बंद हो जाएगा सबका इंटरनेट अगर... होर्मुज में फायरिंग के बीच मंडराया बड़ा खतरा, डेटा वॉर होगा?

Apr 23, 2026 - 16:04
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बंद हो जाएगा सबका इंटरनेट अगर... होर्मुज में फायरिंग के बीच मंडराया बड़ा खतरा, डेटा वॉर होगा?

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है. इस दौरान एक ऐसी खबर सामने आई है, जो पूरी दुनिया को चिंता में डाल सकती है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)  ने इंटरनेट केबल को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक फारस की खाड़ी में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है.  ईरानी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक स्ट्रेट ऑफ को तेल और जहाजों के लिए अहम रास्ता माना जाता था, लेकिन अब खतरा समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल से जुड़ गया है. होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद अंडरसी डेटा केबल काफी संवेदनशील हैं और इनमें किसी भी तरह की रुकावट पूरे इलाके की इंटरनेट सेवा पर बड़ा असर डाल सकती है. अगर एक साथ कई केबल को नुकसान पहुंचता है, चाहे वह गलती से हो या जानबूझकर तो फारस की खाड़ी में बड़े स्तर पर इंटरनेट बंद हो सकता है.

होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ तेल के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए भी बेहद जरूरी है. कई बड़े सबमरीन केबल सिस्टम जैसे FALCON, AAE-1, TGN-Gulf और SEA-ME-WE इसी रास्ते या इसके आसपास से गुजरते हैं. यही केबल खाड़ी देशों में इंटरनेट, बैंकिंग, क्लाउड सर्विस और कम्युनिकेशन को चलाते हैं. समस्या यह है कि ये सभी केबल एक ही संकरे इलाके में मौजूद हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है. रिपोर्ट के अनुसार UAE, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देश इन केबल पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और किसी भी बाधा का असर इन देशों पर तुरंत पड़ सकता है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा खतरा सिर्फ अंदाजा नहीं है, बल्कि पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2024 और 2025 में रेड सी में कई अंडरसी केबल खराब हो गए थे, जिससे इंटरनेट की स्पीड धीमी हो गई और कई जगह सेवाएं प्रभावित हुईं. इन केबल को ठीक करने में महीनों लग गए, क्योंकि उस इलाके में काम करना आसान नहीं था. यमन समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से पहले ऐसे ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे यह डर और बढ़ गया है कि भविष्य में इंटरनेट केबल भी बड़े युद्ध का हिस्सा बन सकते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि तस्नीम की यह रिपोर्ट सिर्फ जानकारी नहीं दे रही, बल्कि एक तरह से संकेत भी दे रही है कि ये केबल कितने महत्वपूर्ण और संवेदनशील हैं. रिपोर्ट में केबल रूट, लैंडिंग स्टेशन और डेटा सेंटर का जिक्र किया गया है, जो यह दिखाता है कि इन जगहों पर किसी भी रुकावट का असर बहुत बड़ा हो सकता है.

खाड़ी देशों में मौजूद बड़ा डेटा सेंटर

खाड़ी देशों में खासकर UAE और बहरीन में डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एक ही जगह पर केंद्रित हैं, जिससे किसी भी आउटेज का असर और ज्यादा बढ़ सकता है. हाल ही में यह भी खबर आई थी कि ईरानी ड्रोन हमलों में UAE और बहरीन में कुछ ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो अमेज़न वेब सर्विस से जुड़े थे. हालांकि पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इससे यह साफ होता है कि अब डिजिटल ढांचा भी युद्ध का हिस्सा बनता जा रहा है. समुद्र के नीचे केबल की सुरक्षा करना बेहद मुश्किल होता है. अगर इनमें थोड़ा सा भी नुकसान होता है तो डेटा ट्रैफिक पर बड़ा असर पड़ सकता है, बैंकिंग सिस्टम धीमा हो सकता है और देशों के बीच कम्युनिकेशन बाधित हो सकता है. फिलहाल कोई बड़ा खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन इस चेतावनी ने उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान खींचा है, जो दिखता नहीं है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी और पूरी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है.

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला