आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ उत्तराखंड के धराली में बादल फटने के बाद तबाही की तस्वीरें 😳 64 लोगों को साथ ले गया काल. 4 के शव मिले 60 अभी भी लापता
: *Himachal : अब फेरीवाले लाइसेंस के बिना गांवों में नहीं बेच पाएंगे सामान, नियमों का ड्राफ्ट जारी*
स्ट्रीट वेडिंग लाइसेंस के नियमों का ड्राफ्ट जारी, पुलिस वेरीफिकेशन जरूरी
एक से अधिक पंचायतों में सामान बेचने का लाइसेंस बीडीओ करेंगे जारी
प्रत्येक विक्रय लाइसेंस जारी होने की तारीख से एक वर्ष के लिए होगा मान्य
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों और ग्रामीण इलाकों के बाजारों में सामान बेचने वाले लोगों के स्ट्रीट वेडिंग लाइसेंस बनाए जाएंगे। स्ट्रीट वेडिंग लाइसेंस बनाने के लिए विक्रेताओं की पुलिस वेरीफिकेशन की जाएगी। इसके अलावा एक से अधिक पंचायतों में सामान बेचने वालों को खंड विकास अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। पंचायती राज विभाग की ओर से स्ट्रीट वेडिंग लाइसेंस के नियमों का ड्राफ्ट जारी किया गया है। प्रत्येक ग्रामीण विक्रेता, जिसे विक्रय लाइसेंस जारी किया गया है, उनको निदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज द्वारा समय-समय पर निर्धारित विक्रय शुल्क का भुगतान करना होगा। प्रत्येक विक्रय लाइसेंस जारी होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए वैध होगा। ग्रामीण पथ विके्रता को विक्रय लाइसेंस जारी करने के लिए हिमाचल प्रदेश के वास्तविक निवासियों और ग्राम पंचायत क्षेत्र में पहले से ही विक्रय गतिविधियां संचालित करने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा ग्राम पंचायत अपनी आम या विशेष बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा इन स्ट्रीट वेंडिंग के नियमों के तहत ऐसे क्षेत्रों को विक्रय क्षेत्र घोषित करेगी, जहां लोगों की आवाजाही उचित रूप से अच्छी हो और जहां स्थान भी उपलब्ध हो। फुटपाथ पर विक्रय क्षेत्र की अनुमति नहीं होगी, ताकि आम जनता का आने और जाने में आसानी हो सके।
ग्राम पंचायत घोषणा के साथ विक्रय क्षेत्र का सटीक चित्र संलग्न करेगी और विक्रय क्षेत्र में प्रत्येक ग्रामीण पथ विक्रेता के लिए न्यूनतम चार वाई चार फुट का स्थान उपलब्ध कराएगी। ग्राम पंचायत अपनी आम या विशेष बैठक में पारित प्रस्ताव द्वारा प्राकृतिक बाजार घोषित करेगी, जिसमें उन बाजार स्थलों का उल्लेख होगा, जहां विके्रता और खरीददार पारंपरिक रूप से उत्पादों या सेवाओं के क्रय-विक्रय के लिए एकत्रित होते रहे हैं। इन प्राकृतिक बाजारों को ग्राम पंचायत द्वारा विक्रय क्षेत्र घोषित करने पर भी विचार किया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति, जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, उसे इन नियमों के तहत ग्राम पंचायत को लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा और निर्धारित दर पर एकमुश्त लाइसेंस पंजीकरण शुल्क भी जमा करना होगा। लाइसेंस जारी करते समय हिमाचल प्रदेश के वास्तविक निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायत द्वारा बनाए जाने वाले ग्रामीण विक्रेताओं के रजिस्टर में उनकी जानकारी दर्ज करेगी। आवेदन प्राप्त होने पर, ग्राम पंचायत पुलिस सत्यापन के लिए आवेदन अग्रेषित करेगी और पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने पर आवेदन पर विचार करेगी और उस पर उचित निर्णय लेगी।
यदि किसी व्यक्ति को एक से अधिक ग्राम पंचायतों के संबंध में ग्रामीण पथ विक्रेता लाइसेंस की आवश्यकता है, तो वह खंड विकास अधिकारी को आवेदन करेगा, जो पुलिस सत्यापन और अपेक्षित शुल्क की प्राप्ति के बाद लाइसेंस प्रदान करेगा। पंचायती राज विभाग की ओर से इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना जारी होने से 30 दिन के भीतर किसी को अगर कोई आपत्ति या सुझाव है, तो वह लिखित आपत्ति या सुझाव निदेशक पंचायती राज, हिमाचल प्रदेश, एसडीए कॉम्प्लेक्स, कसुम्पटी, शिमला-171009 को भेज सकते हैं।
: *Himachal Congress : संगठन के गठन पर बात, अभी नहीं होगा कैबिनेट का विस्तार*
अध्यक्ष को लेकर हाईकमान ने जानी सीएम-डिप्टी सीएम-मंत्रियों की राय
राहुल गांधी ने सभी नेताओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा
हिमाचल प्रदेश में कांगे्रस संगठन के अध्यक्ष को लेकर पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ मंत्रियों की राय जानी है। साथ ही राहुल गांधी ने नेताओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा है। दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कांगे्रस मुख्यालय में हिमाचल के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक के बाद सभी नेताओं की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के साथ हिमाचल सदन में वन-टू-वन मीटिंग हुई और अब रजनी पाटिल हाईकमान को अपनी रिपोर्ट देंगी। बताया जा रहा है कि संगठन अध्यक्ष के लिए कुछ नामों पर वहां चर्चा की गई है जिसमें विनय कुमार, विनोद सुल्तानपुरी, आशीष बुटेल व कुलदीप सिंह राठौर का नाम भी सामने आया है। अब देखना होगा कि पार्टी हाईकमान मंत्रियों की राय पर आगे क्या निर्णय लेती है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह में वहां से कार्यकारिणी की सूची आ जाएगी। कांग्रेस कमेटी का जल्द गठन होगा। बताया जा रहा है कि बैठक में कैबिनेट मंत्रियों में से ही किसी एक को राज्य अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
इस पर हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि एक व्यक्ति, एक सिद्धांत लागू होगा। यदि किसी मंत्री पर प्रदेश अध्यक्ष बनाने की सहमति बनती है, तो उसे मंत्रिपद छोडऩा होगा। दिल्ली में आयोजित बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन में हो रही देरी को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित बैठक में मौजूद मंत्रियों ने कहा कि पीसीसी का गठन जल्द हो जाना चाहिए। इस बैठक में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी रजनी पाटिल मौजूद थीं। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बैठक में पीसीसी से लेकर जिला व ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी जल्द गठित करने की पैरवी की। हिमाचल कांग्रेस के कई नेता दिल्ली से वापस लौट आए हैं। वहीं, कुछ नेता अभी भी दिल्ली में बताए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार को वापस लौटेंगे।
मंत्रिमंडल नहीं, सिर्फ प्रदेश कार्यकारिणी पर फोकस
दिल्ली में हाईकमान से हुई बैठक के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बातचीत नहीं की गई। यहां केवल संगठन के मामले को लेकर ही बात हुई है, क्योंकि पिछले लगभग नौ महीने से हिमाचल में कांगे्रस कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है। वहां बताया जा रहा है कि कुल्लू से विधायक व पूर्व सीपीएस सुंदर ठाकुर भी दिल्ली में थे और उन्होंने हिमाचल सदन में रजनी पाटिल से मुलाकात की है। यहां मुख्यमंत्री भी साथ थे। मंत्रिमंडल ने एक पद खाली चल रहा है और सुंदर ठाकुर की दावेदारी उस पर है। कई दूसरी ताजपोशियां भी की जानी हैं, मगर अभी फिलहाल इन पर बात नहीं हुई है।
मंत्रियों के साथ रजनी पाटिल की वन-टू-वन मीटिंग
हाईकमान से बैठक के बाद सभी नेताओं की बैठक हिमाचल सदन में हुई है। यहां पर मुख्यमंत्री ने सभी को लंच भी दिया। रजनी पाटिल ने जहां सीएम के साथ अलग से बातचीत की, वहीं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री के अलावा धनी राम शांडिल, चंद्र कुमार, जगत सिंह नेगी, हर्षवर्धन चौहान व रोहित ठाकुर के साथ वन-टू-वन बातचीत की। उनकी राय जानी गई कि पार्टी का अध्यक्ष कौन होना चाहिए। उनकी पसंद कौन है और क्यों है। हिमाचल में संगठन को मजबूत करने को लेकर यहां पर चर्चा की गई, साथ ही सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा की। मंत्रियों से उनके विभागों की परफॉर्मेंस पर भी यहां बात की गई है।
: *नेशनल कान्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान*
जे एंड के में कभी खत्म नहीं होगा आतंकवाद
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कान्फ्रेंस के प्रमुख प्रमुख अब्दुल्ला ने प्रदेश में आतंकवाद को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में जब तक हालात नहीं सुधरेंगे, तब तक कश्मीर में आतंकवाद कभी भी खत्म नहीं होने वाला है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं दावा करता हूं कि यहां मिलिटेंसी कभी खत्म नहीं होगी, जब तक हमारे पड़ोसी देश और वहां के हालात बेहतर नहीं होते। वहीं, दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। पांच अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत दी गई विशेष स्थिति को रद्द कर दिया गया था।
उधर, पांच अगस्त को लेकर ही सोमवार को नई दिल्ली में भी सुरक्षा संबंधी बैठकों का दौर चलता रहा, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित कई लोग शामिल रहे। बता दें कि इस साल की शुरुआत से अब तक सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में 59 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें 31 आतंकी पाकिस्तान और 28 स्थानीय थे।
: *बरसाती आफत के बीच एक और खतरा, रक्षाबंधन पर छा गई मंदी, खाली पड़े बाजार*
ऑनलाइन मार्केट ने छीनी बाजारों की चमक, लोकल दुकानों पर नहीं पहुंच रहे इस बार ग्राहक, कई दुकानदारों की आजीविका पर मंडराया संकट
एक और बरसाती आफत और दूसरी और जेब में पैसा न हो तो सोचिए कि गुजर बसर करना कितना मुश्किल हो जाता है। आज हिमाचल के कई परिवार ऐसे हैं जिनके ऊपर डीजिटल मार्केट भी बरसाती आफत की तरह ही कहर ढा रही है । सवाल है कि क्या हम अपने त्योहारों को भी स्क्रीन के पीछे छोड़ रहे हैं- आज की खास खबर में बात इसी पर
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक सबसे खास पर्व रक्षा बंधन- जो अब कुछ ही दिन दूर है.. लेकिन क्या आपने महसूस किया कि इस त्योहार को मनाने का तरीका अब बदल गया है। कैसे चलिए हम आपको बताते हैं। यूं तो रक्षा बंधन का त्योहार आते ही हिमाचल के बाजारों में रौनक छा जानी चाहिए थी, लेकिन इस बार दुकानदारों की आंखों में चमक की जगह चिंता है । ऐसा इसलिए कि मोबाइल पर उंगलियां चलाकर राखी मंगाने वालों की संख्या बढ़ रही है, और बाजार विरान नजर आ रहे हैं। पहले सिर्फ भाई-बहन ही नहीं, पूरा बाजार भी इस पवित्र रिश्ते की तैयारी में जुट जाता था दुकानों में सजी रंग-बिरंगी राखियां, मिठाई की खुशबू और बहनों की हँसी- खुशियों में चार चांद लगा देती थी। बदलते समय के साथ टेक्नोलॉजी का असर भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर भी पड़ा है। जहां बहनें ऑनलाइन राखी पसंद कर भाई को भेज दे रही हैं, वहीं भाई भी ऑनलाइन ही गिफ्ट पसंद कर प्यारी बहना को भेज रहे हैं। यानि कि इस डिजीटल दुनिया में त्यौहार में डीजिटल तरीके से मनाए जा रहे हैं। मगर इन सबके बीच जो पिस रहा है वो है दुकानदार- चाहे बात हिमाचल की करें या फिर किसी अन्य राज्य की। हर जगह त्योहार पर इस बार रौनक नजर नहीं आ रही है। राखी हो या होली या दिवाली, लोग ऑनलाइन सामान मंगाते हैं जिससे स्थानीय दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है। बहुत से दुकानदार तो धीरे धीरे अब इस तरह की दुकाने लगाने से भी परहेज कर रहे हैं, क्योंकि बिक्री ही नहीं बची है।
बहुत से दुकानदार तो ऐसे हैं, जो साल भर इंतज़ार करते हैं इस एक त्योहार का । कई दुकानें सिर्फ राखी के सीजन में खुलती थी ये ही उनका साल का एकमात्र सहारा होता था, कई स्वंय सहायता समूह साल भर राखी बनाते हैं। ताकि इस पर्व पर बेचकर थोड़ा मुनाफा कमा सकें. मगर हर और ऑनलाइन का बोलबाला होने के चलते अब ये लोग परेशान है। इसकी एक वजह ये भी है कि अक्सर त्यौहारी सीजन पर ऑनलाइन पोर्टल्स भारी छूट, विज्ञापन और तेज़ डिलीवरी से छोटे व्यापार को निगलने की कोशिश कर रहे हैं। जिसमें साल दर साल इनकी सफलता की दर बढ़ भी रही है।
इन दिनों अगर आप किसी भी शॉपिंग साइट पर जाएंगे तो वहां आपको तरह तरह के डिजाइन और ऑफरस स्पशेल रक्षा बंधन के लिए मिल जाएंगें। ऐसा नहीं है कि लोकल बाजारो में बिकने वाला सामान ऑनलाइन को टक्कर नहीं दे रहा। अगर आप बाजार में जाएंगे तो आपको हर तरह की राखी, तोहफे मिल जाएंगें, वो भी ऑनलाइन से कम दाम पर। मगर फिर भी ऑनलाइन की चकांचौंध के आगे बाजारों की रौनक फीकी ही पड़ रही है। इससे लोकल दुकानदारों का मन भी टूट रहा है। क्योंकि साल दरसाल व्यापार में सिर्फ घाटा हो रहा है। धर्मशाला से लेकर सोलन तक हिमाचल के बाजारों में यहीं हाल है। दुकानदारों ने दुकानें तो सजाई हैं, पर काम नहीं हैं। धंधा चौपट हो गया है। हमारे धर्मशाला से संवाददाता सुनील समियाल ने एक लोकल दुकानदार से बात की। जिन्होनें बाजारों के हालात बयां किए हैं जो यकीनन लोकल लोगों के लिए चिताजनक जरूर हैं।
एक तो पहले ही बरसात ने हिमाचल के दुकानदारों की कमर तोड़ दी है क्योकि पर्यटक नहीं आ रहे हैं और दूसरी और बढ़ती ऑनलाइन शॉपिंग । हमारी संवाददाता ने सोलन के बाजारों का हाल भी जाना। वहीं पर भी स्थिती में कुछ ज्यादा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। शायद हम अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं कि ऑनलाइन शॉपिंग के चक्कर में हिमाचल क्या क्या खो रहा है। काम- धंधे चौपट होने से छोटे दुकानदारों की आजीविका खतरे में पड़ रही है, कई जगह बेरोजगारी बढ़ रही है, क्योंकि पहले जिस दुकान को चलाने के लिए 4 हेल्पर्स की जरूरत पड़ती थी वहां अब काम मंदा होने पर एक व्यक्ति ही काम संभाल रहा है। अगर इसी तरह से सब कुछ ऑनलाइन हो गया, तो…बाजारों की चहल-पहल फीकी पड़ जाएगी। वोकल फॉर लोकल” का असली मतलब तभी पूरा होगा जब हम त्योहारों पर अपनी ज़मीन से जुड़ेंगे।
ऑनलाइन से सुविधा मिलती है, पर लोकल से संबंध बनते हैं। ऑनलाइन डिस्काउंट मिल सकता है। मगर स्थानीय़ दुकानदार आशीर्वाद भी देगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स अपनी जगह हैं, लेकिन अगर हम अपने मोहल्ले की दुकान से राखी खरीदें, तो न सिर्फ एक व्यापारी की रोज़ी बचेगी, बल्कि एक संस्कृति भी जीवित रहेगी।
आपकी इस पर क्या राय है कमेंट कर जरूर बताएं
: *Monsoon: हिमाचल में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर, इन तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी*
राज्य में झमाझम बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। इस दौरान ऑरेंज अलर्ट भी तीन जिलों के लिए दिया गया है जहां पर अत्यधिक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा में हैवी टू हैवी रेन होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 5 अगस्त को यहां पर बहुत ज्यादा बारिश होगी। इसके अलावा हमीरपुर, मनाली व सिरमौर में भी भारी बारिश होनेे की चेतावनी जारी की गई है। शेष जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के बीच भी तेज बारिश होने का अलर्ट है जबकि 9 व 10 अगस्त को हल्की बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर सोमवार को मौसम खराब बना रहा। हालांकि सुबह के समय दोपहर तक राज्य के कुछ ही स्थानों पर हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। मगर दोपहर बाद आसमान में काले बादल घिरने शुरू हो गए थे। शिमला में भी आज का दिन बिना बारिश के निकल गय। बादलों के घिरने के साथ समूचे प्रदेश में घनी धुंध छाई रही। राज्य के ऊना, मंडी, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा व सिरमौर के कई स्थानों पर शाम के समय तेज बारिश हुई है। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट आई है। अधिकतम तापमान में बीते रोज के मुकाबले एक डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट रिकॉर्ड की गई है।
