आज सुबह के मुख्य सामाचार जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत दाड़वीं के गांव उहां के रहने वाला गौरख कुमार (33) वीरवार को अपनी पत्नी सुषमा (26) के साथ उसके मायके लिल्ह जा रहा था

प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 जून, 1975 का वह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय है। उस समय सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार ने संविधान की भावना को ताक

Jun 26, 2026 - 06:59
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आज सुबह के मुख्य सामाचार जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत दाड़वीं के गांव उहां के रहने वाला गौरख कुमार (33) वीरवार को अपनी पत्नी सुषमा (26) के साथ उसके मायके लिल्ह जा रहा था
Jitendra Kumar

जलसार रोड, देवघर में "देवघर पैनल हब "का हुआ भव्य शुभारंभ 

देवघर। स्थानीय जलसार रोड स्थित महावीर अखाड़ा के निकट "देवघर पैनल हब" का भव्य शुभारंभ किया गया। मौके पर, राष्ट्रीय हिंदू परिषद (भारत ),के जिला अध्यक्ष श्री प्रभाष गुप्ता ने कहा की इस प्रतिष्ठान के शुभारंभ होने से अब शहर वासियों को इंटीरियर डेकोरेशन आसानी से रिजनरेवल आकर्षक दर पर उपलब्ध हो पाएगा। प्रतिष्ठान के संचालक आर्किटेक्ट इंजीनियर प्रियांशु सुमन ने बताया कि, हमारे यहां रीजनेबल रेट पर घर एवं ऑफिस की इंटीरियर डेकोरेशन की समुचित व्यवस्था है। हमारे यहां लेटेस्ट रुचिकर आकर्षक डिजाइनों में आज के आधुनिक फैशन के अनुसार बेहतरीन मॉडल आकर्षक फिनिशिंग के साथ बनाकर देने की सुविधा है।हमारे कार्य की पूरी संतुष्टि मिलेगी। उन्होंने कहा कि, कस्टमर हमें सिर्फ दीवाल प्लास्टर कर हमें देगा ,हम उसे आकर्षक डिजाइन तैयार कर देंगे। डिजाइन से लेकर आकर्षक रूप देने का टेंशन हमारा होगा। साथ ही, पूरी संतुष्टि मिलेगी।

Jitendra Kumar: *चम्बा के भरमौर में भयानक हादसा: खाई में गिरकर पति-पत्नी की मौत, इलाके में पसरा मातम*

चम्बा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर से एक दिल दहला देने वाली और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां के लिल्ह इलाके में एक गहरी खाई में गिरकर एक दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

*जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत दाड़वीं के गांव उहां के रहने वाला गौरख कुमार (33) वीरवार को अपनी पत्नी सुषमा (26) के साथ उसके मायके लिल्ह जा रहा था।* लिल्ह गांव सड़क से काफी दूरी पर स्थित है और वहां तक पहुंचने के लिए ऊंची पहाड़ियों के बीच बनी संकरी पगडंडियों से होकर गुजरना पड़ता है। यह दंपति अक्सर इसी रास्ते से आता-जाता था। वीरवार को भी दोनों हंसते-मुस्कुराते ससुराल जा रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि पगडंडी का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

*रास्ते में लिल्ह की एक गहरी ढांक के पास अचानक गौरख कुमार का पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर नीचे गहरी खाई की तरफ गिरने लगा। अपनी आंखों के सामने पति को मौत के मुंह में जाता देख सुषमा ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे पकड़ने का जोरदार प्रयास किया, लेकिन इस जद्दोजहद में सुषमा का भी संतुलन बिगड़ गया और दोनों पति-पत्नी एक साथ गहरी खाई में जा गिरे।*

इस खौफनाक हादसे को देख आसपास के लोगों ने तुरंत शोर मचाया और घटना की जानकारी अन्य ग्रामीणों तक पहुंचाई। सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और गहरी खाई में उतरकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन जब तक ग्रामीणों ने उन तक पहुंच बनाई, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों शवों को खाई से निकालकर अपने कब्जे में ले लिया। इस दर्दनाक घटना की पुष्टि करते हुए एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर मौजूद चश्मदीदों, मायके वालों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है।

TRN Live: *राम मंदिर के चढ़ावा चोरों पर ट्रस्ट ने करवाई FIR, टिन्नू यादव समेत आठ नाम, बड़े चेहरे बचाए* 

टिन्नू यादव समेत आठ नाम, चंपत राय सहित बड़े चेहरे बचाए

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें आठ आरोपी बनाए गए हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है। एसआईटी जांच के लिए 13 जून को बनाई गई थी। 23 जून को इसने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। एफआईआर में में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव (टिन्नू), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय के नाम हैं। एफआईआर में चंपत राय का नाम नहीं है। इस बीच खबर आई कि चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने इसे खारिज कर दिया।

इससे पहले सूत्रों से जानकारी सामने आई थी कि एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना था। इनके खिलाफ एफआईआर होना लगभग तय माना जा रहा था। एसआईटी को जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां टिन्नू के पास मिलीं थी। एसआईटी ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया था, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया था।

संजय सिंह ने दिए राम मंदिर जमीन घोटाले के सबूत

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वह करीब 12 मिनट कमरे में रुके। संजय सिंह ने बाहर आकर कहा कि राम मंदिर में जमीन घोटाले के 11 कागजात मैंने एसआईटी को सौंपे हैं। उन्होंने कहा किपैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम साक्ष्य मिल चुके हैं। फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया?

Kitna: *हिमाचल में 30 तक मानसून की एंट्री, 26 से 29 जून तक प्रदेश में अंधड़, गर्जन और 0बिजली चमकने की आशंका* 

हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मानसून के उत्तराखंड तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। ऐसे में 30 जून तक मानसून हिमाचल प्रदेश में भी प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग ने इसी अवधि में प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होने का अनुमान जताते हुए 30 जून और पहली जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि प्रदेश में फिलहाल हो रही बारिश मानसून की नहीं, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों का परिणाम है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर 3.1 से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। इसके अलावा मध्य पाकिस्तान और उत्तर राजस्थान के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। वहीं राजस्थान से बिहार तक एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) भी बनी हुई है। इसके प्रभाव से हिमाचल सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम लगातार बदला हुआ है।

इसी वजह से प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है। गुरुवार को भी राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 48.2 मिलीमीटर वर्षा कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में दर्ज की गई। इसके अलावा घमरूर में 39.4 मिलीमीटर, मलराओं में 33 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 30.2 मिलीमीटर, बिलासपुर सदर में 25.2 मिलीमीटर, सोलन में 12.5 मिलीमीटर और शिमला में 10.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। धर्मशाला में 4.3 मिलीमीटर, पालमपुर में 2.8 मिलीमीटर तथा मंडी में 1.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। कई स्थानों पर बिजली चमकने और गर्जन की घटनाएं भी दर्ज की गईं। सुंदरनगर में ओलावृष्टि हुई, जबकि ताबो में 57 किलोमीटर प्रति घंटा, सुंदरनगर में 46 किलोमीटर प्रति घंटा और बिलासपुर में 44 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।

तीन दिन अंधड़ का अलर्ट

मौसम विभाग ने 26 से 29 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अंधड़, गर्जन और बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 30 जून और पहली जुलाई को वर्षा की तीव्रता बढऩे के आसार हैं तथा कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।

TRN Live: *अंबोटा में सहपाठी को बाजार में निर्वस्त्र कर डंडों से पीटा, वारदात का वीडियो एसपी ऊना तक पहुंचा, जांच शुरू* 

राजकीय बहुतकनीकी संस्थान अंबोटा में पढ़ रहे एक छात्र के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। सहपाठी छात्रों के बीच हुई कहासुनी के बाद एक छात्र ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर दूसरे छात्र को बीच बाजार में निर्वस्त्र कर डंडों से पीट दिया। घटना का वीडियो पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हीरेमठ तक पहुंचने के बाद उन्होंने कड़ा संज्ञान लेते हुए गगरेट पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार राजकीय बहुतकनीकी संस्थान अंबोटा में अध्ययनरत छात्रों के बीच कुछ दिन पूर्व किसी बात को लेकर विवाद और कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इसी विवाद के चलते बुधवार को आरोपी छात्र अपने कुछ साथियों के साथ कालेज के पास पहुंचा। सभी युवक डंडों से लैस थे। पहले यहां उन्होंने एक छात्र की पिटाई की और इसके बाद उस पीजी आवास की ओर चले गए, जहां उनका मुख्य शिकार छात्र रह रहा था। सूत्रों के अनुसार जिस छात्र की तलाश की जा रही थी, वह उस समय अपने पीजी के समीप स्थित एक दुकान पर सामान लेने गया हुआ था। पीजी में छात्र के नहीं मिलने पर आरोपित युवक दुकान पर पहुंच गए। वहां उन्होंने छात्र को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपितों ने छात्र को निर्वस्त्र कर दिया और उसके ऊपर डंडे बरसाए। घटना से आसपास मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। बताया जा रहा है कि मारपीट का शिकार हुआ छात्र घटना के बाद इतना भयभीत हो गया कि उसने पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई। हालांकि किसी व्यक्ति द्वारा घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से आगे भेज दिया गया, जो अंतत: पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ तक पहुंच गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद गगरेट पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी रोष है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है। उधर, डीएसपी गगरेट अनिल पटियाल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Tej raftar news: *सीबीएसई स्कूलों को जुलाई में मिलेंगे शिक्षक, मुख्यमंत्री सुक्खू ने अध्यापकों की नियुक्ति को तय की डेडलाइन* 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अध्यापकों की नियुक्ति को तय की डेडलाइन, 6084 चयनित शिक्षकों को तैनातीका इंतजार

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में जुलाई माह में शिक्षकों की नियुक्ति हो जाएगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई समयसीमा तय कर दी है। कसौली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शुरू किए गए 150 सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी और गणित विषय के शिक्षक पहले ही तैनात किए जा चुके हैं, जबकि जुलाई माह तक अन्य शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होंगी या नहीं, इस संबंध में सरकार द्वारा गठित कैबिनेट सब-कमेटी निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षकों और विद्यार्थियों के अभिभावकों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं।

प्रदेश सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से 158 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया था। इनमें से 147 स्कूलों को ही एनसीईआरटी से अभी तक मान्यता मिली है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट में प्रदेशभर के 9821 शिक्षकों ने भाग लिया था। परीक्षा परिणाम के बाद 6084 शिक्षक मेरिट सूची में स्थान बनाने में सफल रहे। शिक्षा विभाग ने मेरिट और शिक्षकों द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर काउंसिलिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया।

सब-कमेटी की बैठक का इंतजार

अब चयनित शिक्षकों को कैबिनेट सब-कमेटी की अगली बैठक का इंतजार है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार सरकार के सामने चयनित शिक्षकों की नई तैनाती और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के संभावित तबादलों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। इसी कारण सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

अस्पतालों में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों में वही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में थ्री टेस्ला एमआरआई और अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जा रही हैं। चमियाना, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है और लगभग 200 मरीज इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित कर दी जाएंगी। इसके साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिष्ठित दवा कंपनियों की गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।

विनोद सुल्तानपुरी भी बन सकते हैं सीएम

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र की मनरेगा के स्थान पर प्रस्तावित नई व्यवस्था हिमाचल के हित में नहीं है तथा इससे प्रदेश के लाखों श्रमिक प्रभावित हो सकते हैं। सोलन के कसौली में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को समाप्त किया, आरडीजी को बंद कर दिया और फौज में नियमित भर्ती भी बंद कर दी, जिससे लोगों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। अगर हिमाचल प्रदेश की आरडीजी का 10 हजार करोड़ नहीं काटा होता, तो प्रदेश इसी वर्ष आत्मनिर्भर बन जाता। लेकिन हम दृढ़ संकल्प के साथ हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व कसौली विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र नेरी कलां पहुंचे मुख्यमंत्री ने 90.66 करोड़ रुपए लागत की 12 विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना के संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में प्रदेश के हितों को मजबूती से रखा।

अब हिमाचल प्रदेश को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 211 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपए का लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर देश का पहला ऐसा कानून बनाया है। श्री सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर गिरा और हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था। वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने चुनावी लाभ के लिए लगभग 600 नए संस्थान खोल दिए थे, जबकि उनमें पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं करवाया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पहले शिक्षकों की भर्ती सुनिश्चित की और अब तक लगभग 7000 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रदेश में 150 सीबीएसई स्कूल शुरू किए गए हैं, जिनमें अंग्रेजी और गणित के शिक्षक तैनात किए चुके हैं। जुलाई माह तक और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने को चलाई योजनाएं

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं। प्राकृतिक खेती से उत्पादित हल्दी के लिए 150 रुपए प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा गाय का दूध 61 रुपए तथा भैंस का दूध 71 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की 50 रुपए तथा गेहूं 80 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी जा रही है। किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत महिला मंडलों और युवक मंडलों को पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वन विभाग पौधे उपलब्ध करवा रहा है तथा पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

TRN Live: *संविधान पर सीधा हमला था आपातकाल, पीएम मोदी ने 25 जून 1975 को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय* 

पीएम नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को संविधान पर सीधा हमला बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल की बरसी पर 25 जून, 1975 को भारतीय लोकतंत्र का ‘सबसे काला अध्याय’ बताते हुए कहा कि उस दौर में संविधान की भावना को कुचल दिया गया था और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि आपातकाल के दौरान लाखों लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, न्यायपालिका को दबाने का प्रयास हुआ और लोकतंत्र को बंधक बनाकर रखा गया।

श्री मोदी ने गुरुवार को देशभर में मनाए जाने वाले संविधान हत्या दिवस का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि आज, हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक, आपातकाल, के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की। आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा आघात था। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं का निलंबन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध, राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां तथा उन संस्थाओं पर प्रहार देखने को मिला जो हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि इसने असंख्य नागरिकों के असाधारण साहस को भी उजागर किया, जिन्होंने मौन रहने से इनकार किया और संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा।

आवाज उठाने वालों का संघर्ष नहीं भूल सकते

प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 जून, 1975 का वह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय है। उस समय सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार ने संविधान की भावना को ताक पर रखकर देश पर आपातकाल थोप दिया था। उन्होंने कहा कि देश के लोग कभी भी उन लोगों के संघर्ष और बलिदान को नहीं भूल सकते, जिन्होंने आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं था, बल्कि यह संविधान की मूल भावना-न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व-पर सीधा हमला था। उन्होंने देशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सतर्क रहने का आह्वान किया।

TRN Live: *पर्यटकों की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस* 

केलांग में सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में किया मंथन; एएमएस से मौतों पर चिंता, चेतावनी बोर्ड लगाने के दिए निर्देश

कार्यालय संवाददाता-केलांग

जिला मुख्यालय केलांग स्थित उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त लाहुल-स्पीति किरन भड़ाना ने की। बैठक में सडक़ सुरक्षा, दुर्घटना संभावित स्थलों, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। उपायुक्त किरण भड़ाना ने पुलिस विभाग एवं उपनिदेशक शिक्षा को स्कूलों व अन्य संस्थानों में सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान और प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जन-जागरूकता सबसे अहम है। उपायुक्त ने बीआरओ और लोक निर्माण विभाग को पुलिस द्वारा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों व ब्लैक स्पॉट्स पर चेतावनी संकेतक और क्रैश बैरियर लगाने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

सभी एसडीएम को नियमित सडक़ सुरक्षा बैठकें करने और आरटीओ को जागरूकता अभियान चलाने को कहा। इसके अतिरिक्त डीसी ने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को एएमएस के लक्षण, जोखिम और बचाव उपायों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से सोशल मीडिया जागरूकता वीडियो तैयार कर प्रसारित करने के निर्देश दिए। वहीं इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए निकटतम डीईटीसी, वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओंए आपदा प्रतिक्रिया दल तथा पुलिस सहायता केंद्रों की जानकारी वाले साइन बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया।

ग्रांफू-काजा-सुमदो मार्ग पर लगेंगे साइन बोर्ड

ग्रांफू-काजा-सुमदो मार्ग पर सडक़ सुरक्षा की समीक्षा करते हुए डीसी ने सीमा सडक़ संगठन को गति सीमाए दूरीए दिशा.निर्देश एवं चेतावनी संबंधी साइन बोर्ड लगाने को कहा। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को डीडीएमए की रिपोर्टों का विश्लेषण कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

ट्रॉमा सेंटर और ऑक्सीजन सुविधा होगी मजबूत

बैठक में काजा एवं केलांग में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अतिरिक्त उपायुक्त काजा के साथ समन्वय कर ऑक्सीजन सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने को कहा गया।

TRN Live: *हिमालयी क्षेत्रों में बाढ़ और भूकंप का खतरा* 

आईआईटी मंडी में मंथन, जॉर्जिया, कैलिफोर्निया और लंदन के शोधकर्ताओं ने बताई सच्चाई

मंडी आईआईटी में हिमालय के खतरों पर मंथन हुआ है। यहां बाढ़ और भूकंप की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हिमालयन रेंज में जलवायु परिवर्तन की आवृत्ति और तीव्रता वर्तमान समय में पहले से ज्यादा बढी है। मंडी आईआईटी में तीन दिनों तक हिमालय में बढे खतरों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ताओं ने अवगत करवाया है और साफ कहा है कि अब आपदा प्रबंधन से आगे इससे निपटने का मसौदा बनाना होगा और शोध के बाद सुझाए रास्तों को धरातल पर अपनाना होगा। इस सम्मेलन में जॉर्जिया, कैलिफोर्निया और लंदन के शोधकर्ताओं ने हिमालय के खतरों से अवगत करवाया है। सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की भागीदारी रही।

पूर्ण अधिवेशन व्याख्यानों में जॉर्जिया प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर जे डेविड फ्रॉस्ट तथा कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, मर्सिड के प्रोफेसर सफीक खान शामिल रहे। इसके अलावा इंपीरियल कॉलेज लंदन, मिशिगन स्टेट विश्वविद्यालय, विभिन्न आईआईटी, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र तथा केंद्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए हैं।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने करवाया सम्मेलन

मंडी आईआईटी में इस सम्मेलन को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट्स तथा केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का सहयोग प्राप्त हुआ। मैकाफेरी तकनीकी सहयोगी और स्प्रिंगर नेचर प्रकाशन सहयोगी के रूप में सम्मेलन से जुड़े रहे।

आपदा से निपटने को एआई का आसरा

मंडी आईआईटी में तीन दिनों तक हुए तकनीकी सत्रों में बहु-आपदा जोखिम आकलन किया गया है। इस दौरान जलवायु पूर्वानुमान सहित जल एवं हिमनदी संबंधी घटनाएं के कारण तलाशे गए हैं। हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप एवं अवसंरचना की मजबूती, प्रारंभिक चेतावनी और पूर्वानुमान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के उपयोग तथा समुदाय केंद्रित आपदा प्रबंधन के विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

Jeetu dehati: *अब 20 साल के लिए मिलेंगी ईको टूरिज्म साइट, निवेशकों को आर्कषित करने के लिए सरकार ने लिया फैसला* 

प्रदेश में निवेशकों को आर्कषित करने के लिए सुक्खू सरकार ने लिया बड़ा फैसला

प्रदेश में ईको टूरिज्म साइट्स के संचालन की अवधि को बढ़ाकर 20 वर्ष तक करने का रास्ता राज्य सरकार ने साफ कर दिया है। इको टूरिज्म पॉलिसी में संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने संचालन की अवधि को 15 वर्ष कर दिया है। जबकि बेहतरीन परफार्मेंस और तय नियमों की पालना करने पर संचालक को पांच वर्ष का अतिरिक्त विस्तार देने की व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार वन विभाग के तहत ईको टूरिज्म साइट्स का संचालन पूर्व में दस वर्षों के लिए दिया जाता था, जिसमें पांच वर्ष के विस्तार की व्यवस्था रखी गई थी। इस अवधि को बढ़ाने का मामला प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में गया था और इसे मंजूरी भी मिल गई। वहीं, अब मंत्रिमंडल के फैसले के आधार पर वन विभाग ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके तहत ईको टूरिज्म सा

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