AIIMS दिल्ली में AI से इलाज शुरू, इन बीमारियों की होगी जल्दी पहचान

Feb 21, 2026 - 10:18
 0  0
AIIMS दिल्ली में AI से इलाज शुरू, इन बीमारियों की होगी जल्दी पहचान

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अब इलाज का अंदाज तेजी से बदल रहा है. यहां ऐसी स्मार्ट तकनीक काम करने लगी है जो मरीज के डॉक्टर तक पहुंचने से पहले ही उसकी जांच रिपोर्ट का विश्लेषण कर देती है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से अब बीमारी की पहचान और इलाज की दिशा तय करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और सटीक हो रही है.

एक्स-रे रिपोर्ट पर पहले नजर अब AI की

एम्स में छाती का एक्स-रे होने के बाद उसकी पहली जांच अब एक एडवांस्ड AI सिस्टम करता है. यह तकनीक कुछ ही सेकंड में इमेज को स्कैन कर संभावित संक्रमण, गांठ या अन्य असामान्यताओं की ओर संकेत दे देती है. डॉक्टर के पास रिपोर्ट पहुंचने तक शुरुआती विश्लेषण तैयार रहता है, जिससे निर्णय लेने में समय नहीं लगता. इससे न केवल भीड़भाड़ वाले सरकारी अस्पताल में काम का दबाव घटा है बल्कि मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ता.

शुरुआती चरण में कैंसर पकड़ने की तैयारी

देश में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को देखते हुए एम्स की विशेषज्ञ टीम एक नई AI-आधारित तकनीक विकसित कर रही है. डॉक्टर कृतिका रंगराजन और उनकी टीम ऐसी प्रणाली पर काम कर रही है जो कैंसर के बेहद शुरुआती संकेतों को पहचान सके. अक्सर यह बीमारी तब सामने आती है जब वह शरीर में फैल चुकी होती है. नई तकनीक का उद्देश्य इसी देरी को खत्म करना है.

इस सिस्टम का परीक्षण देश के कई प्रमुख मेडिकल केंद्रों में जारी है. यदि कैंसर शुरुआती अवस्था में पकड़ में आ जाए तो उपचार अधिक प्रभावी और जीवन रक्षा की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. AI आधारित विश्लेषण डॉक्टरों को समय रहते इलाज शुरू करने में मदद देगा.

‘मधुनेत्र’ से गांव तक पहुंचेगी हाईटेक आंख जांच

एम्स ने सरकार के सहयोग से ‘मधुनेत्र’ नामक एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है. यह AI आधारित सिस्टम आंखों की अंदरूनी तस्वीरों को स्कैन कर मधुमेह या अन्य कारणों से होने वाली रेटिना संबंधी समस्याओं की पहचान करता है. जांच के तुरंत बाद जोखिम की जानकारी मिल जाती है, जिससे समय पर इलाज संभव हो पाता है.

इस पहल को देशभर में लागू करने की योजना है ताकि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लोगों को भी बड़े शहरों जैसी उन्नत जांच सुविधा मिल सके. विशेषज्ञों का मानना है कि मशीनें लगातार और बिना थके काम करती हैं, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना कम हो जाती है. हालांकि अंतिम निर्णय डॉक्टर ही लेते हैं, लेकिन AI अब उनके लिए एक मजबूत सहायक की भूमिका निभा रहा है.

इसे भी पढ़ें- क्या रात में बार-बार खुलती है आपकी भी नींद, जानें किन बीमारियों से बढ़ रही परेशानी?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला