Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पूर्व पीएम मां खालिदा जिया के निधन पर बेटे तारिक रहमान हुए भावुक, लिखा- 'अल्लाह की पुकार...'
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार (30 दिसंबर 2025) को 80 साल की उम्र में निधन हो गया. इस दुखद घटना पर उनके बेटे तारिक रहमान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मां के लिए भावुक हो गए. उन्होंने लिखा, 'मेरी मां और BNP की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया अल्लाह की पुकार सुनकर आज हमें छोड़कर चली गई.' तारिक रहमान ने आगे लिखा कि खालिदा जिया केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थीं, बल्कि वह लोकतंत्र की जननी और बांग्लादेश की मां के रूप में जानी जाती थीं. उन्होंने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया और तानाशाही व दमन के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहीं.
तारिक रहमान ने लिखा कि खालिदा जिया उनके लिए एक बेहद स्नेही, कोमल और साहसी मां थीं. उन्होंने घर के भीतर हमेशा अपने परिवार को संभाला,चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न रहे हों. राजनीतिक संघर्षों के बीच भी उनकी मातृत्व और करुणा कभी कम नहीं हुई.
My mother, BNP Chairperson Begum Khaleda Zia, has responded to the call of Almighty Allah and left us today. Inna lillahi wa inna ilayhi raji'un (Indeed, we belong to Allah, and to Him we shall return).
To many, she was the leader of the nation, an uncompromising leader, the… pic.twitter.com/bLsEtzYWgi — Tarique Rahman (@trahmanbnp) December 30, 2025
गिरफ्तारी, बीमारी और संघर्ष भरा जीवन
खालिदा जिया ने अपने जीवन में बार-बार गिरफ्तारी, इलाज से वंचित किए जाने और लगातार राजनीतिक उत्पीड़न का सामना किया. बावजूद इसके, उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उनका व्यक्तित्व शांत लेकिन अडिग और मजबूत रहा. खालिदा जिया ने देश के लिए अपने पति और बच्चे को खोया. इन निजी दुखों के बाद बांग्लादेश की जनता ही उनका परिवार बन गई. देश की सेवा ही उनका उद्देश्य और जीवन की दिशा बन गई.
लोकतांत्रिक विरासत हमेशा रहेगी जीवित
बयान में तारिक ने आगे लिखा कि खालिदा जिया अपने पीछे देशभक्ति, बलिदान और लोकतंत्र के लिए संघर्ष की एक ऐसी विरासत छोड़ गई हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. उनकी याद और योगदान बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा.
लोगों के प्रेम के लिए जताया आभार
तारिक रहमान ने पोस्ट के आखिर में लिखा कि परिवार की ओर से देश और दुनिया भर से मिले प्रेम, सम्मान और संवेदनाओं के लिए आभार जताता हूं. खालिदा जिया के निधन को बांग्लादेश की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है.
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