'बिहार के खजाने की हो रही खुली लूट':राजद ने कहा- 3 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा बिहार, खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार

Jan 10, 2026 - 18:25
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'बिहार के खजाने की हो रही खुली लूट':राजद ने कहा- 3 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा बिहार, खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राज्य सरकार पर बिहार के खजाने की 'खुली लूट' और 'फिजूलखर्ची' का आरोप लगाते हुए सरकार से खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राजद के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार राज्य के खजाने को सुनियोजित तरीके से खाली करने की साजिश कर रही है। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सरकार की बेतहाशा फिजूलखर्ची की वजह से आज बिहार पर 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज हो चुका है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है और राज्य के हर नागरिक पर करीब 25 हजार रुपए का कर्ज चढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को 10 हजार रुपए देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई, लेकिन अब महिलाओं के खाते में दो लाख रुपए देने के जो वादे किए गए थे, उस पर सरकार पूरी तरह चुप है। उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार इस वादे को लागू करती है तो सिर्फ इसी योजना से 2 लाख 70 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा वेतन मद में करीब 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपए की जरूरत होगी। यानी कुल मिलाकर 3 लाख 45 हजार करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी, जबकि पूरे बिहार का सालाना बजट ही करीब 3 लाख करोड़ रुपए का है। सरकार खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करे राजद नेता ने कहा कि सरकार को राज्य के खजाने से किए जा रहे खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए और बिहार की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए कि पैसा कहां और कैसे खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रही फिजूलखर्ची को लेकर आम लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर सरकार बिहार को तोड़कर फिर से बनाने की मंशा क्यों रखती है। बिहार निवास तोड़ने के फैसले पर उठे सवाल शक्ति सिंह यादव ने बिहार निवास को तोड़कर नए सिरे से बनाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार निवास की उम्र अभी सिर्फ 32 साल है और वह एक मजबूत इमारत है, फिर उसे तोड़ने की आखिर जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वहां लालू प्रसाद यादव के नाम का शिलापट्ट लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि लालू जी के नाम से लगा बोर्ड सत्तारूढ़ दल को चुभ रहा है और इसी ईर्ष्या और जलन के कारण एक मजबूत इमारत को गिराकर नई इमारत बनाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार निवास का निर्माण 1994 में हुआ था, जबकि बिहार भवन करीब 90 साल पुराना है और नया बना बिहार सदन “माचिस की डिब्बी” जैसा दिखता है। एजुकेशन हब क्यों नहीं बनाती सरकार? राजद नेता ने सवाल उठाया कि सरकार बिहार में एजुकेशन हब बनाने पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि विकास के जरूरी क्षेत्रों को छोड़कर सिर्फ नाम मिटाने और नाम जोड़ने की राजनीति के तहत अरबों रुपए खर्च करने की तैयारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के करीबी चाहते हैं कि उनका नाम शिलापट्ट पर दर्ज हो, इसलिए बिहार निवास को तोड़ने की बात की जा रही है। यह पूरी तरह से राज्य के खजाने को लूटने की साजिश है। आम जनता के बीच जाएगा राजद शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल इस मुद्दे को आम जनता के बीच लेकर जाएगा और राज्य के खजाने को बचाने के लिए संघर्ष करेगा। सरकार के खजाने पर किसी एक दल या व्यक्ति की जागीर नहीं है, बल्कि यह बिहार की जनता की गाढ़ी कमाई है। प्रेस वार्ता के अंत में प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि राजद इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरता रहेगा और जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला