आज शाम तक का मुख्य सामाचार अयोध्या(उत्तर प्रदेश): *सातवें 'बड़े मंगल' के अवसर पर हनुमान गढ़ी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी।* 🚩जय श्री राम 🙏
मुस्लिम समुदाय के लिए फिर से आरक्षण बढ़ाने की तैयारी में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार मै फिर कह रहा हूं हजार बार कहूंगा कांग्रेस ही मुस्लिम लीग पार्टी है फिर कहते है EVM हैक हो गई फिर कहते है वोट चोरी हो गई
Tej raftar news: 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 16 जून 2026*
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज दिन का अधिकांश भाग सोच विचार में ही व्यर्थ होगा। आपके मन मे योजनाए तो कई लगी रहेंगी लेकिन आलस्य अधिक रहने से किसी भी योजना को साकार रूप नही दे सकेंगे। मध्यान के समय कार्य क्षेत्र पर सहयोगियो की कमी रहेगी ज्यादा काम ना बढ़ाये कम में ही संतोष करें अन्यथा बेवजह की मुसीबत बनेगी। धन लाभ कम फिर भी खर्च लायक हो जाएगा। सामाजिक कार्यो में भी रुचि लेंगे इस के कारण अपने कार्यो में भी बदलाव करना पड़ेगा समाज मे आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी लेकिन समूह में कम बोले अन्यथा परिणाम उल्टे भी हो सकते है। पारिवारिक वातावरण में स्वार्थसिद्धि की भावना अधिक रहेगी। मौसम जनित बीमारी हो सकती है।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिये संतोषजनक रहेगा। आज आप जल्दी से किसी कार्य को करने के मूड में नही रहेंगे प्रातः काल से ही आराम से काम करने के चक्कर मे दिनचार्य धीमी चलेगी। परिजनों के टोकने पर ही कार्य के प्रति गंभीरता आएगी। काम-धंधा बीते कल की अपेक्षा कम रहेगा आवश्यक कार्य लेदेकर पूर्ण कर लेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से आज दिन आय की तुलना में खर्चीला अधिक रहेगा। ना चाहकर भी परिजनों की प्रसन्नता के लिये खर्च करना पड़ेगा। पुराने मित्रों से भेंट याद ताजा करेगी। मध्यान बाद कही से कोई अप्रिय समाचार मिलेने से थोड़ी अफरा तफरी का माहौल बन सकता है। परिवार के बुजुर्ग आपसे मन की बात करेंगे इसकी अनदेखी ना करें अन्यथा बाद पछताना पड़ेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन भर आपके ऊपर चंचलता हावी रहेगी। परिजनों की किसी भी बात को गंभीर ना लेकर मजाक में उड़ा देंगे इससे घर का माहौल खराब होगा। घरेलू कार्यो में भी टालमटोल करने का प्रयास करेंगे बाद में मन मारकर करना ही पड़ेगा। काम धंदे में ज्यादा ध्यान नही देंगे फलस्वरूप आय भी सीमित ही आवश्यकता अनुसार रहेगी। मध्यान बाद का समय पर्यटन मनोरंजन में व्यतीत करेंगे महिलाये किसी मनोकामना पूर्ति को लेकर उत्साही रहेंगी लेकिन आज पूर्ण होने में संदेह रहेगा। व्यवसायी वर्ग किसी नई योजना को लेकर मानसिक परेशानी में रहेंगे अभी इसपर कार्य आरंभ ना करें अन्यथा अधूरा रह जायेगा। सेहत थोड़ी नरम रहेगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपको विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। पारिवारिक कलह मामूली बात से आरम्भ होकर गंभीर रूप ले सकती है इससे बचने के लिये आज घर मे कम ही समय बिताये। कार्य व्यवसाय में भी आज चाहकर भी मन की योजनाये पूरी नही कर सकेंगें। धन को लेकर भी किसी से कहासुनी सो सकती है। मानसिक दबाव आज कुछ ज्यादा ही रहेगा कोई अनैतिक कदम उठाने से बचे बुजुर्गो के सानिध्य में रहे अथवा आध्यात्म से जुड़े मानसिक रूप से काफी राहत मिलेगी। आर्थक दृष्टिकोण से दिन ठीक ही रहेगा फिर भी आज कुछ ना कुछ कमी अवश्य बनी रहेगी। संध्या का समय दिन की अपेक्षा शान्ति से बीतेगा। सेहत स्वयं की गलती से खराब होगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए यादगार रहेगा। दिन के आरंभ में थोड़ी सुस्ती रहेगी इसके बाद मस्ती के मूड में रहेंगे परिवार का वातावरण भी आज सहयोगी रहेगा जिससे मन की इच्छा पूर्ण करने में आसानी रहेगी। काम-धंदे के प्रति मध्यान के समय गंभीरता आएगी धन लाभ के लिए ज्यादा मशक्कत नही करनी पड़ेगी सहज रूप से हो जाएगा। मध्यान बाद का समय आनंद मनोरंजन में बीतेगा बाहर घूमने के प्रसंग बनेंगे। उत्तम भोजन वाहन उपहार सम्मान मिलने से अतिउत्साहित रहेंगे लेकिन संध्या बाद थोड़ी सतर्कता बरते आपकी किसी पुरानी गलती उजागर होने पर घर मे कलह हो सकती है। सेहत लगभग सामान्य ही रहेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपका स्वभाव अत्यंत आलसी रहेगा परन्तु फिर भी जिस भी कार्य को करेंगे उसमे सफलता अवश्य ही मिलेगी। घरेलू कार्यो के साथ ही व्यावसायिक कार्य भी एकसाथ करने में थोड़ी दुविधा बनेगी लेकिन बुजुर्गो का सहयोग मिलने से इससे निजात पा लेंगे। कार्य-व्यवसाय में आज किसी बहुप्रतीक्षित योजना के परिणाम को लेकर बेचैन रहेंगे धर्य से काम लें जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय लेने से बचें विजय आपकी ही होगी। धन की आमद को लेकर दिन के आरंभ में आशंकित रहेंगे लेकिन मध्यान बाद अकस्मात मिलने से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। आपके पीछे से चुगली करने वाले लोग हानि पहुचा सकते है सतर्क रहें। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव लगा रहेगा मनोरंजन के अवसर मिलेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आपका अधिकांश समय दुविधा में बीतेगा। कार्य क्षेत्र और गृहस्थ में तालमेल बैठाने में असफल रहेंगे एक काम करने के लिए किसी अन्य काम के बिगड़ने का डर सताएगा। व्यवसाय की व्यस्तता के चलते परिजनों की कामना पूर्ति करने में असमर्थ रहेंगे घरेलू कलह का कारण भी आज यही रहेगा। भाई बंधुओ को आपकी मदद की आवश्यकता पड़ेगा अथवा आपको इनसे लेनी पड़ सकती है इसमे भी कुछ ना कुछ विघ्न आएंगे। आज आपका कोई भी कार्य बिना भाग-दौड़ के पूर्ण नही हो सकेगा। व्यवसाय स्थल पर प्रतिस्पर्धियों का बोलबाला अधिक रहने से अपनी योजना को विराम देना पड़ेगा। निवेश से बचें हानि के योग है। सेहत का साथ भी कम ही रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन प्रातः काल से ही स्वास्थ्य संबंधित समस्या लगी रहेगी खराब स्वास्थ्य के कारण जल्दी से किसी कार्य का मन नही बनेगा लेकिन सामाजिक व्यवहारों के लिए समय निकालना ही पड़ेगा। कार्य व्यवसाय में अन्य लोगो के ऊपर आश्रित रहना पड़ेगा। धन की आमद आवश्यकता से कुछ कम रहेगी फिर भी कोई कार्य धन के कारण रुकेगा नही। आज अकस्मात खर्च ज्यादा परेशान करेंगे व्यर्थ के खर्चो पर नियंत्रण की आवश्यकता है। नौकरी करने वाले कामना पूर्ति ना होने पर अधिकारियों से नाराज रहेंगे जानकर काम खराब भी कर सकते है। मध्यान के बाद धार्मिक भावनाओं का उदय होगा लेकिन पूजा पाठ केवल स्वार्थ के लिए ही करेंगे।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी प्रसन्नता दायक रहेगा। घर मे धन धान्य की वृद्धि होगी। सुख सुविधा पर आज अधिक खर्च करेंगे। लेकिन आज आप ज्यादा मेहनत करने की अपेक्षा बैठ कर काम करना पसंद करेंगे इससे लाभ तो होगा लेकिन कुछ लोगो की नाराजगी भी सहनी पड़ेगी। पारिवारिक दायित्व बेहतर रूप से निभाने पर बड़े बुजुर्गों के प्रशंशा पात्र बनेंगे। नौकरी पेशाओ को आकस्मिक काम आने से परेशानी होगी लेकिन अधिकारी वर्ग को प्रसन्न कर अपनी बात मनवा सकेंगे। मध्यान बाद का समय मित्र परिचितों के साथ आनंद से व्यतीत करेंगे लेकिन स्वभाव में थोड़ा अहम रहने से रंग में भंग पड़ सकता है। लोग मन मे आलोचना करेंगे व्यवहार खराब होने के डर से दर्शाएंगे नही। संध्या के समय किसी समाचार से बेचैनी रहेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका मतलबी व्यवहार किसी ना किसी से मतभेद बढ़ायेगा। दिन के आरंभ में कार्यो के प्रति लापरवाही दिखाएंगे एकदम सर पर आने पर ही करेंगे। आध्यात्मिक पक्ष आज प्रबल रहेगा परोपकार की भावना भी प्रबल रहेगी धार्मिक क्षेत्र की यात्रा दान पुण्य के अवसर मिलेंगे। स्वभाव में दिखावा अधिक रहेगा सार्वजिनक कार्यो में प्रतिस्पर्धा के कारण सहयोग करेंगे। काम-धंदे में आमदनी होगी पर उधारी वाले व्यवहारों में ही चली जायेगी। मध्यान बाद का समय अधिक खर्चीला रहेगा मनोरंजन के लिए आंख बंद कर खर्च करेंगे। परिजन आपकी किसी बुरी आदत से परेशान होंगे। भाई बंधुओ से तकरार होने की संभावना है धर्य का परिचय दें।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका मानसिक संतुलन बराबर नही रहेगा दो कामो को एक साथ करने के प्रयास में गलती होने की संभावना है। धार्मिक कार्यो में रुचि तो रहेगी लेकिन मन कही और ही भटकने से पूजा पाठ का उद्देश्य सफल नही हो सकेगा। व्यावसायिक गतिविधयां किसी अन्य के कारण धीमी रहेंगी। कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय तो रहेगा लेकिन सहयोग की कमी रहने से अकेले विजय नही पा सकेंगे कम लाभ से ही संतोष करना पड़ेगा। गृहस्थ में किसी ना किसी से रूठना मनना लगा रहेगा संध्या के समय खर्च करने के बाद ही स्थिति सामान्य हो पाएगी। धार्मिक स्थल की यात्रा भी हो सकती है। सेहत मध्यान बाद अकस्मात खराब होगी पहके से ही सतर्क रहें भोजन संबंधित नियमो का पालन करें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका अभिमानी स्वभाव कुछ ना कुछ गड़बड़ ही कराएगा। स्वयं को अन्य लोगो की तुलना में अधिक बुद्धिमान समझना आपसी संबंधों में खटास लाएगा। लोग स्वार्थवश आपकी खुशामद करेंगे लेकिन पीठ पीछे बुराई करने से नही चूकेंगे। कार्य व्यसाय को लेकर मध्यान तक व्यस्त रहेंगे मेहनत की तुलना में आज लाभ कम ही रहेगा ऊपर से आकस्मिक खर्च लगे रहने से धन संबंधित परेशानियां उभरेंगी। दोपहर बाद का समय काम से अवकाश लेकर बाहर घूमने में बीतेगा स्नेहीजन का सानिध्य मिलेगा लेकिन व्यवहार में उदासीनता बनी रहेगी। परिवार के बड़ो के साथ कुछ समय अवश्य बिताये इससे आपसी गलतफहमियां दूर होंगी कुछ नया सीखने को मिलेगा। सेहत ठीक रहेगी फिर भी मेहनत से दूर भागेंगे।
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Jeetu dehati: 1️⃣6️⃣❗0️⃣6️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!! अंत का साथी !!*
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एक व्यक्ति के तीन साथी थे। उन्होंने जीवन भर उसका साथ निभाया। जब वह मरने लगा तो अपने मित्रों को पास बुलाकर बोला, “अब मेरा अंतिम समय आ गया है। तुम लोगों ने आजीवन मेरा साथ दिया है। मृत्यु के बाद भी क्या तुम लोग मेरा साथ दोगे?” पहला मित्र बोला, “मैंने जीवन भर तुम्हारा साथ निभाया। लेकिन अब मैं बेबस हूँ। अब मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता।” दूसरा मित्र बोला, मैं मृत्यु को नहीं रोक सकता।
मैंने आजीवन तुम्हारा हर स्थिति में साथ दिया है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मृत्यु के बाद तुम्हारा अंतिम संस्कार सही से हो। तीसरा मित्र बोला, “मित्र! तुम चिंता मत करो। में मृत्यु के बाद भी तुम्हारा साथ दूंगा। तुम जहां भी जाओगे, मैं तुम्हारे साथ रहूंगा।” मनुष्य के ये तीन मित्र हैं- माल (धन), इयाल (परिवार) और आमाल (कर्म)। तीनों में से मनुष्य के कर्म ही मृत्यु के बाद भी उसका साथ निभाते हैं।
*शिक्षा:-*
हमें अच्छे कर्म करने चाहिए। यही वो दौलत हैं जो मरने के बाद भी इंसान के साथ जाती हैं। अतः अच्छे कार्यों में इस अनमोल जीवन को बिताना चाहिए।
*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ Jitendra Kumar: *शयन मुद्रा में हनुमानजी का मंदिर, प्रयागराज 🛕*
प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के समीप स्थित श्री बड़े हनुमानजी मंदिर, भारत के उन विरल मंदिरों में से एक है जहाँ भगवान हनुमान की प्रतिमा शयन मुद्रा में विराजमान है।
लगभग 20 फुट लंबी यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है, और सदियों से संगम क्षेत्र की आस्था का अभिन्न अंग बनी हुई है।
आस्था है कि गंगा की धारा समय-समय पर मंदिर में प्रवेश कर हनुमान जी के चरणों का स्पर्श करती है, जिसे भक्त अत्यंत शुभ मानते हैं।
कुंभ और माघ मेले के समय लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन हेतु पहुँचते हैं, जहाँ भक्ति, इतिहास और लोकविश्वास का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
*🚩मेरी संस्कृति.मेरा देश.मेरा अभिमान 🚩*
Jeetu de: जिला देवरिया के भरावटा गाँव मे संचालित प्राइवेट स्कूल मे पढ़ने वाली इस नाबालिक लड़की का वीडियो सुन मन व्यथित है ये एक राजनीति और जातिवादी से उपर उठकर हिंदुओं के खिलाफ सुयोजित तरीके से फैलाया गया जाल है
लड़की की मां ने उसे समझाया और जब वो न मानी तो उसे अनिरुद्धाचार्य जी की कथा मे ले गई और वहाँ लड़की ने ये खुलासा किया हैं
लव जिहादी चुस्लिम कट्टरपंथी छात्र हिन्दू धर्म की-छात्राओं के साथ दोस्ती करके अपने जाल में फंसाने का कुकर्म कृत्य करने में लगे हुए हैं जबकि यह स्कूल भी हिन्दू धर्म के यादव परिवार द्वारा संचालित होता है और लड़की भी यादव है लड़की की माने तो पूरी की पूरी स्कूल क्लास की छात्राओं को ही फ़साने की कोशिश की जा रही है हिन्दू का स्कूल होने पर यह हाल है तो मुस्लिम संचालित स्कूलों का क्या हाल होता
होगा उसमें और भी बुरे हालात होंगे इससे इंकार नहीं किया जा सकता..... [ यह लोग 18 साल से छोटे बच्चियों को ही टारगेट करते हैं क्योंकि उनमें समझने की क्षमता कम होती है और यह लोग बड़े होते हैं इसलिए लड़कियां इनके बातों में आकर के कुछ भी गलत कार्य कर जाती हैं ]
हिंदुओं को जाति मे बाट कर धर्म विरोधी अपने कार्यों में लगे है..... और वह धीरे-धीरे सफल भी हो रहे हैं सोचना आप सबको है....
JD series: सभी गुरुजन से माफी चाहता हु
मै इन सूअरों के बीच रहकर इनकी औकात दिखा रहा हु
अगर जीवन है तो कोई मार नहीं सकता अगर मौत है तो घर में छुप कर भी मै मौत से बच नहीं सकता
सभी गुरुजन से अपील है इस देश धर्म के काम में मेरा सहयोग करे
मेरे मार्गदर्शक श्री मान राहुल राणा भाई जी हमेशा एक बात बोलते है
भूखे पेट ओर बिना हथियार कोई भी जंग नहीं लड़ी जा सकती
मैने अपने आपको उसी दिन मारा हुआ घोषित कर दिया था जिस दिन मैं सोशल मीडिया पर इस सुअर से भी गिरे मजहब को लात मार कर इस गंदगी से बाहर निकला था क्या आप सभी गुरुजन मेरी इस मानवता की लड़ाई में साथ व सहयोग नहीं कर सकते😭🙏
Tej raf: समाज का एक बहुत बड़ा तबक़ा..
👉 लव जिहाद करता है,
👉 धार्मिक यात्राओं पर पत्थर फेंकता है.
👉 दंगा, तोड़फोड़, आगजनी करने में सबसे आगे रहता है,
👉 खाने - पीने की चीजों को थूक व पेशाब से अपवित्र करके परोसता व बेचता है,
👉 सड़क पर नमा ज़ पढ़ता है,
👉 सार्वजनिक जगहों पर मजारों, म स्जिदों से क़ब्ज़ा करता है,
👉 बेहिसाब आबादी बढ़ाकर देश के संसाधनों पर दबाव बढ़ाता है,
👉 ये तबक़ा जिस गली, मुहल्ले, गाँव, कस्बे में बहुसंख्यक हो गया, तो बाकी लोगों का जीना हराम कर देता है, नतीजा - पलायन या धर्म परिवर्तन
👉 रिश्तों की मर्यादा को न मानते हुए बहनो से शादी करता हैं,
👉 हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए गौ-हत्या करता है, खुले में कुर्बानी करता है,
👉 हिंदू तीर्थस्थलों के पास रास्तों पर 'छ्द्म नाम' से पहचान छिपाकर होटल, ढाबा चलाता है,
👉 अपनी हिस्ट्री को नकारते हुए विदेशी आक्रान्ताओ, मुगलों को अपना अब्बा मानता है,
👉 ये तबक़ा 'राष्ट्र' के विचार को नहीं मानता, बल्कि 'उम्मा' को मानता है,
👉 'संस्कृति' का इस तबके के लिए कोई मायने नहीं, यह 'अरबो कबिलाई कायदों' को ही सब कुछ मानता है,
👉 दूसरे के त्योहारों में न कभी शामिल होता है, न शुभकामनाएं देता है, उल्टा उनमें व्यवधान डालता है,
👉 अपनी औरतों को हलाल करने के लिए शर्मनाक रूप से किसी को भी सौप देता है,
👉 बाल विवाह, बहु विवाह का समर्थन करता है,
👉 'समान नागरिक संहिता' का विरोध करता है,
👉 म्यांमार, गाजा व ईरान जैसे विदेशी मसलों को लेकर अपने में उग्र प्रदर्शन करता है, सार्वजनिक सम्पति को नष्ट करता है,
👉 संविधान को अपनी कथित आसमानी किताब के बाद रखता है, यानि इस तबके के लिए शरीयत, संविधान से ऊपर है,
👉 अवैध घुसपैठ का कभी विरोध नहीं करता, बल्कि उनका समर्थन व संरक्षण करता है,
👉 "भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाल्लाह 2" का नारा लगाता है,अंदर से ऐसी मंशा रखता है,
👉 'भारत माता की जय' नहीं बोलता, वंदेमातरम राष्ट्रगीत नहीं गाता..
..... और इतना सब करने पर भी ये तबक़ा चाहता है कि बाकी सभी लोग इसको समाज का अच्छा, सभ्य व सम्मानित हिस्सा मानें, 🤔 इन हरकतों के चलते क्या ऐसा होना सम्भव है? मुझे तो ऐसा नहीं लगता,.. आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं...!!
(साथ ही, यह भी बता सकते हैं कि किस बिंदु पर मेरा आकलन सही नहीं है 🙏Please Share 🙏)
R: 🙏🏼🙏🏼
मंगलवार : 16 जून, 2026
*!! ॐ गं गणपतए नमः !!*
🔔
*तृतीय ज्योतिर्लिंग*
*महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग*
*उज्जैन धाम से*
*आज के मंगलकारी पावन दर्शन*
🚩🚩
☀️तदनुसार…☀️ *उदयातिथिनुसार* ~
*सूर्योदय* ~ वृन्दावन ~ *5:24:55 am*
📯 *विक्रम संवत् ~ २०८३ : अधिक द्वि. ज्येष्ठ मास* ~ *शुक्ल पक्ष (सुदी)*
* *द्वितीया (०२)* ~ रात्रि (२४:५१:५४) 12:51 am तक
🍂 *तत्पश्चात्* ~
* *द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल (सुदी) ~ तृतीया (०३) शुरू*
🎼🎼🎼🎼🎼 🎼🎼
*पर्व, व्रत एवं त्योहार* आदि का विवरण.. ⤵️
❇️👍 *आज का दिशाशूल ज्ञान…*
* *उत्तर*
* *परिहार* घी या गुड़ खाकर यात्रा की जा सकती है
❇️👍 *रविवार, चतुर्दशी, पूर्णिमा, अमावस्या व व्रत वाले दिन वर्जित..*
* *स्त्री सहवास*
* *तिल का तेल खाना व लगाना*
❇️👍*रविवार तथा शुक्रवार वाले दिन वर्जित*…
* *आंवले का सेवन करना*
तथा..
*आज द्वितीया (०२), मंगलवार के दिन निषेध*
* बृहती (छोटा बैंगन / कटेहरी)
🍂 💜💜🍂
🔆
⭕⭕⭕⭕⭕
🏵️🎷 *आज* ⤵️ ♻️ *मंगलवार* ~ *16 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल (सुदी). , द्वितीया (०२)*
* चन्द्र दर्शन रात्रि 7:14 बजे से 8:41 बजे
☸️☸️ *आगामी* ⤵️
♻️ *बुधवार* ~ *17 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. तृतीया (०३)*
* महाराणा प्रताप जयंती
* रम्भा व्रत
* मरुस्थलीकरण और सूखे का मुकाबला करने हेतु दिवस
♻️ *शुक्रवार* ~ *19 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. पंचमी (०५)*
* मां विंध्यवासिनी पूजा
♻️ *शनिवार* ~ *20 जून* ~
🚩 *द्वि. शु. ज्येष्ठ षष्ठी (०६)*
* विश्व शरणार्थी दिवस
♻️ *रविवार* ~ *21 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. सप्तमी (०७)*
* विश्व / अंतरराष्ट्रीय संगीत दिवस
* राष्ट्रीय योग दिवस
* फ़ादर्स डे
♻️ *सोमवार* ~ *22 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. अष्टमी (०८)*
* मां धूमावती जयंती
* व्यतिपात योग
♻️ *मंगलवार* ~ *22 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. नवमीं (०९)*
* अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस
♻️ *बुधवार* ~ *24 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. दशमी (१०)*
* गंगा दशहरा व्रत
* संयुक्त राष्ट्र लोकसेवा दिवस
♻️ *गुरुवार* ~ *25 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. एकादशी (११)*
* निर्जला एकादशी व्रत
♻️ *शुक्रवार* ~ *26 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. द्वादशी (१२)*
* अंतरराष्ट्रीय नशा विरोध / मुक्ति अभियान दिवस
* अवैध तस्करी विरोध दिवस
* मुहर्रम/ ताजिया
♻️ *शनिवार* ~ *27 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ शु. त्रयोदशी (१३)*
* विश्व मधुमेह जागृति दिवस
♻️ *सोमवार* ~ *29 जून* ~
🚩 *द्वि. ज्येष्ठ श. पूर्णिमा (१५)*
* बट सावित्री व्रत
* संत कबीर जयंती
♻️ *मंगलवार* ~ *30 जून* ~
🚩 *आषाढ़ कृ. प्रतिपदा / पड़वा (०१)*
Jitendra Kumar: जय वीर बजरंगी 💐🙏
अपनी बात रखने के लिऐ लोग ऐसे ही सोचते है
बाते करते है
परंतु यह नही बताया गया कि *हिटलर ( इसाई) ने कितने लाख यहूदियों को गैस चैंवर में भूना।*
घटना पुरानी नहीं है
हमारी तथाकथित आज़ादी से मात्र ७ वर्ष पूर्व की है
क्यों हिटलर ने भूना
कभी सोचा
बही यहूदी आज भून रहे है
ऐसे ही हमें सीखना होगा
सोचना होगा
समस्या मुस्लिम नहीं है
समस्या हमारे मन में व्याप्त विकृति की है
कितने हिंदू अपने आप को कहने बाले हिंदू
हिंदुत्व के आधार पर जीवन व्यतीत कर रहे है
नाम मात्र
पोप की बहां चलती है
शिया धर्म गुरू की चलती है
सुन्नी धर्म गुरू की चलती है
बोद्ध धर्म गुरू की चलती है
जैन धर्म गुरू की चलती है
सिक्ख धर्म गुरू की चलती है
बही हिंदू कहे जाने बालो के बीच किसकी चलती है
हर घर के मुखिया की भी नही
फिर क्या कहना चाहते हो
सोचे
सोचना होगा
हर हर महादेव 💐🙏
शुभेच्छु
शर्मेन्द्र सिंह ( सनातनी हिंदू)
हिंदू रक्षा सेना हरिद्वार
tejraftarnews: *"कुछ ऐसे भक्त होते हैं जिनके लिये प्रभु कहते है कि "मैं इनका ऋणी रहूँगा क्योंकि वे प्रीति करते हैं पर माँगते कुछ नहीं।"*
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ऐसे हैं प्रभु जो भक्त की प्रीति में क्या-क्या नहीं कर देते लेकिन अपनी भनक तक नहीं लगने देते, अपने आप को छुपा लेते हैं।
परन्तु एक हम हैं जो हर कार्य में खुद को आगे आगे कर देते हैं। भक्त भी कभी आगे नहीं आता भगवान को ही आगे रखता है।
एक वृद्धा है ,घर का सारा काम खुद करती है। गाँव में जो मंदिर है उसकी सफाई का काम भी करती है , पूजा पाठ ,व्रत उपवास भी करती है।
पानी भरने का काम वृद्धा होने कारण उससे नहीं होता रोज़ एक महिला आकर पानी भर जाती। एक दिन किसी ने उस महिला को कुछ कह दिया अब वो महिला भी नहीं आई पानी भरने और घर में एक बूंद भी पानी नहीं था। क्या करे भोजन बनाना था, ठाकुर जी को भोग लगाना था।
वृद्धा भगवान से कहती है रोज़ इतने वर्षों से मंदिर जाती हूँ, तेरा काम करती हूँ, आज मुझे पानी नहीं लाकर दे सकता। इतने में दरवाज़े पर आवाज़ 'आई बड़ी अम्मा'
वृद्धा ने पूछा 'कौन है?'
आवाज आई 'मैं पुजारी जी का मंझला पुत्र श्याम हूँ पानी लेकर आया हूँ ,
कल से पानी का प्रबंध हो जाएगा। इस तरह ठाकुर जी नित्य प्रति वृद्धा के यहाँ पानी भरने का कार्य करने लगे।
एक दिन वृद्धा अम्मा के मन में आया कि पुजारी जी का पुत्र रोज पानी भरकर बिना कुछ खाए चला जाता हैं, आज उसके लिए कुछ भोग बनाकर दे आती हूँ।
वृद्धा अम्मा जब भोग बनाकर मंदिर ले जाती है तो पुजारी जी कहते है कि 'अम्मा मेरे पुत्र श्याम को तो अपनी माँ के साथ गाँव गये हुए पुरे डेढ़ महीना हो गया।'
तो देखा आपने ऐसे हैं भगवान..
एक बार कोई प्रेमी भक्त बनकर तो देखे भगवान तो उसके घर पानी भी भरने को तैयार बैठे हैं.....!!!
कामना करें तो भगवान् की करें ।
क्रोध करें तो भगवान् से करें ।
‘क्रोधोऽपि देवस्य वरेण तुल्यः ।’
अगर भगवान् हमारेपर क्रोध भी करेंगे तो वह हमारे लिये ‘वरेण तुल्यः’ वर के तुल्य होगा ।
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नारदभक्तिसूत्र में आया है‒
‘कामक्रोधाभिमानादिकं तस्मिन्नेव करणीयम्’ (६५)
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मानो हमारे लिये कुछ भी करने का विषय परमात्मा बन जाए। कामना करें, चाहे क्रोध करें, चाहे लोभ करें, कुछ भी करें तो भगवान् में ही करें ।
करने से क्या होगा‒
‘तस्मात्केनाप्युपायेन मनः कृष्णे निवेशयेत्।’
किसी प्रकार से भगवान् में मन लगा दें तो हमारा कल्याण ही है । जैसे बिना इच्छा के भी अग्नि के साथ सम्बन्ध करेंगे, स्पर्श करेंगे, भूल से पैर टिक जाए, हमें पता ही नहीं कि यहाँ अंगार है, तो भी वह तो जलायेगी ही‒
‘अनिच्छयापि संस्पृष्टो दहत्येव हि पावकः ।’
ऐसे ही भगवान् का नाम किसी तरह से लिया जाय, भगवान् के साथ किसी तरह से सम्बन्ध किया जाए वैर से भी, प्रेम से भी, भय से भी, द्वेष से भी सम्बन्ध किया जाए, तो वह सम्पूर्ण पापों का नाश करने वाला है‒
‘अशेषाघहरं विदुः’ ---------- यह बात भगवान् के नाम के विषय में बतायी,स्वरूप के विषय में तो कहना ही क्या है ?
भगवान् के साथ सम्बन्ध करने से सम्बन्ध भगवान् के साथ जुड़ जाता है ।
जैसे संसार के साथ सम्बन्ध जुड़ने से हमारा जन्म-मरण होता है‒
‘कारणं गुणसंगोऽस्य सदसद्योनिजन्मसु ।’
‘अस्य गुणङ्गः सत् असत् योनिषु जन्मनः कारणम् ।’
तो हमारे जन्म-मरण का कारण क्या होता है ?
.
‘गुणङ्गः’ गुणों का संग । ऐसे ही निर्गुण में संग हो जायेगा तो वह जन्म-मरण में कारण कैसे होगा ?
यही तो परीक्षित् ने प्रश्न किया है,
वहाँ रास-पंचाध्यायी में कि ‘भगवन् ! गोपियाँ तो भगवान् कृष्ण को सुन्दर पुरुष के रूप में ही जानती थीं, ब्रह्मरूप से नहीं, तो गुणों में दृष्टि रखनेवाली गोपियों का गुणों का संग कैसे दूर हुआ ?’
उसका शुकदेव मुनि ने उत्तर क्या दिया ?
वहाँ कहा है कि ‘भगवान् से द्वेष करनेवाला चैद्य भी परमात्मा को प्राप्त हो गया’‒
‘चैद्यः सिद्धिं यथा गतः’ तो ‘किमुताधोक्षजप्रियाः’
जो भगवान् की प्यारी हैं, उनका कल्याण हो जाए, उसमें क्या कहना !
किसी तरह से ही भगवान् के साथ सम्बन्ध हो जाए, किसी रीति से हो जाए ।
वैर से, प्रेम से, सम्बन्ध से, भक्ति से ,द्वेष से, भय से ।
‘भयात् कंसः,द्वेषाच्चैद्यादयो नृपाः, वृष्णयः सम्बन्धात्, भक्त्या वयम्’ ।
नारदजी ने कहा है’‒‘किसी तरह से भगवान् के साथ सम्बन्ध हो जाये तो वह कल्याण करेगा ही । यह बात है । इस बात को भगवान् जानते हैं और भगवान् के प्यारे भक्त जानते हैं । तीसरा आदमी इस तत्त्व को नहीं जानता है ।’
*।। जय सियाराम जी।।*
*।। ॐ नमः शिवाय।।*
Jeetu dehati: *।।श्रीमद्भगवद्गीता साधक संजीवनी 187 ।।*
अध्याय : 4 | श्लोक : 41
सम्बन्ध :
भगवान्ने तैंतीसवें श्लोकसे ज्ञानयोगका प्रकरण आरम्भ करते हुए ज्ञान-प्राप्तिका उपाय तथा ज्ञानकी महिमा बतायी। जो ज्ञान गुरुके पास रहकर उनकी सेवा आदि करनेसे होता है, वही ज्ञान कर्मयोगसे सिद्ध हुए मनुष्यको अपने-आप प्राप्त हो जाता है—ऐसा बताकर भगवान्ने ज्ञानप्राप्तिके पात्र-अपात्रका वर्णन करते हुए प्रकरणका उपसंहार किया।
अब प्रश्न होता है कि सिद्ध होनेके लिये कर्मयोगीको क्या करना चाहिये? इसका उत्तर भगवान् आगेके श्लोकमें देते हैं।
योगसन्न्यस्तकर्माणं ज्ञानसञ्छिन्नसंशयम्।
आत्मवन्तं न कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय॥ ४१॥
हे धनंजय! योग (समता) के द्वारा जिसका सम्पूर्ण कर्मोंसे सम्बन्ध-विच्छेद हो गया है (और) विवेकज्ञानके द्वारा जिसके सम्पूर्ण संशयोंका नाश हो गया है, (ऐसे) स्वरूप-परायण मनुष्यको कर्म नहीं बाँधते।
धनञ्जय = हे धनंजय!
योगसन्न्यस्त- = योग (समता)
कर्माणम् = के द्वारा जिसका सम्पूर्ण कर्मोंसे सम्बन्ध-विच्छेद हो गया है (और)
ज्ञानसञ्छिन्न- = विवेकज्ञानके
संशयम् = द्वारा जिसके सम्पूर्ण संशयोंका नाश हो गया है, (ऐसे)
आत्मवन्तम् = स्वरूप-परायण मनुष्यको
कर्माणि = कर्म
न = नहीं
निबध्नन्ति = बाँधते।
'योगसन्न्यस्तकर्माणम्’—शरीर, इन्द्रियाँ, मन, बुद्धि आदि जो वस्तुएँ हमें मिली हैं और हमारी दीखती हैं, वे सब दूसरोंकी सेवाके लिये ही हैं, अपना अधिकार जमानेके लिये नहीं। इस दृष्टिसे जब उन वस्तुओंको दूसरोंकी सेवामें (उनका ही मानकर) लगा दिया जाता है, तब कर्मों और वस्तुओंका प्रवाह संसारकी ओर ही हो जाता है और अपनेमें स्वत:सिद्ध समताका अनुभव हो जाता है। इस प्रकार योग-(समता-)के द्वारा जिसने कर्मोंसे सम्बन्ध- विच्छेद कर लिया है, वह पुरुष 'योगसन्न्यस्तकर्मा’ है।
जब कर्मयोगी कर्ममें अकर्म तथा अकर्ममें कर्म देखता है अर्थात् कर्म करते हुए अथवा न करते हुए—दोनों अवस्थाओंमें नित्य-निरन्तर असंग रहता है, तब वही वास्तवमें 'योगसन्न्यस्तकर्मा’ होता है।
'ज्ञानसञ्छिन्नसंशयम्’—मनुष्यके भीतर प्राय: ये संशय रहते हैं कि कर्म करते हुए ही कर्मोंसे अपना सम्बन्ध- विच्छेद कैसे होगा? अपने लिये कुछ न करें तो अपना कल्याण कैसे होगा? आदि। परन्तु जब वह कर्मोंके तत्त्वको अच्छी तरह जान लेता है, तब उसके समस्त संशय मिट जाते हैं। उसे इस बातका स्पष्ट ज्ञान हो जाता है कि कर्मों और उनके फलोंका आदि और अन्त होता है, पर स्वरूप सदा ज्यों-का-त्यों रहता है। इसलिये कर्ममात्रका सम्बन्ध 'पर’-(संसार-) के साथ है, 'स्व’-(स्वरूप) के साथ बिलकुल नहीं। इस दृष्टिसे अपने लिये कर्म करनेसे कर्मोंके साथ सम्बन्ध जुड़ जाता है और निष्कामभावपूर्वक केवल दूसरोंके लिये कर्म करनेसे कर्मोंसे सम्बन्ध-विच्छेद हो जाता है। इससे सिद्ध होता है कि अपना कल्याण दूसरोंके लिये कर्म करनेसे ही होता है, अपने लिये कर्म करनेसे नहीं।
'आत्मवन्तम्’—कर्मयोगीका उद्देश्य स्वरूप बोधको प्राप्त करनेका होता है, इसलिये वह सदा स्वरूपके परायण रहता है। उसके सम्पूर्ण कर्म संसारके लिये ही होते हैं। सेवा तो स्वरूपसे ही दूसरोंके लिये होती है, खाना-पीना, सोना-बैठना आदि जीवन-निर्वाहकी सम्पूर्ण क्रियाएँ भी दूसरोंके लिये ही होती हैं; क्योंकि क्रियामात्रका सम्बन्ध संसारके साथ है, स्वरूपके साथ नहीं।
'न कर्माणि निबध्नन्ति’—अपने लिये कोई भी कर्म न करनेसे कर्मयोगीका सम्पूर्ण कर्मोंसे सम्बन्ध-विच्छेद हो जाता है अर्थात् वह सदाके लिये संसार-बन्धनसे सर्वथा मुक्त हो जाता है (गीता—चौथे अध्यायका तेईसवाँ श्लोक)। कर्म स्वरूपसे बन्धनकारक हैं ही नहीं। कर्मोंमें फलेच्छा, ममता, आसक्ति और कर्तृत्वाभिमान ही बाँधनेवाला है।
Jitendra Kumar: 🙏🌹जयजिनेन्द्र 🌹🙏
🙏🌹सुप्रभात 🌹🙏
*👇 आज की प्रेरणा प्रसंग 👇*
*💐💐बुजुर्गों का महत्व 💐💐*
आजकल बहुत लोग सोचते है की अगर कोई बूढ़ा व्यक्ति है तो उसका कोई महत्त्व नहीं है। किन्तु आज आप लोगों को एक कहानी के माध्यम से बताना चाहता हूँ की बुजुर्गों का महत्त्व क्या है।
एक बार की बात है, एक लड़का था जिसका नाम "रवि" था और वो एक शहर में नौकरी करता था। उसके साथ एक लड़की भी काम करती थी जिसका नाम "कोमल" था। काम करते-करते ये दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और विवाह करने का निश्चय किया। फिर इन दोनों ने अपने- अपने घर में यह बात बताई, लड़के के घर वाले बहुत खुले विचार के थे तो वो बहुत जल्दी मान गए लेकिन लड़की के पिता को ये पसन्द नही था और जब लड़के के घरवाले लड़की के घर लड़की का हाथ मांगने पहुँचे,तो कोमल के पिता ने एक शर्त रख दी की बारात में कोई भी बुजुर्ग व्यक्ति नही आएगा,तो सबने बिना विचारे उनकी वो शर्त मान ली और दोनों परिवार विवाह की तैयारी करने लगे।
सब बहुत प्रसन्न थे क्योंकी आज वो दिन था जब रवि और कोमल का विवाह होना है। तो सब तैयार थे,अब बारात निकलने का समय आया, तभी रवि के दादा ने ज़िद पकड़ ली की वो तो बारात में जायेंगे। सब लोगों ने मना किया लेकिन वो अपने जिद्द पर अडिग ही रहे, उन्होंने कहा - "भले ही मुझे कार की डिग्गी में डाल के ले जाओ, लेकिन में जाऊंगा "। फिर सब लोगो को उनकी बात माननी पड़ी, उन्हें कार की डिग्गी में डाल दिया गया और बारात निकल पड़ी। सब नाचते गाते जा रहे थे, (कोमल के घर से थोड़े दूर में एक नदी थी जिससे पार करने के बाद एक पहाड़ आता था उसके बाद कोमल का घर), जब बारात पूल पार करने वाली थी उन्होंने देखा लड़की के मामा वहा खड़े है। बारात रुक गई, रवि के दोस्त ने कोमल के मामा से पूछा की "क्या हुआ? आप यहाँ क्या कर रहे है?", कोमल के मामा ने कहा की "मैं यहाँ बस तुम लोगों को यह बताने के लिए आया हूँ की अगर तुम लोग अपनी बारात हमारे गाँव मे लाना चाहते हो और ये विवाह करना चाहते हो तो हम लोगों की एक और शर्त है। और वो यह है की - ये जो नदी है इसमे तुम्हे पानी की जगह दूध बहाना होगा"। ये बोलने के बाद वो वहाँ से चले गए।
तब रवि के दोस्तों ने कहा की ये असंभव है इतना दूध कहाँ से लाएंगे, अब ये विवाह नहीं हो सकता और बारात वापस जाने लगी और दूर से कोमल के मामा और पिता ये देख के हँसने लगे।
बारात वापिस हो रही थी तभी एक दोस्त ने कहा विवाह तो होना नही तो दादा जी को भी डिग्गी से बाहर निकाल लो उनका भी क्यों दम घोटना। डिग्गी खोली तो दादा जी ने पूछा "क्या हुआ? हम लोग वापस क्यों जा रहे है?", रवि ने उत्तर दिया "क्योंकि दादाजी उन्होंने विवाह की एक और शर्त रखी है,वो लोग चाहते है की इस नदी में पानी के जगह दूध बहाया जाए जो की असंभव है "।
"बस इतनी सी बात है ?", दादा जी ने कहा। सब उनकी ये बाते सुन के सोचने लगे क्या ये इतनी सी बात है? फिर बुजुर्ग दादा ने कहा "जाओ और कोमल के मामा को बोलो हमने दूध की व्यवस्था कर ली है,,अब तुम लोग इस नदी को खाली करो, जिससे हम इसमे दूध बहा सके। जब ये बात कोमल के पिता को पता लगी, उन्होंने कहा अवश्य उनके साथ कोई न कोई बुजुर्ग व्यक्ति जरूर है जिसने ये समाधान निकाला है !
उसके बाद कोमल के पिता बिना शर्तो के विवाह के लिए मान गए। क्योंकि जिनके ऊपर बुजुर्गों के अनुभव की छत्र छाया होती है वह हर समस्या को बड़ी आसानी से पार कर जाते है। इसके बाद रवि और कोमल की एक अच्छे भविष्य की शुरूवात होती है
*👉शिक्षा💐💐💐*
*आप कितना भी कुछ बन जाएं या कितना भी बड़े हो जाये जो बुजुर्गों के पास जिंदगी के अनुभव है वो आपके पास नहीं। उनका आदर करे।*
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏
Tej raftar news: इब कह देओ ई भी विडीओ भी AI है
ग़जब के ही रूबटी खोर हैं ये पाकिस्तानी हारी मुँह तर माएं
कमेंटेटर खुद कह रहा ये पाकिस्तान वाले कभी नहीं बदलेंगे चाहे मेंस टीम हो या विमेंस टीम
देखिए ना बैटर के खेलने के बाद जानबूझकर बॉल को स्टंप्स पर मारने की कोशिश कऱ रही और
फिर हिट विकेट की अपील भी कर डाली
खुशकिस्मती से, थर्ड अंपायर ने उनकी नापाक चाल समझ ली और सही फैसला सुनाया कि यह नॉट आउट है।
Jeetu dehati: “आज अगर इंदिरा गांधी होती तो हिंदूवादियों पर हिंदुत्ववादियों की बीजेपी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देती, आप कैसे लोग हो जो हिंदूवादी बनाकर पार्टी बना रहे हो" :- अशोक गहलोत राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत दो बातें बोल रहे हैं
पहली बात यह की अशोक गहलोत के अनुसार इंदिरा गांधी को या कांग्रेस को कट्टरपंथी पार्टियों से कोई समस्या नहीं है
क्योंकि भारत का बंटवारा करने वाली मुस्लिम लीग का एक हिस्सा भारत में ही रह गया जो इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग है उससे इंदिरा गांधी को कोई समस्या नहीं होती ओवैसी की पार्टी या पीस पार्टी लगभग 20 से ज्यादा पार्टियों भारत में रजिस्टर्ड हैं उनसे कांग्रेस को या इंदिरा गांधी को कोई प्रॉब्लम नहीं होती
इंदिरा गांधी और कांग्रेस सिर्फ हिंदुओं से हिंदूवादियों से नफरत करती है
दूसरी महत्वपूर्ण बात अशोक गहलोत बता रहे हैं की इंदिरा गांधी हिटलर की तरह एक तानाशाह थी उन्हें भारत के लोकतंत्र में भारत के संविधान में यकीन नहीं था
Tej raftar news: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*
*16- जून - मंगलवार*
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*ट्रम्प बोले- ईरान से समझौता साइन हो चुका: दोबारा हमला करना पड़ा, इसका दुख है; शुक्रवार तक हॉर्मुज पूरी तरह खुल जाएगा*
*1* पीएम मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस' से नवाजे गए; दोनों देशों के बीच 11 समझौते हुए
*2* G7 समिट आज से, PM मोदी स्लोवाकिया से फ्रांस लौटेंगे, US प्रेसिडेंट ट्रम्प भी पहुंचे; नेताओं के बीच ईरान और यूक्रेन पर चर्चा हो सकती है
*3* भारतीय लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का टेस्ट कामयाब, डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है, 1000km दूर बने टारगेट नष्ट करने की क्षमता
*4* TMC में टूट से संसद में NDA मजबूत होगी, लोकसभा में 314, राज्यसभा में 154 सांसद हो सकते हैं; दो-तिहाई बहुमत से 46 और 9 सीट पीछे
*5* आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज; याचिका में दावा- अभी पता और जन्मतिथि का सबूत माना जा रहा
*6* भाजपा की
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