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान भी कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई है। कसौली में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां पर 82.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा मनाली में 45.0, शिमला में 22.8, धर्मशाला में 12.0, कुफरी में 13.8, सराहन में 25.5 और पांवटा साहिब में 10.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते अब जगह जगह पर भूस्खलन की घटनाएं पेश आ रही है। जो प्रदेश में अब जनता को डराने लगी है। बारिश के चलते लोगों में हर दम प्राकृतिक आपदा का भय सता रहा है। प्रदेश में 9 व 10 अगस्त को बारिश की रफ्तार धीमी पडऩे की संभावना जताई जा रही है जिससे आम जनता को राहत मिल सकेगी।
: *मलबे में दबा दंपति, पत्नी की मौत, रसोईघर में खाना खाते समय बरपा कुदरत का कहर*
डलहौजी के कुम्हारका में रसोईघर में खाना खाते समय बरपा कुदरत का कहर
डलहौजी उपमंडल की ग्राम पंचायत बाथरी के कुम्हारका गांव में रविवार शाम बारिश के कारण रसोईघर की छत गिरने से दंपति मलबे में दब गया। हादसे के दौरान पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल है। घायल का सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। उपमंडलीय प्रशासन की ओर से मृतका के परिजनों को 25 हजार रुपए की फौरी राहत प्रदान की गई है। पुलिस ने घटना की रपट रोजनामचे में डाल दी है। जानकारी के अनुसार कुम्हारका गांव का शशि कुमार अपनी पत्नी रितु संग रसोईघर में खाना खा रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाके के साथ मिट्टी वाली छत के गिरने से दोनों मलबे में दब गए।
रसोईघर की छत गिरने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत राहत व बचाव कार्य आरंभ कर दिया। करीब पौने घंटे की कडी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने शशि कुमार व रितु को मलबे से बाहर निकालकर सीएचसी बाथरी पहुंचाया, जहां मौजूद चिकित्सक ने रितु को मृत घोषित कर करार दे दिया। शशि कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल डलहौजी शिफ्ट कर दिया गया। एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने घटनास्थल का दौरा करने के साथ ही अस्पताल पहुंचकर घायल का कुशलक्षेम भी पूछा। एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने घटना की पुष्टि की है।
भरमौर-पठानकोट एनएच पर मलबे ने रोकी गाडिय़ों की रफ्तार
भरमौर-पठानकोट एनएच पर परिहार के समीप पहाड़ी दरकने से गाडिय़ों के पहिए थम गए। इस दौरान चंबा से पठानकोट, शिमला, कांगड़ा जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
: *सडक़ पर सैर करते समय दर्दनाक हादसा, शिलाई के दो युवकों को रौंद गया अज्ञात वाहन, मौत*
सडक़ पर सैर करते समय दर्दनाक हादसा, जांच शुरू
करनाल में सडक़ पर टहल रहे युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस हादसे में उपमंडल शिलाई के दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवा करनाल के झझोली में होटल हवेली में काम करते थे। सडक़ हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे स पीजीआई ले जाते रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान विवेक पुत्र गंगाराम निवासी चोइला बाली कोटी व नरेंद्र पुत्र सूरत सिंहए निवासी ग्वालि के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। सडक़ हादसे का शिकार बने युवकों की मौत से गांव में शोक की लहर है। बाली कोटी पंचायत की प्रधान रेखा चौहान ने बताया कि करनाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंचकूला में सडक़ हादसे में घायल सुंदरनगर के जवान ने छोड़ा संसार
सुंदरनगर। सुंदरनगर उपमंडल के गांव भेच्छना के आईटीबीपी जवान संजय कुमार की पंचकूला में सडक़ हादसे में मौत हो गई। संजय कुमार 25 जुलाई को ड्यूटी के दौरान दुर्घटना के शिकार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पंचकूला के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। संजय कुमार 18 मार्च, 1992 को जन्मे थे और साल 2015 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। फिलहाल उनकी पोस्टिंग चंडीगढ़ स्थित आईटीबीपी सेंटर में थी।
: *Una News: विदेश भेजने के नाम पर 56 लाख की ठगी, मां-बेटे ने 14 युवकों को बनाया शिकार*
ऊना के कोटलाकलां में मां-बेटे ने 14 युवकों को बनाया शिकार
ऊना पुलिस थाना क्षेत्र के तहत कोटला कलां में मां-बेटे ने विदेश भेजने के नाम पर 14 युवकों के साथ 56 लाख रुपए की ठगी की है। शातिरों ने युवकों को अजरबैजान में वर्क वीजा के स्थान पर टूरिस्ट वीजा देकर भेज दिया। विदेश पहुंचे युवाओं को असलियत पता चली तो अपने पैसों से टिकट करवाकर वापस ऊना पहुंचे है। अजनोली निवासी एक युवक ने पुलिस के पास रपट दी है, जिसके आधार पर पुलिस ने नामजद एक महिला व उसके बेटे के खिलाफ धारा 318(4)बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता युवक ने बताया कि एक युवक अपने परिवार के साथ कोटला कलां में किराए के मकान में रहता है और विदेश भेजने का काम करता है। उक्त युवक व उसकी माता ने उससे व अन्य 13 लडक़ों को विदेश भेजने का झांसा देकर हर व्यक्ति से चार लाख रुपए नकद व ऑनलाइन माध्यम से लिए।
शातिर लोगों ने सभी को वर्क वीजा की जगह टूरिस्ट वीजा थमा दिए। जब ये लोग अजरबैजान पहुंचे तो वहां न कोई कंपनी मिली, न ही कोई काम। सभी को 14 दिन के भीतर भारत लौटना पड़ा। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ दिन पहले उक्त लोगों ने 30 जुलाई तक पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन अब वह इनकी कॉल नहीं उठा रहे है और न ही इनका पैसा वापस लौटा रहे है। पीडि़त ने पुलिस के पास शिकायत देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एसपी अमित यादव ने बताया कि पुलिस ने पुलिस ने एक महिला व एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
: *Himachal में आपदा से 1753 करोड़ का भारी नुकसान, 1694 मकान क्षतिग्रस्त, 192 लोगों की मौत, 36 लापता*
प्रदेश में आपदा से नुकसान का आंकड़ा 1753.63 करोड़ रुपए पहुंच गया है। आपदा से अब तक 1694 मकानों को नुकसान पहुंचा है वहीं 192 लोगों की मौत हुई है। 36 लोग अभी भी लापता हैं। आपदा प्रबंध प्राधिकरण की सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार 256 पक्के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं 208 कच्चे मकान भी बरसात की भेंट चढ़े हंै। इसके अलावा 520 पक्के मकानों सहित 708 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में 1524 गोशालाओं सहित 298 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, अब तक 192 लोगों की मौतें हो चुकी है। 36 लोग लापता हैं। राज्य के बिलासपुर में आठ लोगों की मौतें हो चुकी है। इसके अलावा चंबा में 18, हमीरपुर में 12, कांगड़ा में 30, किन्नौर में 11, कुल्लू में 18, लाहुल -स्पीति में छह, मंडी में 42, शिमला में 18, सिरमौर में पांच, सोलन में 13 और ऊना में 11 लोगों की मौतें हो चुकी है।
प्रदेश के मंडी में अभी भी 27 लोग लापता चल रहे है। चंबा में एक, कांगड़ा में दो, किन्नौर में एक, कुल्लू में दो, लाहुल-स्पीति में एक और शिमला में दो व्यक्ति लापता चल रहे है। लोक निर्माण विभाग सबसे अधिक नुकसान आंका गया है। इस विभाग को अभी तक 88804.48 लाख का नुकसान हो चुका है। जलशक्ति विभाग को 61818.2 लाख की क्षति पहुंची है। वहीं पावर को 13946.69 लाख, शिक्षा को 2045.05, कृषि को 1145.27 व फसलों सहित पेड़ों के तबाह होने से बागबानी को 2743.47 लाख के नुकसान का आंकलन लगाया है।
265 सडक़ों पर थमे गाडिय़ों के पहिए
प्रदेश में 265 सडक़ें व एक एनएच बंद पड़ा है। बिजली के 41 ट्रांसफार्मर बंद हैं तो वहीं 282 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हुई हैं। चंबा में चार, कांगड़ा में 23, कुल्लू में 67, लाहुल -स्पीति में एक, मंडी में 155, शिमला में एक, सिरमौर में एक व ऊना में 13 सडक़ें बंद बताई जा रही हैं।
: *CBI को नहीं मिले सबूत: सत्येंद्र जैन के खिलाफ कोर्ट ने बंद किया भ्रष्टाचार का केस*
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ चल रहा भ्रष्टाचार का मामला बंद कर दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस मामले में किसी भी तरह के अवैध लाभ का कोई सबूत नहीं मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी अधिनियम) डिग विनय सिंह ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट (मामला बंद करने की रिपोर्ट) को मान लिया। उन्होंने कहा कि चार साल की जांच के बाद भी जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला है। जो आरोप पेश किए गए हैं और जो तथ्यात्मक पृष्ठभूमि है,वे आगे की जांच या कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि शक सबूत की जगह नहीं ले सकता।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि किसी को आरोपी ठहराने के लिए केवल शक काफी नहीं है। कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए कम से कम मजबूत सबूत होना जरूरी होता है। आप के नेता पर आरोप लगा था कि जब वह दिल्ली सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री के रूप में कार्यरत थे,तो उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से पीडब्ल्यूडी के लिए 17-सदस्यीय सलाहकारों की टीम को नियुक्त करने की मंजूरी दी थी। ऐसा करके सत्येंद्र जैन ने मानक सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया था। सतर्कता विभाग ने एक शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर मई 2019 में जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
: *इंटर मियामी के कप्तान लियोनल मेसी चोटिल, अनिश्चित समय के लिए मैदान से हुए बाहर*
अनिश्चित समय के लिए मैदान से हुए बाहर, नेक्शाका के खिलाफ मैच में चोट लगी
इंटर मियामी के कप्तान लियोनल मेसी को दाहिने पैर की मांसपेशियों में चोट लगने के कारण अनिश्चित समय के लिए मैदान से बाहर हो गए हैं। क्लब ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस बात की पुष्टि की है। यह चोट मेसी को मेक्सिको की टीम नेक्शाका के खिलाफ लीग्स कप मैच के दौरान लगी। मेसी की चोट के बावजूद, इंटर मियामी ने नेक्शाका के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से जीत हासिल की। मेडिकल रिपोर्ट में मांसपेशियों में हल्की चोट की पुष्टि मेसी को केवल 11वें मिनट में मैदान छोडऩा पड़ा।
हालांकि वह खुद अपने पैरों पर चलकर लॉकर रूम तक गए, लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए उनका मेडिकल परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में मेसी के दाहिने पैर की मांसपेशियों में हल्की चोट की पुष्टि हुई है। उन्हें खेलने की अनुमति उनकी मेडिकल स्थिति और उपचार पर प्रतिक्रिया के आधार पर दी जाएगी।
मेसी एमएलएस 2025 के टॉप स्कोरर
मेसी इस सीजन में इंटर मियामी के लिए 18 मैचों में 18 गोल और नौ असिस्ट कर चुके हैं। वह एमएलएस (मेजर लीग शॉकर ) के टॉप स्कोरर की सूची में फिलहाल पहले स्थान पर हैं।
: *NBEMS एग्जाम 2025 का शेड्यूल जारी, यहां चेक करें परीक्षा की पूरी डिटेल*
दो सत्र में होगा आयोजन, एनबीईएमएस एग्जाम 2025 का शेड्यूल जारी
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस की ओर से आने वाले परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। अगर आप भी नीट, एसएस, एफएमजीई, डीएनबी-पीडीसीईटी, एफईटी और एफडीएससी परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परीक्षा शेड्यूल चेक कर सकते हैं। इस एग्जाम कैलेंडर के जरिए भारत और विदेशों में हजारों इच्छुक मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए आने वाले एक महत्त्वपूर्ण वर्ष की नींव रखी जा रही है। डीआरएनबी (एसएस) फाइनल थ्योरी परीक्षा अक्तूबर, 2025 का आयोजन 29, 30 और 31 अक्तूबर, 2025 को किया जाएगा। परीक्षा का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है।
नीट एसएस 2025 परीक्षा का आयोजन सात और आठ नवंबर को किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट का समय सुबह नौ बजे से सुबह 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं, दूसरी शिफ्ट का समय दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक तय किया गया है। डीएनबी (बीएस) फाइनल थ्योरी परीक्षा दिसंबर, 2025 का आयोजन 18, 19, 20, 21 दिसंबर को किया जाएगा। परीक्षा का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। आपको बता दें कि यह शेड्यूल अस्थायी है। कैलेंडर का उद्देश्य भारतीय और विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट के लिए तैयारी, यात्रा योजना और आवेदन फॉर्मैलिटीज के लिए पर्याप्त समय प्रदान करना है।
एफएमजीई दिसंबर एग्जाम 17 जनवरी को
एफएमजीई दिसंबर, 2025 परीक्षा 17 जनवरी, 2026 को करवाई जाएगी। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट का समय सुबह नौ बजे से सुबह 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं, दूसरी शिफ्ट का समय दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक तय किया गया है।
: *37 जरूरी दवाओं के खुदरा दाम तय, पैरासिटामोल, एमोक्सिसिलिन मेटफॉर्मिन जैसी आवश्यक दवाएं हुई सस्ती*
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने आम जनता को राहत देते हुए 37 आवश्यक दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर दिए हैं। यह कदम ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के तहत उठाया गया है, जिससे संक्रमण, हृदय रोग, मधुमेह, सूजन और विटामिन की कमी जैसी बीमारियों की इलाज में काम आने वाली प्रमुख दवाएं अब अधिक सस्ती दरों पर मिलेंगी। प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित नई कीमतें देश की प्रमुख फार्मा कंपनियों द्वारा निर्मित 41 दवा संरचनाओं पर लागू होंगी, जिनमें रोजमर्रा में प्रयुक्त पैरासिटामोल, एमोक्सिसिलि, एटोरवास्टेटिन, मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं तथा विभिन्न फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन शामिल हैं। इनमें एसीक्लोफेनैक पैरासिटामोल, ट्रिप्सिन, काइमोट्रिप्सिन संयोजन वाली सूजन रोधी टैबलेट डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेट्रीज़ द्वारा 13 और कैडिला फार्मास्युटिकल्स द्वारा 15.01 रुपए में उपलब्ध होगी।
इसी तरहए हृदय रोगों में दी जाने वाली एटोरवास्टेटिन 40 मिलीग्राम, क्लोपिडोग्रेल 75 एमजी की टैबलेट की कीमत 25.61 रुपए तय की गई है। बच्चों के लिए सेफिक्सिम पैरासिटामोल ओरल सस्पेंशन, विटामिन डी के लिए कोलेकैल्सीफेरोल ड्रॉप्स तथा डायक्लोफेनैक इंजेक्शन 31.77 रुपए प्रति मिलीलीटर जैसी दवाएं भी इस मूल्य निर्धारण में शामिल हैं। मधुमेह के लिए एम्पाग्लिफ्लोजिऩ, सिटाग्लिप्टिन और मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड की फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन अब अधिकतम 16.50 रुपए प्रति टैबलेट की दर से मिलेंगी। इसके अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए एटोरवास्टेटिन इजेटिमाइब, और एलर्जी व दमघोंटू लक्षणों के लिए बिलास्टिन मोंटेलुकास्ट जैसी दवाएं भी नई सूची में शामिल की गई हैं। इसके अलावा चार आवश्यक दवाओं इप्राट्रोपियम, सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड, पोविडोन आयोडीन और डिल्टियाज़ेम की अधिकतम खुदरा कीमतें भी तय कर दी हैं। ये नए मूल्य देशभर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। अधिसूचना के अनुसार निर्माता और वितरक निर्धारित दर से अधिक वसूली नहीं कर सकते, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनपीपीए ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं है।
: *17 जिलों की टीम घोषित, प्रदेश कार्यकारिणी जल्द*
बिंदल बोले; भाजपा ने चुने सिपहसालार, कांग्रेस बताए उसका संगठन कहां है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा की 17 जिला कार्यकारिणी की घोषणा हो चुकी है और जल्द ही भाजपा की प्रदेश टोली की घोषणा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो एक समय संसद में 500 सांसदों के साथ होती थी, आज बड़ी कम संख्या के साथ सिमट कर रह गई है, जबकि भाजपा दो सांसदों से आज देश और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। डा. बिंदल ने कहा कि हम पूरे प्रदेश में 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाएंगे और वीरों का स्मरण करेंगे। भाजपा 171 मंडलों में 15 अगस्त को विशाल तिरंगा यात्राओं का आयोजन भी करेगी। बिंदल ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि एक साल से हिमाचल कांग्रेस का पूरा संगठन भंग है।
न बूथ पर, न प्रदेश में कांग्रेस का एक भी नेता है, पर भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता कार्य कर रहा हैै। बिंदल ने संगठन की जानकारी देते हुए कहा कि जिला कार्य समितियों के गठन में हमारे 17 जिलों में कुल कार्यसमिति सदस्य 874 हैं, जिसमें से महिलाएं 358 और अनुसूचित जाति, जनजाति एवं ओबीसी 258 है। अगर हम मंडलों की बात करें, तो पहले हम 74 थे, अब हम 171 हैं। कुल मंडल कार्यसमिति सदस्य 7587, जिसमें से महिलाएं 2569 एवं अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी 3532 हैं। भाजपा 8007 बूथों में से 7870 बूथों पर 11 सदस्य समिति गठित कर चुकी है। भाजपा के बूथ स्तर पर कल कार्यकर्ता 89646 है। डा. बिंदल ने कहा कि भाजपा का संगठन अभेद्य है और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है। श्री बिंदल के साथ प्रेस वार्ता में विधायक बलबीर वर्मा और कर्ण नंदा मौजूद थे।
भाजपा आज करेगी चार जिलों की नई टीम की घोषणा
धर्मशाला — भारतीय जनता पार्टी मंगलवार को चार जिलों की जिला कार्यकारिणी की घोषणा करेगी। इनमें ऊना, सोलन, सिरमौर और बिलासपुर शामिल हैं। ऊना जिला की टीम की घोषणा बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल करेंगे, जबकि सोलन जिला की कार्यकारिणी की घोषणा प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा करेंगे। इसके अलावा, सिरमौर जिला की कमान प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा को सौंपी गई है, जो वहां नई टीम का ऐलान करेंगे। वहीं, बिलासपुर की कार्यकारिणी की घोषणा पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी करने वाले हैं।
: *Himachal मेें छह महीने में नशे के 1100 केस दर्ज, दो विदेशी तस्करों सहित 1800 गिरफ्तार*
शिमला पुलिस ने पकड़़े सबसे ज्यादा 360 ड्रग पेडलर, दो विदेशी तस्करों सहित 1800 गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश में पहली जनवरी से लेकर जून माह तक छह माह एनडीपीएस के 1100 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने वर्ष 2025 में जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई और जून छह महीनों में 202 किलो से अधिक चरस और 7.282 किलो चिट्टे की खेप पकड़ी है। हिमाचल प्रदेश में विभिन्न जिलों में छह माह में एनडीपीएस के 1135 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें एनडीपीएस के मामलों में छह माह में पुलिस जिला में बद्दी में एनडीपीएस के 48, बिलासपुर जिला में 117, चंबा जिला में 56, पुलिस जिला देहरा में 25, हमीरपुर जिला में 51, कांगड़ा जिला में 106, किन्नौर जिला में 12, कुल्लू जिला में 136, लाहुल-स्पीति में तीन, मंडी जिला में 185, पुलिस जिला नुरपुर में 40, शिमला जिला में 147, सिरमौर जिला में 91, सोलन जिला में 59 और ऊना जिला में 60 केस दर्ज किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 में छह माह में 30 जून तक दर्ज किए गए एनडीपीएस के 1135 मामलों में पुलिस ने 1735 पुरुष और 73 महिलाओं एवं दो विदेशी तस्करों को नशे की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। प्रदेश में नशा तस्करी के मामलों में पुरुषों के अलावा महिलाएं भी पीछे नही हैं। साल 2025 में जनवरी से 30 जून तक एनडीपीएस के मामलों में पुलिस ने प्रदेश में साड़े 17 किलो से अधिक अफीम, 256 किलो भुक्की की खेप पकड़ी है। इसके अलावा पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मामलों में सात किलो 282 ग्राम चिट्टे की खेप पकड़ी है। स्मैक के मामलों में पुलिस ने प्रदेशभर में 2.7 ग्राम स्मैक की खेप पकड़ी है। -एचडीएम
अफीम के 52147 पौधे नष्ट
पुलिस ने प्रदेश में 202 किलो चरस की खेप पकड़ी है। इसके अलावा पुलिस ने 52147 अफीम के पौधे पकड़े हैं। पुलिस ने एनडीपीएस के मामलों में साढ़े14 किलो गांजा और 2267 प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की गोलियां और 6719 प्रतिबंधित कैप्सूल भी पकड़े हैं। इसके अलावा पुलिस ने एनडीपीएस के मामलों 54 प्रतिबंधित इंजेक्शन भी पकड़े हैं।
: *कृषि विश्वविद्यालय को 2.3 करोड़ अनुदान*
साझेदारी योजना श्रेणी-बी के अंतर्गत अत्याधुनिक अनुसंधान के लिए मिली राशि
चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन-त्वरित नवाचार और अनुसंधान के लिए साझेदारी योजना श्रेणी-बी के अंतर्गत 2.3 करोड़ रुपए का अनुसंधान अनुदान प्रदान किया गया है। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा स्वीकृत यह परियोजना दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ-साथ तीन अन्य संस्थानों के सहयोग से एक हब संस्थान के रूप में शुरू की जाएगी। यह पहल राष्ट्रीय अनुसंधान एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महत्त्वपूर्ण पारिस्थितिक और कृषि चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंत:विषय नवाचारों को बढ़ावा देना है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. अभिषेक वालिया, प्रधान अन्वेषक के रूप में परियोजना का नेतृत्व करेंगे, जिन्हें आठ सह-प्रधान अन्वेषकों की एक टीम का समर्थन प्राप्त होगा। इसमें डा. एनके सांख्यान, डा. राज पाल, डा. राधिका शर्मा, डा. तनुजा राणा, डा. आशीष कुमार, डा. जोगिंदर पाल, डा. जागृति ठाकुर और डा. शर्मिष्ठा ठाकुर शमिल होंगे।
यह परियोजना ‘पर्यावरणीय स्थिरता’ पर केंद्रित होगी, जिसका लक्ष्य स्थायी मृदा उत्पादकता, पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और शैक्षणिक क्षमता निर्माण होगा। विभिन्न गतिविधियों में छात्र विनिमय कार्यक्रम, वैज्ञानिक कार्यशालाएं और सहयोगी संस्थानों के बीच दीर्घकालिक समन्वय और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण पहल शामिल हैं। प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन कुमार ने कहा कि यह अनुदान विश्वविद्यालय की प्रभावशाली, स्थिरता-संचालित अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता की राष्ट्रीय मान्यता को दर्शाता है और भारत के सुदृढ़ कृषि भविष्य में योगदान देने के विश्वविद्यालय के मिशन में एक बड़ा कदम है।
: *सेब तोड़ कर आ रहे थे घर, पर कफन ओढक़र लौटे, जानें पूरा घटनाक्रम*
झलारू में कार दुर्घटना के बाद क्षेत्र में पसरा मातम, रातभर खाई में फंसीं रही पांच जि़ंदगियां, सुबह घायल चालक रेंगते सडक़ तक पहुंचा
जंजैहली-छतरी सडक़ मार्ग के झलारू में हुए कार हादसे में तीन परिवारों का सहारा टूट गया है। इस हादसे में करसोग से सेब तोड़ कर घर लौट रहे पांच में से तीन लोग घटना के शिकार हो गए हैं और कफन ओढक़र घर लौटे हैं। घटना का कारण बरसात के चलते सडक़ का खराब होना और डंगे का धंसना बताया जा रहा है। क्योंकि जिस स्थान से कार खाई में गिरी है, उस स्थान पर सडक़ का एक हिस्सा गायब है। यह घटना जंजैहली -छतरी सडक़ मार्ग के झलारू नामक स्थान पर हुई है। कार करीब तीन सौ मीटर नीचे गहरी खाई में गरी है। कार में पांच लोग सवार थे। कार सवार गांव गागण, धावन और तराला में मातम पसरा है। देवदत्त, मंगल चंद और यशवंत अपने परिवार का सहारा थे। ये सभी लोग करसोग में सेब सीजन में मेहनत करके लौट रहे थे, ताकि घर का खर्च चला सकें। अब परिवारों के सामने सिर्फ शोक ही नहीं, बल्कि रोज़ी-रोटी का भी संकट है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय पर टूटी सडक़ की मरम्मत की होती, तो ये हादसा नहीं होता। परिजनों की मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवज़ा मिले।
छतरी-जंजैहली सडक़ हादसे की खबर जहां पूरे सराज क्षेत्र को झकझोर गई। वहीं इस दर्दनाक हादसे के पीछे एक ऐसी कहानी भी छिपी है। जो रोंगटे खड़े कर देती है। रविवार रात करसोग से सेब सीजन का काम पूरा कर लौट रहे पांच युवकों की ऑल्टो कार अचानक मगरुगला के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा रात के अंधेरे में हुआ और खाई में गिरते ही चीख-पुकार गूंज उठी, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था। कार में सवार सभी लोग या तो मौके पर ही घायल हो गए या अचेत अवस्था में पहुंच गए। हादसे के बाद पूरी रात ये पांचों व्यक्ति उस खाई में मदद की आस लगाए पड़े रहे लेकिन सुबह होने तक देवदत्त मंगल चंद यशवंत तीनों व्यक्ति मर चुके थे। सुबह होते-होते कार का चालक गुमान सिंह किसी तरह हिम्मत जुटाकर बुरी तरह जख्मी हालत में खाई से रेंगते हुए सडक़ तक पहुंचा। खून से लथपथ और कांपते हुए शरीर से वह मदद की गुहार लगाता रहा। तभी एक स्थानीय चालक तारा चंद ने उसे देखा और तुरंत प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ। एचडीएम
परिजनों पर टूटा मुसीबत का पहाड़
हादसे के शिकार सभी लोग करसोग में सेब सीजन के दौरान मज़दूरी कर रहे थे। रविवार को काम निपटा कर अपने घरों की ओर लौट रहे थे। लेकिन किसे पता था कि यह सफर देवदत्त, मंगल चंद, यशवंत सिंह का अखिर सफर होगा। परिजनों पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा है।
: *Himachal: जल शक्ति विभाग ने 95% जलापूर्ति योजनाओं को किया बहाल*
प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद जल शक्ति विभाग ने तत्परता और समर्पण का परिचय देते हुए 5440 जलापूर्ति योजनाओं को अस्थाई रूप से बहाल कर दिया है। यह कुल प्रभावित जलापूर्ति योजनाओं का लगभग 95 प्रतिशत है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस कार्य के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में विभाग द्वारा किया गया कार्य अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के कर्मचारी दिन-रात फील्ड में रहकर प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को राहत पहुंचा रहे हैं और मूलभूत सुविधाओं की बहाली में जुटे हुए हैं। प्रदेश सरकार उनके इस योगदान को नमन करती है और हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
बता दें कि प्रदेश में कुल 10,067 जलापूर्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं, जिनमें 3210 लिफ्ट, 335 ट्यूबवेल और 6522 ग्रेविटी आधारित योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं में से भारी वर्षा के चलते 5805 योजनाएं प्रभावित हुईं, परंतु विभाग ने बिना समय गंवाए इनमें से 5440 योजनाओं को चालू कर आमजन को राहत पहुंचाई। यह कुल प्रभावित जलापूर्ति योजनाओं का लगभग 95 प्रतिशत है। प्रभावित जलापूर्ति योजनाओं को लगभग 434.47 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 1293 सिंचाई योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिसकी अनुमानित क्षति 101.67 करोड़ रुपए है। राज्य में स्थापित 43 बाढ़ सुरक्षा कार्यों को 19.77 करोड़ रुपए, 83 सीवरेज योजनाओं को 23.55 करोड़ रुपए तथा 319 हैंडपंपों को 81.52 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर प्रदेश में 7543 योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनकी कुल अनुमानित क्षति 580.30 करोड़ रुपए आंकी गई है।
उप-मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जलापूर्ति और सीवरेज योजनाओं की बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी प्रभावित योजनाओं को शीघ्र स्थायी रूप से बहाल किया जाएगा।
: *किसानों के खाते में 1.31 करोड़ रुपए, हिमाचल सरकार ने भेजा पैसा*
प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने व उनकी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए अपने कार्यकाल के दौरान अनेक महत्वकांक्षी योजनाएं आरम्भ की हैं। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के फलस्वरूप बड़ी संख्या में किसानों ने इस कृषि पद्धति को अपनाया है। वर्तमान वित्त वर्ष में 838 किसानों से 60 रुपए प्रतिकिलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 2123 क्विटंल गेहूं की खरीद की गई है तथा उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तातंरण के तहत 1.31 करोड़ रुपए हस्तातंरित किए गए हैं जिसमें गेहूं के परिवहन के लिए 4.15 लाख रुपये परिवहन उपदान भी सम्मिलित है।
राज्य सरकार ने प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रतिकिलो का समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है और इस वित्त वर्ष सरकार द्वारा छ: जिलों के किसानों से 127 मीट्रिक टन हल्दी की खरीद की गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने किसानों को 1.14 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान किए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि कृषि विभाग ने पिछले सीजन के दौरान 10 जिलों के 1509 किसानों से प्राकृतिक रूप से उगाई गई 399 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की है। इसके लिए किसानों के बैंक खातों में 1.40 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनके उत्पाद के बेहतर दाम सुनिश्चित करवाए जा रहे हैं। चंबा के पांगी उपमंडल को प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है। सरकार द्वारा पांगी क्षेत्र के किसानों से सितंबर के अंतिम सप्ताह से प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई 40 मीट्रिक टन जौ 60 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री हिम भोग ब्रांड के तहत की जा रही है। यह ब्रांड दिन प्रतिदिन लोकप्रिय हो रहा है और उपभोक्ता रसायन मुक्त उत्पादों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि प्राकृतिक खेती पद्धति को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 3.06 लाख किसानों ने प्रशिक्षण हासिल किया है। प्राकृतिक खेती के तहत 3,584 ग्राम पंचायतों की 38,437 हेक्टयर भूमि को लाया गया है। प्रदेश में 2 लाख 22 हजार 893 से अधिक किसान विभिन्न फसलें उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान इस कृषि पद्धति के अंतर्गत 1 लाख से अधिक किसानों को लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश के 88 विकास खंडों के 59,068 किसानों और बागवानों ने पंजीकरण फॉर्म भरा है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक पद्वति से उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है। प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं के लिए 60 रुपए, मक्की के लिए 40 रुपए, कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपए और जौ के लिए 60 रुपए प्रति किलोग्राम दाम तय किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से उपभोक्ताओं को रसायन मुक्त उत्पाद सुनिश्चित हो रहे है और किसानों को प्राकृतिक पद्धति के उत्पादों के लिए बेहतर दाम मिल रहे हैं।
: *कैसे होता है फ्रॉड? आप भी जान लीजिए, नहीं तो बाद में माथा पकड़ के बैठ जाओगे*
हिमाचल में कॉल फ्रॉड से साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में साइबर सैल शिमला की ओर से कॉल फ्रॉड को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। आज के डिजिटल समय में साइबर अपराध बढ़ता जा रहा हैं और कॉल फ्रॉड इस अपराध का एक प्रमुख रूप हैं। यह धोखाधड़ी समय के साथ और भी ज्यादा स्मार्ट हो गई हैं, जहां अपराधी नए-नए तरीके अपनाते हैं। ये धोखेबाज फोन कॉल्स के जरिए न सिफ व्यक्तियों, बल्कि संगठनों और सरकारी एजेंसियों को भी शिकार बनाते हैं।
एसपी साइबर क्राइम दिनेश शर्मा ने बताया कि कॉल फ्रॉड जिसे वॉयस फिशिंग या विशिंग भी कहा जाता है, तब होता हैं जब अपराधी भरोसेमंद संस्थाओं जैसे बैंकों, सरकारी एजेंसियों या बड़ी कंपनियों का नाम लेकर फोन करते हैं और लोगों से उनकी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या पैसे मंगवाते हैं। उन्होंन बताया कि युवाओं में अकसर पैसे कमाने की जल्दी या लालच होती हैं, जिससे वे धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। वे सोशल मीडिया या ऑनलाइन साइट्स पर मिलने वाली लॉटरी या ऑफर के झांसे में आ जाते हैं। एसपी साइबर क्राइम दिनेश शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए कॉल फ्रॉड बड़ा खतरा बन गया हैं, क्योंकि वे तकनीकी चीजों से अनजान होते हैं। धोखेबाज उन्हें सरकारी कर्मचारी, बैंक कर्मचारी या रिश्तेदार बनकर धोखा देते हैं और भावनात्मक तरीके से उन्हें पैसे भेजने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि जालसाजी स्कैम जिसमें धोखेबाज खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी कंपनी का सदस्य बताकर फोन करते हैं और आपकी निजी जानकारी या पैसें मांगते हैं। उन्होंने बताया कि लॉटरी और इनाम स्कैम में धोखेबाज आपको बताते हैं कि आपकी लॉटरी या किसी पुरस्कार को जीता है और इनाम पाने के लिए वे आपसे पैसे भेजने को कहते हैं। इसके अलावा आपातकालीन स्कैम जिसमें शातिर धोखेबाज, रिश्तेदार या दोस्त के रुप में फोन करते हैं और कहते हैं कि वह किसी संकट में हैं और उन्हें पैंसे की जरुरत हैं। बैंक या क्रेडिट कार्ड स्कैम में साइबर ठग बैंक के प्रतिनिधि बनकर कॉल करते हैं और आपकी बैंकिग जानकारी, पासवर्ड या कार्ड डिटेल्स मांगते हैं।
कॉल फ्रॉड से ऐसे करें बचाव
एसपी साइबर क्राइम दिनेश शर्मा ने बताया कि कॉल फ्रॉड से बचने के लिए अनजान नंबर से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि अगर आपको अनजान नंबर से कॉल आए, खासकर जब वो व्यक्तिगत जानकारी या पैसे की मांग कर रहे हो, तो कॉल काट दें और सतर्क रहें। इसके अलावा कॉलर की पहचान सत्यापित करें। अगर कोई बैंक, सरकारी एजेंसी या कंपनी का प्रतिनिधि कॉल करता हैं, तो कॉल काटकर उनके आधिकारिक नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें। फोन पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। कोई भी असली संस्था फोन पर आपकी बैंक जानकारी, पासवर्ड या पिन नहीं पूछेगी। धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें। अगर आप कॉल फ्रॉड का शिकार हो जाएं, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या बैंक से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि कॉल फ्रॉड स्कैम एक बढ़ता हुआ खतरा बन चुका है, जो किसी को भी शिकार बना सकता है। धोखेबाज विभिन्न तरीकों से लोगों को धोखा देते हैं, जिससे वित्तीय और मानसिक नुकसान हो सकता है। इस खतरे से बचने के लिए जागरूक रहना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। खुद को और दूसरों को शिक्षित करना, कॉल से पहले सत्यापन करना और निजी जानकारी साझा करने से बचना सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण उपाय हैं।
: *पौंग झील के घाड़ में तैरती लाश, शिनाख्त में जुटी पुलिस*
पौंग झील में अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले भी झील से दो शव बरामद हुए थे जिनकी पहचान नहीं हो पाई थी और अब सोमवार को झील में एक अन्य शव मिला है। पौंग झील किनारे घाड़ में शव मिला है। सोमवार को सुबह लोगों ने घाड़ में झील में एक शव तैरते हुए देखा और इसकी सूचना पंचायत पनालथ के प्रधान रमेश सिंह को दी।
पंचायत प्रधान रमेश सिंह ने पुलिस थाना जवाली को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौका पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीएसपी जवाली वीरी सिंह ने बताया कि घाड़ में झील में लाश मिली है जिसको कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
[05/08, 5:46 pm] +91 94185 64267: *उत्तराखंड, उत्तरकाशी के धराली गांव मंगलवार दोपहर बादल फटने से खीरगंगा में बाढ़ आ गई। बाढ़ ने निचले इलाके में भारी तबाही मचाई। यहां कई होटल और घर मलबे में दब गए और कई लोग लापता हैं।*
: *चंबा,नशा तस्कर काे कैद और जुर्माने की सजा, पुलिस ने हाईवे पर पकड़ी थी चरस*
*भावेश कुमार पुत्र हरि चंद निवासी गांव एवं डाकघर सेईकोठी तहसील चुराह जिला चम्बा को चरस तस्करी के आरोप में दोषी करार देते हुए अढ़ाई वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 20 हजार रुपए जुर्माना किया है।*
विशेष जज-द्वितीय चम्बा रमणीक शर्मा की अदालत ने भावेश कुमार पुत्र हरि चंद निवासी गांव एवं डाकघर सेईकोठी तहसील चुराह जिला चम्बा को चरस तस्करी के आरोप में दोषी करार देते हुए अढ़ाई वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 20 हजार रुपए जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
*अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मुकद्दमे की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी चम्बा सतीश राठौड़ ने की। उनके मुताबिक 13 दिसम्बर, 2020 को पुलिस के एसआईयू सैल की टीम ने गश्त के दौरान भावेश कुमार को पठानकोट-भरमौर एनएच पर गोली रेन शैल्टर में संदिग्धावस्था में खड़ा पाया था*। पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर भावेश कुमार की तलाशी ली तो उसके कब्जे से 290 ग्राम चरस बरामद हुई थी। इस पर भावेश कुमार के खिलाफ चरस तस्करी के आरोप में डल्हौजी पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल और कागजी औपचारिकताएं निपटाने के बाद चालान आगामी कार्रवाई के लिए अदालत में दायर कर दिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान 16 गवाह पेश कर भावेश कुमार पर लगे चरस तस्करी के आरोप को साबित किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद भावेश कुमार को चरस तस्करी के मामले में दोषी पाते हुए अढ़ाई वर्ष की कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
: *HP Congress: कद्दावर नेता को ही प्रदेशाध्यक्ष बनाने की पैरवी, चर्चा में ये दो नाम*
himachal congress
कैबिनेट मंत्रियों में से भी हो सकता है कांग्रेस का मुखिया, रोहित ठाकुर और जगत सिंह नेगी का नाम भी चर्चा में
हिमाचल प्रदेश में कांगे्रस अध्यक्ष के चयन को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में मजबूत नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी की गई है। सूत्रों के अुनसार कद्दावर नेता को संगठन की कमान सौंपने को लेकर सभी नेता एकजुट दिखे। सरकार के मंत्रियों को इस मामले में अपनी राय देने को कहा गया था और बताया जा रहा है कि मंत्रियों में से भी किसी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की मानें, तो शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का नाम भी दावेदारों में शुमार हो गया है। कुछ अन्य नेताओं पर के नाम पर दिल्ली में चर्चा हुई है, जिनमें विनय कुमार, विनोद सुल्तानपुरी, आशीष बुटेल और कुलदीप सिंह राठौर का नाम शामिल है। इससे पहले प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह भी यह कह चुके हैं कि अध्यक्ष की कुर्सी पर रबड़ स्टैंप नहीं, बल्कि मजबूत नेता को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। दो मंत्रियों का नाम इसमें जुडऩे से मामला और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है। सूत्र बताते हैं कि मंत्रियों के साथ दिल्ली में कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने जो वन-टू-वन बैठक की है, उसमें मंत्रियों की राय कुछ इसी तरह से थी और उन्होंने अपनी बात को खडग़े व राहुल गांधी के साथ भी इसी तरह से रखा है।
रजनी पाटिन ने भी हाईकमान को सभी नेताओं से हुई बातचीत के आधार पर अपनी रिपोर्ट दे दी है। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली में अनुसूचित जाति वर्ग के किसी नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की बात भी कही गई है, क्योंकि हिमाचल में 17 सीटें अनुसूचित जाति की हैं। कांगे्रस इन सीटों पर भी दांव खेलना चाहती है, मगर वहां एक विचार यह भी आया कि यदि अनुसूचित जाति से अध्यक्ष बनाया जाना है, तो उसमें भी मजबूत नेता उपलब्ध हैं। इसमें मंत्री जगत सिंह नेगी का नाम भी सामने आ गया है, जो कि अनुसूचित जनजाति का नेतृत्व करते हैं। इसमें पहले से ही विनय कुमार और विनोद सुल्तानपुरी का नाम चल रहा है, जिसमें विनय कुमार की बैठक मल्लिकार्जुन खडग़े के साथ पहले ही हो चुकी है। पार्टी हाइकमान से बैठक करने के बाद प्रदेश कांग्रेस के नेता वापस हिमाचल लौट आए हैं। मुख्यमंत्री अभी दिल्ली में हैं और बुधवार को वह शिमला लौटेंगे। (एचडीएम)
अध्यक्ष बदलेगा, तो प्रतिभा सिंह का क्या होगा
दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद यह तय हो गया है कि प्रतिभा सिंह को अध्यक्ष के पद से हटाया जाएगा, मगर प्रतिभा सिंह को कांग्रेस एडजस्ट कैसे करेगी, यह तय नहीं है। प्रतिभा सिंह के नाम पर पहले सीएम ने भी यह कहा था कि वो अगर अध्यक्ष रहती हैं, तो उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है, मगर हाईकमान नहीं चाहता कि प्रतिभा अध्यक्ष रहें। ऐसे में अब कांगे्रस हाईकमान ने सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से भी राय ले ली है और उनके मुताबिक किसी दमदार नेता को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए, जिस पर पार्टी हाईकमान को बड़ा फैसला लेना है।
: *भू-अधिग्रहण फैक्टर पर हिमाचल सरकार को राहत, HC के फैसले पर SC ने लगाया स्टे, नोटिस जारी*
भूमि अधिग्रहण के फैक्टर पर हिमाचल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की याचिका पर हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और सभी पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेष और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ ने दिया है। हिमाचल हाई कोर्ट ने जून 2025 में दिए फैसले में राज्य सरकार की उस अधिसूचना को खारिज कर दिया था, जिसमें भूमि अधिग्रहण मुआवजा देने के लिए फैक्टर-वन लगाया गया था। इससे अपनी जमीन गंवाने वाले प्रभावितों को दोगुनी कीमत मिलनी थी, जबकि एक्ट के प्रावधान के अनुसार फैक्टर-टू तक राज्य सरकार लगा सकती थी, जिससे चार गुना मुआवजा सुनिश्चित होना था। सुन्नी डैम प्रभावितों के केस में न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने ये आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने यह अधिसूचना पहली अप्रैल, 2015 को जारी की थी। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण मुआवजे में फैक्टर-वन लगाने को कहा था।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राइट-टू- फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटेलमेंट एक्ट, 2013 की मूल भावना के खिलाफ राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन की थी। ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र को भूमि अधिग्रहण मुआवजे में एक नहीं माना जा सकता, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की कीमत कम होती है। अपने फैसले में खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार की अधिसूचना से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से अन्याय हो रहा है। इसलिए इस अधिसूचना को रद्द किया किया जाता है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ताओं को फेक्टर-2 के हिसाब से 30 सितंबर, 2025 से पहले सभी जरूरी लाभ जारी करने को कहा था। राज्य सरकार की ओर से राजस्व विभाग ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसमें हिमाचल सरकार के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा पार्टी हैं। सुप्रीम कोर्ट में भूमि प्रभावितों की ओर से केशवराम, जगन्नाथ, लक्ष्मण दास, करमचंद, बृजलाल, किशोर कुमार, गिरधारी लाल, शीला देवी, डाबर राम वर्मा, हेमा राम प्रतिवादी हैं। सतलुज जल विद्युत निगम और लैंड एक्विजिशन कलेक्टर को भी इसमें शामिल किया गया है। केस की सुनवाई अब सितंबर महीने में होने की संभावना है।
: *अतिक्रमण वैध करने का प्रावधान खारिज, हाई कोर्ट ने हिमाचल भू-राजस्व अधिनियम की धारा 163ए की रद्द*
Himachal High Court :
हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम की धारा 163ए की रद्द
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश भू राजस्व अधिनियम की धारा 163ए को संविधान के विपरीत पाते हुए इसे रद्द कर दिया है। इस धारा के अनुसार सरकारी भूमि पर किए अतिक्रमण को नियमित करने का प्रावधान बनाया गया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर व न्यायाधीश विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने अपने आदेशों में यह स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 163ए स्पष्ट रूप से मनमानी व असंवैधानिक है और इसके परिणाम स्वरूप हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 163ए और उसके तहत बनाए गए नियमों को रद्द किया जाता है। हिमाचल प्रदेश राज्य में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों की अधिकता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश, कर्नाटक व ओडिशा राज्यों में किए गए संशोधन के अनुरूप इसे आपराधिक अतिचार से संबंधित कानून में संशोधन पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार को ये निर्देश दिए कि वह कानून के अनुसार अतिक्रमण कार्यों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई शुरू करके और ऐसी कार्रवाई को यथासंभव शीघ्रता से 28 फरवरी, 2026 को या उससे पहले तार्किक निष्कर्ष तक ले जाकर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाना सुनिश्चित करें। वर्तमान याचिका के लंबित रहने या सरकार द्वारा अधिसूचित नियम ड्राफ्ट नियमों के संदर्भ में किसी अन्य आधार या वर्ष 2017 में अधिसूचित ड्राफ्ट नियमों सहित अतिक्रमण के नियमितीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने के खिलाफ दी गई कोई भी अंतरिम सुरक्षा रद्द हो जाएगी और ऐसा कोई भी आदेश सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए लंबित या की जाने वाली कार्यवाही के खिलाफ प्रभावी व प्रवर्तनीय घोषित किया जाता है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट द्वारा पहले ही एक मामले में सभी प्रकार की सरकारी भूमि से परिसरों से अतिक्रमण हटाने के लिए विस्तरित आदेश पारित कर रखें हैं, जिसमें हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परिसर अधिनियम या हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 163 के तहत शुरू की गई या शुरू की जाने वाली कार्यवाही भी शामिल है। कोर्ट ने कहा कि उक्त प्रावधान में अतिक्रमणकारियों को प्रतिकूल कब्जे के कानून के अनुसार उस पर मालिकाना हक का दावा प्रदान करने का प्रावधान है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून के तहत राज्य सरकार को हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 163 से प्रावधान को हटाने पर विचार करना चाहिए जिसके तहत कोई अतिक्रमणकारी प्रतिकूल कब्जे के कानून के अनुसार उस पर मालिकाना हक का दावा कर सकता है। ऐसे मामलों में जहां सडक़ या सार्वजनिक उद्देश्य के लिए भूमि अधिग्रहित की गई है और उसका कब्जा न्यायालय या सार्वजनिक प्राधिकरण को सौंप दिया गया है और पिछले मालिक ने या तो सरकार सार्वजनिक प्राधिकरण को भूमि या संपत्ति खाली नहीं की है, या ऐसी अधिकृत भूमि पर निर्माण कार्य करके या अन्यथा फिर से कब्जा कर लिया है, ऐसे कब्जे अतिक्रमण से बेदखली के दौरान प्रतिकूल कब्जे की दलील में उपलब्ध नहीं होगे।
इसके बजाय ऐसे कब्जाधारी अतिक्रमणकारियों को हटाने की लागत के अलावा उपयोग और कब्जा शुल्क का भुगतान करने के साथ-साथ ऐसी भू संपत्ति से मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने का भी उत्तरदायी होगा। प्रदेश उच्च न्यायालय ने महाधिवक्ता को यह निर्देश दिया कि वह इस निर्णय की प्रति हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव तथा सभी संबंधित पक्षों को तत्काल अनुपालना हेतु प्रेषित करें और उन राजस्व प्राधिकारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दें, जिनके अधिकार क्षेत्र में भूमि पर अतिक्रमण करने की अनुमति दी गई है।
: *HRTC : 10 हजार का सफर, तो वापस मिलेंगे दो हजार रूपए, जानिए क्या है यह नई योजना*
एचआरटीसी की कैशबैक योजना से मिलेगा लोगों को फायदा
15 से 20 फीसदी तक सस्ता होगा हिम बस कार्ड से सफर
एचआरटीसी की बस में यदि कोई व्यक्ति महीने में 10 हजार रूपए का सफर करता है तो उसे निगम 2 हजार रूपए की राशि बतौर कैश बैक देगा। यह राशि सीधे उसके बैंक अकाउंट में आएगी। इस तरह का स्लैब एचआरटीसी बना रहा है और जैसे ही प्रदेश में हिम बस कॉर्ड बनाने का काम शुरू होगा कैश बैक योजना की भी विस्तार से घोषणा कर दी जाएगी। यह तय है कि अपनी बसों में आमदनी बढ़ाने और यात्रियों की संख्या में इजाफा करने के लिए एचआरटीसी इस योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इससे इन बसों में सफर करने वालों को भी फायदा होगा। बसों में सफर करते वक्त ऑन लाइन ट्रांजेक्शन करने वाले या फिर हिम बस कार्ड के जरिए भुगतान करने वालों को कैशबैक फायदा मिलेगा। एचआरटीसी के पास ऐसे यात्रियों का डिजिटली रिकॉर्ड रहेगा। सरकार से मिले समय के मुताबिक अक्टूबर महीने से प्रदेश में यह नई पॉलिसी लागू हो जाएगी। पहली अक्टूबर से इसके लिए डिजिटल कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाएगा। निगम प्रबंधन हिम बस प्लस योजना शुरू करने जा रहा है।
योजना का लाभ लेने के लिए हिम बस प्लस कार्ड बनाए जाएंगे। यह डिजिटल कार्ड होगा जो एटीएम की तरह बसों में यात्रा के दौरान पेमेंट के लिए लगेगा। एचआरटीसी के किसी भी डिपो में यह कार्ड बनाए जा सकते हैं। इस कार्ड के दो फायदे होंगे। पहला फायदा ये होगा कि इस कार्ड से यदि पेमेंट यात्री करते हैं तो उन्हें 5 प्रतिशत की छूट किराए में मिल जाएगी। दूसरा कैश बैक भी इस पर मिलेगा। यदि कोई महीने में 10 हजार रुपए का खर्च किराए पर करता है तो 2 हजार तक का कैशबैक उसे मिल जाएगा। इसी तरह अलग अलग स्लैब इसके लिए बनाए जा रहे हैं। 5 हजार तक सफ र करने पर 1 हजार तक का कैशबैक मिल सकता है। यह कार्ड एक वॉलेट की तरह काम करेगा। निगम के पास पूरा रिकार्ड रहेगा कि यात्री ने सफ र के दौरान कार्ड से कितनी पेमेंट की है। उसके वॉलेट में ही कैशबैक आ जाएगा। गुगल पे, पेटीएम जैसे एप जिस तरह का कैशबैक देते हैं उसी तरह की सुविधा एचआरटीसी भी देगा। निगम प्रबंधन का कहना है कि लोग जम्मू, दिल्ली सहित अन्य स्थानों के लिए परिवार के साथ जाते हैं। यहां का किराया ज्यादा है। यात्रा करने पर यात्रियों को कुल 15 से 20 फीसदी किराया कम लगेगा जोकि लग्जरी बसों में होगा। साधारण बसों में 5 फीसदी किराए में कमी रहेगी वहीं हिम बस प्लस कार्ड बनाने से लोग कैशबैक का भी लाभ ले सकेंगे।
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल ने इसको लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की है। बैठक में उन्होंने बताया कि जल्द ही इस योजना को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। वहीं कार्ड कैसे बनेंगे, कैसे कैशबैक आएगा इसके बारे में बताया जाएगा। लोग आसानी से यह कार्ड बना सकें इसके लिए हर बस अड्डे में इन कार्डों को बनाने का निर्णय लिया है। बीते मंगलवार को आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में इस योजना को शुरू करने की मंजूरी मिली थी। अब निगम ने इस पर काम शुरू कर दिया है। डा.निपुण जिंदल ने बताया कि कार्ड बनाने का काम अक्टूबर महीने में शुरू हो जाएगा। यात्रियों को आरामदायक सफ र के साथ कैशबैक व किराए में छूट इस कार्ड के माध्यम से मिलेगी। जरूरी कदम उठाए जाने के बाद पथ परिवहन निगम को अगले 6 महीने बाद इसके रिजल्ट भी दिखेंगे जिसमें निगम की आमदनी बढऩे की पूरी उम्मीद है।
: *हिमाचल के लोगों को बड़ी राहत, अब धीमी होगी मॉनसून की रफतार, अगले कुछ दिन बारिश से राहत*
हिमाचल प्रदेश में अब मॉनसून की रफतार थोड़ी धीमी पडऩे वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में कुछ दिन बारिश नहीं होने वाली। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि लंबे समय से लगातार बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दो जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया गया है जबकि शेष जिलों में मौसम साफ रहेगा और बारिश नहीं होगी। हालांकि मंगलवार रात को कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बुधवार को केवल ऊना और मंडी जिला के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है जहां के कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। शेष जिलों में मौसम साफ रहने वाला है। वहीं 7 अगस्त की बात करें तो इस दिन मात्र एक जिला सिरमौर में ही यलो अलर्ट दिया गया है जिसके कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। शेष जिलों में इस दिन बारिश नहीं बताई गई है। वहीं 8 अगस्त को भी प्रदेश के चार जिलों में यलो अलर्ट रहेगा जबकि शेष आठ जिलों में बारिश नहीं होगी। इस दिन ऊना, चंबा, कांगड़ा व सिरमौर जिला में भारी बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। 9 अगस्त को प्रदेश के ऊना, मंडी व सोलन जिलों के लिए यलो अलर्ट रहेगा जबकि शेष जिलों में मौसम साफ रहेगा।
फिलहाल मौसम विभाग ने 9 अगस्त तक का पूर्वानुमान जारी किया है जिसके अनुसार अधिकांश स्थानों पर बारिश से लोगों को निजात मिल सकती है। इस दौरान कहीं पर भी ऑरेंज अलर्ट नहीं है यानि अत्यधिक बारिश कहीं नहीं होगी। पिछले 24 घंटों की बात करें तो सबसे अधिक बारिश मंडी में हुई है जहां पर 15 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। शेष स्थानों पर इससे कम ही बारिश हुई है। जिन स्थानों पर बारिश हुई उनमें बिझड़ी, बग्गी,सुन्दरनगर, नादौन, गोहर, करसोग, पालमपुर, पंडोह, भराड़ी, बरठीं, शिमला, रोहूड, बिलासपुर, सराहन, मनाली, कुल्लू, कांगड़ा, नारकण्डा, देहरा गोपीपुर, नगरोटा सूरियां, जोगिन्द्रनगर में बारिश हुई है। शिमला की बात करें तो यहां पर पिछले कल रात को भी काफी बारिश हुई और मंगलवार को भी पूरा दिन बारिश का दौर जारी रहा। यहां शहर में पूरा दिन धुंध छाई रही।
: *Una News : प्यार में हत्यारा बना बाबा, युवती की जान लेकर जमीन मेें गाड़ दी थी लाश*
गगरेट के जाड़ला कोयड़ी में अपने डेरे पर किया था मर्डर, उम्रकैद की सजा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ऊना ने सुनाई सजा
सीसीटीवी फुटेज से सामने आया सच 50 हजार रुपए जुर्माना ठोंका
हत्या कर डेरे के पीछे जमीन में दफना दिया था शव
गेरुआ पर खून के छींटे उड़ा भगवा को बदनाम करने वाले कथित बाबा को हत्या के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ऊना ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। भगवा धारण करने के बावजूद उपमंडल गगरेट के जाड़ला कोयड़ी के एक डेरे में रह रहे बाबा पर कामना वासना ऐसे सवार हुई की एकतरफा प्यार में कामयाब न होने पर उसने एक युवती की हत्या कर शव जमीन में गाड़ दिया था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजिंदर कुमार की अदालत ने कथित बाबा विद्या गिरी उर्फ विकास दुबे को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास व पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वर्ष 2021 में उपमंडल गगरेट के जाड़ला कोयड़ी गांव की एक युवती रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई। इसके कुछ ही दिन बाद उसका शव जाड़ला कोयड़ी गांव में ही स्थित एक डेरे के पीछे जमीन में दबा हुआ पाया गया था। पुलिस ने जब डेरे के सीसीटीवी कैमरे देखे तो कथित बाबा विद्या गिरी उर्फ विकास दुबे को कचरा ले जाने वाली एक ट्राली को ले जाते देखा गया।
जब पुलिस ने डेरे के आसपास तलाश शुरू की तो युवती का शव जमीन में दबा पाया गया। इस मामले में पुलिस ने विद्या गिरी उर्फ विकास दुबे को गिरफ्तार कर जब गहन जांच की तो पाया कि विद्या गिरी भगवा धारण करने के बाद भी अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाया और डेरे के पास के ही एक घर की युवती से एकतरफा प्यार करने लगा। एक दिन मौका पाकर उसने युवती से कुछ गलत करना चाहा लेकिन जब युवती ने इसका विरोध किया तो उसने युवती को मौत के घाट उतार दिया और शव डेरे के पीछे जमीन में दबा दिया। बेशक इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था लेकिन सहायक न्यायवादी नवीन धीमान द्वारा न्यायालय के समक्ष पेश किए गए सबूतों के आधार पर न्यायालय ने विद्या गिरी उर्फ विकास दुबे को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर एक साल कैद
जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक साल का सश्रम कारावास और सबूतों को नष्ट करने पर तीन साल का सश्रम कारावास व दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह के कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। सहायक न्यायवादी नवीन धीमान ने इसकी पुष्टि की है।
ढोंगी बाबा का पर्दाफाश
युवती की हत्या कर शव दबाने का मामला उजागर होने के बाद उग्र जनता ने डेरा घेर लिया था और जिस कमरे में आरोपी विद्या गिरी उर्फ विकास दुबे को रखा गया था उसे भी तोडऩे का प्रयास किया था। उस समय तत्कालीन डीएसपी सृष्टि पांडे, एसएचओ दर्शन सिंह व अन्य पुलिस कर्मियों ने अपनी जान पर खेल कर आरोपी की जान बचाकर कानून को जिंदा रखा था। इसी का नतीजा है कि भगवा धारण कर कामनवासना में लिप्त एक ढोंगी बाबा आज न सिर्फ बेनकाब हो पाया बल्कि उसे अब उम्रकैद की सजा भी हुई है।
: *सिरमौर की रामपुर भारापुर पंचायत में भ्रष्टाचार का खुलासा, बाइक्स पर ढोया कई मीट्रिक टन रेत-बजरी*
सिरमौर की रामपुर भारापुर पंचायत में भ्रष्टाचार का खुलासा, भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि बाइक पर ढोई गई टनों के हिसाब से रेत बजरी का मामला सामने लाया है। शिमला में प्रेस वार्ता में बलबीर वर्मा ने सिरमौर की रामपुर भारापुर पंचायत में भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त सबूतों से इसका पता चला है। सिरमौर में रामपुर भारापुर पंचायत में स्कूटर और छोटी गाडिय़ों में टनों के हिसाब से रेत, रोड़ी, गटका और सीमेंट ढोया गया है। इसी के साथ-साथ फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने से ठेकेदार के खाते में भुगतान भी किया गया है। श्री वर्मा ने खुलासा करते हुए कहा कि बाइक (एचपी-71-5062) पर दो फेरों में 17.80 मीट्रिक टन और बाइक (एचपी-71-6233) पर दो चक्कर में आठ मीट्रिक टन रेत रोड़ी की ढुलाई कर दी गई। इसका प्रमाण आरटीआई के माध्यम से लिए गए कागजात जो कि संलग्न है। साथ ही एक 945 किलो कैपेसिटी वाली गाड़ी एचपी-71-4878 में 21.70 मीट्रिक टन रोड़ी की ढुलाई कर दी गई। भ्रष्टाचार केवल यही नहीं रुका, एक ही प्रकार के दो-दो बिल एक ही ठेकेदार के नाम पर क्लियर कर दिए गए। ठेकेदार की बिल संख्या 154 और 152 किस प्रमाण है, जिसमें रेता, बजरी और गटका एक समान भेजा गया है जिसका भुगतान भी हुआ है।
एक और चीज देखने योग्य है 2022 में सीमेंट की ढुलाई 2998 रुपए के हिसाब से की गई है और 2024 में इसी सीमेंट की ढुलाई 1534 रुपए के हिसाब से की गई है, जहां महंगाई बढ़ रही है तो ऐसा कैसे हो सकता है की धुलाई के दाम कम हो गए। कुल मिलाकर यह सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का दिया गया संरक्षण के माध्यम से भ्रष्टाचार है और अगर इस कृत्य की एक हाई लेवल इन्क्वारी हो तो यह करोड़ का भ्रष्टाचार निकलकर आएगा। भाजपा नेताओं ने सरकार से मांग की है कि इस भ्रष्टाचार के मामले के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जाए।
: *Hamirpur News: सीनियर असीस्टेंट पर यौन उत्पीडऩ के आरोप, हमीरपुर के हैल्थ डिपार्टमेंट ऑफिस का है मामला*
हमीरपुर जिला के हैल्थ डिपार्टमेंट ऑफिस का मामला, सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी कर रही जांच
जिला हमीरपुर के हेल्थ डिपार्टमेंट में कार्यरत एक सीनियर असीस्टेंट पर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगे हैं। यह आरोप कार्यालय में तैनात एक आउटसोर्स कर्मचारी ने लगाए हैं। पीडि़ता ने 22 जुलाई को इसकी लिखित शिकायत सीएमओ हमीरपुर को सौंपी है। उधर, सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी (इंटरनल कम्प्लेन कमेटी) मामले की जांच में जुट गई है, लेकिन अभी तक वो किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कर्मचारी पर आरोप लगे हैं वो पहले सेक्सुअल हसमेंट कमेटी का मेंबर रह चुका है, लेकिन पिछले दिनों जैसे ही उसपर आरोप लगे तो उसे कमेटी से हटा दिया गया। उधर, सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी की अध्यक्ष और मु य चिकित्सा अधिकारी मीडिया से इस बारे में कोई भी बात साझा करने से कतराते नजर आए। सीएमओ को सौंपे शिकायतपत्र में पीडि़त युवती ने बताया है कि कार्यालय में तैनात अधेड़ सीनियर असीस्टेंट उसके मोबाइल पर कुछ समय से आपत्तिजनक मैसेज भेज रहा था जिसका उसने विरोध भी जताया, लेकिन उसकी हरकतें बढ़ती गईं।
वह अशोभनीय टिप्पणी करता रहता था। अंत में मजबूरीवश उसे यह शिकायत करनी पड़ रही है। सूत्रों की मानें तो सेक्सुअल हसमेंट कमेटी की दो मीटिंगें अब तक हो चुकी हैं लेकिन अभी तक कार्रवाई किसी ठोस दिशा में जाती हुई नजर नहीं आ रही। सूत्र तो यहां तक खुलासा कर रहे हैं कि पीडि़ता पर शिकायत वापस लेने का भी दबाव बनाया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद एक बात तो साफ है कि वर्कप्लेस पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीडऩ के मामले आज भी हो रहे हैं जिन्हें या तो वे लोकलाज के डर से बता नहीं पातीं या फिर ऑफिस की चारदीवारी के बाहर उनकी भनक नहीं लगने दी जाती। इस बारे में सीएमओ हमीरपुर के मोबाइल नंबर पर भी मामले की प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क करने का बार-बार प्रयास किया जाता रहा लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया।
: *भारत-रूस की दोस्ती से चिढ़े अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, जानिए क्या कहा*
24 घंटे में भारत पर लगाऊंगा भारी टैरिफ
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने को लेकर बड़ी घोषणा की है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा है कि वह अगले 24 घंटे में भारत पर भारी टैरिफ बढ़ाने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि मैं अगले 24 घंटों में भारत के टैरिफ में भारी बढ़ोतरी करने जा रहा हूं। इस ऐलान से पहले ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि भारत भारी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है और उसे बेचकर मुनाफा भी कमा रहा है।
उन्होंने कहा था कि रूस के साथ व्यापार को लेकर वह भारत पर टैरिफ बढ़ाएंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक संदेश में कहा था कि भारत न केवल रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है, बल्कि खरीदे गए इस तेल का एक बड़ा हिस्सा बाजार में बेचकर भारी मुनाफा भी कमा रहा है। भारत को परवाह नहीं है कि रूस की युद्ध मशीनरी से यूक्रेन में कितने लोग मारे जा रहे हैं। इसलिए, मैं भारत पर टैरिफ बढ़ाने जा रहा हूं।
डोनाल्ड की धमकी को भारत ने अनुचित और तर्कहीन बताया
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की टिप्पणी के संबंध में अमरीका की आलोचना की। मंत्रालय ने कहा कि अमरीका जहां एक तरफ खुद रूस के साथ व्यापार कर रहा है, वहीं, दूसरी तरफ भारत-रूस के व्यापार पर अंगुली उठा रहा है। पिछले साल, कड़े प्रतिबंधों और टैरिफ के बावजूद, अमेरिका ने रूस के साथ लगभग 3.5 अरब डॉलर का व्यापार किया था। विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस दोहरे रवैये पर कहा कि अमरीका अब भी रूस से अपने परमाणु इंडस्ट्री के लिए यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, इलेक्ट्रिक गाडिय़ों की इंडस्ट्री के लिए पैलेडियम, उर्वरक और केमिकल आयात करता है।
: *चमियाणा अस्पताल में रोबोट करेंगे आपरेशन, यूरोलॉजी विभाग में कल मुख्यमंत्री करेंगे सुविधा का शुभारंभ*
चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि की ओर बढ़ते हुए अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा अस्पताल सात अगस्त को एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की जा रही है। इस दिन प्रोस्टेट कैंसर से पीडि़त दो मरीजों के रोबोट के माध्यम से ऑपरेशन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल के कारण हिमाचल में इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल पहली बार हो रहा है।
इस अत्याधुनिक तकनीक के साथ होने वाली यह सर्जरी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित रहेंगे और रोबोटिक सर्जरी यूनिट का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। रोबोटिक सर्जरी एक उन्नत सर्जिकल तकनीक है, जिसमें सर्जन रोबोटिक उपकरणों की सहायता से अत्यंत सटीकता और कम से कम चीरे के साथ ऑपरेशन करते हैं। इससे न केवल ऑपरेशन का समय घटता है, बल्कि मरीज को जल्दी रिकवरी भी होती है और संक्रमण का खतरा भी कम रहता है।
प्रोस्टेट कैंसर से पीडि़त मरीजों की होगी रोबोटिक सर्जरी
चमियाणा अस्पताल का यूरोलॉजी विभाग अब अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं से लैस हो चुका है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर सुधीर शर्मा ने जानकारी दी कि सात अगस्त को जिन दो मरीजों का ऑपरेशन होना है, वे दोनों प्रोस्टेट कैंसर से पीडि़त हैं और उनके केस जटिल श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में रोबोटिक तकनीक अत्यंत कारगर साबित होती है।
: *जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले के लिए केंद्र को ठहराया था जिम्मेदार*
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने विवादित बयानों को लेकर खूब सुर्खियों में रहे। सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले को लेकर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने से लेकर पीएम मोदी को अहंकारी तक बताया। इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल रहने के दौरान उन्होंने खुद को रिश्वत की पेशकश किए जाने का जिक्र भी किया। सत्यपाल मलिक ने साल 2023 में पुलवामा हमले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए थे।
सत्यपाल मलिक ने दावा किया था कि 2019 के पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने कहा था कि सीआरपीएफ ने जवानों के लिए एयर ट्रांसपोर्ट की मांग की गई थी लेकिन इसे मंजूरी नहीं दी गई। इस वजह से ही जवानों को सडक़ मार्ग से जाना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के सामने उठाया, तो उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई।
पीएम मोदी को बताया अहंकारी
जनवरी, 2022 में सत्यपाल मलिक ने मेघालय का गर्वनर रहने के दौरान पीएम मोदी पर अहंकारी होने का आरोप लगाया था। मलिक ने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी और बेशर्म कहकर संबोधित किया। मलिक ने दावा किया कि उनकी मुलाकात में पांच मिनट के भीतर ही उनसे झगड़ा हो गया, जब उन्होंने किसानों के मुद्दे पर बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि वह बहुत घमंड में थे। जब मैंने कहा कि कुतिया मरती है तो आप चि_ी लिखते हो, हमारे 700 लोग मर गए। मलिक ने कहा कि मोदी ने किसानों को ‘पड़े रहने’ देने की बात कही थी।
राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति पद पर अपमानजनक टिप्पणी
सत्यपाल मलिका ने राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति पद को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति रियायर्ड हो जाएंगे तो कुत्ता भी रास्ता नहीं छोड़ेगा। मलिक ने कहा था कि कई लोगों ने उन्हें समझाया कि आप उपराष्ट्रपति या राष्ट्रपति हो जाओगे, क्यों झगड़ा करते हो। इस पर उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति रिटायर्ड हो जाएंगे तो कुत्ता भी रास्ता नहीं छोड़ेगा।
300 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश का दावा
सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहने के दौरान खुद को रिश्वत दिए जाने की पेशकश की बात कही थी। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल ने तब आरोप लगाया था कि सूबे में उनके राज्यपाल कार्यकाल के दौरान उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपए (150-150 करोड़) की रिश्वत की पेशकश की गई थी। इसमें किरू हाइड्रोइलेक्सिटी प्रोजेक्ट से संबंधित एक फाइल शामिल थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस पेशकश को ठुकरा दिया और भ्रष्टाचार की शिकायत प्रधानमंत्री को बताई, जिसके बाद टेंडर रद्द किया गया।
किसान आंदोलन का खुलकर किया था समर्थन
सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार पर किसानों की मांग को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया था। मलिक ने 2020-21 में खुलकर किसान आंदोलन का समर्थन किया था। ऐसे में यह मोदी सरकार के लिए असहज करने वाली स्थिति बन गई थी। मलिक ने कहा था कि अडानी का गोदाम उखाड़ फेंको… मैं आपके साथ जेल चलूंगा। जब तक इन लोगों पर हमला नहीं होगा ये लोग नहीं रुकेंगे।
: *34 सेकंड में तहस-नहस हो गया धराली, 20 फुट ऊंची इमारतें भी जमींदोज, रौंगटे खड़े कर देंगी तबाही की तस्वीरें*
बादल फटने से पहाड़ से मौत बनकर आया सैलाब; 20 फुट ऊंची इमारतें भी जमींदोज, रौंगटे खड़े कर देंगी तबाही की तस्वीरें
उत्तराखंड में इस समय कुदरती आफत पीछा नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को उत्तरकाशी के धराली गांव में अचानक बादल फट गया। बादल फटते ही पहाड़ का मलबा सैलाब बनकर नीचे आ गया। लोगों में इस भयावह घटना को देखते ही चीख-पुकार मच गई। बादल फटने से खीर गंगा ऊफान पर आ गई। राली बाजार व आसपास के क्षेत्र के भारी नुकसान पहुंचा है। बादल फटने के बाद पहाड़ों से मलबा नीचे उतरकर आ गया। इस दौरान लोग जान बचाने के लिए यहां-वहां भागते नजर आए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। जहां थोड़ी देर पहले तक रौनक थी, शांति थी और सब कुछ सामान्य था। वहां अब चीत्कारें हैं, तबाही है और विनाश की तस्वीरें हैं। धराली के अलावा वहां सुखी टॉप के पास बादल फटा है।
धराली में जहां बादल फटा है, वो गंगोत्री धाम से सिर्फ 18 किलोमीटर की दूरी पर है, ये जगह भारतीय सेना के हर्षिल कैंप से करीब चार किलोमीटर दूर है। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि महज 34 सेकंड्स में धराली की रिहाइश बादल फटने के बाद आई बाढ़ की चपेट में आ गई। बादल फटने के बाद खीर गंगा नदी के उफनाने से बाढ़ आई है। धराली देहरादून से 218 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हादसे के बाद सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन राहत बचाव की कोशिश कर रहा है।
लडख़ड़ाते कदम, जान बचाने के लिए मलबे में रेंगती जिंदगी
चारों तरफ सिल्ट ही सिल्ट, जमींदोज घर, होटल और लॉज, जहां तक नजर जाए वहां तक पसरा तबाही का मंजर… इस आपदा में जान बचाने के लिए जद्दोजहद करते एक शख्स का वीडियो सामने आया है, इसमें साफ दिख रहा है कि वह मलबे से किस तरह रेंगते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का प्रयास कर रहा है। उसकी हर कोशिश जीवन की ओर बढ़ते एक कदम की तरह है। यह घटना है उत्तरकाशी के धराली गांव की जहां बादल फटने से भारी तबाही हुई है। प्रकृति ने उत्तरकाशी में ऐसा कहर बरपाया कि पल भर में सब कुछ तहस-नहस हो गया, जिसने भी इस तबाही के वीडियो देखे, वह सन्न रह गया।
उत्तरकाशी हादसे के बाद हरिद्वार में भी अलर्ट
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचा
उत्तरकाशी में बाढ़ की घटना के बाद हरिद्वार जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गए हैं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिससे संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हरिद्वार में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का प्रवाह काफी तेज हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि उत्तरकाशी की घटना के प्रभाव से गंगा का जलस्तर अगले 8 से 12 घंटों में और अधिक बढ़ सकता है। इससे पहले ही प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सावधान कर दिया है। पुलिस ने लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी है कि वे गंगा घाटों और नदियों के किनारे न जाएं।
रेस्क्यू में सामने आ रही बड़ी चुनौतियां
कीचड़ और स्लिट बनी सबसे बड़ी रुकावट : तेज बहाव के बाद अब गांव में पानी कम हो गया है, लेकिन चारों ओर गाढ़ी कीचड़, गाद और भारी मलबा फैल गया है। बचाव दलों को किसी भी व्यक्ति तक पहुंचने से पहले कई फुट तक कीचड़ हटानी पड़ रही है। इससे राहत की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है।
खराब मौसम और लगातार बारिश: इलाके में अब भी रुक-रुककर बारिश जारी है, जिससे जमीन फिसलन भरी हो गई है और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले दिन भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे राहत कार्यों के और प्रभावित होने की आशंका है।पहाड़ी भूगोल
और दुर्गम रास्ते: धराली जैसे पहाड़ी गांव में पहले से ही रास्ते संकरे और जोखिमभरे होते हैं। अब कई सडक़ें टूट चुकी हैं, 163 से अधिक रास्ते बंद हैं, जिनमें पांच राष्ट्रीय राजमार्ग, सात राज्य राजमार्ग और दो बॉर्डर रोड्स शामिल हैं। इससे राहत टीमें समय पर प्रभावित गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
संपर्क साधन पूरी तरह टूटे: धराली और आसपास के गांवों से मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया है। कमजोर कनेक्टिविटी के चलते लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा, जिससे सही जानकारी जुटाना और राहत भेजना बेहद मुश्किल हो गया है।
हेलिकॉप्टर मदद भी रुकी: खराब मौसम और नजदीकी हेलिपैड को हुए नुकसान के कारण हवाई राहत ऑपरेशन भी शुरू नहीं हो सका है। एम्स ऋषिकेश में बेड तैयार हैं, एंबुलेंस रवाना की गई हैं, लेकिन हवाई मार्ग से फंसे लोगों को निकालना संभव नहीं हो पा रहा।
: *राखी लिफाफे से कमाए साढ़े सात लाख*
डाक विभाग ने प्रदेश में बेचे 70 हजार, धर्मशाला मंडल की सबसे ज्यादा कमाई
रक्षाबंधन पर्व को लेकर डाक विभाग ने प्रदेश के सभी डाकघरों में बहनों की सुविधा के लिए वाटरपू्रफ रक्षाबंधन लिफाफे उपलब्ध करवाए हैं। प्रदेशभर में 70 हजार के करीब इन लिफाफों के माध्यम से बहनों ने अपने भाईयों को राखी भेजी हैं। इससे डाक विभाग ने करीब सात लाख रुपए की कमाई कर ली। बहनें इस वाटरपू्रफ लिफाफे में राखियां रखकर डाक विभाग से स्पीड पोस्ट के जरिए भाईयों को राखी भेज सकती हैं। सभी डाकघरों में ये सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में डाक विभाग के माध्यम से सामान भेजने वाले ग्राहक अब मोबाइल पर अपने भेजे सामान को ट्रैक कर सकेंगे। यह सुविधा डाक विभाग द्वारा लांच की गई एडवांस पोस्टल टेक्नोलॉजी 2.0 के माध्यम से मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश डाक सेवाएं निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए हिमाचल प्रदेश के सभी डाकघरों में वाटरफ्रूफ राखी लिफाफे उपलब्ध करवाए गए हैं। अब तक करीब 70 हजार लिफाफे बिक चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग छह लाख तक कमाई की गई है। इसके साथ उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में एडवांस पोस्टल टेक्नोलॉजी 2.0 को लांच किया गया है। इसके माध्यम से ग्राहक अपने सामान को घर बैठे मोबाइल से ट्रैक कर सकेंगे, साथ ही
कर्मचारियों को भी कार्य में आसानी होगी।
चंबा में बिके सबसे कम
रक्षाबंधन पर्व को लेकर डाक विभाग ने प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के धर्मशाला डाक मंडल के अंतर्गत आने वाले डाकघरों में करीब 30 हजार राखी लिफाफे की बिक्री की और करीब तीन लाख की कमाई की। इसके साथ हिमाचल के सोलन-सिरमौर और हमीरपुर-बिलासपुर ने 10 हज़ार, शिमला ने आठ हजार, मंडी-कुल्लू व लाहुल स्पीति ने सात हजार, रामपुर-किनौर ने चार हजार, देहरा ने 4500 और चंबा ने दो हज़ार राखी लिफाफों की बिक्री की।
: *कांगड़ा के 53 गांव बने आदर्श, केंद्र से मूलभूत सुविधाओं के लिए मिलेंगे 20-20 लाख*
पीएम आदर्श ग्राम योजना में पहाड़ी राज्य के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के 53 गांव आदर्श घोषित किए जा चुके हैं। वर्ष 2019-20 में चयनित कुल 64 गांवों में अब बचे हुए 11 गांवों को आदर्श बनाने की कवायद जिला प्रशासन व कल्याण विभाग की ओर से तेज कर दी गई है। इसके तहत ही केंद्र से चयनित गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 12 करोड़ 80 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें प्रति गांव 20-20 लाख रुपए का बजट भी प्रदान किया जा रहा है। इसमें गांव में सडक़-बिजली, पानी, स्वास्थ्य सहित मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाने को कार्य किया जा रहा है। इसमें इसी वर्ष वंचित 11 गांवों के 20-20 लाख बजट केंद्र से मिलने की भी उम्मीद है, जोकि जल्द ही मिलने पर विभिन्न ग्राम विकास योजना के तहत चयनित कार्यों में लगाया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जनसंख्या वाले गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है।
आदर्श ग्राम एक ऐसी संकल्पना है, जिसमें लोगों को विभिन्न बुनियादी सेवाएं देने की परिकल्पना की गई है, ताकि समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हो और असमानताएं कम से कम रहें। इन सब गांवों में वह सब ऐसी अवसंरचना होगी और इसके निवासियों को ऐसी सभी बुनियादी सेवाओं की सुविधा मिलेगी, जो एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य 10 विभिन्न कार्यक्षेत्रों जैसे पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सडक़ें और आवास, विद्युत और स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियां, वित्तिय समावेषण डिजीटलीकरण और जीवन यापन तथा कौशल विकास के अंतर्गत 50 निगरानी योग्य संकेतकों में सुधार करना है। उधर, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कांगड़ा के जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला ने बताया कि 64 चयनित में से 53 गांव आदर्श घोषित हुए हैं, अन्य 11 को लेकर कार्य चल रहा है। 70 अंकों की कसौटी में खरा उतारने व केंद्र से बजट मिलने पर वह भी जल्द आदर्श गांव घोषित होंगे। -एचडीएम
11 गांव आदर्श बनने की कतार में
जिला कांगड़ा के 11 गांव की कतार में हैं, जहां पर काम किया जा रहा है। इसमें बैजनाथ ब्लॉक के सकड़ी खास, धर्मशाला के सोकणी द कोट व खड़ौता, फतेहपुर के हारा व बरीखास, इंदौरा के चुहारपुर, मोटहली व मझारा, पंचरुखी के अंद्रेटा, परागपुर के पनियामल व रैत के दरगेला का नाम शामिल है।
ये गांव बने आदर्श
बैजनाथ ब्लॉक के धानग, कोटली, लोट, चकोल, चकोल बेहरू, खरनाल, पंजाला उपरला व कुंशल ऊपरली, भवारना ब्लॉक रजेहड़, देहरा गोपीपुर ब्लॉक के सनोट, हरदीपुर, रखवाला लाहर, सुधांगल, हटली, ठंबा, फतेहपुर ब्लॉक के छब्बड़, छत्तहर जोगियां व छतहर झिकला, इंदौरा ब्लॉक के बांथ व बेलीमंथा, चन्नौर, छन्नी व जगरारा, लंबागांव ब्लॉक के मंझोटी व कोसरी खास, नूरपुर के देव बहारड़ी, लुहारपुरा, सुधरेहड़ व कद्रोह, पंचरुखी ब्लॉक के सलेहरा, अगोजर खास, मोलीचक्क, ननवार व धदरेहड़, परागपुर ब्लॉक के चन्नौर, हार, गरथेडू, मैरा, श्यामनगर, बटवार, सुखराला व गदाल, रैत ब्लॉक के कनोल, कजलोट, सल्ली, कड़ीबेही, कुठारना, गढ़, पद्धर, रूलेहड़, बासा व झिकला डोहब आदर्श गांव बन गए हैं।
: *कांगड़ा के 53 गांव बने आदर्श, केंद्र से मूलभूत सुविधाओं के लिए मिलेंगे 20-20 लाख*
पीएम आदर्श ग्राम योजना में पहाड़ी राज्य के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के 53 गांव आदर्श घोषित किए जा चुके हैं। वर्ष 2019-20 में चयनित कुल 64 गांवों में अब बचे हुए 11 गांवों को आदर्श बनाने की कवायद जिला प्रशासन व कल्याण विभाग की ओर से तेज कर दी गई है। इसके तहत ही केंद्र से चयनित गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 12 करोड़ 80 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें प्रति गांव 20-20 लाख रुपए का बजट भी प्रदान किया जा रहा है। इसमें गांव में सडक़-बिजली, पानी, स्वास्थ्य सहित मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाने को कार्य किया जा रहा है। इसमें इसी वर्ष वंचित 11 गांवों के 20-20 लाख बजट केंद्र से मिलने की भी उम्मीद है, जोकि जल्द ही मिलने पर विभिन्न ग्राम विकास योजना के तहत चयनित कार्यों में लगाया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जनसंख्या वाले गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है।
आदर्श ग्राम एक ऐसी संकल्पना है, जिसमें लोगों को विभिन्न बुनियादी सेवाएं देने की परिकल्पना की गई है, ताकि समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हो और असमानताएं कम से कम रहें। इन सब गांवों में वह सब ऐसी अवसंरचना होगी और इसके निवासियों को ऐसी सभी बुनियादी सेवाओं की सुविधा मिलेगी, जो एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य 10 विभिन्न कार्यक्षेत्रों जैसे पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सडक़ें और आवास, विद्युत और स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियां, वित्तिय समावेषण डिजीटलीकरण और जीवन यापन तथा कौशल विकास के अंतर्गत 50 निगरानी योग्य संकेतकों में सुधार करना है। उधर, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कांगड़ा के जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला ने बताया कि 64 चयनित में से 53 गांव आदर्श घोषित हुए हैं, अन्य 11 को लेकर कार्य चल रहा है। 70 अंकों की कसौटी में खरा उतारने व केंद्र से बजट मिलने पर वह भी जल्द आदर्श गांव घोषित होंगे। -एचडीएम
11 गांव आदर्श बनने की कतार में
जिला कांगड़ा के 11 गांव की कतार में हैं, जहां पर काम किया जा रहा है। इसमें बैजनाथ ब्लॉक के सकड़ी खास, धर्मशाला के सोकणी द कोट व खड़ौता, फतेहपुर के हारा व बरीखास, इंदौरा के चुहारपुर, मोटहली व मझारा, पंचरुखी के अंद्रेटा, परागपुर के पनियामल व रैत के दरगेला का नाम शामिल है।
ये गांव बने आदर्श
बैजनाथ ब्लॉक के धानग, कोटली, लोट, चकोल, चकोल बेहरू, खरनाल, पंजाला उपरला व कुंशल ऊपरली, भवारना ब्लॉक रजेहड़, देहरा गोपीपुर ब्लॉक के सनोट, हरदीपुर, रखवाला लाहर, सुधांगल, हटली, ठंबा, फतेहपुर ब्लॉक के छब्बड़, छत्तहर जोगियां व छतहर झिकला, इंदौरा ब्लॉक के बांथ व बेलीमंथा, चन्नौर, छन्नी व जगरारा, लंबागांव ब्लॉक के मंझोटी व कोसरी खास, नूरपुर के देव बहारड़ी, लुहारपुरा, सुधरेहड़ व कद्रोह, पंचरुखी ब्लॉक के सलेहरा, अगोजर खास, मोलीचक्क, ननवार व धदरेहड़, परागपुर ब्लॉक के चन्नौर, हार, गरथेडू, मैरा, श्यामनगर, बटवार, सुखराला व गदाल, रैत ब्लॉक के कनोल, कजलोट, सल्ली, कड़ीबेही, कुठारना, गढ़, पद्धर, रूलेहड़, बासा व झिकला डोहब आदर्श गांव बन गए हैं।
: *राज्यसभा में सीआईएसएफ कमांडो बुलाने पर हंगामा, खडग़े का सभापति से सवाल*
मल्लिकार्जुन खडग़े का सभापति से सवाल, सदन आप चला रहे हैं या अमित शाह
संसद में मंगलवार को भी विपक्ष ने बिहार में चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और संसद परिसर में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तैनाती के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। हंगामे के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा मेंं नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेकर सभापति पर ही सवाल उठा दिए। कांग्रेस अध्यक्ष श्री खडग़े ने राज्यसभा में पहली जुलाई को सीआईएसएफ कमांडो को बुलाने का विवाद सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि विरोध करना हमारा अधिकार है। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। श्री खडग़े ने उपसभापति हरिवंश नारायण से कहा कि सदन में सीआईएसएफ लगाया गया था, इसलिए मैं पूछना चाहता हूं कि ये सदन आप चला रहे हैं या अमित शाह चला रहे हैं।
इस पर हरिवंश सिंह ने कहा कि सदन में सीआईएसएफ जवान नहीं मार्शल थे। श्री खडग़े ने कहा कि हमारे पुराने नेताओं ने भी माना है कि व्यवधान डालना भी लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आज मैं आपसे एक बाद पूछना चाहता हूं कि सदन कौन चला रहा है? आप या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। इस पर श्री सिंह ने जवाब दिया कि ये एकदम गलत आरोप हैं। वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि विपक्ष का तरीका अलोकतांत्रिक और नियमों के खिलाफ है। ये सदन नहीं चलना चाहते हैं। विपक्ष में रहने का ट्यूशन मुझसे ले लो, क्योंकि आपको 30-40 साल तक विपक्ष में ही रहना है। उधर, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डिवेलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई घटक दलों के सांसदों ने एसआईआर का विरोध करते हुए मंगलवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। संसद के ‘मकर द्वार’ के निकट आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और कई अन्य दलों के सांसद शामिल हुए।
: इंटेलिजेंस ब्यूरो में 3717 वैकेंसी, इस डेट तक करें आवेदन, ऐसे होगा चयन
By: divyahimachal
असिस्टेंट सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर भर्ती के लिए 10 अगस्त तक करें आवेदन
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की ओर से असिस्टेंट सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (एसीआईओ) भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 3717 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तय की गई है। 3717 पदों में से 1537 पद जनरल कैटेगरी, 442 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, 946 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 566 पद अनुसूचित जाति और 226 पद अनुसूचित जनजाति के लिए हैं। यह भर्ती विभिन्न विभागों में विभिन्न श्रेणियों में ग्रेड 2/कार्यकारी के पद के लिए आयोजित की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवारों को पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा और गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करना होगा।
आयुसीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 27 वर्ष तय की गई है। उम्मीदवारों की आयु की गणना 10 अगस्त, 2025 को आधार बनाकर की जाएगी।
आवेदन शुल्क: जनरल, ईडब्ल्यूएस एवं ओबीसी कैटेगरी के पुरुष उम्मीदवारों को 650 रुपए आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। अन्य सभी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 550 रुपए है।
शैक्षणिक योग्यता
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। उम्मीदवारों को बेसिक कम्प्यूटर नॉलेज भी होनी चाहिए।
ऐसे होगा चयन
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से होगा…
टियर-1 (ऑब्जेक्टिव टेस्ट-100 माक्र्स): टियर-1 के लिए उम्मीदवारों को 60 मिनट का समय दिया जाएगा। उम्मीदवारों से जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड लॉजिकल रीजनिंग, इंग्लिश एवं जनरल स्टडीज से प्रश्न पूछे जाएंगे।
टियर-2 (वर्णनात्मक परीक्षा – 50 अंक) : इस परीक्षा में निबंध लेखन (30 अंक) और अंग्रेजी समझ और संक्षेप लेखन (20 अंक) शामिल हैं।
टियर-3 (इंटरव्यू – 100 अंक): व्यक्तित्व और योग्यता मूल्यांकन
ऐसे करें अप्लाई
सबसे पहले कैंडीडेट को ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
इसके बाद आपको होम
पेज पर दिए गए आवेदन लिंक पर क्लिक करना होगा।
अब आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।
इसके बाद आपको लॉग
इन कर एप्लीकेशन फॉर्म
को भरना होगा।
अब आप एप्लीकेशन
फॉर्म को चेक कीजिए
और इसके बाद अपनी फीस जमा कीजिए।
इसके बाद आप
एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर लीजिए और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट निकाल लीजिए।
: SWAYAM July 2025 : आ गई तारीख; 11 से 14 दिसंबर होगी परीक्षा, ये रहेगा एग्जाम का पैटर्न
By: divyahimachal
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स (SWAYAM) जुलाई 2025 सेमेस्टर की परीक्षा की तिथियां घोषित कर दी हैं। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षा 11, 12, 13 और 14 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। एनटीए ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे परीक्षा के बारे में आगे की जानकारी के लिए नियमित रूप से एनटीए की वेबसाइट देखते रहें
एग्जाम का पैटर्न
परीक्षण एजेंसी को स्वयं पहल के तहत प्रस्तावित पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। परीक्षा पैटर्न के अनुसार, 66 पेपरों में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होंगे, जिनमें से प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा, 463 पेपरों में 50 MCQ होंगे, जिनमें से प्रत्येक दो अंकों का होगा। 65 पेपर हाइब्रिड मोड में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 35 प्रश्न होंगे- 20 एमसीक्यू सीबीटी मोड में, 10 लघु उत्तरीय प्रश्न पेपर और पेन मोड में और सात दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पेपर और पेन मोड में। सेक्शन में B1 अंक के प्रश्न होंगे, सेक्शन B में तीन अंक के प्रश्न होंगे और सेक्शन C में 10 अंक होंगे।
तीन घंटे की होगी परीक्षा इंग्लिश में होगा पेपर
परीक्षा की अवधि तीन घंटे की होगी और प्रश्न पत्र केवल अंग्रेजी में होगा। अंकन योजना के अनुसार, बहुविकल्पीय प्रश्नों में किसी भी गलत उत्तर के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा। पिछले सेमेस्टर में, परीक्षा में 524 पाठ्यक्रमों के लिए 65 पेपर शामिल थे। परीक्षाएं कम्प्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की गईं। कुल 2,226 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया और 1,864 ने परीक्षा दी।
: Govt Jobs : CISF में 2029 तक होगी बंपर भर्ती, हर साल भरे जाएंगे 14 हजार पद
By: divyahimachal
नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में बंपर भर्ती होने जा रही है। मौजूदा समय में CISF में 1 लाख 62 हजार जवान तैनात हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर अब दो लाख तक की जाएगी। इसके लिए साल 2029 तक बंपर भर्तियां की जाएंगी। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिया है। फैसले के तहत अगले पांच सालों में CISF में हर साल 14 हजार नए जवान भर्ती किए जाएंगे। इस तरह से 5 साल में 70 हजार पदों पर CISF भर्तियां करेगा। इन भर्ती प्रयासों से बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों के आकर्षित होने की संभावना है, जिसे बल की प्रगतिशील नीतियों का समर्थन प्राप्त है। बता दें कि मौजूदा समय में CISF के 24098 जवानों को भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित क्षेत्रों में भविष्य के औद्योगिक केंद्रों की संभावना को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के लिए 58,000 अतिरिक्त कर्मियों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। अधिकारी ने कहा कि ये नए पद CISF की जम्मू-कश्मीर में विमानन, बंदरगाहों, ताप विद्युत संयंत्रों, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, जल विद्युत संयंत्रों और जेलों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैनाती में मददगार साबित होंगे।
: हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन पर कब्जों को नियमित करने वाले कानून को 23 साल बाद किया रद्द
प्रदेश हाईकोर्ट ने पांच बीघा भूमि नियमितीकरण वाली सरकार की नीति को खारिज कर दिया है। साथ ही अदालत ने 28 फरवरी 2026 तक सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को हटाने के आदेश दिए।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन पर कब्जे नियमित करने वाले कानून को 23 साल बाद मनमाना और असांविधानिक घोषित करार करते हुए रद्द कर दिया है। अदालत ने हिमाचल भू-राजस्व अधिनियम की धारा 163-ए और उसके तहत बनाए नियम तत्काल प्रभाव से खारिज कर दिए हैं। यह धारा प्रदेश सरकार को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को नियमित करने के लिए नियम बनाने का अधिकार देती थी।
अदालत ने महाधिवक्ता को फैसले की प्रति मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को तत्काल अनुपालन के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन राजस्व अधिकारियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनकी देखरेख में अतिक्रमण हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की टिकेंद्र सिंह पंवर वाली याचिका के तहत सेब से लदे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। अदालत ने सरकार को 28 फरवरी 2026 तक सभी सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह फैसला पूनम गुप्ता और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश मामले में दिया है, जिसमें धारा 163-ए की सांविधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। सरकार के आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 57,549 अतिक्रमण के मामले हैं, जो लगभग 1,23,835 बीघा सरकारी जमीन को कवर करते हैं। इसके अलावा नियमितीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों की संख्या 15 अगस्त 2002 तक 1,67,339 थी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भूमि का सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अधिग्रहण किया है और पूर्व मालिक ने उस पर फिर कब्जा कर लिया है, तो वह विपरीत कब्जे का दावा नहीं कर पाएंगे और उन्हें अतिक्रमण हटाने की लागत के साथ-साथ भूमि के उपयोग का शुल्क देना होगा। भारत सरकार की ओर से जवाब में कहा कि कानून में संशोधन की जरूरत नहीं है, क्योंकि अनधिकृत कब्जाधारियों की संख्या कम है। अधिकांश सरकारों ने भी उचित संशोधन की कोई इच्छा नहीं जताई है। उनके इस रवैये को देखते हुए कार्रवाई बंद कर दी गई। प्रदेश सरकार ने तर्क दिया था कि इस कानून का उद्देश्य वंचित, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को लाभ पहुंचाना था।
कोर्ट ने फैसले में वर्ष 1983, 1984 और 1987 में अतिक्रमण को नियमित करने के लिए सरकार की ओर से जारी नीतियों का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि 1994 की नीति को राज कुमार सिंगला बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले में हाईकोर्ट ने असांविधानिक घोषित कर दिया था। इसके बाद एक उच्चाधिकार समिति का गठन हुआ, जिसने धारा 163-ए को शामिल करने का प्रस्ताव दिया। समिति ने कुछ विशेष प्रकार की भूमि जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा की भूमि, गांव के रास्ते, जंगल और खेल के मैदान पर अतिक्रमण नियमित न करने की सिफारिश की थी। इसके तहत दो बीघा तक भूमि को नियमित करने की अनुमति थी।
राज्य सरकार ने कहा कि धारा 163-ए को लाने का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की जोत को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना और राजस्व उत्पन्न करना था। अदालत ने कहा कि धारा 163-ए के उद्देश्यों और कारणों के बयान में विरोधाभास है। एक ओर सरकार अतिक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए धारा 163 के प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर धारा 163-ए के माध्यम से अतिक्रमण को कानूनी रूप देने का प्रयास करती है, जिसे पहले हाईकोर्ट ने अवैध घोषित किया था। अदालत ने सार्वजनिक ट्रस्ट सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्राकृतिक संसाधनों की संरक्षक है। उसे उन्हें जनता के हित में उपयोग करना चाहिए, न कि निजी हितों के लिए। इस सिद्धांत के अनुसार, सार्वजनिक संपत्ति को बेचा या निजी उपयोग के लिए नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट की टिप्पणी : सरकार अनैतिकता को वैध बना रही, कोर्ट मूकदर्शक नहीं बन सकता
अदालत ने कहा कि सरकार अपनी संपत्ति की रक्षा करने के बजाय अनैतिकता को वैध बना रही है। कोर्ट मूकदर्शक नहीं बन सकता। कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने साथ ही नियमितीकरण के तहत याचिका के लंबित रहने के दौरान या किसी भी अन्य आधार पर अतिक्रमण हटाने पर लगी किसी भी तरह की रोक या सुरक्षा को समाप्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि नगर निकायों और उनके अधिकारियों को अतिक्रमण की रिपोर्ट करने और उसे हटाने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को धारा 163 से उस प्रावधान को हटाने पर विचार करने को कहा है, जिसके तहत एक अतिक्रमणकारी विपरीत कब्जे के आधार पर जमीन पर मालिकाना हक का दावा कर सकता है।
यह है धारा 163-ए
वर्ष 2002 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने हिमाचल प्रदेश भू राजस्व अधिनियम में एक नई धारा 163-ए जोड़ी। यह धारा सरकार को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को नियमित करने के लिए नियम बनाने की अनुमति देती है। इस नियम के तहत सरकार वंचित, कमजोर, जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को सरकारी भूमि को नियमितिकरण करने का अधिकार देती है। प्रदेश में जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर अधिक्रमण किया हुआ है, उनकी जमीन को नियमितिकरण का अधिकार देती है। सरकार वन भूमि आवंटित नहीं कर सकती, लेकिन यह धारा सरकारी जमीन को बेसहारा और गरीब लोगों को देनेे के लिए एक मात्र विकल्प थी।
amar ujala
: हिमाचल में कई जगह सड़कें बंद-बिजली गुल, सराज-ज्यूणी वैली में बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के बाद कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं। साथ ही बिजली गुल भी है। सराज-ज्यूणी वैली में बारिश का कहर जारी है। बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों की जान खतरे में है।
सड़कें बंद, बिजली गुल, जंजैहली कटी
लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है। पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थाई कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है।
ज्यूणी वैली में भी आफत
उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी वैली में भी मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया है। देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए हैं।
गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
प्रशासन का अलर्ट
जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की अपील की है। आपदा की स्थिति में तुरंत निकटतम सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन बारिश की तीव्रता के कारण चुनौतियां बढ़ रही हैं। एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
amar ujala
: अवैध होम स्टे संचालन पर एक लाख का जुर्माना लगेगा, बिजली-पानी भी कटेगा
प्रदेश में अवैध होम स्टे संचालन पर अब एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा। दोबारा पकड़े जाने पर बिजली और पानी का कनेक्शन काटने का भी प्रावधान किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में अवैध होम स्टे संचालन पर अब एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा। दोबारा पकड़े जाने पर बिजली और पानी का कनेक्शन काटने का भी प्रावधान किया गया है। प्रदेश में अवैध होम स्टे संचालन पर नकेल कसने के लिए प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था की है। इसके अलावा होम स्टे संचालकों को अब अपना पंजीकरण प्रमाण पत्र संबंधित पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम कार्यालय में भी जमा करवाना होगा। पंचायतों और नगर निकायों को उनके क्षेत्र में चल रहे होम स्टे का पूरा लेखा-जोखा रखना होगा। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे सभी होमस्टे का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।
यह कदम इसलिए उठाया गया है जिससे स्थानीय स्तर पर ही अवैध संचालन को रोका जा सके और पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके। प्रदेश सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बड़े पैमाने पर अवैध होम स्टे और बीएंडबी चलाए जा रहे हैं। इनमें अवैध गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। होम स्टे संचालक नियमों का पालन भी नहीं कर रहे, जिससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। नए नियमों के तहत सभी होम स्टे संचालकों को अनिवार्य रूप से पर्यटन विभाग में अपना पंजीकरण करवाना होगा। यदि कोई संचालक ऐसा करने में विफल रहता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
amar ujala
: Himachal Weather: प्रदेश में भारी बारिश से फिर तबाही, गोहर में बादल फटने से कई मकान जमींदोज, 453 सड़कें बंद
प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में चार नेशनल हाईवे सहित 453 सड़कें बाधित हैं। 753 बिजली ट्रांसफार्मर व 276 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। भारी बारिश से राज्य में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।मंडी जिले के गोहर उपमंडल में रविवार रात बादल फटने से तबाही हुई है। लोट गांव में दो मकान पूरी तरह से ढह गए जबकि कई अन्य को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद लोगों ने पूरी रात दहशत में घरों से बाहर काटी। प्रशासन ने प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। इसी क्षेत्र के पास स्थित जहल गांव में रीनू देवी पत्नी कश्मीर सिंह पर पेड़ गिर गया। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। गांव तक सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से घायल को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाई आई।
सराज क्षेत्र का परवाड़ा गांव भी इस आपदा की चपेट में आ गया है। यहां भारी बारिश और मलबा आने से तीन मकान पूरी तरह से बह गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए थे। एसडीएम गोहर बचित्र सिंह ने बताया कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत मुहैया करवाई जाएगी। नांड़ी पंचायत के कटवांड्डी गांव में बाढ़ से एक मकान की सुरक्षा दीवार ढह गई। प्रदेश में मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक चार नेशनल हाईवे सहित 453 सड़कें बंद रहीं। 753 बिजली ट्रांसफार्मर व 276 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 318 सड़कें, 657 बिजली ट्रांसफार्मर व 86 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। कुल्लू में 67 सड़कें व कांगड़ा जिले में 120 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। राजधानी शिमला में भी सुबह से बारिश जारी है।
थुनाग में घरों में घुसा मलबा, अस्थायी कलवर्ट बहे
सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है। पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थायी कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है। उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी घाटी के देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के चलते घरों से बाहर निकल आए हैं। गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर पर भूस्खलन
चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लूणा, खदामुख, केरु पहाड़ के पास भूस्खलन हुआ। मौके पर मौजूद मशीनरी ने हाईवे बहाल कर दिया है। इसके अलावा जिला में 14 संपर्क मार्ग, 28 बिजली ट्रांसफार्मर और 42 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। भटियात विधानसभा क्षेत्र कालीधार में सड़क धंसने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से प्रदेश और देश से कटा हुआ है। वहीं चुराह उपमंडल बंजली-चरोड़ी मार्ग भूस्खलन से पिछले एक सप्ताह से बंद है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र में खाद्य सामग्री, एलपीजी सिलिंडर, सब्जियां समेत अन्य सामान खत्म हो चुका है। वहीं क्षेत्र में 15 गाड़िया फंसी हैं।
आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, इतने दिन बरसेंगे बादल
बीती रात को मंडी में 151.2, बग्गी 104.8, सुंदरनगर 84.1, मुरारी देवी 83.0, नादौन 78.0, गोहर 72.0, करसोग 56.3, पालमपुर 55.8, पंडोह 53.0, नंगल डैम 49.0 व ब्राह्मणी में 48.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 11 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 6 से 11 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून में अब तक 1,990 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 4 अगस्त तक 192 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 301 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 81 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,990 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,524 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,546 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,75,363.84 लाख रुपये पहुंच गया है।
भारी बारिश से बल्ह घाटी में बाढ़ जैसे हालात, हाईवे बना तालाब
भारी बारिश से बल्ह घाटी में बाढ़ के हालात बन गए हैं। खेतों में भी बाढ़़ का पानी घुस गया है। बीती रात से जारी भारी बारिश के चलते क्षेत्र की सुकेती खड्ड उफान पर है। ऑटोमोबाइल एजेंसियों की पार्किंग में भी बाढ़ का पानी घुस गया। दर्जनों गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। क्रेन के जरिये से बाढ़ में फंसे वाहनों को निकाला गया। नेशनल हाईवे भी तालाब बन गया है।
भारी बारिश से मंडी में ब्यास नदी उफान पर, प्राचीन पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंचा पानी
भारी बारिश से मंडी जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ब्यास नदी उफान पर है। इससे नदी का पानी प्राचीन पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंच गया है। छोटी काशी के इस 16वीं सदी में बने मंदिर को मौजूदा समय में सिल्ट और मलबे से चारों तरफ से घेर लिया है। भगवान शिव की नगरी मंडी में शिव का यह मंदिर लोगों की आस्था से जुड़ा है।
मंडी-कुल्लू एनएच पर कई स्थानों पर भूस्खलन
मंडी-कुल्लू एनएच पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कई स्थानों पर बंद हो गया है। मंडी से बनाला तक इस मार्ग पर कई जगह पत्थर व मलबा गिरने की सूचना है। शनि मंदिर बनाला, झलोगी टनल के पास, दवाडा आर्मी कैंप के पास तथा दवाडा फलाईओवर के पास एनएच अभी भी बंद है। कुल्लू जिले में कई जगह सड़कों के बंद होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सैंज-रैला सड़क पर देखने को मिला, जहां सड़क पर हुए भूस्खलन से फंसी एक बोलेरो गाड़ी को लकड़ी के स्लीपरों को सड़क के खराब प्वाइंट पर रखकर निकाला गया। इस दौरान चालक ने जोखिम उठाया है।
भूस्खलन से बालू स्कूल, दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त, पांच भेड़ों व एक बछड़ी की मौत
कुल्लू जिला की रघुपुर घाटी के बालू गांव में भूस्खलन से प्राइमरी स्कूल बालू को भारी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के चलते स्कूल के पीछे से हुए भूस्खलन की चपेट में जहां स्कूल भवन आया है। वहीं, दो गोशालाएं व सेब बगीचे तह
स-नहस हो गए। भूस्खलन की चपेट में आने से गांव के करीब पांच से छह घर बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि गोशाला में माैजूद पांच भेड़ व एक बछड़ी की भी भूस्खलन से माैत हो गई।
भारी बारिश के बाद किन्नौर के रिब्बा नाले में आई बाढ़
किन्नौर जिले में सुबह से लगातार जारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। किन्नौर के रिब्बा नाले में बाढ़ आ गई। बाढ़ आने से पूह-काजा संपर्क मार्ग एनएच पांच के पास बंद हो गया। वहीं उपमंडल बंगाणा से शांतला-कामलू सड़क की हालत खस्ता हो गई है। हथलौन से तूतडु मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। शिमला में टिटला होटल जाखू के पास भूस्खलन हुआ है।
amar ujala
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

