पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका. मशहूर कॉमेडियन जसविंदर भल्ला का 65 वर्ष की उम्र में आज सुबह निधन हो गया. अपनी हास्य भूमिकाओं से लाखों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले भल्ला ने Carry on Jatta, Naukar Wohti Da समेत कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था. उनका अंतिम संस्कार कल दोपहर 12 बजे मोहाली के नज़दीक बलोंगी श्मशान घाट पर किया जाएगा. उनके चाहने वालों और फिल्म जगत में शोक की लहर है.

Aug 22, 2025 - 20:44
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पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका. मशहूर कॉमेडियन जसविंदर भल्ला का 65 वर्ष की उम्र में आज सुबह निधन हो गया. अपनी हास्य भूमिकाओं से लाखों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले भल्ला ने Carry on Jatta, Naukar Wohti Da समेत कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था. उनका अंतिम संस्कार कल दोपहर 12 बजे मोहाली के नज़दीक बलोंगी श्मशान घाट पर किया जाएगा. उनके चाहने वालों और फिल्म जगत में शोक की लहर है.

: *Himachal News: जल्द मिलेगी कर्मचारियों को बजट में घोषित महंगाई भत्ते की किस्त* 

हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के लंबित भुगतान पर विपक्षी दल भाजपा ने गुरुवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान खूब हंगामा किया और वेल में नारेबाजी के बाद वाकआउट भी किया। गुरुवार को प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती का डीए का लेकर पूछा गया सवाल पहले नंबर पर ही लगा। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब दिया कि राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की तीन किस्तें कुल 11 फीसदी की दर से देय हैं। यह भुगतान करना सरकार का कत्र्तव्य है और दायित्व भी। यह लंबित इसलिए है, क्योंकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि भुगतान किया जा सके। आने वाले दिनों में बजट में की गई घोषणा के अनुसार यह भुगतान कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिक्कत भी इसलिए आई, क्योंकि राज्य सरकार ने पहली कैबिनेट में कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने विपक्ष के कहने पर अतिरिक्त लोन लिमिट के 1600 करोड़ बंद कर दिए। तीन साल में हमें कुल 4800 करोड़ नहीं मिले हैं।

दिल्ली जाकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात की है और उन्होंने यह सुझाव दिया है कि एडिशनल लोन तभी मिलेगा, जब राज्य सरकार या तो यूपीएस में जाए या एनपीएस में। राज्य सरकार ने हालत में सुधार के लिए कुछ कदम उठाए हैं, जिनका रिजल्ट आ रहा है। आर्थिक स्थिति सुधरते ही महंगाई भत्ते के साथ एरियर का भुगतान भी किया जाएगा। अनुपूरक सवाल में भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि जब बजट भाषण में डीए की घोषणा हुई है, तो मई में इसे क्यों नहीं दिया गया। सरकार बार-बार सदन में गलत बोल रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी अनुपूरक सवाल किया और पूछा कि यह सरकार कर्मचारियों ने बनाई है। हमारी सरकार ने सब कुछ समय पर किया, सिर्फ ओल्ड पेंशन पर निर्णय नहीं हो पाया। इसलिए कर्मचारी नाराज हो गए। अब जब आपने कर्मचारियों से कमिटमेंट की है, तो उसको पूरा करना भी आपका दायित्व है। यह प्रिविलेज का मामला बनता है।

सदन में घोषणा कर वह काम न करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि पूर्व की भाजपा सरकार ने चुनाव से ठीक छह महीने पहले छठे पे-कमीशन को लागू किया। यह अगर समय पर कर दिया होता, तो दिक्कत नहीं आनी थी। फिर जाने से पहले 10000 करोड़ का एरियर भी नहीं दिया। हालांकि तब रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट अच्छी मिल रही थी। अभी यह सिर्फ 3200 करोड़ सालाना बची है। हम अब चीजों को सेटल कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्दी रिजल्ट आएगा। हालांकि मुख्यमंत्री के जवाब से नाखुश विपक्ष के विधायकों ने अपनी सीट पर खड़ा होकर कर्मचारियों के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद ये सदन के वेल में जाकर नारेबाजी करने लगे। ऐसा इस सेशन में पहली बार हुआ। इसी शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल चला रहा। करीब 10 मिनट नारेबाजी करने के बाद भाजपा विधायक सदन से बाहर चले गए।

कर्मचारियों पर पानी की बौछारें करने वाले हितैषी बन रहे

विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करने वाले, पानी की बौछारें छोडऩे वाले अब कर्मचारियों के हितैषी बन रहे हैं। जिन्होंने ओल्ड पेंशन स्कीम का विरोध किया और भारत सरकार में जाकर सालाना मिल रहे 1600 करोड़ रुकवाए, वे कर्मचारियों के लिए नारेबाजी कर रहे हैं। भाजपा का यह वाकआउट ध्यान बंटाने की कोशिश है। कर्मचारियों से इनका कोई लेना-देना नहीं है। यह तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात हो गई। जो सरकार एरियर की 10000 करोड़ की देनदारी देकर गई हो, उसे यह करना शोभा नहीं देता।

: *हिमाचल निर्माता के लिए एक सुर में मांगा भारत रत्न, एकजुटता के साथ भेजा केंद्र सरकार को प्रस्ताव* 

निजी संकल्प में पक्ष और विपक्ष साथ, हिमाचली गौरव को मांगा सम्मान

हिमाचल प्रदेश ने केंद्र सरकार से हिमाचल निर्माता डा. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न देने की मांग की है। बाकायदा प्रदेश विधानसभा ने एकजुटता के साथ एक संकल्प पारित करके केंद्र सरकार से मांग की है कि हिमाचल के गौरव के लिए डा. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न दिया जाए। इस मामले में पक्ष और विपक्ष दोनों तफ के विधायकों ने एकजुट होकर मांग रखी और सदन ने संकल्प पारित कर दिया।

एक स्वर में दोनों पक्षों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने को प्रस्ताव भेजने को कहा। विधायक अजय सोलंकी ने सदन में यह संकल्प लाया था, जिस पर दोनों पक्षों के विधायकों ने अपने विचार रखे। सदन ने एक स्वर में कहा कि डा. परमार किसी पार्टी नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के नेता थे। वह इस सम्मान के पूरे हकदार हैं। प्रदेश के लिए उनके योगदान को सिर्फ एक दल से जुड़ा होने के चलते नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पक्ष-विपक्ष की एक ही पुकार, डा. परमार भारत रत्न के सच्चे हकदार

हिमाचल प्रदेश ने केंद्र सरकार से हिमाचल निर्माता डा. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न देने की मांग की है। गुरुवार को सदन में यह संकल्प लाया गया, जिस पर दोनों पक्षों के विधायकों ने अपने विचार रखे। इस मामले में पक्ष और विपक्ष दोनों विधायकों ने एकजुट होकर मांग रखी और सदन ने संकल्प पारित कर दिया। एक स्वर में दोनों पक्षों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने को प्रस्ताव भेजने को कहा…

हिमाचल के शिल्पकार थे डा. परमार

निजी संकल्प पेश करते हुए नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि डा यशवंत सिंह परमार हिमाचल के शिल्पकार हैं। सरकारी नौकरी को छोडकर उन्होंने हिमाचल प्रांत के गठन की सोची और इसके लिए संघर्ष किया। हिमाचल के विकास के लिए डा.परमार के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

भारत रत्न मिले, विपक्ष पूरी तरह साथ

विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने इस संकल्प पर कहा कि इस मांग को लेकर काफी विलंब हो गया है। यह सम्मानीय बात है कि डा. परमार को यह सम्मान मिले। यह देश का सबसे सवोच्च सम्मान है। डा. परमार के योगदान के प्रति हमारा सम्मान है। उनकी जयंती के कार्यक्रम की भव्यता को बढ़ाया जाना चाहिए।

चूल्हे के पास बैठकर खाते थे खाना

विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि डा. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न प्रदान करने का विषय बेहद महत्त्वपूर्ण है। पूरे हिमाचल में सडकों का जाल बिछाने की सोच डा. परमार की थी। डा. परमार पहाड़ी व्यंजन खाने के शौकीन थे और चूल्हे के पास खाना खाने बैठते थे। उनका जीवन बहुत ही सादगी भरा था।

एचआरटीसी की बस में करते थे सफर

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि डा. परमार जैसा व्यक्तित्व किसी को नहीं हो सकता। वह मुख्यमंत्री होते हुए भी एचआरटीसी बस में सफर करते थे और रेस्ट हाउस में रुका करते थे। उनके जैसा व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी उन्होंने हिमाचल के विकास को काम किए।

कुलदीप पठानिया ने जताया आभार

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नियम 101 के तहत प्राइवेट मेंबर डे रखा जाता है। संकल्प के रूप में कोई भी सदस्य किसी भी विषय पर संकल्प ला सकता है। बैलेट में यह संकल्प लाया गया कि डा. परमार को भारत रत्न दिया जाए। उन्होंने विधायकों का आभार जताया और कहा कि सभी ने राजनीति से उपर उठकर अपनी बात रखने का प्रयास किया।

परमार न होते, तो हिमाचल भी न होता

उपमुख्यमंत्री मुकेश अगिनहोत्री ने कहा कि डा. वाईएस परमार को किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं। वह जो इतिहास लिख गए हैं, वह हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सभी भागयशाली हैं कि इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति से उपर उठकर सभी ने इस प्रस्ताव को पारित किया है।

जनजातीय लोगों के मसीहा थे परमार

बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यशवंत सिंह परमार जनजातीय लोगों के लिए भी मसीहा थे। उनका जीवन सादगी से भरा था। उनकी वजह से ही हिमाचल का गठन हो सका। उन्होंने कहा कि विपक्ष की विचाराधारा अलग थी, जो राज्य बनने के हक में नहीं थी और आज भी उसी विचाराधारा से विपक्ष चल रहा है।

महापुरुषों से ही बनता है इतिहास

भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि इतिहास केवल घटनाओं से नहीं बनता, बल्कि महापुरुष भी इतिहास बनाते हैं और ऐसे ही महापुरुष डा. यशवंत परमार थे। उनको हिमाचल की पहचान दिलाने का श्रेय जाता है। वह जनता के दुख दर्द को समझने वाले थे और एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि एक विचार थे।

स्व परमार की पंचायत का हो विकास

भाजपा विधायक रीना कश्यप ने कहा कि डा. परमार ने छोटी-छोटी पहाड़ी रियासतों को एकजुट करके हिमाचल का निर्माण किया। अब वह उनके विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व कर रही हैं। विकास में उनकी प्राथमिकता सडक़ थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को उनके गांव, उनकी पंचायत में विशेष कार्य करना चाहिए।

: *GST Slab : जीएसटी में खत्म होंगे 12 और 28 फीसदी वाले स्लैब, केंद्र के प्रस्ताव को जीओएम की मंजूरी* 

केंद्र के प्रस्ताव को जीओएम की मंजूरी

अब पांच और 18 फीसदी वाले स्लैब ही रहेंगे

रोजाना इस्तेमाल की चीजें होंगी सस्ती

जीएसटी काउंसिल के मंत्रियों के समूह ने जीएसटी के 12 फीसदी और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म करने की मंजूरी दे दी है। अब जीएसटी के सिर्फ दो स्लैब पांच फीसदी और 18 फीसदी ही होंगे। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के संयोजक सम्राट चौधरी ने इसकी जानकारी दी। अभी जीएसटी के चार स्लैब पांच, 12, 18, और 28 फीसदी होते हैं। जीओएम की बैठक पर सम्राट चौधरी ने कहा कि हमने केंद्र सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें 12 फीसदी और 28 फीसदी के जीएसटी स्लैब को खत्म करने की बात है। सभी ने केंद्र के प्रस्तावों पर अपने सुझाव दिए। कुछ राज्यों ने कुछ आपत्तियां भी जताईं। इसे जीएसटी काउंसिल के पास भेजा गया है, जो इस पर फैसला लेगी। गौर हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा था कि इस साल दिवाली में बड़ा तोहफा मिलने वाला है। हम नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफाम्र्स लेकर आ रहे हैं। सामान्य लोगों के लिए टैक्स कम कर देंगे, रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी, लोगों को बहुत फायदा होगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक टैक्स स्लैब 12 फीसदी से पांच फीसदी होने पर इके अंतर्गत आने वाले सूखे मेवे, ब्रांडेड नमकीन, टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, साबुन, हेयर ऑयल, सामान्य एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर दवाएं, कंडेंस्ड मिल्क, प्रेशर कुकर, गीजर जैसी चीजें सस्ती होंगी। इनके अलावा बिना बिजली वाले पानी के फिल्टर, इलेक्ट्रिक आयरन, वैक्यूम क्लीनर, 1000 रुपए से ज्यादा के रेडीमेड कपड़े, 500 से1000 रुपए की रेंज वाले जूते, ज्यादातर वैक्सीन, एचआईवी/टीबी डायग्नोस्टिक किट, साइकिल, बर्तन पर भी कम टैक्स लगेगा। ज्योमेट्री बॉक्स, नक्शे, ग्लोब, ग्लेज्ड टाइल्स, प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग, वेंडिंग मशीन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन, कृषि मशीनरी, सोलर वॉटर हीटर जैसे प्रोडक्ट भी 12 फीसदी के टैक्स स्लैब में आते हैं। दो स्लैब की मंजूरी के बाद इन पर पांच फीसदी टैक्स लगेगा। इसके अलावा 28 फीसदी से 18 फीसदी स्लैब होने पर सीमेंट, ब्यूटी प्रोडक्ट, चॉकलेट, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी, डिशवॉशर, निजी विमान, प्रोटीन कंसंट्रेट, चीनी सिरप, कॉफी कंसंट्रेट, प्लास्टिक प्रोडक्ट, रबर टायर, एल्युमिनियम फॉयल, टेम्पर्ड ग्लास, प्रिंटर, रेजर, मेनिक्योर किट, डेंटल फ्लॉस इत्यादि सस्ते हो जाएंगे।

: *Monsoon: हिमाचल में 25 तक झमाझम बारिश का ऑरेंज अलर्ट, इन पांच जिलों के लिए चेतावनी जारी* 

पांच जिलों में अत्यधिक बारिश की चेतावनी

राज्य में 25 अगस्त तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस बीच मौसम विभाग ने पांच जिलों में अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है वहीं अन्य जिलों में यलो अलर्ट रहेगा जहां पर भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सिरमौर व कांगड़ा जिलों में कई स्थानों पर जोरदार बारिश होने की संभावना है जबकि कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, किन्नौर व लाहौल स्पीति के लिए किसी भी तरह की चेतावनी नहीं है। हालांकि इन जिलों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 तारीख के लिए पांच जिलों में अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला व सिरमौर जिला में कई स्थानों पर अत्यधिक बारिश हो सकती है। शेष जिलों जिनमें ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा व सोलन जिला में बारिश का यलो अलर्ट रहेगा।

24 अगस्त को दो जिलों कांगड़ा व सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट है जबकि शेष जिलों में किन्नौर, लाहौल स्पीति, सोलन, बिलासपुर व हमीरपुर के लिए कोई चेतावनी नहीं है। अन्यों में यलो अलर्ट दिया गया है। 25 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला व सिरमौर जिलों में अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा वहीं तीन जिलों बिलासपुर, हमीरपुर व चंबा में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार वीरवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मौसम खुला रहा और धूप भी निकली। राजधानी शिमला में सुबह से ही धूप खिल गई थी और पूरा दिन मौसम खुला रहा। हालांकि आसमान पर बादलों ने दोपहर बाद डेरा जमा लिया था मगर बारिश नहीं हुई। ऐसा ही प्रदेश के अन्य स्थानों का मौसम भी रहा है। जिन स्थानों पर पिछले 24 घंटों में बारिश दर्ज की गई है उनमें ऊना, नैणी देवी, सुजानपुर टिहरा, अंब, नादौन, पांवटा, रोहडू, धर्मपुर, हमीरपुर, अघहर, पालमपुर, जोगिन्द्रनगर, देहरा गोपीपुर व कसौली में हलकी बारिश दर्ज की गई है।

—-शकील

346 सडक़ों सहित एक नेशनल हाइवे बंद

2282 करोड़ तक पहुंचा नुकसान का आंकड़ा

281 बिजली ट्रंासफार्मर बाधित, 145 पेयजल योजनाएं प्रभावित

चीफ रिपोर्टर-शिमला

वीरवार शाम तक प्रदेश में 346 सडक़ें यातायात के लिए पूरी तरह से बाधित हैं। इनके साथ एक नेशनल हाइवे भी बंद पड़ा हुआ है जिसमें वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। नेशनल हाइवे नंबर 305 अभी तक बाधित है जो पिछले कल से नहीं खुल पाया है। इसके साथ राज्य को आपदा से अब तक 2282 करोड़ 26 लाख रूपए तक का नुकसान हो चुका है। लगातार चल रही मॉनसून के चलते हिमाचल प्रदेश को बड़ा नुकसान हुआ है। नुकसान का यह सिलसिला अभी भी जारी है क्योंकि लगातार बारिश हो रही है। राज्य में इस समय 346 सडक़ें यातायात के लिए पूरी तरह से बाधित हैं जबकि एक नेशनल हाइवे भी बंद है। राज्य में 287 लोगों की मौत इस कारण से हो चुकी है जिसमें सडक़ हादसों के मृतक भी शामिल हैं। 346 लोग आपदा के कारण घायल हुए हैं वहीं 38 लोग अभी भी लापता हैं जिनका कोई सुराग नहीं है। बिलासपुर जिला में दो सडक़ें बंद पड़ी हुई हैं।

कांगड़ा जिला की बात करें तो यहां पर 29 सडक़ों पर यातायात पूरी तरह से बाधित है जबकि किन्नौर में दो सडक़ें, कुल्लू में एक नेशनल हाइवे समेत 123 सडक़ों पर आवाजाही नहीं हो पा रही है। लाहौल स्पीति में दो सडक़ें पिछले कल से लेकर बंद पड़ी हुई है जिनको आज भी खोला नहीं जा सका है। मंडी जिला में 164 सडक़ें अभी भी बंद पड़ी हुई हैं जहां पर पिछले कल से आज 10 सडक़ों पर यातायात को खोला जा सका है। वहीं सिरमौर में 11 सडक़ें खोल दी गई हैं जबकि 11 सडक़ें बंद पड़ी हुई हैं जबकि सोलन में एक सड़क़ पर यातायात बाधित है। ऊना में 10 सडक़ें आज भी बंद पड़ी हुई हैं जिनपर यातायात नहीं चल रहा। इस कारण इलाके के लोगों को काफी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। राज्य में 281 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हुए हैं जिनकी बहाली नहीं हो पाई है वहीं 145 पेयजल योजनाओं को भी सुचारू नहीं किया जा सका है।

: *Monsoon Session के बीच कैबिनेट बैठक शुक्रवार को, सत्र में पेश होने वाले विधेयकों पर होगी चर्चा* 

मानसून सत्र में पेश होने वाले विधायकों पर होगी चर्चा

हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के बीच राज्य मंत्रिमंडल की बैठक शुक्रवार दोपहर बाद होगी मुख्य सचिव अपने अधिकारियों की टीम के साथ एजेंडा पर काम कर रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे और इसमें मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों को मंजूरी दी जा सकती है। विधानसभा का मानसून सत्र 2 सितंबर तक है लेकिन इसमें शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। सोमवार दोपहर बाद शुरू हो रही कार्यवाही का लगभग आखिरी सप्ताह होगा। इसलिए इस सत्र में सदन में रखे जाने वाले बिलों पर चर्चा कैबिनेट में जरूरी है।

शुक्रवार को ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी पीटर हाथ में रखी गई है और हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल भी शिमला में हैं। इसलिए बैठक के समय और स्थान को लेकर अभी कुछ फाइनल नहीं है। विधानसभा में भाजपा के काम रोको प्रस्ताव के तहत आपदा पर चर्चा चल रही है। इसका जवाब भी शुक्रवार को होगा।

: *1500 करोड़ रुपए का लोन लेगी हिमाचल सरकार* 

हिमाचल सरकार ने मानसून सत्र के बीच 1500 करोड़ रुपए का लोन लेने का निर्णय लिया है। दो किस्तों में इस लोन को नोटिफाई कर दिया गया है। एक किस्त 1000 करोड़ की और दूसरी 500 करोड़ की होगी। इस लोन के लिए रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के माध्यम से 26 अगस्त को नीलामी होगी और 28 अगस्त को सरकार के खाते में पैसा आ जाएगा।

1000 करोड़ का लोन 15 साल के लिए और 500 करोड़ का लोन 10 साल की अवधि के लिए लिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से वर्तमान वित्त वर्ष के लिए तय की गई ऋण सीमा के दायरे में रहकर यह लोन लिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार को हर महीने की पहली तारीख को वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए करीब 2000 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। इसलिए 28 अगस्त तक कोषागार के बैलेंस को पूरा किया जाएगा।

: *कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज, शिमला पहुंची रजनी पाटिल, सिंगल एजैंडे पर होगी चर्चा, दोपहर में रैली* 

himachal congress

कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज होने जा रही है। सुबह 9 बजे पीटरहॉफ में विधायक दल की बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू करेंगे। यहां विशेष रूप से कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल व सह प्रभारी होंगे जिनके अलावा पार्टी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व सभी विधायकों को बुलाया गया है। सुबह इस बैठक में सिंगल एजैंडा पर चर्चा की जाएगी जिसमें दोपहर में होने वाली वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान पर बात होगी। कांग्रेस कमेटी के गठन को लेकर प्रक्रिया के बीच कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल देर शाम शिमला पहुंची। कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने उनके साथ बैठक की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव व प्रदेश मामलों के सह प्रभारी विदित चौधरी पिछले तीन दिनों से शिमला में डटे हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशानिर्देश पर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में वोट चोर, कुर्सी छोड़ अभियान की रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, रजनी पाटिल, प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश मामलों के सह प्रभारी चेतन चौहान व विदित चौधरी सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, पार्टी के सभी विधायक, बोर्डों निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पीसीसी के सभी पूर्व सदस्यों, जिला व ब्लॉकों के सभी पूर्व पदाधिकारी व अग्रणी संगठनों के सभी पदाधिकारी भाग लेंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी इसी अभियान को लेकर चर्चा की जानी है। रैली में भाग लेने व देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिये आगे आने व केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस के वोट चोर, कुर्सी छोड़ अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया जाएगा। कांग्रेस इस अभियान को प्रदेश भर में भी आने वाले दिनों में आयोजित करेगी।

प्रभारी रजनी पाटिल यहां पार्टी नेताओं, अग्रणी संगठनों के नेताओं से बैठकें भी करेंगी। शुक्रवार सुबह 10 बजे वह प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अग्रणी संगठनों के प्रमुखों के साथ बैठके करेंगी। दोपहर 12 बजे रैली होगी। 23 अगस्त को सुबह 10 बजे रजनी पाटिल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पीसीसी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व पीसीसी के अन्य पूर्व नेताओं से अलग-अलग भेंट कर उनसे वार्तालाप करेंगी। उस दौरान यहां पर पार्टी संगठन को लेकर चर्चा की जाएगी जिसके बाद वह दिल्ली जाकर अपनी रिपोर्ट देंगी।

: *मंडी के दस वजीर, पायल पहली महिला महामंत्री, धूमल, नड्डा, जयराम को अधिमान, अपनों को भी दिया स्थान* 

टीम बिंदल में मंडी के दस वजीर शामिल किए गए हैं। इन वजीरों में तीन महिलाओं को भी सगठानात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली महिला महामंत्री के रूप में पायल वैद्य को बनाकर उनका सियासी कद बढ़ा है। इसी के साथ ही प्रियंता शर्मा और डाक्टर सीमा ठाकुर को टीम में जगह दी गई है। टीम बिंदल में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को बराबर अधिमान देते हुए अपने-अपने समर्थकों को भी राज्य कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है। मंडी और सुंदरनगर के भाजपा संगठनात्मक जिलों से सबंध रखने वाले दस भाजपाई टीम बिंदल की राज्य स्तरीय कार्यकारिणी में शामिल किए गए हैं। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में मंडी जिला से सबंध रखने वाले दो विधायक भी शामिल किए गए हैं। नाचन के विधायक विनोद कुमार को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सुंदरनगर के एमएलए राकेश जम्वाल को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के ओएसडी रहे संजीव कटवाल को इस मर्तबा प्रमोट किया गया है, उन्हें भी महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। टीम बिंदल में पुरानी कार्यकारिणी में करसोग से संबंधित रहे बिहारी लाल शर्मा को महामंत्री से डिमोट करते हुए इस मर्तबा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडी से कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल किए गए हैं, जिनको बिंदल का ही आशीर्वाद प्राप्त है।

इनमें नवनियुक्त प्रवक्ता अजय राणा, सचिव डाक्टर संजय ठाकुर और उपाध्यक्ष बिहारी लाल का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। मंडी भाजपा में जयराम ठाकुर का फि लहाल एक छत्र राज है। ऐसे में पायल और विनोद कुमार को ही उनके खाते से भाजपा की राज्य कार्यकारिणी में स्थान मिल पाया है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कोटे से प्रियंका शर्मा को सचिव नियुक्त किया गया है। जोगिंदरनगर के आरएसएस से जुड़े अजय जम्वाल के भाई पंकज जम्वाल को प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। बल्द्वाड़ा से संबंध रखने वाली डाक्टर सीमा ठाकुर को प्रवक्ता लगाया गया है। टीम बिंदल में पूरे प्रदेश से 77 भाजपाइयों को शामिल किया गया है, जिनमें से मंडी जिला के ही 10 भाजपाई हैं। भाजपा की राज्य स्तरीय गतिविधियां टीम बिंदल के इन्हीं दस वजीरों के सहारे आगे बढ़ेगी और अब यह भी देखना रोचक होगा कि जिस मंडी को जयराम ठाकुर मेरी मंडी कहते हैं, उसमें टीम बिंदल किस तरह से संगठनात्मक मजबूती देती है, वह भी तब जब भाजपा अंदर खाते अगामी चुनावों के लिए सियासी चौसर सजा रही है।—एचडीएम

जो पार्षद न बन पाए वे भाजपा के तारणहार

मंडी में टीम बिंदल में शामिल कुछ एक चेहरे पार्षद का चुनाव भी नहीं जीत पाए हैं। भाजपा में आस्था रखने वाले कुछ लोग अब यही कह रहे हैं की जो पार्षद नहीं बन पाए वह भाजपा के तारणहार बन गए हैं।

अजय ने सात भाजपा प्रदेशाध्यक्षों के साथ किया काम

टीम बिंदल में प्रवक्ता बनाए गए अजय राणा एकमात्र ऐसे भाजपाई है, जो अब तक सात भाजपा प्रदेशाध्यक्षों के साथ काम कर चुके हैं। अजय राणा ने प्रेम कुमार धूमल, सुरेश चंदेल, सुरेश भारद्वाज, खिम्मी राम, डाक्टर राजीव बिंदल, सतपाल सत्ती और जयराम ठाकुर के साथ काम किया है। बिंदल टीम में जगह बनाने वाले अजय राणा के भी पर कतरे गए हैं और उन्हें डिमोट करते हुए प्रवक्ता बनाया गया है।

सुमन ठाकुर को टीम बिंदल में जगह नहीं

मंडी नगर निगम की अध्यक्ष रह चुकी सुमन ठाकुर को टीम बिंदल में भी स्थान नहीं मिल पाया है। मंडी नगर निगम में महापौर और उप महापौर के चुनाव को लेकर पैदा हुए गतिरोध के बीच सुमन की दावेदारी नकारे जाने के बाद से ही भाजपा के भीतर सुमन हाशिये पर चल रही हैं। सुमन हालांकि मंडी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वर्तमान में सुमन नगर निगम में पार्षद हैं, लेकिन भाजपा ने उनसे कन्नी काट करके रखी है। सुमन कहती हैं कि भाजपा राज्य कार्यकारिणी में शामिल करने के लिए पूछा गया था, लेकिन निजी कारणों के चलते उन्होंने इससे इनकार कर दिया था।

मझधार में अनुपमा की सियासत

सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय की कुलपति रही अनुपमा की सियासत भी मझधार में फ ंसी हुई है। आरएसएस पृष्ठभूमि से सबंध रखने वाली अनुपमा मंडी की सियासत में अपनी जमीन तलाश रही है, लेकिन जिस तरह से टीम बिंदल के चेहरे सामने आए हैं, उसके चलते उनकी सियासी हसरतें भी पानी भरती हुई ही नजर आ रही हैं। अनुपम हालांकि समाजसेवा के सहारे सियासी सीढ़ी चढऩा चाहती हैं, लेकिन जिस तरह की भाजपा की तस्वीर उभर रही है, उसमें अनुपमा का चेहरा धुंधला भी नजर नहीं आ रहा है।

: *लोकसभा में 37, राज्यसभा में 41 घंटे कामकाज, 15 विधेयक दोनों सदनों से पारित, ऑनलाइन गेमिंग बिल भी पास* 

मानसून सत्र में हंगामे के बाद भी 15 विधेयक दोनों सदनों से पारित, ऑनलाइन गेमिंग बिल भी पास

संसद का मानसून सत्र गुरुवार को दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के साथ ही संपन्न हो गया, लेकिन एक महीने तक चला सत्र मुख्य रूप से बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के विरोध को लेकर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। हालांकि दोनों सदनों में हंगामे और बहिर्गमन के बीच 15 विधेयक पारित किए गए। लोकसभा में पेश किए गए 14 विधेयकों में से 12 को सदन की मंजूरी मिल गई, जबकि उच्च सदन में 15 विधेयक पारित किए गए। किसी भी गंभीर आपराधिक मामले में प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की गिरफ्तारी और 30 दिन की हिरासत की स्थिति में उन्हें पदमुक्त समझे जाने के प्रावधान वाले संविधान संशोधन विधेयक और उससे जुड़े दो अन्य विधेयकों को लोकसभा ने समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया।

दोनों सदनों में ऑपरेशन ङ्क्षसदूर पर 16-16 घंटे की चर्चा हुई और लोकसभा में प्रधानमंत्री ने, जबकि राज्यसभा में गृह मंत्री ने चर्चा का जवाब दिया। इस सत्र में लोकसभा की कार्यसूची में 419 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, किंतु व्यवधान के कारण केवल 55 प्रश्नों का ही जवाब दिया जा सका। लोकसभा में मुश्किल से 37 घंटे और राज्यसभा में 41 घंटे और 15 मिनट ही कामकाज हो सका। राज्यसभा में सदस्यों को 285 प्रश्न, 285 शून्यकाल विषय और 285 विशेष उल्लेख उठाने का अवसर था, लेकिन केवल 14 प्रश्न, सात शून्यकाल विषय और 61 विशेष उल्लेख ही वास्तव में लिए जा सके। संसद ने गुरुवार को ऑनलाइन गेमिंग बिल को अपनी मंजूरी दे दी।

पीएम मोदी बोले, कांग्रेस के युवा नेताओं से घबराते हैं राहुल गांधी

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्यों के लिए टी मीटिंग आयोजित की। विपक्षी दलों ने पीएम मोदी की टी मीटिंग का बायकॉट कर दिया। पीएम की टी मीटिंग में शामिल होने विपक्ष का कोई नेता नहीं पहुंचा। पीएम की टी मीटिंग में सत्ताधारी एनडीए के घटक दलों के नेता मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चाय पर चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा और कांग्रेस पर युवा नेताओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं। हालांकि, उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता है। पीएम मोदी ने चाय पर चर्चा के दौरान एनडीए नेताओं के सामने कांग्रेस के कई युवा नेताओं की तारीफ की और कहा कि विपक्ष खासकर कांग्रेस में कई युवा नेता काफी टैलेंटेड हैं, लेकिन ‘परिवार की असुरक्षा’ की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस तरह के युवा नेताओं की मौजूदगी राहुल गांधी को असुरक्षित और घबराहट महसूस करवा रही होगी। पीएम ने खत्म हुए संसद के मानसून सत्र को भी अच्छा बताया।

: *खनन माफिया के खिलाफ कितने केस, कितना जुर्माना, हाई कोर्ट ने कांगड़ा के उपायुक्त को शपथपत्र दायर करने के लिए कहा* 

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कांगड़ा जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश न लगाने पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कांगड़ा के उपायुक्त को शपथपत्र दायर कर यह बताने को कहा है कि खनन माफिया के खिलाफ कितने मामले दर्ज किए गए हैं और कितना जुर्माना वसूला गया है। कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान धर्मशाला स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा के सचिव की रिपोर्ट का अवलोकन करने पर पाया कि न्यूगल नदी में अवैध खनन को रोकने के लिए नदी के किनारे पहुँच मार्ग को अवरुद्ध करने हेतु कोई स्थायी उपाय नहीं किए गए हैं।

खनन अधिकारी राजीव कालिया, जो कई वर्षों से धर्मशाला में तैनात बताए गए हैं, और खनन रक्षक संतोष के खिलाफ भी कुछ आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। उद्योग विभाग के भूविज्ञानी द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में केवल यह दर्शाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 से जून 2025 तक केवल पांच चालानों का उल्लेख है और 09.04.2025 को केवल एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसकी जांच चल रही है।

सुजानपुर में टाउनहाल भवन के निर्माण पर रोक

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हमीरपुर के सुजानपुर चौगान की भूमि पर बन रहे टाउन हाल भवन के निर्माण पर रोक लगा दी है। यह टाउन हॉल नगर परिषद सुजानपुर द्वारा बनाया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात ये आदेश जारी किए। कोर्ट ने उपायुक्त हमीरपुर और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को हलफनामे दायर कर यह बताने के आदेश दिए हैं कि नगर परिषद ने सात कनाल और सात मरला चौगान भूमि पर कब्ज़ा कैसे किया।

कोटखाई के भुइला में सेब के पेड़ काटने पर रोक

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कोटखाई के भुइला में तीन बीघा विवादित वन भूमि पर खड़े किसी भी प्रकार के सेब के पेड़ों को काटने पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वन विभाग न्यायालय की अनुमति के बिना मौजा भुइला, तहसील कोटखाई, जिला शिमला में खसरा संख्या 44, 45, 46, 73 और 74 पर खड़े सेब के पेड़ को नहीं काटा जाएगा। इस भूमि का क्षेत्रफल 3.29 बीघा है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने याचिकाकर्ता मोहिंदर सिंह को आदेश दिए कि वह उक्त क्षेत्र से प्राप्त सेब की उपज और उससे प्राप्त बिक्री आय का अलग से लेखा-जोखा रखेगा।

: *बरोट में भूस्खलन से होटल को नुकसान, मलबे में दबी कार, मुल्थान सडक़ पूरी तरह बंद, वाहन फंसे* 

उपमंडल पद्धर की चौहारघाटी के बरोट क्षेत्र में गुरुवार सुबह अचानक हुए भू-स्खलन से बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और देवदार के पेड़ों ने होटल आरके पैलेस को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं, होटल परिसर में खड़ी एक कार भी मलबे में दब गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। भू-स्खलन के कारण बरोट-मुल्थान सडक़ पूरी तरह अवरुद्ध हो गई, जिससे कई वाहन फंस गए हैं। हालांकि घटासनी से बरोट तक यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग की टीम सडक़ बहाली में जुटी हुई है।

लोक निर्माण विभाग के एसडीओ भक्ति राम ने बताया कि मलबा और गिरे पेड़ हटाने का कार्य जारी है। जेसीबी और टीपर मशीनरी लगाई गई है, लेकिन मलबा दो किलोमीटर दूर डंप किया जा रहा है, जिससे कार्य में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि आज सडक़ बहाल करना संभव नहीं है, लेकिन शुक्रवार शाम तक छोटे वाहनों के लिए मार्ग सामान्य कर दिया जाएगा। उधर, झटिंगरी सब-डिवीजन के अंतर्गत मढ़ रोड अभी बंद है, जबकि सुधार रोड छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी मार्ग शीघ्र बहाल कर दिए जाएंगे।

: *गलत निकले मंत्रियों के बिजली बिल के आंकड़े* 

सीएम बोले, ओकओवर का बिल भी गलत बताया गया

सदन में रखे गए आंकड़े पर आरएस बाली ने आपत्ति जताई

हिमाचल विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कैबिनेट रैंक प्राप्त नगरोटा बगवां के कांग्रेस विधायक आरएस बाली ने एक गंभीर मसला उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्रियों के बिजली बिलों की जानकारी दी गई है। उसमें उनका 14 महीने का बिल 6.78 लाख रुपए बताया गया है, जबकि असली बिल 1.68 लाख है। बाली ने कहा कि मीडिया में यह गलत आंकड़ा जाने के कारण उनकी और उनके चुनाव क्षेत्र की बदनामी हुई है। उन्होंने स्पीकर से कार्रवाई की मांग की, क्योंकि यह सब गलत मंशा से किया गया है। इसका जवाब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में दिया। उन्होंने माना कि यह गलत आंकड़ा दिया गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री निवास ओकओवर का बिल भी 3.76 लाख बताया गया है, जो 1.45 लाख रुपए है। यह गलती दो कारणों से हुई।

एक तो बिजली बिल का भुगतान लोक निर्माण विभाग करता है, बिजली बोर्ड नहीं, और दूसरा स्मार्ट मीटरिंग के कारण बिजली बोर्ड ने पुराना एरियर भी इसमें दिखा दिया है। इसे दुरुस्त किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी कहा है कि विधानसभा ने इस मामले का संज्ञान लिया है संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो भी आंकड़ा विधानसभा में रखा जाए उसको क्रॉस एग्जामिन किया जाए। बाद में बाली ने विधानसभा परिसर में ही प्रेस वार्ता भी की।

: *Himachal Accident: स्वारघाट में कैंटर-स्कूटी की टक्कर में दो की मौत* 

स्वारघाट के पास चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर स्थित गरामोड़ा टोल प्लाजा के समीप दर्दनाक सडक़ हादसा हुआ। इस हादसे में दो स्कूटी सवार लोगों की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुनील निवासी हमीरपुर और रबीब अहमद निवासी जगातखाना के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही इस मामले को लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुल्लू से सेब लोड कर आगरा जा रहा एक कैंटर और स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिससे स्कूटी सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई, जबकि कैंटर सडक़ के बीचोंबीच अनियंत्रित होकर पलट गया।

हादसे के बाद क्षेत्र में जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई, लेकिन पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए ट्रैफिक को नियंत्रित किया और कैंटर को हैडरे मशीन की मदद से सडक़ से हटाया गया। उधर, एसडीएम धर्मपाल और जिला परिषद उपाध्यक्ष मानसिंह धीमान (सरदार) तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। कर्मचारियों को उचित निर्देश दिए। वहीं, पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हादसे में मृतक लोगों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

एक्सीडेंट में महिला ने तोड़ा दम

बिलासपुर। सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिलासपुर-घुमारवीं सडक़ पर बध्यात में एक सडक़ हादसे में महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। औहर निवासी महेंद्र पाल पत्नी जमना देवी के साथ स्कूटी पर बिलासपुर की ओर आ रहे थे। बध्यात में आगे चल रही एक निजी बस सवारियां उतारने के लिए रुकी। स्कूटी चालक महेंद्र पाल ने बस को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी बीच पीछे से आ रही दूसरी निजी बस ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।

बाइक की चपेट में आया राहगीर

चंबा। चंबा-पठानकोट एनएच पर परेल में मोटरसाइकल की चपेट में आने से राहगीर की मौत हो गई, जबकि बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के विस्तृत कारणों की जांच आरंभ कर दी है।

: *गांवों के स्कूलों में पढ़ा रहे शहर के शिक्षक* 

शिक्षा विभाग में वर्चुअल कक्षाओं का नया प्रयोग, शिमला की छह पाठशालों से नौ ग्रामीण स्कूल जोड़े

ग्रामीण क्षेत्र के उन स्कूलों में साइंस के विषयों के लिए शिक्षा विभाग ने नया प्रयोग किया है, जहां एनरोलेंट कम है। शिमला जिला में शहर के छह स्कूलों के साथ ग्रामीण क्षेत्र के नौ स्कूलों को जोड़ा गया है, जहां वर्चुअल कक्षाओं से पढ़ाया जा रहा है। यानी शिक्षक शिमला शहर में पढ़ा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों में भी लाइव क्लास चल रही है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने छात्रों को समान अवसर प्रदान करके शिक्षा प्रणाली में समानता लाने के उद्देश्य से प्रदेश की राजधानी शिमला के स्कूलों में एक नई पहल शुरू की है। शिक्षा विभाग ने जिला शिमला में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विज्ञान विषय के छात्रों के लिए प्रयोग के आधार पर वर्चुअल क्लास कार्यक्रम शुरू किया है। इन कक्षाओं के माध्यम से जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, उन स्कूलों के साथ ट्विनिंग करके छात्रों को वर्चुअल माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है। शिमला के जिला मुख्यालय के छह स्कूलों से नौ स्कूलों के विद्यार्थियों को साइंस विषय में शिक्षा दी जा रही है। इनमें चार स्कूलों से जमा एक और जमा दो के छात्रों को और दो स्कूलों से दसवीं के छात्रों को शिक्षा दी जा रही है।

इसमें छोटा शिमला स्कूल से क्यारी स्कूल के जमा एक के छात्रों को फिजिक्स, लक्कड़ बाजार स्कूल से वीरगढ़ स्कूल के जमा एक और जमा दो के छात्रों को केमिस्ट्री, लालपानी स्कूल से बगैन के जमा एक और जमा दो के छात्रों को फिजिक्स और केमिस्ट्री, पाहल स्कूल के छात्रों को फिजिक्स और बायोलॉजी की, फागली स्कूल से सरैन स्कूल के जमा एक और जमा दो के छात्रों के लिए केमिस्ट्री और देहा बलसन के छात्रों को बायोलॉजी की वर्चुअल कक्षाएं चल रही है। इसके अलावा कुछ स्कूलों से दसवीं कक्षा के लिए भी वर्चुअल क्लास चल रही है, जिसमें संजौली से गौन्सरी के लिए टीजीटी नॉन मेडिकल की कक्षाएं चल रही हैं। वहीं, टुटू स्कूल से मालत और धरोगडा स्कूल के लिए दसवीं के लिए की कक्षाएं चल रही है, जिसमें मालत स्कूल में मेडिकल के साथ अंग्रेजी विषय भी पढ़ाया जा रहा है। वहीं, धरोगडा स्कूल में टीजीटी नॉन-मेडिकल की कक्षाएं चल रही हैं। इस कार्यक्रम के संचालन में तकनीकी और सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ आईटी शिक्षकों की विशेष भूमिका है।—एचडीएम

दूरदराज के छात्रों को मिली सुविधा

स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जिला शिमला से वर्चुअल क्लास को परीक्षण के आधार पर शुरू किया है। जिला मुख्यालय के स्कूलों में नियुक्त शिक्षक जिला के दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के छात्रों को पढ़ा रहे है। दूरदराज के क्षेत्रों में विद्यार्थी और शिक्षक कम हैं, जबकि शहर के स्कूलों में स्टाफ पूरा है, इसलिए शहर के स्कूलों के शिक्षक ग्रामीण स्कूलों के विद्यार्थियों को वर्चुअल क्लास के माध्यम से शिक्षा दे रहे है। यदि यह ठीक से चलता है तो और सभी जिलों में वर्चुअल कक्षाएं शुरू करेंगे।

: *DA के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट, सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप* 

 नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने कर्मचारियों के सहयोग के दम पर सरकार बनाई, लेकिन अब कर्मचारियों के साथ वह अन्याय कर रही है। विधानसभा में कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता (DA) देने का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाया गया। मुख्यमंत्री से इस बात का आश्वासन भी मांगा गया कि वह एक तिथि बताएं कि कब तक कर्मचारियों का लंबित महंगाई भत्ता जारी किया जाएगा। इस मुद्दे पर सरकार द्वारा कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री के द्वारा डीए जारी करने को आश्वाशन न दिए जाने और इधर-उधर की बातें करने पर भारतीय जनता पार्टी विधायक दल द्वारा सदन से वॉक आउट किया गया। मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 11% से ज्यादा महंगाई भत्ता कर्मचारियों का रोक रखा है। आज मुख्यमंत्री की बातचीत से यह भी साफ है कि वह यह महंगाई भत्ता देना नहीं चाहते हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हर बात मुख्यमंत्री घुमा फिरा कर पूर्व सरकार के ऊपर छोड़ देते हैं। ढाई साल से ज्यादा इस सरकार के गठन को हो गया है। इसके बाद भी पूर्व सरकार के ऊपर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ना सरकार की बेशर्मी है। अब मुख्यमंत्री अपनी नाकामियों और गलतियों को स्वीकारें। झूठी गारंटियां, झूठे वादे करके सत्ता हासिल करने वाली सरकार सब कुछ विपक्ष के जिम्में नहीं थोप सकती है। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान सदन में कहा था कि मई के महीनें से कर्मचारियों को डीए की एक किश्त मिल जाएगी। लेकिन मई भी बीत गया, जून भी बीत गया, जुलाई भी बीत गया और अगस्त भी बीतने वाला है लेकिन सरकार द्वारा दिए दिए जाने की कोई घोषणा नहीं की गई। आज भी मुख्यमंत्री डीए जारी करने का आश्वासन नहीं दे रहे हैं जिस यह साफ है आने वाले समय में भी डीए नहीं मिलने वाला।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डीए के एरियर के रूप में ही कर्मचारियों के 2 हजार करोड़ की धनराशि बकाया है। कर्मचारी अपने इलाज के लिए भटक रहे हैं। सरकार द्वारा ढाई साल से कर्मचारियों के मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। इसके लिए भी क्या विपक्ष ही जिम्मेदार है। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पूर्व सरकार के समय भी डीए लंबित था। जिसे हमारी सरकार ने लोगों को दिया। यह सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन सरकार कर्मचारी हित के बजाय राजनीति कर रही है। यह दुर्भाग्य पूर्ण हैं। सरकार कर्मचारियों को अविलंब डीए जारी करे।

: *सरिया फैक्टरी में हादसा, पिघले हुए लोहे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत, एक अन्य घायल* 

सिरमौर जिला के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में जाने माने एक लोहा उत्पाद उद्योग में हुए एक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है, जबकि एक मजदूर घायल हो गया है । काला अंब त्रिलोकपुर रोड स्थित साबू टोर सरिया फैक्टरी में पिघला हुए लोहे को ले जाने वाले बकेट का गियर के स्लिप हो जाने से पिघला हुआ लोहा एक मजदूर पर आ गिरा। पिघले हुए लोहे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत और एक के गंभीर रूप से घायल होने का समाचार मिला है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा वीरवार की सुबह 9:25 बजे के आसपास का बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह की शिफ्ट में मजदूर इस सरिया फैक्टरी में रॉ मटेरियल को भट्टी में डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान जब गरम-गरम पिघले हुए लोहे को लेकर बकेट ले जाने वाली क्रेन अगले प्रोसेस की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक चेन का एक गियर स्लिप हो गया जिसके चलते पिघला लोहा मजदूर पर आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे में मजदूर बुरी तरह से झुलस गया जिसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दूसरा मजदूर भी इस हादसे की चपेट में आ गया। मजदूर को गंभीर घायल अवस्था में नारायणगढ़ अस्पताल की ओर ले जाया गया। खबर लिखे जाने तक घायल की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई थी।

उधर इस घटना की जानकारी मिलने के बाद काला अंब थाना प्रभारी कंवर कुलवंत सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने बताय कि वह इस हादसे को लेकर फिलहाल जांच कर रहे हैं । जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति से परिचित करवाया जा सकेगा। वहीं, फैक्ट्री के मजदूरों के गेट के बाहर फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई। हालांकि मेंटिनेस इंजीनियर के द्वारा सुबह ही सभी मिशनरी की जांच की गई बावजूद इसके मजदूर वर्ग प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

उधर फैक्टरी के सीएमडी पवन सैनी ने कहा कि यह एक दुखद दुर्घटना है। मृतक मजदूर के परिवार के साथ उनकी पूरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस घटनाक जानकारी पुलिस को दे दी गई थी। पवन सैनी ने कहा कि घायल व्यक्ति के इलाज में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। पवन सैनी ने बताया कि फैक्टरी में हर शिफ्ट के बाद मशीनरी का मेंटिनेस इजीनियर बाकायद जांच करता रहता है।

: *बिंदल ने किया अपनी टीम का विस्तार, पार्टी प्रवक्ताओं और संयोजकों की तैनाती* 

 हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अपनी टीम का विस्तार करते हुए वरिष्ठ प्रवक्ताओं, प्रवक्ताओं और सह संयोजकों की तैनाती कर दी है। पार्टी ने तीन वरिष्ठ प्रवक्ता और 15 प्रवक्ता नियुक्त किए हैं। इसके अलावा पार्टी संयोजकों और सह संयोजकों की भी तैनाती की गई है। भाजपा ने त्रिलोक कपूर, त्रिलोक जम्वाल और राजेंद्र राणा को वरिष्ठ प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसको लेकर पार्टी की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। नीचे लिस्ट में देखें पार्टी के प्रवक्ता और संयोजकों के नाम-

: *टैरिफ पर भारत से दुश्मनी महंगी पड़ेगी, निक्की हेली ने चेताया; चीन पर लगाम लगानी है, तो सुधारने होंगे रिश्ते* 

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि भारत-अमरीका संबंध एक नाजुक मोड़ पर हैं और यदि वाशिंगटन को चीन की वैश्विक महत्त्वाकांक्षाओं को नियंत्रित करना है, तो इन संबंधों को जल्द से जल्द सुधारना होगा। हेली ने न्यूजवीक में प्रकाशित एक लेख में लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को रूसी तेल के मुद्दे और टैरिफ विवाद को दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच दरार पैदा करने की अनुमित नहीं देनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि संयुक्त राज्य अमरीका को अपनी सबसे महत्त्वपूर्ण बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चीन का सामना करने के लिए, अमरीका को भारत जैसे एक दोस्त की जरूरत है। हेली ने ट्रंप के दबाव अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के क्रूर युद्ध को वित्तपोषित करने में मदद कर रही है।

हालांकि, उन्होंने भारत के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार करने के खिलाफ चेताया है। उन्होंने कहा कि एशिया में चीनी प्रभुत्व के खिलाफ एकमात्र देश के साथ 25 वर्षों की प्रगति को नष्ट करना एक रणनीतिक आपदा होगी। उन्होंने तर्क दिया कि वाशिंगटन के आर्थिक और सुरक्षा लक्ष्यों के लिए भारत जरूरी है, जहां अमरीका अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को चीन से दूर ले जाना चाहता है, वहीं भारत कपड़ा, फोन और सौर पैनल जैसे उद्योगों के लिए ‘चीन जैसे पैमाने पर’ विनिर्माण क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने भारत के अमरीका और इजरायल जैसे सहयोगियों के साथ बढ़ते रक्षा संबंधों को भी रेखांकित किया, जिसे उन्होंने मुक्त विश्व की सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण संपत्ति बताया।

: *एशिया के लिए खतरा पैदा कर रहा है चीन, तिब्बत में ताबड़तोड़ मिलिट्री निर्माण से पर्यावरण को नुकसान* 

तिब्बत में ताबड़तोड़ मिलिट्री निर्माण से पर्यावरण को नुकसान, 30 साल में जमीन का तापमान सालाना 0.1 से 0.5 डिग्री सेल्सियस के बीच बढ़ा

चीन तिब्बत में अपनी मनमानी थोपने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। चीन तिब्बत की संस्कृति और भाषा को मिटाने पर तुला हुआ है। सेना की तैनाती भी लगातार बढ़ रही है और इसके लिए नए-नए निर्माण जारी हैं। यह सब सिर्फ तिब्बत ही नहीं, बल्कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भी खतरे की घंटी है। तिब्बत को एशिया का वॉटर टावर भी कहा जाता है। इस पूरे क्षेत्र में पोलर रीजन के बाद सबसे ज्यादा ग्लेशियर हैं। इन ग्लेशियर से 10 बड़ी नदियां निकलती हैं और इससे एशिया के दो बिलियन लोगों को पानी मिलता है, लेकिन भविष्य में यह पानी की किल्लत हो सकती है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है चीन का तिब्बत में ताबड़तोड़ निर्माण, जिससे पर्यावरण को खतरा पहुंच रहा है। इंस्टिट्यूट फॉर सिक्योरिटी एंड डेवलपमेंट पॉलिसी थिंक टैंक के मुताबिक, पिछले 30 साल में जमीन का तापमान सालाना 0.1 से 0.5 डिग्री सेल्सियस के बीच बढ़ा है। ताबड़तोड़ निर्माण से ग्लेशियर को नुकसान पहुंच रहा है, जो कि आने वाले दिनों में पूरे एशिया के लिए खतरे का सबब बन सकता है।

वेस्टर्न थिएटर कमांड के तहत 5 मिलिट्री सब डिस्ट्रिक्ट न्गारी, शिगात्से, ल्हासा, न्यिंगची और चामडो शामिल हैं। निर्माण की बात करें तो गोंगगर एयरपोर्ट पर दूसरा रनवे बनाया गया, शिगात्से एयरपोर्ट पर एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट के लिए नए हैंगर, यूएवी ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त रनवे जिनसे जे-16 लड़ाकू विमान और वाई-20 भारी ट्रांसपोर्ट ऑपरेट कर सकते हैं। इसके अलावा एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) को 3,000 से 5,500 मीटर की ऊंचाई पर बनाए गए हैं। तिब्बत में ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए साल 2024 में ही 80 बिलियन युआन आबंटित किए गए हैं, जिसमें 10 नए एयरपोर्ट और 47 एएलजी तैयार किए जाने हैं। इसके अलावा 2006 में किंघई-तिब्बत रेलवे के पूरा होने के बाद से रेलवे नेटवर्क काफी तेजी से बढ़ा है। नाम तो दिया जाता है कि यह सब तिब्बत के लोगों के लिए है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह मिलिट्री के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर ही बनाए जा रहे हैं, ताकि भारत के साथ एलएसी पर कोई तनाव की स्थिति में चीन तेजी से अपना मूवमेंट कर सके।

रेल नेटवर्क के बनाए गए नौ बड़े स्टेशन

सूत्रों के मुताबिक, रेल नेटवर्क के बनाए गए नौ बड़े स्टेशन पूरे एक इंफेंट्री डिविजन को उनके उपकरणों के साथ ले जाने की क्षमता रखते हैं. इसके अलावा तिब्बत में मिलिट्री ऑपरेशन के लिए रोड नेटवर्क को भी बड़ी तेजी से बढ़ाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 15,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी ऑलवेदर रोड तिब्बत में तैयार की गई है, जो भारी सैन्य वाहनों और उपकरणों के ले जाने में सक्षम है। साल 2015 और 2023 के बीच ही लगभग 4,200 किलोमीटर सडक़ें जोड़ी गई हैं। इस पूरे रोड नेटवर्क में 124 बड़े क्लास 70 ब्रिज शामिल हैं, यानी वे ब्रिज जो 70 टन तक के भार को आसानी से सहन कर सकते हैं।

: *भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार, जयशंकर का पाक को संदेश, आतंक के खिलाफ दिल्ली-मास्को ने मिलाया हाथ* 

रूस की धरती से जयशंकर का पाक को संदेश, आतंक के खिलाफ दिल्ली-मास्को ने मिलाया हाथ

विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर रूस की जमीन से दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है। जयशंकर ने गुरुवार को आतंकवाद के प्रति भारत के जीरो टॉलरेंस के रुख की पुष्टि करते हुए कहा कि अपनी रक्षा करना किसी भी संप्रभु देश का अधिकार है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और मास्को ने मिलकर आतंकवाद से लडऩे का संकल्प लिया है। रूस के दौरे पर पहुंचे जयशंकर के इस रुख को पाकिस्तान के लिए संदेश की तरह देखा जा रहा है। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि आतंकवाद से बचाव करना भारत का संप्रभु अधिकार है। हम हर रूप में आतंकवाद की निंदा करते हैं और आतंकवाद से मिलकर लडऩे का संकल्प लेते हैं।

मास्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिले विदेश मंत्री

भारत के विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुलाकात की। यह मुलाकात राजधानी मास्को में हुई। इससे पहले जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने और साल के आखिरी में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए गुरुवार को अपने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की।

अमरीका को सुनाया; भारत नहीं, चीन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददार

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को साफ शब्दों में कहा कि भारत रूस का सबसे बड़ा तेल आयातक नहीं है और इस मुद्दे पर अमरीका के तर्कों से वह हैरान हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर रूस से तेल खरीद बंद करने का दबाव बना रहे हैं। मास्को में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद जयशंकर ने कहा कि हम रूस के सबसे बड़े तेल खरीददार नहीं हैं। चीन है। हम रूस से सबसे ज्यादा एलएनजी आयात करने वाले देश भी नहीं हैं। इस मामले में यूरोपीय संघ (ईयू) सबसे आगे है। 2022 के बाद रूस के साथ व्यापार में सबसे ज्यादा वृद्धि भी भारत की नहीं हुई है, बल्कि दक्षिण के कुछ अन्य देशों की हुई है। जयशंकर ने कहा कि टैरिफ पर अमेरिका के अजीब तर्क से भारत हैरान है।

: *उत्तराखंड में शिक्षक ने 9वीं के छात्र को मारा थप्पड़, गुस्साए स्टूडेंट ने टीचर पर दाग दी गोली*

हिमाचल के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां ऊधम सिंह नगर में निजी स्कूल में पढ़ने वाले 9वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने शिक्षक पर तमंचे से गोली चला दी। गोली शिक्षक के दाएं कंधे पर लगी जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया। घायल शिक्षक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि शिक्षक ने छात्र को थप्पड़ मारा था। इसी बात से गुस्साया छात्र अपने लंच बॉक्स में तमंचा छिपाकर स्कूल लाया और कक्षा में ही शिक्षक पर गोली चला दी। इस घटना के विरोध में सीबीएसई बोर्ड से जुड़े अध्यापक धरने और हड़ताल पर बैठ गए हैं। कई जगहों पर आज स्कूल बंद रखे गए हैं। वहीं, पुलिस ने आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है और तमंचा बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

: *भंजराडू- शहवा-भड़कवास सड़क पर 40 मीटर की चढ़ाई जान लेने पर उतारू*

*चुराह उपमंडल के भंजराडू-शहवा-भड़कवास सड़क पर 40 मीटर की खड़ी चढ़ाई लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है। आलम यह है कि इस प्वाइंट पर खड़ी चढ़ाई के कारण अब तक दो हादसों में छह लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ चुका है।*

: कोटी में 60 वर्षों से चली आ रही परंपरा को संजोएगा छिंज मेला 24 अगस्त को कोटी में होगा दंगल

चंबा। ग्राम पंचायत प्रहनवी के गाँव कोटी में इस वर्ष भी परंपरागत कोटी छिंज मेला बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ आयोजित किया जाएगा। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक व खेल परंपराओं को जोड़ने वाला प्रमुख आयोजन है, जिसकी शुरुआत 60 वर्ष पूर्व हुई थी और तब से लगातार इसकी परंपरा जीवित है।

मेला समिति के अनुसार, 24 अगस्त 2025 को आयोजित होने वाले इस मेले की अध्यक्षता पंचायत प्रधान श्री सतपाल राठौर करेंगे। मेले का मुख्य आकर्षण दंगल प्रतियोगिता होगी, जो दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक संपन्न होगी। दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों के दमखम का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री सतनाम सिंह रहेंगे।

मेले से एक दिन पूर्व, यानी 23 और 24 अगस्त को युवाओं के उत्साह को समर्पित वॉलीबॉल टूर्नामेंट भी करवाया जाएगा। वहीं, रात्रि को होने वाली सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री राहुल ठाकुर करेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमाचल की प्रसिद्ध लोकगायिका एवं इंडियन आइडल प्रतिभागी गीता भारद्वाज अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। हाल ही में उन्होंने चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में शानदार प्रस्तुति देकर प्रदेश का नाम रोशन किया था।

: पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका. मशहूर कॉमेडियन जसविंदर भल्ला का 65 वर्ष की उम्र में आज सुबह निधन हो गया. अपनी हास्य भूमिकाओं से लाखों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले भल्ला ने Carry on Jatta, Naukar Wohti Da समेत कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था. उनका अंतिम संस्कार कल दोपहर 12 बजे मोहाली के नज़दीक बलोंगी श्मशान घाट पर किया जाएगा. उनके चाहने वालों और फिल्म जगत में शोक की लहर है.

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला