नोएडा में घर खरीदारों के उम्मीदों भरा साल:रेपो रेट में कटौती से होम लोन सस्ता, खरीदारों में बढ़ा भरोसा, प्रॉपर्टी की कीमत भी बढ़ी
दिल्ली-एनसीआर हो या देश के दूसरे शहर, जो लोग घर खरीदने या प्रॉपर्टी में निवेश की सोच रहे हैं, उनके लिए साल 2026 कई मायनों में अहम साबित हो सकता है। बीते कुछ सालों की अस्थिरता के बाद अब रियल एस्टेट सेक्टर एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां कीमतें, मांग और निवेश—तीनों में संतुलित मजबूती दिख रही है। 2025–26 की शुरुआत से ही बाजार में साफ संकेत मिले हैं कि घर खरीदने वालों का भरोसा लौट रहा है। दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी कीमतों में औसतन करीब 24 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, आरबीआई के नरम रुख और रेपो रेट में कटौती से होम लोन सस्ता हुआ है, जिससे एंड-यूजर्स के लिए घर खरीदना आसान हुआ है। सीबीआरई की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 के पहले नौ महीनों में रियल एस्टेट सेक्टर में करीब 10.2 बिलियन डॉलर का निवेश आया है, जो साल के अंत तक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ सकता है। कोलियर्स का अनुमान है कि 2025–26 में हर साल 5 से 7 बिलियन डॉलर तक का संस्थागत निवेश भारत आ सकता है। मजबूत अर्थव्यवस्था, बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और विदेशी निवेशकों की वापसी इसकी बड़ी वजह हैं। लक्ज़री घर अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं
एक बड़ा बदलाव यह भी है कि लक्ज़री हाउसिंग अब केवल मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु तक सीमित नहीं रही। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम के साथ-साथ लखनऊ, जयपुर, इंदौर, देहरादून और मोहाली जैसे शहर तेजी से उभर रहे हैं। एक्सप्रेसवे, मेट्रो और औद्योगिक विकास ने इन इलाकों में घरों की मांग और कीमत दोनों बढ़ा दी है। अनुमान है कि 2026 में लक्ज़री हाउसिंग की मांग 20–25 फीसदी तक बढ़ सकती है। रिटर्न के मामले में शेयर बाजार से आगे
रियल एस्टेट निवेशकों के लिए भी आकर्षक बना हुआ है। फाइनेंस हाउसिंग टोटल रिटर्न इंडेक्स के अनुसार, प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट ने बीते साल करीब 15 फीसदी रिटर्न दिया, जबकि इसी दौरान शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। डेवलपर्स का मानना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद मिड-सेगमेंट और प्रीमियम—दोनों में खरीदार सक्रिय रहेंगे। डेवलपर्स का कहना: भरोसा और मांग दोनों मजबूत गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ कहते हैं कि 2025 में ज्यादातर शहरों में घरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई। बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते शहरों और आसपास के इलाकों में भी अच्छी मांग रही। इससे साफ है कि विकास अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। अच्छी कनेक्टिविटी वाले इलाकों में सप्लाई कम होने और आरबीआई के सकारात्मक रुख से खरीदारों का भरोसा बना रहा। काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर, अमित मोदी का कहना है कि 2025 भारतीय रियल एस्टेट के लिए बेहद मजबूत साल रहा, जहां प्रमुख बाजारों में मांग और खरीदारों के भरोसे में साफ बढ़ोतरी दिखी। खास तौर पर एनसीआर में नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो कॉरिडोर, एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी का असर अब जमीन पर साफ नजर आने लगा है, जिससे प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग को सीधा फायदा मिला। सीआरसी ग्रुप के डायरेक्टर– मार्केटिंग एंड बिज़नेस मैनेजमेंट,सलिल कुमार का कहना है कि नोएडा–ग्रेटर नोएडा अब एनसीआर के लक्जरी हाउसिंग बाजार में अपनी अलग पहचान बना चुका है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी सुविधाओं ने यहां एंड-यूजर्स की मांग को मजबूत किया है। लोग अब यहां लंबे समय के लिए बड़े और बेहतर घर लेना चाहते हैं।
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