आज दोपहर के मुख्य समाचार पत्र ✉

Aug 31, 2025 - 13:27
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: *EPFO ने बदला नियम, अब इन लोगों को भी मिलेगी पेंशन… पहले नहीं था अधिकार* 

ईपीएफओ का बड़ा फैसला कर्मचारी पेंशन योजना से जुड़े नियमों में महत्त्वपूर्ण बदलाव

प्राइवेट जॉब करने वाले लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) से जुड़े नियमों में महत्त्वपूर्ण बदलाव किया है। इससे देशभर में प्राइवेट जॉब करने वाले लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा। ईपीएफओ के नए नियम के मुताबिक, ऐसे कर्मचारी जो किसी कारणवश छह महीने से कम नौकरी करके छोड़ देते हैं, उन्हें भी ईपीएस यानी पेंशन का अधिकार मिलेगा। ईपीएफओ अभी छह महीने से कम नौकरी करने वाले कर्मचारियों का ईपीएस कंट्रीब्यूशन ‘शून्य’ सेवा वर्ष मान लेता था, जिस कारण हजारों कर्मचारी पेंशन के अधिकार से वंचित हो जाते थे, लेकिन ईपीएफओ ने अप्रैल-मई 2024 के सर्कुलर के बाद से यह नियम बदल दिया है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नए नियम के मुताबिक, कोई व्यक्ति चाहे एक महीने नौकरी करे, लेकिन यदि उसने ईपीएस में योगदान किया है तो वह ईपीएस पेंशन के लिए पात्र होगा यानी पेंशन पाने का हक अब सेवा के पूरे साल की बजाय, योगदान के आधार पर तय किया जाएगा। ईपीएफओ का यह फैसला उन सेक्टर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जहां कम समय के लिए जॉब ऑफर की जाती है। मसलन, बीपीओ, लॉजिस्टिक्स, अनुबंध स्टाफिंग और शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स में हर साल हजारों लोगों को चंद महीने बाद ही फायर कर दिया जाता है। फाइनांस और सेल्स से जुड़ी जॉब भी ऐसे ही होती हैं। इन सेक्टरर्स में छह माह से कम नौकरी करने वाले हजारों कर्मचारी ईपीएस कंट्रीब्यूशन के बावजूद पेंशन से वंचित हो जाते थे। उनका ईपीएस कंट्रीब्यूशन भी बेकार हो जाता था। नया नियम युवाओं और अनियमित कार्यबल के लिए एक बड़ी राहत होगी।

: *हिमाचल में बढ़ते जा रहे तबाही के जख्म, नदियों में समा रहे गांव, मिट रहा पड़ाहों का अस्तित्व* 

आपदा में डरे-सहमे लोगों के मिला किसका सहारा

देवभूमि हिमाचल में यह क्या हो रहा है – प्रदेश में तबाही के जख्म भरने के बजाए बढ़ते ही जा रहे है। पहाड़ धंसते जा रहे रहे। गांव – शहर नदियों के आगोश में समा रहे है। बांधों में पानी खतरे के निशान से ऊपर हो गया है। धार्मिक यात्रा पर रोक लगानी पड़ी है। जगह- जगह से तबाही की जो तस्वीरें सामने आ रही है वो हैरान कर देने वाली है। जो प्रदेश पहाड़ों के लिए जाना जाता था आज उसके वही पहाड़ धंसते जा रहे है। जहाँ की नदियां और झरने इसकी शोभा को चार -चाँद लगाते थे आज वही नदियां और झरने तबाही मचा रहे है। जिसे देवभूमि कहा जाता है वहां पर देवी देवता इंसानों से रुष्ट है। आखिर हिमाचल में ये तबाही का सिलसिला कब थमेगा । सवाल सब कर रहे है लेकिन जबाव किसी के पास नहीं है।

देवभूमि हिमाचल प्रदेश थम सा गया है। जहाँ – चहल पहल हुआ करती थी आज वहां बस, लोगों का रोना सुनाई दे रहा है। शिक्षा , स्वास्थय, रोजीरोटी सब खतरे में है। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे, सड़कों की खराब स्थिति की वजह से मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचना मुश्किल हो गया है और लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। प्रदेश में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश के अलग – अलग जिलों में बारिश ने खूब कहर बरपाया है। जिला कुल्लू – जहाँ बीते दिनों भारी नुक्सान हुआ था, सड़कें बह गई थी आज वहां बारिश ने फिर कहर बरपाया है। जिला कुल्लू के आनी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कराड के गांव लोअर पटारना में उस वक्त मातम पसर गया जब भूस्खलन से दो रिहायशी मकान मलबे की चपेट मेें आ गए हैं, जिसमें 2 महिलाओं के दब जाने की सूचना है। बताया जा रहा है कि शारदा देवी पत्नी जय सिंह और लीला देवी पत्नी कृष्ण लाल के घर के ऊपर फ्लड आ गया, जिसमें वे दोनों महिलाएं दब गईं। परिवार के अन्य सदस्यों को गांव वालों द्वारा बाहर निकाल लिया गया है। हँसते खेलते इस परिवार को क्या मालूम था की एक दिन इनकी सारी खुशियां छिन जाएगी।

इसी तरह एक ओर तस्वीर सामने आयी आनी के खादवी गांव से जहां कई घर लैंड स्लाइड की चपेट में आ गए। दो घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए है जबकि कुछ घर खतरे की जद में गए है। ऊपर पूरा गांव है और नीचे से जमीन बहती जा रही है। रात को लोग चैन से सोये थे , इस उमींद में कि एक नई सुबह अपने साथ नई खुशहाली लाएगी लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह सुबह उन्हें जिंदगी भर के जख्म दे जाएगी। एक ओर जिला में सेब का सीजन शुरू हो गया है जो यहाँ के लोगों की आय का एकमात्र साधन है और दूसरी ओर बारिश ने इतनी तबाही मचाई है कि अब सेब सीजन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे है – सड़कें बंद पड़ी है अगर खुल भी जाये तो कुछ समय बाद दोबारा वहीँ मंजर देखने को मिलता है। इससे अब लोगों की रोजीरोटी पर भी खतरा मंडराने लगा है। कुल्लू-मनाली में पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की आपूर्ति बाधित है।

जिला चम्बा की बात की जाये तो भारी तबाही यहाँ हुई है। कई घर बह गए, सड़कें ठप पड़ी है। मणिमहेश यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। कई यात्री यहाँ फंसे हुए है। जिनकों सुरक्षित निकलने के प्रयास लगतार प्रशासन द्वारा किए जा रहे है। जिला चंबा में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए खुद राजस्व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी पहुंचे। मणिमहेश यात्रा के दौरान आई प्राकृतिक आपदा में फ़से कांगड़ा के अनुज ने कहा की वैसे तो कई वर्षों से वे यात्रा पर जा रहे है लेकिन जो मजर उन्होंने इस बार देखा उसे वे जिंदगी भर नहीं भुला सकते। आपदा के जख्म इतने गहरे है की इनको भरने में न जाने कितना समय लगेगा। नैशनल हाइवे चंबा से भरमौर पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जनजातीय जिले किन्नौर के लिप्पा में शुक्रवार सुबह बादल फटने के कारण व्यापक नुकसान की सूचना है। बादल फटने से आई बाढ़ में बगीचे बह गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम माैके के लिए रवाना हुई। बादल फटने के बाद दो लोग भी लापता थे लेकिन बाद में दोनों सुरक्षित मिल गए। कई ग्रामीणों के मकान भी शीघ्रस्त हुए है।

उधर जब बर्फ से ढके रहने वाले पहाड़ों पर भी अंबर बरसा तो लोग हैरान रह गए, लाहौल के कोकसर से डराने वाला मंजर देखने को मिला जहां पहाड़ों से पथरों की बरसात हुई। ऐसा ही कुछ मंजर दिखा रामपुर बुशहर के काशापाठ में जहाँ पहाड़ दरक रहा है । तबाही का यह खौफनाक मंजर देख लोग सहम गए है। प्रदेश के अन्य जिलों सोलन, सिरमौर आदि में भी बहुत नुक्सान हुआ है। प्रदेश भर से जहाँ लगातार तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं जिनको देख कर लोग सहम से गए है। लेकिन इस बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई जिन्होंने आपदा की इस घडी में लोगों के चेहरों पर मुस्कान लायी है। और ये साबित कर दिया है कि हिमाचल के लोगों की एकता, समर्पण भाव, और दूसरों की मदद करना की आदत ही इसके खास बनाती है। इस वक्त मणिमहेश यात्रा में गए कई लोग फंसे है। उनको बचाने में प्रशासन तो जुटा है लेकिन स्थानीय लोग भी पूरा साथ दे रहे है , यात्रियों का कहना है की स्थानीय लोगों ने उनकी बहुत मदद की है।

मनाली लेह सड़क मार्ग बंद होने के कारण लाहुल घाटी में सैकड़ों वाहन चालक फंसे हैं। महिला मंडल स्टिंगरी ने भी फंसे लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की है। लेभे जोगनी मंदिर कमेटी के सदस्यों और युवा मंडल मूलिंग द्वारा भी स्टिंगरी में फंसे हुए ट्रक वाले को खाना बांटा गया। ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई नौहराधार से – यहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोगटाली मे भारी बारिश के कारण विद्यालय के पीछे लगी सुरक्षा दीवार के गिर जाने के कारण पानी जमा हो गया था जिससे भवन को भारी नुकसान हो सकता था। लेकिन स्कूल के स्टाफ़ ने जोखिम उठाते हुए पानी की निकासी का प्रयास किया और भवन को नुकसान से बचा लिया l पौंग बांध से छोड़े गए पानी के कारण आई आपदा में कर्मियों को आर्डर देकर ड्यूटी बजाने की बजाए खुद की जान को जोखिम में डालते हुए पैरों में चप्पल व पैंट फोल्ड करके खुद एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर पानी के बीच घुसकर जनता की सेवा में दिन-रात डटे हुए हैं तथा उनकी इस कार्यशैली की हर कोई खुली प्रशंसा कर रहा है। हर कोई यही कह रहा है कि अधिकारी-कर्मचारी हो तो एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर जैसा हो। खेर प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है लोगों की मदद करने की। ये नुक्सान क्यों हो रहा है इस बात का जिक्र हम कई बार कर चुके है। और अब तो हमारे देवी -देवताओं ने भी कह दिया है कि इस तबाही का कारण खुद इंसान ही है। वैज्ञानिकों ने और हमारे देवी देवताओं ने चेताया है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो यह तबाही ऐसे ही जारी रहेगी। इस तबाही को हम रोक तो नहीं सकते लेकिन हम आने वाले समय के लिए इस पर जरूर रोक लगा सकते है। अवैज्ञानिक तरीके से कंस्ट्रक्शन नहीं करनी होगी, नदी नालों के रस्ते में घर नहीं बनाने होंगे, पेड़ों को कटने से बचाना होगा और प्रदुषण पर अंकुश लगाना होगा। और यह सब केवल खुद इंसान ही कर सकता है। और अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले साल और भी डरावने हो सकते है।

: *नई दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में* 

पीएम के खिलाफ टिप्पणी पर भडक़े बीजेपी कार्यकर्ता, अध्यक्ष समेत कई हिरासत में

बिहार में इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर बीजेपी ने जोरदार प्रदर्शन किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के सामने रोष प्रकट किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लहराए और राहुल गांधी से माफी की मांग की। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि। प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माता का अपमान करना देश की हर मां का अपमान है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। बाद में वीरेंद्र सचदेवा, सांसद कमलजीत शेरावत और कई पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

स्मृति ईरानी बोलीं, मां का अपमान हमारी संस्कृति नहीं

बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इतना भी नहीं होना चाहिए कि सीमाएं लांघ दी जाएं। प्रधानमंत्री का पद हमारे देश की संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है। यह करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। किसी की मां का अपमान करना हमारी भारतीय संस्कृति में नहीं है।

: *हिमाचल उजड़ा; केंद्र सरकार बेखबर, दिल्ली से चंबा लौटते ही CM ने कसा तंज* 

कहा, नहीं दिया विशेष राहत पैकेज

आपदा को भी राजनीति के तराजू पर तोल रहे

दिल्ली से आपदा प्रभावित चंबा जिला के दौरे पर आने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमारे लोग आपदा से उजड़ गए, घर बह गए, जिंदगियां बिखर गईं, लेकिन अफसोस, केंद्र सरकार की ओर से अब तक विशेष राहत पैकेज नहीं आया। जब वक्त की मार सबसे भारी होती है, तो राहत का इंतजार और भी दर्दनाक हो जाता है। हमने अपने सीमित संसाधनों से हर पीडि़त तक मदद पहुंचाने की कोशिश की है, क्योंकि हमें मालूम है, समय पर मिली राहत ही सच्ची राहत होती है। अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जब जनता का दु:ख आसमान छू रहा है, तब केंद्र की चुप्पी किसकी सेवा कर रही है? क्या आपदा भी अब राजनीति के तराजू पर तोली जाएगी? हम केंद्र सरकार से फिर आग्रह करते हैं- अब देरी न करें, विशेष आपदा पैकेज तुरंत जारी करें। इन दिनों हिमाचल भीषण आपदा का सामना कर रहा है।

दो दिन बारिश का अलर्ट सतर्क रहें लोग

मुख्यमंत्री सुक्खू ने नुकसान कम करने के लिए राज्य के लोगों को भी आगाह किया है। उन्होंने लिखा मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में आने वाले दो से तीन दिनों तक भारी बारिश के चलते कुछ हिस्सों में हालात चुनौतीपूर्ण बन सकते हैं। ऐसे में आप सभी से मेरा आग्रह है कि कृपया सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा बचें। संकट की इस घड़ी में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

देखते ही देखते मिनटों में बेघर हो गए परिवार

शनिवार को सीएम ने फतेहपुर, इंदौरा, भरमौर और आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया तथा अधिकारियों से चंबा में हुए नुकसान की जानकारी ली। कई स्थानों पर जो दृश्य देखने को मिले, वे हृदय को गहराई तक झकझोर देने वाले थे। अनेक परिवारों के घर, उनके सपने और वर्षों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फिर चुका है। प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया है कि इस कठिन घड़ी में सरकार और मशीनरी हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। हम सभी मिलकर आपदा के इस संकट से उबरेंगे।

पैदल भरमौर पहुंचे राजस्व मंत्री नेगी

चंबा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी गत शुक्रवार को ही पैदल मार्ग से भरमौर की ओर रवाना हो गए थे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मार्ग बंद होने के बावजूद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का निर्णय लिया। जगत सिंह नेगी के शनिवार को भरमौर पहुंच गए, जहां उन्होंने राहत कार्यों का जायजा लेकर स्थिति का आकलन किया।

: *कुल्लू से मनाली को दौड़ी गाडिय़ां, स्थानीयों संग सैलानियों ने भी ली चैन की सांस* 

लगातार बारिश और भूस्खलन से बंद रास्तों के बाद अब मनाली का संपर्क बहाल हो गया है। प्रशासन, एनएचएआई व लोक निर्माण विभाग की कड़ी मेहनत के बाद मुख्य मार्गों पर मलबा हटाने के साथ-साथ नदी से फिर से मनाली जाने के लिए रास्ता तैयार कर दिया है। अब आसानी से सभी मनाली तक अलेऊ (वामतट मार्ग) व वाहणु पुल से होते हुए मनाली तक पहुंच सकते है।

राष्ट्रीय राजमार्ग मंडी -मनाली और मनाली- लेह पर कई दिनों से रुक-रुक कर आवाजाही बाधित अभी भी जारी है। नेहरुकुंड के पास रास्ता ठीक होते ही वाहनों को भेजा जाएगा। जगह-जगह पर पहाड़ से पत्थर गिरने और मलबा आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौर रहे कि बीते दिनों 26 अगस्त को ब्यास में आई बाढ़ ने इस बार काफी अधिक रास्तों को डैमेज किया है, जहां पर एनएच-03 भी जगह जगह से प्रभावित हुआ है। एनएच को अभी ठीक करने के लिए 15 दिन से अधिक का समय लग सकता है।

मनाली शहर में नुकसान

मनाली शहर की अगर बात करे तो इस बार शहर के भीतर भी खासा नुकसान हुआ है। मनालसु नाला आने के चलते इस बार लो हट एरिया में भी दुकान व कुछ होटलों को नुकसान पहुंचा है। ओल्ड मनाली को जाने वाला पुल भी टूट चुका था।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद कार्यांे ने पकड़ी तेजी

प्रदेश के सभी उपायुक्तों से मुख्यमंत्री ने वीडियो क्रॉन्फेसिंग के जरिए बात की, जहां पर मुख्यमंत्री ने सैलानियों को सबसे पहले सुरक्षित जगह पर ले जाने की बात कही, ताकि किसी भी मेहमान को इस आपदा को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। उसके बाद से यहां जिला कुल्लू व लाहुल-स्पीति में तेजी से कार्य होते भी दिखे।

: *स्थानीय लोगों की मदद से 15000 मणिमहेश तीर्थयात्री भरमौर से घर वापसी के लिए रवाना : डॉ जनक राज* 

विधायक जनक राज ने फंसे हुए तीर्थयात्रियों से संपर्क किया

 भूस्खलन, बादल फटने और सड़कों के बह जाने से मणिमहेश यात्रा अस्त-व्यस्त हो गई है, ऐसे में भरमौर विधायक डॉ. जनक राज ने फंसे हुए तीर्थयात्रियों को आश्वस्त करने और ज़मीनी हालात की जानकारी देने के लिए कदम बढ़ाया। भाजपा विधायक जनक राज ने बताया कि लगभग 15,000 तीर्थयात्री भरमौर और आसपास के मार्गों से पैदल अपने घर वापसी की यात्रा शुरू कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या 11 बताई गई है। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन शुक्र है कि इससे ज़्यादा किसी बड़ी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।डॉ. राज ने बताया कि हर साल तीर्थयात्रा के दौरान दुर्गम रास्तों के कारण लगभग 20-25 श्रद्धालु घायल हो जाते हैं, लेकिन इस साल प्राकृतिक आपदा के कारण यात्रा और भी कठिन हो गई है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार आपदा के समय गंभीर नहीं है, जहां सरकार धरातल पर फेल हो चुकी है वहीं सरकार के आलाकमान अधिकारियों को कोई चिंता नहीं है कि चंबा जिला है में किस प्रकार की तकलीफ जनता को हो रही है। जनता स्वयं ही जनता की मदद कर रही है पर प्रशासन की मदद लगभग लगभग ज़ीरो है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठन धरातल पर काम कर रहा है एक-एक व्यक्ति की मदद कर रहा है और चंबा जिला में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और भाजपा के लोग लगातार जनता के बीच है। जिस परिवार को राशन उपलब्ध कराना है उसको राशन दिया जा रहा है और जिस परिवार को अन्य किसी भी प्रकार की सुविधा, व्यवस्था एवं वस्तु की जरूरत है उसको भी जरूरत अनुसार दी जा रही है।

: *भारी बारिश से पंजाब के एक हजार गांव प्रभावित 4711 लोग रेस्क्यू, उत्तराखंड में आठ लापता* 

भारी बारिश से एक हजार गांव प्रभावित, पशुओं-फसलों को नुकसान

जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से अब तक पंजाब भर में 1,018 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें पठानकोट के 81, फाजिल्का के 52, तरनतारन के 45, श्री मुक्तसर साहिब के 64, संगरूर के 22, फिरोजपुर के 101, कपूरथला के 107, गुरदासपुर के 323, होशियारपुर के 85 और मोगा के 35 गांव शामिल हैं। फसल और पशुधन की हानि के कारण राज्य को भारी वित्तीय नुकसान भी हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और सेना स्थानीय समुदायों के सक्रिय सहयोग से इन अभियानों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बागेश्वर में मलबे से तीसरा शव भी बरामद

बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर के आपदाग्रस्त पौसारी गांव में मलबे से शनिवार को एक और शव बरामद कर लिया गया है। दो लोग अभी भी लापता हैं। इस प्रकार आपदा में मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीम की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाया गया। इसी दौरान बमुश्किल शव बरामद किया गया। बता दें कि बागेश्वर के कपकोट तहसील के पौसारी गांव के खाईजर तोक में शुक्रवार देर रात बादल फटने से दो घर जमींदोज हो गए थे। कई घरों में मलबा घुस गया था।

पश्चिम बंगाल में बिगड़े हालात, कालीझोड़ा में भू-स्खलन

कोलकाता। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-10 फिर से बंद हो गया है। शनिवार सुबह सेवक से सटे कालीझोड़ा में कोरोनेशन ब्रिज के पास सडक़ का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। पहाड़ से लगातार बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर रही थीं, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक दहशत में थे। नतीजतन, प्रशासन ने सडक़ पर यातायात पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि भूस्खलन का मलबा हटाने और यातायात को सामान्य करने में कुछ समय लगेगा, जिसके बाद स्थिति फिर से सामान्य हो जाएगी।

: *राहुल गांधी बोले- वोट चोरी देशवासियों के अधिकार और भविष्य की भी चोरी है* 

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘वोट चोरी’ को देशवासियों के अधिकार और भविष्य की भी चोरी बताते हुए कहा कि बिहार से शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की क्रांति अब पूरे देश में फैलने जा रही है। राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के 14वें दिन बिहार के आरा में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनाव के साथ-साथ महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव भी चोरी किए। उन्होंने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर ) का ज़िक्र करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन बिहार में वोट चोरी नहीं होने देगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि बिहार से क्रांति शुरू होती है और जनता ने दिखाया कि इस बार भी बिहार से ही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की क्रांति शुरू हुई और अब यह पूरे देश में फैलने जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार पब्लिक सेक्टर का निजीकरण करके और अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर युवाओं से अवसर छीन रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी की सरकार अडानी-अंबानी की सरकार है। इसीलिए वह चाहती है कि गरीबों की आवाज़ देश में न सुनी जाए। लेकिन इंडिया गठबंधन ऐसा नहीं होने देगा। पूरे देश में गरीबों की आवाज़ गूंजेगी और सुनी जाएगी। बिहार में एक वोट भी चोरी नहीं होने दिया जाएगा।

: *संसद में लगेंगे पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए, लोकसभा स्पीकर ने माना मंदिर कमेटी का प्रस्ताव* 

 संस्कृति से जुड़ा दूसरा प्रतीक होगा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के उस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है, जिसमें पुरी रथ यात्रा के रथों के तीन पहिए संसद परिसर में लगाने का प्रस्ताव है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एसजेटीए ने एक बयान में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर दौरे के दौरान, प्रशासन ने संसद परिसर में रथ यात्रा के रथों के तीन पहिए लगाने का प्रस्ताव दिया था। बिरला ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। संसद में रथ यात्रा के पहिए लगने के बाद यह परिसर में स्थापित संस्कृति से जुड़ा दूसरा प्रतीक होगा। इससे पहले मई, 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के बगल में ऐतिहासिक सेंगोल स्थापित किया था।

अब संसद परिसर में पुरी के रथ यात्रा के पहिए लगाए जाएंगे। यह तीनों पहिए भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्रा के रथों से निकाले जाएंगे। भगवान जगन्नाथ के रथ को नंदीघोष, देवी सुभद्रा के रथ को दर्पदलन और भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज कहलाता है। इन तीन रथों के एक-एक पहिए दिल्ली भेजे जाएंगे। उन्हें संसद में ओडिशा की संस्कृति और विरासत के स्थायी प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाएगा। दरअसल हर साल नई लकड़ी से रथ तैयार किए जाते हैं। अलग किए गए पुर्जों को गोदाम में रखा जाता है और कुछ हिस्से, जिनमें पहिए भी शामिल हैं, नीलामी के जरिए लोगों तक पहुंचते हैं। करीब 200 कारीगर सिर्फ 58 दिनों में 45 फुट ऊंचे और 200 टन से ज्यादा वजनी इन तीन रथों को तैयार करते हैं। खास बात यह है कि रथ निर्माण में पांच तरह की विशिष्ट लकडिय़ों का इस्तेमाल होता है और लकड़ी नापने के लिए स्केल की जगह पारंपरिक छड़ी का उपयोग किया जाता है।

: *RCB पीड़ित परिवार को 25-25 लाख देगा, 4 जून को विक्ट्री परेड में हुई थी 11 लोगों की मौत* 

चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए हादसे पर आरसीबी ने किया मदद का ऐलान

रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु ने शनिवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में मारे गए ग्यारह पीडि़तों के परिवारों के लिए 25-25 लाख रुपए के वित्तीय पैकेज की घोषणा की। फ्रेंचाइजी ने आरसीबी केयर्स नामक एक नई दीर्घकालिक पहल का भी अनावरण किया, जिसका उद्देश्य निरंतर सामुदायिक सहायता प्रदान करना है। आरसीबी के अनुसार, यह वित्तीय सहायता शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े होने की दिशा में पहला कदम है। बयान में कहा गया है, यह केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि करुणा, एकता और निरंतर देखभाल का वादा है।

यह दुखद घटना चार जून, 2025 को हुई थी, जब चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट के बाहर अत्यधिक भीड़ और अनियंत्रित भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसके परिणामस्वरूप आरसीबी परिवार के ग्यारह सदस्यों की मौत हो गई। फ्रेंचाइजी ने कहा कि इस क्षति ने एक अपूरणीय क्षति छोड़ दी है। आरसीबी ने कहा, चार जून को हमारा दिल टूट गया। हमने आरसीबी परिवार के ग्यारह सदस्यों को खो दिया। वे हमारा हिस्सा थे, हमारे शहर, हमारे समुदाय और हमारी टीम को विशिष्ट बनाने वाली चीजों का हिस्सा थे। वित्तीय पैकेज के साथ फ्रेंचाइ•ाी ने आरसीबी केयर्स नामक एक दीर्घकालिक पहल शुरू की है, जो तत्काल राहत से आगे बढक़र सहायता के संरचित कार्यक्रम बनाएगी। यह पहल मृतकों की स्मृति को सम्मानित करने से शुरू होगी और धीरे-धीरे प्रशंसकों, परिवारों और टीम से जुड़े व्यापक समुदाय के लिए कल्याणकारी उपायों में विस्तारित होगी।

: *Asia Cup 2025 के मैचों का समय बदला, जानें अब कितने बजे से शुरू होंगे मुकाबले* 

आगामी एशिया कप के 19 मैचों में से 18 – फाइनल सहित – स्थानीय समयानुसार शाम 6.30 बजे (खाड़ी मानक समय) शुरू होंगे, जो मूल समय से आधे घंटे पहले होगा। सितंबर में – जब टूर्नामेंट खेला जाएगा – दिन के दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और देर शाम तक ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इतनी भीषण गर्मी में खेलने से बचने के लिए, क्रिकेट बोर्डों ने मैचों के समय को थोड़ा आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। प्रसारकों से यह अनुरोध किया गया और उन्होंने बदलावों पर सहमति जताई। इसका मतलब है कि सभी दिन-रात्रि मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होंगे। इस बदलाव से अप्रभावित एकमात्र मैच टूर्नामेंट का एकमात्र दिन का मैच है – 15 सितंबर को अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में यूएई और ओमान के बीच मुकाबला। अफगानिस्तान और हांगकांग 9 सितंबर को अबु धाबी में आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलेंगे।

: *प्रदेश के स्कूल-कालेजों में बागबानी पढ़ेंगे छात्र, भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बनेगा पाठ्यक्रम* 

शिक्षा मंत्री के भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप पाठ्यक्रम बनाने के निर्देश

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) और हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से बागबानी को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा नौवीं से बारहवीं और आगे स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर बागबानी विषय को शामिल करने से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्यमशीलता की भावना विकसित होगी।

इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ फल उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और संबद्ध उद्योगों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। रोहित ठाकुर ने विभाग को मंत्रालय द्वारा मांगी गई सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि यह पाठ्यक्रम अगले शैक्षणिक सत्र से लागू हो सके। उन्होंने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय से आग्रह किया कि पाठ्यक्रम हिमाचल की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया जाए। उन्होंने शिक्षकों को कृत्रिम मेधा (एआई) का प्रशिक्षण देने पर भी बल दिया। इस बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

प्रदेश के लिए अलग मॉड्यूल

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद की कार्यकारी सदस्य नीना पाहुजा ने प्रदेश को मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एनसीवीईटी हिमाचल के लिए उपयुक्त मॉडयूल तैयार करने में मदद करेगा। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा अभियान और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।

: *टीजीटी भर्ती को अब 15 सितंबर तक पंजीकरण, अब तक 70902 नौजवानों ने की रजिस्ट्रेशन* 

राज्य चयन आयोग ने चंबा-मंडी और कुल्लू के युवाओं की मांग पर बढ़ाई तिथि

प्रदेश भर में 937 पद

प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश को देखते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने टीजीटी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। आवेदन करने की तिथि अब 15 सितंबर रात 11:59 बजे तक बढ़ाई गई है। बता दें कि पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई थी, जिसे बाद में 31 अगस्त तक बढ़ाया गया था। आयोग सचिव डा. विक्रम महाजन ने बताया कि प्रदेश के चंबा, मंडी और कुल्लू में हुई भारी बारिश के चलते उक्त क्षेत्रों के युवाओं की मांग के बाद यह निर्णय लिया गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा पिछले महीने टीजीटी के 937 पदों की भर्ती की अधिसूचना जारी की गई थी।

इनमें टीजीटी आट्र्स के 437, टीजीटी नॉन मेडिकल के 343 पद और टीजीटी मेडिकल के 169 पद भरे जाने हैं। इसके लिए प्रदेश भर के युवा ऑनलाइन आवेदन करने में लगे हुए हैं। राज्य चयन आयोग के पास 30 अगस्त शाम पांच बजे तक टीजीटी के 937 पदों के लिए 70 हजार 902 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें टीजीटी आट्र्स के लिए 42,766, टीजीटी नॉन मेडिकल के लिए 15,508 और टीजीटी मेडिकल के लिए 12,628 अभ्यर्थी आयोग की साइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। ऐसे में जो अभ्यर्थी अभी तक टीजीटी पदों के लिए किसी कारणवश अभी तक ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे जल्द से जल्द आयोग की साइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना सुनिश्चित करें। बताया जा रहा है कि राज्य चयन आयोग ने चौथी दफा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि को आगे बढ़ाया है, ताकि कोई भी पात्र आवेदन करने से वंचित न रह सके। प्रदेश भर के अभ्यर्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में लगे हुए हैं, ताकि वह भी टीजीटी की लिखित परीक्षा दे सकें।

: *DPL 2025: मैच के दौरान भिड़े नीतीश राणा और दिग्वेश राठी, कई खिलाड़ियों पर लगा जुर्माना* 

एक तरफ़ नीतीश राणा हैं, जो दिल्ली क्रिकेट में एक बड़े ओहदे वाले खिलाड़ी हैं। वहीं दूसरी तरफ़ दिग्वेश राठी हैं, जिनके बारे एक बात साफ है कि उन्हें विपक्षी खिलाड़ियों को चिढ़ाने और बार-बार अंपायर्स से भिड़ने में कोई समस्या नहीं है। जब वेस्ट दिल्ली लायंस (राणा की टीम) और साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज (राठी की टीम) के बीच हुए मैच के दौरान दोनों खिलाड़ियों का आमना-सामना हुआ, तो गर्माहट आना लाजमी था। राठी गेंदबाज़ी कर रहे थे। उन्होंने रन-अप पूरा किया लेकिन गेंद नहीं फेंकी। राणा ने मजाक में स्वीप शॉट खेला। राठी मुस्कराते हुए पीछे लौटे। अब अगली गेंद पर जब राठी आए तो राणा पीछे हट गए। इस बीच थोड़े शब्दों का आदान-प्रदान ज़रूर हुआ लेकिन कॉमेंटेटर्स मैदान पर इस नोकझोंक का मजा ले रहे थे।

जल्द ही जब दोनों खेलने को तैयार हुए तो राठी ने गेंद फेंकी और राणा ने रिवर्स-स्वीप लगाते हुए डीप प्वाइंट के ऊपर बेहतरीन सिक्सर जड़ा। इसके बाद राणा बैट को चूमते हुए आगे की तरफ बढ़े। इस बीच पता नहीं किसने क्या कहा, लेकिन माहौल गरमा गया और अगले ही दृश्य में राणा ग़ुस्से में राठी की ओर बढ़ते दिखे। अंपायर गायत्री वेणुगोपालन और फील्डरों ने दोनों को अलग किया। राठी वैसे भी लौट रहे थे, लेकिन चुपचाप नहीं, और ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि राणा भी सिर्फ बातों पर रुकने वाले हैं। आखिरकार मामला शांत हुआ।

राठी ने आईपीएल 2025 के मैचों में कई बार फाइन भरा है। कुल मिला कर उनके पास फाइन भरने का एक अनुभव है और इस मैच में भी वह 80% मैच फीस गंवा बैठे। उनके व्यवहार को “खेल की भावना के खिलाफ” माना गया। वहीं राणा पर “अश्लील, अपमानजनक या आपत्तिजनक इशारा करने” के लिए उनकी 50% फीस का जुर्माना लगाया गया।

इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा कृष्ण यादव (“विपक्षी खिलाड़ी की गाली के बाद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल और बल्ला उनकी ओर तानना”) पर पूरी मैच फीस का जुर्माना लगाया गया। सुमित माथुर (“ऐसी भाषा या इशारे जिनसे दूसरे खिलाड़ी को उकसाया जा सके”) पर 50% जुर्माना और अमन भारती (“आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल”) पर 30% जुर्माना लगाया गया। ऐसे अगर देखा जाए तो राणा बनाम राठी का मुक़ाबला राणा के नाम रहा। राणा की शतकीय पारी ने वेस्ट दिल्ली लायंस को क्वालिफ़ायर-2 में पहुंचाया और साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला