आज दोपहर मुख्य सामाचार मेरी खामोशी भी तू समझ लेता है, मेरे ऑसू भी तुझसे छुपते नहीं.. तेरे सिवा इस दिल को, अब कोई अपना लगता नहीं।।

महान अम्बेडकर जी थे, इन्हें सब जानते हैं, मानते हैं लेकिन ईश्वर ( ऊपर वाला ) को करोड़ों लोग नहीं मानते हैं कारण स्वयं सोचिए विचार विवेक विज्ञान नास्तिक परिवार

Jun 21, 2026 - 13:46
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आज दोपहर मुख्य सामाचार मेरी खामोशी भी तू समझ  लेता है, मेरे ऑसू भी तुझसे  छुपते नहीं..  तेरे सिवा इस  दिल को, अब कोई अपना  लगता नहीं।।
जितेन्द्र कुमार मुख्य सामाचार

Tej raftar news: *साहू जी, तुमने सबसे भारी पत्थर उठाया।* एक लाइन में पूरा धर्मशास्त्र ढहा दिया।

### *अंबेडकर vs भगवान = सबूत vs श्रद्धा की लड़ाई*

**बाबा साहब अंबेडकर** **ऊपर वाला भगवान**

**दिखता है** - फोटो, मूर्ति, किताब, संसद में **नहीं दिखता** - किसी ने देखा नहीं

**काम किया** - संविधान लिखा, रिजर्वेशन दिया, शिक्षा का हक दिया **काम नहीं दिखता** - बाढ़, बलात्कार, भूख नहीं रोकता

**सबूत है** - 22 वॉल्यूम किताबें, कानून, यूनिवर्सिटी **सबूत नहीं** - सिर्फ "मान लो"

**गलती मानेगा** - बोला था "संविधान खराब निकला तो जला दूंगा" **गलती मानता नहीं** - सब "लीला" है

**मर गया पर जिंदा है** - हर कोर्ट, हर फॉर्म, हर दलित की डिग्री में **जिंदा बोला जाता है पर मुर्दा जैसा** - चोरी नहीं रोकता

*नतीजा:* अंबेडकर को नास्तिक भी मानता है, विदेशी भी मानता है, कोर्ट भी मानता है।  

*क्यों? क्योंकि काम दिखता है। विचार विवेक विज्ञान दिखता है।*

### *करोड़ों लोग भगवान को क्यों नहीं मानते? 3 कारण:*

*1. भगवान Resume नहीं दिखाता*  

नौकरी मांगो तो HR पूछता है "पहले क्या किया?"  

भगवान से पूछो "पिछले 100 साल में क्या किया?" जवाब जीरो।  

*अंबेडकर का Resume:* संविधान, RBI, मजदूर कानून, हिंदू कोड बिल।  

*किसको मानोगे? जिसके काम दिखें उसे।*

*2. भगवान डर बेचता है, अंबेडकर हक देता है*  

मंदिर बोलता है "डरो, नहीं तो नर्क"।  

अंबेडकर बोलता है "पढ़ो, लड़ो, संगठित हो" - *Article 17, 19, 21*।  

*इंसान डर से नहीं, हक से जीता है।* इसलिए अंबेडकर जीता, भगवान हार रहा।

*3. भगवान अपडेट नहीं होता, अंबेडकर का संविधान होता है*  

गीता-वेद-कुरान 2000 साल पुराने। उनमें इंटरनेट, महिला हक, दलित हक नहीं।  

*संविधान रोज अपडेट* - 106 संशोधन हो चुके।  

*जो बदलता नहीं, वो मर जाता है।* डायनासोर की तरह।

### *नास्तिक परिवार का फर्क:*

*आस्तिक घर:* बच्चा पूछे "पापा भगवान कहाँ है?" → "चुप, सवाल मत कर"।  

*नास्तिक घर:* बच्चा पूछे "पापा बिजली कैसे आती है?" → "चल लैब में प्रयोग करते हैं"।  

*पहले घर में डर पैदा होता है, दूसरे में जिज्ञासा।*  

*डर से गुलाम बनते हैं, जिज्ञासा से अंबेडकर बनते हैं।*

### *विचार + विवेक + विज्ञान का निचोड़:*

*विचार:* अंबेडकर इंसान थे, फिर भी पूजे जाते हैं। भगवान "सुपरपावर" है, फिर भी नकारा जाता है। *क्यों?*  

*विवेक:* क्योंकि इंसान *काम देखता है, कहानी नहीं।*  

*विज्ञान:* जो टेस्ट में पास हो वही सच - अंबेडकर पास, भगवान फेल।

*भगत सिंह ने कहा था:* "मैं नास्तिक क्यों हूँ" - क्योंकि मैं *इंसान की ताकत* में भरोसा करता हूँ, काल्पनिक सत्ता में नहीं।  

*अंबेडकर ने कहा:* "मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा सिखाए।" *पत्थर पूजना नहीं।*

*तो साहू जी, असली "ऊपर वाला" कौन हुआ?*  

*वो जिसने तुम्हें ऊपर उठाया।*  

स्कूल बनाने वाला, संविधान लिखने वाला, टीका बनाने वाला, पुल बनाने वाला।  

*पत्थर नहीं, इंसान। विचार नहीं, कर्म।*

अब तुम बताओ - *अगली पीढ़ी को अंबेडकर की फोटो दोगे या काल्पनिक भगवान की?*  

क्योंकि *एक ने पेन से तकदीर लिखी, दूसरे ने किस्मत के नाम पर भीख मंगवाई।*  

*नास्तिक परिवार = अंबेडकर का परिवार।* सवाल पूछो, सबूत मांगो, खुद भगवान बनो।

Jeetu dehati: *माननीय PM & CM जी,*

*कृपया सारी योजना बंद कर दीजिये।*

*सिर्फ सांसद भवन जैसी कैन्टीन हर दस किलोमीटर पर खुलवा दीजिये।*

*सारे लफड़े ख़त्म।*

*29 रूपये में भरपेट खाना मिलेगा।*

*80% लोगों को घर चलानें का लफड़ा ख़त्म।*

*ना सिलेंडर लाना, ना राशन*

*और* 

*घर वाली भी खुश ।*

*चारों तरफ खुशियाँ ही रहेगी।*

*फिर हम कहेंगे सबका साथ सबका विकास।*

*सबसे बड़ा फायदा 1र् किलो गेहूँ नहीं देना पड़ेगा*

*और PM जी को ये ना कहना पड़ेगा कि मिडिल क्लास के लोग अपने हिसाब से घर चलाएँ।*

*इस पे गौर करें*

*कृपया कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई ये जानकारी देश के हर एक नागरिक तक पहुँचाने की कोशिश करें।*

*शान है या छलावा...।*

*पूरे भारत में एक ही जगह ऐसी है जहाँ खाने की चीजें सबसे सस्ती है।*

*चाय = 1.00*

*सुप = 5.50*

*दाल= 1.50*

*खाना =2.00*

*चपाती =1.00*

*डोसा = 4.00*

*बिरयानी=8.00*

*ये सब चीजें सिर्फ गरीबों के लिए है और ये सब Available है Indian Parliament Canteen Delhi में*

*और उन गरीबों की पगार है 1,50,000 रूपये महीना वो भी बिना Income tax के । संसदीय भत्ता 84000 प्रति महीना, कार्यालय खर्च 62000 प्रति महीना, दैनिक भत्ता 2000 प्रतिदिन, दिल्ली में फ्री आवास में लेने की स्थिति में हाउस रेंट ₹200000 प्रति महीना, टेलीफोन व इंटरनेट के लिए 12500 प्रति महीना, ट्रेनों के प्रथम एसी कोच में असीमित फ्री यात्राएं, वर्ष में 34 हवाई यात्राएं फ्री, प्रतिवर्ष 50000 यूनिट बिजली फ्री, आजीवन चिकित्सा सुविधा फ्री, तथा आजीवन पेंशन, इन गरीबों को यह सब कुछ गुजारा भत्ता के रुप में भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है ।

*आपके Mobile में जितने भी नम्बर save है सबको forward करें ताकि सबको पता चलें …*

*कि यहीं कारण है कि इन्हें लगता है कि जो आदमी 30 या 32 रूपये रोज कमाता है वो गरीब नहीं हैं।*

*Jokes तो हर रोज Forward करतें हैं , आज इसे भी Forward करें।

Tej raftar news: @अयोध्या के राम मंदिर की दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच के बीच अब ट्रस्ट के खर्चों पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। 

#ट्रस्ट के वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, 11 महीने में मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर करीब #10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी ट्रस्ट के खाते से औसतन हर महीने लगभग एक करोड़ रुपये सुरक्षा के नाम पर निकाले गए।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब राम मंदिर परिसर में केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस बल, अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था चौबीसों घंटे तैनात है, 

तो फिर ट्रस्ट के खाते से हर महीने करीब एक करोड़ रुपये किस सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च किए गए? यह पैसा किसे दिया गया, किस प्रक्रिया से दिया गया और इसकी स्वीकृति किस स्तर पर हुई। अब यही जांच का अहम बिंदु बनता दिख रहा है।

दस्तावेजों के अनुसार, इसी अवधि में दान पेटियों से कथित चोरी और दानराशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया। ऐसे में सवाल और गंभीर हो जाता है कि करोड़ों रुपये की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद दान पेटियों की निगरानी में चूक कैसे हुई? क्या सुरक्षा मद में दिखाए गए खर्च और जमीन पर मौजूद व्यवस्था के बीच कोई बड़ा अंतर था?

ट्रस्ट की 21 मार्च की बैठक में पेश आय-व्यय विवरण के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 तक ट्रस्ट को दान से करीब 83 करोड़ रुपये की आय हुई। इसमें दान पेटियों से 55 करोड़ रुपये, दान काउंटरों से 18 करोड़ रुपये, ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ रुपये, विदेशी श्रद्धालुओं से 78 लाख रुपये और अन्य स्रोतों से राशि प्राप्त होने का उल्लेख है। इसी अवधि में ट्रस्ट के बैंक खातों और निवेशों से करीब 138 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त हुए।

सवाल केवल सुरक्षा खर्च तक सीमित नहीं है। दस्तावेजों में भोग-प्रसाद पर भी 11 महीने में करीब 11 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया है। यानी भोग-प्रसाद के नाम पर भी औसतन हर महीने लगभग एक करोड़ रुपये का खर्च दर्ज है। 

अब यह सवाल उठ रहा है कि यह खर्च किस मद में, किस व्यवस्था पर और किस निगरानी में किया गया?

वित्तीय विवरण के अनुसार, निर्माण कार्यों पर 152 करोड़ रुपये, परकोटा और दीवार निर्माण पर 87 करोड़ रुपये, अन्न भंडार पर 8 करोड़ रुपये, कर्मचारियों के वेतन पर 7.67 करोड़ रुपये और बिजली मद में 3.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा यात्री सुविधा केंद्र, अस्पताल और अन्य सुविधाओं के लिए दो भूखंडों की खरीद पर 26.69 करोड़ रुपये खर्च हुए।

#UttarPradesh #rammandir #ayodhya #CMYogi

Jitendra Kumar: #नृपेंद्र मिश्रा ने कह दिया है कि राम मंदिर चंदा डकैती के विषय में मुख्य दायित्व# SBI के लोगों का था। यानी, किसी छोटे कर्मचारी आदि को बलि का बकरा बनाया जाएगा। 

किसने गिनने वालों को (या चुराने वालों को) सुरक्षा की क्लीयरेंस दी, आखिर नोटों की गड्डियाँ मंदिर के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र के बाद भी ले जाने में इतनी ढील किसके कहने पर बरती गई? 

आभूषणों का ₹ऑडिट दैनिक/साप्ताहिक/मासिक कभी हुआ है? क्या उसकी गिनती, भार आदि का कोई वीडियो है? असली चुरा कर कोई नकली रख दे, क्या उसके लिए कोई व्यवस्था है? 

मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी, उनके परिजनों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी भी जाँच के दायरे में होनी चाहिए। पर ऐसा कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसमें #उच्च पदस्थ लोग भी अपराधी दिखेंगे। 

हिन्दुओं की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ @narendramodi और @myogiadityanath के शासनकाल में होगा, यह मेरे स्वप्न में भी नहीं था। भाजपा और उनके ‘भारत मंडपम्’ समर्थकों का चुप्पी बहुत कुछ कहती है।

@highlight

Jitendra Kumar: कट्टा लहराना अपने आप में ही गंभीर अपराध है.. उसने तो पुलिस पर फायर भी किया था.. बदले में पुलिस उसको माला तो नहीं पहनाती.. उसको सिस्टम से समस्या थी, नेताओं से समस्या थी, भ्रस्टाचार से समस्या थी तो उसके खिलाफ पिस्टल दिखा कर, पुलिस पर गोली चला कर युद्ध लड़ के कौन सी क्रांति हासिल होने वाली थी उसको? 

लेकिन हथियार डालने के बाद बिहार पुलिस ने उसका encounter किया जो हर तरह से गलत है.. संबंधित पुलिस अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही होनी ही चाहिए.. 

साथ ही यह सिस्टम के लिए भी शर्म और चिंता का विषय है.. लेकिन सिस्टम के सिस्टम में शर्म नाम का कोई सॉफ्टवेयर ही इंस्टॉल नहीं है..

Tej: हिंदू धर्म एक ऐसा मकान है, जिसमें बाहर जाने का दरवाजा है. अंदर आने का नहीं. और उससे भी बड़ी समस्या है मांस-मछली के प्रति अपमान का भाव. इससे धर्म कमजोर होता है. ज्यादातर हिंदू मांस-मछली-अंडा खाते हैं.

जिन्ना का परिवार हिंदू वैश्य जाति था. मछली बेचने के कारण उनको धर्म और बनिया जाति से निकाल दिया गया. बिजनेस बड़ा था. छोड़ नहीं सकते थे. मजबूरी में मुसलमान बन गए. वापसी की कोशिश की तो लोग माने नहीं. 

भारत के ज्यादातर ईसाई और मुसलमान फिर से हिंदू बनना चाहते हैं. हिंदू धर्म उदारता तो दिखाए. अंदर आने का दरवाजा खोले. विदेशी धर्म में कोई नहीं रहना चाहेगा. तलवार के डर से गए थे. उनको प्रेम से बुलाइए. आ जाएंगे.

Jitendra: अपने जन्मदिन पर नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अलग-अलग राज्यों के अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्षों के साथ मुलाकात करके कहा कि...

 "मुसलमानों के साथ होने वाले अन्याय को केवल 'अल्पसंख्यक' न कहकर खुलकर 'मुसलमान' शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस तरह की मुखरता से ही वे अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सही दिशा में आगे बढ़ सकते हैं ।"

यानि लाइन वही है रेवंत रेड्डी वाली... मुस्लिम है तो कांग्रेस हैं..

कांग्रेस है तो मुस्लिम है 

इसलिए सोचना हिंदुओं तुमको है कि क्या कांग्रेस तुम्हारे लिए होनी चाहिए या इसको जड़ से उखाड़ कर फेंक देना चाहिए

Jeetu dehati: बड़ी खबर:

.......मुंबई- अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जो अगले साल शुरू होने वाली है...उसके अलावा 7 नए बुलेट ट्रेन काॅरिडोर की घोषणा मोदी सरकार ने कर दी है....ये 7 नए रूट होंगे.....

* मुंबई - पुणे : 48 मिनट 

* बेंगलुरू - चेन्नई : 1 घन्टा 13 मिनट 

* बेंगलुरु - हैदराबाद : 2 घन्टा 10 मिनट 

* पुणे - हैदराबाद : 2 घन्टा 8 मिनट 

* दिल्ली - लखनऊ : 2 घन्टा 

* दिल्ली - वाराणसी : 3 घन्टा 15 मिनट 

* दिल्ली - सिलीगुड़ी : 6 घन्टा 

..........अगर उद्धव सरकार ने रोक ना लगाइए होती तो आज देश मे पहली बुलेट ट्रेन चल रही होती....लेकिन 2030-32 तक देश मे 8 बुलेट ट्रेन चलेंगी....पहली तो अगले साल ही शुरू हो जाएगी.

Nation First 🇮🇳🚩

Jeetu dehati: रिपोर्टर : "...आपके हिसाब से दुनिया के 2 सबसे शक्तिशाली नेता कौन हैं....!!...मेरे हिसाब से एक तो शी जिंगपिंग हैं....आपके हिसाब से दूसरे कौन हैं....!!

ट्रम्प : "...मोदी....भारत ने उनके नेतृत्व मे मजबूत आर्थिक विकास हासिल किया है....वो युद्ध से दूर रहते हैं...जो बहुत समझदारी भरा कदम है

        "मैंने अपनी पूरी जिन्दगी भारत को देखा है....वहां लगातार बदलाव होते रहते थे....होते रहते थे....कोई व्यक्ति 6 महीने के लिए आता था फिर कोई एक साल के लिए लेकिन फिर मोदी आए और वो लगातार 12 साल से ज्यादा समय से नेतृत्व में हैं"

        "उनके अंदर एक ग़ज़ब की शांति है....लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वो शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं......वे एक बहुत ही मजबूत और कठोर निर्णय लेने वाले व्यक्ति हैं "

मोदी विरोधियों को ट्रम्प एक के बाद एक शॉक दे रहे हैं.

TRN Live: यह वीडियो आप लोग जरूर देखिए कि वामपंथी किस तरह से प्रोपेगेंडा फैलाते हैं ..

बरखा दत्त ने एक बार लालू यादव का इंटरव्यू लिया था और लालू यादव उस वक्त गोलवलकर जी की लिखी किताब दिखाकर कहते थे कि इस किताब में लिखा हुआ है कि दलित यदि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश करें तब उन्हें धक्के मार कर बाहर निकाल देना चाहिए

 बरखा दत्त ने उनसे यह सवाल नहीं किया कि आप किताब का पन्ना खोल कर मुझे दिखाइए कि कहां लिखा है बल्कि बरखा दत्त उसकी हां में हां मिलाती रही

 अब आप पूरी सच्चाई देखिए और सोचिए यह दोगले कितने नीच हैं और किस तरह से अपना प्रोपेगेंडा समाज में फैलाते हैं

TRN Live: फिलहाल चल रहे "पारिवारिक दल कमजोर करो" अभियान में एक इंट्रेस्टिंग चीज नोटिस कीजिये -

इस बार ऑपरेशन लोटस डायरेक्ट नहीं हो रहा है बल्कि NDA के सहयोगी "हमजा अली मजारी" बनकर सब कर रहे हैं.

TMC के बागी भाजपा में नहीं उस छोटे दल में आए.

महाराष्ट्र में वो हमजा एकनाथ शिंदे है.

और इधर UP में राजभर ने रहमान डकैतों का जीना मुहाल कर रखा है.

गजब राजनीति चल रही है.

Jitendra Kumar: *Trump’s Praise For PM Modi, Xi Jinping Gets A Hollywood Twist: ‘Can’t Cast Them...’*

*Trump's praise for PM Modi comes with a striking global perspective.*

*From 2014 to 2026, the world witnessed:*

• 4 Presidents in the USA

• 4 Prime Ministers in Japan

• 6 Prime Ministers in the UK

• 3 Chancellors in Germany

• 2 Presidents in France

• 6 Prime Ministers in Pakistan

• 3 Prime Ministers in Canada

• 4 Prime Ministers in Australia

• 5 Prime Ministers in Italy

* Combined population: 106+ crore.

* Bharat(140 crore people): Just ONE Prime Minister — Narendra Modi.

Leadership is not measured by years alone, but sustained public trust. Trump's remarks highlighted PM Modi's longevity, stability, and leadership style, describing him as one of the most influential leaders on the global stage.

As governments changed across the world, India witnessed continuity, stability, and a leadership mandate renewed repeatedly by the people.

*“If you make a movie about them, you won’t find men in Hollywood," he said, suggesting that leaders like PM Modi and Xi Jinping possess qualities that are difficult to replicate or portray on screen.*

Jitendra Kumar: *Train passengers traveling without tickets will now have to pay double the previous fine.*

The Railway Ministry has increased the minimum fine for traveling without a ticket from ₹250 to ₹500.

*"Patriotism is not just saying 'I love India'; it is paying your fare, following the rules, and protecting public property." 🇮🇳🚆*

*Railways Doubles Fine for Ticketless Travel*

* Indian Railways has proposed doubling the minimum penalty for travelling without a valid ticket from ₹250 to ₹500. 

* The revised penalty rules are expected to come into effect from July 1, 2026, after the necessary notifications under the amended law. 

* This is the first major increase in over a decade, with the minimum penalty having remained unchanged for years despite repeated demands from railway authorities. 

* Ticketless passengers will still have to pay the applicable fare in addition to the penalty amount. 

* The move is part of the Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act, 2026, which seeks stricter enforcement and better passenger discipline across the railway network. 

*Higher penalties are also proposed for other offences such as:*

* Unauthorized hawking

* Public nuisance

* Violations affecting passenger safety and comfort. 

*Railways believes stricter fines will help reduce revenue leakage, improve compliance, and discourage habitual offenders.*

*Patriotism Without Ticket 🎯*

* Respecting the nation is not only about waving the flag or posting on social media.

* True patriotism begins with buying a valid train ticket and following public rules.

* Every ticket purchased contributes to railway infrastructure, passenger safety, and national development.

* Travelling without a ticket is not saving money—it is causing losses to a public asset funded by taxpayers.

*"Patriotism is not just saying 'I love India'; it is paying your fare, following the rules, and protecting public property." 🇮🇳🚆*

J iten: *From Chhattisgarh To Madhya Pradesh, Universities Replace 'India' With 'Bharat' On Degrees And Mark Sheets*

*From "India" to "Bharat" — a return to civilizational roots.*

* Universities across the country are beginning to print "Bharat" instead of "India" on degrees, marksheets, and official documents.

*"Bharat" is not just a name. It is a legacy that dates back thousands of years to Bharatavarsha, the land of King Bharata and one of the world's oldest continuous civilizations.*

* Nations become stronger when they embrace their heritage while building their future.

* From economic growth to technological innovation, and now a renewed confidence in our cultural identity, Bharat is reclaiming its place on the global stage.

*A degree may carry a different name, but the message is powerful: Know your roots. Take pride in your civilization. Build the future with confidence.*

*President Droupadi Murmu is scheduled to attend a convocation at Rani Durgavati University in Jabalpur, Madhya Pradesh, on Sunday, June 21, where all degrees to be awarded will carry “Bharat” instead of “India.”*

Jitendra Kumar: *डिग्री पर 'इंडिया' की जगह देश का नाम 'भारत' लिख रहीं यूनिवर्सिटीज*

* विश्वविद्यालयों की डिग्री, मार्कशीट्स, कॉरेस्पॉन्डेंस, माइग्रेशन और यहां तक की साइनबोर्ड्स पर भी इंडिया शब्द हट गया है. इसकी जगह अब भारत शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है.

*"इंडिया" से "भारत" — अपनी सभ्यता की ओर एक वापसी।*

* देशभर के कई विश्वविद्यालय अब डिग्री, मार्कशीट और आधिकारिक दस्तावेज़ों पर "इंडिया" की जगह "भारत" मुद्रित करना शुरू कर रहे हैं।

* "भारत" केवल एक नाम नहीं है। यह एक ऐसी विरासत का प्रतीक है जिसकी जड़ें हजारों वर्ष पुरानी भारतवर्ष की अवधारणा में हैं, जो विश्व की सबसे प्राचीन सतत सभ्यताओं में से एक मानी जाती है।

*जब राष्ट्र अपने भविष्य का निर्माण करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाते हैं, तो वे और अधिक सशक्त बनते हैं।*

* आर्थिक विकास से लेकर तकनीकी नवाचार तक, और अब अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति नए आत्मविश्वास के साथ, भारत वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत कर रहा है।

* डिग्री पर नाम भले ही अलग दिखाई दे, लेकिन इसका संदेश स्पष्ट और प्रेरणादायक है: अपनी जड़ों को जानिए। अपनी सभ्यता पर गर्व कीजिए। आत्मविश्वास के साथ भविष्य का निर्माण कीजिए।

*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 21 जून को मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह (Convocation) में शामिल होना है. दिलचस्प बात ये है कि इस समारोह में दी जाने वाली सभी डिग्रियों पर देश का नाम 'इंडिया' की जगह 'भारत' लिखा होगा.*

Jeetu dehati: विपक्ष में एक डोभाल सर का आदमी है जिसका नाम है हरीराम नाई। बड़े बड़े कारनामे चुटकियों में कर गुजरता है। सब बाजीगर बस विधायक / सांसद तोड़ते जोड़ते हैं, वो सीधा पार्टियां तुड़वाता जुड़वाता है। कायदे से तो ग्रह मंत्रालय को पद्म विभूषण से विभूषित करना चाहिए इस हरीराम नाई को..

एक बात और .. कांग्रेस खत्म करना अकेले मोदी जी के बस की बात नहीं और पप्पू चरसी का क्या भरोसा? नशे में ऊपर नीचे निकल जाता है। यदि मात्र 10 बरस में कांग्रेस पार्टी को भारत से खत्म कराना है तो इस हरीराम नाई को कांग्रेस पार्टी खत्म करने का ठेका दे दो ... गारंटीड सिर्फ 8 साल सिर्फ 8 कांग्रेसी बचेंगे सदन में...

नोट: संलग्न चित्र का इस पोस्ट से कोई लेना देना नहीं है। चित्र सिर्फ ध्यानाकर्षित करने के लिए है क्योंकि इनके अब्बा कभी हारमोनियम बजाया करते थे...😂🤣😂🤣

Jitendra Kumar: 24 लाख बच्चों को एडमिट कार्ड मिल चुका जिसने जिस शहर में अपना सेंटर चुना था वह शहर अलॉट हो गया

 सिर्फ एक बच्चा नागपुर का एक छात्र उसने शिकायत किया कि उसे नागपुर के बजाय अबू धाबी सेंटर मिला

 विपक्ष के सभी नेता सेकुलर सूअर राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव घाघरा और लहंगा उठा कर नाचने लगे

 लेकिन जब NTA ने जवाब दिया की छात्र ने खुद अपनी आईडी से लॉगिन करके अपने सेंटर को बदला था

 असल में इस बार NTA सुविधा दिया था कि कोई भी अपना सिटी बदल सकता है क्योंकि बहुत से बच्चे एग्जाम के बाद अपने-अपने घर चले गए जैसे कुछ बच्चे अगर कोटा में पढ़ते थे तो वह बिहार चले गए या यूपी चले गए 

फिर जब NTA ने बताया कि खुद छात्र ने ही नागपुर के बजाय अबू धाबी गलती से बदल दिया था NTA ने टाइमिंग के साथ सबूत दे दिए की 48 घंटे पहले दो बार आईडी से दो बार लॉग इन हुई तब बच्चे ने स्वीकार किया कि हां मुझसे गलती से केंद्र बदलते समय अबू धाबी हो गया होगा 

अब सारे सेकुलर सूअर चुप हो गए 

हालांकि फिर भी मानवता दिखाते हुए NTA ने तुरंत बच्चे का सेंटर बदलकर नागपुर कर दिया

Jeetu dehati: कर लेना मन की भाई, कौन रोक रहा है ? 

पर सिस्टम को बदलने का समय तो दो। 

मुझे तो ऐसा लग रहा है कि जिस हड़बड़ी में गडकरी है इथेनॉल को लेके, कि इसे लग रहा है सरकार गिर गई तो सब माहौल बनाया का बनाया रह जाएगा, सब रूल फटाफट साइन कर देता हूं। बेटे का प्यार किसी के सर पे इतना न चढ़ जाए कि खुली आंख से भी कुछ नहीं दिखे।

कल 100% इथेनॉल ब्लेंडिंग का कागज साइन कर दिए। एक तो साला, ये समझ में नहीं आता कि तेल मंत्री कौन है ? अमरीश पुरी को क्यों मंत्रालय में रखा है ? ऐसा कौन सा वीडियो है मोदीजी का पूरी के पास, कि जब उसका सारा कागज गडकरी ही साइन कर रहा है तो उसको क्यों मंत्री बना रखा है। 

अमृत काल सबका आए, पर ऐसा न आए बाबा। इससे अच्छा विष काल ही था। 

एक शौक था, बढ़िया बढ़िया गाड़ी चलाने का। पर ससुर को ये भी नहीं गवारा है। एक दम गंवारा है !

Jitendra Kumar: 50 करोड़ की लागत में तीन करोड़ किताबें छपी थी। स्कूल की किताबों में रिकॉर्ड 1700+ 

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Jeetu dehati

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