चीन जाएंगे ट्रंप, 'ड्रैगन' के करीब आ रहे अमेरिका के खास दोस्त ब्रिटेन और कनाडा, क्या है पूरा मामला?

Feb 21, 2026 - 10:17
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चीन जाएंगे ट्रंप, 'ड्रैगन' के करीब आ रहे अमेरिका के खास दोस्त ब्रिटेन और कनाडा, क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन का दौरा करेंगे. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है. चीन इसे एक जीत के रूप में देख रहा है, क्योंकि इससे वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल मचने वाली है. ट्रंप की अस्थिर विदेश नीति के चलते चीन ने हाल ही में कई वैश्विक नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, जिनमें ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी शामिल हैं.

ट्रंप के रवैये से यूरोप से बिगड़े रिश्ते
ये देश अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी थे लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद से इन्होंने अमेरिका का दौरा नहीं किया. वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की जिद और यूरोपीय संघ पर टैरिफ लगाने और यूरोपीय संघ को रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए मजबूर करने के बाद से हालात पूरी तरह बदल गए हैं. 

इसके अलावा दावोस में विश्व आर्थिक मंच जैसी बैठकों में आयोजित व्यापक चर्चाओं में पश्चिमी नेताओं ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि अमेरिका समर्थित 1945 के बाद की व्यवस्था अब धूमिल हो रही है, जो कि कहीं न कहीं चीन के दृष्टिकोण से पूरी तरह से अलग नहीं है.

पास आ रहे कनाडा और चीन
सीएनएन के अनुसार, 2017 के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री की पहली चीनी यात्रा के मद्देनजर चीन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए कड़े टैरिफ में कार्नी ने ढील दी है, जो कनाडा ने अमेरिका के अनुरूप लगाए थे. इसके बदले में कनाडा के कृषि उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों में भी ढील दी गई. अलग से बीजिंग और यूरोपीय संघ ने पिछले महीने अपने रुख में नरमी लाते हुए चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैरिफ को न्यूनतम कीमतों पर बेचने की प्रतिबद्धताओं से बदलने पर सहमति व्यक्त की.

क्या बोले अमेरिकी वित्त मंत्री
इस बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने पॉलिटिको को बताया कि चीन के साथ अमेरिका के संबंध बहुत अच्छे संतुलन पर पहुंच गए हैं, जहां मतभेदों के पिछले साल की तरह बड़े आर्थिक संघर्ष में बदलने की संभावना कम है. बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी जिनपिंग इस साल 4 बार मुलाकात कर सकते हैं और उनके बीच सकारात्मक संबंध बन सकते हैं.

पॉलिटिको के अनुसार उन्होंने कहा कि जब नेता समग्र संबंधों की दिशा तय कर रहे हों तो अगर कोई अनबन या परेशानी आती है तो वे फोन पर बातचीत करके तुरंत तनाव कम कर सकते हैं. 

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