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: *♥️ 29 सितंबर को 'वर्ल्ड हार्ट डे' World Heart Day ♥️*
*29 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता 'World Heart Day'? जानें इतिहास, महत्व और दिल की देखभाल के आसान तरीके*
आज के समय में गलत खानपान और बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल की वजह से हर तीसरे व्यक्ति को दिल की बीमारी की शिकायत है। कब किसे हार्ट अटैक आ जाए और किसे कार्डियक अरेस्ट आ जाए पता ही नहीं चलता। ऐसे में हर साल 29 सितंबर को 'वर्ल्ड हार्ट डे' World Heart Day मनाया जाता है ताकि लोगों को दिल की बीमारियों के बारे में जागरूक किया जा सके और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिले।
दिल की बीमारियां आज दुनिया में सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं, और समय पर सावधानी न बरतने पर गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। आइए इस खास दिन को मनाने के पीछे का इतिहास, महत्व और इस साल की थीम के बारे में जान लेते हैं।
*वर्ल्ड हार्ट डे का इतिहास*
वर्ल्ड हार्ट डे की शुरुआत 1999 में वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन (World Heart Federation) ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में दिल की बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। हर साल यह दिन 29 सितंबर को मनाया जाता है, ताकि विश्व स्तर पर दिल की सेहत और हृदय रोगों से बचाव के महत्व को उजागर किया जा सके।
*इस साल की थीम किया है?*
हर किसी को अपने दिल का खास ध्यान रखना चाहिए। मगर आज के समय में लोग गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से दिल की बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे में हर साल 'वर्ल्ड हार्ट डे' मनाया जाता है ताकी लोग अपने दिल के प्रति जागरुक हो सकें। इस साल की थीम की बात करें तो वो भी बहुत खास है। बता दें कि *विश्व हृदय दिवस की थीम 'एक भी धड़कन न चूकें' (Don't Miss a Beat) है।* इस बार की थीम का अर्थ है कि लोग अपनी दिल की समस्या के प्रति जागरुक रहें। जरा सी परेशानी को भी नजरअंदाज न करें।
*वर्ल्ड हार्ट डे को मनाने का महत्व*
दिल की बीमारियां दुनिया में सर्वाधिक मृत्यु का कारण हैं। यह दिन लोगों को दिल की देखभाल के प्रति जागरूक करता है। ऐसे में वर्ल्ड हार्ट डे को मनाने के पीछे का कारण है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा और सुझाव प्रदान किया जाए। बता दें कि फिजिकल एक्टिविटी, सही खान-पान और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देने से दिल की बीमारी से बचाव किया जा सकता है।
*कैसे करें दिल की देखभाल*
संतुलित और हेल्दी डाइट लें।
ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स का सेवन करें।
ज्यादा नमक, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
समय से सोएं और समय से उठें, देर रात तक जागने से परेशानी बढ़ सकती है।
हर दिन कम से कम 30 मिनट चलना, जॉगिंग, साइकिलिंग या योग करना।
तंबाकू और शराब दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ाते हैं।
मेडिटेशन, डीप ब्रेथिंग और अपने शौक के लिए समय निकालें।
ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की नियमित जांच कराएं।
TRNDKB: *Trump Tariff : विदेश में बनी फिल्मों पर Trump ने लगाया 100 फीसदी टैरिफ, भारत पर भी असर*
भारत पर भी असर, 20 मिलियन डालर का कारोबार होगा प्रभावित
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को पूरी दुनिया को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने अमरीका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि डोनाल्ट ट्रंप के इस फैसले से भारत में बनी फिल्मों पर भी असर पड़ेगा। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में अमरीका में भारतीय फिल्मों का कारोबार लगभग 20 मिलियन डालर तक पहुंच चुका है। अगर भारतीय फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाता है, तो इसका असर भारतीय फिल्म उद्योग पर पड़ेगा। ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए घोषणा की कि विदेशों में निर्मित सभी फिल्मों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। हमारा फिल्म उद्योग अन्य देशों द्वारा अमरीका से ठग लिया गया है, ठीक उसी तरह जैसे किसी बच्चे से उसकी कैंडी छीन ली जाती है। कैलिफोर्निया अपने कमजोर और अक्षम गवर्नर के कारण इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
इसलिए लंबे समय से चली आ रही अनसुलझी समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से मैं विदेशों में बनी सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लागू करूंगा। इसके ठीक बाद एक अन्य पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उत्तरी कैरोलिना, जिसने अपना फर्नीचर उद्योग को चीन और अन्य देशों के हवाले कर पूरी तरह गंवा दिया है, उसे फिर से महान बनाने के उद्देश्य से मैं उन सभी देशों पर टैरिफ लगाऊंगा, जो अमरीका में अपना फर्नीचर उत्पादन नहीं करते। इसके बारे अधिक जानकारी बाद में दी जाएगी।
TRNDKB: *एक महीने में पहला एग्जाम लेगी भर्ती एजेंसी, नेगोसिएशन के बाद टेंडर अवार्ड, तीन साल होगी एजेंसी की अवधि*
राज्य चयन आयोग में नेगोसिएशन के बाद टेंडर अवार्ड; तीन साल होगी एजेंसी की अवधि, दो साल बढ़ा सकेंगे
क्लास-थ्री की भर्तियों के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर को कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट की एजेंसी मिल गई है। सोमवार को उनके साथ नेगोसिएशन बैठक के बाद लैटर आफ इंटेंट यानी टेंडर अवार्ड कर दिया गया। एजेंसी को तीन साल की अवधि के लिए चयनित किया गया है। यदि काम ठीक रहा, तो दो साल तक इसे एक्सटेंशन दी जा सकेगी। राज्य चयन आयोग ने बताया कि टेंडर की शर्तों के मुताबिक दो महीने का पीरियड पूरी व्यवस्था के लिए रहता है, लेकिन कोशिश यह है कि एक महीने के भीतर पहला सीबीटी एग्जाम हो जाए। टेंडर के बाद अब आयोग और इस एजेंसी के बीच एग्रीमेंट भी साइन होना है। नई बात यह है कि एग्जाम सेंटर यह एजेंसी खुद बनाएगी। राज्य सरकार के सरकारी दफ्तरों के कम्प्यूटर परीक्षाओं के लिए नहीं लिए जाएंगे।
इसलिए किसी भी परीक्षा के लिए सिर्फ संडे या छुट्टियों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। आवेदक ज्यादा होने की सूरत में मल्टी सेशन में एग्जाम होंगे और रिजल्ट बहुत जल्दी घोषित किया जा सकेगा। इस एजेंसी को जिस फॉर्मेट पर काम दिया गया है, उसके अनुसार सीबीटी की ये परीक्षाएं यूजीसी, बैंकिंग सेक्टर या जेईई मेन्स एग्जाम की तरह होंगी। इस एजेंसी का लंबे अरसे से इंतजार था। राज्य सरकार ने इससे पहले भारत सरकार की एजेंसी सी-डेक से भी समझौता करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका काम बेहद स्लो पाया गया था। नई एजेंसी के जरिए राज्य चयन आयोग कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट लेने की शुरुआत करेगा। अभी कोशिश यह हो रही है कि नए सिस्टम में अभ्यर्थियों पर फीस का ज्यादा भरना पड़े।
टीजीटी और जेबीटी परीक्षा से होगी शुरुआत
राज्य चयन आयोग ने टीजीटी और जेबीटी के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और कुल 1537 पदों के लिए 90,167 आवेदन आए हैं। वर्तमान में टीजीटी के लिए 30 सितंबर तक करेक्शन की विंडो दी गई है। यह करेक्शन सिर्फ कैटेगरी या सब कैटेगरी में की जा सकती है। इसी तरह की एक विंडो जेबीटी को भी दी जा सकती है। इन्हीं परीक्षाओं से नई एजेंसी सीबीटी की शुरुआत करेगी।
TRNDKB: *Himachal Weather: हिमाचल में दो दिन बारिश का यलो अलर्ट, 40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा तूफान*
हिमाचल प्रदेश में चार और पांच अक्तूबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। तीन अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार सात से 30 सितंबर से तीन अक्तूबर तक मौसम की कोई चेतवानी नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार चार और पांच अक्तूबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में चार अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश तथा पांच अक्तूबर 2025 को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार-पांच दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में तापमान धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश स्टेशनों के न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ, कई स्टेशनों के लिए न्यूनतम तापमान सामान्य से दो-छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, कुछ जगहों के लिए यह सामान्य रहा तथा राज्य भर में आठ से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्टेशनों के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ, अधिकांश जगहों के लिए अधिकतम तापमान सामान्य से दो-आठ डिग्री सेल्सियस अधिक रहा तथा राज्य भर में यह 21-38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
TRNDKB: *हिमाचल की बेटियों ने फिर लहराया परचम, गांव की गलियों से कोर्टरूम तक बेटियों ने भरी सपनों की उड़ान*
कुछ दिन पहले ही हिमाचल में ज्यूडिशियल सर्विस की लिखित परीक्षा का रिजल्ट सामने आया। और इस रिजल्ट ने सबको चौंका दिया, ये खबर बेटियों को अकसर कम आँकने वाले समाज के लिए करारा जवाब है— क्योंकि इस बार बेटियों ने किसी सामान्य परीक्षा में नहीं बल्कि न्यायपालिका जैसी सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। सफलता भी ऐसी कि कुल 19 पदों में से 16 पदों पर बेटियां चयनित हुई है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है। और सबसे अहम बात ये बेटियां किसी बड़े घराने की नहीं बल्कि आम परिवारों से संबंध रखती हैं। किसी के पिता ड्राइवर हैं तो किसी के घर में हालात तंग लेकिन बावजूद इसके बेटियों ने अपनी मंजिल पा ही ली।
न्यायिक सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। यहां केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि धैर्य, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति की भी आवश्यकता होती है। इन 16 बेटियों ने यह दिखा दिया कि अगर संकल्प मजबूत हो तो कोई भी सपना असंभव नहीं।
अब आप ऊना की ही बेटी को देख लीजिए- बसदेहड़ा की सिमरजीत कौर साबित कर दिया कि सपनों को साकार करने के लिए हालात नहीं, बल्कि हौंसले मायने रखते है। पिता पेशे से ट्रक चालक हैं.. लेकिन बेटी अब न्याय करेगी, सिमरनजीत ने रोजाना 15 घंटे पढ़ाई कर यह परीक्षा पास की, और अपने बचपन के सपने को पूरा किया। सिमरनजीत कौर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता अमरीक सिंह व ताया के बेटे इकबाल सिंह सहित अन्य परिवारिक सदस्यों को दिया।
वहीं सिमरनजीत कौर के परिजन भी उनकी इस उपलब्धि पर काफी खुश नजर आ रहे हैं। सिमरन को हर पड़ाव पर अपने परिवार का पूरा साथ मिला इस तरह हिमाचल की एक और बेटी ने भी सरकारी स्कूल से सफर शुरू कर अपनी मंजिल को तलाश लिया है।
जोगिंद्रनगर की उर्वशी दूसरे अटेम्ट में जज बन गई हैं। परीक्षा की तैयारी करते हुए कई बार उतार चढ़ाव भी आए, लेकिन परिवार ढाल बन खड़ा रहा दोस्त हिम्मत बन गए और बस फिर क्या था मंडी की ये बेटी भी पूरे प्रदेश में अपना प्रचम लहरा गई।
उर्वशी की तरह ही मंडी की एक और बेटी जज बन कर अपनी मंजिल तक पहुंचने में कामयाब रही है। उपमंडल पद्धर की डलाह पंचायत से संबंध रखने वाली जिला परिषद सदस्य रविकांत की बेटी सिमरन ने भी न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर समूचे द्रंग-पद्धर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सिमरन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।जाहिर है सफर सिमरन के लिए भी आसान नहीं था लेकिन उनमें जुनून था अपने सपनों को पूरा करने का और वह इसमे सफल रहा।
तो देखिए- हिमाचल की इन नई न्यायाधीशों ने अपनी जीत के साथ यह संदेश पूरे देश को दिया है कि अब समय महिलाओं का है — और वे समाज की दिशा व दशा बदलने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। सिमरन, उर्वशी की तरह ही, हिमाचल की कीरति, मीनाक्षी, महकस प्रियंका, रेणु और अमीषा, तान्या, ऱश्मि जैसी कुल 16 बेटियों ने कठिन परीक्षा पास की है। हिमाचल की 16 बेटियों ने यह साबित कर दिया कि पर्वतों की तरह अटल संकल्प से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है यह सफलता हिमाचल प्रदेश के शिक्षा स्तर और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का भी आईना है ग्रामीण पृष्ठभूमि से लेकर शहरी इलाकों तक की बेटियों ने यह साबित किया है कि अवसर और हिम्मत मिलने पर वे हर ऊँचाई छू सकती हैं।
TRNDKB: *सडक़ों-पुलों-पानी पर खर्च होंगे 419 करोड़, RIDF के तहत विकास कार्यों के लिए नाबार्ड ने वित्तीय ऋण को दी मंजूरी*
हिमाचल की सुक्खू सरकार सडक़ों, पुलों, ग्रामीण पेयजल-सीवेज परियोजनाओं के निर्माण, सुदृढ़ीकरण के अलावा बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर 419 करोड़ रुपए खर्च करेगी। विकास कार्यों के लिए आरआईडीएफ के तहत नाबार्ड ने इस राशि को बतौर वित्तीय ऋण मंजूरी दे दी है। सरकारी विभागों को अपने-अपने विभागों में स्वीकृत परियोजनाओं का प्रशासनिक अनुमोदन कर 30 दिन के भीतर नाबार्ड को भेजना होगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर योजना विभाग ने नाबार्ड के लिए सभी विधायकों से सडक़ों, पुलों, पेयजल योजनाओं, सीवेज परियोजनाओं, बाढ़ प्रोटेक्शन कार्यों व माइनर इरिगेशन परियोजनाओं संबंधी प्राथमिकताएं मांगी थीं। विधायकों की प्राथमिकता के अनुसार योजना विभाग ने नाबार्ड से बजट का प्रावधान करवाया है।
सात जिलों की 20 ग्रामीण सडक़ों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण व सुधारीकरण पर 171 करोड़ रुपए, पांच जिलों में पांच आरसीसी पुल बनाने पर 47 करोड़ रुपए, तीन जिलों की सात ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के निर्माण व सुदृढ़ीकरण पर 83 करोड़ रुपए, किन्नौर जिला के सुन्नम गांव में सीवेज सिस्टम विकसित करने पर 8.72 करोड़ रुपए, कांगड़ा जिला के रैत ब्लॉक में तत्तवानी खड्ड कैचमेंट में बाढ़ प्रोटेक्शन कार्य पर 4.91 करोड़ रुपए और पांच जिलों की नौ माइनर इरिगेशन परियोजनाओं के निर्माण तथा सुधारीकरण पर 104 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इन जिलों में चकाचक होंगी सडक़ें
शिमला जिला के ठियोग, मशोबरा, टिकर व बसंतपुर, किन्नौर जिला के कल्पा, कुल्लू जिला के कुल्लू व बंजार, ऊना जिला के ऊना, हरोली मंडी जिला के मंडी व धर्मपुर, हमीरपुर के सुजानपुर व भोरंज विकास खंड में 20 ग्रामीण सडक़ों का कायाकल्प किया जाएगा।
इन जिलों में बनेंगे पुल और पेयजल योजनाएं
प्रदेश सरकार सडक़ों, पुलों, ग्रामीण पेयजल-सीवेज परियोजनाओं के निर्माण के अलावा बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर जो 419 करोड़ रुपए खर्च करेगी, उनमें शिमला के चौपाल, कुल्लू के मनाली, लाहुल-स्पिति के उदयपुर, ऊना के भरवाईं व सिरमौर जिला के पच्छाद में पुल बनेंगे। कांगड़ा जिला के इंदौरा, देहरा, इसके साथ ही सोलन के बद्दी, ऊना के ऊना और बंगाणा में सात ग्रामीण पेयजल योजनाओं के निर्माण, सुदृढ़ीकरण और सुधारीकरण पर राशि खर्च की जाएगी। माइनर इरिगेशन परियोजनाएं चंबा जिला के भटियात, सिंहुता, चंबा, कांगड़ा के कांगड़ा व परागपुर, सोलन के नालागढ़, कसौली, ऊना के हरोली और लाहुल स्पीति के लाहुल में बनेंगी।
TRNDKB: *Festive सीजन में बंपर ऑफर पर क्लिक करते समय रहें सावधान! कहीं खाली न हो जाए जेब*
असली जैसा दिखने वाला ऑफर हो सकता है साइबर ठगी का लिंक
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए साइबर सेल ने जारी किया अलर्ट
ग्राहकों को लूटने के लिए नए-नए तरीके इस्तेमाल कर रहे शातिर
त्योहारी सीजन के चलते ऑनलाइन शॉपिंग के लिए ऑफर की बहार आई हुई है। त्योहारी सीजन पर बड़ी छूट के चक्कर में लोग ऑनलाइन शॉपिंग को प्रमुखता दे रहे हैं। लोगों के इस मूड को भांपते हुए कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर दे रही हैं। कहीं एक सामान की खरीद पर 50-70 फीसदी तक की छूट का ऑफर दिया जा रहे हैं तो कहीं महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने के लिए शून्य ब्याज दर पर कर्ज देने का ऑफर। ऐसे किसी भी बंपर ऑफर पर क्लिक करते समय ग्राहकों को बेहद सावधान रहना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि असली जैसा दिखने वाला ऑफर कोई ठगी का लिंक हो और इस पर क्लिक करते ही शातिर आपके बैंक खाते से राशि निकाल सकते हैं। इन दिनों ग्राहकों को लूटने के लिए शातिरों ने नए-नए तरीके इस्तेमाल करने शुरू कर दिए हैं। इनमें असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो गया है। कई बार फर्जीवाड़ा करने के लिए असली कंपनी के रूप-रंग और डिजाइन की वेबसाइट भी बना दी जाती है। इन पर क्लिक करते ही आपकी सारी गोपनीय जानकारी शातिरों के पास पहुंच जाती है। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर ठगों से बचने के लिए साइबर सेल ने भी अलर्ट जारी किया है।
साइबर सेल की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में बताया है कि त्योहारी सीजन में किसी भी कंपनी का ऑफर स्वीकार करने से पहले कंपनी के सोशल मीडिया अकाउंट की अवश्य जांच कर लें। इसके बाद भी यदि कुछ शंका हो तो कंपनी के आसपास की शाखा या शोरूम पर जाकर ऑनलाइन बाजार के लिए दिए जा रहे ऑफर की जानकारी जरूर लें। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार के दामों में आ रहे अंतर और फायदे के बारे में बेहतर जानकारी भी मिल जाएगी। उधर, एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी का कहना है कि आपको लगे कोई आपके साथ फ्रॉड करने की कोशिश कर रहा है तो आप 1930 नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा अपने नजदीकी साइबर पुलिस थाने में भी साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। एसपी रोहित मालपानी ने लोगों से एहतियात बरतने की सलाह दी है।
TRNDKB: *सीएम सुक्खू के लौटते ही राजधानी में हलचल*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विदेश यात्रा और दिल्ली दौरे के बाद शिमला पहुंच गए हैं। सोमवार शाम को दिल्ली से हेलिकॉप्टर के माध्यम से वह शिमला लौटे, लेकिन खराब मौसम के कारण अनाडेल में लैंड नहीं कर पाए। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर उतरा। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी भी मौजूद थे। उपायुक्त ने मानसून के दौरान जिला में चल रहे राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। वहीं, जिला में विकास कार्यों के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी। मुख्यमंत्री सुक्खू अब मंगलवार से सचिवालय में उपलब्ध रहेंगे और कैबिनेट की अगली तारीख पर भी फैसला होगा। यह सप्ताह हलचल भरा रहने वाला है। यदि मुख्य सचिव पर प्रबोध सक्सेना को फिर से एक्सटेंशन नहीं मिल, तो नए मुख्य सचिव पर भी फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।
इसी के साथ प्रशासनिक फेरबदल पर भी निर्णय हो सकता है। मानव संसाधन का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए प्रशासनिक पदों पर आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों से काम लेने को लेकर भी सचिवालय में चर्चा चल रही है। भारत सरकार इस मॉड्यूल पर पहले से काम कर रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री अपने सरकारी निवास ओक ओवर से फोरेंसिक विभाग के छह आधुनिक सैंपलिंग वाहनों को भी रवाना करेंगे। इसके बाद बागबानी सेक्टर में काम करने के लिए इच्छुक न्यूजीलैंड का एक दल मुख्यमंत्री से सचिवालय में बैठक करेगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री मीडिया से भी बातचीत करेंगे और अपनी विदेश यात्रा के साथ-साथ दिल्ली दौरे के दौरान की घटनाओं को साझा करेंगे। पिछले कुछ दिनों में कई महत्त्वपूर्ण घटनाएं ऐसी हुई हैं, जिस पर राज्य सरकार की नजर है। इसमें फार्मा सेक्टर पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 100 फीसदी टैरिफ के अलावा जीएसटी दरें कम होने के बाद हिमाचल पर पडऩे वाले असर के मामले भी शामिल हैं।
TRNDKB: *सिरमौर में 5.34 करोड़ से बनेगा नशामुक्ति केंद्र, राशि मंजूर, कोटला बड़ोग में बनेगा 100 बिस्तरों वाला सेंटर*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और नशे की लत से प्रभावित युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक व्यापक द्वि-आयामी रणनीति अपनाई है। यह रणनीति युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन को रोकने और पहले से ही नशे की लत में फंसे लोगों के पुनर्वास पर केंद्रित है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पुनर्वास की सुविधा के लिए, राज्य सरकार ने सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग में पर्याप्त जगह के साथ 100 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र के निर्माण के लिए 5.34 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसके अलावा, मंडी, लाहुल-स्पीति, चंबा, सोलन और सिरमौर जिलों में पांच नए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श और शीघ्र हस्तक्षेप के लिए 108 नए दिशा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां आशा कार्यकर्ताओं, चिकित्सक और मनोचिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वर्तमान में कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के लिए चार नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, जबकि कुल्लू जिला में रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा महिलाओं के लिए एक अलग केंद्र संचालित किया जा रहा है। जन जागरूकता प्रयासों के तहत राष्ट्रीय नशा निवारण अभियान के तहत 5.76 लाख से अधिक लोगों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया है। इस अभियान में 5,660 गांवों और 4,332 शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया है, जिसमें किशोरों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नशा तस्करों के लिए कठोर दंड का प्रावधान
कानूनी ढांचे को मजबूत करते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (रोकथाम एवं नियंत्रण) विधेयक, 2025 पारित किया है, जिसमें नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल लोगों के लिए मृत्युदंड, आजीवन कारावास, 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की जब्ती सहित कठोर दंड का प्रावधान है। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश मादक पदार्थ एवं नियंत्रित पदार्थ (रोकथाम, नशामुक्ति एवं पुनर्वास) विधेयक, 2025 नशामुक्ति, पुनर्वास, निवारक शिक्षा और आजीविका संबंधी पहलों को समर्थन देने के लिए एक राज्य कोष की स्थापना करता है। साथ ही अवैध नशीली दवाओं के व्यापार में लिप्त लोगों के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान करता है।
TRNDKB: *मुझे बदनाम करने के लिए कुछ नेता कर रहे साजिश, बाली ने होटल खरीद मेें परिवार पर लगे आरोपों को नकारा*
कहा, भाजपा सरकार लाई थी ओटीएस पॉलिसी
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने पालमपुर के एक होटल की खरीद मामले में कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी उनके परिवार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नगरोटा की जनता सब जानती है। सब जानते हैं कि इसके पीछे कौन-कौन से नेता हैं और कौन से अधिकारी, सब पर उनकी पैनी निगाह है। श्री बाली ने कहा कि ओटीएस पॉलिसी कांग्रेस नहीं, बल्कि पिछली भाजपा सरकार के समय लाई गई थी। यह सौदा पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ है। इसके बावजूद कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाकर न केवल उनकी, बल्कि पूरे परिवार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ में कोर्ट का दरबाजा खटखटाएंगे। आरएस बाली ने अपने परिवार और निजी जीवन पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप की परंपरा रही है, लेकिन जब किसी के परिवार पर व्यक्तिगत हमले किए जाते हैं, तो सच सामने रखना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के बरिष्ठ नेताओं में से किसी ने उनके खिलाफ कोई ब्यान नहीं दिया। जबकि कुछ लोग छोटी राजनीतिक कर उनके परिवार को बदनाम कर रहे हैं। बाली ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय बरिष्ठ नेता नितिन गडक़री व कांग्रेस के बरिष्ठ नेता कमनाथ सिंह जो मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके भी अपने कारोबार हैं। राजनीतिक क्षेत्र में अनेकों ऐसे लोग हैं जो राजनीति से पहले अच्छे कारोबारी थे। लेकिन इन सब बातों की समझ हर किसी को नहीं है। यह राजनीतिक मकसद से प्रेरित है और दो-तीन लोग लगातार झूठ की राजनीति कर रहे हैं। वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने भी इस विषय पर कुछ नहीं कहा, क्योंकि वे तथ्य से परिचित थे।
TRNDKB: *कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग आतंकी समूह घोषित*
भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गैंग को कनाडा ने आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। कनाडा सरकार का कहना है कि गैंग के चलते भय का माहौल तैयार हो रहा है। कहा जा रहा है कि कनाडाई कानून के अनुसार, इस फैसले के बाद गैंग से जुड़ी सभी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।
कनाडा सरकार में मंत्री गैरी आनंदसांगरी ने कहा कि बिश्नोई गैंग की तरफ से कछ समुदायों को आतंक, हिंसा और धमकी के लिए निशाना बनाया जा रहा है। आपराधिक आतंकवादियों के इस समूह को सूची में डालने से हमें उनका मुकाबला करने और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए और भी ज्यादा ताकत और उपाय मिलेंगे।
TRNDKB: *पीओके में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सेना की गोलीबारी के बाद बेकाबू हुई भीड़, हजारों लोग सडक़ों पर उतरे*
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, यानी पीओके में लोगों का प्रदर्शन हिंसा में बदल गया है। सेना की गोलीबारी के बाद आम लोगों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हजारों नागरिक सडक़ों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पीओके से आ रही रिपोट्र्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी भी की है, जिससे माहौल काफी बिगड़ गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें दशकों से राजनीतिक उपेक्षा, मानवाधिकार उल्लंघन और ‘दूसरे दर्जे के नागरिक’ जैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक विशाल सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहा है, जहां अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) लंबे समय से वंचित राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों की मांग को लेकर ‘बंद और चक्का जाम’ हड़ताल कर रही है। इसके अलावा यह भी संभावना है कि अमरीका, ब्रिटेन और पूरे यूरोप जैसे देशों में पीओके प्रवासी समुदाय भी इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिए विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। एसीसी, जो एक नागरिक समाज गठबंधन है, उसका कहना है कि यह आंदोलन किसी संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के बुनियादी अधिकारों के लिए है, जिन्हें पिछले 70 सालों से छीन लिया गया है।
TRNDKB: *Women’s ODI World Cup 2025: आज भारत की श्रीलंका से पहली जंग*
गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में दोपहर बाद 3:30 बजे से खेला जाएगा मुकाबला
मजबूत रिकार्ड के साथ प्रबल दावेदार के रूप में भारतीय महिला क्रिकेटर मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी महिला विश्व कप के पहले मैच में जीत हासिल करने उतरेगी। एकदिवसीय मुकाबलों की बात की जाए, तो भारत ने श्रीलंका के खिलाफ खेले गए 35 मैचों में से 31 में जीत हासिल की है। मेहमान टीम को केवल तीन मैच जीते हैं और एक बेनतीजा रहा है। इस साल शानदार फॉर्म में चल रही कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना का बल्लेबाजी में दबदबा होगा। उन्होंने 14 मैचों में 66.28 की औसत से 928 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और तीन अद्र्धशतक शामिल हैं। जेमिमाह रोड्रिग्स, हरलीन दियोल, दीप्ति शर्मा और प्रतीका रावल एक चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में सक्षम टीम बनाती है। भारतीय गेंदबाजी की बात की जए, तो स्नेह राणा 4.97 की इकॉनोमी रेट से 21 विकेट लेकर शीर्ष पर हैं।
रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा, सभी श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकने और महत्त्वपूर्ण मौकों पर विकेट झटकने में सक्षम है। वहीं, चामरी अटापट्टू की अगवाई में श्रीलंका इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करेगा। उनकी उम्मीदें भरोसेमंद हर्षिता समरविक्रमा पर टिकी हैं, जिन्होंने इस साल आठ मैचों में 48.00 की औसत से 336 रन बनाए हैं। स्पिनर देवमी विहंगा उनकी बेहतरीन गेंदबाज रही हैं, उन्होंने चार मैचों में 11 विकेट लिए हैं। इन पर भारत के स्कोर को रोकने की जिम्मेदारी होगी। बरसापारा की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, इस पिच पर एकदिवसीय मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 300 रन होता है। बीच के ओवरों में स्पिनर को टर्न मिल सकता हैं।
भारत— हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, प्रतीक रावल, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, ऋचा घोष (विकेट कीपर), अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़ और रेणुका ङ्क्षसह ठाकुर।
श्रीलंका— चामरी अटापट्टू (कप्तान), हर्षिता समाराविक्रमा, हासिनी परेरा, विशमी गुणरत्ने, नीलाक्षी डी सिल्वा, अनुष्का संजीवनी (विकेटकीपर), पिउमी बदलगे, देवमी विहंगा, सुगंडिका कुमारी, इनोका राणावीरा और मल्की मदारा।
TRNDKB: *अंडे, टमाटर, जूतियों से पाकिस्तान टीम का इस्तकबाल, हार पर बौखलाए फैन्स*
एशिया कप में पाकिस्तान को फिर जलालत का सामना करना पड़ा है। भारत ने कल पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर उनकी बदला लेने की सारी हेकड़ी खत्म कर दी है। पाकिस्तान में हार को लेकर फैंस में जबरदस्त गुस्सा है और पाक क्रिकेटर्स को बुरा-भला कह रहे हैं। एशिया कप में जिस तरह पाकिस्तान भारत से 2 मैच हार चुका था, उसके बाद फैंस को लग रहा था कि पाकिस्तान दो हार का बदला फाइनल जीत कर लेगा, लेकिन फैंस की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं। हालांकि शुरूआत में सब कुछ सही चल रहा था और पहले दस ओवर तक फैंस को भी लग रहा था इस बार पाकिस्तान बदला ले लेगा, लेकिन पाकिस्तान इतिहास को बदल न सका और फिर वहीं आकर ढेर हो गया। हार के बाद पाकिस्तान की आवाम इतनी मायूस हो गई कि टीम को बहुत कुछ कह दिया। आइए जानते हैं क्या कहा पब्लिक ने…
अंडे, टमाटर, जूतियों से स्वागत
हार पर पाकिस्तान का एक फैंस कहता है कि यह पाक टीम का खानदानी पेशा है। जो हिटलर ने किया था, पाकिस्तानी टीम के साथ भी वैसा ही करना चाहिए। इनको तोप के आगे खड़ा कर देना चाहिए और फिर 21 तोपों की सलामी देनी चाहिए। इनको उड़ा देना चाहिए। इस टीम का स्वागत को जूते-अंडे, टूमाटर मारकर किया जाना चाहिए।
सभी से हारो, पर इंडिया से तो न हारो
फैंस कहता है कि पाकिस्तान टीम बेशक बाकी टीमों से हार जाए, लेकिन उसे भारत की टीम से कभी भी नहीं हारना चाहिए। फैंस कहता है कि…बेटा तुमसे न हो पाएगा, आ जाओ वापस। फैंस कहता है कि जबसे मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है, तभी से टीम का बेड़ागर्क हो गया है। बाबर के समय जैसा होता था, वैसा ही अभी भी हो रहा है। बाबर आउट हो जाता था, तो बाकी बल्लेबाज कहते थे बाबर भइया तुम चाय बनाओ, हम भी आ रहे हैं। फैंस ने कहा कि पहले 10 ओवर में पाकिस्तान बैटर्ज ने बीपी ऊपर चढ़ा दिया और उसके बाद तुरंत पेशाब की तरह नीच निकाल दिया।
भारत ने दिखाई स्किल
पाकिस्तान फैंस ने भारतीय बैटर्ज की जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि बेशक भारतीय टीम के तीन बटर्ज 20 के स्कोर पर आउट हो गए थे, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज से जरा भी नहीं लग रहा था कि वो प्रेशर में हैं। भारतीय बैटर्ज ने बड़े आराम से पारी को संभाला और मौके का फायदा उठाकर पाकिस्तानी गेंदबाजों की बखियां उधेड़ कर मैच अपने पाले में डाल लिया। पाकिस्तानी खिलाडिय़ों को देखकर लगा रहा था कि वे क्लब लेवल की टीम से भी गई गुजरा प्रदर्शन कर रहे हैं।
TRNDKB: *Counselling schedule : GNM कोर्स के लिए हिमाचल में काउंसलिंग शेड्यूल जारी*
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13 से 15 अक्टूबर तक आईजीएमसी में होगी काउंसलिंग
हिमाचल प्रदेश निदेशालय चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान ने तीन वर्षीय जेएनएम जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी है। यह काउंसलिंग 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2025 तक इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित की जाएगी। तीन दिवसीय काउंसलिंग में 13 अक्टूबर को मेडिकल स्ट्रीम में 93.20 से 72.80 प्रतिशत वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। वहीं 14 अक्टूबर को मेडिकल स्ट्रीम के 72.60 से 51.80 प्रतिशत वाले अभ्यर्थियों के साथ साथ नॉन मेडिकल स्ट्रीम के 91.40 से 50.00 प्रतिशत वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। वहीं आखिरी दिन 15 अक्टूबर को नॉन मेडिकल आट्र्स व कॉमर्स स्ट्रीम के 91.40 से 41.25 प्रतिशत वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग आईजीएमसी ऑडिटोरियम में की जाएगी।
बता दें कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति होगी जिन्होंने समय रहते आवेदन किया था और मेरिट लिस्ट में स्थान पाया है। साथ ही अभ्यर्थियों को सभी मूल प्रमाणपत्र लाने होंगें। आवश्यक दस्तावेज़ों में 10वीं व 12वीं की मार्कशीट, बोनाफाइड प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, आरक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र शामिल हैं। चयन पूरी तरह मेरिट आधार पर होगा और अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी व योग्यता अनुसार संस्थान चुनने का विकल्प मिलेगा। यदि सभी योग्य अभ्यर्थियों के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो प्रतीक्षा सूची से चयन किया जाएगा।
TRNDKB: *सिरमौर में 5.34 करोड़ से बनेगा नशामुक्ति केंद्र, राशि मंजूर, कोटला बड़ोग में बनेगा 100 बिस्तरों वाला सेंटर*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और नशे की लत से प्रभावित युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक व्यापक द्वि-आयामी रणनीति अपनाई है। यह रणनीति युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन को रोकने और पहले से ही नशे की लत में फंसे लोगों के पुनर्वास पर केंद्रित है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पुनर्वास की सुविधा के लिए, राज्य सरकार ने सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग में पर्याप्त जगह के साथ 100 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र के निर्माण के लिए 5.34 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसके अलावा, मंडी, लाहुल-स्पीति, चंबा, सोलन और सिरमौर जिलों में पांच नए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श और शीघ्र हस्तक्षेप के लिए 108 नए दिशा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां आशा कार्यकर्ताओं, चिकित्सक और मनोचिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वर्तमान में कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के लिए चार नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, जबकि कुल्लू जिला में रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा महिलाओं के लिए एक अलग केंद्र संचालित किया जा रहा है। जन जागरूकता प्रयासों के तहत राष्ट्रीय नशा निवारण अभियान के तहत 5.76 लाख से अधिक लोगों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया है। इस अभियान में 5,660 गांवों और 4,332 शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया है, जिसमें किशोरों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नशा तस्करों के लिए कठोर दंड का प्रावधान
कानूनी ढांचे को मजबूत करते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (रोकथाम एवं नियंत्रण) विधेयक, 2025 पारित किया है, जिसमें नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल लोगों के लिए मृत्युदंड, आजीवन कारावास, 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की जब्ती सहित कठोर दंड का प्रावधान है। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश मादक पदार्थ एवं नियंत्रित पदार्थ (रोकथाम, नशामुक्ति एवं पुनर्वास) विधेयक, 2025 नशामुक्ति, पुनर्वास, निवारक शिक्षा और आजीविका संबंधी पहलों को समर्थन देने के लिए एक राज्य कोष की स्थापना करता है। साथ ही अवैध नशीली दवाओं के व्यापार में लिप्त लोगों के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान करता है।
: *शिक्षा संग स्वास्थ्य क्षेत्र में भी होंगे बड़े बदलाव, डिप्टी सीएम बोले, बल्क ड्रग पार्क को मिली पर्यावरणीय मंजूरी*
हरोली को मिलेगा विकास का नया आयाम
प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री जयंती समारोह में पहुंचे उपमुख्यमंत्री
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों में निर्णायक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के नागरिकों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। सरकार इन दोनों क्षेत्रों में संसाधनों के सशक्तीकरण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। मुकेश अग्निहोत्री ने इस मौके पर कहा कि केंद्र सरकार से बल्क ड्रग पार्क को पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है और यह 2000 करोड़ रुपए की लागत से हरोली में स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल हरोली, बल्कि समूचे हिमाचल प्रदेश की आर्थिक प्रगति का नया अध्याय साबित होगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। मुकेश अग्रिहोत्री सोमवार को हरोली उपमंडल के पालकवाह ऑडिटोरियम में आयोजित प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। यह समारोह प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही उन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए डा. आस्था अग्निहोत्री के प्रयासों की सराहना की।
TRNDKB: *कृषि विश्वविद्यालय के नए कुलपति पर संशय बरकरार, दो साल से बिना रेगुलर वीसी के चल रही यूनिवर्सिटी*
आज सेवानिवृत्त होंगे कुलपति प्रो. नवीन कुमार, दो साल से बिना रेगुलर वीसी के चल रही यूनिवर्सिटी
प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के नए कुलपति कौन होंगे, इस पर संशय बना हुआ है। मौजूदा कुलपति प्रो. नवीन कुमार 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। कृषि विवि के नियमित कुलपति के चयन की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। किसी वैज्ञानिक को यह पद सौंपा जाता है या फिर प्रशासनिक अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है, यह देखने वाली बात है। प्रदेश कृषि विवि पिछले दो साल से अधिक समय से नियमित कुलपति की राह ताक रहा है। 13वें नियमित कुलपति प्रो. एचके चौधरी 21 अगस्त, 2023 को सेवानिवृत्त हुए थे और उनके बाद से कृषि विवि को रेगुलर वीसी नहीं मिल पाया है। 22 अगस्त, 2023 से 31 जुलाई 2024 तक डा. डीके वत्स ने कुलपति का कामकाज देखा।
पहली अगस्त, 2024 से डा. नवीन कुमार को कुलपति का कार्यभार सौंपा गया था और आज रिटायर होने जा रहे हैं। प्रदेश कृषि विवि में बतौर कार्यवाहक कुलपति सेवाएं देने का रिकार्ड भी प्रो. नवीन कुमार के नाम दर्ज हो गया है। प्रो. नवीन कुमार पहली अगस्त, 2024 से 30 सितंबर, 2025 तक की 13 माह की अवधि यह पद्भार संभाला। वहीं बिना नियमित कुलपति के प्रदेश कृषि दो साल से अधिक समय से चल रहा है और अभी भी नियमित कुलपति मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। कृषि विवि छात्र संगठन एबीवीपी ने कुछ समय पूर्व पालमपुर आए राज्यपाल से भी नियमित कुलपति की तैनाती का मुद्दा उठाया था। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू भी हुई थी, लेकिन वह प्रक्रिया जल्द ही थम गई। माना जा रहा है कि नए कुलपति को लेकर मंगलवार को कोई नाम सामने आ सकता है।
TRNDKB: *दो एचएएस अधिकारियों पर कार्रवाई, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के टेंडरों में अनियमिता बरतने के आरोप*
प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के तहत आने वाले राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के टेंडरों में अनियमिता का मामला सामने आया है। इसे लेकर सरकार ने विभाग से जुड़े रहे दो एचएएस अधिकारियों अनिल कुमार शर्मा और कल्याणी गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के फरमान जारी किए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के उपसचिव ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। मामले के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक जांच की गई थी। यह जांच उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा की गई और इसकी रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई। जांच का मुख्य फोकस टीएसए (टेक्निकल सपोर्ट एजेंसी) की नियुक्ति प्रक्रिया पर था। जांच के दौरान इसे सरकार के नियमों, नीतियों और हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम 2009 के तहत परखा गया। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि जिस निविदा प्रक्रिया से टीएसए, यानी एम/एस ईडीपीसीएल फर्म को जोड़ा गया, उसमें प्रक्रियागत खामियां रही हैं और यह प्रक्रिया वित्तीय नियमों के अनुसार नहीं अपनाई गई। इतना ही नहीं, जिस अनुबंध के तहत यह प्रक्रिया अपनाई गई थी, उसमें स्पष्ट तौर पर उप-ठेकेदारी या जिम्मेदारियों को आगे सौंपने पर रोक थी। इसके अलावा उस समय राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ रहे अनिल कुमार शर्मा ने इस पूरी प्रक्रिया से पहले सक्षम प्राधिकारी से वित्तीय स्वीकृति नहीं ली। इसी आधार पर ग्रामीण विकास विभाग ने यह माना कि उक्त अधिकारियों ने न केवल हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम, 2009 का उल्लंघन किया है, बल्कि केंद्र सरकार की उस योजना की गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया।
इसके तहत 10,000 किसान उत्पादक संगठनों के गठन और संवर्धन का कार्य होना था। इन कमियों के चलते अनिल कुमार शर्मा, जो वर्तमान में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शिमला के पद पर तैनात हैं और कल्याणी गुप्ता, जो उस समय खंड विकास अधिकारी थीं और फिलहाल परियोजना अधिकारी, आईटीडीपी, केलांग जिला लाहुल-स्पीति के पद पर कार्यरत हैं, को 18 जनवरी, 2025 को शो कॉज नोटिस जारी किए गए थे। कल्याणी गुप्ता ने 31 जनवरी, 2025 को और अनिल शर्मा ने 13 फरवरी, 2025 को अपने-अपने जवाब दिए। हालांकि, विभाग ने इन जवाबों को असंतोषजनक माना। अब सरकार ने सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए मसौदा चार्जशीट और संबंधित दस्तावेज कार्मिक विभाग को भेजे गए हैं। सक्षम प्राधिकारी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दे दी है।
TRNDKB: *तमिलनाडु भगदड़ कांड की जांच कमेटी में अनुराग ठाकुर*
दक्षिण भारतीय फिल्मी अभिनेता से राजनेता बने विजय द्वारा अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम के लिए तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार को एक रैली के आयोजन के दौरान भगदड़ के बाद 40 लोगों की मौत हो गई थी। भाजपा हाईकमान ने इस मामले की जांच के लिए हेमा मालिनी के नेतृत्व में आइ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को इस प्रतिनिधिमंडल का सदस्य नियुक्त किया गया है, जो त्रासदी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगा और इस घटना के कारणों की जांच करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में अनुराग ठाकुर के अलावा भाजपा सांसद और भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या, पूर्व डीजीपी एवं भाजपा सांसद बृज लाल, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, टीडीपी सांसद पुट्टा महेश कुमार तथा भाजपा सांसद अर्पिता संगरी एवं रेखा शर्मा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट भाजपा हाईकमान को भी सौंपेगा।
TRNDKB: *जयराम का आरोप, आपदा के पैसों से चल रही सरकार*
सोलन में गरजे नेता प्रतिपक्ष, टैक्स में राहत देने की उठाई मांग
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को राज्य सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि केंद के आए आपदा के पैसों से प्रदेश सरकार चल रही है। गाडिय़ां खरीदी जा रही है व सरकार के दूसरे खर्चे भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की जनता के साथ बहुत बढ़ा अन्याय है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में सीमेंट पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग की आर्थिक हालत को और बिगाड़ दिया है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि जबकि देशभर में जीएसटी के तहत सीमेंट पर टैक्स को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है, वहीं हिमाचल में इसे बढ़ा दिया गया, जिससे आम जनता पर सीधा बोझ पड़ा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस आर्थिक संकट के समय में सीमेंट पर बढ़े टैक्स को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन काल भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शितायुक्त, जनहित के लिए समर्पित है। 11 साल का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियां से भरा रहा है।
मोदी सरकार हर दिन देशवासियों को राहत देने का काम करती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार टैक्स का बोझ डालकर प्रदेशवासियों को हर दिन परेशान करती है। जब प्रधानमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी लागू करके देशवासियों को कर से राहत दी, तो हिमाचल सरकार ने रातों रात एडिशनल गुड्स टैक्स यानी एजीटी बढ़ाकर 16 रुपए कर दिया। इससे सीमेंट छह रुपए महंगा हो गया। यह फैसला 15 सितंबर की कैबिनेट बैठक में ही गुपचुप तरीके से किया गया। हैरानी की बात यह है कि मीडिया ब्रीफिंग में सरकार के प्रतिनिधि ने इसका जिक्र भी नहीं किया। एक तरफ प्रदेश में मोदी सरकार सीमेंट के दाम में 40 रुपए की कमी करती है, तो सुक्खू सरकार छह रुपए की वृद्धि कर देती है। आपदा ग्रस्त प्रदेश वासियों को राहत देने के लिए हिमाचल सरकार तत्काल एजीटी वापस ले। जयराम ने सोमवार को सोलन के प्रसिद्ध माता शूलिनी मंदिर में नवरात्र के शुभ अवसर पर माता की पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों को नवरात्र की बधाई दी।
नेताओं के दौरों से प्रदेश को क्या फायदा हुआ
जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री के विदेश दौरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से स्वास्थ्य मंत्री लगातार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इन दौरों से प्रदेश को क्या लाभ मिला है। जब राज्य आपदा और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, ऐसे समय में नेताओं को इस तरह के खर्चीले दौरों से परहेज करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे जनता की भलाई को ध्यान में रखते हुए तुरंत अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और राज्य को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
TRNDKB: *पंचायत और निकाय चुनावों की तैयारियां तेज, 20 करोड़ होंगे खर्च, 35 हजार कर्मचारीं देंगे ड्यूटी*
हिमाचल प्रदेश में पंचायत व निकाय चुनावों की तैयारियों तेज हो गई हैं। प्रदेश की पंचायतों में प्रधान बनाने को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों की तैयारियां को लेकर चुनाव आयोजन की तैयारियों भी पूरी हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान लगाया है। यह खर्चा बैलेट पेपर के प्रिंटिंग स्टेशनरी और कर्मचारियों के टीए डीए को लेकर है। इन चुनावों में करीब 35 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने में अपना योगदान देंगे। राज्य चुनाव आयोग में इन चुनावों के लिए 3 करोड़ बैलेट पेपर के प्रिंटिंग के ऑर्डर दिए हैं।
चुनाव आयोग इस समय वोटर लिस्ट के प्रारूप को अंतिम रूप देने में जुटा है। बताया जा रहा है कि अगले दो दिनों में मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जा सकता है। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में 20 से 26 सितंबर के बीच हुई ग्राम सभा की बैठकों में वोटर लिस्ट की वेरीफिकेशन पूरी कर ली गई है। इसमें मृतकों, स्थानांतरित व्यक्तियों और विवाह के बाद अन्य पंचायत में स्थानांतरित महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं
TRNDKB: *चंबा मेडिकल कॉलेज की लैब में शुरू नहीं हुई टेस्ट की सुविधा*
चंबा। मेडिकल कॉलेज की लैब में एक सप्ताह बीतने के बाद भी टेस्ट की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। सरकारी लैब में खराब पड़ी मशीनें अभी तक ठीक नहीं हो पाई हैं। *इसके चलते मरीज अपने टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में अधिक पैसे खर्च करने को मजबूर हैं। जबकि, सरकारी में मरीजों के टेस्ट मुफ्त करने का प्रावधान है।*
डॉक्टर के परामर्श पर जब मरीज सरकारी लैब में टेस्ट करवाने के लिए जाते हैं तो वहां पर उन्हें मशीनें खराब होने का हवाला देकर बैरंग लौटा दिया जाता है। इसके बाद मरीजों के पास निजी लैबों में जाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं रहता। क्रस्ना लैब में भले ही सरकार ने कम दरों पर टेस्ट करने की व्यवस्था कर रखी है लेकिन वहां टेस्ट की रिपोर्ट समय पर न मिलने से मरीज परेशान रहते हैं। ऐसे में जल्दी इलाज करवाने के चक्कर में मरीज निजी लैबों में जाकर ही अपने टेस्ट करवाने को मजबूर हैं।
तीमारदारों में विनोद कुमार, किशोर, रणवीर सिंह, नेक सिंह ठाकुर, अयूब, चैन लाल, महिंद्र सिंह और संजय शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। यहां पर मरीजों के टेस्ट की मशीनें इतने लंबे समय तक खराब नहीं रहनी चाहिए। सरकार और प्रशासन को यहां अतिरिक्त मशीनों की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि खराब मशीनों को जल्द ठीक करवाकर मरीजों को राहत प्रदान की जाए।
मेडिकल कॉलेज की लैब में खराब मशीनों को ठीक करने के लिए एक्सपर्ट जुटे हैं। जल्द ही यहां पर टेस्ट की सुविधा शुरू हो जाएगी। *-मानिक सहगल, प्रवक्ता मेडिकल कॉलेज चंबा*
TRNDKB: *Himachal: प्रदेश सरकार की दो टूक, जहां तैनाती, वहीं देनी होंगी डॉक्टरों को सेवाएं*
*सरकार की ओर से जिन स्वास्थ्य केंद्रों में डाॅक्टरों को तैनाती दी गई है, उन्हें वहीं सेवाएं देनी होंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तबादले के नोट पर विचार नहीं होगा।*
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जिन स्वास्थ्य केंद्रों में डाॅक्टरों को तैनाती दी गई है, उन्हें वहीं सेवाएं देनी होंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तबादले के नोट पर विचार नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने हाल ही में लोक सेवा आयोग के माध्यम से 200 डाॅक्टरों की भर्ती की है। इसमें से कई डाॅक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। की डाॅक्टर नेताओं के नोट लगाकर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के जुगत भिड़ा रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य संस्थानों में 200 और डाॅक्टरों की भर्ती की जा रही है।
हिमाचल में स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार रिक्त पदों को भर रही है। अधिकांश डाॅक्टरों की तैनाती आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में की गई है। प्रदेश सरकार आदर्श अस्पतालों में मरीजों को हर सुविधा देने पर जोर दे रही है। सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे के अलावा कुछ चुनिंदा संस्थानों में पीपीपी मोड पर एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। पहले चरण में 44, दूसरे चरण में 15 संस्थानों को आदर्श अस्पताल बनाया जा रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर हर विधानसभा क्षेत्रों में इन आदर्श अस्पतालों को खोला जाना है। इन अस्पतालों में छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है। 20 के करीब संस्थानों में 6 स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैनात किए गए हैं, जबकि कुछेक में अभी 4 स्पेशलिस्ट डाॅक्टरों की तैनाती की गई है। सरकार ने फैसला लिया है कि जिन डाॅक्टरों की तैनाती जहां की है, उन्हें वहीं सेवाएं देनी होंगी। ऐसा न करने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने कहा कि जहां डाॅक्टरों की कमी है, वहां उनकी तैनाती की जा रही है।
TRNDKB: *चंबा 29 सितंबर 2025*,
*चंबा में जिला सहकारिता विकास समिति की 5 वीं बैठक आयोजित*
*उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की बैठक की अध्यक्षता,*
*स्वयं सहायता समूहों व कृषि उत्पादक संघों को भी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से जोड़ा जाए - मुकेश रेपसवाल*
जिला मुख्यालय चंबा में जिला सहकारिता विकास समिति की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की। *बैठक में उपायुक्त ने जानकारी दी कि अब प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन व रख-रखाव के लिए पानी समीति के रूप में कार्य करने के लिए पात्र हैं जिसके बारे में पंचायती राज तथा जल शक्ति विभाग से विस्तृत चर्चा के पश्चात निर्णय लिया जाएगा*। उन्होंने कहा कि पानी समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के प्रबंधन व रख रखाव में गुणात्मक सुधार होगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक में उपायुक्त ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों व कृषि उत्पादक संघों को भी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से जोड़ा जाए।
बैठक में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण, डेयरी व मत्स्य पालन सहित विभिन्न बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के गठन , प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्यों, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाने के लिए नए नियमों को लागू करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर खाद्यान्न भंडारण कार्यक्रम में सहकारिता समितियों के योगदान, ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के जेनेरिक दवाइयों की बिक्री के लिए जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य करने, नए कृषक उत्पादक संघो के गठन, एलपीजी वितरण तथा पेट्रोल व डीजल बिक्री के लिए प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से संबंधित मापदंड इत्यादि बारे में विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सुरजीत सिंह ने सर्वप्रथम बैठक में सभी का स्वागत किया तथा उसके पश्चात जिला सहकारी विकास समिति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं बारे विस्तृत जानकारी देते हुए विभिन्न क्षेत्रों की कार्य प्रगति बारे विस्तृत जानकारी दी। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं बारे अपने-अपने विभागों से संबंधित विभिन्न पहलुओं बारे अपने सुझाव दिए।
बैठक में सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सुरजीत सिंह, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ भुपेंद्र सिंह, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के जिला प्रबंधक हंस राज, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता दीपक कुमार, पशुपालन विभाग से डॉ राकेश, नाबार्ड से राकेश कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता से करण तथा मत्स्य विभाग से प्रीतम चंद सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।
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