6 साल की बेटी ने शहीद पिता को दी मुखाग्नि:पार्थिव शरीर से लिपटकर रोई पत्नी; झारखंड में नक्सल ऑपरेशन में औरंगाबाद का जवान शहीद

Apr 9, 2026 - 16:19
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6 साल की बेटी ने शहीद पिता को दी मुखाग्नि:पार्थिव शरीर से लिपटकर रोई पत्नी; झारखंड में नक्सल ऑपरेशन में औरंगाबाद का जवान शहीद
औरंगाबाद के CRPF जवान झारखंड के सारंडा में शहीद हो गए। वे नक्सल विरोधी अभियान में शामिल थे। बुधवार देर रात पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। गुरुवार सुबह राजकीय सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। 4 साल बेटे हिमांशु, 8 साल की बेटी प्रियंका और 6 साल की रिया ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था, जिसे देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्चे पिता के पार्थिव शरीर को एकटक निहारते रहे। 'वीर शहीद अमर रहे' और 'राकेश कुमार अमर रहे' के नारे लगते रहे। अंतिम संस्कार की तस्वीरें देखिए… पत्नी बोली- पेड़ गिरने से मौत की जानकारी मिली शहीद राकेश कुमार की मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पत्नी पिंकी देवी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें सूचना दी गई थी कि मौत पेड़ के नीचे दबने से हुई है। बताया गया कि झारखंड के चाईबासा जिले के सारंडा जंगल स्थित बाबू डेरा कैंप के पास नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी-तूफान में एक पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से राकेश घायल हो गए। इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। भाई बोले- गोली लगने से मौत हुई है जवान के भाई विक्रम कुमार का कहना है कि यह जानकारी पूरी तरह गलत है। राकेश की मौत पेड़ गिरने से नहीं बल्कि गोली लगने से हुई है। परिजनों के अनुसार, अगर पेड़ गिरने से मौत होती तो शरीर पर चोट के कई निशान होते, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं दिखा। सिर पर एक गड्ढा जैसा निशान था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि उन्हें गोली लगी थी। भाई ने बताया, राकेश कुमार CRPF की 210 कोबरा बटालियन का हिस्सा थे। करीब एक महीने पहले ही छुट्टी बिताकर 5 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे। बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। हाल ही में उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान तीन नक्सलियों को मार गिराया था, जिसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था और उनका प्रमोशन हुआ था। राकेश कुमार 4 भाइयों में सबसे बड़े थे। उन्होंने साल 2012 में CRPF में नौकरी जॉइन की थी। 2014 में उनकी शादी पिंकी देवी से हुई थी। राकेश और पिंकी की तीन बेटियां और एक बेटा है। पूर्व विधायक बोले- सच्चाई छिपाई जा रही है श्रद्धांजलि देने के लिए गोह विधायक अमरेंद्र कुशवाहा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश ने एक बहादुर सपूत को खो दिया है। उनकी शहादत पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। पूर्व विधायक रणविजय सिंह ने दावा किया कि राकेश की मौत नक्सलियों की गोली से हुई है। सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही है। पेड़ गिरने की घटना बताकर भटकाया जा रहा है। नक्सली किसी के हितैषी नहीं होते, वे मासूम लोगों को बहलाकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करते हैं। नक्सलियों का प्रभाव अब कम हो रहा है। इसके बावजूद छिपकर जवानों को निशाना बना रहे हैं।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला