AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्ट-लेस प्रदर्शन पर क्या हो सकती है सजा, जानें इसको लेकर क्या है नियम?

Feb 21, 2026 - 10:18
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AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्ट-लेस प्रदर्शन पर क्या हो सकती है सजा, जानें इसको लेकर क्या है नियम?

AI Summit Protest: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंपैक्ट समिट अभी नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा है. यह दुनिया भर में लोगों की भागीदारी और राजनीतिक ध्यान खींच रहा है. इस हाई प्रोफाइल इवेंट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने वेन्यू के अंदर शर्ट-लेस होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए. इसी बीच आइए जानते हैं कि ऐसे मामले में क्या सजा हो सकती है और इसे लेकर क्या नियम है.

सार्वजनिक काम में रुकावट 

किसी इंटरनेशनल समिट में रुकावट डालने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत नियम लागू हो सकते हैं. भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 221 सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक काम करते समय रुकावट डालने से संबंधित है. अगर अधिकारियों को पता चलता है कि विरोध प्रदर्शन से समिट के संचालन या फिर सुरक्षा व्यवस्था में रुकावट आई है तो इस सेक्शन के तहत आरोप लग सकते हैं.

इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 3(5) 'कॉमन इंटेंशन' के बारे में बताता है. क्योंकि यह एक कोऑर्डिनेटेड ग्रुप एक्शन था, इस वजह से प्रदर्शन की प्लानिंग करने या फिर उसे करने में शामिल सभी लोगों को इस नियम के तहत बराबर का जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. क्रिमिनल सेक्शन के अलावा पब्लिक में गलत काम करने या फिर पब्लिक शांति भंग करने वाले कामों पर भी जुर्माना या थोड़े समय के लिए हिरासत में लिया जा सकता है. 

सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का उल्लंघन 

भारत मंडपम को हाई सिक्योरिटी वाली जगह माना जाता है. ऐसा बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए जगह में एंट्री की थी. अगर जांच करने वालों को पता चलता है कि एंट्री गलत जानकारी देकर की गई थी या फिर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का जानबूझकर उल्लंघन किया गया था तो धोखाधड़ी से एंट्री या सिक्योरिटी नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक्स्ट्रा चार्ज लगाए जा सकते हैं. 

दिल्ली पुलिस ने करीब 10 एक्टिविस्ट को हिरासत में लिया है. इसी के साथ तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. एक बार एफआईआर दर्ज होने के बाद फॉर्मल जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू होती है. 

इवेंट कोड ऑफ कंडक्ट और तुरंत कार्रवाई 

क्रिमिनल लॉ के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंपैक्ट समिट जैसे बड़े इवेंट सख्त कोड ऑफ कंडक्ट के तहत चलते हैं. ऑर्गेनाइजर उन पार्टिसिपेंट्स को तुरंत निकालने का अधिकार रखते हैं जो गलत या फिर परेशान करने वाला व्यवहार करते हैं. इस मामले में प्रोटेस्टर्स को भविष्य में उस जगह पर ऐसे ही इवेंट्स में शामिल होने से हमेशा के लिए बैन किया जा सकता है. ऑर्गेनाइजर्स के पास कानून तोड़ने वालों को ऑफिशियल रिपोर्ट करने का भी अधिकार है. 

क्या सजा हो सकती है? 

अगर रूकावट या फिर पब्लिक में गड़बड़ी से जुड़े आरोप साबित होते हैं तो सजा में जुर्माना, कम समय की जेल या फिर दोनों शामिल हो सकते हैं. सुरक्षित पब्लिक इवेंट्स के अंदर प्रोटेस्ट करने वाले ऐसे कई मामलों में कोर्ट सजा तय करने से पहले इरादे, रूकावट या फिर लेवल और पिछले बर्ताव जैसे फैक्टर पर विचार करती है.

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला