आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ *प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों से बातचीत की।*
*उपराष्ट्रपति चुनाव में INDIA गठबंधन को लगा झटका, सीपी राधाकृष्णन बने उपराष्ट्रपति* - इंडिया गठबंधन के कम से कम 20 सांसदों ने की क्रॉस वोटिंग - NDA को 25 सांसदों के ज्यादा वोट मिले
TRNDKBJITENDRAKUMAR: *हिमाचल उच्च वेतनमान मामले पर सरकार का यू-टर्न, कर्मचारियों के विरोध के बाद फिलहाल निलंबित की अधिसूचना*
*पूर्व जयराम सरकार के समय दिए गए उच्च वेतनमान के निर्णय को वापस लेने के मामले में सुक्खू सरकार ने यू-टर्न लिया है।*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्व जयराम सरकार के समय दिए गए उच्च वेतनमान के निर्णय को वापस लेने के मामले में यू-टर्न लिया है। सरकार ने इस संबंध में 6 सितंबर को जारी अधिसूचना को प्रशासनिक आधार पर अगले आदेश तक फिलहाल निलंबित करने का फैसला लिया है। *मुख्यमंत्री के कर्मचारियों को आश्वासन के बाद सोमवार शाम को वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। बता दें, 2022 में जारी अधिसूचना के अनुसार 89 श्रेणियों के विभिन्न कर्मचारियों को दो वर्ष का नियमित कार्यकाल पूर्ण करने पर उच्च वेतनमान दिया गया था।* लेकिन माैजदा सरकार ने इसे वापस ले लिया था। इसके विरोध में सोमवार सुबह अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, सचिवालय कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलने पीटरहाॅफ पहुंचे। इसमें कर्मचारी कर्मचारी नेता प्रदीप ठाकुर व और त्रिलोक ठाकुर सहित अन्य शामिल रहे।
*भविष्य में नई भर्तियों पर लागू होगा फैसला: सीएम*
इस दाैरान सीएम ने कर्मचारी नेताओं को आश्वासन दिया है कि इस पर विचार किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री को इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। उन्होंने चर्चा के बाद यह आश्वासन दिया है कि कर्मचारियों के हितों के मद्देनजर पूर्व में जारी अधिसूचना को वापस लिया जाएगा। उच्च वेतनमान वाली अधिसूचना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं होगी। यह फैसला नई भर्तियों पर लागू होगा। भविष्य में नए भर्ती कर्मियों की अतिरिक्त इंक्रीमेंट रोकी जाएगी। कहा कि यह फैसला भविष्य में लागू होगा, पहले से तैनात कर्मियों पर नहीं। अधिसूचना में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। सीएम के आश्वासन के बाद शाम को अधिसूचना जारी की गई। इससे पहले कर्मचारी नेता प्रदीप ठाकुर ने कहा कि हर कर्मचारी को इससे 13 से 14 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू कर्मचारी हितैषी हैं और उन्होंने सत्ता में आते ही ओपीएस लागू की थी। त्रिलोक ठाकुर ने कहा कि इस फैसले से 89 श्रेणियों के कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जल्द जेसीसी बैठक बुलाने की भी मांग उठाई।
*उच्च वेतनमान का निर्णय वापस लेने पर भड़के हैं कर्मचारी*
बता दें, कर्मचारी संगठन सरकार के इस फैसले से भड़क गए हैं। कर्मचारी संगठनों ने इसे आपदा में कर्मचारियों को धोखा करार दिया है। आरोप लगाया है कि सरकार ने न तो कर्मचारियों को डीए दिया, न डीए का एरियर दिया और अब अब उच्च वेतनमान की अधिसूचना भी वापस ले ली है। रविवार को अराजपत्रित कर्मचारी संघ के दोनों धड़ों ने इसे लेकर वर्चुअल बैठक की और सरकार के फैसले के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। सीटू राज्य कमेटी ने भी सरकार के इस फैसले को कर्मचारी विरोधी करार दिया है। कर्मचारी संघों का कहना है कि सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को मासिक औसतन 15,000 से 20,000 की वित्तीय हानि होगी। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के फैसले को अन्यायपूर्ण, अव्यावहारिक और प्राकृतिक न्याय के विपरीत करार दिया है। कर्मचारी संगठनों ने अधिसूचना वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात करने का भी फैसला लिया है। अगर सरकार सकारात्मक आश्वासन नहीं देती तो आंदोलन का भी एलान हो सकता है।
*फिलहाल कलमबंद हड़ताल, अधिसूचना वापस नहीं ली तो आंदोलन*
प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने कहा कि कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं। इसके कारण सरकार कर्मचारी विरोधी निर्णय ले रही है। यह अधिसूचना अगर तुरंत वापस नहीं ली गई तो महासंघ आंदोलन पर उतरने के लिए मजबूर होगा। जब तक निर्णय वापस नहीं होता कलमबंद हड़ताल कर सरकार के फैसले का विरोध किया जाएगा। हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि वित्त विभाग की अधिसूचना आपत्तिजनक है। इससे कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा और उनका मनोबल गिरेगा। इस निर्णय से असंतोष फैलेगा और वित्तीय नुकसान का के डर से कार्यकुशलता भी प्रभावित होगी। कर्मचारियों का हक हर हाल में दिलवाया जाएगा। सरकार तत्काल अधिसूचना को रद करे। सीटू राज्य कमेटी के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सरकार की अधिसूचना कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों पर हमला है। सरकार अपने चहेतों, बड़े अधिकारियों, पुनर्नियुक्ति अधिकारियों, बोर्डों निगमों के नामित निदेशकों पर खजाना लुटा रही है लेकिन कर्मचारियों, मजदूरों, किसानों और आम जनता को आर्थिक सुविधाएं देने के नाम पर आर्थिक संकट का रोना रो रही है।
*कौन कर्मचारी है जो अपना पेट काट कर काम करना चाहेगा : राणा*
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की देनदारियां इतनी हैं कि सरकार की रेलगाड़ी हांफने लगी है। पहले बिना सोचे समझे ओपीएस लागू किया फिर उसमें भी कांट्रैक्ट कर्मी कोर्ट गये तो उस निर्णय को संशोधित किया। ऐसा प्रतीत होता है कि जो जो वादे कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए किए वे सब बिना गुणा-भाग के थे। अब हिमाचल प्रदेश को मंझधार में फंसा कर रख दिया, अब हिमाचल के सभी वर्ग ठगे से महसूस कर रहे हैं जिसमें से कर्मचारी वर्ग तो बहुत ही ठगा गया है। अजय राणा ने कहा अब 3 जनवरी 2022 से सिविल सर्विस के कर्मियों का हायर ग्रेड खत्म करने की घोषणा 6 सितंबर के पत्र से कर दी, जो कि पूरी तरह असहनीय है। कर्मचारी तो इसका विरोध करेंगे ही पर इसके दूरगामी परिणाम भी दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के समय दिए गए उच्च वेतनमान का निर्णय वापस ले लिया गया है। वित्त विभाग ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर इस लाभ को समाप्त करने का निर्णय लिया है। विभागों को निर्देश दिया गया है कि इन कर्मचारियों का पुनः वेतन निर्धारित किया जाए। इसके परिणामस्वरूप प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिमाह 10,000 से 15,000 रुपये का वित्तीय नुकसान होगा।
*कर्मचारियों के हायर ग्रेड पे वापस लेना तानाशाही निर्णय : डोगरा*
राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन डोगरा ने कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से उच्च वेतनमान का निर्णय वापस लेना गलत फैसला है। इससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। इस नियम को हटाना कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और अन्याय है। केंद्र और अन्य राज्यों में कर्मचारियों को समान वेतन लाभ मिल रहे हैं। हिमाचल में यह प्रावधान खत्म करना पूरी तरह भेदभावपूर्ण और तानाशाही फैसला है। पेंशनर महासंघ के प्रदेश महामंत्री बृज लाल शर्मा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री चमन कलवान, उपाध्यक्ष गोपाल दत्त ने बताया कि यह निर्णय कर्मचारी विरोधी और तानाशाहीपूर्ण है। महासंघ सरकार से अविलंब निर्णय वापस लेने की मांग करता है। सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों में सनसनी फैलाने का है, ताकि वे डीए, एरियर और अन्य भुगतान की मांग का दबाव न डालें।
*राजकीय अध्यापक संघ ने दी परिणाम भुगतने की चेतावनी*
प्रदेश सरकार की ओर से उच्च वेतनमान की अधिसूतना को वापस लेने से कर्मचारियों में नाराजगी है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ राज्य प्रधान नरोत्तम वर्मा, महासचिव संजीव ठाकुर, वित्त सचिव सतीश पुंडीर ने संयुक्त बयान में कहा कि रूल-7ए को हटाना कर्मचारियों की मेहनत और उनके भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। जब केंद्र और अन्य राज्यों में कर्मचारियों को समान वेतन लाभ मिल रहे हैं। हिमाचल में यह प्रावधान खत्म करना पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। यह कदम कर्मचारियों की वित्तीय प्रगति को रोकने वाला है। संघ इस निर्णय के विरोध करता है। इसके बाद भी यदि सरकार ने अधिसूचना वापस नहीं ली तो आगामी परिणाम के लिए सरकार तैयार रहे।
TRNDKB: *मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- मंगलवार को हिमाचल आएंगे पीएम मोदी, विशेष राहत पैकेज की उम्मीद*
*मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश आएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निश्चित रूप से, जब प्रधानमंत्री आते हैं, तो हमेशा उम्मीद रहती है। जब वह धरातल पर आएंगे और देखेंगे, तो वे स्थिति का आकलन करेंगे। हमें विशेष राहत पैकेज की उम्मीद है।*
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री कल (मंगलवार) आएंगे और सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण के बाद, उनके साथ एक प्रेजेंटेशन है। निश्चित रूप से, जब प्रधानमंत्री आते हैं, तो हमेशा उम्मीद रहती है। जब वह धरातल पर आएंगे और देखेंगे, तो वे स्थिति का आकलन करेंगे। हमें विशेष राहत पैकेज की उम्मीद है। हमने कई बार कहा है कि एक विशेष राहत पैकेज दिया जाना चाहिए। नुकसान का अनुमान 5 हजार करोड़ तक है और यह इससे ज्यादा भी बढ़ सकता है, क्योंकि पंचायत में कई सड़कें हैं टूटी हुई हैं।
#WATCH | शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "...प्रधानमंत्री कल आएंगे और सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण के बाद, उनके साथ एक प्रेजेंटेशन है। निश्चित रूप से, जब प्रधानमंत्री आते हैं, तो हमेशा उम्मीद रहती है। जब वह धरातल पर आएंगे और देखेंगे, तो वे स्थिति… pic.twitter.com/EpkiTfLsLU
*जिला चंबा में आपदा में हुए नुकसान का अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने लिया जायजा*
भारी बारिश, भूस्खलन के कारण हुई क्षति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की एक अंतर मंत्रालयी टीम ने सोमवार को जिला चंबा का दौरा किया। टीम ने जिले के विभिन्न उपमंडलों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया। दोपहर बाद टीम ने जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उपायुक्त ने टीम को बताया कि चंबा में हुई भारी वर्षा के कारण करीब 434.32 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने जिला प्रशासन व विभागीय अधिकारियों को आश्वासन दिया कि जिला चंबा में आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत आकलन रिपोर्ट केंद्र सरकार के संबंधित विभागों में प्रस्तुत कर शीघ्र राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में मजदूरों के कार्यदिवस बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को शीघ्र भेजे जाएं। आपदा से बचाव व रोकथाम के लिए भी और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम से व्यय मंत्रालय के उप सचिव कमलदीप वी पटेल, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी दीप शेखर सिंघल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, एसडीएम प्रियांशु खाती, सहायक आयुक्त अपराजिता चंदेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
TRNDKB: *आज देश को मिलेंगे नए उपराष्ट्रपति, मुकाबला करीबी, चुनाव में शामिल नहीं होगी BJD और BRS*
देश को मंगलवार को नए उपराष्ट्रपति मिल जाएंगे। मतदान प्रक्रिया मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगी। इसके बाद मतगणना होगी और शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही देश को 50 दिन बाद जगदीप धनखड़ की जगह नए उपराष्ट्रपति मिल जाएंगे। 21 जुलाई को धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने के चलते चुनाव हो रहा है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। आंकड़ों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त है। हालांकि संसद में विपक्ष की मजबूती से पिछले दो दशक में पहली बार मुकाबला करीबी हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना वोट डालेंगे और फिर वह वहां से पंजाब और हिमाचल के लिए रवाना हो जाएंगे।
उधर, चुनाव से ठीक एक दिन पहले सोमवार बीआरएस और बीजू जनता दल ने चौंकाने वाला ऐलान किया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव से दूर रहेगी। इसी तरह बीजद ने भी ऐसी ही घोषणा की है। बीजद के नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने फैसला किया है कि पार्टी के सांसद उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्यों और सांसदों से परामर्श के बाद यह फैसला लिया है। पात्रा ने कहा कि हमारा पूरा ध्यान राज्य और उसके 4.5 करोड़ लोगों के विकास पर है।
TRNDKB: *मृतकों के परिवार को मिलेंगे चार लाख, CM का ऐलान, बाढ़ प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार मुआवजा*
पंजाब सरकार की सोमवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में बाढ़ से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को चार लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में शामिल हुए। करीब दो घंटे चली बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि बाढ़ प्रभावित फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को सोसायटियों या कोऑपरेटिव बैंकों से लिया कर्ज चुकाने के लिए छह महीने की छूट भी दी गई है। इस अवधि में उन्हें किस्त नहीं देनी होगी। उन्हें ब्याज में भी छूट दी जाएगी। बता दें कि बाढ़ से नदियों में मिट्टी और रेत भर गई है, जिससे कई नदियों की चौड़ाई कम हो गई है। सरकार जिसकी जमीन, उसकी रेत नीति लेकर आ रही है। किसान अपनी जमीन से रेत/मिट्टी निकाल सकेंगे और चाहें तो उसे बेच भी सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्यास नदी पहले बहुत चौड़ी होती थी, लेकिन अब छोटी हो गई। 31 दिसंबर तक किसान रेत या मिट्टी उठा पाएंगे। उसे किसी तरह का परमिट नहीं लेना पड़ेगा।
जिन परिवारों के घर बर्बाद हो गए हैं, या पानी में बह गए हैं, उनका सर्वे करवाया जाएगा। नुकसान का आकलन होते ही सरकार वित्तीय सहायता देगी। इसके अलावा बड़ी संख्या में पशु और मछली पालन से जुड़े लोगों का नुकसान हुआ है। सरकार इसकी भरपाई करेगी। साथ ही, पशुओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। बाढ़ के बाद बीमारियों से बचाव के लिए लगभग 1700 गांवों और 300 शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग मशीनें लगाई जाएंगी। हर गांव में क्लीनिक लगाकर डाक्टरों की टीम भेजी जाएगी, ताकि दवाइयां और इलाज लोगों को नजदीक ही उपलब्ध हों। कैबिनेट मीटिंग के बाद जारी वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि मैं धीरे-धीरे ठीक हो रहा हूं। जैसे ही छुट्टी मिलेगी, मैं आपके बीच आऊंगा। मैं लोगों के बिना नहीं रह सकता। आपके दर्द के सामने मेरा दर्द बहुत छोटा है। आपकी चुनी हुई सरकार हर वक्त साथ खड़ी है।
TRNDKB: *केंद्रीय टीम ने कुल्लू-चंबा में लिया नुकसान का जायजा, पीडि़तों की सुनी समस्याएं, जल्द राहत का आश्वासन*
जिला के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, नुकसान का लिया जायजा; पीडि़त लोगों की सुनी समस्याएं, जल्द राहत का आश्वासन
जिला मुख्यालय के बहुउद्देश्यीय भवन में सोमवार को अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिला में आपदा के दौरान हुए नुकसान की समीक्षा की। केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव जी पार्थसारथी, केंद्रीय जल निगम (जल शक्ति मंत्रालय) के निदेशक वसीम अशरफ, सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुख्य अभियंता अनिल कुमार कुशवाहा, प्रदेश सरकार की ओर से संयुक्त सचिव (डिजास्टर मैनेजमेंट) निशांत ठाकुर, एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक मुरारी लाल और टीसीबी स्पेशलिस्ट डा.कृष्ण चंद शामिल रहे। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, विद्युत, कृषि, बागबानी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय उच्च मार्ग और अन्य विभागों से नुकसान संबंधित विस्तृत जानकारी हासिल की गई। बैठक में केंद्रीय कमेटी को जिला में विभागनुसार हुए नुकसान की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में उपायुक्त कुल्लू तोरुल रवीश ने जिला में सडक़ों, पुलों, बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों, पेयजल योजनाओं, शिक्षण संस्थानों, कृषि और बागबानी भूमि तथा विभिन्न सरकारी भवनों को हुए नुकसान की सचित्र जानकारी उपलब्ध करवाई।
केंद्रीय टीम ने बैठक के उपरांत मानसून के दौरान विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने सोलंग गांव, बाहंग व ओल्ड मनाली स्थित मनालसु नाले, अलेयू वग्रीन टैक्स बैरियर के नजदीक वियनिमित उपसब्जी मंडी चौरीबिहाल, आलू ग्राउंड, पतलीकूहल, छरुडु, लंका बेकर, इनर अखाड़ा बाजार और सुम्मा में जाकर हालात और नुकसान का जायजा लिया। टीम ने प्रभावित ग्रामीणों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं और नुकसान की जानकारी ली। केंद्रीय टीम के अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव जी पार्थसारथी ने कहा कि केंद्र सरकार जिला कुल्लू और चंबा में मानसून से हुए नुकसान का जायजा लेने तथा आंकलन करने के लिए दो टीम प्रदेश के दौरे पर भेजी हैं। उन्होंने कहा कि टीम ए जिला चंबा और कांगड़ा के प्रवास पर है। टीम बी ने सोमवार को जिला कुल्लू के मनाली में हुए नुकसान निरीक्षण किया है
आपदा में त्रिपुरा ने की हिमाचल की मदद
शिमला — मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने त्रिपुरा राज्य सरकार का हिमाचल प्रदेश को पांच करोड़ रुपए की सहायता राशि आपदा राहत कोष में प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में यह सहायता कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य चला रही है। उन्होंने प्रदेश की खुले मन से मदद करने वाले सभी अंशदाताओं का भी आभार व्यक्त किया।
यूपी, असम, हरियाणा ने दिए पांच-पांच करोड़
धर्मशाला — नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपदा से प्रभावित हिमाचल प्रदेश के लोगों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तीनों प्रदेशों से हिमाचल प्रदेश को पांच-पांच करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता के साथ-साथ भारी मात्रा में आपदा राहत सामग्री भेजी गई है, जो आपदाग्रस्त लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत का काम करेगी। मुसीबत वक्त में प्रदेशवासियों के साथ खड़े होने और सहयोग करने के लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश की तरफ से सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी महानुभावों का यह स्नेह, सहयोग और समर्पण हम सदैव याद रखेंगे।
मानसून के दिए जख्म देखे
डलहौजी। जिला चंबा में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम चंबा दौरे पर पहुंची है। इस टीम ने रविवार व सोमवार को जिला के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया। इस टीम में विश्र मंत्रालय के उप सचिव कमलदीप वी पटेल व ग्रामीण विकास मंत्रालय के अवर सचिव दीपा शेखर सिंघल शामिल हैं, जबकि राहुल चौहान रजिस्ट्रार सहकारी संभाएं धर्मशाला समन्वयक के तौर पर शामिल हैं। केंद्रीय टीम संग विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
TRNDKB: *LPG Gas E-KYC : नहीं पड़ेगी गैस एजेंसी जाने की जरूरत, उपभोक्ता घर बैठे कर सकते हैं ईकेवाईसी*
घरेलू गैस उपभोक्ता मोबाइल एप से भी करवा सकते हैं ई-केवाईसी
उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी को नहीं पड़ेगी गैस एजेंसी जाने की जरूरत
घरेलू गैस उपभोक्ता अब मोबाइल एप से घर बैठे ईकेवाईसी करवा सकेंगे। उपभोक्ताओं को अब गैस सिलेंडर की ई-केवाईसी करवाने के लिए आपको गैस एजैंसियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घरेलू गैस उपभोक्ता एप के माध्यम से घर बैठे ही गैस सिलैंडर की ईकेवाईसी करवा सकते हैं। आप जिस भी गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर लेते है, आपको उस एजेंसी का मोबाइल एप डाऊनलोड करना होगा। हर गैस एजेंसी के मोबाइल एप पर अब ईकेवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। जैसे भारत गैस के लिए हैलो बीपीसीएल है। इसी तरह विभिन्न गैस कंपनियों की अलग-अलग एप हैं।
अब आप अपने गैस सिलैंडर की ईकेवाईसी अपने मोबाइल फोन से ही कर सकते हैं, इसके लिए आपको गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। ईकेवाईसी के लिए आपके पास आधार कार्ड और गैस उपभोक्ता नंबर होना चाहिए। इसके अलावा आपके आधार कार्ड में आपका मोबाइल नंबर भी पंजीकृत होना चाहिए। शिमला में भारत गैस कंपनी के तहत आरती गैस एजेंसी के मालिक बृज पुरी का कहना है कि घरेलू गैस उपभोक्ता मोबाइल एप से भी अपनी ईकेवाईसी करवा सकते हैं। शिमला में अधिकतर उपभोक्ता अपनी गैस ईकेवाईसी करवा चुके हैं, वहीं जिन भारत गैस उपभोक्ताओं ने गैस ईकेवाईसी नहीं करवाई है, वे हैलो बीपीसीएल एप से भी यह करवा सकते हैं।
अगर ईकेवाईसी नहीं करवाई जाती है तो गैस सलिंडी की बुकिंग नहीं होगी। उपभोक्ता सबसे पहले अपनी गैस कंपनी की आधिकारिक एप को डाऊनलोड करें। एप में ई-केवाईसी विकल्प का चयन करें। अपने आधार कार्ड और गैस उपभोक्ता नंबर जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें। इसके बाद आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा। ओटीपी दर्ज करके अपनी जानकारी सत्यापित करें। ऑनलाइन ई-केवाईसी से समय और प्रयास की बचत होती है। यह प्रक्रिया पारदर्शी है। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिमला में गैस की ई-केवाईसी करवाने का काम 60 फीसदी से अधिक हो गया है। अब मोबाइल एप से इसमें ज्यादा तेजी आएगी।
TRNDKB: *Cyber Crime : सावधान…लोगों को ठगने के लिए अब साइबर ठग अपना रहे हाईटेक तरीके, न करें ये गलती*
साइबर सेल शिमला ने लोगों से की स्तर्क रहने की अपील
मदद के नाम पर साइबर ठग लोगों से कर रहे पैसे की डिमांड
क्लोनिंग वॉइस से लोगों को ठग रहे साइबर ठग
साइबर ठग क्लोनिंग वॉइस के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। शातिर आपके नंबर पर आपके बेटा, आपका पति, आपकी पत्नी की आवाज में आपसे पैसे की मांग करता है और ऑनलाइन भेजने की बात कहता है तो बिल्कुल पैसे देने से मना कर दें। अगर आपने गलती से भी ऐसा कर दिया तो आपके खाते से एक पल में सारे पैसे राशि गायब हो सकती है। साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए कई तरह के वॉयस मैसेज तैयार कर लिए हैं। फोन कॉल पर शातिर कभी वो आपकी पत्नी बन सकता है तो कभी वो आपका पिता बन सकता है। इसलिए जब कोई आपको अपना दूसरे नंबर से कॉल करे तो सबसे पहले उसके पर्सनल नंबर पर कॉल करें। इसके बाद जांच करे कि क्या वाकई में बेटा को क्रेडिट कार्ड का डिटेल्स चाहिए था, उसके बाद ही फिर कोई निर्णय लें। साइबर सैल शिमला में लोगों से साइबर ठगों में झांसे में न आने की अपील की है। साइबर सैल शिमला की ओर से ठगों से बचने के लिए एडवाईजरी भी जारी की गई है। जैसे-जैसे इंटरनेट की दुनिया हाईटेक हो रही है, ठीक उसी तरह इस इंटरनेट की दुनिया में साइबर ठग भी हाईटेक तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। साइबर ठग आपकी आवाज से आपको अपने जाल में फंसा रहे हैं।
साइबर ठग आपका बेटा या कोई और रिश्तेदार बनकर कॉल करेंगे। इस खेल को अंजाम देने के लिए एक पूरा प्रोसेस होता है। साइबर अपराधी आपका दोस्त बनकर आपको सीधे कॉल करते हैं। जब आप कॉल करते हैं तो इस दौरान आपकी आवाज रिकॉर्ड हो जाती है। जब ये आपको दोस्त कहकर कॉल करते हैं तो महज तीन सेकेंड में आपकी आवाज रिकॉर्ड कर लेते हैं और एआई की मदद से कई मैसेज तैयार कर लेते हैं। साइबर ठगों का सारा खेल यही से शुरू होता है। उधर, डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला का कहना है कि अगर कोई आपके पर्सनल नंबर से आपको कॉल करे तो ही उस पर विश्वास करें। साइबर ठगों के जाल में फंसे लोग क्लोनिंग वॉइस यानी आपकी आवाज और डुप्लीकेट आवाज को नहीं पहचान पाते हैं और शातिरों के झांस में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि लोग मुसीबत में पड़ जाते हैं और कॉल करते हैं तो ऐसे में आप पहले अपने रिश्तेदार के पर्सनल नंबर पर एक बार कॉल करें और उसके बाद ही मदद करने का फैसला लें।
TRNDKB: *गगल एयरपोर्ट पर ही CM संग मीटिंग करेंगे PM*
आधे घंटे की बैठक में लेंगे नुकसान की जानकारी
मुख्यमंत्री सुक्खू आज सुबह पहुंचेंगे गगल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को भारी बरसात और बादल फटने के कारण हिमाचल में हुए नुकसान का जायजा लेंगे। वह पंजाब से वायु सेना के हेलिकाप्टर के माध्यम से मंडी और कुल्लू का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और 12:30 बजे गगल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट परिसर में ही राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक के लिए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल कांगड़ा पहुंच गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार सुबह हेलिकाप्टर के माध्यम से धर्मशाला आएंगे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पहले ही धर्मशाला पहुंच चुके हैं। उनके साथ कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद राजीव भारद्वाज भी प्रधानमंत्री की बैठक में शामिल होंगे। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना अपने अधिकारियों, एनएचएआई और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अफसरों के साथ मौजूद रहेंगे। सिर्फ आधा घंटा बैठक करने के बाद प्रधानमंत्री चंबा का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और जम्मू होते हुए उत्तराखंड चले जाएंगे।
एयरपोर्ट के अराइवल हाल में होगी मीटिंग
हवाईअड्डे के अंदर नहीं मिलेगी किसी को एंट्री, बाहर भी चुनिंदा लोगों का ही होगा आवागमन
पवन कुमार शर्मा — धर्मशाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांगड़ा एयरपोर्ट दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने हवाईअड्डे के चारों ओर बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार को पूर्वाभ्यास भी किए गए। प्रधानमंत्री दौरे के चलते हवाईअड्डे को विशेष रूप से तैयार किया गया है। सुरक्षा इतनी सख्त होगी कि पठानकोट-मंडी सडक़ मार्ग पर मुख्य सडक़ से अंदर किसी को भी जाने की इजाजत नहीं होगी। सडक़ मार्ग पर ही कार्यकर्ता व नेता मौजूद रहेंगे। सुरक्षा घेरा इतना सख्त होगा कि हवाईअड्डे के अंदर मात्र पीएमओ से चयनित होकर आने वाली सूची के नाम वालों को ही एंट्री मिलेगी। सुरक्षा की दुष्टि से सोमवार को फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस के वाहनों ने पूर्वाभ्यास किया।
…तो धर्मशाला में होती बैठक
धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम या विधानसभा परिसर के बाहर बनने वाला इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर यदि बन गया होता, तो यह अहम बैठक धर्मशाला में भी हो सकती थी, लेकिन अभी तक इसका काम ही शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में पीएम की बैठक को एयरपोर्ट पर ही करवाया जा रहा है।
आपदा प्रभावितों से मिलाने का प्लान
भाजपा करीब 20 आपदा प्रभावितों को भी प्रधानमंत्री से मिलाने की योजना कर रही थी, लेकिन सुरक्षा कारणों और पीएम के समय को देखते हुए ही इन सब बातों पर निर्णय हो सकता है। भाजपाई भी अपने नेता से मिलने के लिए आतुर हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि पीएमओ से फाइनल होकर आने वाली सूची के अलावा कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी से नहीं मिल पाएगा। हालांकि बताया जा रहा है कि पीएम कुछ समय एनडीआरफ व एसडीआरएफ जैसे आपदा मित्रों से बात कर सकते हैं
तैयारियों को लेकर बैठक
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सोमवार को जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियों के साथ हवाई अड्डा परिसर में एक बैठक कर तैयारियोंं को अंतिम रूप दिया। इस दौरान डीसी व एसपी कांगड़ा सहित अन्य अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
पीएम मोदी आधे घंटे में जानेंगे हिमाचल का हाल
आज कांगड़ा एयरपोर्ट पर होगा आपदा से हुए नुकसान का आकलन
राज्यपाल, सीएम और नेता प्रतिपक्ष सहित 20 लोग करेंगे पीएम से मंत्रणा
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — धर्मशाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा आएंगे। पीएम मोदी भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद करीब आधे घंटे तक गगल हवाई अड्डे में बैठक करेंगे, जहां पर पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। इस दौरान पीएम मोदी मंडी, कुल्लू व चंबा में आपदा से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। पीएम मोदी के आगमन के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किए हैं। सूत्रों की मानें, तो पीएम मोदी करीब एक बजे गगल एयरपोर्ट पर उतरेंंगे और यहां पर हाई लेवल मीटिंग करेंगे। इसमें आपदा से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली जाएगी।
हिमाचल लगातार तीन साल से आपदा का दंश झेल रहा है, लेकिन इस साल आपदा ने जमकर कहर बरपाया है। इस साल हिमाचल प्रदेश में बरसात में आई आपदा से 4000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, जबकि 366 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 426 लोग जख्मी है। हिमाचल में जगह-जगह बाढ़ और भू-स्खलन से 478 पक्के और 746 कच्चे भवन ध्वस्त हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कांगड़ा, मंडी, चंबा, ऊना व कुल्लू जिलों में हुआ है।
तीन एसपी और 400 जवानों ने संभाला मोर्चा
पीएम मोदी के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है। इसके लिए बाकायदा तीन एसपी रैंक के अधिकारी और करीब 400 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इतना ही नहीं, एसपीजी सहित अन्य सभी सुरक्षा एजेंसियों ने अपने अपने स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
हवाई उड़ानों का बदलेगा शेड्यूल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवास और कांगड़ा एयरपोर्ट पर बैठक होने के कारण हवाई अड्डे पर आने वाली फ्लाइट्स का शेडयूल भी आगे पीछे कर दिया है। दोपहर 11:30 बजे से तीन बजे तक एयरपोर्ट कोई मूवमेंट नहीं होगी। तीन बजे आने वाले फ्लाइट भी पांच बजे कर दी गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोपहर बाद आने वाली फ्लाइट्स को रद्द भी किया जा सकता है।
पीएम के साथ ये दिग्गज करेंगे मंत्रणा
प्रधानमंत्री के साथ बैठक में करीब 20 लोग बैठेंगे। इनमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, डिप्टी सीएम, कुछ कैबिनेट मंत्री, हिमाचल के सांसद व चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी सहित कुछ अन्य चुनिंदा उच्च अधिकारी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छठा कांगड़ा दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांगड़ा का यह छठा दौरा है। इससे पहले वह 2017 में दो बार चुनावी रैलियों, 2018 में तत्कालीन भाजपा सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसके अलावा 2019 में इन्वेस्टर मीट के लिए तथा 2022 में सचिवों की बैठक के लिए धर्मशाला आए थे और अब नौ सितंबर को आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने आ रहे हैं।
पीएम मोदी से हिमाचल को राहत की आस
धर्मशाला। बाढ़ और भू-स्खलन में अपना सबकुछ खो चुके प्रभावितों की नजरें अब पीएम मोदी पर टिकी है। आपदा प्रभावितों की नजर में पीएम मोदी फरिश्ते से कम नहीं हैं, जो अपने दौरे के दौरान उन्हें विशेष राहत पैकेज दे जाएं। पीएम के कांगड़ा दौरे ने आपदा प्रभावितों की आंखों में फिर से संभलने की आस बंधा दी है। लोगों को उम्मीद है कि पीएम मोदी उनके लिए कोई बड़ी घोषणा जरूर करेंगे।
TRNDKB: *जो दुनिया छोड़ गए, वे भी लेते रहे डिपो का राशन, जांच में खुलासा, परिजनों ने कार्ड से नहीं कटवाया मृतकों का नाम*
प्रदेश के राशन डिपुओं में 2188 मृत लोगों के नाम पर राशन लेने का मामला सामने आया है। खाद्य आपूर्ति विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ है। प्रदेश में 12750 राशन कार्ड उपभोक्ताओं की जानकारी में गड़बड़ पाई गई है। 12750 राशन कार्ड उपभोक्ताओं में 2188 उपभोक्ता का नाम मरने के बाद राशन कार्ड से नहीं हटाया गया है। इसके अलावा 925 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो राशन कार्ड में परिवार के मुखिया बताए गए हैं और उनकी उम्र 18 वर्ष और 100 वर्ष से अधिक बताई गई है। इसके अलावा 7589 सदस्य राशन कार्ड में साइलेंट पाए गए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग की जांच में पता चला है कि प्रदेश में राशन कार्ड उपभोक्ताओं में 2048 डुप्लीकेट उपभोक्ता ऐसे हैं, जो बाहरी राज्यों में राशन ले रहे हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिलों के खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को प्रदेश के 12750 राशन कार्ड उपभोक्ताओं की जानकारी में पाई गई गड़बड़ की जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
12750 राशन कार्ड उपभोक्ताओं में बिलासपुर जिला में 857, चंबा जिला में 49, हमीरपुर जिला में 275, कांगड़ा जिला में 527, किन्नौर जिला में एक, कुल्लू जिला में 199, लाहुल-स्पीति जिला में दो, मंडी जिला में 5582, शिमला जिला में 780, सिरमौर जिला में 1749, सोलन जिला में 2174, ऊना जिला में 555 राशन कार्ड उपभोक्ताओं की जानकारी में गड़बड़ पाई गई है। उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र राठौर का कहना है कि प्रदेश के 12750 राशन कार्ड उपभोक्ताओं की जानकारी में गड़बड़ पाई गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए सभी जिलों के खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों जांच करने के निर्देश गए हैं। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड में दी गई जानकारी की जांच की जाएगी, जिसके बाद इसमें कई लोग बाहर भी हो सकते हैं।
TRNDKB: *हिमाचल में 744 सडक़ें, 3 एनएच बंद, आपदा से प्रदेश को अब तक 4122 करोड़ रुपए का नुकसान*
हिमाचल प्रदेश को आपदा से अब तक 4122 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। राज्य में पर यह मानसून भारी पड़ चुका है। यहां पर नुकसान का जायजा लेने के लिए एक बार फिर से केंद्रीय टीमें आई हैं, जिनके साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिमाचल आ रहे हैं। अब देखना होगा कि केंद्र की तरफ से कितनी मदद मिलती है, लेकिन इससे पहले आपदा के कारण यहां सोमवार को भी तीन नेशनल हाई-वे के साथ 744 सडक़ें बंद पड़ी हुई हैं, जिन पर यातायात बहाल नहीं हो सका है। इसके साथ प्रदेश के 959 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हुए हैं, तो 472 पेयजल की योजनाएं भी बंद हैं।
जिलावार सडक़ों की स्थिति पर चर्चा करें तो बिलासपुर में 18, चंबा में 42 , हमीरपुर में तीन, कंागड़ा में 44, किन्नौर में चार सडक़ें और नेशनल हाई-वे 03 व 305 के अलावा 223 सडक़ों पर यातायात सुचारू नहीं हो पाया है। कुल्लू व चंबा में हालात काफी ज्यादा खराब है, वहीं मंडी में भी इसी तरह के हालात हैं। लाहुल-स्पीति में नौ सडक़ें पूरी तरह से बंद हैं, तो मंडी की 183 सडक़ें अब तक खुल नहीं पाई हैं। शिमला जिला की बात करें, तो यहां पर 137 सडक़ों पर यातायात बंद बताया जा रहा है। इसी तरह से सिरमौर में 39 सडक़ें बंद हैं, तो सोलन की 18 सडक़ें और ऊना जिला में नेशनल हाई-वे 70 के साथ कुल 24 सडक़ें पूरी तरह से बंद पड़ी हुई हैं।
मानसून सीजन में 370 लोगों की मौत
आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में मरने वालों की संख्या 370 पर पहुंच गई है। इनमें सडक़ हादसों के शिकार लोग भी शामिल हैं। मानसून के दौरान बिलासपुर में 18, चंबा में 43, हमीरपुर में 16, कांगड़ा में 51, किन्नौर में 28, कुल्लू में 39, लाहुल-स्पीति में 9, मंडी में 61, शिमला में 39, सिरमौर में 18, सोलन में 26, ऊना में 22 लोगों की मौत हुई है। इनके अलावा लापता लोगों का आंकड़ा 41 का है।
चंबा-भरमौर एनएच पर दौड़ी छोटी गाडिय़ां
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के भरमौर में 14 दिन बीत जाने के बाद जरूरी वस्तुओं जैसे दूध, ब्रेड, अंडा और सब्जी की सप्लाई बहाल हो पाई है। पठानकोट-भरमौर नेशनल हाई-वे चंबा से भरमौर तक छोटी गाडिय़ों के लिए बहाल हो गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। भारी बारिश के बाद भारी भूस्खलन के चलते चंबा से लेकर भरमौर तक रोड का कई जगह नामोनिशान पूरी तरह से मिट गया था। यहां सबसे ज्यादा नुकसान सडक़ों का हुआ है, जिसके चलते पिछले करीब दो सप्ताह से मूलभूत वस्तुओं की सप्लाई भी पूरी तरह से बंद पड़ी हुई थी। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने दिन-रात युद्ध स्तर पर काम करके इस सडक़ को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है ।
TRNDKB: *आलू की चार नई किस्मों को कृषि मंत्रालय से मंजूरी, मैदानी राज्यों में सबसे अधिक उत्पादन की संभावना*
सीपीआरआई शिमला के प्रस्ताव पर लगाई मुहर, मैदानी राज्यों में सबसे अधिक उत्पादन की संभावना
हिमाचल प्रदेश में विकसित आलू की चार और किस्मों को कृषि मंत्रालय ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। सीपीआरआई शिमला के प्रस्ताव को सोमवार को मंत्रालय से मंजूरी मिली है। सीपीआरआई शिमला द्वारा विकसित चार नई आलू किस्मों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बीज उत्पादन और प्रवर्धन के लिए आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया है। केंद्रीय बीज समिति की सिफारिशों के आधार पर, नई जारी की गई किस्मों कुफरी रतन, कुफरी चिप भारत-1, कुफरी चिपभारत-2 और कुफरी तेजस को अब भारत के कई क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बीज के रूप में कृषि उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है। सीपीआरआई के निदेशक डा. ब्रजेश सिंह ने देश के कृषक समुदाय और आलू आधारित उद्योगों के प्रति समर्पित और निरंतर योगदान के लिए वैज्ञानिकों की टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि चार नई किस्मों की अधिसूचना भारत के आलू क्षेत्र को मजबूत करने में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है। सीपीआरआई के आलू प्रजनक डा. सलेज सूद ने उल्लेख किया कि इस तरह के विकास आईसीएआर-सीपीआरआई की नवीन, क्षेत्र-विशिष्ट समाधान प्रदान करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं, जो समग्र रूप से देश की कृषि को लाभान्वित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह नव अधिसूचित किस्में, पहली सितंबर से प्रभावी होंगी, भारतीय कृषि के लिए दूरगामी लाभ लाने के लिए तैयार हैं।
कुफरी रतन:- उत्तर भारतीय मैदानी और पठारी क्षेत्रों हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड के मैदान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में व्यापक रूप से अनुकूलता वाली एक मध्यम परिपक्वता 90 दिन, उच्च उपज 37.39 टन हेक्टेयर वाली लाल छिलके वाली खाने योग्य आलू की किस्म है।
कुफरी तेजस:- एक ताप सहनशील, मध्यम परिपक्वता 90 दिन और उच्च उपज 37.40 टन हेक्टेयर वाली खाने योग्य आलू के लिए किस्म है। इसे भारतीय मैदानी क्षेत्रों हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड प्रारंभिक मौसम, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मुख्य मौसम के लिए अधिसूचित और अनुशंसित किया गया है।
कुफरी चिपभारत 1 :- मध्यम परिपक्वता; 100 दिन उच्च उपज 35.38 टन हेक्टेयर चिप प्रसंस्करण आलू किस्म है। इसे मुख्य मौसम में भारतीय मैदानी इलाकों हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के लिए अनुशंसित किया है।
कुफरी चिपभारत-2:- एक शीघ्र परिपक्वता 90 दिन उच्च उपज 35.37 टन हेक्टेयर चिप प्रसंस्करण आलू किस्म है। इसे मुख्य मौसम में भारतीय मैदानी इलाकों हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक तेलंगाना और तमिलनाडु के लिए अधिसूचित और अनुशंसित किया गया है।
: *Supreme Court: आधार मतदाता सूची के लिए वैध आईडी, नागरिकता के लिए नहीं*
एसआईआर पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ
बिहार मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आधार, मतदाता सूची के लिए वैध पहचान पत्र है, लेकिन इसे नागरिकता का सबूत नहीं माना जा सकता। सोमवार को बिहार मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह आधार कार्ड को 12वां दस्तावेज माने, ताकि मतदाता वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए आधार कार्ड को भी पेश कर सकें।
चुनाव आयोग पहले ही 11 दस्तावेजों की सूची जारी कर चुका है, जिन्हें दिखाकर मतदाता, वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कर सकते हैं।
TRNDKB: *Asia Cup का आगाज़ आज से, अफगानिस्तान-टीम हांगकांग के बीच खेला जाएगा पहला मैच*
आबुधाबी में अफगानिस्तान और टीम हांगकांग के बीच रात आठ बजे से खेला जाएगा पहला मैच
एशिया कप 2025 का आगाज़ मंगलवार से होगा, जिसका पहला मुकाबला अफगानिस्तान और हांगकांग के बीच आबुधाबी में खेला जाएगा। इस बार यह टूर्नामेंट टी-20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है। मंगलवार को ग्रुप-बी दोनों टीमें जीत के साथ टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत का लक्ष्य लेकर उतरेंगी। दोनों टीमों के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो अफगानिस्तान का पलड़ा हांगकांग पर भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक पांच टी-20 मुकाबले खेले गए हैं। अफगानिस्तान ने तीन मुकाबले जीते हैं, जबकि हांगकांग ने सिर्फ दो मैच अपने नाम किए हैं। यासिम मुर्तजा के नेतृत्व वाली हांगकांग टीम की नजर राशिद खान की अगवाई वाली अफगानिस्तान टीम के खिलाफ रिकॉर्ड में सुधार पर होगी। पिछले संस्करण (2023) का हिस्सा नहीं रही हांगकांग की टीम इस बार टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों बाबर हयात और अंशुमान रथ पर तेज शुरुआत दिलाने का दारोमदार रहेगा। मिडल ऑर्डर में अनुभवी किंचित शाह बल्लेबाजी की रीढ़ साबित हो सकते हैं और उन्हें मार्टिन कोएत्जी व जीशान अली जैसे बल्लेबाजों से सहयोग की उम्मीद होगी।
गेंदबाजी विभाग में कप्तान यासिम मुर्तजा के साथ निजाकत खान और अहसान खान स्पिन का जिम्मा संभालेंगे, जबकि मोहम्मद वाहिद इकलौते तेज गेंदबाज होंगे। वहीं, राशिद खान की अगवाई वाली अफगान टीम जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत करना चाहेगी। अफगानिस्तान के लिए ओपनिंग रहमनुल्लाह गुरबाज और सेदिकुल्लाह अटल करेंगे। वहीं, मिडल ऑर्डर में इब्राहिम जादरान, अजमतुल्लाह ओमरजाई, करीम जनत और डार्विश रसूली खेलते नजर आएंगे। गेंदबाजी विभाग हमेशा की तरह स्पिन पर निर्भर करेगा। राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान और मोहम्मद नबी अहम कड़ी होंगे, जबकि फजलहक फारूकी एकमात्र विशेषज्ञ तेज गेंदबाज रहेंगे।
हांगकांग— बाबर हयात, अंशुमान रथ (विकेटकीपर), मार्टिन कोएत्जी, जीशान अली, कल्हन चालू, किंचित शाह, अनस खान, यासिम मुर्तजा (कप्तान), मोहम्मद वाहिद, निजाकत खान, एहसान खान।
अफगानिस्तान— रहमनुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, इब्राहिम जादरान, अजमतुल्लाह ओमरजाई, करीम जनत, डार्विश रसूली, मोहम्मद नबी, राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारुकी।
TRNDKB: *चमियाणा में जूनियर रेजिडेंट भर्ती को इस डेट तक करें आवेदन*
अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा में जूनियर रेजिडेंट के पद भरे जाने हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया गया है। यह निर्णय खराब मौसम को देखते हुए लिया गया है। चयन प्रक्रिया के तहत वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन अब 20 सितंबर दोपहर दो बजे चमियाणा अस्पताल के समिति कक्ष में किया जाएगा। जीडीओ यानी जनरल ड्यूटी ऑफिसर अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति होगी, लेकिन चयन के बाद कार्यभार ग्रहण करने से पहले उन्हें स्वास्थ्य सेवा निदेशक, हिमाचल प्रदेश से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। संस्थान के प्रधानाचार्य ने सभी योग्य उम्मीदवारों से समय पर आवेदन करने की अपील की है।
बता दें कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा विभिन्न विभागों में जूनियर रेजिडेंट के 28 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह नियुक्तियां टेन्योर आधारित होंगी और छह महीने की अवधि के लिए या तब तक जारी रहेगी जब तक संबंधित पदों पर सीनियर रेजिडेंट की नियुक्ति नहीं हो जाती। यह भर्ती हिमाचल प्रदेश की रेजिडेंट डॉक्टर पॉलिसी दिनांक 24-12-2021 के तहत की जा रही है। इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विशेषता में सीनियर रेजिडेंट उपलब्ध नहीं हैं, तो पद जूनियर रेजिडेंट्स से भरे जा सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 41,000 रुपए प्रतिमाह का निश्चित वेतन दिया जाएगा, जो कि 26 जून, 2021 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार निर्धारित है।
TRNDKB: *तकनीकी विश्वविद्यालय ने बी फॉर्मेसी, बीटेक में प्रवेश के लिए जारी किया शेड्यूल, जानिए पूरी डिटेल*
*स्पॉट काउंसिलिंग कल से*
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) विषयों की खाली सीटों को भरने के लिए स्पॉट राउंड काउंसिलिंग करने का निर्णय लिया है। स्पॉट काउंसिलिंग के शेड्यूल के अनुसार 10 सितंबर को बी फॉर्मेसी (डायरेक्ट एंट्री), 11 सितंबर को बी फॉर्मेसी (लेटरल एंट्री) और 12 सितंबर को बीटेक(लेटरल एंट्री) की काउंसिलिंग तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू होगी। वहीं, बी आर्क की काउंसिलिंग भी 10 सितंबर को नगरोटा बगवां कॉलेज में होगी। बीटेक (डायरेक्ट एंट्री) की काउंसिलिंग संबंधित शिक्षण संस्थानों में 12 सितंबर को होगी। बीएससी एचएमसीटी की काउंसिलिंग भी 10 सितंबर को संबंधित शिक्षण संस्थानों में होगी, जहां यह कोर्स चलता है।
एमएससी भौतिकी और पर्यावरण विज्ञान, एमबीए पर्यटन, योग और एमटेक(सीएसई) की काउंसिलिंग 11 सितंबर को तकनीकी विवि परिसर में होगी। एमटेक (सीईद्ध) एमटेक (ईवीटी) की काउंसिलिंग 11 सितंबर को संबंधित शिक्षण संस्थानों में होगी। एमबीए और एमसीए की काउंसिलिंग 12 सितंबर को संबंधित शिक्षण संस्थानों में प्रस्तावित है। तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव कमल देव सिंह कंवर ने कहा कि स्पॉट राउंड काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। जो अभ्यर्थी संबंधित यूजी और पीजी कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे संबंधित तिथि को शेड्यूल के अनुसार काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर स्पॉट राउंड काउंसिलिंग की डिटेल उपलब्ध है।
TRNDKB: *हरियाणा के चिट्टा सप्लायर की 86 लाख की संपत्ति जब्त, पुलिस की कार्रवाई से हडक़ंप, लग्जरी गाडिय़ां महंगे प्लॉट कब्जे में लिए*
सोलन पुलिस की कार्रवाई से हडक़ंप, लग्जरी गाडिय़ां महंगे प्लॉट कब्जे में लिए
सोलन पुलिस ने हरियाणा के 23 वर्षीय चिट्टे के मुख्य सप्लायर युवक की 86 लाख रुपए की संपत्ति को जब्त किया है। गिरफ्तार कथित आरोपी के पास प्लॉट, लग्जरी गाडिय़ां, बाइक सहित अन्य कीमती सामान मिला है। आरोपी को सोलन पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मामले में पकड़े गए आरोपी की शिनाख्त व बैकवर्ड लिंक के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसके खिलाफ फाइनांशियल इन्वेस्टीगेशन भी की जा रही थी। गौरतलब है कि आठ-नौ जुलाई, 2025 को पुलिस थाना परवाणू की टीम ने गुप्ता सूचना के आधार पर भैरों की सेर, टिप्परा, कालका, हरियाणा निवासी एक आरोपी रॉकी कुमार को 25 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि इस चिट्टे की खेप को वह जीरकपुर पंजाब से संदीप नामक व्यक्ति से खरीद कर लाया है जो कि चिट्टे का बहुत बड़ा सप्लायर है। यह आरोपी पिछले एक वर्ष से संदीप से चिट्टा खरीद कर रहा था। पुलिस ने पूछताछ व मुख्य सप्लायर की शिनाख्त के बाद गत चार अगस्त को मामले में चिट्टे के मुख्य सप्लायर संदीप कुमार उर्फ अर्जुन उर्फ शांति निवासी एकता कालोनी भैरों की सेर, कालका, हरियाणा, मूल निवासी हिसार हरियाणा, उम्र 28 वर्ष को गिरफ्तार किया था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क को संचालित करने के लिए आरोपी संदीप जानबूझकर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम की सिम का उपयोग करता था ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। रॉकी कुमार द्वारा चिट्टा बेचने के बाद बड़ी मात्रा में नकदी जमा की जा रही थी। आरोपी पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व हिमाचल में लंबे समय से चिट्टे की सप्लाई कर रहा था। परिवार के नाम पर रेजिडेंशियल प्लॉट्स, लग्जरी गाडिय़ा व नकदी (जिनमें दो कार, दो बाइक, एक प्लाट 50 वर्ग गज जिसमे निर्मित मकान है, जो भैरों की सेर में स्थित है, लगभग 100 वर्ग गज का एक अन्य प्लाट जो डेराबस्सी पंजाब में है जिसमे भी एक निर्मित मकान है) अर्जित की है। । आरोपी संदीप कुमार द्वारा नशा तस्करी से अर्जित की गई संपत्ति जिसकी कुल कीमत 86 लाख रुपए है को पुलिस ने जब्त किया है।
TRNDKB: *हिमाचल को केंद्र ने अब तक दिए 5000 करोड़, जयराम बोले, पीएम के समक्ष रखेंगे प्रदेश का पक्ष*
जयराम बोले; सरकार पीडि़तों को नहीं बांट रही राहत, पीएम के समक्ष रखेंगे प्रदेश का पक्ष
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांगड़ा दौरे से पहले सोमवार को धर्मशाला पहुंचकर कांग्रेस की सुक्खू सरकार पर बड़ा सियासी हमला बोला। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आपदा में भी झूठ का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से लेकर अब तक केंद्र से हिमाचल को 5000 करोड़ के करीब की राहत मिल चुकी है, जिसमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की राशि भी शामिल है। जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और सरकार में कुछ मंत्री झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। आपदा पर राजनीति की बात करने वाली कांग्रेस को यह भी बताना पड़ेगा कि वर्ष 2023 में 4500 करोड़ के पैकेज की घोषणा के बावजूद अभी तक कितना पैसा सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए खर्च किया है। उन्होंने कहा कि जहां तक बात केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से मिली 5000 करोड़ की राहत की बात है, तो उसमें से भी पात्र व्यक्तियों को क्या सही मायने में धनराशि मिल पाई है, यह एक बड़ा सवाल है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आई भीषण आपदा को मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री खुद कांगड़ा पहुंच रहे हैं। इस दौरान सरकार भी उनके समक्ष अपना पक्ष रखेगी और बतौर नेता प्रतिपक्ष वह भी प्रदेश में नुकसान के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत करवाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है। हिमाचल में इस बार बरसात में जिस तरह से भीषण तबाही हुई है, उसके लिए विपक्ष और सत्ता पक्ष को एक साथ काम करना है और इसके लिए विपक्ष हमेशा तैयार रहा है। विधानसभा सत्र में प्रदेश को आपदाग्रस्त राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को लेकर भी विपक्ष ने अपना पूरा समर्थन दिया है। वह खुद दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मिले हैं। सभी सांसदों के साथ केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी मुलाकात कर हिमाचल की तबाही की बात उनके समक्ष उठाई है।
नेता प्रतिपक्ष बोले, यह समय राजनीति का नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है। प्रदेश में भारी बरसात से हजारों लोगों के घर, खेत, बागीचे और व्यापार सब तबाह हो गया है। 350 से अधिक लोगों की जिंदगी चली गई। ऐसे में इस समय हम सभी को उन लोगों के लिए काम करना है, जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है।
TRNDKB: *हिमाचल पूर्ण साक्षर राज्य घोषित, CM सुक्खू ने पीटरहॉफ के कार्यक्रम में की घोषणा*
प्रदेश ने हासिल कर ली 99.30 प्रतिशत की साक्षरता दर
विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात में हिमाचल देशभर में अग्रणी
हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए आज पूर्ण साक्षर राज्यों की सूची में अपना नाम अंकित करवानेे की उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित ‘पूर्ण साक्षर हिमाचल समारोह एवं उल्लास मेला-2025’ के अवसर पर हिमाचल प्रदेश को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित किया। यह कार्यक्रम निदेशालय स्कूल शिक्षा द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य इस उपलब्धि को निर्धारित समय सीमा से पूर्व हासिल करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि निरक्षर से पूर्ण साक्षर का सफर चुनौतियों भरा रहा है। हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ शिक्षा की सार्थकता बनाए रखने के लिए आधुनिक दौर के अनुसार शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना आवश्यक होता है। हिमाचल को यदि पूर्ण साक्षर राज्य के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हर स्तर पर अग्रणी बनाए रखना है तो इस क्षेत्र में निरंतर सुधार करने होंगे। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के फलस्वरूप हिमाचल में साक्षरता 99.30 प्रतिशत पहुंच गई है, जो राष्ट्रीय मानक 95 प्रतिशत से कहीं अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न क्षमताओं में कमी को पहचाना और उन्हें दूर करने के लिए सार्थक कदम उठाए। वर्तमान में विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात में प्रदेश देश भर में अव्वल स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सकारात्मक बदलाव लाए जाएंगे। सरकारी शिक्षण संस्थानों को श्रेष्ठ संस्थानों के रूप में बदला जाएगा। हमारी सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। परिवर्तन की राह पर आगे बढ़ते हुए हम राज्य में विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्ण साक्षर राज्य के दृष्टिगत योगदान देने वाले अधिकारियों, स्वंय सेवकों और नव साक्षरों को सम्मानित किया। उन्होंने उल्लास कार्यक्रम के तहत लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि आज का दिन हिमाचल के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। देश द्वारा आजादी प्राप्त करने के बाद हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में लगभग अंतिम पायदान पर था। प्रदेश की सभी सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल में ज्ञान की अलख जगाए रखी। प्रदेश में शिक्षा का सफ़र लगभग 7 प्रतिशत साक्षरता की दर से आरम्भ हुआ था। हमें गर्व है कि आज हिमाचल सम्पूर्ण भारत में पूर्ण साक्षर राज्यों की श्रेणी में अपना मकाम बनाने में सफल रहा है।
इस अवसर पर स्वंयसेवी अध्यापकों और नव साक्षरों ने अपने अनुभव साझा किये। विगत तीन दशक से अधिक समय में प्रदेश के पूर्ण साक्षरता के सफर में महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वंयसेवी संस्थाओं तथा स्वंयसेवकों ने अमूल्य योगदान दिया है। राज्य के शिक्षा सचिव राकेश कंवर 1990 में साक्षरता मिशन में साक्षरता स्वंयसेवक के रूप में कार्य कर चुके हैं। इस अवसर पर महापौर नगर निगम शिमला सुरेन्द्र चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद् और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय सचिव शिक्षा ने भेजा वीडियो मैसेज
केन्द्रीय सचिव शिक्षा संजय कुमार ने वीडियो संदेश द्वारा हिमाचल को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने नव साक्षरों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त करने के लिए हिमाचल ने विभिन्न मापदंडों के तहत उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न क्षमताओं में वृद्धि की जाएगी ताकि भविष्य की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया जा सके। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने उल्लास मेला के बारे में विस्तार सेे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के तहत ‘जन-जन साक्षर’ के ध्येय से कार्य करते हुए प्रदेश में अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
TRNDKB: *दिल्ली जा रहे मुख्यमंत्री, पनगढिय़ा से फिर मिलेंगे*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल दौरे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली जा रहे हैं। इस बार उनका दिल्ली दौरे का लक्ष्य 16वें वित्त आयोग में मुलाकात करना है। यह मुलाकात 12 सितंबर को हो सकती है। इससे पहले मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में राज्य के मसले उठाएंगे। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने कहा कि वह इस बार 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. अरविंद पनगढिय़ा से चौथी बार मिल रहे हैं। यह मुलाकात इसलिए जरूरी है, क्योंकि अब वित्त आयोग अपनी रिपोर्ट बनाने जा रहा है। यह रिपोर्ट अगले पांच साल तक हिमाचल की आर्थिक स्थिति को तय करेगी। इसलिए अपने अधिकार की बात अभी करना जरूरी है।
वह वित्त आयोग से भी अनुरोध करेंगे कि प्राकृतिक आपदा को देखते हुए हिमाचल के साथ सहानुभूति रखी जाए। हिमाचल में 28 फ़ीसदी फॉरेस्ट कवर है, जबकि वन भूमि 67 फ़ीसदी है। लाहुल स्पीति का कोल्ड डेजर्ट भी वन भूमि की कैटेगरी में है, लेकिन इसका लाभ वित्त आयोग की अलॉटमेंट में नहीं मिलता। वह यह प्वाइंट वित्त आयोग को समझा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के दिल्ली दौरे में पार्टी लीडरशिप के साथ मुलाकात अभी तय नहीं है। यदि इस बार फाइनांस कमीशन की रिपोर्ट हिमाचल के पक्ष में नहीं आई, तो हमें इसका खामियाजा बाद में भुगतना पड़ेगा। वित्त आयोग की यह रिपोर्ट 2026 से 2031 तक लागू होगी।
लौटते ही कैबिनेट मीटिंग
दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री कैबिनेट की बैठक लेंगे। बता दें कि 15 सितंबर सुबह 11:00 बजे मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है। विधानसभा के मानसून सत्र के बाद यह बैठक होगी। दिवाली के फेस्टिवल सीजन से पहले होने वाली इस बैठक में कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।
TRNDKB: *हायर ग्रेड-पे पर फैसला सिर्फ रोका, रद्द नहीं*
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप व विधायक, वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के हित को वापस लेने में असफल साबित हुई। जब प्रदेश के कर्मचारी सडक़ों पर आ गए और जो अधिसूचना प्रदेश सरकार द्वारा निकाली गई थी, उस अधिसूचना को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। आने वाले समय में क्या पता वर्तमान सरकार के मुखिया के अंदर फिर से कर्मचारी विरोधी भावनाएं जाग जाए और वह इस अधिसूचना को फिर से लागू कर दें।
भाजपा आशा करती है कि ऐसे फैसले कभी आने वाले समय में लागू न हो, सरकार को वह फैसला करने चाहिए जिससे जनता, युवा और कर्मचारी उत्साहित हो, न कि पीडि़त। उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण से एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार कर्मचारी विरोधी है, निश्चित रूप से पूर्व में भी इस सरकार ने अनेकों कर्मचारी विरोधी फैसले लिए हैं।
TRNDKB: *Himachal News: चुराह में 11 साल की बच्ची को उठा ले गया भालू, शव बरामद*
आयल पंचायत में जंगल में बकरियां चराते समय झपटा
चुराह उपमंडल की दूरस्थ पंचायत आयल में भालू ने हमला कर 11 वर्षीय लडक़ी को मौत के घाट के उतार दिया। हालांकि परिजनों की ओर से इस घटना को लेकर किसी तरह की कार्रवाई करवाने से इनकार के चलते घटना की जानकारी पुलिस व प्रशासन को नहीं दी गई है। जानकारी के अनुसार आयल पंचायत के चुहाली गांव की 11 वर्षीय लडक़ी अपनी सहेली संग जंगल की ओर बकरी चराने जा रही थी। इसी दौरान भालू हमला कर एक बच्ची को उठा ले गया। भालू के हमले से सहमी दूसरी लडक़ी झाडिय़ों में छिप गई। घटना का पता परिजनों को तब चल पाया जब मृत लडक़ी के चाचा ने दूसरी लडक़ी के चिल्लाने की आवाज सुनी। इस पर ग्रामीणों ने जब तलाश आरंभ की तो कुछ दूरी पर लडक़ी को मृत हालत में पड़ा पाया।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। आयल पंचायत के प्रधान शुकरद्दीन ने बताया कि यह घटना तीन-चार दिन पहले पेश आई थी। इस पर परिजनों ने उन्होंने स्वयं बातचीत की थी। मगर परिजनों ने इस घटना को लेकर किसी तरह की भी कार्रवाई न करवाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि मृत लडक़ी को दफना दिया गया है।
: *कर्मचारी हितों का संरक्षण प्रदेश सरकार की विशेष प्राथमिकता : CM सक्खू*
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सक्खू के निर्देशों के उपरान्त वित्त विभाग ने 6 सितम्बर, 2025 को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवायें (संशोधित वेतन) नियम, 2022 में नियम 7ए को हटाने की अधिसूचना को स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए इस तरह के आदेश जारी करना न्यायोचित नहीं है। नियम-कानून से संबंधित मामलों में संशोधन के दौरान मानवीय सरोकार को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
आज शिमला में इस संबंध में मुख्यमंत्री से कई कर्मचारी संगठनों ने भेंट की तथा इस अधिसूचना को वापिस लेने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता कर्मचारियों के हितों को संरक्षित करना है। श्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही अपने कर्मचारियों को पुरानी पैंशन स्कीम बहाल की। इसके अलावा सरकार द्वारा समय-समय पर उन्हें आर्थिक लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी।
: *हायर ग्रेड-पे पर फैसला सिर्फ रोका, रद्द नहीं*
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप व विधायक, वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के हित को वापस लेने में असफल साबित हुई। जब प्रदेश के कर्मचारी सडक़ों पर आ गए और जो अधिसूचना प्रदेश सरकार द्वारा निकाली गई थी, उस अधिसूचना को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। आने वाले समय में क्या पता वर्तमान सरकार के मुखिया के अंदर फिर से कर्मचारी विरोधी भावनाएं जाग जाए और वह इस अधिसूचना को फिर से लागू कर दें।
भाजपा आशा करती है कि ऐसे फैसले कभी आने वाले समय में लागू न हो, सरकार को वह फैसला करने चाहिए जिससे जनता, युवा और कर्मचारी उत्साहित हो, न कि पीडि़त। उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण से एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार कर्मचारी विरोधी है, निश्चित रूप से पूर्व में भी इस सरकार ने अनेकों कर्मचारी विरोधी फैसले लिए हैं।
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*आज मंगलवार से धीमा पड़ेगा मानसून, नहीं कोई चेतावनी*
राज्य में इंद्रदेव थोड़ी नरमी दिखाने वाले हैं। यानि आगामी एक सप्ताह तक मानसून थोड़ा धीमा पड़ जाएगा, क्योंकि 9 से लेकर 14 सितम्बर तक किसी भी प्रकार का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, अपितु हल्की फुल्की वर्षा हो सकती है। ऐसे में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सोमवार को भी यैलो अलर्ट के बीच में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की फुल्की वर्षा हुई, जबकि कई जगहों पर बादलों के बीच धूप भी खिली।
95 बार आई बाढ़, 45 बार फटे बादल
20 जून से आरंभ हुए मानसून सीजन में अब तक भूस्खलन की 136, फ्लैश फ्लड की 95 और बादल फटने की 45 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें भारी जान व माल का नुक्सान हुआ है। राज्य में 370 लोगों की मौत, 434 घायल और 41 लोग लापता चले हुए हैं। इस सीजन में प्रदेश को 4122.46 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुक्सान हो चुका है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 2518.54 करोड़, जलशक्ति विभाग को 1254.92 करोड़ और बिजली बोर्ड को 139.46 करोड़ की चपत लग चुकी है।
76 मार्ग दुरुस्त करने के बावजूद भी 744 संपर्क मार्ग बंद, 3 नैशनल हाईवे भी शामिल
सोमवार को हल्की फुल्की बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग ने 76 संपर्क मार्गों को बहाल तो किया, लेकिन शाम तक 744 संपर्क मार्ग अवरुद्ध रहे। इसके अलावा 4 नैशनल हाईवे एनएच 03, एनएच 70 व एनएच 305 भी बंद चल रहे हैं। 222 बिजली ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त भी बनाया गया, लेकिन 959 ट्रांसफार्मर अभी भी ठप्प चल रहे हैं। इसके साथ ही 472 पेयजल योजनाएं भी ठप्प चली हुई हैं।
: *चुराह में लोक निर्माण विभाग के खिलाफ गूंजे मुर्दाबाद के नारे*
*भटका गांव में तीन घर ढहे, दस घरों में आई दरारें, ग्रामीणों में दहशत*
उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत जुंगरा के भटका गांव में लोगों का जनजीवन खतरे में पड़ गया है। यहां भूस्खलन और मिट्टी धंसने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक गांव के तीन मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि दस अन्य घरों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। प्रभावित परिवारों को अपना आशियाना छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ रही है।
गांववासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से इस समस्या की ओर विभाग का ध्यान खींचा जा रहा है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से न तो कोई निरीक्षण टीम भेजी गई और न ही कोई सुरक्षात्मक उपाय किए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण आज गांव के कई परिवार बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसी रोष में मंगलवार को ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और "पीडब्ल्यूडी मुर्दाबाद" के नारे लगाए।
प्रभावित परिवारों ने बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। दरारें बढ़ने के साथ-साथ जमीन खिसकने का सिलसिला जारी है। कई मकानों की नींव हिल चुकी है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि घरों में रहना अब सुरक्षित नहीं बचा।
गांव के लोगों ने बताया कि मजबूरीवश कुछ परिवार अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण ले रहे हैं, जबकि कई लोग खुले आसमान तले रहने को विवश हैं। इससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि तत्काल तकनीकी टीम मौके पर भेजकर खतरे का आकलन किया जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते विभाग और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
: *प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितम्बर 2025 को हिमाचल प्रदेश का दौरा किया और बादल फटने, भारी बारिश तथा* *भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया*।
सबसे पहले प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद कांगड़ा में एक आधिकारिक बैठक कर राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की तथा हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए ₹1500 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की। इसके अंतर्गत SDRF की दूसरी किस्त व पीएम किसान सम्मान निधि की अग्रिम किस्त जारी होगी। पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृति, राष्ट्रीय राजमार्गों की बहाली, पीएमNRF से राहत और पशुधन हेतु मिनी किट्स का वितरण भी किया जाएगा।
कृषि समुदाय की आवश्यकताओं को देखते हुए उन किसानों को विशेष सहायता दी जाएगी जिनके पास अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं है।
पीएम आवास योजना के अंतर्गत क्षतिग्रस्त मकानों का जियो-टैगिंग किया जाएगा, ताकि नुकसान का सटीक आकलन हो और प्रभावितों को तेजी से सहायता मिल सके।
शिक्षा में बाधा न आए, इसके लिए स्कूलों को हुए नुकसान का भी जियो-टैगिंग किया जाएगा, जिससे समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
वर्षा जल संचयन हेतु संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, ताकि वर्षा का जल एकत्रित और संरक्षित हो सके। इससे भूजल स्तर में सुधार और बेहतर जल प्रबंधन संभव होगा।
केंद्र सरकार पहले ही अंतर-मंत्रालयी टीमों को हिमाचल प्रदेश भेज चुकी है, जो नुकसान का आकलन करेंगी। उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आपदा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य सरकार के साथ मिलकर हरसंभव सहायता करेगी।
प्रधानमंत्री ने आपदा में मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और गंभीर रूप से घायलों के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन नियमों के अंतर्गत सभी सहायता की जा रही है, जिसमें राज्यों को अग्रिम किस्तें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने NDRF, SDRF, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवा संगठनों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने राहत और बचाव कार्य में तत्परता दिखाई।
प्रधानमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकारते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस आपदा से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
: *Chamba News: चार सरकारी स्कूलों के भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त, 99 को आंशिक नुकसान*
*चंबा। भारी बारिश के चलते जिले के चार सरकारी स्कूलों के भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। इसके चलते विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। सामुदायिक सहभागिता के तहत ग्रामीणों ने एक-एक कमरा स्कूल प्रबंधन को सौंप दिया है।*
जहां बच्चों की पढ़ाई सुचारु हो गई है। इनमें कलसूंई, चटोगा और मंधिधार स्कूल शामिल है, जबकि शेष 99 सरकारी स्कूलों के भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल भवनों को पहुंचे नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर दी है। साथ ही इसे प्रशासन और शिक्षा निदेशालय भेज दिया है, ताकि जल्द से जल्द इन भवनों की मरम्मत करवाई जाए सकें।
103 स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त स्कूलों के लिए ग्रामीण सहभागिता से कमरों की व्यवस्था की गई है। यहां पढ़ाई शुरू कर दी गई है, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त स्कूलों की मरम्मत के लिए सरकार को बजट के लिए प्रस्ताव भेजा है। बलवीर सिंह उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा चंबा
: *नितिका को पीएम ने गोद में खिलाया*
*मंडी जिले की सराज घाटी में आई आपदा में 11 माह के बेटी नितिका अनाथ हो गई थी। सैलाब में नितिका की मां, पिता और दादी बह गए थे। अब नितिका को उसकी बुआ पाल रही हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के कुछ आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने गग्गल एयरपोर्ट पर 11 माह की बच्ची नितिका और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान पीएम ने नितिका को गोदी में उठाया और गालों को सहलाए और कुछ देर के लिए उनके साथ खेलते नजर आए।*
: *सियाचिन में बड़ा हादसा, ग्लेशियर की चपेट में आने से सेना के तीन जवान शहीद*
लद्दाख। लद्दाख के सियाचिन में बड़ा हादसा पेश आया है। यहां ग्लेशियर पिघलने से हिस्खलन की चपेट में आने से भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सेना के जवान पेट्रोलिंग कर रहे थे, तभी हिमस्खलन की चपेट में आ गए। शहीद हुए यह तीनों जवान महार रेजीमेट के थे। ये तीनों जवान गुजरात, उत्तर प्रदेश और झारखंड के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि पांच जवान अभी हिमस्खलन में फंसे हुए हैं। एक कैप्टन को बचाया गया है। सेना की टीम रेस्क्यू में जुटी है।
: *पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल 3 दिन चंबा के दौरे पर रहेंगे*
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल बुधवार से तीन दिन चंबा के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जिला चंबा में हुए आपदा के दौरान नुकसान का जायजा लेंगे और प्रभावित लोगों से मिलेंगे। जानकारी के मुताबिक बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल सुबह 9:30 बजे जसूर से बाय लाहडू विधानसभा क्षेत्र भटियात के ककीरा में आपदा से प्रभावित क्षेत्र का द्वारा करेंगे और प्रभावित लोगों से मिलेंगे। इसके बाद 12:00 बजे इसी विधानसभा क्षेत्र के चंबी में 1:30 बजे डुंडियारा बंगला में जहां पर दोपहर का भोजन करने के बाद दोनों भाजपा नेता विधानसभा क्षेत्र डलहौजी के बाथरी में 3:00 आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेंगे और प्रभावित लोगों से मिलेंगे इसके बाद 3:30 बजे शिमनी और 4:00 बजे भलेई में जाकर आप तो प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे और लोगों से मिलेंगे। इसके बाद कोटी चकलू उदयपुर से होते हुए रात्रि विश्राम सर्किट हाउस चंबा में रहेगा।
इसकी जानकारी देते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष होली अशोक राजपूत ने बताया है कि 11 तारीख को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल 10:00 बजे चंबा में पत्रकार वार्ता करने के बाद 11:30 राख और 12:30 धरवाला में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करके प्रभावित लोगों से मिलेंगे और उनका दुख दर्द को जानेंगे। उसके बाद 1:00 बजे दुनाली और 4:30 होली में जाकर आपदा से हुए घरों के नुकसान का जायजा करेंगे और इस आपदा में अपने घर बार गंवा चुके लोगों से भी रूबरू होंगे। इसके बाद शाम 7:00 बजे दोनों भाजपा नेता भरमौर के हडसर से में जाकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे और रात्रि ठहराव रेस्ट हाउस भरमौर में रहेगा।
12 सितंबर शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह में 1:00 बजे आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे और प्रभावित लोगों से मिलेंगे।
: सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है. वह देश के 17वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं. चुनाव में उन्हें 452 वोट मिले. वहीं, बी सुदर्शन रेड्डी को हार का सामना करना पड़ा है. रेड्डी को 300 वोट मिले.
सी.पी. राधाकृष्णन को मिले 452 वोट
बी सुदर्शन रेड्डी को मिले 300 वोट
: *नेपाल में “Gen-Z आंदोलन”: सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ विरोध, 19 की मौत, प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा दिया*
काठमांडू, 9 सितम्बर 2025
नेपाल इन दिनों अभूतपूर्व राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से गुज़र रहा है। हाल ही में लगाए गए सोशल मीडिया बैन ने देशभर के युवाओं को सड़कों पर ला दिया। यह विरोध इतना व्यापक और उग्र हो गया कि इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल और कई सरकारी भवन जलने तक की घटनाएँ सामने आईं। बढ़ते दबाव के चलते नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाया प्रतिबंध हटाया और प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली सहित कई वरिष्ठ नेताओं को इस्तीफ़ा देना पड़ा।
*कैसे शुरू हुआ विवाद?*
4 सितम्बर 2025 को नेपाल सरकार ने अचानक 26 प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Facebook, Instagram, WhatsApp, YouTube, X आदि) पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार का तर्क था कि ये प्लेटफ़ॉर्म देश में पंजीकरण और डेटा नियमन कानून का पालन नहीं कर रहे थे।
युवा पीढ़ी, विशेषकर Gen-Z, ने इस कदम को अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला माना और सोशल मीडिया के ज़रिए ही इस बैन के खिलाफ संगठित होकर सड़कों पर उतर आई।
*विरोध से हिंसा तक*
8 सितम्बर को काठमांडू में शांतिपूर्ण मार्च के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई। संसद भवन की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने रबर बुलेट, आंसू गैस, पानी की बौछार और यहाँ तक कि लाइव गोलियों का इस्तेमाल किया।
इस कार्रवाई में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए। अस्पतालों में घायलों की भीड़ लग गई। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी भवनों और नेताओं के घरों में आगज़नी की।
*सरकार पर दबाव और इस्तीफ़े*
- तेज़ होते आंदोलन और हिंसा की आलोचना ने सरकार को झुका दिया।
- 9 सितम्बर को सरकार ने सोशल मीडिया बैन हटाने की घोषणा की।
- गृह मंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफ़ा दिया।
- इसके बाद प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने भी राष्ट्रपति को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया।
- बाद में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी पद छोड़ने का ऐलान किया।
*आगे क्या?*
सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा, घायलों को निःशुल्क इलाज और घटनाओं की जांच के लिए 15 दिनों के भीतर उच्चस्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है।
हालाँकि प्रदर्शनकारी अब सिर्फ सोशल मीडिया बहाली तक सीमित नहीं हैं। वे नेपाल में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद (Nepotism), बेरोज़गारी और पारदर्शी शासन की माँग कर रहे हैं।
*अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया*
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने पुलिस की कठोर कार्रवाई की निंदा की है और सरकार से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंदोलन नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकता है।t
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