ऋतिक रोशन @52, डॉक्टर्स ने एक्टर बनने से रोका:फिल्मों के सेट पर झाड़ू लगाई, कमजोरी को अपनी ताकत बनाया, कहलाए बॉलीवुड के ग्रीक गॉड
अगर बॉलीवुड में किसी एक्टर से अपनी कमजोरी को ताकत में बदलकर सफलता के शीर्ष पर पहुंचने की प्रेरणा मिलती है, तो वो बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले ऋतिक रोशन हैं। एक्टर के लिए शब्दों का सही उच्चारण, फिजिकल फिटनेस, डांस और एक्शन की भारी डिमांड रहती है। यही ऋतिक की सबसे बड़ी कमजोरी थी। बचपन से स्टैमरिंग (हकलाहट) की गंभीर समस्या और 21 साल की उम्र में स्कोलियोसिस नामक एक और गंभीर बीमारी ने ऋतिक के सपनों को कुचलने की पूरी कोशिश की। डॉक्टर्स ने यहां तक कह दिया था कि ऋतिक अगर एक्टिंग को प्रोफेशन के रूप में चुनते हैं, तो इससे जीवनभर के लिए डिसेबिलिटी हो सकती है। लेकिन उन्होंने बिना इनकी परवाह किए अपनी कमजोरियों और बीमारियों को हराकर सफलता की ऊंचाइयों को छुआ। आज ऋतिक रोशन के 52वें जन्मदिन पर आईए जानते हैं, बॉलीवुड के ग्रीक गॉड बनने की कहानी .. पिता चाहते थे ऋतिक अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें ऋतिक रोशन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पूरी की और बाद में सिडेनहम कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उनके पिता राकेश रोशन चाहते थे कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाएं। इसी दौरान उन्हें अमेरिका की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप का प्रस्ताव भी मिला था। हालांकि ऋतिक के मन में बचपन से ही अभिनय और सिनेमा के प्रति गहरा लगाव था, जिसके कारण उन्होंने उस सुनहरे शैक्षिक अवसर को ठुकरा दिया। फिल्मों के सेट पर झाड़ू लगाते थे फिल्मी परिवार से होने के बावजूद, ऋतिक को सीधे तौर पर लॉन्च नहीं किया गया था। अभिनेता बनने से पहले उन्होंने जमीनी स्तर पर काम सीखने का फैसला किया और अपने पिता राकेश रोशन के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम करना शुरू किया। उन्होंने किंग अंकल, करण अर्जुन' कोयला, जैसी कई फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। रिपब्लिक वर्ल्ड में छपी खबर के मुताबिक ऋतिक रोशन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि सेट पर वे कड़ी मेहनत करते थे। सेट पर झाड़ू लगाने, चाय परोसने और क्लैप देने जैसे छोटे-छोटे काम भी किए ताकि वे फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझ सकें। ऋतिक ने यह भी बताया था कि पिता की फिल्मों के पैक-अप के बाद वे अक्सर फिल्मों के सीन दोहराते थे ताकि देख सकें कि वे अभिनय में बेहतर हो रहे हैं या नहीं। सहायक निर्देशक के रूप में अनुभव प्राप्त करने के बाद, उन्होंने साल 2000 में 'कहो ना प्यार है' के साथ एक अभिनेता के रूप में डेब्यू किया, लेकिन इस सफर को शुरू करना ऋतिक रोशन के लिए इतना भी आसान नहीं रहा है। बचपन में कोई दोस्त और गर्लफ्रेंड नहीं थी बचपन से ही ऋतिक को स्टैमरिंग (हकलाना) की गंभीर समस्या थी। उन्हें एक छोटा सा वाक्य बोलने में भी बहुत दिक्कत होती थी और स्कूल में दूसरे बच्चे उनका मजाक उड़ाते थे। BBC को दिए इंटरव्यू में ऋतिक ने कहा था- मैं बचपन में इतना हकलाता था कि ठीक तरह से बात तक नहीं कर पाता था। मेरा कभी कोई दोस्त या गर्लफ्रेंड नहीं थी। मैं बहुत शर्मिला था और स्कूल से वापस आकर बस रोता रहता था। जिस दिन स्कूल में ओरल टेस्ट होता था, उस दिन वह बहाने बनाकर स्कूल नहीं जाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए ऋतिक ने स्पीच थेरेपी ली और घंटों मेहनत की। उन्होंने खुद की एक खास तकनीक विकसित की, नॉवेल और किताबें जोर-जोर से पढ़ना, ताकि खुद अपने शब्द सुन सकें और आत्मविश्वास बढ़ा सकें। एक्टिंग में डेब्यू से पहले गंभीर बीमारी का पता चला ऋतिक रोशन जब एक्टिंग में डेब्यू करने की तैयारी कर रहे थे तभी उन्हें स्कोलियोसिस नामक एक और गंभीर बीमारी का पता चला। यह रीढ़ की हड्डी में घुमाव की बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को लेटने, उठने और बैठने में काफी दिक्कत होती है। डॉक्टर्स ने उन्हें साफ कह दिया कि वह कभी भी डांस नहीं कर पाएंगे और बॉलीवुड हीरो बनने के लिए जरूरी सभी काम नहीं कर सकेंगे। किसी भी इंसान के लिए किसी सदमे से कम नहीं होता, क्योंकि सपने परवान चढ़ने से पहले ही टूटकर बिखर चुके थे। डॉक्टर्स ने कहा था कि कभी फिजीक नहीं बना सकते डॉक्टर्स ने ऋतिक को साफ बता दिया कि स्कोलियोसिस की वजह से वह कभी भी शारीरिक रूप से मांग वाले काम जैसे डांसिंग या एक्शन फिल्में नहीं कर पाएंगे। डॉक्टर्स ने एक्टिंग को प्रोफेशन के रूप में चुनने के खिलाफ सलाह दी, क्योंकि इससे जीवनभर के लिए डिसेबिलिटी हो सकती है, लेकिन ऋतिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने स्कोलियोसिस पर जितनी भी रिसर्च मिली सब पढ़ी, नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की और अपने शरीर को इतना मजबूत बनाया। ऋतिक उस समय बहुत दुबले पतले थे। डॉक्टर्स ने कहा था कि स्पाइनल कॉर्ड में समस्या होने की वजह से वह कभी फिजीक नहीं बना सकते। अपनी कमजोरी को ताकत बनाया, दर्द से जूझते रहे, लेकिन हौसला नहीं टूटा ऋतिक ने अपनी स्थिति को स्वीकार करने की बजाय इससे लड़ने का फैसला किया। उन्होंने नियमित रूप से अपनी पीठ को मजबूत करने के लिए रिलेंटलेस ट्रेनिंग की, जिसमें प्लैंक्स, वेट्स और फ्लेक्सिबिलिटी ड्रिल्स शामिल थे। अपनी स्पाइन की स्थिति को ओवरराइड करने के लिए विशेष व्यायाम और तकनीकें सीखीं। डांस मूव्स को थकान होने तक रिहर्सल किया, इस दौरान असहनीय दर्द से जूझते रहे, लेकिन अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। आज ऋतिक के डांस में अद्वितीय फ्लूइडिटी, प्रीसाइज मूव्स और चेहरे के एक्सप्रेशन का ऐसा मिश्रण है कि वे गाने के हर बीट को जीवंत कर देते हैं। उनकी फिजिक इतनी शार्प है कि फिल्मों के स्टंट्स और फाइट सीन्स के हर मूवमेंट बहुत ड्रामेटिक और इम्पैक्टफुल लगते हैं। पहली ही फिल्म से रातोंरात सुपरस्टार बन गए साल 2000 में फिल्म ‘कहो ना प्यार है से ऋतिक रोशन का बॉलीवुड डेब्यू हुआ और यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई। रातोंरात ऋतिक सुपरस्टार बन गए और उनकी स्टाइल, डांसिंग और एक्टिंग ने सबको दीवाना बना दिया। लेकिन ऋतिक के करियर में आगे और चुनौतियां थीं। जिसका उन्होंने डटकर सामना किया। फिल्म की शूटिंग के दौरान कई गंभीर हादसे हुए ऋतिक रोशन को फिल्म ‘कृष’ की शूटिंग के दौरान सिंगापुर में एक खतरनाक हादसा हुआ था। एक स्टंट के दौरान उनके साथ बंधी तार अचानक टूट गई, जिससे वे लगभग 50 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने लगे। खुशकिस्मती से वे नीचे एक (कैनोपी) दुकान की छतरी पर गिरे, जिसने झटका कम कर दिया और उनकी जान बच गई, हालांकि गिरने से उन्हें चोट लगी थी। ब्रेन हेमरेज और डिस्क स्लिप जैसी समस्याएं हुईं ऋतिक रोशन को 2013 में 'कृष 3' की शूटिंग के दौरान पीठ में गंभीर चोट लगी। 'अग्निपथ' की शूटिंग के दौरान ऋतिक रोशन को नारियल तोड़ने के एक दृश्य के दौरान हाथ में गहरा कट लग गया था। खून की धार बहने लगी, लेकिन एक्टर ने हिम्मत नहीं हारी। उसी शूटिंग में उन्हें स्लिप डिस्क की चपेट में भी ले लिया। दर्द सहते हुए भी ऋतिक ने परफेक्शन को प्राथमिकता दी थी। ब्रेन हेमरेज और डिस्क स्लिप जैसी समस्याओं से जूझते हुए उन्हें कई सर्जरी करानी पड़ीं। डॉक्टर्स ने 6 महीने का बेड रेस्ट सुझाया। फिर भी, वो फिल्म को समय पर पूरा करने के लिए डटे रहे। इस बात का जिक्र राकेश रोशन ने ‘द रोशन्स’ डॉक्यूमेंट्री’ में किया है। फिल्म ‘वार 2’ के सेट पर जूनियर NTR के साथ एक हाई‑एनर्जी डांस नंबर की रिहर्सल के दौरान ऋतिक रोशन के पैर में चोट लगी। डॉक्टर्स ने उन्हें लगभग चार हफ्ते आराम की सलाह दी, जिस वजह से गाने की शूटिंग कुछ समय के लिए टालनी पड़ी। जॉर्जिया में एक इवेंट के दौरान ऋतिक रोशन ने इस बात का जिक्र किया था। हर किरदार के लिए अलग-अलग परफ्यूम ऋतिक रोशन हर किरदार के लिए अलग परफ्यूम इस्तेमाल करते हैं, ताकि उस किरदार की यादें ताजा हो सकें। वे मानते हैं कि खुशबू यादों और इमोशंस से गहराई से जुड़ी होती है, इसलिए हर नए किरदार के लिए एक नया परफ्यूम चुनते हैं। फिल्म 'सुपर 30' के प्रमोशन के दौरान ऋतिक ने कहा था- खुशबू से किरदार की यादें ताजा रहती हैं। ऋतिक रोशन का एक्टिंग करियर जितना चुनौतियों भरा रहा, उतना ही उनके शादी शुदा जिंदगी में भी उथल पुथल रही है। ऋतिक रोशन की शादी और तलाक की कहानी बॉलीवुड की चर्चित घटनाओं में शुमार है। 2000 में उन्होंने सुजैन खान से शादी की, जो 14 साल चली। 2013 में अलगाव की खबरें आईं और 2014 में आधिकारिक तलाक हो गया। यह बॉलीवुड के सबसे महंगे तलाक में से एक था, जिसमें सुजैन को कथित तौर पर 380 करोड़ रुपए की एलिमनी मिली, हालांकि दोनों अब भी अपने दो बेटों ऋहान और ऋदान की मिलकर परवरिश करते हैं और अच्छे दोस्त हैं। तलाक के बाद ऋतिक की जिंदगी में सबा आजाद आईं। अब डायरेक्शन में डेब्यू करने जा रहे हैं ऋतिक रोशन फिल्म 'कृष 4' से डायरेक्शन में कदम रखने जा रहे हैं। इस बात का ऐलान खुद उनके पिता राकेश रोशन ने सोशल मीडिया पर किया है। उन्होंने कहा कि वे अब निर्देशन की जिम्मेदारी अपने बेटे ऋतिक को सौंप रहे हैं। वहीं, इस फिल्म को राकेश रोशन और आदित्य चोपड़ा मिलकर प्रोड्यूस करेंगे। राकेश रोशन ने अपने इंस्टाग्राम पर ऋतिक रोशन के साथ एक फोटो शेयर की। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘25 साल पहले मैंने तुम्हें एक एक्टर के तौर पर लॉन्च किया था और आज 25 साल बाद मैं तुम्हें एक निर्देशक के रूप में लॉन्च करने जा रहा हूं।’ ___________________________________________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... दिलजीत @42, लोगों ने कहा पगड़ी वाले हीरो नहीं बनते:दिल लुमिनाटी टूर पर विवाद, पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ काम करने पर देशद्रोह का आरोप पंजाब के फिल्लौर तहसील के दोसांझ कलां गांव में एक साधारण सिख परिवार में जन्मे दिलजीत दोसांझ की ग्लोबल स्टार बनने की कहानी इतनी भी आसान नहीं है। उनका बचपन आर्थिक दिक्कतों के बीच गुजरा है। इसलिए सिर्फ दसवीं तक ही पढ़ाई कर पाए। पूरी खबर यहां पढ़ें .....
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
Admin
तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला