फाइलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही, 2025 में मरीजों की संख्या 2650 थी, जो वर्ष 2026 में बढ़ कर 2871 हो गई है
सिटी रिपोर्टर|दरभंगा जिले में फाइलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में जिले में फाइलेरिया के 1061 मरीज थे, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 2026 हो गए। इसके बाद वर्ष 2025 में मरीजों की संख्या 2650 तक पहुंच गई और वर्तमान में यह बढ़कर 2871 हो गई है। इन मरीजों की पहचान नाइट ब्लड सर्वे के दौरान की गई है। नाइट ब्लड सर्वे 28 अगस्त से 10 सितंबर तक चला। जो 9 ब्लॉक में किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन हो सकती है और मरीजों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। दवा खाने से छूटे हुए लोगों को कवर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो 13 मार्च तक जारी रहेगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रहे हैं और उन्हें बीमारी के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र और दरभंगा सदर में एक्टिव फाइलेरिया मरीजों की संख्या सबसे अधिक 1098 मरीज है। जबकि अलीनगर में 36, बहादुरपुर में 97, बहेड़ी में 55, बेनीपुर में 159, बिरौल में 236, गौड़ाबौराम 51, घनश्यामपुर में 48, हनुमाननगर में 358, हायाघाट में 116, जाले में 116,केवटी में 152, किरतपुर में 31, सतीघाट में 77, कुशेश्वरस्थान पश्चमी में 69, मनीगाछी में 57, सिंघवाड़ा में 97, तारडीह में 18 एक्टिव फाइलेरिया मरीज हैं। ^सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक इस बीमारी को खत्म करना है, इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए दवा जरूर खाए। यह बीमारी मच्छर के काटने से होता है। - डॉ. अमरेंद्र मिश्रा, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी
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