राजा हरिश्चंद्र’ (1913): क्यों भारत की पहली फिल्म में पुरुष बने महिलाएं?
भारत में सिनेमा की शुरुआत दादासाहेब फाल्के के सपने से हुई। उनकी फिल्म राजा हरिश्चंद्र (1913) देश की पहली मोशन पिक्चर थी, जिसमें कोई अभिनेत्री नहीं थी, इसलिए महिला किरदार भी पुरुष ने निभाया। उस समय लोगों ने फाल्के को पागल समझा, उनके पास पैसे और सपोर्ट की कमी थी, लेकिन उनकी पत्नी सरस्वती ने उनका पूरा साथ दिया—यहाँ तक कि अपने गहने गिरवी रख दिए। मराठी फिल्म Harishchandrachi Factory, जिसे Paresh Mokashi ने बनाया, इस संघर्ष को दिखाती है और बताती है कि भारतीय सिनेमा की शुरुआत ग्लैमर से नहीं बल्कि जुनून, मेहनत और विश्वास से हुई थी
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

