बुढ़नई में 45 साल से बसे भूमिहीन आदिवासी:जिलाधिकारी से सरकारी जमीन की बंदोबस्ती की मांग

Apr 29, 2026 - 16:06
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बुढ़नई में 45 साल से बसे भूमिहीन आदिवासी:जिलाधिकारी से सरकारी जमीन की बंदोबस्ती की मांग
किशनगंज के पोठिया अंचल अंतर्गत मौजा बुढ़नई के भूमिहीन आदिवासी परिवारों ने जिलाधिकारी से सरकारी जमीन की बंदोबस्ती की मांग की है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले 40-45 वर्षों से बिहार सरकार के खाता संख्या 1136 की भूमि पर बसे हुए हैं। बुधवार को दिए गए एक आवेदन में सुनील मुर्मू सहित 43-44 लोगों ने अपनी यह मांग रखी। सभी परिवार गरीब मजदूर और भूमिहीन ये सभी परिवार झाड़बाड़ी, तैयबपुर निवासी गरीब मजदूर हैं और पूरी तरह से भूमिहीन हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस सरकारी जमीन पर अपने घर बनाए हैं। कई परिवारों को सरकार द्वारा इंदिरा आवास योजना के तहत घर भी दिए गए हैं, जबकि अधिकांश लोग इसी जमीन पर खेती-बाड़ी करके अपना जीवन यापन करते हैं। आदिवासी समाज के नेता बबलू बास्की ने बताया कि इतने वर्षों से यहां बसे होने के बावजूद अब तक उनके नाम से बंदोबस्ती प्रवाना जारी नहीं किया गया है। इस कारण उन्हें हमेशा बेदखली का डर बना रहता है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई ग्रामीणों, जिनमें सुनील, रूबीलाल और सुपौल शामिल हैं, ने बताया कि वे पहले भी कई बार अंचलाधिकारी पोठिया को इस संबंध में आवेदन दे चुके हैं। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पीढ़ियों से यहां रहने के बावजूद जमीन का वैध दस्तावेज न होने से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि सभी भूमिहीन आदिवासी परिवारों की स्थिति की जांच की जाए और उनके नाम से बंदोबस्ती प्रवाना जारी किया जाए, ताकि उन्हें स्थायी सुरक्षा मिल सके और वे बिना किसी भय के अपने परिवार का जीवन यापन कर सकें।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला