यूपी में लड़कों के हाफ पैंट पहनने पर रोक:खाप पंचायत ने कहा- घर में बहन-बेटी होती हैं; कुर्ता पजामा पहनना चाहिए
बागपत की खाप पंचायत ने शनिवार को लड़कों के हाफ पैंट पहनने पर रोक लगाने का फैसला सुनाया। खाप चौधरियों ने कहा- लड़के और लड़कियां समान हैं। जिस तरह लड़कियों पर कुछ सामाजिक नियम लागू होते हैं, उसी तरह लड़कों पर भी नियम होने चाहिए। पंचों का तर्क था कि लड़के हाफ पैंट पहनकर घरों में और बाहर घूमते हैं। जिससे समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है। लड़कों को कुर्ता-पजामा पहनना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र के लड़कों को स्मार्टफोन भी नहीं रखना चाहिए। साथ ही मैरिज हॉल में शादियों के आयोजन पर भी आपत्ति जताई। पंचायत का कहना है कि ये फैसले समाज की संस्कृति और अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। शादियां गांव और घरों में ही होना बेहतर है। उनका तर्क है कि मैरिज होम में होने वाले विवाह ज्यादा समय तक नहीं टिकते और इनके टूटने की आशंका अधिक रहती है। घर के अंदर और बाहर दोनों जगह हाफ पैंट पहनना गलत
आज सुबह बड़ौत कस्बे में खाप पंचायत बैठी। इसमें आजाद मलिक, ओमपाल सिंह, दागड़ खाप चौधरी, रमेश फौजी और शहीद बाबा शाहमल के वंशज शामिल हुए। उन्होंने कहा- ये फैसले समाज हित में हैं। इन्हें पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए अन्य खापों से संपर्क कर इसे अभियान के रूप में चलाया जाएगा। पंचायत में राजस्थान में लिए गए ऐसे ही एक अन्य खाप पंचायत के फैसले को भी सही ठहराया गया। पंच बृजपाल सिंह ने कहा कि जो युवा लड़के घर में भी पैंट पहनते हैं और बाहर भी पहनते हैं। समाज में बहन-बेटी होती हैं, यह सही नहीं है। कुर्ता पजामा और कोट-पैंट, पैंट-शर्ट पहनना चाहिए। हम हाफ पैंट के बिल्कुल खिलाफ हैं। खाप चौधरियों ने युवाओं को स्मार्टफोन से दूर रखने के लिए समाज में जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है। पंचायत में युवाओं से अपील की गई कि वे स्मार्टफोन से दूरी बनाएं और हाफ पैंट न पहनें। चौधरियों का RSS पर तंज
खाप चौधरियों ने RSS पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा- हाफ पैंट आरएसएस का पहनावा रहा है। जिन लोगों ने अपने मुख्यालय पर देश का झंडा तक नहीं लगाया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही समाज की ओर से युवाओं से अनुशासन और परंपराओं का पालन करने का आह्वान किया गया। खाप चौधरी सुभाष सिंह ने बताया कि आज अनपढ़ बच्चे भी स्मार्टफोन रख रहे हैं। जबकि पढ़े-लिखे बच्चों के लिए फोन कई बार मजबूरी बन जाता है। पंचायत का निर्णय है कि अनपढ़ बच्चों के लिए मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस फैसले को लागू कराने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और समाज को स्मार्टफोन के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जाएग। क्यों बैठकी खाप पंचायत?
खाप पंचायत का मानना है कि हाफ पैंट के पहनावे और स्मार्टफोन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में माहौल पर प्रभाव पड़ रहा है। जिसको लेकर पंचायत बुलाई गई। खाप चौधरियों ने निर्णय लिया कि अगर जागरूकता और कड़े नियम बनाए जाएंगे, तब ही इस पर रोक लगाई जा सकती है। समाज को सुधारा जा सकता है। सीओ बड़ौत विजय चौधरी का कहना है कि पंचायत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर खाप पंचायत में कोई निर्णय लिया है तो वह उनका व्यक्तिगत मामला है।
.....................
इस खबर को भी पढ़े...
PCS अफसर के बेटा-बेटी, साले-सास समेत 5 की मौत:कमरे में कोयला जलाकर सोए, वाराणसी से छुट्टियां मनाने छपरा गए थे वाराणसी के PCS अफसर के मासूम बेटे, बेटी, सास, साले और साढ़ू के बच्चे की मौत हो गई। उनकी पत्नी, साले और साली की हालत गंभीर है। अफसर की पत्नी छुट्टियां मनाने बच्चों के साथ बिहार के छपरा गई थीं। परिवार शुक्रवार देर रात ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोया था। पूरी खबर पढ़े....
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
Admin
तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला