"PM नरेंद्र मोदी ने इटली PM मैडम मेलोनी को जल्द से जल्द भारत आने के लिए आमंत्रित किया है। यात्रा स्वीकार कर ली गई है। हम उनकी भारत यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं" भारत के विदेश मंत्रालय सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यह जानकारी दी है

देशहित को रोकना नामुमकिन! 🇮🇳🔥 साज़िशें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, जब इरादे देश को आगे बढ़ाने के हों, तो हर रुकावट छोटी पड़ जाती है। वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता कद और पीएम मोदी के सफल विदेशी दौरे इस बात का सबूत हैं कि अब विकास की इस रफ़्तार को कोई रोक नहीं सकता!

May 22, 2026 - 07:02
Updated: 18 hours ago
0 4
"PM नरेंद्र मोदी ने इटली PM मैडम मेलोनी को जल्द से जल्द भारत आने के लिए आमंत्रित किया है। यात्रा स्वीकार कर ली गई है। हम उनकी भारत यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं"  भारत के विदेश मंत्रालय सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यह जानकारी दी है
Jitendra Kumar

JitendraKumar: 👉 *अहंकारी बाध्यते लक्ष्यः*

*🌞श्रावस्ती नगरी में सर्वत्र तपस्वी सुधारक की ही चर्चा थी। लोभ और मोह, वासना और तृष्णा पर उन्होंने विजय पा ली थी।* तत्वदर्शियों ने साधना से सिद्धि के तीन सोपान बताये हैं–’मातृवत् परदारेषु पर द्रव्येषु लोष्ठवत् और आत्मवत् सर्वभूतेषु’। साधु−सुधारक रूपी आरम्भिक दो सोपानों पर चढ़ चुके थे। उनके तप और त्याग से–निस्पृह जीवन चर्या से हर कोई प्रभावित था। लोगों की श्रद्धा एवं सम्मान के सुमन उन पर चढ़ रहे थे। *उग्र साधन के ताप में इन्द्रियों की वासना विगलित हो चुकी थी। संयम और तितिक्षा की अग्नि में तपने के बाद मन ने वित्तेषणा की निस्सारता सिद्ध कर दी थी, पर अभी भी लोकेषणा मन के एक कोने में अपना अड्डा मजबूती से जमाये हुई थी।* जिसके कारण साधना की अहम्यता पोषण पा रही थी। शास्त्रकारों ने लोकेषणा को सबसे सूक्ष्म और प्रबलतम शत्रु माना है जिस पर विजय पाना प्रायः कठिन पड़ता है। *यही तपस्वी सुधारक के साथ हुआ। सम्मान और श्रेय प्राप्त कर सुधारक का अहंकार बढ़ता ही गया।*

*निरासक्त तपस्वी के प्रति उमड़ने वाली श्रद्धा ने वन, सम्पत्ति, वस्त्र आदि उपादानों के अम्बार लगा दिए। यह देखकर सुधारक के मन में वितर्क उठा कि–अब मेरी तपस्या सफल हो गयी। योग सिद्ध हो गया, जीवन मुक्ति का अधिकारी बन गया। अहंकार साधक के पतन का कारण बनता है। अनेकों स्थानों पर परिव्रज्या के निर्मित परिभ्रमण करने के उपरान्त जब वे आश्रम में वापिस लौटे तो वृद्ध गुरु की तीक्ष्ण दृष्टि से उनका अहंभाव छुपा न रह सका। एक दिन गुरु ने उन्हें पास बुलाया और कहा “वत्स! आश्रम में समिधाएँ समाप्त हो चुकी है। जाओ जंगल से समिधाएँ ले आओ। प्रातःकाल के यज्ञ की तैयारी करनी है। सुधारक ने उपेक्षा दर्शाते हुए कहा–”मुझे अब कर्म करने की आवश्यकता नहीं है। मैं अर्हत् मार्ग पर आरुढ़ हो चुका हूँ।” तत्वदर्शी गुरु भावी आशंका से चिन्तित हो उठे। उन्होंने स्नेह मिश्रित स्वर में कहा–”तात! तुम यह काम रहने दो, पर एक काम अवश्य करो। भगवान बुद्ध श्रावस्ती नगरी में पधारे है। उनसे एक बार अवश्य मिल आओ।” सुधारक ने बुद्ध की ख्याति सुन रखी थी। मन में उत्कण्ठा भी थी मिलने की। गुरु के प्रस्ताव को स्वीकार करके वह महाप्राज्ञ से मिलने चल पड़े।*

*जैतवन बौद्ध बिहार में बौद्ध भिक्षुकों की मण्डली ठहरी थी। वहाँ पहुँचने पर सुधारक को मालूम हुआ कि बुद्ध भिक्षाटन कि लिए गये है। इतने भिक्षुओं के रहते हुए भी बुद्ध को भिक्षाटन के लिए जाना पड़ता है, यह बात सुधारक की समझ में न आ सकी। खोजते−खोजते एक गृहस्थ के यहाँ भीख मांगते बुद्ध से उनकी भेंट हो गयी। अपना परिचय सुधारक न स्वयं एक तपस्वी के रूप में दिया तथा बन्धन मुक्ति का उपदेश देने का आग्रह किया। महाप्राज्ञ मौन रहे और सुधारक के साथ जैतवन वापिस लौटे। रात्रि विश्राम करने का आदेश देने तथा प्रातः− कान सम्बन्धित विषय पर चर्चा करने के साथ संक्षेप में वार्ता समाप्त की।*

*दूसरे दिन भगवान बुद्ध के सामने अपनी जिज्ञासा लिए सुधाकर बैठे थे। अंतर्दृष्टा महाप्राज्ञ से सुधारक की स्थिति दर्पण की भाँति स्पष्ट थी। तपस्वी और त्यागी होते हुए भी सुधारक अहंकारी है, यह अपनी सूक्ष्म दृष्टि से, वे देख चुके थे। उनकी मर्मभेदी वाणी फूट पड़ी–”वत्स! जीवन मुक्ति, ईश्वर प्राप्ति के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोधक है–अहंकार। यह लोकेषणा की कामना से बढ़त है, पर निरासक्त कर्मयोग–सेवा भावना से भावना से घटता है। लोकसेवा में निरत होकर ही अहंकार पर विजय प्राप्त की जा सकती है। आत्मवत् सर्वभूतेषु की उच्चस्तरीय अनुभूति इस सेवा साधना से ही सम्भव है।”*

*सुधारक को अपनी भूल ज्ञान हुई। भगवान बुद्ध के चरणों में गिरकर उन्होंने क्षमा माँगी और लोकसेवा में प्रवृत्त होकर अपनी अवरुद्ध आत्मिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने में लग गये।*

*📖 अखण्ड ज्योति 1982 मई*

Tejraftarnews.in: *‘Parishram Hi Safalta Ki Kunji Hai’: Meloni Uses Hindi Proverb To Describe India-Italy Ties*

*PM Modi On Stage, Giorgia Meloni's Hindi Moment Goes Viral In Rome*

* Italian Prime Minister Giorgia Meloni said PM Modi's visit had opened a fresh chapter in bilateral relations and that both countries would work to deepen those ties going forward.

* "There is an Indian word which states that very well, which is 'parishram'. 'Parishram', which means hard work, constant commitment. 

* A word which I know is very often used in India, and it is often used in a very popular way of saying: 'Parishram hi safalta ki kunji hai'," Meloni said.

* She translated the phrase herself: "Which means, tough work is the key to success. And we use it to build our relations in this way, with hard work, which becomes success at the end."

*The visit also had a lighter moment. Modi carried a packet of Parley's Melody toffee as a gift for Meloni -- a nod to "Melodi", the portmanteau that fans and meme-makers have coined from the two leaders' names.*

[Tejraftarnews.in: *Denmark PM lauds India as 'one of the biggest powers' in presence of PM Modi, says it is not a 'middle power'*

*Denmark PM calls India ‘one of the biggest powers’ at Nordic Summit; flags changing old world order*

* Denmark Prime Minister Mette Frederiksen underlined India’s rising global influence, describing it as “one of the biggest powers” and no longer merely a “middle power”. 

* She also called for deeper cooperation between India and the Nordic countries to ensure stability and prosperity at global level.

* Fredriksen said all the leaders standing on the stage believe the old world order is going in the wrong direction, which makes it even more important for nations that believe in democracy to work together for global stability and unity.

* "We cannot say that India is a middle power. You are one of the biggest powers. It's not very easy to say that the Nordic countries are a middle power because we are too small to be a middle power. But when we are united, the Nordic countries, then we are a middle power. Working together with one of the greatest powers on these very clear ideas and values, I think we can bring stability, prosperity and unity into a world that is changing rapidly," she said.

*"So we have had discussions today on how to integrate India and the Nordic countries even further, especially when it comes to democracy, AI, new technologies, green transition, defence and security," she added.*

Tejraftarnews.in: *पीएम मोदी को UN का बड़ा सम्मान: इटली में मिला FAO का 'एग्रीकोला मेडल'; भारत के 'अन्नदाताओं' को किया समर्पित*

*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इटली की राजधानी रोम में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में एफएओ का एग्रीकोला मेडल प्रदान किया गया।*

*पीएम मोदी ने कहा कि एग्रीकोला मेडल पाकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और उन्होंने इसे देश के अन्नदाताओं को समर्पित किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान कृषि सुधारों, खाद्य सुरक्षा और हर चुनौती में किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मोदी जी की अटूट प्रतिबद्धता की एक वैश्विक स्वीकृति है।*

*इटली प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने भारत और इटली के बीच मजबूत होने रहे संबंधों को रेखांकित करते हुए बुधवार को हिंदी में कहा, ''परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।''*

*21 May 2026*

https://www.jagran.com/world/other-pm-modi-receives-fao-agricola-medal-in-italy-dedicates-it-to-indias-food-providers-40246270.html

HighLights

इटली में पीएम मोदी को एफएओ का एग्रीकोला मेडल; भारत के 'अन्नदाताओं' को किया समर्पित

कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में भारत के योगदान के लिए किया प्रदान

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है एफएओ, यह मेडल इसके सबसे बड़े सम्मानों में एक

एएनआई, रोम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इटली की राजधानी रोम में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में एफएओ का एग्रीकोला मेडल प्रदान किया गया।

उन्हें यह सम्मान कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में भारत के योगदान के लिए प्रदान किया गया है। एफएओ के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने उन्हें यह मेडल प्रदान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि एग्रीकोला मेडल पाकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और उन्होंने इसे देश के अन्नदाताओं को समर्पित किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान कृषि सुधारों, खाद्य सुरक्षा और हर चुनौती में किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मोदी जी की अटूट प्रतिबद्धता की एक वैश्विक स्वीकृति है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एफएओ मुख्यालय में आयोजित समारोह में मैंने अत्यंत विनम्रता के साथ एफएओ का एग्रीकोला मेडल स्वीकार किया। मैं एफएओ का आभारी हूं। मैं यह सम्मान भारत के अन्नदाताओं, हमारे भोजन प्रदाताओं को समर्पित करता हूं। 

आगे कहा कि यह हमारे किसानों, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों, हमारे कृषि वैज्ञानियों और नवप्रवर्तकों की कड़ी मेहनत को मान्यता है। यह मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता की भी स्वीकृति है।

बता दें कि एग्रीकोला मेडल एफएओ की ओर से उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जिन्होंने दुनियाभर में खाद्य सुरक्षा, बेहतर पोषण और कृषि विकास की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने में असाधारण भूमिका निभाई है।

मेलोनी बोलीं, ''परिश्रम ही सफलता की कुंजी है''

इतालवी प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने भारत और इटलवी के बीच मजबूत होने रहे संबंधों को रेखांकित करते हुए बुधवार को हिंदी में कहा, ''परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।''

पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मेलोनी ने कहा कि भारत-इटली संबंध ऐतिहासिक दौर में प्रवेश कर गए हैं और उन्होंने मोदी की इस यात्रा को एक निर्णायक क्षण करार दिया जिसने द्विपक्षीय संबंधों को ''विशेष रणनीतिक साझेदारी'' के स्तर तक पहुंचा दिया है।

परिश्रम ही सफलता की कुंजी है- पीएम मोदी

उन्होंने कहा, ''एक भारतीय शब्द है परिश्रम। इसका अर्थ है कड़ी मेहनत, निरंतर प्रतिबद्धता और अथक प्रयास। यह एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में मुझे पता है कि भारत में इसका बहुत इस्तेमाल होता है। इसे अक्सर एक लोकप्रिय कहावत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। हम अपने संबंधों को इसी तरह से बनाने के आदी हैं- कड़ी मेहनत के साथ, जो अंत में सफलता में बदल जाती है।''

उन्होंने कहा कि यह यात्रा दो दशक से भी अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जिसने दोनों देशों के बीच राजनयिक जुड़ाव में नई जान फूंक दी है।

मिलकर बनाएंगे रक्षा साजो-सामान

भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में भारत और इटली ने बुधवार को संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा देने के साथ ही एक रक्षा औद्योगिक रोडमैप को अंतिम रूप दिया है।

पीएम मोदी और मेलोनी ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उस क्षेत्र के साथ-साथ बाकी दुनिया पर उसके प्रभाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

इस दौरान मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिये संघर्ष के समाधान का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता और नौवहन की बहाली का भी आह्वान किया।

अपनी टिप्पणी में मेलोनी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया, जहां चीन अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करता रहता है।

पीएम मोदी-मेलोनी वार्ता 

पीएम मोदी-मेलोनी वार्ता के बाद भारत और इटली ने रक्षा औद्योगिक रोडमैप जारी किया, जिसके तहत हेलीकाप्टरों और नौसैनिक हथियारों सहित सैन्य साजोसामान और प्रणालियों का सह-विकास और सह-उत्पादन किया जाएगा।

दोनों देशों ने इसके अतिरिक्त इटली में उच्च शिक्षा और भारतीय नर्सों की आवाजाही के लिए नए ढांचे को अंतिम रूप दिया।

दोनों पक्षों ने 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिनमें महत्वपूर्ण खनिजों, कृषि, समुद्री परिवहन और समुद्री उत्पादों के क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने वाले समझौते शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से भी मुलाकात की और व्यापार, निवेश, टेक्नोलाजी, महत्वपूर्ण खनिज, एआई, अंतरिक्ष व परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और विस्तार देने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इतालवी राष्ट्रपति को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

पीएम मोदी बोले, रोम में काशी की एक झलक!

पीएम मोदी ने एक पोस्ट में इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी के साथ अपनी बातचीत का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा, 'रोम में काशी की एक झलक! इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी ने वाराणसी पर अपनी कलाकृति भेंट की।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि टोमासेटी का भारतीय संस्कृति के प्रति जुनून चार दशकों से भी अधिक पुराना है। पिछली सदी के नौवें दशक में उन्होंने वैदिक संस्कृति पर आधारित किताबों के लिए इलस्ट्रेटर के तौर पर काम शुरू किया था।

2008 से 2013 तक उन्होंने महाभारत से जुड़ी 23 बड़ी पेंटिंग्स पर काम किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि इटली में भारतीय संगीत भी बहुत लोकप्रिय हो रहा है।

Tejraftarnews.in: मुंबई के बांद्रा में 500 झोपडे तोड़े गए 

वहां लोग रहकर अच्छा पैसा कमाते थे और दशकों से वहीं पड़े थे और यह सोचकर कि कभी कोई बिल्डर जमीन लगा तो हम करोड़ों का सौदा करके विरार कल्याण और पनवेल शिफ्ट हो जाएंगे ।

बहुत सारे लोगों ने अपने झोपड़ी बेचकर सेंट्रल वेस्टर्न और हर्बल लाइन के सस्ते इलाकों में चले गए थे उनकी तो गनीमत रही लेकिन जो वहीं पर बिल्डिंग बनने का ख्वाब देखते हुए बैठे थे उनके सारे ख्वाब धराशाई हो गए।

मुंबई की झोपड़पट्टियों को देखकर लोग सोचते होंगे उनके पास पैसा नहीं है लेकिन वह ज्यादातर लोग डेढ़ से 2 लाख से ज्यादा महीने का कमाते हैं इसमें ज्यादातर मुस्लिम कम्युनिटी रहती है जो सड़कों पर कपड़े जूते पर पर्स बेल्ट जूलरी और भी तरह-तरह के एसेसरीज फल सब्जी आदि बेचते हैं जो दिन का 7 से 8000 कमाते हैं उनके कई सारे बड़े फ्लैट मुंबई के सस्ते इलाकों में होते हैं गांव में अच्छे आलीशान घर बनवाकर चार पहिया रखते हैं किसी किसी की ट्रक टैक्सी वगैरा चलता है और बहुत सारे लोग बगीचे खेत वगैरह भी गांव में बना कर रखते हैं मेरे अपने ही गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग बांद्रा में रहते हैं और उनके पास बहुत पैसा है । उनके छोटे घर देखकर लोग उनको सोचते हैं बेचारे गरीब लोग हैं लेकिन वो करोड़ों के मालिक बने वहां बैठे हैं और उनको झोपड़पट्टी में रहकर मुंबई में धंधा करना आसान है दूर इलाकों में रहने पर उनका सारा समय आने जाने में ही निकल जाएगा । मुंबई में मुस्लिम कम्युनिटी के पास शायद सबसे ज्यादा पैसा है लेकिन उनका रहन-सहन बहुत साधारण है और वह ज्यादातर लोग झोपड़पट्टी में ही रहते हैं ये सच्चाई है।

Tejraftarnews.in: *पुराणों में वर्णित सातों द्वीप*

विष्णु पुराण, भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण के अनुसार पृथ्वी सात द्वीपों में विभाजित है। हर द्वीप एक समुद्र से घिरा है।

*1. जम्बूद्वीप*  

*स्थिति*: सबसे बीच में।  

*घिरा है*: लवण सागर से।  

*विशेष*: इसके 9 वर्ष या खंड हैं। भारतवर्ष इनमें से एक है। सुमेरु पर्वत इसके मध्य में है। यहाँ जामुन के वृक्ष की अधिकता से नाम जम्बू पड़ा।  

*विस्तार*: 1 लाख योजन।

*2. प्लक्षद्वीप*  

*घिरा है*: इक्षु सागर से।  

*विशेष*: यहाँ प्लक्ष यानी पाकड़ का वृक्ष प्रधान है। सात कुलपर्वत और सात नदियाँ हैं। इस द्वीप के राजा मेधातिथि थे।  

*विस्तार*: 2 लाख योजन।

*3. शाल्मलिद्वीप*  

*घिरा है*: सुरा सागर से।  

*विशेष*: शाल्मलि यानी सेमल के वृक्ष के कारण नाम पड़ा। यहाँ के अधिपति वपुष्मान थे। गरुड़ का निवास भी यहीं बताया गया है।  

*विस्तार*: 4 लाख योजन।

*4. कुशद्वीप*  

*घिरा है*: घृत सागर से।  

*विशेष*: कुश घास की अधिकता है। यहाँ सात वर्ष, सात पर्वत और सात नदियाँ हैं। राजा ज्योतिष्मान थे।  

*विस्तार*: 8 लाख योजन।

*5. क्रौंचद्वीप*  

*घिरा है*: दधि सागर से।  

*विशेष*: क्रौंच पर्वत के नाम पर नाम पड़ा। इसे कार्तिकेय जी ने शक्ति से विदीर्ण किया था। यहाँ के राजा द्युतिमान थे।  

*विस्तार*: 16 लाख योजन।

*6. शाकद्वीप*  

*घिरा है*: क्षीर सागर यानी दुग्ध सागर से।  

*विशेष*: शाक वृक्ष प्रधान है। यहाँ के ब्राह्मण मग कहलाते हैं और सूर्य के उपासक हैं। राजा भव्य थे।  

*विस्तार*: 32 लाख योजन।

*7. पुष्करद्वीप*  

*घिरा है*: मीठे जल के समुद्र से।  

*विशेष*: बीच में मानसरोवर के समान एक बहुत बड़ा कमल है। यहाँ के राजा सवन थे। इस द्वीप में केवल एक पर्वत है।  

*विस्तार*: 64 लाख योजन।

*क्रम*: हर द्वीप पिछले द्वीप से दुगुना बड़ा है और उसे घेरने वाला समुद्र भी दुगुना चौड़ा है। पुष्करद्वीप के बाद लोकालोक पर्वत है।

Tejraftarnews.in: गृह जनपद हरदोई में बहुत ही हृदय विदारक शर्मनाक और 

दिल चीर देने वाली घटना घटित हुई है 

17 वर्षीय एक लड़की ने एकतरफा प्यार में पागल प्रेमी से शादी करने से मना कर दिया था 

इसके बदले में 24 वर्षीय युवक ने शुरू में लड़की को बहुत परेशान किया उसके बाद 11 मई को जब लड़की शादी से लौट रही थी वहां से वो लड़की को जबरदस्ती सुनसान जंगल में उठा ले गया और वहां पेड़ में बांधकर बुरी तरह से लड़की के साथ मारपीट की लात घूंसे मारे 

जब लड़की ने शादी करने से मना किया तो युवक ने गुस्से में लड़की के दोनों स्तन काट दिए 

यह सिर्फ एक निजी लड़ाई नहीं है वरन नाबालिग लड़की के साथ मानवता के खिलाफ अमानवीय व जघन्य अपराध है 

ऐसे विकृत व आपराधिक प्रवृत्ति के के अपराधी को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाना चाहिए 

आरोपी के विरुद्ध अतिशीघ्र कड़ी कार्यवाही करना आवश्यक है 

बलात्कार शारीरिक क्रूरता अंग भंग करना जैसी संगीन धाराओं में कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के घृणित कृत्य करने की कोई हिमाकत न कर सके 

पुलिस को आरोपी के पिछले अपराधों की भी गहनता से जांच करनी चाहिए क्योंकि यदि लड़की के परिजन पहले से शिकायत कर चुके 

थे तो सवाल खड़े होंगे कि शिकायतों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई 

दूसरी तरफ पीड़ित लड़की को मुफ्त चिकित्सीय इलाज सर्जरी की सुविधा मिलनी चाहिए 

परिवार को सुरक्षा दी जाए और मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए जिससे कि न्याय पाने की लड़ाई में लड़की स्वयं को अकेला न महसूस करे 

इस दुःख की कठिन घड़ी में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि लड़की को सरकारी आवास आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और लड़की की मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था कराई जाए जिससे लड़की के भविष्य के रास्ते खुल सकें 

इस मामले को सिर्फ निंदा तक सीमित नहीं रखना है पीड़ित लड़की की आवाज उठाइये पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग करिए 

महिला सुरक्षा के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं से जुड़कर लड़की को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़िए 

ऐसे गंभीर मामले पर चुप रहना अपराधियों को प्रोत्साहित करता है 

अगर आप लोग चाहते हैं इस दरिंदे को कड़ी सजा मिले पीड़ित लड़की को न्याय और सुरक्षा मिले

 तो इस पोस्ट को रीट्वीट करें और पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग करें

Tejraftarnews.in: 👉 *अक्सर हम अपने जीवन, अपने भविष्य, लोगों के व्यवहार और हर छोटी-बड़ी परिस्थिति को पूरी तरह अपने नियंत्रण (control) में रखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि सब कुछ हमारी बनाई हुई योजना के अनुसार ही चले। लेकिन सच यह है कि यह असीम ब्रह्मांड और यह जीवन हमारे नियंत्रण से बहुत बड़ा है। जब हम सब कुछ खुद संभालने और बदलने की अंतहीन कोशिश करते हैं, तो हमारे भीतर केवल तनाव, चिंता और मानसिक थकान का जन्म होता है। 'नियंत्रण छोड़ने' का अर्थ आलसी या अकर्मण्य होना नहीं है, बल्कि इसका अर्थ यह है कि हम अपना कर्म तो पूरी निष्ठा से करें, लेकिन उसके परिणाम और परिस्थितियों को जबरदस्ती अपने हक में मोड़ने का अहंकार छोड़ दें।*

*जैसे ही मनुष्य इस व्यर्थ के नियंत्रण को छोड़कर उस परम चेतना या भगवान की याद में लीन होकर चलना शुरू करता है, उसके जीवन की दिशा बदलने लगती है। भगवान की याद में चलने का मतलब है—एक गहरा समर्पण। यह एक ऐसा विश्वास है कि जो शक्ति इस पूरे ब्रह्मांड को चला रही है, जिसने हमें यहाँ भेजा है, वह हमारी रक्षा भी करेगी और हमारा मार्गदर्शन भी करेगी। जब यह समर्पण भीतर घटित होता है, तो मन का सारा भारीपन दूर हो जाता है।*

*इस समर्पण के आते ही जीवन में तीन बहुत बड़े बदलाव महसूस होते हैं। सबसे पहले, हमारे भीतर का 'भ्रम' समाप्त हो जाता है और उसकी जगह 'स्पष्टता' ले लेती है। जब हम हर निर्णय केवल अपनी सीमित बुद्धि से लेते हैं, तो संशय बना रहता है; लेकिन जब हम खुद को उस सर्वोच्च शक्ति को सौंप देते हैं, तो बुद्धि शांत होती है और हमें सही-गलत का रास्ता साफ दिखाई देने लगता है।* *दूसरा बदलाव यह होता है कि भविष्य का 'डर' गायब हो जाता है और उसकी जगह एक अटूट 'विश्वास' ले लेता है। तब हमें यह भरोसा हो जाता है कि आगे चाहे जो भी परिस्थिति आए, हम अकेले नहीं हैं, कोई अदृश्य हाथ हमारे साथ है। तीसरा और सबसे सुंदर बदलाव यह होता है *कि जीवन का सफर कोई 'मजबूरी' या बोझ नहीं लगता, बल्कि हर अगला कदम एक दैवीय 'मार्गदर्शन' (guidance) जैसा महसूस होता है। तब हम जीवन से लड़ते नहीं हैं, बल्कि उसके प्रवाह के साथ बहते हैं।*

*हम हमेशा बाहरी दुनिया को, लोगों को या अपनी किस्मत को 'बदलने' की जद्दोजहद में लगे रहते हैं। लेकिन असलियत यह है कि जीवन को बाहर से बदलने की कोई ज़रूरत ही नहीं है। ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि हम खुद को 'सही दिशा' से जोड़ लें। जैसे एक पतंग जब तक तेज़ हवाओं से अकेले लड़ती है, वह भटकती और कटती है; लेकिन जैसे ही वह अपनी डोर के माध्यम से उड़ाने वाले के हाथ से सही दिशा में जुड़ जाती है, वह आसमान की ऊंचाइयों को छूने लगती है।* *ठीक इसी तरह, जब हम अपनी चेतना की डोर को ईश्वर या उस ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ देते हैं, तो जीवन अपने आप सुगम, सुंदर और आनंदमय हो जाता है।*

🌞 आपका दिन मंगलमय हो।

Tejraftarnews.in: *‼ वैभव ही नहीं, विवेक भी ‼*

            

*👉साधनों का सदुपयोग कर सकने वाली बुद्धिमता को सर्वत्र सराहा जाता है। उसी आधार पर मनुष्य आगे बढ़ते और ऊँचे उठते हैं। हर कोई कुछ न कुछ धन कमाता है और उसके पास पूर्व संचित साधन होते हैं। प्रश्न एक ही रह जाता है कि इसे किसने किस प्रयोजन के लिए, कब, किस प्रकार उपयोग किया? महत्व इस बात का नहीं कि किसने कितना कमाया और कितना उड़ाया। बुद्धिमानी की कसौटी एक ही है कि जो हाथ आया उसे किन प्रयोजनों में किस दृष्टिकोण से खर्चे किया गया। यों तो चोर, उचक्के भी विपुल सम्पत्ति कमाते देखे गये हैं। गरिमा इसी एक बात में है साधनों का सदुपयोग बन पड़ा या नहीं? उन्हें उच्चस्तरीय प्रयोजनों के लिए नियोजित कर सकने का विवेक रहा या नहीं?*

*वैभव स्व उपार्जित है। पूर्व संचित पुण्य परमार्थ या वर्तमान कौशल पराक्रम के आधार पर उसे अर्जित किया जाता है। इस अपनी कमाई के अतिरिक्त ईश्वर प्रदत्त अनुदान भी मनुष्य के पास कम नहीं हैं। श्रम, समय, मस्तिष्क जैसे साधन हर किसी को प्रायः समान रूप से उपलब्ध हुए हैं। इस उच्च स्तरीय वैभव का सदुपयोग कर सकना और भी बढ़े-चढ़े कौशल का काम है। ऐसे ही कौशल को दूरदर्शी विवेक कहा जाता है। श्रद्धा, प्रज्ञा, निष्ठा उसी के नाम है। ‘ऋतम्भरा मेधा’ के नाम से उसी का अर्चन, अभिवर्धन किया जाता है।*

*मनुष्य न तो सम्पदाओं की दृष्टि से दरिद्र है न विभूतियों की दृष्टि से असमर्थ। प्रश्न इतना है। कि जो हस्तगत हुआ, उसका उपयोग किस प्रकार बन पड़ा। जो इस कसौटी पर खरा सिद्ध हो सका, समझना चाहिए कि उसका मनुष्य जन्म सार्थक हो गया।*

✍️ *परमपूज्य गुरुदेव पं श्रीराम शर्मा आचार्य* 

📖 *अखण्ड ज्योति 1983 जनवरी*

Tejraftarnews.in: 👉 *अहंकारी बाध्यते लक्ष्यः*

*🌞श्रावस्ती नगरी में सर्वत्र तपस्वी सुधारक की ही चर्चा थी। लोभ और मोह, वासना और तृष्णा पर उन्होंने विजय पा ली थी।* तत्वदर्शियों ने साधना से सिद्धि के तीन सोपान बताये हैं–’मातृवत् परदारेषु पर द्रव्येषु लोष्ठवत् और आत्मवत् सर्वभूतेषु’। साधु−सुधारक रूपी आरम्भिक दो सोपानों पर चढ़ चुके थे। उनके तप और त्याग से–निस्पृह जीवन चर्या से हर कोई प्रभावित था। लोगों की श्रद्धा एवं सम्मान के सुमन उन पर चढ़ रहे थे। *उग्र साधन के ताप में इन्द्रियों की वासना विगलित हो चुकी थी। संयम और तितिक्षा की अग्नि में तपने के बाद मन ने वित्तेषणा की निस्सारता सिद्ध कर दी थी, पर अभी भी लोकेषणा मन के एक कोने में अपना अड्डा मजबूती से जमाये हुई थी।* जिसके कारण साधना की अहम्यता पोषण पा रही थी। शास्त्रकारों ने लोकेषणा को सबसे सूक्ष्म और प्रबलतम शत्रु माना है जिस पर विजय पाना प्रायः कठिन पड़ता है। *यही तपस्वी सुधारक के साथ हुआ। सम्मान और श्रेय प्राप्त कर सुधारक का अहंकार बढ़ता ही गया।*

*निरासक्त तपस्वी के प्रति उमड़ने वाली श्रद्धा ने वन, सम्पत्ति, वस्त्र आदि उपादानों के अम्बार लगा दिए। यह देखकर सुधारक के मन में वितर्क उठा कि–अब मेरी तपस्या सफल हो गयी। योग सिद्ध हो गया, जीवन मुक्ति का अधिकारी बन गया। अहंकार साधक के पतन का कारण बनता है। अनेकों स्थानों पर परिव्रज्या के निर्मित परिभ्रमण करने के उपरान्त जब वे आश्रम में वापिस लौटे तो वृद्ध गुरु की तीक्ष्ण दृष्टि से उनका अहंभाव छुपा न रह सका। एक दिन गुरु ने उन्हें पास बुलाया और कहा “वत्स! आश्रम में समिधाएँ समाप्त हो चुकी है। जाओ जंगल से समिधाएँ ले आओ। प्रातःकाल के यज्ञ की तैयारी करनी है। सुधारक ने उपेक्षा दर्शाते हुए कहा–”मुझे अब कर्म करने की आवश्यकता नहीं है। मैं अर्हत् मार्ग पर आरुढ़ हो चुका हूँ।” तत्वदर्शी गुरु भावी आशंका से चिन्तित हो उठे। उन्होंने स्नेह मिश्रित स्वर में कहा–”तात! तुम यह काम रहने दो, पर एक काम अवश्य करो। भगवान बुद्ध श्रावस्ती नगरी में पधारे है। उनसे एक बार अवश्य मिल आओ।” सुधारक ने बुद्ध की ख्याति सुन रखी थी। मन में उत्कण्ठा भी थी मिलने की। गुरु के प्रस्ताव को स्वीकार करके वह महाप्राज्ञ से मिलने चल पड़े।*

*जैतवन बौद्ध बिहार में बौद्ध भिक्षुकों की मण्डली ठहरी थी। वहाँ पहुँचने पर सुधारक को मालूम हुआ कि बुद्ध भिक्षाटन कि लिए गये है। इतने भिक्षुओं के रहते हुए भी बुद्ध को भिक्षाटन के लिए जाना पड़ता है, यह बात सुधारक की समझ में न आ सकी। खोजते−खोजते एक गृहस्थ के यहाँ भीख मांगते बुद्ध से उनकी भेंट हो गयी। अपना परिचय सुधारक न स्वयं एक तपस्वी के रूप में दिया तथा बन्धन मुक्ति का उपदेश देने का आग्रह किया। महाप्राज्ञ मौन रहे और सुधारक के साथ जैतवन वापिस लौटे। रात्रि विश्राम करने का आदेश देने तथा प्रातः− कान सम्बन्धित विषय पर चर्चा करने के साथ संक्षेप में वार्ता समाप्त की।*

*दूसरे दिन भगवान बुद्ध के सामने अपनी जिज्ञासा लिए सुधाकर बैठे थे। अंतर्दृष्टा महाप्राज्ञ से सुधारक की स्थिति दर्पण की भाँति स्पष्ट थी। तपस्वी और त्यागी होते हुए भी सुधारक अहंकारी है, यह अपनी सूक्ष्म दृष्टि से, वे देख चुके थे। उनकी मर्मभेदी वाणी फूट पड़ी–”वत्स! जीवन मुक्ति, ईश्वर प्राप्ति के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोधक है–अहंकार। यह लोकेषणा की कामना से बढ़त है, पर निरासक्त कर्मयोग–सेवा भावना से भावना से घटता है। लोकसेवा में निरत होकर ही अहंकार पर विजय प्राप्त की जा सकती है। आत्मवत् सर्वभूतेषु की उच्चस्तरीय अनुभूति इस सेवा साधना से ही सम्भव है।”*

*सुधारक को अपनी भूल ज्ञान हुई। भगवान बुद्ध के चरणों में गिरकर उन्होंने क्षमा माँगी और लोकसेवा में प्रवृत्त होकर अपनी अवरुद्ध आत्मिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने में लग गये।*

*📖 अखण्ड ज्योति 1982 मई*

Tejraftarnews.in: *शनिवार को घर ना लायें ये वस्तुएँ*

ज्योतिष शास्त्र में भी इसके कुछ नियम बताए गए हैं इन नियमो के मुताबिक आज हम आपको बताएँगे कुछ ऐसी वस्तुएं जो शनिवार को घर नहीं लानी चाहिए या इस दिन इन्हें नहीं खरीदना चाहिए।

लोहे का सामान 👉 भारतीय समाज में यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है कि शनिवार को लोहे का बना सामान नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि शनिवार को लोहे का सामान खरीदने से शनि देव कुपित होते हैं। इस दिन लोहे से बनी चीजों के दान का विशेष महत्व है। लोहे का सामान दान करने से शनि देव की कोप दृष्टि निर्मल होती है और घाटे में चल रहा व्यापार मुनाफा देने लगता है। इसके अतिरिक्त शनि देव यंत्रों से होने वाली दुर्घटना से भी बचाते हैं।

तेल 👉 शनिवार को तेल खरीदने से भी बचना चाहिए। हालांकि तेल का दान किया जा सकता है। ज्योतिष के अनुसार, शनिवार को सरसों या किसी भी पदार्थ का तेल खरीदने से वह रोगकारी होता है और घर में रोग बीमारी आती है 

नमक 👉शनिवार को नमक बिलकुल भी नहीं खरीदना चाहिए अगर नमक खरीदना है तो बेहतर होगा शनिवार के बजाय किसी और दिन ही खरीदें। शनिवार को नमक खरीदने से यह उस घर पर कर्ज लाता है

कैंची 👉कैंची ऐसी चीज है जो कपड़े, कागज आदि काटने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है। पुराने समय से ही कपड़े के कारोबारी, टेलर आदि शनिवार को नई कैंची नहीं खरीदते। ऐसा मन जाता है की शनिवार को कैंची खरीदने से रिश्तों में तनाव आता है 

काले तिल 👉 शनिवार को पूजन में भी काले तिल का उपयोग किया जाता है। शनि देव की दशा टालने के लिए काले तिल का दान और पीपल के वृक्ष पर भी काले तिल चढ़ाने का नियम है, लेकिन शनिवार को काले तिल कभी न खरीदें। कहा जाता है कि इस दिन काले तिल खरीदने से कार्यों में बाधा आती है। लेकिन आप शनिदेव की पूजा के लिए पूजा सामान में काले तिल ले सकते है 

जूते 👉अगर आपको जूते विशेषकर काले रंग के जूते खरीदने हैं तो शनिवार को न खरीदें। मान्यता है कि शनिवार को खरीदे गए काले जूते पहनने वाले को कार्य में असफलता दिलाते हैं।

 

ईंधन 👉शनिवार को रसोई के लिए ईंधन, माचिस, केरोसीन खरीदना वर्जित है। कहा जाता है कि शनिवार को घर लाया गया ईंधन परिवार को कष्ट पहुंचाता है।

झाड़ू 👉झाड़ू खरीदने के लिए शनिवार को उपयुक्त नहीं माना जाता। झाड़ू घर के विकारों को बुहार कर उसे निर्मल बनाती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। शनिवार को झाड़ू घर लाने से दरिद्रता का आगमन होता है।

चक्की 👉अनाज पीसने के लिए चक्की भी शनिवार को नहीं खरीदनी चाहिए। माना जाता है कि यह परिवार में तनाव लाती है और इसके आटे से बना भोजन रोगकारी होता है।

श्याही 👉 कागज, कलम और दवात आदि खरीदने के लिए सबसे श्रेष्ठ दिन गुरुवार है। शनिवार को स्याही न खरीदें। यह मनुष्य को अपयश का भागी बनाती है।

🕉️🌹🙏 जन्म कुण्डली मिलाने व दिखाने और बनाने हस्त रेखा मस्तिष्क रेखा दिखाने के लिए सम्पर्क करें

**महादेव ज्योतिष कार्यालय* 

 *में आपका स्वागत है।**

  *संपर्क सूत्र!* 

 *पंडित अमन कालिया भारद्वाज।* 

📞 *Tejraftarnews.in: *अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा को लेकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चीन की आधिकारिक पुष्टि ने सब कुछ साफ कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप बीजिंग से पूरी तरह खाली हाथ लौटे हैं। कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, न ही कोई रियायत मिली। चीन ने इसे “मल्टी-मिलियन डॉलर की हॉलिडे ट्रिप” करार दिया है।*

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि ट्रंप-शी जिनपिंग शिखर वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिका को निराशा हाथ लगी। ईरान संकट पर कोई समझौता नहीं हो सका। चीन ने स्पष्ट कर दिया कि वह अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर दबाव नहीं बनाएगा। हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने या तेल आपूर्ति बढ़ाने पर भी कोई चर्चा सफल नहीं रही।

ताइवान मुद्दे पर भी चीन ने कोई रियायत नहीं दी। चीन ने ताइवान को अपना अभिन्न अंग बताते हुए अमेरिकी हथियार बिक्री पर कड़ी चेतावनी दी। ट्रंप प्रशासन ताइवान को समर्थन देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बीजिंग ने सख्त रुख अपनाया और कोई छूट नहीं दी।

H200 डील पर भी निराशा

नvidia के एडवांस्ड H200 AI चिप्स की बिक्री पर कोई ठोस समझौता नहीं हुआ। अमेरिकी कंपनियां चीनी बाजार में प्रवेश की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन चीन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसे टाल दिया।

रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ मृदा खनिज) के ट्रकों पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया। ये खनिज अमेरिकी टेक और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी हैं। चीन इनका सबसे बड़ा उत्पादक है और निर्यात नियंत्रण में ढील देने से इनकार कर दिया। इससे अमेरिकी कंपनियों को भारी नुकसान का खतरा मंडरा रहा है।

बोइंग ऑर्डर भी उम्मीद से कम

सिर्फ बोइंग एयरक्राफ्ट के ऑर्डर पर कुछ चर्चा हुई, लेकिन वह भी उद्योग की उम्मीदों से काफी कम थे। चीन ने 200 विमानों का ऑर्डर देने की घोषणा की, जो पहले के अनुमानों (500+) से बहुत कम है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने वाली यह डील आधी-अधूरी रह गई।

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की यह यात्रा प्रतीकात्मक रही। दोनों नेताओं के बीच मुलाकातें, भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, लेकिन रणनीतिक और आर्थिक लाभ शून्य रहे। चीन ने अमेरिका को संदेश दिया कि वह दबाव में आने वाला नहीं है।

ट्रंप ने यात्रा को “बहुत सफल” बताया, लेकिन वास्तविकता उलट है। अमेरिकी मीडिया और विपक्ष ने इसे “खाली हाथ वाली यात्रा” करार दिया। चीन की मजबूत कूटनीति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह वैश्विक मुद्दों पर अपना रुख नहीं बदलता।

यह यात्रा अमेरिका-चीन संबंधों की जटिलता को उजागर करती है। दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे लंबे समय तक विवादास्पद बने रहेंगे। ट्रंप प्रशासन अब घरेलू स्तर पर बचाव की मुद्रा में है, जबकि चीन आत्मविश्वास से भरा दिख रहा है। *(PC- CA Rajiv Chandak 98

Tejraftarnews.in  *ममता बनर्जी ने साइडलाइन रखा, शुभेंदु अधिकारी की बनीं सबसे भरोसेमंद अफसर, जानिए दमयंती सेन IPS कौन*

* पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित संस्थागत भ्रष्टाचार, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं की जांच के आदेश दिए हैं। 

* जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में दो अलग-अलग समितियों का गठन किया है।

*महिलाओं और बच्चियों से जुड़े अपराध की जांच के लिए शुभेंदु अधिकारी ने जो कमेटी बनाई है, उसमें दमयंती सेन का नाम सबका ध्यान खींच रहा है।*

* दमयंती सेन वही महिला अफसर हैं जो 2012 में खूब चर्चा में आई थीं। 

* दमयंती ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। 

* बंगाल में चार बच्चियों के साथ रेप हुए थे। 

* इस मामलों की जांच कलकत्ता हाई कोर्ट ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को दी थी।

* दमयंती सेन 1996 बैच की IPS अधिकारी हैं। 

* वह कोलकाता पुलिस की जॉइंट कमिश्नर (क्राइम) के तौर पर काम करने वाली पहली महिला हैं। 

* इसके बाद, उन्हें कोलकाता पुलिस की स्पेशल कमिश्नर नियुक्त किया गया। 

* इस बीच, उन्होंने पार्क स्ट्रीट गैंगरेप मामले की जांच का नेतृत्व किया। 

* पार्क स्ट्रीट गैंगरेप की घटना तृणमूल कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही समय बाद हुई थी और इसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी थी। 

*उस समय, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को सरकार की छवि खराब करने के लिए एक सजानो घोटोना (मनगढ़ंत घटना) बताया था।*

Tejraftarnews.in: ... *जय श्री राम*

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

*शुक्रवार, 22 मई 2026 के मुख्य समाचार*

🔶चुन-चुन कर मारे जा रहे भारत के दुश्मन! PoK में मारा गया अल-बद्र का खूंखार कमांडर हमजा, रची थी पुलवामा की साजिश

*🔶मोजतबा ने ठुकराई ट्रंप की बड़ी मांगः दिया दो टूक जवाब-‘यूरेनियम देश से बाहर नहीं जाएगा’*

🔶पाकिस्तान में 14 साल की बच्ची का अपहरण, जबरन धर्मांतरण के बाद 41 वर्षीय मुस्लिम से करवाया निकाह 

🔶ईरान डील पर Israel-US दोस्ती में दरार ! नेतन्याहू का गुस्सा सातवें आसमान पर, ट्रंप से 1 घंटा झगड़े बाद कहा-"गलती मत करना"

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

🔶भारत को जितना तेल चाहिए हम देंगे, अमेरिका ने किया ऐलान, होने वाली है बड़ी डील

🔶गाय को मारना ईद का हिस्सा नहीं, बकरीद से पहले बंगाल में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

🔶कॉकरोच जनता पार्टी का पुराना X अकाउंट ब्लॉक, नया बनाया:लिखा- कॉकरोच मरते नहीं, फाउंडर का आरोप- इंटस्टाग्राम अकाउंट भी हैक करने की कोशिश हुई

 🔶भारत पर भी मंडरा रहा ‘सुपर एल-नीनो’ का खतरा, बढ़ेगी भीषण गर्मी, सूखा और बाढ़ से टूट सकते हैं 150 साल पुराने रिकॉर्ड

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

🔶आरजीकर केस-कलकत्ता HC का CBI को दोबारा जांच का आदेश:घटना वाले दिन क्या हुआ, फिर से छानबीन करें; किसी से भी पूछताछ की छूट

🔶FM रेडियो पर संकट, सरकार से राहत की मांग:कंपनियों ने कहा- लाइसेंस फीस हटाएं, GST घटाएं; नहीं तो थम जाएगी इंडस्ट्री की रफ्तार

🔶मोदी की करीब साढ़े 4 घंटे मंत्रिपरिषद के साथ बैठक:मंत्रियों को तेज फैसलों लेने को कहा, विकसित भारत 2047 को नारा नहीं लक्ष्य बताया

🔶धार भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष:MP हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती; कहा- तथ्य सही तरीके से पेश नहीं किए

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

🔶ED के 20 साल, सिर्फ 60 केस में फैसला हुआ:99% मामलों में अंतिम फैसला आना बाकी, 72% कुर्क संपत्ति वापस करनी पड़ी

🔶लालू यादव से जुड़े लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

🔶ईरान ने होर्मुज में अपने नियंत्रण क्षेत्र को स्पष्ट किया, इस क्षेत्र से गुजरने के लिए जहाजों को लेनी होगी अनुमति

🔶सिंधु नदी का गेम ओवर, अब चेनाब का भी पानी मोड़ेगा भारत! बना रहा सीक्रेट टनल

🔷सीएसके की सबसे बड़ी हार, तीसरे सीजन प्लेऑफ से बाहर, गुजरात ने 89 रन से रौंदा

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

         आप का दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात....!

                          जय हो🙏

Tejraftarnews.in: *🕎देश दुनिया..!!*

 

  दिनांक:- २२-०५-२०२६

                  👇🏻

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

====================================

⬇️

ईरान जंग पर ट्रम्प-नेतन्याहू में टकराव, अमेरिका डील चाहता है; इजराइल बोला- हमला नहीं रुकना चाहिए, ऐसा किया तो गलती होगी।

⬇️

दिन ही नहीं रात में भी सितम: दिल्ली में मई की सबसे गर्म रात, टूटा 14 साल का रिकॉर्ड; IMD ने जारी की चेतावनी।

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

⬇️

कॉकरोच जनता पार्टी के X अकाउंट पर रोक: इंस्टाग्राम पर 6 दिन में 1.26 करोड़ फॉलोअर्स हुए, यह भाजपा के फॉलोअर्स से डेढ़ गुना।

⬇️

यूपी का बांदा दुनिया में तीसरा सबसे गर्म शहर: नौतपा से 4 दिन पहले ही 48°C पहुंचा तापमान; MP-महाराष्ट्र में भी पारा 47*

⬇️

मुर्शिदाबाद में घुसपैठ पर नकेल: शुभेंदु सरकार ने BSF को दी 27 किमी जमीन, 18 किमी में लगाए जाएंगे कंटीले तार।

⬇️

West Bengal: बंगाल के मदरसों में अब वंदे मातरम गाना अनिवार्य, शुभेंदु सरकार का एक और बड़ा फैसला।

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

⬇️

दिल्ली HC की टिप्पणी: 'राजनीतिक फैसले की आलोचना करना उल्लंघन नहीं', राघव चड्ढा की याचिका पर हाईकोर्ट की दो टूक।

⬇️

तमिलनाडु में विजय कैबिनेट का विस्तार, 23 मंत्री शामिल: कांग्रेस विधायक ने 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगाए, राज्यपाल ने टोका- यह शपथ का हिस्सा नहीं।

⬇️

यूपी में इतनी गर्मी कि शेरों के लिए AC लगे: ट्रांसफार्मर कूलर से ठंडे किए जा रहे; दोपहर 12 बजे पारा 44°C, चेतावनी- धूप में न निकलें।

⬇️

प्रयागराज: डॉक्टर-वकील टकराव से थमा शहर, भीषण जाम में फंसी जिंदगी:: छात्रों का पेपर छूटा, एंबुलेंस फंसी, माँ बच्चे के कपड़े से ढकती नजर आयी।

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

⬇️

प्रयागराज: यूपी में वकीलों पर अत्याचार, चीफ जस्टिस को लेटर पिटिशन: हाईकोर्ट में जनहित याचिका, प्रयागराज-लखनऊ की घटनाओं का जिक्र।

⬇️

यूपी लेखपाल मुख्य परीक्षा- मंगलसूत्र, चूड़ियां तक उतरवाईं: जूड़े खुलवाए, पानी की बोतल से रैपर हटवाए; 3.66 लाख अभ्यर्थी देंगे एग्जाम।

⬇️

मेरठ में MBA छात्रा की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत: IIMT यूनिवर्सिटी में भड़के छात्र, बहन बोली- सीसीटीवी भी नहीं दिखाया।

⬇️

भारी पुलिस सुरक्षा के बीच शुरू हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा: मुजफ्फरनगर के 15 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, 7 हजार अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा।

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

⬇️

मुजफ्फरनगर में हीट स्ट्रोक का हाई अलर्ट जारी: दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह, इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर 24 घंटे सक्रिय।

⬇️

मुरादाबाद में खेत में मिले तेंदुए के दो शावक: वन विभाग ने अलर्ट जारी किया, गांव वालों के अकेले खेत न जाने की अपील।

⬇️

मुजफ्फरनगर: पुलिस मुठभेड़ में 15 हजार का ईनामी बदमाश घायल: मीरापुर पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान वांछित अपराधी को पकड़ा।

⬇️

सहारनपुर में लेखपाल भर्ती परीक्षा शुरू: 24 सेंटर्स बनाए गए, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर रोक।

👍 Like | 🔁 Share | ✅ Follow our Channel for more updates!

*📲 देश-दुनिया की हर छोटी बड़ी खबरों के लिए— चैनल को सब्सक्राइब और फॉलो करें!और अपने सभी चाहने वाले को भी लिंक भेजें👇*

https://whatsapp.com/channel/tejraftarnews.in 

==================

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User