अरबपति भी रोलेक्स-बिर्किन गिरवी रखकर लेते हैं कर्ज:बैंक लंबी कागजी प्रक्रिया और जांच-पड़ताल करते हैं, कंपनियां बिना औपचारिकता लोन देती हैं

Apr 27, 2026 - 06:51
 0  0
अरबपति भी रोलेक्स-बिर्किन गिरवी रखकर लेते हैं कर्ज:बैंक लंबी कागजी प्रक्रिया और जांच-पड़ताल करते हैं, कंपनियां बिना औपचारिकता लोन देती हैं
आम धारणा है कि सिर्फ गरीब या मध्यमवर्गीय लोग ही जरूरत पड़ने पर गहने या सामान गिरवी रखते हैं। लेकिन दुनिया के अति अमीर भी नकदी की जरूरत होने पर अपनी लग्जरी संपत्तियों को गिरवी रखते हैं। इन हाई प्रोफाइल लोगों द्वारा गिरवी रखी जाने वाली चीजों में दुर्लभ रोलेक्स घड़ियां, बिर्किन बैग, हीरे-जवाहरात, महंगी कारें, और यहां तक कि करोड़ों डॉलर की पेंटिंग्स व आर्ट कलेक्शन शामिल होते हैं। पारंपरिक बैंक आमतौर पर शेयर या सिक्युरिटीज के पोर्टफोलियो या अचल संपत्ति के बदले कर्ज देते हैं और लंबी कार्यवाही करते हैं। इसके मुकाबले लग्जरी संपत्ति पर कर्ज देने वाले उनके लिए एक आसान विकल्प पेश कर रहे हैं। बैंक लंबी कागजी प्रक्रिया और जांच-पड़ताल करते हैं, वहीं ये कंपनियां बहुत कम समय में बिना ज्यादा औपचारिकताओं के लोन दे देती हैं। कुछ ही घंटों में लोन, स्विस बैंकों जैसी गोपनीयता लग्जरी गिरवी शॉप वाले स्विस बैंकों से भी ज्यादा गोपनीयता बरतते हैं। आमतौर पर कुछ ही घंटों में लोन मिल जाता है। अमेरिकी राज्य कोलोराडो की राजधानी डेनवर स्थित लग्जरी एसेट कैपिटल के फाउंडर और सीईओ ड्यूई बर्क बताते हैं कि उनकी कंपनी ने एक दशक में 1 बिलियन डॉलर (करीब 9,400 करोड़ रुपए) से अधिक का कर्ज दिया है। पिछले दशक में फर्म के लोन पोर्टफोलियो में करीब 25 गुना वृद्धि हुई है। विलासिता की वस्तुओं के लिए आमतौर पर दिए जाने वाले कर्ज करीब 15-18 लाख रुपए के बीच होते हैं। तिजोरी में पड़ी संपत्ति से कैश मिलने में मदद एक ग्राहक ने अपने हर्मेस मिनी बिर्किन बैग के बदले करीब 28 लाख रुपए का कर्ज लिया। उन्होंने इस पर करीब 10% ब्याज दिया। वह कहती हैं, ‘इसने मुझे मुश्किल समय से निकलने में मदद की।’एक ग्राहक कहते हैं, ‘अपनी संपत्ति को यूं ही बेकार पड़े रहने देने के बजाय उससे कमाई करने का मौका मिल रहा है तो इसका फायदा क्यों न उठाऊ?’ सालाना 60% तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है लग्जरी लोन पर ब्याज 5% मासिक यानी 60% सालाना हो सकता है। लेकिन चूंकि अक्सर लोन 0 से 120 दिन के लिए होते हैं। इसलिए, ब्याज बहुत ज्यादा नहीं होता। लोन संपत्ति के आधार पर मूल कीमत का करीब 40% से 65% तक होता है। यदि समय पर लोन न चुकाया जाए, तो कंपनी वस्तु को अपने पास रख लेती है और बेच देती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला