किशनगंज सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ी:बिहार के कई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जज चैंबर-वॉशरूम में RDX लगाने का दावा

Feb 9, 2026 - 17:34
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किशनगंज सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ी:बिहार के कई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जज चैंबर-वॉशरूम में RDX लगाने का दावा
बिहार के कई सिविल कोर्टों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। पटना, पटना सिटी, भागलपुर, औरंगाबाद सिविल कोर्ट और औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अनुमंडल कोर्ट को ईमेल के जरिए धमकी भरा संदेश मिला। इन संदेशों में जज चैंबर और वॉशरूम में 4 RDX लगाए जाने का दावा किया गया था, जिसे रिमोट से ब्लास्ट करने की चेतावनी दी गई। यह धमकी सिविल कोर्ट प्रशासन और जिला बार एसोसिएशन के नाम भेजी गई थी। धमकी मिलने के बाद इन कोर्ट परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। कई जगहों पर परिसर खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ये धमकियां फर्जी साबित हुईं। सुरक्षा जांच से जुड़ी तस्वीरें… गेट नंबर 2 से आम लोग प्रवेश करते इसी कड़ी में किशनगंज व्यवहार न्यायालय को भी ईमेल से ऐसी ही धमकी मिली थी। इसके बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा पुख्ता की गई है। किशनगंज कोर्ट परिसर में दो मुख्य प्रवेश द्वार हैं। गेट नंबर 1 से केवल जज, वकील, मुंशी और पुलिस को प्रवेश की अनुमति है, जबकि गेट नंबर 2 से आम लोग प्रवेश करते हैं। प्रवेश द्वारों पर पुलिस पदाधिकारी तैनात हैं, जो हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच करते हैं। आधार कार्ड या अन्य आईडी से फोन नंबर और पता रजिस्टर में दर्ज करने के बाद ही प्रवेश मिलता है। रोजाना 500 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है। वाहन को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं कोर्ट कर्मी, सुरक्षा कर्मी और अधिवक्ताओं के अलावा किसी के भी वाहन को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। सभी वाहन बाहर पार्किंग में ही खड़े होते हैं। कोर्ट परिसर 15 फीट ऊंची दीवार से घिरा है, जिसमें कटीले तार भी लगे हैं। एसडीपीओ गौतम कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था का नियमित मुआयना किया जाता है। वे खुद परिसर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और कोर्ट सुचारु रूप से चल रहा है। वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था निरंतर जारी रहनी चाहिए बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव जय किशन प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था निरंतर जारी रहनी चाहिए। अपरिचितों की जांच जरूरी है और अधिवक्ता इसमें सहयोग कर रहे हैं। अधिवक्ता इरशाद हयात ने भी सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बताया और सहयोग का भरोसा जताया। उल्लेखनीय है कि बिहार के विभिन्न कोर्टों में समय-समय पर ऐसी धमकियां मिलती रही हैं।

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