आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ एक दिन 🌇 पर विचार विमर्श और इस तरह चीन और रूस और भारत सरकार अधिनियम अस्तित्व

अगले 24 घंटों में चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल और स्पीति, मंडी और ऊना जिलों में एक -दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा/बर्फबारी होने की संभावना है।

Oct 6, 2025 - 09:35
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आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ एक दिन 🌇 पर विचार विमर्श और इस तरह चीन और रूस और भारत सरकार अधिनियम अस्तित्व

TRNDKB: *Diwali : दिवाली को लेकर अब कन्फ्यूजन नहीं, चल गया असली तारीख का पता, आप भी जानिए* 

इस साल दिवाली किस दिन पड़ेगी, इसके लिए लोगों में कन्फ्यूजन है। कुछ पंचांगों में 20 तो कुछ में 21 अक्तूबर को दिवाली लिखी है। इसी भ्रम को दूर करने के लिए काशी विद्वत परिषद के धर्मशास्त्र और ज्योतिष प्रकोष्ठ की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें गहन चर्चा के बाद तय हुआ कि पूरे देश में 20 अक्तूबर को ही दिवाली मनाई जाए। विद्वानों ने दिवाली की तिथि को लेकर अलग-अलग पंचांगों की गणनाओं की तुलना के बाद कहा कि जिन पंचांगों में 21 अक्तूबर को दिवाली बताई गई है, वे धर्मशास्त्र और परंपराओं के हिसाब से सही नहीं हैं।

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी ने कहा कि श्री काशी विद्वत परिषद ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया कि 20 अक्तूबर को ही पूरे भारत में दिवाली मनाई जाएगी। इस दिन शाम सात बजे से लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त रहेगा। सभी पंचांगकार भी इससे सहमत हैं। यह फैसला पूरे देश के लिए जारी किया गया है। इस साल कुछ पंचांगों में गलती हो गई है। अगले साल यानी 2026 से इस तरह की गलतियां नहीं होंगी। सभी पंचांग एकरूपता के साथ इस तरह की तिथि पर्वों को प्रकाशित करेंगे।

21 अक्तूबर को दिवाली न मनाने के पीछे तर्क

काशी विद्वत परिषद की बैठक की अध्यक्षता प्रोफेसर रामबद्र पांडेय ने की। इस दौरान विद्वानों ने साफ किया कि साल 2025 में अमावस्या 20 अक्तूबर को प्रदोषकाल तक पूरी तरह व्याप्त है। यह समय लक्ष्मी पूजन के लिए जरूरी माना जाता है। हालांकि, 21 अक्तूबर को भी अमावस्या तीन प्रहर तक है, लेकिन उस दिन वृद्धि गामिनी प्रतिपदा साढ़े तीन प्रहर तक रहती है। इसका मतलब यह है कि नए अन्न का पारण (भोजन) शास्त्रानुसार नहीं हो पाएगा। ऐसे में इस दिन दिवाली पूरी तरह सही ढंग से नहीं मनाई जा सकेगी।

TRNDKB: *केंद्र को भाया हिमाचल का ‘एक राज्य-एक पोर्टल’, एक ही मंच पर मिल रही शहरी स्थानीय निकायों की सेवाएं* 

सीएम सुक्खू ने किया था उद्घाटन, एक ही मंच पर मिल रही शहरी स्थानीय निकायों की सेवाएं

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नगर प्रशासन को पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। शहरी विकास विभाग ने ‘एक राज्य, एक पोर्टल’ शुरू किया है, इसका उद्घाटन कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने किया था। इस पोर्टल के माध्यम से अब राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों की सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। राज्य सरकार की इस पहल को भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने भी सराहा है। हिमाचल प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि हाल ही में, भारत सरकार द्वारा प्राप्त डीओ पत्र जो प्रधान सचिव एवं निदेशक शहरी विकास विभाग को प्रेषित किया गया है, जिसमें राज्य के इस दिशा में अग्रणी प्रयासों को भारत सरकार के स्तर पर आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मान्यता और सराहना मिली है।

शहरी विकास विभाग के निदेशक डा. नीरज कुमार ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन में बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में बदलाव लाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास विभाग द्वारा एक दूरदर्शी ‘एक राज्य-एक पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया है। यह अग्रणी प्लेटफॉर्म राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में एकीकृत व संपूर्ण समाधान प्रदान करता है। पहले चरण में इस प्लेटफॉर्म पर इस पहल के तहत स्थापित राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई द्वारा नौ प्रमुख सेवाएं उपलब्ध करवाई हैं। इसमें सात नागरिक-केंद्रित नगरपालिका सेवाएं और दो शहरी स्थानीय निकायों के प्रबंधन एवं संचालन को सुदृढ़ बनाने के लिए समर्पित सेवाएं शामिल हैं।

केंद्र सरकार ने पत्र लिखकर प्रदेश सरकार के प्रयास सराहे

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पत्र लिखकर हिमाचल के प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल के रूप में प्रदर्शित करने में रुचि जताई है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध होंगी। ‘एक राज्य, एक पोर्टल’ के पहले चरण में नौ महत्त्वपूर्ण सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें ट्रेड लाइसेंस प्रबंधन, कचरा संग्रहण एवं बिलिंग, विज्ञापन/होर्डिंग व कैनोपी अनुमति, सामुदायिक भवन और नगरपालिका मैदान की बुकिंग, संपत्ति कर प्रबंधन, पालतू पशु पंजीकरण, शिकायत निवारण, परिसंपत्ति प्रबंधन और आरडीएफ निगरानी मॉड्यूल प्रमुख हैं।

TRNDKB: *भारत की चेतावनी पर पाक की गीदड़भभकी, दुश्मन सेना के प्रमुख मुनीर बोले, अब युद्ध बहुत विनाशकारी होगा* 

भारत द्वारा पाकिस्तान को ऑपरेशन 2.0 की चेतावनी और पाकिस्तान को नक्शे से मिटाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि अगर दोनों देशों के बीच भविष्य में कोई युद्ध हुआ, तो वह बहुत विनाशकारी होगा। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान की सेना शत्रु के हर इलाके में लड़ाई करने में सक्षम है। पाकिस्तान सेना ने अपने बयान में कहा कि भारतीय रक्षा मंत्री और सेना व वायुसेना प्रमुखों के बयानों को देखते हुए हम चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में किसी भी तरह का संघर्ष बहुत विनाशकारी हो सकता है। अगर शत्रुता का नया दौर शुरू हुआ तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा। हम बिना हिचकिचाहट और बिना संयम के कड़ा जवाब देंगे। पाकिस्तान सेना ने आगे कहा कि जिन लोगों की मंशा नया नियम बनाना है, उन्हें समझ लेना चाहिए कि पाकिस्तान ने अब एक नया तरीका अपना लिया है।

यह तरीका तेज, निर्णायक और विनाशकारी होगा। बेवजह की धमकियों और बेतहाशा हमलों का सामना करते हुए पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बलों के पास दुश्मन के हर इलाके तक लडऩे की क्षमता और दृढ़ संकल्प है। इस बार हम भौगोलिक सीमाओं के पीछे छिपने की धारणा को तोड़ देंगे और भारतीय क्षेत्र के सबसे दूरदराज इलाकों तक पहुंच जाएंगे। जहां तक पाकिस्तान को नक्शे से मिटाने की बात है, भारत को जानना चाहिए कि अगर ऐसी कोई स्थिति आई, तो इसका असर दोनों तरफ होगा। गौर हो कि भारत के जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को कहा था कि पाकिस्तान को आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना चाहिए, अगर वह विश्व मानचित्र पर अपनी जगह बनाए रखना चाहता है। इसके एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत जरूरत पडऩे पर किसी भी सीमा को पार कर सकता है, ताकि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पाकिस्तानी सेना के बाद रक्षामंत्री भी उछले

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना के बाद दुश्मन देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी धमकी दी है कि अबकी बार जंग हुई, तो भारत अपने लड़ाकू विमानों के मलबे के नीचे दब जाएगा। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारतीय लीडरशिप अपनी खोई हुई विश्वसनीयता पाने के लिए भडक़ाऊ बयान दे रही है। नई दिल्ली जानबूझकर तनाव बढ़ा रही है, ताकि नागरिकों का ध्यान घरेलू चुनौतियों से भटकाया जा सके।

TRNDKB: *Bihar Assembly Elections : मुख्य चुनाव आयुक्त का ऐलान, बूथ पर मोबाइल ले जा सकेंगे वोटर* 

बिहार के मतदाता अब मतदान केंद्र पर अपना मोबाइल ले जा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि मतदान कक्ष के ठीक बाहर तक मतदाता मोबाइल ले जा सकते हैं। हर बूथ पर मोबाइल जमा कराने की सुविधा होगी। मतदान कक्ष में प्रवेश करने से पहले उन्हें मोबाइल छोड़ देना होगा। वोट डालकर निकलने के बाद वे मोबाइल वापस ले लेंगे। पिछले साल ही यह व्यवस्था शुरू की गई थी। बिहार के सभी 90 हजार बूथों पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी अब मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर अपने स्तर पर सहायता केंद्र खोल सकते हैं। पहले इसे पोलिंग बूथ से दूर रखा जाता था। उन्होंने बताया कि अब राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। बिहार चुनाव में 17 नवाचार किए जा रहे हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीर लगाने का प्रावधान किया है। ब्लैक एंड व्हाइट फोटो से पहचान में दिक्कत की शिकायत मिलने पर यह व्यवस्था की गई है। प्रत्याशियों की क्रम संख्या को भी बोल्ड फॉन्ट में अंकित किया जाएगा, ताकि बुजुर्ग मतदाताओं को सुविधा हो। मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची पर पोलिंग बूथ का नाम और पता भी बोल्ड फॉन्ट में दर्ज किया जाएगा।

वोटर कार्ड वितरण की हर चरण की समीक्षा की व्यवस्था की गई है। 15 दिनों में फोटो आईडी कार्ड वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य में लगे बीएलओ को भी आई कार्ड दिया जाएगा। सीईसी ने कहा कि किसी भी मतदान केंद्र पर 12 सौ से अधिक वोटर नहीं होंगे। पहले इसे 15 सौ तक रखा जाता था। अब हर पोलिंग स्टेशन पर शत प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी। बिहार में पहली बार बूथ लेवेल एजेंटों की ट्रेनिंग दिल्ली में कराई गई है। बीएलओ और सुपरवाइज को प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस पदाधिकारियों को पहले जिला या राज्य स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाता था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बिहार के मतदाताओं से चुनाव महापर्व को छठ और अन्य त्योहारों की तरह उत्सव के रूप में मनाने की अपील की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में विधानसभा चुनाव 22 नवंबर से पहले संपन्न करा दिए जाएंगे। बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक ही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की तरह पूरे देश में एसआईआर करवाया जाएगा।

TRNDKB: *खरड़ में ऊना के युवक को मारी गोली, दोस्तों के साथ घूमने गया था दियाड़ा का अभागा, कहासुनी पर ली जान* 

जिला ऊना के दियाड़ा निवासी 20 वर्षीय युवक की पंजाब के खरड़ में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान शिवांग राणा (20) पुत्र स्व. अजय कुमार निवासी दियाड़ा के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि खरड़ पहुंच चुके है। वहीं पंजाब पुलिस भी मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि शिवांग राणा के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उसकी माता आशा वर्कर है। शिवांग राणा का छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। शिवांग राणा ऊना कालेज का विद्यार्थी है। बीते शनिवार को वह अपने चार अन्य दोस्तों के साथ खरड़ घूमने गया था, जहां पर इन्होंने रात के समय इक्कठे खाना भी खाया।

इसके बाद युवकों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और देखते ही देखते एक युवक ने शिवांग पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पंजाब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने की कार्रवाई में जुटी हुई है। सोमवार को शव ऊना पहुंचेगा, जहां उसका अंतिम संस्कार होगा। उक्त सूचना मिलते ही दियाड़ा गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। ग्राम पंचायत प्रधान परिजनों के साथ खरड़ पहुंच गए है। उधर, ग्राम पंचायत अर्जुन सिंह ने बताया कि गांव के एक युवक की खरड़ में गोली लगने की सूचना मिली थी। वह स्वयं अन्य लोगों के साथ खरड़ गए है। एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि ऊना पुलिस के पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है।

TRNDKB: *आपदा पीडि़तों के लिए 1633 मकान मंजूर, केंद्र ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत दी स्वीकृति* 

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत प्रदेश के लिए 1,633 घरों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी विशेष परियोजना के तहत दी गई है, जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास में मदद मिलेगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आदेश के अनुसार यह मंजूरी वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दी गई है। प्रभावित परिवारों के नाम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे। पात्रता की जांच पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी। इसमें ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनके मकान पहले पीएमएवाई-जी से बने थे, लेकिन प्राकृतिक आपदा में नष्ट हो गए। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पात्र लाभार्थियों की प्रविष्टियां समय पर पूरी की जाएं और लक्ष्य आबंटन की तारीख से एक माह के भीतर मकानों की स्वीकृति प्रदान की जाए।

इस मंजूरी से हिमाचल के सैकड़ों आपदा प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि इसमें पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के प्रावधानों को पूरा किया जाए। राज्य को उन पात्र प्रभावित परिवारों का विवरण प्राप्त करने की अनुमति देने के लिए आवास प्लस 2024 विंडो खोलने की मंजूरी दी गई है, जिनके नाम एसईसीसी 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची और पीएमएवाई-जी के आवास प्लस 2018 सर्वेक्षण में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा राज्य को पीएमएवाई-जी की विशेष परियोजना के तहत पात्र प्रभावित लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। क्योंकि आवास 2024 सर्वेक्षण सूची को अद्यतन करने के लिए सर्वेक्षण पहले ही पूरा हो चुका है। राज्य सरकार को विशेष परियोजना के तहत उन पात्र लाभार्थियों के लिए भी आवास स्वीकृत करने की अनुमति है, जिन्हें पीएमएवाई-जी के तहत पहले सहायता (एक या अधिक किश्तें) जारी की गई थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनके घर नष्ट हो गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुनिश्चित करे कि लाभार्थियों की पहचान पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के अनुसार विशेष परियोजना के लिए की जाती है और पात्र लाभार्थियों की पहचान और विवरण अपलोड करने का काम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरा किया जाता है। आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्र परिवारों की प्रविष्टियां करने और प्रारंभिक समय-सीमा अर्थात लक्ष्य के आवंटन की तारीख से एक महीने के भीतर पीएमएवाई-जी के तहत घरों को मंजूरी देने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

TRNDKB: *Kullu Dussehra: भगवान नरसिंह ने ढालपुर में बांधा सुरक्षा सूत्र, जलेब में शामिल हुए गड़सा घाटी के देवी-देवता* 

डेढ़ घंटे की भगवान नरसिंह की जलेब यात्रा ढालपुर में सुरक्षा सूत्र बांध रही है। जलेब यात्रा के कुल्लू ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया से आए लोग साक्षी बन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के चौथे दिन भगवान नरसिंह की तीसरी जलेब यात्रा निकली। सैंज घाटी के सोने, चांदी के आभूषणों से सुसज्जित देवी-देवता भगवान नरसिंह के साथ ढालपुर की सुरक्षा सूत्र बांधने की परिक्रमा पर निकले। यहां देवसंगम का अद्भुत, अलौकिक और अनूठा नजारा देखकर बाहरी राज्यों से आए लोग भी भक्तिरस में डूब रहे हैं। रविवार को गड़सा घाटी के देवताओं ने यात्रा में भाग लिया।

यात्रा के सबसे आगे पुलिस जवान, फिर नरसिंह भगवान की घोड़ी, उसके पीछे यात्रा में शामिल देवी-देवताओं के बजंतरी और उसके पीछे नरसिंह भगवान की पालकी और दोनों तरफ देवता चलते हैं। राजा की चानणी से यह यात्रा शुरू हुई और अस्पताल गेट, पुराने एसबीआई मैदान से देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों के बीच से होकर पूरे ढालपुर से होते हुए पुन:राजा की चानणी के पास संपन्न हुई। हर दिन अलग-अलग कोठी के देवी-देवता जलेब में शामिल होते हैं। नरसिंह भगवान की जलेब यात्रा में कोठी अनुसार देवी-देवता भाग लेते हैं। तीसरी जलेब यात्रा में सैंज घाटी के सात देवी-देवताओं ने भाग लिया। इनमें भृगु ऋषि आशणी, जमलू ऋषि हवाई, जमलू ऋषि सीस, जमलू ऋषि उड़सू, गौतम ऋषि मनिहार,लक्ष्मीनारायण जेष्ठा, नजां के देवता च्यवन ऋषि ने भाग लिया।

वर्षों से निभाई जा रही परंपरा

1660 ई. से शुरू हुए कुल्लू दशहरा उत्सव की रिवायत कम नहीं हुई, बल्कि इस युग भी में परंपरा को बड़े उत्साह के साथ निभाया जा रहा है। कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में नरसिंह भगवान की जलेब शोभायात्रा के सैकड़ों नहीं, हजारों लोग साक्षी बनते हैं। इस बार भी देश भर से हजारों लोग यहां पहुंचे हैं।

क्या कहते हैं साहित्यकार

प्रसिद्ध साहित्यकार डा. सूरत ठाकुर का कहना है कि नरसिंह भगवान दशहरा उत्सव में अठारह करडू सौह की परिक्रमा कर सुरक्षा सूत्र बांधते हैं। नरसिंह भगवान की जलेब का प्राचीन काल से खास महत्व रहा है। आज भी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। हर दिन अलग-अलग कोठी-फाटी के देवता जलेब में भाग लेते हैं।

TRNDKB: *ओबीसी सर्टिफिकेशन-कोर्ट केस में फंसा रोस्टर, हिमाचल में पंचायतों के आरक्षण रोस्टर का अब तक 92 फ़ीसदी काम पूरा* 

हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले लागू होने वाले आरक्षण रोस्टर का 92 फ़ीसदी काम पूरा हो गया है। करीब आठ फ़ीसदी का यह काम दो कारणों से अटका हुआ है। एक वजह अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी की सर्टिफिकेशन की है, जबकि दूसरी वजह आरक्षण रोस्टर से पहले ही कोर्ट में गए मामले बन गए हैं। ऐसे केस सबसे बड़े जिला कांगड़ा में सबसे ज्यादा हैं। हालांकि पंचायती राज विभाग को लग रहा है कि अक्तूबर महीने में अब रोस्टर जारी हो जाएगा। राज्य सरकार ने आरक्षण रोस्टर को फाइनल करने के लिए 30 सितंबर की डेडलाइन दी थी। इस डेडलाइन तक अधिकांश जिलों ने काम कर लिया है, लेकिन अब भी 100 फीसदी काम पूरा नहीं हो पाया है। हिमाचल सरकार ने पहले के फैसले को पलटते हुए इस बार 2010-11 वाला आरक्षण रोस्टर नए सिरे से लागू किया है। यानी अब आरक्षण रोस्टर का फस्र्ट फेज लागू होगा।

इसलिए सभी जिलों में उपायुक्तों को नए सिरे से काम करना पड़ रहा है। हिमाचल में पंचायती राज चुनाव दिसंबर महीने में होने हैं और इसके लिए मतदाता सूचियां पर काम अलग से चल रहा है। राज्य चुनाव आयोग ने इसका शेड्यूल घोषित कर दिया है। राज्य सरकार से डेडलाइन जारी होने के बाद जिलों में उपायुक्तों ने जनसंख्या के डाटा की वेरिफिकेशन कर दी है। हिमाचल में इस समय पंचायतों के अलावा 91 पंचायत समिति और करीब 250 जिला परिषद वार्ड हैं। त्रिस्तरीय चुनावी प्रणाली के कारण यह चुनाव बैलेट पेपर से करवाना पड़ता है। इस बार भी इस चुनाव के लिए 2011 की जनगणना को ही आधार लिया जाएगा। सिर्फ ओबीसी के आरक्षण के लिए 90 के दशक में हुए सर्वे का डाटा लेने को कहा गया है। हिमाचल हाई कोर्ट ने एक केस में यह निर्देश दिए थे कि आरक्षण रोस्टर पंचायत चुनाव होने से तीन महीने पहले तक फाइनल होना चाहिए। इसी आधार पर अब राज्य सरकार ने उपायुक्तों को डेडलाइन दी थी।

TRNDKB: *चैतडू में पीट-पीट कर मौत के घाट उतारा युवक, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शुरू की छानबीन* 

घायल युवक ने टांडा में इलाज के दौरान तोड़ा दम

गगल थाना के अंतर्गत चैतडू गांव में आपसी झगड़े के दौरान एक युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार शनिवार को चैतडू में एक ढाबे के सामने अजय कुमार और सरवन कुमार निवासी चैतडू की किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। ढाबे के मालिक ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मारपीट की जानकारी मिलते ही घायल अजय के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मारपीट के दौरान अजय कुमार पुत्र मदन लाल निवासी चैतडू बेहोश हो गया था, जिसे परिजन तुरंत धर्मशाला अस्पताल ले गए।

हालत गंभीर होने पर वहां से टांडा रैफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि पुलिस ने सरवन कुमार (37) पुत्र स्व. ओमकार सिंह निवासी चैतड़ू को भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। टांडा में रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। उधर, इस हत्या के मामले में पकड़े गए युवक को माननीय अदालत कांगडा़ में पेश किया जाएगा।

TRNDKB: *भरमौर की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, सुबह-शाम ठंड का प्रकोप बढऩे से गर्म कपड़ों में लिपटे लोग* 

जनजातीय क्षेत्र भरमौर की पहाडिय़ों पर सीजन का पहला हिमपात हो गया है, जबकि मणिमहेश डल झील पर भी बर्फबारी हुई है। इससे तापमान में भी गिरावट आने से लोगों ने गर्म कपड़े ओढ लिए हैं। क्षेत्र से जिला कांगड़ा व लाहुल को जोडुने वाले दर्रो पर भी भारी हिमपात होने की सूचना मिली है। कुल मिलाकर निचले इलाकों में बारिश और पहाडों पर हुए ताजा हिमपात ने भरमौर क्षेत्र में सर्दी का एहसास करवा दिया है। उल्लेखनीय है कि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने तीन दिनों तक हिमाचल प्रदेश के अलग अलग जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया है।

इसके परिणामस्वरूप रविवार तडक़े अचानक मौसम ने करवट बदली और बादलों की जोरदार गडगडाहट के बाद भरमौर क्षेत्र में बारिश का दौर आरंभ हो गया। इस दौरान क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की भी सूचना मिली है, जबकि क्षेत्र की पहाडिय़ों पर सुबह करीब दस बजे तक बर्फबारी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद बदले मौसम से क्षेत्र के तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है और निचले इलाकों में भी ठंड का एहसास होने लगा है। रविवार को लोग कस्बे में गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।

TRNDKB: *मणिपुर में बड़ी कार्रवाई, पीएलए के 15 उग्रवादी गिरफ्तार, सेना काफिले पर हमले में थे शामिल* 

मणिपुर घाटी स्थित प्रतिबंधित समूह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पिछले महीने असम रायफल्स के काफिले पर हुए हमले में शामिल 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। काफिले पर हमले में दो जवानों का बलिदान हुआ था। मुख्य आरोपी ठौंगराम सदानंद सिंह उर्फ पुरकपा (18 वर्षीय) और खोंद्राम ओजित सिंह उर्फ केइलाल (47 वर्षीय) को नंबोल घटना के 72 घंटों के भीतर पकड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या पीएलए किसी राजनीतिक संरक्षण के तहत काम कर रहा है।

यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब एक और प्रमुख उग्रवादी समूह यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) ने हाल ही में युद्धविराम की घोषणा की है और 24 कुकी उग्रवादी समूहों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ पहले से हस्ताक्षर किए गए ऑपरेशन निलंबन समझौते में शामिल होने के लिए सहमति जताई है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कुछ समूह राष्ट्रपति शासन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो राज्य में गंभीर जातीय हिंसा को रोकने में मददगार साबित हुआ है। ये समूह यह प्रचार कर रहे हैं कि वर्तमान प्रशासन असफल है और निलंबित विधानसभा को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।

TRNDKB: *जेल से वांगचुक ने लेह हिंसा की मांगी स्वतंत्र न्यायिक जांच, पर्यावरणविद की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज* 

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह की हिंसा में चार लोगों की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। राज्य का दर्जा बहाल करने और छठी अनुसूची लागू करने की मांग के लिए 24 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। इसके बाद वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। अब अपने संदेश में उन्होंने लद्दाखियों से शांति व एकता बनाए रखने और गैर-हिंसक गांधीवादी तरीके से लड़ाई जारी रखने की अपील की है। सोनम वांगचुक ने यह मैसेज उनके भाई त्सेतन दोर्जे ले और वकील मुस्तफा हाजी के जरिए जारी किया, जिन्होंने शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में उनसे मुलाकात की थी। सोनम वांगचुक ने कहा कि जब तक स्वतंत्र जांच का आदेश नहीं दिया जाता, वह जेल में रहने को तैयार हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता वांगचुक ने लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस की छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एपेक्स बॉडी जो भी कदम लद्दाख के हित में उठाएगी, मैं उनके साथ पूरे दिल से हूं।

नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने पत्र में लिखा कि मैं शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक हूं। सभी की चिंता व प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं। जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। जो घायल या हिरासत में हैं, उनके लिए मैं प्रार्थना करता हूं। उधर, सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर लगाई गई याचिका पर छह अक्तूबर को सुनवाई होगी। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बैंच इस मामले की सुनवाई करेगी। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने दो अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। गीतांजलि ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में हेबियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया था कि उनके पति की गिरफ्तारी अवैध है।

TRNDKB  *भारतीय नौसेना के बेड़े में जुड़ा ‘अक्षर’, समुद्री निगरानी और बचाव में सहायक बनेगा नया स्वदेशी गश्ती पोत* 

समुद्री निगरानी और बचाव में सहायक बनेगा नया स्वदेशी गश्ती पोत, 320 टन वजन के जहाज में दो इंजन

भारतीय तटरक्षक बल ने पूरी तरह से भारत में बने पोत ‘अक्षर’ को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। यह भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा। अक्षर जहाजों की शृंखला में यह दूसरा जहाज है, जिसे चार अक्तूबर 2025 को पुडुचेरी के कराईकल में कमीशन किया गया। 51 मीटर लंबे इस पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन और इसको बनाया है। 60त्न से अधिक स्वदेशी चीजों के साथ, यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत की बढ़ती समुद्री क्षमताओं का प्रमाण है। जहाज का वजन 320 टन है। इसमें 3000 किलोवाट क्षमता वाले दो डीजल इंजन लगे हैं। इसके कारण इस पोत को 27 नॉट (लगभग 50 किमी प्रति घंटा) की स्पीड देता है।

यह समुद्र में बिना रुके 1500 नॉटिकल मील की दूरी तय करने में सक्षम है। इस पोत पर 6 अधिकारी और 35 जवान तैनात रहेंगे। इसमें सभी नए तकनीक मौजूद है। इसमें स्वदेशी रूप से विकसित पिच प्रोपेलर (पंखे जैसा यंत्र जो पानी को धक्का देकर किसी चीज को आगे बढ़ाता है) और गियर बॉक्स (एक यंत्र है जो मोटर की स्पीड को कंट्रोल करता है) शामिल हैं। इसके हथियारों में एक 30 मिमी सीआरएन 91 तोप और दो 12.7 मिमी स्थिर रिमोट कंट्रोल तोपें भी शामिल हैं।

आईसीजीएस में ‘अदम्य’ की एंट्री भी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और आर्थिक हितों में अहम

भारतीय तटरक्षक जहाज (आईसीजीएस) ‘अदम्य’ को 19 सितंबर 2025 को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर कमीशन किया गया था। इसे आठ तेज गश्ती पोत श्रृंखला के पहले जहाज के रूप में शामिल किया गया था। इस 51 मीटर लंबे पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और बनाया गया है। अदम्य भी 60 फीसदी से अधिक स्वदेशी चीजों के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक उदाहरण है। भारतीय तटरक्षक बल समुद्री सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संगठन है, जो भारत के समुद्री क्षेत्र में तटीय गश्त, समुद्री कानूनों का प्रवर्तन, खोज और बचाव अभियान, समुद्री प्रदूषण की रोकथाम और तस्करी व अन्य समुद्री अपराधों से निपटने का काम करता है। यह रक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है और देश की समुद्री सीमाओं और आर्थिक हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है।

TRNDKB: *आपदा पीडि़तों के लिए 1633 मकान मंजूर, केंद्र ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत दी स्वीकृति* 

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत प्रदेश के लिए 1,633 घरों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी विशेष परियोजना के तहत दी गई है, जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास में मदद मिलेगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आदेश के अनुसार यह मंजूरी वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दी गई है। प्रभावित परिवारों के नाम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे। पात्रता की जांच पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी। इसमें ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनके मकान पहले पीएमएवाई-जी से बने थे, लेकिन प्राकृतिक आपदा में नष्ट हो गए। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पात्र लाभार्थियों की प्रविष्टियां समय पर पूरी की जाएं और लक्ष्य आबंटन की तारीख से एक माह के भीतर मकानों की स्वीकृति प्रदान की जाए।

इस मंजूरी से हिमाचल के सैकड़ों आपदा प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि इसमें पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के प्रावधानों को पूरा किया जाए। राज्य को उन पात्र प्रभावित परिवारों का विवरण प्राप्त करने की अनुमति देने के लिए आवास प्लस 2024 विंडो खोलने की मंजूरी दी गई है, जिनके नाम एसईसीसी 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची और पीएमएवाई-जी के आवास प्लस 2018 सर्वेक्षण में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा राज्य को पीएमएवाई-जी की विशेष परियोजना के तहत पात्र प्रभावित लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। क्योंकि आवास 2024 सर्वेक्षण सूची को अद्यतन करने के लिए सर्वेक्षण पहले ही पूरा हो चुका है। राज्य सरकार को विशेष परियोजना के तहत उन पात्र लाभार्थियों के लिए भी आवास स्वीकृत करने की अनुमति है, जिन्हें पीएमएवाई-जी के तहत पहले सहायता (एक या अधिक किश्तें) जारी की गई थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनके घर नष्ट हो गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुनिश्चित करे कि लाभार्थियों की पहचान पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के अनुसार विशेष परियोजना के लिए की जाती है और पात्र लाभार्थियों की पहचान और विवरण अपलोड करने का काम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरा किया जाता है। आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्र परिवारों की प्रविष्टियां करने और प्रारंभिक समय-सीमा अर्थात लक्ष्य के आवंटन की तारीख से एक महीने के भीतर पीएमएवाई-जी के तहत घरों को मंजूरी देने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

TRNDKB: *एनआईटी हमीरपुर के दो छात्र चरस के साथ अणु जंगल से गिरफ्तार, अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे* 

पुलिस ने आरोपियों से बरामद की 371.40 ग्राम भांग

एनआईटी हमीरपुर के दो छात्रों को पुलिस ने चरस के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों छात्र बीते शनिवार रात के समय अणु मार्ग पर जंगल में बने रेन शेल्टर में बैठे हुए थे। पुलिस ने जब इनकी तलाशी ली तो इनके पास से चरस बरामद हुई है। पुलिस ने इन्हें नशे के साथ गिर तार किया है तथा आदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जानकारी के मुताबिक पुलिस थाना हमीरपुर की टीम बीते शनिवार देर रात को शहर से अणु मार्ग पर गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान मार्ग किनारे जंगल में बने रेन शेल्टर में दो युवक बैठे हुए दिखाई दिए।

शक होने पर पुलिस ने दोनों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी पारस सौधी निवासी वार्ड नंबर तीन प्रतापनगर हमीरपुर व नितिन कुमार गांव टेहटी डाकघर सिलहोरी तहसील मरहोरा जिला सारण बिहार के कब्जा से 371.40 ग्रांम चरस बरामद हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। रविवार के दिन आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां से इन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि दो युवकों से चरस बरामद की गई है। दोनों को पुलिस रिमांड मिला है।

TRNDKB: *वीरभद्र सिंह प्रतिमा अनावरण में बुलाए जाएंगे सभी दलों के नेता* 

13 अक्तूबर को आलाकमान से भी आएंगे नेता

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि 13 अक्तूबर को शिमला में रिज पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण होगा। इस समारोह को यादगार बनाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार इसका आयोजन कर रही है और फाउंडेशन इसमें सरकार का सहयोग कर रही है। रविवार को यहां वीरभद्र सिंह फाउंडेशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के लोगों की भावनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा को रिज मैदान पर स्थापित कर दिया है और इसका अनावरण 13 अक्तूबर को केंद्रीय आलाकमान की उपस्थिति में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राजीव शुक्ला, रजनी पाटिल सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री मंडल के सभी सदस्य, विधायक पार्टी के अन्य सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस समारोह में दलगत राजनीति से ऊपर उठाकर उन सभी नेताओं व वरिष्ठ नागरिकों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जाएगा, जो किसी न किसी तौर पर वीरभद्र सिंह के सहयोगी व समर्थक रहे हैं। विपक्ष के नेताओं को भी इस समारोह में विशेष तौर पर आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में इस आयोजन के सभी प्रबंधों को अंतिम रूप देते हुए फाउंडेशन के सदस्यों को अहम जिम्मेदारियां दी गईं।

11 बजे शुरू होगा कार्यक्रम

समारोह सुबह 11 बजे आयोजित होगा और लोगों को सुबह नौ बजे से सभा स्थल पर एकत्रित करने को कहा है। शिमला शहर के विधायक फाउंडेशन के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों से इस समारोह में वरिष्ठ नेताओं व लोगों का सभा स्थल पर उनकी सुविधाओं, बैठने के उचित प्रबंध का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जिसे जो भी जिम्मेदारी दी जा रही है उसे उन्हें पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना होगा। यह समारोह प्रदेश के एक ऐसे नेता के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है, जो राजनीति के साथ-साथ अपने प्रेमभाव के लिये पूरे देश में लोकप्रिय थे। हिमाचल प्रदेश के विकास में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।

TRNDKB: गेट एग्जाम को अंतिम मौका, बिना विलंब शुल्क जल्द करें आवेदन, कैसे करें अप्लाई, जानिए

बिना विलंब शुल्क जल्द करें आवेदन, नौ अक्तूबर तक लगेगी लेट फीस

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी द्वारा गेट 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया छह अक्तूबर को समाप्त कर देगा। इस तिथि तक इच्छुक और पात्र उम्मीदवार बिना किसी विलंब शुल्क के आवेदन कर सकते हैं, जो उम्मीदवार इस समयसीमा तक आवेदन नहीं कर पाए, उनके लिए विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने की अंतिम तिथि नौ अक्तूबर, 2025 निर्धारित की गई है। आधिकारिक आवेदन पर किया जा सकता है। गेट के लिए वे अभ्यर्थी जो वर्तमान में किसी भी स्नातक डिग्री कार्यक्रम के तीसरे वर्ष या उससे उच्च वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं, आवेदन कर सकते हैें। वे उम्मीदवार जिन्होंने विज्ञान, वाणिज्य, कला, मानविकी या अन्य किसी डिग्री कार्यक्रम को पूरा कर लिया है।

इंजीनियरिंग/प्रौद्योगिकी/वास्तुकला बीई/बीटेक/बीआर्क डिग्री धारक उम्मीदवार गेट के लिए आवेदन कर सकते हैं।आवेदन शुल्क उम्मीदवार की श्रेणी और आवेदन की अवधि के आधार पर निर्धारित किया गया है। महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रति प्रश्न पत्र नियमित अवधि में 1000 रुपए का शुल्क देना होगा। वहीं, अन्य सभी अभ्यर्थियों, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, को प्रति प्रश्न पत्र नियमित अवधि में 2000 रुपए का शुल्क देना होगा। यदि उम्मीदवार विस्तारित अवधि में आवेदन करते हैं, तो क्रमश: महिला/एससी/एसटी अभ्यर्थियों का शुल्क 1500 रुपए और अन्य सभी अभ्यर्थियों का शुल्क 2500 रुपए होगा।

ऐसे करें अप्लाई

सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। अब अपना एक नया अकाउंट बनाएं। लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें (व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा केंद्र)। अब आवश्यक दस्तावेज जैसे- फोटो और दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। अंत में आवेदन पत्र का प्रिंटआउट अपने पास रख लें।

TRNDKB: NEET PG Counselling 2025 : जल्द होगी नीट पीजी काउंसिलिंग

By: divyahimachal

मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (एमसीसी) जल्द ही नीट पीजी 2025 काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। उम्मीद है कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया अक्तूबर, 2025 के मध्य में आरंभ होगी। इसकी आधिकारिक सूचना और विस्तृत कार्यक्रम एमसीसी की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने अपने एक्स पोस्ट में बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ हुई बातचीत के अनुसार, काउंसिलिंग की प्रक्रिया अक्तूबर के मध्य तक शुरू हो सकती है। जानकारी के अनुसार, नीट पीजी 2025 परीक्षा तीन अगस्त, 2025 को देशभर के 301 शहरों के 1,052 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें 2.42 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था।

सीट आबंटन प्रक्रिया

काउंसिलिंग प्रक्रिया कुल चार चरणों में होती है, जिसमें अंतिम चरण स्ट्रे वेकेंसी राउंड कहलाता है।

काउंसिलिंग कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन, फीस

भुगतान, विकल्प भरना, लॉकिंग आदि की जानकारी दी जाती है।

पहले राउंड का रजिस्ट्रेशन आमतौर पर एक महीने से अधिक चलता है, जबकि अगले राउंड्स के लिए रजिस्ट्रेशन सात दिनों के भीतर पूरा करना होता है।

उम्मीदवार अपनी पसंद के तीन तक मेडिकल संस्थानों का चयन कर सकते हैं।

विकल्प भरने के बाद उन्हें एक दिन की निर्धारित अवधि में अपने विकल्पों को लॉक करना आवश्यक होता है।

इसके बाद समिति लगभग दो दिनों के भीतर सीट आबंटन परिणाम जारी करती है।

समय का रखें ख्याल

जिन उम्मीदवारों को सीट मिल जाती है, उन्हें निर्धारित समय में कॉलेज जाकर दस्तावेज़ सत्यापन एवं प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होती है। कॉलेज द्वारा जुड़े हुए उम्मीदवारों की सूची एमसीसी को भेजी जाती है, जिसके बाद कक्षाएं आरंभ हो जाती हैं। काउंसिलिंग शेड्यूल डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट जाएं। काउंसिलिंग के लिए पंजीकरण हेतु न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें और अपना नीट पीजी रोल नंबर, पासवर्ड और काउंसिलिंग का प्रकार भरें।

TRNDKB: रेलवे ने जारी किया असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती के अंतिम चरण का शेड्यूल

By: divyahimachal 

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन-मेडिकल चैकअप अक्तूबर में

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) भर्ती 2025 के लिए अंतिम चरण का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसमें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन शामिल है। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार अब अपने-अपने रीजनल आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत शेड्यूल देख सकते हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम अक्तूबर में आयोजित होंगे। ध्यान रखने वाली बात यह है कि अलग-अलग आरआरबी जोन में तारीखें और वेन्यू अलग-अलग होंगे। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के अगले वर्किंग-डे पर मेडिकल टेस्ट होगा। मेडिकल परीक्षा संबंधित आरआरबी क्षेत्र के निर्धारित रेलवे अस्पताल में कराई जाएगी।

यह उम्मीदवार की फाइनल सेलेक्शन प्रोसेस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम शेड्यूल देखने के लिए संबंधित रीजनल आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर उपलब्ध आरआरबी एएलपी लिंक पर क्लिक करें। फिर नोटिस डाउनलोड करें और प्रिंट लेकर सुरक्षित रखें।

चार दिन तक रुकने को रहें तैयार

उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम चार दिन तक ठहरने की व्यवस्था खुद करें, क्योंकि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल प्रक्रिया कई दिन चल सकती है। इसके अलावा, मेडिकल टेस्ट के समय उम्मीदवारों को 24 रुपए की प्रिस्क्राइब्ड फीस भी जमा करनी होगी।

इन बातों का रखें ध्यान

उम्मीदवारों को सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की ओरिजिनल और फोटोकॉपी साथ लानी होगी। मेडिकल टेस्ट से पहले नोटिफिकेशन में दिए गए सभी निर्देश ध्यान से पढ़ें। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल प्रक्रिया के दौरान पूरी तैयारी के साथ पहुंचें, क्योंकि यही अंतिम सिलेक्शन तय करेगा।

TRNDKB: हिमाचल में अवैध कब्जे हटाने पर क्या बोली जनता.. जरूर पढ़ें यह सर्वे

By: divyahimachal 

दिव्य हिमाचल सर्वे में 76 प्रतिशत लोगों ने हां में दिया अपना जवाब, 21 फीसदी ने दिखाया नरम रुख

हाल ही में हिमाचल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसके तहत माननीय न्यायालय ने सरकार की पांच बीघा भूमि नियमितीकरण वाली नीति को खारिज कर दिया है। करीब 23 साल पुरानी इस नीति के तहत 1 लाख 67 हजार आवदक हैं। इस फैसल के बाद अवैध कब्जा करने वालों में हडक़ंप का आलम है। इसके प्रदेश सरकार से मांग रखी जा रखी जा रही है कि वह माननीय न्यायालय में जनता का पक्ष मजबूती से रखे। लोगों को बेघर होने से बचाया जाए। इस ज्वलंत मसले पर दिव्य हिमाचल मीडिया हाउस ने इस बार अपने सर्वे में यह सवाल लोगों से पूछा।

सवाल इस प्रकार था। क्या हिमाचल से अवैध कब्जे हटाए जाने चाहिए? इसके जवाब में 76 प्रतिशत लोगों ने हां में जवाब दिया, जबकि 21 प्रतिशत ने नहीं में अपनी राय दी। तीन फीसदी ने पता नहीं कहकर राय देना जरूरी न समझा। सात दिन में 60 हजार से ज्यादा लोगों के पास पहुंची इस पोस्ट पर सैकड़ों कमेंट किए। कई लोगों ने अवैध कब्जों को हटाने की बात की, लेकिन कोई बेघर न हो, इसका ख्याल रखे जाने की गुहार भी लगाई।

जिसका घर टूटता, उससे पूछो

धर्मशाला के ढगवार निवासी रोहित शर्मा ने लिखा कि जिसका घर टूटता है, उससे पूछो कि दर्द क्या होता है। घर नहीं टूटने चाहिएं, उन्होंने कहा कि लोग कुत्तों के लिए सडक़ों पर उतर सकते हैं, तो इनसानों को भी उजडऩे से बचाना चाहिए। जगदीश बडवाल ने कहा कि जहां घर बने हैं, उन्हें नहीं हटाना चाहिए। बाकी हटा लो। प्यार चंद ने लिखा कि ये जमीनें सरकार ने 1972 में दी हैं, बाद में मालिकाना हक नहीं दिया। इसमें सरकार की गलती है, लोगों को बेघर न किया जाए।

सडक़ों-रास्तों पर कब्जा क्यों

पवन गुप्ता ने लिखा कि कब्जे हटने चाहिएं, बाद में इन्हें भूमिहीनों को देना चाहिए। विक्रम सिंह ठाकुर ने लिखा कि जिन्होंने सडक़ों-रास्तों पर कब्जा किया है, पहले उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। अनु राणा ने भी कहा कि जिन्होंने रोड ब्लाक किए हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। समानता के साथ अमीरों और नेताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

जिन्होंने बेहिसाब जमीन पर कब्जा किया है, उनपर सख्ती होनी चाहिए, थोड़ी सी जमीन पर मकान बनाने वालों को राहत मिलनी चाहिए

रोहित कुमार, फेसबुक यूजर

: पंचायतों को मिलेंगे स्कूल भवन, जीरो एन्रोलमेंट या कम एडमिशन के कारण बंद किए गए हैं 1353 स्कूल

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला

हिमाचल में जीरो एन्रोलमेंट या कम एडमिशन के कारण बंद किए गए सरकारी स्कूल भवनों को लेने वाला अभी कोई नहीं है। ऐसे करीब 1353 स्कूल भवन पूरे प्रदेश में हैं। इनकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग से मांगी गई है। इस रिपोर्ट पर शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अब फैसला होगा। यह संभावना लग रही है कि शिक्षा विभाग स्थानीय पंचायत को यह भवन और अन्य संसाधन दे सकता है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले तीन साल में 31 जुलाई 2025 तक जीरो एनरोलमेंट वाले 818 स्कूलों को डिनोटिफाई किया। जहां पांच से कम एडमिशन थी और दो या तीन किलोमीटर के दायरे में दूसरा स्कूल था, वहां 535 स्कूलों को मर्ज किया गया। इस तरह से पूरे प्रदेश में 1353 स्कूल भवन खाली हो गए। इनके इस्तेमाल को लेकर शिक्षा विभाग ने फील्ड से रिपोर्ट मांगी थी। इसमें जिला प्रशासन से भी सुझाव मांगे गए थे कि वह इस भवन का किस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं?

राज्य सरकार के पास ऐसे आवेदन तो आए हैं, जहां स्कूल के लिए दान की गई जमीन उन्हीं परिवारों ने वापस मांग ली है। लेकिन स्कूल भवन को किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल करने के आवेदन नहीं मिल रहे। अब शिक्षा विभाग को यह फैसला लेना है कि यह भवन किसको दिए जाएंगे। जिन पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं। उन्हें भी इनमें शिफ्ट किया जा सकता है। पंचायत चाहे तो स्कूल भवन में पब्लिक लाइब्रेरी बना सकती है। इस तरह के सुझाव शिक्षा विभाग की बैठक में चर्चा में आए हैं, लेकिन फैसला होना अभी बाकी है। शिक्षा विभाग को भी लग रहा है कि यदि समय पर यह स्कूल भवन किसी को नहीं दिए तो इन्हें मेंटेन करना मुश्किल हो जाएगा।

TRNDKB: हिमाचल के विकास पर काम करे सरकार

जयराम का आरोप, बिना खर्च लौटाया जा रहा केंद्र से आया पैसा

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — मंडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सदन से लेकर सडक़ तक हर दिन केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री को कोसती रहती है। हिमाचल को पैसे न देने का आरोप लगाती है, जबकि यही सरकार हर साल हजारों करोड़ रुपए इस्तेमाल न कर पाने के कारण केंद्र सरकार को वापस भेजती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार केंद्र से आए 500 करोड़ तक खर्च नहीं पाई है। केंद्र से आया पैसा लैप्स हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को केंद्र ने एडवांस में ही 843 करोड़ रुपए जारी किए हैं, लेकिन राज्य सरकार केंद्र से आए पैसे का भी प्रयोग नहीं कर पा रही है। केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को जनहित की योजनाओं के लिए पैसा देता है, लेकिन वह पैसा बिना इस्तेमाल हुए ही केंद्र सरकार को वापस भेज दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाले लोगों के लिए यह बात सही नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिया गया पैसा सुक्खू सरकार खर्च नहीं कर पा रही है, इसलिए वापस कर रही है। इस सरकार का फोकस विकास की बजाय केंद्र सरकार पर आरोप लगाना है। इस बार जब हिमाचल प्रदेश के दौरे पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल आए तो 123 करोड़ रुपए मातृ शिशु सुरक्षा योजना के लिए दिया। साथ ही नड्डा जी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि केंद्र द्वारा प्रदेशवासियों के भले के लिए भेजा गया पैसा भी खर्च किया करें।

नेता प्रतिपक्ष बोले, हर बार खर्च नहीं हो पाता है बजट

जयराम बोले कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 954 करोड़ रुपए की धनराशि हिमाचल सरकार को दी गई थी, लेकिन दुर्भाग्य से सुक्खू सरकार यह धन राशि आधी भी नहीं खर्च पाई। वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को 1050 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति दी गई है, अब तक की सरकार की नीतियों से यह स्पष्ट है कि इस बार का बजट भी सरकार खर्च नहीं कर पाएगी। देश का स्वास्थ्य मंत्री खुद जाकर हिमाचल में कह रहा है कि केंद्र द्वारा दिया गया पैसा हिमाचल के हित में लगाइए, लेकिन प्रदेश सरकार फिर इस पैसे को जनहित में नहीं लगा पा रही है।

TRNDKB: तीन दिन में खरीदा 190.99 मीट्रिक टन धान, फसल बेचने के लिए पोर्टल पर 3692 किसानों ने करवाया पंजीकरण

By: divyahimachal

प्रदेश के धान खरीद केंद्रों में तीन दिनों में किसानों से 190.99 एमटी धान की फसल की खरीद की गई है। किसानों से धान की फसल खरीदने के लिए धान खरीद केंद्र तीन अक्तूबर से खुल गए हैं और किसानों से धान की फसल की खरीद शुरू कर दी गई है। धान की फसल बेचने को किसान धड़ाधड़ बुकिंग करवा रहे हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों से धान खरीद करने के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। किसान धान की फसल बेचने के लिए किसानों ने विभाग के पोर्टल पर पजीकरण करवाना शुरू कर दिया है। अभी तक 3692 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। इसमें से 3580 पंजीकरण वेरिफाई किए गए हैं और 2840 के टोकन जनरेट किए हैं।

खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा किसानों से धान की फसल खरीदने प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश के धान खरीद केंद्रों में तीन अक्तूबर से 15 दिसंबर तक धान की खरीद की जाएगी। धान की फसल का 2425 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य तय किया है। प्रदेश में किसानों से धान खरीद के लिए 11 मंडिया बनाई हैं, जिसमें अनाज मंडी फतेहपुर, रियाली, मीलवां, नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा, धौलाकुंआ, पांवटा साहिब जिला सिरमौर, मार्केट यार्ड नालागढ़, मलपूर बद्दी जिला सोलन एवं मार्केट यार्ड टकारला, रामपुर जिला ऊना में धान खरीद केंद्र बनाए हैं।

किसानों के खाते में भुगतान

खाद्य आपूति विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम का कहना है कि इस बार 31,100 एमटी धान की फसल खरीदने का लक्ष्य तय किया है। किसानों के पंजीकरण लिए पोर्टल तैयार किया है। विभाग के इस पोर्टल पर धान खरीद से जुड़ी सभी तरह की जानकारी उपलब्ध हैं। विभाग के पोर्टल पर किसानों को पंजीकरण करवाने के लिए आधार,बैंक खाता सहित अन्य जानकारी अपलोड करनी होगी। धान की फसल बेचने का भुगतान विभाग द्वारा किसानों के खाते में ही किया जाएगा।

: अगले 24 घंटों में चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल और स्पीति, मंडी और ऊना जिलों में एक -दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा/बर्फबारी होने की संभावना है।

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*Himachal Weather: आज से प्रदेश के कई भागों में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, चोटियों पर बर्फबारी के आसार*

सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से उच्च नमी का संचार व अन्य अनुकूल स्थितियों के प्रभाव से माैसम में बदलाव आने की संभावना है।

Himachal Weather today: heavy rain alert for three days, snowfall expected in high mountain areas

हिमाचल प्रदेश में आज से चार दिन बारिश होने के आसार हैं। इस दाैरान उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से उच्च नमी का संचार व अन्य अनुकूल स्थितियों के प्रभाव से माैसम में यह बदलाव आने की संभावना है। 

कई भागों में 8 अक्तूबर तक बरसेंगे बादल

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 8 अक्तूबर तक लगातार बारिश होने का पूर्वानुमान है। 5 से 7 अक्तूबर के दौरान बारिश की अधिक गतिविधि होने की संभावना है, जिसकी अधिकतम तीव्रता 6 अक्तूबर को होगी। कुछ स्थानों पर 4 से 7 अक्तूबर के दौरान गरज के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना है। 4 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है। 5 और 6 अक्तूबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। 5 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 6 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 8 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 7 अक्तूबर को राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 9 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में माैसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 

इन जिलों के लिए अलर्ट

माैसम विभाग के अनुसार 5 अक्तूबर को ऊना, बिलासपुर,चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व लाहाैल-स्पीति में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है, चोटियों पर बर्फबारी के आसार हैं। 6 अक्तूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमाैर और लाहौल-स्पीति में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश-बर्फबारी व ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, किन्नौर, हमीरपुर व ऊना के लिए येलो अलर्ट है। 7 अक्तूबर को ऊना, चंबा व कांगड़ा के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। शिमला जिले के लिए 5 से 7 अक्तूबर तक अंधड़ का अलर्ट है। 

 

तापमान में आएगा ये बदलाव

अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, उसके बाद अगले 3-4 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 4-6 डिग्री सेल्सियस गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान 5-9 डिग्री सेल्सियस गिरने की संभावना है। शिमला में न्यूनतम तापमान 14.0, सुंदरनगर 17.7, भुंतर 15.0, कल्पा 7.2, धर्मशाला 16.6, ऊना 18.2, नाहन 19.0, पालमपुर 14.0, सोलन 16.3, मनाली 10.9, कांगड़ा 17.9, मंडी 18.5, बिलासपुर 20.9, हमीरपुर 19.5, कुफरी 12.9, कुकुमसेरी 6.6, नारकंडा 10.7, भरमाैर 12.6, रिकांगपिओ 11.5, बरठीं 20.2, पांवटा साहिब 24.0, सराहन 14.1, ताबो 3.0 व बजाैरा में 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

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*15 साल से एक ही वेतन पर काम कर रहे एंबुलेंस कर्मचारी*

वेतन विसंगति के विरोध में सीटू के बैनर तले हुए प्रदर्शन

वेतन विसंगति को लेकर 102 व 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने शुक्रवार के दिन हड़ताल की। 24 घंटे की हड़ताल कर चेताया कि यदि इनकी वेतन विसंगति को दूर नहीं किया गया तो आगामी समय में हालात खराब हो सकते हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि यह वर्षों से एंबुलेंस पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इनका वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। 15-15 साल नौकरी करने के बावजूद इन्हें 10 से 12 हजार रुपए मासिक वेतन प्रदान किया जाता है, जोकि श्रम कानून के तहत बिलकुल गलत है। ऐसे में संबंधित कंपनी व सरकारें मिलकर इनका शोषण कर रही हैं। सीटू के बैनर तले शुक्रवार को एंबुलेंस कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के नारे शहर भर में गूंजे। विरोध प्रदर्शन रैली मिनी सचिवालय गेट पर पहुंची तथा यहां पर काफी समय नारेबाजी की गई। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा श्रम कानूनों के अनुरूप इन्हें वेतन की अदायगी करने की मांग को रखा गया।

सीटू के राष्ट्रीय सचिव डा. कशमीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार ने रैली को संबोधित किया। कशमीर सिंह ठाकुर ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारियों को शोषण किया जा रहा है। इनके लिए वेतन निर्धारण सही नहीं किया गया है। श्रम कानूनों के मुताबिक इन्हें वेतन की अदायगी नहीं हो पा रही है। जिस कारण यह लोग मात्र 10 से 12 हजार रुपए मासिक पर कार्य कर रहे हैं। दिन रात एंबुलेंस के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं लेकिन इनकी वेतन विसंगति के बारे में कोई नहीं सोच रहा। तंग आकर अब यह कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि ऐसा ही रवैया सरकार व कंपनी का रहा तो आगामी समय में बड़े स्तर पर हड़ताल व प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी। कई बार कर्मचारी अपनी मांगों को कंपनी, विभाग और सरकार के समक्ष उठा चुके हैं। इन्हें आज तक आश्वासनों के अलावा कुछ नसीब नहीं हुआ है।

ओवरटाइम का भी भुगतान नहीं किया जा रहा

102 व 108 वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी कंपनी व सरकार के प्रति अवहेलना करने की बात कही। उन्होंने कहा कि 15-15 सालों से कर्मचारी एक ही वेतन पर काम कर रहे हैं। इनके वेतन में वृद्धि नहीं की जाती है। ओवरटाइम का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। इन्होंने कहा कि न्यायालय की तरफ से भी श्रम कानूनों के तहत वेतन की अदायगी करने के लिए कहा गया है, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। इस प्रदर्शन में अमित, मनोज, सुनील, पंकज, नरेश, अनीता, प्रदीप, कुलदीप सहित काफी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।

TRNDKB: *चेक पर गलत शब्द लिखने पर ड्राइंग मास्टर सस्पेंड, शिक्षा विभाग की कार्रवाई, प्रिंसीपल पर भी एक्शन की तैयारी*

शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई प्रिंसीपल पर भी एक्शन की तैयारी

नियंत्रण अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना स्टेशन न छोडऩे के निर्देश

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला रोहनाट स्थित सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से जुड़े चेक पर गलत शब्द लिखने के मामले पर शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकारी स्कूल के चेक पर गलत शब्द लिखने के मामले में शिक्षा विभाग ने ड्राइंग मास्टर को सस्पेंड कर दिया है। सिरमौर जिला के शिक्षा उपनिदेशक ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। सस्पेंड किए गए ड्राइंग मास्टर अत्तर सिंह के निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय राजकीय माध्यमिक विद्यालय हरिपुरधार जिला सिरमौर निर्धारित किया गया है। निर्देशों में कहा गया है कि वह नियंत्रण अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ेंगे। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रोहनाट, जिला सिरमौर में चेक पर गलत शब्द लिखने के मामले को गंभीरता से लिया है, जिसमें स्कूल द्वारा जारी किए गए चेक की राशि वाले कॉलम में गलत शब्द लिखे थे। उक्त चेक बाद में सोशल मीडिया में प्रसारित हुआ और इसने अनावश्यक ध्यान आकर्षित किया, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।

TRNDKB: *हिमाचल: पीएमजीएसवाई चरण-4 में प्रदेश में बनेंगी 2,000 किलोमीटर नई सड़कें, मंत्री विक्रमादित्य ने दी जानकारी*

*पीएमजीएसवाई चरण-4 के तहत हिमाचल प्रदेश में लगभग 2000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।*

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-4 के तहत हिमाचल प्रदेश में लगभग 2000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। शनिवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के विषय में विस्तार से चर्चा की गई।

हिमाचल प्रदेश को पीएमजीएसवाई चरण-4 में 2000 किलोमीटर नई सड़कों की स्वीकृति मिलने जा रही है। इन सड़कों के निर्माण से प्रदेश के अनछुए व दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने में मदद मिलेगी। प्रदेश के जनजातीय और दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने में भी यह सड़कें लाभप्रद साबित होंगी। सड़कों के निर्माण में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन जैसी नई तकनीकों का उपयोग होगा, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन बढ़ेगा।

TRNDKB: *एसडीएम की शिकायत पर कुल्लू थाना में महिला के खिलाफ मामला दर्ज*

*कुल्लू के एसडीएम रहे विकास शुक्ला की शिकायत पर पुलिस ने दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला पर केस दर्ज किया है।*

कुल्लू के एसडीएम रहे विकास शुक्ला पर दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला पर पुलिस थाना कुल्लू में मामला दर्ज हुआ है। एसडीएम शुक्ला ने चार दिन पहले कुल्लू पुलिस को शिकायत की थी।

*एसडीएम ने महिला पर बिना अनुमति के उनके निवास में घुसने और उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा प्रताड़ित करने, छवि को बदनाम तथा जबरन वसूली के भी आरोप लगाए हैं।* अब पुलिस ने बीएनएस की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया है।

मामले में अब दोनों तरफ से केस दर्ज हो गया है। महिला ने एसडीएम पर दुराचार, सामूहिक दुराचार, मारपीट, गर्भपात करवाने के साथ कई गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यसचिव को दी थी। जिसके बाद उन्होंने डीजीपी व गृह विभाग को मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद महिला पुलिस थाना कुल्लू में एसडीएम के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। जिसकी जांच डीएसपी मनाली कर रहे हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश महिला आयोग व राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी पुलिस से रिपेार्ट मांगी है।

वहीं, सदर थाना कुल्लू में एसडीएम विकास शुक्ला की शिकायत पर मामला दर्ज कर मामला और भी गहराता जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि पुलिस की जांच चल रही है।

TRNDKB: अगले 24 घंटों में चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल और स्पीति, मंडी और ऊना जिलों में एक -दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा/बर्फबारी होने की संभावना है।

TRNDKB *नेपाल में लगातार बारिश ने मचाई तबाही, भूस्खलन में 18 लोगों की मौत; कई इलाकों से टूटा संपर्क*

पूर्वी नेपाल के इलम में पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। सरकार को कई इलाकों में सेना की बचाव कार्य के लिए उतारना पड़ा है। 

पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत में शनिवार रात से हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। भीषण बारिश के चलते हुए भूस्खलन में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि इलम जिले के सूर्योदय नगर पालिका के मानेभंज्यांग में पांच लोगों की मौत हो गई।  नेपाल के इलाकों में शनिवार से लगातार भारी बारिश हो रही है।

कोशी प्रांत पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एसएसपी दीपक पोखरेल के बताया, आज सुबह तक सूर्योदय नगर पालिका में भूस्खलन में कम से कम पांच लोग, मंगसेबुंग नगर पालिका में तीन और इलम नगर पालिका में छह लोगों की मौत हो चुकी है। देउमई नगर पालिका में तीन और फक्फोकथुम ग्राम परिषद में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

सेना की गई तैनाती

एसएसपी पोखरेल ने बताया, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं। अभी तक हमारे पास नुकसान की अभी प्रारंभिक जानकारी है। फिलहाल  नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया गया है। नेपाल सेना ने बचाव कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजा है। हालांकि, खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है।

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*क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ चंबा में प्रदर्शन, सडक़ पर उतरे जेबीटी*

भरमौर और गरोला खंड इकाई ने उपमंडल मुख्यालय पर किया रोष प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

प्राथमिक शिक्षा का पूर्ण नियंत्रण व संचालन प्रधानाचार्यो के अधीन लाने के फैसले के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ रविवार को सडक़ पर उतर आया। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ की भरमौर और गरोला खंड इकाई ने उपमंडल मुख्यालय में रोष प्रदर्शन किया। संघ ने सरकार व शिक्षा विभाग के इस फैसले को प्राथमिक शिक्षकों के लिए कुठाराघात करार दिया है। साथ ही एडीएम भरमौर कुलवीर सिंह राणा के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा है। इसमें संघ ने प्राथमिक शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जारी अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है। रविवार को संघ की गरोला और भरमौर इकाई ने उपमंडल मुख्यालय में सरकार व प्राथमिक शिक्षक संघ खंड भरमौर के अध्यक्ष रमेश चंद शर्मा और गरोला के प्रधान उत्तम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग ने इसी वर्ष सितंबर माह में एक अधिसूचना जारी की थी, जबकि नवंबर 2023 में क्लस्टर निर्माण को लेकर एक अधिसूचना की थी।

अधिसूचना का संघ ने विरोध किया था और उस दौरान फरवरी 2024 को संशोधित अधिसूचना जारी की गई। इस अधिसूचना में क्लस्टर सिस्टम को रिर्सोस शेयरिंग तक सीमित रखने पर सहमति बनी थी। साथ ही प्राथमिक शिक्षा के नियंत्रण व संचालन को लेकर भी फैसला सुना था।

TRNDKB: *चंबा साच पास पर बर्फबारी, आवाजाही ठप*

*ठंड की दस्तक ; चंबा-सचे जोत ‘साच-पास’-किलाड़ सडक़ पर पांच-छह इंच हिमपात, तापमान में गिरावट*

चंबा-सचे जोत ‘साच-पास’-किलाड़ मार्ग रविवार सवेरे पांच-छह इंच बर्फबारी होने के बाद बंद हो गया। *इसके चलते जनजातीय उपमंडल पांगी का सीधा संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। अब पांगी के लोगों को जम्मू-कश्मीर व कुल्लू के रास्ते चंबा पहुंचना पड़ेगा*। इसके साथ ही जिला की उपरी पहाडिय़ों पर बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट के साथ ही ठंड ने दस्तक दे दी है। जिला के उपरी क्षेत्रों में लोग गर्म कपड़े ओढने को मजबूर हो गए हैं। रविवार सवेरे मौसम विभाग का बर्फबारी व बारिश के येलो अलर्ट का पूर्वानुमान चंबा जिला में बिल्कुल सटीक बैठा है। रविवार सवेरे आसमान पर उमडे काले बादलों ने भारी गर्जना के बाद बरसना आरंभ कर दिया। इससे जिला के जनजातीय उपमंडलों की उंची चोटियों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर आरंभ हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक निचले क्षेत्रों में बारिश व उपरी क्षेत्रों में बर्फबारी होती रही। हालांकि दिन चढ़ते ही मौसम के साफ होते ही चटख धूप खिली।

*डाइवर्ट किया ट्रैफिक*

रविवार को सचे जोत पर पांच से छह ईंच बर्फबारी होने की सूचना है। इसके चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप होकर रह गई है। पांगी से चंबा की ओर से आने वाले वाहन वाया पदरी जोत चल रहे हैं। इसके साथ ही रविवार को जिला के चुराह व सलूणी उपमंडल की उपरी पहाडिय़ों ने भी बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है।

TRNDKB: *पंचायतों को मिलेंगे स्कूल भवन, जीरो एन्रोलमेंट या कम एडमिशन के कारण बंद किए गए हैं 1353 स्कूल*

हिमाचल में जीरो एन्रोलमेंट या कम एडमिशन के कारण बंद किए गए सरकारी स्कूल भवनों को लेने वाला अभी कोई नहीं है। ऐसे करीब 1353 स्कूल भवन पूरे प्रदेश में हैं। इनकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग से मांगी गई है। इस रिपोर्ट पर शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अब फैसला होगा। यह संभावना लग रही है कि शिक्षा विभाग स्थानीय पंचायत को यह भवन और अन्य संसाधन दे सकता है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले तीन साल में 31 जुलाई 2025 तक जीरो एनरोलमेंट वाले 818 स्कूलों को डिनोटिफाई किया। जहां पांच से कम एडमिशन थी और दो या तीन किलोमीटर के दायरे में दूसरा स्कूल था, वहां 535 स्कूलों को मर्ज किया गया। इस तरह से पूरे प्रदेश में 1353 स्कूल भवन खाली हो गए। इनके इस्तेमाल को लेकर शिक्षा विभाग ने फील्ड से रिपोर्ट मांगी थी। इसमें जिला प्रशासन से भी सुझाव मांगे गए थे कि वह इस भवन का किस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं?

राज्य सरकार के पास ऐसे आवेदन तो आए हैं, जहां स्कूल के लिए दान की गई जमीन उन्हीं परिवारों ने वापस मांग ली है। लेकिन स्कूल भवन को किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल करने के आवेदन नहीं मिल रहे। अब शिक्षा विभाग को यह फैसला लेना है कि यह भवन किसको दिए जाएंगे। जिन पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं। उन्हें भी इनमें शिफ्ट किया जा सकता है। पंचायत चाहे तो स्कूल भवन में पब्लिक लाइब्रेरी बना सकती है। इस तरह के सुझाव शिक्षा विभाग की बैठक में चर्चा में आए हैं, लेकिन फैसला होना अभी बाकी है। शिक्षा विभाग को भी लग रहा है कि यदि समय पर यह स्कूल भवन किसी को नहीं दिए तो इन्हें मेंटेन करना मुश्किल हो जाएगा।

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