बेकाबू कार ने 9 लड़कियों को रौंदा, 4 मौत:गंगा एक्सप्रेस–वे पर 120 की स्पीड से दौड़ाई, 50 मीटर तक घसीटा; टायर ब्लास्ट

Feb 9, 2026 - 17:36
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बेकाबू कार ने 9 लड़कियों को रौंदा, 4 मौत:गंगा एक्सप्रेस–वे पर 120 की स्पीड से दौड़ाई, 50 मीटर तक घसीटा; टायर ब्लास्ट
रायबरेली में गंगा एक्सप्रेस-वे पर 120 की स्पीड में कार ने 9 लड़कियों को रौंद दिया। हादसे में 4 की मौत हो गई। एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव में बने एक मंदिर के भंडारे से प्रसाद लेकर लड़कियां लौट रहीं थीं। कार ने पीछे से टक्कर मारी। लड़कियां हवा में 5 से 7 फीट तक उछल गईं। लाशें सड़क पर बिखर गईं। उधर, ड्राइवर ने ब्रेक मारने की कोशिश की तो अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर तक कार घिसटती रही। आगे जाकर टायर ब्लास्ट हो गए। घटना रविवार देर शाम की है। लड़कियां कोडर गांव की रहने वाली हैं। पुलिस ने घायल 5 लड़कियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2 की हालत गंभीर है। एक को रायबरेली एम्स तो दूसरी गंभीर लड़की को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उधर, पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को चारों लड़कियों का शव सौंप दिया गया। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। कई गांव के लोग भंडारे में जुटे थे चूली गांव में एक नया मंदिर बना है। रविवार को मंदिर में भंडारा था। चूली, कोडर और हनुमानगंज गांव के तमाम लोग भंडारे में प्रसाद लेने पहुंचे थे। शाम करीब 7 बजे कोडर गांव की 10-12 लड़कियां और महिलाएं पैदल अपने गांव लौट रही थीं। कोडर गांव से चूली गांव में बने मंदिर की दूरी करीब 1 किलोमीटर है। चूंकि, एक्सप्रेसवे के किनारे रोड को खोदा गया है इसलिए सभी लोग गंगा एक्सप्रेसव पर चढ़कर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे पर लालगंज की तरफ से आ रही तेज रफ्तार टियागो कार ने 9 लड़कियों को रौंद दिया। घटना की जानकारी होने के बाद दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची। प्रसाद लेकर लौट रहीं लड़कियों में मोनिका भी थी। वह उस मंजर को याद कर सहम सी जाती है। उसने बताया- कार उसके बगल से गुजरी थी। वह घटना का जिक्र करते करते चुप हो जाती है। विनय कुमार ने बताया कि हादसे के समय कार की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इनकी जान गई मृतकों में शालिनी (22) पुत्री जंग बहादुर, रश्मि (14) पुत्री रामरतन और आसमां (18) कोडर गांव की थीं। वहीं हिमांशी (23) पुत्री दल बहादुर अलीगंज डिहवा गांव की थी। वह अपने बहन के गांव कोडर करीब 15 दिन पहले घूमने आई थी। हिमांशी की दो बहनें रामावती व कर्मावती की शादी एक ही घर में हुई है। हिमांशी भंडारा के बाद दीदी से जल्द घर आने की बात कही थी। बेटी की मौत की सूचना पर मां गंगादेई सीएचसी जगतपुर पहुंची और दहाड़े मारकर रो पड़ीं। मां ने बताया कि हिमांशी ने कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। बहन के घर घूमने आई थी। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। मृतक शालिनी की दादी रामकली और पिता जंग बहादुर के आंसू नहीं थम रहे हैं। दादी ने बताया कि शालिनी के पिता मजदूरी करते हैं। मां लक्ष्मी बेटी की मौत से बेसुध हैं। यह रोते-रोते बेहोश ही जा रही हैं। आसमां के पिता मजदूरी करते हैं। बेटी की मौत से मां संगीता का बुरा हाल है। यह बार-बार आसमां का नाम लेकर बेहोश हो जा रही हैं। अंधेरे में कार की तेज रफ्तार से हादसा थाना प्रभारी के मुताबिक, कार को कब्जे में लिया गया है। कार कौशांबी जिले की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कार तेज रफ्तार में थी। अंधेरा होने से अचानक किशोरियां व युवतियां कार के सामने आ गई। चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया और सभी को रौंदते हुए डिवाइडर से टकरा गया। ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिस कार से हादसा उसका छह बार हो चुका है चालान, नहीं रद्द हुआ लाइसेंस कार कौशांबी के भरवारी निवासी विकास मिश्रा के नाम पर है। कार का छह बार चालान हो चुका है। 13 हजार जुर्माना भी लगाया गया है। रायबरेली से पहले भी दो बार खतरनाक ढंग से वाहन चलाने के आरोप में एमवी एक्ट की धारा 164 के तहत कार्रवाई की गई है। नए नियमों के मुताबिक, पहले खतरनाक तरीके से कार चलाने पर छह महीने तक की कैद या एक हजार से पांच हजार तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। दूसरी बार दोहराने पर या बार-बार ऐसा करने पर दो साल तक कैद या 10 हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। ऐसे मामले में यातायात पुलिस को पहले चालान के समय ही लाइसेंस सस्पेंड या रद करना होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। न लाइसेंस रद्द किया गया और न ही वाहन ही सीज किया गया। टक्कर से कई लड़कियां एक्सप्रेस-वे से नीचे गड्‌ढे में गिरीं प्रत्यक्षदर्शी मनोज कुमार ने बताया- मैं मंदिर पर भंडारा खाने गया था। वहां से घर पहुंचा तो गांव के लोगों ने फोन पर बताया कि एक कार ने लड़कियों को रौंद दिया। जब वहां पर जाकर देखा तो रोड पर इधर-उधर पड़ीं लड़कियां तड़प रही थीं। कार की टक्कर से कुछ लड़कियां एक्सप्रेस-वे के नीचे भी गिर गई थीं। दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- गांव से 500 मीटर दूरी पर मंदिर में भंडारा था। वहां से लड़कियां वापस आ रही थीं। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। अभी नहीं खुला है एक्सप्रेस-वे, फिर भी दौड़ रहीं गाड़ियां एसपी रवि कुमार ने बताया- निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे अभी आम जनता और यातायात के लिए पूरी तरह से नहीं खोला गया है। वहां एक अनियंत्रित कार ने भंडारे से लौट रही गांव की युवतियों को रौंद दिया। इससे 4 लड़कियों की मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अब गंगा एक्सप्रेस-वे को जानिए 594 किलोमीटर लंबा 6 लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक बनाया जा रहा। यह यूपी के 12 जिलों- मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इन जिलों के 500 से ज्यादा गांवों को भी जोड़ेगा। प्रयागराज से मेरठ की दूरी वाया कानपुर 648 किलोमीटर है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से यह दूरी 600 किलोमीटर रह जाएगी। अभी प्रयागराज पहुंचने में 10-12 घंटे लगते हैं। इसके शुरू होने से दूरी 6 से 8 घंटे में पूरी होगी। गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा करने वालों के लिए कुछ अहम नियम जानना जरूरी है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुताबिक यह एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे तेज रफ्तार यातायात के लिए तैयार किया गया है, इसलिए यहां पैदल चलना और दोपहिया वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस मार्ग पर केवल चार पहिया और उससे बड़े वाहन ही चल सकते हैं, जबकि ऑटो और ई-रिक्शा जैसे तीन पहिया वाहनों की भी अनुमति नहीं है। कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है, वहीं बड़ी और मिनी बसें 100 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं। हालांकि अभी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन नहीं हुआ है। एक्सप्रेसवे पर कहीं भी रुकना या वाहन पार्क करना मना है और इमरजेंसी लेन का उपयोग सिर्फ आपात स्थिति में ही किया जा सकता है। किसी भी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क किया जा सकता है। --------------------------------------- ये भी पढ़ें… IAS कृतिका-अंकुर ने एक-दूसरे को पहनाया जयमाल:सास ने उतारी आरती; कानपुर में एंट्री गेट पर लगे श्रीराम के कटआउट IAS कृतिका मिश्रा और IAS अंकुर त्रिपाठी की कानपुर में शादी हुई। अंकुर बारात लेकर पहुंचे। इस दौरान जहां अंकुर ने डांस किया, वहीं बाराती भी खूब नाचे। दरवाजे पर अंकुर की सास सुषमा मिश्रा ने उनका चांदी की सिलाई से टीका किया। इसके बाद कृतिका और अंकुर ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाया। पढ़ें पूरी खबर…

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला