बीजेपी के नितिन नवीन, शिवेश कुमार राज्यसभा जाएंगे:RLM से उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार, दो सीटों पर JDU उतारेगी कैंडिडेट; 16 मार्च को होगी वोटिंग
होली के त्योहार के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। बिहार से बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। नितिन नवीन फिलहाल पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उनकी विधानसभा सीट खाली हो जाएगी, जिस पर बाद में उपचुनाव कराए जाने की संभावना है। वहीं, उनके अलावा लिस्ट में शिवेश राम का भी नाम है। शिवेश राम 2024 का लोकसभा चुनाव सासाराम से लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वे कांग्रेस प्रत्याशी से हार गए थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक, 5वीं सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का भी राज्यसभा जाना तय है। दो सीटों पर JDU उम्मीदवार उतारेगी। 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। इनमें बिहार की 5 राज्यसभा सीट है। सभी उम्मीदवार 05 मार्च को नामांकन करेंगे। हाल ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नवीन नितिन नवीन हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं। वे भाजपा के अनुभवी और जमीनी नेताओं में गिने जाते हैं। वह लगातार 5 बार बांकीपुर से विधायक चुने जा चुके हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से जीत दर्ज कर पांचवीं बार विधानसभा में प्रवेश किया। नितिन नवीन पहले भी बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पार्टी संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका लंबे समय से रही है। संगठनात्मक क्षमता और चुनावी रणनीति की समझ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी है। बीजेपी ने इस बार सवर्ण और दलित का कॉम्बिनेशन बनाया है। दोनों भाजपाई हैं। दोनों के पिता ने भी बीजेपी से लंबी राजनीति की है। यानि की पार्टी की तरफ से एक बार फिर से संगठन को तवज्जो दिया है। अब जानिए कौन हैं शिवेश राम शिवेश राम बिहार के राजपुर (बक्सर) विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। दलित (SC) समुदाय के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनका राजनीति से गहरा नाता रहा है। वे बिहार के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मुन्नी लाल के बेटे हैं। मुन्नी लाल सासाराम संसदीय क्षेत्र से तीन बार सांसद रहे थे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी थे। शिवेश राम अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। भाजपा संगठन में शिवेश राम ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा (SC मोर्चा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं और प्रदेश स्तर पर भी अलग अलग पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने राजपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि, हाल के कुछ चुनावों में उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। शिवेश राम का संबंध एक सशक्त राजनीतिक पृष्ठभूमि से है। उनके पिता मुनि लाल सासाराम से तीन बार सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। मुनि लाल को बीजेपी के समर्पित और जमीनी नेता के तौर पर जाना जाता था। 2019 में उनके निधन के बाद परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी शिवेश राम पर आई। शिवेश राम ने राजनीति की शुरुआत एक कार्यकर्ता के रूप में की। उन्होंने संगठन में नीचे से ऊपर तक काम किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। साल 2010 में उन्होंने भोजपुर जिले की अंगियांव विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधायक बने। इसके बाद संगठन में उनकी सक्रियता और पकड़ को देखते हुए उन्हें प्रदेश स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं। वर्तमान में वे बिहार बीजेपी के प्रदेश महामंत्री बनाए गए। हाल ही में पार्टी ने उन्हें सासाराम लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां वे चुनाव हार गए। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया बावजूद इसके, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और सामाजिक समीकरणों में उनकी उपयोगिता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। कैमूर के मोहनिया में शिवेश राम का जन्म हुआ था। उनका पैतृक गांव भोजपुर के ज्ञानपुर सेमरिया है और वर्तमान में परिवार पटना के अंबेडकर कॉलोनी में रहते है। शिवेश राम 1995 से रोहतास के गौरक्षणी के वोटर रहे है। शिवेश राम 1981 में बिहार बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा दी। इसके बाद आर्ट से 1983 में एग्जाम दिया। 1986 में रांची से BA (HONS) की पढ़ाई पूरी की। उन्हें एक शांत, सरल और विवादों से दूर रहने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। राज्यसभा के लिए उनका चयन यह संकेत भी देता है कि बीजेपी संगठन में काम करने वाले नेताओं को अवसर देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। राज्यसभा से पॉलिटिक्स में एंट्री कर सकते हैं निशांत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाओं पर जेडीयू के कद्दावर नेता और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले श्रवण कुमार ने नालंदा में कहा कि निशांत कुमार जल्द ही राजनीति के मैदान में उतरेंगे और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार के नौजवानों, प्रगतिशील विचार के लोगों और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह लंबे समय से मांग थी, जो अब जल्द ही पूरी होने वाली है। संगठन को निशांत कुमार जैसे व्यक्तित्व की जरूरत थी और उनके आने से पार्टी की मजबूती के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार होगा। हालांकि, जब उनसे निशांत को सीधे राज्यसभा भेजे जाने या मुख्यमंत्री की राजनीतिक विरासत सौंपने के संबंध में सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। हालांकि, सियासी गलियारे में यह चर्चा तेज है कि निशांत को जदयू राज्यसभा भेज सकती है। अब जानिए राज्यसभा का गणित क्या है बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में JDU और BJP की दो-दो सीटें लगभग तय हैं। राज्यसभा चुनाव में 1 सीट के लिए इस बार कम से कम 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। दरअसल इसके लिए फॉर्मूला ये है कि जितनी सीटों पर चुनाव होना है, उनमें एक जोड़कर इसे विधानसभा की कुल सीटों से डिवाइड किया जाता है। इस लिहाज से विधानसभा की कुल 243 सीटों को 6 से भाग दिया जाए तो 40.5 आता है यानि कि 41 विधायक। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है। जो सीटें खाली हो रही हैं, उनमें 12 NDA के पास हैं, 25 पर विपक्ष का कब्जा है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6 और पश्चिम बंगाल-बिहार की 5-5 सीटों पर चुनाव कराया जाना है। शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... क्या नीतीश कुमार बेटे निशांत को भेजेंगे राज्यसभा:ललन-संजय की मुलाकातों में बनी बात, नीतीश के बाद कौन संभालेगा बिहार की कमान होली पर्व के बीच बिहार में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। सियासी गलियारे में राज्यसभा जाने वालों के नामों की अटकलें लगाई जा रही है। इसमें एक नाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी चल रहा है। संभावना है कि निशांत JDU कोटे से राज्यसभा जा सकते हैं। इन चर्चाओं को बल एक बार फिर JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के बयान से मिला। पूरी खबर पढ़ें...
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