आज सुबह के100 मुख्य समाचार पत्र ✉ ,*आपकी सिम कोई भी हो आप मैन्युअली किसी भी कम्पनी के नेटवर्क से जुड़ सकते हैं एक सितम्बर तक l जिला चम्बा में 7 दिनों के लिए ICR सुविधा सक्रिय कर दी गई है l*

Aug 31, 2025 - 06:42
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आज सुबह के100 मुख्य समाचार पत्र ✉  ,*आपकी सिम कोई भी हो आप मैन्युअली किसी भी कम्पनी के नेटवर्क से जुड़ सकते हैं एक सितम्बर तक l जिला चम्बा में 7 दिनों के लिए ICR सुविधा सक्रिय कर दी गई है l*

: *हिमाचल में चार दिन खराब रहेगा मौसम, कई जिलों में यलो अलर्ट, क्या है आपके यहां का हाल, जानिए* 

सितंबर में भी जारी रहेगा झमाझम बारिश का दौर

हिमाचल प्रदेश में मौसम अगले चार दिन भी सताएगा। कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है जिसमें उन स्थानों पर भारी बारिश होगी। हालांकि अभी ऑरेंज अलर्ट कहीं के लिए नहीं है मगर यलो अलर्ट में भी भारी बारिश की चेतावनी है। ऊना, कांगड़ा, मंडी व सिरमौर में शुक्रवार को भारी बारिश का यलो अलर्ट आया है जबकि 30 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला में भारी बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। जिलों में कई स्थानों पर मौसम विभाग ने भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसी तरह से 31 अगस्त के लिए राज्य के 10 जिलों में यलो अलर्ट दिया है। किन्नौर और लाहौल स्पीति के लिए इस दिन कोई चेतावनी नहीं है मगर शेष इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। पहली सितंबर को भी चार जिलों में यलो अलर्ट रहेगा जिसमें मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर के इलाके शामिल हैं। मौसम विभाग की तरफ से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक सितंबर महीने में 20 तारीख तक प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेश के ऊंचाई वाले, मध्यम ऊंचाई वाले और मैदानी इलाकों में बारिश होगी जिसमें बीच-बीच में भारी बारिश का दौर भी रहेगा। यानि हिमाचल में सितंबर महीने में भी मौसम सताएगा। फिलहाल 3 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट कई जिलों के लिए दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह तक पंडोह में 108 मिलीमीटर बारिश हुई थी वहीं भरेड़ी में 63.8, मंडी में 56.8, गोहर में 53,नैणादेवी में 36.6,मनाली में 25, बलद्वाडा व रामपुर में 18, अंब में 15.4, बग्गी में 10.5,अघहर में 8.6, कसौली में 8.2 तथा भुंतर में 8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा आज शाम तक हुई बारिश की बात करें तो पंडोह में 11 मिलीमीटर, भराड़ी में 6, मंडी में 6, गोहर में 5, नैणादेवी में 4, मनाली में 3, रामपुर में 2, बलद्वाडा में 2, अंब में 1 और सुन्दरनगर में 1 मिलीमीटर बारिश हुई है। राज्य में बारिश का दौर जारी रहने से कठिनाइयां काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। बता दें कि तीन दिनों में चंबा, कुल्लू व लाहौल में काफी ज्यादा नुकसान हो चुका है जिससे उभरने में अभी काफी ज्यादा समय लगेगा। राज्य भर में सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पिछले सात दिनों में राज्य भर में कुल 175 फीसदी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा में इन सात दिनों में 235.5 मिलीमीटर बारिश सामान्य से अधिक हुई है। चंबा जिला इसमें सबसे ऊपर है।

: *Cyber fraud Alert : सावधान! अब साइबर ठगों के निशाने पर पेंशनर्स, गलती से भी न करें यह काम* 

साइबर सेल ने जारी की पेंशनधारकों के लिए एडवाईजरी

समय-समय पर अपडेट करते रहे बैंक खाते की पास बुक

अंजान लिंक पर न करें क्लिक, निजी जानकारी भी न करें सांझा

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

सावधान! साइबर ठग अब पेंशनधारकों को झांसे में फंसाकर उन्हें ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर ठग पेंशनधारकों को निशाना बना रहे हैं। साइबर ठग खुद को बैंक कर्मी बताकर पैंशनधाराकों से बैंक संबंधी जानकारी पूछ रहे हैं। इस तरह के झांसे में फंसाकर शातिर पैंशनधारकों के बैंक खातों से राशि उड़ा रहे हैं। प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ रहा है। शातिर साइबर ठगी के लिए आए दिन नए-नए हथकंडे अपनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शातिर अलग-अलग तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। शातिर लॉटरी, इनाम, एटीएम ब्लॉक होना, बैंक खाता वेरिफिकेशन कराने जैसी बातों में फंसाकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। शातिर लोगों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर बैंक खातों से पैसा उड़ा रहे हैं। बैंक, आरबीआई, इंश्योरेंस कंपनियों के कर्मचारी बनकर डेबिट, क्रेडिट कार्ड, आधार और पैन कार्ड की डिटेल लेकर शातिर लोगों को चूना लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा न करं, बैंक खाते से जुड़ी ठगी के लिए साइबर क्रिमिनल आपके बैंक खाते और एटीएम से जुड़ी जरूरी जानकारियों के ही सहारे होते हैं। कोई भी बैंक आपसे इस तरह की जानकारी नहीं मांगता, इसलिए आप अपने खाते से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर ना करें। फ्रॉड कॉल आने पर इसकी जानकारी पुलिस को दें ताकि पुलिस उस ठग तक पहुंच सके और भविष्य में वो किसी और के साथ ठगी न कर सके। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर क्राइम के मामलों में दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। हालांकि इसे रोकने लिए सरकार कदम भी उठा रही है, लेकिन हमें स्वयं भी जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सावधानी से ही साइबर क्राइम से बचा जा सकता है। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने पैंशनधारकों के लिए सावधानी बरतने के लिए कहा है।

डीआईजी ने कहा कि पेंशन धारक स्वयं बैंक में जा कर एसएमएस अलर्ट को चालू करवाए। ताकि हर छोटी बड़ी निकासी की सूचना उन तक एसएमएस के जरिए तुरंत पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी पेंशन धारक अलर्ट रहे कि यदि उन्हें किसी अंजान नंबर से फोन आए तो उसके साथ अपनी कोई भी गोपनीय जानकारी जैसे कि एटीएम कार्ड, पिन, पासवर्ड और ओटीपी आदि शेयर न करें। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने कहा कि अपनी बैंक खाते की पास बुक को भी पैंशन धारक समय-समय पर अपडेट करें। इसके अलावा किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें और अपने बैंक कार्यालय और मैनेजर का नंबर अपने पास सुरक्षित रखें ताकि किसी ठगी का शिकार होने की खबर लगते ही आप तुरंत अपना बैंक अकाउंट अस्थाई तौर पर फ्रीज करवा सकें। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर अपनी शिकायत जल्द से जल्द बैंक, नजदीकी थाना या साइबर क्राइम थाना में दर्ज करवाए।

: *चंबा का होली बाजार खतरे में, दो और मौतें* 

मंडी के बनाला में लैंडस्लाइड पर कंगना का दावा डीसी ने नकारा

हिमाचल प्रदेश में भारी बरसात से मिले जख्म भरने का नाम नहीं ले रहे हैं। चंबा में चार दिन की भारी बारिश से होली बाजार को खतरा हो गया है। रावी नदी के तेज बहाव से बाजार के साथ निचले घरों के नीचे भूमि कटाव हो रहा है। गुरुवार को बरसात के चलते बिलासपुर व ऊना जिला में एक-एक मौत दर्ज की गई है। बुधवार रात को चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर मंडी में औट के बनाला के पास पूरा पहाड़ सडक़ पर आ गया। मंडी की सांसद कंगना रणौत ने एक फोटो शेयर करके वहां पर भारी जन हानि का दावा किया, मगर डीसी मंडी ने इस दावे को नकार दिया। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि बनाला लैंडस्लाइड में किसी भी गाड़ी और व्यक्ति के चपेट में आने के कोई साक्ष्य नहीं है। वहीं कुल्लू, चंबा और लाहुल-स्पीति के ज्यादातर भागों में तीन दिन से मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं थी, जिसे गुरुवार शाम तक कुछ हद तक बहाल कर दिया गया है। यहां पर सडक़ें, पानी और बिजली भी बंद हैं, वहीं लोगों के पास राशन नहीं होने की चिंता विधानसभा में जताई गई।

चंबा, मनाली और लाहुल-स्पीति में फंसे पर्यटकों के परिजन उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे। चंबा, कुल्लू और लाहुल-स्पीति में दो हजार से ज्यादा टूरिस्ट और मणिमहेश यात्री फंसे होने का अंदेशा जताया जा रहा है। सरकार ने भरमौर में फंसे 335 लोगों की एक लिस्ट जारी की है, जिसमें फंसे हुए श्रद्धालुओं के नाम और नंबर भी दिए गए हैं। पुलिस ने दावा किया कि सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनके परिजन संचार सेवाएं ठप होने की वजह से संपर्क नहीं कर पा रहे। कुल्लू-मनाली को जोडऩे वाला चंडीगढ़-मनाली फोरलेन को बहाल करने का दावा किया जा रहा है। डोभी स्थित तिब्बतियन कॉलोनी में अचानक आई बाढ़ के कारण फंसे लगभग 130 लोगों को कुल्लू पुलिस और पतलीकूहल अग्निशमन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। यह घटना फोजल नाले में अचानक जलस्तर बढ़ जाने के कारण हुई, जिससे नाले की आरसीसी दीवार टूट गई और पानी कॉलोनी के अंदर घुस गया। राज्य को बरसात से अब तक कुल 2753 करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि गुरुवार को दो और मौतों के बाद कुल आंकड़ा 312 हो गया है। राज्य में 38 लोग लापता हैं। अब तक 747 घर जमींदोज हो चुके हैं और 2772 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 481 दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और 3192 गोशालाएं भी टूट चुकी हैं। प्रदेश में 524 सडक़ें बंद हैं, जिनके साथ एक एनएच 03 बंद बताया जा रहा है। (एचडीएम)

: *गांवों में निर्माण पर टीसीपी अनुमति जरूरी, हजार स्क्वायर मीटर से अधिक भवन बनाने के लिए नए नियम लागू* 

राज्य में अब एक हजार स्क्वायर मीटर से अधिक भूमि पर होने वाले निर्माण कार्य के लिए टीसीपी से अप्रूवल लेनी अनिवार्य होगी। नए नियम शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होंगे। राज्य सरकार ने इसे पहली अगस्त से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। अब प्रदेश के किसी भी हिस्से में अगर कोई एक हजार वर्ग मीटर या इससे ज्यादा का भवन निर्माण करता है, तो उसे टीसीपी से भवन का नक्शा पास करवाना होगा। ऐसा न करना नियमों की अवहेलना माना जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। प्रदेश सरकार ने हिमाचल ग्राम नगर योजना संशोधन विधेयक 2024 के माध्यम से शहरों के साथ-साथ गांव में भी निर्माण कार्यों पर नए नियम लागू कर दिए हैं।

अब एक हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक के प्लॉट पर निर्माण करने से पहले टीसीपी से मंजूरी लेनी अनिवार्य होगी। इस नियम से पहले केवल 2500 वर्ग मीटर के प्लॉट पर मंजूरी लेनी पड़ती थी। अब इसे घटाया गया है। इस संशोधन का मूल उद्देश्य आपदा के नुकसान को कम करने से जुड़ा है। यह संशोधन ग्रामीण इलाकों में बिना नक्शा पास करवाए निर्माण रोकने और सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। उधर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारी कांगड़ा रशिक शर्मा का कहना है कि इस संबंध में अधिसूचना जारी हो चुकी है। ऐसे में अब एक हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक के प्लॉट पर निर्माण करने से पहले टीसीपी से मंजूरी लेनी होगी।

आपदा से नुकसान कम करने पर फोकस

शहरी क्षेत्रों में तो भवनों का नक्शा पास करवाया जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्रकार का नक्शा पास नहीं करवाया जाता था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में असुनियोजित तरीके से कई बड़े-बड़े भवनों का निर्माण किए जा रहे थे, इसलिए प्रदेश सरकार ने सुनियोजित विकास के लिए और आपदा के नुकसान को कम करने के इरादे से अब नए नियम लागू कर दिए हैं। नए नियम के तहत अब एक हजार वर्ग मीटर या उससे ऊपर का निर्माण करने से पहले टीसीपी से परमिशन लेनी पड़ेगी।

: *ईको टूरिज्म पॉलिसी में रिव्यू पर संकल्प गिरा, डिप्टी CM बोले, सरकार कर रही काम, 271 साइट्स चिन्हित* 

डिप्टी सीएम बोले; सरकार योजना के तहत कर रही काम, 271 साइट्स चिन्हित

प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को इको टूरिज्म पॉलिसी पर रिव्यू को लेकर लाए गए निजी संकल्प को नामंजूर कर दिया गया। ध्वनिमत से यह संकल्प सदन में गिर गया। इससे पहले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार टूरिज्म पर पूरा फोकस कर रही है और ईको टूरिज्म के लिए राज्य में बड़ा काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए मास्टर प्लान के तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कुल 271 इको टूरिज्म साइट्स को मंजूरी दी है। इन टूरिज्म साइट्स पर अब हिमाचल प्रदेश ईको टूरिज्म नीति 2024 के तहत इको टूरिज्म गतिविधियां चलाई जा रही है।

पॉलिसी रिव्यू करे सरकार

भाजपा के विधायक जीतराम कटवाल ने नियम 101 पर सदन में इको टूरिज्म पॉलिसी को रिव्यू करने का संकल्प प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल में ईको टूरिज्म को लेकर सबसे बड़ी चुनौती लैंडस्लाइड और बादल फटना है। प्राकृतिक आपदाएं इसको लेकर चुनौती दे रही हैं। हिमाचल में ईको टूरिज्म को बढ़ाने के लिए लोकल गाइड का होना बेहद जरूरी है।

धरातल पर नहीं चला ईको टूरिज्म

विधायक केवल सिंह पठानिया ने चर्चा में भाग लेते हुए इको टूरिज्म साइट के चयन में स्थानीय चुने हुए प्रतिनिधियों की सहायता लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इको टूरिज्म को लेकर बात की जा रही है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ है। ईको टूरिज्म पर टेंडर आमंत्रित किए जाने चाहिए ताकि दक्षता रखने वाली कंपनियां आगे आएं।

पर्यावरण को बिना छेड़े बढ़ाया जाए ईको टूरिज्म

विधायक त्रिलोक जमवाल ने चर्चा में कहा कि यह संकल्प बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर हम रेवन्यू को बढ़ाने की बात करते हैं तो हमें ग्रीन एरिया भी बढ़ाने होंगे। हमारे पास ऐसे बहुत बड़े जलाश्य हंै जहां पर सैलानियों को आकर्षित करने के लिए एक्टिविटी होनी चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।

ईको टूरिज्म बढ़ाने में युवाओं की भूमिका अहम

विधायक किशोरी लाल ने कहा कि यह राज्य की आर्थिकी से जुड़ा विषय है। ईको टूरिज्म को बढ़ाने के लिए स्थानीय युवाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय युवाओं की अहम भूमिका है। अपने विधानसभा के क्षेत्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने पर्यटन की दृष्टि से उन्हें विकसित करने की मांग की।

गोबिंदसागर झील में शुरू हों वाटर स्पोट्र्स एक्टिविटीज़

विधायक विवेक शर्मा ने गोविंद सागर झील में वाटर स्पोट्र्स को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हिमाचल में इको टूरिज्म की बहुत आवश्यकता है क्योंकि बेरोजगार युवाओं के लिए इसके माध्यम से रोजगार के साधन मुहैया किए जा सकते हैं।

हिमाचल की प्रकृति पर बढ़ रहा दवाब

विधायक सुरेंद्र शौरी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हमारी पहचान पहाड़ और नदियां हैं। उन्होंने कहा कि हाल में पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हंै जितनी हिमाचल की जनसंख्या नहीं है उससे दोगुना पर्यटन हिमाचल आता है। जिस तरह से अवैज्ञानिक तरीके से हिमाचल में निर्माण कार्य हो रहा है, उससे जलवायु परिवर्तन हो रहा है।

नहीं होगा किसी बात का असर

विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि सदन में जो बात उठती है, उसे कोई सुनना नहीं चाहता है तथा उस पर असर नहीं होता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन से हम अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक कर सकते हंै। उन्होंने कहा कि सरकार को मिलजुल कर पॉलिसी बनानी चाहिए।

: *Himachal News : क्रिप्टो करंसी सरगना की हरोली में सीज होगी संपत्ति* 

कांगड़ा के मंडलायुक्त ने निवेशकों का पैसा लौटाने को उठाया कदम

दस अधिकारियों को भी कानूनी प्रक्रिया निभाने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करंसी के सहारे करीब 2500 करोड़ के फर्जीबाड़े को अंजाम देने के मामले में पहली बार संपत्ति सीज करने की कवायद तेज हो गई है। इस मामले में फर्जीबाड़े के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की हरोली स्थित 63 कनाल से ज्यादा की जमीन को कुर्क करने के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी दस अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके साथ ही कांगड़ा मंडलायुक्त ने सरगना सुभाष शर्मा को भी फैसले की जानकारी देते हुए उसके स्थायी पते पर पत्र भेज दिया है। कांगडा के मंडलायुक्त विनोद कुमार ने हरोली में मौजूद सरगना सुभाष शर्मा की संपत्ति को सीज करने के आदेश क्रिप्टो करंसी फ्रॉड में पालमपुर पुलिस थाना में दर्ज पहली एफआईआर के आधार पर दिए हैं।

इस मामले में पहली बार निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए सरगना की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें सीज कर नीलाम करने का कदम उठाया जा रहा। आदेश में डीसी ऊना, सेटलमैंट अधिकारी कांगड़ा, एसपी कांगड़ा और ऊना सहित एसडीएम हरोली, पालमपुर के डीएसपी, तहसीलदार हरोली, तहसीलदार सेटलमैंट सर्किल बड़सर, नायब तहसीलदार सेटलमैंट ऊना और एसएचओ पालमपुर को इस मामले में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। (एचडीएम)

चंडीगढ़ और हरियाणा में भी करोड़ों की संपत्ति

क्रिप्टो करंसी के मास्टरमाइंड सुभाष ने धोखाधडी से चंडीगढ़ और हरियाणा में भी करोड़ों की संपत्ति खरीद रखी है। इन संपत्तियों को भी सीज करने की प्रक्रिया जारी है। क्रिप्टो करंसी के इस जाल में मंडी के सबसे ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। इसके अलावा हमीरपुर, सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर और सोलन तक तार फैले हुए हैं।

छह को लौटाए हैं 11 लाख 36 हजार

क्रिप्टो करंसी के इस फ्रॉड में लुटे 80 हजार लोगों में से छह ऐसे भी हैं, जिनके 11 लाख 36 हजार रुपए लौटाए भी गए हैं। इनमें से तीन देहरा से सबंध रखते हैं, एक हरिपुर, एक बैजनाथ और एक का संबंध हमीरपुर से है। विधानसभा के पटल पर सीएम ने यह जानकारी मुहैया करवाई है कि क्रिप्टो करंसी के नाम पर लोगों को धन दोगुना करने का झांसा दिया गया था। लोगों को शुरुआत में पैसा दोगुना दिया भी गया और फिर लोग देखादेखी इस दलदल में फंसते चले गए।

: *हिमाचल में तैयार 60 दवाएं खाने लायक नहीं, दवा उद्योगों में निर्मित दवाइयां गुणवत्ता जांच में फेल, हटाने के निर्देश* 

41 दवा उद्योगों में निर्मित दवाइयां गुणवत्ता जांच में फेल, बाजार से हटाने के निर्देश

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में हिमाचल के 41 दवा उद्योगों में निर्मित 60 तरह की दवाएं गुणवत्ता के पैमानों पर फेल हो गई हैं। इन दवाओं में केवल सामान्य श्रेणी ही नहीं, बल्कि दर्द निवारक, संक्रमण रोधी, मल्टी विटामिन, पेट के कीड़ों के इलाज, हृदय रोग, सीओपीडी के उपचार, अनिद्रा, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, एलर्जी, गैस्ट्रिक और तंत्रिका दर्द के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि इनमें इंजेक्शन, लोशन और आई ड्रॉप्स जैसी संवेदनशील श्रेणियां भी पाई गई हैं, जिनका सीधा असर मरीजों पर पड़ सकता है।

जुलाई माह में देश भर से जांचे गए कुल 151 दवा सैंपल में 143 मानक गुणवत्ता से कम और आठ नकली पाई गईं, जिनमें हिमाचल की हिस्सेदारी सबसे बड़ी रही। बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) क्षेत्र के साथ-साथ ऊना, कालाअंब, पांवटा साहिब, सोलन, परवाणु, नूरपुर और संसारपुर टैरेस स्थित उद्योगों से लिए गए नमूनों की जांच राज्य और केंद्रीय प्रयोगशालाओं में हुई, जिसमें पाया गया कि ये दवाएं लेबलिंग, घुलनशीलता, वजन समानता और स्टेरिलिटी जैसे बुनियादी मानकों पर खरी नहीं उतरीं। वहीं देश के अन्य राज्यों में बने 83 सैंपल भी गुणवत्ता जांच में फेल हुए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बिहार से सात व गाजियाबाद से एक सैंपल नकली दवा के रूप में चिन्हित हुआ, जिन्हें अनधिकृत कंपनियों ने दूसरे ब्रांड नाम का दुरुपयोग कर तैयार किया था।

(एचडीएम)

नोटिस जारी, जांच के आदेश

राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने पुष्टि की है कि ड्रग अलर्ट में शामिल हिमाचल के सभी उद्योगों को नोटिस जारी कर संदिग्ध उत्पाद तुरंत बाजार से हटाने के आदेश दिए गए हैं और संबंधित सहायक औषधि नियंत्रकों को मौके पर जाकर निरीक्षण और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन इकाइयों के नाम बार-बार मासिक अलर्ट में आ रहे हैं, उनके खिलाफ जोखिम आधारित निरीक्षण अभियान चलाकर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

: *बिहार में घुसे पाकिस्तानी आतंकी, देश भर में अलर्ट* 

मोतिहारी में रक्सौल बॉर्डर से घुसे, 50 हजार इनाम

आतंकी अलर्ट के बाद राहुल की यात्रा में बदलाव

बिहार में नेपाल के रास्ते तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने घुसपैठ की है। सभी आतंकियों के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की खबर है। पुलिस मुख्यालय ने तीनों आतंकियों की फोटो रिलीज की है, जिनमें उनकी पहचान हसनैन अली, आदिल हुसैन और मोहम्मद उस्मान के रूप में की गई है। हसनैन रावलपिंडी, आदिल उमरकोट और उस्मान बहावलपुर का रहने वाला है। पुलिस हेडक्वार्टर ने सभी जिलों को खुफिया तंत्र को एक्टिव रखने, इनपुट जुटाने और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है। वहीं मोतिहारी पुलिस ने तीनों आतंकियों पर 50 हजार रुपए इनाम की घोषणा की है। बिहार में घुसे तीनों आतंकियों का पासपोर्ट भी सामने आया है। बताया जाता है कि तीनों आतंकी मोतिहारी के रक्सौल बॉर्डर से बिहार में घुसे हैं।

उधर, बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा चल रही है। गुरुवार को राहुल गांधी मोतिहारी में ही थे, जहां से आतंकियों के घुसने की बात कही जा रही है। आतंकी अलर्ट के बाद राहुल गांधी की यात्रा में बदलाव किया गया है। सीतामढ़ी में वह जिस कैंप में रुके थे, वहां से सीधे जानकी मंदिर पहुंचे। यहां कई जगहों पर स्वागत मंच बनाए गए थे, लेकिन राहुल वहां नहीं रुके। मंदिर में दर्शन के बाद राहुल गांधी का रोड शो भी था, लेकिन वह रद्द कर दिया गया है। राहुल गांधी ने ओपन जीप की जगह बंद गाड़ी से यात्रा की।

: *टैरिफ लगाकर घर में ही घिरे ट्रंप, हर तरफ से मिल रही आलोचना, पूर्व उपराष्ट्रपति ने भी सुनाया* 

भारत पर मोटा टैरिफ लगाकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमरीकी संबंधों को भी ताक पर रख दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल की खरीद कर यूक्रेन युद्ध में रूस की आर्थिक मदद का आरोप लगाते हुए भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। वहीं अमरीकी दल ने भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत के अगले दौर को भी स्थगित कर दिया है। इन नीतियों की वजह से अब ट्रंप को घर में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अमरीकी राजनेताओं और विशेषज्ञों ने ट्रंप की टैरिफ नीतियों और भारत पर लगाए गए शुल्कों की कड़ी आलोचना की है। बुधवार से भारत कर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद कई अमरीकी सांसदों, राजनयिकों और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कदम अमरीका की सबसे महत्त्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों में से एक को नुकसान पहुंचा सकता है।

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स ने कहा है कि अमरीका के इस कदम से चीन को फायदा मिल सकता है। एक पोस्ट में समिति ने आरोप लगाया कि सिर्फ भारत को निशाना बनाया जाना बिलकुल सही नहीं है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि टैरिफ के साथ सिर्फ भारत पर ध्यान केंद्रित करने का ट्रंप का फैसला अमरीकियों को नुकसान पहुंचा रहा है और इस प्रक्रिया में अमरीका-भारत संबंधों खराब हो रहे हैं। पोस्ट में कहा गया कि अगर ट्रंप प्रशासन रूसी तेल खरीदने वाले हर देश पर अतिरिक्त प्रतिबंधों की धमकी का विकल्प चुनता, तो बात अलग होती। वहीं अमरीका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने भी ट्रंप की नीति की आलोचना की है। पेंस ने एक पोस्ट में कहा कि अमरीकी कंपनियां और अमरीकी उपभोक्ता अमरीकी टैरिफ की कीमत चुका रहे हैं। पेंस ने एक लेख भी शेयर किया, जिसमें बताया गया था कि कैसे फोर्ड ने अपनी ज्यादातर गाडिय़ां अमरीका में बनाईं।

: *पीवी सिंधु क्वार्टर फाइनल में, BWF चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में हराईं वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी* 

पीवी सिंधु ने गुरुवार को पेरिस में अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिया कि उनका दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। 30 वर्षीय सिंधु ने अपनी पुरानी लय फिर से हासिल की और इस सीजन की सबसे लगातार शटलरों में से एक दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी को सीधे गेमों में हरा दिया। बीडब्लूएफ वल्र्ड चैंपियनशिप में वांग झी यी पर 21-17, 21-15 की शानदार जीत के साथ सिंधु 2021 के बाद पहली बार बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। सिंधु अब अपना छठा विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। 15वीं वरीयता प्राप्त सिंधु शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की नौवीं वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वर्दानी से भिड़ेंगी।

सिंधु ने उस फॉर्म की झलक दिखाई, जिसने उन्हें रियो में ओलंपिक रजत पदक और 2019 में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाया था। उन्होंने लगातार आक्रामक अंदाज में आक्रमण किया। सिंधु के जोन में प्रवेश करते ही न तो आंकड़े मायने रखते थे और न ही मैच से पहले की बातचीत। उनकी विजयी दहाड़ें कहानी बयां कर रही थीं। इस जीत के साथ सिंधु ने विश्व चैंपियनशिप में चीनी शटलरों के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड भी 8-0 पर पहुंचा दिया।

आलोचकों का मुंह बंद

कागजों पर और मौजूदा फॉर्म में सिंधु गुरुवार को कमजोर दिखीं। भारतीय स्टार खिलाड़ी कई बार पहले दौर में हारकर बाहर हो चुकी थीं और उनकी सर्वश्रेष्ठ खिलाडिय़ों को चुनौती देने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे थे। हालांकि, अपने इस प्रदर्शन से उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है।

48 मिनट में हराईं वांग

पीवी सिंधु ने दुनिया को याद दिलाया कि क्यों वह सबसे बड़े मंचों पर एक ताकतवर खिलाड़ी बनी हुई हैं। पांच बार की विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक पदक विजेता ने अपने सर्वश्रेष्ठ आक्रामक अंदाज में वापसी की और 48 मिनट तक चले मुकाबले में वांग को आसानी से परास्त कर दिया।

: *सर्वाधिक सीटों पर लड़ेगी जदयू, NDA गठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला लगभग तय, घोषणा का इंतजार* 

बिहार में विधानसभा चुनाव से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला लगभग तय हो गया है। इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई, लेकिन सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली प्रवास के दौरान सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति बन गई है। तय फार्मूल के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) इस बार भी सर्वाधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनमें से 203 सीटें जेडीयू-बीजेपी लड़ेंगी, जबकि 40 सीटें अन्य तीन सहयोगी दलों के खाते में जाएंगी।

सूत्रों के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड 102 और बीजेपी 101 सीटें लड़ेंगी, जबकि, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी लोजपा (आर) 20, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को 10-10 सीटें दिए जाने का फैसला हुआ है। सीटों के बंटवारे का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ, लेकिन सभी दलों को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही प्रेस कान्फ्रेंस कर इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

2020 में भाजपा, 2015 में जदयू की बंपर जीत

2020 में बीजेपी ने 110 सीटें लडक़र 74 सीटें जीत ली थी, जबकि, जेडीयू ने 115 सीटों में से महज 43 सीटें जीत पाई थी। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी गठबंधन से अलग 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी नहीं जीत पाई। 2015 के चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू लालू यादव की आरजेडी के साथ मिलकर लड़ी और करीब 70 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।

: *Asian Shooting Championship : गुरप्रीत-अमनप्रीत ने भारत को दिलाया पहला-दूसरा स्थान* 

16वीं एशियन शूङ्क्षटग चैंपियनशिप में कामयाबी

रियो डी जेनेरो ओलंपियन गुरप्रीत ङ्क्षसह ने भारत को 16वीं एशियन शूङ्क्षटग चैंपियनशिप राइफल/ पिस्टल/शॉटगन की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाते हुए अमनप्रीत ङ्क्षसह के साथ 1-2 फिनिश किया। इससे भारत की कुल पदकों की संख्या बढक़र 82 हो गई, जिसमें 44 स्वर्ण, 20 रजत और 18 कांस्य शामिल हैं। 37 वर्षीय गुरप्रीत ङ्क्षसह ने अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता।

गुरप्रीत और अमनप्रीत, दोनों ने समान 572 अंक हासिल किए, लेकिन गुरप्रीत के 18 इनर सर्कल शॉट््स के मुकाबले अमनप्रीत के 11, उन्हें विजेता बना गए।

: *Board Exam: बोर्ड परीक्षाओं का बदलेगा पैटर्न, खबर में जानिए पूरी डिटेल* 

एमसीक्यू 20 से बढ़ाकर 25-30 करने की तैयारी, छात्रों की छूटेगी रट्टा मारने की आदत

अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की फाइनल परीक्षाओं में मल्टीपल च्वाइस क्वेशंस (एमसीक्यू) को 15-20 से बढ़ाकर प्रति विषय 25 से 30 करने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा बोर्ड की ओर से छात्रों को रटू तोता बनाने की बजाय कंपीटेंसी बेस्ड प्रश्र पत्र तैयार करने को लेकर मंथन किया जा रहा है। इसके लिए धर्मशाला शिक्षा बोर्ड में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेश भर के 220 विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा निति व एनसीईआरटी के विषय विशेषज्ञ भी विशेष रूप से शिरकत कर टिप्स प्रदान कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला में चल रही छह दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत अब तक महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की गई हैं।

बोर्ड अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने बताया कि 25 से 27 अगस्त तक कार्यशाला के पहले चरण में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तैयार किया गया। यह प्रगति पत्र विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन में सहायक सिद्ध होगा। अब गुरुवार से कार्यशाला के दूसरे चरण की शुरुआत की गई है, जो 30 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कंपीटेंसी बेस्ड क्वेशंस की रूपरेखा व स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें प्रदेश के लगभग 220 प्रवक्ता और अध्यापक भाग ले रहे हैं। डा. शर्मा ने कहा कि इस प्रशिक्षण से शिक्षकों को प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की पठन-पाठन शैली में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी। शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक एवं प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली को अपनाना है।

: *संन्यास की अफवाहों पर भडक़े शमी, अगर कोई दिक्कत है; तो मुझे बताएं 2027 वल्र्ड कप जीतना मेरा सपना* 

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में आखिरी बार इंटरनेशनल मैच खेलने वाले मोहम्मद शमी को एशिया कप 2025 के स्क्वॉड में नहीं चुना गया है। लगातार बड़े टूर्नामेंट और सीरीज में उनको नजरअंदाज किए जाने के बाद शमी के रिटायरमेंट पर सवाल उठ रहे हैं। जब यह सवाल मोहम्मद शमी से किया गया, तो उन्होंने अपने आलोचकों का मुंह यह कहकर बंद करवा दिया कि मुझे बताएं कि मैं किसके जीवन का पत्थर बन गया हूं, जो आप चाहते हैं कि मैं रिटायर हो जाऊं? शमी ने कहा, अगर किसी को दिक्कत है, तो मुझे बताएं कि क्या मेरे रिटायरमेंट लेने से उनकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी।

जिस दिन मैं बोर हो जाऊंगा, मैं खेल छोड़ दूंगा। आप मुझे नहीं चुनते, लेकिन मैं कड़ी मेहनत करता रहूंगा। आप मुझे इंटरनेशनल में नहीं चुनते, मैं डोमेस्टिक में खेलूंगा। मैं कहीं न कहीं खेलता रहूंगा। जब आप बोर होने लगते हैं तो आपको ये फैसले लेने पड़ते हैं। अभी मेरे लिए वह समय नहीं है। मोहम्मद शमी ने कहा कि वह डोमेस्टिक क्रिकेट खेलकर कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं और उनका ध्यान भारतीय टीम में वापसी करने और 2027 वनडे वल्र्ड कप जीतने पर है। उन्होंने आगे कहा, मेरा बस एक ही सपना बचा है, वह है वनडे वल्र्ड कप जीतना। मैं उस टीम का हिस्सा बनना चाहता हूं और ऐसा प्रदर्शन करना चाहता हूं,जो वनडे वल्र्ड कप जीतकर घर लाए।

[: *टेंट में सोने के वसूले 2700 रुपए, मणिमहेश से पैदल चंबा पहुंचे श्रद्धालु बोले, यात्रा के नाम लूट* 

95 किलोमीटर का सफर तय कर मणिमहेश से पैदल ही चंबा पहुंचे श्रद्धालुओं के जत्थे ने प्रशासन के प्रबंधों को नकारते हुए इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मणिमहेश में यात्रा के नाम पर लूट मची हुई है, जहां कि एक टेंट में सोने के ही 600 से 2700 रुपए लिए जा रहे हैं। इन शिव भक्तों ने बताया कि मणिमहेश यात्रा में लूट मची हुई है, जबकि इन अव्यवस्थाओं को देखने वाला कोई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब हमारे पास पैसा भी ख़त्म हो चुका है और वे बच्चे, बूढ़े व औरतों सहित 95 किलोमीटर का सफर तय कर मणिमहेश से चंबा पहुंचे हैं। इन लोगों ने यात्रा में प्रशासनिक प्रबंधों को शून्य बताते हुए यात्रा में मुश्किलों का जिक़्र किया है। यात्रियों ने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं से ठहरने के अनुचित दाम वसूले जा रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर मणिमहेश यात्रा में प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य जारी है। चंबा-भरमौर मार्ग अवरुद्ध होने के बावजूद घायलों व् बीमार श्रद्धालुओं को जिला मुख्यालय के अस्पताल में लाया जा रहा है। चंबा से कलसुईन तक एंबुलेंस सेवाएं जारी की हैं, जबकि वहां से आगे सडक़ मार्ग बाधित होने के कारण लाचार व बीमार श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को बड़ी मशक्त तथा मुश्किल से चंबा अस्तपताल पहुंचाया जा रहा है। कई अस्वस्थ लोगों सहित करीब दो-तीन शवों को चंबा अस्तपताल लाया गया है, इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है, जबकि पुख्ता सूत्रों ने जानकारी दी है कि दो मृतकों में अमन (18) सुजानपुर पठानकोट और रोहित (18) पठानकोट है। इसी तरह अब तक मणिमहेश यात्रा में कुल ग्यारह श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। (एचडीएम)

: *शहादत दिवस पर विशेष : बहादुरी का दूसरा नाम थे ‘रैंबो‘ मेजर सुधीर वालिया* 

कारगिल में दिखाया शौर्य, कुपवाड़ा में आतंकियों को मार ओढ़ा शहादत का चोला

देश और विदेश में अपनी बहादुरी का जलवा दिखाने वाले मेजर सुधीर वालिया को उनके दोस्त उनकी बहादुरी के लिए ‘रैंबो‘ नाम से पुकारते थे। पालमपुर के करीब बनूरी गांव से संबंध रखने वाले मेजर सुधीर वालिया ने कारगिल की लड़ाई में भी अपने शौर्य का परिचय दिया था। वह कारगिल के युद्ध के बाद 29 अगस्त, 1999 को कुपवाड़ा के जंगलों में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे। मेजर सुधीर वालिया का जन्म 24 मई, 1969 को हुआ था। उन्होंने 1988 में भारतीय सैन्य अकादमी (एनडीए) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और चार जाट रेजिमेंट का हिस्सा बने। कमीशन के तुरंत बाद वह उन सैनिकों का हिस्सा बन गए, जिन्हें भारत-श्रीलंका समझौते के तहत शांति मिशन पर श्रीलंका भेजा गया था।

श्रीलंका में उन्हें शांतिदूत के रूप में पुकारा जाता था। पेंटागन में 70 देशों के प्रतिनिधि गए थे, उसमें भारत की ओर से उन्होंने टॉप किया था। श्रीलंका से लौटने के बाद, उन्हें 9 पैराशूट कमांडो रेजिमेंट में ले जाया गया, जो भारतीय सेना का एक विशेष बल है, जो पर्वतीय अभियानों में माहिर है। उन्होंने नौ वर्ष की सैन्य सेवा में 15 मेडल प्राप्त किए। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने भारतीय सेना में दो बार लगातार सेना मेडल प्राप्त किया था, जो बहुत कम देखने को मिलता है। मेजर सुधीर वालिया को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।

आज होंगे कार्यक्रम

शहीद मेजर सुधीर वालिया की स्मृति में पालमपुर में प्रतिमा स्थापित की गई है। उनके बलिदान दिवस पर शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जाएगा। वहीं, बनूरी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में भी शहीद की याद में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

: *सरकारी उपयोग को दी जमीन नहीं होगी वापस, विधानसभा में आज एक नया विधेयक रखेगी राज्य सरकार* 

हिमाचल सरकार को किसी पब्लिक यूटिलिटी, भवन, सडक़ या अन्य जनसुविधा को बनाने के लिए दी गई जमीन को अब वापस नहीं लिया जा सकेगा। यदि इस तरह का क्लेम किसी ने किया तो उसके खिलाफ अब सजा का प्रावधान किया जा रहा है। राज्य सरकार शुक्रवार को विधानसभा में एक नया बिल रख रही है, जिसका नाम है ‘हिमाचल प्रदेश लोक उपयोगिताओं के परिवर्तन का प्रतिषेध विधेयक 2025’। इसमें यह व्यवस्था की जा रही है कि सडक़, अस्पताल या अन्य पब्लिक यूटिलिटी के लिए किसी परिवार द्वारा दी गई जमीन पर यदि गिफ्ट डीड या अन्य प्रकार का एग्रीमेंट नहीं हुआ है, तो भी इसे वापस क्लेम नहीं किया जा सकेगा। इस राज्य में लोक उपयोगिताओं में बाधा डालने के समान माना जाएगा, जिसके लिए छह महीने की सजा और 2000 से 10000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। शुक्रवार को विधानसभा में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इस बिल को रखेंगे।

इसके अलावा गुरुवार को तीन विधेयक सदन में रखे गए। इनमें उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया, जो कि जीएसटी से संबंधित है। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक और हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक सदन में रखे, जो चुनाव प्रक्रिया में कुछ संशोधन को लेकर हैं। इन तीनों बिलों को शुक्रवार को पारित करने के लिए विधानसभा में लगाया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गुरुवार को एक निजी विश्वविद्यालय से संबंधित बिल भी रखा जिसे वापस लेने का आग्रह किया गया। (एचडीएम)

: *बिहार में इंडिया गठबंधन बनाएगा सरकार, राहुल की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल CM सुक्खू का दावा* 

मोतीहारी में राहुल की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल मुख्यमंत्री सुक्खू का दावा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि बिहार में इस बार इंडिया गठबंधन की सरकार बनना तय है। मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह दिल्ली से बिहार पहुंचे और राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वह यहां का माहौल और अपार जनसमर्थन को देखकर हैरान हैं। श्री सुक्खू ने कहा कि उन्होंने कई राज्या में प्रचार किया, पर जैसा महासैलाब इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के पक्ष में बिहार में उमड़ रहा है, वह एनडीए के होश उड़ा रहा है। बिहार के मोतीहारी में मुख्यमंत्री सुक्खू राहुल गांधी के साथ एक खुली जीप में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचे।

बिहार में चूंकि विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिससे लिए राहुल गांधी वहां पर वोटरों के अधिकार को लेकर यात्रा निकाल रहे हैं। सीएम बुधवार को शिमला से दिल्ली गए थे औरअभी उनका दो-तीन दिनों तक राहुल गांधी के साथ ही इस यात्रा में शामिल रहेंगे। इसके बाद उनका रविवार या सोमवार तक वापस लौटने का कार्यक्रम है। बिहार से वह सीधे दिल्ली आएंगे और फिर वहां से वापस शिमला लौटेंगे। यहां सोमवार को विधानसभा के सत्र में वह शामिल रहेंगेे, क्योंकि यहां आखिरी दो दिनों तक विधानसभा की बैठकें होंगी।

: *हिमाचल में धान पर वायरस का अटैक* 

कृषि विभाग सतर्क; आद्र्रता कम या ज्यादा होने से समस्या, आपदा के बाद किसानों की परेशानी बढ़ी

धान की फसल पर ड्वार्फ वायरस ने अटैक कर दिया है। मौसम में आद्र्रता कम या ज्यादा होने पर वायरस ने कुछ किस्म के धान की फसल को चपेट में ले लिया है। इस रोग के लगने से पौधों की वृद्धि का रुक गई है। संक्रमित पौधे सामान्य आकार से आधे या एक-तिहाई ही रह गए हैं। धान को ड्वार्फ वायरस लगने के कारण पौधे समय से पहले मर सकते हैं। किसानों को बाजार से मनमर्जी का बीज खरीदना महंगा पड़ गया है। इससे उपज में और गिरावट आ सकती है। यह वायरस प्रदेश के मंडी जिला के अलावा अन्य निचले इलाकों में कुछ किस्म के धान की फसल को ‘दवारफ वायरस (काली धारीदार बौना विषाणु ) ने जकड़ लिया है। जहां एक तरफ किसान प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ वायरस ने किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं, कृषि विभाग मंडी नेे किसानों को सर्तकता और कीटनाशक के छिडक़ाव के करने की एडवाइजरी जारी कर दी गई है। बता दें कि मंडी जिला के विभिन्न क्षेत्रों में करीब साढ़े सात सौ हेक्टेयर भूमि पर धान की खेतीबाड़ी की जाती है।

इससे करीब 18 हजार मीट्रिक टन धान की पैदावार होती है। इस बार मंडी जिला में करीब 136 क्विंटल धान के बीज की बिजाई की गई है, जबकि कुछ किसानों ने विभिन्न किस्म के बीज की खरीददारी की है, लेकिन फसल को वायरस द्वारा जकड़े के कारण किसानों के पसीने छूट गए है। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि किसान अपनी मर्जी से कोई गलत दवाई मत डालें, इससे और नुकसान हो सकता है। विभाग ने किसानों से आह्वान किया है कि अगर धान की फसल को दवारफ वायरस ने चपेट में ले लिया है, तो तुरंत प्रभाव से विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर धान की फसल पर छिडक़ाव करें।

कीटनाशक छिडक़ने की सलाह

डाक्टर रामचंद्र चौधरी, उपनिदेशक कृषि विभाग मंडी ने बताया कि धान की फसल पर ‘ड्वार्फ वायरस’ लगने के मामले सामने आ रहे हैं। कृषि विभाग की टीम द्वारा धान की फसल पर पूरी नजर रखे हुए हैं। किसानों को दवाई का छिडक़ाव करने की सलाह दी जा रही है।

बीमारी के लक्षण

धान के पौधों का कद छोटा होने और फसल के पीले होने की समस्या ने किसानों की नींद उड़ा दी है। इस वायरस को व्हाइट बैक प्लांट हापर (डब्ल्यूबीपीएच) यानी कि सफेद पीठ वाला टिड्डा फैलाता है। इस बीमारी से पौधे सामान्य से आधे या एक-तिहाई आकार के रह जाते हैं। पत्तियां गहरे हरे रंग की हो जाती हैं। कल्ले नहीं निकलते और जड़ें कमजोर और भारी हो जाती हैं। संक्रमित पौधे उखाडऩे पर उनकी जड़ प्रणाली उथली पाई जाती है। फसल में अत्याधिक टिल्लरिंग व बाली न बनना देखा गया है।

: *मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्टिंगरी से पांच मरीजों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया कुल्लू अस्पताल* 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर आज लाहौल-स्पीति जिले के स्टिंगरी से पांच मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया ताकि उन्हें बेहतर उपचार की सुविधा प्रदान कर सके। इस मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए कुल्लू जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए कि सभी मरीजों को हवाई मार्ग से कुल्लू अस्पताल पहुंचाया जाए। इन पांचों मरीजों जिनमें अलका, पूरन सिंह, आयुष, रियांश और उनकी मां संजीता शामिल हैं, को कुल्लू जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि इन मरीजों को हर संभव चिकित्सा सेवा प्रदान की जाए।

यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने ऐसी परिस्थितियों में हस्तक्षेप किया हो। इससे पहले भी कई मौकों पर उन्होंने दूर-दराज़ और दुर्गम क्षेत्रों से संकटग्रस्त मरीजों और अन्य व्यक्तियों को समय पर उपचार के लिए हवाई मार्ग से पहुंचाना सुनिश्चित किया है। मरीजों को स्टिंगरी से कुल्लू पहुंचाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद हवाई मार्ग से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी लाहौल-स्पीति के लिए की गई है ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह कदम इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि जिले से सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित है और कई स्थानों पर सड़क का कुछ हिस्सा पूरी तरह बह गया है।

लगातार बारिश से उत्पन्न व्यापक स्थिति की समीक्षा करते हुए आज बिहार जाते समय मुख्यमंत्री ने राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव और राहत कार्यों का आकलन करने के लिए मुख्य सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बात की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। मानसून ने हिमाचल प्रदेश में पहले ही व्यापक क्षति पहुंचाई है, जिससे सड़क नेटवर्क और जल आपूर्ति योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पिछले 72 घंटों में ही, मूसलाधार बारिश से कीरतपुर-मनाली-लेह राजमार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया है।

: *संपर्क न होने से परेशान परिवार के लोग*

मणिमहेश यात्रा पर गए श्रद्धालुओं से संपर्क न होने पर परिवार के लोगों की बढ़ी चिंता

मणिमहेश यात्रा पर गए लोगों से संपर्क न होने से परिवार के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यात्रा ऑफिशियल 25 अगस्त को बंद कर दी गई थी मगर चार दिनों बाद भी जो लोग चंबा से मणिमहेश को निकल चुके हैं उनका कोई आता पता नहीं है। प्रशासन की तरफ से आज तक कोई उपडेट नहीं आई है कि लोग भरमौर में हैं या मणिमहेश में फंसे हैं जोकि यात्रियों के परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया है। जब प्रशासन ने 25 तारीफ को आधिकारिक रूप से यात्रा बंद करने की घोषणा कर दी थी तो प्रशासन जिम्मेदारी थी कि तत्काल प्रभाव से ऊपर गए यात्रियों को सुरक्षित वापिस लाते मगर चार दिनों तक अभी एक भी यात्री चंबा नहीं पहुंचा है मात्र छह लोगों जोकि बीमार थे को छोड़ कर जिन्हें हेलिकॉप्टर के माध्यम से लाया गया था। जिन लोगों के परिवार के सदस्य इस यात्रा पर गए हैं उन्होंने प्रशासन से मांग की है जो लोग भरमौर में है उनकी सूची सोशल मीडिया में डाले।

: *हिमाचल के कुल्लू में बाढ़, भूस्खलन से पेट्रोल-डीजल का संकट, दूध, सब्जी और अखबार की सप्लाई भी ठप*

जिला कुल्लू में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति ठप होने से कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल देना बंद कर दिया है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को आपातकालीन सेवाओं के लिए रिजर्व स्टॉक बनाए रखने के आदेश दिए हैं। 

कुल्लू के गांधी नगर पेट्रोल पंप में तेल खत्म होने के बाद बैठे पंप कर्मी। 

बाढ़ और भूस्खलन के बाद जिले में ईंधन संकट ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति ठप होने से कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल देना बंद कर दिया है। निजी बस ऑपरेटरों की गाड़ियां डीजल की कमी से खड़ी हो गई हैं। दोपहिया वाहन चालक पेट्रोल के लिए पंपों के चक्कर काट रहे हैं। सड़कें खुलने के बावजूद अब जनजीवन तेल आपूर्ति पर अटक गया है।

: *भूस्खलन की चपेट में आकर भाई-बहन सहित 4 की मौत, घायल महिलाओं को चारपाई पर उठाकर पहुंचाया अस्पताल*

हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया है। इस बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आकर चार लोगों की दुखद मौत हो गई है। यह घटनाएँ जिला मुख्यालय और मैहला विकास खंड में सामने आई हैं, जहाँ प्रकृति के इस प्रकोप ने कई परिवारों को शोक में डुबो दिया है।

पहली घटना जिला चंबा के बसोधन पंचायत में घटी, जहाँ एक भाई-बहन की भूस्खलन में दबकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये दोनों अपने घर के पास हो रहे भूस्खलन को देखने के लिए गए थे। तभी अचानक पहाड़ी से भारी मलबा गिरना शुरू हुआ और वे उसकी चपेट में आ गए। लोगों ने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गाँव में मातम पसर गया है।

दूसरी घटना मैहला विकास खंड की भिमला पंचायत में हुई, जहाँ भूस्खलन ने चार महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। ये महिलाएं अपने घर के पास कुछ काम कर रही थीं कि अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घायल महिलाओं को बचाने के लिए ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि बारिश के कारण सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई थीं, ग्रामीणों ने घायल महिलाओं को चारपाई पर लिटाकर 35 किलोमीटर

: *चार दिन में 7 मणिमहेश यात्रियों की मौत, 9 लापता, फंसे हैं 8 हजार यात्री, 3,457 किए रेस्क्यू*

 हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने शुक्रवार को चार जिलों ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 

कुल्लू-मनाली हाईवे पर रायसन के समीप बाढ़ में बह गई सड़क को बनाने में जुटी फोरलेन की मशीनरी। 

भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही के बीच 24 से 27 अगस्त तक सात मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई है। हड़सर से ऊपर भूस्खलन होने से जानें गई हैं। आठ श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जबकि नौ अभी भी लापता हैं। मणिमहेश यात्रा पर गए करीब 8,000 श्रद्धालु अभी भी रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन ने 3,457 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालात खराब हैं। रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 

: हिमाचल प्रदेश में एक महीने के लिए डिजास्टर एक्ट लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं...

जिन्हें मालूम नही ये क्या होता है वो बस इतना समझ ले जैसे कोविड़ में नियम थे वैसे ही बस इसमें घर से बाहर निकलने , सोशल डिस्टेन्स जैसी छूट रहेगी लेकिन आपातस्थिति में लॉक डाउन जैसे निर्णय भी लिए जा सकते है ।

वैसे डिटेल ये रही 👇

आपदा प्रबंधन अधिनियम (Disaster Management Act, 2005) — सरल शब्दों में :-

1. क्या है यह अधिनियम?

यह भारत में लागू एक कानून है, जिसे आपदाओं के समय कुशल प्रतिक्रिया और प्रबंधन के लिए बनाया गया है। इसमें प्राकृतिक (जैसे बाढ़, भूकंप) और मानव-जनित (जैसे बड़ी दुर्घटनाएँ) आपदाओं दोनों को शामिल किया गया है।

2. क्या-क्या आपदाएँ शामिल हैं?

इस अधिनियम में निम्न प्रकार की "अधिसूचित आपदाएँ" शामिल हैं: चक्रवात, सूखा, भूकंप, आग, बाढ़, सुनामी, ओलावृष्टि, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना, कीट हमले, पाला, ठंडी हवाएँ आदि।

3. केंद्र और राज्यों में कौन-कौन से निकाय होते हैं?

एनडीएमए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण): इसके अध्यक्ष हमेशा प्रधानमंत्री होते हैं, और यह नीति बनाता और समन्वय करता है।

एसडीएमए (राज्य स्तरीय): मुख्यमंत्री इसके प्रमुख होते हैं, जो नीति निर्माण और कार्यान्वयन की जिम्मेवारी संभालते हैं।

डीडीएमए (जिला स्तरीय): यह जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की योजना और कार्यान्वयन करता है।

4. वित्त और सहायता का प्रावधान?

केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से फंड मुहैया कराती है। राज्यों को सहायता देने के लिए “राज्य आपदा राहत कोष” (SDRF) होता है, जिसमें 75% फंड केंद्र से और 25% राज्य द्वारा दिया जाता है।

5. लॉकडाउन उल्लंघन जैसे मामलों में क्या होता है?

लॉकडाउन जैसे निर्देशों का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम (धारा-51 से 60 तक) के तहत कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, आईपीसी की धारा-188 (सरकारी आदेश का उल्लंघन) के तहत भी मामला दर्ज होता है, जिसकी सजा 6 महीने तक जेल हो सकती है।

6. कुछ प्रमुख धाराओं की सजा की रूपरेखा:

धारा-51: सरकारी आदेश पालन न करने पर.

धारा-52: राहत के लिए झूठा दावा करने पर—2 साल तक।

धारा-53: राहत सामग्री हेराफेरी पर—2 साल तक।

धारा-54: गलत चेतावनी या अफवाह—1 साल तक।

धारा-56: सरकारी अधिकारी की ड्यूटी ना करने पर—1 साल तक।

धारा-57, 58, 59: आदेश उल्लंघन, कंपनियों की आपराधिक जिम्मेदारी आदि।

धारा-60: केवल एनडीएमए / एसडीएमए / डीडीएमए की शिकायत पर ही अदालत मामले ले सकती है।

इस से भी आसान भाषा मे :-

"Disaster Management Act" एक कानून है जो भारत में आपदा के समय कार्रवाई और समन्वय सुनिश्चित करता है। इसमें केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर संस्थाएँ बनी हैं, फंड की व्यवस्था है और आपदा या सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।

: BIG BREAKING 

अगले 18 घंटों में कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, ऊना,बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला जिलों में

कुछ स्थानों पर भारी से भारी 

बारिश होने की संभावना है 🌹

: *CAG Report : कर्ज लेकर लोन चुका रहे हिमाचल को CAG ने चेताया* 

ऋणों की देनदारी और सकल घरेलू उत्पाद के बीच लगातार बढ़ रहा अंतर भविष्य के लिए चिंताजनक

हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में शुक्रवार को राज्य की वित्तीय स्थिति पर रखी गई कैग रिपोर्ट ने चिंताजनक हालात सामने लाए हैं। यह रिपोर्ट नियंत्रक महालेखा परीक्षक ने चार जुलाई, 2025 को राज्य सरकार को भेजी थी। रिपोर्ट वित्त वर्ष 2023-24 की है। रिपोर्ट कहती है कि राज्य में ऋणों की देनदारी और सकल घरेलू उत्पाद के बीच अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है, जो पिछले चार साल में 39.09 फीसदी से बढक़र 43.98 फीसदी हो गया। वर्ष 2023-24 के अंत तक कुल ऋण एवं देयताएं भी 95,633 करोड़ की हो गई थीं। राज्य न तो वित्तायोग के वित्तीय बैंचमार्क पूरे कर पा रहा है, न ही एफआरबीएम एक्ट के प्रावधन। वर्ष 2023-24 में ही लोन लिमिट 6342 करोड़ थी, लेकिन लोन 9043 करोड़ के लिए गए।

रिपोर्ट कहती है कि लोन चुकाने के लिए राज्य ने वर्ष 2019 में लोक ऋण यानी पब्लिक डेबिट का 52.99 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया था। यह वर्ष 2024 में बढ़ कर 74.11 प्रतिशत हो गया। यानी हिमाचल लोन उठाकर लोन ही भर रहा है। रिपोर्ट में हिमाचल में बहाल की गई ओपीएस यानी ओल्ड पेंशन का जिक्र भी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिमाचल सरकार ने ओपीएस की बहाली कर पहली अप्रैल, 2023 से इसे लागू किया है। इससे अर्थव्यवस्था पर आने वाले समय में दबाव पड़ेगा। कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि ओपीएस लागू करने के बाद हिमाचल सरकार को आने वाले समय में राज्य की डेबिट सस्टेनेबिलिटी यानी कर्ज को धारण करने की क्षमता का आकलन करना होगा।

जीडीपी का 70 फीसदी वेतन पेंशन और ब्याज पर खर्च

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक सकल घरेलू उत्पाद का 64 से 70 प्रतिशत हिस्सा ब्याज, पेंशन व वेतन आदि के भुगतान पर खर्च होता रहा। वर्ष 2019-20 में इन मदों पर 21466 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसके मुकाबले वर्ष 2023-24 में इन मदों पर 30213 करोड़ की रकम खर्च की गई। इस तरह इतनी अवधि में यह बढ़ोतरी 8.82 प्रतिशत रही है।

कैग ने गिनाईं बड़ी खामियां

राज्य सरकार केंद्र से प्राप्त 1024 करोड़ रुपए की रकम खर्च ही नहीं कर पाई। ये नोडल एजेंसी के खाते में अप्रयुक्त पड़ी रही। सरकार ने 14 मामलों में 711 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित किया, लेकिन मूल बजट में तय रकम खर्च नहीं हुई। राजकोषीय घाटा एफआरबीएम एक्ट के अंतर्गत तय 3.5 प्रतिशत तक रहना चाहिए था, लेकिन यह 5.43 प्रतिशत रहा है।

[: *Himachal : गगल में धोखे से स्थायी हिमाचली बन गए 26 परिवार, डेढ़ दशक से सरकारी सुविधाएं भी हड़प रहे* 

बाहरी राज्यों के लोगों ने सिस्टम को चकमा देकर की जालसाजी, डेढ़ दशक से सरकारी सुविधाएं भी हड़प रहे

कांगड़ा जिला की गगल पंचायत में स्थानीय निवासी बनने का बड़ा फर्जीबाड़ा सामने आया है। बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा पंचायत परिवार रजिस्टर में शामिल होने के साथ के लोकल बाशिंदे बन जाने के सनसनीखेज मामले को देख सभी हैरान हैं। कांगड़ा एयरपोर्ट के साथ सटे घनी आबादी वाले गगल शहर में कारोबार सहित विभिन्न मसलों को लेकर लोग किराए के मकानों में भी रहते हैं, लेकिन करीब 26 परिवारों ने फ्रॉड कर न केवल हिमाचली होने, बल्कि सभी सुख-सुविधाएं हड़प कर सारी व्यवस्था की ही धज्जियां उड़ा दी हैं। ऐसी सूचना है कि ये लोग करीब एक से डेढ़ दशक पूर्व पंचायत के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर स्थानीय बाशिंदे बन गए। मामला जब बीडीओ धर्मशाला के पास पहुंचा, तो अब यह सब जांच की आंच में फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि जांच पूरी होने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। बीडीओ धर्मशाला को मिली एक लिखित शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि परिवार रजिस्टर में बाहरी राज्यों के लोगों व कई हिमाचलियों को भी बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को पूरा किए पंचायत का स्थानीय बाशिंदा बना दिया गया। यहां बीपीएल, अंत्योदय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सुविधाएं भी हड़प लीं।

पंचायत में ऐसे परिवारों की संख्या करीब 26 के आसपास है। शुरू में 24 परिवारों के खिलाफ जांच शुरू हुई थी, जो बाद में 26 तक पहुंच गई। हालांकि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। अब यह मामला जांच के लिए विकास खंड अधिकारी धर्मशाला के पास पहुंच गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। बताया जा रहा है कि मामले की पड़ताल में तो फर्जी पेंशन, फर्जी वोट, मनरेगा जॉब कार्ड, सस्ता राशन सूची में गड़बड़ के मामले भी उजागर हो सकते हैं। उधर, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने सभी मामलों को खंड विकास अधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखित रूप में सौंप दिया है तथा खंड विकास अधिकारी अभिनीत कात्यान ने भी मामलों की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि सितंबर मध्य तक मामले का पटाक्षेप हो जाएगा।

प्रदेश की सभी पंचायतों में की जाए जांच

ग्राम पंचायत गगल की प्रधान रेनू पठानिया व उपप्रधान भुवनेश चड्डा ने बीडीओ की कार्रवाई पर विश्वास जताते हुए इस जांच के कम से कम समय में पूरा होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गुजारिश की है कि प्रदेश की सभी पंचायतों में ऐसे मामलों की छानबीन की जाए तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

तीन सदस्यों की कमेटी कर रही पड़ताल

बीडीओ धर्मशाला अभिनीत कात्यान का कहना है कि उनके कार्यालय में गगल पंचायत की गलत पंजीकरण संबंधी शिकायत आई है, जिसके लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर हर पहलु को खंगाला जा रहा है। आरोपियों को बुलाकर उनसे पूछताछ करने के साथ संबंधित डाक्यूमेंट को भी खंगाला जा रहा है।

: *चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान* 

 *आपसी सम्मान के लिए आगे बढऩे को भारत तैयार* 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बहुप्रतीक्षित चीन दौरे से पहले भारत और चीन के संबंधों पर बड़ी बात कही है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को एक जापानी अखबार को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि भारत आपसी सम्मान और आपसी हितों के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों को हल करने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत और चीन के बीच स्थिर संबंध बेहद जरूरी हैं। प्रधानमंत्री ने चीन की यात्रा और चीन के साथ संबंधों पर पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर मैं शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां से तियानजिन जाऊंगा। पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति हुई है।

पीएम ने कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े देशों के बीच इस साझेदारी से पूरे क्षेत्र की समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों का समाधान करने के लिए बातचीत को बढ़ाने के लिए तैयार है।

: *हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी, इन चार जिलों में 30-31 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

2 सितंबर तक भारी बारिश का दौर रहेगा जारी

आज रात से शनिवार तक 18 घंटे चार जिलों पर भारी

हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश की चेतावनी आई है। राज्य के चार जिलों में जोरदार बारिश होगी जिसका ऑरेंज अलर्ट आ गया है। 30 व 31 अगस्त को चार जिले ऊना, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश कुछ क्षेत्रों में हो सकती है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 18 घंटे यानि शुक्रवार रात को प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, सिरमौर व ऊना के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। 2 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 29 अगस्त की रात को भी भारी वर्षा कुछ स्थानों पर होने की संभावना है। इनमें ऊना, सिरमौर, कांगड़ा और मंडी जिला में एक दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वीरवार की रात को भी प्रदेश के कई इलाकों में सुबह तक जोरदार बारिश का क्रम जारी रहा है। 30 अगस्त शनिवार को चंबा, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में एक दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ऊना, बिलासपुर, मंडी और शिमला जिलों में भी एक दो स्थानों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 31 अगस्त को हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन, किन्नौर और शिमला जिलों में एक दो स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट रहेगा। पहली सितंबर को अगले महीने की शुरूआत में ऊना, मंडी, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में एक दो स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

इसी तरह से 2 सितंबर को शिमला, सिरमौर और मंडी जिलों में एक दो स्थानां पर भारी वर्षा होने की संभावना है जहां के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने गरज के साथ बिजली चमकने का पूर्वानुमान भी कुछ जिलों में दिया है। इसमें ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में एक दो स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है। शिमला में बादलों की गडग़ड़ाहट शुक्रवार शाम को शुरू हो गई थी। यहां वीरवार रात को जमकर बारिश हुई वहीं शुक्रवार सुबह धूप खिल गई। दोपहर तक मौसम ठीक रहा मगर दोपहर बाद यहां पर बारिश का दौर शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह तक हुई बारिश की बात करें तो जतौन बैराज सिरमौर में 138 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है वहीं पालमपुर में 91.4,संधोल में 77.8,पांवटा साहिब में 75, कसौली में 62, सोलन में 57.8, गोहर में 55.6, बिलासपुर में 50.4, मुरारी देवी में 48.4, नगरोटा सूरियां में 48.2 और काहू में 45.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा नाहन, सोलन, भराड़ी, सुन्नी भज्जी, शिमला, मनाली, कुल्लू, कंडाघाट, सुन्दरनगर, करसोग, निचार, रामपुर व नारकण्डा में भी भारी दर्ज की गई है।

: *हिमाचल में बढ़ते जा रहे तबाही के जख्म, नदियों में समा रहे गांव, मिट रहा पड़ाहों का अस्तित्व* 

आपदा में डरे-सहमे लोगों के मिला किसका सहारा

देवभूमि हिमाचल में यह क्या हो रहा है – प्रदेश में तबाही के जख्म भरने के बजाए बढ़ते ही जा रहे है। पहाड़ धंसते जा रहे रहे। गांव – शहर नदियों के आगोश में समा रहे है। बांधों में पानी खतरे के निशान से ऊपर हो गया है। धार्मिक यात्रा पर रोक लगानी पड़ी है। जगह- जगह से तबाही की जो तस्वीरें सामने आ रही है वो हैरान कर देने वाली है। जो प्रदेश पहाड़ों के लिए जाना जाता था आज उसके वही पहाड़ धंसते जा रहे है। जहाँ की नदियां और झरने इसकी शोभा को चार -चाँद लगाते थे आज वही नदियां और झरने तबाही मचा रहे है। जिसे देवभूमि कहा जाता है वहां पर देवी देवता इंसानों से रुष्ट है। आखिर हिमाचल में ये तबाही का सिलसिला कब थमेगा । सवाल सब कर रहे है लेकिन जबाव किसी के पास नहीं है।

देवभूमि हिमाचल प्रदेश थम सा गया है। जहाँ – चहल पहल हुआ करती थी आज वहां बस, लोगों का रोना सुनाई दे रहा है। शिक्षा , स्वास्थय, रोजीरोटी सब खतरे में है। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे, सड़कों की खराब स्थिति की वजह से मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचना मुश्किल हो गया है और लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। प्रदेश में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश के अलग – अलग जिलों में बारिश ने खूब कहर बरपाया है। जिला कुल्लू – जहाँ बीते दिनों भारी नुक्सान हुआ था, सड़कें बह गई थी आज वहां बारिश ने फिर कहर बरपाया है। जिला कुल्लू के आनी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कराड के गांव लोअर पटारना में उस वक्त मातम पसर गया जब भूस्खलन से दो रिहायशी मकान मलबे की चपेट मेें आ गए हैं, जिसमें 2 महिलाओं के दब जाने की सूचना है। बताया जा रहा है कि शारदा देवी पत्नी जय सिंह और लीला देवी पत्नी कृष्ण लाल के घर के ऊपर फ्लड आ गया, जिसमें वे दोनों महिलाएं दब गईं। परिवार के अन्य सदस्यों को गांव वालों द्वारा बाहर निकाल लिया गया है। हँसते खेलते इस परिवार को क्या मालूम था की एक दिन इनकी सारी खुशियां छिन जाएगी।

इसी तरह एक ओर तस्वीर सामने आयी आनी के खादवी गांव से जहां कई घर लैंड स्लाइड की चपेट में आ गए। दो घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए है जबकि कुछ घर खतरे की जद में गए है। ऊपर पूरा गांव है और नीचे से जमीन बहती जा रही है। रात को लोग चैन से सोये थे , इस उमींद में कि एक नई सुबह अपने साथ नई खुशहाली लाएगी लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह सुबह उन्हें जिंदगी भर के जख्म दे जाएगी। एक ओर जिला में सेब का सीजन शुरू हो गया है जो यहाँ के लोगों की आय का एकमात्र साधन है और दूसरी ओर बारिश ने इतनी तबाही मचाई है कि अब सेब सीजन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे है – सड़कें बंद पड़ी है अगर खुल भी जाये तो कुछ समय बाद दोबारा वहीँ मंजर देखने को मिलता है। इससे अब लोगों की रोजीरोटी पर भी खतरा मंडराने लगा है। कुल्लू-मनाली में पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की आपूर्ति बाधित है।

जिला चम्बा की बात की जाये तो भारी तबाही यहाँ हुई है। कई घर बह गए, सड़कें ठप पड़ी है। मणिमहेश यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। कई यात्री यहाँ फंसे हुए है। जिनकों सुरक्षित निकलने के प्रयास लगतार प्रशासन द्वारा किए जा रहे है। जिला चंबा में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए खुद राजस्व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी पहुंचे। मणिमहेश यात्रा के दौरान आई प्राकृतिक आपदा में फ़से कांगड़ा के अनुज ने कहा की वैसे तो कई वर्षों से वे यात्रा पर जा रहे है लेकिन जो मजर उन्होंने इस बार देखा उसे वे जिंदगी भर नहीं भुला सकते। आपदा के जख्म इतने गहरे है की इनको भरने में न जाने कितना समय लगेगा। नैशनल हाइवे चंबा से भरमौर पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जनजातीय जिले किन्नौर के लिप्पा में शुक्रवार सुबह बादल फटने के कारण व्यापक नुकसान की सूचना है। बादल फटने से आई बाढ़ में बगीचे बह गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम माैके के लिए रवाना हुई। बादल फटने के बाद दो लोग भी लापता थे लेकिन बाद में दोनों सुरक्षित मिल गए। कई ग्रामीणों के मकान भी शीघ्रस्त हुए है।

उधर जब बर्फ से ढके रहने वाले पहाड़ों पर भी अंबर बरसा तो लोग हैरान रह गए, लाहौल के कोकसर से डराने वाला मंजर देखने को मिला जहां पहाड़ों से पथरों की बरसात हुई। ऐसा ही कुछ मंजर दिखा रामपुर बुशहर के काशापाठ में जहाँ पहाड़ दरक रहा है । तबाही का यह खौफनाक मंजर देख लोग सहम गए है। प्रदेश के अन्य जिलों सोलन, सिरमौर आदि में भी बहुत नुक्सान हुआ है। प्रदेश भर से जहाँ लगातार तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं जिनको देख कर लोग सहम से गए है। लेकिन इस बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई जिन्होंने आपदा की इस घडी में लोगों के चेहरों पर मुस्कान लायी है। और ये साबित कर दिया है कि हिमाचल के लोगों की एकता, समर्पण भाव, और दूसरों की मदद करना की आदत ही इसके खास बनाती है। इस वक्त मणिमहेश यात्रा में गए कई लोग फंसे है। उनको बचाने में प्रशासन तो जुटा है लेकिन स्थानीय लोग भी पूरा साथ दे रहे है , यात्रियों का कहना है की स्थानीय लोगों ने उनकी बहुत मदद की है।

मनाली लेह सड़क मार्ग बंद होने के कारण लाहुल घाटी में सैकड़ों वाहन चालक फंसे हैं। महिला मंडल स्टिंगरी ने भी फंसे लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की है। लेभे जोगनी मंदिर कमेटी के सदस्यों और युवा मंडल मूलिंग द्वारा भी स्टिंगरी में फंसे हुए ट्रक वाले को खाना बांटा गया। ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई नौहराधार से – यहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोगटाली मे भारी बारिश के कारण विद्यालय के पीछे लगी सुरक्षा दीवार के गिर जाने के कारण पानी जमा हो गया था जिससे भवन को भारी नुकसान हो सकता था। लेकिन स्कूल के स्टाफ़ ने जोखिम उठाते हुए पानी की निकासी का प्रयास किया और भवन को नुकसान से बचा लिया l पौंग बांध से छोड़े गए पानी के कारण आई आपदा में कर्मियों को आर्डर देकर ड्यूटी बजाने की बजाए खुद की जान को जोखिम में डालते हुए पैरों में चप्पल व पैंट फोल्ड करके खुद एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर पानी के बीच घुसकर जनता की सेवा में दिन-रात डटे हुए हैं तथा उनकी इस कार्यशैली की हर कोई खुली प्रशंसा कर रहा है। हर कोई यही कह रहा है कि अधिकारी-कर्मचारी हो तो एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर जैसा हो। खेर प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है लोगों की मदद करने की। ये नुक्सान क्यों हो रहा है इस बात का जिक्र हम कई बार कर चुके है। और अब तो हमारे देवी -देवताओं ने भी कह दिया है कि इस तबाही का कारण खुद इंसान ही है। वैज्ञानिकों ने और हमारे देवी देवताओं ने चेताया है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो यह तबाही ऐसे ही जारी रहेगी। इस तबाही को हम रोक तो नहीं सकते लेकिन हम आने वाले समय के लिए इस पर जरूर रोक लगा सकते है। अवैज्ञानिक तरीके से कंस्ट्रक्शन नहीं करनी होगी, नदी नालों के रस्ते में घर नहीं बनाने होंगे, पेड़ों को कटने से बचाना होगा और प्रदुषण पर अंकुश लगाना होगा। और यह सब केवल खुद इंसान ही कर सकता है। और अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले साल और भी डरावने हो सकते है।

: *Cloudburst : हिमाचल में आसमानी कहर जारी; किन्नौर में बादल फटा; आनी में बाढ़, पांच लोगों की मौत

हिमाचल में आसमानी कहर जारी, बिलासपुर-सिरमौर में हादसे का शिकार हुए लोग, चंबा में सैकड़ों मणिमहेश यात्री पैदल चलने को मजबूर

हिमाचल प्रदेश में जारी बरसाती कहर में शुक्रवार को किन्नौर जिला के लिप्पा गांव में बादल फटने और कुल्लू के आनी में भारी बारिश ने तबाही मचाई। प्रदेश में भारी बरसात के चलते पांच और लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लोग लापता हो गए हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटें में बिलासपुर में दो और सिरमौर में तीन लोगों की मौत हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला किन्नौर के लिप्पा गांव में शुक्रवार सुबह बादल फटने से भोगती नाले में अचानक आई बाढ़ ने गांव में भारी तबाही मचाई। नाले से निकला मलबा कई घरों और खेतों में घुस गया, जिससे ग्रामीणों को लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं, बाढ़ के कारण वहां एक शेड में रह रहे दो मजदूर भी दब गए, जिन्हें बचा लिया गया है। नाले में आए तेज बहाव ने करीब 50 बागबानों के सेब के बागीचों को तबहा कर दिया है।

इसके साथ ही 10 गौशालाएं, सिंचाई टैंक और पेयजल पाइपें भी बह गई हैं। आनी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भारी बारिश के चलते कराड़ पंचायत के पटारना गांव में भू-स्खलन की चपेट में आने से तीन मकान जमींदोज हो गए, जिनके मलबे में दो महिलाएं दब गर्ईं। इनमें से एक शारदा देवी का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि लीलू देवी लापता है। एक अन्य घायल को अस्पताल में भर्ती किया गया है। उधर, बुछैर पंचायत के खादवी गांव में भी कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, वहीं सरट गांव में भू-स्खलन का खतरा मंडरा रहा है। कुल्लू के ही खादवी गांव में भी तीन मकान लैंडस्लाइड की चपेट में आए। वहीं भरमौर प्रशासन ने कलसुईं से पठानकोट के लिए 150 श्रद्धालुओं को लेकर तीन एचआरटीसी की बसें रवाना की हंै। ये लोग मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी बारिश के बाद फंस गए थे। भरमौर से सैकड़ों श्रद्धालु चंबा मुख्यालय पहुंचने के लिए पैदल चलने को मजबूर हैं। प्रदेश में सडक़ टूटने और खराब मौसम के कारण कई स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद हैं। कुल्लू-मनाली में पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की आपूर्ति बाधित है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन भी लैंडस्लाइड के कारण बंद है। 1,500 से अधिक टूरिस्ट सडक़ बंद होने से घर नहीं लौट पा रहे हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य में प्राकृतिक आपदाओं से मृतकों की संख्या 317 तक पहुंच गई है। घायलों की संख्या 374 हुई है, जबकि लापता लोगों की संख्या बढक़र 40 तक पहुंच गई है। राज्य को अभी तक 2774 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। राज्य में बारिश का दौर थम नहीं रहा है और मौसम विभाग ने आगे भी अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है। ऐेसे में लोगों को सचेत रहना होगा, क्योंकि प्रदेश में लगातार नुकसान हो रहा है। प्रदेश सरकार लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी है।

चार जिलों में दो दिन ऑरेंज अलर्ट

शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए अत्यधिक बारिश की चेतावनी आई है। 30 व 31 अगस्त को चार जिलों ऊना, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में दो सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। 30 अगस्त को चंबा, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर अत्यधिक बारिश की आशंका जताई गई है, वहीं ऊना, बिलासपुर, मंडी और शिमला जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट है।

चंबा की 265 सहित कुल 914 सडक़ें बाधित

इस भयंकर प्राकृतिक आपदा से हिमाचल प्रदेश की 914 सडक़ें आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद पड़ी हुई हैं। इनके अलावा दो एनएच 03 व 305 बंद हैं। चंबा जिला में 265 सडक़ मार्ग पूरी तरह से बंद पड़े हुए हैं। कांगड़ा में 60, बिलासपुर में आठ, कुल्लू में एनएच समेत 160 सडक़ों पर पूरी तरह से यातायात बंद है। लाहुल में 21, मंडी में 222, शिमला की 47, सिरमौर की 96, सोलन में 12 तथा ऊना में 23 सडक़ों पर यातायात पूरी तरह से अवरूद्ध है।

: *CM बोले, हर आपदा प्रभावित तक पहुंचाओ मदद* 

दिल्ली से मुख्यमंत्री सुक्खू ने की समीक्षा बैठक, कई आदेश जारी

मणिमहेश यात्रियों को निकालेगा प्रशासन, बीमार एयरलिफ्ट होंगे

कुल्लू और मंडी के उपायुक्तों को वैकल्पिक मार्ग जारीरखने को कहा

पौंग डैम के कारण बनी स्थिति की रिपोर्ट ली, लाहुल पर भी नजर

8 जा रही राहत तथा भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए नुकसान की जानकारी भी हासिल की। बैठक में अवगत करवाया गया कि सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और उनके रहने, खाने और फस्र्ट एड की सुविधा का समुचित प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने चंबा चौगान में रुके हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि मौसम पुर्वानुमान के अनुसार आपदा प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। भरमौर में फंसे यात्रियों के लिए भोजन व ठहरने की उचित व्यवस्था की जाए।

बीमार और वृद्ध यात्रियों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में फंसे श्रद्धालुओं के लिए हवाई मार्ग से भोजन पहुंचाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा और अन्य क्षेत्रों में सडक़ें, पेयजल और विद्युत आपूर्ति को बहाल करने के लिए अतिरिक्त मशीनें व पर्याप्त संख्या में श्रम शक्ति की तैनाती की जाए। मुख्यमंत्री ने कुल्लू और मंडी जिला के उपायुक्तों को वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बड़ा भंगाल की स्थिति की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने वहां रुके हुए लोगों के लिए हवाई मार्ग से खाद्य तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इंदौरा, फतेहपुर और पौंग डेम में संचालित किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने जि़ला लाहुल-स्पीति प्रशासन को सिस्सु में फंसे पर्यटकों की वापसी सुनिश्चित करने को कहा। सीएम सुक्खू ने मुख्य सचिव को राहत एवं पुनर्वास कार्यों के बेहतर संचालन के लिए जि़ला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि वह स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए समुचित कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधान सचिव, सचिव, जि़ला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।

: *विधानसभा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने किया ऐलान, बद्दी में बनेगा आधुनिक आईएसबीटी* 

उपमुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने कहा कि बद्दी में जल्दी ही आधुनिक आईएसबीटी बनाया जाएगा। यहां जल्दी ही काम शुरू होगा। विधायक राम कुमार ने शून्य काल में बद्दी आईएसबीटी का मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से लटका हुआ है। इस पर मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि बद्दी एशिया का सबसे बड़ा उद्योग क्षेत्र है और उसके मुताबिक ही यहां पर बेहतरीन अड्डा बनाया जाएगा।

जल्द लगाए जाएंगे टेंडर

शून्यकाल में मामला उठाते हुए विधायक दीपराज ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सीआरएफ के तहत 32 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। इसी तरह रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 56 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए है। इनके तहत होने वाले कार्यों के लिए 3-4 बार टेंडर केंसिल हो चुके हंै। उन्होंने सरकार से रामपुर व करसोग के लिए टेंडर लगाने का आग्रह किया।

परिवार को मिले राहत

लाहुल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने सदन में सियाचिन गलेशियर में अग्रिवीर अरुण कुमार के निधन का जिक्र उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि उनके परिवार में से किसी को करुणामूलक नौकरी दें और एक सडक़ का नाम उनके नाम पर रखा जाए। इस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने कहा कि केंद्र ने योजना में कुछ संशोधन किए हैं। अभी उसकी जानकारी नहीं है। सडक़ का नाम उनके नाम पर करने को लेकर सरकार विचार करेगी।

प्रभावितों को राहत दी जाए

विधायक मलेंद्र राजन ने अपने विधानसभा क्षेत्र इंदौरा में भारी बारिश व बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पहली बार इंदौरा कस्बे में पानी घुसा है। उन्होंने प्रभावितों को राहत राशि देने की मांग की है। इस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह मामला सरकार के ध्यान में है।

स्वारघाट कालेज का मसला

रणधीर शर्मा द्वारा सदन में स्वारघाट कालेज को डी-नोटिफाई करने का मुद्दा उठाने पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार इस पर रिएग्जामिन करेगी। 27 कॉलेजों में बच्चों की एनरोलमेंट 100 से कम होने के कारण इनको डी-नोटिफाई किया गया है। स्वारघाट के बजट को कहीं और दिया गया है, तो इस मामले में नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग है व उससे बात की जाएगी।

वजीर राम सिंह पठानिया को फ्रीडम फाइटर बनाने का प्रस्ताव पारित

चीफ रिपोर्टर — शिमला

सदन में शुक्रवार को नूरपुर रियासत के वजीर राम सिंह पठानिया को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ। सरकार इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजेगी। यह आश्वासन उप मुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने सदन को दिया। शून्यकाल के दौरान विधायक भवानी सिंह पठानिया ने यह मामला उठाया, जिस पर केवल सिंह पठानिया ने वजीर राम सिंह पठानिया से जुड़े एक गीत का जिक्र करते कहा कि करनैल राणा ने बहुत खूब गाया है कि ‘खूब लड़ेया, खूब लड़ेया, अकेला पठानिया खूब लड़ेया।’ विधानसभा में विधायकों ने इस प्रस्ताव पर राम सिंह पठानिया के स्वतंत्रता संग्राम में दिए योगदान को याद किया और कहा कि उन्हें शहीद स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया जाना चाहिए। मुकेश अगिनहोत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से यह प्रस्ताव भेजा जाएगा। केन्द्र सरकार से आग्रह किया जाएगा कि वह उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दे। विधायक भवानी पठानिया ने कहा कि देश से अंग्रेजों को खदेडऩे के लिए जो अभियान चला उसकी शुरूआत वजीर राम सिंह पठानिया ने की थी, लेकिन इतिहास में उनका नाम कहीं नहीं है। विधायक संजय रतन ने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिनके नाम इस सूची में शामिल नहीं हुए हैं। सरकार को आवश्यक संशोधन करके उनका नाम भी सूची में डालना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी सहमति जताई

: *खराब मौसम ने रोकी सेना के हेलिकॉप्टर की उड़ान, भरमौर में फंसे सैकड़ों भक्त, आज फिर उड़ान भरेगा हेलिकाप्टर* 

मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर में फंसे बुजुर्ग, मरीज श्रद्धालुओं को करना पड़ेगा इंतजार

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा

मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर में फंसे बुजुर्ग व मरीज श्रद्धालुओं को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया जाएगा। उपमंडलीय प्रशासन की ओर से ऐसे श्रद्धालुओं की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शुक्रवार सुबह मौसम के खराब होने के चलते वायु सेना के हेलिकॉप्टर का ट्रायल न हो पाने से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। मौसम के साफ होने के बाद हेलिकॉप्टर का ट्रायल सफल होने के बाद ही श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट कर मुख्यालय पहुंचाने का सिलसिला आरंभ कर दिया जाएगा। एडीएम चंबा अमित मेहरा ने खबर की पुष्टि की है। ऐसे में भरमौर में फंसे ऐसे चिन्हित श्रद्धालुओं को अब घर वापसी के लिए शनिवार तक इंतजार करना होगा।

भरमौर में फंसे सैकड़ों भक्त

बारिश के चलते जिला प्रशासन की ओर से मणिमहेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु भरमौर में फंस गए हैं। भरमौर एनएच के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही आरंभ होने पर लंबा वक्त लग सकता है। ऐसे में बुजुर्ग, मरीज श्रद्धालु व बच्चों को भरमौर से सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए वायु सेना से मदद मांगी गई है।

: *भरमौर से पांच हजार श्रद्धालु पैदल चंबा रवाना, शिव भक्तों ने पकड़ी वापसी की राह, एनएच के क्षतिगस्त रास्ते से सफर* 

मणिमहेश यात्रा पर रोक के बाद शिव भक्तों ने पकड़ी वापसी की राह, एनएच के क्षतिगस्त रास्ते से सफर 

मणिमहेश यात्रा पर अधिकारिक तौर पर रोक के बाद भरमौर में फंसे करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने पैदल घर वापसी की राह पकड़ ली है। शुक्रवार देर शाम तक श्रद्धालुओं का भरमौर एनएच के क्षतिग्रस्त हिस्सों से आवाजाही कर जिला मुख्यालय पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी था। भरमौर एनएच पर जांघी गांव से बाहरी राज्यों व प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं को परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क गंतव्य की ओर भेजने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। शुक्रवार को परिवहन निगम की 21 बसें मणिमहेश श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई। मणिमहेश श्रद्धालुओं को सुरक्षित घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के विभिन्न डिपुओं से भी बीस के करीब बसें मंगवाई गई है। इसके अलावा आवश्यकतानुसार बसों की व्यवस्था की जाएगी।

पीडब्ल्यूडी मंत्री चंबा और राजस्व मंत्री भरमौर के रास्ते में

चंबा। चंबा जिला में आई त्रासदी का जायजा लेने के लिए पीडब्ल्यूडी विक्रमादित्य सिंह और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी चंबा पहुंच गए है। मंत्री विक्रमादित्य ने चंबा में नुकसान का जायजा लिया। शनिवार को वह भरमौर का दौरा करेंगे। दूसरी तरफ राजस्व मंत्री भरमौर के रास्ते में हैं। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि न्यूनतम समय में सडक़ों की बहाली सरकार की उच्च प्राथमिकता है, ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों मे यातायात सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

जांघी में अधिकारी कर्मचारी तैनात

जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह व रामबन से छडियों सहित पिछले चार- पांच दिनों से चंबा में डेरा डाले श्रद्धालुओं के वापस लौटने का सिलसिला भी लगातार जारी है। शुक्रवार को करीब पांच हजार श्रद्धालु भरमौर से चंबा को रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के जांघी पहुंचने पर आगामी सफर के लिए बसों का विशेष इंतजाम किया गया है। प्रशासन की ओर से बाकायदा जांघी में अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की हुई है।

परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क सफर

एडीएम चंबा अमित मेहरा ने बताया कि भरमौर से पैदल जांघी तक पहुंचने वाले बाहरी राज्यों व प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं के आगामी सफर को सुगम बनाने के लिए परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क भेजा जा रहा है।

अफवाहों पर ध्यान न दें

एडीएम चंबा अमित मेहरा ने बताया कि भरमौर में फंसे बुजुर्ग, मरीज श्रद्धालुओं व बच्चों की सूची तैयार की जा रही है। मौसम खराब रहने के चलते शुक्रवार को वायुसेना के हेलिकॉप्टर का ट्रायल नहीं हो पाया है। उन्होंने लोगों से आहवान किया है कि मणिमहेश यात्रा को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें।

: *PM की मां के अपमान पर माफी मांगें राहुल, ‘बिहार यात्रा’ को शाह ने बताया ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा*

कहा, जितनी ज्यादा गाली दोगे उतना ज्यादा खिलेगा कमल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राहुल गांधी की बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस जितना अधिक गाली देगी, देश में कमल उतना ही अधिक खिलेगा। श्री शाह ने कहा कि ऐसे समय में जब विश्व के 27 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है, कांग्रेस एवं गांधी परिवार हमेशा प्रधानमंत्री को गाली देने की कोशिश कर रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने नया निचला स्तर प्राप्त कर लिया है।

बिहार में कांग्रेस की रैली ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने प्रधानमंी मोदी और उनकी दिवंगत माता के अपमान के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बिना शर्त माफी मांगने को भी कहा।

: *उद्योगपति मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, रिलायंस इंटेलिजेंस नाम से आएगा नया एआई वेंचर* 

सालाना बैठक में उद्योगपति मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, मेटा और गूगल के साथ पार्टनरशिप

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेलिकॉम इकाई रिलायंस जियो भारत से बाहर अपने कामकाज का विस्तार करेगी। यह ऐलान रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कंपनी की सालाना बैठक में किया। अंबानी ने कहा कि जियो अपने ऑपरेशंस का भारत से बाहर विस्तार करेगी, यह हमारी स्वदेशी टेक्नोलॉजी को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाएगी। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि जियो की आगे की राह इसके अब तक के सफर से कहीं बेहतर है। रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि ऑपरेटर ने 500 मिलियन ग्राहक पार कर लिए हैं, जो कि अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की संयुक्त आबादी से कहीं ज्यादा है। साथ मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस नाम से नया एआई वेंचर लाने का भी ऐलान किया। अंबानी ने सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी मेटा के साथ एआई-फोकस्ड ज्वाइंट वेंचर लाने की घोषणा भी की।

रिलायंस-मेटा के संयुक्त उपक्रम में 855 करोड़ रुपए का शुरुआती निवेश होगा, इसमें रिलायंस और मेटा का अनुपात 70:30 का होगा। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए भी गूगल के साथ पार्टनरशिप की है। इस साझेदारी का मकसद भारत में एआई रेडी डाटा सेंटर्स बनाना है। मुकेश अंबानी ने कहा कि मुझे गर्व है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले से ही रिलायंस के डीप-टेक बिजनेस में बदलने की ओर है।

2026 की पहली छमाही में आएगा जियो का आईपीओ

मुकेश अंबानी ने घोषणा की है कि रिलायंस जियो का आईपीओ साल 2026 की पहली छमाही में आएगा। यह दलाल स्ट्रीट के इतिहास में सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस जियो के आईपीओ का साइज पिछले साल आए हुंडई इंडिया के आईपीओ से करीब दोगुना हो सकता है। पिछली कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जियो के आईपीओ का साइज करीब 52,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, ऐसे में यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

: *थाईलैंड की प्रधानमंत्री शिनवात्रा बर्खास्त, कंबोडियाई नेता से बात करने पर गिरी गाज, साल भर में ही गई कुर्सी* 

थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनवात्रा को पद से हटा दिया गया है। थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने नैतिक मानकों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर प्रधानमंत्री के खिलाफ यह कार्रवाई की है। असल में शिनवात्रा के खिलाफ दुश्मन देश कंबोडिया के पूर्व नेता के साथ फोन कॉल को लीक करने का आरोप है। इसी मामले में देश की संवैधानिक अदालत ने शिनवात्रा के खिलाफ यह फैसला सुनाया है। शिनवात्रा थाइलैंड की 31वीं प्रधानमंत्री थीं। उनके कार्यकाल का अभी एक भी साल पूरा नहीं हुआ है। अदालत के फैसले के बाद, उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचयचै और वर्तमान मंत्रिमंडल, संसद द्वारा एक नया प्रधानमंत्री चुने जाने तक, कार्यवाहक सरकार की देखरेख करेंगे। नए प्रधानमंत्री के चुनाव की तारीख सदन के अध्यक्ष द्वारा तय की जाएगी। 2023 के चुनाव से पहले घोषित किए गए उम्मीदवारों में से पांच योग्य उम्मीदवार बचे हैं।

फेउ थाई पार्टी के पास शुरू में तीन उम्मीदवार थे, लेकिन अब केवल एक ही बचा है। यह उम्मीदवार हैं, 77 वर्षीय चैकासेम नितिसिरी, जो पूर्व न्याय मंत्री और अटॉर्नी जनरल हैं। हालांकि वह काफी लो प्रोफाइल रहते हैं। नई जिम्मेदारी को लेकर नितिसरी का कहना है कि वह पद संभालने के लिए तैयार हैं। ंएक और संभावित उम्मीदवार अनूटिन चर्नविराकुल हैं। 58 वर्षीय अनूटिन पूर्व गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री हैं। उनकी भूमजैथाई पार्टी जून में पैतोंगतार्न के गठबंधन से अलग हो गई थी। इसके अलावा, वर्तमान ऊर्जा मंत्री पिरापन सालिराथाविभागा, पूर्व उप-प्रधानमंत्री जुरिन लक्षणाविसित, और पूर्व-प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओ-चा भी योग्य हैं।

: *रूस ने यूक्रेन का सबसे बड़ा युद्धपोत डुबोया, जमीन और हवा के बाद अब समंदर को किया टारगेट* 

पुतिन के समुद्री ड्रोन ने पल भर में किया ध्वस्त

यूक्रेन और रूस के बीच जारी तनाव और सैन्य संघर्ष में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने यूक्रेनी नौसेना के टोही जहाज सिम्फरोपोल को समुद्री ड्रोन के हमले में नष्ट कर दिया है। यह जहाज पिछले दशक में यूक्रेन द्वारा कमीशन किया गया सबसे बड़ा नौसैनिक जहाज था और इसके डूबने से दोनों देशों के बीच संघर्ष की गंभीरता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सिम्फरोपोल को डेन्यूब नदी के डेल्टा में निशाना बनाया गया। यह क्षेत्र यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र में आता है।

जहाज लागुना श्रेणी का मध्यम आकार का टोही जहाज था और इसे रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक, राडार और ऑप्टिकल टोही के लिए डिजाइन किया गया था। यह हमला यूक्रेनी नौसेना के जहाज पर समुद्री ड्रोन के पहले सफल प्रयोग के रूप में दर्ज हुआ। इसका मतलब है कि युद्ध के आधुनिक तकनीकी आयाम में समुद्री ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। यूक्रेनी अधिकारियों ने भी इस हमले की पुष्टि की है। नौसेना प्रवक्ता ड्मित्रो प्लेटेंचुक ने कहा कि हमले के बाद बचाव और राहत कार्य जारी हैं। अधिकतर चालक दल सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ नाविक अभी भी लापता हैं।

: *रोजर बिन्नी का युग खत्म, राजीव शुक्ला BCCI के अंतरिम अध्यक्ष* 

बीसीसीआई में शुक्रवार को बड़ा बदलाव हुआ है। रिपोट्र्स के अनुसार, रोजर बिन्नी ने 70 साल से अधिक उम्र होने के कारण अपने कार्यकाल से पहले ही बीसीसीआई अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति इस पद पर नहीं रह सकता है, जिसकी वजह से बिन्नी को यह फैसला लेना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को बोर्ड का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजीव शुक्ला की अंतरिम नियुक्ति एक अस्थायी व्यवस्था है।

रिपोट्र्स के अनुसार, बीसीसीआई जल्द ही अपने अगले अध्यक्ष के लिए चुनाव करवाएगा। माना जा रहा है कि यह चुनाव टीम इंडिया के एशिया कप में भाग लेने के दौरान आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान बोर्ड के सदस्य नए अध्यक्ष के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू करेंगे। राजीव शुक्ला के पास अंतरिम अध्यक्ष के रूप में बोर्ड के दैनिक कार्यों को संभालने की जिम्मेदारी होगी।

: *दुबई नहीं जाएंगे यशस्वी-कृष्णा-वाशिंगटन-रियान-जुरेल* 

 भारतीय टीम आगामी एशिया कप में हिस्सा लेने के लिए चार सितंबर को दुबई में एकत्रित होगी। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम 10 सितंबर को अपने अभियान की शुरुआत करेगी। हालांकि बीसीसीसीआई ने कथित तौर पर फैसला किया है कि आगामी एशिया कप 2025 के लिए चुने गए पांच स्टैंडबाय खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल, प्रसिद्ध कृष्णा, वाशिंगटन सुंदर, रियान पराग और ध्रुव जुरेल मुख्य टीम के साथ दुबई नहीं जाएंगे।

भारत टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 10 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात से भिड़ेगा और उसके बाद 14 सितंबर को दुबई में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा। एक अधिकारी के मुताबिक, जरूरत पडऩे पर ही स्टैंडबाय खिलाड़ी को बुलाया जाएगा। भारतीय टीम में शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और संजु सैमसन बतौर ओपनर खेल सकते हैं।

: *हिमाचल में आपदा से स्थिति गंभीर, केंद्र में रखेंगे पक्ष, सांसद बोले, राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव सही

प्रदेश में जो आपदा आई है, ऐसे समय में सत्ता पक्ष व विपक्ष ने राजनीति से ऊपर उठकर इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को बधाई देता हूं। यह बात कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने शुक्रवार को धर्मशाला में पत्रकारों से अनौपचारिक बाताचीत में कही। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, चंबा की स्थिति सभी के सामने है। जहां भी बरसात से नुकसान हुआ है, वहां भाजपा कार्यकर्ता सेवा में जुटे हुए हैं, तथा आपदा के चलते फंसे लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आपदा का यह समय एक-दूसरे व आरोप लगाने का नहीं है, बल्कि सभी को मिलकर आपदा का मुकाबला करने का है। सांसद ने कहा कि पिछले पांच दिनों से इंदौरा, फतेहपुर के मंड क्षेत्र का दौरा कर रहा हूं, स्थिति भयावह है। फसलें तबाह हो गई हैं, चिंता यह है कि जानमाल का नुकसान न हो।

: *पौंग डैम ने तोड़े पुराने सब रिकार्ड, जब से बांध बना तब से नहीं आया था इतना पानी, खतरे के निशान से भी ऊपर* 

प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने हिमाचल सहित पड़ोसी राज्यों के भी हालात बद से बदतर कर दिए हैं। बदले हालात के बीच न पहाड़ में जानमाल का भारी नुकसान हो रहा है। हालात यह हैं कि पौंग बांध के पानी ने पुराने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। वर्ष 2023 में भारी बारिश के कारण पौंग में अत्याधिक पानी भर गया था, लेकिन इस वार तो इतना पानी आ गया है, जिनता डैम बनने के बाद कभी नहीं आया। इस बार पौंग बांध में 9.68 बिलियन क्यूसेक से अधिक पानी भर गया है। इससे पहले साल 2023 में भी पौंग का पानी 9.19 बिलियन क्यूसेक दर्ज किया था।

यह पूर्व में सबसे अधिक था, लेकिन इस गार इससे भी आगे निकल गया। अत्याधिक बारिश से पौंग बांंध शुक्रवार को खतरे के निशान से ऊपर चला गया। सुबह बांध का जलस्तर 1391.91 फुट दर्ज किया गया, जबकि इसका खतरे का निशान 1390 फुट है।

निचले क्षेत्रों में पौंग ने मचाई तबाही

पौंग से छोड़े जा रहे पानी के कारण निचले क्षत्रों में बड़ी मात्रा में भूमि कटाव के साथ करीब 250 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर कृषि व बागबानी तबाह हो गई है। इंदौरा और फतेहपुर क्षेत्रों में लाखों की संपत्ति का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

बीबीएबी करेगा नुकसान की भरपाई

उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा का कहना है कि पौंग के पानी से जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई के लिए बीबीएमबी प्रबंधन से बात करते उन्हें भरपाई करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।

: *इंदौरा के सैनिक पंकज का सडक़ हादसे में निधन, भारत-चीन सीमा पर थे तैनात, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार* 

सेना के जवान पंकज कुमार (22) पुत्र संजय कुमार का सडक़ हादसे में दुखद निधन हो गया। सैनिक पंकज भारतीय सेना की 23 जैक राइफल में भारत-चीन सीमा पर तैनात थे। शुक्रवार को जैसे ही सेना की गाड़ी उनका पार्थिव शरीर लेकर इंदौरा पहुंची, तो वातावरण गमगीन हो गया। स्थानीय युवाओं ने भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से गूंजायमान करते हुए शव को घर तक पहुंचाया।

घर पहुंचते ही चारों ओर चीख-पुकार मच गई और मां अपने इकलौते बेटे को देखकर बेसुध हो गई। शहीद पंकज कुमार के पिता संजय कुमार भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पठानकोट से आई सेना की टुकड़ी ने पंकज कुमार को सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी। प्रशासन की तरफ से एसडीएम सुरिंदर ठाकुर, तहसीलदार इंदौरा अमनदीप शहीद पंकज की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

: *सोलर लाइट से जगमगाएगी बाबा की नगरी, 40 किलोवाट का सोलर प्लांट लगेगा, 16 लाख का बजट मंजूर* 

उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ कहे जाने वाले दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर की आने वाले समय में पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगी। एक तरफ जहां मंदिर में लगभग 65 करोड़ के एडीबी प्रोजेक्ट के विभिन्न काम शुरू हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आने वाले समय में नए बनने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर से पडऩे वाले बिजली बिल के बोझ को कम करने की तैयारी भी मंदिर न्यास ने साथ-साथ शुरू कर दी है। दरअसल आने वाले समय में बाबा की नगरी पूरी तरह से सौर ऊर्जा से पैदा होने वाली बिजली से जगमगाएगी। इससे हर महीने आने वाले भारी भरकम बिल से मंदिर न्यास को छुटकारा मिल जाएगा।

बता दें कि दियोटिसिद्ध में करीब 10 लाख रुपए की लागत के 10 और 15 किलोवाट के दो सनरूफ सोलर प्लांट हिमऊर्जा इंस्टॉल कर चुका है और जिन्हें संचालित भी किया गया है, लेकिन ये सोलर प्लांट नाकाफी थे। मंदिर में भविष्य की योजनाओं को देखते हुए यहां 40 किलोवाट के एक बड़े सनरूफ सोलन प्लांट को लगाने की प्रोपोजल तैयार की गई, जिस पर 16 लाख रुपए के करीब बजट मंजूर हुआ है। यह पैसा मंदिर न्यास के खाते से खर्च होगा। उधर, जानकारों की मानें, तो दियोटसिद्ध मंदिर में प्रतिमाह अढ़ाई से तीन लाख रुपए बिजली का बिल आता है। भविष्य में यदि इन तीनों सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिजली मंदिर के सारे तामझाम के लिए सप्लाई की जाती है तो मंदिर न्यास प्रति माह तीन लाख रुपए के लगभग बिल की बचत कर सकेगा। एक साल में बिजली के बिल से ही सीधे ही 36 लाख रुपए की बचत होगी। (एचडीएम)

: *दफ्तर बंद करने पर भिड़े मुकेश अग्निहोत्री-जयराम ठाकुर* 

डिप्टी सीएम बोले, थुनाग मेें कालेज बन गया होता, तो ट्रांसफर नहीं होता

जयराम ठाकुर का आरोप, टेंडर के लिए दिए 10 करोड़ वापस मंगवाए

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच प्रश्रकाल में ही जोरदार बहस हो गई। सरकारी संस्थानों को बंद करने मामला गरमाया और थुनाग बागबानी कालेज को शिफ्ट करने का मु़द्दा जयराम ने उठा दिया। मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि यदि आप कालेज बना गए होते, तो कैसे ट्रंासफर होता। जयराम ने कहा कि जमीन दे दी। टेंडर के लिए 10 करोड़ दे दिए, लेकिन वर्तमान सरकार ने पैसा भी वापस मंगवा लिया। मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अब तक 126 नए संस्थान खोले हैं। पूर्व सरकार के आखिरी छह महीनों में बिना किसी ठोस आधार के कई संस्थान खोले गए थे, जिनकी समीक्षा की गई। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने केवल उन्हीं स्कूलों को बंद किया है, जिनमें जीरो एनरोलमेंट थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 628 स्कूल इसलिए बंद किए गए, क्योंकि उनमें कोई विद्यार्थी ही नहीं था।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को विधायक दलीप ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए बोल रहे थे। विधायक दलीप ठाकुर ने प्रश्नकाल में सरकार द्वारा कितन संस्थान खोले गए और कितने संस्थान डिनोटिफाई किए गए, इसका सवाल लगाया गया था। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षण संस्थानों को बंद करने का मुद्दा गरमा गया। सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने इस पर सरकार को घेरा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लगातार स्कूलों और कालेजों को बंद करने व स्थानांतरित करने का काम कर रही है।

: *सीएसआर फंड लोकल एरिया में खर्च करवाएंगे* 

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सीमेंट कंपनियों का सीएसआर फंड का इस्तेमाल प्रदेश में हो और इसमें स्थानीय विधायकों व लोगों की प्राथमिकताओं को भी शामिल किया जाएगा। उद्योग मंत्री विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक संजय अवस्था द्वारा पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए बोल रहे थे। इस दौरान विधायक राम कुमार ने भी इस मुद्दे पर अनुपूरक सवाल उठाया और कहा कि सीएसआर फंड का इस्तेमाल वहीं होना चाहिए, जहां कंपनियां स्थापित हैं। वहीं, बिलासपुर सदर से विधायक त्रिलोक जम्वाल ने भी कहा कि उनके क्षेत्र में स्थित सीमेंट कंपनी भी सीएसआर का पैसा कहीं और खर्च कर रही है, जबकि स्थानीय लोग प्रदूषण और धूल से प्रभावित हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि अब कंपनियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे हिमाचल प्रदेश में ही सीएसआर फंड का इस्तेमाल करें।

स्वास्थ्य क्षेत्र की सेहत में होगा और सुधार

स्वास्थ्य मंत्री डा.कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार निचले स्तर पर मजबूत व बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है। वह विधानसभा में स्वास्थ्य क्षेत्र पर विधायक विपिन परमार द्वारा लाई गई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सोच के साथ ही सरकार ने आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोले हैं और हरेक विधानसभा में यह संस्थान खुलेंगे। शांडिल ने कहा कि राज्य में अब रोबोटिक सर्जरी भी शुरू कर दी गई है।

मेहली खड्ड तटीकरण योजना को 706.92 लाख स्वीकृत

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मेहली खड्ड तटीकरण योजना के लिए प्रदेश सरकार ने 706.92 लाख रुपए की स्वीकृत किए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सुजानपुर मंडल के तहत सुजानपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में एक योजना प्रोवाइडिंग फल्ड प्रोटेक्टेशन वर्क ऑफ लेफ्ट बैंक ऑफ रिवर ब्यास बैरी इन पलाही फेस वन का कार्य दिसंबर, 2022 में पूरा कर लिया गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार को प्रश्नकाल में सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह द्वारा पूछे गए सवाल के जबाव में बोल रहे थे।

स्वावलंबन योजना में 4253 लाभार्थियों को 100 फीसदी सबसिडी

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 4253 लाभार्थियों को 100 फीसदी सबसिडी दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना अभी बंद नहीं होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार पहले इस योजना के तहत पुराने मामलों का निपटारा करेगी, उसके बाद नए आवेदनों में अनुदान देने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक विनोद कुमार, दीप राज, विवेक कुमार द्वारा पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए बोल रहे थे।

पंचायत चुनाव से पहले नहीं होगा नई पंचायतों का गठन

हिमाचल प्रदेश में दिसंबर में होने वाले पंचायती राज चुनाव से पहले नई पंचायतों का गठन नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी है। जबाव में यह भी कहा गया है कि इस बार पंचायत चुनाव में रोस्टर नए सिरे से होगा, लेकिन 600 से ज्यादा आवेदन नई पंचायत के लिए जो आए थे, उनके आधार पर कोई फैसलानहीं होगा। इसके साथ ही बताया गया कि पंचायत सचिवों को पुरानी पेंशन देने से संबंधित कोई भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

जिला परिषद काडर में पंचायत सचिवों को पदोन्नति नहीं

जिला परिषद काडर में कार्यरत पंचायत सचिवों को पदोन्नति का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। विधानसभा के मानूसन सत्र में धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जबाव में इसकी जानकारी दी गई है। जबाव में बताया कि सरकार द्वारा जिला परिषद् संवर्ग में कार्यरत पंचायत सचिवों को पदोन्नति और उनके आश्रितों के लिए करुणामूलक नौकरी का प्रावधान नहीं किया गया है, क्योंकि वर्तमान में जिला परिषद काडर के अधीन पंचायत सचिव संवर्ग से उच्च श्रेणी के गैर-तकनीकी पद सृजित नहीं हैं।

चंबा डीसी और एसपी भरमौर में तैनात, छोटे हेलिकॉप्टर से राहत

आपदा में अधिकारियों के फील्ड पर न जाने और सेटेलाइट फोन का मुद्दा उठाए जाने पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चंबा के एसपी और डीसी भरमौर में हैं। उन्होंने कहा कि डीसी और एसपी के भरमौर में फंसने से डीआईजी और डिविजनल कमिश्नर चंबा में हैं, जो वहां पर कार्यभार संभाले हुए हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि चंबा के अधिकारियों के पास तीन सेटेलाइट फोन है।उन्होंने बताया कि बड़ा हेलिकॉप्टर भरमौर में लैंड नहीं हो पा रहा है जिससे दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि छोटे हेलिकॉप्टर के जरिए कार्य किया जा रहा है।

: मणिमहेश यात्रा के संबंध में दिनांक 29 अगस्त 2025 को रात 8:00 बजे की स्थिति रिपोर्ट।

मणिमहेश यात्रा के संबंध में दिनांक 29 अगस्त 2025 को रात 8:00 बजे की स्थिति रिपोर्ट मंडलायुक्त कांगड़ा (मंडल कैंप चंबा) द्वारा मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार को भेज दी गई है, जिसके मुताबिक आज 29 अगस्त 2025 को लगभग 4000 तीर्थयात्री चम्बा से 14 किलोमीटर दूर कलसुईं पहुँचे और उन्हें कलसुईं से चम्बा और नूरपुर ले जाने के लिए 39 बसें तैनात की गईं। इसके अलावा तीर्थयात्रियों को चम्बा ले जाने के लिए 25 टैक्सियाँ भी तैनात की गईं । डीसी कांगड़ा से 40 अतिरिक्त बसों के लिए अनुरोध किया गया। चम्बा में 1000 लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी की गई। कलसुईं से राख तक की सड़क को भी साफ कर दिया गया है, लेकिन अभी बसें चलने लायक नहीं हैं।

तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ सात टीमें भी तैनात की गई हैं, जिनमें आपदा मित्र, होमगार्ड जवान, एनसीसी कैडेट, स्थानीय स्वयंसेवक, पुलिस कर्मी और नागरिक व अधिकारी शामिल हैं। कलसुईं, धरवाला और डखोग में तीन निःशुल्क लंगर चलाए गए हैं।

दुर्भाग्यवश, कुल दस लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें 05 तीर्थयात्री शामिल हैं और दो तीर्थयात्रियों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं और पठानकोट, पंजाब में उनके संबंधित घरों में भेज दिए गए हैं जिनके नाम अमन (उम्र 18 वर्ष) तथा रोहित (उम्र 18 वर्ष) हैं शेष 03 तीर्थयात्रियों के शवों के लिए परिवहन व्यवस्था कल मौसम की स्थिति के आधार पर की जा रही है। अन्य मृतक तीर्थ यात्रियों में अनमोल निवासी गुरदासपुर (पंजाब) दर्शना देवी निवासी चंबा हिमाचल प्रदेश, सागर भटनागर निवासी उत्तर प्रदेश तथा अन्य मृतकों में खजियार गेट के नजदीक बह जाने वाले चंबा हिमाचल प्रदेश के दो बच्चे, चंबा निवासी 33 वर्षीय कविता व 36 वर्षीय सुलोचना तथा तीसा जिला चंबा की रेखा देवी शामिल हैं।

: *मणिमहेश यात्रियों को पठानकोट तक मिलेगी फ्री बस की सुविधा, मंत्री नेगी ने दिए निर्देश*

राजस्व मंत्री ने चंबा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, लोगों को दिया मदद का भरोसा

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास, जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने श्री मणिमहेश यात्रा के श्रद्धालुओं को पठानकोट तक तत्काल प्रभाव से निशुल्क बस सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ में उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154 ए के अंतर्गत भरमौर-चंबा के बीच हल्के वाहनों के परिचालन वाले हिस्सों में टैक्सियों इत्यादि के माध्यम से भी निशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। जगत सिंह नेगी ने चंबा से भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग को युद्ध स्तर पर बहाल करने के लिए अधीक्षण अभियंता राष्ट्रीय उच्च मार्ग को विभिन्न स्थानों पर आवश्यक मशीनरी और सहायक उपकरण की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। मंत्री ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154-ए के अंतर्गत बकाणी पुल से उप मंडल भरमौर की ओर पैदल चलते हुए राख, बग्गा इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते सडक़ तथा लोगों की निजी संपत्तियों को हुए नुक्सान का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान वापस आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए उनसे फीडबैक ली तथा प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। राजस्व मंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि घायल श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से चंबा पहुंचाया जा रहा है।

जगत सिंह नेगी ने इससे पहले राष्ट्रीय उच्च मार्ग चक्की, चंबा, भरमौर 154 ए के अंतर्गत कटोरी बंगला से लेकर राख, बग्गा इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को दिशा. निर्देश दिए

: *फूट-फूट कर रोईं महिलाएं, मंत्री का काफिला रोक सुनाई आपदा की आपबीती*

उपमंडल डल्हौजी की मनोला पंचायत में बादल फटने से हुए नुक्सान को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई मदद न मिलने से नाराज महिलाओं ने पठानकोट-चम्बा-भरमौर एनएच पर गोली के पास राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी का काफिला रोक लिया। इस दौरान मदद की गुहार लगाते हुए महिलाओं के आंसू निकल आए और मंत्री के समक्ष फूट-फूट कर रो पड़ीं।

प्रभावित परिवारों की महिलाओं हंसो देवी, सुमन देवी, पिंकी देवी और पप्पी देवी ने बताया कि बादल फटने के कारण गांव के ज्यादातर घरों में दरारें आ गई हैं। लोगों के मकान धंस गए हैं, उपजाऊ जमीनें बर्बाद हो गई हैं। सभी संपर्क मार्ग टूट गए हैं, लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद अभी तक न कोई नेता मौके पर आया और न ही प्रशासन के किसी अधिकारी ने मौके का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने पर महिलाओं ने नाराजगी जताई। मनोला के लोगों को मंत्री जगत सिंह नेगी ने आश्वासन दिया, फिर लोगों ने उनके काफिले को चम्बा जाने दिया। बता दें कि राजस्व मंत्री चम्बा व भरमौर में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए पहुंचे हैं।

 

: *चंबा 29 अगस्त 2025,*

*लोक निर्माण मंत्री ने किया जिला चंबा में क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण*

*विभागीय अधिकारियों को दिए महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश,*

*न्यूनतम समय में सड़क मार्गों की बहाली सरकार की उच्च प्राथमिकता - विक्रमादित्य सिंह*

जिला चंबा में 23 से 26 अगस्त तक हुई भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों के निरीक्षण के लिए लोक मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जिला चंबा का दौरा किया। *इस अवसर पर उन्होंने पठानकोट चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य विभिन्न संपर्क सड़कों का निरीक्षण भी किया तथा क्षतिग्रस्त स्थलों पर विभागीय अधिकारियों को महत्त्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए।*

अपने दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हाल ही में 23 से 26 अगस्त तक पूरे प्रदेश हुई भारी वर्षा के कारण राज्य में भारी क्षति हुई है तथा जिला चंबा भी इसे अछूता नहीं है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि न्यूनतम समय में सड़क मार्गों की बहाली सरकार की उच्च प्राथमिकता है ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों मे यातायात सुविधा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा पठानकोट चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग को विभिन्न स्थानों पर हुई क्षति का विस्तृत निरीक्षण किया गया तथा इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिला के एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग को हुए भारी नुकसान के संबंध में विभागीय अधिकारियों को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग की नोडल एजेंसी के माध्यम से यथाशीघ्र बजट की उपलब्धता सुनिश्चित कर समस्या का दीर्घकालिक समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही क्षतिग्रस्त चंबा - भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग यथाशीघ्र बहाल हो। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जिला चंबा के ग्रामीण क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से निर्मित अनेक सड़कों को भी भारी क्षति हुई है जिसके विषय में जिला मुख्यालय चंबा में बैठक आयोजन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी तथा ग्रामीण सड़कों के लिए भी सरकार द्वारा विशेष बजट उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्षेत्र वासियों को आवाजाही की समस्या से न जूझना पड़े।

लोक निर्माण मंत्री ने पठानकोट चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा चंबा - खजियार तथा चंबा - साहू मार्ग का भी निरीक्षण उन्होंने परेल घार, मंगला तथा पलयूर में भारी बर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग का भी निरीक्षण किया।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक नीरज नैयर, पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विकास सूद व अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार सहित लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

: *चंबा उपायुक्त के खिलाफ एफआईआर की मांग पर वकीलों ने घेरी पुलिस चौकी*

चंबा। उपायुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को पुलिस चौकी का घेराव किया। *इस दौरान सदर थाना प्रभारी को घेर लिया, जब थाना प्रभारी ने उन्हें एफआईआर की कॉपी सौंपी तो उसे देख अधिवक्ता भड़क गए*। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर उनके कहे अनुसार नहीं लिखी गई है। न ही उपायुक्त के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके उपरांत उन्होंने थाना प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एक घंटे तक यह प्रदर्शन चलता रहा, उसके बाद भी जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो कुछ देर के लिए शहर की सड़क पर चक्का जाम कर दिया। चौकी प्रभारी के जाने के बाद अधिवक्ता फिर चौकी के अंदर पहुंचे और वहां पर कार्यरत स्टाफ से थाना प्रभारी के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उनके पास कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली, जिससे यह पता लग पाता कि थाना प्रभारी ड्यूटी पर कहां कार्य कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता वीरवार सुबह जब मणिमहेश यात्रियों की परेशानी का समाधान करने के लिए उपायुक्त से मिलने गए थे तो उसी दौरान उपायुक्त और उनके बीच विवाद हो गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि सीनियर अधिवक्ता के साथ उपायुक्त ने धक्का-मुक्की है। इसको लेकर उनके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। इसको लेकर उन्होंने उपायुक्त कार्यालय में काफी देर तक प्रदर्शन भी किया था। इसी मांग को लेकर शुक्रवार सुबह भी उन्होंने प्रदर्शन किया।

: आज सुबह अपनी यात्रा पर निकले थे शिव चेले भी वापिस लौटे

चंबा/भरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में इस समय प्रकृति का जो कहर बरस रहा है, उसने न केवल जन-जीवन को अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि सदियों से चली आ रही अटूट आस्था और परंपराओं को भी खंडित कर दिया है। इसका सबसे बड़ा और दुखद उदाहरण श्री Manimahesh Yatra में देखने को मिला, जहां इतिहास में पहली बार ‘डल तोड़ने’ की पवित्र रस्म पूरी नहीं हो सकी। हर साल की तरह इस बार भी राधा अष्टमी के पावन अवसर पर परंपरा के अनुसार संचुई गांव के शिव चेले (भगवान शिव के विशेष उपासक) पवित्र मणिमहेश डल झील को तोड़ने के लिए आज सुबह अपनी यात्रा पर निकले थे। उनकी आस्था और हौसले बुलंद थे, लेकिन प्रकृति के प्रकोप के आगे उन्हें झुकना पड़ा।

जैसे ही शिव चेलों का जत्था यात्रा के मुख्य पड़ाव हड़सर पहुंचा तो उन्हें वहां से आगे मणिमहेश की ओर जाने वाला पूरा रास्ता भूस्खलन और बाढ़ के कारण पूरी तरह से तबाह हो चुका था। जगह-जगह विशालकाय पत्थर और मलबा पड़ा था, और लगातार हो रही बारिश के कारण आगे बढ़ना जान जोखिम में डालने जैसा था। विकट परिस्थितियों को देखते हुए शिव चेलों ने यह निर्णय लिया कि वे आगे नहीं जा सकते, और वे वहीं से वापस भरमौर लौट गए।

: *चुराह उपमंडल बैरागढ़- देवीकोठी टेपा मार्ग, संतनाला में बादल फटा, पुली बही,*

*चुराह उपमंडल बैरागढ़- देवीकोठी, टेपा मार्ग,संतनाला नामक पहाड़ी पर बादल फटने के कारण तबाही एवं दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया जिसमें बैरागढ़, देवीकोठी, टेपा, सड़क मार्ग को जोड़ने वाला संतनाला पुली , सहित साथ सटा घराट दुकान कुछ दोपहिया वाहन तथा इसके अलावा मलवा तरवाई पुल तक पहुचते पहुचते अपने साथ 4-5 अन्य पुल तथा कुछ और घराट बहा कर ले गया जिसके चलते 2 पंचायतों टेपा,व देवीकोठी संपर्क शेष दुनियां से पूरी तरह से कट गया है। ऐसे में लोगों के सामान्य जीवन यापन संम्बधी सामग्री जुटाने का गहरा संकट खड़ा हो गया है।*

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