आज सुबह से शाम तक मुख्य सामाचार और राशिफल पंचांग *पाकिस्तानी मुस्लिम ने मोहम्मद साहब के पूरे खानदान की पोल खोल कर रख दी 😂👆🏽*

*फास्ट फूड जैसे पिजा आदि शरीर के लिए फायदेमंद नहीं हैं...* *यह बात किन-किन को पता...* *वीडियो देखिए...!!* 😇

Jun 22, 2026 - 05:51
Updated: 18 hours ago
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आज सुबह से शाम तक मुख्य सामाचार और राशिफल पंचांग *पाकिस्तानी मुस्लिम ने मोहम्मद साहब के पूरे खानदान की पोल खोल कर रख दी 😂👆🏽*
Jitendra Kumar

Jitendra Kumar: पिछले 24 घंटों में कश्मीर में क्या हुआ:

• बिजली विभाग के कर्मचारी मोहम्मद शफी को लश्कर के आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया।

• वन विभाग के कर्मचारी तारिक अहमद को जैश के आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल मदद देने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया।

• हिज़्बुल के तीन आतंकवादियों - एज़ाज़ अहमद, अरबाज़ अहमद और नासिर अहमद - को ग्रेनेड और विस्फोटक के साथ गिरफ़्तार किया गया।

इन सभी कश्मीरी मुसलमानों के पास सरकारी नौकरी और सरकारी फ़ायदे थे, और उनका करियर भी स्थिर था, फिर भी उन्होंने जिहाद का रास्ता चुना। वे सिर्फ़ जिहाद के लिए जीते और मरते हैं। लेकिन मीडिया और वामपंथी इकोसिस्टम हमसे यह उम्मीद करते हैं कि हम यह मानें कि कश्मीरी पंडितों का नरसंहार महज़ एक मनगढ़ंत कहानी थी और आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।

గత 24 గంటల్లో కాశ్మీర్.

• లష్కర్ ఉగ్రవాదులకు ఆశ్రయం కల్పించిన ఆరోపణలపై విద్యుత్ శాఖ ఉద్యోగి మహ్మద్ షఫీ అరెస్టు.

• జైష్ ఉగ్రవాదులకు లాజిస్టికల్ మద్దతు అందించినందుకు అటవీ శాఖ ఉద్యోగి తారిఖ్ అహ్మద్ అరెస్టు.

• ముగ్గురు హిజ్బుల్ ఉగ్రవాదులు ఐజాజ్ అహ్మద్, అర్బాజ్ అహ్మద్ మరియు నాసిర్ అహ్మద్ గ్రెనేడ్లు, పేలుడు పదార్థాలతో అరెస్టు.

ప్రభుత్వ ఉద్యోగాలు, ప్రభుత్వ ప్రయోజనాలు, స్థిరమైన కెరీర్లు ఉన్న కాశ్మీరీ ముస్లింలందరూ జిహాద్‌ను ఎంచుకున్నారు. వారు బ్రతికేది జిహాద్ కోసమే. కానీ మీడియా మరియు వామపక్ష వ్యవస్థ, కాశ్మీరీ పండిట్ల మారణహోమం ఒక కట్టుకథ అని, ఉగ్రవాదానికి ఇస్లాంతో సంబంధం లేదని మనం నమ్మాలని ఆశిస్తున్నాయి.

Jitendra Kumar: ... #हैप्पी_फादर्स_डे़_बेटीयों_को_समर्पित

जब तक पिता जिंदा रहता है, बेटी मायके में हक़ से आती है और घर में भी ज़िद कर लेती है और कोई कुछ कहे तो डट के बोल देती है कि मेरे बाप का घर है। 

पर जैसे ही बाप मरता है और बेटी आती है तो वो इतनी चीत्कार करके रोती है कि, सारे रिश्तेदार समझ जाते है कि बेटी आ गई है।

#और 

वो बेटी उस दिन अपनी हिम्मत हार जाती है, क्योंकि उस दिन उसका बाप ही नहीं उसकी वो हिम्मत भी मर जाती हैं।

आपने भी महसूस किया होगा कि बाप की मौत के बाद बेटी कभी अपने भाई- भाभी के घर वो जिद नहीं करती जो अपने पापा के वक्त करती थी, जो मिला खा लिया, जो दिया पहन लिया क्योंकि जब तक उसका बाप था तब तक सब कुछ उसका था यह बात वो अच्छी तरह से जानती है।

आगे लिखने की हिम्मत नहीं है, 

बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि बाप के लिए बेटी उसकी जिंदगी होती है, पर वो कभी बोलता नहीं और बेटी के लिए बाप दुनिया की सबसे बड़ी हिम्मत और घमंड होता है, 

पर बेटी भी यह बात कभी किसी को बोलती नहीं हैं॥ 

      #बाप_बेटी_का_प्रेम_समुद्र_से_भी_गहरा_होता_है

Jeetu dehati: रिपोर्टर : "...आपके हिसाब से दुनिया के 2 सबसे शक्तिशाली नेता कौन हैं....!!...मेरे हिसाब से एक तो शी जिंगपिंग हैं....आपके हिसाब से दूसरे कौन हैं....!!

ट्रम्प : "...मोदी....भारत ने उनके नेतृत्व मे मजबूत आर्थिक विकास हासिल किया है....वो युद्ध से दूर रहते हैं...जो बहुत समझदारी भरा कदम है

        "मैंने अपनी पूरी जिन्दगी भारत को देखा है....वहां लगातार बदलाव होते रहते थे....होते रहते थे....कोई व्यक्ति 6 महीने के लिए आता था फिर कोई एक साल के लिए लेकिन फिर मोदी आए और वो लगातार 12 साल से ज्यादा समय से नेतृत्व में हैं"

        "उनके अंदर एक ग़ज़ब की शांति है....लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वो शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं......वे एक बहुत ही मजबूत और कठोर निर्णय लेने वाले व्यक्ति हैं "

मोदी विरोधियों को ट्रम्प एक के बाद एक शॉक दे रहे हैं.

Jeetu dehati: फिलहाल चल रहे "पारिवारिक दल कमजोर करो" अभियान में एक इंट्रेस्टिंग चीज नोटिस कीजिये -

इस बार ऑपरेशन लोटस डायरेक्ट नहीं हो रहा है बल्कि NDA के सहयोगी "हमजा अली मजारी" बनकर सब कर रहे हैं.

TMC के बागी भाजपा में नहीं उस छोटे दल में आए.

महाराष्ट्र में वो हमजा एकनाथ शिंदे है.

और इधर UP में राजभर ने रहमान डकैतों का जीना मुहाल कर रखा है.

गजब राजनीति चल रही है.

Jeetu dehati: यह वीडियो आप लोग जरूर देखिए कि वामपंथी किस तरह से प्रोपेगेंडा फैलाते हैं ..

बरखा दत्त ने एक बार लालू यादव का इंटरव्यू लिया था और लालू यादव उस वक्त गोलवलकर जी की लिखी किताब दिखाकर कहते थे कि इस किताब में लिखा हुआ है कि दलित यदि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश करें तब उन्हें धक्के मार कर बाहर निकाल देना चाहिए

 बरखा दत्त ने उनसे यह सवाल नहीं किया कि आप किताब का पन्ना खोल कर मुझे दिखाइए कि कहां लिखा है बल्कि बरखा दत्त उसकी हां में हां मिलाती रही

 अब आप पूरी सच्चाई देखिए और सोचिए यह दोगले कितने नीच हैं और किस तरह से अपना प्रोपेगेंडा समाज में फैलाते हैं

Jeetu dehati: 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚'𝐬 𝐢𝐧𝐜𝐫𝐞𝐝𝐢𝐛𝐥𝐞 𝐭𝐞𝐜𝐡𝐧𝐨𝐥𝐨𝐠𝐢𝐜𝐚𝐥 𝐞𝐯𝐨𝐥𝐮𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐢𝐬 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐥𝐞𝐭𝐞𝐥𝐲 𝐫𝐞𝐝𝐞𝐟𝐢𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐞 𝐠𝐥𝐨𝐛𝐚𝐥 𝐥𝐚𝐧𝐝𝐬𝐜𝐚𝐩𝐞! 

* Becoming the world's third-largest startup ecosystem with over 2 lakh thriving startups. 🌐

* Developing UPI into the largest real-time payment system globally. 💳

* Transforming local manufacturing through pioneering 'Make in India' initiatives. 🏭

* Achieving historic breakthroughs in AI, defence tech, and space exploration, like Chandrayaan. 🛰️

Jeetu dehati: *मोदी पर फिल्म बनी तो हीरो कहां से लाएगा हॉलीवुड? डोनाल्ड ट्रंप का दिलचस्प बयान*

* ट्रंप की पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी सिर्फ एक तारीफ नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करती है।

*2014 से 2026 के बीच दुनिया ने देखा:*

• अमेरिका में 4 राष्ट्रपति

• जापान में 4 प्रधानमंत्री

• ब्रिटेन में 6 प्रधानमंत्री

• जर्मनी में 3 चांसलर

• फ्रांस में 2 राष्ट्रपति

• पाकिस्तान में 6 प्रधानमंत्री

• कनाडा में 3 प्रधानमंत्री

• ऑस्ट्रेलिया में 4 प्रधानमंत्री

• इटली में 5 प्रधानमंत्री

* इन देशों की कुल आबादी: 106 करोड़+

* वहीं 140 करोड़ आबादी वाले भारत में सिर्फ एक प्रधानमंत्री — नरेंद्र मोदी।

यह केवल राजनीतिक निरंतरता नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के विश्वास और जनादेश की कहानी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को दुनिया के महान नेताओं में गिनते हुए कहा कि उन्होंने भारत में स्थिरता लाई, मजबूत नेतृत्व दिया और लंबे समय तक जनता का भरोसा बनाए रखा।

*जब दुनिया के कई देशों में नेतृत्व बदलता रहा, तब भारत ने एक दशक से अधिक समय तक स्थिर नेतृत्व का अनुभव किया।*

*ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर मोदी या शी पर फिल्म बनाई जाए, तो हॉलीवुड में उनकी भूमिका निभाने के लिए कोई सही एक्टर नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि मोदी का व्यक्तित्व बिल्कुल अलग है और दुनिया भर में उनका काफी सम्मान किया जाता है. ट्रंप ने बताया कि वह मोदी को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उन्हें बेहद सख्त व मजबूत नेता मानते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी के व्यक्तित्व के कई ऐसे पहलू हैं, जिन्हें उन्होंने करीब से जानकर समझा है.*

Jeetu dehati: *डिग्री पर 'इंडिया' की जगह देश का नाम 'भारत' लिख रहीं यूनिवर्सिटीज*

* विश्वविद्यालयों की डिग्री, मार्कशीट्स, कॉरेस्पॉन्डेंस, माइग्रेशन और यहां तक की साइनबोर्ड्स पर भी इंडिया शब्द हट गया है. इसकी जगह अब भारत शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है.

*"इंडिया" से "भारत" — अपनी सभ्यता की ओर एक वापसी।*

* देशभर के कई विश्वविद्यालय अब डिग्री, मार्कशीट और आधिकारिक दस्तावेज़ों पर "इंडिया" की जगह "भारत" मुद्रित करना शुरू कर रहे हैं।

* "भारत" केवल एक नाम नहीं है। यह एक ऐसी विरासत का प्रतीक है जिसकी जड़ें हजारों वर्ष पुरानी भारतवर्ष की अवधारणा में हैं, जो विश्व की सबसे प्राचीन सतत सभ्यताओं में से एक मानी जाती है।

*जब राष्ट्र अपने भविष्य का निर्माण करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाते हैं, तो वे और अधिक सशक्त बनते हैं।*

* आर्थिक विकास से लेकर तकनीकी नवाचार तक, और अब अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति नए आत्मविश्वास के साथ, भारत वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत कर रहा है।

* डिग्री पर नाम भले ही अलग दिखाई दे, लेकिन इसका संदेश स्पष्ट और प्रेरणादायक है: अपनी जड़ों को जानिए। अपनी सभ्यता पर गर्व कीजिए। आत्मविश्वास के साथ भविष्य का निर्माण कीजिए।

*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 21 जून को मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह (Convocation) में शामिल होना है. दिलचस्प बात ये है कि इस समारोह में दी जाने वाली सभी डिग्रियों पर देश का नाम 'इंडिया' की जगह 'भारत' लिखा होगा.*

Jeetu dehati: *Trump’s Praise For PM Modi, Xi Jinping Gets A Hollywood Twist: ‘Can’t Cast Them...’*

*Trump's praise for PM Modi comes with a striking global perspective.*

*From 2014 to 2026, the world witnessed:*

• 4 Presidents in the USA

• 4 Prime Ministers in Japan

• 6 Prime Ministers in the UK

• 3 Chancellors in Germany

• 2 Presidents in France

• 6 Prime Ministers in Pakistan

• 3 Prime Ministers in Canada

• 4 Prime Ministers in Australia

• 5 Prime Ministers in Italy

* Combined population: 106+ crore.

* Bharat(140 crore people): Just ONE Prime Minister — Narendra Modi.

Leadership is not measured by years alone, but sustained public trust. Trump's remarks highlighted PM Modi's longevity, stability, and leadership style, describing him as one of the most influential leaders on the global stage.

As governments changed across the world, India witnessed continuity, stability, and a leadership mandate renewed repeatedly by the people.

*“If you make a movie about them, you won’t find men in Hollywood," he said, suggesting that leaders like PM Modi and Xi Jinping possess qualities that are difficult to replicate or portray on screen.*

Jitendra Kumar: *From Chhattisgarh To Madhya Pradesh, Universities Replace 'India' With 'Bharat' On Degrees And Mark Sheets*

*From "India" to "Bharat" — a return to civilizational roots.*

* Universities across the country are beginning to print "Bharat" instead of "India" on degrees, marksheets, and official documents.

*"Bharat" is not just a name. It is a legacy that dates back thousands of years to Bharatavarsha, the land of King Bharata and one of the world's oldest continuous civilizations.*

* Nations become stronger when they embrace their heritage while building their future.

* From economic growth to technological innovation, and now a renewed confidence in our cultural identity, Bharat is reclaiming its place on the global stage.

*A degree may carry a different name, but the message is powerful: Know your roots. Take pride in your civilization. Build the future with confidence.*

*President Droupadi Murmu is scheduled to attend a convocation at Rani Durgavati University in Jabalpur, Madhya Pradesh, on Sunday, June 21, where all degrees to be awarded will carry “Bharat” instead of “India.”*

Jitendra Kumar: जो कहते हैं ईरान बड़ी 

बहादुरी से लड़ा, वो देखें 

कैसी बहादुरी से ईरान ने 

एक गायिका को 74 कोड़े 

मारने की सजा दी है -

भारत के मुस्लिमों को ऐसा 

शरिया चाहिए क्या?

ईरान अमेरिका युद्ध में ईरान के लिए गीत गाने वालों की कमी नहीं है कि ईरान बड़ी बहादुरी से लड़ा और अमेरिका को घुटनों पर ला दिया - एक पत्रकार को मैं अभी सुन रहा था - वो कह रहे थे अमेरिका ईरान की सत्ता बदलने के लिए 100 लोग भी नहीं जुटा सका और पूरा ईरान एकजुट खड़ा है - अरे भाई तानाशाही के सामने तो डर के मारे सब एकजुट ही रहेंगे वरना क़त्ल कर दिए जाते हैं और यही हाल चीन में है -

ईरान जब बंदूक की गोली से जब 45,000 विरोधियों को मौत के घाट उतार देगा, तो विद्रोह कैसे होगा - कश्मीर में मुस्लिम 600 करोड़ रुपए और गहने लेकर खड़े हो गए थे ईरान को नज़राना देने के लिए - अनेक मुस्लिम भारत में कहते हैं कि उन्हें संविधान नहीं शरिया चाहिए - राजनीतिक दल तो मुस्लिम प्रेम में अंधे हो चुके हैं और उनके लिए वो हिंदुओं का कत्लेआम भी करने में पीछे नहीं हटेंगे जबकि बांग्लादेश में हुई हिंदुओं पर बर्बरता और कल भगवान राम की प्रतिमा के अपमान पर सब खामोश हैं - इतना ही नहीं फिलिस्तीन के नारे लगाते हैं और फिलिस्तीन का “पर्स” लेकर चलते हैं, “All Eyes on Rafah” और “All Eyes on Gaza” के पोस्टर लिए घूमते हैं ये रुदाली गैंग -

लेकिन ऐसे लोग आज ईरान से ही आई एक खबर पर खामोश हैं - अब अरफ़ा खानुम ईरान की घटना पर खामोश रहेंगी क्योंकि उसे बस भारत के मुसलमानों पर कथित “खौफ” दिखाई देता है मोदी का - बुरका हिज़ाब वो भी नहीं पहनती तो अब वो खुद ही बताए कि इसके लिए क्या उसे शरिया के अनुसार सजा क्यों न दी जाये -

ईरान की गायिका Parastoo Ahmadi को और उसकी प्रोडक्शन टीम के 8 सदस्यों को ईरान की एक अदालत ने 74 कोड़े मारने की सजा दी है और दो वर्षों तक देश छोड़ने पर प्रतिबंध तथा दो वर्षों तक किसी भी कलात्मक गतिविधि में भाग लेने पर प्रतिबंध की सजा सुनाई है - यह कठोर दंड वर्ष 2024 में यूट्यूब पर वायरल हुए एक वीडियो के कारण दिया गया, जिसमें उन्होंने अनिवार्य हिजाब के बिना एक देशभक्ति गीत गाया था-

क्या कसूर था इन लोगों का - दिसंबर 2024 में परस्तू अहमदी ने एक ऑनलाइन संगीत कार्यक्रम में प्रसिद्ध देशभक्ति गीत Az Khoone Javanane Vatan प्रस्तुत किया - इस दौरान उन्होंने हिजाब नहीं पहना था और बिना आस्तीन (स्लीवलेस) पोशाक धारण की हुई थी

ईरान के Qom Province की एक आपराधिक अदालत ने उन्हें और उनकी टीम को "सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करने" तथा इंटरनेट पर "अश्लील और अनैतिक सामग्री" प्रसारित करने का दोषी ठहराया और कल उन्हें 74 कोड़ों की सजा के अतिरिक्त, कलाकारों पर दो वर्षों तक विदेश यात्रा करने पर प्रतिबंध तथा दो वर्षों तक सभी प्रकार की कलात्मक गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है -

सुना है कुछ मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है - उनका मानना है कि यह निर्णय कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं के मूलभूत अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है - 

इतना बहादुर है ईरान जो अपनी महिलाओं को हिज़ाब न पहनने के लिए कोड़े मारता है - लेकिन उसे कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला क्योंकि इस्लामिक मुल्क अपने हिसाब से इस्लाम की व्याख्या करने में माहिर हैं - 

और हमारे देश का सेक्युलर गिरोह ऐसे मामलों में खामोश रहना पसंद करता है - वो यहाँ मकबूल फ़िदा हुसैन की हिन्दू देवी देवताओं की बनाई गई नग्न पेंटिंग्स को अभिव्यक्ति की आज़ादी मानता है जो ईरान जैसे मुल्क में नहीं होनी चाहिए - यहाँ उसके वोट बैंक को सब कुछ मिल रहा है लेकिन NEET परीक्षा में उनकी लड़कियां बुरका पहन कर जाएंगी जबकि पेपर लीक के मामले के बाद आज पूरी स्वच्छता से परीक्षा हुई - 

(सुभाष चन्द्र)

“मैं वंशज श्री राम का”

Jitendra Kumar: *💐आज की कहानी💐*

सुप्रभातम्* 🌅🌄🕉️

 *नमस्कार🙏

कहानी से सीख की सुप्रभात कहानी में आप सभी का स्वागत है!

प्रतिदिन कहानियों का आनंद लेनेवाले के लिए ।

*🍁मेरी प्यारी बेटी🍁*

गाँव के किनारे एक टूटी-फूटी झोपड़ी में रामू अपनी पत्नी सीता और आठ साल की बेटी गुड़िया के साथ रहता था। गरीबी इतनी थी कि कई बार रात को तीनों केवल पानी पीकर सो जाते। लेकिन उस छोटी सी झोपड़ी में गुड़िया की हँसी किसी मंदिर की घंटियों जैसी गूंजती रहती थी।

गुड़िया बहुत समझदार थी। खुद भूखी रह जाती, मगर माँ-बाप के चेहरे पर उदासी नहीं देख सकती थी। कभी माँ के सिर में तेल लगा देती, कभी पिता के फटे कपड़े सी देती। रामू उसे देखता तो मन ही मन सोचता — “काश मैं अपनी बेटी को सारी खुशियाँ दे पाता।”

लेकिन वक्त के थपेड़ों ने रामू और सीता को अंदर से तोड़ दिया था।

एक रात सीता रोते हुए बोली,

“हमसे अपना पेट नहीं भरता… कल को बेटी बड़ी होगी, उसकी शादी कैसे करेंगे? लोग दहेज माँगेंगे, कपड़े माँगेंगे… हम क्या देंगे?”

रामू चुप रहा। उसकी आँखें भीग गईं। बहुत देर तक दोनों बैठे रहे। फिर गरीबी ने इंसानियत को हरा दिया। भारी दिल से उन्होंने फैसला कर लिया कि सुबह गुड़िया को जंगल ले जाकर मार देंगे।

अगली सुबह सीता ने पहली बार अपनी बेटी को बड़े प्यार से नहलाया। उसके बाल संवारे, माथा चूमा, अपनी पुरानी साड़ी का साफ हिस्सा काटकर उसके लिए रिबन बनाया।

गुड़िया मासूमियत से बोली,

“माँ, आज इतना प्यार क्यों कर रही हो? क्या मुझे कहीं दूर भेज रही हो?”

सीता कुछ न बोल सकी। उसका गला भर आया। उसने बेटी को कसकर सीने से लगा लिया।

थोड़ी देर बाद रामू हाथ में फावड़ा और चाकू लेकर आया। उसकी आँखें नीचे झुकी थीं। वह बिना कुछ बोले गुड़िया को साथ लेकर चल पड़ा।

रास्ते भर गुड़िया खुश होकर बातें करती रही, लेकिन रामू के कदम भारी थे। तभी अचानक उसके पैर में बड़ा काँटा चुभ गया। दर्द से वह वहीं बैठ गया।

गुड़िया तुरंत दौड़कर आई। उसने अपने छोटे-छोटे हाथों से काँटा निकाला और अपनी फटी चुनरी का टुकड़ा फाड़कर पिता के पैर पर बाँध दिया।

“अब दर्द कम हो जाएगा पिताजी…” उसने मासूम मुस्कान के साथ कहा।

रामू का दिल काँप उठा।

दोनों जंगल पहुँचे। रामू काँपते हाथों से गड्ढा खोदने लगा। पसीना उसके चेहरे से बह रहा था। गुड़िया दूर बैठी उसे देखती रही। फिर धीरे से पास आई और अपनी चुनरी से उसका पसीना पोंछने लगी।

रामू ने खुद को कठोर दिखाने के लिए उसे दूर धकेल दिया। लेकिन गुड़िया फिर भी मुस्कुराई।

कुछ देर बाद जब रामू थककर बैठ गया, तो गुड़िया फावड़ा उठाते हुए बोली,

“पिताजी, आप थक गए हो ना? लाओ, मैं खोद देती हूँ… मुझसे आपकी तकलीफ नहीं देखी जाती।”

बस… इतना सुनना था कि रामू के भीतर का पत्थर टूट गया।

फावड़ा उसके हाथ से गिर पड़ा। वह जोर-जोर से रोने लगा। उसने अपनी बेटी को सीने से लगा लिया।

“बेटी… मुझे माफ कर दे। मैं यह गड्ढा तेरे लिए खोद रहा था… लेकिन तू तो मेरी जान है। जो बेटी अपने पिता का दर्द नहीं देख सकती, उसे कोई बाप कैसे मार सकता है?”

गुड़िया कुछ समझ नहीं पाई, मगर उसने अपने नन्हे हाथों से पिता के आँसू पोंछ दिए।

उस दिन रामू खाली हाथ घर लौटा, लेकिन उसका दिल बदल चुका था। उसने सीता से कहा,

“हम गरीब जरूर हैं, मगर हमारी बेटी हमारा अभिशाप नहीं, भगवान का आशीर्वाद है। मैं मजदूरी करूँगा, भूखा रहूँगा, लेकिन अपनी बेटी को कभी दुख नहीं दूँगा।”

उस रात पहली बार उनकी झोपड़ी में गरीबी नहीं, इंसानियत जीती थी।

*शिक्षा*

बेटियाँ बोझ नहीं होतीं, वे तो भगवान का दिया सबसे अनमोल उपहार होती हैं।

बेटा भाग्य से मिलता है, लेकिन बेटी सौभाग्य से मिलती है…! 🙏

 

*राम रक्षा स्तोत्र मंत्र*

*राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे । सहस्त्रनाम ततुल्यं रामनाम वरानने ।।*

*सदैव प्रसन्न रहिये!!*

*जो प्राप्त है-पर्याप्त है!!*

Jitendra Kumar: #हिंदुओं_में_बास्टर्ड 

भारत में बास्टर्ड्स की संख्या बढ़ती जा रही है। 

भारत की असली समस्या मुस्लिम नहीं वे हिंदू हैं जिनको अपने बाप का पता नहीं है या दूसरे शब्दों में ये वे लोग हैं जिनको पता नहीं कि वे किसके स्पर्म से पैदा हुए थे। 

ये वे हिंदू हैं जो हर रोज चिल्लाते हैं कि हम हिंदू नहीं हैं। 

अब इनका बाप हिंदू था लेकिन अगर ये स्वयं को हिंदू नहीं मानते तो तय बात है इन्हें कही न कहीं से पता लग गया होगा कि उनकी माताओं ने जार करके इन्हें पैदा किया होगा। 

इसमें सबसे बड़ी संख्या सिखों के बाद दलितों की है और उसके बाद यूनियनिस्ट जाटों और उनसे प्रेरित जाटों की है। 

यदुमुल्ले तो बहुत पहले ही स्वयं को आधा मुस्लिम घोषित कर चुके हैं इसलिए उन्हें बास्टर्ड नहीं कहा जा सकता। 

उनकी देखदेखी ठाकुरों में भी कई लोगों को अपने बाप को बाप मानने से इनकार कर दिया है इसलिए स्वयं को हिंदू नहीं मानते। 

सबसे कम संख्या ब्राह्मणों की है क्योंकि उन्हें इसकी जरूरत नहीं। उन्हें अच्छे से पता है कि वे क्या कर रहे हैं। 

निगाह उठाकर देख लीजिये,

100 में से 99 एंटीहिंदुत्व, हरेक सैक्यूलर, हरेक वामपंथी ब्राह्मण ही मिलेगा। 

आप कहिये तो कहेंगे कि हम इन्हें ब्राह्मण नहीं मानते मगर....

वोटिंग, ब्याह शादी, कर्मकांड और एनकाउंटर के समय इन्हें शुद्ध ब्राह्मण मान लिया जाता है। 

न विश्वास हो तो देख लो अविमुकतेश्वरानंद जैसे कुकुर के अभी भी हजारों फॉलोअर हैं। 

इसलिए, 

ॐ हिंदुत्वाय नमः स्वाहा।

Jitendra Kumar: *💐आज की कहानी💐*

सुप्रभातम्* 🌅🌄🕉️

 *नमस्कार🙏

कहानी से सीख की सुप्रभात कहानी में आप सभी का स्वागत है!

प्रतिदिन कहानियों का आनंद लेनेवाले के लिए ।

*🍁पिता का पूण्य🍁*

अमित ने जल्दी से बाईक स्टैंड पर लगाई और बारिश से बचते हुए एक टी-स्टाल पर छप्पर के नीचे खड़ा हो गया था। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी। कई लोग खड़े थे।

अमित ने चाय वाले को कहा – ‘‘भैया एक चाय बना देना।’’

चाय वाले ने उसकी ओर देखा और चाय बनाने लगा। चाय वाले से चाय लेकर अमित चाय की चुस्की लेने लगा। तभी उसे याद आया एक दिन वह ऐसे ही अपने पिता के साथ स्कूटी पर जाता था।

उसके पिता इसी जगह रुक कर चाय पीते थे, और हां इसी चाय वाले से हस हस कर बात किया करत थे। पता नहीं क्या नाम था इसका, चलो इससे बात करता हूं।

अमित चाय वाले के पास पहुंचा – ‘‘भैया तुम कितने साल से चाय बेच रहे हो।’’

‘‘क्या हुआ साहब चाय सही नहीं बनी क्या – ‘‘मैं दूसरी बना देता हूं।’’

अमित ने हंसते हुए कहा – ‘‘अरे वो बात नहीं है। चाय बढ़िया थी। तुम्हारी चाय पीते ही मुझे याद आया जब मैं छोटा था तब मेरे पापा यहीं आकर चाय पीते थे, वे तुमसे हस हस कर बातें किया करते थे।’’

चाय वाला सोच में पड़ गया – ‘‘क्या नाम बताया आपने अपने पापा का।’’

‘‘जी रामलखन’’

 

‘‘अरे वो तो हमारे पुराने मित्र थे। तुम जिला लखन पुर के हो न। हम भी वहीं के हैं। एक ही गांव में रहते थे। फिर वो शहर आ गये हम वहीं गांव में चाय बेचते थे। तब एक दिन तुम्हारे पापा ने ही हमें शहर आने के लिये कहा। तब से यहीं चाय बेच रहे हैं। कैसे हें तुम्हारे पापा? बहुत दिन से आये नहीं।’’

अमित ने धीरे से कहा – ‘‘अंकल दो महीने पहने उनका स्वर्गवास हो गया। हार्ट अटैक आया था।’’

यह सुनकर चाय वाले की आंखों में आंसू आ गये। कुछ देर चुप रहकर वह बोला – ‘‘साहब तुम्हारे पापा बहुत अच्छे इंसान थे। उन्होंने हमारी बहुत मदद की जहां तक कि मेरी दोंनो बेट्यिों की शादी में उन्होंने दस दस हजार रुपये दिये थे।’’

 

यह सुनकर अमित को अपने पापा की याद आने लगी। कुछ देर में बारिश रुक गई अमित जल्दी से अपने घर पहुंच गया। उसने अपनी मम्मी को सारी बात बताई।

मम्मी ने कहा – ‘‘बेटा उन्होंने कभी मुझे भी यह बात नहीं बताई। जानता है। असली कमाई ये होती है, कि आपके जाने के बाद भी लोग आपको आपकी अच्छाई के लिये याद करें। हमारे लिये तेरे पापा इतना कुछ छोड़ गये। लेकिन उन्होंने अपने लिये जो कमाया वह यह पुण्य था। जिसे उन्होंने किसी के साथ साझा नहीं किया।

 

शायद वो मेरे से कहते तो मैं उन्हें कभी ऐसा नहीं करने देती उस समय दस हजार बहुत होते थे। पता नहीं उन्होंने और कितनों की मदद की होगी। कई रिश्तेदारों को मदद करते मैंने देखा था। मैं मना भी करती थी।

लेकिन आज समझ आया कि वो कितना बड़ा काम कर रहे थे। अपने घरवालों की नजरों में तो कोई भी बड

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Jeetu dehati

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