आज सुबह का मुख्य समाचार पत्र जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन आयोजित हुआ विस्फोट हुआ

*जनपद मुजफ्फरनगर की खतौली थाना क्षेत्र की चौकी भूड़ क्षेत्र के रेलवे लाइन फ्लाई ओवर के नीचे डीएफसी लाइन पर ट्रेन की चपेट मैं आने से 1 पुरुष कि दर्दनाक मौत,पुलिस मौके पर पहुँची,पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर PM को भेजा अभी मृतक की कोई शिनाख्त नही हो पाई है...*

Dec 6, 2025 - 09:01
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आज सुबह का मुख्य समाचार पत्र जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन आयोजित हुआ विस्फोट हुआ

TRN LIVE TRNDKB: *हिमाचल: शास्त्री के 193 पदों को बैचवाइज आधार पर भरने के निर्देश, भर्ती प्रक्रिया शुरू*

*हाईकोर्ट में शिक्षा विभाग में शास्त्री के 193 पदों को बैचवाइज आधार पर भरने के मामले में सुनवाई हुई।*

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में शिक्षा विभाग में शास्त्री के 193 पदों को बैचवाइज आधार पर भरने के मामले में सुनवाई हुई। *इस दौरान, विभाग की ओर से कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा गया कि पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पर अदालत ने कहा कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।* न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने याचिकाकर्ताओं की ओर से मांगी मुख्य राहतों पर विचार किया, जिसमें 2013 से 2015 बैच के आधार पर शास्त्री के पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने और उन पर विचार करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

अतिरिक्त महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि योग्यता में सुधार करने वाले ऐसे शास्त्री उम्मीदवारों को मौका देने का निर्णय वर्ष 2016 में ट्रिब्यूनल की ओर से दिए गए फैसले के तहत दिया गया था। इस निर्णय में निर्देश दिया गया था कि उनकी शास्त्री की डिग्री को सुधार के वर्ष के बजाय प्रारंभिक पास होने के वर्ष से माना जाए। अदालत ने पाया कि चूंकि विनोद कुमार शर्मा मामले में पारित फैसला अंतिम रूप ले चुका है, इसलिए योग्यता में सुधार करने वाले उम्मीदवारों पर विचार करने में प्रतिवादियों की ओर से कोई अवैधता नहीं की गई है। 

*क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी के आरोपी को जमानत नहीं मिली*

हाईकोर्ट ने क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामले में आरोपी विजय कुमार जुनेजा की जमानत खारिज कर दिया है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत ने कहा कि आरोपी विजय कुमार गंभीर आर्थिक अपराध में शामिल है, जो देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। अदालत ने कहा कि गंभीर आर्थिक अपराधों में जमानत के लिए सिर्फ लंबी कैद पर्याप्त आधार नहीं हो सकती। अदालत ने आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में जमानत देने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि ये अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कहा कि केवल विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में लंबी अवधि तक रहना ही जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है, खासकर जब मामले के तथ्य और परिस्थितियां तथा समाज का हित इसकी अनुमति न दें। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा दुबई भाग गया है। आशंका व्यक्त की गई कि जमानत दिए जाने पर याचिकाकर्ता भी न्याय से भाग सकता है। सार्वजनिक धन के बड़े नुकसान को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

TRN: *सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर खुले मन से करें आर्थिक सहयोग:उपायुक्त मुकेश रेपसवाल*

*चंबा, 5 दिसंबर*

जिला मुख्यालय चंबा में आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। इस मौके पर सैनिक कल्याण विभाग ने उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा के अलावा उपायुक्त कार्यालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी झंडा लगाया। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि झण्डा दिवस सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने का आदर्श अवसर प्रदान करता है।

उपायुक्त ने कहा कि जबकि सशस्त्र सेना झंडा दिवस 7 दिसंबर को मनाया जाता है परंतु उस दिन रविवार होने के कारण सैनिक कल्याण विभाग चम्बा ने आज से कार्य करना आरम्भ कर दिया है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हम उदारतापूर्वक दान देकर सशस्त्र सेना के प्रति अपना स्नेह व कृतज्ञता प्रकट कर सकते हैं। एकत्रित धन राशि प्रदेश सरकार के सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से युद्ध वीरांगनाओं, सैनिकों की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिक, युद्ध में अपंग हुए सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण पर व्यय की जाती है। उन्होंने समस्त जिला वासियों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर बढ़-चढकर दान करने का आग्रह किया।

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने भी कुछ धनराशि दान कर स्नेह व कृतज्ञता का सन्देश दिया। 

गौरतलब है कि सशस्त्र सेना के सम्मान में प्रति वर्ष सात दिसम्बर को झण्डा दिवस मनाया जाता है और इस दिन लोगों को एक विशेष झण्डा देकर सैनिकों एवं उनके परिजनों की सहायता के लिए धन एकत्रित किया जाता है।

TRN: *तलेरु में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाएं: उपायुक्त मुकेश रेपसवाल*

*गांव पलेई और टिपरी तक पर्यटकों की पहुंच सुनिश्चित करने को विकसित की जाएगी बेहतर व्यवस्था*

*स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी को दिशा-निर्देश*

*चम्बा, 05 दिसंबर*

उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने कहा कि तलेरु झील के समीप स्थित गांव पलेई और टिपरी में पर्यटन गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए संबंधित अधिकारी प्रभावी और त्वरित कदम उठाना सुनिश्चित करें। वह आज पर्यटन स्थल तलेरु में पर्यटन विकास को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।

उपायुक्त ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी सलूणी को निर्देश दिए कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन से संबंधित गतिविधियों में शामिल करने के प्रयास किये जाएँ ताकि इस क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को बेहतर पर्यटन सुविधाएं हासिल हो सके तथा क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष व प्रोक्ष तौर पर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सके

उन्होंने बताया कि तलेरु में जैटी के संवर्धन का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही चमरा-1 झील के समीप स्थित तलेरु से गांव पलेई और टिपरी तक बोटिंग गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए डॉकयार्ड स्थापित किए जाएंगे ताकि बोटों के सुरक्षित संचालन एवं रुकने की उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि तलेरु में पर्यटकों के लिए उपलब्ध टॉयलेट, रेस्टोरेंट और अन्य सुविधाओं का मरम्मत कार्य खंड विकास अधिकारी सलूणी द्वारा पूर्ण कर दिया गया है। साथ ही लगभग 20 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा भी विकसित की गई है। पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवाई जाने वाली अन्य सुविधाओं का कार्य भी जारी है जिन्हें शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि पर्यटन स्थल तलेरु में प्लास्टिक का उपयोग सख्ती से प्रतिबंधित किया जाए और स्वच्छता एवं निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में तलेरु को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदम निरंतर उठाए जाएंगे, ताकि तलेरु जिला चम्बा का एक आकर्षक और सुविधाजनक पर्यटन स्थल बनकर उभर सके।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं — प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति, आपदा प्रभावित लोगों के आश्रय, मनरेगा जॉब कार्ड की ई-केवाईसी, जॉब कार्ड और परिवार नकल से आधार लिंकिंग, तथा चिन्हित स्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने पर भी विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राजीव मिश्रा, जिला योजना अधिकारी जीवन कुमार, खंड विकास अधिकारी चम्बा महेश चंद ठाकुर, खंड विकास अधिकारी सलूणी कंवर सिंह उपस्थित रहे।

TRN: *हिमाचल विधानसभा : मुकेश अग्निहोत्री बोले- आठ वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मियों के लिए बनेगी स्थायी नीति*

*शुक्रवार को सदन में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जानकारी दी कि पैरा पॉलिसी और जल रक्षकों की लंबित मांगों का जल्द स्थायी समाधान होने जा रहा है।*

पैरा पॉलिसी और जल रक्षकों की लंबित मांगों का जल्द स्थायी समाधान होने जा रहा है। सरकार इन श्रेणियों में लगे कर्मचारियों को उचित वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। *यह जानकारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को सदन में नियम-62 के तहत विधायक आरएस बाली के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर दी।*

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संवेदनशील है और चाहती है कि पैरा पॉलिसी कर्मियों तथा जल रक्षकों को स्थायी व्यवस्था के तहत मुख्यधारा में लाया जाए। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के लिए अलग से इंश्योरेंस लागू करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार का उद्देश्य इन्हें पॉलिसी के तहत नियमित ढांचे में सम्मिलित करना है। जल शक्ति विभाग में अब तक 6220 जल रक्षक भर्ती किए जा चुके हैं। इनमें से 3486 जल रक्षकों को, जिन्होंने 12 साल की सेवा पूरी कर ली थी, उन्हें पंप अटेंडेंट बना दिया गया है। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे जलरक्षक हैं, जिनकी 12 वर्ष सेवा पूरी नहीं हुई है और विभाग में पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं हैं। पैरा पॉलिसी से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने बताया कि पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और पैरा मल्टीपर्पज वर्कर का मानदेय कांग्रेस सरकार ने बढ़ाया है।

पॉलिसी के अनुसार पैरा पंप ऑपरेटरों के लिए 15 फीसदी प्रमोशन कोटा और पैरा फिटर के लिए 10 फीसदी कोटा है। लेकिन पैरा मल्टीपर्पज वर्करों के लिए कोई स्पष्ट नीति मौजूद नहीं है। सरकार ने प्रस्ताव भेजा है कि इन्हें बेलदार वर्ग में 10 फीसदी कोटे के तहत समायोजित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की राय है कि पैरा पॉलिसी और जल रक्षकों को 8 साल से अधिक पैरा श्रेणी में न रखा जाए। 8 साल की सेवा पूरी होने पर इन्हें दैनिक वेतन भोगी (डेली वेजर) बनाया जाए। जल रक्षकों को भी इसी आधार पर पंप ऑपरेटर बनाने की दिशा में विचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग चाहता है कि सभी विभागों में इस तरह के कर्मचारियों के लिए एक समान और व्यापक नीति बनाई जाए, ताकि लोक निर्माण, जल शक्ति और अन्य विभाग अलग-अलग न चलें। सरकार की मंशा है कि सभी अस्थायी श्रेणियों को एक ही पॉलिसी के तहत नियमितीकरण की दिशा में लाया जाए।

TRN: *जिला परिषद और पंचायत समितियों के पुनर्सीमांकन को लेकर किया संशोधन खारिज, असांविधानिक दिया करार*

*पंचायती राज अधिनियम में जिला परिषद और पंचायत समितियों के पुनर्सीमांकन को लेकर किए गए संशोधन को हिमाचल हाईकोर्ट ने असांविधानिक करार देते हुए खारिज कर दिया है।*

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायती राज अधिनियम में जिला परिषद और पंचायत समितियों के पुनर्सीमांकन को लेकर किए गए संशोधन को असांविधानिक करार देते हुए खारिज कर दिया है। अदालत ने संशोधन को लेकर 8 जनवरी, 15 फरवरी, 1, 17 और 31 मई 2025 को जारी अधिसूचनाओं को भी रद्द कर दिया है और प्रतिवादियों और सक्षम प्राधिकारी को आदेश दिया कि इस मामले में कानून के अनुसार जल्द उचित कदम उठाएं।

न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने पाया कि नियम 9(2) में किया गया संशोधन पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है और इसका मकसद अनुच्छेद 243 सी और अधिनियम की धारा 89 के तहत क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के उद्देश्य को विफल करना है। अदालत ने याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर बिना कोई आदेश पारित किए शिमला मंडलायुक्त के 24 जून 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड के विपरीत पाया कि मंडलायुक्त ने आदेश में ऐसे तथ्यों को दर्ज किया जो मौजूद ही नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई है और तत्काल चुनाव की कोई संभावना नहीं है, इसके बावजूद सरकार पंचायतों और स्थानीय निकायों के पुनर्गठन और परिसीमन के निर्णय ले रही है, जिससे चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं बदल रही हैं।

अदालत ने चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग और हिमाचल सरकार के बीच चल रही रस्साकसी का भी उल्लेख किया। आयोग ने 17 नवंबर 2025 को अधिसूचना जारी कर पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता 2020 के खंड 12(1) को लागू किया था। इसके तहत चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक पंचायतों और नगरपालिकाओं की संरचना, वर्गीकरण और क्षेत्र में बदलाव पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद ग्रामीण विकास विभाग ने 28 नवंबर को अधिसूचना जारी कर हमीरपुर जिले में विकास खंडों का पुनर्गठन कर दिया।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) नियम 1994 के नियम 9(2) में संशोधन को याचिकाकर्ता ने असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है। उन्होंने संशोधन और उसके बाद जारी की सभी अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि नियम 9(2) का संशोधन जिसके तहत परिसीमन के लिए पंचायत समिति क्षेत्र को एक इकाई माना गया और जिला परिषद वार्ड पंचायत समिति की सीमाओं का उल्लंघन नहीं कर सकते है।

TRN: *Himachal Weather : हिमाचल में 11 दिंसबर तक नहीं टूटेगा Dry Spell, आगे कैसा रहेगा मौसम, जानिए* 

Image Alt Text/Name: Himachal Hills Winter Season Fog Snow Weathe

प्रदेश में तापमान भी स्थिर, ताबो सबसे ठंडा

प्रदेश में ड्राई स्पैल अभी 11 दिसंबर तक नहीं टुटने वाला है। वहीं तापमान में भी कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो रही है, लेकिन वह उन स्थानों पर हो रही है, जहां पर लोगों का आना जाना तक नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। राज्य में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य के निकट रहा, जबकि कुछ जगह यह सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया। अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य या उसके आसपास रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। राज्य में आज सबसे कम न्यूनतम तापमान ताबो में माइनस 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जबकि कल का सबसे अधिक अधिकतम तापमान पांवटा साहिब में 25 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे प्रदेश में वर्षा, हिमपात, आंधी, ओलावृष्टि, तेज़ हवाएं या पाला कहीं भी दर्ज नहीं हुआ। बिलासपुर में घना कोहरा और मंडी में हल्का कोहरा छाया रहा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में 3.1 से 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास भी डेढ़ किमी ऊंचाई तक प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभ मंडल में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। पूर्वानुमान के अनुसार 5 और 7 दिसंबर को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों की उच्च पहाडिय़ों और ऊपरी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा या हिमपात की संभावना है। सप्ताह के शेष दिनों में मौसम शुष्क बने रहने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान अगले 24 घंटों में दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद आगामी दो से तीन दिनों में इसी सीमा तक गिरावट संभावित है। अधिकतम तापमान भी अगले 24 घंटों में दो से तीन डिग्री तक बढऩे और बाद में धीरे-धीरे समान सीमा तक घटने की संभावना है। मौसम चेतावनी के अनुसार 5, 6 और 7 दिसम्बर को बिलासपुर जिले में भाखड़ा बांध क्षेत्र में देर रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की आशंका है। मंडी जिले की बल्ह घाटी में भी 7 से 9 दिसम्बर तक देर रात और सुबह के समय घने कोहरे की संभावना जताई गई है।

अभी 11 दिंसबर तक प्रदेश में ड्रॉई स्पैल नहीं टूटने वाला है। हालांकि कुछेक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश बर्फबारी हो सकती है। यह वह स्थान हैं, जहां लोग नहीं रहते हैं।

TRN: *हिमकेयर में हुआ था घोटाला, गहनता से की जाएगी जांच, CM बोले, लगातार जारी है मरीजों का इलाज* 

शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि पूर्व में हिमकेयर कार्ड में बहुत घोटाला हुआ है। योजना के तहत अब तक हुए खर्च की गई राशि का ऑडिट प्रधान महालेखाकार हिमाचल प्रदेश की ओर से किया जा रहा है। जिसके आधार पर ही अब यह बात सामने आई है कि इसमें बड़ा घोटाला हुआ है, तभी उन्होंने सदन में यह बात कही है। अगले बजट सत्र में इस संबंध में सारी जानकारी सदन में रख दी जाएगी। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना तो अच्छी है, लेकिन यह घोटालों के लिए नहीं है, आम जनता के इलाज के लिए है। सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत लोगों का ईलाज हो रहा है, तो ही देनदारियां खड़ी हुई है। इसमें से दो अरब 11 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई, जबकि 280 करोड़ की राशि अभी विभिन्न अस्पतालों की पेंडिंग है, जिसमें 110 करोड़ निजी बैंक के शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत एक वर्ष में चार महीने हिमकेयर कार्ड बनाने के लिए सभी लोगों को मौका दिया जाता है, जबकि मेडिकल कालेजों के प्रधानाचार्य व अस्पतालों के एमएस को एक सौ कार्ड जरूरतमंद, दुर्घटनाओं व वंचित रहे लोगों के हिमकेयर कार्ड बनाने की अनुमति प्रदान की गई है। सीएम ने कहा कि इसमें भी एक सौ कार्ड वर्ष में बनने के बाद उसे ओर अधिक एक्सटेंड करने का भी प्रावधान रखा गया है।

अस्पतालों में हर जरूरतमंद के कार्ड बेरोकटोक बन रहे हैं, और उसे पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि अस्पतालों में मनरेगा के 50 दिनों की कोई पांबदी नहीं होगी, इसमें मात्र जरूरतमंद व दुर्घटनाओं पर जल्द हिमकेयर कार्ड बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत में केंद्र से 47 करोड़ आया है, जबकि राज्य का 56 करोड़ के करीब खर्च आया है। केंद्र की योजना में भी हिमाचल सरकार की ओर से हिस्से के तहत पैसे दिए जाते हैं। इसमें कार्ड धारक के इलाज को चार लाख केंद्र व राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। आयुष्मान व हिमकेयर में 2100 से चार लाख तक निशुल्क इलाज किया जाता है। आईजीएमसी शिमला की 42 कैमिस्ट की दुकानों को हिमकेयर के तहत रजिस्टर्ड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में जांच व इलाज को लेकर व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। अभी हिमकेयर को लेकर ऑडिट किया जा रहा है। हिमकेयर ने जनता की संपदा को लूटा है। अब हर विषय की जांच की जाएगी। किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज पूरी तरह से किया जा रहा है, जिसमें पीजीआई भी शामिल है। कार्ड बनाने के लिए किसी को भी मना नहीं किया गया है।

TRN: *e-Rickshaw Permit: हिमाचल में 400 ई-रिक्शा परमिट देगी सरकार, Non-transferable होगा परमिट* 

 *e-Rickshaw Permit:जारी अधिसूचना में राज्य के हर स्टेशन की संख्या तय* 

हिमाचल में परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत राज्य के विभिन्न उप-मंडलों के पहाड़ी क्षेत्र और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिगत समस्त क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को राज्य के उप-मंडलों में यात्री अनुबंधित कैरिज परमिट के तहत ई-रिक्शा परमिट प्रदान करने की अनुमति दी है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत कांगड़ा जिला के उप-मंडल पालमपुर में 30, धर्मशाला (जिसमें मैक्लोडगंज शामिल है) में 36 परमिट की अनुमति होगी। चंबा जिला के उप-मंडल चंबा (सदर) में पांच, भटियात में नौ, किन्नौर जिला के कल्पा/रिकांगपिओ में 15, सांगला में 10, सिरमौर जिला के नाहन उप-मंडल में 15, राजगढ़ में दो परमिट की अनुमति होगी। मंडी जिला के जोगिंदर नगर में 15, पधर में 35, सरकाघाट में पांच, धर्मपुर में पांच, कुल्लू जिला के उप-मंडल कुल्लू में 30, भुंतर में 15, बंजार में 20, मनाली में 30, पतलीकुहल में 15, नग्गर में 15 परमिट, जिला शिमला के उप-मंडल ठियोग में छह, रोहड़ू में 20, सोलन जिला के उप-मंडल कंडाघाट में तीन, अर्की में दो, नालागढ़ में 10, बद्दी में 15, ऊना जिला के हरोली उप-मंडल में 17, शेष ऊना जिला (ऊना मुख्यालय और अन्य क्षेत्र) में 20 परमिट की अनुमति होगी। कुल परमिटों की संख्या 400 होगी।

उन्होंने बताया कि इन उप-मंडलों/क्षेत्रों में केवल ई-रिक्शा के ही नए पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। राज्य के शेष उप-मंडलों में ऑटो-रिक्शा/ई-रिक्शा का परिचालन निषिद्ध रहेगा, हालांकि, यह प्रतिबंध राज्य में वैध परमिट के आधार पर पहले से चल रहे ऑटो-रिक्शा पर लागू नहीं होगा। इस अधिसूचना के तहत पंजीकृत/अधिकृत प्रत्येक ई-रिक्शा के परिचालन का क्षेत्र संबंधित उप-मंडल के मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि तक ही सीमित रहेगा, जहां ऐसा पंजीकरण/प्राधिकार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि एक बार जब ई-रिक्शा एक विशेष उप-मंडल में पंजीकरण या संचालन के लिए अधिकृत हो जाता है, तो निर्धारित मुख्यालय स्थायी और अपरिवर्तित रहेगा, जिसे किसी भी परिस्थिति में बदला, स्थानांतरित या परिवर्तित नहीं किया जाएगा। वाहन उसी उप-मंडल की न्यायिक सीमाओं के भीतर संचालित होगा और निर्धारित दायरे से बाहर कोई भी परिचालन इस अधिसूचना और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।

TRN: *मंदिर का चढ़ावा भगवान की संपत्ति, बैंक बचाने के लिए नहीं, SC ने तिरुनेल्ली मंदिर की FD का पैसा लौटाने का दिया आदेश* 

सुप्रीम कोर्ट ने मंदिरों के चढ़ावे के इस्तेमाल पर शुक्रवार को बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंदिर का पैसा भगवान का है और पैसे की तंगी से जूझ रहे कोऑपरेटिव बैंकों को सहारा देने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस सूर्यकांत (सीजेआई) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बैंच ने यह तीखी टिप्पणी कुछ कोऑपरेटिव बैंकों की अपील पर सुनवाई करते हुए की। इन अपीलों में केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें बैंकों से थिरुनेली मंदिर देवस्वोम को जमा रकम वापस करने को कहा गया था। सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप मंदिर के पैसे का इस्तेमाल बैंक को बचाने के लिए करना चाहते हैं? यह निर्देश देने में क्या गलत है कि मंदिर का पैसा, एक कोऑपरेटिव बैंक में रखने के बजाय, जो बड़ी मुश्किल से चल रहा है, एक स्वस्थ नेशनलाइज्ड बैंक में जाए, जो ज्यादा से ज्यादा ब्याज दे सके।

सीजेआई ने कहा कि मंदिर का पैसा देवता का है और इसलिए पैसे को सिर्फ मंदिर के हितों के लिए बचाया, सुरक्षित और इस्तेमाल किया जाना चाहिए और यह किसी कोऑपरेटिव बैंक के लिए इनकम या गुजारे का जरिया नहीं बन सकता। हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिकाएं मनंतवाडी को-ऑपरेटिव अर्बन सोसाइटी लिमिटेड और थिरुनेली सर्विस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने दायर की थीं। हाई कोर्ट ने पांच कोऑपरेटिव बैंकों को देवास्वोम के फिक्स्ड डिपॉजिट बंद करने और दो महीने के अंदर पूरी रकम वापस करने का निर्देश दिया था, क्योंकि बैंकों ने मैच्योर डिपॉजिट जारी करने से बार-बार मना कर दिया था।

TRN: *हिमाचल की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाना बड़ा चैलेंज, कैग की वर्ष 2021-22 की रिपोर्ट तपोवन विधानसभा में पेश* 

Economy of Himachal-CAG report for the year 2021-22

वित्तीय घाटे में चल रहे पहाड़ी राज्य हिमाचल की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए संसाधन जुटाना सबसे बड़ा चैलेंज है। केंद्रीय करों के सहारे ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था चल रही है। राज्य के अपने संसाधनों से खजाने में महज 33 फीसदी रकम ही आ रही है, जबकि 67 फीसदी धनराशि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी अथवा अनुदानों से हासिल हो रही है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत की गई भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2021-22 की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2021-22 में प्रदेश सरकार की राजस्व प्राप्तियां 12326.94 करोड़ रुपए थीं। इस राशि में 67 फीसदी हिस्सेदारी केंद्रीय अनुदान और करों में हिस्सेदारी के एवज में मिलने वाली रकम की रही। बाकी 33 फीसदी राशि ही प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से जुटाई। राज्य सरकार के खुद के संसाधनों में बिजली की बिक्री से होने वाली आय के साथ-साथ रॉयल्टी के एवज में खजाने में आने वाली रकम से है। इसके अलावा आबकारी शुल्क, राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा उत्पाद शुल्क के साथ-साथ वाहनों की बिक्री व स्टांप ड्यूटी से खजाने में आने वाली रकम से होती है।

एक ओर जहां प्रदेश के कर राजस्वों में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर गैर कर राजस्व में भी बढ़ोतरी की रफ्तार बहुत धीमी है। गैर कर राजस्व में 2020-21 के मुकाबले 2021-22 में महज 500 करोड़ रुपए के करीब की बढ़ोतरी हुई, जबकि राजस्व खर्चों में इससे कई गुणा अधिक तेजी से बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर कर्जों पर ब्याज, वेतन व पेंशन के भुगतान व उपदानों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के दबाव से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने के लिए संसाधन जुटाने के लिए प्रयास करने की दरकार है। कैग रिपोर्ट में एसडीआरएफ के फंड के दुरुपयोग का भी खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लोकलेखा समिति के कहने तथा कैग द्वारा आपत्ति जताए जाने के बावजूद 2021-22 में एसडीआरएफ के 22.61 करोड़ रुपए की राशि को नियमों के विपरीत खर्च किया गया है। रिपोर्ट में इस तरह के खर्चों पर पूरी तरह से नियंत्रण करने की बात कही गई है।

TRN: *Himachal Winter Session : मुख्यमंत्री सुक्खू-नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में तकरार* 

Himachal Winter Session :

शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन में दिखी सियासी गरमाहट

तपोवन विधानसभा में सोशल मीडिया में पेज को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में खूब नोंकझोंक देखने को मिली। इस संबंध में नेता विपक्ष की ओर से सवाल भी लगाया गया था, जिसका जबाव सदन में नहीं रखा गया। इस संबंध में पूर्व सीएम ने सूचना का अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी को सदन में रखते हुए मुख्यमंत्री से सवाल पूछा। इसको लेकर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी कहा जहां भी संभव होगा, व्यवस्था में बदलाव करेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि नेता विपक्ष की ओर से रखी गई जानकारी वित्तीय मामला है व इनके रखे तथ्य को भी जांच की जाएगी, जबकि अन्य सभी जानकारी विधानसभा के आगामी सत्र में उपलब्ध करवाई जाएगी।

प्रश्नों के जवाब न देकर हो रहा विधायकों का अपमान

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इससे पहले कहा कि विधायकों का प्रश्नों के जबाव ने देकर अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से मेरे पास सूचना है, जबकि सरकार के पास जानकारी उपलब्ध नहीं है।

TRN: *बघाट बैंक में गड़बड़ करने वालों पर होगा एक्शन, तपोवन विधानसभा में डिप्टी सीएम ने दिए सख्त आदेश* 

तपोवन विधानसभा में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बघाट बैंक में गड़बड़ किए जाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इससे पहले बैंक की वित्तिय स्थिति को सुधारने के लिए कार्य किया जा रहा है, जिसमें आत्यधिक हो चुके एनपीए में सुधार पर बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक ने बघाट बैंक का महत्त्वपूर्ण विषय सदन में उठाया है।

विपक्ष को मिला पूरा समय

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा में सबसे बड़ा सत्र आयोजित किया गया। इसमें विपक्ष को बहुत अधिक समय दिया गया, यही लोकतंत्र की खूबी भी है।

पूरा सहयोग मिला

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष को बात रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष की ओर से कुछ विषयों के उत्तर सही से दिए नहीं गए है, उम्मीद है आगामी सत्र में सभी जबाव सही से मिलेंगे।

जांच की मांग

नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि बैंक की स्थिति बिगडऩे लगी, ओर एनपीए छह प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए, जबकि वह 138 करोड़ पहुंच गया है। इसमें 80 हजार उपभोक्ताओं को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने इसमें फ्रॉड होने की बात करते हुए उचित जांच की मांग रखी है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी लगाने का भी प्रयास करने की बात रखी।

बजट मांगा

पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने नियम-61 के तहत अपने प्रश्न से उत्पन्न स्थिति को लेकर चर्चा करते विभिन्न पेयजल व सिंचाई योजनाओं के लिए बजट को उपलब्ध करवाने की मांग रखी। उन्होंने चेनेलाइजसेशन को दो से अढ़ाई करोड़ का बजट जारी करने की मांग रखी है।

ऊना में बढ़ रही आपराधिक घटनाएं

धर्मशाला। ऊना के विधायक सत्तपाल सिंह सत्ती ने कहा कि ऊना में गैंगवॉर, फिरौती की अपराधिक घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो कि पांच करोड़ तक पहुंच गई है, लॉटरी सहित अन्य घटनाओं में राजनीतिक संरक्षण भी दिया जा रहा है। ऊना में सख्त कार्रवाई किए जाने की अति आवश्यकता है।

TRN: *Shimla News: चौपाल में दो मंजिला मकान राख, धबास में अग्निकांड से बेघर हुआ परिवार, आग ने छीनी छत्त* 

उपमंडल चौपाल के अंतर्गत ग्राम धबास तहसील चौपाल में शुक्रवार देर शाम अग्निकांड की एक घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक मेला राम पुत्र जीता ग्राम धबास, तहसील चौपाल के रिहायशी मकान में आग लग गई और छह कमरों का दो मंजिला मकान जल कर राख हो गया। मकान में अचानक आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। इस अग्रिकांड में प्रभावित परिवार की सारी संचित पूंजी जलकर नष्ट हो गई और तन के कपड़ों के सिवाय कुछ नहीं बचा पाए। घटना की सूचना मिलते ही चौपाल पुलिस, अग्निशमन वाहन मौका पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तिरपाल, कंबल, 10 हजार नकद राशि फौरी राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राहत नियमावली के तहत प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मेला राम पुत्र जीता ग्राम धबास तहसील चौपाल के मकान में अग्निकांड से परिवार बेघर हो गए है। सवाल यह बना है कि परिवार इन सर्द रातों में तिरपाल के नीचे कैसे जीवन बसर करेगा। परिवार के सदस्यों ने अब पड़ोसी के घर में पनाह ली है, परंतु उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है। इस आगजनी में मेला राम की जीवन भर की संचित पूंजी जल कर राख हो गई है और तन के कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है।

TRN: *Kangra Train : छह माह बाद सुनाई दी छुक-छुक, पपरोला से कांगड़ा के लिए चार दर्जन लोगों ने किया सफर* 

Kangra Train :

कार्यालय संवाददाता- बैजनाथ

आखिरकार छह माह बाद कांगड़ा घाटी पर रेलगाड़ी दौड़ ही पड़ी है। पहले दिन पपरोला से कांगड़ा के बीच मात्र चार दर्जन यात्रियों ने ही सफर किया। पपरोला से जोगिंद्रनगर के लिए ट्रेन खाली ही दौड़ी। उस और रेल में यात्रा करने वालों का रुझान न के बराबर रहा। मगर छह माह बाद रेलवे ट्रैक रेलगाड़ी की छुक-छुक तो सुनाई दी। इसके चलते लोगों को आस बंध गई कि अब वह दिन दूर नहीं जब पठानकोट से बैजनाथ, पपरोला, जोगिंद्रनगर के लिए वर्षों बाद रेलवे का आगमन शुरू हो जाएगा। कांगडा घाटी में चलने वाली रेल आम गरीब के लिए वरदान से कम नहीं है। अगर आज की बात की जाए तो मात्र दस रुपए में यात्री पपरोला से कांगडा पहुंच गए। बस में चार गुना किराया खर्च करना पड़ता हैं।

बरसात के चलते नहीं मिल पा रही थी जनता को सुविधा

गौर हो कि भारी बारिश के कारण पिछले छह माह से बंद पड़ी कांगड़ा घाटी रेललाइन को रेलवे विभाग द्वारा पांच दिसंबर से बहाल किया गया।

समयसारिणी

बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा के लिए पहली रेलगाड़ी सुबह सात बजे चलेगी, जो कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर 9:10 बजे पहुंचेगी । इसके अलावा दूसरी रेलगाड़ी दोपहर 1:20 बजे पपरोला स्टेशन से रवाना होगी, जो कांगड़ा दोपहर 3:18 बजे पहुंचेगी। जबकि कांगड़ा रेलवे स्टेशन गाड़ी सुबह 10 बजे पपरोला की और रवाना होगी और वो गाड़ी दोपहर 12:05 बजे तक पपरोला पहुंचेगी। वहीं कांगड़ा स्टेशन से गाड़ी शाम को 4:30 बजे पपरोला की और शाम को 6:35 बजे पहुंचेगी। वहीं पपरोला से जोगिंद्रनगर की और गाड़ी सुबह आठ बजे जाएगी जो सुबह 9:35 बजे जोगिंद्रनगर पहुंचेगी। यही रेलगाड़ी जोगिंद्रनगर से करीब 10:30 बजे और जोगिंद्रनगर से पपरोला 12:00 बजे पहुंचेगी ।

TRN: *शीत सत्र निपटाकर शिमला पहुंचे सीएम, ओकओवर में तेलंगाना के मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार से मिले* 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विधानसभा का शीतकालीन सत्र निपटाकर शिमला पहुंच गये हैं। वह शुक्रवार शाम को शिमला पहुंचे। यहां ओक ओवर में उन्होंने तेलंगाना सरकार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं ट्रांसजेंडर मामले मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार से भेंट की। इस अवसर पर श्री कुमार ने मुख्यमंत्री को आठ और नौ दिसंबर को हैदराबाद में आयोजित होने वाले तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट, 2025 के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री कुमार को राज्य के समग्र विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और पहल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में सामाजिक न्याय, समग्र एवं संतुलित विकास पर विशेष बल दे रही है और इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह उपस्थित थे।

TRN LIVE: *NEET PG Counselling 2025: दूसरे राउंड के लिए च्वाइस फिलिंग आज से* 

नीट पीजी काउंसिलिंग के लिए नौ दिसंबर तक पंजीकरण करवा सकेंगे अभ्यर्थी

10-11 दिसंबर को होगा सीट अलॉटमेंट 12 को आएगा रिजल्ट

मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी ने नीट यूजी काउंसिलिंग के दूसरे राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं। जो कैंडिडेट्स इसके लिए योग्य हैं और इसमें भाग लेना चाहते हैं, तो वह ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख नौ दिसंबर, 2025 है। ऐसे में मेडिकल सीट पाने का यह मौका न छोड़ें और फटाफट रजिस्ट्रेशन कर लें। ऑफिशियल शेड्यूल के अनुसार, सीट अलॉटमेंट के लिए च्वाइस फिलिंग का ऑप्शन फिल करने के लिए प्रोसेस छह दिसंबर से शुरू होगा।

कैंडिडेट्स अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स के विकल्प भर सकते हैं और उन्हें लॉक कर सकते हैं। यह विकल्प भरने की प्रक्रिया नौ दिसंबर 2025 तक चलेगी। दूसरे राउंड में विकल्प भरने के बाद सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया 10 से 11 दिसंबर 2025 तक होगी। इसके बाद सीट अलॉटमेंट का परिणाम 12 दिसंबर 2025 को घोषित किया जाएगा। जो उम्मीदवार पहले राउंड में सीट नहीं पा सके हैं या अपनी सीट अपग्रेड करना चाहते हैं, तो वह दूसरे राउंड में एलिजिबिल हैं। इस राउंड में नए रजिस्ट्रेशन, च्वाइस फिलिंग, विकल्प लॉक करना और अलॉटेड कॉलेज में डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन शामिल हैं।

रजिस्ट्रेशन प्रोसेस

कैंडिडेट्स सबसे पहले एमसीसी की ऑफिशियल वेबसाइट द्वष्ष्.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर जाएं। अपने नीट पीजी रोल नंबर, जन्म तिथि और सुरक्षा कोड (कैप्चा) के साथ नया रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन फीस और सुरक्षा राशि का भुगतान करें। अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स के विकल्प भरें और उन्हें लॉक करें। अब सीट अलॉटमेंट के परिणाम का इंतजार करें।

13 से 21 दिसंबर तक कॉलेज में रिपोर्ट करें चयनित उम्मीदवार

जिन कैंडिडेट्स को सीटें अलॉट होंगी, तो उन्हें 13 से 21 दिसंबर, 2025 के बीच अपने-अपने कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। रिपोर्टिंग के समय अलॉटमेंट लेटर, पहचान प्रमाण, फीस स्लिप और कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो तो) लेकर जाना होगा। कॉलेज इन डॉक्यूमेंट्स को चैक करने के बाद आपके एडमिशन की पुष्टि करेगा।

TRN: *India-Russia Summit: भारत-रूस 19 समझौतों से भरेंगे विकास की नई उड़ान* 

India-Russia Summit :

अमरीकी सख्ती के बीच भारत को ईंधन देता रहेगा रूस, दोनों देश मिलकर बनाएंगे यूरिया

23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। अमरीकी सख्ती के बावजूद रूस भारत के लिए तेल की सप्लाई जारी रखेगा, जबकि दोनों देश मिलकर यूरिया बनाने को तैयार हो गए हैं। अभी भारत रूस से बड़े पैमाने पर यूरिया आयात करता है। हालांकि इस दौरान दोनों देशों के बीच भी किसी बड़े डिफेंस डील का ऐलान नहीं किया गया। इससे पहले कई रिपोट्र्स में भारत-रूस के बीच किसी लड़ाकू विमान या बड़े रक्षा सौदा होने की बात कही जा रही थी। भारत-रूस के बीच कुल 19 समझौतों पर मुहर लगी हैं। इनका मकसद भारत-रूस व्यापार बढ़ाना है। भारत-रूस के बीच शिप बिल्डिंग, भारतीय नाविकों को बर्फीले (पोलर) समुद्री इलाकों में जहाज चलाने की ट्रेनिंग, नई शिपिंग लेन पर निवेश, सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा और महत्त्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) पर समझौते और एमओयू साइन किए गए। शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि रूस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की लगातार और बिना रुकावट आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है। रूस भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के निर्माण में भी मदद कर रहा है। दोनों देश भुगतान के निराकरण के लिए धीरे-धीरे अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्रा के इस्तेमाल की ओर भी बढ़ रहे हैं।

हम सालाना द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाकर 100 अरब डालर तक पहुंचाने की आशा रखते हैं। पुतिन ने कहा कि हम भारत के साथ मिलकर नए अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट रूट बना रहे हैं। इसमें एक बड़ा प्रोजेक्ट नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी शामिल है। इसका मतलब है कि रूस या बेलारूस से सामान सीधे हिंद महासागर के रास्ते तक पहुंच सकेगा। इससे व्यापार तेज, सस्ता और आसान होगा। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि पिछले करीब 50 साल से रूस भारतीय सेना को हथियार देने और उसे आधुनिक बनाने में मदद करता आ रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह दौर आगे भी बरकरार रहेगा और यहां हुए समझौते भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे, इससे दोनों देशों जनता को फायदा मिलेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घोषणा की कि रूसी नागरिकों के लिए निशुल्क तीस दिन का ई-यात्री वीजा और तीस दिन का सामूहिक यात्री वीजा की शुरुआत की जाएगी। दोनों नेताओं ने 2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने और व्यापार-निवेश को मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस की मित्रता धु्रव तारे की तरह बनी रही है। हम समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। हमने 2030 तक के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश संतुलित और टिकाऊ बढ़ेगा तथा सहयोग के क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे। दोनों पक्ष साथ मिलकर यूरिया उत्पादन करेंगे। दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है। हम मिलकर वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे। दोनों देशों के स्कॉलर्स और खिलाडिय़ों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

पुतिन वापस रूस रवाना

पुतिन शुक्रवार देर शाम रूस रवाना हो गए। उससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा आयोजित डिनर में भाग लिया।

TRN: *सदन में चर्चा के बाद बनी सहमति, विधानसभा चयन समिति को भेजा गया 118 का भूमि सुधार संशोधन विधेयक* 

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भूमि सुधार संशोधन विधेयक-2025 सदन की सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया। अब सदन की चयन समिति इस विधेयक पर विचार करेगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इसमें दोनों साइड के नेता होंगे और इसे बजट सत्र में लाया जाएगा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन प्रदेश विधानसभा में चर्चा के बाद धारा 118 के तहत भूमि संशोधन विधेयक को सेलेक्ट कमेटी को भेजने पर सहमति बनी। विधायक रणधीर शर्मा ने संशोधन विधेयक को चयन समिति को भेजने का आग्रह सदन में किया, जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनके आग्रह को स्वीकारते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए इसे चयन समिति गठित करने की बात कही। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में व्यवस्था दी कि सेलेक्ट कमेटी में सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों दलों के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। यह समिति बिल पर चर्चा के बाद बजट सत्र में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद यह बिल फिर से सदन में पेश होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सोच-समझ कर कानून में संशोधन लाई है। केंद्र सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए भी इस कानून में संशोधन जरूरी है। फिर भी विपक्ष के सुझावों को मानते हुए इसे चयन समिति को भेजने का आग्रह वह अध्यक्ष से कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश अभिधृति और भूमि सुधार अधिनियम 1972 (1974 का अधिनियम संख्यांक 8) का और संशोधन विधेयक पहली दिसंबर को सदन में पेश किया गया था। शुक्रवार को शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक के प्रावधानों पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश भूमि सुधार कानून की धारा-118 को किसी भी तरह कमजोर नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रस्तावित संशोधनों में ग्रामीण इलाकों में निर्मित भवनों को 10 साल के लिए लीज पर देने का प्रावधान करना शामिल है। इसके अलावा जिन भवनों को खरीदने के लिए पहले ही धारा-118 के तहत अनुमति ली गई है, उन्हें बेचने के लिए भी इस धारा के तहत अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में भी धारा-118 में संशोधन किए गए।

शहरी इलाकों में लीज पर भवन लेने के लिए सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं है। अब ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह के प्रावधान कानून में संशोधन के बाद किए जाने प्रस्तावित है। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के रणधीर शर्मा ने ग्रामीण इलाकों में भवनों को लीज पर देने के प्रस्तावित संशोधनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह डा. वाईएस परमार के समय बनाए गए भूमि मुजारा एक्ट की धारा-118 की मंशा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इससे बाहरी राज्यों के लोग ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे जैसी वाणिज्यिक गतिविधियां करेंगे, जोकि हिमाचल की संस्कृति के अनुरूप नहीं होगा। ऐसे में सरकार को इस संशोधन विधेयक को सदन की सेलेक्ट कमेटी को चर्चा के लिए भेजा जाए।

कैदी की वीडियो कान्फ्रेंसिंग का होगा प्रावधान

सदन में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कैदी की वीडियो कान्फ्रेंसिंग करवाने के लिए प्रावधान किया जाएगा। हाई कोर्ट की ओर से भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए नियम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैदियों को जेल से कोर्ट में सुनवाई को ले जाने के लिए पुलिस हैडक्वार्टर में पुलिस बल की कमी हो जाती है। इसके लिए बटालियन की सेवाओं पर भी विचार करके उचित व्यवस्था की जाएगी। जेलों में बंद कैदियों को लेकर ऊना के विधायक सत्तपाल सिंह सत्ती ने सवाल उठाया। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग को लेकर भी बात रखी है।

TRN LIVE: *विशेषाधिकार हनन पर सदन में हंगामा, BJP विधायकों की शिकायत पर गरमाया माहौल, सदन 10 मिनट के लिए स्थगित* 

राजस्व मंत्री के खिलाफ भाजपा विधायकों की शिकायत पर गरमाया माहौल, सदन 10 मिनट के लिए स्थगित

धर्मशाला तपोवन विधानसभा के सदन में अंतिम दिन विशेषाधिकार हनन को लेकर खूब गरमाहट व हंगामा देखने को मिला। राजस्व मंत्री की ओर से गुरुवार को ही विशेषाधिकार हनन की शिकायत विधानसभा सचिवालय में प्रदान की गई थी, जबकि सत्र के अंतिम दिन विपक्ष के विधायक विपिन सिंह परमार, राकेश जम्वाल व त्रिलोक जम्वाल की ओर से नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार हनन की शिकायत दी गई। इन दोनों ही शिकायतों पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सचिवालय को अध्ययन करने के निर्देश जारी कर दिए। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सदन में नियम-75 के तहत विशेषाधिकार हनन की शिकायत को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से कार्यवाही की जानकारी मांगी। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस विषय का अध्ययन किया जा रहा है। इसी बीच विपक्ष व सत्तापक्ष के विधायकों में आपसी विवाद एक बार फिर से शुरू हो गया। इस विषय पर सदन में हंगामा होने पर कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

असंसदीय व अवांछित शब्दों को रिकार्ड से हटाएंगे

प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दोबारा सदन चलने पर कहा कि जो असंसदीय व अवांछित शब्द कार्यवाही में हैं, उन्हें रिकॉर्ड से हटाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष का सदन के संचालन में सहयोग जरूरी है। जब सदन के नेता बोलें तो उस समय अन्य सभी सुनें। अपनी बात रखने के लिए सभी को समय मिलता है। साथ ही नेता विपक्ष के बोलने पर भी अन्य लोगों को बोलने की अनुमति नहीं मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सारे रिकॉर्ड को देखा जाएगा, अवांछित शब्दों को हटाया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत विपिन सिंह परमार ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सदन में सभ्य भाषा व शब्दों को अच्छे तरीके से कहा जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी को आश्वस्त किया कि असंसदीय, अमर्यादित शब्दों को कार्यवाही से निकाल दिया जाएगा।

दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा हक

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबी है कि दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा हक है। अभिव्यक्ति की आजादी ही हमारी पहचान है। श्री नेगी ने कहा कि उन्होंने तथ्यों के साथ सच बात कही है। तथ्यों के साथ ही विपक्ष आरोप लगा सकता है। उन्होंने कहा मुझे अभद्र शब्द कहे गए हंै, इसको लेकर ही उन्होंने कार्रवाई मांगी है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुझे जनता ने चुनकर भेजा है, मेरे खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहकर मुझे धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।

रिकॉर्ड से बाहर होगी अभद्र शब्दावली

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा मेरा दिल भी बहुत बड़ा है। सत्र के दौरान अधिक समय विपक्ष को सदन में बात रखने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि मंत्री भी अपनी बात रख सकते हैं। अभद्र शब्दाली को रिकॉर्ड से बाहर किया जाना चाहिए। सीएम ने कहा कि किसी के प्रति द्वेष नहीं है, जबकि कुछ गलत हुआ होगा, तो उसकी जांच की जाती है। राजस्व मंत्री कानूनी रूप से सभी कार्यों को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष व विपक्ष की ओर से अच्छे सुझाव व बातें आती हैं, लेकिन सदन में अवांछित बातों को हटाया जाना चाहिए।

बेवजह की बहस से कोई हल नहीं निकलेगा

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए, जबकि उन्हें 28 साल लगातार सदन में होने वाले हैं। छह बार लगातार चुनकर आए हैं, जिसमें सबसे बड़े मार्जन से जीतकर भी वह आए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे स्वभाव से सदन में सभी सदस्य वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि आंकलन सभी विषयों को लेकर होना चाइए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वेबजह की बहस का कोई हल नहीं है। इस विषय का सभी आनंद ले रहे हैं। जयराम ने कहा कि इन चीजों से बाहर निकलना चाहिए, ऐसा नहीं है कि एक ही आदमी सत्य नहीं बोल रहा। हर मामले का दूसरा भी पक्ष होता है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार विधानसभा में सवालों के जवाब के नाम पर सदन को गुमराह करती है। प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दे हो या विधायकों के अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास से संबंधित कार्य, सरकार ज्यादातर मामलों में सूचनाओं को घुमा फिराकर प्रदान करती है या फिर सूचना एकत्र करने के नाम पर झूठ बोलती है। सरकार द्वारा सदन में उपलब्ध कराई गई सूचना की विश्वसनीयता पर ही बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सरकार एक दिन आंकड़े कुछ देती है और अगले दिन कुछ और आंकड़े देती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि दर्जनों बार मुख्यमंत्री सदन में झूठ बोलते हैं। जो सूचनाएं सरकार द्वारा यह संबंधित विभाग द्वारा सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध करवाई जा चुकी हों, वही सूचना सरकार सदन के माध्यम से देने में कतराती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार धारा 118 के बहाने प्रदेश के हितों को बेचना चाहती है।

TRN: *सैनिक स्कूल की एंटी रैगिंग कमेटी पर सवाल, अपने स्तर पर ही मामला सुलझाने का होता रहा प्रयास* 

अपने स्तर पर ही मामला सुलझाने का होता रहा प्रयास, गोपनीय रखा गया पूरा घटनाक्रम

देश के लिए आर्मी अफसर तैयार करने वाले सैनिक स्कूल सुजानपुर में सामने आए रैगिंग के प्रकरण ने अनुशासन की मिसाल माने जाने वाले इस स्कूल की प्रतिष्ठा के साथ-साथ स्कूल की एंटी रैगिंग कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। स्कूल में आठवीं कक्षा में पढऩे वाले एक नाबालिग छात्र के साथ रैगिंग जैसा प्रकरण हुआ और स्कूल प्रबंधन और एंटी रैगिंग कमेटी उसने अपने स्तर पर ही सुलझाने में लगी रही, जबकि कानून में रैगिंग जैसे प्रकरण को दंडनीय माना गया है। इस मामले को कितना दबाया और गोपनीय रखा गया इस बात का अंदाजा यहीं से लग जाता है कि स्कूल प्रबंधन ने एक सीनियर को डेढ़ महीने तक निलंबित रखा और दोबारा व्यवस्था को चुपचाप चलाने का प्रयास किया। इस घटनाक्रम की पुलिस को जानकारी दी जानी चाहिए थी। एंटी रैगिंग कमेटी में हर फील्ड से एक व्यक्ति को सदस्य बनाया जाता है, उसमें प्रशासन के लोगों से लेकर पुलिस और मीडिया के लोग भी मेंबर होते हैं, तो क्या इस कमेटी में ये लोग नहीं थे और यदि थे, तो क्या उन तक इस मामले की भनक नहीं थी।

ऐसे कई सवाल हैं, जो सामने आ रहे हैं। उधर, सुजानपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। गुरुवार को पुलिस टीम ने स्कूल पहुंचकर प्रबंधन के लोगों से पूछताछ की है। पुलिस उन छह सीनियर से बात करेगी, जिन पर रैगिंग और छेड़छाड़ किए जाने के आरोप लगे हैं। यह पूछताछ आरोपी छह सीनियर के परिजनों के सामने होगी, जिसके लिए सभी के अभिभावकों को बुलाया गया है। पुलिस आठवीं कक्षा के पीडि़त छात्र से भी पूछताछ करेगी। इस घटनाक्रम में स्कूल के दो वार्डन की संलिप्पता भी पाई गई है, इनमें से एक छुट्टी पर चला गया है। फिलहाल पीडि़त छात्र इस घटनाक्रम के बाद से मेडिकल लीव पर चला गया है। पुलिस उसके आने का भी इंतजार कर रही है।

पोक्सो एक्ट के तहत भी दर्ज है मामला

सैनिक स्कूल सुजानपुर में आठवीं कक्षा में पढऩे वाले छात्र के साथ 12वीं कक्षा के छह छात्रों द्वारा रैगिंग किए जाने के आरोप लगे हैं। यही नहीं, रैगिंग के अलावा सीनियर छात्रों पर जूनियर छात्र के साथ शारीरिक रूप से गलत हरकतें करने के भी आरोप लगे हैं। पीडि़त आठवीं कक्षा का छात्र जिला चंबा के गांव मेल (डलहौजी) का रहने वाला है। उसने 12वीं कक्षा के छह छात्रों के खिलाफ शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त करने की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने पीडि़त छात्र की शिकायत पर एंटी रैगिंग एक्ट और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला