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दुनियाभर में वेश्यावृत्ति को लेकर अलग-अलग कानून और सामाजिक धारणाएं हैं. जहां कई देशों में इसे पूरी तरह अपराध माना जाता है, वहीं दुनिया के करीब 49 देश ऐसे भी हैं जिन्होंने इसे कानूनी मान्यता दे रखी है. इन देशों में सेक्स वर्क को एक पेशे के तौर पर देखा जाता है, जहां सरकारें लाइसेंस जारी करती हैं और नियम तय करती हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में एक मुस्लिम बहुल देश भी शामिल है, जहां बकायदा हलफनामा देकर महिलाएं इस काम से जुड़ती हैं. इन देशों में वेश्यावृत्ति के लिए आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन सुविधाओं का भी उपयोग किया जाता है.
बांग्लादेश में कानूनी मान्यता
मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद बांग्लादेश में सेक्स वर्क को कानूनी मान्यता प्राप्त है. सरकारी आंकड़ों और एनजीओ की रिपोर्ट के अनुसार, यहां लगभग 2 लाख महिलाएं इस पेशे से जुड़ी हुई हैं. हालांकि बांग्लादेश के संविधान में वेश्यावृत्ति पर अंकुश लगाने के कुछ प्रावधान जरूर हैं, लेकिन कानून के तहत लाइसेंस लेकर यह काम किया जा सकता है. यहां सरकार इच्छुक व्यक्तियों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अपनाती है, जिसके बाद उन्हें आधिकारिक लाइसेंस दिया जाता है.
जर्मनी में सामाजिक सुरक्षा और पेंशन
जर्मनी दुनिया का वह पहला देश था, जिसने सेक्स वर्क को कानूनी अधिकार दिया. यहां साल 1927 से ही सेक्स वर्कर्स के लिए लाइसेंस प्रणाली लागू है. जर्मनी का कानून इस पेशे से जुड़े लोगों को केवल काम करने की अनुमति ही नहीं देता, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करता है. यहां सेक्स वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा (इंश्योरेंस) की सुविधा मिलती है और वे भविष्य के लिए पेंशन के भी हकदार होते हैं. इसे एक विनियमित उद्योग की तरह संचालित किया जाता है.
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ऑस्ट्रिया में उम्र और टैक्स की शर्त
ऑस्ट्रिया में भी सेक्स वर्क को वैध दर्जा मिला हुआ है, लेकिन यहां के नियम काफी सख्त हैं. इस पेशे में प्रवेश करने के लिए महिला की न्यूनतम आयु 19 वर्ष होनी अनिवार्य है. सरकार उनके स्वास्थ्य की नियमित देखरेख सुनिश्चित करती है, ताकि संक्रमण के खतरों को कम किया जा सके. इसके अलावा, ऑस्ट्रिया में सेक्स वर्कर्स को अपनी कमाई पर सरकार को टैक्स देना पड़ता है. यह देश इस पेशे को आर्थिक गतिविधि के रूप में देखता है और इसके लिए बाकायदा नियमन करता है.
नीदरलैंड और बेल्जियम का अलग अंदाज
नीदरलैंड का शहर एम्स्टर्डम पूरी दुनिया में अपने रेड लाइट एरिया और खुलेपन के लिए प्रसिद्ध है. यहां सेक्स वर्क को सामाजिक तौर पर स्वीकार किया जाता है और सरकार इसके संचालन के लिए स्पष्ट नियम बनाती है. वहीं बेल्जियम में सेक्स वर्क को एक आर्ट या कला के रूप में देखा जाता है. वहां की सरकार इसके लिए लाइसेंस जारी करती है. ऑस्ट्रेलिया में भी इसे लेकर अलग-अलग प्रांतों में भिन्न कानून हैं, जिनमें से कुछ इसे पूरी तरह वैध मानते हैं.
भारत में वेश्यावृत्ति और कानूनी स्थिति
भारत के संदर्भ में कानून थोड़ा अलग है. भारत में व्यक्तिगत रूप से वेश्यावृत्ति करना अवैध नहीं है, लेकिन इसके इर्द-गिर्द होने वाली अन्य गतिविधियां कानून के दायरे में आती हैं. जैसे कि वेश्यालय (कोठा) चलाना, दलाली करना, सार्वजनिक स्थानों पर ग्राहकों को बुलाना और चाइल्ड प्रॉस्टीट्यूशन पूरी तरह गैरकानूनी है. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कई बार स्पष्ट किया है कि इस पेशे में शामिल लोगों को भी गरिमा, सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का पूरा संवैधानिक अधिकार है.
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