आज के 100 मुख्य समाचार पत्र जन दैनिक पंचांग प्रकाशित स्थल बन गए. Dhurandhar_फ़िल्म_के_असली_रहमान_डकैत_की_असली_कहानी_।_Who_is_Rehman_Dakait___Akshaye_Khanna__
*तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर प्रदेश कांग्रेस सरकार जन संकल्प सम्मेलन के नाम से मंडी के पड्डल मैदान में रैली कर रही है। रैली के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित अन्य नेता मंच पर पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री का मंडी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया।*
TRN LIVE: *तीन साल में व्यवस्था बदली, गारंटियां भी पूरी करेंगे*
सरकार का उद्देश्य जनता पर शासन नहीं, बल्कि जनता का शासन बनाना है। वहां सरकार की हर एक योजना कैसे समाज के हर एक वर्ग-समुदाय तक पहुंचे। सरकार अगर व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ आई है, तो उस दिशा में कैसे काम कर रही है…. किसान, बागबान, कर्मचारी, छात्र, असहाय सभी को कैसे सुख का एहसास करवाना सरकार का अंतिम लक्ष्य है… एक विशेष भेंट में राज्य ब्यूरो प्रमुख राजेश मंढोत्रा को बता रहे हैं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
दिव्य हिमाचल: तीन साल का कार्यकाल सरकार का कैसा रहा और कितना व्यवस्था परिवर्तन हो पाया?
सुक्खू: मैं ये मानता हूं कि हमारी सरकार के इन तीन वर्षों में 40 साल से चल रही पुरानी व्यवस्था में बहुत बदलाव आया है। पहली बार योजनाओं को जनता के साथ सीधा जोड़ा गया है और इन योजनाओं का लाभ सीधे लोगों को मिला है। पहले आपदा या हादसे में घर गंवाने वाले को 1.30 लाख मिलते थे। हमने पहली बार सात लख रुपए घर बनाने के लिए दिया और एक लाख घर की वस्तुओं के लिए दिया। हिंदुस्तान में यह पहला राहत पैकेज है, जिसमें आठ लाख रुपए मिलते हैं। यही व्यवस्था परिवर्तन है। शिक्षा के क्षेत्र में जहां गुणात्मक शिक्षा में 2022 में हम 21वें स्थान पर थे, अब हम 5वें स्थान पर पहुंच गए हैं। शिक्षा विभाग में बिखराव को दूर किया गया। एक निदेशालय बनाया गया, इंग्लिश मीडियम किया गया, सीबीएसई स्कूल लाए गए और राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल बनाने जा रहे हैं। यह भी व्यवस्था परिवर्तन का स्वरूप है। हमने कड़े फैसले लिए। इनसे कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन रिजल्ट अच्छा आएगा। यह आंवले की तरह स्वाद वाली स्थिति है। स्वास्थ्य में भी व्यवस्था परिवर्तन हुआ। 19 साल पुरानी एमआरआई मशीनों को बदला गया। पैट स्कैन लाया गया, क्योंकि कैंसर को पहचानने के लिए हिमाचल में कोई व्यवस्था नहीं थी। आईजीएमसी और टांडा कहने को तो प्रीमियर इंस्टीट्यूट थे, लेकिन कोई सोच भी नहीं सकता था कि यहां रोबोटिक सर्जरी आ सकती है। बाहर जो रोबोटिक सर्जरी के लिए डाक्टर चार से पांच लख रुपए लेते हैं, वह हिमाचल में सस्ती दरों पर हो रही है। आज चमियाना में सौ फीसदी एकुरेसी के साथ 100 ऑपरेशन हो गए हैं। आने वाले समय में व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर हम बढ़ेंगे।
दिव्य हिमाचल: इस अवधि में वित्तीय चुनौती क्या रही? अभी राज्य की वित्तीय स्थति क्या है?
सुक्खू: जब मैंने सत्ता संभाली तो राज्य पर 75000 करोड़ कर्ज था। कर्ज को चुकाने के लिए हमें कर्ज लेना पड़ता था। इस साल रेवेन्यू डिफिसिट ग्रांट सबसे कम 3200 करोड़ थी। उसके बावजूद दिसंबर महीने तक वेतन की भुगतान में दिक्कत नहीं हुई। पिछले साल सैलरी पांच से सात दिन एक बार लेट हुई थी, तो राष्ट्रीय मीडिया में मुद्दा उछल गया था, लेकिन इस साल हमने इन चीजों पर नियंत्रण पाया है।
दिव्य हिमाचल: अगले दो साल के लिए आपकी सरकार की कार्ययोजना क्या है? क्या कोई नए लक्ष्य तय किए हैं?
सुक्खू: मैंने पहले ही दिन से आठ केंद्र बिंदुओं पर ध्यान सरकार का लगाया है। पहला केंद्र बिंदु शिक्षा था, जिसमें बदलाव किए गए। दूसरा केंद्र बिंदू हैल्थ था। तीसरा केंद्र बिंदु ग्रामीण अर्थव्यवस्था और चौथा सामाजिक सुरक्षा, जिसमें अनाथ बच्चों और विधवा बहनों के बच्चों को सरकार पढ़ रही है। पांचवां बिंदू टूरिज्म, फिर हाइड्रो पावर और सातवां बिंदु डिजिटाइजेशन ताकि गवर्नेंस में ट्रांसपेरेंसी आए। आठवां डाटा स्टोरेज और नौवां बिंदू फूड प्रोसेसिंग। अगले द ो साल में इन पर काम और तेज होगा। हमने पानी को शुद्ध करने के लिए ओजोनेशन तकनीक पर काम किया। और यह व्यवस्था परिवर्तन उस दौर में हो रहा है जब हम कर्ज के जाल में फंसे हुए थे।
: *CAG Report: हिमाचल के चार जिलों में 9.71 करोड़ की शराब चोरी, कैग ने रिपोर्ट जारी कर जताया संदेह*
कैग ने रिपोर्ट जारी कर जताया संदेह
शिमला, ऊना, बद्दी और नूरपुर के रिकार्ड में गड़बड़
इंडियन मेड फारेन लिकर, कंट्री लिकर-बीयर में हुई चोरी
शराब वितरण प्रणाली में पारदर्शिता hu की कमी के चलते राजस्व की हानि
हिमाचल प्रदेश में शराब वितरण प्रणाली में पारदर्शिता की कमी के चलते राजस्व हानि हुई है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश के चार जिलों में 9.71 करोड़ रुपए की शराब की चोरी का अंदेशा जताया है। कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) के ऑडिट में हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में 2021-22 के दौरान 9.71 करोड़ की शराब की चोरी का संदेह जताया गया है। यह गड़बड़ी थोक विक्रेताओं द्वारा बेची गई मात्रा और खुदरा विक्रेताओं द्वारा उठाई गई मात्रा के बीच अंतर का पता चलने के बाद सामने आई है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शिमला, ऊना, बद्दी और नूरपुर में डिप्टी कमिश्नर, स्टेट टैक्स और एक्साइज के दफ्तरों के रिकॉर्ड की जांच में इंडियन मेड फॉरेन लिकर, कंट्री लिकर और बीयर में गड़बड़ी पाई गई। ऑडिट में गया कि खुदरा विक्रेताओं ने 55.57 लाख प्रूफ लीटर की थोक बिक्री के मुकाबले 54.31 लाख प्रूफ लीटर (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) 72.54 लाख प्रूफ लीटर की बिक्री के मुकाबले 71.17 लाख प्रूफ लीटर (कंट्री लिकर) और 45.15 लाख बल्क लीटर की थोक बिक्री के मुकाबले 44 लाख बल्क लीटर बीयर उठाई।
इंडियन मेड फॉरेन लिकर के 1.26 लाख प्रूफ लीटर, कंट्री लिकर के 1.38 लाख प्रूफ लीटर और बीयर के 1.16 लाख बल्क लीटर की कमी को चोरी माना गया है, क्योंकि थोक विक्रेताओं द्वारा भेजे गए माल और खुदरा दुकानों पर मिली रसीदों का मिलान करने के लिए कोई क्रॉस-वेरिफिकेशन सिस्टम नहीं था। एक्साइज अनाउंसमेंट 2020-21 में कहा गया है कि खुदरा विक्रेताओं को कंट्री लिकर सिर्फ तय एल-13 थोक दुकानों से ही लेनी होगी, जबकि इंडियन मेड फॉरेन लिकर और बीयर सिफऱ् एल-वन थोक लाइसेंस धारकों द्वारा ही सप्लाई की जाएगी। खुदरा विक्रेताओं को स्टॉक उठाने के लिए एक्साइज पास लेने से पहले लाइसेंस फीस भी जमा करनी होती है।
आंकड़ों का मिलान न होने पर सामने आई धांधली
ऑडिट में पाया गया कि इन कंट्रोल के बावजूद, विभाग ने थोक लेन-देन की तुलना खुदरा बिक्री से करने के लिए कोई भी इक_ा सिस्टम नहीं बनाया, जिससे शराब की हेराफेरी और राजस्व के नुकसान की गुंजाइश बनी। आंकड़ों का मिलान न होने पर संबधित विभाग ने सितंबर, 2021 और फरवरी 2022 के बीच ऑडिटर्स को बताया कि आंकड़ों का मिलान किया जाएगा। मार्च, 2023 में बताया गया कि दो जिलों से 15.38 लाख बरामद किए गए हैं। ऑडिट के नतीजों को दिसंबर 2022 में राज्य सरकार को भेजा गया था, लेकिन जनवरी, 2025 तक कोई जवाब नहीं मिला था।
TRN LIVE: *चुनाव आयोग को कंट्रोल कर रही भाजपा, चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान राहुल का बड़ा आरोप, दिए बड़े सुझाव*
लोकसभा में मंगलवार को चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान हंगामा देखने को मिला। चुनाव सुधारों पर बोलते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मैने दिखाया कि किस तरह वोटों की चोरी हो रही है, उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ, सब मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का मुद्दा अहम है, हमने हरियाणा-कर्नाटक में गड़बड़ी साबित की। इस दौरान उन्होंने आरएसएस का भी नाम लिया, जिसके बाद थोड़ी देर के लिए संसद में हंगामा भी हुआ। राहुल गांधाी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा देश की संस्थाओं पर कब्जा कर रहे हैं।
इनमें चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, आईबी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने देश की शिक्षण और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आयोग अब स्वतंत्र अंपायर की भूमिका में नहीं है, बल्कि वह सत्ता पक्ष के साथ ‘तालमेल’ बिठाकर काम कर रहा है। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई अब सिर्फ एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था से है जिसे सुनियोजित तरीके से हाईजैक कर लिया गया है।
सीसीटीवी नष्ट करने के नियम में हो बदलाव
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव सुधार के लिए क्या चाहिए? नंबर एक, सभी राजनीतिक दल को चुनाव से एक महीने पहले मशीन से पढ़ी जा सकने वाली वोटर लिस्ट दें। यह पहला कदम है। दूसरा कदम है उस कानून को वापस लेना जो सीसीटीवी और सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने की इजाजत देता है। साथ ही, हमें बताएं कि ईवीएम का आर्किटेक्चर क्या है? हमें ईवीएम का एक्सेस दें। हमारे एक्सपट्र्स को जाकर देखने दें कि ईवीएम के अंदर क्या है। आज तक, हमें ईवीएम का एक्सेस नहीं मिला है। हमें फिजिकली जाकर ईवीएम देखने की इजाजत नहीं है। आखिर में, प्लीज उस कानून को बदलें जो इलेक्शन कमिश्नर को जो चाहे करने की इजाजत देता है। आपको बस इतने ही इलेक्शन रिफॉर्म की जरूरत है।
एसआईआर के बहाने एनआरसी वाला काम कर रहे
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि रामपुर का उपचुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराया गया। सरकार और चुनाव आयोग मिलकर एसआईआर के बहाने अंदर ही अंदर एनआरसी वाला काम कर रहे हैं। यूपी के सीएम कह रहे हैं कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं वे एसआईआर के बहाने कर रहे हैं।
ईवीएम की जगह बैलेट पैपर से हों चुनाव
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस में बोलते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां कई सदस्यों को भारत के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले सरकारें लोगों के खातों में 10-15 हजार रुपए डाल देती हैं और चुनाव जीत जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो किसी राज्य में सत्ता परिवर्तन होना मुश्किल हो जाएगा। देश के 12 राज्यों में किया जा रहा एसआईआर गैरकानूनी है। संविधान में पूरे राज्य में एक साथ एसआईआर को लेकर कोई कानून नहीं है, इसे तत्काल रोकें। देश में चुनावों से पहले डायरेक्ट कैश ट्रांसफर करने पर रोक लगनी चाहिए, चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पैपर से कराए जाने चाहिए।
चुनाव आयुक्तों को दिए मलाईदार पद, हमें न सिखाएं नैतिकता
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस को इतिहास का आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया है। दुबे ने आरोप लगाया कि आज जो कांग्रेस ‘लोकतंत्र और संस्थाओं’ की दुहाई दे रही है, उसी ने अतीत में मुख्य चुनाव आयुक्तों को रिटायरमेंट के बाद मलाईदार पदों से नवाजने की परंपरा शुरू की थी। हमें नैतिकता न सिखाएं।
देश अब पूरी तरह रिफॉर्म एक्सप्रेस के दौर में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को एनडीए संसदीय दलों की बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि देश अब पूरी तरह से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ फेज में है। जहां सुधार तेजी से और साफ इरादे के साथ हो रहे हैं। पीएम मोदी ने एनडीए के सांसदों को जनता के बीच जाने को कहा है। साथ ही अगला टार्गेट बंगाल चुनाव को बताया है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार के सुधार पूरी तरह से नागरिक केंद्रित हैं, न कि सिर्फ आर्थिक या रेवेन्यू पर फोकस हैं। पीएम ने एनडीए सांसदों से कहा कि लक्ष्य लोगों की रोजमर्रा की रुकावटों को दूर करना है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से आगे बढ़ सकें। पीएम ने एनडीए सांसदों से आम लोगों की असली समस्याओं को सक्रिय रूप से शेयर करने का आग्रह किया है, ताकि रिफॉर्म एक्सप्रेस हर घर तक पहुंच सके और रोजमर्रा की मुश्किलों को दूर कर सकें। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह 30-40 पेज के फॉर्म और गैर जरूरी कागजात के कल्चर को खत्म करना चाहते हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि हमें नागरिकों के दरवाजे पर सेवाएं देनी हैं।
TRN LIVE: *गैंगस्टर ने वकील से मांगी 20 लाख की फिरौती, पैसे न देने पर मारने की दी धमकी, ऊना पुलिस थाने में केस दर्ज*
जिला ऊना में फिरौती मांगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब एक अधिवक्ता से 20 लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपने आपको हरियाणा का एक गैंगस्टर बताया और अधिवक्ता को फोन कर 20 लाख रुपए देने की बात कही। पैसे नहीं देने पर अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी गई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ऊना में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता अरुण कुमार निवासी अंबोटा ने पुलिस थाना ऊना में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस के पास दी तहरीर में अधिवक्ता अरुण कुमार ने बताया कि आठ दिसंबर को वह कोर्ट कांप्लेक्स ऊना में मौजूद थे। इस दौरान उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। उक्त कॉल दो मिनट 37 सेकंड की थी। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपने आपको हरियाणा का गैंगस्टर बताया और उससे 20 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। उक्त व्यक्ति ने धमकी देते हुए कहा कि पैसे न देने पर उन्हें गोली मार दी जाएगी। अरुण कुमार ने बताया कि उसे धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है।
उसे 2022 से लगातार ऐसे धमकी भरे फोन आ रहे हैं। वर्ष 2022 में उसने गगरेट पुलिस थाना में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। अब एक बार फिर से धमकी भरा फोन आने से उसे व उसके परिवार को खतरा है। अधिवक्ता अरुण कुमार ने एसपी ऊना को शिकायत पत्र सौंपकर सुरक्षा उपलब्ध करवाने व धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। गौरतलब है जिला ऊना में पिछले कुछ समय से फिरौती मांगने के मामले सामने आ रहे है। ऊना के बड़े कारोबारियों व नेताओं को धमकी भरी कॉल्स आ चुकी है। हालांकि पुलिस ने हाल ही में कुछ युवकों को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन इसके बावजूद धमकी भरे कॉल आ रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। उधर, एसपी अमित यादव ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन तफ्तीश में जुट गई है।
TRN LIVE: *अब लोकभवन बन गया हिमाचल का राजभवन, ब्रिटिश कालीन इसी इमारत में हुआ था शिमला समझौता*
Now Lok Bhavan has become the Raj Bhavan of Himachal.
हिमाचल के राज्यपाल के निवास, इसके सचिवालय और परिसर को अब राज भवन नहीं, बल्कि लोक भवन के रूप में जाना जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस आशय का संवाद पत्र मिलने के बाद हिमाचल राज भवन के सचिवालय से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के अनुसार अब राज भवन को लोक भवन के नाम से जाना जाएगा। ये बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू होगा। उल्लेखनीय है कि बान्र्स कोर्ट वही इमारत है, जहां पर शिमला समझौता हुआ था। ये इमारत ट्यूडर शैली में निर्मित है और शिमला की पहचान से जुड़ी इमारतों में इसका खास महत्व है। इस समय शिमला में राजभवन, जिसे अब लोक भवन के नाम से जाना जाएगा, की वर्तमान पहचान तीन लाख रुपए खर्च करने के बाद आई है। पहले ये इमारत सिंगल स्टोरी थी। वर्ष 1879 से 1886 के दरम्यान इसका मौजूदा स्वरूप अस्तित्व में आया। इस पर तीन लाख रुपए खर्च हुए थे।
निर्माण में टीक वुड यानी टीक की लकड़ी का प्रयोग किया गया। इमारत में सबसे पहले वर्ष 1832 में तत्कालीन भारतीय सेना के ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ सर एडवर्ड बान्र्स ने रहना शुरू किया था। उसके बाद ये इमारत अनेक ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ का निवास रही। आजादी के बाद वर्ष 1966 तक ये इमारत पंजाब सरकार की संपत्ति रही। ये इमारत तब पंजाब सरकार का समर राज भवन कहलाती थी। पंजाब के री-ऑर्गेनाइजेशन के बाद वर्ष 1970 के दशक में ये भवन स्टेट गेस्ट हाउस-कम टूरिस्ट बंगलो के रूप में जानी गई. वर्ष 1972 में यहां भारत-पाक के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व पाकिस्तान के पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच ये समझौता हुआ था। इतने पड़ाव पार करने के बाद अब ये इमारत लोक भवन कहलाएगी।
TRN LIVE: *Himachal News : धर्मशाला-शिमला एनएच पर फेंकी रेत-बजरी, चार महीने से वन-वे चल रहा रोड*
शिमला-धर्मशाला नेशनल हाई-वे पर मंगरोट में नेशनल हाई-वे की भूमि को लेकर चल रहा विवाद अभी तक सुलझ नहीं पाया है। मंगरोट में नेशनल हाई-वे पिछले करीब चार माह से वन-वे किया गया है। इस मसले को लेकर प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया गंभीर नहीं दिख रहा है। यहां पर राजन कांत शर्मा निवासी मांगरोट द्वारा नेशनल हाई-वे पर रेत व बजरी के ढेर लगाए गए हैं, जिससे यहां पर हादसे का अंदेशा बना हुआ है। मंगरोट में नेशनल हाई-वे की भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला हुआ है। कई बार यहां पर संबंधित विभाग की ओर से निशानदेही भी करवाई गई और निरीक्षण भी किए गए, लेकिन इसके बावजूद भी यह मसला अधर में ही लटका हुआ है।
कई दफा यहां पर एनएच के बीचोंबीच दुकानदारी भी सजा दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया। लेकिन मंगरोट निवासी राजनकांत शर्मा को अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। जिसके चलते राजनकांत शर्मा द्वारा यहां पर लंबे समय से एनएच को वन-वे किया गया है। उन्होंने कहा कि निशानदेही में उनकी जमीन नेशनल हाई-वे में पाई गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उनकी जमीन पर लंबे समय से कब्जा किया गया है। विभाग द्वारा उन्हें उनकी जमीन का कब्जा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग से भी आग्रह किया है कि उनकी इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
TRN LIVE: *नौकरीपेशा-पेंशनर्ज के दिव्यांग बच्चों को भी पेंशन*
प्रदेश सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन; लाभार्थी खुद नहीं होना चाहिए सरकारी, पेंशनर्ज या फिर इन्कम टैक्स पेयर
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने दिव्यांगों एक बड़ी राहत प्रदान की है। दिव्यांगजनों की पेंशन की राह में अभिभावकों की सरकारी नौकरी या पेंशनर होने की शर्त को हटा दिया है। अब ऐसे दिव्यांग मासिक पेंशन के लिए पात्र बन गए हैं, जिनके अभिभावक सरकारी नौकरी, पेंशनर या फिर इन्कम टैक्सपेयर होने हैं। इस संदर्भ में विश्व दिव्यांगता दिवस पर तीन दिसंबर को सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है। हालांकि एक शर्त जरूर लगाई है कि लाभार्थी खुद किसी सरकारी नौकरी, पेंशनर या फिर टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए। तय नियमों के तहत 40 से 69 प्रतिशत तक दिव्यांग पुरुषों को 1150 रुपए मासिक पेंशन, जबकि 40 से 69 प्रतिशत तक दिव्यांग महिलाओं को 1500 रुपए मासिक पेंशन मिलती है। 70 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के वृद्धजनों, विधवाओं, एकल नारियों, कुष्ठ रोगियों, ट्रांसजेंडरों तथा 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांगजनों को 1700 रुपए मासिक दर से पेंशन का प्रावधान है।
बिलासपुर जिला की बात करें, तो कुल 49179 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती है। इस आंकड़े में 4812 दिव्यांगता पेंशनर्ज शामिल हैं। यानी जिले में इतने दिव्यांग लोगों को दिव्यांग राहत भत्ते के रूप में पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। अभी तक दिव्यांगता पेंशन के नियमों में प्रावधान था कि जिन दिव्यांग बच्चों के माता पिता व अभिभावक सरकारी नौकरी में हैं, पेंशनर्ज हैं या फिर इन्कम टैक्स पेयर हैं, उन्हें दिव्यांगता पेंशन का लाभ नहीं मिलता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने नियमों में आवश्यक संशोधन करते हुए दिव्यांगों को बड़ी राहत प्रदान की है जिसके संदर्भ में नोटिफिकेशन भी जारी हो चुकी है।
दिव्यांग संगठनों ने सरकार के समक्ष उठाया था मसला
प्रदेश भर में जिलास्तर पर दिव्यांग संगठनों की ओर से कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य सरकार को एक प्रस्ताव दिया था जिसमें कहा गया था कि दिव्यांगों को पेंशन का लाभ मिलना चाहिए क्योंकि शर्तों की वजह से पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा। सरकार से नियमों में छूट दिए जाने की मांग जोरशोरों से उठाई थी। इस पर गौर करते हुए सरकार ने दिव्यांगों के पक्ष में बड़ा निर्णय लेते हुए नोटिफिकेशन भी कर दी है।
TRN LIVE: *आपदा राहत पैकेज हिमाचल का हक, केंद्र का एहसान नहीं, रैली की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे नेगी का तंज*
मंडी में जनसंकल्प रैली की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे राजस्व मंत्री का तंज
हिमाचल प्रदेश में बरपी प्राकृतिक आपदा से पार पाने को घोषित केंद्रीय राहत पैकेज पर सुक्खू सरकार और मोदी सरकार में ठन गई है। मंडी में सुक्खू सरकार की तीसरी सालगिरह मनाने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डेरा डाले राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने साफ कहा है कि आपदा राहत पैकेज हिमाचल का हक है और केंद्र की मोदी सरकार कोई खैरात नहीं दे रही है। हिमाचल अपना हक मांग रहा है और हिमाचल दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में आई आपदा से पार पाने के लिए 1500 करोड़ के जिस राहत पैकेज की घोषणा की है, उसकी अदायगी न किया जाना ही यह दिखा रहा है कि केंद्र सरकार हिमाचल से भेदभाव कर रही है। मंडी में राजस्व मंत्री जगत नेगी ने सुक्खू सरकार के जन संकल्प सम्मेलन से पहले केंद्रीय सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हिमाचल आकर भी केंद्रीय राहत पैकेज की घोषणा के नाम पर प्रभावितों से छलावा कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों की आकलन रिपोर्टं में ही यह पाया गया है कि बरसात में 6000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान प्राकृतिक आपदा आने से हुआ है, लेकिन आज तक एक रुपए भी केंद्र सरकार ने नहीं दिया है।
उन्होंने कहा कि बीते तीन सालों में सुक्खू सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं सहित राजनीतिक आपदाओं से पार पाया है। ऑपरेशन लोटस को नकारा है और इसमें शामिल छह कांग्रेसियों को भी सबक सिखाया है। मंडी में 11 दिसंबर को सुक्खू सरकार अपनी तीन साल की उपलब्धियों को भी लोगों के समक्ष रखेगी। जनता से संवाद स्थापित करेगी और अगले दो सालों का विजन भी पेश करेगी। सुक्खू सरकार जन संकल्प सम्मेलन में नई स्कीम लांच करेगी। इन योजनाओं का मकसद लोगों का कल्याण करना होगा। इसकी तैयारी हो गई है।
आठ करोड़ से होगा सरकार का सम्मेलन
मंडी पहुंचे मंत्री जगत सिंह ने बताया कि आठ करोड़ से आपदा प्रभावितों की कोई कितनी मदद कर सकता है। जन संकल्प सम्मेलन पर खर्च किए जा रहे आठ करोड़ के मसले पर राजस्व मंत्री ने कहा कि इस पैसे से प्रभावितों की ज्यादा मदद नहीं हो पाएगी।
650 पुलिस जवानों के घेरे में रहेंगे सीएम
सुरक्षा की तैयारियों को लेकर डीजीपी ने भी किया मंडी का दौरा
स्टाफ रिपोर्टर — मंडी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 650 पुलिस जवानों के घेरे में रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए डीजीपी अशोक तिवारी भी मंडी पहुंचे हैं। पड्डल मैदान में आयोजित होने जा रहे जन संकल्प सम्मेलन को लेकर मंडी सेक्टरों में बंट गया है। पड्डल में कैमरों के साथ भी हर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक को दुरुस्त बनाने के लिए शहर के चौक वन-वे हो गए हैं। 100 बसों और 1000 छोटे वाहनों के लिए नई पार्किंग भी बन गई है। लोगों को लाने वाली बसें फोरलेन किनारें और विक्टोरिया ब्रिज के नीचे ब्यास किनारे पार्क होंगी। सुबह सात से शाम दह बजे तक शहर में भारी मालवाहक वाहनों ट्रक, ट्रेलर आदि की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और कई प्रमुख सडक़ों को एकतरफा कर दिया गया है।
रिवालसर और कोटली की ओर से आने वाली बसे तल्याहड़ से मंडी बस स्टैंड सन्यारडी बाइपास-केहनवाल चौक पुलघराट होकर आएंगी। मंडी से तल्याहड़ की ओर जाने वाली बसें स्कोडी ब्रिज-जेल रोड़ होकर जाएंगी। गांधी चौक से विक्टोरिया ब्रिज केवल कारों के लिए एकतरफा होगा। बाइक-स्कूटर नहीं चलेंगे। सुकेती खड्ड पर पुराना ब्रिज एक दिशा, नया ब्रिज दूसरी दिशा में होगा। पुलघराट-सब्जी मंडी-मलोरी रोड़ केवल मलोरी की तरफ एकतरफा भारी वाहनों के लिए होगा। पुलिस ने शहर के अंदर और आसपास 14 पार्किंग स्थल चिह्नित किए हैं, जिनमें यू-मॉल, रिवर बेड, भिउली में गोबिंद घाट, गुरुद्वारा पार्किंग, आईएसबीटी रूफ पार्किंग, भवानी पार्किंग आदि शामिल हैं। कुछ पार्किंग पेड भी हैं।
बसों के ड्रॉप और पिकअप प्वाइंट
बिलासपुर-सुंदरनगर से आने वाली बसें पड्डल ग्राउंड के पास यात्रियों को उतारेंगी और मलोरी टनल के आगे पार्क होंगी। कुल्लू-मनाली और पंडोह की ओर से आने वाली बसें आईएसबीटी मंडी के पास उतारकर बिंद्रावणी और मलोरी की तरफ पार्किंग में जाएंगी। जोगिंद्रनगर-पद्धर की बसें विक्टोरिया ब्रिज के पास रिवर बेड पार्किंग में पार्क होंगी। वापसी में यात्रियों को चढ़ाने के लिए पुलघरात, भिउली और रिवर बेड पार्किंग को पिकअप प्वाइंट बनाया गया है।
: *नौकरी के नाम पर ठगे पांच लाख, बिलासपुर में सचिवालय-रेलवे में जॉब का झांसा देकर शातिर ने लगाई चपत*
रेलवे या सचिवालय में सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर बिलासपुर के एक व्यक्ति से लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बिलासपुर के इस व्यक्ति को कुल्लू के व्यक्ति द्वारा सरकारी नौकरी दिलवाने का झांसा दिया गया था। केंद्रीय मंत्री के अलावा शिमला सचिवालय में अधिकारियों के साथ बेहतर संबध होने का दावा करने वाले कुल्लू के इस व्यक्ति ने बड़ी ही चतुराई से बिलासपुर के व्यक्ति को ठगी का शिकार बनाया है। अब पुलिस ने बिलासपुर के पीडि़त व्यक्ति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिलासपुर शहर निवासी नोबल गुप्ता ने पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उसकी मुलाकात कुल्लू के प्रेम सिंह वर्मा से हुई थी।
इस व्यक्ति ने उसे रेलवे या शिमला सचिवालय में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उसके झांसे में आकर उसने उसे पांच लाख रुपए दे दिए। यह राशि गत नौ जनवरी को बैंक से ट्रांसफर करवाई गई थी। उसके बाद न तो उसने नौकरी दिलवाई और न ही उसके पैसे वापस लौटाए। इतना ही नहीं, उसने उसकी फोन कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि बाकायदा इस व्यक्ति के घर कुल्लू में भी वह गए। यहां पर उन्हें उनकी मां से मुलाकात हुई। वहीं, फोन पर जब बात हुई तो इस व्यक्ति ने उन्हें जल्द ही राशि देने की बात कही थी। एएसपी बिलासपुर शिव चौधरी ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
TRN LIVE: *Himachal News : धर्मशाला-शिमला एनएच पर फेंकी रेत-बजरी, चार महीने से वन-वे चल रहा रोड*
शिमला-धर्मशाला नेशनल हाई-वे पर मंगरोट में नेशनल हाई-वे की भूमि को लेकर चल रहा विवाद अभी तक सुलझ नहीं पाया है। मंगरोट में नेशनल हाई-वे पिछले करीब चार माह से वन-वे किया गया है। इस मसले को लेकर प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया गंभीर नहीं दिख रहा है। यहां पर राजन कांत शर्मा निवासी मांगरोट द्वारा नेशनल हाई-वे पर रेत व बजरी के ढेर लगाए गए हैं, जिससे यहां पर हादसे का अंदेशा बना हुआ है। मंगरोट में नेशनल हाई-वे की भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला हुआ है। कई बार यहां पर संबंधित विभाग की ओर से निशानदेही भी करवाई गई और निरीक्षण भी किए गए, लेकिन इसके बावजूद भी यह मसला अधर में ही लटका हुआ है।
कई दफा यहां पर एनएच के बीचोंबीच दुकानदारी भी सजा दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया। लेकिन मंगरोट निवासी राजनकांत शर्मा को अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। जिसके चलते राजनकांत शर्मा द्वारा यहां पर लंबे समय से एनएच को वन-वे किया गया है। उन्होंने कहा कि निशानदेही में उनकी जमीन नेशनल हाई-वे में पाई गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उनकी जमीन पर लंबे समय से कब्जा किया गया है। विभाग द्वारा उन्हें उनकी जमीन का कब्जा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग से भी आग्रह किया है कि उनकी इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
TRN LIVE: *पिता नहीं, मां की जाति से बच्ची को मिला कास्ट सर्टिफिकेट*
सीजेआई सूर्यकांत का पहला बड़ा रेयर फैसला; तोड़ी सदियों पुरानी परंपरा, छिड़ सकती है नई बहस
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने यह पद संभालने के बाद पहली बार जाति से जुड़ा एक रेयर फैसला दिया। एक नाबालिग लडक़ी की शिक्षा को सुगम बनाने के उद्देश्य से एक रेयर फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मां की ‘आदि द्रविड़’ जाति के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र जारी करने को मंजूरी दे दी, जिसकी शादी एक गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्ति से हुई है। हालांकि, बच्चे को अपने पिता की जाति विरासत में मिलने के नियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर अभी फैसला आना बाकी है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से एक नई बहस छिड़ सकती है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने से इनकार कर दिया, जिसमें पुड्डुचेरी की लडक़ी को अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था।
इस आधार पर इसके बिना उसका शैक्षणिक जीवन प्रभावित हो सकता है। पीठ ने कहा-हम कानून के सवाल को खुला रख रहे हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि बदलते समय के साथ माता की जाति के आधार पर जाति प्रमाण पत्र क्यों नहीं जारी किया जाना चाहिए? इसका मतलब यह होगा कि किसी अनुसूचित जाति की महिला के उच्च जाति के पुरुष से विवाह से पैदा हुए और उच्च जाति के पारिवारिक परिवेश में पले-बढ़े बच्चे भी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के हकदार होंगे। मां ने तहसीलदार से अनुरोध किया था कि उसके तीन बच्चों (दो बेटियों और एक बेटे) को उसके जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए, क्योंकि उसका पति शादी के बाद से उसके माता-पिता के घर पर ही रह रहा था। अपनी अर्जी में उसने तर्क दिया था कि उसके माता-पिता और दादा-दादी हिंदू आदि द्रविड़ समुदाय से थे।
पिता से ही तय होती थी बच्चों की जाति
सुप्रीम कोर्ट पहले भी इस सिद्धांत को कई मामलों में स्वीकार कर चुका है कि बच्चे की जाति का निर्धारण सामान्य रूप से पिता की जाति के आधार पर होगा। वर्ष 2003 में ‘पुनित राय बनाम दिनेश चौधरी’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आरक्षण से जुड़े मामलों में जाति निर्धारण का निर्णायक आधार पिता की जाति होगी और परंपरागत हिंदू कानून के तहत संतान पिता से ही अपनी जाति प्राप्त करती है, न कि मां से।
TRN LIVE: *भारतीय चावलों पर टैरिफ लगाने की तैयारी में ट्रंप, राष्ट्रपति ने कहा, अमरीकी किसानों को भारत के कारण हो रहा घाटा*
एक बार फिर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमरीका भारत से आने वाले चावल और कनाडा से आने वाली खाद पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का विचार कर रहा है। भारत पर टैरिफ लगाने का कारण भारत द्वारा अमरीका में सस्ता चावल बेचना है। ट्रंप ने कहा कि भारत, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देश अमरीका में बहुत सस्ता चावल दे रहे हैं, जिससे अमरीकी किसानों की कमाई कम हो रही है। बता दें कि साल 2025 में भारत और अमरीका के बीच टैरिफ वॉर देखने को मिला था और यही कारण था कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील में भी देरी देखी गई। अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने इस टैरिफ वॉर को मुद्दा बना दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यह बयान दिया है। दरअसल को व्हाइट हाउस में ट्रंप द्वारा किसानों के लिए नई आर्थिक मदद की घोषणा की जा रही थी।
इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों द्वारा अमरीका को बेचे जा रहे सस्ते चावल को डंपिंग करार दिया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। हालांकि इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने वित्त मंत्री से यह भी पूछा कि क्या अमरीका की ओर से भारत को चावल के मामले में किसी तरह की छूट दी गई है। इस पर वित्त मंत्री का कहना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता फिलहाल चल रहा है और अभी तक तय नहीं हुआ है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि जरूरत पडऩे पर अमरीका कनाडा से आने वाली खाद पर भी टैरिफ लगा सकता है। बता दें कि अमरीका बड़ी मात्रा में कनाडा से खाद लेता है। अब डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर वह सस्ते दामों पर अमरीका में खाद बेचता है तो टैरिफ लगाया जाएगा। हालांकि फिलहाल यह व्यापार समझौते के अंतर्गत आता है।
जब भी कोई देश अपनी चीज दूसरे देश में कम दाम पर बेचता है तो उसे डंपिंग कहते हैं और डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस डंपिंग से अमरीका के किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा हैख् क्योंकि दूसरे देश चीजें इतने कम दाम में बेच रहे हैं, जिन दामों पर स्थानीय किसान अपना प्रोडक्ट नहीं बेच पा रहे हैं। यही कारण है कि अब अमरीका भारत के चावल पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का विचार कर रहा है, जिससे भारत से अमरीका जाने वाला चावल और महंगा हो जाएगा। इससे उन किसानों पर भी असर पड़ेगा जो भारत से अमरीका चावल भेजते हैं।
TRN LIVE: *इंडिगो की उड़ानों में 10 फीसदी कटौती, केंद्र का सख्त एक्शन, 10 बड़े एयरपोर्ट पर आईएएस अफसर भेजे_*
निजी क्षेत्र की विमानन सेवा प्रदाता कंपनी इंडिगो की उड़ानें रद्द होने का क्रम मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा। देशभर में मंगलवार को 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। इसी बीच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो को उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत की कटौती करने का निर्देश दिया है। देश के विमानन नियामक ने इस साल अक्तूबर और नवंबर के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि उसने विंटर शिड्यूल में जितनी उड़ानों के लिए स्लॉट लिया था वह उनका परिचालन अच्छी तरह करने में विफल रही है। इसे देखते हुए उससे अपनी उड़ानों की संख्या पांच प्रतिशत कम करने के लिए कहा गया है, खासकर उच्च मांग वाले और ऐसे सेक्टरों पर जहां एक मात्र उड़ान इंडिगो की है। इंडिगो को भेजे गए नोटिस में डीजीसीए ने 10 दिसंबर शाम पांच बजे तक संशोधित शेड्यूल सौंपने का निर्देश दिया है।
इंडिगो ने सितंबर से शुरू हुए विंटर शिड्यूल में हर सप्ताह 15,014 उड़ानों की घोषणा की थी। पांच प्रतिशत कटौती का मतलब है कि उसे हर सप्ताह 750 उड़ानें कम करनी होंगी। इधर केंद्र सरकार ने मौजूदा हालात की जांच के लिए 10 बड़े एयरपोर्ट पर सीनियर अफसरों को तैनात किया है। ये लोग पता लगाएंगे कि यात्रियों को कौन-कौन सी परेशानी आ रही है। ये अफसर डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और ज्वॉइंट सेक्रेटरी लेवल के हैं। 10 बड़े एयरपोर्ट में मुंबई, बंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। वहीं, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि इंडिगो फिर से पटरी पर आ गया है और हमारा ऑपरेशन स्टेबल है। लाखों कस्टमर्स को उनका पूरा रिफंड मिल गया है, और हम रोजाना ऐसा कर रहे हैं। हम अपने नेटवर्क में सभी 138 जगहों पर वापस आ गए हैं और सरकार के साथ कोऑपरेट कर रहे हैं।
TRN LIVE: *नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने किया पलटवार, कहा, बीजेपी-मोदी को कांग्रेस की बुराई करने की आदत पड़ी*
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने वंदे मातरम पर उठे विवाद पर गृहमंत्री अमित शाह के बयानों का प्रभावी पलटवार किया। श्री खडग़े ने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम के नारे लगाकर की और बताया कि वह 60 वर्षों से इस गीत को गाते आ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की ओर से बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया, जिन्होंने वंदे मातरम की रचना की। साथ ही श्री खडग़े ने उन लोगों की आलोचना की जो इस गीत को गाने से मना कर रहे हैं। श्री खडग़े ने कहा कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी को कांग्रेस की बुराई करने की आदत पड़ चुकी है। श्री खडग़े ने कहा कि हिंदू महासभा और आरएसएस ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया था। यही नहीं, इन्होंने भारत के संविधान की प्रतियां भी जला दी थीं।
मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरू जी को क्यों निशाना बनाते हैं? श्री खडग़े ने कहा कि देश आर्थिक संकट, बेरोजगारी और कई सामाजिक मुद्दों से जूझ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री ने सदन में इस पर चर्चा नहीं की, उनका ध्यान सिर्फ चुनावी प्रचार पर रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सदन में वंदे मातरम पर चर्चा सिफऱ् इसलिए रखी है, क्योंकि बंगाल में चुनाव हैं, लेकिन पीएम मोदी इस गलतफहमी में न रहें कि वे रवींद्रनाथ टैगोर जी पर हमला करके असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका सकेंगे। भारत माता को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सदन में जनता के मुद्दों और उनके समाधानों पर चर्चा हो।
आप सांसद ने घेरा
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार देशभक्ति के नारों को अपने गुनाहों को छिपाने का माध्यम बना रही है। संजय सिंह ने सदन में कहा कि वंदे मातरम् का मतलब मातृभूमि की वंदना है, लेकिन आप मातृभूमि को बेचकर वंदना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप जिन्ना से अपने रिश्ते क्यों नहीं बताते? फजलुल हक की सरकार में आपके नेता मंत्री थे, वही फजलुल हक बाद में पाकिस्तान के गृहमंत्री बने।
TRN LIVE: *हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में 1.20 लाख तक सैलरी*
अच्छी जॉब के अवसर ढूंढ रहे हैं, तो आपके लिए सरकारी कंपनी में सुपरवाइजरी ग्रेड पर भर्ती निकली है। माइनिंग, ज्यूलॉजी, इलेक्ट्रिकल, सिविल समेत 13 फील्ड के लिए कंपनी को 64 योग्य लोगों की आवश्यक्ता है। योग्य उम्मदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एचसीएल सुपरवाइजरी ग्रेड के इस भर्ती अभियान के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को जूनियर मैनेजर (ई0 ग्रेड) की पोस्ट पर नियुक्ति मिलेगी। फॉर्म भरने के लिए 17 दिसंबर 2025 तक का समय दिया गया है।
आयुसीमा: अधिकतम उम्र 40 वर्ष तक।
सैलरी: बेसिक पे के अधार पर अभ्यर्थियों को 30,000 से 1,20,000 रुपए तक वेतन दिया जाएगा।
चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
क्वालिफाइंग माक्र्स: सीबीटी में 30 प्रतिशत अंक (जनरल/ ओबीसी) लाने अभ्यर्थी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शॉर्टलिस्ट होंगे। एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी के लिए 20 प्रतिशत अंक।
एप्लिकेशन फीस: फॉर्म भरने के दौरान सामान्य/ ओबीसी/ ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 500 रुपए आवेदन शुल्क देना होगा। बाकी अन्य उम्मीदवारों को फीस में छूट मिलेगी।
योग्यता
योग्यता अलग-अलग मांगी गई है। माइनिंग, ज्यूलॉजी, सर्वे, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल फील्ड में जूनियर मैनेजर के पद पर फॉर्म अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित फील्ड में डिप्लोमा के साथ पांच साल काम का अनुभव होना चाहिए। वहीं एनवायरमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग, मैटेरियल कॉन्ट्रेक्ट के लिए बैचलर डिग्री और दो साल एक्सपीरियंस होना चाहिए। फाइनांस के लिए सीए (चार्टेड अकाउंटेंट) वाले अप्लाई कर सकेगें। एचआर और एडमिन के लिए ग्रेजुएट और पांच साल का अनुभव चाहिए।
TRN LIVE: *बेटी ने ही की थी मां के घर चोरी, हमीरपुर के रोपा में पुलिस ने 12 दिन में सुलझाई गुत्थी*
पुलिस ने थाना सदर हमीरपुर के तहत पड़ते रोपा गांव एक घर में हुई चोरी की वारदात को दो सप्ताह के भीतर ही सुलझा लिया है। जांच में सामने आया है कि बेटी ने ही मां के घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। यही नहीं, चोरी हुए लाखों के गहने पंजाब राज्य के बरनाला में बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपी बेटी को हिरासत में लेकर उसे रिमांड पर ले लिया है। जानकारी के मुताबिक रोपा गांव की सुमना देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 27 नवंबर की रात उसके घर से सोने-चांदी के गहने और नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी, जिसमें एएसपी हमीरपुर राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हमीरपुर कुलवंत सिंह और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई की।
पुलिस की मानें तो मौके का निरीक्षण किया गया सबके बयान लिए गए तथा मोबाइल कॉल डिटेल (सीडीआर) का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों में पीडि़ता की विवाहिता बेटी कोमल पर शक की सूई घूमी तो उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। बताते हैं कि पूछताछ के दौरान कोमल ने चोरी करने की बात स्वीकार की। उसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया और पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने बरनाला (पंजाब) से करीब 17 लाख रुपए के गहने बरामद किए। एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर के अनुसार यह सफलता पुलिस टीम की मेहनत, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
TRN LIVE: *बिना कारण बताए सस्पेंड कर दिए एसपी सीटीएस*
पुलिस विभाग के एसपी सीटीएस राजेश वर्मा को बीते दिनों बिना कारण बताए सस्पेंड कर दिया गया है। अब एसपी सीटीएस के निलंबन के पीछे कारण कुछ और ही बताया जा रहा है। सूत्र बताते हंै कि एसपी सीटीएस राजेश वर्मा ने सीटीएस विंग में हुई कई पुलिस कर्मियों की बिना आरएंडपी रूल के पदोन्नतियों को लेकर सवाल उठाए थे। सूत्र बताते हैं कि पुलिस के सीटीएस विंग में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक रैंक के 250 पुलिस कर्मियों की पदोन्नतियां बिना आरएंडपी रूल के कर दी गई थी।
मामले की जांच को लिए एसपी सीटीएस राजेश वर्मा ने कुछ समय पहले डीजी विजिलेंस को एक पत्र भी भेजा था। सरकार ने सस्पेंशन के बाद उनको पुलिस हैडक्वार्टर में अटैच किया गया है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने सस्पेंशन ऑर्डर में स्पष्ट किया गया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की परमिशन के बगैर राजेश वर्मा मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। हलांकि एसपी सीटीएस को सस्पेंड करने के कारण आदेश में नहीं बताया गया है।
TRN LIVE: *नौहराधार में सुलगा गैस सिलेंडर, जिंदा जला बुजुर्ग*
बांदल गांव में हादसा ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई आग
ग्राम पंचायत चोकर के तहत आने वाले गांव बांदल में सोमवार रात सिलेंडर की आग की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार 72 वर्षीय हरि राम घर में अकेला था। इस दौरान अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग की लपटें इतनी भयानक थी कि मृतक बाहर तक भी भाग नहीं सका, जिससे हरि राम की मौके पर ही जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
दर्दनाक हादसे का पता चलते ही क्षेत्र के लोग भी मौके पर पहुंचे, मगर तब तक आग चारों तरफ फैल चुकी थी। जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया व शव को बाहर निकाला। मृतक व्यक्ति पूरी तरह से जल चुका था। तहसीलदार नौहराधार विनोद कुमार ने बताया कि पीडि़त परिवार को 25 हजार रुपए की फौरी राहत दी गई है तथा आगामी रिपोर्ट एसडीएम संगड़ाह को प्रेषित की जा रही है।
: *Sukh Arogya Yojana HP: सरकारी या निजी अस्पताल में फ्री इलाज, हिमाचल में इन्हें मिलेगा योजना का लाभ*
Himachal Pradesh Chief Minister Sukh Arogya Yojana providing free health benefits to citizens
सेहतमंद हिमाचल के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रतिबद्ध है और इसे साकार करने के लिए सरकार ने एक नई योजना चलाई है, जिसका मकसद किसानों और वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा देना है। मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का मकसद यही है कि उम्र के आखिरी पड़ाव में बुजुर्गों की सेहत दुरूस्त रहे और वे किसी पर आश्रित न हों। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने योजना का ऐलान बजट भाषण में किया था। योजना के अंतर्गत राज्य के कृषकों व बुजुर्गों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
योजना का लाभ केवल उन्ही व्यक्तियों को मिलेगा जिनकी आयु 70 वर्ष से अधिक हो तथा वे आयकर के दायरे में न आते हों। योजना का मुख्य उद्देश्य उम्र के अंतिम पड़ाव में आर्थिक तंगी झेल रहे बुजुर्गों को उचित स्वास्थ्य सेवा मुफ्त में मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का लाभ लेने हेतु पात्र लाभार्थी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
योजना का लाभ लेने की पात्रता
लाभार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए
70 वर्ष से अधिक आयु होनी चाहिए
आयकर श्रेणी में नहीं आता हो
किसी भी पेंशन का हकदार न हो
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यह आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं। योजना के लिए पात्रता को पूर्ण करने हेतु आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी अटैच करने होते हैं, जिनमें हैं…
स्थायी निवास प्रमाण पत्र
किसान संबंधित दस्तावेज (यदि लागु हो)
पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशनकार्ड आदि)
जन्म प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोट
कैसे करें अप्लाई
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और पंजीकरण करें
आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन जमा करें और पावती प्राप्त करें
: *🌳🦚आज की कहानी।🦚🌳*
*💐💐नक़ली हार की असली सीख।💐💐*
एक बार एक सुनार की आकस्मिक मृत्यु के बाद उसका परिवार गहरी मुसीबत में पड़ गया और भोजन तक के लाले पड़ गए। एक दिन दुखी पत्नी ने अपने बेटे को नीलम का एक हार देकर कहा—“बेटा, इसे चाचा की दुकान पर ले जाओ, कहना कि बेचकर कुछ पैसे दे दें।” बेटा हार लेकर चाचा के पास गया। चाचा ने हार को ध्यान से देखा, परखा और बोला—“बेटा, माँ से कहना कि अभी बाज़ार बहुत मंदा है, थोड़ा रुककर बेचेंगे तो अच्छे दाम मिलेंगे।” फिर उन्होंने थोड़े पैसे दिए और कहा, “कल से मेरी दुकान पर आकर बैठना।” दूसरे दिन से लड़का रोज़ दुकान पर जाने लगा और हीरे-जवाहरात की पहचान, परख और व्यापार की बारीकियाँ सीखने लगा। कुछ ही महीनों में वह इतना माहिर बन गया कि लोग दूर-दूर से उसके पास जेवरों की परख कराने आते थे। समय बीतने के बाद एक दिन चाचा ने कहा—“बेटा, अपनी माँ से उस हार को लेकर आना, अब मार्केट में तेज़ी है, अच्छे दाम मिलेंगे।” लड़का अगले दिन हार लेकर आया और सीखी हुई विद्या से उसे ध्यान से परखा, तो पाया कि वह हार तो बिल्कुल नक़ली था। यह देखकर लड़का चकित रह गया, पर उसने कुछ सोचा और हार वहीं घर पर छोड़कर चाचा की दुकान पहुँचा। चाचा ने पूछा—“हार नहीं लाए?” लड़के ने शांत स्वर में कहा—“वो तो नक़ली था।” यह सुनकर चाचा मुस्कुरा दिए और कहा—“बेटा, जब तुम पहली बार वह हार लेकर आए थे, अगर मैंने उसी वक़्त उसे नक़ली बता दिया होता, तो तुम लोग सोचते कि बुरे वक़्त में चाचा ने भी हमारी चीज़ को जाली बता दिया, हमारा साथ छोड़ दिया। रिश्तों में अविश्वास पैदा हो जाता। लेकिन आज जब तुमने खुद अपनी आँखों से परख लिया तो समझ गए कि हार वास्तव में नक़ली था। यही वजह है कि मैंने तुम्हें पहले सच नहीं बताया।” फिर चाचा ने आगे कहा—“बेटा, इल्म के बिना इंसान अक्सर ग़लतफ़हमियों का शिकार होता है। इसी अज्ञान के कारण परिवार टूटते हैं, रिश्ते बिगड़ते हैं और लोग एक-दूसरे पर शक कर बैठते हैं। ज्ञान इंसान को सच देखने की नज़र देता है, और वही नज़र रिश्तों को बचाए रखती है।” लड़के की आँखों में पहचान की चमक थी—आज उसने सिर्फ़ जेवर परखना नहीं सीखा था, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी सीख भी पा ली थी।
*💐शिक्षा।💐*
ज्ञान ही वह रोशनी है जो ग़लतफ़हमियों को दूर कर रिश्तों को बचाए रखती है। बिना समझ के लिया गया निर्णय अक्सर विश्वास को तोड़ देता है, पर सही समय पर मिला ज्ञान हर गलतफ़हमी को खत्म कर देता है।
TRN LIVE: .. *जय श्री राम*
*मंगलवार, 09 दिसम्बर 2025 के मुख्य समाचार*
🔸जापान में 7.6 तीव्रता का भीषण भूकंप, 10 फीट ऊंची सुनामी का अलर्ट
🔸यात्रियों की परेशानी सातवें दिन भी जारी, इंडिगो ने दिल्ली और बेंगलुरु से 250 से अधिक उड़ान कीं रद्द
🔸पंजाब: '500 करोड़' वाले बयान के बाद कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू की पार्टी सदस्यता निलंबित की
🔸फेल हुआ ट्रंप का सीजफायर: थाईलैंड का कंबोडिया पर एयर स्ट्राइक, थाई सैनिक की मौत, फिर शुरू हुई दोनों देशों में जंग
🔸'कांग्रेस ने वंदे मातरम् के किए टुकड़े-टुकड़े', संसद में विपक्ष पर बरसे पीएम मोदी
🔸'प्राइवेट पार्ट पकड़ना रेप नहीं' कहने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज: CJI ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा- ऐसी भाषा न बोलें, जो पीड़ित को डरा दे
🔸महबूबा मुफ़्ती ने वंदे मातरम पर बहस को लेकर केंद्र की आलोचना की, कहा- भाजपा खोखले प्रतीकवाद में लिप्त
🔸गोवा हादसे पर बड़ी अपडेट, दोनों मालिक Indigo Flight से देश छोड़कर भागे
🔸PM मोदी 11 दिसंबर को NDA सांसदों के साथ डिनर मीटिंग करेंगे
🔸स्मृति-पलाश की शादी हुई कैंसिल, स्मृति ने कहा- अब आगे बढ़ने का समय
🔸सीएम ममता ने इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार, की मुआवजे की मांग
🔸Bangladesh: कर्ज के जाल में फंसा बांग्लादेश, ब्याज बना बजट का बड़ा खर्च; राजस्व प्रमुख ने दी बड़ी चेतावनी
🔸इंडिगो संकट के बाद सख्ती: 'देश के एयरपोर्ट्स का दौरा करेंगे अधिकारी', उच्च स्तरीय बैठक में बोले उड्डयन मंत्री
🔸Russia-Ukraine Conflict: लंदन में राष्ट्रपति जेलेंस्की की अहम बैठक, शांति योजना पर यूरोपीय नेताओं की चर्चा तेज
🔸विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी को मुंबई से उदयपुर लेकर आई पुलिस, 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है मामला
🔸नीले ड्रम वाली मुस्कान का खौफ: पति बोला- विधवा मां का अकेला सहारा हूं, जोखिम नहीं लूंगा; पत्नी प्रेमी संग भेजी
🔸रडार लॉक को लेकर भड़का जापान, चीनी राजदूत को किया तलब, और बिगड़ेंगे संबंध?
🔸लाल निशान में बंद हुआ बाजार, शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सेंसेक्स 610 अंक लुढ़का
🔹IND vs SA: मैदान पर वापसी के लिए तैयार गिल, मैच से पहले दो घंटे तक किया अभ्यास; हार्दिक ट्रेनिंग से रहे दूर
*आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात...!!*
जय हो🙏
TRN LIVE दिसम्बर 📜*
*🎀 अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस 🎀*
भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह है जो हमारे समाज को, हमारी अर्थव्यवस्था को और कुल मिलाकर पूरे देश को खोखला कर रहा है। यह समाज और देश के विकास में बड़ी बाधा है। दुनिया का लगभग देश इस समस्या से ग्रसित है। इसी को ध्यान में रखते हुए 31 अक्टूबर, 2003 को भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में प्रस्ताव पारित हुआ था। उसके बाद से हर साल 9 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य रूप से मकसद भ्रष्टाचार के बारे में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है।
>> भ्रष्टाचार क्या है <<
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि भ्रष्टाचार है क्या। आम शब्दों में कहें तो भ्रष्टाचार का मतलब है कि किसी जायज या नाजायज काम को करने के लिए दिया जाने वाला अनुचित लाभ। यह लाभ आर्थिक रूप में हो सकता है जिसे रिश्वत कहते हैं या किसी और तरह से भी हो सकता है।
>> अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस का उद्देश्य <<
• सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना।
• भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) का संदेश देना।
• लोगों को समझाना कि भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था, न्याय प्रणाली, प्रशासन और सामाजिक विकास को कैसे नुकसान पहुंचाता है।
• भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना।
>> अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस का इतिहास <<
• 31 अक्टूबर 2003 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने भ्रष्टाचार-विरोधी को मंजूरी दी।
• 9 दिसंबर 2003 को UNCAC के लिए हस्ताक्षर खोले गए और यह दिन अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार-रोधी दिवस के रूप में घोषित किया गया।
• 2005 से इस दिवस को विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है।
• संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय (UNODC) और UNDP इस दिन के कार्यक्रमों का नेतृत्व करते हैं।
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: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें..*
*- दिसम्बर - मंगलवार*
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*1* राजनाथ सिंह के निशाने पर आई कांग्रेस, कहा- वंदे मातरम स्वयं में पूर्ण, अपूर्ण बनाने की कोशिश की गई
*2* संसद में वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान टोके जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अचानक गुस्सा आ गया। उन्होंने कहा कि एक सांसद के तौर पर उन्होंने कभी भी संसद की मर्यादा नहीं तोड़ी। इस बात का सबको ध्यान रखना चाहिए।
*3* संसद में वंदे मातरम् पर महाबहस! लोकसभा में PM मोदी ने नेहरू को घेरा, आज अटैकिंग मोड में होंगे अमित शाह
*4* 'जितने साल मोदी अबतक पीएम रहे, उतने साल तो नेहरू आजादी की लड़ाई में जेल में रहे...', प्रियंका गांधी ने BJP पर बोला हमला
*5* लोकसभा में प्रियंका गांधी: ‘नेहरू पर शिकायतें खत्म कर बेरोजगारी-महंगाई पर बात करें’, लोगों ने सांसदों को संसद में जनता के मुद्दों पर चर्चाओं के लिए भेजा है, न कि पुराने विवादों को दोहराने के लिए,PM मोदी पर बोला हमला
*6* लोकसभा में वंदे मातरम पर हुई बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह चर्चा जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कराई गई है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है, इसलिए अब बहस की जरूरत नहीं थी
*7* लोकसभा में चुनाव सुधारों और SIR पर चर्चा आज, विपक्ष वोट चोरी, BLO की मौतों का मुद्दा उठाएगा; राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे
*8* वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- कांग्रेस ने देश की रक्षा को प्राथमिकता नहीं दी
*9* आयुष्मान भारत से बंगाल को बाहर रखकर TMC गरीबों का हक छीना', राज्यसभा में वित्त मंत्री का ममता सरकार पर हमला
*10* सरकार बोली- इंडिगो की उड़ानों में कटौती करेंगे, कुछ स्लॉट दूसरी कंपनी को देंगे; 7 दिन में 4500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हुईं
*11* संकट की कई वजहें, फिलहाल कोई सटीक कारण नहीं बता सकते', इंडिगो के सीईओ-सीओओ का डीजीसीए को जवाब
*12* उत्तराखंड में गंगोत्री हाईवे परियोजना के खिलाफ RSS, एनवायरमेंटलिस्ट बोले- 7 हजार देवदार के पेड़ कटेंगे, मां गंगा सूख जाएगी, बर्फबारी नहीं होगी
*13* अरुणाचल प्रदेश भारत का अहम हिस्सा है और रहेगा, चीन से संबंध के सवाल पर विदेश मंत्रालय
*14* नवजोत सिद्धू की पत्नी पर गिरी गाज: नवजोत कौर पार्टी से सस्पेंड, 500 करोड़ में सीएम वाले बयान पर घमासान
*15* सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बयान, कहा- कांग्रेस आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे
*16* एमपी के सिवनी में ट्रेनी विमान क्रैश, हाईवोल्टेज तार से टकराने के बाद हादसा; पायलट जख्मी
*17* पुतिन की भारत यात्रा पर बोला चीन- हम तीनों मिलकर लिखेंगे ग्लोबल साउथ का भविष्य
*18* जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की छोटी लहरें आनी शुरू; 50 किमी की गहराई में केंद्र था
*19* भारत में 10 साल से टी-20 सीरीज नहीं जीता अफ्रीका, शुभमन और हार्दिक वापसी के लिए तैयार; IND vs SA पहला मैच कटक में
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: *दोपहर-शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें..*
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*1* 'वंदे मातरम् को बंगाल चुनाव से मत जोड़िए', राज्यसभा में कांग्रेस, विपक्ष पर जमकर बरसे अमित शाह, बोले- इससे पीढ़ियां प्रेरित होंगी
*2* वंदे मातरम 100 साल का हुआ तो पूरे देश को बंदी बनाकर रखा गया', राज्यसभा में कांग्रेस पर बरसे शाह
*3* शाह ने कहा, 'यह वंदे मातरम का गान, गीत यह भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने का नारा बना था। आजादी के उद्घोष का नारा बन चुका था। आजादी के संग्राम का बहुत बड़ा प्रेरणा स्त्रोत बना था। और शहीदों को सर्वोच्च बलिदान देते वक्त अगले जन्म में भी भारत में ही जन्म लेकर बलिदान की प्रेरणा भी वंदे मातरम से ही मिलती है
*4* मैंने अपनी आंख से देखा है कि कई सारे सदस्य वंदे मातरम जब होता है तो वे संसद में बैठे होते हैं तो भी संसद से बाहर चले जाते हैं। मैं विश्वास से कह सकता हूं। यह कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी पर झूठे आरोप लगाते हैं, लेकिन भाजपा का कोई भी सदस्य वंदे मातरम के गान के समय खड़ा न हो ऐसा हो ही नहीं सकता।'
*5* 'बिहार के बाद अब बंगाल की बारी...', NDA की मीटिंग में PM मोदी ने दिया जीत का मंत्र
*6* मोदी बोले- फालतू पेपरवर्क खत्म हो, नियम-कानून जिंदगी आसान बनाने के लिए, परेशान करने के लिए नहीं, बार-बार डेटा जमा करना बंद करना होगा
*7* विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'वंदे मातरम' को नारा बनाने का काम किया. आपका इतिहास रहा है कि आप हमेशा स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति गीतों के खिलाफ रहे.' पहले आप देशभक्ति के नाम से डरते थे.
*8* राज्यसभा में हंगामा बढ़ गया है. मल्लिकार्जुन खड़गे वंदे मातरम् पर बोलते हुए रुपये की गिरती वैल्यू पर आ गए. इस पर सत्ता पक्ष ने शोर मचाना शुरू कर दिया. खड़गे ने कहा- रुपये के गिरते स्तर पर मोदी ने 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि देश जानना चाहता है कि ऐसा क्या कारण है कि सिर्फ भारत का रुपया डॉलर के मुकाबले गिरता ही चला गया, गिरता ही चला गया. ये सिर्फ आर्थिक कारणों से नहीं हुआ. ये आपकी भष्ट्र राजनीति के कारण हुआ
*9* लोकसभा में चुनाव सुधारों और SIR पर चर्चा आज, विपक्ष वोट चोरी, BLO की मौतों का मुद्दा उठाएगा; राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे
*10* लोकसभा में कृषि क्षेत्र के ताजा आंकड़े पेश करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश में इस बार फसल उत्पादन रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहा है। मंत्री के मुताबिक 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 357.732 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 7.65% अधिक है।
*11* सोनिया गांधी को दिल्ली कोर्ट का नोटिस, 1980–81 की वोटर लिस्ट में गलत तरीके से नाम जुड़वाने का आरोप; 6 जनवरी तक जवाब मांगा
*12* गोवा क्लब अग्निकांड- थाईलैंड भागे दोनों मालिक, जमीन का मालिक बोला- नमक के खेतों पर बनाए अवैध क्लब-रेस्टोरेंट, 20 साल से मामला कोर्ट में
*13* इंडिगो की उड़ानों में कई दिनों से हो रही देरी और रद्दीकरण के मामले पर सरकार ने संसद में अपना पक्ष रखा। लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि एयरलाइन के परिचालन संकट में जवाबदेही तय की जाएगी और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
*14* ट्रम्प बोले- भारत के कारण अमेरिकी किसानों को घाटा, सस्ता चावल भेज रहा, जिससे उन्हें सही दाम नहीं मिल रहा; एक्स्ट्रा टैरिफ लगाएंगे
*15* गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है भारतीय शेयर बाजार सेंसेक्स निफ्टी दोनों लाल निशान पर
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TRN LIVE: Himachal Weather: बर्फबारी के बाद शीतलहर तेज, 15 स्थानों पर न्यूनतम पारा 5 डिग्री से कम, जानें पूर्वानुमान
प्रदेश की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बाद शीतलहर तेज हो गई है। राज्य के 15 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बाद शीतलहर तेज हो गई है। राज्य के 15 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है। इनमें से तीन स्थानों पर माइनस व एक जगह शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शिमला सहित पूरे प्रदेश में आज माैसम साफ बना हुआ है। वहीं मंडी में हल्का कोहरा दर्ज किया गया है।
इस दिन सक्रिय होगा ताजा पश्चिमी विक्षोभ
जनजातीय क्षेत्र लाहौल में सोमवार सुबह मौसम के करवट बदलने से रोहतांग दर्रा और बारालाचा में ताजा बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा में 12 और ग्रांफू में 5 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज हुई। बर्फबारी से कुल्लू और लाहौल में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं कोकसर और चंद्रा घाटी में फाहे गिरे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 दिसंबर तक माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 13 दिसंबर को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 14 दिसंबर को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 9.0, सुंदरनगर 3.1, भुंतर 2.6, कल्पा 0.0, धर्मशाला 8.6, ऊना 5.7, पालमपुर 5.0, सोलन 3.8, मनाली 2.7, कांगड़ा 5.5, मंडी 4.3, बिलासपुर 4.8, हमीरपुर 3.8, कुफरी 5.6, कुकुमसेरी -6.1, नारकंडा 3.0, भरमाैर 5.0, रिकांगपिओ 2.5, बरठीं 2.4, पांवटा साहिब 10.0, सराहन 4.0, देहरा गोपीपुर 7.0, ताबो -4.4 व बजाैरा में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बर्फ से लकदक हुआ 16,800 फीट ऊंचा शिंकुला दर्रा, फोर बाई फोर वाहनों के लिए खुला
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति और लद्दाख की सीमाओं को जोड़ने वाले 16,800 फीट ऊंचा शिंकुला दर्रा ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। यहां करीब आधा फीट बर्फ जमी है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने फोर बाई फोर वाहनों के लिए शिंकुला टॉप खोल दिया है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
TRN LIVE: हिमाचल राजभवन का नाम अब लोकभवन, राजभवन से जुड़े सरकारी दस्तावेज, नामपट्ट बदलने की प्रक्रिया शुरू
अब हिमाचल प्रदेश में राजभवन को लोकभवन के नाम से जाना जाएगा। अधिसूचना के अनुसार अब सभी आधिकारिक पत्राचार, दस्तावेज, भवन संकेतक, वेबसाइट और अन्य रिकॉर्ड में राजभवन की जगह लोकभवन नाम का प्रयोग किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद राजभवन का नाम औपचारिक रूप से बदलकर लोकभवन कर दिया गया है। इस संबंध में मंगलवार को अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के अनुसार अब सभी आधिकारिक पत्राचार, दस्तावेज, भवन संकेतक, वेबसाइट और अन्य रिकॉर्ड में राजभवन की जगह लोकभवन नाम का प्रयोग किया जाएगा। राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल की मंजूरी के बाद परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग संबंधित रिकॉर्ड अपडेट कर रहे हैं, जबकि भवन के नामपट्ट और अन्य प्रतीकों में भी बदलाव किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने बीते दिनों सभी राज्यों में राजभवन नाम बदलकर लोकभवन करने का फैसला किया था। इसी कड़ी में हिमाचल में नाम बदलने की अधिसूचना जारी हुई है।
TRN LIVE: ममता ने सरेआम फाड़ दिया केंद्र की रोजगार योजना का पत्र
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कूचबिहार में एक रैली के दौरान 100 दिन की रोजगार योजना से संबंधित केंद्र सरकार के पत्र को सार्वजनिक रूप से फाड़ दिया, जिससे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को लेकर केंद्र और राज्य का टकराव और तेज हो गया है। नई श्रम संहिता के अंतर्गत लागू की गई शर्तों को अपमानजनक और तिरस्कारपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल इन निर्देशों को स्वीकार नहीं करेगा और अपनी शर्तों पर कार्यक्रम चलाता रहेगा। कूचबिहार जिले के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि राज्य को हाल ही में केंद्र से एक पत्र मिला है जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत धनराशि जारी करने के लिए नयी शर्तें रखी गई हैं।
उन्होंने कहा कि अभी परसों ही केंद्र ने हमें नयी शर्तों वाला एक पत्र भेजा है, वह हमसे तिमाही श्रम बजट दिखाने के लिए कह रहे हैं लेकिन दिसंबर में ऐसा करने का समय कहां है? उन्होंने आगे कहा कि केंद्र कहता है कि एक ग्राम पंचायत में सिर्फ़ 10 लोगों को ही काम मिलेगा। क्या ऐसा कभी हुआ है? एक गरीब परिवार में ही 10 सदस्य होते हैं। वे कहते हैं कि प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। वे कहते हैं कि ज़मीन से जुड़ा कोई भी काम नहीं करना है। सुश्री बनर्जी ने दस्तावेज़ दिखाते हुए कहा कि इस कागज़ का कोई मूल्य नहीं है। हम फिर से सत्ता में आएंगे। बंगाल 100 दिन की कार्य योजना चलाएगा। हमें आपके दान की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद उन्होंने मंच पर ही दस्तावेज फाड़ दिया और इसे राज्य के प्रति अनादर बताया। भीड़ के भडक़ने पर उन्होंने कहा कि यह मेरा नोट है कोई केंद्र का आदेश नहीं। मैं इसे फेंक रही हूं क्योंकि मैं इसे अपमान समझती हूं। केंद्र पर जानबूझकर धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए सुश्री बनर्जी ने दावा किया कि ग्रामीण रोजगार योजना के लिए चार वर्षों से धन जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 100 दिन के काम के लिए धन रोक दिया है, आवास योजना के लिए धन रोक दिया है और ग्रामीण सडक़ परियोजनाओं को रोक दिया है। उन्होंने आगे कहा कि 2011 से बंगाल को 100 दिन की योजना के अंतर्गत काम के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। क्या अच्छा काम करना कोई अपराध है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धन रोके जाने का विरोध करने दिल्ली गए तृणमूल सांसदों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि हमारे सांसद विरोध करने दिल्ली गए थे लेकिन उन सभी पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। अपने पूरे भाषण के दौरान सुश्री बनर्जी ने केंद्र के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाए रखा और कूचबिहार मंच का उपयोग कल्याणकारी योजनाओं और श्रम नीतियों के प्रति केंद्र के दृष्टिकोण की आलोचना करने के लिए किया। उन्होंने कहा कि हमें आपके भीख की आवश्यकता नहीं है। बंगाल अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में इस योजना को लेकर टकराव बढ़ सकता है।
: हिमाचल प्रदेश: पुलिस की वर्दी पहनकर रील बनाई तो होंगे निलंबित, वेतनवृद्धि भी रुकेगी, डिमोशन भी होगी; SOP जारी
हिमाचल प्रदेश में पुलिस की वर्दी पहन कर रील बनाने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसा करने वाले कर्मचारियों को सीधे निलंबित किया जाएगा और विभागीय जांच भी होगी। प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर अधिकारियों और कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकी जाएगी, साथ ही डिमोशन भी होगी। गंभीर मामलों में सेवा से हटाने तक की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। यदि किसी कृत्य में आपराधिक तत्व पाया जाता है तो आपराधिक मामला भी चलाया जाएगा।
एसओपी के अनुसार पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया रील, निजी प्रचार, धार्मिक, राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रकृति की कोई वीडियो, फोटो, या पोस्ट अपलोड करना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। निजी सोशल मीडिया खातों पर भी पुलिस से संबंधित सूचनाएं, जांच की स्थिति, अपराध से जुड़े तथ्य, पीड़ित, आरोपी की पहचान या ड्यूटी स्थल की वीडियो साझा करना वर्जित रहेगा।
अधिकृत अधिकारी ही करेंगे पोस्ट
एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर प्रेस नोट, जन-जागरूकता अभियानों और कानून-व्यवस्था संबंधी आधिकारिक सूचनाएं अधिकृत अधिकारी ही पोस्ट करेंगे। किसी भी प्रकार के शासकीय दस्तावेज, आदेश, वायरल संदेश या गोपनीय सूचना को साझा करने पर प्रतिबंध रहेगा। एसओपी को प्रभावी तरीके से लागू करने का जिम्मा पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को सौंपा गया है। दोनों एसओपी की नियमित समीक्षा करेंगे और उल्लंघन की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजेंगे।
सोशल मीडिया पर वर्दी का दुरुपयोग अनुशासनहीनता है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। एसओपी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई होगी। - अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश
TRN LIVE: Himachal Weather: हिमाचल में अगले 7 दिन कैसा मौसम?
13 दिसंबर तक साफ रहेगा मौसम, 14 दिंसबर को फिर होगी बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में मौसम ने लंबे अरसे बाद करवट बदली। सोमवार सुबह रोहतांग दर्रा सहित अन्य ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। जबकि कोकसर, ग्रांफू सहित चंद्र घाटी में बर्फ के फाहे गिरे हैं। ताजा बर्फबारी के बाद घाटी ने सफेद चादर ओढ़ ली है। इससे क्षेत्र में शीतलहर तेज हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मंडी और बिलासपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर के भाखड़ा बांध के जलाशय क्षेत्र के आसपास और मंडी की बल्ह घाटी में देररात और सुबह के समय घना कोहरा छाने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 दिसंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 14 दिसंबर को ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट की संभावना है, उसके बाद अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस बढऩे के आसार हैं। अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में धूप खिली हुई है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 9.5, सुंदरनगर 5.7, भुंतर 6.5, कल्पा 2.6, धर्मशाला 6.8, ऊना 5.4, नाहन 9.8, पालमपुर 7.0, सोलन 3.7, मनाली 6.7, कांगड़ा 7.0, मंडी 7.1, बिलासपुर 7.7, हमीरपुर 5.7, कुफरी 6.4, कुकुमसेरी -6.2, नारकंडा 3.7, भरमौर 7.8, रिकांगपिओ 3.5, बरठीं 4.8, पांवटा साहिब 9.0, सराहन 4.1, देहरा गोपीपुर 6.0, ताबो -1.8 व बजौरा में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
TRN LIVE: Sukh Arogya Yojana HP: सरकारी या निजी अस्पताल में फ्री इलाज, हिमाचल में इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
सेहतमंद हिमाचल के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रतिबद्ध है और इसे साकार करने के लिए सरकार ने एक नई योजना चलाई है, जिसका मकसद किसानों और वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा देना है। मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का मकसद यही है कि उम्र के आखिरी पड़ाव में बुजुर्गों की सेहत दुरूस्त रहे और वे किसी पर आश्रित न हों। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने योजना का ऐलान बजट भाषण में किया था। योजना के अंतर्गत राज्य के कृषकों व बुजुर्गों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
योजना का लाभ केवल उन्ही व्यक्तियों को मिलेगा जिनकी आयु 70 वर्ष से अधिक हो तथा वे आयकर के दायरे में न आते हों। योजना का मुख्य उद्देश्य उम्र के अंतिम पड़ाव में आर्थिक तंगी झेल रहे बुजुर्गों को उचित स्वास्थ्य सेवा मुफ्त में मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का लाभ लेने हेतु पात्र लाभार्थी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
योजना का लाभ लेने की पात्रता
लाभार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए
70 वर्ष से अधिक आयु होनी चाहिए
आयकर श्रेणी में नहीं आता हो
किसी भी पेंशन का हकदार न हो
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यह आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं। योजना के लिए पात्रता को पूर्ण करने हेतु आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी अटैच करने होते हैं, जिनमें हैं…
स्थायी निवास प्रमाण पत्र
किसान संबंधित दस्तावेज (यदि लागु हो)
पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशनकार्ड आदि)
जन्म प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोट
कैसे करें अप्लाई
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और पंजीकरण करें
आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन जमा करें और पावती प्राप्त करें
TRN LIVE: *डलहौज़ी में विंटर फेस्टिवल-2025 के सफल आयोजन को लेकर बैठक आयोजित*
*उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की अध्यक्षता*
*25 से 31 दिसंबर तक आयोजित होगा फेस्टिवल*
*चम्बा, 9 दिसंबर*
डलहौज़ी में विंटर फेस्टिवल-2025 के सफल आयोजन को लेकर आज उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। फेस्टिवल 25 से 31 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि यह उत्सव डलहौज़ी में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसकी सभी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
उपायुक्त ने एसडीएम डलहौज़ी को निर्देश दिए कि सुभाष चौक और गांधी चौक में आयोजन हेतु आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल के दौरान प्रतिदिन सुबह होटल एसोसिएशन के सहयोग से हेरिटेज वॉक आयोजित की जाए ताकि पर्यटकों व स्थानीय लोग डलहौज़ी की प्राचीन विरासत एवं सांस्कृतिक महत्व से रूबरू हो सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि 25 से 30 दिसंबर तक प्रत्येक संध्या में 2 से 3 घंटे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं फेस्टिवल की अंतिम संध्या 31 दिसंबर को सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रात 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी, ताकि नववर्ष का स्वागत उत्सवी माहौल में किया जा सके।
उपायुक्त ने एसडीएम डलहौज़ी को यह भी निर्देश दिए कि फेस्टिवल में अतिरिक्त आकर्षक गतिविधियाँ शामिल की जाएं, जिससे कार्यक्रम और भी जीवंत और पर्यटकों के लिए रोचक बन सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाई जाने वाली दुकानें पूरे सप्ताह नियमित रूप से संचालित रहें, तथा स्वयं सहायता समूहों की दुकानें अलग-अलग स्थानों पर सुव्यवस्थित तरीके से लगाई जाएं।
फेस्टिवल में भाग लेने वाले कलाकारों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बाहरी क्षेत्रों से आने वाले व्यक्तियों के लिए रहने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि फेस्टिवल के दौरान जिले की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रमुखता दी जाएगी, जिसके अंतर्गत कुंजड़ी मल्हार, मुसादा गायन सहित स्थानीय लोक कलाकारों को अधिक से अधिक मंच दिया जाएगा, ताकि चम्बा की विरासत को व्यापक पहचान मिले।
उपायुक्त ने कहा कि फेस्टिवल में अग्नि से जुडी कलाबाजियाँ न करें जबकि पर्यावरण हितैषी गतिविधियों को शामिल करना सुनिश्चित बनायें।
बैठक में एसडीएम डलहौज़ी और जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने विंटर फेस्टिवल की अब तक की तैयारीयों की विस्तृत जानकारी उपायुक्त को दी।
बैठक में जिला पर्यटन विकास अधिकारी राजीव मिश्रा, अर्थशास्त्री परियोजना विनोद कुमार तथा एसडीएम डलहौज़ी अनिल कुमार भारद्वाज वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
TRN LIVE: *चम्बा साथी एप से बनेगा स्वयंसेवकों का डिजिटल डेटाबेस – उपायुक्त मुकेश रेपसवाल*
*एलिगो क्रिएटिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअली बैठक आयोजित*
*चम्बा, 9 दिसंबर*
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा “चम्बा साथी” एप के माध्यम से सभी प्रशिक्षित एवं सक्रिय स्वयंसेवकों का समग्र डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा जिससे किसी भी प्रकार की आपदा, आपात स्थिति या प्रशासनिक आवश्यकता के समय त्वरित संचार और प्रभावी सहयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। उपायुक्त आज चम्बा साथी एप के संबंध में एलिगो क्रिएटिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जिले में आपदा मित्र, नैसकॉम फाउंडेशन के डिजिटल एम्बेसडर, स्वीप, स्वयंसेवक, रक्तदाता समूह, स्वयं सहायता समूह, आशा वर्कर्स एवं अन्य कई स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य प्रशासन को सहायता प्रदान कर रहे हैं लेकिन इन सभी समूहों की कोई एकीकृत डिजिटल सूची उपलब्ध न होने के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में संदेश भेजने तथा समन्वय स्थापित करने में कठिनाई सामने आती है।
उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों के साथ प्रभावी रूप से संपर्क कर पाने के उद्देश्य से चम्बा साथी एप को एक कार्यप्रवाह आधारित आधुनिक स्वयंसेवक प्रबंधन प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें सभी विभागों द्वारा प्रशिक्षित वर्तमान एवं भविष्य के स्वयंसेवकों की पूरी जानकारी समय-समय पर अपडेट रहेगी तथा प्रारंभिक संचार एसएमएस और मेल के माध्यम से तुरंत भेजा जा सकेगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस एप के माध्यम से स्वयंसेवक अपने संपर्क विवरण स्वयं भी अपडेट कर सकेंगे साथ में जिला प्रशासन को प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल, कार्यक्रमों और गतिविधियों का रिकॉर्ड एक ही मंच पर डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा।
उपायुक्त ने एलिगो क्रिएटिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों से कहा कि एप को सरल, उपयोगकर्ता-अनुकूल और त्रुटिरहित बनाया जाए तथा जिला रोजगार अधिकारी को कंपनी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में एलिगो क्रिएटिव सर्विस के प्रतिनिधियों ने एप की कार्यप्रणाली और डिजाइन को लेकर विस्तृत जानकारी दी और आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की आवश्यकताओं के अनुरूप सभी फीचर्स तैयार किए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, जिला योजना अधिकारी जीवन कुमार व जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान सहित एलिगो क्रिएटिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम जुड़े रहे।
TRN LIVE: *Jan Sankalp Sammelan: आज जन संकल्प सम्मेलन में अगले दो साल की कार्ययोजना रखेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू*
Jan Sankalp Sammelan:
सरकार के तीन साल पूरे होने पर आपदा प्रभावितों को 63 करोड़ बांटेंगे सुखविंदर सिंह सुक्खू
हिमाचल में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर गुरुवार को मंडी में होने वाले जन संकल्प सम्मेलन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह अपने तीन साल की उपलब्धियों के साथ अगले दो साल की कार्य योजना लोगों के सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री आपदा प्रभावितों को 63 करोड़ रुपए की राहत राशि भी बाटेंगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गृह जिला में हो रहे इस आयोजन को सरकार और कांग्रेस पार्टी के लिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। जनसंकल्प सम्मेलन की सारी तैयारियां पूरी हैं और शीर्ष नेताओं ने छोटी काशी में डेरा भी डाल लिया है। मुख्यमंत्री कई अन्य योजनाओं को भी लांच करने की तैयारी भी कर चुके हैं। आपदा प्रभावितों के अलावा पिछले तीन वर्ष के मेधावी छात्रों को भी सरकार सम्मानित करेगी। 2023-24 और 25 के करीब दस हजार छात्रों के लैपटॉप के लिए वाउचर भी वितरित किए जाएंगे। कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत चार हजार श्रमिकों को 15 करोड़ की राशि बांटी जाएगी। राज्य की 19 एकल, विधवा एवं दिव्यांग महिलाओं को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। सरकार ने बेहतरीन व्यवस्था के लिए इससे पहले हुए कार्यक्रमों में बिलासपुर, कुल्लू और मंडी के तीन जिलों के प्रभावितों को राहत राशि दी थी। इसी कड़ी में अब शेष नौ जिलों में 51 करोड़ बांटे जाएंगे।
इसमें पूरी तरह घर के तबाह होने पर चार लाख रुपए की पहली किस्त का चेक दिया जाएगा। पहले आपदा राहत की पहली किस्त में 1.30 लाख रुपए दिए जाते थे। अब सरकार ने कुल पैकेज आठ लाख रुपए का कर दिया है, इसलिए पहली किस्त में चार लाख दिए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश से लाभार्थी भी इस रैली में लाए जा रहे हैं। इसके लिए एचआरटीसी की एक हजार से ज्यादा बसें लोगों को पहुंचाएंगी। इसी कार्यक्रम में कबड्डी वल्र्ड कप जीतने वाली प्रदेश की लड़कियों को भी सम्मानित किया जाएगा। जन संकल्प रैली के लिए हिमाचल कांग्रेस प्रभारी एवं सांसद रजनी पाटिल मंडी पहुंच गई हैं। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री समेत कई मंत्री मंडी में डेरा डाल चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गुरुवार सुबह शिमला से मंडी के लिए रवाना होंगे।
TRN LIVE: *तीन साल में नशे की ओवरडोज से 74 ने गंवाई जान, साल दर साल बढ़ता जा रहा आंकड़ा, इस साल 24 की मौत*
प्रदेश में सफेद जहर यानी चिट्टे के दलदल में युवा फंसता जा रहा है। प्रदेश में तीन साल में नशे की ओवरडोज से 74 लोगों ने जान गंवाई है। इनमें 71 पुरुषों के साथ तीन महिलाएं भी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में नशे की ओवर डोज से मरने वालों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। वर्ष 2022 में तीन जिलों में नशे की ओवरडोज से आठ लोगों की मौत हुई है, जिसमें मंडी जिला में एक, कुल्लू जिला में दो और शिमला जिला में पांच लोग शिकार बने। वहीं वर्ष 2023 में एक महिला सहित दस लोगों की मौत नशे की ओवर डोज से हुई, जिसमें हमीरपुर जिला में दो, कांगड़ा में एक, पुलिस जिला बद्दी में तीन और कुल्लू जिला में तीन पुरुष और एक महिला की मौत नशे की ओवर डोज से हुई है। इसके अलावा वर्ष 2024 में नशे की ओवर डोज से मरने वालों की संख्या तीन गुणा से अधिक बढ़ गई। इस दौरान नौ अलग-अलग जिलों में दो महिलाओं सहित 32 लोगों की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। इस दौरान पुलिस जिला नूरपुर में दो, शिमला एक महिला सहित पांच, कुल्लू जिला में एक महिला सहित सात, बिलासपुर जिला में पांच, सोलन में एक, हमीरपुर में दो, मंडी में तीन, पुलिस जिला बद्दी में पांच तथा कांगड़ा जिला के दो लोगों की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है।
इसके अलावा वर्ष 2025 में नवंबर माह तक नशे की ओवरडोज से 24 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें बिलासपुर जिला में सात, पुलिस जिला बद्दी में चार, कुल्लू जिला में तीन, मंडी जिला में तीन, शिमला जिला में चार, ऊना जिला में एक, कांगड़ा जिला में एक और हमीरपुर जिला में एक व्यक्ति की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। पुलिस विभाग जहां नशा माफिया पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है, वहीं अब प्रदेश सरकार भी नशे के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें पुलिस विभाग के साथ प्रदेश भर में चिट्टे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। चिट्टे के खिलाफ प्रदेश सरकार की सक्रियता बढ़ते ही अब नशा तस्करों में खलबली है और इसे सुखद परिणाम सामने भी आने लगे हैं। उधर, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने बताया कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ प्रदेश में कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करों से जुड़े लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में नशे के खिलाफ शुरू किया गया अभियान केवल नशा विरोधी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें जनता, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवक सभी की भागीदारी होगी। डीजीपी ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों, कालेजों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाएं। हेल्पलाइन 112 पर आने वाली हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें और शिकायतों के निपटारे के बाद नागरिकों से फीडबैक लें, ताकि पुलिस पर भरोसा और मजबूत हो।
सरकार की सख्ती का दिखने लगा असर
प्रदेश सरकार ने नशा तस्कारों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 2023 से अब तक तीन वर्षो में नशा तस्करों की 35.95 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है, जिससे नशा तस्करों में खौफ है। वर्ष 2023 में नशा तस्करों की 4.87 करोड़, 2024 में 24.42 करोड़ और वर्ष 2025 में अब तक 6.66 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षा में एनडीएस के 1140 मामलों में 1803 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नशा तस्करी के बड़े मामलों में 919 किलो चरस, 32.9 किलो हेरोइन, 1632 किलो भुक्की, 89.6 किलो अफीम की खेप पकड़ी है। एएनटीएफ और पुलिस की टीमें नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने नौ साल नौ महीनों में 15 हजार से अधिक एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में भारी मात्रा में नशे की खेप भी पकड़ी है। वहीं नशे के काले कारोबार में संलिप्त आरोपियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया है।
TRN LIVE: *Jan Sankalp Sammelan : जनसंकल्प को पड्डल तैयार; पहुंच गई सरकार, सिर्फ सीएम का इंतजार*
Jan Sankalp Sammelan Mandi
मंडी पहुंचे डिप्टी सीएम ने परखी सम्मेलन की तैयारियां
जन संकल्प सम्मेलन को सुक्खू सरकार मंडी पहुंच गई है। आयोजन को एतिहासिक पड्डल मैदान पूरी तरह तैयार है। इस सम्मेलन में अब बस मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का इंतजार हो रहा है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री ने भी मंडी में डेरा डाल दिया है। बुधवार देर रात मंडी पहुंचते ही मुकेश अग्रिहोत्री ने सबसे पहले प्रशासनिक अधिकारियों से बात की है। उपमुख्यमंत्री ने उनकी ड्यूटी का स्टेटस जाना। एडीसी से लेकर एसपी ने व्यवस्थाओं की जानकारी डिप्टी सीएस की दी है। तीन साल पूरे होने पर आयोजित इस सम्मेलन में लगभग 20,000 से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। तीसरी सालगिरह पर गुरुवार सीएम मंडी में आपदा प्रभावितों को सहायता भी प्रदान करेंगे। प्रभावितों को मंडी लाने के लिए प्रशासन और सरकार ने पूरे इंतजाम कर लिए हैं। तैयारियों को प्रभावी बनाने के लिए सुक्खू सरकार के चार रत्न पहले ही मंडी पंहुच गए हैं।
मुकेश अग्रिहोत्री के साथ-साथ मंत्री जगत सिंह नेगी, अनिरुद्ध सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक हरदीप सिंह बाबा, हिमफेड के उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान, और मंडी जिला के बड़े नेता मंडी पहुंच गए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता भी जोश में दिख रहे हैं और जगह-जगह स्वागत द्वार व बैनर लगाए गए हैं। इस जन संकल्प सम्मेलन में लगभग 20 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। 650 पुलिस के जवान मंडी में मोर्चा संभाले हुए हैं।
मुकेश अग्रिहोत्री ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सम्मेलन की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी प्रबंध समयबद्ध एवं सुचारू रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंच, , सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया।
किन्नौर के लोगों को आज मंडी में मिलेगी जमीन
किन्नौर के पात्र लोगों को मंडी में आयोजित जन संकल्प के मंच से जमीन मुहैया करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन लोगों को जमीन उपलब्ध करवाने के कागज पत्र सौंपेंगे। सुक्खू सरकार की तीसरी सालगिरह के मौके पर स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित किए जाने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही माईडीड पोर्टल का लोकार्पण, नक्शा योजना का शुभारंभ, डिजिटली साइन एवं अपडेटेड जमाबंदी मॉडयूल, बू-नक्शा 5.0 तथा ग्रामीण बैंक के लोगो का अनावरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किया जाएगा। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को ई-टैक्सी सौंपी जाएगी तथा विदेशों में रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को एयर टिकट और वीजा उपलब्ध करवाए जाएंगे।
सुखाश्रय और मुख्यमंत्री शगुन योजना के लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना, मधु मांडव परियोजना और हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के लाभार्थियों को भी सहायता दी जाएगी। कामगार कल्याण बोर्ड के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता और मेधावी विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की जाएगी। सम्मेलन में स्वतंत्रता सेनानियों तथा महिला कबड्डी विश्व कप विजेता खिलाडय़िों को सम्मानित किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्ज होंगे सम्मानित
लैपटॉप की जगह इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने के लिए दिए जाएंगे कूपन
प्रदेश सरकार के राज्य स्तरीय जन संकल्प सम्मेलन में बोर्ड की परीक्षाओं में टॉप टेन रहे मेधावियों को श्रीनिवास रामानुजन छात्र डिजिटल योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने के लिए कूपन दिए जाएंगे। मंडी के जन संकल्प सम्मेलन के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला से दो-दो मेधावियों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा कूपन देकर योजना का प्रदेश में आगाज करेंगे। तीन वर्ष के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के मेधावियों को सौगात मिलने जा रही है। इसके उपरांत प्रत्येक जिला में मेधावियों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने के लिए कूपन देने की प्रक्रिया शुरू होगी। बता दें कि श्रीनिवास रामानुजन छात्र डिजिटल योजना, जिसे पहले राजीव गांधी छात्र डिजिटल योजना के नाम से जाना जाता था, हिमाचल प्रदेश सरकार की एक प्रमुख योग्यता-आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य मेधावी छात्रों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। 2011-12 में कक्षा 10 के छात्रों के लिए शुरू की गई और 2012-13 में कक्षा 12 के छात्रों तक विस्तारित की गई। इस योजना का नाम 2019 में बदल दिया गया और इसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के 900 शीर्ष प्रदर्शन करने वाले अंतिम वर्ष के स्नातक छात्रों को शामिल करने के लिए विस्तारित किया गया। इस योजना का उद्देश्य प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा को मजबूत करना, डिजिटल विभाजन को कम करना और सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के मेधावी छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली में आवश्यक ऑनलाइन शैक्षिक संसाधनों, प्रतियोगी परीक्षा प्लेटफार्मों और डिजिटल शिक्षण उपकरणों तक पहुंच प्रदान करना है।
8450 लाभार्थियों को मिल सकती है सौगात
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (लैपटॉप या टैबलेट) के कूपन देने की योजना में बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए कक्षा 10 और 12 के मेधावी छात्रों के लिए श्रेणीवार कट-ऑफ आंकड़ों के आधार पर, योग्यता मानदंडों के अनुसार कक्षा 10 से कुल 4215 छात्र अर्हता प्राप्त करते हैं, जिनमें 2022-23 के लिए 1411 छात्र, 2023-24 के लिए 1393 छात्र और 2024-25 के लिए 1411 छात्र शामिल हैं। इसी प्रकार, इन सत्रों में कक्षा 12 से कुल 4235 मेधावी छात्र पात्र हैं, जिनमें 2022-23 के लिए 1421 छात्र, 2023-24 के लिए 1423 छात्र और 2024-25 के लिए 1391 छात्र कट-ऑफ को पूरा करते हैं।
कुल मिलाकर इन तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षा 10 और 12 के मेधावी छात्रों की संयुक्त संख्या 8450 हैं, जो इस अवधि के दौरान योजना के तहत विचार किए जाने वाले पात्र लाभार्थी है। इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक मंडी यशवीर धीमान का कहना है कि श्रीनिवास रामानुजन छात्र डिजिटल योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने के लिए प्रदेश के मेधावियों को कूपन दिए जाएंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री प्रदेश के समस्त जिला से दो-दो मेधावियों को सम्मानित कर आगाज करेंगे।
TRN LIVE: *Sukhu Sarkar ke teen saal :शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा क्षेत्र में दिखे बड़े बदलाव, आर्थिक चुनौती अब भी खड़ी*
पिछली देनदारियों और कर्ज के बोझ के बीच सत्ता संभालने वाली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार गुरुवार को तीन साल का कार्यकाल पूरा कर रही है। ये तीन साल जहां एक तरफ व्यवस्था परिवर्तन के रहे हैं, वहीं गारंटियों को पूरा करने का दबाव भी सरकार ने झेला है, जिस हिमाचल की जनता पांच साल बाद सत्ता परिवर्तन कर देती है, उस राज्य में मुख्यमंत्री ने व्यवस्था बदलने का रास्ता चुना। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से वादा किया था कि सरकार बनते ही ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की जाएगी। वर्ष 2022 में 11 दिसंबर के दिन सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सीएम पद की शपथ ली थी। उसके बाद सरकार ने ओपीएस वाला वादा पूरा कर दिखाया। तीन साल में सरकार ने कुछ परिवर्तन वाले कदम उठाए हैं। उन कदमों में ओपीएस लागू करना पहला है। इससे 1.36 लाख कर्मचारियों को यह राहत मिली। इसके अलावा कांग्रेस सरकार ने सुख आश्रय योजना शुरू की। इस योजना में निराश्रित बच्चों को कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं। शिक्षा से लेकर मकान बनाने के लिए जमीन तक का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने 680 करोड़ रुपए की स्टार्टअप योजना शुरू की है। ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों के लिए दूध का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया। क्लीन एनर्जी की तरफ सरकार ने कदम बढ़ाया है। परिवहन निदेशालय पूरी तरह से ई-वाहन वाला हो गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में देखें तो रोबोटिक सर्जरी की तरफ ध्यान दिया गया है। कई संस्थानों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें लगाई गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में देखा जाए, तो सरकार ने सौ स्कूलों को सीबीएसई के तहत लाने का कदम उठाया है। इसके अलावा शिक्षा निदेशालय का एकीकरण किया है। सरकार ने राजस्व जुटाने के लिए आबकारी नीति को नया रूप दिया। अपना राजस्व बढ़ाने के कई कदम सफल नहीं हुए और केंद्र से भी उदारता नहीं दिखी। वाटर सेस से रेवेन्यू जुटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के बाद सुक्खू सरकार ने बिजली परियोजनाओं पर दो फीसदी लैंड रेवेन्यू लागू कर खजाने को भरने की कोशिश की है।
सरकार का बेहतरीन काम
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार का तीन साल का कार्यकाल बेमिसाल है। हज़ार बाधाओं के बावजूद सीएम सुक्खू के नेतृत्व में बेहतरीन कार्य हुआ है। कर्मचारी हों या बेसहारा लोग, सभी के लिए सरकार ने खजाना खोला है
बिजली क्षेत्र में हुए सुधार
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू के कार्यकाल में प्रदेश में बिजली क्षेत्र में जो सुधारों का बीड़ा उठाया गया है उसके परिणाम आने लगे हैं और आने वाले वर्षों में राज्य अच्छा राजस्व हासिल करेगा ।
आपदा पीडि़तों को दी राहत
खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा कि केंद्र और विपक्ष के दर्जनों अड़ंगों को सुक्खू सरकार ने अपने बेहतरीन नेतृत्व से दूर किया। अगर आपदा में किसी का घर बर्बाद हो जाता है तो उसे साढ़े सात लाख रुपए की मदद दी जाती है ।
एरियर, डीए की देनदारियां लेकर चल रही है सरकार
शिमला — मुश्किल आर्थिक चुनौती और पिछले वेतन आयोग का एरियर विरासत में मिलने के कारण अभी भी सरकार ये देनदारियां लेकर चल रही हैं। कुल भुगतान करीब 10 हजार करोड़ का हो गया है, लेकिन न तो अदा हो रहा है और न ही इनकार किया जा रहा है। तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने के बाद जब नया साल आएगा तो हिमाचल पर कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। नए वेतन आयोग के एरियर वाली मांग तो कर्मचारी भूल ही गए हैं। पेंशनर्स समय पर पेंशन के लिए कई बार विद्रोही तेवर अपनाते देखे गए हैं। खासकर परिवहन निगम में चालक-परिचालक समय पर अदायगी न होने से नाराज हैं। बिजली बोर्ड में आश्वासन के बावजूद ओपीएस का इंतजार है। कई योजनाएं भी अटक गई हैं।
आपदा ने और बढ़ाई प्रदेश सरकार की वित्तीय चुनौती
शिमला — हिमाचल सरकार के लिए तीसरा साल वित्तीय चुनौती के हिसाब से मुश्किल रहने वाला है। इसका आभास पहले से ही था। राज्य सरकार को भी पता था कि इस वर्ष केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान सबसे कम महज 3257 करोड़ है। यानी जिस प्रदेश में वेतन और पेंशन पर हर महीने 2000 करोड़ चाहिए हों, वहां राजस्व घाटा अनुदान हर महीने सिर्फ 271 करोड़ इस साल मिल रहा है। आगे का सफर अब 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार निकलेगा। हिमाचल को 13वें वित्त आयोग से 2010 से 15 के बीच 7889 करोड रुपए राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर मिले थे। 14वें वित्त आयोग में 2015 से 20 के बीच 40624 करोड़ आरडीजी मिला। 15वें वित्त आयोग में 2021 से 26 के बीच 37199 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान तो मिला, लेकिन इस टेपर कर दिया गया। इस कारण वर्ष 2021-22 में 10249 करोड़, 2022-23 में 9370 करोड़, 2023-24 में 8058 करोड़, 2024-25 में 6258 करोड़ और 2025-26 में 3257 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान दिया गया।
दो साल आपदा ने दिया झटका
हिमाचल में 2023 और 2025 में मानसून में भारी नुकसान
केंद्र से मदद में देरी के बाद भी सरकार ने अपने स्तर पर दी राहत
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
हिमाचल को हर बार की तरह मानसून सीजन में आपदा का सामना करना पड़ा रहा है। राज्य सरकार के पहले तीन साल में से दो साल आपदा से झटका लगा है। वर्ष 2023 की भयावह आपदा का साया इस बार 2025 में भी पड़ा। हिमाचल में सैकड़ों अनमोल जीवन काल का ग्रास बने। हजारों करोड़ रुपए की संपत्ति तबाह हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य के लिए 1500 करोड़ रुपए की सहायता राशि का ऐलान किया। सीएम सुक्खू का कहना है कि जब समय पर आपदा सहायता राशि न मिले तो क्या लाभ? उधर, विपक्ष कहता है कि राज्य को केंद्र सरकार ने विभिन्न मदों में हजारों करोड़ की सहायता दी है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर कई नए कदम उठाए हैं। राजस्व बढ़ाने के उपाय लागू किए हैं। सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन का वादा निभाया है और हिमाचल को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प भी जरूर पूरा करेंगे। हालांकि आपदाओं के कारण राज्य सरकार को अपने संसाधनों का इस्तेमाल बदलना पड़ा है।
हर ओर गारंटियों का शोर
कांग्रेस ने जो दस गारंटियां दी थी, उनमें से ओपीएस वाली गारंटी पूरी हुई है। सरकार अब महिलाओं को 1500 रुपए वाली गारंटी पर काम करने को लेकर अलर्ट दिख रही है। फ्री बिजली और रोजगार पर सबके अपने अपने दावे हैं। दूध खरीद मूल्य भी जो बताया गया था, उतना नहीं दिया है, लेकिन फिर भी रेट में बढ़ोतरी हुई है।
बहुमत में होकर भी सरकार ने राज्यसभा सीट खोई
शिमला — इन तीन वर्षों की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना यदि देखें, तो वह राज्यसभा चुनाव की क्रॉस वोटिंग की थी। फरवरी, 2024 में इस घटना के कारण 25 विधायकों वाला विपक्ष दल भाजपा राज्यसभा की सीट ले गई। बहुमत में होने के बाद कांग्रेस पार्टी राज्यसभा चुनाव हार गई। तीन निर्दलीय विधायकों के साथ ही कांग्रेस के छह विधायकों ने विद्रोही तेवर अपनाए और एक समय तो सरकार गिरने की नौबत आ गई थी। फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन से परास्त हो गए। कांग्रेस की वीरभद्र सिंह सरकार में मंत्री रहे सुधीर शर्मा सहित राजेंद्र राणा, रवि ठाकुर, इंद्र दत्त लखनपाल, चैतन्य शर्मा, आशीष शर्मा, देवेंद्र भुट्टो ने बागी तेवर अपनाते हुए सिंघवी के खिलाफ वोट किया। बाद में विधायकों की सदस्यता खत्म हुई तो नौ सीटों पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में केवल सुधीर शर्मा, आईडी लखनपाल व आशीष शर्मा विजयी हुए। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सभी सीटों पर हार मिली थी।
TRN LIVE: *Him Bus Card : अब एचआरटीसी को नई पॉलिसी बनाने में मदद करेगा हिम बस कार्ड*
Him Bus Card :
प्रदेश भर में 25,237 लोगों के बने कार्ड, आसान होगा सफर
एचआरटीसी बसों में रियायती दरों पर सफर करने वाली 28 श्रेणियों के लिए बनाए जा रहे हिम बस कार्ड अब निगम को नई पॉलिसी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। अब तक प्रदेश भर में 25237 यात्रियों ने हिम बस कार्ड बना लिए हैं। इसमें तीन हजार दिव्यांग भी शामिल हैं। इसे हिम परिवार ऐप से जोड़ा गया है, ताकि किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो सके। रियायती दरों पर सफर करने वाली सभी श्रेणियों के लिए हिम एक्सेस पोर्टल पर यह कार्ड बनाए जा रहे हैं। कार्ड धारक सभी श्रेणियों को हिम बस कार्ड के माध्यम से न केवल सफर करने में आसानी होगी बल्कि उन्हें भविष्य में इस कार्ड को बनाने के लिए लाइन में लगने की भी जरूरत नहीं है। ऑनलाइन और ऑफलाइन इन दोनों माध्यमों से यह कार्ड बनाए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने इन सभी श्रेणियों को यह सुविधा ना केवल उन्हें आरामदायक सफर सुविधा देने के लिए प्रदान की है, बल्कि इस कार्ड के माध्यम से निगम की बसों में कौन कितना सफर कर रहा है इसकी जानकारी भी प्राप्त हो रही है। नि:शुल्क और रियायती यात्रा करने वालों के लिए भी यह कार्ड बनवाना अब अनिवार्य किया गया है, जिसका कारण यह है कि इससे पास के नाम फ्रॉड भी नहीं हो सकेगा और केवल जिस स्टेशन तक का पास बनाया गया है रियायती दरों पर यात्री उतना ही सफर कर सकेंगे।
कार्ड को बनाने के लिए लगेगा चार्ज
हिम बस कार्ड बनाने के लिए पहले वर्ष 200 रुपए चुकाने होंगे। जीएसटी के साथ 236 रुपए चुकाने होंगे इससे पहले यह व्यवस्था नहीं थी। इसकी वैधता एक वर्ष की होगी। दूसरे वर्ष फिर 150 रुपए में रिन्यू होगा। यदि कोई इसकी होम डिलीवरी चाहता है, तो डाक के जरिए घर तक भी कार्ड पहुंच जाएगा। इसके 42 रुपए अतिरिक्त देने होंगे।
क्यूआर कोड से होगा एक्टिवेट
हिम बस कार्ड क्यूआर कोड से एक्टिवेट होगा, जिसे स्कैन करने के बाद एक्टिवेट किया जाएगा। कार्ड निगम कार्यालय, बस अड्डा सहित ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकेगा। यूनिफाइड डिजिटल कार्ड जिसे मशीन में टैप करने के बाद व्यक्ति की पहचान सामने आ रही है और इससे एचआरटीसी को साल में करीब 12 करोड़ रुपए की बचत होगी।
28 श्रेणियों को मिलती है सुविधा
एचआरटीसी 28 श्रेणियों के यात्रियों को रियायती सफर की सुविधा देता है। इनमें से 17 श्रेणियों को नि:शुल्क यात्रा सुविधा है। इन सभी श्रेणियों को यह कार्ड बनाना अनिवार्य है, इसमें पुलिस, प्रेस, दिव्यांग व कैंसर मरीज सहित अन्य श्रेणियां शामिल हैं। उनका पूरा रिकॉर्ड इस कार्ड के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है कि किस यात्री ने एक वर्ष में निगम की बसों में कितना सफर किया है।
हिम बस कार्ड के लाभ
इस कार्ड के कई लाभ हैं। यह डिजिटल कार्ड है जो एटीएम की तरह बसों में यात्रा के दौरान पेमेंट के लिए चल रहा है। किराया देने के लिए इस कार्ड का इस्तेमाल करने पर पांच प्रतिशत की छूट मिल रही है चाहे किसी यात्री के पास ग्रीन, स्मार्ट व सम्मान कार्ड भी न हो। दूसरा कैशबैक भी इसमें मिलेगा। दस हजार रुपए का सफर जब हो जाएगा तो दो हजार तक का कैशबैक मिलेगा।
TRN LIVE: *हिमाचल के राशन डिपुओं में मिलेगा जौ का आटा, पहली बार सप्लाई भेजेगा विभाग, प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद*
हिमाचल में पहली बार सप्लाई भेजेगा विभाग, प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद
हिमाचल में अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाखों उपभोक्ताओं को पहली बार राशन डिपो में प्राकृतिक खेती से तैयार जौ का आटा उपलब्ध होगा। इस उत्पाद की गुणों की बात की जाए तो यह ना केवल रसायन मुक्त उत्पादन होगा बल्कि उच्च फाइबर और पारंपरिक कृषि के असली स्वाद का अनोखा मेल होगा। इसको लेकर गत मंगलवार को कृषि विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्राकृतिक खेती की तकनीक से खरीदे गए जौ की पिसाई कर डिपुओं और कृषि विभाग के आउटलेट के माध्यम से आटा उपलब्ध करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश भर में 20 दिसंबर
के बाद डिपो इन स्थानीय प्राकृतिक उत्पादों से भरने शुरू हो जाएंगे।
120 रुपए किलो दाम
कृषि विभाग ने पहली बार पांगी में प्राकृतिक खेती की तकनीक से खरीदे गए जौ की पिसाई का निर्णय लिया है, जिसके बाद उपभोक्ताओं को ये जौ का आटा 120 रुपए किलो की दर से उपलब्ध करवाया जाएगा।
विभाग के आउटलेट और डिपो में होगा उपलब्ध
कृषि विभाग के सचिव सी पालरासू का कहना है कि उपभोक्ताओं को विभाग के आउटलेट और डिपुओं में प्राकृतिक खेती से तैयार जौ का आटा उपलब्ध कराया जाएगा। जौ के आटे की कीमत 120 रुपए किलो तय की गई है।
55 रुपए किलो बिक रहा मक्की का आटा
सरकार ने प्राकृतिक खेती की विधि से तैयार मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी 30 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए किलो कर दिया है। ऐसे में कृषि विभाग ने प्रदेश भर में 40 रुपए किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्की की खरीद की है। अब मक्की का आटा तैयार कर डिपुओं के माध्यम से 55 रुपए किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। पिछली बार डिपुओं में मक्की के आटे का दाम 50 रुपए प्रति किलो था।
TRN LIVE: *शादी का झांसा देकर युवती से बलात्कार, हरियाणा के फर्जी एक्साइज इंस्पेक्टर ने बनाया हवस का शिकार*
हरियाणा के फर्जी एक्साइज इंस्पेक्टर ने बनाया हवस का शिकार सवा लाख कैश की लगाई चपत
हरियाणा के शादीशुदा व्यक्ति ने खुद को एक्साइज इंस्पेक्टर बताकर धर्मशाला में जिला कांगड़ा की एक युवती से दुष्कर्म किया है। आरोपी की पहचान सचिन कुमार निवासी चमौरी यमुनानगर के रूप में हुई है। पुलिस थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करने के बाद बीएनएस 69 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। युवती ने बताया है कि व्यक्ति ने एक लाख के करीब कैश व गिफ्ट भी उससे प्राप्त किए थे, जिसमें 86 हजार कैश व 25 हजार के अक्तूबर में गिफ्ट भी प्रदान करने की बात सामने आ रही है।
आरोपर पहले से ही शादीशुदा है और उसका बच्चा भी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने फरवरी में इंस्टाग्राम पर उससे संपर्क किया और खुद को एक्साइज इंस्पेक्टर बताया। उसने उससे शादी करने का वादा किया और धर्मशाला में शादी के झूठे वादे कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायतकर्ता ने अपने एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया खातों से आरोपी को पेमेंट करने की पुष्टि की है। पुलिस विभाग कांगड़ा के एएसपी बीर बहादुर सिंह ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
: *हिमाचल में राजस्व विभाग को 5.37 करोड़ का नुकसान, कैग की रिपोर्ट में संपत्ति मूल्यांकन में चूक का खुलासा*
कैग की रिपोर्ट में संपत्ति मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर चूक का खुलासा
हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग के उप-पंजीयक कार्यालयों में संपत्ति के मूल्यांकन में बड़ी चूक के कारण राज्य के खजाने को 5.37 करोड़ का राजस्व घाटा हुआ है। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट, जो मार्च 2022 को समाप्त अवधि से संबंधित है उसमें इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा किया है। भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 (2013 में संशोधित) के अनुच्छेद 23 के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में स्टांप शुल्क संपत्ति के बाजार मूल्य या विचार राशि, जो भी अधिक हो, पर पुरुषों के लिए छह फीसदी और महिलाओं के लिए चार फीसदी की दर से लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग की 2012 की अधिसूचना इसी आधार पर दो फीसदी पंजीकरण शुल्क अनिवार्य करती है। जनवरी 2016 में जारी एक अन्य अधिसूचना में भूमि को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में, सडक़ों से उनकी दूरी के आधार पर, पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इस वर्गीकरण के लिए खरीददारों से हलफनामा मांगा जाता है, और झूठे हलफनामे प्रस्तुत करने पर लागू एसडी/आरएफ का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है।
कैग ऑडिट में दो प्रमुख मामले सामने आए। पहले मामले में, 27 उप-पंजीयक कार्यालयों के 2017-2021 के रिकॉर्ड की जांच की गई, जहां 151 विक्रय विलेख 38.60 करोड़ पर पंजीकृत हुए। ऑडिट में पाया गया कि अधिकारियों ने स्व-हलफनामों और जमाबंदियों को अनदेखा किया, जिसके कारण गलत सर्किल दरें लागू हुई। पटवारियों के साथ क्रॉस-वेरिफिकेशन से पता चला कि सही दरों के उपयोग पर मूल्यांकन 55.84 करोड़ होना चाहिए था, जिससे 3.92 करोड़ का शुल्क वसूल किया जाता। इस चूक के कारण 1.47 करोड़ (एसडी में 1.06 करोड़ और आरएफ में 0.41 करोड़) का कम शुल्क लिया गया।
सरकार से नहीं मिला कोई जवाब
उप-पंजीयकों ने ऑडिट टीम को बताया कि संदेहास्पद हलफनामों की जांच राजस्व अधिकारियों द्वारा की जाएगी, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई दर्ज नहीं की गई। इन ऑडिट टिप्पणियों को मार्च 2023 में सरकार को भेजा गया था, लेकिन इस वर्ष जनवरी तक भी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
वर्ष 2017 से 2020 के बीच पंजीकृत 470 विलेखों की जांच
दूसरे मामले में, 32 उप-पंजीयक कार्यालयों के 2017 से 2020 के बीच पंजीकृत 470 विलेखों की जांच की गई, जो पूरी तरह से भूमि की दूरी के संबंध में स्व-घोषित हलफनामों पर निर्भर थे। इन विलेखों का मूल्य 83.23 करोड़ था, जिस पर 4.94 करोड़ का शुल्क वसूल किया गया। हालांकि, लेखा परीक्षकों ने आधिकारिक नक्शों (लठ्ठा) के साथ हलफनामों की क्रॉस-जांच की और पाया कि सही मूल्यांकन 123.10 करोड़ होना चाहिए था, जिसके परिणाम स्वरूप 8.84 करोड़ का शुल्क लिया जाना चाहिए था। इस विसंगति के कारण 3.90 करोड़ (एसडी में 2.83 करोड़ और आरएफ में 1.07 करोड़) का घाटा हुआ, जिससे कुल राजस्व हानि 5.37 करोड़ हो गई।
TRN LIVE: *Indigo Crisis : इंडिगो संकट पर दिल्ली हाई कोर्ट नाराज, केंद्र सरकार से पूछा, कहां थे आप*
लगाई फटकार, चार हजार का टिकट 30 हजार तक पहुंचने के लिए कौन जिम्मेदार
अन्य एयरलाइंस कैसे उठाती रही फायदा, आपने ही ऐसे हालात बनने दिए
देशभर में पिछले कुछ दिनों में इंडिगो एयरलाइंस की हजारों उड़ानें रद्द होने के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कई सवाल पूछे हैं। अदालत ने पूछा कि जब एयरलाइन फेल हो गई थी, तब सरकार ने क्या किया। कैसे फ्लाइट्स की टिकट की कीमतें चार-पांच हजार रुपए से बढक़र 30,000 रुपए तक पहुंच गईं। अन्य एयरलाइंस ने इसका फायदा कैसे उठाया। आपने क्या कार्रवाई की? आपने ही स्थिति को इस हाल तक पहुंचने दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की डिविजन बैंच जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी। इसमें मांग की गई थी कि इंडिगो संकट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की जाए और जिन लोगों की फ्लाइट रद्द हुई या जो एयरपोर्ट पर फंसे रहे, उन्हें मुआवजा दिया जाए। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत यात्रियों का मामला नहीं है, बल्कि इससे आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न पैदा हो। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि विधिक प्रावधान पूरी तरह लागू हैं और इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। यह भी कहा गया कि विमानन कंपनी ने काफी क्षमायाचना की है। सरकार के वकील ने यह भी कहा कि संकट विभिन्न नियम उल्लंघनों की वजह से पैदा हुआ है, जिनमें समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन न करना शामिल है। खासकर क्रू सदस्यों के फ्लाइट ड्यूटी घंटों से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया।
डीजीसीए सख्त, इंडिगो के सीईओ को भेजा सम्मन
हवाई अड्डों पर स्थिति की निगरानी करेगा एएआई का विशेष समूह
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को गुरुवार, 11 दिसंबर की दोपहर को नियामक के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि डीजीसीए ने एल्बर्स को एयरलाइन की हालिया परिचालन संबंधी बाधाओं के बारे में विस्तृत डाटा और अपडेट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। डीजीसीए के निर्देश के अनुसार, सीईओ को सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित होने और प्रमुख परिचालन क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
उधर, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इंडिगो संकट के बीच हवाई अड्डों पर निगरानी के लिए एक संकट प्रबंधन समूह का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। यह समूह रोजाना स्थिति रिपोर्ट तैयार कर नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंपेगा और जहां यात्रियों की परेशानी दूर करने में एयरलाइंस की कोताही सामने आएगी, उन मामलों में कार्रवाई भी की जाएगी। इस बीच बुधवार को भी इंडिगो की करीब 240 उड़ानें रद्द रहीं। अकेले दिल्ली हवाई अड्डे पर ही कुल 137 उड़ानें रद्द रहीं। एयरलाइंस ने बताया कि बुधवार को उसने 1,900 उड़ानों का परिचालन किया है।
TRN LIVE: *राहुल के जर्मनी दौरे को लेकर सियासी घमासान, भाजपा बोली, उनके लिए एलओपी मतलब लीडर ऑफ पर्यटन*
प्रियंका गांधी का जवाब प्रधानमंत्री भी आधे समय विदेश में रहते हैं
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की 15 से 20 दिसंबर तक प्रस्तावित जर्मनी यात्रा को लेकर सियासत गरमा गई है। संसद का शीतकालीन सत्र जारी होने के बीच उनकी विदेश यात्रा पर भाजपा ने कड़ा हमला बोला है, जबकि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों का हवाला देते हुए पलटवार किया है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एलओपी का मतलब लीडर ऑफ पर्यटन होता है। वह लीडर ऑफ पार्टींइंग (पार्टी करने वाले नेता हैं)। संसद सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, फिर भी राहुल 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार में चुनाव चल रहे थे और वह कहीं घूम रहे थे। अब भी वह यूरोप जा रहे हैं।
कांग्रेस में अब कुछ बचा ही नहीं है। कांग्रेस विलुप्ति के दौर में है, तो फिर वे अपनी विदेश यात्राओं का आनंद क्यों छोड़ेंगे। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने काम का आधा समय विदेश में बिताते हैं। फिर भाजपा की ओर से विपक्ष के नेता की विदेश यात्रा पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक दुर्भावना के चलते इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। बता दें कि राहुल गांधी 17 दिसंबर को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में होने वाले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। जहां वह यूरोप के विभिन्न देशों से आए आईओसी के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
TRN LIVE: *गोवा नाइट क्लब का एक मालिक धरा, थाइलैंड भागे लूथरा ब्रदर्स को नहीं मिली जमानत*
गोवा के बिर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में छह दिसंबर को आग लगने से 25 लोगों की मौत मामले में क्लब के चार मालिकों में से एक को हिरासत में लिया गया है। आरोपी का नाम अजय गुप्ता है। वह दिल्ली का रहने वाला है। गोवा पुलिस ने बुधवार को उसे दिल्ली से ही हिरासत में लिया। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने आरोपी को गोवा पुलिस की 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपा है। इस दौरान उसे दवाएं लेने की अनुमति दी गई है। आरोपी अजय ने मीडिया के सवालों पर कहा कि मैं सिर्फ एक बिजनेस पार्टनर हूं। मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं पता।
इधर, क्लब के दो अन्य मालिक और सगे भाई सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा ने दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट ने जमानत नहीं दी और पुलिस से जमानत पर जवाब मांगा है। मामले पर गुरुवार को फिर सुनवाई होगी। दोनों भाई आग लगने के कुछ ही घंटों बाद, सात दिसंबर को दिल्ली से थाईलैंड भाग गए थे। इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन ने दोनों भाइयों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। नाइट क्लब के एक अन्य मालिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।
TRN LIVE: *IPL 2026 ऑक्शन की फाइनल लिस्ट में बदलाव*
आईपीएल 2026 ऑक्शन से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से एक बड़ी गलती हो गई थी। ऑक्शन में शामिल कुछ खिलाडिय़ों को अनजाने में फाइनल लिस्ट से बीसीसीआई ने बाहर कर दिया था। हालांकि, कुछ ही घंटे बाद बीसीसीआई ने अपनी गलती में सुधार किया और नौ नए खिलाडिय़ों को फाइनल लिस्ट में जगह दे दी। 350 खिलाडिय़ों को ऑक्शन के लिए बीसीसीआई ने फाइनल किया था, जिसमें नौ नए नाम जुडऩे के बाद लिस्ट 359 खिलाडिय़ों की हो गई है। आबू धाबी में 16 दिसंबर होने वाले मिनी ऑक्शन के लिए 1300 से ज्यादा खिलाडिय़ों ने रजिस्ट्रेशन किया था, जिसमें से 1000 के करीब खिलाड़ी बाहर कर दिए गए हैं।
: *अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि में इजाफा, इंटरकास्ट मैरिज पर अब मिलेंगे इतने लाख*
अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि में इजाफा, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन
राज्य सरकार ने अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना में आवश्यक संशोधन करते हुए आर्थिक सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इस संदर्भ में नोटिफिकेशन भी कर दी गई है। पात्रों को एज प्रूफ के रूप में पंचायत से जारी प्रमाणपत्र या फिर मैट्रिक का सर्टिफिकेट आवेदन के साथ संलग्र करना अनिवार्य है। राज्य सरकार ने छुआछूत की प्रथा को दूर करने के उद्देश्य से अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र दंपति को विवाह उपरांत 50 हजार दिए जाने का प्रावधान किया गया था। राज्य की सुक्खू सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इसमें सामान्य जाति के युवक-युवतियां, अनुसूचित जाति के युवक व युवतियों से कानूनी तौर पर विवाह करने के बाद पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। निर्धारित मापदंडों के अनुरूप दंपत्ति का हिमाचल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
आवेदन सामान्य वर्ग के युवक या युवती को करना होगा। पात्र दंपत्ति को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करने के साथ आयु, जाति, हिमाचली प्रमाणपत्र व विवाह पंजीकरण अधिकारी से विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र, आधारकार्ड, राशनकार्ड की छाया प्रति और संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा जारी मधुर संबंध रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। पात्रता के लिए युवक की आयु 21 वर्ष और युवती की आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। पात्र निर्धारित प्रपत्र पर भरकर अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत मिलने वाली राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। रमेश बंसल, जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर ने बताया कि राज्य सरकार ने अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि को 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। नोटिफिकेशन जारी हो चुकी है। तय मापदंड पूरा करने पर पात्र दंपति को विभाग की तरफ से सहायता राशि जारी की जाएगी।
पहले पुरस्कार नहीं लिया, देना होगा शपथपत्र
पात्र दंपति को आवेदन पत्र के साथ राजस्व अधिकारी (जो नायब तहसीलदार के पद से कम न हो) से जारी हिमाचली प्रमाणपत्र संलग्र करना होगा। इसके साथ राजस्व अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र, आयु का प्रमाणपत्र , विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र, दंपति का फोटोग्राफ संलग्र करना होगा। इसके अलावा प्रार्थी को एक शपथ पत्र भी देना होगा कि उसने पहले यह पुरस्कार प्राप्त नहीं किया है। संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। इस रिपोर्ट के बाद ही प्रार्थी को अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत सहायता राशि स्वीकृत करने की सिफारिश की जाएगी।
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: *बल्क ड्रग पार्क को बिछी एचटी लाइन, हरोली में युद्ध स्तर पर चला काम, 13 किलोमीटर लंबी लाइन, लगेंगे 400 पोल्स*
हिमाचल प्रदेश की विधानसभा हरोली के गांव पोलियां बीत में 1923 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले बल्क ड्रग पार्क को विद्युत्त आपूर्ति सुनिश्चित करवाने के लिए विद्युत डिवीजन हरोली जोर-शोर से फील्ड में डट गया है। फेज-वन के लिए विद्युत विभाग को 13.89 करोड़ की पहली किस्त जारी हो चुकी है और विभाग ने बल्क ड्रग पार्क के लिए एचटी लाइन बिछाने का कार्य भी युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। विद्युत विभाग से मिली जानकारी अनुसार गोंदपुर जयचंद से पोलियां बल्क ड्रग पार्क स्थल तक लगभग 13 किलोमीटर लंबी एचटी लाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 400 के लगभग पोल्स लगने का अनुमान है। इस पहले फेज में इस परियोजना के लिए फिलहाल 10 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लोड तैयार किया जाएगा, ताकि दवा उद्योग से जुड़ी इकाइयों को बिना रुकावट उच्च गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध करवाई जा सके।
ज्यादा बिजली खपत को देखते हुए गोंदपुर जयचंद के विद्युत्त उपकेंद्र की क्षमता को भी बढ़ाया गया है। पहले इस उपकेंद्र की क्षमता 12.6 केवीए थी, जिसे अब बढ़ाकर 20 एमवीए कर दिया गया है। वहीं टाहलीवाल में 25/31.5 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिया गया है, ताकि बड़े उद्योगों को स्थिर और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति मिल सके। बल्क ड्रग पार्क की भारी बिजली जरूरतों को देखते हुए पोलियांबीत के बल्क ड्रग पार्क क्षेत्र में कुल छह नए सब-स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 120 एमवीए होगी। जल शक्ति विभाग की 15 रिग्स को विद्युत कनेक्शन करके सुचारू कर दिया गया है, ताकि पानी भी समय पर पार्क क्षेत्र में पहुंच सके। वहीं राहुल पुरी, एक्सईएन, विद्युत्त विभाग हरोली ने बताया कि बल्क ड्रग पार्क को उच्च गुणवत्ता पूर्ण बिजली उपलब्ध हो इसके लिए बिजली विभाग हरोली पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
रेजिडेंशियल कालोनी का सर्वे
परियोजना से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए गांव पंजुआणा में आवासीय कालोनी विकसित की जाएगी। इसके लिए बिजली की आपूर्ति का अनुमान और सर्वे का कार्य जारी है। इस पूरी योजना से न सिर्फ बल्क ड्रग पार्क को गति मिलेगी, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
: *234 पंचायतों से दूर करेंगे चिट्टा, हिमाचल प्रदेश में संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विशेष तैनाती*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने जानलेवा मादक पदार्थ चिट्टा के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक बड़ा और केंद्रित महाअभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, राज्य की 234 अत्याधिक संवेदनशील पंचायतों की पहचान की गई है, जहां चिट्टे के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, इन चिन्हित पंचायतों में खुफिया एजेंसियों और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। इस पहल को सफल बनाने के लिए, प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित उपायुक्तों को तत्काल इन पंचायतों में नशा निवारण समितियां (ड्रग डी-एडिक्शन कमेटियां) गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान केवल पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बहु-आयामी रणनीति पर आधारित होगा। विशेष पुलिस और सीआईडी टीमें गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए नेटवर्क के सरगनाओं पर शिकंजा कसेंगी।
नशा निवारण समितियों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन समितियों का मुख्य कार्य समुदायों के बीच जागरूकता फैलाना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और नशे के शिकार युवाओं की पहचान कर उन्हें पुनर्वास के लिए प्रेरित करना होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चिट्टा माफिया को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। इन 234 पंचायतों की पहचान गहन सर्वेक्षण के आधार पर की गई है जहां नशे का कारोबार और उपभोग अधिक है।
112 नंबर पर दें सूचना
लोग 112 नंबर पर कॉल करके या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे सकते हैं। प्रदेश सरकार ने एंटी-चिट्टा अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रदेश में ‘चिट्टा सूचना इनाम योजना’ आरंभ की है। चिट्टा की सूचना देने वाले व्यक्ति को दस हजार से लेकर दस लाख तक का इनाम भी दिया जाएगा। इनाम 30 दिन के भीतर दे दिया जाएगा।
TRN LIVE: *मंडी रैली को जाएंगी 1070 बसें*
हिमाचल की कांग्रेस सरकार गुरुवार को 11 दिसंबर को अपने तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। सुक्खू सरकार द्वारा मंडी के पड्डल मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसके चलते प्रदेशभर से लोगों को लाने और वापस ले जाने के लिए एचआरटसी की बसें रैली के लिए रवाना हो चुकी हैं। प्रदेश भर से निगम की 1070 से अधिक बसें रैली के लिए बुक की गई हैं। देर शाम तक निगम मुख्यालय में बसों की मांग जारी रही। रैली को लेकर सबसे ज्यादा बसें प्रदेश के मंडी, सुंदरनगर, कुल्लू, बिलासपुर जिलों से लगाई गई है।
वहीं, शिमला डिवीजन से करीब 50 बसें मंडी के लिए रवाना हुईं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी डिपो से बसें बुक हुई हैं, लेकिन मंडी के साथ लगते क्षेत्रों व सबसे ज्यादा लोग रैली के लिए जाएंगे। सरकार ने निगम प्रबंधन को एचआरटीसी को बसों का इंतजाम करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। निगम प्रबंधन ने नियम बनाया है कि पहले बुकिंग की कुल राशि का 50 फीसदी जमा करने के बाद ही बसों को जारी किया जाएगा। सरकार ने मंगलवार को ही एचआरटीसी को 60 करोड़ की ग्रांट जारी की थी। सभी डिपो से बसों को बुक किया जा रहा है। इनका भुगतान भी डिपो को ही किया जाएगा।
लोकल रूटों पर कमी
शिमला सहित प्रदेश के लोकल रूटों पर लोगों को रैली के चलते बसों की कमी खल सकती है। मंडी के लिए बसें भेजने से शिमला सहित प्रदेश भर के लोकल रूटों पर गुरुवार को बसों की कमी खल सकती है। निगम प्रबंधन का कहना है निगम के पास बसों की कमी नहीं है। कुछ रूटों पर परेशानी हो सकती है। ऐसे में कई रूटों पर क्लब कर बसें चलाई जाएगी।
TRN LIVE: *चंबा में चिट्टा तस्करी के दोषी को 2 वर्ष का कठोर कारावास*
*स्पैशल जज चम्बा प्रीति ठाकुर की अदालत ने विनय राणा पुत्र सुभाष राणा निवासी हाऊस नंबर 1559 चमन कालोनी पंजाब धनास कालोनी चंडीगढ़ को चिट्टा तस्करी के मामले में मादक द्रव्य अधिनियम की धारा-21 के तहत दोषी करार देते हुए 2 वर्ष के कठोर कारवास की सजा सुनाई है।*
चम्बा: स्पैशल जज चम्बा प्रीति ठाकुर की अदालत ने विनय राणा पुत्र सुभाष राणा निवासी हाऊस नंबर 1559 चमन कालोनी पंजाब धनास कालोनी चंडीगढ़ को चिट्टा तस्करी के मामले में मादक द्रव्य अधिनियम की धारा-21 के तहत दोषी करार देते हुए 2 वर्ष के कठोर कारवास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50,000 रुपए जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा। *यह जानकारी जिला न्यायवादी चम्बा दिग्विजय सिंह राणा ने दी है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 25 अक्तूबर 2021 को पुलिस की एसएनसीसी.यूनिट कांगड़ा की टीम को सूचना मिली कि नए बालू पुल के पास विनय राणा संदिग्ध अवस्था में अवैध सामान को बेचने के इरादे से खड़ा है*। इस पर पुलिस टीम ने हरकत में आते हुए मौके पर दबिश देकर विनय राणा को दबोच लिया। विनय राणा की संदेह के आधार पर तलाशी ली गई।
तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 13.93 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इस पर पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम की धारा-21 के तहत मामला दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया। पुलिस ने मामले की कागजी औपचारिकताएं निपटाने के बाद चालान आगामी कार्रवाई के लिए अदालत में दायर कर दिया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी अनिल शर्मा ने 15 गवाह पेश कर विनय राणा पर लगे चिट्टा तस्करी के आरोप को साबित किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विनय राणा को 2 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
TRN LIVE: *हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार को वन अतिक्रमण संबंधित विशिष्ट मामलों की पहचान करने के दिए निर्देश*
*प्रदेश हाईकोर्ट ने वन अतिक्रमण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।*
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वन अतिक्रमण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। *न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य को निर्देश दिया है कि वह कोर्ट में विचाराधीन सभी याचिकाओं में से उन विशिष्ट मामलों की पहचान करे जो वन भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित हैं*। कोर्ट ने राज्य से कहा है कि वह ऐसे सभी चिह्नित मामलों की सूची अगली सुनवाई की तारीख से पहले अदालत में प्रस्तुत करे। अदालत ने कहा है कि कौन से मामले वन भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित है और कौन से मामले राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े है, इसकी एक सारिणी बनाई जाए। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। इस निर्देश का उद्देश्य वन अतिक्रमण से संबंधित गंभीर मामलों को छांटकर उनकी सुनवाई को प्राथमिकता देना है।
पंचायत सचिव को मिलेगा पिछली सेवा का लाभ, हाईकोर्ट ने दिए आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता की पंचायत समिति में पंचायत सचिव के रूप में दी गई कुल सेवा को सेवानिवृत्ति लाभों की गणना के लिए गिनने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को देय तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 5 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी मिलेगा। यदि भुगतान छह महीने के भीतर नहीं किया जाता है, तो ब्याज दर 7 फीसदी प्रति वर्ष हो जाएगी। इसके साथ ही प्रतिवादी याचिकाकर्ता को मुकदमे की लागत के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान भी करेंगे। याचिकाकर्ता की सेवाओं को राज्य सरकार ने पंचायती राज विभाग या ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज करने के बाद पिछली सेवाओं का लाभ देने से इन्कार कर दिया था।
न्यायालय ने आदेश दिया है कि ऐसे कर्मचारियों को उनकी पिछली पंचायत समिति में पंचायत सचिव के रूप में दी गई सेवा के आधार पर सेवानिवृत्ति लाभ (पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण) प्रदान किए जाए। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते प्रतिवादी राज्य का यह पहला कर्तव्य था कि वह स्वयं ही याचिकाकर्ता को पूर्व के न्यायिक फैसलों का लाभ प्रदान करे। न्यायालय ने प्रतिवादियों के आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि वे लागू किए जा चुके न्यायिक फैसलों को फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं। अदालत ने रामेश्वर सिंह (मृतक) बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले में यह फैसला सुनाया। रामेश्वर सिंह 23 अगस्त 1979 को पंचायत समिति रैत में पंचायत सचिव के रूप में नियुक्त हुए थे और 31 जनवरी 2011 को सेवानिवृत्त हो गए। 31 वर्ष 7 माह और 8 दिन की सेवा के बावजूद प्रतिवादियों ने केवल 27 वर्ष की सेवा के लिए सेवानिवृत्ति लाभ दिए गए थे।
न्यायालय ने प्रतिवादियों के इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज दो अलग-अलग विभाग हैं और पिछली सेवा का लाभ केवल कुछ मामलों में दिया गया था। न्यायालय ने बशेशर लाल और पूरन चंद के पूर्व फैसलों का जिक्र किया। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि पंचायत सचिवों द्वारा पंचायत समितियों में दी गई सेवा को बिना किसी भेदभाव के गिना जाना चाहिए, भले ही उन्हें ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में समाहित किया गया हो। अदालत ने कहा कि ये फैसले सभी समान रूप से स्थित कर्मचारियों पर लागू होते हैं न कि केवल याचिकाकर्ताओं पर। यह फैसला उन सभी पंचायत सचिवों के लिए एक बड़ी राहत है, जो विभागों के विलय के कारण अपनी पिछली सेवा के लाभ से वंचित थे।
TRN LIVE: *धर्मशाला स्टेडियम में पानी की बोतल भी नहीं ले जा सकेंगे दर्शक, 30 से अधिक वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध*
*दर्शकों को स्टेडियम के अंदर प्रवेश करते समय कई बातों का ध्यान रखना होगा। कई चीजें अंदर ले जाने के लिए प्रतिबंधित की गई हैं।*
विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 14 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले टी-20 दौरान कड़ी सुरक्षा रहेगी। दर्शकों को स्टेडियम के अंदर प्रवेश करते समय कई बातों का ध्यान रखना होगा। कई चीजें अंदर ले जाने के लिए प्रतिबंधित की गई हैं। पेन-पेंसिल, सीटी, हेलमेट, सिक्के से लेकर पानी की बोतल तक अंदर नहीं ले जा सकेंगे। दर्शकों को खाने-पीने की चीजें स्टेडियम में मिल जाएंगी। यह सारी जानकारी दर्शकों को टिकट पर अंकित है।
टिकटों में बताया है कि मैच के दौरान स्टेडियम में किन चीजों को प्रतिबंधित किया गया है। इन मैचों में खाने-पीने की वस्तुओं के अलावा बोतल, कैनस, कैमरा, सेल्फी स्टिक सहित 30 से अधिक वस्तुओं को प्रतिबंधित किया है। दर्शक स्टेडियम के अंदर ड्रोन कैमरा भी नहीं ले जा सकता है। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का कोई बैनर या कपड़े नहीं ले जा सकेगा। जो किसी धर्म, राजनीति आदि को प्रभावित कर सके। स्टेडियम में धूम्रपान पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। पहले कई मैचों में देखा गया है कि दर्शक हाथों में चांदी या लोहे के कड़े पहनकर के आते थे। पुलिस की ओर से चैकिंग के दौरान उन्हें निकाल लिया जाता है। ऐसे में कई दर्शकों के चांदी के महंगे कड़े खो जाते हैं।
*इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध*
अल्कोहल, ऑडियो रिकाॅर्डर, बैग, बैकपैक, बोतल, कैनस, कैमरा, सिक्के, झंडा, ज्वलनशील सामान, लैपटॉप, लाइटर, माचिस, संगीत यंत्र, पोस्टर, बैनर, पावर बैंक, स्प्रे, ब्लून, ब्लॉक, तंबाकू, गुटखा, हेलमेट, लकड़ी की छड़ी, पेन-पेंसिल, रेडियो, सेल्फी स्टिक, स्पोर्टिंग बाल आदि शामिल हैं।
आईपीएल मैचों के दौरान बीसीसीआई की ओर से स्टेडियम के अंदर कुछ चीजें ले जाने पर प्रतिबंधित लगाया है। इन प्रतिबंधित वस्तुओं के बारे में टिकट बुकिंग करते समय बताया गया है। प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ दर्शक स्टेडियम में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।- *अवनीश परमार, सचिव, एचपीसीए*
TRN LIVE: *🚩श्री गणेशाय नम:🚩*
*📜 दैनिक पंचांग 📜*
*नमस्कार दिनभर की*
*ताजा खबरों के साथ*
*आपका स्वागत है*🙏
*🪴11 - Dec - 2025🪴*
☀ पंचांग
🔅 तिथि सप्तमी 01:59 PM
🔅 नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी +03:56 AM
🔅 करण :
बव 01:59 PM
बालव 01:59 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग विश्कुम्भ 11:39 AM
🔅 वार गुरूवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 07:03 AM
🔅 चन्द्रोदय +00:07 AM
🔅 चन्द्र राशि सिंह
🔅 सूर्यास्त 05:24 PM
🔅 चन्द्रास्त 12:11 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 कलि सम्वत 5127
🔅 दिन काल 10:21 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत मार्गशीर्ष
🔅 मास पूर्णिमांत पौष
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:53:22 - 12:34:49
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 10:30 AM - 11:11 AM
🔅 कंटक 02:39 PM - 03:20 PM
🔅 यमघण्ट 07:44 AM - 08:26 AM
🔅 राहु काल 01:31 PM - 02:49 PM
🔅 कुलिक 10:30 AM - 11:11 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 04:02 PM - 04:43 PM
🔅 यमगण्ड 07:03 AM - 08:20 AM
🔅 गुलिक काल 09:38 AM - 10:56 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल दक्षिण
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
: *⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 11 दिसम्बर 2025*
🐐🐂💏💮🐅👩
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन प्रातः काल से ही किसी विशेष कार्य को लेकर दौड़-धूप करनी पड़ेगी लेकिन आज की गई मेहनत व्यर्थ नही जाएगी देर अबेर ही सही परिणाम लाभदायक रहेंगे। सरकारी क्षेत्र से आश्चर्यजनक परिणाम मिलने से उत्साह बढेगा लेकिन अधिकारी वर्ग से बना कर रहें अन्यथा परिणाम उल्टे हो सकते है। कार्य क्षेत्र पर आज स्थिति आपकी पकड़ में रहेगी मनचाहा लाभ मिलने से उत्साह वृद्धि होगी। परोपकार की भावना भी बनी रहेगी मांगने वालों को मना नही कर सकेंगे इससे आपको आर्थिक परेशानी भी हो सकती है परन्तु कुछ समय के लिए ही। पारिवारिक जीवन उत्तम रहेगा लेकिन किसी सदस्य की मांग समय पर पूरी ना करने से नारजगी का सामना करना पड़ेगा। सेहत सामान्य रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन भाग्य का साथ कम ही मिलेगा। जो योजना बनाएंगे उसमे कुछ ना कुछ कमी रहेगी कारण कोई अन्य व्यक्ति ही रहेगा। बौद्धिक एवं तार्किक क्षमता आज बढ़ी रहेगी लेकिन अन्य लोगो की बात ना मानने का पश्चाताप बाद में होगा। दिन के पूर्वार्ध में घर एवं कार्य क्षेत्र में तालमेल बैठाने में परेशानी होगी नौकरी वाले लोग अधिकांश कार्य बाद के लिए टालेंगे इससे प्रतिष्ठा में कमी आएगी। आर्थिक मामलों को मध्यान पूर्व ही निपटाने के प्रयास करें इसके बाद कार्य तो चलते रहेंगे लेकिन संतोष कम ही होगा। घरेलू वातावरण मध्यान तक ठीक रहेगा इसके बाद किसी गलतफहमी अथवा मांग पूरी ना होने पर अशांति हो सकती है। संध्या के आसपास सेहत में नरमी आएगी किसी भी कार्य मे उत्साह नही रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन भी आपके लिए शुभ रहेगा। दिन के आरंभ में दैनिक अथवा घरेलू कार्यो को लेकर व्यस्त रहेंगे इसके बाद व्यावसायिक कारणों से परिश्रम करना पड़ेगा। मेहनत का फल थोड़ी विलम्ब से लेकिन अवश्य मिलेगा। किसी सौदे की बात पक्की होने से व्यवसायी वर्ग प्रसन्न होंगे। नौकरी पेशा लोग जल्दबाजी में कार्य पूर्ण करेंगे जिससे छोटी मोटी भूल हो सकती है लेकिन नुकसानदायी नही रहेगी। परिवार में आज एक साथ कई फरमाइशें मिलने से परेशानी होगी किसी सदस्य द्वारा इसका निराकरण भी शीघ्र ही हो जाएगा। आज अन्य लोगो के कारण आपके मन की इच्छाएं अधूरी रह सकती है। फिजूल खर्ची करेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज परिस्थिति पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रहेगी। शारीरिक रूप से पहले से ठीक रहेगी। आज आर्थिक लाभ की संभावनाएं भी रहेंगी परन्तु आप अपने मन के विचार अथवा व्यवसाय का प्रचार संकोची वृति रहने के कारण खुल कर नही कर सकेंगे फिर भी आज आप दिन भर की गतिविधियों से संतोषी रहेंगे। आर्थिक विषयो को लेकर ज्यादा सरदर्दी नही लेंगे आवश्यकता अनुसार आसानी से हो जाएगा। संतोषी स्वभाव रहने के कारण मानसिक रूप से भी शांत ही रहेंगे परन्तु किसी आवश्यक कार्य को करने में हड़बड़ी अवश्य करेंगे उसके बाद भी कार्य लंबित रहने पर निराशा होगी। महिलाये आज अपने मे ही मगन रहेंगी जिससे घरेलू कार्य थोड़े अस्त-व्यस्त होंगे। आकस्मिक कार्य पड़ने पर दिनचार्य में बदलाव करना पड़ेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप सुनेंगे सबकी लेकिन करेंगे अपने मन की ही लोगो से बिना सोचे वायदे करेंगे बाद में इन्हें पूरा करने में आनाकानी करेंगे। काम-धंधा मध्यान तक मंदा रहेगा इसके बाद आशानुसार व्यवसाय होने से धन की आमद होगी। आपका मतलबी व्यवहार किसी ना किसी से मतभेद बढ़ायेगा। आध्यात्मिक पक्ष एवं परोपकार की भावना भी प्रबल रहेगी धार्मिक क्षेत्र की यात्रा दान पुण्य के अवसर मिलेंगे। स्वभाव में दिखावा अधिक रहेगा सार्वजिनक कार्यो में प्रतिस्पर्धा के कारण सहयोग करेंगे। मध्यान बाद का समय अधिक खर्चीला रहेगा मनोरंजन के लिए आंख बंद कर खर्च करेंगे। परिजन आपकी किसी बुरी आदत से परेशान होंगे। भाई बंधुओ से तकरार होने की संभावना है धर्य का परिचय दें।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज भी दिनचार्य संघर्ष वाली रहेंगी लेकिन हिम्मत नही हारेंगे दिन के आरंभ से मध्यान तक का समय उदासीन रहेगा इसके बाद अन्य लोगो का आश्रय छोड़ स्वयं के पराक्रम से हानि को लाभ में बदलेंगे। आपका काफी समय दुविधा में भी बीतेगा। कार्य क्षेत्र और घर में तालमेल बैठाने में असफल रहेंगे एक काम करने के लिए किसी अन्य काम के बिगड़ने का डर सताएगा फिर भी आज जरूरत अनुसार धन लाभ कही ना कही से हो ही जायेगा। व्यवसाय की व्यस्तता के चलते परिजनों की कामना पूर्ति करने में असमर्थ रहेंगे। भाई बंधुओ को आपकी मदद की आवश्यकता पड़ेगा अथवा आपको इनसे लेनी पड़ सकती है इसमे भी कुछ ना कुछ विघ्न आएंगे। आपका कोई भी कार्य बिना भाग-दौड़ के पूर्ण नही हो सकेगा। निवेश से बचें हानि के योग है। सेहत का साथ भी कम ही रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपको कार्य व्यवसाय के साथ सामाजिक क्षेत्र से भी उन्नति के अवसर मिलेंगे। अपनी वाणी एवं व्यवहार से प्रभावित कर किसी से भी आसानी से काम निकाल लेंगे। कार्य क्षेत्र पर किसी से किये वादे पूर्ण करने में असमर्थ रहेंगे थोड़ी गरमा गरमी भी होगी फिर भी स्वयं ही शांति से इसका समाधान निकाल लेंगे। आप अपनी भावनाओं को किसी के आगे सांझा करने से कतराएंगे आपसी संबंध को बचाना इसका मूल उद्देश्य रहेगा। लोगो की उद्दंडता को मजबूरन नजरअंदाज करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य ही रहेगा। खर्च लायक आय आसानी से हो जाएगी। खर्च करने में भी मितव्ययता बरतेंगें। जिस भी कार्य को लेकर निश्चिन्त रहेंगे उसी में विघ्न उपस्थित होगा। गले अथवा छाती संबंधी व्याधि से परेशानी होगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। दिन काफी व्यस्तता भरा रहेगा आप काम की आपाधापी में शरीर की अवहेलना करेंगे लेकिन परिणाम अनुकूल मिलने से सभी परेशानियां भुला देंगे। सरकारी अथवा अन्य कागजी कार्यो के लिये आज दिन उपयुक्त है इसके बाद विघ्न आने लगेंगे। कार्य व्यवसाय में भी बड़ो का सहयोग मिलने से आसानी रहेगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होगा पारिवारिक माहौल में धैर्य की कमी के कारण थोड़ी तना-तनी हो सकती है फिर भी स्थिति नियंत्रण में ही रहेगी। विरोधी आपको हराने का हर संभव प्रयास करेंगे परन्तु सफल नही ही सकेंगे। संध्या का समय ज्यादा थकान भरा फिर भी दिन की अपेक्षा शांति से व्यतीत होगा। धार्मिक कार्यो में रुचि बढ़ेगी लेकिन पूरा समय नही दे पाएंगे।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन आशानुकूल रहेगा लेकिन आज लक्ष्य के पास पहुचकर दिग्भ्रमित होंगे फिर भी दोबार प्रयास असफल नही जाएगा। धन लाभ की कामना संध्या के आस पास अवश्य पूर्ण होगी। मध्यान तक कार्य क्षेत्र पर परिश्रम की अधिकता रहेगी इसके बाद मेहनत का फल धन लाभ के रूप में मिलने लगेगा यह क्रम संध्या बाद तक रुक रुक कर चलता रहेगा। संध्या के समय कहीं से अचनाक लाभदायक समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। आज आप लंबी यात्रा की योजना बनाएंगे इसमे विघ्न भी आ सकते है। सहकर्मी या परिजन कुछ अनैतिक माग करेंगे इससे थोड़ी देर के लिए दुविधा होगी। मध्यान बाद का समय अधिकांश कार्यो में सफलता दायक रहेगा लेकिन सतर्क रहें हित शत्रु कोई गड़बड़ कर सकते है। आवश्यक कार्य आज पहले करें कल के चक्कर मे अधूरे रह जाएंगे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन मानसिक तनाव को छोड़ अन्य सभी कार्यो के लिये बेहतर रहेगा आज किसी भी कार्य मे ज्यादा परिश्रम नही करना पड़ेगा। आज आप जिस किसी का भी पक्ष लेंगे अथवा जो भी निर्णय लेंगे उसमे अवश्य ही सफलता मिलेगी। काम-धंधा भी अन्य लोगो से बेहतर रहेगा। व्यवसाय में आज लिए निर्णय एवं निवेश निकट भविष्य में धन लाभ कराएंगे। आज भी धन लाभ आशानुकूल रहेगा। सरकारी कार्य मध्यान से पहले उलझेंगे इसके बाद करना ही बेहतर रहेगा। नए कार्य आज आरंभ ना करें। नौकरी पेशा जातक लंबी यात्रा की योजना बनाएंगे। पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति पर एवं मनोरंजन पर खर्च होगा। घर मे मांगलिक कार्यक्रम की रूप रेखा बनेगी। मामूली बहस हो सकती है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन भी विजय दिलाने वाला है आज आलस्य से बचें अन्यथा संध्या बाद परिस्थिति प्रतिकूल होने लगेगी। लाभ के अवसर मध्यान से सायं तक मिलते रहेंगे। आपको अपने कार्यो के साथ ही किसी परिचित के कार्य से भी भागदौड़ करनी पड़ेगी। लोग अपना भार आपके ऊपर डालेंगे इस वजह से दिनचार्य में तालमेल बैठाना मुश्किल होगा। कार्य क्षेत्र पर आज पुराने सामान अथवा पुराने अनुबंध से धन लाभ होगा। नए कार्य का आरंभ आज सोच विचार कर ही करें। आर्थिक स्थिति आज बेहतर रहेगी लेकिन किसी को ना चाहते हुए भी उधार देना पड़ेगा। महिलाये आज घर को व्यवस्थित करने में व्यस्त रहेंगी हल्की थकान एवं कमजोरी की समस्या से परेशान होंगी। गृहस्थ सुख अन्य दिनों की अपेक्षा उत्तम रहेगा भाई बंधुओ से प्रेमपूर्ण व्यवहार करेंगे लेकिन आस पड़ोसियों से आज ज्यादा व्यवहार ना बढ़ाये दुखदायी हो सके है।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन भी आपको घरेलू एवं व्यावसायिक कारणों से संधर्ष करना पड़ेगा। दिन का आरंभ आज भी बेचैनी भरा रहेगा मन सही कार्यो को छोड़ अनैतिक गतिविधियों में भटकेगा लेकिन मध्यान बाद से स्थिति सामान्य बनने लगेगी कार्य क्षेत्र से व्यवसाय बढ़ने से धन की आमद होगी। महिलाये हर काम मे नखरे करेंगी। मध्यान के बाद का कुछ समय रुके धन को प्राप्त करने में व्यतीत होगा। कार्य क्षेत्र पर आज मनमानी ज्यादा करेंगे जिससे सहकर्मियों को असुविधा होगी फिर भी आज आप अपने व्यवहार में सुधार करने का प्रयास करेंगे। पारिवारिक स्थिति भी संध्या से बेहतर बनेगी। घर के बुजुर्गों से थोड़ी अनबन रहने की संभावना है फिर भी आज संध्या का समय परिजनों के साथ आनंद से बिताएंगे। पेट की परेशानी अथवा हाथ पैरों में शिथिलता रहेगी।
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