योगी बोले- श्रमिकों को 5 लाख का बीमा मिलेगा:मजदूर दिवस पर कहा- जो काम का दाम नहीं देगा, उसका काम तमाम होगा
यूपी में 15 लाख श्रमिकों को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। शुक्रवार को सीएम योगी ने लखनऊ में मजदूर दिवस पर इसका ऐलान किया। सीएम ने कहा- हमने बचपन में देखा है कि लोग काम कराते थे, लेकिन जब पैसे देने की बारी आती थी तो भुगतान नहीं करते थे। अब सरकार ने तय किया है कि ऐसा नहीं चलेगा। अगर काम किया है तो काम का दाम भी देना पड़ेगा। जो काम का दाम नहीं देगा, उसका काम सरकार तमाम करेगी। योगी ने कहा- पहले कुछ लोग गरीबों का राशन हड़प लेते थे। अब प्रदेश के 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। जो भी गरीबों के हक में डकैती डालता था, उसकी जगह अब हवालात में है। कोरोना की त्रासदी को याद करिए, विपक्षी नेता रजाई तानकर सो गए थे। कोई सामने नहीं आ रहा था। अगर कोई सामने आया तो वह डबल इंजन की सरकार थी। सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित श्रमवीर गौरव सम्मान समारोह में 5 श्रमिकों को टूलकिट (हेलमेट, बैग, टैबलेट) देकर सम्मानित किया। अटल आवासीय विद्यालयों में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं को भी टैबलेट दिए। प्रयागराज-झांसी के अटल विद्यालय के हेडमास्टर को भी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे पहले, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 75 जिलों से आए 75 श्रमिकों से बात की। उन्होंने देसी अंदाज में पूछा कि तुम लोगन के लड़कन-लड़की अटल आवासीय विद्यालय मा पढ़ रहै हैं न? तुम्हार जी जुड़ान कि नाहीं। तुम्हार मजदूरी केहू नहीं हड़प सकत। केतनव बड़ा गुंडा होए, उसका इलाज हम करब। हमारी सरकार मा तुम लोगन के सम्मान की गारंटी है। सीएम योगी की 5 बड़ी बातें- 1- उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए कोई सुरक्षा की गारंटी नहीं होती। हम तैयारी कर रहे हैं कि उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को 5 लाख का बीमा मिले। हम नहीं चाहते कि किसी के साथ कोई घटना हो। लेकिन, विपरीत परिस्थितियों में उनके परिवार को मदद मिलनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के एक करोड़ श्रमिकों को आयुष्मान योजना के तहत हेल्थ कार्ड मिलेगा। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। 2- जो लोग समृद्धि के विरोधी हैं, विकास के विरोधी हैं, वो नहीं चाहते कि हम उन्नति करें। वो बहकाएंगे लेकिन हमें बहकना नहीं है। याद रखना- जहां औद्योगिक अशांति हुई है, वहां खंडहर के सिवाय कुछ नहीं बचा। हमें किसी भी स्थिति में औद्योगिक अशांति नहीं होने देना है। 3- र्दी, गर्मी, बरसात कोई भी मौसम हो, श्रमिक लगे रहते हैं। इसके बावजूद वे अभाव में जीते हैं। वे हमारे लिए घर बनाते थे, लेकिन विडंबना है कि हम अब तक उनके लिए घर नहीं दे पाए। जो श्रमिक दूसरों के लिए इज्जतघर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर थी। जो दूसरों के बच्चों के लिए स्कूल बनाते थे, उनके बच्चे खुद मुख्यधारा से अलग थे। 4- याद करिए कोरोना की त्रासदी को, विपक्षी नेता रजाई तानकर सो गए थे। कोई सामने नहीं आ रहा था। अगर कोई सामने आया तो वह थी डबल इंजन की सरकार। हमने 14 हजार बसें एनसीआर में भेजीं। आदेश दिया कि कोई भी श्रमिक उत्तर प्रदेश आएगा, उसके लिए आवास, रहना-खाना एकदम फ्री में रहना चाहिए। उस समय 1 करोड़ लोगों को रहने की व्यवस्था की। सबका राशन कार्ड बनवाया गया। पहले 15 दिन, फिर जब तक कोरोना काल चला तब तक उन्हें फ्री में राशन दिया। उसके बाद वह राशन अब तक जारी है। 5- आपके बच्चे पढ़ाई से वंचित नहीं रहेंगे। उनके लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां सीबीएसई बोर्ड की भी पढ़ाई कराई जा रही है। आज नोएडा के जेवर में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी है जिसमें केवल श्रमिकों के बच्चों का एडमिशन होगा। श्रमवीर गौरव सम्मान समारोह से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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