आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ *विक्रमादित्य सिंह और डॉ. अमरीन कौर की शादी कल यानी 22 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ में होने जा रही है। विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री हैं और यह उनकी दूसरी शादी होगी।*
जीएसटी परिषद द्वारा कल से लागू किए जा रहे नए टैक्स रेट्स के बीच, मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर कोई बदलाव नहीं होगा. यानी इन प्रोडक्ट्स पर अब भी 18 प्रतिशत जीएसटी ही लगेगा और इस कारण इनके दाम में कोई कटौती नहीं आएगी.
TRNDKB: *पंजाब हरियाणा बैकफुट पर; शानन प्रोजेक्ट पर अब फैसले की घड़ी, केंद्र ने दायर किया अपना जवाब*
कल होगी सुनवाई
अफसर दिल्ली दौड़े, हिमाचल की ओर से पेश होंगे कपिल सिब्बलu
हिमाचल प्रदेश के तर्क का जवाब नहीं दे पाया पंजाब, हरियाणा बैकफुट पर
मंडी जिला के जोगिंद्रनगर स्थित शानन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही लड़ाई के मामले में अब फैसले की घड़ी नजदीक है। उच्चतम न्यायालय में इस मामले की सुनवाई सोमवार यानी 22 सितंबर को होगी। इस कारण हिमाचल सरकार के अफसर दिल्ली चले गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल सरकार की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, विनय कुठियाला, एडवोकेट जनरल अनुप रतन और एडिशनल एडवोकेट जनरल वैभव श्रीवास्तव पेश हो रहे हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से अपना जवाब दायर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई, 2025 को केंद्र सरकार को हलफनामा दायर करने को कहा था। इसमें केंद्र सरकार ने कुल 28 डॉक्यूमेंट में से 10 डॉक्यूमेंट को खारिज किया है, जबकि 16 डॉक्यूमेंट को एडमिट किया है। इसमें हिमाचल सरकार की ओर से 26 अगस्त, 2021 को दिए गए रिप्रेजेंटेशन को भी एडमिट कर लिया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। इससे पहले हिमाचल सरकार की ओर से दिए गए तर्क का पंजाब कोई जवाब नहीं दे पाया था, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा को इस केस में जोडऩे की कोशिश भी नाकाम हो गई थी।
इस विवाद में तीसरे राज्य के तौर पर हरियाणा ने कूदने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की याचिका को खारिज कर दिया था। अब इस केस में हिमाचल और पंजाब के बीच ही एडमिशन और डिनाइल को लेकर बहस होगी। इस केस में हिमाचल ने जो तर्क रखा है, उसका जवाब पंजाब नहीं दे पाया है। मंडी के राजा और केंद्र सरकार के बीच लीज की अवधि खत्म होने के बाद हिमाचल सरकार ने इस प्रोजेक्ट को वापस लौटने को कहा था। इसके खिलाफ पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई है और तर्क दिया है कि शानन प्रोजेक्ट पंजाब रि-ऑर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत मिला था, इसलिए यह सिर्फ लीज से गवर्न नहीं हो सकता। हिमाचल सरकार ने पंजाब सरकार की याचिका के आधार को ही रद्द करने का आवेदन डाल दिया था। हिमाचल ने क्लेम किया है कि शानन पावर प्रोजेक्ट का एरिया पंजाब से ट्रांसफर हुई टेरिटरी में नहीं आता, इसलिए इस क्षेत्र में पंजाब री-ऑर्गेनाइजेशन एक्ट लागू नहीं होगा। इसी एक्ट के आधार पर पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में संविधान के 131वें अनुच्छेद के तहत याचिका दायर की थी। हिमाचल सरकार ने सिविल प्रोसीजर कोड के आर्डर 07 रूल 11 के तहत पंजाब की इस याचिका के औचित्य पर सवाल उठाए थे। हिमाचल ने कहा कि यह विवाद इंटर स्टेट झगड़ा नहीं है। हरियाणा ने भी यही तर्क देते हुए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दिया था कि वह पंजाब रि-ऑर्गेनाइजेशन एक्ट का हिस्सा रहा है, इसलिए उनकी बात भी इस विवाद में सुनी जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया था। अब इस केस में केंद्र सरकार का स्टैंड महत्त्वपूर्ण होगा। 110 मेगावाट का यह बिजली प्रोजेक्ट हिमाचल सरकार वापस चाहती है, पंजाब की लीज अवधि खत्म हो गई है।
TRNDKB: *हिमाचल में तबा*ही के बीच चमत्कार, 48 साल बाद सिसकते पहाड़ों को मिला आशीर्वाद*
हिमाचल की धरती पर भोलेनाथ ने दिखाया चमत्कार
48 साल बाद दुधला पहाड़ी से निकली दूध की धारा
सुलाह के बाबा बर्फानी मंदिर तक पहुंच रही धारा
वैज्ञानिकों के लिए रहस्य, श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र
पहाड़ी से अचानक फूट पड़ी दूध की धारा
भयंकर तबाही के बीच देवभूमि में घटित हुए रहस्यमयी घटना
लोग बोले- यह भोलेनाथ का चमत्कार, वहीं वैज्ञानिकों के लिए बना जांच का विषय
आखिर सुलाह की पहाड़ी से बहती दुग्ध धारा की क्या है सच्चाई, देखिए इस रिपोर्ट में
हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों ऐसी तबाही बरसी कि सब तहस-नहस हो गया। कहा जाने लगा कि देवभूमि से देवता ही नाराज हो गए हैं। आए दिन नई विपदा और भारी नुकसान, लेकिन जब हिमाचल टूट रहा था बिखर रहा था तभी यहां की पावन धरती पर एक ऐसी घटना घटी, जिसने फिर ये साबित कर दिया कि हिमाचल प्रदेश को यूं ही नहीं देवभूमि कहा जाता। यहां हर कदम पर चमत्कार लोगों की आस्था को और देवी-देवताओं पर मजबूत कर देते हैं। 48 साल बाद फिर वो चमत्कार हुआ जिसने लोगों के कदम दुधला पहाड़ी की और मोड़ दिए।
अब तक आप समझ गए होंगे कि मैं किस बारे में बात कर रही हूं और अगर नहीं समझे तो चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं कि आखिर हुआ क्या दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियों वायरल हो रहा है जो आपने भी देखा होगा। जहां पहाड़ी से दूध की धारा बह रही है। ये तस्वीर है कांगड़ा जिले के सुलाह विधानसभा क्षेत्र की पंचायत चांदड़ बमियाल की। जहां ऊंची पहाड़ी से दूध की धारा बह रही है और वह धारा पहाड़ी के नीचे स्थित पुराणिक बाबा बर्फानी मंदिर में महादेव का स्नान करवाती है। कहते हैं कई बुजुर्गों ने सुना था, कि यहां कभी दूध की धाराएं बहती थी मगर बदलते वक्त के साथ अब देखने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन 48 साल बाद फिर वही दृश्य लौटा—सुलह की दुधला पहाड़ी से दूध की धारा बहती हुई बाबा बर्फानी नाथ मंदिर तक पहुंची। इस नजारे को देखकर ग्रामीणों की आंखें भर आईं और दिल श्रद्धा से झुक गया। इससे पहले 1978 में यहां इसी तरह से दूध की धारा बहने लगी थी। मगर अब ये तस्वीर बार है जब यहां के लोग इस घटना के गवाह बने हैं. रोजाना सैकड़ों लोग यहां पहुंच रहे हैं। इस चमत्कार को अपनी आंखों से देखने के लिए ऐसे में दिव्य हिमाचल संवाददाता साहिल कुमार ने भी इस यादगार पल को न केवल कैमरा में कैद किया बल्कि लोगों से बातचीत भी की- देखिए साहिल कुमार की ये खास रिपोर्ट
तो देखिए स्थानों लोगों के लिए ये दूध की धारा आस्था की विषय बन चुकी है। हालांकि अब आप सोच रहे होंगे की आखिर इस स्थान पर ही बार बार ऐसा क्यों हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोककथाओं में इस जगह से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग भी प्रचलित है। बताया जाता है कि पास के कलेहड़ गांव में एक व्यक्ति ने गाय पाल रखी थी। रोज़ाना गाय चरने के लिए निकल जाती थी, लेकिन घर लौटने पर उसके थनों में दूध नहीं होता था। ऐसे में परेशान मालिक ने गाय को जंजीरों से बांध दिया, लेकिन वह हर बार जंजीर तोडक़र दुधला पहाड़ी पहुंच जाती..जांच करने पर पता चला कि गाय यहां आकर नाग देवता को दूध पिलाती थी, और उसी स्थल पर शिव मंदिर भी मौजूद था। तभी से इस जगह को लोग पवित्र मानते आए हैं।
इन दिनों भी रास्ता न होने के बावजूद भी पैदसल काफी चढ़ाई चढने के बाद रोजाना इस दूध की जलधारा को देखने व दर्शन करने के लिए सैकड़ों लोग यहां पहुंच रहे हैं। और यहां पर आकर माथा टेक रहे हैं। आसपास के इलाके की साफ-सफाई कर रहे हैं। ऐसे में अब इस चमत्कार के बाद यहां की स्थानी प्रधान ने भी सरकार से एक मांग की है। आइए सुनाते हैं उनका क्या कहना रहा है।
तो कुल मिलाकर देखा जाए तो लोग इसे भोलेनाथ का चमत्कार मान रहे हैं, भक्तों के लिए ये आस्था का विषय है तो वैज्ञानिकों के लिए यह एक रहस्य है। अब इसके पीछे पूरी सच्चाई क्या है इसका पता तो शोधकर्ताओं की और से जांच करने के बाद ही चलेगा कि यह पहाड़ी से निकल रही यह धारा दूध ही है या फिर कोई और तरल पदार्थ लेकिन जो भी हो फिलहाल ये लोगों के लिए श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। भक्तों का मानना है कि यह धारा शिव शक्ति का आशीर्वाद है और इसे देखना जीवन का सौभाग्य है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देवभूमि हिमाचल में ईश्वर की शक्ति आज भी हर किसी को अपने चमत्कार से चकित करती रहती है।
TRNDKB: *Himachal Weather : प्रदेश में मानसून से राहत के आसार, दो एनएच सहित 373 सडक़ें अभी भी बंद*
मानसून से राज्य को 4762 करोड़ का नुकसान
430 लोगों की जान गई 46 अभी लापता
145 पेयजल योजनाएं 43 ट्रांसफार्मर ठप
प्रदेश में मानसून में इस साल आफत की बारिश से लोगों को गहरे जख्म दे दिए हैं। प्रदेश का नुकसान 4762 करोड़ पहुंच गया है और यह आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है। इसकी भरपाई करने के लिए भी प्रदेश सरकार काम कर रही है। अभी तक प्र्रदेशवासियों को कोई राहत नहीं मिल पाई है। वहीं इस मानसून में मौत का आंकड़ा भी 145 पहुंच गया है। इसमें कुछ लोग लैंडस्लाइड में दब गए हैं और कई लोगों के भयानक हादसे हुए हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में 46 लोग लापता ही हैं। इन्हें ढूंढा जा रहा है, लेकिन कोई सुराग न मिलने से परिवारजन परेशान हो गए हैं। राज्य में अभी भी दो एनएच सहित 373 सडक़ें बंद पड़ी हैं। हालांकि पिछले 24 घंटों में लोक निर्माण विभाग ने 49 सडक़ों को बहाल कर दिया है। इन सडक़ों के बंद होने के कारण बागबानों के सेब बागीचों में ही फंस गए हैं। किसानों की फसल भी खेतों ही ही नष्ट हो रही है।
सडक़ों के बंद होने के कारण किसानों और बागबानों का नुकसान भी करोड़ों में पहुंच गया है। सडक़ों की बात करें, तो बिलासपुर में 14, चंबा में 17, हमीरपुर में 6, कांगड़ा में 34, किनौर में 4, कुल्लु में एनएच 3 के साथ 109, मंडी में 128, शिमला में 25, सिरमौर में 10, सोलन में 13 और ऊना में एनएच 503 के साथ अभी भी 13 सडक़ें बंद पड़ी हैं। प्रदेश में 145 पेयजल स्कीमें बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों को दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से पीने के पानी की सप्लाई नहीं मिल पाई है। रोड बंद होने से गाडिय़ों से भी पानी ग्रामीणों को नहीं पहुंच सकता है। आलम यह है कि लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं पशुपालकों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो गई है। पशुओं के लिए भी पूरा दिन पानी प्राकृतिक स्रोतों से ही लाना पड़ रहा है। हालांकि जल शक्ति विभाग ने पूरे प्रदेश की 40 स्कीमों को दुरुस्त कर दिया है और अन्य स्कीमों को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। इसमें चंबा में 11, हमीरपुर में 9, कांगड़ा में 9, मंडी में 83, शिमला में 27 और सोलन में 6 पेयजल स्कीमें बंद पड़ी हैं। वहीं बिजली ट्रांसफर्मरों की हालत भी पूरे प्रदेश में खस्ता है। कई हफ्तों से लोगों को अंधेरे में ही रात गुजारनी पड़ रही है। अपने मोबाईल फोन चार्ज करने के लिए भी लोगों को शहर का रुख करना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पूरे प्रदेश में 43 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इसमें चंबा में 17, कुल्लू में 12, मंडी में 11, और शिमला में 3 ट्रांसफार्मर ठप हैं। हालांकि कुछक क्षेत्रों में बिजली बोर्ड ने अन्य लाइनों से ग्रामीणों को सप्लाई दी है।
मौसम का मिजाज बदला, कोई अलर्ट नहीं
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार अब करवट बदल रहा है। रविवार से मौसम की कोई भी चेतावनी मौसम विभाग की ओर से नहीं दी गई है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 24 से 26 सितंबर को प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है। इस दौरान हल्की बारिश हो सकती है। वहीं रविवार को प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि सभी जिलों में बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। पिछले 24 घंटों में सबसे कम तापमान केलांग में 6.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे ज्यादा तापमान पांवटा साहिब में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अगले तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है। हालांकि 24 से 26 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल 21 सितंबर को पहाड़ों पर घूमने का अच्छा मौका है, क्योंकि मौसम साफ और सुहाना रहने वाला है।
TRNDKB: *छह दशकों की सेवा के बाद 26 सितंबर को रिटायर हो जाएगा MIG-21, इन युद्धों में लहराया अपना परचम*
1971 युद्ध, कारगिल और कई मिशनों में अहम भूमिका निभाई, एलसीए तेजस लेगा जगह
62 साल सेवा के बाद 26 सितंबर को भारतीय वायुसेना से मिग-21 विमान रिटायर हो रहा है। यह भारत का पहला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान था, जिसने 1971 युद्ध, कारगिल और कई मिशनों में अहम भूमिका निभाई। अब इसकी जगह तेजस हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) मार्क 1ए को शामिल किया जाएगा। मिग-21 के रिटायर होने के साथ भारतीय वायुसेना ने भारतीय सैन्य विमानन में एक ऐतिहासिक अध्याय को बंद कर रही है।
यह विमान अपने पीछे बेजोड़ सेवा और एक ऐसी विरासत छोड़ रहा है, जिसे भारत द्वारा लड़ाकू विमानों की नई पीढ़ी में बदलाव के दौरान याद रखा जाएगा। चंडीगढ़ एयरबेस में फाइटर जेट को विदाई दी जाएगी। इसके बाद विमान की सेवाएं आधिकारिक तौर पर खत्म हो जाएंगी। मिग-21 जेट 1963 में पहली बार भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। यह भारत का पहला सुपरसोनिक जेट था यानी ये आवाज की गति (332 मीटर प्रति सेकंड) से तेज उड़ सकता है। भारतीय वायुसेना मिग-21 की जगह तेजस हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) मार्क 1ए को शामिल कर सकती है।
60 साल में 500 से ज्यादा विमान क्रैश
मिग-21 की कहानी में हादसे एक काला अध्याय भी है। 1963 में ही पहले साल दो मिग-21 गिरे। आंकड़ों के मुताबिक, 60 सालों में 500 से ज्यादा मिग-21 कै्रश हुए, जिनमें 170 से ज्यादा पायलट शहीद हुए। 1970 से अब तक 170 पायलट और 40 नागरिकों को मिग-21 के हादसों की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी। 400 से ज्यादा क्रैश सिर्फ 1971-2022 के बीच हुए थे। मिग-21 के लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने इसे रिटायर करने का फैसला ले लिया। भारत ने 900 मिग-21 फाइटर जेट खरीदे थे। इनमें से 660 हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने देश में ही बनाए। इस समय भारतीय वायुसेना के बेड़े में सिर्फ 36 मिग-21 फाइटर जेट ही बचे हैं। इसने कई दशकों तक बेहतरीन सेवा दी।
TRNDKB: *H-1B वीजा अब कोसों दूर, ट्रंप का एक और फैसला, चुकाने होंगे 88 लाख रुपए*
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत कंपनियों द्वारा एच-1बी आवेदकों को प्रायोजित करने के लिए भुगतान की जाने वाली राशि को बढ़ाकर एक लाख अमरीकी डॉलर कर दिया गया है, जो कि भारतीय करेंसी के रूप में लगभग 88 लाख रुपए बनते हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमरीका उन उच्च कुशल प्रतिभाओं को लाएं, जिनकी जगह अमरीकी कर्मचारी नहीं ले सकते। घोषणा में कहा गया है कि कार्यक्रम के व्यवस्थित दुरुपयोग के माध्यम से अमरीकी कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर प्रतिस्थापन ने हमारी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों को कमजोर किया है। इस आदेश के अनुसार विशेष व्यवसायों में काम करने के लिए एच-1बी वीज़ा धारक विदेशी नागरिकों का अमरीका में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, सिवाय उन आवेदकों के जिनकी याचिकाओं में उनके नियोक्ता द्वारा छह अंकों का भुगतान शामिल है।
यह प्रवेश प्रतिबंध उन विदेशी नागरिकों पर लागू होगा, जो घोषणा की तिथि, 21 सितंबर के बाद अमरीका में प्रवेश कर रहे हैं या प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं। कंपनियां आमतौर पर एच-1बी वीजा के लिए कई हज़ार डॉलर का भुगतान करती हैं। इस नवीनतम नीति से कंपनियों के लिए विदेशी प्रतिभाओं को नियुक्त करने की लागत में भारी वृद्धि होगी। अमरीकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं के आंकड़ों के अनुसार, नए एच-1बी वीज़ा के लिए वार्षिक सीमा 85,000 है। शुक्रवार दोपहर व्हाइट हाउस में घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि कंपनियां नया शुल्क नहीं देना चाहेंगी और अमरीकियों को नियुक्त करने से यह संभव हो जाएगा। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह अमरीकियों को नियुक्त करने के लिए एक प्रोत्साहन है।
इस अवसर पर उपस्थित अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि कंपनी को यह तय करना होगा कि क्या वह व्यक्ति इतना मूल्यवान है कि वह सरकार को सालाना एक लाख डॉलर का भुगतान कर सके? या उन्हें स्वदेश जाकर किसी अमरीकी को नियुक्त करना चाहिए? अमरीकी मीडिया ने कहा कि यह भारी शुल्क अमेजऩ, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी तकनीकी दिग्गजों को प्रभावित करेगा, जो लंबे समय से सॉफ्टवेयर डिवेलपर्स सहित विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम पर निर्भर हैं। सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार यह योजना अमरीकी कंपनियों को खासकर अनुसंधान और विकास जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में विदेशों में नौकरियां स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित करके उलटा असर डाल सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय छात्र अमरीका में पढ़ाई करने से और भी हतोत्साहित हो सकते हैं।
TRNDKB: *फार्मा कंपनियों पर संकट; 5 हजार इकाइयां बंद होने के कगार पर, केंद्र सरकार जल्द उठाए कदम*
केंद्र की कठोर नीतियों पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण ने उठाई आवाज
देश की दवा निर्माण व्यवस्था की रीढ़ कही जाने वाली छोटी और मझोली दवा निर्माता इकाइयां आज अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही हैं। केंद्र सरकार की कठोर नीतियों और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की हालिया सख्त कार्रवाइयों ने इन इकाइयों को बंदी की स्थिति तक पहुंचा दिया है। इसी को लेकर ज्वॉइंट फोरम ऑफ फार्मास्यूटिकल एमएसएमई ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को विस्तृत ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
फोरम ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने राहत नहीं दी तो आने वाले महीनों में लगभग चार से पांच हजार इकाइयां बंद होने की नौबत में पहुंच जाएंगी, जिससे न केवल किफायती दवाओं का उत्पादन ठप होगा बल्कि भारत का दुनिया की फार्मेसी के रूप में मिला गौरव भी संकट में पड़ सकता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बीते वर्षों में जीएसटी सुधार और अन्य योजनाओं से उद्योग को आत्मविश्वास दिया और छोटे निर्माताओं ने गुणवत्ता सुधार में निवेश भी किया, लेकिन अब सीडीएससीओ की नीतियां बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े उद्योगों के हित में और छोटे निर्माताओं के खिलाफ काम कर रही हैं। सबसे गंभीर समस्या पहली जनवरी, 2026 से लागू होने वाले रीवाइज्ड शेड्यूल एम मानकों को लेकर है, जिनका पालन भारी निवेश किए बिना संभव नहीं है और मौजूदा कर्ज बोझ में डूबी इकाइयां इसे वहन नहीं कर सकतीं, इसलिए मांग की गई है कि 50 करोड़ रुपए से कम वार्षिक टर्नओवर वाली इकाइयों को कम से कम पहली अप्रैल, 2027 तक मोहलत दी जाए।
फोरम ने भेदभाव का जड़ा आरोप
फोरम ने यह भी आरोप लगाया है कि रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जहां छोटे उद्योगों को सिलेक्टिव तरीके से निशाना बनाया जाता है, जबकि बड़ी कंपनियों की ओर से अमरीका और अन्य देशों में हर महीने दवाओं की रिकॉल रिपोर्ट आने के बावजूद उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। एक और बड़ा संकट बायो इक्विवेलेंस अध्ययन को लेकर है, जिसे दशकों से प्रमाणित दवाओं पर भी अनिवार्य कर दिया है और जिसकी लागत प्रति दवा 25 से 50 लाख रुपए है, जो छोटे उद्योगों के लिए मौत का फरमान है।
एक मंच पर आई 21 एसोसिएशन
इस जवलंत मुद्दे को लेकर देशभर की 21 से अधिक प्रमुख एसोसिएशनों ने संयुक्त मंच बनाया हैं, जिनमें सीआईपीआईए फोप, एसएमपीएमए, एचडीएम (बद्दी), एचपीएम (हरियाणा), केपीडीएमए (कर्नाटक), पीएमएटी (तमिलनाडु), डीएमएमए (गुजरात), एमपीपीएमओ (मध्यप्रदेश), आरपीएमए (राजस्थान), ओडीएमए (ओडिशा) और वीडीएमए (विदर्भ) सहित अन्य शामिल हैं।
फार्मा सेक्टर के अस्तित्व के लिए केंद्र सरकार जल्द उठाए कदम
हिमाचल दवा निर्माता संघ के प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है, किंतु इसके लिए केंद्र सरकार का सहयोग और कम से कम दस वर्षों का स्पष्ट रोडमैप आवश्यक है, क्योंकि नियमों को इतना कठोर बनाकर छोटे उद्योगों को समाप्त करना देश के स्वास्थ्य तंत्र और आने वाली पीढिय़ों दोनों के लिए घातक होगा।
TRNDKB: *प्रदेश के शक्तिपीठों में नवरात्र मेले कल से; फूल-रोशनी से सजे मां के दरबार, 1100 सुरक्षा कर्मचारी तैनात*
ड्रोन से भी निगरानी
प्रदेश के पांच शक्तिपीठों चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, नयनादेवी, बजे्रश्वरी देवी और चामुंडा देवी मंदिर में सोमवार से शुरू हो रहे अश्विन नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस का पहरा रहेगा। शक्तिपीठों में 22 सितंबर से पहली अक्तूबर तक अश्विन नवरात्र मेले का आयोजन किया जाएगा। नवरात्र मेले के दौरान पुलिस टीमें सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से भी निगाह रखेंगी। मंदिरों को फूलों-लाइटों से सजाया गया है। इसके अलावा माल वाहक वाहनों में सवारियां लाने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। ढोल-नगाड़े, चिमटा, लाउड स्पीकर आदि बजाने और प्लास्टिक व थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शक्तिपीठों की सुरक्षा में आईआरबीएन सहित जिला पुलिस और होमगार्ड जवानों समेत करीब 1100 जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा कमांडो और क्यूआरटी की टीम तैनात की गई है।
चिंतपूर्णी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले के लिए 350 पुलिस जवान और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। एएसपी ऊना संजीव भाटिया व एएसपी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र को सात सेक्टर में बांटा गया है। अश्विन नवरात्र मेले के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन से निगाह रखी जाएगी। वहीं, एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि नयनादेवी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले के लिए में पुलिस और होमगार्ड के 450 जवान तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र को नौ सेक्टर में बांटा गया है। डीएसपी नयनादेवी विक्रांत को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। ज्वालाजी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले के लिए में पुलिस-होमगार्ड के 100 जवान तैनात किए गए हैं। एसपी देहरा मयंक चौधरी ने बताया कि मेला क्षेत्र को छह सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन से निगाह रखी जाएगी। इसके आलावा बजे्रश्वरी देवी मंदिर और चामुंडा देवी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले के लिए सुरक्षा के लिए 200 पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। डीआईजी सौम्या सांबशिवन का कहना है कि शक्तिपीठों में अश्विन नवरात्र मेले के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठों में सीसीटीवी और ड्रोन से हर गतिविधि पर पुलिस पैनी निगाह रखेगी। (एचडीएम)
TRNDKB: *सोशल मीडिया पर हिमाचल नंबर वन, 11,775 फ़ॉलोअर्स का लक्ष्य निर्धारित*
फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स पर 11,775 फ़ॉलोअर्स का लक्ष्य निर्धारित
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की समीक्षा बैठक में खुलासा, मुंबई दूसरे स्थान पर
राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के रेड रिबन क्लब (आरआरसी) ने हिमाचल प्रदेश को प्रथम फेज़ में प्रथम स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि हाल ही में आयोजित नाको (राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन) की समीक्षा बैठक में साझा की गई है। नाको द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश ने कुल 1120 फ़ॉलोअर्स प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया है। इनमें से अकेले 983 फॉलोअर्स राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर आरआरसी के छात्रों द्वारा जोड़े गए जो कि सबसे बड़ा व्यक्तिगत योगदान है। वहीं दूसरे स्थान पर मुंबई रहा, जहां से कुल 1100 फ़ॉलोअर्स प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर मध्यप्रदेश रहा है जहां से मात्र 224 फॉलोअर्स मिले।
राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डा. पीएस कटवाल ने कहा कि 30 सितंबर 2025 के बाद नाको के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक द्वारा सभी राज्यों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। नाको के प्रत्येक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब और एक्स पर 11,775 फ़ॉलोअर्स का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में बिलासपुर आरआरसी का योगदान प्रदेश को न केवल लक्ष्य तक पहुंचाने बल्कि उसे पार करने में भी मदद करेगा। इस अवसर पर कालेज के वाइस प्रिंसीपल प्रो. प्रेमजीत और प्रो. प्रेमजीत, प्रो. रंजीत, डा. रितु शर्मा, डा. भूमेंद्र जसवाल और डा. विजय ने कालेज की नोडल अधिकारी और सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
सहयोग करते रहेंगे
रेड रिबन क्लब की नोडल अधिकारी डा. सोनिया राठौर ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों ने जिस समर्पण और उत्साह से इस अभियान में भाग लिया, वह प्रेरणादायक है। आने वाले समय में भी इसी तरह का सहयोग और प्रदर्शन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
छात्रों ने रोशन किया नाम
प्राचार्य डा. पीएस कटवाल ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि हमारे विद्यार्थियों के परिश्रम और जागरूकता का परिणाम है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
TRNDKB: *ग्रामसभा में चेक करें पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट, कल से इस डेट तक तक होंगी ग्राम सभाएं*
मतदाता सूची ड्रॉफ्ट में जुड़ेंगे नए नाम, कई हटेंगे
यदि आप इस साल होने वाले पंचायती राज चुनाव में वोट करना चाहते हैं, तो अपना नाम पंचायत की वोटर लिस्ट में जरूर चेक करें। यह वोटर लिस्ट सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह में होने वाली ग्राम सभाओं में दिखाई जाएगी। सभी पंचायत को ड्राफ्ट भेजे गए हैं। 22 से 26 सितंबर के बीच होने वाली ग्राम सभा में इस ड्राफ्ट पर चर्चा होगी। जिनके नाम छूट गए हैं वह जोड़े जा सकते हैं। मृत्यु होने या शादी होने के कारण नाम हटाए भी जाएंगे। हिमाचल में पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों पर सोमवार से पंचायतों में ग्रामसभाएं और नगर निकायों में मीटिंग शुरू हो गई हैं। 26 सितंबर तक सभी पंचायतों और निकायों में ग्रामसभाएं और मीटिंग हर हाल में करने के निर्देश दिए गए हैं।
इनमें वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट को रखा जाएगा। पंचायत के लोग ग्रामसभा में आकर देख सकेंगे कि वोटर लिस्ट में अपना नाम देख सकेंगे। यदि किसी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, तो ग्रामसभा में अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। इलेक्शन कमीशन ने ग्रामसभा और निकाय मीटिंग को लेकर सचिव पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग और सचिव शहरी विकास विभाग को पत्र लिखा है।इस बार राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वही वोटर लिस्ट ली है, जिसका इस्तेमाल विधानसभा या लोकसभा चुनाव में होता है।
ग्रामसभाओं में उपस्थित रहेंगे पंचायत सचिव
राज्य चुनाव आयोग ने यह साफ निर्देश दे रखे हैं कि इन ग्रामसभाओं की मीटिंग में पंचायत सचिव को हर हाल में उपस्थित रहना है। इस प्रक्रिया के बाद ग्रामसभा और शहरी निकाय की मीटिंग होने के बाद दस अक्तूूबर तक इलेक्शन कमीशन वोटर लिस्ट के ड्रॉफ्ट रोल को प्रकाशित करेगा, ताकि लोग कमीशन के ड्रॉफ्ट रोल पर अपने आपत्ति एवं सुझाव दे सकें।
प्रदेश की 3577 पंचायतों में होंगे चुनाव
22 सितंबर को पंचायतों को इलेक्शन मेटीरियल भी बांटा जाएगा। बैलेट पेपर को छोडक़र सभी प्रकार के फॉर्म, स्टेशनरी, पेन, पेंसिल व स्टांप इत्यादि सारा मैटीरियल पंचायतों को दिया जाएगा। इलेक्शन कमीशन के निर्देशों पर राज्य सरकार ने सभी डीसी को पंचायत और नगर निकाय चुनाव को आरक्षण रोस्टर तय करने के निर्देश दे रखे हैं। हिमाचल की 3577 पंचायतों में ये चुनाव होने हैं।
TRNDKB: *स्कूल शिक्षा निदेशालय ने फिर बदला शेड्यूल ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अब इस डेट से परीक्षाएं*
हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एसए-वन (समेस्टिव असेस्मेंट) परीक्षाएं अब 24 सितंबर से शुरू की जाएगीं। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने एसए-वन परीक्षाओं का री-शेड्यूल जारी किया है। यह परीक्षाएं पहले 22 सितंबर से शुरू होनी थी। नए परीक्षा शेड्यूल के मुताबिक, पहली से पांचवीं कक्षा की परीक्षाएं 25 सिंतबर से और छठी से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं 24 सितंबर से शुरू होंगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों और गुणवत्ता नियंत्रण को यह निर्देश जारी किए हैं।
नए परीक्षा शेड्यूल के मुताबिक, पहली से पांचवीं कक्षा की एसए-वन परीक्षाएं 25 सितंबर से और छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों की एसए-वन परीक्षाएं 24 सितंबर से शुरू की जाएंगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश के स्कूलों मेंं अब परीक्षाओं के लिए नया सिस्टम लागू किया गया है। इसमें एसए-वन पहली से आठवीं कक्षा तक और टर्म सिस्टम बोर्ड कक्षाओं के लिए लगाया गया है। इस सिस्टम के तहत अब वर्ष में दो बार छात्रों को परीक्षाएं देनी पड़ती है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक कमल किशोर भारती ने बताया कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा की एसए-वन परीक्षाओं के शेड्यूल को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने एक बार फिर री-शेड्यूल किया है। यह परीक्षाएं अब 24 सितंबर से शुरू की जाएंगी। पहले यह परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू होनी थी।
एग्जाम शेड्यूल
पहली कक्षा— हिंदी का 25 सितंबर, मैथ्स का 26 सितंबर और इंग्लिश का 29 सितंबर को पेपर होगा।
दूसरी कक्षा— इंग्लिश की 25 सितंबर, हिंदी की 27 सितंबर और मैथ्स की 29 सितंबर को पेपर होगा।
तीसरी कक्षा— मैथ्स की 25 सितंबर, इंग्लिश की 27 सितंबर, हिंदी की 29 सितंबर और ईवीएस की 30 सितंबर को परीक्षा ली जाएगी।
चौथी कक्षा— इंग्लिश की 25 सितंबर, ईवीएस की 27 सितंबर, मैथ्स की 29 सितंबर और हिंदी की 30 सितंबर को परीक्षा होगी।
पांचवीं कक्षा— इंग्लिश की 25 सितंबर, हिंदी की 27 सितंबर, ईवीएस की 29 सितंबर और मैथ्स की 30 सितंबर को परीक्षा होगी।
छठी कक्षा— मैथ्स की 24 सितंबर, संस्कृत की 25 सितंबर, सोशल साइंस की 26 सितंबर, हिंदी की 27 सितंबर, साइंस की 29 सितंबर, इंग्लिश की 30 सितंबर, हिमाचल लोक संस्कृति/योग की पहली अक्तूबर और ड्राइंग, होमसाइंस म्यूजिकल वोकल, इंस्टूमेंटल, पंजाबी व उर्दू की तीन अक्तूबर को परीक्षा ली जाएगी।
सातवीं कक्षा— साइंस की 24 सिंतबर, हिंदी की 25 सितंबर, संस्कृत की 26 सितंबर, इंग्लिश की 27 सितंबर, मैथ्स की 29 सितंबर, सोशल साइंस की 30 सितंबर, हिमाचल लोक संस्कृति/योग की पहली अक्तूबर और ड्राइंग, होमसाइंस म्यूजिकल वोकल, इंस्ट्रूमेंटल, पंजाबी व उर्दू की तीन अक्तूबर को परीक्षा ली जाएगी।
आठवीं कक्षा— इंग्लिश की 24 सितंबर, सोशल साइंस की 25 सितंबर, मैथ्स की 26 सितंबर, संस्कृत की 27 सितंबर, साइंस की 29 सितंबर, हिंदी की 30 सितंबर, हिमाचल लोक संस्कृति/योग की पहली अक्तूबर और ड्राइंग, होमसाइंस यूजिकल वोकल, इंस्टूमेंटल, पंजाबी व उर्दू की तीन अक्तूबर को परीक्षा ली जाएगी।
TRNDKB: *Jairam Thakur : शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता के फैसले पर सरकार क्यों है खामोश*
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश भर में कक्षा एक से लेकर आठ तक कार्यरत शिक्षकों की नौकरी जारी रखने और पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले की वजह से प्रदेश में शिक्षण कार्य कर रहे हजारों शिक्षकों के लिए यह पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए देश भर के अलग-अलग राज्यों द्वारा निवेदन किया गया है।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे अन्य राज्यों ने इस मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार या दाखिल कर दी है। लेकिन हिमाचल प्रदेश की सरकार अभी तक सोई है। इस बारे में सरकार ने अपना रुख तक स्पष्ट नहीं किया है। प्रदेश भर के शिक्षक समूह द्वारा इस मामले में सरकार के दखल की मांग की गई है कि अन्य प्रदेशों की तरह हिमाचल सरकार भी माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करें। लेकिन अभी तक हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने इस बारे में इस फैसले के खिलाफ कोई सुप्रीम कोर्ट में जाने बारे निर्णय नहीं लिया है, जिससे फैसले के दायरे में आने वाले सभी शिक्षक परेशान हैं। समय बीतता जा रहा है और सरकार खामोश है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आए तीन हफ्ते का समय बीत चुका है लेकिन सरकार द्वारा अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। माननीय न्यायालय के इस आदेश से शिक्षक परेशान हैं। उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में माननीय न्यायालय के फैसले के परिपेक्ष में सरकार द्वारा संबंधित शिक्षकों की चिंताओं को सुनकर उसका निराकरण करें। जिसे शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
जयराम ठाकुर ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को अंजुमन इशात ई तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार और अन्य के केस में देश के सभी सेवारत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। इससे शिक्षकों की नौकरी भी जा सकती हैं। जिससे देश और प्रदेश के लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और परेशान हैं। हिमाचल प्रदेश में भी हजारों शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षक लंबे समय से शिक्षा के अधिकार नियम से पहले से ही सेवारत और प्रशिक्षित है। इस बारे में प्रभावित सभी राज्यों की सरकारें अपने शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटिशन फाइल कर रही हैं। इस बारे में पूर्व भाजपा सरकार ने इन शिक्षकों को नियमित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी थी इसके बाद इन सभी शर्तों में छूट प्रदान करते करते हुए लगभग 12 हजार शिक्षकों को नियमित किया गया था।
TRNDKB: *जवाली में दराट से जानलेवा हमला करने वाले चारों आरोपी गिरफ्तार*
पुलिस थाना जवाली के अधीन बनोली पंचायत में करनैल सिंह (57) की गर्दन पर दराट से वार करने वाले चारो आरोपियों कुशल कुमार, मनमोहन, पंकज व रिंकू पुत्र बलजीत सिंह निवासी बनोली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा दराट को पुलिस ने शुक्रवार को ही कब्जे में ले लिया था। जानकारी अनुसार कुशल कुमार के हाथ में दराट तथा मनमोहन सिंह के हाथ में दराटी थी, जिन्होंने करनैल सिंह व उसके भाई अंग्रेज सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया था। घायल करनैल सिंह की पत्नी बीना देवी ने बीच बचाव की कोशिश की लेकिन कुशल ने उसे धक्का मारकर फैंक दिया और फिर करनैल सिंह की गर्दन पर दराट से वार कर दिया।
सभी आरोपी मौका से फरार हो गए लेकिन दराट, दराटी व स्कूटी घटनास्थल पर ही रह गए। जवाली पुलिस में मौका से दराट-दराटी व स्कूटी को कब्जे में ले लिया तथा शिकायतकर्ता किरण की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम की भी सहायता ली गई है तथा टीम ने मौका पर साक्ष्य जुटाए हैं। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि पुलिस ने चारों आरोपियों को फतेहपुर के गांव घोली से गिरफ्तार किया है तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है
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*पठानकोट का टैक्सी ड्राइवर लापता*
दिल्ली की तीन महिला चिकित्सकों को मणिमहेश यात्रा पर लाया भरमौर
देश की बडी धार्मिक यात्रा में श्रद्वालुओं को लेकर आया पठानकोट के ममून सनवाल का टैक्सी चालक लापता चल रहा है। जानकारी के अनुसार पठानकोट के ममून सनवाल का टैक्सी चालक सुरेंद्र कुमार उर्फ छिंदा दिल्ली की तीन महिला चिकित्सकों को मणिमहेश यात्रा पर लाया गगल एयरपोर्ट से भरमौर लाया था। 23 अगस्त को वह हड़सर पहुंचा था। जिसके बाद यात्रा से लौट कर जब 27 अगस्त को तीनों महिला चिकित्सक हड़सर पहुंची तो, उन्होंने चालक की तलाश की, लेकिन उस दौरान मोबाइल सिग्नल न होने के चलते उसका कुछ भी पता नहीं चल सका, लेकिन उसकी गाड़ी प्रंघाला के पास अनलाक खड़ी मिली। बताया जा रहा है कि खड़ी गाड़ी का पता चलने के बाद प्रशासन ने पूर्व में भी उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया।
उधर, शनिवार को लापता टैक्सी चालक की पत्नी योगिता और भाई अनिल कुमार समेत अन्य रिश्तेदार भरमौर पहुंचे और इस दौरान उन्होंने एडीएम भरमौर कुलवीर सिंह राणा से मुलाकात की। उन्होंने एडीएम से आग्रह किया कि सुरेंद्र कुमार की तलाश के लिए अभियान चलाया जाए। जिस पर एडीएम ने तुरंत पर्वतारोहियों और पुलिस की एक टीम को लापता की तलाश के लिए भेज दिया है। दल के साथ लापता टैक्सी चालक के परिजन भी है। पता चला है कि लापता की तलाश के लिए ड्रोन की मदद भी ली जाएगी। उधर, एडीएम भरमौर कुलवीर सिंह राणा ने कहा कि शनिवार को लापता टैक्सी चालक के परिजनों ने मुलाकात की है। एक टीम लापता की तलाश के लिए रवाना कर दी है। प्रशासन लापता की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
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*पशु मित्र भर्ती के नियम तय, 5 हजार वेतन, साल में 12 छुट्टियां, नियुक्ति के बाद नहीं होगी ट्रांसफर*
पशुपालन क्षेत्र में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं तथा नस्ल सुधार की सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने पशु मित्र नीति-2025 शुरू की है। इस नीति के तहत प्रारंभिक चरण में 1000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु मित्र नियुक्त किए जाएगें। इस नीति का मुख्य उददेश्य पालतू पशुओं की त्वरित स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शिता से यह योजना संभव हुई है। उन्होंने बताया कि जहां पशु चिकित्सालय गांवों से दूर हैं, वहां पशु मित्र किसान और पशु चिकित्सक के बीच एक सेतु का काम करेंगे और हमेशा मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने कहा कि समुदाय आधारित पशुपालन कोई नई बात नहीं है। वर्षों से समुदाय और सरकार मिलकर पशुधन के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाते रहे हैं। अब स्थानीय युवाओं को पशु मित्र बनाकर इस परंपरा को और मजबूत किया जाएगा। इससे न केवल पशुधन प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होगी, बल्कि युवाओं को रोजगार और आय के अवसर भी मिलेंगे। नियुक्त पशु मित्र उसी क्षेत्र में कार्य करेंगे और उनका स्थानांतरण नहीं होगा। उन्हें प्रतिदिन केवल चार घंटे कार्य करने पर पांच हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाएगा।
पशु मित्र पशुपालन विभाग की गतिविधियों से जुड़े रहेंगे और ग्रामीणों को विभाग की योजनाओं के साथ-साथ महत्वपूर्ण मुददों जैसे मानव-पशु संघर्ष और बेसहारा पशुओं की समस्या के बारे में जागरूक भी करेंगे। पात्रता के लिए उम्मीदवार संबंधित ग्राम पंचायत या नगर निकाय का निवासी होना चाहिए।
TRNDKB: *आज से पनीर से लेकर कार तक सब सस्ते, बढ़ेगी आम आदमी की बचत, अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति*
संशोधित जीएसटी दरें लागू होने से आम आदमी की बचत बढ़ेगी, देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति
पनीर से लेकर कार तक, टूथपेस्ट से लेकर दवाइयों तक आम लोगों के इस्तेमाल की लगभग सभी चीजें सोमवार से सस्ती हो जाएंगी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में ऐतिहासिक सुधार करते हुए जीएसटी परिषद ने अधिकतर वस्तुओं पर करों की दर पांच प्रतिशत या शून्य कर दी है है। इसके परिणाम स्वरूप लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा बचत होगी और वे या तो इस पैसे को बैंकों को जमा करेंगे, निवेश करेंगे या अन्य वस्तुओं पर खर्च करेंगे। इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। जीएसटी परिषद ने तीन सितंबर के अपने फैसले में मुख्य स्लैबों की संख्या चार से घटाकर दो कर दी थी। इसमें 28 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के स्लैब को समाप्त करने के बाद अब सिर्फ पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो स्लैब रह गए हैं। इसके अलावा खाने पीने की ज्यादातर चीजों पर शून्य कर लगेगा, जबकि कुछ लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू होगी। अब अल्ट्रा हाई टेंपरेचर (टेट्रा पैक) दूध, छेना, पनीर पर कोई कर नहीं लगेगा। सभी देशी रोटियों (चपाती, पराठा, रोटी आदि) पर जीएसटी दर शून्य होगी। तैंतीस जीवन रक्षक दवाओं को भी कर मुक्त रखा गया है। अन्य दवाओं पर पांच प्रतिशत कर हो गया है। व्यक्तिगत जीवन बीमा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा को कर मुक्त कर दिया गया है। हेयर ऑयल, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामानों, पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी आदि जैसे लगभग सभी खाद्य पदार्थों पर जीएसटी घटकर पांच प्रतिशत हो गया है। कृषि उपकरणों और मशीनरी पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा।
सल्फ्यूरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल और अमोनिया पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है, जिससे किसानों को फायदा होगा। चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा या भौतिक या रासायनिक विश्लेषण के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न चिकित्सा उपकरणों और उपकरणों पर भी अब 18 की जगह पांच प्रतिशत कर होगा। वैङ्क्षडग गॉज, पट्टियां, डायग्नोस्टिक किट और अभिकर्मक, रक्त शर्करा निगरानी प्रणाली (ग्लूकोमीटर), चिकित्सा उपकरण आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। हस्तशिल्प, संगमरमर और ट्रैवर्टीन ब्लॉक, ग्रेनाइट ब्लॉक और मध्यवर्ती चमड़े के सामान जैसी श्रम-प्रधान वस्तुओं पर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत जीएसटी किया गया है। इससे एमएसएमई को फायदा होगा। आम आदमी द्वारा उपयोग की जाने वाली सौंदर्य और शारीरिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे जिम, सैलून, नाई, योग केंद्र आदि पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है। एयर कंडीशङ्क्षनग मशीनों, 32 इंच के टीवी (सभी टीवी पर अब 18 प्रतिशत कर), डिशवॉङ्क्षशग मशीनों, छोटी कारों, 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। छोटी कारों और 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बसों, ट्रकों, एंबुलेंस, तिपहिया वाहन, ऑटो पाट्र्स आदि पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। तिपहिया वाहन पर 28 प्रतिशत से कर घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।
जीएसटी फ्री
अल्ट्रा हाई टेंपरेचर (टेट्रा पैक) दूध, छेना, पनीर, चपाती, परांठा, तैंतीस जीवन रक्षक दवाएं, व्यक्तिगत जीवन बीमा, व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा
सिर्फ लग्जरी और नशे वाले उत्पाद महंगे
पान मसाला, जर्दा, गुटखा, तंबाकू, सिगार, सिगरेट, बीड़ी तथा दूसरे तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। एडेड शुगर या दूसरे स्वीटनर या फ्लेवर मिश्रित उत्पादों और कैफीनेटेड पेय को भी 40 प्रतिशत से स्लैब में रखा गया है। व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए विमान सेवा, 350 सीसी से अधिक के दुपहिया वाहन, 1200 सीसी से अधिक की पेट्रोल कारें और 1500 सीसी से अधिक की डीजल कारों पर भी 40 प्रतिशत कर लगेगा।
TRNDKB: *Himachal News : घीड़ औद्योगिक क्षेत्र में लैंड अलॉटमेंट से ही 470 करोड़ कमाएगी हिमाचल सरकार*
केंद्र को पैसे लौटाने के बाद मेडिकल डिवाइस पार्क का नाम भी बदला
हिमाचल सरकार घीड़ औद्योगिक क्षेत्र में लाएगी अन्य उद्योग
300 एकड़ भूमि के आबंटन को बनी है कैबिनेट सब-कमेटी
सोलन जिला के नालागढ़ में प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क का अब नाम भी बदल गया है। भारत सरकार में हुई प्रतिस्पर्धा के बाद हिमाचल को मार्च 2022 में यह पार्क अलॉट हुआ था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इस पार्क में जमीन से लेकर बिजली, पानी सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने के फैसले को राज्य के हितों के खिलाफ बताते हुए इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए थे। प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार से मिले 30 करोड़ भी लौटाने का फैसला हुआ था। अब इस प्रोजेक्ट का नाम भी बदल गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर हिमाचल सरकार इसे घीड़ इंडस्ट्रियल एरिया के नाम से विकसित करेगी। नालागढ़ की मझौली ग्राम पंचायत के घीड़ और तेलीवाला गांवों के बीच यह औद्योगिक क्षेत्र बनने वाला है। मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए भारत सरकार ने 350 करोड़ के प्रोजेक्ट को तब मंजूरी दी थी। इसमें भारत सरकार का हिस्सा 100 करोड़ के आसपास था, जिसमें से 30 करोड़ आ गए थे। लेकिन प्रोजेक्ट की शर्तें ऐसी थीं कि जमीन एक रुपए में इस प्रोजेक्ट के लिए देनी पडऩी थी।
अब राज्य सरकार जब खुद ही इस औद्योगिक क्षेत्र को बनाएगी, तो लैंड एलॉटमेंट से ही 470 करोड़ से ज्यादा कमाई की उम्मीद है। करीब 300 एकड़ जमीन इस औद्योगिक क्षेत्र में है। इस लैंड एलॉटमेंट पर फैसला लेने के लिए राज्य सरकार ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी गठित कर रखी है। इस कमेटी में राजस्व मंत्री और टीसीपी मंत्री भी हैं। इसी महीने कैबिनेट सब कमेटी लैंड एलॉटमेंट पॉलिसी को लेकर बैठक करेगी और अपनी सिफारिशें कैबिनेट को देगी। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस कैबिनेट सब कमेटी में सदस्य सचिव लगाया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर भूमि के आबंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। चूंकि अब मेडिकल डिवाइस पार्क यहां नहीं बन रहा, इसलिए यह भी देखना होगा कि राज्य सरकार किस तरह के उद्योगों को यहां प्राथमिकता देगी। इस नए क्षेत्र में लैंड डिवेलपमेंट पर तो काम हुआ है, लेकिन अभी सडक़, बिजली, पानी इत्यादि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ समय लगेगा। उद्योग विभाग को इसके लिए पैसे की जरूरत भी है।
TRNDKB: *आपदा से आई मिट्टी-रेत की होगी नीलामी, सरकार ने रॉयल्टी में किया इजाफा, कमेटी में नहीं होंगे तहसीलदार*
हिमाचल में मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदा से आई मिट्टी, रेत और पत्थर इत्यादि के लिए अब खुली नीलामी की जा सकेगी। मिट्टी के लिए रॉयल्टी की राशि को भी 60 रुपए प्रति टन से बढक़र 80 रुपए प्रति टन कर दिया गया है। राज्य सरकार ने माइनर मिनरल रूल्स में दो तरह के बदलाव किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग की ओर से की गई नोटिफिकेशन के अनुसार हिमाचल प्रदेश माइनर मिनिरल्स रूल्स 2015 के रूल 19 में संशोधन किया गया है। इसमें कहा गया है कि लीज एरिया से माइनर मिनरल उठाने से पहले लीज धारक को ईवी चार्जेज, ऑनलाइन चार्जेज और मिल्क सेल्स के साथ रॉयल्टी एडवांस में जमा करवानी होगी। रूल 33 में एक और संशोधन किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा या अन्य विकास परियोजना के कारण पैदा होने वाले माइनर मिनिरल्स के इस्तेमाल के लिए उद्योग निदेशक या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी अनुमति देंगे। यह अनुमति तहसीलदार, असिस्टेंट इंजीनियर और माइनिंग अफसर की कमेटी की इंस्पेक्शन रिपोर्ट पर दी जाएगी। यदि प्रोजेक्ट डीपीआर आधारित है, तो कमेटी में तहसीलदार नहीं होंगे, सिर्फ एसडीओ और माइनिंग अफसर ही रिपोर्ट देंगे।
पहले सभी कमेटियों में तहसीलदार को रखा गया था। लोक निर्माण विभाग या नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्टों के लिए इस मिनरल का इस्तेमाल कैपटिव यूज में किया जा सकेगा। इसके लिए पूर्व निर्धारित रॉयल्टी जमा करवानी होगी। प्राकृतिक आपदा के कारण सडक़ पर आई मिट्टी या पत्थर इत्यादि की नीलामी की जा सकेगी। इन नए नियमों में एक और बड़ा बदलाव ग्रामीण विकास और पंचायती राज के छोटे प्रोजेक्ट को लेकर किया गया है। रूल 79 में किए गए संशोधन में कहा गया है कि यदि ग्रामीण विकास विभाग का प्रोजेक्ट 10 लाख से काम का है, तो इससे निकलने वाले मिनरल पर रायल्टी जमा करवाकर वहीं इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा और उद्योग विभाग इसकी अनुमति रॉयल्टी के आकलन के अनुसार देगा। पंचायत को 10 लाख तक के काम करवाने में इससे आसानी हो जाएगी। पंचायत इसके लिए कागजी औपचारिकताओं से भी छूट जाएगी।
TRNDKB: *बदलेे मनरेगा के नियम, पंचायतों में 20 काम की लिमिट खत्म, भूमि सुधार को अब खर्च किए जा सकेंगे दो लाख*
हिमाचल में आई आपदा ने मनरेगा का कायदा ही बदल दिया है। प्रदेश में मनरेगा के तहत होने वाले कामों का निर्धारण नए सिरे से किया गया है, जिसके चलते पुराने नियम बदल दिए गए हैं। अब इन्ही नए नियमों के आधार पर मनरेगा में कामकाज भी होगा। मनरेगा में एक पंचायत के भीतर अधिकतम 20 काम करवाने की लिमिट को खत्म कर दिया गया है, जिसके चलते अब भविष्य में कोई भी पंचायत आपदा से बेहाल हुज जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए बिना किसी लिमिट के कामकाज करवा पाएगी। इसके साथ ही भूमि सुधार पर खर्च किए जाने वाले पैसे की लिमिट को भी एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दिया गया है। मनरेगा में कृषि भूमि पर आई गाद और मिट्टी को हटाने के काम भी किए जा सकेंगे। इसके लिए भी गाइडलाइन जारी कर दी गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दौरान टूटे रास्तों और पैदल पुलों को बनाने का काम मनरेगा में किया जा सकेगा।
मनरेगा के तहत पैदल रास्तों सहित पैदल पुलों को बनाने की पावर पंचायत को दी गई है। मनरेगा में दिहाड़ी लगाने वालों के लिए तय 100 दिनों की सीमा को भी अब 150 दिन कर दिया गया है। उम्मीद है कि इससे राहत व पुनर्वास कार्य जल्द होंगे। साल 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने 250 लाख कार्य दिवस सृजित किए हैं। हिमाचल में कुल 15 लाख 51 हजार जॉब कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से नौ लाख 18 हजार जाब कार्ड एक्टिव हैं। अब सरकार ने मनरेगा के नियमों में महत्त्वपूर्ण छूट की है। केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की मंजूरी के बाद, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा का कायदा बदला है।
अब 150 दिन का रोजगार
मनरेगा में अब 100 दिन की बजाय 150 दिन का रोजगार जाब कार्डधारक को मिलेगा। मंडी डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि भूमि सुधार सहित कृषि भूमि से गाद मिट्टी हटाने का काम भी मनरेगा में किया जा सकेगा। इसके अलावा पंचायतों में काम करवाने की कोई लिमिट भी नहीं रहेगी।
TRNDKB: *Himachal Weather: प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिज़ाज, सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड, पढ़ें पूरी खबर*
हिमाचल प्रदेश में दिन के तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन सुबह और शाम की ठंडक लगातार बढ़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, रविवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान ऊना में 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान किन्नौर के टाबो में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकांश स्थानों का तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद सप्ताह के अंत तक मौसम सामान्य और शुष्क रहने का अनुमान है।
इसमें 22 सितंबर और 23 सितंबर को मौसम शुष्क रहेगा वहीं 24 और 25 सितंबर को हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा 26 और 27 को भी मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले एक-दो दिन कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए अपनी कृषि गतिविधियां संचालित करें। प्रदेश के टाबो में अभी तक सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अब शहर में सुबह शाम ठंड बढऩे की संभावना है। पूर्वानुमान है कि सभी जिलों में इसी हफ्ते से ठंड बढऩे के आसार हैं।
कहां रहा कितना तापमान
स्थान न्यूनतम अधिकतम
शिमला 14.5 23.4
सोलन 16.4 29.0
धर्मशाला 19.6 28.0
ऊना 18.7 34.0
हमीरपुर 21.5 30.1
बिलासपुर 21.9 33.3
कांगड़ा 21.6 31.8
मंडी 21.7 29.8
मनाली 13.7 24.8
केलांग 7.5 22.4
कुफरी 12.1 18.5
टाबो 5.8 31
TRNDKB: *IGMC पहुंची 3.0 टेस्ला MRI मशीन, मरीजों को मिलेगा लाभ, खत्म होगा जांच के लिए इंतजार*
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 3.0 टेस्ला एमआरआई मशीन पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की शुरुआत हो चुकी है। मरीजों को बेहतर और समयबद्ध इलाज देने के उद्देश्य से अस्पताल में एक अत्याधुनिक 3.0 टेस्ला एमआरआई मशीन की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। अगले एक महीने के भीतर मशीन का इंस्टॉलेशन कार्य पूरा हो जाएगा और उसके बाद मरीजों को यह सेवा मिलने लगेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी बड़े मेडिकल कॉलेजों में इस तरह की आधुनिक मशीनें स्थापित करने की घोषणा की थी।
इसकी शुरुआत आईजीएमसी से हो गई है। मशीन से जुड़े आवश्यक पुर्जे और उपकरण अस्पताल परिसर में पहुंच चुके हैं, साथ ही मशीन भी अस्पताल पहुंच चुकी है। अस्पताल प्रशासन इसे चरणबद्ध तरीके से इंस्टाल कर रहा है और अब यह कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। नई मशीन को अस्पताल के बी ब्लॉक स्थित पुराने ट्रॉमा सेंटर में स्थापित किया जा रहा है। यहां पर नई मशीन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
अब तक 18 साल पुरानी मशीन थी सहारा
आईजीएमसी अस्पताल में फिलहाल एक ही एमआरआई मशीन है, जो 2006 में स्थापित की गई थी। इस मशीन की क्षमता सीमित है, और इसी कारण रोजाना सिर्फ 12-13 मरीजों को ही एमआरआई जांच की सुविधा मिल पाती है। एमआरआई जांच की लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण मरीजों को महीनों बाद की तारीख दी जाती है। खासकर दूरदराज से आए मरीजों को अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। अब नई मशीन के चालू हो जाने के बाद मरीजों को एमआरआई जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे अस्पताल की जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
TRNDKB: *BPL चयन को अक्तूबर में होंगी ग्राम सभाएं, पात्र परिवारों की सूची तैयार करने के लिए समिति करेगी निरीक्षण*
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान आई आपदा के चलते ग्राम सभा की बैठकें आयोजित नहीं हो पाई हैं। हालांकि कई पंचायतों ने ग्रामसभा करवाई भी थी, लेकिन उनका कोरम पूरा नहीं हो पाया। इस कारण गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों बीपीएल का नया सर्वे नहीं हो सका। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में शेड्यूल जारी किया है। अब मानसून के विदाई के बाद यानी अक्तूबर में सभी पंचायतों में ग्राम सभा की बैठकों के माध्यम से बीपीएल चयन की प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पात्र परिवारों को शामिल कर अयोग्य परिवारों को सूची से बाहर किया जाएगा। मानसून की मार के बाद अब स्थिति काफी हद तक सुधर गई है। ऐसे में अब बीपीएल सर्वे की प्रक्रिया पूरा करने का काम शुरू किया जाना है।
वहीं, बीपीएल परिवार के सत्यापन के लिए भी कमेटी घर घर जाकर सर्वे कर सकती है। बीपीएल सूचीके लिए आवेदन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सत्यापन समिति, जिसमें पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं, घर-घर जाकर बीपीएल में चयनित और आवेदन करने वालों का सर्वे करेगी। जिन परिवारों की वार्षिक आय 50 हजार रुपए से अधिक है और जिनके सदस्य सरकारी, अद्र्ध सरकारी या निजी नौकरी करते हैं, उन्हें बीपीएल से बाहर किया जाएगा। पंचायत सचिव और ग्रामसभा की बैठक के बाद खंड स्तरीय समिति को बीपीएल में शामिल और हटाने की मंजूरी का अधिकार है। यह समिति एसडीएम की अध्यक्षता बनेगी, जिसमें बीडीओ और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। ऐसे में बीपीएल सूची तैयार करने का काम अब सख्ती से किया जाएगा। अब कोई भी व्यक्ति मनमर्जी से बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाएगा।
दस्तावेज झूठे पाए गए, तो अफसरों पर होगी कार्रवाई
नए नियमों के तहत ही परिवार बीपीएल सूची में शामिल होंगे। पंचायती राज विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बीपीएल सूची सर्वे के बाद ही तैयार होगी। ऐसे में यदि किसी भी व्यक्ति के झूठे दस्तावेज पाए गए, तो उस अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। इनकम प्रमाण पत्र यदि 50 हजार और 50 हजार से कम दिया गया हो और सर्वे में परिवार की इनकम ज्यादा पाई जाती है, तो भी पटवारी पर कार्रवाई की जाएगी। पंचायती राज विभाग ने सभी पंचायतों और कमेटियों को आदेश दिए हैं कि नियमों के तहत सख्ती से बीपीएल सूची का चयन करें।
TRNDKB: *Monsoon: हिमाचल को 4841 करोड़ का नुकसान, मानसून से अब तक 448 लोगों की मौत, 47 लापता*
हिमाचल प्रदेश को मानसून से अभी तक 4841 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इस मानसून में 448 लोगों की मौत भी हो चुकी है । पिछले कुछ दिनों में 18 लोगों की मौत हुई है। इसमें चंबा में 16 लोगों की मौत, कुल्लू में एक और सिरमौर में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है। यह मौतें पिछले 24 घंटों में दर्ज की गई हैं। इसमें कई मौतें एक्सिडेंट से भी हुई हैं। पूरे प्रदेश में 47 लोग अभी भी लापता हैं, जिन्हें ढूंढा जा रहा है। आलम यह है कि लापता लोगों के अभी तक कोई सुराख भी नहीं मिल पाए हैं।
दो एनएच, 371 सडक़ें बंद
दो एनएच सहित 371 सडक़ें बंद पड़ी हैं। सडक़ों की बात करें, तो बिलासपुर में दस, चंबा में 19, हमीरपुर में सात, कांगड़ा में 40, किनौर में दो, कुल्लू में एनएच तीन के साथ 109, मंडी में 127, शिमला में 25, सिरमौर में सात, सोलन में 12, और ऊना में एनएच 503 के साथ 13 सडक़ें बंद हैं।
53 ट्रांसफार्मर बने शोपीस
अभी भी 53 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। कई क्षेत्रो में बिजली बोर्ड ने बिजली सुचारू कर दी है, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में खंभे भी मलबे में दब गए हैं। ऐसे में उन क्षेत्रों में इन दिनों अंधेरा ही पसरा हुआ है। इसमें चंबा में 21, कुल्लू में 16, मंडी में 14, शिमला में दो ट्रांसफार्मर बंद हैं।
73 पेयजल स्कीमें ठप
73 पेयजल स्कीमें बंद पड़ी हैं। इसमें कई स्कीमें तो मलबे में दब गई है और कुछ बह गई है। इसमें बिलासपुर में एक, चंबा में 11, हमीरपुर में दो, कांगड़ा में नौ, मंडी में 29, शिमला में 16, सिरमौर में एक और सोलन में छह पेयजल स्कीमें ठप पड़ी हैं।
TRNDKB: *मेरे शौहर के आतंकवादियों से संबंध, कठुआ की मुस्लिम महिला का खुलासा, पहले से चार शादियां करने का आरोप*
उपतहसील भराड़ी के अंतर्गत भराड़ी थाना के तहत कोट गांव के एक व्यक्ति ने जम्मू संभाग के कठुआ में मायके में रह रही पत्नी को गैर कानूनी मुस्लिम शरीयत के अनुसार तलाकनामा रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से भेजे जाने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार को महिला भराड़ी थाना पहुंची, जहां महिला ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों का संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति की आतंकवादियों से मिलीभगत है, जो कभी भी उसे मरवा सकता है। महिला ने अपने पति के आतंकवादियों से मिले होने के सबूत होने का दावा किया है। महिला ने आरोप लगाए हैं कि जब शादी हुई थी तो उसके पति ने कहा था कि उसकी पहले एक शादी हुई थी, जिसका तलाक हो चुका है। लेकिन बाद में पता चला कि उसके पति ने पहले चार शादियां की थी। पीडि़त महिला के मुताबिक उसके पति की पहले दो बेटियां हैं, जो उसकी हम उम्र हैं।
जैसे-जैसे सच सामने आने लगा तो उसके पैरों से जमीन खिसक गई। पीडि़त महिला के मुताबिक रामपुर क्षेत्र की एक लडक़ी से भी उसके पति के अवैध सबंध हैं। महिला ने कहा है कि दोबारा किसी महिला के साथ ऐसा न हो इसके लिए वह हर लड़ाई लड़ेगी। शिकायत में 24 वर्षीय विवाहिता ने बताया है कि उपतहसील भराड़ी के कोट गांव के एक व्यक्ति के साथ उसका निकाह साल 2022 में हुआ। निकाह कठुआ में मुस्लिम रीति रिवाज से हुआ था। उनकी एक बेटी है। पति उसे तंग और परेशान करता रहता है। महिला का पति परिचालक है। उधर, डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। महिला के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। महिला से जरूरी तथ्य हासिल किए जाएंगे। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
TRNDKB: *शहीद हवलदार बलदेव चंद को अंतिम विदाई, बिलासपुर के थेह गांव में सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार*
जिला बिलासपुर के गंगलोह (थेह) गांव के भारतीय सेवा में हवलदार बलदेव चंद (35) जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। शनिवार को शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव गंगलोह पहुंची, जहां पूरे राजकीय सम्मान और सैन्य परंपराओं के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपायुक्त ने बताया कि शहीद हवलदार बलदेव चंद करीब 14 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। शहीद को बहादुरी और कत्र्तव्यनिष्ठा के लिए सदैव स्मरणीय रखा जाएगा। शहीद अपने पीछे पत्नी शिवानी, छह वर्षीय पुत्र ईशान ठाकुर, माता-पिता और छोटे भाई दिनेश चंद को छोड़ गए हैं।
TRNDKB: *Delhi High Court : शादी को पहुंचाया नुकसान, तो पति की प्रेमिका से हर्जाना मांग सकती है पत्नी*
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है कि अगर किसी तीसरे व्यक्ति ने जानबूझकर हस्तक्षेप करके शादी को नुकसान पहुंचाया है, तो जीवनसाथी उस प्रेमी/प्रेमिका पर हर्जाने के लिए मुकदमा कर सकता है। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने एक मामले में सम्मन जारी किया, जिसमें एक पत्नी ने अपने पति की कथित प्रेमिका से एलियनएशन ऑफ अफेक्शन के लिए चार करोड़ का हर्जाना मांगा है। एलियनएशन ऑफ अफेक्शन एक टॉट है, जिसका अर्थ है सिविल गलती या दीवानी दोष। यह कानून पुरानी एंग्लो-अमरीकन कॉमन लॉ व्यवस्था से आया है। यह किसी जीवनसाथी को उस तीसरे पक्ष से पैसों का मुआवजा मांगने की अनुमति देता है, जिस पर शादी तोडऩे या प्यार और स्नेह को खत्म करने का आरोप है। इन हार्ट बाम टॉट्र्स (विवाहित जीवन को भावनात्मक नुकसान पहुंचाने वाले कानूनी दावे) को भारत के किसी भी कानून में संहिताबद्ध नहीं किया गया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने अपने आदेश में कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम समेत भारत के वैवाहिक कानून, परिवार अदालत में किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ कोई कानूनी उपचार नहीं देते हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में, गलत हस्तक्षेप से हुए नुकसान के लिए सिविल कोर्ट में मुआवजे का दावा सुना जा सकता है। यह दंपति 2012 में शादी के बंधन में बंधे थे और 2018 में उनके जुड़वां बच्चे हुए।
आरोपी प्रेमिका पति की कंपनी में विश्लेषक के रूप में शामिल हुई और यह जानने के बावजूद कि वह शादीशुदा था, उसके साथ घनिष्ठ संबंध बना लिया। 2023 में पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए अर्जी दी, जिसके बाद पत्नी ने इसी साल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और प्रेमिका से हर्जाना मांगा। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि तलाक की कार्यवाही चल रही होने के बावजूद भी हर्जाने के लिए सिविल दावा करने से नहीं रोका जा सकता। कानूनी रोक न होने की स्थिति में, एक जीवनसाथी तीसरे पक्ष के कथित हस्तक्षेप के लिए सिविल कोर्ट में हर्जाना मांग सकता है। कोर्ट ने कहा कि यहां, याचिका में एक तीसरे पक्ष की सिविल गलती का दावा किया गया है और उस गलती के लिए आर्थिक मुआवजा मांगा गया है। ऐसा दावा पूरी तरह से सामान्य सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि केवल फैमिली कोर्ट के। समांतर वैवाहिक कार्यवाही (तलाक का केस) चल रही हो, तब भी यह अलग से दायर किया गया हर्जाने का सिविल मुकदमा रुकावट नहीं बनेगा। फैसले में यह भी कहा गया कि निजी स्वतंत्रता, जिसमें रिश्ते को समाप्त करना या बदलना शामिल है, अपराध नहीं है, लेकिन इसके नागरिक परिणाम हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि जब एक जीवनसाथी शादी टूटने से कानूनी नुकसान का दावा करता है, तो कानून यह मानता है कि उस नुकसान को पहुंचाने वालों से मुआवज़ा मांगा जा सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
शादी टूटने से होने वाले नुकसान के लिए मुआवजे का दावा सही
उस नुकसान को पहुंचाने वालों से मुआवजा मांगना भी गलत नहीं
TRNDKB: *वाहनों से हटें जातीय महिमामंडन के चिह्न, केंद्र को निर्देश, स्कूलों में पढ़ाया जाए जातिवाद के खिलाफ पाठ*
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को वाहनों और सोशल मीडिया पर जातीय महिमामंडन के चिन्हों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा है कि सरकार स्कूलों में जातिवाद विरोधी पाठ और जागरूकता अभियान चलाए। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की अदालत ने शराब तस्करी मामले के आरोपी इटावा के प्रवीण छेत्री के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार करते हुए दिया। कोर्ट ने पुलिस के दस्तावेज में जाति आधारित एंट्री को लेकर कड़ी फटकार लगाई। इससे पहले कोर्ट ने मार्च में डीजीपी से हलफनामा तलब कर पूछा था कि किस कानून में लिखा है कि पुलिस आरोपी की जाति पूछेगी। इसके बाद डीजीपी ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि जाति से लोगों की पहचान करने में मदद मिलती है।
इस पर कोर्ट ने उनके तर्कों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अत्याधुनिक तकनीक के उपलब्ध रहते यह कुतर्क है। इस दौर में पुलिस के पास पहचान के लिए फिंगरप्रिंट, आधार, मोबाइल नंबर और माता-पिता के विवरण जैसे आधुनिक साधन उपलब्ध हैं। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह तत्काल पुलिस फॉर्म से अनुसूचित जाति/जनजाति संबंधित मामलों को छोडक़र अन्य की जाति और धर्म की प्रविष्टियां हटाए। जाति महिमामंडन वाले साइन बोर्ड भी थानों में नजर न आएं।
TRNDKB: *Ind vs Pak : दुबई में अभिषेक का तूफान, भारत ने फिर पीटा पाकिस्तान*
अभिषेक शर्मा के तूफानी 76 और शुभमन गिल के शानदार 47 रन की मदद से भारत ने टी-20 एशिया कप सुपर-4 के दूसरे मैच में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की जोरदार कुटाई करते हुए 6 विकेट से मैच जीत लिया, जबकि अभी सात गेंदें फेंकी जानी शेष थीं। इस दौरान पाकिस्तान के गेंदबाज पूरी तरह हताश नजऱ आए और पूरा जोर लगाने के बावजूद बेइज़्ज़ती से बच नहीं पाए। इससे पहले दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया के सामने 172 रन का टारगेट दिया।
पाकिस्तान ने पांच विकेट खोकर 171 रन बनाए। ओपनर साहिबजादा फरहान ने सबसे ज्यादा 58 रन बनाए। सईम अयूब और मोहम्मद नवाज ने 21-21 रन बनाए। भारत के लिए शिवम दुबे ने दो विकेट लिए। हार्दिक पांड्या और कुलदीप यादव को एक-एक विकेट मिला। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी पाकिस्तान टीम ने पांच विकेट के नुकसान पर 171 रन बनाए थे।
यूं छूटे-लपके कैच
* पहले ओवर की तीसरी गेंद पर फरहान को जीवनदान मिला। हार्दिक पांड्या की गेंद पर अभिषेक शर्मा ने थर्ड मैन पर उनका कैच ड्रॉप कर दिया।
* हार्दिक पांड्या ने तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर फखर जमान को विकेटकीपर संजू सैमसन के हाथों कैच कराया। जमान ने 9 गेंदों पर 15 रन बनाए।
* पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर कुलदीप यादव ने सईम अयूब का कैच छोड़ दिया। गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती थे।
* आठवें ओवर की तीसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा ने बाउंड्री लाइन पर साहिबजादा फरहान का कैच छोड़ दिया। इस बार भी गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती ही थे।
* 10वें ओवर की तीसरी गेंद पर शिवम दुबे ने सईम अयूब को अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराया।
* 14वें ओवर की पहली गेंद पर कुलदीप यादव ने तलत हुसैन को वरुण चक्रवर्ती के हाथों कैच करवाया।
* 15वें ओवर की पहली गेंद पर शिवम दुबे ने फरहान को सूर्यकुमार यादव के हाथों कैच कराया।
* 19वें ओवर में शुभमन गिल ने स्क्वेयर लेग पोजिशन पर फहीम अशरफ का कैच छोड़ दिया।
हार्दिक पांड्या ने रचा नया कीर्तिमान
धाकड़ ऑलाउंडर हार्दिक पांड्या ने रविवार को एशिया कप 2025 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सुपर-4 मैच में नया कीर्तिमान रचा। वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल का रिकॉर्ड चकनाचूर किया। हार्दिक ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फखर जमां का शिकार करते ही चहल को पछाड़ा। उनके खाते में फिलहाल 118 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 97 विकेट हैं।
TRNDKB: *अब पीएचडी के लिए लगाने पड़ेंगे 2.5 साल*
टेक्निकल कोर्सेज के लिए यूजीसी से अलग और कड़ें होंगे नियम, एआईसीटीई का रुख सख्त
टेक्निकल कोर्सेज वाले छात्रों के लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन यानी एआईसीटीई ने पीएचडी की राह मुश्किल कर दी है। एआईसीटीई ने पहले से रिसर्च के नियम कड़े कर दिए हैं। नियम बनाने के लिए बनाई गई एक टास्क फोर्स ने हाल ही में एक सुझाव दिया है। इसके अनुसार अब स्टूडेंट्स के लिए अपना रिसर्च वर्क अपने साथियों के जर्नल्स में पब्लिश कराना अनिवार्य होगा। साथ ही रिसर्चर्स को अपनी थीसिस के डिस्क्लेमर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के इस्तेमाल के बारे में बताना होगा। टेक्निकल एजुकेशन में पीएचडी और डीसीएस प्रोग्राम्स के लिए कॉम्प्रिहेंसिव फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए यह टास्क फोर्स बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता बंगलुरु यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर केआर वेणुगोपाल कर रहे हैं। अभी तक एआईसीटीई यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी यूजीसी के बनाए गए नियमों को फॉलो करता रहा है यानी अब तक टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल स्ट्रीम्स के लिए एक ही तरह के कायदे-कानून फॉलो हो रहे थे।
टास्क फोर्स ने जुलाई 2025 में अपनी रिपोर्ट ्रएआईसीटीई को दी है। हालांकि अभी रिपोर्ट को शिक्षा मंत्रालय की ओर से अप्रूव नहीं किया गया है। नए सुझावों के अनुसार, रिसर्च स्कॉलर्स को अपनी थीसिस पर आधारित आर्टिकल्स पब्लिश कराने होंगे। इसके लिए रिसर्चर्स को ध्यान देना होगा कि वे ऐसी पत्रिकाओं में आर्टिकल्स पब्लिश करवाएं, जो उनके कलीग्स, सीनियर्स और साथी छात्रों ने अप्रूव किया हो। इसी के साथ स्कॉलर्स को कान्फ्रेंस में भी अपने आर्टिकल्स प्रेजेंट करने होंगे। जो रिसर्चर्स स्कोपस-इंडेक्स एआई जर्नल में अपना आर्टिकल पब्लिश कराएंगे वो 2.5 साल के कम समय में भी थीसिस सबमिट करने के लिए एलिजिबल होंगे।
एआई के इस्तेमाल की जानकारी देनी होगी
टास्क फोर्स ने एक सुझाव यह भी दिया है कि एआई के इस्तेमाल की पूरी जानकारी स्कॉलर्स को थीसिस के डिस्क्लेमर में देनी होगी। इसी के साथ कॉपीराइट स्टेटमेंट्स, रेफ्रेंस और साहित्यिक चोरी यानी प्लेगियरिज्म की जानकारी भी डिस्क्लेमर में शामिल करनी होगी। बंगलुरु यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर वेणुगोपाल ने यह देखा कि रिसर्च और एजुकेशन में एआई अब एक स्टैंडर्ड टूल बन चुका है। उन्होंने यह सुझाव दिया कि एआई का इस्तेमाल अलाउड है, लेकिन थीसिस का केवल 20 फीसदी हिस्सा ही एआई के इस्तेमाल से लिखा गया हो, जैसा कि प्लेगियरिज्म के लिए भी होता है।
रिटायर्ड प्रोफेसर्स भी छात्रों को गाइड कर सकेंगे
इन सुझावों में रिसर्च की टाइम लिमिट और मेंटरशिप को लेकर फ्लेक्सिबल अप्रोच अपनाया गया है। हाई-अचीविंग स्टूडेंट्स 2.5 सालों में अपनी पीएचडी पूरी कर सकते हैं। नए नियमों के अनुसार अब स्टूडेंट्स पूरे देश में एक यूनिवर्सिटी से दूसरी यूनिवर्सिटी में माइग्रेट कर सकते हैं। इसी के साथ रिटायर हो चुके प्रोफेसर्स स्टूडेंट्स को रिटायरमेंट के बाद भी को-गाइड कर सकते हैं।
TRNDKB: *Himachal News : सुंदरनगर में नाबालिग की लूटी आबरू, आरोपी अरेस्ट*
सुंदरनगर में एक नाबालिग लडक़ी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीडि़ता की मां की शिकायत के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीडि़ता की मां ने बताया कि 19 सितंबर को शाम उसकी 15 वर्षीय बेटी बिना बताए घर से चली गई थी। उसे एक युवक उसे बार-बार फोन कर परेशान कर रहा था। पीडि़ता ने मां को बताया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर अपनी कार में बिठाया और सुंदरनगर में बीएसएल कॉलोनी के नरेश चौक के पास ले गया।
उक्त व्यक्ति ने वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में बच्ची को लेकर नेरचौक रेन शेल्टर से बल्ह पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अनीश निवासी गुटकर मंडी के रूप में हुई है। आरोपी को सोमवार को सुंदरनगर की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कुल्लू में शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में एक महिला ने एक व्यक्ति के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया है। इसके साथ-साथ महिला ने व्यक्ति की बहन पर भी दुव्र्यवहार का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला थाना कुल्लू में महिला ने शिकायत दर्ज करवाई है कि शीशामाटी बिहाल के एक व्यक्ति और उसकी बहन ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया है।
वहीं, जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है । महिला ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ पांच महीने से यौन संबंध बना रहा है। महिला का क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मेडिकल करवाया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामले की पुष्टि एसपी कुल्लू डॉक्टर कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने की है।
TRNDKB: *नवरात्र में 24 घंटे खुला रहेगा चिंतपूर्णी मंदिर, पहली अक्तूबर तक सजेंगे मेले, भक्तों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*
प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में पहली अक्तूबर तक सजेंगे मेले, मंदिरों में भक्तों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
नवरात्र मेले के लिए शक्तिपीठ रंग-बिरंगे फूलों और लाइट्स से सज गए हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों में माता की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके अलावा विशेष व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। नवरात्र में चिंतपूर्णी मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। पांच शक्तिपीठों में 22 सितंबर से पहली अक्तूबर तक नवरात्र मेले का आयोजन किया जाएगा। शक्तिपीठों को रंग-बिरंगे फूलों से सज गए हैं। -एचडीएम
ब्रजेश्वरी मंदिर में सप्तचंडी पाठ
श्रीब्रजेश्वरी देवी मंदिर सुबह चार बजे से रात दस बजे तक मंदिर खुला रहेगा। अष्टमी के दिन रात दो बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिर में नवारात्र में सप्तचंडी पाठ किया जाएगा। पुजारी राम प्रसाद ने बताया कि सुबह पांच बजे में मईया का स्नान, श्रृंगार व आरती के साथ चना-पूरी, मेवे व दुध का भोग मां को लगाया जाएगा।
चामुंडा मंदिर में अष्टमी पर विशेष पूजा
श्रीचामुंडा देवी मंदिर में नवरात्र पर मां को विशेष भोग लगाए जाएंगे। मंदिर के पुजारी ओम व्यास ने बताया कि अष्टमी नवरात्र में मंदिर सुबह पांच बजे खुलेगा और रात दस बजे बंद होगा। सुबह पांच बजे मैया के स्न्नान के बाद मां का श्रृंगार किया जाएगा, उसके बाद आठ बजे आरती होगी। अष्टमी के दिन मईया की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।
सप्तमी, अष्टमी, नवमीं पर दिन-रात खुला रहेगा मंदिर
ज्वालाजी मंदिर सुबह चार बजे खुलेगा और रात को भक्तों की लाइन खत्म होने तक खुला रहेगा। पुजारी अनिल शर्मा ने बताया कि ज्वाला मां की सुबह चार बजे स्नान व श्रृंगार के बाद आरती होगी, जिसमें मां को सुबह के समय मालपूड़े, पीले चावल और दही की भोग लगेगा। सातवीं, अष्टमी और नवमीं के दिन-रात मंदिर खुला रहेगा।
सुबह तीन बजे खुलेंगे मंदिर के कपाट
चिंतपूर्णी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए सुबह तीन बजे खुल जाएगा और श्रद्धालुओं की लाइन तक खुला रहेगा। दोपहर को मां के श्रृंगार व भोग आदि के लिए भी मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहेगा। पुजारी रविंद्र छिंदा ने बताया कि सुबह चार बजे मईयों के स्नान के बाद श्रृंगार किया जाएगा और मां को आरती के साथ भोग लगाया जाएगा।
श्रीनयनादेवी में एक साथ चार आरतियां
श्रीनयनादेवी मंदिर नवरात्र में रात 12 से दो बजे तक बंद किया जाएगा। इन दो घंटों में मईया का स्नान और श्रृंगार के बाद मईया की एक साथ चार आरतियां की जाएंगी। मंदिर में पुजारी तरुणेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में दोपहर 12 से साढ़े 12 बजे और शाम को मां को विशेष भोग लगाए जाएंगे।
TRNDKB: *व्हाट्सऐप पर फोटो भेजकर बैंक खाता हैक, ऐसे करें बचाव*
लोगों को लूटने के नए-नए तरीके अपना रहे साइबर ठग, फर्जी कॉल से अलर्ट रहें
साइबर ठग आए दिन ठगी के नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। साइबर ठग कभी नकली कॉल करते हैं, तो कभी फर्जी वेबसाइट बनाते हैं और नकली ऐप भी इस्तेमाल करते हैं। अब साइबर ठग एक नया तरीका अपना रहे हैं, जिसमें वे एक सीधी-सादी दिखने वाली फोटो का इस्तेमाल कर रहे हैं। शातिर व्हाट्सऐप पर अनजान नंबरों से लोगों के नंबरों पर फोटो भेज रहे हैं। फोटो डाउनलोड करते ही शातिर लोगों के बैंक खाते से राशि उड़ा रहे हैं। यह एक नया ऑनलाइन स्कैम है, जिसमें फोटो फाइल के अंदर खतरनाक वायरस छिपा होता है। यह नया स्कैम लोगों को ऐसी फोटो भेजकर फंसाता है, जिसके अंदर वायरस छिपा होता है, ये फोटो अकसर व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए भेजी जाती है।
हैकर्स एक खास तकनीक स्टेग्नोग्राफी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वे फोटो फाइल के अंदर खराब कोड डाल देते हैं। जब कोई उस फोटो को डाउनलोड करता है या खोलता है, तो वह वायरस चुपचाप अपने आप इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉल होने के बाद यह वायरस कई खतरनाक काम कर सकता है, जैसे कि यह वायरस बैंक डिटेल्स, लॉगिन आईडी, वन-टाइम पासवर्ड और पासवर्ड चुरा सकता है।
ऐसे करें बचाव
एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी का कहना है कि अंजान नंबरों से आई फाइलें न खोलें। जिन लोगों को आप नहीं जानते, उनसे आई कोई भी फाइल या फोटो डाउनलोड या न खोलें। इसके अलावा व्हाट्सऐप की ऑटो-डाउनलोड सेटिंग को बंद कर दें, ताकि अनजान फाइल्स या फोटो अपने आप आपके फोन में डाउनलोड न हों। साइबर ठगी के मामलों को लेकर नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
TRNDKB: *विक्रमादित्य सिंह और डॉ. अमरीन कौर की शादी कल यानी 22 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ में होने जा रही है। विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री हैं और यह उनकी दूसरी शादी होगी।*
TRNDKB: *चंबा में दर्दनाक हादसा: रावी नदी में गिरी कार, प्रशिक्षु डॉक्टर की मौत, युवती लापता; दो साथी गंभीर रूप से घायल*
*हिमाचल प्रदेश के चंबा में एक कार रावी नदी में गिर गई। हादसे में एक एमबीबीएस प्रशिक्षु की मौत हो गई, जबकि एक लापता है। दो प्रशिक्षु घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।*
चंबा-पठानकोट हाईवे पर परेल के पास रविवार तड़के 3:00 बजे एक कार अनियंत्रित होकर रावी नदी में जा गिरी। *हादसे में मेडिकल कॉलेज चंबा के एमबीबीएस इंटर्न अखिलेश (25) पुत्र राजकुमार निवासी गांव बडग्राम, तहसील बड़सर, जिला हमीरपुर की मौत हो गई। वहीं, इशिका (23) पुत्री विजय निवासी गांव हाटकोटी, जिला शिमला हादसे के बाद नदी के तेज बहाव में लापता हो गई।*
कार में सवार तीन अन्य इंटर्न में से रिशांत (26) पुत्र प्रताप चंद निवासी गांव भराड़ा, डाकघर कुमारसैन, जिला शिमला और दिव्यांक (23) पुत्र सतीश कुमार निवासी गांव बिशा, डाकघर कंडाघाट, जिला सोलन गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का उपचार मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रहा है।
हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को खाई से निकालकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया। डॉक्टरों ने अखिलेश को मृत घोषित कर दिया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। लापता युवती की तलाश के लिए पुलिस और दमकल विभाग की टीमें नदी में सर्च अभियान चला रही हैं। हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे में एक युवक की मौत हो गई है, जबकि एक युवती लापता है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
TRNDKB: *चंबा: ''क्राइम पार्टनर'' बने पति-पत्नी, बोलेरो गाड़ी से कर रहे थे ''सफेद जहर'' की तस्करी, जानें कैसे चढ़े पुलिस के हत्थे*
*पूछताछ में आराेपियाें की पहचान नरेंद्र सिंह पुत्र प्रकाश चंद (28) तमन्ना पत्नी नरेंद्र सिंह निवासी बरंगाल तहसील सलूणी जिला चम्बा के रूप में हुई।*
चम्बा पुलिस की एसआईयू टीम ने कटोरी बंगला के पास एक बोलेरो गाड़ी में सवार पति-पत्नी से 10.13 ग्राम चिट्टे के साथ काबू किया है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना चुवाड़ी में मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात चम्बा की एसआईयू टीम के मुख्य आरक्षी योगराज, सुनील, संजय, आरक्षी अनिल और महिला आरक्षी लता ने जिला चम्बा की सीमा कटोरी बंगला के समीप नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान लगभग साढ़े 10 बजे एक बोलेरो गाड़ी काे जांच के लिए राेका गया, जाेकि पठानकोट से बनीखेत की ओर जा रहा थी। गाड़ी में पति-पत्नी सवार थे, जाेकि टीम काे सामने देखकर घबरा गए।
उनकी घबराहट को देखकर पुलिस को उन पर शक हुआ। जब बोलेरो की जांच की तो चालक की सीट के नीचे से 10.13 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पूछताछ में आराेपियाें की पहचान नरेंद्र सिंह पुत्र प्रकाश चंद (28) तमन्ना पत्नी नरेंद्र सिंह निवासी बरंगाल तहसील सलूणी जिला चम्बा के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर हिरासत में लेकर उनके खिलाफ थाना चुवाड़ी में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि डीएसपी चुवाड़ी योगराज चंदेल ने की है।
TRNDKB: जीएसटी परिषद द्वारा कल से लागू किए जा रहे नए टैक्स रेट्स के बीच, मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर कोई बदलाव नहीं होगा. यानी इन प्रोडक्ट्स पर अब भी 18 प्रतिशत जीएसटी ही लगेगा और इस कारण इनके दाम में कोई कटौती नहीं आएगी.
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