14 जून 14 जून का मुख्य समाचार जो इस तरीके से 14 जून को होने वाले सारे खबरों को आपके सामने प्रदर्शित करते हैं जो आज देखा जा रहा है हिमाचल प्रदेश की सारी जनसंख्या कैसे बिगड़ती जा रही है
अगर आपको कोई हैरान करता है आपको पुलिस की 100 नंबर या 112 नंबर हेल्पलाइन पर आप कॉल करिए पहले अपना फिर दर्ज करिए और उसके बाद में उसे पर कार्यवाही खुद नियम कानून से किया जाता है आपको कुछ ऐसे करने की जरूरत नहीं की काल उठकर आप फस जाए
Tejraftarnews.in: *अब पेट्रोल पंपों पर एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल मिलेगा, पेट्रोल पर अभी लिमिट नहीं*
कालाबाजारी रोकने को केंद्र का आदेश, पेट्रोल पर अभी लिमिट नहीं
फैक्टरियां और बड़ी कंपनियां पेट्रोल पंप से नहीं खरीद पाएंगी तेल
अपनी जरूरत का ईंधन सिर्फ अपने कंज्यूमर पंप से ही लेना होगा
केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने और इसके विनियमन के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत नया आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि किसी भी वाहन या व्यक्ति को एक दिन में पेट्रोल पंप पर 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिलेगा। नए नियम से लंबी तथा मध्यम दूरी के माल परिवहन वाले ट्रकों पर असर पडऩे की संभावना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में खुदरा बिक्री केंद्रों (पेट्रोल पंप डीलरों) को आदेश दिया गया है कि वे डीजल की बिक्री केवल वाहनों के टैंक अथवा पेसो (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से अनुमोदित कंटेनर में ही करेंगे। एक दिन में एक ग्राहक/वाहन को 200 लीटर से ज्यादा डीजल की बिक्री नहीं करेंगे। ऐसे ग्राहकों के लिए भी डीजल की पुन: बिक्री की मनाही होगी। आदेश में फिलहाल पेट्रोल की खुदरा बिक्री की कोई सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन भविष्य में ऐसा करने की गुंजाइश रखी गई है। साथ ही डीजल के साथ इसकी भी जमाखोरी रोकने के लिए कार्रवाई का प्रावधान है। नए आदेश के तहत अब फैक्टरियां और बड़ी कंपनियां पेट्रोल पंप से तेल नहीं खरीद पाएंगी। तत्काल प्रभाव से लागू इस आदेश में कहा गया है कि अब औद्योगिक, कॉमर्शियल और संस्थागत ग्राहक पेट्रोल पंप से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकेंगे। उन्हें अपनी जरूरत का ईंधन सिर्फ अपने कंज्यूमर पंप से ही लेना होगा यानी बड़े खरीदारों के लिए पेट्रोल पंप का रास्ता बंद कर दिया गया है। हालांकि यह पाबंदी अस्थायी है।
आदेश के तहत जारी कोई भी निर्देश शुरुआत में ज्यादा से ज्यादा 90 दिन के लिए लागू रहेगा। जरूरत पडऩे पर सरकार इसे आगे बढ़ा सकती है। साथ ही सरकार चाहे तो किसी ग्राहक, इलाके या लेन-देन को इन नियमों से छूट भी दे सकती है। आदेश को लागू कराने के लिए केंद्र या राज्य सरकार किसी राजपत्रित अधिकारी या कम से कम पुलिस उपाधीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी को तलाशी और अधिग्रहण की शक्ति दे सकती है। तेल कंपनी का सेल ऑफिसर या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी भी यह काम कर सकता है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश और अन्य लागू कानूनों के तहत पेट्रोल और डीजल से संबंधित जमाखोरी, कालाबाजारी, अनधिकृत रूप से उनकी खरीद, जिस उद्देश्य के लिए खरीदा गया है उससे अलग इस्तेमाल और अन्य अनाचारों के विरुद्ध कार्रवाई सहित सभी आवश्यक उपाय करेंगे। इन आदेशों का उल्लंघन आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अनुसार दंडनीय होगा और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
39 रुपए बचाने के लिए की जा रही धोखाधड़ी
देश के कुछ हिस्सों में रिटेल पेट्रोल पंपों पर अचानक पेट्रोल और डीजल की बिक्री बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। जांच में सामने आया कि रिटेल और बल्क कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण फैक्टरियों और कॉमर्शियल यूजर्स ने थोक में तेल मंगाना बंद कर दिया और वे सीधे आम पेट्रोल पंपों से गाडिय़ां भेजकर तेल खरीदने लगे। इससे आम जनता के लिए तेल की किल्लत का खतरा पैदा हो रहा था। गौर करने वाली बात है कि रिटेल पंपों पर डीजल की कीमत 95.20 रुपए प्रति लीटर है, जबकि बल्क में डीजल खरीदने वाले उद्योगों को यही डीजल 134.50 रुपए प्रति लीटर में मिल रहा है। यानी दोनों कीमतों में करीब 39.30 रुपए प्रति लीटर का सीधा अंतर आ गया था। इसी भारी अंतर के कारण बड़े खरीदार रिटेल पंपों की तरफ शिफ्ट हो रहे थे।
Tejraftarnews.in: *कांगड़ा में प्रधान-उपप्रधान शपथ 18 को, सीएम के दौरे में बड़ा बदलाव, प्रदेश के अन्य जिलों में 15 को ही होगी शपथ*
सीएम सुक्खू के दौरे में बड़ा बदलाव, प्रदेश के अन्य जिलों में 15 को ही होगी शपथ
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे अहम जिला कांगड़ा में नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख में बड़ा बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के कार्यक्रमों में हुए फेरबदल के चलते अब शपथ समारोह 15 के बजाय 18 जून को होने की संभावना है। प्रदेश के अन्य सभी जिलों में नवनिर्वाचित प्रधानों व उपप्रधानों का शपथ ग्रहण पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 जून को ही संपन्न होगा, जबकि कांगड़ा के लिए एक अलग और बड़ा आयोजन 18 जून को किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कांगड़ा जिले का यह महाशपथ ग्रहण समारोह प्रसिद्ध दाड़ी ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। पहले मुख्यमंत्री का कांगड़ा दौरा 15 जून को प्रस्तावित था, लेकिन उनके शेड्यूल में बदलाव के कारण अब वह 18 जून को इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा अपने इस कांगड़ा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जिले के कई अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे। कांगड़ा जिला पंचायतों की संख्या के मामले में पूरे प्रदेश में अग्रणी है। इस बार यहां कुल 846 पंचायतों में चुनाव संपन्न हुए हैं। बताया जा रहा है कि दाड़़ी ग्राउंड में होने वाले इस समारोह में लगभग 840 पंचायतों के प्रधान और उपप्रधान एक साथ शिरकत करेंगे। इतनी संख्या में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। ग्राउंड में सुरक्षा व्यवस्था, विशाल पार्किंग, सुव्यवस्थित बैठने की जगह और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच तेजी से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
फिलहाल कार्यक्रम का आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं
अभी प्रशासन की ओर से 18 जून की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार है, लेकिन प्रशासनिक अमले और संबंधित विभागों ने 18 जून के हिसाब से ही दाड़ी ग्राउंड में कार्यक्रम को सफल बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली है। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा का कहना है कि सीएम के कांगड़ा प्रवास में कुछ फेरबदल हो रहा है। हालांकि अभी अधिकारिक शेडयूल जारी होना बाकी है। शपथ ग्रहण के साथ ही नई पंचायतों का कार्यकाल औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
Tejraftarnews.in: *नदी में गिरी कार, दो की मौत, भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर सरसाड़ी में दर्दनाक हादसा, तीन पर्यटक घायल*
कुल्लू के भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर सरसाड़ी के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। दरअसल, एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए पार्वती नदी किनारे जा पहुंची। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा शुक्रवार शाम के समय पेश आया है। इसी दौरान घाटीवासी एवं गोरक्षक और रेस्क्यू दल से जुड़े शेरा नेगी भी इस मार्ग पर सफर कर रहे थे। जैसे ही उन्हें हादसे का पता चला तो, वह गहरी खाई में गिरी कार की तरफ दौड़े। वहीं, उनके साथ मुकेश शर्मा के साथ-साथ स्थानीय लोग और कुछ पर्यटक भी रेस्क्यू करने के लिए मौके पर पहुंचे। शेरा नेगी ने सबसे पहले रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। हादसे में एक लडक़ी और उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अन्य तीन लोग घायल हो गए थे। घायलों में एक महिला, दो लडक़े शामिल हैं।
दो घायलों को मेडिकल कालेज नेरचौक के लिए रैैफर किया गया, जबकि महिला को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचार के लिए लाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। जानकारी के अनुसार एक परिवार के पांच लोग मणिकर्ण घाटी घूमने आए थे, लेकिन सरसाड़ी नामक स्थान पर उनकी कार नंबर पीबी 08 एफके-8223 अनियंत्रित होकर सीधी पार्वती नदी किनारे लुढक़ गई। यह परिवार पंजाब के कपुरथला का बताया जा रहा है। उधर, एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि शुक्रवार शाम के साथ सरसाड़ी के पास एक पंजाब नंबर की कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी। इस हादसे में दो लोगों की मौत और तीन घायल हो गए हैं। परिजनों को हादसे की सूचना दी गई है। शवों को शवगृह कुल्लू में रखा गया है।
ये बने काल का ग्रास
परमिंद्र (45 वर्ष), निधि (19)
हादसे में ये घायल
रीतू (40 वर्ष), मानव (17) आदित्य (6)
Tejraftarnews.in: *सीएम सुक्खू की आधी सैलरी कटती रहेगी, हिमाचल में मंत्रियों-स्पीकर और विधायकों की कटौती बहाल*
हिमाचल सरकार की घोषणा के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष के साथ विधायकों की वेतन में की गई कटौती को बहाल कर दिया है। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जून 2026 के वेतन के साथ कटौती का ये पैसा दे दिया जाएगा। यानी जितनी कटौती अब तक हुई होगी, वह सारी मिल जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री की सैलरी में 50 फीसदी की कटौती 18 अप्रैल की अधिसूचना के अनुसार जारी रहेगी। पिछले हफ्ते वित्त विभाग की समीक्षा बैठक सीएम ने रविवार को की थी।
उसी दिन इस कटौती को बहाल करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद अफसरों के लिए वित्त विभाग ने ऑर्डर किया था और नेताओं के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने आज आदेश जारी किए हैं। इसमें मुख्यमंत्री ने अपनी सैलरी की कटौती को जारी रखा है। उन्हें अब आगामी आदेशों तक आधी सैलरी ही मिलेगी, जबकि अन्य सभी की फुल सैलरी रिस्टोर हो गई है।
दिल्ली से आज लौटेंगे मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू
नीति आयोग की बैठक के लिए दिल्ली गए मुख्यमंत्री का टूअर प्रोग्राम बदला है। वह अब शनिवार को वापस लौटेंगे। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में राजस्व घाटा अनुदान बंद होने, प्राकृतिक आपदा और जीएसटी फार्मूले के कारण हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए और मदद की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्राइड आफ हिल्स के नाम से केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई 25,000 करोड़ की राशि पर्याप्त नहीं है। इसे केंद्र सरकार 50000 करोड़ करे।
Tejraftarnews.in: *हिमाचल में मौसम का नया अलर्ट, मानसून से पहले बाढ़ की चेतावनी, 2 जिलों पर मंडराया ज्यादा खतरा*
हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून ने दस्तक दे दी है और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। तपती गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन इस राहत के साथ ही देवभूमि पर एक बड़ा संकट भी मंडराने लगा है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य में मानसून 25 जून तक एंट्री करेगा, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि मानसून के आने से पहले ही हिमाचल में ‘फ्लैश फ्लड’ यानी अचानक आने वाली बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में बीते कल यानि गुरुवार को तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। गुरुवार रात में ऊंचे पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज बारिश हुई। सोलन के कसौली में सबसे ज्यादा 105 मिमी बादल बरसे। धर्मपुर में 86.6 मिमी, पालमपुर में 40 मिमी, सोलन में 34.6 मिमी, नाहन में 26.7 मिमी और शिमला में 20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हमीरपुर के नेरी में 81KM प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चला। कुल्लू जिला के आनी क्षेत्र में बीते कल बाढ़ जैसा मंजर देखने हो मिला, जहां लगातार बारिश के बाद शमशर नाला उफान पर आ गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए. नाले में भारी मात्रा में पानी और मलबा आने से लोगों में दहशत फेल गई। इतना ही नहीं चंबा के भरमौर में बीती शाम को तेज बारिश के बाद रजेरा के गढ़ नाला में बाढ़ आ गई। इसमें 20 भेड़-बकरियां बह गई। इससे पशुपालक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ। राज्य के अलग अलग भागों में पेड़ गिरने, मलबे में गाड़ियां दबने की घटनाएं भी पेश आई है।
और अब इसी बीच हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने शिमला और मंडी जिला में अगले कुछ घंटों के दौरान बाढ़ का पूर्वानुमान लगाया है।
बचाव उपायों तथा त्वरित प्रतिक्रिया के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि और नुकसान को न्यूनतम करना तथा संस्थानों की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत बनाना है।
मौसम विभाग की चेतावनी अपनी जगह है और प्रशासन की तैयारियां अपनी जगह। लेकिन ऐसे हालातों में सबसे बड़ा बचाव है हमारी खुद की सतर्कता।
कुदरत के इस अलर्ट के बीच, घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही इस मौसम में भारी पड़ सकती है। अगर आप हिमाचल के नदी-नालों के पास रहते हैं या इन दिनों पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, तो कुछ ऐसी बातें हैं जो आपकी जान बचा सकती हैं। नदी, खड्ड या बरसाती नालों के किनारे जाने से पूरी तरह बचें। क्यूंकि पहाड़ी इलाकों में पानी का स्तर मिनटों में बढ़ जाता है। अगर आपके घर खड़ या नदी नालों को नजदीक है तो बारिश के दौरान आप वहां न रहें और किसी सुरक्षित जगह पर शरण लें। कभी भी पैदल या गाड़ी से बहते हुए पानी को पार करने की कोशिश न करें। इसके आलावा इमरजेंसी किट तैयार रखें: एक वाटरप्रूफ बैग में जरूरी दवाइयाँ, टॉर्च, माचिस/लाइटर,संभालकर रखें। बिजली गुल होने की स्थिति से निपटने के लिए अपने मोबाइल और पावर बैंक को हमेशा चार्ज रखें। और स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों और अपडेट्स को लगातार सुनते रहें।
देखिए पहाड़ों का हुस्न जितना खूबसूरत है, मानसून में इसका मिजाज उतना ही खतरनाक हो जाता है। कुदरत ने हमें आगाह कर दिया है, अब बारी हमारी है कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर कितने संजीदा हैं। इस मानसून में खुद भी महफूज रहिए और अपनों का भी ख्याल रखिए।
Tejraftarnews.in: *हिमाचल के 74 पीएम श्री विद्यालयों में बनेंगे ओपन जिम, पढ़ाई के साथ फिटनेस पर भी ध्यान देंगे विद्यार्थी*
स्कूलों में पढ़ाई के साथ फिटनेस पर भी ध्यान देंगे विद्यार्थी
14 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी मिलेंगी आधुनिक फिटनेस सुविधाएं
समग्र शिक्षा प्रदेश के स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दे रहा है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में ओपन जिम स्थापित करने की पहल शुरू की गई है। पहले चरण में राज्य के 74 पीएम श्री विद्यालयों में लगभग 270.10 लाख की लागत से ओपन जिम बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 14 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में भी लगभग 70 लाख की लागत से ओपन जिम स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि छात्राओं को विद्यालय परिसर में ही आधुनिक फिटनेस सुविधाओं का लाभ मिल सके। यह पहल विद्यार्थियों को नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोडऩे स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में फिटनेस के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
समग्र शिक्षा का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा समावेशी और प्रेरणादायी वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और जीवन कौशल का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। ओपन जिम की स्थापना इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में ही व्यायाम और फिटनेस गतिविधियों के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास संभव है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए पीएम श्री विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ओपन जिम स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों में फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित होगी, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगी।
बच्चों के सर्वांगीण विकास को मिल रही मजबूती
समग्र शिक्षा की यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को और मजबूत बना रही है। विद्यालयों में उपलब्ध ओपन जिम सुविधाएं बच्चों को नियमित रूप से व्यायाम करने के लिए प्रेरित करेंगी, जिससे उनमें फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और खेल गतिविधियों में उनकी भागीदारी को भी प्रोत्साहन मिलेगा। नियमित व्यायाम से बच्चों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इसके साथ ही यह तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शारीरिक गतिविधियों से जुड सकेंगे बच्चे
ओपन जिम के उपयोग से छात्र-छात्राएं नियमित शारीरिक गतिविधियों से जुड़ सकेंगे, जिससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच का विकास होगा। विद्यालय परिसर में उपलब्ध ये सुविधाएं बच्चों में कम उम्र से ही फिटनेस की आदत विकसित करने में मदद करेंगी और उन्हें स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
Tejraftarnews.in: *Himachal: हिमफेड ने दूध खरीद पर लगाई लिमिट*
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (हिमफेड) ने दूध खरीद को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हिमफेड ने अपनी प्रसंस्करण क्षमता से अधिक मात्रा में दूध की खरीद होने के कारण फिलहाल प्रति दुग्ध उत्पादक प्रतिदिन अधिकतम 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा तय करने का फैसला किया है। यह निर्णय हिमफेड के निदेशक मंडल की 16 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में लिया गया था। हिमफेड प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में दूध प्रसंस्करण संयंत्र अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक कार्य कर रहे हैं, जिससे कई प्रकार की संचालन संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। इनमें मशीनों की सफाई और सैनिटाइजेशन के लिए पर्याप्त समय न मिलना, दूध भंडारण क्षमता की कमी, उपकरणों पर बढ़ता दबाव, रखरखाव खर्च में वृद्धि तथा नियमित मरम्मत कार्यों के लिए समय की कमी जैसी चुनौतियां शामिल हैं।
हिमफेड ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षमता की सीमाओं के कारण वह नई पंजीकृत दुग्ध सहकारी समितियों से दूध खरीदने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में दूध खरीद की सीमा तय करने का उद्देश्य अधिक से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को इसका लाभ पहुंचाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। हिमफेड मुख्यालय ने मंडी, कांगड़ा, दत्तनगर, नाहन और नालागढ़ इकाइयों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी दुग्ध सहकारी समितियों, दूध उत्पादकों और अन्य हितधारकों को इस निर्णय की जानकारी दें तथा इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट करें। प्रबंधन ने कहा कि यह व्यवस्था अस्थायी है।
Tejraftarnews.in: *काम के बल पर प्रो इनकंबैंसी लाई भाजपा, नड्डा बोले, पिछले वर्षों में भगवा दल ने 75 में से 43 चुनाव जीते*
शिमला में बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पिछले वर्षों में भगवा दल ने 75 में से 43 चुनाव जीते
केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर शिमला में आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाएंगे। ये 12 वर्ष केवल सरकार के कार्यकाल के नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला रखने वाले वर्ष हैं। श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4399 दिनों तक देश के प्रधान सेवक के रूप में कार्य करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता के विश्वास, समर्थन और आशाओं का प्रतीक है। जब देश ने आजादी के 75 वर्ष पूरे किए थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने अमृतकाल का आह्वान करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प रखा था और पिछले 12 वर्षों में उस संकल्प की मजबूत नींव रखी जा चुकी है। वर्ष 2014 से पहले देश की राजनीति जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के इर्द-गिर्द घूमती थी। आम नागरिक यह मान चुका था कि सरकारें बदलती हैं, लेकिन व्यवस्था नहीं बदलती। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सोच को बदलते हुए राजनीति को सेवा, सुशासन और जवाबदेही का माध्यम बनाया। आज आम नागरिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का साहस करता है, क्योंकि उसे विश्वास है कि सरकार उसकी सुनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना, अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाना तथा नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करना ऐसे ऐतिहासिक निर्णय हैं, जिन्हें पहले की सरकारें केवल राजनीतिक कारणों से टालती रहीं। मोदी सरकार को लगातार तीसरी बार जनता का आशीर्वाद मिला है। वर्ष 2014 के बाद हुए तीनों लोकसभा चुनावों में भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। काम के बल पर भाजपा प्रो इनकंबैंसी (सत्ता समर्थक लहर) लाई। पिछले वर्षों में हुए 75 प्रमुख चुनावों में से 43 में भाजपा और एनडीए को विजय प्राप्त हुई है। आज देश के 78 प्रतिशत नागरिक भाजपा और एनडीए शासित राज्यों में रहते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में चार लाख 30 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सडक़ें बनाई गई हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14,400 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सडक़ नेटवर्क विकसित किया गया है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। हिमाचल प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख परिवारों को गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
नक्सलवाद और आतंकवाद को नियंत्रित किया
आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने वाला राष्ट्र बन चुका है। नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास, सडक़, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।
Tejraftarnews.in: *ग्रामीण सडक़ों को अंतिम चरण में टेंडर प्रोसेस, विभाग ने 164 सडक़ों के निर्माण को लेटर ऑफ अवार्ड किया जारी*
लोक निर्माण विभाग ने 164 सडक़ों के निर्माण को लेटर ऑफ अवार्ड किया जारी
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना चार के पहले फेज में बनने वाली सडक़ों की टेंडर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। लोक निर्माण विभाग ने करीब 164 सडक़ों की प्रक्रिया पूरी करते हुए लेटर ऑफ अवार्ड भी जारी कर दिया है, जबकि कुछ सडक़ों की वित्तीय मूल्यांकन चल रहा है, वहीं शेष सडक़ों के टेंडर को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि लोक निर्माण विभाग इस माह तक सडक़ों के निर्माण हेतु टेंडर का प्रोसेस पूरा कर लेगा। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत राज्य में 294 सडक़ों का निर्माण होना है। इन सडक़ों के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग ने टेंडर संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने का काम अप्रैल माह में ही आरंभ कर दिया था, लेकिन बाद में प्रदेश में पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों की घोषणा के चलते आदर्श आचार संहिता लग गई। नतीजतन योजना के तहत बनने वाली सडक़ों की टेंडर प्रक्रिया पर भी विभाग को विराम लगाना पड़ा। अब आचार संहिता हटने के तुरंत बाद लोक निर्माण विभाग ने अब युद्धस्तर पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कवायद चलाई। लिहाजा प्रदेश के अलग-अलग विभागीय सर्कल की 164 के करीब सडक़ों के निर्माण हेतु लेटर ऑफ अवार्ड भी इश्यू कर दिया है।
पता चला है कि 44 टेंडर की वित्तीय मूल्यांकन की प्रक्रिया विभाग में चल रही है, जिसे पूरा होने के बाद आगामी औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा और तदोपरांत एलओए जारी होगा। जानकारी मिली है कि विभाग के मंडी सर्कल में कुल 14 टेंडर थे और सभी के एलओए जारी हो चुके हैं। इसी तरह सोलन, नाहन, पालमपुर, नूरपुर, बिलासपुर और ऊना जैसे सर्कल में भी अधिकतर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल्लू सर्कल में 39 टेंडरों में से 23 वित्तीय मूल्यांकन के चरण में हैं, जबकि 16 टेंडर तकनीकी मूल्यांकन या रीकॉल प्रक्रिया में हैं। शिमला सर्कल में 41 टेंडरों में से 30 को एलओए जारी हो चुका है, जबकि शेष की प्रक्रिया भी विभाग की ओर से निपटाई जा रही है। विभाग के रामपुर सर्कल के तहत पीएमजीएसवाई फोर के कुल 58 टेंडर लगाए गए थे, जिनमें से 17 को लेटर ऑफ अवार्ड जारी होने की सूचना है। पता चला है कि योजना के तहत निर्मित होने वाली कुछ टेंडर की प्रक्रिया अन्य कारणों के चलते रुकी हुई है। माना जा रहा है कि इस माह में विभाग प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना चार के तहत निर्मित होने वाली सडक़ों की टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लेगा।
Tejraftarnews.in: *अफीम के साथ दो तस्कर अरेस्ट, शिमला पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों की गाड़ी भी जब्त*
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो लोगों को करीब 915 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस की स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अफीम बरामद करने के साथ-साथ उनके वाहन को भी जब्त कर लिया है। 10 और 11 जून की मध्यरात्रि को स्पेशल सेल शिमला की टीम यातायात जांच और अपराधों की रोकथाम के लिए छोटा शिमला, ढली, मशोबरा, बसंतपुर, सुन्नी, कधरघाट और जलोग क्षेत्रों में गश्त कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक वाहन में नशीला पदार्थ ले जाया जा रहा है। पुलिस ने संबंधित वाहन को रोककर तलाशी के दौरान वाहन के डैशबोर्ड से लगभग 915 ग्राम अफीम बरामद हुई। वाहन में सवार दो व्यक्तियों की पहचान दिनेश ठाकुर (45) निवासी भोग, ठियोग और धर्मेंद्र हिमराल (33) निवासी बनूना, सुन्नी के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना सुन्नी में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बस सवार युवक से चिट्टा बरामद
सोलन। सोलन पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने एक युवक को 5.48 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शमलेच के समीप हरियाणा रोडवेज की एक बस को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान बस सवार युवक की तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से चिट्टा बरामद हुआ।
Tejraftarnews.in: *राहुल बोले, कमजोर पीएम नहीं कर सकते भारत माता के बेटों की रक्षा*
राहुल गांधी ने अमरीकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को लेकर तीखी आलोचना की है। राहुल गांधी ने कहा कि कमज़ोर प्रधानमंत्री भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते। उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि उनमें भारतीय नागरिकों की जान जाने के लिए जिम्मेदार लोगों का सामना करने की हिम्मत और ताकत नहीं है। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि तीन दिनों के अंदर इंटरनेशनल पानी में तीन जहाजों पर हुए अमरीकी हमलों में तीन भारतीय मारे गए हैं और हमारे मजबूर प्रधानमंत्री एक शब्द भी नहीं बोल पाए। जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करती है, तो प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए। लेकिन भगवान न करे कि वह एक शब्द भी बोलें।
अगले हफ्ते जी7 में, हमारे नाविकों की हत्या के कुछ ही दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौतों पर साइन करेंगे, लेकिन उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास कहने को एक शब्द भी नहीं होगा। एक मजबूर प्रधानमंत्री भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकता, क्योंकि उनमें उन लोगों का सामना करने की हिम्मत या ताकत नहीं है, जिन्होंने उन बेटों की जान ली।
Tejraftarnews.in: *अमरीका का दोहरा रवैया समझ से परे, जयशंकर बोले, US ने खुद रूसी तेल खरीदने को कहा, फिर टैरिफ लगा दिया*
रूस से तेल आयात को लेकर प्रतिबंध लगाने और फिर उसे हटाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमरीका को आड़े हाथों लिया है। फिनलैंड के कुलतारांता में जयशंकर ने कहा कि अमरीका सैंक्शन पॉलिसी बदलता ही रहता है। उन्होंने कहा कि अमरीका ने ही रूस से तेल आयात को बढ़ावा देने की बात कही और बताया कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आएगी। इसके बाद वही प्रतिबंध लगाता है और फिर छूट देता है। जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन पर हमले के बाद भी भारत ने रूस से तेल आयात करना इसलिए नहीं बंद किया, क्योंकि हमें अपने देश की ऊर्जा सुरक्षा को देखना है। यह भूराजनैतिक परिदृश्य से कहीं ज्यादा जरूरी है। जयशंकर ने कहा कि उपलब्धता और कीमतों के आधार पर भारत तेल का आयात निर्धारित करता है।
उन्होंने कहा कि रूस के पास तेल की अच्छी मात्रा उपलब्ध थी। यूरोप के ज्यादातर देश पश्चिम एशिया से तेल खरीद रहे थे। ऐसे में परिस्थितियों के आधार पर भारत ने रूस से तेल खरीद बढ़ा दी। जयशंकर ने कहा कि अमरीका ने ही रूस से तेल खरीदने को लेकर बढ़ावा दिया था। भारत रूस से तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में से एक बन गया। जयशंकर ने कहा कि अब देखिए अमरीका क्या कर रहा है। पहले रूस से तेल खरीदने के नाम पर ही हम पर टैरिफ लगा दिया। इसके बाद खुद ही अपने प्रतिबंधों को हटा लेता है। जयशंकर ने कहा कि अमरीका के बार-बार बदलने के बाद भी अपना स्टैंड नहीं बदला।
यूरोपीय हथियारों से भारत पर होते हैं हमले
जयशंकर ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर हो रही आलोचनाओं का करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का निर्णय पूरी तरह से ‘राष्ट्रीय हित’ और ऊर्जा आवश्यकताओं पर आधारित है। उन्होंने पश्चिमी देशों के ‘दोहरे मापदंडों’ को उजागर करते हुए कहा कि जब यूक्रेन युद्ध के बाद बाजार में रूसी तेल उपलब्ध था, तो भारत ने अपनी जरूरत के हिसाब से उसे खरीदा। जयशंकर ने इस बहस में एक बेहद गंभीर और कड़वा सच सामने रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी यूरोपीय देश पर भारतीय हथियारों से हमला नहीं किया गया है, लेकिन काश मैं भारत के संदर्भ में यूरोपीय हथियारों के लिए भी यही कह पाता। उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि यूरोप लंबे समय से ऐसे हथियार बेच रहा है, जिनका उपयोग भारत के खिलाफ किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने कभी यूरोप को नुकसान पहुंचाने वाला कोई कदम नहीं उठाया।
Tejraftarnews.in: *कोलकाता की सरकारी बिल्डिंग में आग, 4000 ईवीएम खाक, 10 क्षेत्रों में हुआ था प्रभावित ईवीएम का इस्तेमाल*
विधानसभा चुनावों में 10 क्षेत्रों में हुआ था प्रभावित ईवीएम का इस्तेमाल
पश्चिम बंगाल में तृणमूल की टूट से मचे सियासी घमासान के बीच कोलकाता में चौंका देने वाली घटना सामने आई है। कोलकाता के अलीपुरद्वार इलाके में एक बिल्डिंग में आग लगने से 4000 ईवीएम जल गई हैं। आग लगने के बाद लगभग 24 घंटे तक फायर सर्विस के कर्मचारी आग बुझाने में लगे रहे। घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बंगाल सरकार में फायर और एमरजेंसी सर्विस के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा आग में करीब 4000 ईवीएम नष्ट हो गईं। इन ईवीएम का इस्तेमाल राज्य में इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 10 निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था। कौशिक चौधरी ने कहा कि यह सामान्य आग नहीं लगती।
Tejraftarnews.in: *India vs Afghanistan First ODI : धर्मशाला में डे-नाइट मैच आज, दोपहर 1:30 बजे से मुकाबला*
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दोपहर बाद 1:30 बजे से भारत-अफगानिस्तान के बीच मुकाबला
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में शनिवार को भारत और अफग़ानिस्तान के बीच पहला वनडे मुकाबला खेला जाएगा। वनडे में टीम इंडिया के आगे भले ही अफगानिस्तान का रिकॉर्ड कोई खास नहीं रहा है, लेकिन फिर भी इस मैच के रोमांचक होने की उम्मीद है। दोपहर 1:30 से शुरू होने वाले पहले डे-नाइट वनडे मैच को लेकर न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों, बल्कि खिलाडिय़ों में भी खासा उत्साह है। धर्मशाला में देश भर सहित अफगानिस्तान से भी प्रशंसक दुनिया के बड़े क्रिकेट खिलाडिय़ों को मैदान पर खेलते देखने के लिए पंहुच रहे हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान हिटमैन रोहित शर्मा, कप्तान शुभमन गिल, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर और अन्य भारतीय स्टार खिलाड़ी पहले ही धर्मशाला पहुंच चुके हैं, जिससे क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह और बढ़ गया है। एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने कहा कि इंद्रूनाग देवता के आशीर्वाद से मैच की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और एसोसिएशन एक और यादगार इंटरनेशनल मैच की मेज़बानी करने के लिए उत्साहित है।
धर्मशाला में टीम इंडिया का दबदबा
धर्मशाला में भारतीय टीम ने अब तक कुल पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इन मैचों में भारतीय टीम को तीन में जीत मिली और दो में हार का सामना करना पड़ा। धर्मशाला में पहला वनडे मैच 27 जनवरी, 2013 को भारत बनाम इंग्लैंड के बीच खेला गया, जिसमें इंग्लैंड ने सात विकेट से जीत हासिल की थी। वहीं 17 अक्तूबर, 2014 को भारत बनाम वेस्टइंडीज मैच में भारत 59 रन से जीता। इसके बाद 10 दिसंबर, 2017 को भारत बनाम श्रीलंका के बीच हुए मुकाबले में श्रीलंका ने सात विकेट से जीत हासिल की। 16 अक्तूबर, 2016 भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला हुआ, जिसे भारत ने जीता है। 22 अक्तूबर, 2023 को ही भारत बनाम न्यूजीलैंड (विश्व कप) के मैच में भारत चार विकेट से जीत दर्ज की। वहीं, धर्मशाला में अब तक कुल नौ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं। धर्मशाला में आखिरी मैच विश्व कप का था, जो कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 28 अक्तूबर, 2023 को खेला गया था।
भारत का पलड़ा भारी
भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए एकदिवसीय मैचों की बात करें, तो अब तक इन दोनों टीमों के बीच चार एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने तीन में जीत हासिल की है, जबकि एक मैच टाई रहा है। ऐसे में अफगानिस्तान अभी तक भारत के साथ हुए एकदिवसीय मुकाबलों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाया है।
मोर्ने मोर्केल बोले; विराट कोहली की कमी खलेगी, युवा खिलाडिय़ों के लिए बड़ा मौका
धर्मशाला। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा कि विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी का टीम में नहीं होना निश्चित रूप से महसूस होता है, लेकिन इससे अन्य खिलाडिय़ों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। धर्मशाला में मोर्केल ने कहा कि आगामी विश्व कप और दक्षिण अफ्रीका दौरे को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन अधिक से अधिक विकल्प तैयार रखना चाहता है। इसी सोच के तहत युवा खिलाडिय़ों गुरनूर और प्रिंस को भी टीम में शामिल किया गया है।
Tejraftarnews.in: *डीएलएड-टेट परीक्षाएं 17 को, दस हजार अभ्यर्थी आजमाएंगे किस्मत, एडमिट कार्ड जारी*
हिमाचल प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक अहम खबर है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला ने आगामी 17 जून 2026 को होने वाली दो वर्षीय डीएलएड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) और टेट परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोर्ड ने इन दोनों महत्त्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) भी उपलब्ध करवा दिए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने टीईटी जून-2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाली पंजाबी और उर्दू विषय की शिक्षक पात्रता परीक्षा का कार्यक्रम शुक्रवार को जारी कर दिया है। बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार यह दोनों परीक्षाएं आगामी 17 जून बुधवार को आयोजित की जाएंगी।
बोर्ड के अनुसार पंजाबी टेट परीक्षा 17 जून बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक आयोजित होगी। बता दें कि इस परीक्षा में प्रदेश भर से 89 अभ्यर्थी भाग लेंगे। वहीं उर्दू टेट परीक्षा इसी दिन दोपहर के दो बजे से शाम साढ़े चार बजे तक होगी, जिसमें केवल सात अभ्यर्थी ही शामिल होंगे। तकनीकी समस्या या जानकारी के लिए बोर्ड के दूरभाष नंबर 01892-242192 पर संपर्क करें।
67 केंद्रों में होगी डीएलएड परीक्षा
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन, डीएलएड सत्र 2026-28 में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट -2026 का आयोजन 17 जून बुधवार को किया जाएगा। यह परीक्षा प्रदेशभर में स्थापित 67 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी।बोर्ड के अनुसार इस वर्ष डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए नौ हजार 984 आवेदन सही पाए गए हैं।
Tejraftarnews.in: *डिपो की बोरियों में 300 ग्राम आटा कम, सिविल सप्लाई कारपोरेशन की टीम ने चैक किया राशन, रिपोर्ट तैयार कर भेजी*
खाद्य एवं आपूर्ति निगम के गोदामों से प्रदेशभर के 5200 के करीब सस्ते राशन के डिपुओं में दिए जाने होने वाले राशन की सप्लाई सवालों के घेरे में आ गई है। हालांकि लंबे समय से आरोप लग रहे थे कि जो आटा, चावल और चीनी डिपुओं को सप्लाई होती है, उसकी मात्रा कम होती है। पूर्व में अफसर यह तर्क देते रहे कि 50-100 ग्राम कई बार बोरी फटी होने के कारण निकल जाता है, लेकिन जब पांच से सात किलोग्राम तक का अंतर सामने आया, तो निगम के अधिकारी भी लाजबाव नजर आए। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेशाध्यक्ष के डिपो में राशन चैक करने के लिए सिविल सप्लाई कारपोरेशन की टीम पहुंची। जब सील्ड आटे की बोरियों को चैक किया गया, तो 300 ग्राम से अधिक आटा कम निकला। डिपार्टमेंट की ओर से इस बारे में रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है, लेकिन एक्शन होता है या फिर लीपापोती यह देखने वाली बात होगी।
डिपुओं मं राशन कम पहुंचने से राशन कार्ड धारकों को राशन पूरा करना मुश्किल हो रहा है। जिला कुल्लू के निरमंड, सदर ब्लॉक कांगड़ा, हमीरपुर और जिला चंबा के भरमौर और सुंडला से ताजातरीन मामले सामने आ चुके हैं। इनमें डिपो संचालकों ने बेइंग मशीनों पर राशन से भरी सील्ड बोरियां रखकर फोटो प्रसारित किए हैं, जिनमें किसी में तीन, किसी में पांच, तो किसी में सात किलोग्राम राशन कम निकला है। इस बारे मे सिविल सप्लाई कारपोरेशन के अधिकारियों की ओर से तर्क दिया गया था कि कुछ सप्लाई फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के गोदामों से होती है, तो कुछ सीधे आटा मीलों से। ट्रक के हिसाब से वजन चैक किया जाता है। डिपो संचालक समिति के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कवि ने बताया कि जो आटा मीलें गड़बड़ कर रही हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
तेल भी 12 के बजाय 11 लीटर
निगम पर आरोप यह भी लगे हैं कि निगम के गोदामों से डिपुओं पर भेजी गई खाद्य तेल की पेटियों में भी 12 लीटर के बजाय 11 लीटर खाद्य तेल ही निकलता है। इसकी शिकायत भी कई बार खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग व खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों से की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
Tejraftarnews.in: *महिला ने ठेकेदार-मुंशी पर लगाया दुराचार का आरोप, चंबा मेडिकल कालेज की सफाई कर्मचारी ने थाने में दी शिकायत*
पं जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में आउटसोर्स पर कार्यरत सफाई कर्मी महिला ने ठेकेदार व मुंशी पर दुराचार करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा तीन महिला सफाई कर्मियों ने ठेकेदार व मुंशी पर मानसिक तौर से प्रताडि़त करने का आरोप जड़ा है। पुलिस ने आरोपी सफाई ठेकेदार व मुंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को शुक्रवार दोपहर बाद पुलिस रिमांड हेतु अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
मेडिकल कालेज में कार्यरत आउटसोर्स महिला सफाई कर्मी ने महिला ने ठेकेदार व मुंशी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई कि इन दोनों ने उसका शारीरिक शोषण किया है। इस दौरान तीन महिला सफाई कर्मियों ने भी ठेकेदार व मुंशी पर संगीन आरोप जड़े हैं। पुलिस ने इसको लेकर तत्परता से कार्रवाई करते हुए ठेकेदार व मुंशी को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया। उधर, एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि की है।
Yt: *TMC में 169 रोबोटिक सर्जरी का रिकॉर्ड, आपरेशन सफल, नौ माह के भीतर अस्पताल ने स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करवाया नाम*
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल ने 169 रोबोटिक सर्जरी कर इतिहास रच दिया है। नौ महीनों के अंदर ही जनरल सर्जरी की 79 रोबोटिक सर्जरी, यूरोलॉजी की 53 रोबोटिक सर्जरी, गायनी की 36 रोबोटिक सर्जरी कर टांडा अस्पताल ने स्वर्णिम अक्षरों में नाम दर्ज किया। टांडा अस्पताल में लगभग नौ महीने पहले शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी ने 169 मरीजों को राहत पहुंचाते हुए बाहरी राज्यों की भाग दौड़ से भी निजात दिलाई है। इन 169 रोबोटिक सर्जरी में भी कई ऐसी क्रिटिकल सर्जरी की गई हैं जो कि सामान्यत हिमाचल प्रदेश में नहीं की जाती हैं। हैनिको लैक्टोनी, एलएआर, एपीआरए व्हिप्ल, फिस्टुला, पेल्विक लिंपली जैसी कई मेजर रोबोटिक सर्जरी की गई। कालेज प्रधानाचार्य डा. मिलाप ने अस्पताल में मौजूद स्टाफ को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि टांडा मेडिकल कालेज में 169 रोबोटिक सर्जरी सफल रही है।
प्रधानाचार्य के बोल
टांडा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि इसका पूरा श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल तथा आरएस बाली को जाता है जिनके अथक प्रयासों से यह जटिल रोबोटिक सर्जरी संपन्न हो पाई हैं। प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि टांडा ने 169 रोबोटिक सर्जरी कर सुनहरे अक्षरों में नाम दर्ज किया है।
मरीजों को राहत
नौ महीनों के अंतराल में ही ऐतिहासिक सर्जरी करके मरीजों को राहत पहुंचाई है। टांडा मेडिकल कालेज में रोबोटिक सर्जरी करने से दूरदराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है जहां पहले उन्हें इस तरह की सर्जरी के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता था जिससे मरीजों का समय और पैसा दोनों व्यर्थ में खर्च होता था।
Tejraftarnews.in: *जिंदगी के पुर्जों की अल्मारियों में मौत, कार्डियोलॉजी विभाग में कैथ लैब की अल्मारियों में मिले एक्सपायर्ड स्टेंट-बैलून और कैथेटर*
टीएमसी के कार्डियोलॉजी विभाग में कैथ लैब की अल्मारियों में मिले एक्सपायर्ड स्टेंट-बैलून और कैथेटर
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में कैथ लैब में एक्सपाइरी डेट के स्टेंट कैथेटर, बैलून सहित अन्य आपरेशन का सामान पाया गया। टांडा मेडिकल कालेज के कार्डियोलॉजी विभाग तथा अमृत फार्मेसी की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा ने कैथ लैब का औचक निरीक्षण किया। टांडा मेडिकल कालेज के कार्डियोलॉजी विभाग में कैथ लैब में प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा, डिप्टी एमएस अरविंद राणा, डा. नरेश राणा, संदीप डोगरा, फार्मासिस्ट, अमृत फार्मेसी के मैनेजर सहित कैथ लैब का स्टाफ मौजूद रहा। औचक निरीक्षण में पाया गया कि जरूरत से ज्यादा स्टेंट, कैथेटर, बैलून कैथ लैब की अल्मारियों में भरे हुए थे, जबकि इनकी इतनी जरूरत कैथ लैब में नहीं थी। कैथ लैब में 415 स्टेंट, 316 बैलून तथा कैथेटर रखे हुए थे। कुछ कैथेटर स्टेंट की डेट भी एक्सपायर हो चुकी थी।
2025 को कुछ की डेट एक्सपायर हो चुकी थी। अमृत वेंडर के मैनेजर से भी प्रधानाचार्य ने इस विषय पर खूब लंबी बातचीत और उन्हें पूछा कि इतना अधिक सामान कैथ लैब की अल्मारियों में क्यों भर कर रखा है, जबकि इसकी जरूरत नहीं होती है। 30 से 50 स्टेंट ही कैथ लैब में पर्याप्त होते हैं। टीएमसी का कार्डियोलॉजी विभाग पिछले छह महीनों से सुर्खियों में है। पहले डाक्टरों का कार्डियोलॉजी विभाग को छोड़ कर जाना और अब स्टेंट और कैथेटर की एक्सपायरी डेट्स का मुद्दा गरमा गया है, लेकिन कुछ भी हो सबसे ज्यादा परेशानियां मरीजों को ही झेलनी पड़ रही हैं। कभी डाक्टरों की कमी के चलते प्राइवेट अस्पतालों का रुख करने को मजबूर होना पड़ता है, तो कभी स्टेंट की एक्सपायरी डेट का डर। कुछ मरीजों को डर भी सताने लगा है कि कहीं एक्सपायरी डेट के स्टेंट ही तो नहीं डाल दिए गए हों। फिलहाल टांडा मेडिकल कालेज प्रशासन ने इसके ऊपर इन्क्वारी बैठा दी है और सभी तथ्यों की गहनता से जांच के बाद ही घोटाले का खुलासा हो पाएगा।
Tejraftarnews.in: *सशक्त पशुपालन अर्थव्यवस्था की नींव रखेगी पॉलिसी*
‘हिमाचल प्रदेश चराई नीति-2026’ मंजूर, चराई सलाहकार समितियों के मामलों की समीक्षा कर जारी परमिट
पशुपालकों की आजीविका में सुधार लाने और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश चराई नीति-2026’ को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में तैयार की गई इस महत्त्वाकांक्षी नीति के तहत अब पारंपरिक और कठोर प्रतिबंधों के स्थान पर वैज्ञानिक और लचीला दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इस नीति के तहत पशुपालन विभाग के सहयोग से वन विभाग एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेगा जिसमें अगले छह माह के भीतर पशुपालकों को अपना नाम, पता, पशुओं की संख्या, पारंपरिक चराई मार्ग और पड़ाव स्थलों का पंजीकरण करवाना होगा। इस प्रणाली के माध्यम से पशुपालकों की जानकारी को आधार पर आधुनिक विधि से हिम परिवार और भारत पशुधन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी पहचान और विवरण का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। इस नीति की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि उन पारंपरिक पशुपालकों को भी मान्यता दी जाएगी, जो वर्षों से बिना किसी औपचारिक अनुमति के चराई कार्य करते रहे हैं।
ऐसे पशुपालक अब अपना पंजीकरण करवा सकेंगे, जिसके बाद स्थानीय चराई सलाहकार समितियां उनके मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार नए परमिट जारी करेंगी। राज्य के वन क्षेत्रों के संरक्षण और पुनर्जीवन को सुनिश्चित करने के लिए नीति में क्रमबद्ध चराई व्यवस्था (रोटेशनल ग्रेजिंग) का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत चराई सलाहकार समितियां समय-समय पर चराई गतिविधियों की समीक्षा करेंगी। वन संरक्षक और जिला वन अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करने वाली ये समितियां प्रत्येक पांच वर्ष में पर्यावरणीय परिस्थितियों के आधार पर चराई परमिटों की समीक्षा करेंगी। नीति के अनुसार, ऐसे चराई परमिट जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है या जो अनुपस्थित व्यक्तियों के नाम पर हैं, उन्हें विस्तृत जांच के बाद रद्द किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध चराई क्षमता को ग्राम सभाओं के माध्यम से सक्रिय और वास्तविक पशुपालकों को आबंटित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू कहते हैं
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि चराई नीति-2026 हमारी ‘हरियाली भी, खुशहाली भी’ की सोच को साकार करती है। यह हमारे चरागाहों की रक्षा करती है, पशुपालक परंपराओं का सम्मान करती है और पशुधन पर निर्भर परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाती है। यह नीति पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समृद्धि के बीच संतुलन स्थापित करते हुए राज्य में एक समावेशी, टिकाऊ और सशक्त पशुपालन अर्थव्यवस्था की नींव रखेगी।
Tejraftarnews.in: *नगर निगमों को मिलेंगे मेयर-डिप्टी मेयर, विभाग ने जारी की अधिसूचना, 29 को शपथ ग्रहण समारोह*
हिमाचल प्रदेश की चार नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर की ताजपोशी की घड़ी नजदीक आ रही है। शहरी विकास विभाग ने चुने गए पार्षदों को शपथ दिलाने सहित मेयल और डिप्टी मेयर के चुनाव का रास्ता भी साफ कर दिया है। 29 जून को चारों नगर निगमों में शपथ ग्रहण करने के साथ ही मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी किया जा सकता है। निगमों में सबंधित डीसी शपथ दिलाएंगे और पहली बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। शहरी विकास विभाग ने शुक्रवार केा एक अधिसूचना जारी कर सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों के नवनिर्वाचित पार्षदों का पहला अधिवेशन 29 जून को आयोजित करने की घोषणा कर दी है।
इस अधिसूचना के अनुसार इन चारों नगर निगमों में इस दिन महापौर और उपमहापौर के चुनाव भी होंगे। विभाग ने जिला उपायुक्तों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। सोलन, मंडी और कांगड़ा के उपायुक्तों को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीसी ही अधिवेशन की अध्यक्षता करेंगे। पार्षदों को शपथ दिलाएंगे और महापौर-उपमहापौर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाएंगे। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि बैठक संबंधित नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में कहीं भी आयोजित की जा सकती है, जिसका निर्णय अधिकृत अधिकारी ही करेंगे।
महापौर-उपमहापौर जरूरी
नगर निगम चुनाव 2026 की मतगणना 31 मई को हुई थी और परिणाम भी घोषित कर दिए गए थे। ऐसे में अब महापौर और उपमहापौर के चुनाव के साथ ही इन शहरों में स्थानीय स्वशासन की नई पारी शुरू होने जा रही है। धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन में नए नेतृत्व का चयन स्थानीय विकास की दिशा तय करेगा। विशेष रूप से धर्मशाला, जो हिमाचल की शीतकालीन राजधानी भी है, में महापौर का चुनाव काफी रोचक माना जा रहा है। प्रमुख सचिव (शहरी विकास) की ओर से जारी अधिसूचना की प्रति राज्य निर्वाचन आयोग, शहरी विकास निदेशालय और संबंधित उपायुक्तों व नगर निगमों को भेज दी गई है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर अब सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्षदों के बीच गठबंधन और समीकरण बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। 29 जून का दिन इन चारों नगर निगमों के लिए न सिर्फ प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्त्वपूर्ण साबित होने वाला है।
Tejraftarnews.in: *धर्मशाला में DC ऑफिस की दीवार से टकराई निजी बस, बच्चों सहित 12 यात्री जख्मी*
जिला मुख्यालय धर्मशाला के सिविल बाजार क्षेत्र में शुक्रवार को एक सडक़ हादसा पेश आया। धर्मशाला से पालमपुर की ओर जा रही एक निजी बस ओवरटेक करने के प्रयास के दौरान अनियंत्रित होकर डीसी ऑफिस की दीवार से जा टकराई। हादसे में बस में सवार करीब 12 लोग घायल हो गए, जिसमें कुछ बच्चे भी बताए जा रहे हैं। इसमें बस के ओवरटेक करने के प्रयास के दौरान छोटा टैंपो भी चपेट में आया है, जिसमें चालक व सवार व्यक्ति को भी चोटे आई हैं। सभी घायलों का जोनल अस्पताल धर्मशाला में उपचार चल रहा है। जिसमें अधिक गम्भीर घायल अवस्था नहीं बताई जा रही है, हालांकि सिटी स्कैन, एक्सरे व अन्य उपचार चल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, हादसा दोपहर के समय हुआ है, जब स्कूलों की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे पैदल अपने घरों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान निजी बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और डीसी ऑफिस की दीवार से जा भिड़ी। दुर्घटना में एक दर्जन के करीब लोगों को चोटें आईं। बस चालक सुरिंदर पाल ने बताया कि सिविल बाजार क्षेत्र में यातायात जाम था। जैसे ही उन्होंने वाहन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, बस के ब्रेक ने काम नहीं किया। चालक के अनुसार, किसी बड़े हादसे को टालने के लिए उन्होंने बस को जानबूझकर दीवार की ओर मोड़ दिया, जिससे वाहन दीवार से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को तुरंत जोनल अस्पताल धर्मशाला पहुंचाया गया।
Tejraftarnews.in: *चुराह की बघेईगढ़ पंचायत में वार्ड सदस्य चुनाव परिणाम पर उठे सवाल*
चंबा। बघेईगढ़ पंचायत के वार्ड सदस्य पद के चुनाव परिणाम क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
चुनाव में हार-जीत का फैसला पर्ची से होने के बाद पराजित *प्रत्याशी बबली ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपकर जांच की मांग की है।* उन्होंने बताया कि 28 मई को वार्ड सदस्य पद के लिए मतदान हुआ था। वार्ड में 211 मत डाले गए। इनमें एक मत अमान्य घोषित किया गया। दो मत नोटा के पक्ष में पड़े। वैध मतों की संख्या 208 रही। दोनों प्रत्याशियों को 104-104 मत मिले। बराबरी की स्थिति में विजेता का चयन पर्ची से किया गया। इसमें बबली के प्रतिद्वंद्वी को विजयी घोषित किया गया। अब बबली ने परिणाम को चुनौती देते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि चुनाव में एक ऐसे मतदाता ने मतदान किया जिसका नाम कथित तौर पर दो अलग-अलग पंचायतों की मतदाता सूचियों में दर्ज था। आरोप है कि संबंधित मतदाता का नाम विवाह के बाद नई पंचायत की मतदाता सूची में शामिल होने के बावजूद उसके पैतृक निर्वाचन क्षेत्र की सूची से नहीं हटाया गया।
बबली ने कहा कि यदि मतदाता सूची का सही ढंग से पुनरीक्षण किया गया होता तो उक्त मतदाता का नाम बघेईगढ़ की मतदाता सूची में नहीं होता। ऐसी स्थिति में वैध मतों की संख्या 208 के बजाय 207 होती और चुनाव में बराबरी की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उनका आरोप है कि एक कथित रूप से अवैध मत ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया है। वहीं, यह प्रकरण मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। *उधर, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया* कि शिकायत मिली है, पुलिस मामले की जांच में जुट गई हैं। जांच के बाद ही पूरे मामले में कुछ कहा जा सकता है।
Tejraftarnews.in: *चंबा में बट्ट आईटीआई बोंखरी मोड़ में 19 को होगा रोजगार मेला*
चंबा। बट्ट आईटीआई बोंखरी मोड़ में रोजगार मेले का आयोजन 19 जून को होगा। बट्ट ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूटस के चेयरमैन परवेज अली बट्ट ने यह जानकारी दी।
*उन्होंने बताया कि एलायंस जॉब्स पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और हरियाणा की प्रतिष्ठित विनिर्माण एवं औद्योगिक कंपनियों के साथ मिलकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही है*। कंपनी मशीन ऑपरेटर, असेंबली ऑपरेटर, इलेक्ट्रिकल तकनीशियन, फिटर, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, मोटर मेकेनिक व्हीकल (एमएमवी), डीजल मेकेनिक, ट्रैक्टर मेकेनिक, वायरमैन, स्टिचिंग ऑपरेटर, पीसीबी ऑपरेटर, एसएमटी ऑपरेटर, प्रोडक्शन एसोसिएट, सीएनसी ऑपरेटर, हेल्पर और क्वालिटी इंस्पेक्टर आदि पदों के लिए साक्षात्कार लेगी। शैक्षणिक योग्यता आठवीं, दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, डिप्लोमा धारक और बीटेक पास रखी गई है। कंपनी के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति मोहाली, बद्दी, परवाणू और फगवाड़ा स्थित औद्योगिक इकाइयों में की जा सकती है। बट्ट ने बताया कि साक्षात्कार दौरान चयनित उम्मीदवारों को 15,500 रुपये से 25,500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन, ओवरटाइम सुविधा, उपस्थिति बोनस, ईपीएफ एवं ईएसआई जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। संवाद
Tejraftarnews.in: *चंबा में सफाई ठेकेदार पर लगे शारीरिक शोषण आरोपों के मामले में आया नया मोड़*
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में सफाई ठेकेदार पर शारीरिक शोषण के आरोपों के मामले में नया मोड़ आ गया है।
*अब अन्य सफाई कर्मियों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस अधीक्षक से मिल मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।* सफाई कर्मचारी सुनीता, कंचन, नंदनी, नीतू आशा, कमला और द्वारका सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि ठेकेदार पर लगाए गए आरोप सरासर निराधार और गलत हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें ठेकेदार के साथ काम करते 20 से 25 वर्ष हो चुके हैं लेकिन ऐसा मामला कभी सामने नहीं आया। ये महिलाएं किस मंशा से यह आरोप लगा रही हैं, इसकी गहनता से जांच की जाए। जो गलत है, उसे सजा मिलनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक आरोप लगाने वाली महिलाओं को काम से नहीं हटाया जाता है, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगी।
Tejraftarnews.in: *हिमाचल: लाखों राशन उपभोक्ताओं को राहत, 15 जून के बाद मिलेगा सरसों का तेल*
*सरकारी राशन डिपो में उपभोक्ताओं को मिलने वाला तोता मार्का सरसों तेल नहीं मिलेगा। इसके स्थान पर अब उपभोक्ताओं को अदाणी समूह की कंपनी का सरसों तेल उपलब्ध होगा।*
हिमाचल प्रदेश के लाखों राशन उपभोक्ताओं के लिए 15 जून के बाद डिपो में सरसों के तेल की सप्लाई फिर शुरू हो जाएगी। इस बार सरकारी राशन डिपो में उपभोक्ताओं को मिलने वाला तोता मार्का सरसों तेल नहीं मिलेगा। *इसके स्थान पर अब उपभोक्ताओं को अदाणी समूह की कंपनी का सरसों तेल उपलब्ध होगा। इस बार सरसों के तेल को लेकर किए टेंडर में अदाणी समूह की कंपनी को सरकारी डिपो में सरसों के तेल की सप्लाई का ऑर्डर मिला है।* विभाग के अनुसार 15 जून तक निगम के सभी गोदामों में सरसों के तेल की सप्लाई पहुंच जाएगी। खाद्य आपूर्ति निगम ने प्रदेशभर के डिपो के लिए 27 लाख लीटर सरसों के तेल की मांग भेजी है।
निगम के अनुसार, प्रदेश के करीब 19.5 लाख राशन उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। जिसमें जिला ऊना में एक लाख 40 हजार राशन कार्ड हैं और करीब साढ़े पांच लाख उपभोक्ता शामिल हैं। महंगाई का असर सरकारी डिपो में मिलने वाले सरसों के तेल पर भी पड़ा है। पहले के मुकबाले में सरकारी डिपो में मिलने वाले तेल के दाम में इस बार सात रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पहले सरकारी डिपो में सरसों का तेल 153 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था। अब नए दाम के अनुसार उपभोक्ताओं को सरसों का तेल 160 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा।
निगम के अधिकारियों के अनुसार जिला ऊना के सरकारी डिपो में पिछले तीन महीनों से सरसों के तेल की सप्लाई नहीं मिल रही है। ऐसे में इस बार 15 जून को डिपो में सरसों का तेल मिलेगा। बताया जा रहा है कि अगर डिमांड के अनुसार जिले को सरसों के तेल की सप्लाई मिलती है तो उपभोक्ताओं को पिछले तीन महीनों बचा हुआ कोटा दी दिया जाएगा।
जल्द ही डिपो में सरसों के तेल सप्लाई हो जाएगी। अगर तेल की खेप पूरी मिलती है तो उपभोक्ताओं को पिछले तीन महीनों का कोटा भी दे दिया जाएगा। -राजीव शर्मा, नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ऊना
Tejraftarnews.in: *TMC में 169 रोबोटिक सर्जरी का रिकॉर्ड, आपरेशन सफल, नौ माह के भीतर अस्पताल ने स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करवाया नाम*
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल ने 169 रोबोटिक सर्जरी कर इतिहास रच दिया है। नौ महीनों के अंदर ही जनरल सर्जरी की 79 रोबोटिक सर्जरी, यूरोलॉजी की 53 रोबोटिक सर्जरी, गायनी की 36 रोबोटिक सर्जरी कर टांडा अस्पताल ने स्वर्णिम अक्षरों में नाम दर्ज किया। टांडा अस्पताल में लगभग नौ महीने पहले शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी ने 169 मरीजों को राहत पहुंचाते हुए बाहरी राज्यों की भाग दौड़ से भी निजात दिलाई है। इन 169 रोबोटिक सर्जरी में भी कई ऐसी क्रिटिकल सर्जरी की गई हैं जो कि सामान्यत हिमाचल प्रदेश में नहीं की जाती हैं। हैनिको लैक्टोनी, एलएआर, एपीआरए व्हिप्ल, फिस्टुला, पेल्विक लिंपली जैसी कई मेजर रोबोटिक सर्जरी की गई। कालेज प्रधानाचार्य डा. मिलाप ने अस्पताल में मौजूद स्टाफ को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि टांडा मेडिकल कालेज में 169 रोबोटिक सर्जरी सफल रही है।
प्रधानाचार्य के बोल
टांडा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि इसका पूरा श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल तथा आरएस बाली को जाता है जिनके अथक प्रयासों से यह जटिल रोबोटिक सर्जरी संपन्न हो पाई हैं। प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि टांडा ने 169 रोबोटिक सर्जरी कर सुनहरे अक्षरों में नाम दर्ज किया है।
मरीजों को राहत
नौ महीनों के अंतराल में ही ऐतिहासिक सर्जरी करके मरीजों को राहत पहुंचाई है।
Frequently Asked Questions
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)