कितनी खतरनाक थी भारत की पहली महिला डॉन, उसके सामने कहां टिकती है लॉरेंस बिश्नोई की लेडी जहर?
Madam Zehar Arrest: दिल्ली पुलिस ने हाल ही में खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है. नेहा को मैडम जहर के नाम से भी जाना जाता है. ऐसा बताया जाता है कि वह गैंग से जुड़े एक शूटर बॉबी कबूतर से जुड़ी है. इस गिरफ्तारी ने भारत के अंडरवर्ल्ड में महिला किरदारों के बारे में चर्चा को फिर से शुरू कर दिया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत की पहली जानी-मानी महिला डॉन कौन थी और मैडम जहर उसके सामने कहां टिकती है.
भारत की पहली महिला डॉन
संतोकबेन जडेजा को अक्सर भारत की पहली और सबसे ताकतवर महिला डॉन कहा जाता है. गुजरात के पोरबंदर में रहने वाली वह 1980 के दशक के आखिर में अपने पति की हत्या के बाद मशहूर हुई थी. उसके पति के बारे में कहा जाता है कि वह क्रिमिनल एक्टिविटीज से जुड़ा था. उस दौर के पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस पर कई हत्याओं में शामिल होने का आरोप था. कथित तौर पर उस पर लगभग 14 हत्याओं के इल्जाम थे. यह सभी हत्या उसने बदले की कार्रवाई में की थी. ऐसा कहा जाता है कि उसके गैंग में 100 से 500 लोग थे.
जो चीज उसे दूसरों से अलग बना दी थी वह सिर्फ क्रिमिनल कंट्रोल ही नहीं बल्कि पॉलिटिकल पहुंच भी थी. वह 1990 और 1995 के बीच गुजरात में लेजिसलेटिव असेंबली की मेंबर बनी. बाद में उसकी जिंदगी ने शबाना आजमी स्टारर फिल्म गॉड मदर को इंस्पायर किया.
लॉरेंस बिश्नोई की मैडम जहर
इसके उलट खुशनुमा अंसारी को इन्वेस्टिगेटर लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क और हाशिम बाबा गैंग की एसोसिएट बताते हैं. पुलिस सोर्स के मुताबिक वह कथित तौर पर दिल्ली में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी. इसके बारे में इन्वेस्टिगेटर का दावा है की गैंग से जुड़ी एक्टिविटीज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था. उसका रोल ड्रग्स सिंडिकेट के कुछ हिस्सों को मैनेज करना, हथियारों के लॉजिस्टिक्स में मदद करना और सर्विलेंस ऑपरेशन करना था. ऐसा कहा जाता है कि उसका निकनेम मैडम जहर नारकोटिक्स ऑपरेशन में उसके शामिल होने की वजह से पड़ा.
पावर के दो अलग-अलग लेवल
इन दोनों के बीच मुख्य अंतर ऑटोनॉमी और स्केल में है. संतोकबेन जडेजा ने अपना खुद का क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन बनाया और उसे लीड किया. ऐसा कहा जाता है कि उसने सैकड़ों वफादारों को कमांड किया और चुनावी पॉलिटिक्स में आ गई. उसका असर अंडरवर्ल्ड से आगे बढ़कर मेनस्ट्रीम पॉलीटिकल कॉरिडोर तक फैला हुआ था. इसके मुकाबले लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क जैसे गैंग से जुड़ी मैडम जहर बनी बनाई हायरार्की के अंदर काम करती दिखती है.
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