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Ayurveda Digestion
♦️पेट की अग्नि♦️
आपकी बॉडी में कौन-सी चल रही है? इस पोस्ट में हम एक बेहद बेसिक लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट विषय पर बात कर रहे हैं – पेट की अग्नि, यानी आपकी पाचन शक्ति।
आयुर्वेद साफ कहता है कि अगर शरीर में कोई एक चीज सबसे ज्यादा जरूरी है, तो वह है जठराग्नि। यही वो ताकत है जो आपके खाए हुए भोजन को ऊर्जा, ताकत और ओज में बदलती है।
हर इंसान के पेट में आग तो होती है, लेकिन सबकी आग एक जैसी नहीं होती। आपने अपने घर, ऑफिस या दोस्त मंडली में नोटिस किया होगा –
कोई ऐसा है जो हर दो घंटे में भूखा हो जाता है
कोई ऐसा है जिसे दिन में दो बार खाना भी भारी लगता है
कोई ऐसा है जो कभी बहुत खा लेता है, कभी कुछ नहीं
और कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका सब कुछ टाइम से और संतुलित चलता है
आयुर्वेद इन सबको चार तरह की अग्नि में बांटता है। चलिए एक-एक करके समझते हैं कि आप किस कैटेगरी में आते हैं।
1 मंदाग्नि – धीमी और कमजोर आग
यह वो लोग हैं जो सुबह 9 बजे नाश्ता कर लें तो शाम तक भी उन्हें खास भूख नहीं लगती। थोड़ा सा ज्यादा खा लिया तो तुरंत भारीपन, आलस, डकार, मुंह में लार, या उल्टी जैसा फील होना शुरू।
आयुर्वेद के अनुसार ऐसे लोगों में कफ दोष ज्यादा होता है। कफ की अधिकता अग्नि को दबा देती है। इसे ऐसे समझिए – छोटी सी मोमबत्ती जल रही है और आपने उसके ऊपर बड़ा बर्तन रख दिया। उस आग से खाना ठीक से पकेगा नहीं।
♦️मंदाग्नि के लक्षण♦️
भूख कम लगना
खाने के बाद नींद और आलस
पेट में भारीपन
बार-बार अपच
वजन बढ़ने की प्रवृत्ति
♦️क्या करें?♦️
खाने से 15–20 मिनट पहले 5 ग्राम अदरक में लगभग आधा ग्राम सेंधा नमक मिलाकर चबाएं
सोंठ और थोड़ा सा घी मिलाकर लेना भी फायदेमंद
पंचकर्म में वमन चिकित्सा (विशेषज्ञ की देखरेख में)
तैलीय, ठंडी और बहुत भारी चीजें कम करें
2 तीक्ष्णाग्नि – तेज और भड़कती हुई आग
यह वो लोग हैं जिन्हें आप भुक्खड़ कह सकते हैं। कितना भी खिला दो, दो घंटे बाद फिर तैयार। खाना जल्दी पच जाता है, लेकिन भूख बार-बार लगती है।
इनमें पित्त दोष ज्यादा होता है। पेट में आग बहुत तेज है। अगर समय पर खाना न मिले तो एसिडिटी, जलन, चिड़चिड़ापन, अल्सर जैसी दिक्कतें शुरू।
♦️तीक्ष्णाग्नि के लक्षण♦️
बहुत तेज भूख
सीने में जलन
एसिडिटी
बार-बार खाने की जरूरत
चिड़चिड़ापन
♦️क्या करें?♦️
पंचकर्म में विरेचन चिकित्सा (पित्त शोधन)
मीठा और शीतल आहार लें
दूध, गुड़, मिश्री, खजूर
भैंस का दूध या घी (जो पचने में भारी है)
मसालेदार और बहुत तीखा कम करें
3 विषमाग्नि – कभी तेज, कभी कमजोर
यह सबसे अनिश्चित टाइप है। कभी 8 पराठे खा लेंगे, अगले दिन एक भी नहीं। कभी सब कुछ हजम, कभी थोड़ा सा भी नहीं।
यह वात दोष से जुड़ी स्थिति है। वात अस्थिर है, इसलिए अग्नि भी स्थिर नहीं।
♦️विषमाग्नि के लक्षण♦️
कभी बहुत भूख, कभी नहीं
गैस, पेट फूलना
गुड़गुड़ाहट
कब्ज और अपच का बदलता पैटर्न
♦️क्या करें?♦️
पंचकर्म में बस्ती चिकित्सा (विशेषज्ञ की देखरेख में)
चावल का मांड (चावल का पानी) लें
उसमें थोड़ा हींग और नमक मिलाकर पिएं
नियमित टाइम पर भोजन करें
ठंडी, सूखी और अनियमित खाने की आदत छोड़ें
4 समाग्नि – संतुलित और आदर्श
यह आयुर्वेद की नजर में सबसे श्रेष्ठ स्थिति है। सुबह 9 बजे खाना खाया, दोपहर 3–4 बजे तक ठीक से हजम, फिर प्राकृतिक भूख।
न ज्यादा तेज, न ज्यादा धीमी। यही हेल्दी पाचन है।
♦️समाग्नि के लक्षण♦️
समय पर भूख
समय पर मल त्याग
न भारीपन, न जलन
ऊर्जा स्थिर
क्या करें?
बस नियमों का पालन करें
सूर्योदय के लगभग 3 घंटे बाद पहला भोजन
सूर्यास्त से पहले रात का भोजन
ओवरईटिंग से बचें
भोजन के नियमों का पालन करें
क्यों जरूरी है अग्नि संतुलन?
आयुर्वेद कहता है –
सम दोष, सम अग्नि, सम धातु और सम मल क्रिया – यही स्वास्थ्य है।
अगर अग्नि बिगड़ती है तो
अपच
गैस
मोटापा
अल्सर
डायबिटीज
स्किन प्रॉब्लम
जोड़ों का दर्द
सबकी जड़ कहीं न कहीं पाचन से जुड़ी होती है।
अब खुद से पूछिए
क्या आपको दिन में बार-बार भूख लगती है?
या एक बार खाकर पूरा दिन निकाल देते हैं?
या कभी बहुत, कभी कुछ नहीं?
या सब कुछ संतुलित है?
इन चारों में से आपकी अग्नि कौन सी है?
अपनी अग्नि को पहचानना ही पहला इलाज है। जब तक आपको यह नहीं पता कि आपके पेट में कैसी आग जल रही है, तब तक सही उपाय करना मुश्किल है।
आयुर्वेद हमेशा संतुलन की बात करता है। न ज्यादा, न कम। सही मात्रा, सही समय, सही संयम – यही असली हेल्थ मंत्र है।
स्वस्थ रहें, संतुलित रहें, और अपनी अग्नि को समझकर ही खान-पान तय करें।
आपकी अग्नि कौन सी है – Mandagni, Tikshnagni, Vishamagni या Sama
अगर आपको किसी बीमारी का इलाज करवाना हो तो आप बीमारी के बारे में बताकर या परेशानी के बारे मे बता कर आयुर्वेदिक औषधियां मंगवा सकते हैं।..
किसी भी जानकारी के लिए या ट्रीटमेंट के लिए आप पहले हमें अपनी प्रॉब्लम व्हाट्सप्प कर दीजिये समय मिलते ही आपको जवाब दिया जायेगा...
सभी सुखी और निरोगी रहे
शिवाय आयुर्वेदिक सेंटर
शिवाय आयुर्वेदिक फार्मेसी
वैद्य रोहित गुप्ता
Tejraftarnews.in ब्रेकिंग न्यूज़
जनपद-सिद्धार्थनगर
अमन हॉस्पिटल बेलहिया चौराहा उसका रोड पर लगा गंभीर आरोप।
मनीष पाण्डेय चुरहारी निवासी ने बताया इलाज के दौरान चाचा की हुई मृत्यु।
मनीष पाण्डेय ने बताया चाचा को इलाज के लिए लाए थे अमन हॉस्पिटल जांच रिपोर्ट सब कुछ नॉर्मल होने पर डॉक्टर ने किया भर्ती।
डॉक्टर ने बताया ऑपरेशन करना पड़ेगा खून की कमी है ऑपरेशन लगभग रात में 9:10 बजे हुआ।
रात लगभग 12:01 बजे के बीच में चाचा उठकर भागने लगे डॉक्टर को बताया गया डॉक्टर ने बोला पीते खाते हैं सब सही हो जाएगा कल रेफर कर देंगे।
कुछ देर बाद सास की समस्या होने लगी डॉक्टर ने बताया ऑक्सीजन की कमी लग रही ऑक्सीजन लगा।
मनीष पांडे ने बताया डॉटर बोले हमारे पास आईसीयू की सुविधा नहीं है और देखते ही देखते कुछ समय बाद चाचा की मृत्यु हो गई।
अमन हॉस्पिटल पर परिजन लगाया लापरवाही का आरोप पूरी घटना कल की है।
घटित घटना की जानकारी लेने की कोशिश की गई मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय से बात नहीं हो पाई।
अब देखना है ऐसे हॉस्पिटलों पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करती है।
Tejraftarnews.in: *ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ रहीमाबाद*
*भारत नेशन न्यूज़ लखनऊ से राज बहादुर*
*स्कूल के सामने हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध, बच्चों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा!*
*लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र स्थित औरास रोड पर बाबा हुलासी दास स्कूल के ठीक सामने बनाए जा रहे हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।क्षेत्र निवासी सुधा यादव ने थाना रहीमाबाद में शिकायत पत्र देकर विद्युत विभाग के निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है।आरोप है कि स्कूल के मुख्य गेट के सामने ही भारी विद्युत ट्रांसफार्मर का चबूतरा बनाया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका दिनभर स्कूली बच्चों और राहगीरों से भरा रहता है। ऐसे में हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर लगाए जाने से बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है*
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