठाना चाहते थे। केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं से पैसे आ रहे हैं, जो कर्जे की वजह से हिमाचल फाइनासियली टाइट हुआ है। खर्चा कंट्रोल नहीं किया, सिर्फ वोट को प्राप्त करने के लिए ही योजनाएं लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि 40 हजार करोड़ रुपए टोटल लोन का 2022 से 2026 तक लिया गया है। आज के हालात में हिमाचल में हर व्यक्ति के ऊपर एक लाख 10 हजार के ऊपर का लोन है।
TRN LIVE: *जहरीला हो रहा देश का माहौल, नेताओं के भडक़ाऊ भाषणों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी नसीहत*
देश में नेताओं के भडक़ाऊ भाषणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को देश में भाईचारा बढ़ाने का काम करना चाहिए। कोर्ट ने शिक्षाविद रूप रेखा वर्मा समेत 12 याचिकाकर्ताओं से राजनीतिक भाषणों पर दिशानिर्देश के लिए एक नई याचिका दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जयमाल्य बागची की बैंच ने मौजूदा जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में नेताओं और मीडिया के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कुछ नेताओं के भाषण भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को प्रभावित करते हैं।
याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि देश में माहौल जहरीला होता जा रहा है। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कथित हेट स्पीच के संदर्भ में दायर की गई थी। सिब्बल ने दलील दी कि किसी एक नेता के खिलाफ राहत नहीं मांगी जा रही है, बल्कि भाषणों में जवाबदेही तय करने के लिए गाइडलाइन बनाने का अनुरोध किया गया है। हालांकि, बैंच कपिल सिब्बल की दलील से सहमत नहीं हुई। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह याचिका एक खास राजनीतिक दल के कुछ चुनिंदा व्यक्तियों के खिलाफ दिखती है।
TRN LIVE: *T20 World Cup 2026: आज सुपर-8 के अभ्यास के लिए खेलेगा भारत, नीदरलैंड से होगी भिड़ंत*
भारतीय टीम ने टी-20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सुपर-8 चरण के लिए क्वॉलिफाई कर लिया है। टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में लगातार अपने तीनों मुकाबले जीतकर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बनाई। पिछले रविवार को खेले गए हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी। अब भारत का अगला मुकाबला नीदरलैंड के खिलाफ बुधवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। नीदरलैंड की टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है, ऐसे में इस मैच का महत्व दोनों टीमों के लिए अलग-अलग कारणों से खास रहेगा। भारतीय टीम प्रबंधन इस मुकाबले में कुछ खिलाडिय़ों को आराम दे सकता है। लगातार मैच खेलने के कारण प्रमुख खिलाडिय़ों का वर्कलोड भी ध्यान में रखा जा रहा है। ऐसे में बेंच पर बैठे खिलाडिय़ों को मौका मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसी क्रम में स्टार ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की वापसी पर भी नजरें टिकी हैं, जो अभी तक इस टूर्नामेंट में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। वॉशिंगटन सुंदर वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे के दौरान साइड स्ट्रेन का शिकार हो गए थे। इस चोट के कारण वह लंबे समय तक मैदान से दूर रहे और टूर्नामेंट शुरू होने तक पूरी तरह फिट नहीं हो सके।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहले संकेत दिए थे कि सुंदर नामीबिया के खिलाफ मुकाबले के लिए चयन के उपलब्ध रहेंगे, लेकिन उस मैच में भी उन्हें मौका नहीं मिल सका। वहीं, अक्षर पटेल ने अमरीका के खिलाफ मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर दो विकेट लिए थे और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के रहते तीसरे स्पिनर की जरूरत कम ही पड़ती है, यही वजह है कि फिट होने के बावजूद वॉशिंगटन को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल पाई। संभावना है कि हार्दिक पांड्या या शिवम दुबे में से किसी एक को आराम दिया जाए और वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिले। नीदरलैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारत के लिए जहां तैयारी को मजबूत करने का अवसर होगा, वहीं कुछ खिलाडिय़ों के लिए खुद को साबित करने का भी बड़ा मंच साबित हो सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन अंतिम एकादश में किस तरह के बदलाव करता है।
भारत— सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज
नीदरलैंड— स्कॉट एडवड्र्स (कप्तान और विकेटकीपर), कॉलिन एकरमैन, नोआ क्रोएस, बास डी लीडे, आर्यन दत्त, फ्रेड क्लासेन, काइल क्लेन, माइकल लेविट, जैक लायन-कैचेट, मैक्स ओ डॉड, लोगन वैन बीक, टिम वैन डेर गुग्टेन, रोएलॉफ वैन डेर मेरवे, पॉल वैन मीकेरेन, साकिब जुल्फिकार
TRN LIVE: *टीजीटी मेडिकल परीक्षा का रिजल्ट आउट*
Post Code-962 Result :
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने मंगलवार को पोस्ट कोड 25003 के तहत टीजीटी मेडिकल की लिखित परीक्षा (सीबीटी) का रिजल्ट आउट कर दिया। इस सीबीटी एग्जाम में मेरिट के आधार पर 502 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन हुआ है। सिलेक्ट हुए इन अभ्यर्थियों की दो मार्च को सुबह 10 बजे हमीरपुर स्थित राज्य चयन आयोग के कार्यालय में डाक्युमेंट वेरिफिकेशन होगी। आयोग के सचिव डा. विक्रम महाजन के अनुसार टे्रनी टें्रड ग्रेजुएट टीचर (मेडिकल) के सीबीटी एग्जाम का रिजल्ट आउट कर दिया गया है। अभ्यथी आयोग की बेवसाइट में चैक कर सकते हैं।
TRN LIVE: *पॉलिसी के फेर में फंसी जल शक्ति विभाग में चतुर्थ श्रेणी भर्ती, MTW के तौर पर होनी है नियुक्तियां*
प्रदेश सरकार ने 319 पदों पर करूणामूलक आधार पर पदों को भरने की दी है मंजूरी
मल्टी टास्क वर्कर के तौर पर होने है नियुक्तियां, विभाग के लिए नहीं है ऐसी पॉलिसी
हिमाचल प्रदेश में जल शक्ति विभाग में करूणामूलक आधार पर होने वाली भर्ती फंस गई है। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी में 319 पदों को भरने के लिए अपनी तरफ से मंजूरी प्रदान की है। मल्टी टास्क वर्कर के तौर पर यह नियुक्तियां होनी है, लेकिन अभी तक इसकी पॉलिसी ही नहीं बन पाई है। जिसके कारण करूणामूलक नौकरी की आस में बैठे योग्य लोगों का इंतजार भी बढ़ गया है। अहम है कि प्रदेश में सैकड़ों बेरोजगार करूणामूलक आधार पर नौकरी की मांग प्रदेश सरकार के समक्ष उठा रहे थे। जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश सरकार ने राज्य में अनुकंपा आधार पर प्रदेश के अलग-अलग विभागों में भर्ती करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस कड़ी में जल शक्ति विभाग के तहत तृतीय श्रेणी में जूनियर ऑफिसर असिस्टेंट आईटी के एक सौ पदों पर नियुक्तियों को लेकर कदमताल शुरू की और इन अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन की प्रक्रिया भी पूरी कर मामले को आगामी कारवाई के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष भेज दी है। वहीं सरकार ने जल शक्ति विभाग के तहत ही चतुर्थ श्रेणी में 319 पदों पर मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्तियां करूणामूलक आधार पर करने की भी हरी झंडी प्रदान की है।
रोचक है कि अभी तक मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्तियां का प्रावधान नहीं है। इसके चलते जल शक्ति विभाग इस प्रक्रिया को आरंभ नहीं कर पाया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पूर्व में जल शक्ति विभाग के तहत करूणामूलक आधार पर चतुर्थ श्रेणी में बेलदार समेत अन्य अन्य पदों पर भर्तियां की जाती थी। जिससे अब विभाग भी इन नियुक्तियों को लेकर अब सरकार के आगामी दिशा-निर्देशों के इंतजार में है। बताया जा रहा है कि विभाग जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती को लेकर पॉलिसी बना रहा है और इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य चला हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पॉलिसी बनने के बाद ही विभाग में करूणामूलक आधार पर चतुर्थ श्रेणी में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ हो पाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस भर्ती को लेकर विभाग की ओर से अपनी तैयारी पूरी कर ली गई है और अब बस पॉलिसी का इंतजार कर रहा है। उधर, करूणामूलक नौकरी की आस में बैठे सैकड़ों लोगों ने सरकार से भी मांग की है कि जल्द से जल्द नियुक्तियों को लेकर कारवाई की जाए। उनका कहना है कि वह लंबे समय से नौकरी की आस में बैठे हुए है। लेकिन नियुक्तियों की प्रक्रिया का इंतजार लगातार बढ़ रहा है। उधर, जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता ई. अंजू शर्मा का कहना है कि चतुर्थ श्रेणी में 319 पदों पर करूणामूलक आधार पर नियुक्तियां होनी है। उन्होंने कहा कि मल्टी टास्क वर्कर के रूप में यह नियुक्तियां होनी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पॉलिसी बननी है और यह अभी तक मामला सरकार के स्तर पर है।
TRN LIVE: *नालागढ़ में कार सवारों ने चलाई गोलियां, पुरानी रंजिश के चलते कहासुनी पर हुई फायरिंग, दो युवक घायल*
औद्योगिक कस्बे नालागढ़ के तहत प्लासड़ा रोड पर मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब कार में सवार पांच-छह युवकों ने अचानक हमला कर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने गोली चलाते हुए दो युवकों को निशाना बनाया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल युवकों के हाथों व टांगों में छर्रे लगे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए क्षेत्र की नाकेबंदी कर दी है। पुलिस के अनुसार दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला हिंसक झड़प में बदल गया। घायलों के अनुसार कार में आए हमलावरों ने आते ही हमला बोल दिया और देसी कट्टे से फायरिंग कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घायलों की पहचान स्थानीय निवासी रिक्की और नीरज के रूप में हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटज खंगाली जा रही है। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने स्वयं मौके का दौरा किया तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास तथा आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी विनोद धीमान का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
[TRN LIVE: *18 सीटर बसों के लिए 350 रूट मंजूर, गाड़ी में दो दरवाजों की शर्त अनिवार्य, नियमों का करना होगा पालन*
Bus Route Subsidy
कार्यालय संवाददाता-शिमला
परिवहन विभाग ने 18 सीटर टैम्पो ट्रैवलर और 18 सीटर बसों की खरीद व संचालन को लेकर सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में 18-सीटर स्टेज कैरिज वाहनों के संचालन के लिए 350 स्टेज कैरिज रूट परमिट स्वीकृत किए हैं। संबंधित आरटीए द्वारा पात्र आवेदकों को ड्रॉ ऑफ लॉट्स या सीधे आबंटन के माध्यम से परमिट दिए जा रहे हैं। कुछ जिलों में आबंटन प्रक्रिया अभी जारी है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 18 सीटर टेम्पो ट्रैवलर और 18-सीटर बसें स्टेज कैरिज वाहन की श्रेणी में आएंगी बशर्ते वे अधिनियम और नियमों का पालन करें। ऑपरेटर आबंटित रूट परमिट के आधार पर 18 सीटर टैम्पो ट्रैवलर जैसे फोर्स टैम्पो ट्रैवलर खरीद व संचालित कर सकते हैं। टाटा, सुजूकी या अन्य कंपनियों द्वारा निर्मित 18-सीटर बसें भी परमिट के तहत चलाई जा सकती हैं।
18 सीटर बसों के लिए डबल डोर यानी दो दरवाजे की शर्त अनिवार्य रूप से लागू होगी। किसी भी वाहन की बैठने की क्षमता चालक को छोडक़र 18 यात्रियों से अधिक नहीं होनी चाहिए। किसी ऑपरेटर को केवल टैम्पो ट्रैवलर खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा वह नियमों के अनुरूप 18 सीटर बस भी खरीद सकता है। पहले से जारी परमिट पत्रों की शर्तों में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएंगे। विभाग ने मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वाहन पंजीकरण, फिटनेस और परमिट एंडोर्समेंट के समय इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
TRN LIVE: *शिमला जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने कोर्ट परिसर का कोना-कोना खंगाल मारा*
ई-मेल मिलने से हडक़ंप, पुलिस ने कोर्ट परिसर का कोना-कोना खंगाल मारा
शिमला के चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ई-मेल से मिली इस धमकी से की सूचना से हडक़ंप मच गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं सत्र प्रभाग शिमला के कार्यालय से एक आधिकारिक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल के माध्यम से कोर्ट परिसर में बम मौजूद होने की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलते ही थाना बालूगंज की टीम तुरंत चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट परिसर पहुंची। साथ ही डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई।
पुलिस ने अदालत भवन और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया, लेकिन जांच के दौरान कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1) (बी), 351 (3), 351 (4) और 152 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
TRN LIVE: *कर्ज पर श्वेतपत्र जारी करें सीएम, आरडीजी पर संकल्प प्रस्ताव के दौरान राजेश धर्माणी का आग्रह*
राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) पर सरकार द्वारा लाए संकल्प प्रस्ताव पर हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भी चर्चा जारी रही। मंगलवार को एक विधेयक को सदन में पारित करने के उपरांत आरडीजी पर चर्चा का आरंभ हुई और सबसे पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इसमें शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने लिए ऋण के खर्च करने को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग मुख्यमंत्री से की। संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा करते उन्होंने कहा कि एक श्वेत पत्र जारी किया जाए, जिसमें बताया जाए कि सरकार ने जो ऋण लिया है, उसको किन-किन कंपोनेंट में खर्च किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर आरडीजी के मुद्दे पर साथ नहीं चलना चाहता है तो अपने स्तर पर रेजोल्यूशन पास कर दें। उन्होंने कहा कि सब अपने-अपने स्तर पर करें, लेकिन मकसद एक होना चाहिए।
उन्होंने इस दौरान टाइम बाउंड आरडीजी की पैरवी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पक्ष रखा था कि पांच वर्ष की एवरेज निकाल प्रदेश को आरडीजी दी जाए। उन्होंने कहा कि संकल्प के जरिए बजट में कमी रही है, उसे सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करें और केंद्र को महसूस हो। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में प्रदेश को 70 हजार करोड़ मिला, लेकिन विजिवल इंवेस्टमेंट नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में चुनाव से ठीक पहले ऐसे निर्णय लिए, जिससे वितीय सिस्टम गडबडा गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में देश ने बाहरी देशों भूटान, नेपाल, अफगानिस्तान, श्रीलंका, बंग्लादेश, म्यमार समेत अफ्रीकी देशों के लिए प्रावधान किया है, लेकिन हिमाचल को नजरअंदाज किया गया।
विनोद ने कहा, राजस्व घाटा अनुदान अस्थायी व्यवस्था
संकल्प प्रस्ताव में शामिल होते हुए भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान तो अस्थाई व्यवस्था है, स्थायी नहीं। आरडीजी एक राज्य की नही, 17 राज्यों की बंद हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के 40 वर्षो के कार्यकाल में राज्य को 20956 करोड़ की आरडीजी मिली है, जबकि केंद्र में मोदी सरकार के12 वर्षो में 80254 करोड़ हिमाचल को दिए हंै। केंद्र ने कांग्रेस सरकार की अपेक्षा में अपने कार्यकाल में कई गुणा उपर पैसा दिया है, फिर भी सरकार भेदभाव की बात कह रही है।
भवानी पठानिया बोले, प्रदेश से अन्याय कर रहा केंद्र
कांग्रेस विधायक भवानी सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार र्दुभावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कहा कि बदले की भावना शुरू हुई है, उसका परिणाम है कि आरडीजी बंद है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा आई और प्रधानमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण किया और एक हवाई अड्डे पर बैठ कर 1500 करोड़ की घोषणा की, लेकिन आज दिन तक एक पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मनरेगा बंद कर प्रदेश को 600 करोड़ की चोट पहुंचाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने ट्रेड डील करके प्रदेश की 5000 करोड़ की अर्थव्यवस्था को मिट्टी में मिला दिया है।
आरडीजी पर चर्चा की जरूरत क्यों, बोले प्रकाश राणा
विधायक प्रकाश राणा ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि सदस्य कह रहे है कि संविधान में आरडीजी का जिक्र है, तो चर्चा की जरूरत क्यों। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्ज की शुरुआत वर्ष 93-94 में शुरू हुई, उस समय सरकार कांग्रेस की थी। उन्होंने कहा कि 30-33 साल हो गए कर्ज लेते हुए। 16-17 वर्ष सरकार कांग्रेस की रही। भाजपा ने 30 से 40 हजार करोड़, जबकि कांग्रेस ने 60 से 70 हजार करोड़ का ऋण लिया। उन्होंने कहा कि जब कर्ज लेकर घी आप पी रहे है, तो हम साथ क्यों चलें।
TRN LIVE: *नालागढ़ में रिश्वत लेते फॉरेस्ट गार्ड गिरफ्तार, 5 हजार रुपए के साथ विजिलेंस ने दबोचा*
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने दभोटा बीट में तैनात फॉरेस्ट गार्ड समीर को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई डीएसपी विजिलेंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार आरोपी नालागढ़ वन मंडल के अधीन दभोटा बीट में तैनात था और उस पर पेड़ कटान से जुड़े केस को रफा-दफा करने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायत मिलने पर विजिलेंस विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को चिह्नित नोट देकर भेजा। जैसे ही आरोपी ने रकम ली, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विजिलेंस अब यह भी खंगाल रही है कि कहीं इस प्रकरण में अन्य कर्मचारी या कोई संगठित नेटवर्क तो शामिल नहीं है।
कल अदालत में पेशी, रिमांड मांगेगी टीम
विजिलेंस टीम आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग करेगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं, पूर्व शिकायतों और संभावित लेन-देन की भी जांच की जा सके।
वन विभाग फिर सवालों के घेरे में
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 में भी विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए वन विभाग के एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को गिरफ्तार किया था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
TRN LIVE: *पेंशनर्स 28 फरवरी से पहले कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो बंद हो जाएगी आपकी पेंशन*
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि ऐसे सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी जिन्होंने ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है वे अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में 28 फरवरी, 2026 से पूर्व आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना ई-केवाईसी सत्यापन करवाना सुनिश्चित करें।
प्रवक्ता ने कहा कि अंतिम तिथि तक ई-केवाईसी न होने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि पेंशनर अनुपलब्ध है अथवा पेंशन प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं है तथा ऐसे पेंशभोगियों की पेंशन स्थाई रूप से बंद कर दी जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि यदि किसी पेंशनभोगी का आधार कार्ड नहीं बना है या उसे अपडेट करने की आवश्यकता है तो वह व्यक्ति संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकता है।
ज़्यादा जानें
पहाड़ी जड़ी-बूटियाँ
हिमाचल फोरम एक्सेस
ट्रेकिंग उपकरण
ई-केवाईसी सत्यापन से जुड़ी आवश्यक जानकारी हेतु लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक तथा संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
TRN LIVE: *Kangra News: झील में तैरता मिला युवक का शव, 11 फरवरी से था लापता*
रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हुए रजवाल के 23वर्षीय युवक सतीश कुमार का शव मंगलवार को स्थाना में झील में तैरते हुए मिला है। प्राप्त जानकारी अनुसार युवक तथा उसके पिता टैरेस स्थित एक फैक्टरी में काम करता थे। 11 फरवरी को युवक सुबह काम पर जाते हुए गायब हो गया था, लेकिन युवक बाइक, लंच बॉक्स तथा बाइक की चाबी मिल गई। इस संबंध में पुलिस चौकी टैरेस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। पुलिस भी युवक की तलाश कर रही थी लेकिन समाजसेवी रमेश दत्त कालिया व उनकी टीम नूर मोहम्मद, सोनू अल्ली सहित अन्य सदस्य लगातार झील में उतर कर तलाश करती रही।
आखिरकार मंगलवार को युवक का स्थाना नजदीक झील में तैरता हुआ शव मिला जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस चौकी रे ने मौका पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पुलिस ने गुमशुदा हुए युवक सतीश कुमार का शव कब्जे में ले लिया है तथा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि 194बीएनएसएस के तहत केस दर्ज किया गया है तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है
TRN LIVE: *Shimla News: कोटखाई के क्यारी गांव में पूर्व प्रधान के घर में लगी आग, कई लोग झुलसे*
शिमला जिले में पूर्व ग्राम पंचायत प्रधान के घर में भीषण आग लगने से संपत्ति को भारी नुकसान हुआ और कई लोग झुलस कर घायल हो गए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कोटखाई उपमंडल के क्यारी गांव में पूर्व ग्राम पंचायत प्रधान सुशील चौहान के घर में तड़के सुबह आग लग गई। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता लगाया जाना बाकी है।
इमारत को आग की लपटों में घिरा देख निवासी मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग के पहुंचने से पहले आग बुझाने का प्रयास किया। आग बुझाने के दौरान ही कुछ लोग झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पुलिस और राजस्व अधिकारी स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं। संपत्ति के नुकसान के आकलन की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने कहा कि घटना के कारण और कुल नुकसान के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रारंभिक जांच के बाद उपलब्ध होगी।
TRN LIVE: *Hamirpur News: भोटा में ब्लास्ट, दूर जाकर गिरा दुकान का शटर, 3 लोग झुलसे, एक PGI रैफर*
हमीरपुर के भोटा मंगलवार सुबह बड़ा हादसा पेश आया है। सुबह करीब पांच बजे रेस्ट हाउस के साथ लगती चाय की दुकान में ब्लास्ट हो गया, जिससे दुकान का शटर दूर जाकर गिरा। यह दुकान पुरुषोतम की थी। सिलेंडर फटने के बाद दुकान में भयंकर आग लग गई, जो कि साथ लगती किराना की दुकान तक पहुंच गई।
इस दौरान आग बुझाते वक्त किराना दुकान के मालिक कमलेश कुमार उफऱ् नाथूराम उस भी बुरी तरह झुलस गए। हादसा इतना खौफनाक था कि दुकान का शटर भी दूर जाकर गिरा और दुकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। जब सुबह सिलेंडर फटा तो अन्य दो लोग राकेश कुमार व पुरूषोत्तम भी घायल हुए हैं, जिन्हें हमीरपुर हॉस्पिटल भेज दिया गया है और एक को पीजीआई रेफर कर दिया है।
TRN LIVE: *आज HPRCA द्वारा TGT मेडिकल परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है*
। यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की गई थी। परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच भारी असंतोष और भ्रम की स्थिति देखने को मिल रही है। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के कारण कई ऐसे अभ्यर्थी जिनके वास्तविक अंक अधिक थे, वे चयन से वंचित रह गए।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस आधार पर अंकों को घटाया-बढ़ाया गया। इसके अलावा, HPRCA द्वारा केवल चयनित अभ्यर्थियों की सूची पीडीएफ फॉर्मेट में जारी की गई है, जबकि कट-ऑफ मार्क्स, नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला और शिफ्ट-वाइज डिटेल्स सार्वजनिक नहीं की गईं।
इससे उन हजारों अभ्यर्थियों में असंतोष पैदा हुआ है जो मेहनत के बावजूद चयन से बाहर रह गए। अभ्यर्थियों की मांग है कि:
✔️ नॉर्मलाइजेशन की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।
✔️ सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक (Raw Marks) और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स प्रदर्शित किए जाएं।
✔️ चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार का संदेह न रहे।
👉 यदि भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना है तो HPRCA को चाहिए कि वह परिणाम से जुड़ी सभी जानकारियाँ सार्वजनिक करे और अभ्यर्थियों को न्यायोचित व पारदर्शी प्रक्रिया का भरोसा दिलाए।
TRN LIVE: *काँगड़ा मे नाकाबंदी के दौरान चिट्टे की खेप के साथ 2 गिरफ्तार*
पुलिस जिला नूरपुर की टीम द्वारा चक्की पुल कंडवाल के निकट नाकाबंदी के दौरान एक बाइक पर सवार 2 युवकों को 6.50 ग्राम चिट्टे (हैरोइन) सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने बताया कि आरोपियों की पहचान वंश निवासी मोहल्ला अचारजियां, वार्ड नंबर 3, सिविल अस्पताल के पास, पठानकोट (पंजाब) और सर्वजीत सिंह निवासी मोहल्ला आनंदपुर, रड़ा फिरनी कालोनी, पठानकोट (पंजाब) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ नूरपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी बाइक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की नशा तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि नशा माफिया के खिलाफ पुलिस का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा
TRN LIVE: *सिरमौर में बड़ा हादसा खाई में गिरी कार, पति-पत्नी की दर्दनाक मौत मची चीख-पुकार*
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के राजगढ़ उपमंडल में एक भीषण सड़क हादसा हुआ। यहां कुन्थल पशोग संपर्क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में कार सवार नेपाली मूल के एक बुजुर्ग दंपती की जान चली गई, जबकि एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस ने घटना के संदर्भ में मामला दर्ज कर छानबीन तेज कर दी है
कथा सुनकर लौट रहे ग्रामीणों ने देखा मंजर
जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब नेरीपुल निवासी नरवीर और अन्य ग्रामीण क्यारी गांव में भागवत कथा सुनकर लौट रहे थे। इसी बीच कुन्थल धार के पास एक तेज रफ्तार कार उनकी आंखों के सामने सड़क से नीचे खाई में लुढ़क गई। चश्मदीदों ने तुरंत शोर मचाया और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कार के भीतर तीन लोग फंसे हुए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
ग्रामीणों ने घायलों को तुरंत उपचार के लिए आईजीएमसी (IGMC) शिमला पहुंचाया। हालांकि, रास्ते में ही राम बहादुर (62) और उनकी पत्नी मीना देवी (60) ने दम तोड़ दिया। मृतक दंपती नेपाली मूल के थे और स्थानीय बगीचों में मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहे थे। वहीं, कार चला रहा स्थानीय युवक अमन (निवासी कुन्थल) गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर है।
TRN LIVE: *ऊना मे वारदात के 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा आराेपी, बस स्टैंड पर खड़ी सरकारी बस काे बनाया था निशाना*
हरोली पुलिस थाना की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सरकारी बस से डीजल चोरी करने वाले एक आरोपी को वारदात के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया लगभग 40 लीटर डीजल भी बरामद कर लिया है।
नाकाबंदी के दौरान धरा गया आरोपी
घटनाक्रम के अनुसार सोमवार रात हरोली पुलिस की एक टीम उप निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में पालकवाह चौक पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक स्कूटर सवार युवक को रोका। जब उसके स्कूटर और सामान की तलाशी ली गई, तो उसके पास एक कैन में लगभग 40 लीटर डीजल बरामद हुआ।
14 फरवरी की रात को दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस द्वारा की गई सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि 14 फरवरी की रात को उसने हरोली बस स्टैंड में खड़ी एक सरकारी बस की टंकी से यह डीजल चुराया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान नवदीप कमल उर्फ प्रीता (28) पुत्र राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गांव समनाल, डाकघर सैंसोबाल का निवासी है।
क्या कहते हैं पुलिस थाना प्रभारी
हरोली पुलिस थाना प्रभारी सुनील संख्यान ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इलाके में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले किसी को भी नहीं बक्शा जायगा
TRN LIVE: *कुल्लू मणिकर्ण में पुलिस के हत्थे चढ़ा कांगड़ा का युवक, कब्जे से बरामद हुई चरस की खेप*
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुल्लू जिला पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना मणिकर्ण के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी जरी की टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक युवक को 203 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रंजन कटोच (31) पुत्र कुलदीप कटोच निवासी गांव व डाकघर नगेड़, तहसील बैजनाथ व जिला कांगड़ा के रूप में हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जरी पुलिस की टीम ने डुंखरा चौक पर नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान शक के आधार पर रंजन कटोच की तलाशी ली गई, जिसके कब्जे से पुलिस ने 203 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना मणिकर्ण में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह चरस कहां से खरीदी थी और वह इसकी सप्लाई कहां करने जा रहा था। मामले में आगामी छानबीन जारी है।
TRN LIVE: *सोलन चंडीगढ़-शिमला रूट पर नशा तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने बस में चिट्टे के साथ दबाेचा युवक*
जिला सोलन पुलिस ने नशे के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) ने कंडाघाट तहसील के एक युवक को धर्मपुर के पास चिट्टे की खेप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एक बस में सवार होकर नशे की खेप की तस्करी कर रहा था।
ऐसे हुआ पर्दाफाश
पुलिस सूत्रों के अनुसार एसआईयू टीम को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा रही एक बस में एक व्यक्ति हैरोइन लेकर जा रहा है। सूचना मिलते ही एसआईयू टीम तुरंत हरकत में आ गई और धर्मपुर क्षेत्र में नाकाबंदी करते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम की संबंधित बस को रोका गया। बस में सवार यात्रियों की गहन तलाशी के दौरान एक संदिग्ध युवक के कब्जे से 10.01 ग्राम हैरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान दीपक निवासी गांव दोलग, तहसील कंडाघाट व जिला सोलन के रूप में हुई है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने हैरोइन की यह खेप किससे हासिल की और इसे किसे सप्लाई करनी थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी बड़े नशा तस्करी नैटवर्क से जुड़ा हुआ है या नहीं।
आराेपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
एसपी सोलन साई दत्तात्रेय वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया ह
TRN LIVE: *हमीरपुर मे तारपीन से भड़की आग, पति-पत्नी झुलसे, एम्स रैफर*
बड़सर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जहां आग सुलगाते समय हुए धमाके में एक दंपति गंभीर रूप से झुलस गया। घायलों की पहचान कुलवंत और उनकी पत्नी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार कुलवंत और उनकी पत्नी घर में आग जला रहे थे। आग को तेज करने के चक्कर में जैसे ही उन्होंने उसमें तारपीन डाला आग अचानक भड़क उठी।
देखते ही देखते पत्नी के कपड़ों में आग लग गई, पत्नी को जलता देख कुलवंत ने आग को बुझाने का प्रयास किया जिससे उनके हाथ भी बुरी तरह झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सिविल अस्पताल बड़सर पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स बिलासपुर रैफर कर दिया है
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय कांग्रेस नेता सुभाष ढटवालिया और युवा नेता रूबल ठाकुर तथा व्यापार मंडल प्रधान राज कुमार सहित व्यापार मंडल के सदस्य अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना व परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इस सन्दर्भ में बीएमओ बड़सर का कहना है कि पीड़ितों को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स बिलासपुर के लिए रैफर कर दिया गया है।
TRN LIVE: 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 18 फरवरी 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन लाभ के अवसर आपकी तलाश में रहेंगे। दिन में जिस किसी के भी संपर्क में रहेंगे उससे कुछ ना कुछ लाभ अवश्य होगा। कार्य क्षेत्र पर भी एक से अधिक साधनो से आय होगी। व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाओ को पदोन्नति के साथ प्रोत्साहन के रूप में आर्थिक सहायता भी मिल सकती है। सामाजिक कार्यो में रुचि ना होने पर भी सम्मिलित होना पड़ेगा मान-सम्मान बढेगा। परिजनों का मार्गदर्शन आज प्रत्येक क्षेत्र पर काम आएगा। महिलाओं का सुख सहयोग मिलेगा। प्रेम प्रसंगों में निकटता रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन कार्य सफलता वाला रहेगा। प्रातः काल जल्दी कार्यो में जुटने का फल शीघ्र ही धन लाभ के रूप में मिलेगा। अधिकांश कार्य थोड़े से परिश्रम से पूर्ण हो जाएंगे। अधिकारी वर्ग मुश्किल कार्यो में सहयोग करेंगे। आज आप जोड़ तोड़ वाली नीति अपना कर कठिन परिस्थितियों में भी अपना काम निकाल लेंगे। सरकारी कार्य मे भी सफलता की उम्मद जागेगी प्रयास करते रहे। दाम्पत्य जीवन मे छोटी-मोटी बातों को दिल पर ना लें स्थिति सामान्य ही रहेगी। मित्रो से कोई दुखद समाचार मिलेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप सम्भल कर ही कार्य करेंगे फिर भी सफलता में संशय बना रहेगा। व्यवहारिकता की कमी के कारण जितना लाभ मिलना चाहिए उतना नही मिल सकेगा। घर अथवा बाहर बेवजह कलह के प्रसंग बनेगे। व्यापार व्यवसाय में सहकर्मियो की।मनमानी के कारण असुविधा एवं अव्यवस्था बनेंगी लेकिन फिर भी स्वयं के पराक्रम से खर्च लायक धनार्जन कर ही लेंगे। आस-पड़ोसी एवं भाई बंधुओ से बात का बतंगड़ ना बने इसके लिए मौन रखने की जरूरत है फिर भी महिलाये स्वभावानुसार बनती बात बिगाड़ लेंगी। विपरीत लिंग के प्रति कामासक्त रहेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आशाओं के विपरीत रहने वाला है। सोची हुई योजनाए आरम्भ में सफल होती नजर आएंगी परन्तु मध्यान तक इनसे निराशा ही मिलेगी। आज आप जिससे भी सहायता मांगेंगे वो भ्रम की स्थिति में रखेगा। आज आप आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यो को करें। भागीदारों से धन को लेकर अनबन हो सकती है। मीठा व्यवहार रखने पर भी लोग आपको केवल कार्य निकालने के लिए इस्तेमाल करेंगे। कार्य क्षेत्र की भड़ास घर पर निकालने से घर का माहौल भी बेवजह खराब होगा। पुराने कार्यो को पूर्ण करने की चिंता रहेगी। प्रेम प्रसंगों से निराश होंगे।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन भी आशानुकूल रहेगा। सेहत उत्तम रहने से कार्यो को मन लगाकर करेंगे लेकिन किसी के हस्तक्षेप करने से मन विक्षिप्त हो सकता है। किसी के ऊपर ध्यान ना दें एकाग्र होकर अपने कार्य मे लगे रहे धन एवं सम्मान दोनों मिलने के योग है। लेकिन उधार के व्यवहार बढ़ने से असुविधा भी होगी। व्यावसाय में वृद्धि के लिए निवेश करना शुभ रहेगा। भाई-बंधुओ का सहयोग आज अपेक्षाकृत कम ही रहेगा। महिलाओं को छोड़ घर के अन्य सदस्य आपसे ईर्ष्यालु व्यवहार रखेंगे। स्त्री से सुखदायक समाचार मिलेंगे।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन काफी उठा पटक वाला रहेगा। व्यावसायिक योजनाओं में अचानक बदलाव करना पड़ेगा। दिन के आरंभ में कार्यो की गति धीमी रहेगी समय पर वादा पूरा ना करने से व्यावसायिक संबंध खराब हो सकते है। कार्यो के प्रति नीरसत अधिक रहेगी। किसी भी कार्य को लेकर ठोस निर्णय नही ले पाएंगे परन्तु जिस भी कार्य में निवेश करेंगे उसमे विलंभ से ही सही सफल अवश्य होंगे धन लाभ भी आवश्यकता अनुसार हों जायेगा लेकिन संध्या पश्चात धन संबंधित कोई भी कार्य-व्यवहार ना करें। परिजन आपके टालमटोल वाले व्यवहार से दुखी रहेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप बुद्धि विवेक से कार्य करेंगे परन्तु परिस्थिति हर तरह से कार्यो में बाधा डालेगी। कार्य व्यवसाय से मन ऊबने लगेगा धैर्य से कार्य करते रहें संध्या तक संतोषजक लाभ अवश्य मिलेगा पारिवारिक एवं सामाजिक क्षेत्र पर आपके विचारो की प्रशंसा होगी लेकिन केवल व्यवहार मात्र के लिए ही। आर्थिक विषयो को लेकर किसी से विवाद ना करें धन डूबने की आशंका है। गृहस्थ में प्रेम स्नेह तो मिलेगा परन्तु स्वार्थ सिद्धि की भावना भी अधिक रहेगी। महिलाये अधिक बोलने की समस्या से ग्रस्त रहेंगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन अनैतिक कार्यो से बच कर रहें मन भ्रमित रहने के कारण निषेधात्मक कार्यो में भटकेगा। लोग आपसे भावनात्मक संबंध बनाएंगे परन्तु आवश्यकता के समय कोई आगे नही आएगा। कार्य क्षेत्र पर भी सहकर्मियो का रूखा व्यवहार रहने से स्वयं के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। लंबी यात्रा के प्रसंग बनेंगे संभव हो तो आज टालें। पेट अथवा स्वांस, छाती संबंधित व्याधि हो सकती है। अधिकांश समय मानसिक रूप से भी अशान्त रहेंगे। परिवार में अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे किसी की गलती का विरोध करना भी बेवजह कलह का कारण बनेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से उन्नति वाला रहेगा। धन संबंधित समस्याएं काफी हद तक सुलझने पर दिन भर प्रसन्नता रहेगी। कार्य व्यवसाय से प्रारंभिक परिश्रम के बाद दोपहर के समय से धन की आमद शुरू हो जाएगी जो संध्या तक रुक रुक कर चलती रहेगी। मितव्ययी रहने के कारण खर्च भी हिसाब से करेंगे धन कोष में वृद्धि होगी। महिलाये किसी मनोकामना पूर्ति से उत्साहित होंगी। आज महिला वर्ग से कोई भी काम निकालना आसान रहेगा मना नही कर सकेंगी। दाम्पत्य सुख में भी वृद्धि होगी। पर्यटन की योजना बनेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा भाग-दौड़ करने के पक्ष में नही रहेंगे। आसानी से जितना मिल जाये उसी में संतोष कर लेंगे। परन्तु महिलाये इसके विपरीत रहेंगी अल्प साधनो से कार्य करने पर भाग्य को दोष देंगी। व्यवसाय की गति पल पल में बदलेगी जिससे सुकून से बैठने का समय नही मिलेगा। किसी पुरानी घटना को याद करके दुखी रहेंगे। पारिवारिक खर्चो में अकस्मात वृद्धि होने से बजट गड़बड़ा सकता है। महिलाओं के मन मे आज उथल पुथल अधिक रहने के कारण बड़ी जिम्मेदारी का कार्य सौपना उचित नही रहेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन मानसिक चंचलता के कारण बनते कार्यो को दुविधा के कारण आप स्वयं बिगाड़ लेंगे। सरकारी कार्य आज सावधानी से करें अन्यथा लंबित रखें हानि निश्चित रहेगी। संबंधो के प्रति भी आज ईमानदार नही रहेंगे। पारिवारिक वातावरण आपके गलत आचरण से कलुषित होगा। सामाजिक क्षेत्र पर लोग पीठ पीछे बुराई करेंगे। सेहत में मानसिक दबाव के चलते उतार चढ़ाव लगा रहेगा। घर के बुजुर्ग आपसे नाराज रहेंगे। धन लाभ अचानक होने से स्थिति संभाल नही सकेंगे रुपया आते ही हाथ से निकल भी जायेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपको आज के दिन प्रत्येक कार्यो में सावधान रहने की आवश्यकता है। धन के पीछे भागने की प्रवृति पर आज लगाम लगाकर रखे अन्यथा धन के साथ-साथ मान हानि भी होगी। दोपहर से पहले के भाग में पुराने कार्य पूर्ण होने से थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। इसके बाद का समय प्रतिकूल बनता जाएगा। कार्य व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी हर प्रकार से आपके कार्यो में व्यवधान डालने का प्रयास करेंगे। परिजनों से भी मामूली बात पर झगड़ा होगा। वाणी एवं व्यवहार से संयम बरतें।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
TRN LIVE: *जिले में दो चरणों में होगी जनगणना: उपायुक्त मुकेश रेपासवाल*
*आधुनिक डिजिटल तकनीक से होगी जनगणना-2027: जिला जनगणना अधिकारी*
*चम्बा, 17 फरवरी*
उपायुक्त व जिला जनगणना अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिला में जनगणना-2027 दो चरणों में की जाएगी जो स्वतंत्र भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। *उन्होंने बताया कि पहले चरण की जनगणना 12 मई से 11 जून तक होगी। उपायुक्त जिला में जनगणना के सफल एवं सुचारू संचालन को लेकर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उपायुक्त ने बताया कि पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। अब जनगणना–2027 देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी।*
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना की जाएगी जिसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा 3 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत जनगणना के समय, कर्मियों (प्रगणकों) द्वारा 33 प्रश्न पूछे जाएंगे जिसमें आवास की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई ईंधन, इंटरनेट एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित प्रश्न शामिल रहेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि जनगणना-2027 के अंतर्गत आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा जिसमें नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ ऐनुमैरेशन) सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि घर-घर जनगणना शुरू होने से 15 दिन पहले नागरिक 27 अप्रैल से 11 मई तक नागरिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करवा सकेंगे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना के लिए निर्धारित की गई सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित बनाएं।
उपायुक्त ने कहा कि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना सितम्बर 2026 से फरवरी 2027 के बीच की जाएगी। जिसमें
प्रत्येक व्यक्ति का नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय
वैवाहिक स्थिति, प्रवास, मातृभाषा आदि जानकारी शामिल रहेगी।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना–2027 के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सहयोग प्रदान करें तथा प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावाएं।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, जिला राजस्व अधिकारी विक्रम जीत सिंह, ओएसडी उमाकांत सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
TRN LIVE: तीसा के खुशनगरी में नशे में धुत्त चार युवकों ने किया जानलेवा हमला अस्पताल में भर्ती पुलिस ने दर्ज किया मामला
तीसा के खुशनगरी के एक युवक पर चार युवकों ने शराब के नशे में कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खुशनगरी निवासी युवक पर आरोपियों ने किसी बात को लेकर पहले कहासुनी की और उसके बाद मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर नशे की हालत में थे और उन्होंने युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर तीसा थाना में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
TRN LIVE: *सीएमओ चंबा ने सिविल अस्पताल तीसा का किया निरीक्षण*
तीसा- मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने आज दिनांक 17 फरवरी 2026 को सिविल अस्पताल तीसा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी तीसा को चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल का दौरा कर मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही डीवीडी एमएस पर दवाइयों की उपलब्धता की जांच की और लैब उपकरणों का रखरखाव, स्टॉफ की उपस्थिति, साफ-सफाई, शौचालयों की स्थिति सहित तमाम व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
इस अवसर पर अधिकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ऋषि पूरी भी उपस्थित रहे। सीएमओ ने अस्पताल के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कहा।
TRN LIVE TRNDKB JITENDRA KUMAR JEETUDR JEETUDEHATI JD SERIES
TRN: *60 सेकंड...*
बस इतना ही समय लगा मिलिंद देवरा को ना चिल्लाना, ना ओवररिएक्ट...💪🏻
उन्होंने बस तथ्य पेश किए और राहुल गांधी 🤡 की झूठ कि इमारत ध्वस्त हो गई...😁
राजनीति नाटक नहीं, जवाबदेही है।
देवरा ने कुछ ही बातें कहीं हैं-
और अभी बहुत कुछ बाकी है।
उनका आखिरी वाक्य-- "कुछ लोगों को भारत से कितनी नफरत है"
राहुल गांधी गिरोह की यही सच्चाई है...🎯
TRN LIVE: अगर आप में से कुछ लोगों को लगता है कि #मोदी पहली बार जाति के नाम पर गालियां सुन रहे हैं, तो आप ग़लत हैं। ❌
नरेंद्र मोदी बचपन से ही सवर्णों की गाली खा रहे हैं। उन्होंने जब गुजरात में संगठन की बागडोर संभाली तो शंकर सिंह बघेला की बगावत थी। उसके बाद जब मुख्यमंत्री बने तो केशु भाई पटेल ने उनके खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया। अपनी अलग पार्टी बनाई, ताकि पटेल वोटरों को बीजेपी से काट सकें। ⚠️
उसके बाद हार्दिक पटेल-अल्पेश ठाकोर-जिग्नेश मेवानी का विद्रोह तो याद ही होगा? 🤷🏾♀️
UGC से पहले भी कभी सुना था कि
"मोदी तेली है, तेली को सुबह देखने से जतरा ख़राब हो जाता है" । 🤬
"मोदी दलितों की राजनीति करता है, BJP को भीम जनता पार्टी बना दिया है" ।
मोदी अंबेडकर को मानता है, भीमटा है, संविधान को माथे पर लेकर चलता है।
मोदी जातिवादी है वो भाजपा को OBC की पार्टी बना रहा है क्योंकि वो खुद ओबीसी है ,जाति की रोटी सेक रहा है।
आमतौर पर ये बातें कौन करता होगा, इसका अंदाज़ा लगा सकते हैं ??🤔
लेकिन नरेंद्र मोदी ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी। 🤫 गुजरात जीत के बाद केशुभाई पटेल के चरण छूकर आशीर्वाद लिया, उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाई। 🍰🍡
मोदी जब से प्रधानमंत्री बने तो गुजरात विधानसभा के अंदर उनका अंतिम भाषण देखिए। वो याद कर रहे हैं कि कैसे शंकर सिंह बघेला की बुलेट पर बैठ दोनों ने गुजरात की गलियां, पगडंडियां नापी है। 🛤️
यही बात मोदी को विलक्षण बनाती हैं, मोदी अपमान का घूंट पीकर भी राष्ट्र निर्माण में लगे हैं। 🔥🔥
40 साल से अनवरत, बिना थके, बिना छुट्टी लिए। 🤗🤗
मोदी को गाली देने वाले शंकर सिंह बघेला, केशुभाई पटेल, मणिशंकर अय्यर आज कहां हैं ?😜🙃😏
जैसे कि आपने देखा होगा !!!👍
बाज़ अपनी उड़ान में सर्वाधिक ऊचाई पर उड़ता रहता है, बाक़ी सब अपनी औक़ात तक ही उड़ पाते है। 😀🦅
मेरा पीएम मेरा अभिमान
गर्व से कहो हम हिन्दू हैं !
संगठित हिन्दू समर्थ भारत🚩🚩🇮🇳🇮🇳
अपराजित मोदी 🫡
TRN LIVE: नरेंद्र मोदी ने देश को क्या दिया -
कोई माता-पिता भी अपने बच्चों को
सब कुछ नहीं देता पर आज मोदी से
हर व्यक्ति 100% चाहता है 🤔
- आपने 500 साल बाद राम मंदिर बनाया और उन पूर्वजों के सपनों को साकार किया जो मंदिर के लड़ते लड़ते मर गए
- आपने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाया और ज्ञानवापी सर्वे कराकर भोले बाबा के लिए;
- जो संभल जिहादी चरमपंथ का गढ़ था, वहां की जामा मस्जिद ढांचे में सर्वे कराया ताकि हरिहर मंदिर के मुक्त होने का रास्ता बन सके;
- केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कराया;
- उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के महाकाल लोक बनवाया;
- पावागढ़ के महाकाली मंदिर के शिखर पर 500 साल बाद भगवा ध्वज स्थापित किया, जिसे मुगल आक्रांताओं ने तोड़ दिया था;
- - कोयंबटूर में 112 फीट ऊंची आदियोगी शिव की प्रतिमा का अनावरण किया;
- सोमनाथ धाम परिवार का जीर्णोद्धार कराया;
- जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई व गुलमर्ग का शिव मंदिर, झेलम के रघुनाथ मंदिर, अनंतनाग का मार्तंड मंदिर, पाटन का शंकरगौरीश्वर मंदिर, श्रीनगर का पंडरेथन मंदिर, अवंतीपुरा का अवंति स्वामी व अवंती स्वरा मंदिर का पुनरुद्धार कराया;
- अनंतनाग के मार्तण्ड सूर्य मंदिर में सदियों बाद पूजा कराई
- उत्तराखंड के चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री को जोड़ने वाली सड़कों के लिए चारधाम परियोजना शुरू;
- देवनागरी ऋषिकेश को रेल मार्ग से कर्णप्रयाग से जोड़ा;
- अंबाजी तीर्थ का पुनर्निर्माण कराया;
- स्वदेश दर्शन के तहत 76 परियोजनाएं विकसित की;
- चोरी हुई 642 कलाकृतियां विदेश से वापस लाई गई;
- करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन किया;
- वक्फ कानून बनाया;
- BJP शासित राज्यों में गौ हत्या विरोधी कानून बना;
- BJP शासित राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून बना;
- BJP शासित राज्यों में लव जिहाद विरोधी कानून बना;
- CAA कानून बनाकर विदेशों में प्रताड़ित हिंदुओं को भारत की नागरिकता दी;
- 11 जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय बनाए;
- विदेशी नेताओं को फूल नहीं बल्कि गीता भेंट की;
- अन्य प्रधानमंत्रियों के विपरीत गर्व से माथे पर त्रिपुंड लगाकर मंदिर-मंदिर घूमे और छद्म सेक्युलरिज्म की जगह सनातन सभ्यताओं को अपनाया;
- भारत मंडपम बनवाया जिसके बाहर भगवान नटराज की प्रतिमा लगवाई
- मुग़लिया और अंग्रेज गुलामी के तमाम प्रतीक हटाए;
- नया संसद भवन बनाया जिसमें सेंगोल स्थापित किया और प्राचीन अखंड भारत का मानचित्र लगाया;
- सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किया और कटा हुआ नहीं बल्कि पूर्ण वंदेमातरम बजाया
- काला पानी के वीर स्मारक स्मारक स्थल बनाया;
इसके बाद भी सोशल मीडिया का कट्टर हिंदू वर्ग आपकी कब्र खोदना चाहता है, आपकी सत्ता को उखाड़ फेंकना चाहता है और आपको हिंदू विरोधी और हिंदुओं में भी सवर्ण विरोधी घोषित कर चुका है और आपको हटाकर उन लोगों को सत्ता में लाने का रास्ता साफ कर रहा है;
- जो राम मंदिर का विरोध करते रहे;
- जो भगवान राम को काल्पनिक बताते थे;
- जो ज्ञानवापी और संभल सर्वे के विरोधी हैं;
- जो मुस्लिम वोट के कारण मंदिरों में पूजा करने नहीं जाते;
- जो 370 की बहाली की बात करते हैं;
- जो वक्फ कानून के विरोधी है;
- जो लव जिहाद और धर्मांतरण कानून के विरोधी हैं;
मोदी जी, गलती आपकी नहीं है. हम लोग हमेशा अहसानफ़रामोश रहे हैं
हम मनोकामना पूर्ण न होने पर भगवान बदल देते हैं तो आप तो फिर भी एक प्रधानमंत्री ही हो
हमें आदत है हिंदू विरोधी सरकार की, आपके जैसा कर्मठ सनातनी प्रधानमंत्री नहीं चाहिए
सब लोग ऐसे नहीं है, हम कोशिश करेंगे कि देश आपको खोए ना और आपकी जगह हिंदुद्रोही सत्ता में न आएं जो हिंदुओं और सनातन को मिटा दें -
TRN LIVE: *मेरा समीर एसा नही हे,बोलने वाली हिंन्दु लडकीयो देख लो भोपाल में एक और लडकी मीली, अभी भी वक्त हे संभल जाये।ये कौम कभी आप की नही हो सकती।*
*भोपाल में मुस्लिम के पैखाना टंकी में मिली हिंदू लड़की की लाश*
*मेरा अब्दुल ऐसा नहीं* *निकलेगा ,बोलने वाली हिंन्दु लडकीयों देख लो भोपाल में एक और लव जिहाद में फंसी लडकी की लाश मीली, हमारी हिंदू लड़कियों को,, पैसा,, मोबाइल,, कपड़े,, कारों में घुमने को चाहिए,,,तभी लालच में फंसती है,,,, मरोगी,,,, ऐसी ही फ्रिज और सूटकेस और सेफ्टी टैंक में तुम बस "पब " और मॉडलिंग, जिम में लव जिहाद के जाल में फंसकर*
*गटर में सड़ी गली मिली इंस्टा क्वीन...*
*जो कहती थी "मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है"*
*एक और हिंदू युवती कि जेहादीयों जिहादी द्वारा निर्मम हत्या...*❗️
*पहले से ही शादीशुदा कई बच्चों के अब्बु समीर ने सिया को इंस्टाग्राम से अपनी जानकारी छुपाकर फंसाया...*
*सिया महाराष्ट्र में अपना घर छोड़कर करीब तीन महीने पहले भोपाल आ गई और दो बच्चों के पिता व पहले से शादीशुदा समीर के साथ रहने लगी।*
*समीर की पत्नी और सिया के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। समीर ने अपनी शादी और कई अहम बातें सिया से छिपाकर रखीं, जिससे घर में तनाव और विवाद बढ़ते गए।*
*आरोप है कि समीर खान ने अपने परिवार के सदस्यों की मदद से सिया की गला घोंटकर हत्या कर दी।*
*12/02/2026 को सिया का सड़ा-गला शव सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया।*
*अपराध के सभी सबूत मिटाने के लिए शव को लोहे के बक्से (ट्रंक) में भरकर कमला नगर स्थित उनके घर के पास एक सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया।*
TRN LIVE: हा तो भैया एप्सटईन मामले मे अब काँग्रेस के नाम आने लगे है माता जी की तो फ़ोटो ही आ गई है और इस मामले से जुड़ी ईमेल मे जिक्र है की सोनिया अमेरिका मे एपसटीन से जुड़े नेटवर्क से भारत मे चुनाव जितवाने के लिए मदद मांग रही थी
सोचिए मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान के टीवी मे बोल रहा था की मोदी को हराने के लिए पाकिस्तान को काँग्रेस की मदद करना चाहिए
राहुल इंग्लैंड मे जा के बोल रहा था की भारत मे लोकतंत्र खतम हो गया है और यूरोप के देशों को भारत मे हस्तक्षेप करना चाहिए और सत्ता बदलना चाहिए
ये सोनिया अमेरिका मे चुनाव जीतने के लिए मदद मांग रही थी
इसके अलावा ये चीन से भी लंबी फन्डिंग हर चुनाव के लिए लेते है
सोरॉस खुल के बोल चुका है की वो मोदी को हटाने के लिए हजारों करोड़ की फन्डिंग कर रहा है
सिब्बल को एपस्टिन से जुड़े एक संस्था ने कोई अवॉर्ड दिया था और उसके बाद इनकी सरकार ने बहुत सी नीतिया बदल डाली थी
9 मार्च से बजट सत्र फिर शुरू होगा और इसमे निशिकांत दुबे द्वारा लाया गया मोशन सामने होगा और इस पे चर्चा होगी और तब तक न जाने क्या क्या निकल के सामने आएगा देखते जाइए मजा तो आएगा और न जाने क्या क्या निकल के सामने आएगा
एक बात याद रखिए इस्राइल की सीधे दुश्मनी सोनिया गांधी और इस परिवार से है क्युकि ये लगातार शुरू से फिलिसतीन का समर्थन करते रहे है अब देखने वाली बात है की अमेरिका मे ये बात हो रही है की एप्सटईन असल मे इजरायली सीक्रिट सर्विस मोसाद का आदमी था और उसके असली कारनामों के फ़ोटो विडिओ इस्राइल के पास सुरक्षित है कुछ लोग ये बात भी कर रहे है की इस्राइल से इस मामले से जुड़ा काफी मसाला पुतिन को भी दिया गया है और ऐसा माना जा रहा है की ट्रम्प के सुर बदल गए है रूस को ले के आजकल जब से ट्रम्प को पता लगा है कि बहुत से फोटो विडिओ एप्सटईन वाले मामले के पुतिन के पास है ट्रम्प ने एकदम से यूक्रेन पे युद्ध रोकने का दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है
ऐसा माना जा रहा है कि इस्राइल अमेरिका को मजबूर कर रहा है ईरान से युद्ध के लिए और इसके लिए भी वो एप्सटईन से जुड़े फोटो विडिओ का इस्तेमाल कर रहा है और अमेरिका की दोनों पार्टी के बड़े बड़े नेता उद्योगपति सब के संबंध एप्सटईन से थे
सोचिए काही भारत को भी इस मामले मे सोनिया के अलावा कुछ दूसरे काँग्रेस नेताओ को की फोटो विडिओ आदि मिली हो तो कोई बड़ी बात नहीं होगी देखते है क्या क्या निकल के सामने आता है
✍️✍️
TRN LIVE: *गटर में सड़ी गली मिली इंस्टा क्वीन...*
जो कहती थी "मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है"
एक और हिंदू युवती कि जेहादीयों जिहादी द्वारा निर्मम हत्या...❗️
पहले से ही शादीशुदा कई बच्चों के अब्बु समीर ने सिया को इंस्टाग्राम से अपनी जानकारी छुपाकर फंसाया...
सिया महाराष्ट्र में अपना घर छोड़कर करीब तीन महीने पहले भोपाल आ गई और दो बच्चों के पिता व पहले से शादीशुदा समीर के साथ रहने लगी।
समीर की पत्नी और सिया के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। समीर ने अपनी शादी और कई अहम बातें सिया से छिपाकर रखीं, जिससे घर में तनाव और विवाद बढ़ते गए।
आरोप है कि समीर खान ने अपने परिवार के सदस्यों की मदद से सिया की गला घोंटकर हत्या कर दी।
12/02/2026 को सिया का सड़ा-गला शव सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया।
अपराध के सभी सबूत मिटाने के लिए शव को लोहे के बक्से (ट्रंक) में भरकर कमला नगर स्थित उनके घर के पास एक सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया।
TRN LIVE: भारत का मास्टरस्ट्रोक !
फ्रांस देगा राफेल, बदले में लेगा पिनाका !
भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि स्वदेशी तकनीक से बने रक्षा उपकरणों का निर्यातक भी बन चुका है, जिनमें विकसित देश भी रुचि दिखा रहे हैं।
इसी बीच भारत और फ्रांस के बीच 4.5+ पीढ़ी के 114 राफेल लड़ाकू विमानों की लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की बड़ी रक्षा डील आगे बढ़ रही है साथ ही रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस और भारत के बीच पिनाका को लेकर भी उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है।
[TRN LIVE: 40 साल पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तो सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक, *केंद्र में इंदिरा गांधी और महाराष्ट्र में अब्दुल रहमान अंतुले*
एक हाथ में सत्ता में थे...
फिर एक चाल चली गई, जिसे
हिंदू भूल गए*
उस समय सरकार ने शहीद नौसेना सैनिकों की विधवाओं के लिए एक NGO ट्रस्ट शुरू किया।
जिसमें अब्दुल अंतुले की सलाह पर
सायरा बानो को मानद सदस्य बनाया गया।
बाद में सायरा बानो बेगम को भी संगठन का प्रमुख बनाया गया।
*बाद में सारी पावर इस बेगम के पति, एक्टिंग बादशाह ((?)) यूसुफ खान के हाथ में आ गई, जिन्हें हिंदू दिलीप कुमार कहा जाता है... *
दो साल में ऑडिट के बाद पता चला कि शहीद सैनिकों की विधवाओं के लिए सरकार की तरफ से जमा किए गए 140 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं था.... और *यह रकम ट्रस्ट के हेड के पति यूसुफ खान (दिलीप कुमार) के अकाउंट में जमा कर दी गई थी।*
जैसे ही यह खबर अखबार में लीक हुई, *अगले दिन चीफ ऑडिट ऑफिसर की अचानक मौत हो गई*।
जिस तरह कांग्रेस के राज में कई देशभक्त नागरिकों को मारा गया...
इससे सबको यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार की....शानदार एक्टिंग याद आ गई!!
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से पहले,
उसी यूसुफ-सायरा बंगले के बेसमेंट से एक हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो ट्रांसमीटर जब्त किया गया था।
यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार ने अपनी मौत के समय वक्फ बोर्ड को कुल 98 करोड़ रुपये कैश - अचल संपत्ति और चल संपत्ति दी थी।
*खैर;....*
*हिंदुओं, सिर्फ़ प्याज़ - सब्ज़ी - पेट्रोल के बढ़ते दामों पर ध्यान दो।* 😉
TRN LIVE: *जनाब! BJP के 3 CM की हेट-स्पीच: ये सुनते ही CJI सूर्यकांत ने तुरंत सिब्बल को टोका, वापस लेनी पड़ गई याचिका*
याचिका में बदलाव का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने आज उस याचिका पर विचार करने से मना कर दिया *जिसमें असम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए बयानों को आधार बनाकर हेट स्पीच के खिलाफ सख्त गाइडलाइंस की मांग की गई थी.*
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल से कहा कि कोर्ट ऐसी याचिकाओं का स्वागत करता है जो निष्पक्ष और व्यापक हों. अदालत ने कहा कि केवल चुनिंदा लोगों और एक ही विचारधारा के नेताओं को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है. कोर्ट चाहता है कि याचिका को संशोधित किया जाए ताकि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर सभी राजनीतिक दलों के लिए एक संवैधानिक सबक बने.
सुप्रीम कोर्ट ने नफरती भाषणों के खिलाफ दायर याचिका को सिलेक्टिव बताते हुए सुनने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि केवल कुछ मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है; याचिका निष्पक्ष होनी चाहिए. जस्टिस नागरत्ना ने जोर दिया कि नफरत रोकने के लिए संवैधानिक लोकाचार के खिलाफ जाने वाली सोच को मिटाना होगा. कोर्ट ने राजनीतिक दलों को संवैधानिक नैतिकता बनाए रखने और याचिकाकर्ताओं को संशोधित याचिका लाने का निर्देश दिया है.
TRN LIVE: सेवा धर्म ही असली भक्ति
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
एक शहर में अमीर सेठ रहता था। वह बहुत फैक्ट्रियों का मालिक था।
एक शाम अचानक उसे बहुत बैचेनी होने लगी। डॉक्टर को बुलाया गया सारी जाँचें करवा ली, परन्तु कुछ भी नहीं निकला। उसकी बैचेनी बढ़ती गयी।
उसके समझ में नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है। रात हुई, नींद की गोलियां भी खा ली पर न नींद आने को तैयार और ना ही बैचेनी कम होने का नाम ले।
वो रात को उठकर तीन बजे घर के बगीचे में घूमने लगा। घूमते -घूमते उसे लगा कि बाहर थोड़ा सा सुकून है तो वह बाहर सड़क पर पैदल निकल पड़ा।
चलते- चलते हजारों विचार मन में चल रहे थे। अब वो घर से बहुत दूर निकल आया था। और थकान की वजह से एक चबूतरे पर बैठ गया।
.
उसे थोड़ी शान्ति मिली तो वह आराम से बैठ गया।
इतने में एक कुत्ता आया और उसकी चप्पल उठाकर ले गया। सेठ ने देखा तो वह दूसरी चप्पल उठाकर कुत्ते के पीछे भागा।
कुत्ता पास ही बनी झुग्गी-झोपडि़यों में घुस गया। सेठ भी उसके पीछे था, सेठ को करीब आता देखकर कुत्ते ने चप्पल वहीं छोड़ दी और चला गया।
सेठ ने राहत की सांस ली और अपनी चप्पल पहनने लगा। इतने में उसे किसी के रोने की आवाज सुनाई दी।
वह और करीब गया तो एक झोपड़ी में से आवाज आ रहीं थीं।
उसने झोपड़ी के फटे हुए बोरे में झाँक कर देखा तो वहाँ एक औरत फटेहाल मैली सी चादर पर दीवार से सटकर रो रही हैं।
और ये बोल रही है, हे भगवान मेरी मदद कर ओर रोती जा रहीं है।
सेठ के मन में आया कि यहाँ से चले जाओ, कहीं कोई गलत ना सोच लें।
वो थोड़ा आगे बढ़ा तो उसके दिल में ख़्याल आया कि आखिर वो औरत क्यों रो रहीं हैं, उसको तकलीफ क्या है ?
और उसने अपने दिल की सुनी और वहाँ जाकर दरवाजा खटखटाया।
उस औरत ने दरवाजा खोला और सेठ को देखकर घबरा गयी। सेठ ने हाथ जोड़कर कहा तुम घबराओं मत, मुझे तो बस इतना जानना है कि तुम रो क्यों रही हो।
औरत की आखों से आँसू टपकने लगे और उसने पास ही गुदड़ी में लिपटी हुई 7-8 साल की बच्ची की ओर इशारा किया।
और रोते -रोते कहने लगी कि मेरी बच्ची बहुत बीमार है उसके इलाज में बहुत खर्चा आएगा।
मैं तो घरों में जाकर झाड़-ूपोछा करके जैसे-तैसे हमारा पेट पालती हूँ। मैं कैसे इलाज कराऊं इसका ?
सेठ ने कहा, तो किसी से माँग लो। इसपर औरत बोली मैने सबसे माँग कर देख लिया खर्चा बहुत है कोई भी देने को तैयार नहीं।
सेठ ने कहा तो ऐसे रात को रोने से मिल जायेगा क्या ?
औरत ने कहा कल एक संत यहाँ से गुजर रहे थे तो मैने उनको मेरी समस्या बताई तो उन्होंने कहा बेटा...
तुम सुबह 4 बजे उठकर अपने ईश्वर से माँगो। बोरी बिछाकर बैठ जाओ और रो -गिड़गिड़ा के उससे मदद माँगो वो सबकी सुनता है तो तुम्हारी भी सुनेगा।
मेरे पास इसके अलावा कोई चारा नहीं था। इसलिए मैं उससे माँग रही थीं और वो बहुत जोर से रोने लगी।
ये सब सुनकर सेठ का दिल पिघल गया और उसने तुरन्त फोन लगाकर एम्बुलेंस बुलवायी और उस लड़की को एडमिट करवा दिया।
डॉक्टर ने डेढ़ लाख का खर्चा बताया तो सेठ ने उसकी जवाबदारी अपने ऊपर ले ली, और उसका इलाज कराया।
उस औरत को अपने यहाँ नौकरी देकर अपने बंगले के सर्वेन्ट क्वाटर में जगह दी और उस लड़की की पढ़ाई का जिम्मा भी ले लिया।
सेठ कर्म प्रधान तो था पर नास्तिक था।अब उसके मन में सैकड़ो सवाल चल रहे थे।
क्योंकि उसकी बैचेनी तो उस वक्त ही खत्म हो गयी थी जब उसने एम्बुलेंस को बुलवाया था।
वह यह सोच रहा था कि आखिर कौन सी ताकत है जो मुझे वहाँ तक खींच ले गयीं ?क्या यही ईश्वर हैं ?
और यदि ये ईश्वर है तो सारा संसार आपस में धर्म, जात -पात के लिये क्यों लड़ रहा है क्योंकि ना मैने उस औरत की जात पूछी और ना ही ईश्वर ने जात -पात देखी।
बस ईश्वर ने तो उसका दर्द देखा और मुझे इतना घुमाकर उस तक पहुंचा दिया।
अब सेठ समझ चुका था कि कर्म के साथ सेवा भी कितनी जरूरी है क्योंकि इतना सुकून उसे जीवन में कभी भी नहीं मिला था !
मानव और प्राणी मात्र की सेवा का धर्म ही असली भक्ति हैं
यदि ईश्वर की कृपा पाना चाहते हो तो इंसानियत अपना लो और समय-समय पर उन सबकी मदद करो जो लाचार या बेबस है। क्योंकि ईश्वर इन्हीं के आस -पास रहता हैं।
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
: ध्यान की विधियाँ
🔸🔸🔹🔸🔸
ध्यान की विधियाँ कौन-कौन सी हैं? ध्यान की अनेकानेक एवं अनंत विधियाँ संसार में प्रचलित हैं. साधकों की सुविधा के लिए विभिन्न शास्त्रों व ग्रंथों से प्रमाण लेकर ध्यान की विधियाँ बताते हैं जिनका अभ्यास करके साधक शीघ्रातिशीघ्र ईश्वर साक्षात्कार को प्राप्त कर सकता है.
ध्यान की विधियाँ :
🔸🔸🔹🔸🔸
१. श्री कृष्ण अर्जुन संवाद
🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸
भगवन श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा: शुद्ध एवं एकांत स्थान पर कुशा आदि का आसन बिछाकर सुखासन में बैठें. अपने मन को एकाग्र करें. मन व इन्द्रियों की क्रियाओं को अपने वश में करें, जिससे अंतःकरण शुद्ध हो. इसके लिए शारीर, सर व गर्दन को सीधा रखें और हिलाएं-दुलायें नहीं. आँखें बंद रखें व साथ ही जीभ को भी न हिलाएं. अब अपनी आँख की पुतलियों को भी इधर-उधर नहीं हिलने दें और उन्हें एकदम सामने देखता हुआ रखें. एकमात्र ईश्वर का स्मरण करते रहें. ऐसा करने से कुछ ही देर में मन शांत हो जाता है और ध्यान आज्ञा चक्र पर स्थित हो जाता है और परम ज्योति स्वरुप परमात्मा के दर्शन होते हैं.
विशेष :- ध्यान दें जब तक मन में विचार चलते हैं तभी तक आँख की पुतलियाँ इधर-उधर चलती रहती हैं. और जब तक आँख की पुतलियाँ इधर-उधर चलती हैं तब तक हमारे मन में विचार उत्पन्न होते रहते हैं. जैसे ही हम मन में चल रहे समस्त विचारों को रोक लेते हैं तो आँख की पुतलियाँ रुक जाती हैं. इसी प्रकार यदि आँख की पुतलियों को रोक लें तो मन के विचार पूरी तरह रुक जाते हैं. और मन व आँख की पुतलियों के रुकते ही आत्मा का प्रभाव ज्योति के रूप में दीख पड़ता है.
- गीतोपदेश अ. ६ श्लोक १२ से 15
२. शिव-पार्वती संवाद
🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔸
भगवन शिव ने पार्वतीजी से कहा :- "एकांत स्थान पर सुखासन में बैठ जाएँ. मन में ईश्वर का स्मरण करते रहें. अब तेजी से सांस अन्दर खींचकर फिर तेजी से पूरी सांस बाहर छोड़कर रोक लें. श्वास इतनी जोर से बाहर छोड़ें कि इसकी आवाज पास बैठे व्यक्ति को भी सुनाई दे. इस प्रकार सांस बाहर छोड़ने से वह बहुत देर तक बाहर रुकी रहती है. उस समय श्वास रुकने से मन भी रुक जाता है और आँखों की पुतलियाँ भी रुक जाती हैं. साथ ही आज्ञा चक्र पर दबाव पड़ता है और वह खुल जाता है. श्वास व मन के रुकने से अपने आप ही ध्यान होने लगता है और आत्मा का प्रकाश दिखाई देने लगता है. यह विधि शीघ्र ही आज्ञा चक्र को जाग्रत कर देती है.
नेत्र तंत्र
🔸🔹🔸
३. शिवजी ने पार्वतीजी से कहा
🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔸
रात्रि में एकांत में बैठ जाएँ. आंकें बंद करें. हाथों की अँगुलियों से आँखों की पुतलियों को दबाएँ. इस प्रकार दबाने से तारे-सितारे दिखाई देंगे. कुछ देर दबाये रखें फिर धीरे-धीरे अँगुलियों का दबाव कम करते हुए छोड़ दें तो आपको सूर्य के सामान तेजस्वी गोला दिखाई देगा. इसे तैजस ब्रह्म कहते हैं. इसे देखते रहने का अभ्यास करें. कुछ समय के अभ्यास के बाद आप इसे खुली आँखों से भी आकाश में देख सकते हैं. इसके अभ्यास से समस्त विकार नष्ट होते हैं, मन शांत होता है और परमात्मा का बोध होता है.
४.शिवजी ने पार्वतीजी से कहा
🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔸
रात्रि में ध्वनिरहित, अंधकारयुक्त, एकांत स्थान पर बैठें. तर्जनी अंगुली से दोनों कानों को बंद करें. आँखें बंद रखें. कुछ ही समय के अभ्यास से अग्नि प्रेरित शब्द सुनाई देगा. इसे शब्द-ब्रह्म कहते हैं. यह शब्द या ध्वनि नौ प्रकार की होती है. इसको सुनने का अभ्यास करना शब्द-ब्रह्म का ध्यान करना है. इससे संध्या के बाद खाया हुआ अन्न क्षण भर में ही पाच जाता है और संपूर्ण रोगों तथा ज्वर आदि बहुत से उपद्रवों का शीघ्र ही नाश करता है. यह शब्द ब्रह्म न ॐकार है, न मंत्र है, न बीज है, न अक्षर है. यह अनाहत नाद है (अनाहत अर्थात बिना आघात के या बिना बजाये उत्पन्न होने वाला शब्द). इसका उच्चारण किये बिना ही चिंतन होता है. यह नौ प्रकार का होता है :-
१. घोष नाद :-👉 यह आत्मशुद्धि करता है, सब रोगों का नाश करता है व मन को वशीभूत करके अपनी और खींचता है.
२. कांस्य नाद :-👉 यह प्राणियों की गति को स्तंभित कर देता है. यह विष, भूत, ग्रह आदि सबको बांधता है.
३. श्रृंग नाद :-👉 यह अभिचार से सम्बन्ध रखने वाला है.
४. घंट नाद :- 👉 इसका उच्चारण साक्षात् शिव करते हैं. यह संपूर्ण देवताओं को आकर्षित कर लेता है, महासिद्धियाँ देता है और कामनाएं पूर्ण करता है.
५. वीणा नाद :-👉 इससे दूर दर्शन की शक्ति प्राप्त होती है.
६. वंशी नाद :- 👉 इसके ध्यान से सम्पूर्ण तत्त्व प्राप्त हो जाते हैं.
७. दुन्दुभी नाद :-👉 इसके ध्यान से साधक जरा व मृत्यु के कष्ट से छूट जाता है.
८. शंख नाद :-👉 इसके ध्यान व अभ्यास से इच्छानुसार रूप धारण करने की शक्ति प्राप्त होती है.
९. मेघनाद :-👉 इसके चिंतन से कभी विपत्तियों का सामना नहीं करना पड़ता.
इन सबको छोड़कर जो अन्य शब्द सुनाई देता है वह तुंकार कहलाता है. तुंकार का ध्यान करने से साक्षात् शिवत्व की प्राप्ति होती है.
🌟संकलन शिव पुराण, उमा संहिता🌟
🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸
TRN LIVE: वलयाकार सूर्य ग्रहण 17 फ़रवरी शंका समाधान
〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️
ग्रहण एक खगोलीय घटना है इसका वैज्ञानिक महत्व होने के साथ ही आध्यात्मिक रूप से भी बहुत महत्त्व माना गया है जगत के समस्त प्राणियों पर इसका किसी न किसी रूप में प्रभाव अवश्य पड़ता है।
कब लगता है सूर्यग्रहण
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
जब पृथ्वी चंद्रमा व सूर्य एक सीधी रेखा में हों तो उस अवस्था में सूर्य को चंद्र ढक लेता है जिस सूर्य का प्रकाश या तो मध्यम पड़ जाता है या फिर अंधेरा छाने लगता है इसी को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
कितने प्रकार का होता है सूर्य ग्रहण
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
पूर्ण सूर्य ग्रहण👉चंद्र जब सूर्य को पूर्ण रूप से ढक देता है और चारो दिशाओ में अंधेरा व्याप्त हो जाये तो इसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहा जायेगा।
खंडग्रास या आंशिक सूर्य ग्रहण👉 जब चंद्रमा सूर्य को पूर्ण रूप से न ढ़क पाये तो तो इस अवस्था को खंड ग्रहण कहा जाता है। पृथ्वी के अधिकांश हिस्सों में अक्सर खंड सूर्यग्रहण ही देखने को मिलता है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण👉 वहीं यदि चांद सूरज को इस प्रकार ढके की सूर्य वलयाकार दिखाई दे यानि बीच में से ढका हुआ और उसके किनारों से रोशनी का छल्ला बनता हुआ दिखाई दे तो इस प्रकार के ग्रहण को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
खगोलशास्त्र के अनुसार ग्रहण
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
खगोल शास्त्रियों नें गणित से निश्चित किया है कि 18 वर्ष 18 दिन की समयावधि में 41 सूर्य ग्रहण और 29 चन्द्रग्रहण होते हैं। एक वर्ष में 5 सूर्यग्रहण तथा 2 चन्द्रग्रहण तक हो सकते हैं। किन्तु एक वर्ष में 2 सूर्यग्रहण तो होने ही चाहिए। हाँ, यदि किसी वर्ष 2 ही ग्रहण हुए तो वो दोनो ही सूर्यग्रहण होंगे। यद्यपि वर्षभर में 7 ग्रहण तक संभाव्य हैं, तथापि 4 से अधिक ग्रहण बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। प्रत्येक ग्रहण 18 वर्ष 11 दिन बीत जाने पर पुन: होता है। किन्तु वह अपने पहले के स्थान में ही हो यह निश्चित नहीं हैं, क्योंकि सम्पात बिन्दु निरन्तर चल रहे हैं।
सूर्य ग्रहण है या नहीं शंका समाधान
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
यह ग्रहण दक्षिणी अर्जेटिना, चिली, दक्षिणी अफ्रीका और अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखाई देगा, यह ग्रहण भारत के किसी भी प्रदेश में दिखाई नहीं देगा, अतः ग्रहण के सूतक नियम भी मान्य नहीं होंगे।
भारत में यह ग्रहण नहीं दिखेगा, अतः इसका सूतक भी भारत में नहीं लगेगा।
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
TRN LIVE: 1️⃣7️⃣❗0️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
*जब भगवान श्रीराम अपने धाम को चले उस समय उनके साथ अयोध्या के सभी पशु - पक्षी, पेड़- पोधे मनुष्य भी उनके साथ चल पड़े।*
उन मनुष्यो में श्री सीता जी की निंदा करने वाला धोबी भी साथ में था ,
भगवान ने उस धोबी का हाथ अपने हाथ में पकड़ रखा था और उनको अपने साथ लिए चल रहे थे।
जिस - जिस ने भगवान को जाते देखा वे सब भगवान के साथ चल पड़े कहते है की वहां के पर्वत भी उनके साथ चल पड़े।
सभी पशु पक्षी पेड़ पोधे पर्वत और मनुष्यों ने जब साकेत धाम में प्रवेश होना चाहा तब साकेत का द्वार खुल गया ......
पर जैसे ही उस निंदनीय धोबी ने प्रवेश करना चाहा तो द्वार बंद हो गया।
साकेत द्वार ने भगवान से कहा महाराज ! आप भले ही इनका हाथ पकड़ ले पर ये जगत जननी माता श्री सीता जी की निंदा कर चुका है
इसलिए ये इतना बड़ा पापी है की मेरे द्वार से साकेत में प्रवेश नही कर सकता।
जिस समय भगवान सब को लेकर साकेत जा रहे थे उस समय सभी देवी - देवता आकाश मार्ग से देख रहे थे,की माता जी की निंदा करने वाले पापी धोबी को भगवान कहा भेजते है।
भगवान ने द्वार बन्द होते ही इधर - उधर देखा तो ब्रह्मा जी ने सोचा की कही भगवान इस पापी को मेरे ब्रह्म लोक में न भेज दे,
वे हाथ हिला - हिला कर कहने लगे,महाराज ! इस पापी के लिए मेरे ब्रह्म लोक में कोई स्थान नही है।
इंद्र ने सोचा की कही मेरे इन्द्र लोक में न भेज दे,इंद्र भी घबराये,वे भी हाथ हिला - हिला कर कहने लगे,महाराज ! इस पापी को मेरे इन्द्र लोक में भी कोई जगह नही है।
ध्रुव जी ने सोचा की कही इस पापी को मेरे ध्रुव लोक में भेज दिया तो इसका पाप इतना बड़ा है की....
इसके पाप के बोझ से मेरा ध्रुव लोक गिर कर नीचे आ जायेगा ऐसा विचार कर ध्रुव जी भी हाथ हिला - हिला कर कहने लगे
महाराज ! आप इस पापी को मेरे पास भी मत भेजिएगा।
जिन - जिन देवताओं का एक अपना अलग से लोक बना हुआ था उन सभी देवताओं ने उस निंदनीय पापी धोबी को अपने लोक मे रखने से मना कर दिया।
भगवान खड़े - खड़े मुस्कुराते हुए सब का चेहरा देख रहे है पर कुछ बोलते नही |
उस देवताओ की भीड़ में यमराज भी खड़े थे , यमराज ने सोचा की ये किसी लोक में जाने का अधिकारी नही है अब इस पापी को भगवान कही मेरे यहाँ न भेज दे .....
और माता की निंदा करने वाले को में अपनी यमपुरी में नई रख सकता वे घबराकर उतावली वाणी से बोले ,
महाराज ! महाराज ! ये इतना बड़ा पापी है की इसके लिए मेरी यमपुरी में भी कोई जगह नही है।
उस समय धोबी को घबराहट होने लगी की मेरी दुर्बुद्धी ने इतना निंदनीय कर्म करवा दिया की यमराज भी मुझे नही रख सकते !
भगवान ने धोबी की घबराहट देख कर धोबी की और संकेत से कहा तुम घबराओ मत ! मैं अभी तुम्हारे लिए एक नए साकेत का निर्माण करता हूँ ,
तब भगवान ने उस धोबी के लिए एक अलग साकेत धाम बनाया।
यहाँ एक चोपाई आती है !
सिय निँदक अघ ओघ नसाए ।
लोक बिसोक बनाइ बसाए ।।
ऐसा अनुभव होता है की आज भी वो धोबी अकेला ही उस साकेत में पड़ा है जहा न कोई देवी देवता है न भगवान..!!
*🙏🏼🙏🏾🙏जय श्री कृष्ण*🙏🏻🙏🏽🙏🏿
TRN LIVE: *卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐*
*🌞दिनांक - 18 फरवरी 2026*
*⛅दिन - बुधवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - फाल्गुन*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - प्रतिपदा शाम 04:57 तक तत्पश्चात् द्वितीया*
*⛅नक्षत्र - शतभिषा रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात् पूर्वभाद्रपद*
*⛅योग - शिव रात्रि 10:45 तक तत्पश्चात् सिद्ध*
*⛅राहुकाल - दोपहर 12:41 से दोपहर 02:07 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:57*
*⛅सूर्यास्त - 06:24 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:17 से प्रातः 06:07 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:16 फरवरी 19 से रात्रि 01:06 फरवरी 19 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹गृहस्थ-जीवनोपयोगी बातें🔹*
*🔹महाभारत में आता है :*
*१] जो धर्म एवं कल्याण-मार्ग में तत्पर हैं और मोक्ष के विषय में जिनका निरंतर अनुराग है वे विवेकी हैं ।*
*२] जो अपने घर पर आ जाय उसे आत्मीयताभरी दृष्टी से देखें, उठकर उसके लिए आसन दें, मन से उसके प्रति उत्तम भाव रखें, मधुर वचन बोले । यह गृहस्थियों का सनातन धर्म है । अतिथि को आते देख उठकर उसकी अगवानी और यथोचित रीति से आदर-सत्कार करें ।*
*३] प्यासे को पानी, भूखे को भोजन, थके-माँदे को बैठने के लिए आसन और रोग आदि से पीड़ित मनुष्य के लिए सोने हेतु शय्या देनी चाहिए ।*
*४] गृहस्थ के भोजन में देवता, पितर, मनुष्य एवं समस्त प्राणियों का हिस्सा रखा जाता है ।*
*५] नित्य प्रात: एवं सायंकाल कुत्तों और कौओं के लिए पृथ्वी पर अन्न डाल दें ।*
*६] निकम्मे पशुओं की भी हिंसा न करें और जिस वस्तु को विधिपूर्वक देवता आदि के लिए अर्पित न करें, उसे स्वयं भी न खायें ।*
*७] यज्ञ, अध्ययन, दान, तप, सत्य, क्षमा, मन और इन्द्रियों का संयम तथा लोभ का परित्याग – ये धर्म के ८ मार्ग हैं ।*
*🔸पूर्णतया संकल्पों को एक ध्येय में लगा देने से, इद्रियों को भली प्रकार वश में कर लेने से, अहिंसा आदि व्रतों का अच्छी प्रकार पालन करने से, भली प्रकार सदगुरु की सेवा करने से, कर्मों को भलीभाँति भगवतसमर्पण करने से और चित्त का भली प्रकार निरोध करने से मनुष्य परम कल्याण को प्राप्त होता है ।*
राधे राधे 💐🙏
TRN LIVE: 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 18 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा शाम 04:57 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिशा रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - शिव रात्रि 10:45 तक तत्पश्चात सिद्ध*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:53 से दोपहर 02:19 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:09*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:36*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- चंद्र-दर्शन ( शाम 06:24 से रात्रि 07:15 तक), वसंत ऋतु प्रारंभ*
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *वसंत ऋतु का संदेश* 🌷
🍝 *खान-पान का ध्यान विशेष-वसंत ऋतु का है संदेश*
➡ *18 फरवरी 2026 मंगलवार से वसंत ऋतु प्रारंभ ।*
🍃 *ऋतुराज वसंत शीत व उष्णता का संधिकाल है | इसमें शीत ऋतु का संचित कफ सूर्य की संतप्त किरणों से पिघलने लगता है, जिससे जठराग्नि मंद हो जाती है और सर्दी-खाँसी, उल्टी-दस्त आदि अनेक रोग उत्पन्न होने लगते हैं | अतः इस समय आहार-विहार की विशेष सावधानी रखनी चाहिए |*
🍝 *आहार : इस ऋतु में देर से पचनेवाले, शीतल पदार्थ, दिन में सोना, स्निग्ध अर्थात घी-तेल में बने तथा अम्ल व रसप्रधान पदार्थो का सेवन न करें क्योंकि ये सभी कफ वर्धक हैं | (अष्टांगहृदय ३.२६)*
🍃 *वसंत में मिठाई, सूखा मेवा, खट्टे-मीठे फल, दही, आईसक्रीम तथा गरिष्ठ भोजन का सेवन वर्जित है | इन दिनों में शीघ्र पचनेवाले, अल्प तेल व घी में बने, तीखे, कड़वे, कसैले, उष्ण पदार्थों जैसे- लाई, मुरमुरे, जौ, भुने हुए चने, पुराना गेहूँ, चना, मूँग , अदरक, सौंठ, अजवायन, हल्दी, पीपरामूल, काली मिर्च, हींग, सूरन, सहजन की फली, करेला, मेथी, ताजी मूली, तिल का तेल, शहद, गौमूत्र आदि कफनाशकपदार्थों का सेवन करें | भरपेट भोजन ना करें | नमक का कम उपयोग तथा १५ दिनों में एक कड़क उपवास स्वास्थ्य के लिए हितकारी है | उपवास के नाम पर पेट में फलाहार ठूँसना बुद्धिमानी नही है |*
➡ *विहार : ऋतु-परिवर्तन से शरीर में उत्पन्न भारीपन तथा आलस्य को दूर करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना, व्यायाम, दौड़, तेज चलना, आसन तथा प्राणायाम (विशेषकर सूर्यभेदी) लाभदायी है | तिल के तेल से मालिश कर सप्तधान उबटन से स्नान करना स्वास्थ्य की कुंजी है |*
🌷 *वसंत ऋतु के विशेष प्रयोग* 🌷
🔶 *१५ से २० नीम के पत्त ङतथा २-३ काली मिर्च १५-२० दिन चबाकर खाने से वर्षभर चर्मरोग, ज्वर, रक्तविकार आदि रोगों से रक्षा होती है |*
🔶 *अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसमें नींबू का रस और थोडा नमक मिला के सेवन करने से मंदाग्नि दूर होती है |*
🔶 *५ ग्राम रात को भिगोयी हुई मेथी सुबह चबाकर पानी पीने से पेट की गैस दूर होती है |*
🔶 *रीठे का छिलका पानी में पीसकर २-२ बूँद नाक में टपकाने से आधासीसी (सिर) का दर्द दूर होता है |*
🔶 *१० ग्राम घी में १५ ग्राम गुड़ मिलाकर लेने से सूखी खाँसी में राहत मिलती है |*
🔶 *१० ग्राम शहद, २ ग्राम सोंठ व १ ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम चाटने से बलगमी खाँसी दूर होती है |*
🔥 *सावधानी : मुँह में कफ आने पर उसे तुरंत बाहर निकाल दें | कफ की तकलीफ में अंग्रेजी दवाइयाँ लेने से कफ सूख जाता है, जो भविष्य में टी.बी., दमा, कैंसर जैसे गम्भीर रोग उत्पन्न कर सकता है | अतः कफ बढ़ने पर ? जकरणी जलनेति का प्रयोग करें (विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें आश्रम से प्रकाशित पुस्तक 'योगासन') |*
🙏🏻 - *Rishi Prasad Feb' 2013*
📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
TRN LIVE: एक तो मुझे ये गाँधी परिवार की क़ुरबानी वाली अवधारणा समझ नहीं आती।
कोई भी चुनाव हो... इनके चशमो चिराग तो यही गाते हैं कि हमारी दादी ने देश के लिए क़ुरबानी दी, हमारे पापा ने देश के लिए क़ुरबानी दी।
अरे भैया कौन सी क़ुरबानी... कौन सा बलिदान??
पंजाब में सब सही चल रहा था... अकाली दल को रोकने के लिए इंदिरा गाँधी एक विकल्प ढूंढ रही थी... फिर उन्हें भिंडरावाले मिला... उसको दिल्ली बुला कर बकायादा संजय गाँधी ने साक्षात्कार ले कर अपने काम के लिए तैयार किया।
फिर इनका प्यादा भिंडरावाले महत्वकांक्षी हो गया... ऊपर से पाकिस्तान ने भी उसके सर पर हाथ रख दिया... उसे ख़ालिस्तान का सपना दिखाया और फिर वह कांग्रेस के हाथों से निकल गया।
फिर उसे मरवाने के लिए स्वर्ण मंदिर पर चढ़ाई कर दी... सैंकड़ो सिख मारे गए... बाद में इस घटना का बदला लेने के लिए 2 सिख अंगरक्षकों ने इंदिरा गाँधी को मार दिया।
यह कोई क़ुरबानी या बलिदान नहीं था... खुद के कुकर्मो का फल था... जिन कुकर्मो के कारण 70-80 के दशक में हजारों हिन्दू मारे गए पंजाब में... और फिर 84 के दंगों के बाद हजारों सिख मारे गए... पंजाब आतंकवाद की आग में 2 दशक झुलसा रहा... जिसमें हजारों लोग मारे गए।
अपने कुकर्मो के कारण हत्या हो जाना देश के लिए क़ुरबानी नहीं होती।
रही बात राजीव गाँधी की... तो वह अपने और अपनी माँ द्वारा किये गए दुर्घटना के शिकार हुए।
वैसे तो श्रीलंका में आजादी के बाद से ही तमिल और स्थानीय आबादी सिंहली लोगों के बीच द्वन्द शुरू हो गया था... 70 के दशक में यह और भी उग्र हो गया... और फिर प्रभाकरण ने LTTE बनाया।
शीत युद्ध का जमाना था... भारत जहाँ सोवियत के खेमे में था... श्रीलंका अमेरिका के करीब था... ऐसे में इंदिरा गाँधी को लगा कि वह तमिल और सिंहली लोगों के इस मुद्दे को सुलझा कर इस क्षेत्र में बढ़त हासिल कर सकती हैं।
इसीलिए उन्होंने श्रीलंका सरकार और LTTE के बीच मध्यस्थता की... और भूटान की राजधानी में दोनों पक्ष के बीच बातचीत शुरू करवाई।
अब यहाँ इंदिरा गाँधी खेल कर गई... तमिलनाडु की कुछ पार्टियों को खुश करने और खुद की महत्वकांक्षा को पूरा करने के लिए उन्होंने LTTE के लड़ाकों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया था।
आपको जानकार आश्चर्य हो सकता है कि तमिलनाडु में LTTE के ढेरों प्रशिक्षण शिविर थे... जिसमें सबसे बड़ा था कोलाथुर का शिविर... इसके अतिरिक्त कर्नाटक, उत्तरप्रदेश (नैनीताल... तब नैनीताल UP में ही था) में भी प्रशिक्षण शिविर थे। प्रभाकरण बाकायदा RAW के अफसरों के साथ घूमता था... मैंने कहीं पढ़ा था कि वह महू के आर्मी प्रशिक्षण केंद्र भी गया था।
यह 80 के दशक के शुरुआत की बात है... LTTE दिन प्रतिदिन घातक होता चला गया... क्यूंकि उन्हें आर्मी स्तर का प्रशिक्षण और हथियार दिए जा रहे थे।
इंदिरा गाँधी की हत्या हुई... और उसके बाद खेल बिगड़ने लगा... राजीव गाँधी ने श्रीलंका सरकार और LTTE के बीच बात करवाई... लेकिन बात बनी नहीं। LTTE को लगने लगा था कि राजीव गाँधी उनके साथ खेल कर रहे हैं।
और जल्दी ही वह समय भी आया... जब इंदिरा गाँधी द्वारा पोषित LTTE का प्रभाकरण उनके बेटे का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया था।
राजीव गाँधी ने पीस कीपिंग फ़ोर्स भेज दी... बिना किसी तैयारी के... कश्मीर के पहाड़ो पर तैनात यूनिट को रातो रात श्रीलंका के जंगलो में तैनात किया गया... हमारे 1165 सैनिक मारे गए थे इस पूरी प्रक्रिया में।
और इसके बाद तो LTTE और भारतीय सरकार के रिश्ते बेहद ख़राब हो गए थे... जिसका परिणीति राजीव गाँधी की हत्या में हुई।
बताइये... क्या यह देश के लिए क़ुरबानी थी? या अपने कुकर्मो का फल 💯 #trendingpost #lovesong #stories #love #science #viralphoto #reelschallenge #viralvideoシ #mahabharat
TRN LIVE: *मैक्रों ने मुंबई के मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ की, 26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी*
* फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार तड़के मुंबई पहुंचे और उन्होंने अपने दिन की शुरुआत कोस्टल रोड के पास मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ के साथ की।
* मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों ने बाद में दक्षिण मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की।
*राष्ट्रपति मैक्रों की यह भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा है।*
*Macron jogs at Mumbai’s Marine Drive, pays homage to 26/11 attack victims*
* French President Emmanuel Macron arrived in Mumbai early on Tuesday and began his day by jogging at the iconic Marine Drive near the Coastal Road.
* He and First Lady Brigitte Macron later also paid floral tributes to those killed in the November 2008 terror attack at the Taj Mahal Palace Hotel
* Macron kicked off the day with a jog at the Marine Drive promenade.
*This is President Macron’s fourth visit to India and his first visit to Mumbai.*
TRN LIVE: NFHS डेटा की अनसुनी कहानी : हिंदू महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी और मुस्लिमों की नॉर्मल डिलीवरी का रहस्य!
2 मिनट समय निकालकर #Thread अंत तक अवश्य पढ़े।🧵👇
सवाल :- क्या आप ने कभी बुर्के वाली (मुस्लिम महिला) का डिलीवरी के वक्त जरूरत पड़ने पर किया जाने वाला सिजेरियन ऑपरेशन होते सुना है ?
भारत में पिछले कुछ वर्षों में सिजेरियन डिलीवरी (सी-सेक्शन) की दर तेजी से बढ़ी है। NFHS-5 (2019-2021) के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 21.5% बच्चे सिजेरियन से पैदा हुए, जो NFHS-4 (2015-16) के 17.2% से काफी अधिक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिश है कि सिजेरियन की दर 10-15% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे ऊपर ज्यादातर मामलों में कोई अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलता, बल्कि मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
लेकिन इस बढ़ोतरी के बीच एक गंभीर और चिंताजनक अंतर दिखता है— धार्मिक समुदायों के बीच।
विभिन्न अध्ययनों और NFHS-5 से निकले विश्लेषणों में देखा गया है कि हिंदू महिलाओं में सिजेरियन की दर मुस्लिम महिलाओं से आमतौर पर अधिक होती है। उदाहरण के लिए, दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में हिंदू महिलाओं में यह दर 47% तक पहुंची, जबकि मुस्लिम महिलाओं में 38.7% रही। कर्नाटक जैसे राज्यों में भी हिंदू महिलाओं में 31.6% और मुस्लिमों में 28.3% का अंतर दर्ज किया गया। उत्तर-पूर्व और अन्य क्षेत्रों में भी हिंदू महिलाओं में सिजेरियन अधिक देखा गया, जबकि मुस्लिम महिलाओं में सामान्य (नॉर्मल) डिलीवरी की प्रवृत्ति मजबूत रही।
एक बात और हिंदु महिलाओं में प्रग्नेंसी से लेकर डिलीवरी तक पहले महीने से लेकर आखिरी समय तक इलाज चालू रहता है। जिससे उनके सामने आर्थिक समस्याएं भी आती है ?
🤔 यह अंतर क्यों ?
इसका मुख्य कारण सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा है। सिजेरियन की दर सबसे ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में है— लगभग 47% तक, जबकि सरकारी अस्पतालों में सिर्फ 14%। प्राइवेट अस्पतालों में आर्थिक प्रोत्साहन, समय की कमी, और कभी-कभी अनावश्यक सर्जरी के दबाव के कारण यह दर बढ़ती है। हिंदू समुदाय में शिक्षा, शहरीकरण और आर्थिक स्थिति बेहतर होने से अधिक महिलाएं प्राइवेट सुविधाओं का इस्तेमाल करती हैं, जहां सिजेरियन की संभावना 3-4 गुना ज्यादा होती है। उच्च शिक्षा वाली, अमीर और शहरी महिलाओं में यह दर 40-50% तक पहुंच जाती है।
दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय में सामान्य डिलीवरी की दर अधिक रहती है। कई मामलों में कम खर्च वाली सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल, पारिवारिक समर्थन, और उच्च संख्या में बच्चे पैदा करने की सांस्कृतिक प्रवृत्ति के कारण शरीर की सहनशक्ति बनी रहती है।
यह अंतर सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है— यह एक गहरी चिंता का विषय है। हिंदू महिलाओं में सिजेरियन की अधिकता से शारीरिक कमजोरी, लंबा रिकवरी समय, आर्थिक बोझ और बच्चे पैदा करने के प्रति डर बढ़ता है। कई महिलाएं एक या दो बच्चे के बाद आगे बढ़ने से हिचकिचाती हैं। इससे परिवार छोटे होते हैं, और लंबे समय में आबादी पर असर पड़ता है। वहीं, जहां सामान्य डिलीवरी अधिक होती है, वहां महिलाएं शारीरिक रूप से मजबूत बनी रहती हैं और अधिक बच्चों को जन्म दे पाती हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सब संयोग है ? या फिर हमारे स्वास्थ्य तंत्र, प्राइवेट अस्पतालों की कमर्शियल सोच, और सामाजिक दबाव ने एक ऐसी स्थिति बना दी है जहां हिंदू महिलाएं अनावश्यक सर्जरी का शिकार हो रही हैं ? क्या शिक्षा और जागरूकता के नाम पर डर फैलाया जा रहा है, ताकि बच्चे कम हों ?
यह चिंताजनक है! हिंदू समाज को जागना होगा। सरकार, डॉक्टर, समाज और महिलाओं से अपील करनी होगी।
- प्राइवेट अस्पतालों में अनावश्यक C-section पर सख्त रेगुलेशन, ऑडिट और पारदर्शिता (जैसे mandatory justification)।
- सरकारी अस्पतालों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, ज्यादा डॉक्टर-नर्स, नॉर्मल डिलीवरी को प्रोत्साहन (प्रशिक्षण, incentives)।
- महिलाओं को सही जानकारी: C-section कब जरूरी (placenta previa, fetal distress आदि), कब नहीं। WHO गाइडलाइंस फॉलो करें।
- परिवार/समाज में प्रेग्नेंसी को नेचुरल प्रोसेस मानें, डर न फैलाएं।
- सभी महिलाओं (हर समुदाय) के स्वास्थ्य और प्रजनन अधिकारों के लिए जागरूकता अभियान—स्कूल, आंगनवाड़ी, सोशल मीडिया से।
- नीति स्तर पर: C-section दर पर राज्य-विशेष लक्ष्य, और प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप बेहतर बनाएं।
इस थ्रेड को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। चर्चा शुरू करें, सवाल पूछें और बदलाव लाएं। 🇮🇳🕉️
TRN LIVE: RSS ने 1951 में ही चीन से खतरें के बारे भारत को चेताया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे नजरअंदाज किया। जिसका नतीजा 1962 का युद्ध बना।
1950 के शुरुआती वर्षों में, जब कम्युनिस्ट चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया, उसी समय RSS के दूसरे सरसंघचालक एम. एस. गोलवलकर जी यानि गुरुजी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि चीन विस्तारवादी है और भारत उसका अगला टारगेट हो सकता है। फिर एक बार 1962 भारत-चीन के युद्ध से पूरे 11 साल पहले 1951 में गुरुजी ने कर्नाटक के शिवमोग्गा दौरे के दौरान भी पत्रकारों से कहा था कि चीन भारत के लिए सीधा सैन्य खतरा है।
TRN LIVE: *समझे कुछ ये कांग्रेसी लिब्रांडू क्यों बावला हुआ जा रहा है*
_अगर भारतीय टीम पाकिस्तान से हाथ मिला लेती तो,रवीश कुमार और पूरी कांग्रेस,सरे बाजार चीख चीखकर कह रहे होते,आखिर भारत घुटनों पर आ ही गया पाकिस्तान की टीम से हाथ मिलाकर_
_*मोदी के नेतृत्व* से दुश्मनी के चक्कर में_
_कांग्रेस *भारत का सिर्फ सर्वनाश* चाहती है_
*चाहे पाकिस्तान से हाथ मिलाकर, या पाकिस्तान से मैच हार कर, किसी भी तरह भारत का बुरा हो, बस यही कांग्रेस की मंशा है*
_How To School A Woke Librandu Like RUBBISH 🥱🥱🥱_
TRN LIVE: *मैक्रों ने मुंबई के मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ की, 26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी*
* फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार तड़के मुंबई पहुंचे और उन्होंने अपने दिन की शुरुआत कोस्टल रोड के पास मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ के साथ की।
* मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों ने बाद में दक्षिण मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की।
*राष्ट्रपति मैक्रों की यह भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा है।*
*Macron jogs at Mumbai’s Marine Drive, pays homage to 26/11 attack victims*
* French President Emmanuel Macron arrived in Mumbai early on Tuesday and began his day by jogging at the iconic Marine Drive near the Coastal Road.
* He and First Lady Brigitte Macron later also paid floral tributes to those killed in the November 2008 terror attack at the Taj Mahal Palace Hotel
* Macron kicked off the day with a jog at the Marine Drive promenade.
*This is President Macron’s fourth visit to India and his first visit to Mumbai.*
TRN LIVE: *🌴१६ फरवरी २०२६ सोमवार 🌴*
*//फाल्गुन कृष्णपक्ष चतुर्दशी२०८२//*
➖➖➖➖‼️➖➖➖➖
*‼️ऋषि चिंतन ‼️*
➖➖➖➖‼️➖➖➖➖
*"चिंतन", "चरित्र" "धन" से श्रेष्ठ है*
➖➖➖➖‼️ ➖➖➖➖
👉 *"जीवन" एक बहुमूल्य फर्म है।* इसमें भी प्रत्यक्ष साधनों का ही महत्त्व दीखता है। मोटी परख उतना ही पकड पाती है। भगवान का दिया हुआ सौंदर्य, पूर्वजों का छोड़ा हुआ धन, बैंक का सहयोग, उपयुक्त स्थान पर दुकान, कुशल कर्मचारी आदि का श्रेय संयोगों को ही दिया जा सकता है। *व्यक्तित्व को श्रेय तब मिलता है. जब अनायास उपलब्ध हुए साधन हाथ में न होते और अपनी ही सूझ-बूझ अथवा दौड़-धूप से सारा सरंजाम जुटाया गया होता। महामानवों के छोटे काम भी उनके यश को अजर-अमर बना देते हैं,* जबकि धन-कुबेरों का आकाश-पाताल जितना खर्च किया हुओ लगाया गया धन लोगों की आँखों तले नहीं आता, क्योंकि *मानवी विवेक बुद्धि यह पहचानती है कि साधनों का बाहुल्य और व्यक्तित्व का स्तर इन दोनों के बीच क्या अंतर होता है और दोनों में से किसे कितनी श्रद्धा, सराहना मिलनी चाहिए।*
👉 *प्रसंग मानव जीवन के गौरव का है।* जिसे अधिक साधन, सरंजाम, पद, सम्मान प्राप्त है, वह चमड़े की आँखों को ही चकाचौंध में डाल सकता है, उसे उसका सौभाग्य भी कहा जा सकता है, पर *जिनके पास सूक्ष्म बुद्धि है, विवेक दृष्टि है, वह मात्र एक ही बात देखता है कि कर्त्ता के "निजी व्यक्तित्व" की "उत्कृष्टता" का उसमें कितना समावेश हुआ है।*
👉 *साधन जड़ है और कौशल चेतना।* साधन जमा कर लेना और उनसे बनी गाड़ी को पटरी पर लुढ़का देना किसी के लिए भी सरल है, किंतु अपनी आंतरिक उत्कृष्टता की छाप किसी पर छोड़ना सर्वथा दूसरी। *व्यक्तित्व के चिंतन, चरित्र और व्यवहार में जितनी उत्कृष्टता और प्रामाणिकता होती है, उसी अनुपात से अन्यान्यों की अंतरात्मा तक गहरी छाप पड़ती है।* इसी आधार पर प्राप्त हुई सफलता अभिनंदनीय और अनुकरणीय बनती है। *हर काम में आकर्षण और दबाव आते हैं। इनसे विचलित न होना और उत्कृष्टता को हर कीमत पर बनाए रहना, सामान्य काम नहीं है।* असफलताएँ, विपरीत परिस्थितियाँ और आक्रामक प्रतिकूलताएँ विशेषतया आदर्शवादी जीवनचर्या के साथ छेड़खानी करती रहती हैं। कभी-कभी तो वे इतनी भारी और विकट होती हैं कि आदमी को हताश, उद्विग्न कर देती हैं। कभी ऐसी होती हैं कि दूसरे दुनियाँदारों की तरह ओछे हथकंडों पर उतर कर किसी तरह काम चलाना पड़ता है। *ऐसे ही अवसर परीक्षा की घड़ी होते हैं। यह आग से खेलना है।* इस भट्टी में से खरा सोना ही पास होता है।
👉 *आदर्शवादी जीवन को विशेषतया ऐसी प्रतिकूलताओं का सामना करना पड़ता है।* उनसे पार होना सिद्धांतवादी हिम्मत और दृढ़ता का काम है। *वह न हो तो घाटा सहकर, मुसीबत में पैर जमाए रहना हर किसी का काम नहीं है।* यह मात्र चरित्रवानों के लिए ही संभव है। *चरित्र का अर्थ है-महान् मानवीय उत्तरदायित्वों की गरिमा को समझना और उसका हर कीमत पर निर्वाह करना।*
➖➖➖➖‼️➖➖➖➖
*मानव जीवन - एक बहुमूल्य उपहार पृष्ठ ५* *CODE VN 40*
*🍁।।पं श्रीराम शर्मा आचार्य।।🍁*
➖➖➖‼️➖➖➖➖
TRN LIVE: यह वीडियो वरिष्ठ पत्रकार शाजिया इल्मी ने पोस्ट करते हुए कहा है कि वे जब पुराने विडिओ देख रही थी तब उन्हें गैलरी में यह वीडियो मिला,
उन्होंने लिखा है, यह मेरी पत्रकारिता के शुरुआती दौर की तस्वीरें हैं, उस समय मीडिया पर बहुत दबाव था और ज्यादातर न्यूज अकबर रोड से तय होती थी, बड़े-बड़े पत्रकार अक्सर सिर्फ सोनिया जी के दरबार में “हाजरी” लगाने जाते थे, इस वीडियो में आप स्वयं देख सकते हैं कि सोनिया गांधी के बंगले के लॉन में खड़े होकर मनमोहन सिंह सोनिया गांधी का इंतजार कर रहे हैं, फिर जैसे ही सोनिया गांधी बाहर आती हैं प्रभु चावला से लेकर शेखर गुप्ता तक सारे पत्रकार सोनिया को घेर लेते हैं और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चुपचाप एक किनारे खड़े रहते हैं और सोनिया भारत की महारानी की तरह सबसे परिचय करती है सबसे मिलती है।
10 साल का वो काला दौर जब भारत के प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद को लगातार अपमानित किया गया, क्या तब संविधान खतरे में नहीं था...???
TRN LIVE: *लव जिहाद में फंसी एक हिंदू लड़की ने बताया लव जिहाद का एक ऐसा घिनौना सच जो हर हिंदू लड़की को जानना बहुत जरूरी है ,और अगर वो लव जिहाद में फंसी है तो एक बार सारे पक्षों को किनारे रख कर ठंडे दिमाग से इन सब बातों पर विचार करे क्या उसके साथ भी ऐसा कुछ तो नहीं हो रहा है और सावधानी से कदम उठाते हुए ,उस जिहादी के खिलाफ कदम उठाए जिससे दूसरी हिंदू लड़कियों को बचाया जा सके।*
TRN LIVE: *मानसिक आरोग्य का आधार*
--------
*👉शरीर रोगी होने से देह दुख पाती है; मन रोगी होने पर हमारा अन्तःकरण नरक की आग में झुलसता रहता है। कई व्यक्ति देह से तो निरोग दीखते हैं पर भीतर ही भीतर इतने अशान्त और उद्विग्न रहते हैं कि उनका कष्ट रोगग्रस्तों से भी कहीं अधिक दिखाई पड़ता है। ईर्ष्या द्वेष, क्रोध, प्रतिशोध की आग में जो लोग जलते रहते हैं उन्हें आग से जलने पर छाले पड़े हुए रोगी की अपेक्षा अधिक अशान्ति और उद्विग्नता रहती है।*
*👉घाटा, अपमान, भय, आशंका, चिन्ता, शोक, असफलता, निराशा आदि कारणों से खिन्न बने हुए मन में इतनी गहरी व्यथा होती है कि उससे छूटने के लिए कई तो आत्म-हत्या तक कर बैठते हैं और कइयों से उसी उद्वेग में ऐसे कुकृत्य बन पड़ते हैं जिनके लिए उन्हें जीवन भर पश्चात्ताप करना पड़ता है। ओछी तबियत के कुछ आदमी हर किसी को बुरा समझने, हर किसी में बुराई ढूँढ़ने के आदी होते हैं, उन्हें बुराई के अतिरिक्त और कुछ कहीं भी-दीख नहीं पड़ता। ऐसे लोगों को यह दुनिया काली डरावनी रात की तरह और हर आदमी प्रेत-पिशाच की तरह भयंकर आकृति धारण किये चलता-फिरता नजर आता है। इस प्रकार की मनोभूमि के लोगों की दयनीय दशा का अनुमान लगाने में भी व्यथा होती है।*
*👉क्रूर, निर्दयी, अहंकारी, उद्दंड, दस्यु, तस्कर, ढीठ, अशिष्ट, गुंडा प्रकृति के लोगों के शिर पर एक प्रकार का शैतान हर घड़ी चढ़ा रहता है। नशे में मदहोश उन्मत्त की तरह उनकी वाणी, क्रिया एवं चेष्टाएँ होती हैं। कुछ भी आततायीपन वे कर गुजर सकते हैं। तिल को ताड़ समझ सकते हैं, खटका मात्र सुनकर क्रुद्ध विषधर सर्प की तरह वे किसी पर भी हमला कर सकते हैं। ऐसी पैशाचिक मनोभूमि के लोगों के भीतर श्मशान जैसी प्रतिहिंसा और दर्प की आग जलती हुई प्रत्यक्ष देखी जा सकती है।*
*✍️परमपूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य*
*📖 अखण्ड ज्योति जनवरी 1962*
TRN LIVE: सिर्फ ये पीला हिस्सा भारत के पास है, जिसे बचाने के लिए 1947 से स्थाई रूप से सेना अपना बलिदान दे रही है,,बाकी हरा और लाल हिस्सा तो कांग्रेस पार्टी के नेता और स्वयं को भारत रत्न देने वाले देश के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरूजी ने 1947 और 1962 को, पाकिस्तान और चीन को खुशी खुशी सौप कर, अपने अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया था,,इतना ही नही 1971 में जब हम पाकिस्तानियों से जीत कर,,उनके 90000 सैनिकों को बंदी बनाये थे, तब भी कोई कोशिश नही की गई POK को वापस लेने की। उसके बाद भी इतने साल सत्ता में रहने वाली पार्टी ने कोई कोशिश नही की इन भूखंडों को वापस लेने की और आज यही लोग वर्तमान सरकार पर सवाल उठा रहे हैं,,,😏
TRN LIVE: *🕉️श्रीमद्भगवद्गीता*
*श्लोक १६-५ पर विशेष बात - १२*
आसुरी-सम्पत्ति आगन्तुक है। दुर्गुण-दुराचार बिलकुल ही आगन्तुक हैं। कोई आदमी प्रसन्न रहता है, तो लोग ऐसा नहीं कहते कि तुम प्रसन्न क्यों रहते हो? पर कोई आदमी दु:खी रहता है, तब कहते हैं कि दु:खी क्यों रहते हो? क्योंकि प्रसन्नता स्वाभाविक है और दु:ख अस्वाभाविक (आगन्तुक) है। इसलिये अच्छे आचरण करनेवालेको कोई नहीं कहता कि तुम अच्छे आचरण क्यों करते हो? पर बुरे आचरणवालेको सब कहते हैं कि तुम बुरे आचरण क्यों करते हो? अत: सद्गुण-सदाचार स्वत: रहते हैं और दुर्गुण-दुराचार संगसे आते हैं, इसलिये आगन्तुक हैं।
*स्त्रोत - साधक संजीवनी*, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज द्वारा रचित
*जय श्रीकृष्ण*
TRN LIVE: *🕉️सब वस्तुएँ प्राणियोंकी सेवाके लिये*
*याद रखो—* जो कुछ तुम्हारे पास है, सब भगवान् का है। जगत् के सारे प्राणियोंके रूपमें भगवान् ही लीला कर रहे हैं। इसलिये तुम्हारे पास जो कुछ है, सबपर सारे प्राणियोंका स्वामित्व है। भगवान् की चीज भगवान् की सेवामें लगे और उसमें तुम निमित्त बनो, यह तो तुम्हारे लिये परम सौभाग्यकी बात है।
तुम यदि इस प्रकार भगवद्भावसे भगवान् की सेवामें अपनी सम्पत्ति और सुख-सुविधाको उन्हींकी वस्तु मानकर लगा दोगे तो तुम्हारा जीवन भगवत्पूजामय हो जायगा।
*- परम पूज्य "भाईजी” श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार*
TRN LIVE: *🕉️सभी सत्संग प्रेमियों को प्रेम से राधे राधे 🙏🙏🌹🌹*
*आइए सत्संग आरंभ करे श्री जी की कृपा से🙏🙏🌹🦚*
श्यामा प्यारी प्यारी कुंज बिहारी जय जय श्री हरिदास दुलारी....श्यामा प्यारी प्यारी जय श्री हरिदास दुलारी....जय जय श्री हरिदास दुलारी श्यामा प्यारी प्यारी कुंज बिहारी जय जय श्री हरिदास दुलारी....🙇♀️🙌
*भक्तों के भगवान....भगवान के प्यारे भक्त....श्री भक्त चरित्र*...🙇♀️
*परम पूज्य संत, भक्त श्री राधावल्लभ शरण जी महाराज (दंडवती बाबा)*🙇♀️
संत जन कहते है 🙇♀️सत्संग,सेवा,सुमिरन....ये भक्ति में किए जाने वाले पुरुषार्थ है जैसे संसारी संसार में रहकर संसार,, सांसारिक सुविधाओं को भरने के लिए शरीर से मेहनत करता है प्रयास करता है खूब शरीर को दिन रात खपाता है ठीक उसी प्रकार से....एक आध्यात्मिक साधक भक्त ...भी आत्मा में परमात्मा को भरने के लिए मेहनत करता है शरीर को खूब खपाता है पुरुषार्थ करता है सत्संग के माध्यम से खूब हरि चर्चा सदुपदेश श्रवण करता है उनका चिंतन करता है मनन करता है....
शरीर को एकाग्रचित्त करके बैठाता है कथा में सत्संग में कीर्तन में हरिचर्चा श्रवण में हाथों से ताली भी बजाता है ढोलक मंजीरा भी बजाता है खड़ताल भी बजाता है नृत्य भी करता है ये सब सत्संग के माध्यम से किए जाने वाले पुरुषार्थ ही कहलाते है
अंतर केवल इतना है कि संसारी द्वारा जो कुछ भी मेहनत मशक्कत की जाती है संसार को भरने के लिए वह सब मात्र शारीरिक श्रम बनकर ही यहां रह जाती है उसके साथ परलोक में नहीं जाती
अतः उसका पुरुषार्थ संसार के लिए तो प्रशंसनीय हो सकता है लेकिन उसका अलौकिक लाभ उसे कभी नहीं मिल सकता
जो लाभ एक साधक को एक भक्त को मिला करता है
कीर्तन में बैठकर यदि कुछ देर ताली भी बजाई है किसी भक्त ने तो उसकी यह मेहनत भी रंग लाती है.... शरीर छूटने पर उसके आगे की यात्रा में अच्छे लोको के लिए ये मेहनत उसके काम में आएगी
*धर्मराज जब लेखा मांगे क्या मुख लेके जायेगा मन राम सिमर ....पछताएगा*
भक्त जन प्रेमी जन गाते है न..
तो भगवान के लिए जरा सा भी यदि इस शरीर से कुछ करेंगे तो आगे उसका लाभ मिलता है शरीर के न रहने पर भी.... इसीलिए तो संत महात्मा लोग निरंतर माला को घिसटाते रहते है झोली में डाले हुए हाथों से.... जैसे कोई व्यापारी नोट गिनती करता है न ऐसे ही संत माला करते रहते है नोट गिनती करते समय बाहर की ओर उंगली चलती है जबकि माला के मनके सरकाते समय भीतर की ओर उंगली चलती है
समझने का अर्थ है कि भौतिक धन यही रह जाएगा बाहर और आध्यात्मिक धन भीतर भरकर साथ में जायेगा....
सेवा के माध्यम से जो कुछ भी भक्त करते है वह सब पुरुषार्थ भी उनका व्यर्थ नहीं जाता
चाहे भगवान की सेवा हो मंदिर की सेवा हो भक्त संतो की सेवा हो ...
और सुमिरन के माध्यम से भी जो स्वास भगवान को याद करने में लगाई जाती है एक भी उनमें से व्यर्थ नहीं जा सकती ये बिल्कुल पक्की बात है
एक एक स्वास वहा दर्ज हो रही है जो जो भगवान का स्मरण करने में खर्च हो रही है जबकि जो जो स्वास संसार का स्मरण करने में खर्च हो रही है...
सब की सब व्यर्थ... बिल्कुल बेकार जा रही है...
मरने के बाद एक एक स्वास का हिसाब होता है जो जीते जी हमने ली थी यदि भगवद स्मरण भगवद चिंतन सत चिंतन में हमने स्वास खर्च की होंगी तभी आगे का हिसाब ठीक रहेगा अन्यथा तो नर्क तैयार ही है... भगवान ने स्वयं गीता जी में कहा है कि जो अपने मनुष्य जीवन में अपनी कीमती स्वासो का सदुपयोग नहीं करता उसे मै नर्क में डालता हू
क्यों....क्योंकि नर्क से उठाकर भगवान ही एक अवसर दिया करते है जीव को....
*कबहुक करि करुणा नर देही....देत ईस बिनु हेतु सनेही....*
भगवान ही ये सुअवसर देते है लेकिन जब जीव उसका दुरुपयोग करता है तो फिर भगवान ही उठाकर उसे पुनः नर्क में भेज देते है
अतः यदि सत्संग है जीवन में तो जब समझ में आ जाए ये सारी बाते तभी से करवट बदल लेनी चाहिए अन्यथा बहुत बुरी बीतेगी....😒
परम पूज्य श्री दंडवती बाबा जी ने🙇♀️आजीवन खूब पुरुषार्थ किया लेकिन संसार के लिए नहीं परमात्मा के लिए किया अपना मनुष्य जन्म ,, मनुष्य शरीर सब सार्थक कर लिया उन्होंने...
लगभग 70 वर्ष की आयु थी बाबा की जब उनकी वृंदावन धाम की दंडवती परिक्रमा पूर्ण हुई ...
संत जन कहते है 🙇♀️अब ठाकुर जी भी चाहते थे कि बाबा ने खूब सेवा उनकी कर ली है.... दंडवती परिक्रमा लगातार करते हुए अतः अब उन्हें रोकना होगा यही कारण था कि मात्र आधा किलोमीटर परिक्रमा जब रह गई थी वृंदावन की दंडवती... दंडवती बाबा की.... तो अब बाबा को हृदय संबंधी थोड़ा कष्ट होने लगा था.... चूंकि लगातार 27 वर्षों से दंडवती परिक्रमा करते आ रहे थे बाबा...
शरीर भी तो शरीर ही है पंच भूत से बना हुआ कभी तो ये जवाब देता ही है आजकल तो छोटी छोटी आयु में लोगो को कितने रोग शरीर के हो जाया करते है शरीर जवाब दे देता है
बाबा जी ने कितना कठिन पुरुषार्थ किया हुआ था इस शरीर से अब वृद्धावस्था भी थी कुछ ठाकुर जी की इच्छा भी थी इसी से ऐसा हुआ लेकिन बाबा ने अपनी दंडवती परिक्रमा तो पूर्ण की ही.....
चाहे धीरे धीरे लेकिन उस आधा किलोमीटर को भी पूरे भाव के साथ बाबा ने और दंडवती परिक्रमा की भांति ही पूर्ण किया....
तत्पश्चात पुनः बाबा ने संतो का भंडारा किया जैसा हर बार किया करते थे अनुष्ठान की पूर्णता पर....
अब बाबा स्वयं भी समझ गए श्री जी ठाकुर जी की कृपा से कि अब केवल बैठकर ही एक स्थान पर.... इस शरीर से भजन हो सकता है और कुछ इस शरीर से नहीं हो सकता लेकिन भजन तो अनिवार्यता है सो बैठे बैठे एक ही स्थान पर अब भजन करेंगे इसके लिए वृंदावन में ही सुखदा भक्ति आश्रम में.... बाबा ने अपने साधकों के सहयोग से एक कमरा क्रय कर लिया.... खरीद लिया छोटा सा एक कमरा वह भी इस शर्त के साथ कि उनके शरीर छूट जाने पर यह कमरा पुनः आश्रम को समर्पित कर दिया जाएगा उनके नाम से इसे नहीं रखा जाएगा... सच्चे संत की यही पहचान होती है कि अपनी वसीयत के रूप में अपने भजन को छोड़कर और कुछ वे छोड़कर नहीं जाते है जैसे स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज कहा करते थे🙇♀️
कि मैने जो कुछ कहा वही मेरी वसीयत साधकों के काम में आवेगी।
यहां से आगे की सत्संग वार्ता अब कल होगी श्री जी की कृपा से🙇♀️🙌🙏
*चिंतन मनन अवश्य कीजिए कृपया सभी साधक जन🙇♀️🙏*
*आज का भाव श्री जी के चरणो में निवेदन करते हुए सभी को प्रेम से राधे राधे 🙏🙏🌹🌹🙇♀️🙇♀️*
TRN LIVE: "🕉️जिन्ह कें रही भावना जैसी। प्रभु मूरति तिन्ह देखी तैसी।।"
'तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः' - भक्तके द्वारा प्रेमपूर्वक दिये गये उपहारको भगवान् स्वीकार ही नहीं कर लेते, प्रत्युत उसको खा लेते हैं - 'अश्नामि'। जैसे, पुष्प सूँघनेकी चीज है, पर भगवान् यह नहीं देखते कि यह खानेकी चीज है या नहीं; वे तो उसको खा ही लेते हैं। उसको आत्मसात् कर लेते हैं, अपनेमें मिला लेते हैं। इससे यह सिद्ध हुआ कि भक्तका देनेका भाव रहता है, तो भगवान् का भी लेनेका भाव हो जाता है। भक्तमें भगवान् को खिलानेका भाव आता है, तो भगवान् को भी भूख लग जाती है!
'प्रयतात्मनः' का तात्पर्य है कि जिसका अन्तःकरण भगवान् में तल्लीन हो गया है, जो केवल भगवान् के ही परायण है, ऐसे प्रेमी भक्तके दिये हुए उपहार-(भेंट-) को भगवान् स्वयं खा लेते हैं।
यहाँ पत्र, पुष्प, फल और जल - इन चारोंका नाम लेनेका तात्पर्य यह है कि पत्र, पुष्प और फल - ये तीनों जलसे पैदा होनेके कारण जलके कार्य हैं और जल इनका कारण है। इसलिये ये पत्र, पुष्प आदि कार्य-कारणरूप मात्र पदार्थोंके उपलक्षण हैं; क्योंकि मात्र सृष्टि जलका कार्य है और जल उसका कारण है। अतः मात्र पदार्थोंको भगवान् के अर्पण करना चाहिये।
इस श्लोकमें 'भक्त्या' और 'भक्त्युपहृतम्' - इस रूपमें 'भक्ति' शब्द दो बार आया है। इनमें 'भक्त्या' पदसे भक्तका भक्तिपूर्वक देनेका भाव है और 'भक्त्युपहृतम्' पद भक्तिपूर्वक दी गयी वस्तुका विशेषण है। तात्पर्य यह हुआ कि भक्तिपूर्वक देनेसे वह वस्तु भक्तिरूप, प्रेमरूप हो जाती है, तो भगवान् उसको आत्मसात् कर लेते हैं; अपनेमें मिला लेते हैं; क्योंकि वे प्रेमके भूखे हैं।
[विशेष बात] इस श्लोकमें पदार्थोंकी मुख्यता नहीं है, प्रत्युत भक्तके भावकी मुख्यता है; क्योंकि भगवान् भावके भूखे हैं; पदार्थोंके नहीं। अतः अर्पण करनेवालेका भाव मुख्य (भक्तिपूर्ण) होना चाहिये। जैसे, कोई अत्यधिक गुरुभक्त शिष्य हो, तो गुरुकी सेवामें उसका जितना समय, वस्तु, क्रिया लगती है, उतना ही उसको आनन्द आता है, प्रसन्नता होती है। इसी तरह पतिकी सेवामें समय, वस्तु, क्रिया लगनेपर पतिव्रता स्त्रीको बड़ा आनन्द आता है; क्योंकि पतिकी सेवामें ही उसको अपने जीवनकी और वस्तुकी सफलता दीखती है। ऐसे ही भक्तका भगवान् के प्रति प्रेम-भाव होता है, तो वस्तु चाहे छोटी हो या बड़ी हो, साधारण हो या कीमती हो, उसको भगवान् के अर्पण करनेमें भक्तको बड़ा आनन्द आता है। उसका भाव यह रहता है कि वस्तुमात्र भगवान् की ही है। मेरेको भगवान् ने सेवा-पूजाका अवसर दे दिया है - यह मेरेपर भगवान् की विशेष कृपा हो गयी है! इस कृपाको देख-देखकर वह प्रसन्न होता रहता है।
भावपूर्वक लगाये हुए भोगको भगवान् अवश्य स्वीकार करते हैं, चाहे हमें दीखे या न दीखे। इस विषयमें एक आचार्य कहते थे कि हमारे मन्दिरमें दीवालीसे होलीतक अर्थात् सरदीके दिनोंमें ठाकुरजीको पिस्ता, बादाम, अखरोट, काजू, चिरौंजी आदिका भोग लगाया जाता था; परन्तु जब यह बहुत मँहगा हो गया, तब हमने मूँगफलीका भोग लगाना शुरू कर दिया। एक दिन रातमें ठाकुरजीने स्वप्नमें कहा - 'अरे यार! तू मूँगफली ही खिलायेगा क्या?' उस दिनके बाद फिर मेवाका भोग लगाना शुरू कर दिया। उसको यह विश्वास हो गया कि जब ठाकुरजीको भोग लगाते हैं, तब वे उसे अवश्य स्वीकार करते हैं।
भोग लगानेपर जिन वस्तुओंको भगवान् स्वीकार कर लेते हैं, उन वस्तुओंमें विलक्षणता आ जाती है अर्थात् उन वस्तुओंमें स्वाद बढ़ जाता है, उनमें सुगन्ध आने लगती है; उनको खानेपर विलक्षण तृप्ति होती है, वे चीजें कितने ही दिनोंतक पड़ी रहनेपर भी खराब नहीं होतीं; आदि-आदि। परन्तु यह कसौटी नहीं है कि ऐसा होता ही है। कभी भक्तका ऐसा भाव बन जाय तो भोग लगायी हुई वस्तुओंमें ऐसी विलक्षणता आ जाती है - ऐसा हमने सन्तोंसे सुना है।
मनुष्य जब पदार्थोंकी आहुति देते हैं तो वह यज्ञ हो जाता है; चीजोंको दूसरोंको दे देते हैं तो वह दान कहलाता है, संयमपूर्वक अपने काममें न लेनेसे वह तप हो जाता है और भगवान् के अर्पण करनेसे भगवान् के साथ योग (सम्बन्ध) हो जाता है - ये सभी एक 'त्याग' के ही अलग-अलग नाम हैं।
।।आचार्य डॉ0 विजय शंकर मिश्र:।।
TRN LIVE: 🕉️निर्वाण – मोक्ष ।
निर्वाण: एक आध्यात्मिक धारणा है।
निर्वाण बौद्ध धर्म में एक महत्वपूर्ण धारणा है, जिसका अर्थ है "विलुप्त होना" या "मुक्ति"। यह एक ऐसी स्थिति है जहां व्यक्ति अपने आप को संसार के बंधनों से मुक्त कर लेता है और अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त कर लेता है।
निर्वाण को निम्नलिखित रूपों में व्याख्या किया जा सकता है:
1.विलुप्त होना: निर्वाण का अर्थ है अपने आप को संसार के बंधनों से मुक्त करना, जैसे कि कामना, द्वेष, और अज्ञान।
2. मुक्ति: निर्वाण मुक्ति की स्थिति है, जहां व्यक्ति अपने आप को संसार के चक्र से मुक्त कर लेता है।
3. शांति: निर्वाण शांति की स्थिति है, जहां व्यक्ति अपने आप को संसार के तनाव और दुख से मुक्त कर लेता है।
4. ज्ञान: निर्वाण ज्ञान की स्थिति है, जहां व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त कर लेता है।
निर्वाण प्राप्त करने के लिए, बौद्ध धर्म में आठ अंगों का मार्ग बताया गया है:
1. सम्यक दृष्टि: सही दृष्टिकोण रखना
2. सम्यक संकल्प: सही संकल्प रखना
3. सम्यक वाक: सही वाणी बोलना
4. सम्यक कर्म: सही कर्म करना
5. सम्यक जीविका: सही जीविका कमाना
6. सम्यक व्यायाम: सही प्रयास करना
7. सम्यक स्मृति: सही स्मृति रखना
8. सम्यक समाधि: सही ध्यान करना
इन आठ अंगों का पालन करके, व्यक्ति निर्वाण प्राप्त कर सकता है।।
मोक्ष एक आध्यात्मिक धारणा है, जिसका अर्थ है "मुक्ति" या "विलुप्त होना"। यह एक ऐसी स्थिति है जहां व्यक्ति अपने आप को संसार के बंधनों से मुक्त कर लेता है और अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त कर लेता है।
मोक्ष के प्रकार
1. जीवनमुक्ति: यह मोक्ष की स्थिति है, जहां व्यक्ति अपने जीवनकाल में ही संसार के बंधनों से मुक्त हो जाता है।
2. विदेहमुक्ति: यह मोक्ष की स्थिति है, जहां व्यक्ति अपने शरीर से मुक्त हो जाता है और अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त कर लेता है।
3. सालोक्यमुक्ति: यह मोक्ष की स्थिति है, जहां व्यक्ति परमात्मा के साथ एक ही लोक में रहता है।
4. सामीप्यमुक्ति: यह मोक्ष की स्थिति है, जहां व्यक्ति परमात्मा के समीप रहता है।
5. सारूप्यमुक्ति: यह मोक्ष की स्थिति है, जहां व्यक्ति परमात्मा के समान रूप धारण कर लेता है।
6. सायुज्यमुक्ति: यह मोक्ष की स्थिति है, जहां व्यक्ति परमात्मा के साथ एक हो जाता है।
मोक्ष प्राप्त करने के लिए, व्यक्ति को अपने आप को संसार के बंधनों से मुक्त करना होता है और अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त करना होता है। इसके लिए, व्यक्ति को निम्नलिखित बातों का पालन करना होता है:
1.ज्ञान: व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप को जानना होता है।
2. भक्ति: व्यक्ति को परमात्मा के प्रति भक्ति रखनी होती है।
3. कर्म: व्यक्ति को अपने कर्मों को शुद्ध करना होता है।
4. ध्यान: व्यक्ति को ध्यान के द्वारा अपने मन को शुद्ध करना होता है।
5. वैराग्य: व्यक्ति को संसार के प्रति वैराग्य रखना होता है।
इन बातों का पालन करके, व्यक्ति मोक्ष प्राप्त कर सकता है।
निर्वाण और मोक्ष में कई समानताएं हैं।
1.मुक्ति की अवधारणा: दोनों ही मुक्ति की अवधारणा को दर्शाते हैं। निर्वाण और मोक्ष दोनों आत्मा को संसार के बंधनों से मुक्त करने की बात कहते हैं।
2. आध्यात्मिक अनुभव: दोनों ही आध्यात्मिक अनुभव के माध्यम से प्राप्त होने वाली स्थिति है। निर्वाण और मोक्ष दोनों ज्ञान और ध्यान के माध्यम से प्राप्त होने वाली स्थिति है।
3. संसार से मुक्ति: दोनों ही संसार के बंधनों से मुक्ति की बात कहते हैं। निर्वाण और मोक्ष दोनों संसार के चक्र से मुक्ति की बात कही गई है।
4. शांति और आनंद: दोनों ही शांति और आनंद की स्थिति है। निर्वाण और मोक्ष दोनों शांति और आनंद की प्राप्ति की बात कही गई है।
5. आत्म-ज्ञान: दोनों ही आत्म-ज्ञान के माध्यम से प्राप्त होने वाली स्थिति है। निर्वाण और मोक्ष दोनों आत्म-ज्ञान के माध्यम से प्राप्त होने वाली स्थिति है।
निर्वाण और मोक्ष में कई समानताएं हैं, जो आध्यात्मिक अनुभव, संसार से मुक्ति, शांति और आनंद, और आत्म-ज्ञान पर जोर देते हैं।
निर्वाण और मोक्ष में कुछ अंतर भी हैं
- परिभाषा: निर्वाण बौद्ध धर्म में एक विशिष्ट धारणा है, जबकि मोक्ष हिंदू धर्म में एक व्यापक धारणा है।
- मार्ग: निर्वाण के लिए बौद्ध धर्म में अर्हत पद की प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, जबकि मोक्ष के लिए हिंदू धर्म में कई मार्ग बताए गए हैं जो हैं।
1. ज्ञान मार्ग: यह मार्ग ज्ञान और आत्म-ज्ञान के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग है। इसमें व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप को जानने और परमात्मा के साथ एकता का अनुभव करने का प्रयास करना होता है।
2. भक्ति मार्ग: यह मार्ग भक्ति और प्रेम के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग है। इसमें व्यक्ति को परमात्मा के प्रति भक्ति और प्रेम रखना होता है और उनके साथ एकता का अनुभव करना होता है।
3. कर्म मार्ग: यह मार्ग कर्म और सेवा के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग है। इसमें व्यक्ति को अपने कर्मों को शुद्ध करना होता है और दूसरों की सेवा करनी होती है।
4. राज योग मार्ग: यह मार्ग ध्यान और योग के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग है। इसमें व्यक्ति को अपने मन और शरीर को नियंत्रित करना होता है और परमात्मा के साथ एकता का अनुभव करना होता है।
5. हठ योग मार्ग: यह मार्ग शरीर और मन को नियंत्रित करने के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग है। इसमें व्यक्ति को अपने शरीर और मन को शुद्ध करना होता है और परमात्मा के साथ एकता का अनुभव करना होता है।
6. तंत्र मार्ग: यह मार्ग तंत्र और मंत्र के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग है। इसमें व्यक्ति को अपने मन और शरीर को नियंत्रित करना होता है और परमात्मा के साथ एकता का अनुभव करना होता है।
इन मार्गों में से कोई भी मार्ग चुनकर व्यक्ति मोक्ष प्राप्त कर सकता है, लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि मोक्ष का मार्ग आसान नहीं है और इसके लिए व्यक्ति को अपने जीवन को पूरी तरह से बदलना होता है।
- उद्देश्य: निर्वाण का उद्देश्य संसार के चक्र से मुक्ति है, जबकि मोक्ष का उद्देश्य परमात्मा के साथ एकता है।
सनातन सर्वोपरि है।
TRN LIVE: ।।🕉️ श्रीहरि:।।
श्रद्धेय श्रीराधा बाबा
---------------------------------------
कठिन बवासीर रोग
सन् 1943 में श्रद्धेय श्रीभाईजी बवासीर रोगसे इतने अधिक बीमार पड गये कि उनको खाट पकड़ लेनी पडी। रोगकी भीषणता देखकर बाबूजी चिकित्सा करानेके लिये दिल्ली आये। वहाँ रोगका शमन होना दूर रहा, स्थिति और बिगड गयी। हालत इतनी खराब हो गयी कि बचनेकी आशा भी जाती रही। स्थितिकी गम्भीरताका समाचार पाकर लोग अन्तिम बार मिलनेके लिये और दर्शन करनेके लिये आने लग गये।
दिल्लीमें जो उपचार चल रहा था, उससे कोई लाभ नहीं देखकर कतिपय स्वजनोंने सलाह दी कि अजमेरके प्रसिद्ध चिकित्सक डा. श्रीअम्बालालजीको भी एक बार अजमेर जाकर दिखला लेनेमें क्या हानि है? बाबूजीको लेकर लोग अजमेर गये। बाबा साथमें थे ही। डा. अम्बालालजीकी चिकित्सासे बाबूजीको लाभ हुआ तथा बाबूजीके स्वास्थ्यमें सुधार आने लग गया।
तबीयत ठीक होनेपर बाबूजी अजमेरसे रतनगढ़ वापस आ गये। तबीयत तो ठीक थी, परंतु शरीरमें दुर्बलता थी। तीन माह ठीक रहे होंगे कि बवासीरका रोग पुनः उभर पड़ा। उसके भीषण रूपको देखकर एक बार फिर लोग चिन्तित हो उठे। बाबा-बाबूजी पुनः अजमेर गये। डा. श्रीअम्बालालजीके चिकित्सालयमें गुदाके फोड़ेका आपरेशन हुआ। आपरेशन सफल रहा। इन दिनों बाबूजीको बड़ा कष्ट भोगना पड़ा। स्निग्ध पदार्थका प्रयोग करनेके बाद भी बड़े कष्टसे मल-द्वारसे मल उतर पाता था।
गुदाका घाव ठीक हो जानेपर बाबूजी अजमेरसे वापस रतनगढ़ आ गये। एक दिनके बाद दूसरा दिन और एक सप्ताहके बाद दूसरा सप्ताह, इस प्रकार कई सप्ताह निकल गये। समयके व्यतीत होनेके साथ-साथ लोगोंके मनसे सारी चिन्ता अथवा सारी आशंका भी निकल गयी। बाबूजीकी अच्छी तबीयत देखकर यह स्मृति भी धूमिल होने लग गयी कि विगत छः-सात मासतक उन्होंने बहुत कष्ट पाया।
एक दिनकी बात है। बाबा रतनगढ़में अपने कमरेमें बैठे हुए थे। मध्य रात्रिका समय था। उस समय भगवान श्रीकृष्णने बाबासे कहा- यह तो तुम्हारा ही कष्ट था, जो उन्होंने अपने ऊपर लेकर भोग लिया।
यह सुनकर बाबाको बड़ा दुःख हुआ। इस रुग्णताकी अवधिर्मे बाबा बाबूजीके स्मृति-पथपर आने लगा। बाबूजीके कष्टको स्मरण करके व्यथा तो मनमें अपार थी ही. साथ ही मनमें बार-बार उभर रहा था कृतज्ञताका भाव भी कि मेरे कष्टको उन्होंने अपने ऊपर लेकर झेल लिया।
अब बाबाकी आँखोंमें नींद नहीं थी, अपितु भरी हई थी अकुलाहट । व्यथा तथा कृतज्ञताके अतिरिक्त बाबाको आश्चर्य भी कम नहीं हो रहा था। आश्चर्य हो रहा था बाबूजीकी आत्म-संगोपन प्रवृत्तिपर। बाबूजीने किसीको ज्ञात ही नहीं होने दिया कि दूसरेका कष्ट मेरे द्वारा ले लिया गया है। निज जनका आत्यन्तिक हित करनेकी भावना, फिर उस भावनाके अनुसार पूर्ण क्रियाशीलता और वह क्रियाशीलता इतने गुप्त रूपसे कि किसीको आभासतक न मिले, यदि उस भावना और क्रिया-शीलताका आभास मिल गया तो वह आभारसे दब जायेगा और फिर सब कुछ किरकिरा हो जायेगा, ऐसी लोकोत्तर सदाशयताका सजीव उदाहरण कहाँ देखने-सुननेको मिलता है? कभी व्यथा, कभी कृतज्ञता, कभी दैन्य, कभी आश्चर्य, इन्हीं प्रकारके अनेक भावोंसे सारी रात बाबाका मन आलोड़ित रहा। बड़ी कठिनाईसे बाबाकी वह रात व्यतीत हुई। बाबाके अन्तरमें आतुरता थी बाबूजीसे मिलनेकी।
प्रातः शौच-स्नानसे निवृत्त होकर बाबा बाबूजीके पास गये। बाबूजी अपने सम्पादन-कार्यमें व्यस्त थे। छपनेके लिये जानेवाले लेखोंको ठीक कर रहे थे। बाबाके आते ही बाबूजीने स्नेह-सम्मानपूर्वक अपने पास बैठाया। फिर बाबासे बोले-कहिये, आज एकदम सबेरे-सबेरे कैसे आये ?
बाबाने भगवान श्रीकृष्णका नाम छिपाकर शालीन भाषामें कहा- मुझे ऐसा लग रहा है कि आपने मेरा कष्ट अपने शरीरपर झेल लिया है और इसके परिणामस्वरूप आप सात माहतक बवासीरसे बीमार रहे।
बाबाके ऐसा कहते ही बाबूजीने बड़ी गम्भीर, बड़ी रोषपूर्ण मुद्रा बना ली और झिड़कते हुए बाबासे कहने लगे- क्या कभी ऐसा हो सकता है? क्या यह सम्भव है कि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्तिका कष्ट अपने ऊपर ले ले? ऐसा आपने कहीं देखा है क्या ? आपको बैठे-बैठे व्यर्थकी बातें सूझती रहती हैं। मैं तो आपको सुबुद्ध संन्यासी समझता था, पर आप अपने एकान्तमें इसी प्रकारका व्यर्थ चिन्तन करते रहते हैं क्या ?
वास्तविकताकी गोपनीयताको बनाये रखनेके लिये ही बाबूजीने बाबाको झिड़का था तथा रोषपूर्ण व्यवहार किया था। बाबूजी कुछ देरतक रोषपूर्ण भाषामें बोलते रहे तथा बाबा चुपचाप सुनते रहे। बाबाको चुपचाप देखकर बाबूजीने यही सोचा कि मेरे रोष के प्रभावमें बाबा आ गये हैं, पर बाबा मन-ही-मन सोचने लगे कि जिस उद्देश्यसे मैं यहाँ आया था, वह बात तो बनी नहीं ।
कुछ क्षण और बीत जानेके बाद बाबाने अपना ढंग बदला तथा बाबूजीसे भी अधिक रोबदार-जोरदार भाषामें बोलते हुए वे कहने लगे- विश्वमें कोई शक्ति नहीं, जो मेरी बातको काट सके। मैं निराधार नहीं बोल रहा हूँ। मेरे पास अकाट्य प्रमाण है। मैं आपकी बातकी लपेटमें आनेवाला नहीं हैं। आपका सम्पादकत्व मेरे साथ नहीं चलेगा। आप मुझे भ्रममें नहीं डाल सकते।
अब बाबूजी समझ गये कि बाबाके कथनमें दम है। ये हवामें नहीं बोल रहे हैं। अवश्य ही भगवान श्रीकृष्णने कुछ गड़बड़ मचा दी है। ऐसा लगता है कि वह छिपी बात प्रकट हो गयी है। बाबूजीके रोषका अभिनय तिरोहित हो गया। उनके नेत्रोंमें प्यार छलछला आया। उन्होंने अपने हाथकी लेखनी नीचे रख दी और अपनी दोनों हथेलीको बाबाके दोनों कंधोंपर रखकर बाबूजी बोले- क्यों, हम और आप दो हैं क्या ?
पहले केवल दो नेत्र सजल थे, अब दोनोंके नेत्र सजल हो उठे। प्यारकी बूँदें टप-टप चू रही थीं। बाबा 'मूँदे सजल नयन पुलके तन'। बाबा बहुत देरतक मिलित नयन, मूक अधर, अचल अंग बैठे रहे। मूर्तिवत् बैठे-बैठे न जाने कितना समय निकल गया।
पुस्तक : प्रीतिरसावतार महाभावनिमग्न श्रीराधा बाबा (प्रथम भाग)
पृष्ठ संख्या : 189
TRN LIVE: ((((🕉️ सच्चा इंसान ))))
🔸🔸🔹🔹🔸🔸
रामानुजाचार्य प्राचीन काल में हुए एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उनका जन्म मद्रास नगर के समीप पेरुबुदूर गाँव में हुआ था।
.
बाल्यकाल में इन्हें शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा गया। रामानुज के गुरु ने बहुत मनोयोग से शिष्य को शिक्षा दी।
.
शिक्षा समाप्त होने पर वे बोले-‘पुत्र, मैं तुम्हें एक मंत्र की दीक्षा दे रहा हूँ। इस मंत्र के सुनने से भी स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है।’
.
रामानुज ने श्रद्धाभाव से मंत्र की दीक्षा दी। वह मंत्र था-‘ऊँ नमो नारायणाय’।
.
आश्रम छोड़ने से पहले गुरु ने एक बार फिर चेतावनी दी-‘रामानुज, ध्यान रहे यह मंत्र किसी अयोग्य व्यक्ति के कानों में न पड़े।’
.
रामानुज ने मन ही मन सोचा-‘इस मंत्र की शक्ति कितनी अपार है। यदि इसे केवल सुनने भर से ही स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है तो क्यों न मैं सभी को यह मंत्र सिखा दूँ।’
.
रामानुज के हृदय में मनुष्यमात्र के कल्याण की भावना छिपी थी। इसके लिए उन्होंने अपने गुरु की आज्ञा भी भंग कर दी।
.
उन्होंने संपूर्ण प्रदेश में उक्त मंत्र का जाप आरंभ करवा दिया। सभी व्यक्ति वह मंत्र जपने लगे।
.
गुरु जी को पता लगा कि उन्हें बहुत क्रोध आया।
.
रामानुज ने उन्हें शांत करते हुए उत्तर दिया, ‘गुरु जी, इस मंत्र के जाप से सभी स्वर्ग को चले जाएँगे। केवल मैं ही नहीं जा पाऊँगा,
.
क्योंकि मैंने आपकी आज्ञा का पालन नहीं किया है।
.
सिर्फ मैं ही नरक में जाऊँगा। यदि मेरे नरक जाने से सभी को स्वर्ग मिलता है, तो इसमें नुकसान ही क्या ?’
.
गुरु ने शिष्य का उत्तर सुनकर उसे गले से लगा लिया और बोले- ‘वत्स, तुमने तो मेरी आँखें खोल दीं। तुम नरक कैसे जा सकते हो ?
.
सभी का भला सोचने वाला सदा ही सुख पाता है। तुम सच्चे अर्थों में आचार्य हो।’
.
रामानुजाचार्य अपने गुरु के चरणों में झुक गए।
लोगों को भी भी उनकी भाँति सच्चे और सही मायने में इंसान बनना चाहिए।
.
सच्चा इंसान वह नहीं होता, जो केवल अपने बारे में सोचे, इंसान वहीं है, जो दूसरों का भला करता है।
डॉ0 विजय शंकर मिश्र:।
🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸
TRN LIVE: 🌼🕉️माखन चोरी लीला🌼
माखन की चोरी करते श्रीकृष्ण भगवान
श्रीकृष्ण जब चलने लगे तो पहली बार घर से बाहर निकले। ब्रज से बाहर भगवान की मित्र मंडली बन गयी। सुबल, मंगल, सुमंगल, श्रीदामा, तोसन आदि उनके मित्र बन गये थे। सारी मित्रमण्डली मिलकर हर दिन माखन चोरी करने जाते। चोर मंडली के अध्यक्ष स्वयं माखन चोर श्रीकृष्ण थे। सब एक जगह इकट्टा होकर योजना बनाते कि किस गोपी के घर माखन की चोरी करनी है। आज ‘चिकसोले वाली’ गोपी की बारी थी। भगवान ने गोपी के घर के पास सारे मित्रों को छिपा दिया और स्वयं उसके घर पहुँच गये। द्वार खटखटाने लगे। भगवान ने अपने बाल और काजल बिखरा लिया। गोपी ने द्वार खोला तो श्रीकृष्ण को खड़े देखा। गोपी बोली- "अरे लाला! आज सुबह-सुबह यहाँ कैसे? कन्हैया बोले- "गोपी क्या बताऊँ! आज सुबह उठते ही मैया ने कहा लाला तू चिकसोले वाली गोपी के घर चले जाना और उससे कहना आज हमारे घर में संत आ गए हैं। मैंने तो ताजा माखन निकाला नहीं है। चिकसोले वाली तो बहुत सुबह ही ताजा माखन निकाल लेती है। उससे जाकर कहना कि एक मटकी माखन दे दो, बदले में दो मटकी माखन लौटा दूँगी।" माखन चुराते बाल कृष्ण गोपी बोली- "लाला! मैं अभी माखन की मटकी लाती हूँ और मैया यशोदा से कह देना कि लौटाने की आवश्यकता नहीं है। संतों की सेवा मेरी ओर से हो जायेगी। झट गोपी अंदर गयी और माखन की मटकी ले लाई। वह बोली- "लाला! ये माखन लो और ये मिश्री भी ले जाओ।" श्रीकृष्ण माखन लेकर बाहर आ गए और गोपी ने द्वार बंद कर लिया। श्रीकृष्ण ने झट अपने सारे सखाओं को पुकारा- श्रीदामा, मंगल, सुबल, जल्दी आओ, सब-के-सब झट से बाहर आ गए। भगवान बोले- "जिसके यहाँ चोरी की हो, उसके द्वार पर बैठकर खाने में ही आनंद आता है।" झट सभी गोपी के द्वार के बाहर बैठ गए। भगवान ने सबकी पत्तल पर माखन और मिश्री रख दी और बीच में स्वयं बैठ गए। सभी सखा माखन और मिश्री खाने लगे। माखन के खाने से पट-पट और मिश्री के खाने से कट-कट की ध्वनि हो रही थी। जब यह ध्वनि गोपी ने अंदर से सुनी तो वह सोचने लगी कि ये ध्वनि कहाँ से आ रही है। जैसे ही उसने द्वार खोला तो सारे सखाओं के साथ श्रीकृष्ण बैठे माखन खा रहे थे। गोपी बोली- "क्यों रे कन्हैया! माखन संतों को चाहिए था या इन चोरों को?" भगवान बोले- "देखो गोपी! ये भी किसी संत से कम नहीं हैं। सब-के-सब नागा संत हैं। देखो किसी ने भी वस्त्र धारण नहीं किये हुए हैं। तू इन्हें दंडवत प्रणाम कर।" गोपी बोली- "अच्छा कान्हा! इन्हें दंडवत प्रणाम करूँ। रुको, अभी अंदर से डंडा लेकर आती हूँ। गोपी झट से अंदर गयी और डंडा लेकर आयी। भगवान ने कहा- "मित्रों! भागो, नहीं तो गोपी पूजा कर देगी।"
TRN LIVE: " 🕉️जय श्री कृष्ण "
विहाय कामान् य: कर्वान्पुमांश्चरति निस्पृह:।
निर्ममो निरहंकार स शांतिमधिगच्छति।।
इच्छा और कामना मनुष्य में स्वाभाविक रूप से भीतर एक प्रवाह की तरह बहती रहती है,
इनकी पूर्ति ओर अपूर्ति से स्वभाव में बदलाव रहेता है,
कर्म के फल और परिणाम की चिंता मनुष्यो को पामर बना देती है, ओर कर्म के पहेले ही फल और परिणाम के बारे में सोच, विचार और आशा कर्मफल में बाध्य बनती है,
शांति नाम का विचार आज धीरे धीरे इन जड़ विचारों के कारण नामशेष हो रहा है,
जो मनुष्य सभी इच्छाओं व कामनाओं को त्याग कर ममता रहित और अहंकार रहित होकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है, उसे ही शांति प्राप्त होती है, यही कहेना है वासुदेव कृष्ण का,
मन में किसी भी प्रकार की इच्छा व कामना को रखकर मनुष्य को शांति प्राप्त नहीं हो सकती,
इसलिए शांति प्राप्त करने के लिए सबसे पहले मनुष्य को अपने मन से इच्छाओं को मिटाना होगा, हम जो भी कर्म करते हैं, उसके साथ अपने अपेक्षित परिणाम को साथ में जोड़ देते हैं,
अपनी पसंद के परिणाम की इच्छा हमें कमजोर कर देती है,वो ना हो तो व्यक्ति का मन और ज्यादा अशांत हो जाता है,
मन से ममता अथवा अहंकार आदि भावों को मिटाकर तन्मयता से अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा,
रिश्ता हो या विचार या हमारे कर्म कही भी कभी भी
निस्पृह बने तभी मनुष्य को शांति प्राप्त होगी,
" श्री राधे राधे "
TRN LIVE: 🕉️बड़े भाग मानुष तनु पावा । सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा ॥
साधन धाम मोच्छ कर द्वारा। पाइ न जेहिं परलोक सँवारा ॥
(रामचरितमानस, उत्तरकांड)
-: भावार्थ :-
तुलसीदास जी कहते हैं कि बड़े सौभाग्य से मानव शरीर प्राप्त होता है।
देवताओं (सुर) के लिए भी यह दुर्लभ है; ऐसा सभी ग्रंथ (शास्त्र, पुराण
आदि) गाते हैं।
यह शरीर साधना का धाम और मोक्ष का द्वार है। इसे पाकर भी जिसने
परलोक (मोक्ष/उद्धार) नहीं संवारा, वह बड़ा दुर्भाग्यशाली है।
-: व्याख्या :-
84 लाख योनियों में भटकने के बाद मानव देह मिलती है। बाकी
योनियाँ केवल भोग की हैं, वहाँ न विवेक है न साधना । मानव योनि ही
ऐसी है जहाँ सत्य-असत्य का बोध और मुक्ति का चुनाव संभव है।
देवता भी भोग-विलास में लीन रहते हैं, उनके पास अमरत्व जैसा सुख
है, लेकिन मोक्ष-साधना का उत्साह कम होता है। इसलिए वे भी
मानव-जन्म की कामना करते हैं।
TRN LIVE: 🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️
*श्रीरामचरितमानस*
—— श्रीराम नाम महिमा —-
राम भालु कपि कटक बटोरा ।
सेतु हेतु श्रमु न कीन्ह थोरा ।।
नामु लेत भवसिंधु सुखाहीं ।
करहु बिचारू सुजन मन माहीं ॥
( बालकांड 24/2)
*राम राम बंधुओं, मानस के आरंभ में राम नाम की महिमा बताते हुए गोस्वामी जी कहते हैं कि राम जी ने भालू व बंदरों की सेना बनाई और सागर पर पुल बांधने के लिए कम परिश्रम नहीं किया परंतु राम नाम लेते ही संसार सागर सूख जाता है , जिससे आसानी से बिना किसी बाधा के संसार सागर पार किया जा सकता है , सज्जन लोग इस पर विचार करें ।*
*मित्रों, राम जी से बड़ा राम जी का नाम है। नाम जप से , राम नाम अपनाने से जीवन की दुरूह से दुरूह कठिनाइयाँ भी समाप्त हो जाती है । ज़रूरत है अपने जीवन में राम नाम धारण करने की , अपनाने की , शेष कार्य यह खुद करता है ।अतएव राम नाम अपनाते हुए , राम राम जय सीताराम*
🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️🌱🕉️
TRN LIVE: ॥ 🕉️ॐ श्रीपरमात्मने नम:॥
गीता
आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान्।
मरीचिर्मरुतामस्मि नक्षत्राणामहं शशी।।२१।।
वेदानां सामवेदोऽस्मि देवानामस्मि वासवः।
इन्द्रियाणां मनश्चास्मि भूतानामस्मि चेतना।।२२।।
मैं अदिति के पुत्रों में विष्णु (वामन) और प्रकाशमान वस्तुओं में किरणोंवाला सूर्य हूँ। मैं मरुतों का तेज और नक्षत्रों का अधिपति चन्द्रमा हूँ।
मैं वेदोंमें सामवेद हूँ, देवताओंमें इन्द्र हूँ, इन्द्रियों में मन हूँ और प्राणियोंकी चेतना हूँ।
ॐ तत्सत् !
गीताप्रेस,गोरखपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तक “गीता प्रबोधनी” (कोड १५६२) से
TRN LIVE: *UGC की रेगुलेशन में कमी थी.... कम से कम दो बदलाव बहुत जरूरी थे.... और वह अब होंगे भी.*
लेकिन पिछले एक महीने से जो चल रहा है. वह Organic बिलकुल नहीं है....... क्या है इस बवाल का राज.... सुनिए जरा
TRN LIVE: कांग्रेस पार्टी ने 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले अपने लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय परामर्श कंपनी को नियुक्त किया है।
उस कंपनी ने देशभर में सर्वेक्षण किए और राहुल गांधी को जनता से अपना जुड़ाव मजबूत करने और कांग्रेस को फिर से संगठित करने के कई सुझाव दिए।
उन सुझावों का एक हिस्सा वह है जो आप इन दिनों देख रहे हैं: जाति के नाम पर लोगों का आपस में लड़ना। परामर्श कंपनी ने राहुल गांधी को स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक भारत के हिंदुओं की एकता भंग नहीं होती, तब तक राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत में हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा हैं, और जब तक उन्हें हिंदू विरोधी साबित नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकती।
आप अभी जो देख रहे हैं—बड़े-बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का भाजपा और मोदी जी के खिलाफ़ आवाज़ उठाना—यह सब उस कंसल्टिंग कंपनी की साज़िश है। इसे पूरी तरह से असली दिखाने के लिए, कंसल्टिंग कंपनी ने भाजपा समर्थक कुछ प्रमुख इन्फ्लुएंसर्स को रिश्वत देने के लिए भारी रकम खर्च की है, ताकि यह संदेश फैले कि भाजपा समर्थक भी मोदी जी से नाराज़ हैं।
कृपया इस षड्यंत्र का हिस्सा न बनें, क्योंकि आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि और भी कई बड़े नाम और इन्फ्लुएंसर्स मोदी जी और उनकी सरकार का विरोध करते नज़र आएंगे। उनका मकसद मोदी जी और उनकी सरकार की छवि खराब करना है, और हमें इससे दूर रहना चाहिए।
सोशल मीडिया पर आप जो भी पढ़ें या देखें, पहले तथ्यों की पुष्टि करें और उसके बाद ही प्रतिक्रिया दें।
TRN LIVE: 2029 अभी तीन साल दूर है, लेकिन सोशल मीडिया पर मोदी और सरकार के खिलाफ ज़बरदस्त प्रचार चल रहा है। अंदाज़ा लगाइए क्यों?
उनका लक्ष्य 2027 है - वे उत्तर प्रदेश को हथियाना चाहते हैं, जो उनके लिए एक सुनहरा अवसर है।
और साथ ही पश्चिम बंगाल को भी। क्यों??? - पश्चिम बंगाल एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य है जिस पर भाजपा का नियंत्रण है ताकि वह रोहिंग्याओं को अवैध रूप से वहाँ बसा सके।
रणनीतिक रूप से, भाजपा को अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश भी जीतना होगा।
अगर भाजपा 2027 में जीत जाती है, तो योगी योगी भविष्य में संभावित प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वे मोदी के बाद किसी और हिंदू संत को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नहीं देखना चाहते।
उनके लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है और हमारे लिए भी।
हर किसी को यह तय करना होगा कि वे "उनका" हिस्सा बनना चाहते हैं या "हमारा"।
बीच का कोई रास्ता नहीं है। यह अस्पष्ट नहीं हो सकता।
TRN LIVE: ' *द केरल स्टोरी 2' का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जो काफी विचलित करने वाला है. साल 2023 में विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी' ने देशभर में दर्शकों को झकझोर दिया था. अब उसी कहानी का अगला सीक्वल 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' सामने आ रहा है, जिसका ट्रेलर मेकर्स ने आज मंगलवार को रिलीज किया. ट्रेलर ने दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा कर दी है. इसमें धर्मांतरण यानी रिलीजियस कन्वर्जन से जुड़ी एक खौफनाक कहानी देखने को मिलेगी.
करीब 3 मिनट 7 सेकंड के जारी इस ट्रेलर की शुरुआत एक चौंकाने वाले बयान से होती है, जिसमें कहा गया, 'इंशाअल्लाह, अगले 25 साल में भारत एक इस्लामिक स्टेट होगा और पूरे भारत में शरिया लागू होगा.' इसके बाद शुरू होती है इस विकृत सोच में उलझे हुए लोगों की दास्तान. फिल्म की कहानी अलग-अलग राज्यों की ओर जाती है और एक बार फिर से फिल्म तीन हिंदू लड़कियों की जिंदगी की घटनाओं को सामने लाती है.*
TRN LIVE: सावधान हिंदुओं......हिंदुओं को तोड़ने का षड्यंत्र रचा जा रहा है... पाखंडी रामपाल और उसके झूठे "मुफ्त" ज्ञान गंगा के जाल में ना फंसे
इस ढोंगी रामपाल का बॉयकॉट करिये, बहुत ही खतरनाक षडयंत्र रच रहा ये रामपाल और उसके समर्थक सोशल मीडिया के माध्यम से...भागवत गीता की आड़ लेकर ये रामपाल, "गीता तेरा ज्ञान अमृत" नामक बुक सोशल मीडिया के माध्यम से फ्री में सभी को बांटता फिर रहा है, लोगों का एड्रेस मांग-मांग कर और इस बुक में बहुत ही उलूल-जुलूल हिन्दू विरोधी बात लिखा गया है जिसको पढ़ने के बाद बहुत से भोले भाले हिन्दू इस रामपाल के बातों में आ के हिन्दू विरोधी बन रहे हैं।
ये ढोंगी रामपाल पिछले 5 वर्ष से जेल में बंद है और खुद को भगवान कहता फिरता है और राम कृष्ण शिव को झूठा और हिंदुओं के त्योंहार, रीति रिवाज को झूठ पाखंड बताता है, इनके समर्थक बुक फ्री में दे रहे है और न जाने भोले भाले हिन्दू free के नाम पे बुक मंगवा कर षडयंत्र में फस रहे है। खुद को भगवान घोषित करने का षड्यंत्र और वामपंथी विदेशी ताकतों का फंडिंग मिलता है इनको।ये फर्जी स्वर्ग की टिकट बांटता था, अपने नहाए दूध की खीर बेचता था, उसको खरीद कर खाते थे इसके चेले स्वर्ग जाएंगे कह कर के।
ये खुद तो सड़ रहा है जेल में अब, लेकिन जिनका ब्रेनवाश किया है वो इसे भगवान मानते है।पाखंडी रामपाल के समर्थक लोग बड़े बड़े फिल्मस्टार को ये किताब दे के लोगो को भ्रमित कर रहे हैं और अपने पाखंड का प्रचार कर रहे है। Post शेयर करें और लोगो को जागरूक करें, इस पाखंडी, हिन्दू विरोधी की बुक कोई भी न ले और जो ले लिए है उसे फेक दे या जला दे।
TRN LIVE: पाकिस्तान अरब देश भी तो जिहाद के लिये भारत में मदरसो को funding करता हैं.भारत में भारत के ही शह देणे में लगा है.तो राजनैतिक लढाइयां ऐसे ही लडी जाती है .बांगलादेश मे कट्टर जिहादी युनूस सरकार बदल गई लोग रस्ते पर आगये नये सरकार ने बांगलादेशी हिन्दुओं ki कडी सुरक्षा के लिये कठोर कानुन बनाने की घोषणा की है.युनूस पर हिंसा पाकिस्तान सी मिलकर देश में अराजकता फैलाने के आरोप में फासी दिये जाने की संभावना है युनूस देश छोडकर भागने की फिराक में है.पाकिस्तान बांगलादेश के साथ मिलकर पूर्वोत्तर राज्य मे जो कूटिल नीती कर रहा था नाकाम कर दिया.भारत सरकार बांगलादेशी हिन्दुओं के प्रति सहानुभूती रखता hai लेकीन अपनी अर्थव्यवस्था और सैनिको को दाव पर नहीं लगा सकती.आजतक काश्मिरी हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ इस मोहतरमां ने कभी संसद में आवाज उठाइ है तो कोई बताओ....
TRN LIVE: नीति की गलियों में अक्सर शब्द तलवार बन जाते हैं,
और सोशल मीडिया आज की सबसे तेज़ जंग का मैदान है।
इसी मैदान में इन दिनों पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत की आवाज़ कुछ ज़्यादा ही ऊँची सुनाई दे रही है।
लोग समझ रहे हैं कि ये आम नागरिकों की चिंता में बोल रहे हैं,
पर सियासत की असली स्क्रिप्ट कुछ और ही कहानी लिख रही है।
असल बात यह है कि राज्यसभा की एक कुर्सी अब सियासी स्वप्न बन चुकी है।
और उस स्वप्न की चाबी आज सिर्फ एक हाथ में है राहुल गांधी के हाथ में।
कांग्रेस में अब योग्यता से ज़्यादा “वफादारी का शोर” मायने रखता है।
जो जितना ज़ोर से मोदी और सरकार को कोसे,
जो जितना वायरल गुस्सा बेचे,
उतना ही “योग्य” माना जाता है।
पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत यही खेल खेल रहे हैं।
जनता की तकलीफ़ उनके ट्वीट्स का विषय नहीं है,
बल्कि उनके ट्वीट्स एक ऑडिशन टेप हैं
राहुल दरबार के लिए।
[TRN LIVE
*भारत बचाओ अभियान...*✊
*UCC लाओ UGC हटाओ...*
*योगी लाओ देश बचाओ...*
*रिफॉर्म करने के लिए बहुत मुद्दे हैं...*
मोदीजी को केवल UGC भाया,
क्योंकि इसमें वोट बैंक दिखा !
भाजपा और कांग्रेस में कोई अंतर नहीं!
"कांग्रेस" बन चुकी है “मुस्लिम लीग”
और "भाजपा" बन चुकी है “कांग्रेस”!
*पूछता है भारत...*❓
भाजपा १८ वर्ष से सत्ता में है लेकिन राष्ट्रवादी मुद्दे रिफार्म नहीं हुए!
बहुमत का बहाना बताकर भागते हो!
बहुमत नहीं है तो राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे जीत लिया?
अन्य बील कैसे पास करवाएं?
सत्ता के लिए सांसद-विधायकों से सौदा कैसे कर लेते हो?
*भारत मांगे...*
अपनी विरासत, अपना गौरव...
अपनी संस्कृति, अपना सम्मान...
*व्यवस्था परिवर्तन से स्वर्णिम भारत...*
वैश्विक एवं विश्व गुरु भारत के लिए
"एक देश एक कानून" बनाइये...
समृद्ध और स्वाभिमान भारत के लिए
सक्षम एवं सशक्त कानून बनाइये...
*01. ENFORCE UNIFORM CIVIL CODE [UCC] :*
It is only the UCC that is in consonance with our constitution and its spirit. One law for all is indispensable in a modern secular democratic nation-state for ensuring and upholding natural justice and human rights. It is only UCC that can guarantee equality to all, irrespective of caste, religion, or sex. Laws driven by religious theologies are the root causes of social injustices, social unfairness, and social discrimination. One nation should be under one law.
Any personal law, custom, ritual, or belief system that does not harm others and is not forcefully imposed on others should not be touched in Uniform Civil Code to maintain social harmony.
*02. STOP FORCED RELIGIOUS CONVERSIONS :*
It could very well hurt the demographic imbalances, which is ultimately harmful to India’s unity and religious harmony.
*03. KICK OUT ILLEGAL IMMIGRANTS :*
India does not have enough resources or space to accommodate Illegal Bangladeshi immigrants. They are security threats as well as creating demographic imbalances. They should be kicked out of India immediately.
*04. FREE HINDU TEMPLES FROM THE GOVERNMENT CONTROL :*
India being a secular country should not control only the Hindu temples. It is discriminatory! It is unfair to the majority of Hindus! Laws should be equal for all religions! Either control all or control none!
*05. TAKE OVER PAKISTAN OCCUPIED KASHMIR :*
POK has been an integral part of India which is illegally occupied by Pakistan. It is time to take it back.
*06. MATHURA KRISHNA MANDIR :*
It was changed over into Shahi-Idgah Mosque. Need to be back to the Hindus.
*07. KASHI VISHWANATH MANDIR :*
It was changed over into Gyanvapi Mosque. It is time to reclaim.
*08. LAWS TWO CHILD POLICY :*
This has been a long-awaited issue. It is time-sensitive and must be controlled before it goes out of control. We are in support of the BJP’s population control bill that was privately moved in the parliament in December 2017. We are also in support of the Sudarshan channel’s demand “हम दो हमारे दो सब के दो”, Supreme Court Lawyer Aswini Upadhyay, Yati Saraswati Narsinhananda, MP Giriraj Singh, Subramanian Swami, and others.
The demographic imbalance is harmful to India because it creates political and social instabilities. Kashmir, West Bengal, Pakistan, Bangladesh, and some other parts of the world are perfect examples to understand this historical phenomenon. India cannot afford to have more Kashmir where hundreds of thousands of people are living in filthy shelters for decades.
Overpopulation and demographical imbalances are epicenters of all other problems in India! Strict laws should be enacted to control the population. It should be implemented across all states, all groups of people, and all religions. The families participating and abiding by the rule should be suitably awarded and violators should be severely punished. Voting rights should be taken away from the violating parents and their children.
Until the 2 Child Policy is enforced, the other communities (like Hindus, Sikhs, Buddhists, and Jains) who have been following "हम दो हमारे दो " for the past 50 years should also promote more children in order to maintain the demographic balance!
*09. DISCRIMINATORY ARTICLE30 :*
Article 30 provides minority rights to have their religious schools but does not clarify anything about the majority of Hindus. Eventually, it turns into discrimination against the majority of Hindus.
*10. LAWS AGAINST LOVE JIHAD :*
There have been systematic efforts with an evil motive to trap Hindu girls, marry them with fake identities, and ultimately force them to convert. It creates friction which results in killing or suicide. It must be stopped with strict laws.
*11. STOP UPSC JIHAD :*
It is a well-planned conspiracy to push Muslims into the Indian bureaucracy and ultimately to control India (Ghazwa E Hind). Moreover, multiple terrorist networks are involved in the conspiracy. It is a NATIONAL SECURITY THREAT. India’s sovereignty and secularism fabric are at risk. Dalits' OBC/SC political and educational quotas are being snatched by Muslims.
*12. FAIR REPRESENTATION OF HINDUISM IN THE SCHOOL TEXTBOOKS :*
School textbooks are full of the Moguls and other minority religions, but not Hinduism! Hinduism is discriminated against in textbooks! It is shocking! It is shameful. Textbooks must be re-written asap. Click this link for more details.
*13. STOP INVINCIBLE HALAL PRODUCTS :*
In spite of Halal being Islamic, 80% of Hindus, Sikhs, Buddhists, Christians, Jains, and others silently but forcefully imposed Halal products. It is against their will and against their belief systems. It is a criminal offense and must be stopped. Others should be given the option to choose non-Halal items.
As per multiple reports, Halal-Tax may be funding terrorism. The government should investigate it. Hindu butchers and others are going out of business because of the forced Halal.
*14. RESETTLE KASHMIRI HINDUS :*
400,000 to 700,000 Kashmiri Hindus have been thrown out of their homes and have been suffering in filthy shelters for the past 30 years! It is shameful, it is against humanity, it is against human rights, and it is against the Indian constitution; hence, they should be resettled asap. Illegal Rohingya Muslims who are citizens of Myanmar are being set999tled in Jammu and Kashmir! It must be stopped!
*15. STOP FATWAS CALLING FOR KILLING OR HATRED :*
Any Darul Imam who issues a Fatwa to kill any person or physical harm to any person or organization be charged with an Attempt to Murder under IPC 302, 307, and any other codes which can be applied.
Further, if a third person acts on the fatwa the original issuer of the Fatwa shall then be charged with Direct Manslaughter and deemed guilty.
*16. CLOSE SCHOOLS AND PLACES OF WORSHIP THAT SPREAD HATRED AND VIOLENCE :*
*17. BAN RELIGIOUS BOOK'S THAT SPREAD HATRED AND VIOLENCE :*
*18. STOP TAXES ON HINDU TEMPLES OR TAX ALL OTHER PLACES OF WORSHIP :*
It is, therefore, time that the Government of India stands up clearly on the above issues to keep prosperous and “Akhand” Bhaarat.
ना भाजपा के अंधभक्त बनो,
ना कांग्रेस के गुलाम बनो,
ना नेताओ के चमचे बनो।
निडर राष्ट्रवादी देश भक्त और
सनातनी भारतीय हिंदु बनो।
*नए भारत का वैश्विक संकल्प...*
*सनातन वैदिक धर्म...विश्व धर्म*
*अखंड हिंदु राष्ट्र भारत...विश्व गुरु भारत*
*धर्मो रक्षति रक्षितः...*🚩
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

