स्वीमिंग पूल में नहाती लड़कियों को देखता था JDU नेता:पीड़ित बोली- पुलिस-VIP गेस्ट भी आते; एजेंट्स से नॉर्थ ईस्ट की लड़कियां मंगवाता

Apr 9, 2026 - 16:19
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स्वीमिंग पूल में नहाती लड़कियों को देखता था JDU नेता:पीड़ित बोली- पुलिस-VIP गेस्ट भी आते; एजेंट्स से नॉर्थ ईस्ट की लड़कियां मंगवाता
“JDU नेता मुंशी से रोज रात को मेरी बेटी को बुलवाता था। बेटी बताती थी कि वहां एक स्वीमिंग पूल है। जिसमें कपड़े उताकर नहाने के लिए कहते थे। मालिक गार्डन में बैठकर हमें नहाते देखते थे। इधर-उधर टच करते थे। पुलिस और बड़ी-बड़ी गाड़ियों से लोग भी वहां आते थे।” ये कहना है 14 साल की नाबालिग लड़की की मां का, जिसे असम से JDU नेता ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मियां के यहां मजदूरी के लिए लाया गया था। इनपुट के बाद भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम JDU नेता के फार्म हाउस पहुंची। ये बिल्कुल सुनसान जगह पर बना है। यहां हमें वो सब मिला जो पीड़ित लड़की की मां ने बताया था। 3 लग्जरी रूम से सटा स्वीमिंग पूल। स्वीमिंग पूल के आसपास ऊंची-ऊंची दीवारें बनी थीं। जैसे इसे प्लान कर के बनवाया हो ताकि अंदर जो भी हो कोई देख ना सके। इस पूल से सटा गार्डन था। इसी के बारे में लड़की की मां ने बताया था। यहां बैठकर JDU नेता लड़कियों को नहाते हुए देखता था। इसी फार्म हाउस से 29 मार्च को 14 से 16 साल की 7 लड़कियों का रेस्क्यू किया गया था। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए JDU नेता की डर्टी और लग्जरी लाइफ... भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पटना से 250 किलोमीटर दूर सहरसा के नया टोला पहुंची। यहां हमें सुनसान इलाके में बना JDU नेता ओवैस करनी उर्फ मुन्ना मुखिया का ईंट भट्‌ठा मिला। इसके पास ही लग्जरी फार्म हाउस बना हुआ था। बाहर से सब कुछ सामान्य था, लेकिन अंदर सारे हाईटेक इंतजाम किए गए थे। इन्वेस्टिगेशन के दौरान हमारी मुलाकात मकबूल से हुई। मकबूल को असम से मजदूरी के लिए लाया गया था। उसने JDU नेता को लेकर बड़े खुलासे किए। मकबूल ने बताया, “हमें अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। वहां सिर्फ महिलाओं की एंट्री थी। शाम को माहौल ही बदल जाता था। गाड़ियों की लाइन लग जाती थी। कौन आता जाता था, नहीं पता है, लेकिन हर शाम छोटी लड़कियों को अंदर बुलाया जाता था। बाहर से भी लड़कियां आती थीं, लेकिन वह गाड़ियों से ही सीधा फार्म हाउस में चली जाती थीं। अंदर बहुत कुछ होता था, रात में लड़कियों से खेला जाता था। हम लोग बाहर के आदमी ठहरे, इसलिए सिर्फ देखते थे, कुछ बोलने का कोई मतलब नहीं था। छोटी लड़कियों को बुलाकर उनसे बिना कपड़े के डांस कराया जाता था। लड़कियां आकर बताती थीं, उनके शरीर को टच किया जाता था, लेकिन मालिक का मामला था, विरोध करते तो काम से हटा दिया जाता। साहब मजबूरी जो न कराए, आंखों के सामने सब कुछ देखकर भी आंखें बंद करनी पड़ती थीं।” छोटी - छोटी लड़कियों को बिना कपड़ों के नचवाता था असम के रहने वाले मकबूल ने बताया कि JDU नेता छोटी-छोटी लड़कियों को फार्म हाउस में बुलाता था और उनके कपड़े उतरवाकर डांस कराता था। रिपोर्टर - आपको पता था यहां यह सब हो रहा था? मकबूल - सब अंदर होता था, हमें अंदर जाने नहीं दिया जाता था। रिपोर्टर - कैसे पता चला कि अंदर यह सब काम होता था? मकबूल - लड़कियां बताती थीं कि शरीर को कैसे टच किया जाता है। रिपोर्टर - फार्म हाउस में कौन-कौन लोग जाते थे? मकबूल - अंदर सिर्फ लड़कियां जाती थीं, छोटी लड़कियों की ज्यादा डिमांड थी। रिपोर्टर - कोई इसका विरोध नहीं करता था ? मकबूल - वह धमकी देता था कि मार देगा, कहता था कि वह यहां का डॉन है। रिपोर्टर - आप कितने दिनों से यहां रह रहे हैं? मकबूल - 6 महीने हो गए, रोज का यही काम होता था। रिपोर्टर - आप असम से यहां कैसे आ गए? मकबूल - हां, हम सभी एकसाथ ही आए थे। रिपोर्टर - क्या आप पहले भी यहां आए हैं? मकबूल - नहीं, पहले कभी नहीं आया, यह पहली बार है। अब नहीं आना इस गंदी जगह। रिपोर्टर - आपको बुलाने कौन गया था? मकबूल - एक ठेकेदार लाया था, वह ऐसे परिवार को लाता हैं जिसमें लड़कियां हों। रिपोर्टर - क्या आपको पहले से यहां के बारे में कोई जानकारी थी? मकबूल - नहीं, हम लोग पहले कभी यहां नहीं आए थे, इसलिए इसके बारे में कुछ पता नहीं था। रिपोर्टर - क्या आपको नाचने वाली बात की जानकारी थी? मकबूल - नहीं, हमें अंदर की जानकारी नहीं थी, लड़कियां पूरा खेल बताती थीं। रिपोर्टर - लड़कियां कभी विरोध नहीं करती थीं क्या? मकबूल - कोई कर ही नहीं सकता था, जान से मारने की धमकी देता था। लड़कियों के वीडियो रख लेता था। रिपोर्टर - उसके पास गुंडे भी थे क्या, जो धमकी देते थे? मकबूल - बहुत लोगों को इस काम के लिए रखता था, मुंशी भी लोगों को मारता-पीटता था। रिपोर्टर - क्या यहां बड़े और वीआईपी लोग भी आते थे? मकबूल - हां, बहुत लोग आते थे, बड़ी-बड़ी गाड़ियां आती थीं। रिपोर्टर - क्या उनके साथ गार्ड और पुलिस वाले भी रहते थे? मकबूल - बड़े लोग आते थे, रात दो बजे तक जश्न होता था। कोयला व्यापारी आते थे। रिपोर्टर - पुलिस की गाड़ियां भी आती थीं क्या? मकबूल - अक्सर पुलिस की गाड़ियां आती रहती थीं, कुछ मिलने तो कुछ खाने-पीने आते थे। रिपोर्टर - अब यहां मन नहीं लगता होगा? मकबूल - हमारे यहां चुनाव है, हमें वोट देने जाना था। यहां से जाने ही नहीं दिया गया। रिपोर्टर - अंदर स्वीमिंग पूल में गए हैं क्या? मकबूल - एक बार गया था, वहां कोई जा ही नहीं सकता ऐसा काम होता है। पड़ताल के दौरान काफी छानबीन के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उस महिला तक पहुंची, जिसकी बेटी को JDU नेता बिना कपड़ों के गंदे गानों पर डांस कराता था। असम की रहने वाली महिला के अंदर इतना डर था कि वह खुलकर कुछ बोल नहीं पा रही थी। काफी भरोसा दिलाने के बाद वो हमसे बात करने के लिए तैयार हुई। पीड़िता की मां सरिता (काल्पनिक नाम) की जुबानी पूरी कहानी जानिए सरिता ने बताया, “14 साल की मेरी बेटी कुछ नहीं जानती थी। वह इतनी छोटी है, उसे इन सब चीजों के बारे में कुछ भी पता ही नहीं था। वह बहुत चंचल है, इसलिए मालिक की नजर में गड़ गई। रोज शाम को उसे फार्म हाउस के कमरे में बुला लिया जाता था। वहां उसके कपड़े उतरवाकर नचावाया जाता था। शाम को मालिक मुंशी को भेज देते थे, वह साथ लेकर जाते थे। बेटी बताती थी, कपड़े खोलकर मालिक उसे अपनी गोद में बिठा देते थे। घंटों उसे नचाया जाता था। मेरी बेटी भोजपुरी गाने भी नहीं समझती थी, उसी गाने पर उसे नाचने को बोला जाता था। हमको बताने में शर्म आ रही है, बेटी जो-जो बातें आकर बोलती थी। कपड़े में हाथ डालकर मालिक बैठे रहते थे, वह विरोध करती थी तो बोलते थे सबको मरवा देंगे।” मालिक के रूम में हर दिन बच्चियों से गंदा काम बातचीत के दौरान पीड़िता की मां सरिता (काल्पनिक नाम) ने बताया कि फार्म हाउस में JDU नेता के कमरे में हर दिन गंदा काम होता था। एक दो नहीं दर्जनों लोगों की अय्याशी का अड्‌डा था। विरोध इसलिए नहीं हाेता था क्योंकि लड़कियां बाहरी होती थीं, एरिया भी पूरी तरह से सुनसान होता था। पीड़िता की मां ने यह भी बताया कि जहां सिर्फ महिलाओं की एंट्री होती है, वहां अंदाजा लगाया जा सकता है। रिपोर्टर - आपके यहां की भी कोई लड़की है, जिसके साथ गंदा काम हुआ है? सरिता - हां है, उसके साथ तो बहुत कुछ हो गया है। रिपोर्टर - मालिक इससे पहले भी लड़कियों को बुलाता था क्या? सरिता - हां बुलाता था, बिना कपड़ों के डांस भी करता था। रिपोर्टर - उस दिन क्या हुआ था, जब पुलिस आई? सरिता - मेरी बेटी को उस दिन नहीं बुलाया था। रिपोर्टर - अब तो काफी दिक्कत हो गई होगी? सरिता - हां, बहुत परेशानी हो गई है, वह अभी कहां है? रिपोर्टर - वह जेल में बंद है, अभी बाहर नहीं निकलेगा। सरिता - (डर कर) जेल कितनी दूर है, हम लोगों को पहले भागना होगा। रिपोर्टर - दूर है, वह अब जल्दी नहीं आएगा। सरिता - अच्छा, लेकिन मार देगा कुछ बोलेंगे तो। रिपोर्टर - अभी कितने लोग हैं आप लोगों में? सिपाली - अभी कई लोग हैं, लेकिन सब डरे हुए हैं। पड़ताल के दौरान JDU नेता के स्टाफ बबलू मुंशी का इनपुट मिला। इनपुट मिलने के बाद हम उसकी तलाश में जुट गए। कई बार कॉल करने के बाद मुंशी ने रिपोर्टर को मिलने के लिए फार्म हाउस बुलाया। उसने भी दबी जुबान में बताया कि रात में फार्म हाउस में बहुत कुछ होता था। रिपोर्टर - यहां क्या होता था, लड़कियां गंभीर आरोप लगा रही हैं? बबलू - बहुत लोग आते-जाते थे, लेकिन हम लोग अपने काम से मतलब रखते थे। रिपोर्टर - यहां क्या हुआ था? बबलू - जो कुछ है, यहां के लोग बता देंगे, हम क्या बोल सकते हैं। रिपोर्टर - आप पहले से यहां रह रहे थे? बबलू - नहीं, हम 3 महीने से यहां काम कर रहे हैं। रिपोर्टर - यहां कौन-कौन आता था? बबलू - इस बारे में हमको ज्यादा जानकारी नहीं है। रिपोर्टर - जो आरोप लग रहे हैं, उसके बारे में क्या जानते हैं? बबलू - हम लोगों को कुछ खास पता नहीं है, मालिक जाने क्या होता था। बबलू - डांस तो होता था, हम लोग दिन में काम करके घर चले जाते थे। रात में क्या होता था, नहीं पता। रिपोर्टर - यहां कौन-कौन लोग आते थे? बबलू - बहुत लोग आते-जाते थे, लेकिन हम लोग अपने काम से मतलब रखते थे। रिपोर्टर - क्या यहां कोयले का भी काम होता था? बबलू - हम लोग सुबह आते थे और शाम तक काम करके चले जाते थे। रिपोर्टर - यहां लड़कियां भी काम करती थीं? बबलू - हां, लड़कियां अपने परिवार के साथ काम करती थीं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को पड़ताल के दौरान दिलीप सादा का पता चला। दिलीप JDU नेता के बारे में बहुत कुछ जानता है। वह लंबे समय तक वहां काम कर चुका है, कई राज जानता है। इनपुट मिलने के बाद हमने दिलीप सादा की तलाश की और उससे मिलकर पूरी कहानी समझी। दिलीप ने बताया कि JDU नेता को लड़कियों का बहुत शौक था, पहले लोकल की लड़कियां आती थीं, लेकिन वह सुंदर नहीं होती इसलिए अब नॉर्थ इस्ट की लड़कियों को बुलाता है। दिलीप की जुबानी JDU नेता की लग्जरी लाइफ की कहानी.. “मैंने 6 साल तक JDU नेता के वहां काम किया है। वहां बहुत उल्टा सीधा काम होता है। कर्मचारियों की बेटियों पर नजर रहती थी। मौका मिलते ही उन्हें बिना कपड़ों के नचवाया जाता था। शाम को गाड़ियों की लाइन लग जाती थी। पैसे के बल पर बाहर से भी लड़कियों को बुलाया जाता था। बाहर से बड़ी लड़कियों को बुलाया जाता था, अंदर तो बहुत छोटी-छोटी लड़कियां मिल ही जाती थीं। पूरा रात खेल चलता था। उसका घर ऐसा था कि पूछिए मत, हर सुख सुविधा थी। लड़कियों को बुलाकर ऐश किया जाता था। ज्यादातर 16 साल की लड़कियां होती थीं।” परिवार को फंसाकर लड़कियों को टारगेट किया जाता था बातचीत के दौरान दिलीप ने कई खुलासे किए। दिलीप यहां लंबे समय से काम कर रहा है, इसलिए उसे पूरा खेल पता है। दिलीप ने परत दर परत JDU नेता की पूरी काली करतूत से पर्दा उठाया। रिपोर्टर - आप वहां क्या काम करते थे? दिलीप - बहुत कुछ देखता था वहां, कई जिम्मेदारी दी गई थी। रिपोर्टर - आप कब से यहां काम कर रहे थे, क्या क्या जानते हैं? दिलीप - मैंने 6 साल तक लगातार काम किया, 2 साल पहले वहां से काम छोड़ा है। रिपोर्टर - यहां लोगों के साथ कैसा व्यवहार होता था? दिलीप - काम कराने के साथ बहुत कुछ कराया जाता था, पैसे भी रोक लिए जाते थे। रिपोर्टर - क्या कोई जबरदस्ती या दबाव भी बनाया जाता था? दिलीप - हां, मजदूरों को इस तरह फंसाकर रखा जाता था कि वे कहीं और काम पर नहीं जा पाते थे। रिपोर्टर - लड़कियों को लेकर जो बातें सामने आ रही हैं, उस बारे में आप क्या जानते हैं? दिलीप - बाहर से लड़कियों को बुलाया जाता था, पैसों के दम पर बहुत ऐश होती थी। रिपोर्टर - कितनी उम्र की लड़कियां होती थीं? दिलीप - 16 साल से कम की लड़कियों को टारगेट किया जाता था। रिपोर्टर - क्या आपने खुद कुछ ऐसा देखा है? दिलीप - हम लोग काम पर रहते थे, लेकिन लड़कियों को अंदर ले जाया जाता था। रिपोर्टर - क्या वहां कोई खास व्यवस्था थी? दिलीप - हां, अंदर आलीशान व्यवस्था थी, पूरा खेल वहीं चलता था। अभी जेल में है JDU नेता ओवैस करनी 29 मार्च को बिहार के सहरसा के नया टोला के ईंट भट्‌ठे से पुलिस ने 75 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। ये ईंट भट्‌ठा ओवैस का है। सभी मजदूरों को एजेंट के जरिए असम से यहां काम करने के लिए लाया गया था। पुलिस की पूछताछ में 7 नाबालिग लड़कियों ने बताया है कि ओवैस उन्हें फार्म हाउस पर ले जाकर गंदा काम करता था। सभी लड़कियों की उम्र 14 से 16 साल है। जांच के दौरान लड़कियों ने JDU नेता पर यौन शोषण से लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी JDU नेता ओवैस के साथ उसके सहयोगी मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नजरुल हक नाम का एजेंट इन परिवारों को असम से यहां लाया था। वो भागकर अपने घर असम चला गया है। भास्कर से बातचीत में उसने बताया कि, ओवैस उससे ऐसे परिवारों को टारगेट करवाता था जिनकी बच्चियां सुंदर हों। सभी लड़कियों को फिलहाल चाइल्ड लाइन में रखा गया है। पुलिस जांच के लिए सभी परिवार उसी ईंट भट्‌ठे के पास बने घरों में रह रहे हैं। सभी का ये भी आरोप है कि आज असम में वोटिंग है और पुलिस ने जांच के नाम पर उन्हें रोक रखा है। अब ओवैस के राजनीतिक रसूख की 4 तस्वीरें देखिए.., JDU नेता न्यूड लड़कियों को देखने का शौकीन था। खुद भी बिना कपड़ों के उनके सामने घूमता। कल देखिए ऑपरेशन डर्टी फार्म हाउस पार्ट- 3 ------------------ इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… असम के 50 वोटर्स नहीं कर पाएंगे वोटिंग:बोले- बच्चियों से गंदा काम हुआ, हमें ही पुलिस के पहरे में रखा; असम से बिहार तक पड़ताल “आज असम में चुनाव है। हम 50 से ज्यादा वोटर्स बिहार में फंसे हैं। पुलिस जाने नहीं दे रही है। वह अधिकारी के आदेश का इंतजार कर रही है। हम वोट नहीं दे पाए तो हमारे ऊपर बंग्लादेशी होने का ठप्पा लग जाएगा। हम असम से भी बाहर कर दिए जाएंगे। असम में रहना है तो वोट देना जरूरी है। अब समझ में नहीं आ रहा है क्या करें। कई बार पुलिस वालों से रिक्वेस्ट कर चुके हैं। हमें वोट करने से रोका क्यों जा रहा है। हम तो कहीं के नहीं रहे, बिहार में बेटियों पर खतरा है, असम में वोट नहीं किया तो वहां रहने की मुश्किल है।” यह बिहार के सहरसा में डर्टी फार्म हाउस कांड में फंसे 50 से अधिक असम के वोटर्स का दर्द है। फार्म हाउस पर पुलिस का ऐसा पहरा है कि वोटर्स वोट के लिए अपने प्रदेश नहीं जा पा रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला