रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला, मौत:मुरैना में गश्त पर निकली थी टीम; मर्डर के बाद रेत बेचकर भाग निकला आरोपी

Apr 8, 2026 - 17:11
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रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला, मौत:मुरैना में गश्त पर निकली थी टीम; मर्डर के बाद रेत बेचकर भाग निकला आरोपी
मुरैना में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने वन रक्षक को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम रूटीन गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सामने से रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखी। टीम ने रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। देखिए, 8 तस्वीरें… वन विभाग ने 3 आरोपियों के नाम दिए दैनिक भास्कर के हाथ वन विभाग के गेम रेंज अधिकारी वीर कुमार तिर्की द्वारा दिमनी थाने में दिया गया आवेदन लगा है। इसमें तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है। इनमें ट्रैक्टर मालिक सोनू चौहान और पवन तोमर समेत ड्राइवर विनोद कोरी के नाम हैं। ट्रैक्टर सोनू और पवन ने साझेदारी में खरीदा था। आवेदन के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे वन विभाग की टीम सरकारी गाड़ी नंबर MP02 ZA 0821 से गश्त पर निकली थी। टीम में वनकर्मी संदीप, शत्रुघ्न, विनोद, हरकेश और गेम रेंज ऑफिसर वीर कुमार तिर्की थे। कृषि मंत्री के बेटे ने की नामजद FIR की मांग कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बेटे बंकू उर्फ कप्तान कंसाना भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से मामले में नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिमनी थाने से मृतक के परिजन को फोन कर जबरन एफआईआर पर साइन करवाए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त पूरे प्रदेश में रेत माफिया का राज कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा- चंबल में रेत माफिया का बोलबाला है। मुख्यमंत्री के पास समय नहीं है, हम लोग कई बार उनसे अनुरोध कर चुके हैं। आज पूरे प्रदेश में रेत माफिया का राज कायम हो चुका है। 4 साल की बेटी, दो साल का बेटा वन रक्षक हरकेश गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव जनकपुर में किया गया। मुखाग्नि उनके चाचा के बेटे सोनू गुर्जर ने दी। हरकेश अपने पीछे पत्नी लवली गुर्जर, दो साल के बेटे तन्मय और 4 साल की बेटी तन्वी को छोड़ गए हैं। वन रक्षक के साले ने खुद को बताया प्रत्यक्षदर्शी वन रक्षक हरकेश गुर्जर के साले गौरव गुर्जर ने खुद को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया है। उन्होंने कहा कि वे रात में हरकेश से मिलने पहुंचे थे। सुबह गश्त के दौरान भी साथ ही थे। गौरव के अनुसार, जब रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखाई दी, तो गेम रेंज ऑफिसर वीर कुमार तिर्की ने टीम को ट्रैक्टर रुकवाने का इशारा किया। इसी दौरान ड्राइवर ने हरकेश गुर्जर पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। शहीद का दर्जा देने, पत्नी को शासकीय नौकरी की मांग डीएफओ हरीश चंद्र बघेल ने कहा- विभागीय स्तर पर मृतक हरकेश के परिजन को सहायता दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। पत्नी को शासकीय नौकरी और वन रक्षक को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है, जिसे आगे बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर बोले- आरोपी को जल्द पकड़ेंगे कलेक्टर जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ ये खबरें भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर… कुचलकर मारे गए पटवारी के परिवार को 25 हजार की सहायता शहडोल में पटवारी प्रसन्न सिंह की हत्या को एक महीने से ज्यादा बीत चुका है। पुलिस अब तक किसी पर आरोप तय नहीं कर पाई है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की गई है। वहीं, प्रशासन ने परिवार को बीमे की रकम के अलावा 25 हजार का मुआवजा दिया। जिसे परिजन ने लेने से मना कर दिया। परिजन का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए न कि पैसा। पढे़ं पूरी खबर…

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला