गैस किल्लत के बीच ‘काला कारोबार’ का खेल अवैध भंडारण करने वाले कमा रहे मोटा मुनाफा
जोगबनी (अररिया)| मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब सीमावर्ती क्षेत्र जोगबनी में भी देखने को मिल रहा है। संभावित महंगाई और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी तथा इसकी किल्लत की आशंका को लेकर स्थानीय गैस गोदाम एवं गैस कार्यालय में उपभोक्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने और बुकिंग की स्थिति जानने के लिए गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं। जबकि गत दिनों एलपीजी गैस की कीमतों में करीब 60 रुपए तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं में यह डर बना हुआ है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और इजाफा तथा इसकी किल्लत हो सकता है। गैस गोदाम के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है। कोई साइकिल से, कोई मोटरसाइकिल से, तो कोई रिक्शा और ऑटो के माध्यम से सिलेंडर ले जाने के लिए पहुंच रहा है। वही गैस कार्यालय में ओटीपी लेकर डिलीवरी पर्ची निकलवाने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रहती है। एजेंसी में कार्यरत एक कर्मी ने बताया कि सरकार के निर्देश के अनुसार ही गैस का वितरण किया जा रहा है। नियम के तहत उपभोक्ताओं को 25 दिन के अंतराल के बाद ही अगली गैस बुकिंग और आपूर्ति की व्यवस्था है। उसी के आधार पर उपभोक्ताओं को डिलीवरी दी जाती है। भास्कर न्यूज | अररिया केंद्र सरकार द्वारा एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 लागू किए जाने और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच जिले में अवैध रूप से गैस भंडारण करने वालों की चांदी हो गई है। गैस की संभावित किल्लत का फायदा उठाते हुए जिले में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी हो रही है। सड़क किनारे चौक-चौराहों पर अवैध रूप से गैस भंडारण कर एलपीजी सिलेंडर से ऑटो में मोटर के जरिए गैस भरी जा रही है और मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार तक जो गैस ऑटो चालकों को लगभग 80 रुपये प्रति लीटर मिल रही थी, वही गैस अब 120 रुपये प्रति लीटर तक बेची जा रही है। इससे अवैध कारोबारियों को मोटा मुनाफा हो रहा है, जबकि आम उपभोक्ता और वाहन चालक परेशान हैं। जिले में 500 से अधिक अवैध गैस भंडारण केंद्र जानकारी के अनुसार अररिया जिले में छोटे-बड़े मिलाकर 500 से अधिक अवैध गैस भंडारण केंद्र संचालित हो रहे हैं। कई जगहों पर सड़क किनारे खुलेआम एलपीजी सिलेंडर से मोटर लगाकर ऑटो में गैस भरी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पर प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। अररिया-पलासी सड़क मार्ग पर चलने वाले ऑटो चालक राजा, सुनील, तौकीर और खालिद ने बताया कि पहले 80 रुपये प्रति लीटर गैस खरीदते थे, लेकिन अब वही गैस 120 रुपये में मिल रही है। ऐसे में बढ़ी लागत के कारण यात्रियों से कीमत बढ़ाना मजबूरी बन गया है। बैरगाछी, अररिया शहर के बर्फ फैक्ट्री के आस पास, मदनपुर में, अररिया - जोकीहाट मार्ग में, कुर्साकांटा में चौक चौराहों पर अवैध भंडारण होता है। डीआईजी ने डीएम व एसपी को अलर्ट किया इधर स्पेशल ब्रांच के डीआईजी ने अररिया, पूर्णिया समेत सभी जिलों के डीएम और एसपी को अलर्ट भेजा है। इसमें मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण स्थिति के कारण गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। पत्र में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करने, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही लोगों को अफवाहों से दूर रखने और स्थिति के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है। एजेंसी से सिलेंडर खरीदकर किलो में बेच रहे कारोबारी सूत्रों के अनुसार अवैध भंडारण करने वाले लोग गैस एजेंसियों या अन्य स्रोतों से 1100 से 1200 रुपये में सिलेंडर खरीदते हैं और फिर उसे लीटर के हिसाब से बेचकर कई गुना मुनाफा कमा रहे हैं। कृत्रिम किल्लत का माहौल बनाकर दाम और बढ़ा दिए गए हैं।
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