बिहार में महिलाओं को ना टिकट, ना संगठन में जगह:किसी पार्टी ने अध्यक्ष नहीं बनाया, BJP-कांग्रेस ने लोकसभा का टिकट नहीं दिया, जानें राजनीति में महिलाएं कहां

Apr 27, 2026 - 06:50
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बिहार में महिलाओं को ना टिकट, ना संगठन में जगह:किसी पार्टी ने अध्यक्ष नहीं बनाया, BJP-कांग्रेस ने लोकसभा का टिकट नहीं दिया, जानें राजनीति में महिलाएं कहां
देश में महिला रिजर्वेशन पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है। बिहार में भी नेता एक-दूसरे दलों पर महिलाओं का हक छीनने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि, आंकड़े कहते हैं कि महिला हितैषी पार्टी का दावा कर रही भाजपा और JDU के अंदर निर्णय लेने वालों में महिलाएं गायब हैं। वहीं, हाल RJD-कांग्रेस का भी है। आरक्षण कोटा (33%) के अनुपात में महिलाओं को ना टिकट दिया गया ना संगठन में जगह। किसी पार्टी ने महिला को अब तक प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया है। मंडे स्पेशल में पढ़िए, बिहार की चारों प्रमुख पार्टियों BJP, JDU, RJD और कांग्रेस में महिला नेताओं की हैसियत…। 1. भाजपा: एक भी महिला सांसद नहीं महिला वंदन अधिनियम की बात करने वाली BJP के पास बिहार में एक भी महिला सांसद नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 17 सीटों पर लड़ी थी। एक भी महिला को टिकट नहीं दिया। फिलहाल बिहार से 5 महिला सांसद हैं। सभी क्षेत्रीय पार्टी की हैं। राज्यसभा में बिहार से 16 सीटें हैं। मौजूदा समय में मात्र 1 महिला (बीजेपी की धर्मशीला गुप्ता) राज्यसभा सांसद हैं। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा की बात करें तो 2025 के चुनाव में भाजपा 101 सीटों पर लड़ी। 13 महिला कैंडिडेट को टिकट दिया। इनमें से 10 जीतने में सफल रही। सक्सेस रेट लगभग 80 फीसदी रहा। भाजपा संगठन में महिलाओं को कितनी हिस्सेदारी? सदन के बाद पार्टी के भीतर पावरफुल पद संगठन का होता है। प्रदेश और राष्ट्रीय कमेटी किसी भी पार्टी की डिसीजन मेकिंग बॉडी होती है। बीजेपी की 35 सदस्यीय प्रदेश कमेटी में 15 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है। बीजेपी ने 31 मई 2025 को प्रदेश पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की थी। इसके मुताबिक 5 महामंत्री, 14 मंत्री, 13 उपाध्यक्ष, 1 कोषाध्यक्ष और 2 सह कोषाध्यक्ष नियुक्ति किए गए। इसमें महामंत्री का 1, उपाध्यक्ष के 5 और सचिव के 3 पद महिलाओं को दिए गए। BJP की महिला पदाधिकारी 2. जदयू की 2 महिला नेता सांसद जदयू ने लोकसभा चुनाव 2024 में 2 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था। दोनों जीत गईं। 2025 का विधानसभा चुनाव पार्टी 101 सीटों पर लड़ी, सिर्फ 13 महिलाओं को टिकट दिए। इनमें से 10 जीत गई। मतलब 80 फीसदी महिला प्रत्याशियों को सफलता मिली। जदयू ने संगठन के पदों पर महिलाओं को 10 फीसदी से भी कम हिस्सेदारी दी है। 22 अप्रैल 2025 को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई। 24 सदस्यों वाली इस कमेटी में केवल 2 महिलाओं को जगह दी गई। 4 अगस्त 2024 को प्रदेश कमेटी का गठन किया गया था। इसमें 115 नेताओं को जगह दी गई। इसमें मात्र 9 महिलाओं को जगह दी गई। जदयू की महिला पदाधिकारी 3. राजद ने महिलाओं को आगे बढ़ाया, लेकिन परिवार पर फोकस लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा RJD ने 23 सीटों में से 6 पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इनमें से सिर्फ एक मीसा भारती जीत सकीं। राजद की महिला नेताओं में ज्यादातर राजनीतिक परिवार से हैं। सबसे प्रमुख नाम मीसा भारती लालू यादव की बेटी हैं। विधानसभा चुनाव में राजद ने 143 सीटों पर प्रत्याशी उतारे। इनमें से 23 महिलाएं थीं। मात्र 3 महिला उम्मीदवार चुनाव जीत सकीं। राजद संगठन में परिवार की महिला को तवज्जो 25 जुलाई 2025 को लालू यादव की तरफ से राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। 28 सदस्यीय इस कमेटी में 5 महिला को जगह दी गई। 25 अप्रैल 2023 को राजद की प्रदेश कार्यकारिणी गठित की गई थी। इनमें प्रदेश महासचिव का एक भी पद महिला को नहीं दिया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर 3 महिला को जगह दी गई थी। हालांकि राजद में संगठन से लेकर टिकट तक में परिवार की महिला को तवज्जो मिलती रही है। परिवार से राबड़ी देवी, मीसा भारती और रोहिणी आचार्य एक्टिव रही हैं। राजद की महिला पदाधिकारी 4. बिहार में कांग्रेस से एक भी महिला सांसद, विधायक नहीं कांग्रेस लोकसभा चुनाव 9 सीटों पर लड़ी, एक भी महिला को टिकट नहीं दिया। वहीं, विधानसभा चुनाव में पार्टी को 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का मौका मिला। इनमें से 5 महिलाएं थीं। कांग्रेस की एक भी महिला प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सकी। वहीं, संगठन की बात करें तो कांग्रेस की प्रदेश इकाई अभी पूरी तरह घोषित नहीं हुई है। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने की वोटिंग, लेकिन प्रतिनिधित्व कम 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार के इतिहास में सबसे ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले। पुरुषों की तुलना में 9.8% ज्यादा वोटिंग महिलाओं ने की। 2010 से लगातार बिहार में महिला वोटर्स ने अधिक मतदान किया है। 2010 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 3.4% ज्यादा था, जबकि 2015 में यह 7.2% अधिक था। 2020 में पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 5.2% ज्यादा रहा। लेकिन एक आंकड़ा यह भी है कि 1985 से फरवरी 2005 के बीच बिहार विधानसभा के लिए चुने गए सभी विधायकों में महिलाओं की संख्या 6% से भी कम थी। 2005 में यह संख्या 10% रही। इसके बाद से सभी चुनावों में 10% से अधिक महिलाएं बिहार विधानसभा के लिए चुनी गई हैं। 2010 में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 14% था। 2025 में भी यह संख्या 14% से नीचे है।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला